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‘शत-प्रतिशत हत्या है तुनिशा की मौत, एकदम सुशांत की तरह’: 7 साल पहले लटकी हुई मिली थी जो अभिनेत्री, उसके पिता ने कहा – बॉलीवुड में हत्याओं को बनाया जा रहा आत्महत्या

टीवी अभिनेत्री तुनिशा शर्मा मौत के मामले में अब दिवंगत अदाकारा प्रत्युषा बनर्जी के पिता की इंट्री हुई है। प्रत्युषा के पिता शंकर बनर्जी ने तुनिशा केस को सुशांत सिंह राजपूत जैसा बताया है। शंकर बनर्जी के मुताबिक उन्हें तुनिशा की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या लग रही है। शंकर ने इसी के साथ आगे बताया कि पिछले कुछ समय से बॉलीवुड में हुई तमाम हत्याओं को आत्महत्या का रूप दिया गया है।

टीवी कलाकार प्रत्युषा बनर्जी की मौत साल 2016 में तब हुई थी, जब वो 24 साल की थीं। उनकी मौत को भी आत्महत्या बताया गया था। ‘आज तक’ से बात करते हुए प्रत्युषा के पिता शंकर बनर्जी ने कहा कि तुनिशा की मौत की खबर ने उन्हें काफी दुःख पहुँचाया और पहली नजर में उन्हें यह मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या जैसी लगी। शंकर बनर्जी ने आगे कहा कि एक पिता होने के नाते तो तुनिशा की माँ महसूस कर सकते हैं।

इसी इंटरव्यू में शंकर बनर्जी ने आगे कहा कि तुनिशा की मौत ने उनके पुराने घावों को कुरेद कर रख दिया है। उन्होंने बताया कि वो न्यूज़ में तुनिशा की खबर देख कर रो पड़े और उन्हें लगा कि कुछ ऐसा ही सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी हुआ रहा होगा। बकौल शंकर बनर्जी, पिछले कुछ समय से बॉलीवुड में हुई तमाम मौतों को आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। तुनिशा की मौत पर उन्होंने सवाल खड़े करते हुए बताया कि आस-पास लोगों से घिरा कोई व्यक्ति आत्महत्या कैसे कर सकता है, वो भी बिना सुसाइड नोट छोड़े।

शंकर बनर्जी के मुताबिक, प्रत्युषा का पिता होने के नाते वो इस बात को डंके की चोट पर कहने को तैयार हैं कि तुनिशा आत्महत्या नहीं कर सकती है और उसकी हत्या हुई है। प्रत्युषा के पिता का कहना है कि वो आज तक अपनी दिवंगत बेटी को न्याय दिलाने के लिए भटक रहे हैं क्योंकि उनकी भी बेटी की हत्या हुई थी। उनका कहना है कि न्याय पाने के लिए जो सब उन्होंने झेला वो तुनिशा की माँ को न झेलना पड़े।

गौरतलब है कि टीवी एक्टर तुनिशा शर्मा ने तुनिशा ने 24 दिसंबर, 2022 को अपने टीवी शो ‘अली बाबा: दास्तान-ए-काबुल’ के सेट पर कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी, जिसके बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने शीजान को गिरफ्तार किया था। मृत एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा के घरवालों ने शीजान को धोखेबाज बताया है।

नायलॉन के धागे से बाँध कर कस दिया 8 साल के बच्चे का प्राइवेट पार्ट, नहलाने ले गए घर वाले तो दिखा: स्कूल के छात्रों की ही करतूत

NDMC (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद) के एक स्कूल में कुछ छात्रों द्वारा कक्षा 2 में पढ़ने वाले छात्र के प्राइवेट पार्ट को धागे से कसने का मामला सामने आया। इसका खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित के घरवाले उसे नहलाने के लिए ले जा रहे थे। फिलहाल, पीड़ित की हालत सामान्य है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित के दिल्ली के किदवई नगर में स्थित अटल आदर्श स्कूल में कक्षा 2 का छात्र है। पुलिस को इस मामले की जानकारी हॉस्पिटल से पीसीआर पर आए एक फोन कॉल से हुई। फोन पर, पुलिस को बताया गया कि एक 8 साल के बच्चे को इलाज के लिए हॉस्पिटल लाया गया है, जिसके प्राइवेट पार्ट पर धागा बँधा हुआ है।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। डॉक्टर्स की ओर से पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए बताया गया कि पीड़ित बच्चे का मेडिकल किया गया। उसकी हालत सामान्य बनी हुई है। हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस बच्चे को अपने साथ लेकर स्कूल भी गई। जहाँ, पुलिस ने इस कृत्य में शामिल छात्रों की बच्चे के माध्यम से पहचान कराने की कोशिश की। हालाँकि, पीड़ित बच्चा अब तक आरोपितों की पहचान नहीं कर सका है।

हालाँकि, पुलिस का कहना है कि वह बच्चे को लेकर एक और बार स्कूल जाएँगे। ताकि, इस कृत्य में शामिल लोगों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, इस मामले में अटल आदर्श स्कूल स्कूल के मैनेजमेंट की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है, “पीड़ित बच्चा अटल आदर्श स्कूल, किदवई नगर में कक्षा 2 का छात्र है। उसके साथी छात्रों ने उसके गुप्तांग पर नायलॉन की तरह का धागा बाँधा था। बच्चे के माता-पिता को इस बारे में बुधवार (28 दिसंबर, 2022) को नहलाने के दौरान पता चला।”

कॉन्ग्रेस में फिर शामिल होने की खबरों को गुलाम नबी आजाद ने नकारा, पार्टी हाईकमान को कहा- ‘आपके नेता फैला रहे अफवाह, इन्हें रोकें’

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) पर कई आरोप लगाकर पार्टी छोड़ने वाले गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) के कॉन्ग्रेस में फिर शामिल होने चर्चा चल रही है। हालाँकि, आजाद ने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा कि उनके मनोबल को गिराने के लिए इस तरह की खबरें प्लांट की जा रही हैं।

डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (DAP) के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) को कॉन्ग्रेस में फिर से शामिल होने की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरों को प्लांट करने में कॉन्ग्रेस के नेता अभी भी लगे हुए हैं।

गुलाम नबी आजाद ने कहा, “मैंने कभी किसी कॉन्ग्रेस नेता से बात नहीं की है और ना ही कॉन्ग्रेस के किसी नेता ने मुझे फोन किया है। मुझे हैरानी हो रही है कि मीडिया में इस तरह की खबरें क्यों डाली जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस के कुछ नेता ऐसी कहानियाँ प्लांट करके उनकी पार्टी DAP के नेताओं और समर्थकों का मनोबल गिराने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस और उसके नेतृत्व के प्रति उनके मन में कोई दुर्भावना नहीं है। हालाँकि, उन्होंने कॉन्ग्रेस हाईकमान से आग्रह किया कि इस तरह का कथित अफवाह फैलाने वाले नेताओं को रोके। राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल के सवाल पर आजाद ने कहा, “मेरी ऐसी कोई योजना नहीं है। मेरे पास अपने ही बहुत काम हैं।”

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया में खबर चल रही है कि कॉन्ग्रेस छोड़ने के बाद गुलाम नबी आजाद फिर से वापसी कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि वे बैक चैनल से कॉन्ग्रेस के कई नेताओं से संपर्क में हैं। उन्हें कॉन्ग्रेस में वापस लाने की जिम्मेवारी अखिलेश प्रसाद सिंह, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अंबिका सोनी को दी गई है।

गौरतलब है कि इसी साल 26 अगस्त को गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के साथ अपने पाँच दशक पुराने रिश्ते को तोड़ लिया था। पार्टी से इस्तीफा देते हुए उन्होंने कॉन्ग्रेस की दुर्दशा के लिए राहुल गाँधी को जिम्मेदार बताया था। गुलाम नबी आजाद को इसी साल मार्च में पद्मभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।

साल 1973 में डोडा जिले के भलेसा ब्लॉक कॉन्ग्रेस कमेटी के सचिव के रूप में राजनीति की शुरुआत करने वाले गुलाम नबी आजाद आगे चलकर युवा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बने और साल 1980 में पहली बार संसदीय चुनाव महाराष्ट्र से लड़कर जीते। साल 1982 में वे केंद्रीय मंत्री बने और फिर 2005 में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री भी बने।

जलती कार से निकाला, चादर में लपेटा, एंबुलेंस बुलाई: ऋषभ पंत की जान बचाने वाले बस ड्राइवर का VVS लक्ष्मण ने किया धन्यवाद, बोले- हम कर्जदार हैं आपके सुशील

भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की एक्सीडेंट में जान बचाने के बाद हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर सतीश कुमार और कंडक्टर परमजीत की हर जगह तारीफ हो रही है। सतीश की तारीफ़ में सोशल मीडिया पर रियल हीरो (#RealHero) नाम से हैशटैग भी चल रहा है। अब सतीश के प्रशंसकों में पूर्व क्रिकेटर वी वी एस लक्ष्मण भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) को एक ट्वीट कर के सतीश का आभार जताया है।

अपने ट्वीट में वी वी एस लक्ष्मण ने सतीश कुमार की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं। उन्होंने लिखा, “हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर सतीश कुमार को धन्यवाद। उन्होंने ऋषभ पंत को जलती कार से एक बेडशीट के सहारे निकाला और एम्बुलेंस को बुलाया। हम आपकी इस सेवा के कर्जदार हैं सुशील जी।” इसी ट्वीट की श्रृंखला में वी वी एस लक्ष्मण ने उसी रोडवेज बस के कंडक्टर परमजीत को भी धन्यवाद दिया है। लक्ष्मण के अनुसार सतीश और परमजीत ने समय रहते सही निर्णय लिया जिस से ऋषभ पंत की जान बची।

एक अन्य भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी सुशील कुमार को धन्यवाद किया है। उन्होंने वी वी एस लक्ष्मण के ट्वीट को रीट्वीट किया है।

भारत के पूर्व क्रिकेटर और स्पिनर सुनील जोशी ने भी वी वी एस लक्ष्मण के ही शब्दों से सतीश कुमार को धन्यवाद किया है।

खेल जगत के अलावा कुछ अन्य लोगों ने भी सतीश कुमार की तारीफ की है। भारतीय वन सेवा के अधिकारी प्रवीण कासवान ने भी सतीश कुमार की तारीफ की है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि फिल्म बनाने के बजाय सतीश कुमार जैसे मददगार बनने की कोशिश करें।

नए साल पर छोटे निवेशकों को मोदी सरकार का उपहार: NSC और पोस्ट ऑफिस जमा पर अब अधिक मिलेंगे ब्याज, PPF और सुकन्या की दरों में बदलाव नहीं

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (PM Narendra Modi) ने देश के आम लोगों के हित में लघु बचत योजनाओं (Small Saving Schemes) पर ब्याज दरों में वृद्धि का फैसला लिया है। छोटी बचत करने वाले लोगों के लिए सरकार ने राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) और डाकघर बजत योजनाओं (Post Office Deposits) पर दी जाने वाली ब्याज दर में बढ़ोतरी की है।

हालाँकि, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि (Sukanya Samriddhi), सेविंग डिपॉजिट (Saving Deposit) और पाँच साल के रेकरिंग डिपॉजिट (Five Year Recurring Deposit) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, जिन योजनाओं के लिए ब्याज दरों में वृद्धि की गई हैं, 1 जनवरी 2023 से प्रभावी हो जाएँगी।

राष्ट्रीय बचत पत्र यानी नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर ब्याज दर को 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizen Savings Scheme) पर दिए जाने वाले ब्याज को 7.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दिया गया है।

वहीं, एक से पाँच साल की अवधि की डाकघर सावधि जमा योजना (Post Office Fixed Deposit Scheme) पर ब्याज दर को बढ़ाया गया है। एक साल की सावधि जमा पर ब्याज दर को 5.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत, दो वर्ष की सावधि जमा पर ब्याज दर को 5.7 से 6.8 प्रतिशत, तीन वर्ष की सावधि जमा पर ब्याज दर 5.8 से 6.9 प्रतिशत औरप पाँच साल की सावधि जमा पर ब्याज दर को 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है।

इसके अलावा, मासिक आय योजना (Post Office Monthly Income Scheme) में भी 6.7 प्रतिशत की जगह अब 7.1 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा, जबकि किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra) पर 7 प्रतिशत ब्याज की जगह अब 7.2 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।

बता दें कि केंद्र सरकार वित्त वर्ष के हर तिमाही में लघु बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों की समीक्षा करती है। सरकार ने चार साल में पहली बार पिछली तिमाही में सिर्फ किसान विकास पत्र में बढ़ोतरी की थी। हालाँकि, उस दौरान भी PPF और सुकन्या योजना की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

लघु बजत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरों की समीक्षा के लिए श्यामला गोपीनाथ कमिटी द्वारा सुझाए गए फॉर्मूले को अपनाया जाता है। कमिटी ने सुझाव दिया था कि विभिन्न बचत योजनाओं की ब्याज दर समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड्स की तुलना में 25 से 100 BPS पॉइन्ट्स अधिक होनी चाहिए।

सनातन धर्म में स्वागत: सैकड़ों परिवार, हजारों लोग… 2022 में घर वापसी कर हिंदुत्व को फिर से अपनाया

भारत में इस्लाम और ईसाई बढ़ रहा है, फल-फूल-फैल रहा। कारण लेकिन नकारात्मक है – विदेशी फंडिंग के सहारे धर्मांतरण का जाल बिछा कर। मौलवी और पादरी या यह कहें कि पूरा का पूरा धर्मांतरण रैकेट भोले-भाले और आर्थिक रूप से कमजोर हिंदुओं खासतौर से जनजाति और दलित वर्ग को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धर्मांतरण का शिकार बनाते हैं। इस प्रलोभन में 50 किलो चावल से लेकर, दो वक्त की रोटी और दवाइयों से लेकर बीमारी ठीक करने व नौकरी लगवाने के वादे किए जाते हैं। कुछ मामलों में धर्मांतरित हुए लोगों को थोड़ी-बहुत सहायता भी मिलती है। हालाँकि, धर्मांतरण होने के बाद लोग खुद को सिर्फ ठगा हुआ महसूस करते हैं।

धर्मांतरण की इन तमाम साजिशों के बीच सनातन धर्म में लोग वापसी भी कर रहे हैं। कारण यहाँ सकारात्मक है – ईसाई या मुस्लिम बने लोग खुद को ठगा सा महसूस करते हैं, अपने वास्तविक सनातन धर्म को याद करते हैं। इसमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पीढ़ियों पहले धर्मांतरण का शिकार हुए थे। कुछ ऐसे भी जो बीते कुछ सालों में प्रलोभन या मजबूरी में धर्म बदलने को तैयार हो गए थे। साल 2022 में घर वापसी करने वाले लोगों और उनकी कहानियों को एकसाथ लेकर आए हैं हम।

दिसंबर 2022: कुल 6 घर वापसी

26 दिसंबर 2022: उत्तर प्रदेश के बरेली की एक और मुस्लिम युवती ने हिंदू के साथ शादी की है। इस युवती का नाम है अमरीना। हिंदू धर्म अपनाकर अमरीना ने अपना नया नाम राधिका रखा है। पप्पू के साथ शादी की है। बताया है कि भगवान में पहले से ही उसकी आस्था थी। अब तीन तलाक का डर भी खत्म हो गया है।

25 दिसंबर 2022: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ईसाई बन चुके 100 से ज्यादा लोगों की क्रिसमस पर घर वापसी की। ये 100 लोग 20 परिवारों के सदस्य हैं जो दिहाड़ी मजदूरी आदि से अपना परिवार चलाते थे। घर वापसी करने वाले सभी लोगों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच में फिर से सत्य सनातन में प्रवेश किया और आगे से हिन्दू परम्परा से जीवन बिताने का संकल्प लिया।

25 दिसंबर 2022: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में क्रिसमस के दिन सामूहिक ‘घर वापसी’ हुई। इस दौरान 20 परिवारों ने फिर से हिन्दू धर्म में आस्था जताते हुए गंगाजल ग्रहण किया। इस दौरान घर वापसी करने वालों ने उन पुस्तकों को पानी में विसर्जित किया, जिन्हें पढ़ा कर उन्हें अपने मूल धर्म से दूर किया गया था।

25 दिसंबर 2022: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने 25 दिसंबर 2022 को दमोह में चल रही रामकथा में शामिल होने आए 300 लोगों को सनातन धर्म में लौटवाया। वहीं, छत्तीसगढ़ के जशपुर में भी विशाल हिंदू सम्मेलन के दौरान अखिल भारतीय घरवापसी के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने 50 परिवारों ने हिंदू धर्म में घरवापसी करवाई।

12 दिसंबर 2022: मध्य प्रदेश के मंदसौर में अफसर मंसूरी ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर अपना नाम कृष्णा सनातनी रखा है। घर वापसी के दौरान मंसूरी ने भगवा वस्त्र पहने थे। उन्होंने विधि विधान से वैदिक मंत्रौच्चार के बीच हिन्दू धर्म अपनाया।

11 दिसंबर 2022: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के करीब एक दर्जन परिवारों के 80 सदस्यों ने घर वापसी की है। इनका दावा है कि आजम खान के डर से इन्होंने इस्लाम कबूला था। मुजफ्फरनगर के एक आश्रम में इन लोगों की घर वापसी हुई। 

नवंबर 2022: कुल 3 घर वापसी

24 नवंबर 2022: झारखंड (Jharkhand) की मुस्कान खातून ने सनातन धर्म अपनाकर पूरे रीति-रिवाज के साथ राम नाम के एक हिन्दू से शादी कर ली है। मुस्कान ने कहा कि उसे सनातन धर्म पसंद है और हिन्दू धर्म अपना कर वह काफी खुश हैं। वह अपने पति के साथ सनातन धर्म के रास्ते पर अपना जीवन गुजारेंगी।

17 नवंबर 2022: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जहन्नुम के डर से इस्लाम कबूल करने वाले हिंदू युवक अक्षय गौर ने घर वापसी कर ली। दोस्तों, हिंदूवादी संगठन के आशोक पालीवाल और अन्य कार्यकर्ताओं ने उसे समझाया। उन्होंने मंदिर में पूजा-पाठ कर उसका शुद्धीकरण किया। इसके बाद गंगाजल पिलाकर उसकी घर वापसी करवाई।

7 नवंबर 2022: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 9 लोगों ने इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म में ‘घर वापसी’ की। धर्म परिवर्तन करने वाला परिवार मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है। इनके पूर्वजों ने 150 साल पहले दबाव में आकर इस्लाम अपनाया था। लेकिन, अब स्वेच्छा से हिंदू धर्म में वापसी की।

अक्टूबर 2022: कुल 2 घर वापसी

20 अक्टूबर 2022: ओडिशा में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 173 परिवारों ने घर वापसी की। जनजातीय समाज के इन परिवारों के करीब 500 सदस्य हिंदू धर्म में लौटे। धर्मांतरण कर ईसाई बनाए गए इन परिवारों की घर वापसी के लिए सुंदरगढ़ जिले के ग्राम जमूरला में विश्व कल्याण महायज्ञ का आयोजन किया गया था।

19 अक्टूबर 2022: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक बार फिर मुस्लिम परिवार के पाँच सदस्यों ने घर वापसी करते हुए हिंदू धर्म अपना लिया है। इस परिवार के लोगों को अब नया हिंदू नाम दिया गया है। बिजनौर का रहने वाला यह परिवार आठ साल पहले हिंदू धर्म छोड़ इस्लाम अपना लिया था। 

सितंबर 2022: कुल 2 घर वापसी

30 सितंबर 2022: मध्य प्रदेश के मंदसौर के रहने वाले मोहम्मद निसार ने इस्लाम मजहब त्यागकर हिन्दू धर्म अपना लिया। निसार मोहम्मद ने 8 साल पहले हिन्दू युवती से शादी की थी। वह गायत्री मंदिर में वैदिक विधि विधान से धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) कर अब सोनू सिंह बन गए।

9 सितंबर 2022: मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू युवक से शादी करके सनातन धर्म स्वीकार कर लिया। दुल्हन का नाम इकरा था, जो अब इशिका बन चुकी है। इकरा ने गायत्री मंदिर में विधि-विधान से घर वापसी की।

जुलाई 2022: कुल 2 घर वापसी

21 जुलाई 2022: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में अब्दुल जमील ने इस्लाम त्यागकर संकटमोचन मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा कर हिंदू धर्म अपना लिया। उन्होंने अपना नाम श्रवण कुमार रखा। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त अब्दुल जमील ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सनातन धर्म के प्रति उनमें दिलचस्पी पैदा हुई थी।

12 जुलाई 2022: उत्तर प्रदेश के बरेली में सुहैल नामक व्यक्ति ने विधि विधान से पूजा पाठ करके हिंदू धर्म मे घर वापसी की। अब वो सौरभ के नाम से जाने जा रहे हैं। सौरभ का कहना है कि 11 साल पहले उन्हें बहका कर इस्लाम मजहब कबूल करवाया गया था। हालाँकि अब वह दोबारा अपने धर्म में वापस आ रहे हैं।

जून 2022: कुल 1 घर वापसी

9 जून 2022: मध्य प्रदेश के रतलाम में 18 मुस्लिमों ने घर वापसी की। इन सभी के द्वारा गोमूत्र से स्नान करते हुए जनेऊ धारण किए जाने का दावा। घर वापसी करने वाले परिवार के मुखिया मोहम्मद शाह हैं जो जड़ी-बूटी बेचने का कमा करते हैं।

मई 2022: कुल 4 घर वापसी

27 मई 2022: मध्य प्रदेश के मंदसौर में शेख जफर नाम के एक व्यक्ति ने विधि-विधान से हिन्दू धर्म अपनाते हुए घर वापसी की। अब वो चैतन्य सिंह राजपूत के नाम से जाने जा रहे हैं।

22 मई 2022: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया। लड़की का नाम पहले नाम लुबना शाहजीन था जो अब आरोही बन गई। आरोही बनी शाहजीन ने अपने परिजनों को कट्टरपंथी बताया।

17 मई 2022: उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में गुलनाज नामक मुस्लिम युवक ने इस्लाम से हिंदू धर्म में घर वापसी की। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने उसकी घर वापसी कराई। अब वह विराट कुमार के नाम से पहचाने जा रहे हैं।

13 मई 2022: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया। नाज़िश नाम की मुस्लिम लड़की नीलेश नाम के हिन्दू लड़के से प्यार करती थी। अब दोनों ने शादी कर ली। हालाँकि, इस रिश्ते से दोनों परिवार खुश नहीं थे इसलिए दोनों ने घर छोड़ कर अलग रहने का फैसला किया। शादी के बाद नाजिश का नाम निहारिका हो गया।

अप्रैल 2022: कुल 1 घर वापसी

26 अप्रैल 2022: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दो मुस्लिम परिवारों के 8 सदस्यों ने हिंदू धर्म में वापसी की। बघरा स्थित स्वामी यशवीर आश्रम में हवन-पूजन करवाकर इनकी घर वापसी कराई गई।

मार्च 2022: कुल 3 घर वापसी

30 मार्च 2022: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक ईसाई लड़के और मुस्लिम लड़की ने हिन्दू विधि-विधान से शादी की। शादी बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में सम्पन्न हुई। बाराती और घराती हिन्दू संगठन के लोग बने। कन्यादान मंदिर के महंथ ने किया। 

25 मार्च 2022: झारखंड के साहिबगंज जिले के वनवासी समाज के 61 परिवारों के सैंकड़ों लोगों ने घर वापसी की। ‘विश्व हिन्दू परिषद’ के विभाग प्रमुख कालीचरण मंडल ने इनकी पूरे रीति-रिवाज के साथ घर वापसी की प्रक्रिया पूरी करवाई।

22 मार्च 2022: छत्तीसगढ़ में 1250 लोगों ने सनातन धर्म में वापसी की है। महासमुंद के कटांगपाली गाँव में आयोजित विश्व कल्याण महायज्ञ में इन लोगों ने घर वापसी की। महायज्ञ का आयोजन आर्य प्रतिनिधि समाज की ओर से किया गया था। बीजेपी के प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने ईसाई मिशनरियों के शिकार हुए इन लोगों के गंगाजल से चरण पखार कर मूल धर्म में वापसी करवाई।

फरवरी 2022: कुल 1 घर वापसी

6 फरवरी 2022: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगाँव थाना क्षेत्र के तेतरिया पंचायत के सिरासाई मंगापाट गाँव के 3 परिवारों के 14 सदस्य ईसाई धर्म में परिवर्तित हो गए थे। इनमें से 9 लोगों ने घर वापसी कर ली।

जनवरी 2022: कुल 2 घर वापसी

13 जनवरी 2022: जाने-माने मलयाली फिल्मकार अली अकबर (Ali Akbar) विधिवत रूप से हिंदू बन गए। उन्होंने पत्नी लुसिम्मा के साथ सनातन धर्म ग्रहण किया। अब वे राम सिम्हन के नाम से जाने जाएँगे। केरल के इस फिल्मकार ने दिसंबर 2021 में तब घर वापसी का ऐलान किया था, जब मजहबी कट्टरपंथियों ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद खुशी का इजहार किया था।

10 जनवरी 2022: कर्नाटक के यादगीर जिले में घर वापसी हुई। यहाँ 50 साल पहले टिमोथी होसमानी नाम के व्यक्ति के परिजनों ने धर्मांतरण कर ईसाई धर्म को अपना लिया था। उस वक्त होसमानी बहुत ही छोटे थे, लेकिन 50 साल बीतने के बाद 55 वर्षीय टिमोथी होसमानी ने हिंदू धर्म में घर वापसी की।

14 मंजिला इमारत, 1400 तिजोरियाँ… दुनिया के सबसे बड़े ‘वर्टिकल कब्रिस्तान’ में होगा पेले का अंतिम संस्कार, नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

फुटबॉल के इतिहास में सबसे सफल खिलाडियों में शुमार किए जाने वाले ब्राजील के खिलाडी पेले का गुरुवार (29 दिसंबर 2022) को निधन हो गया। लम्बे समय से पेले कैंसर से जूझ रहे थे। अब उनके बेहद भव्य अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है। इस तैयारी में पेले के ताबूत को पिच पर रखने और अंतिम यात्रा का जुलूस निकालना शामिल है। इस दौरान उनके लाखों प्रशसंकों के भी जुटने की उम्मीद है। अंतिम संस्कार सोमवार (2 जनवरी 2023) को हो सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2 जनवरी को पेले का शव अल्बर्ट आइंस्टीन अस्पताल से लेजेंड जाएगा। यहाँ से एक जुलूस की शक्ल में उनके ताबूत को सड़क मार्ग से सैंटोस स्टेडियम लाया जाएगा। इस दौरान रास्ते में पेले की अंतिम यात्रा में उनके लाखों प्रशंसक मौजूद हो सकते हैं। बाद में पेले का ताबूत सैंटोस स्टेडियम की पिच पर रखा जाएगा। यह वही मैदान है जो किसी समय पेले के अद्भुत खेल का गवाह रहा है। स्टेडियम से निकल कर पेले की अंतिम यात्रा कैनाल 6 मार्ग से गुजरेगी। यह वही रास्ता है जहाँ उनकी माँ रहा करती थीं।

कैनाल 6 मार्ग से गुजरने के बाद पेले को मेमोरियल नेक्रोपोल एक्यूमेनिका नामक कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। 14 मंजिला इस कब्रिस्तान में पेले के कुछ पूर्वज भी दफन हैं। इस जगह पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों के साथ पेड़ों की घनी हरियाली मौजूद है। जहाँ पेले दफन होंगे उसका नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड में दुनिया के सबसे बड़े वर्टिकल कब्रिस्तान के तौर पर दर्ज है। यहाँ कब्रों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष कमरे, 1400 तिजोरियाँ और मकबरा भी मौजूद है। यह विशेष सुविधा उन लोगों को मिलती है जो अपने पूर्वजों की यादों और विरासत को सहेज कर रखना पसंद करते हैं।

इस कब्रिस्तान का निर्माण साल 1983 में वास्तुकार पेपे अल्टस्टट द्वारा हुआ था। इसमें एक बगीचा, झरना और कैफे भी मौजूद है। इसी के साथ यहाँ पुरानी क्लासिक कारों का एक म्यूजिम भी मौजूद है। यहाँ मौजूद एक इमारत से वह विला बेल्मिरो स्टेडियम दिखाई देता है जहाँ से पेले ने अपना कैरियर शुरू किया था। फ़िलहाल इस कब्रिस्तान का विस्तार अभी भी जारी है।

बाल काटने वाले इरशाद हुसैन ने हिंदू महिला को इंस्टाग्राम पर फँसाया, 4 साल के बेटे को लावारिस छोड़ प्रेमी के साथ भागी

कर्नाटक के बंगलुरु में लव जिहाद का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें महिला ने प्रेमी के लिए ममता को भी शर्मसार कर दिया। बंगलुरु के एक सैलून में नाई का काम करने वाले इरशाद हुसैन ने स्वाति नाम की महिला को प्रेमजाल में फँसा लिया। इसके बाद महिला अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए अपने चार साल के बेटे को स्टेशन पर छोड़कर चली गई।

इरशाद हुसैन ने नाई का काम करते हुए इंस्टाग्राम पर पुणे की स्वाति नाम की महिला से दोस्ती की। इसके बाद वह चैटिंग कर उसे अपने झाँसे में ले लिया और प्यार की दुहाई दी। इसके बाद महिला अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए पुणे से अपने चार साल के बेटे को लेकर बंगलुरु आ गई। वहाँ वह इरशाद के साथ रहने लगी।

इसी बीच एक दिन इरशाद ने स्वाति से अपने गृहनगर उधमसिंह नगर के मजराशीला गदरपुर चलने के लिए मना लिया। वहाँ से दोनों बंगलुरु स्टेशन पहुँचे। स्टेशन पर महिला ने अपने चार साल के बेटे को छोड़ दिया और ट्रेन पकड़कर इरशाद के साथ दिल्ली चली आई। वहाँ से दोनों इरशाद के घर गदरपुर चले गए।

घर से बेटे सहित पत्नी के गायब होने के बाद स्वाति के पति ने पुणे के पूर्णा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब जाँच पड़ताल की तो सोशल मीडिया पर इरशाद के साथ उसकी दोस्ती का पता चला। पुलिस को पता चला कि इरशाद ऊधमसिंह नगर के गदरपुर का रहने वाला है।

सुराग लगते ही पुलिस गदरपुर पहुँची और शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) को स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इरशाद के घर पर छापेमारी की। वहाँ पुलिस ने स्वाति को बरामद कर लिया। हालाँकि, पुलिस की भनक लगते ही इरशाद फरार हो गया। पूछताछ में स्वाति ने अपने बेटे को बंगलुरु स्टेशन पर छोड़ने के बारे में बताया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष आरके महाजन ने इस लव जिहाद का मामला बताया और पुलिस से हर पहलू से जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा कि अपने लोगों के बीच हँसी का पात्र बनने के भय से बच्चे को बेंगलुरु में लावारिस छोड़ने में इरशाद की साजिश हो सकती है।

केरल हाईकोर्ट का वकील मोहम्मद मुबारक, देता था गला काटने की ट्रेनिंग: अलग-अलग राज्यों में बना रहा था PFI का ‘हिट स्क्वॉयड’, गिरफ्तार

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। इसका नाम मोहम्मद मुबारक है और यह केरल हाईकोर्ट में एडवोकेट है। आरोपित मुबारक केरल के एर्नाकुलम का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी गुरुवार (29 दिसंबर 2022) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहम्मद मुबारक PFI के गुर्गों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता था। वह प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों को यह भी सिखाता था कि टारगेट को कैसे खत्म करना है। मुबारक के घर से एक बैग में छुपा कर रखे गए कुल्हाड़ी और तलवार सहित कुछ अन्य हथियार भी बरामद किए गए हैं। ये हथियार बैडमिंटन के एक बैग में रखे थे।

NIA ने अपने बयान में बताया है कि पकड़ा गया वकील मोहम्मद मुबारक विभिन्न राज्यों में हिट स्क्वॉयड संचालित कर रहा था। NIA ने 20 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया है। फिलहाल उससे आगे की पूछताछ चल रही है। उसकी बीवी भी वकील है। गौरतलब है कि 29 दिसंबर को NIA ने केरल में एक साथ 56 स्थानों पर छापेमारी की थी।

यह छापेमारी 19 सितम्बर 2022 को NIA द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज की गई FIR संख्या RC-02/2022/NIA/KOC के मामले में हुई थी। इस FIR में PFI से जुड़े सदस्यों पर देश विरोधी गतिविधियों को चलाने के आरोप हैं। इससे पहले भी NIA ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।

PFI से जुड़े 11 आरोपितों पर चार्जशीट

वहीं, एक अन्य मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया) से जुड़े 11 आरोपितों पर हैदराबाद के स्पेशल NIA कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए हैं। यह मामला तेलंगाना के निज़ामाबाद का है, जिसमें सभी आरोपितों पर आतंकी ट्रेनिंग कैम्प चलाने और वहाँ देश विरोधी गतिविधियों को संचालित करने का आरोप है।

इस केस में आरोपितों पर योग एवं कराटे क्लास के बहाने मुस्लिम युवाओं को हथियारों को चलाने की ट्रेनिंग देने का आरोप है। इस दौरान मुस्लिम युवाओं को यह भी सिखाया जाता था कि किसी की फ़ौरन जान लेने के लिए शरीर के किस अंग को कैसे काटना चाहिए। इसमें गला काटने की भी ट्रेनिंग दी जाती थी।

मामले में गिरफ्तार आरोपितों के नाम अब्दुल कादिर, अब्दुल अहद, शेख इलियास, अब्दुल सलीम, शेख सहदुल्लाह, फ़िरोज़ खान, मुहमम्द उस्मान, सैयद याहिया समीर, शेख इमरान, मोहम्मद अब्दुल मुबीन और मोहम्मद इरफ़ान आरोपित किए गए हैं।

ऋषभ पंत की मदद करने वाले ड्राइवर-कंडक्टर हुए सम्मानित: उत्तराखंड के DGP करेंगे पुरस्कृत, हरियाणा सरकार की भी घोषणा

क्रिकेटर ऋषभ पंत (Cricketer Rishabh Pant) की कार दुर्घटना के वक्त उनकी जान बचाने वाले बस ड्राइवर और कंडक्टर को पानीपत बस डिपो ने सम्मानित किया गया है। वहीं, इनके बहादुरी पूर्ण कामों को देखते हुए उम्मीद है कि हरियाणा सरकार भी इन्हें सम्मानित करेगी। उधर उत्तराखंड के डीजीपी ने भी इन दोनों के साथ-साथ मदद करने वाले तीन दिहाड़ी मजदूरों को भी सम्मानित करने की घोषणा की है।

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि ऋषभ पंत की मदद करने वाले लोगों को सरकार सम्मानित करेगी। उन्होंने कहा कि इन लोगों को भारत सरकार की गुड सेमेरिटन योजना के तहत पुरस्कृत किया जाएगा। जिन लोगों ने ऋषभ पंत की मदद की थी, उनमें हरियाणा रोजवेड के ड्राइवर सुशील कुमार, कंडक्टर परमजीत और कुछ स्थानीय लोग थे। स्थानीय लोगों में तीन दिहाड़ी मजदूर भी थे।

उधर हरियाणा के पानीपत बस डिपो के जेनरल मैनेजर के जांगड़ा ने कहा कि बस चालक सुशील कुमार और कंडक्टर परमजीत ने गुरुकुल नारसन के पास डिवाइडर पर एक अनियंत्रित कार की टक्कर देखी। इसके बाद वे भागकर वहाँ पहुँचे और उसमें फँसे हुए यात्री की मदद कर उसे बाहर निकाला। उसके बाद एंबुलेंस को बुलाकर उन्हें अस्पताल भेजवाया था।

कंडक्टर परमजीत ने कहा कि जैसे ही उन दोनों ने ऋषभ पंत को कार से बाहर खींचा, 5-7 सेकंड में कार में आग लग गई और वह कुछ ही देर में जलकर खाक हो गई। उन्होंने कहा, “उनकी पीठ में गंभीर चोट लगी थी। हमने उनके बारे में पूछा, तब उन्होंने कहा कि वे भारतीय टीम के क्रिकेटर ऋषभ पंत हैं।”

बस के चालक सुशील कुमार ने बताया कि घटना के वक्त कुछ लोग वीडियो बनाने में लगे थे और कोई पैसे उठा रहा था। कुछ बस वहाँ से गुजरी, लेकिन कोई नहीं रूका। उन्होंने कहा कि उन्होंने वीडियो बनाने वाले लोगों से भी ऐसा ना करने के लिए कहा। उधर, पैसे और बैग लेकर भागने की घटना से पुलिस ने इनकार किया है।

सुशील कुमार ने बताया कि दुर्घटना के बाद ऋषभ पंत के पैसे सड़क पर ही बिखरे पड़े थे। उन्होंने सात-आठ हजार रुपए उठाकर उसके हाथ पर रख दिए। कार में एक अटैची थी, जिसे एंबुलेंस में डाल दी थी। इस दौरान ऋषभ की उनकी माँ से भी बात कराने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल स्वीच ऑफ मिला।

दोनों की बहादुरी की तारीफ पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और पूर्व क्रिकेटर एवं सांसद हरभजन सिंह ने भी की। ड्राइवर और कंडक्टर को रियल हीरो बताते हुए वीवीएस लक्ष्मण ने लिखा, “ऋषभ पंत को जलती हुई कार से दूर ले जाने वाले हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर सुशील कुमार का आभार। उसे बेडशीट में लपेट कर एंबुलेंस बुलाई। आपकी निस्वार्थ सेवा के लिए हम आपके बहुत ऋणी हैं सुशील जी।”

बता दें कि पंत अपनी माँ को सरप्राइज देने के लिए देहरादून अकेले जा रहे थे। इसी दौरान शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) को सुबह उनकी तेज स्पीड कार रुड़की के पास डिवाइडर से टकराने के बाद उछलकर दूर जा गिरी। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी पीठ, सिर और पैर में चोटें आई हैं।

इलाज के लिए उन्हें मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उनकी रीढ़ और दिमाग का MRI स्कैन कराया है। ये दोनों रिपोर्ट नॉर्मल है। अब उनके घुटने और टखने का MRI कराया जाएगा। उनके चेहरे पर भी चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने उनके चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी की है।

डॉक्टरों का मानना है कि पंत को पूरी तरह रिकवर होने में 6 महीने से भी अधिक का समय लग सकता है। ऐसे में ऋषभ पंत कई महत्वपूर्ण सीरीज में शामिल नहीं होंगे। श्रीलंका के खिलाफ 3 जनवरी से शुरू होने वाली घरेलू T-20 और वनडे सीरीज में ऋषभ पंत को शामिल नहीं किया गया है।