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अभिनेत्री की गोली मार कर हत्या: पति और बच्ची के साथ कार से जा रही थी झारखंड की ऐक्ट्रेस, हावड़ा में सुनसान जगह पर हुई घटना

पश्चिम बंगाल इ हावड़ा में झारखंड की अभिनेत्री रिया कुमारी उर्फ़ ईशा आलिया की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। इस दौरान उनके पति प्रकाश अलबेला भी उनके साथ थे। ये घटना बुधवार (28 दिसंबर, 2022) की सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर हुई है। अभिनेत्री अपने पति और 3 साल की बेटी के साथ कोलकाता से राँची जा रही थीं। प्रकाश कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। पुलिस उन्हें लेकर घटनास्थल पर भी गई, जहाँ उनके बयान के हिसाब से घटना को रिक्रिएट किया गया।

घटनास्थल के पास ही एक फैक्ट्री है, जिसमें लगी सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकाल कर आगे की जाँच की जा रही है। प्रकाश का कहना है कि उन्होंने एक सुनसान जगह देख कर गाड़ी रोकी थी, ताकि वो लघुशंका कर सकें। इसी दौरान तीन हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। ईशा आलिया (रिया कुमारी) ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद पॉइंट ब्लैंक रेंज से उन्हें गोली मार दी गई। झारखंड में वो एक लोकप्रिय अभिनेत्री हैं।

रिया कुमार अपने स्क्रीन नेम ‘ईशा आलिया’ से झारखंड में जानी जाती थीं। उनके पति प्रकाश कुमार भी फिल्म निर्देशक हैं। उन्होंने बताया है कि जब हमलावर उनका पर्स चीन रहे थे, तब कार में बेटी के साथ बैठी उनकी पत्नी उन्हें बचाने के लिए बाहर निकलीं – इसी दौरान ये घटना हुई। प्रकाश का ये भी कहना है कि मदद के लिए उन्होंने 2 किलोमीटर तक गाड़ी चलाई। उलूबेरिया अस्पताल में अभिनेत्री को मृत घोषित कर दिया गया।

हावड़ा जिले के बगनान के महिषरेखा पुल के पास ये घटना हुई है। गोली रिया कुमार के कान में लगी है। रिया कुमारी उर्फ़ ईशा आलिया मूल रूप से हजारीबाग की रहने वाली थी। राँची के टैगोर हिल एरिया के फ़्लैट में वो रहती थीं। उन्होंने नागपुरी, भोजपुरी, खोरठा और बांग्ला एलबमों में काम किया था। बताया जाता है कि आरोपित सफ़ेद गाड़ी में आए थे। पुलिस फ़िलहाल पति के बयान पर भरोसा नहीं कर रही है और इस मामले में गहन तहकीकात होगी।

कोयम्बटूर मंदिर ब्लास्ट: स्थानीय मस्जिद में आतंकियों के साथ हुई थी अज़हरुद्दीन की बैठक, ISIS और श्रीलंका ब्लास्ट से भी जुड़े तार

तमिलनाडु के कोयंबटूर विस्फोट मामले के आरोपितों के श्रीलंका इस्लामिक स्टेट से संबंध सामने आए हैं। मामले की जाँच कर रही NIA ने कहा कि गिरफ्तार मोहम्मद अजहरुद्दीन श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए बम धमाकों के मुख्य आरोपित ज़हरान हाशिम के संपर्क में था। इतना ही नहीं, वह केरल में इस्लामिक स्टेट का हिस्सा रहे मोहम्मद नौशान के संपर्क में भी था।

NIA के अनुसार, मोहम्मद नौशान और ज़हरान हाशिम श्रीलंका में आईएस के आतंकी थे और वे कोलंबो के चर्च में 2019 ईस्टर डे ब्लास्ट के आत्मघाती हमलावर थे। NIA ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “अज़हरुद्दीन और शेख हिदायतुल्ला दोनों को 2016 से चरमपंथी सलफ़ी विचारधारा की ऑनलाइन सामग्री के माध्यम से कट्टरपंथी बनाया गया था। आरोपित अनवर अल अवलाकी, अबू बारा, मूसा सेरेंटोनियो, श्रीलंका के ज़हरान हाशिम जैसे कट्टरपंथियों के भाषण सुनते थे।”

केरल स्थित एर्नाकुलम की विशेष अदालत में दी गई अपनी रिपोर्ट में NIA ने अजहरुद्दीन की जमानत का विरोध किया। NIA ने कहा कि मोहम्मद अजहरुद्दीन ने दक्षिण भारत के कई मुस्लिम युवाओं को इस्लामिक स्टेट के लिए भर्ती किया है। इतना ही नहीं, उसने तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक मस्जिद में कई युवकों को कट्टरपंथी बनाया और उन्हें दक्षिण भारत हमलों के लिए उकसाया।

अजहरूद्दीन के साथ बातचीत में NIA ने एक बड़ी योजना के बारे में बात की थी और यह बातचीत साल 2019 में कोलंबो के एक चर्च में ईस्टर डे पर हुए ब्लास्ट से पहले हुई थी। NIA ने कोर्ट को बताया कि सोशल मीडिया एक्सट्रैक्शन में बताई गई ‘बड़ी योजना’ श्रीलंकाई ईस्टर डे ब्लास्ट से ठीक पहले बनाई गई थी और यह बातचीत आरोपित अजहरुद्दीन और प्रतिबंधित ISIS के बीच मजबूत साँठगाँठ की ओर इशारा करती है।

अजहरुद्दीन कोयंबटूर में रेयान मस्जिद में लगातार आता-जाता था। वहाँ उसने साल 2013 से ‘बयान’ दिया था। इसी मस्जिद में अजहरुद्दीन अन्य आरोपितों से मिला और उन्हें कट्टरपंथी बनाया। अजहरुद्दीन कई श्रीलंकाई व्यक्तियों और संस्थाओं के साथ फेसबुक और अन्य एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में था। अजहरुद्दीन के डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया अकाउंट से इन भाषणों को बरामद किया गया था।

बता दें कि कोयंबटूर विस्फोट ज़हरान हाशिम के आतंकी विचारों से प्रेरित था। यह भी पता चला कि कोयंबटूर का हमलावर जेम्स मुबीन विस्फोट से पहले इन व्यक्तियों के संपर्क में था। इसके अलावा, NIA ने पाया कि मुबीन के एक दोस्त हिदायतुल्ला ने अजहरुद्दीन के साथ खलीफा GFX नामक एक फेसबुक पेज शुरू किया था।

बता दें कि मोहम्मद अजहरुद्दीन और शेख हिदायतुल्ला उर्फ फिरोज खान को हमलों को अंजाम देने के लिए केरल और तमिलनाडु में लोगों की भर्ती करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दोनों ने NIA द्वारा IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश) और UAPA की धारा 38 एवं 39 के तहत लगाए गए आरोपों को खारिज करने की माँग करते हुए याचिका दायर की थी।

चीन में कोरोना से रोज मर रहे 5000, सड़कों पर पड़ी हैं लाशें: अंतिम संस्कार के लिए मिल रहा कई दिन बाद का नंबर

चीन में कोविड-19 के नए वैरिएंट BF7 ओमिक्रॉन के कारण स्थिति हाथ से निकल चुकी है। इस वैरिएंट के कारण चीन में रोजाना 5,000 से अधिक लोगों की मौत हो रही है। एक अंतररष्ट्रीय डेटा फर्म का कहना है कि आने वाले दिनों में चीन में 13 से 21 लाख लोगों की मौत हो सकती है।

ब्रिटेन की हेल्थ डेटा फर्म ‘एयरफिनिटी’ के मुताबिक, चीन कोरोनो वायरस की चरम स्थिति से जूझ रहा है। वहाँ के अस्पताल मरीजों से खचाखच भरे हुए हैं। डॉक्टरों की भारी कमी हो गई हैं और श्मशान घाट, मुर्दाघरों में और सड़कों पर लाशों के ढेर लगे हुए हैं। अस्पतालों और क्लिनिकों के बाहर संक्रमितों लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं।

चीन की भयावह स्थिति के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। कोविड संक्रमणों के कारण अस्पतालों में दवाइयों का अकाल पड़ गया है। जीवन रक्षकों उपकरणों की भारी कमी हो गई है। चीनी मानवाधिकार कार्यकर्ता जेनिफर जेंग ने एक फ्यूनरल होम का वीडियो शेयर किया है, जहां चारों तरफ लाशें पड़ी हैं।

अस्पतालों में लाशें फर्शों पर पड़ी हुई हैं। भारी दबाव और लगातार काम करने के कारण डॉक्टर अस्पतालों में लगातार काम कर रहे हैं। कई ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें थकान के कारण डॉक्टर चक्कर खाकर गिरते नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ डॉक्टर इलाज करते हुए सो गए।

वीडियो क्लिप में चीनी शहर चोंगकिंग के एक अस्पताल में आपातकालीन निगरानी कक्ष में अराजकता के दृश्य दिखाई दे रहा है। इसमें मरीज फर्श पर लेटे हुए हैं। चीनी सरकार के अनुसार, निमोनिया और साँस लेने में परेशानी के कारण कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की मौत हो रही है।

वर्ल्डमीटर के अनुसार, चीन में इस समय कोरोना वायरस के 4,12,513 मामले हैं, जिनमें 3,55,177 मरीज रिकवर हो चुके हैं। वहीं, 5245 लोगों की मौत हो चुकी है। चीन में इस समय कोरोना के एक्टिव मामले 52,091 हैं, जिनमें 50,831 माइल्ड केस हैं। वहीं 1260 मरीजों की हालत गंभीर है।

बता दें कि चीन में जीरो कोविड पॉलिसी को लेकर लगाए गए गंभीर प्रतिबंधों के बाद चीन में लोगों ने व्यापक रूप से प्रदर्शन किया था। इसके बाद लोगों में असंतोष को देखते हुए चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने प्रतिबंधों में ढील दी थी। प्रतिबंधों में ढील मिलते ही चीन में कोरोना भयावह रूप धारण कर लिया।

चीन के चेंगदू प्रांत के बीजिंग चाओयांग अस्पताल के अधिकारी झांग युहुआ ने कहा कि मरने वाले अधिकांश लोगों में बुजुर्ग हैं और वे गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। उन्होंने कहा कि राज्य के मीडिया के अनुसार, आपातकालीन देखभाल प्राप्त करने वाले रोगियों की संख्या पहले के 100 से बढ़कर 450-550 प्रति दिन हो गई है।

Cholas Are Back… जारी हुआ मणिरत्नम की ‘PS 2’ का रिलीज डेट, दिखा एक्टर्स का दमदार लुक: ‘PS 1’ ने ₹500 करोड़ कमा मचा दिया था हंगामा

मणिरत्नम द्वारा निर्देशित ‘पोन्नियिन सेल्वन 2 (PS 2)’ की रिलीज डेट की घोषणा कर दी गई है। फिल्म 28 अप्रैल, 2023 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। तमिल के साथ-साथ इसे हिंदी, तेलुगु और मलयालम में भी रिलीज किया जाएगा। बता दें कि 30 सितंबर, 2022 को रिलीज हुई ‘PS 1’ ने दुनिया भर में लगभग 500 करोड़ रुपए की कमाई की थी, जिसके बाद उसे ब्लॉकबस्टर हिट का तमगा मिला था। अब इसका सीक्वल, जो इससे आगे की कहानी बताएगी – रिलीज के लिए तैयार है।

फिल्म का निर्माण करने वाले कंपनी ने बुधवार (28 दिसंबर, 2022) को रिलीज डेट की घोषणा करते हुए लिखा कि अब उन तलवारों को हवा में लहराने का वक्त आ गया है। साथ ही प्रोडक्शन हाउस ने ‘Cholas Are Back’ का हैशटैग भी लगाया। रिलीज डेट की घोषणा करते हुए एक वीडियो प्रोमो भी जारी किया गया, जिसमें विक्रम, कार्ति, जयम रवि और ऐश्वर्या राय को देखा जा सकता है। फिल्म में तृषा कृष्णन भी मुख्य भूमिका में हैं।

वीडियो प्रोमो में एआर रहमान का बैकग्राउंड संगीत लोगों को खासा पसंद आ रहा है। बता दें कि ये फिल्म सीरीज चोल युग पर आधारित है। राजराज चोला को ही ‘पोन्नियिन सेल्वन’ कहा जाता था, जिनका असली नाम ‘अरुलमोझी वर्मन’ था। उनका किरदार जयम रवि ने, जबकि उनके बड़े भाई ‘आदित्य वर्मन’ के किरदार में विक्रम हैं। ये दोनों ही सुंदर चोल के बेटे थे। सुंदर चोल की एक बेटी भी थी, जिसके किरदार में तृषा कृष्णन हैं।

ये फिल्म इसी नाम के एक उपन्यास पर आधारित है, जिसे दो पार्ट्स में बनाया गया। 50-60 के दशक में MGR तो 80 के दशक में कमाल हासन ने इस फिल्म को बनाने की कोशिश की थी, लेकिन ये कई कारणों से संभव नहीं हो पाया। फिल्म का पहला हिस्सा ेमरिका में पाँचवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी। साथ ही फिल्म को अच्छी समीक्षाएँ भी मिली थीं। अब इसके दूसरे भाग का सभी को इंतजार है। ‘अमेजन प्राइम’ पर ‘PS 1’ को OTT पर देखा जा सकता है।

‘बन्दूक में ऊपर की नली से गोली डाली’: जिस वीडियो को शेयर कर यूपी पुलिस को किया जा रहा बदनाम, उसकी सच्चाई निकली कुछ और

सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश पुलिस का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों हथियारों से फायरिंग करने नहीं आ रहा है। इस वीडियो को मुख्यधारा की तमाम मीडिया से लेकर विपक्षी राजनीतिक दल और सोशल मीडिया यूजर शेयर कर राज्य सरकार पर निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं।

समाजवादी पार्टी ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार पर हमला बोलने के लिए इस वीडियो का उपयोग किया। समाजवादी पार्टी ने ट्विटर पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “योगी जी की पुलिस को बंदूक में गोली डालना भी नहीं आता! यूपी पुलिस बंदूक की नली से डाल रही गोली, चरम पर अज्ञानता। भाजपा सरकार में गरीबों और निर्दोषों का उत्पीड़न करने वाली अनुशासनहीन पुलिस के एसआई को बंदूक चलाना भी नहीं आता, शर्मनाक। ऐसे पुलिसकर्मियों से बेहतर होगी पुलिस फोर्स?”

कॉन्ग्रेस सेवादल ने कहा, “मुँह से ठाँय-ठाँय की अपार सफलता के बाद पेश है उत्तर प्रदेश पुलिस का एक और कारनामा – बंदूक के मुंह में गोली डालकर ठांय ठांय! इससे अब अपराधी न सिर्फ प्रदेश छोड़कर भागेंगे, बल्कि आजीवन कोई अपराध भी नहीं करेंगे। धन्य हो बाबाजी!”

आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश ने कहा, “धन्य है उत्तर प्रदेश पुलिस! संतकबीरनगर में SI महोदय बंदूक की नली में ही गोली डालकर बंदूक चलाने लगे, यूपी पुलिस को जब ये तक नहीं पता कि गोली कहां लगती है, तो क्या ऐसे अपराध मुक्त होगा उत्तर प्रदेश? योगी आदित्यनाथ जी, ऐसे पुलिस वालों से ही अपराधी थर-थर कांप रहे है क्या?”

हालाँकि, राजनीतिक दलों का काम ही सरकार पर निशाना साधना और इसके लिए वह सच और झूठ का भी सहारा लेते रहते हैं। लेकिन, जब मीडिया भी बिना किसी सत्यापन के वही भाषा बोलने लगे तो समझना चाहिए कि पत्रकारिता का दुखद अंत हो चुका है। ऐसे मीडिया संंस्थानों के छोटे पत्रकारों को तो छोड़िए संपादकों की काबीलियत का काला सच उजागर हो जाता है।

नवभारत टाइम्स ने वीडियो शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा, “संत कबीरनगर पुलिस के इस सब-इंस्‍पेक्‍टर को ये नहीं पता कि गोली कहाँ डाली जाती है। नली के रास्ते से ही गोली डाल दिया। देखिए वीडियो।”

दैनिक हिंदुस्तान ने इससे जुड़ी खबर को शेयर करते हुए लिखा, “Video: राइफल लोड करने में फेल हुआ यूपी पुलिस का दरोगा, गोली नली से डाली और फिर…।”

टीवी9 भारतवर्ष तो दो कदम आगे बढ़ गया। इसने एक इस पर पूरा एक शो ही आयोजित कर दिया। यूपी पुलिस को अक्षम और ना जाने क्या-क्या कह दिया और यहाँ तक राजनेताओं को भी बुला लिया।

आजतक ने इस इसको खबर बनाकर राज्य की सरकार को घेरने की कोशिश की। ट्विटर पर खबर का लिंक शेयर करते हुए आजतक ने लिखा, “बुलडोजर चलाने में हीरो…फायरिंग में ‘जीरो’ गन में आगे से गोली भरने वाली यूपी पुलिस!”

राजनीतिक दलों के साथ-साथ मीडिया संस्थानों के पत्रकारों ने यही सवाल उठाया कि यूपी पुलिस के दारोगा तक को राइफल-बंदूक में गोली भरने नहीं आ रहा है और वे चैंबर में गोली डालने के बजाए सीधे नली में गोली डाल रहे हैं। इस वीडियो को लेकर मीडिया संस्थानों की अज्ञानता को दूर करते हुए संत कबीरनगर पुलिस ने एक ट्वीट कर इन खबरों का खंडन करते हुए भ्रामक बताया है।

संत कबीरनगर पुलिस ने ट्वीट करते हुए कहा, “दिनांक-27-12-2022 को श्रीमान पुलिस महानिरीक्षक बस्ती द्वारा पुलिस व्यवस्था को अधिक सुदृढ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जनपद के वार्षिक निरीक्षण/भ्रमण के दौरान कोतवाली थाने के वायरल वीडियो का संत कबीरनगर पुलिस खण्डन करती है।”

संत कबीरनगर पुलिस ने कहा कि वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों से विभिन्न प्रकार के असलहों की हैंडलिंग कराई जा रही थी। इसी क्रम में एंटी-रॉयट गन (Anti Riots Gun) की भी हैंडलिंग करवाई जा रही थी। उस दौरान उपनिरीक्षक द्वारा गन में मजल लोडिंग की प्रक्रिया बताई जा रही थी। पुलिस ने कहा कि दंगा विरोधी गन में लोडिंग चैंबर और मजल, दोनों प्रकार से की जाती है। इस गन में मजल की ओर से लोडिंग की जा रही थी।

संत कबीरनगर पुलिस ने दंगा निरोधी गन में लोडिंग की प्रकार के बारे में बताते एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें स्पष्ट बताया गया है कि लोडिंग कैसे की जाती है। इस तरह राजनीतिक दलों के साथ-साथ कथित पत्रकारों एवं संपादकों की अज्ञानता के कारण आम लोगों में फेक न्यूज मीडिया संस्थानों द्वारा फैलाई जा रही है। हालाँकि, इन पुलिस द्वारा स्पष्ट किए जाने के बावजूद इन मीडिया संस्थानों के संपादकों ने ना माफी माँगी और ना ही इन वीडियो को डिलीट किया है।

Pak में अब भगवान से गुहार लगाना भी अपराध! लव कुमार ने फेसबुक पर हिन्दू लड़कियों के अपहरण का दर्द बयाँ किया, सिंध की पुलिस ने जेल में डाल दिया

पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ किसी न किसी बहाने क्रूरता होती रहती है। पाकिस्तान के सिंध में एक हिंदू लड़के लव कुमार मेघवाड़ को सिर्फ इसलिए पकड़ लिया गया, क्योंकि उसने एक फेसबुक पोस्ट पर भगवान से शिकायत की थी। लड़के की गलती सिर्फ इतनी सी है कि उसने पोस्ट में भगवान की जगह ‘मौला’ शब्द का इस्तेमाल किया। उस लड़के पर पाकिस्तानी कानून के तहत ईशनिंदा का मामला दर्ज किया गया है।

सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में सिंध के थारपारकर (थार) जिले के मीठी इलाके में रहने वाले सिंधी हिन्दू लड़के लव कुमार को पुलिस ने ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार किया है। लव ने 22 नवंबर, 2022 को भगवान को संबोधित करते हुए एक फेसबुक पोस्ट में भगवान के स्थान पर ‘मौला’ शब्द का इस्तेमाल किया, इस गलती की वजह से उसपर पाकिस्तान पेनल कोड की धारा 298 और 153 (A) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जय सिंध फ्रीडम मूवमेंट के संस्थापक जफर साहितो ने ट्विटर पर मामले की जानकारी देते हुए लिखा कि लव कुमार ने अपने फेसबुक पोस्ट में भगवान से यह शिकायत की थी, “जब हर दिन हिंदू लड़कियों को उनके घरों से अगवा किया जाता है तो लड़की के घर वालों पर क्या गुजरती है। उस परिवार को कितना कष्ट होता है। जब लड़कियों को अगवा किया जाता है तो उसके माता-पिता की चीख भगवान क्यों नहीं सुनते।”

जफर ने लव कुमार के पोस्ट का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा कि लव कुमार के पोस्ट में कुछ भी ईशनिंदा जैसा नहीं है लेकिन उसे गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया है। जफर ने ऐसे ही एक अन्य मामले को भी याद किया। उन्होंने लिखा, “पहले से ही प्रोफेसर नूतन कुमार ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्तान की जेलों में कई सालों से बंद हैं। यह कब्जे वाले सिंध में सिंध के असली मालिकों सिंधी हिंदुओं के साथ हो रहा है।”

आपको बता दें कि सिंधी भाषा में भी ‘मौला’ शब्द का प्रयोग आमतौर पर भगवान को संबोधित करने के लिए किया जाता है। कराची की एक महिला पत्रकार ने ट्विटर पर लिखा है कि सिंध में हिंदू और मुस्लिम दोनों भगवान को मौला, भगवान, धारी या ईश्वर कहकर संबोधित करते हैं। इसके अलावा, सिंधी साहित्यों में भी मौला शब्द का प्रयोग भगवान के लिए किया गया है। पत्रकार ने पाकिस्तानी सरकार से नागरिकों की रक्षा करने की अपील की।

पत्रकार ने कहा लिखा, “थारपारकर में हिंदू लड़के के खिलाफ एक फेसबुक पोस्ट के लिए ईशनिंदा का आरोप लगाया गया है। इस पोस्ट में उसने भगवान से हो रहे अन्याय के खिलाफ शिकायत की थी। सिंध में हिंदू हों या मुस्लिम उपरवाले को मौला, भगवान, धारी, और ईश्वर इन सभी नाम से पुकारते हैं। यहाँ तक कि हमारे सिंधी साहित्य भी ऐसे लेखों से भरे पड़े हैं। लोग भगवान के साथ संवाद करने के लिए आजाद हैं। यह भगवान और उनके बीच की बात है। सरकार को अपनी उपस्थिति नागरिकों की रक्षा के लिए प्रदर्शित करनी चाहिए। कृपया लोगों को साँस लेने दें।”

क्या है प्रोफेसर नौतन लाल का मामला

फरवरी 2022 में पाकिस्तान की एक कोर्ट ने सिंध में ही ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू कॉलेज शिक्षक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। नौतन लाल एक सरकारी डिग्री कॉलेज में शिक्षक थे। उन्हें साल 2019 में ही गिरफ्तार किया गया था आश्चर्य की बात है कि नौतन पर उन्हीं के क्लास के एक स्टूडेंट ने ईशनिंदा का आरोप लगाया था। जिसके बाद बिना किसी जाँच के उन्हें गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया।

अफगानिस्तान के प्रोफ़ेसर ने लाइव शो में फाड़ डाली अपनी डिग्रियाँ, महिलाओं की शिक्षा पर तालिबान के बैन का किया विरोध

अफगानिस्तान में लड़कियों की उच्च शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके विरोध में मुल्क के एक प्रोफेसर ने लाइव शो के दौरान अपनी डिग्रियाँ फाड़ दी। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में अफगानी प्रोफ़ेसर लड़कियों की शिक्षा पर लगाई गई पाबंदी के खिलाफ अपने गुस्से का इज़हार करते हैं और लाइव शो के दौरान ही अपनी डिप्लोमा-डिग्री को फाड़ देते हैं।

अफगानिस्तान रिसेटलमेंट प्रोग्राम की पूर्व पॉलिसी एडवाइजर शबनम नसीमी ने अपने ट्विटर पर टीवी प्रोग्राम का वीडियो शेयर किया है। वह वीडियो के कैप्शन में लिखती हैं, ”एक आश्चर्यजनक फुटेज में अफगानिस्तान के विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लाइव टीवी पर अपने डिप्लोमा को फाड़ देते हैं। वह कहते हैं कि आज से मुझे इन डिप्लोमा की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इस देश में शिक्षा के लिए कोई जगह नहीं है। अगर मेरी बहन और मेरी माँ पढ़ नहीं सकती हैं, तो मैं इस शिक्षा को स्वीकार नहीं करूँगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि डिग्रियाँ फाड़ते वक्त अफगानी प्रोफ़ेसर भावुक हो जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद उदार शासन देने का वादा किया था। हालाँकि, ऐसा होता दिख नहीं रहा है। तालिबान इस बार अपनी शासन की शुरुआत के बाद से ही लड़कियों की शिक्षा और पहनावे को लेकर सख्त रहा है और अब उसने लड़कियों की उच्च शिक्षा पर पूरी तरह पाबंदी ही लगा दी। वहीं अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्री निदा मोहम्मद नदीम का कहना है कि विश्वविद्यालयों में लड़के-लड़कियों के मेल जोल को रोकने के लिए यह प्रतिबंध जरूरी था।

अफगानिस्तान के एक टीवी चैनल पर साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुछ ऐसे विषय पढ़ाए जा रहे थे, जो इस्लाम के खिलाफ हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़कियों के विश्वविद्यालयों में लगे प्रतिबंध के लिए कई और कारण बताए गए हैं। बताया गया है कि छात्राएँ तालिबानी ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहीं थीं। छात्राएँ इस तरह सज-धज कर पढ़ने जाती थीं मानो शादी समारोह में जा रही हैं। तालिबान का कहना है कि यूनिवर्सिटी में औरतें और मर्द स्वतंत्र रूप से मिल रहे थे। तालिबान सरकार के फैसले पर दुनिया भर में हो रही आलोचना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अफगानिस्तान का निजी मामला है और इसमें दूसरे देशों को दखल नहीं देना चाहिए।

बता दें, छात्राओं की शिक्षा पर लगाई गई पाबंदी का वहाँ के छात्रों और प्रोफ़ेसर ने भी विरोध किया है। कई छात्र अपनी सहपाठी छात्राओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए कक्षाओं से बाहर निकल गए। वहीं विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले लगभग 60 प्रोफेसरों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

सीक्रेट गर्लफ्रेंड, 300 पन्नों का चैट… चाचा ने बताया – शीजान से दोस्ती के बाद हिजाब पहनने लगी थी तुनिशा, सोशल मीडिया में भी ऐसी तस्वीरें

अभिनेत्री तुनिशा शर्मा सुसाइड मामले की जाँच कर रही पुलिस को उसके पूर्व प्रेमी और को-स्टार शीजान मोहम्मद खान की एक सीक्रेट गर्लफ्रेंड का पता चला है। यह भी पता चला है कि शीजान ने सीक्रेट गर्लफ्रेंड के साथ हुई चैट को डिलीट भी किया था। पुलिस रिमांड खत्म होने की वजह से आरोपित शीजान को आज कोर्ट में पेश किया गया। सुसाइड मामले में वसई कोर्ट ने आरोपी शीजान की पुलिस रिमांड दो दिनो के लिए बढ़ा दी है। उधर तुनिशा के चाचा पवन शर्मा ने बड़ा खुलासा करते हुए जानकारी दी है कि शीजान से दोस्ती के बाद तुनिशा ने हिजाब पहनना शुरू कर दिया था।

तुनिशा शर्मा आत्महत्या मामले में मुंबई पुलिस तुनिशा और शीजान के बीच हुई व्हाट्सएप्प चैट की जाँच कर रही है। यह चैट 250 से 300 पन्नों का है और पुलिस इन्हीं चैट में दोनों के बीच ब्रेकअप की वजह तलाश रही है। जानकारी के अनुसार, चैट जून से अभी तक का है।

पुलिस की जाँच में शीजान की एक सीक्रेट गर्लफ्रेंड का खुलासा हुआ है। पता चला है कि शीजान ने एक लड़की के साथ हुई व्हाट्सएप्प चैट को डिलीट किया है। पुलिस इस चैट को प्राप्त करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए पुलिस व्हाट्सएप्प को चिट्ठी लिखने वाली है ताकि कंपनी पुलिस को चैट मुहैया करवा सके।

शीजान खान की पुलिस कस्टडी आज ही खत्म हो रही थी जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने व्हाट्सएप चैट के आधार कोर्ट से शीजान की रिमांड बढ़ाने की अपील की थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कोर्ट में पुलिस ने दावा किया कि जिस दिन तुनिशा की मौत हुई उस दिन शीजान और उसकी सीक्रेट गर्लफ्रेंड के बीच डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई थी। सीक्रेट गर्लफ्रेंड से बातचीत की वजह से तुनिशा शीजान से नाराज़ थी।

पुलिस ने कोर्ट में यह भी बताया कि तुनिशा की आत्महत्या से पहले शीजान ने उसकी माँ के साथ बात की थी। उस दौरान क्या क्या बातें हुईं थी पुलिस को यह पता करना है। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि इसके लिए उन्हें तुनिशा की माँ का बयान भी दर्ज करना है। तुनिषा की माँ अभी सदमे में हैं इस वजह से वो फिलहाल बयान नहीं दे सकतीं।

उधर तुनिशा के चाचा पवन शर्मा ने भी चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि शीजान से दोस्ती के बाद तुनिशा काफी बदल गई थी। उसने अचानक हिजाब पहनना शुरू कर दिया। आपको बता दें कि तुनिशा और शीजान की हिजाब पहने कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर देखी जा सकती हैं। तुनिशा के चाचा ने कहा है कि पुलिस को हर एंगल को ध्यान में रखकर अपनी जाँच आगे बढ़ानी चाहिए।

बता दें कि तुनिशा ने 24 दिसंबर, 2022 को अपने टीवी शो “अली बाबा: दास्तान-ए-काबुल” के सेट पर खुदकुशी कर ली थी, जिसके बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने शीजान को गिरफ्तार किया था। मृत एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा के घरवालों ने शीजान को धोखेबाज बताया है। तुनिशा के घरवालों का कहना है कि शीजान के कई लड़कियों के साथ संबंध थे।

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‘हिंदुओं को भगाएँ मुस्लिम मुल्क, भारत और भारतीय उत्पादों का करें बहिष्कार’: अलकायदा के ‘वन उम्माह’ में टारगेट पर PM मोदी और नूपुर शर्मा

आतंकी संगठन अलकायदा (Al Qaeda) ने भाजपा (BJP) की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) की पैगंबर मोहम्मद से संबंधित की गई टिप्पणी को लेकर एक बार फिर भारत पर निशाना साधा है। ‘वन उम्माह (One Ummah)’ नाम की पत्रिका के पाँचवें अंक में आतंकी संगठन ने सभी मुस्लिम देशों से भारत और भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की है। इसके साथ ही आतंकी संगठन ने अरब देशों में काम करने वाले सभी हिंदुओं को देश से बाहर निकालने की आह्वान किया है।

आतंकी संगठन की आधिकारिक मीडिया शाखा या मुखपत्र ‘अस-सहाब’ ने त्रैमासिक पत्रिका ‘वन उम्माह’ का पाँचवा संस्करण जारी किया है। पत्रिका के एक भाग में भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर निशाना साधा गया है। साथ ही पत्रिका ने नूपुर शर्मा के बयान के बहाने मुस्लिमों को भारत के खिलाफ एकजुट होने के लिए कहा गया है। लेख में पीएम मोदी की तस्वीर को अपमानजनक तरीके से पैर की मोहर के साथ छापा गया है।

अलकायदा के लेख में कहा गया है, “भारत की हिंदू सरकार मुस्लिम दुनिया की चुप्पी से उत्साहित थी और इस बार हद पार कर पैगंबर का अपमान कर दिया।” इसके साथ ही आतंकी संगठन ने कश्मीर घाटी में आतंकी हमलों को अंजाम देने में मुस्लिम देशों की मदद भी माँगी है।

आतंकवादी संगठन द्वारा प्रकाशित भारत सरकार पर निशाना साधते हुए लेख

पत्रिका में आगे कहा गया है, “हम अपनी नेक उम्माह को इस हिंदू सरकार के खिलाफ एकजुट होने और भारत में हमारे भाइयों और बहनों की मदद करने के लिए आमंत्रित करते हैं, ताकि अल्लाह के दुश्मन हमारे पैगंबर के खिलाफ इस तरह के अपमानजनक अपराध को दोहराने की हिम्मत न कर सकें।”

पत्रिका के अनुसार, “हम सभी मुस्लिमों, विशेष रूप से व्यापारियों को भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने, हिंदू कर्मचारियों को मुस्लिम देशों से बाहर निकालने का आह्वान करते हैं।” पत्रिका में हिंदुओं की तुलना यहूदियों से की गई है और देश में कथित तौर पर मुस्लिमों को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है।

बकौल ‘वन उम्माह‘, भारतीय शासक वर्ग में हमेशा इस्लाम के प्रति अनादर और घृणा व्यक्त करने की प्रवृत्ति रही है। भारतीय शासक का मुस्लिमों के जबरन विस्थापन, उन्हें सालाखों के पीछे धकेलने, जेलों में यातना देने और मुस्लिम समुदाय को बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित करने का आपराधिक रिकॉर्ड है। पत्रिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिस तरह से यहूदियों ने फिलीस्तीनियों के साथ आपराधिक व्यवहार किया है, उससे भारत अलग नहीं हैं।

इसमें यह भी कहा गया है कि ‘भारत की हिंदू सरकार मुस्लिम देशों की चुप्पी से प्रोत्साहित हुई और पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया’। पत्रिका में मुस्लिम राष्ट्रों को नूपुर शर्मा की कथित टिप्पणी की केवल निंदा करने और भारत के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए भी फटकार लगाई गई है।

पत्रिका के अनुसार, “इन रीढ़़विहीन सरकारों ने अपमान और अपराध का जवाब केवल खोखली निंदा से दिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। दूसरी ओर इन देशों ने भारत की हिंदू नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देना जारी रखा हुआ है और उनके साथ व्यापक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध बनाए भी बनाए हुए हैं।” पत्रिका ने इसके साथ 9/11 में जान गँवाने वाले आतंकवादियों की तस्वीर छापी है और मुस्लिमों से कहा है कि वे इन ‘नायकों’ को कभी न भूलें।

माँ हीराबेन को देखने अहमदाबाद के अस्पताल पहुँचे PM मोदी, डॉक्टरों से की बात: बोले राहुल गाँधी- माँ और बेटे के बीच का प्यार अनंत और अनमोल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के अहमदाबाद स्थित यूएन मेहता अस्पताल पहुँचे हैं, जहाँ उनकी माँ हीराबेन मोदी को तबीयत खराब होने के कारण भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत गुजरात भाजपा के कई नेता और विधायक भी इस दौरान अस्पताल पहुँचे। अस्पताल परिसर के भीतर प्रधानमंत्री के काफिले को घुसते हुए कैमरे में कैद किया गया। पक्ष-विपक्ष के कई नेताओं ने हीराबेन मोदी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है

कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गाँधी ने अपने बयान में कहा, “एक माँ और बेटे के बीच का प्यार अनन्त और अनमोल होता है। मोदी जी, इस कठिन समय में मेरा प्यार और समर्थन आपके साथ है। मैं आशा करता हूँ कि आपकी माताजी जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएँ।” वहीं उनकी बहन प्रियंका गाँधी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता जी के अस्वस्थ होने का समाचार प्राप्त हुआ। इस घड़ी में हम सब उनके साथ हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूँ कि उन्हें जल्द स्वास्थ्य लाभ मिले।”

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने अस्पताल के भीतर अपनी 100 वर्षीय माँ से मुलाकात भी की है, जिन्हें ‘UN Mehta Institute of Cardiology and Research Centre’ में भर्ती कराया गया है। हीराबेन मोदी गुजरात की राजधानी गाँधीनगर में अपने सबसे छोटे बेटे पंकज मोदी के साथ रायसेन स्थित वृन्दावन बँगला-2 में रहती हैं। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के कैलाशनाथन पहले ही अस्पताल पहुँचे हुए थे और अस्पताल की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी

बता दें कि 1 दिन पहले कर्नाटक के मैसूर में नरेंद्र मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी की मर्सिडीज कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उस समय कार में उनके और उनकी पत्नी के अलावा उनके बेटे-बहू और पोता भी था। उनके पोते के पाँव में फ्रैक्चर आ गया था। JSS अस्पताल में घायलों का उपचार हुआ। प्रह्लाद मोदी 2001 में स्थापित ‘All India Fair Price Shop Dealers Federation’ के अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया था कि पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी से उनकी एक बार भी मुलाकात नहीं हुई है।