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समुद्र से भेदा 400km का लक्ष्य, ध्वनि से 3 गुना अधिक रफ्तार: सुपरसोनिक BrahMos मिसाइल के नए वर्जन की टेस्टिंग सफल, सुखोई-30MKI से लगाया गया निशाना

भारतीय वायुसेना ने गुरुवार (29 दिसंबर 2022) को ब्रह्मोस एयर लॉन्च मिसाइल के विस्तारित रेंज संस्करण का सुखोई-30MKI फाइटर प्लेन से सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह मिसाइल हवा से शिप पर हमला का वैरिएंट है। इस मिसाइल से 400 किलोमीटर के दायरे में किसी भी युद्धपोत को बर्बाद कर डुबोया जा सकता है।

इस टेस्टिंग के साथ ही भारतीय वायुसेना ने सुखोई लड़ाकू विमान से जमीन या समुद्र में लंबी दूरी के लक्ष्य को साधने की क्षमता हासिल कर ली है। इसके साथ ही ब्रह्मोस मिसाइल की इस संस्करण से सुखोई लड़ाकू विमान की भी मारक क्षमता बढ़ गई है।

IAF ने ट्वीट किया, “बंगाल की खाड़ी में एक Su-30 MKI विमान से एक जहाज के लक्ष्य के खिलाफ एक सटीक हमला करते हुए, मिसाइल ने वांछित मिशन उद्देश्यों को प्राप्त किया।” परीक्षण के दौरान भारतीय वायुसेना के साथ रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO), भारतीय नौसेना, ब्रह्मोस एयरोस्पेस और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स भी शामिल थे।

इससे पहले 30 नवंबर 2022 को भारतीय सेना ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया था। सेना की पश्चिमी कमान ने मिसाइल के विस्तारित रेंज संस्करण का परीक्षण किया था।

ब्रह्मोस मिसाइल हवा में ही रास्ता बदलने में सक्षम है। इसके साथ ही यह चलते-फिरते लक्ष्य को भी ध्वस्त कर सकता है। यह मिसाइल दुश्मन के राडार को धोखा देने में सक्षम है। इतना ही नहीं, यह किसी भी अन्य मिसाइल पहचान प्रणाली को धोखा दे सकता है। इसे मार गिराना लगभग असंभव कहा जाता है। 

बता दें कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत और रूस का एक संयुक्त उद्यम है, जो भारत में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों का उत्पादन करता है। इस मिसाइल को पनडुब्बियों, जहाजों, विमानों या जमीन से लॉन्च किया जा सकता है। एक ब्रह्मोस मिसाइल 2.8 मैक या ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना गति से यात्रा करती है।

ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण भारत द्वारा ओडिशा के एपीजे अब्दुल कमल द्वीप से परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 के सफल परीक्षण के कुछ दिनों बाद आया है। अग्नि-5 मिसाइल 5,000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकती है। इसके साथ ही यह एक साथ 10 लक्ष्यों पर हमले कर सकती है।

दरअसल, खतरे को देखते हुए भारत सरकार अपनी मिसाइलों के रेंज को बढ़ा रही है। भारतीय वायुसेना सुखोई-30MKI लड़ाकू विमानों में ब्रह्मोस मिसाइलें तैनात कर रही हैं। इन्हें आगे मिग, तेजस और राफेल आदि फाइटर जेट्स में भी लगाने की योजना है। इसके अलावा पनडुब्बियों पर तैनात करने के लिए भी इसके नए संस्करण पर काम जारी है।

सोनू नाम बताकर फँसाया, जूस में नशा देकर रेप किया: हिंदू महिला की शिकायत पर जिम मालिक इंतजार खान गिरफ्तार, पुलिस ने अब्बा और भाई को भी हिरासत में लिया

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र में जिम संचालक इंतजार खान को हिंदू महिला के साथ रेप करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इंतजार खान ने खुद को सोनू बताकर इस घटना को अंजाम दिया। आरोपित इंतजार महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव दे रहा था और उसके इस काम में अब्बा व भाई दोनों उसका साथ दे रहे थे। युवती की शिकायत पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पत्रकार अनुराग चड्डा ने इस संबंध में वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कहा, ”इंतज़ार ख़ान ने सोनू बताकर जिम मैनेजर को शादी का झाँसा दिया फिर किया रेप, अब आरोपित इंतज़ार और उसका साथ देने वाले भाई और पिता दोनों नोएडा से गिरफ़्तार।”

आरोपित इंतजार शाहबेरी का रहने वाला है। दरअसल उसने पीड़िता को जून 2022 में मैनेजर की नौकरी पर रखा था। इस दौरान उसने अपना नाम सोनू बताया था। कुछ दिनों बाद दोनों करीब आ गए। आरोपित पीड़िता को शादी का झांसा भी देता था। एक दिन इंतजार ने जूस में नशीला पदार्थ मिला कर उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिनों बाद युवती को पता चला कि इंतजार खान सोनू नहीं है।

वह उससे अपने धर्म के बारे में झूठ बोल रहा था। उसने विरोध करना शुरू किया तो आरोपित अपने पिता अब्बास अली और भाई सोहेल अली के साथ उसका जबरन धर्म परिवर्तन करने का प्रयास करने लगा।महिला की शिकायत पर नोएडा पुलिस तुरंत एक्शन में आई और आरोपित के साथ उसके पिता और भाई को गिरफ्तार किया। आरोपित शाहबेरी में एएसआर जिम चलाते हैं।

वहीं सेन्ट्रल नोएडा के ADCP साद मियां खान ने बताया, ”थाना बिसरख पर एक सूचना प्राप्त हुई थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि वह एक जिम में इंतजार नाम के युवक के संपर्क में आई। उसने शुरू में अपनी पहचान छुपाई और अपना नाम सोनू बताया। पीड़िता ने ये भी बताया कि उसके साथ इंतजार ने रेप किया है। उसके खिलाफ संबधित धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है। उसके खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत भी मुकदमा दर्ज करवाया गया है। साथ ही तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।”

अंजलि बन पहली शादी, फिर निकाह कर हुई अफसाना, तीसरी शादी के बाद बनी भव्या: दूसरे पति के साथ देख तीसरे ने पेट में चाकू घोंपा

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 26 दिसंबर 2022 को एक महिला की लाश मिली थी। इसकी पहचान 35 वर्षीय भव्या शर्मा के तौर पर हुई। अब यह पता चला है कि उसकी हत्या उसके पति विनोद शर्मा ने ही की थी। विनोद उसका तीसरा पति था। उसने भव्या को अनीस के साथ देखने के बाद चाकू घोंप दिया था। अनीस उसका दूसरा पति था। पुलिस ने विनोद को गिरफ्तार कर लिया है। यह बात भी सामने आई है कि भव्या ने धर्म बदलकर तीन बार शादी की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भव्या ने जो तीन शादी की उनमें से दो हिंदू युवक से और एक मुस्लिम से। तीनों ही लव मैरिज थी। इसके लिए उसने तीन बार अपना धर्म बदला था। वह बिहार सीतामढ़ी की रहने वाली थी, लेकिन बाद में उसका परिवार गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार में शिफ्ट हो गया था। पहली शादी के लिए वह बेबी से अंजलि बानी थी। पहली शादी 2004 में दिल्ली के रहने वाले योगेंद्र कुमार से हुई थी। दोनों का एक बेटा भी है। फिर 2017 में अनीस के साथ उसने निकाह किया और अफसाना बन गई। अनीस से उसका एक बेटा आदिल है। इसके बाद उसने 2019 में उसने गुरुग्राम के विनोद शर्मा से तीसरी शादी की और भव्या बन गई। वह, आदिल और विनोद साथ रहते थे।

गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के वृंदावन एन्क्लेव में 26 दिसंबर को शव मिलने के बाद पहले तो विनोद ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। फिर उसने पुलिस को बताया कि वह आयुर्वेदिक दवाओं की सप्लाई चेन से जुड़ी हुई थी। 25 दिसंबर को भव्या इंदौर से लौटी और रात में उन दोनों ने साथ में शराब पी। इसके बाद वह 26 दिसंबर की सुबह बिस्तर पर मृत पाई गई। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के पेट के निचले हिस्से में चाकू के निशान मिले थे। इसलिए विनोद को दोबारा बुलाकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह कबूल लिया।

उसने बताया कि भव्या के पैसों से ही घर चलता था। वह आदिल को स्कूल छोड़ने से लेकर घर के सारे काम किया करता था। उसकी पत्नी काम के सि​लसिले में अक्सर बाहर ही रहती थी। इसी बीच 24 दिसंबर की रात विनोद ने भव्या से वीडियो कॉल पर बातचीत की, जिसमें उसने उसके दूसरे शौहर अनीस को देखा। अनीस ने विनोद को धमकी दी कि वह गाजियाबाद छोड़कर चला जाए, नहीं तो उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा। यह सुनते ही विनोद आगबबूला हो गया। इसके बाद जब भव्या 25 दिसंबर 2022 को घर लौटी, तो उसने सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या कर दी। इस दौरान उसने बेटे आदिल को बाजार से सामान लेने के लिए भेज दिया था। उसके घर आने तक सारे सबूत मिटा दिए।

जब आदिल घर लौटा तो विनोद ने ​कहा कि मम्मी सो गई है। उसे परेशान मत करना। इसके बाद विनोद ने कॉल कर वियजनगर थाना पुलिस को भव्या के मरने की सूचना दी। उसे लग रहा था कि सभी सबूत मिटाने के बाद पुलिस उस तक पहुँच नहीं पाएगी। इसलिए शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह किया, लेकिन बाद में पुलिस की सख्ती से टूट गया और जुर्म कबूल कर लिया।

बिहार के जिन गाँवों में कुछ साल पहले गिनती के थे मुस्लिम, वहाँ अब हिंदू बचे नहीं: बांग्लादेशियों से बदला सीमांचल, रिपोर्ट में दावा- खरीद रहे जमीन

बिहार के सीमावर्ती जिलों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों का दबदबा इस कदर बढ़ गया है कि वहाँ के हिंदू पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। सीमांचल कहलाने वाले बिहार के इन जिलों में बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं के कारण बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय बदलाव हुए हैं, जिनके कारण इन इलाकों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं।

बता दें कि बांग्लादेश और नेपाल की सीमा से सटे बिहार के किशनगंज, अररिया, कटिहार और पूर्णिया को सीमांचल के नाम से जाना जाता है। यहाँ हिंदुओं की आबादी तेजी से कम हुई है। किशनगंज में तो हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके हैं।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, 1951 से 2011 तक देश की कुल आबादी में मुस्लिमों की साझेदारी चार प्रतिशत बढ़ी है। इसी अवधि में सीमांचल में यह आँकड़ा लगभग 16 प्रतिशत है। इन जिलों में बंगाल के रास्ते बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के आकर बसने का सिलसिला जारी है।

बता दें कि नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश में भी स्थिति कमोबेश यही है। वहाँ सीमा पर अवैध मजारों का बड़े पैमाने पर जाल फैलाकर जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इन सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफिक बदलाव हुए हैं। इसको लेकर ऑपइंडिया ने ग्राउंड रिपोर्टिंग की एक पूरी श्रृंखला की है।

बिहार के सीमांचल की बात करें तो यहाँ के हर जिले में मुस्लिमों की आबादी तेजी से बढ़ी है। इस कारण हिंदुओं की आबादी का प्रतिशत घटा और कुछ तो पलायन कर गए। साल 2011 की जनगणना के अनुसार, किशनगंज में मुस्लिमों की जनसंख्या 67.58 प्रतिशत हो गई है। यहाँ हिंदू अब सिर्फ 31.43 प्रतिशत बचे हैं।

कटिहार में मुस्लिमों की आबादी 44.47 प्रतिशत, अररिया में 42.95 प्रतिशत और पूर्णिया में 38.46 प्रतिशत हो चुकी है। सीमांचल के कई ऐसे जिले हैं, जहाँ हिंदू अल्पसंख्यक हो गए और बाद में प्रताड़ना से तंग आकर वहाँ से पलायन कर गए। अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड के रामपुर गाँव के हिंदू पलायन कर दोगाँछी गाँव चले गए। यहाँ हिंदुओं की आबादी थोड़ी अधिक है।

कहा जाता है कि इलाके में मुस्लिम अपनी जनसंख्या बढ़ाने के लिए ना सिर्फ बांग्लादेशियों को बसाने में मदद करते हैं, बल्कि उनके लिए दस्तावेज आदि का भी प्रबंध करते हैं। वहीं, हर मुस्लिम अधिक से अधिक बच्चे पैदा कर मुस्लिम दबदबा बढ़ाने में व्यक्तिगत तौर पर अपना योगदान देना नहीं भूलता है।

एक-एक मुस्लिम महिला के 14 तक बच्चे हैं। वहीं, सामान्य तौर पर सबसे कम बच्चे वाली मुस्लिम महिला के भी पाँच बच्चे होते हैं। इसी तरह अगर एक मुस्लिम की दो बीवियाँ भी हैं तो उसके औसतन एक दर्जन बच्चे हो गए। अगर किसी गाँव में 20 मुस्लिम पुरूष हैं तो औसतन 250 बच्चे हो गए। इस तरह अगले 10 सालों में आबादी का पूरा सेनेरियो ही बदल जाएगा।

बता दें कि बांग्लादेश और अब तो बर्मा के रोहिंग्या पश्चिम बंगाल में घुसते हैं और वहाँ से देश के अन्य हिस्सों में जाकर बस जाते हैं। जहाँ-जहाँ मुस्लिम आबादी अधिक होती है, वहाँ-वहाँ इन अवैध घुसपैठियों को प्रश्रय मिलता है।

डेमोग्राफी में बदलाव होने के साथ ही सीमांचल के ये सारे जिले राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन गए हैं। साल 2017 में बांग्लादेश सीमा पर एक सुरंग का पता चला था। वह बांग्लादेश की ओर से 80 मीटर भूमि की खोदाई कर कंटीले बाड़ के नीचे से भारतीय सीमा में पहुँचाई गई थी। स्पष्ट है कि वह सुरंग घुसपैठ के लिए बनी थी।

यहाँ घुसपैठ कराने से लेकर उनके जाली दस्तावेज बनवाने से लेकर उन्हें बसाने तक के लिए तस्करों का एक पूरा गिरोह काम करता है। समय-समय पर ये तस्कर पकड़े भी जाते हैं, लेकिन उनके सिंडिकेट को तोड़ पाना आसान नहीं है। इनकी पैठ बांग्लादेश और नेपाल में बैठे मुस्लिमों तस्करों तक होती है और उनके साथ मिलकर ये ऑपरेट करते हैं।

PM मोदी की माँ की सेहत में सुधार, अस्पताल ने बयान जारी कर बताया: साँस लेने में तकलीफ के बाद हीराबेन को कराया गया था भर्ती

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माँ हीराबेन की हालत में सुधार हो रहा है। अस्पताल ने प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी है। इसके पहले प्रधानमंत्री के बड़े भाई सोमभाई मोदी ने भी माँ की हालत में सुधार की जानकारी दी थी।

प्रधानमंत्री की माँ हीराबेन को साँस लेने में परेशानी के बाद बुधवार (28 दिसंबर, 2022) की सुबह अहमदाबाद के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अस्पताल में अपनी माँ को देखने के लिए पहुँचे थे। उन्होंने डॉक्टरों से मुलाकात कर माँ की सेहत के बारे में जानकारी हासिल की थी। वहीं गुरुवार को अस्पताल की तरफ से जारी एक लाइन की प्रेस नोट में हालत में सुधार होने की बात कही गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमभाई मोदी ने कहा था कि उनकी माँ की सेहत में सुधार हो रहा है। उन्होंने सुबह में अस्पताल की तरफ से दिया गया तरल आहार ग्रहण किया था। साथ ही संकेत कर बैठाने के लिए कहा था। सोमभाई ने बताया था कि कुछ जरूरी जाँच के बाद अस्पताल डिस्चार्ज संबंधी निर्णय लेगा।

इस बीच गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल भी प्रधानमंत्री की माँ का हाल चाल जानने गुरुवार को अस्पताल पहुँचे। उन्होंने इलाज कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात की और उनकी सेहत का हाल जाना। बुधवार को भी हीराबेन को अस्पताल में दाखिल कराए जाने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत गुजरात भाजपा के कई नेता और विधायक अस्पताल पहुँचे थे।

हीराबेन मोदी गुजरात की राजधानी गाँधीनगर में अपने सबसे छोटे बेटे पंकज मोदी के साथ रायसेन स्थित वृन्दावन बँगला-2 में रहती हैं। 18 जून, 1923 को जन्मीं हीराबेन मोदी ने इसी वर्ष अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश किया है। उनको अस्पताल में दाखिल किए जाने से एक दिन पहले कर्नाटक से पीएम मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी के कारण एक्सीडेंट की खबर आई थी।

‘बेशरम रंग’ में दीपिका की बिकिनी का कलर बदलेगा, सेंसर बोर्ड ने शाहरुख खान की ‘पठान’ में कई बदलाव के दिए निर्देश

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की फिल्म ‘पठान’ अपने ‘बेशरम रंग’ गाने को लेकर रिलीज से पहले ही खासा विवादों में रही। सेंसर बोर्ड ने हालिया विवाद को देखते हुए मेकर्स को फिल्म और इसके गाने में बदलाव करने का निर्देश दिया है।

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने गुरुवार (29 दिसंबर 2022) को कहा कि बोर्ड ने शाहरुख खान की फिल्म पठान के निर्माताओं को फिल्म में गाने सहित कई बदलाव करने का निर्देश दिया है। जोशी ने एक बयान में कहा कि सीबीएफसी ने प्रोडक्शन बैनर यशराज फिल्म्स को बोर्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार एक्शन थ्रिलर फिल्म पठान (Pathan) में संशोधन करने के लिए कहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ‘पठान’ हाल ही में सर्टिफिकेशन के लिए CBFC एग्जामिनेशन कमेटी गई थी। CBFC गाइडलाइंस के हिसाब से फिल्म को बारीकी से देखा गया। इस दौरान कमेटी ने मेकर्स को फिल्म में बदलाव करने का निर्देश दिया। ये बदलाव फिल्म के गानों को लेकर भी है। इसके साथ ही बोर्ड ने ‘पठान’ के 25 जनवरी 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होने से पहले उसके संशोधित संस्करण को सीबीएफसी के सामने प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

‘वास्तविकता से ध्यान न भटकाया जाए’

सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी (Prasoon Joshi) ने अपने बयान में कहा, “सीबीएफसी का उद्देश्य रचनात्मकता और दर्शकों की भावनाओं के बीच संतुलन बनाना है और उसी के अनुसार विवाद का समाधान खोजना है। मैं यह फिर से दोहराना चाहूँगा कि हमारी संस्कृति और आस्था गौरवशाली, जटिल और सूक्ष्म है। हमें सावधान रहना होगा। इसे किसी ऐसे किस्से-कहानी के जरिए परिभाषित ना किया जाए, जो सच और वास्तविकता से ध्यान भटकाए।” जोशी ने आगे कहा, “जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि क्रिएटर्स और दर्शकों के बीच विश्वास को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। क्रिएटर्स को इसी दिशा में काम करना चाहिए।”

नरोत्तम मिश्रा, हिंदू संगठनों और उलेमा बोर्ड ने आपत्ति जताई

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, हिंदू संगठनों, एक्टिविस्ट दानिश खान और उलेमा बोर्ड के अलावा कई लोगों ने दीपिका पादुकोण के बेशरम रंग गाने में भगवा बिकनी पहनने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने इस कृत्य को हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया था। साथ ही फिल्म के गाने के दृश्यों में बदलाव की माँग की थी। अयोध्या के महंत परमहंस आचार्य ने कहा था​ कि अगर शाहरुख उन्हें मिल गया, तो वह उसे जिंदा जला देंगे। इसके साथ ही महंत राजू दास और परमहंस आचार्य ने दर्शकों से अपील की थी कि वे सनातन धर्म का अपमान करने वालों की फिल्म को किसी भी थिएटर में रिलीज ना होने दें

​’हमारे हाथों होगा इन जिहादियों का वध’

महंत परमहंस आचार्य ने चुनौती देते हुए कहा था, “अगर सनातन धर्म का अपमान करोगे, तो तुम्हें सजा-ए-मौत देने के लिए हम लोग तैयार हो गए हैं।” उन्होंने कहा था, “हमारे प्रभु श्रीराम ने राक्षसों का वध किया। भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षसों का वध किया। अब वैसे ही साधु-संत, जो सनातन विरोधी जिहादी हैं, इनका वध करने के लिए तैयार हैं। अगर ‘पठान’ फिल्म को रिलीज होने से नहीं रोका गया, तो निश्चित रूप से हमारे हाथों ​इन जिहादियों का वध होगा।”

अब कहीं से भी गृह क्षेत्र में डाल सकेंगे वोट, चुनाव आयोग का रिमोट वोटिंग सिस्टम तैयार: राजनीतिक दलों की सहमति के बाद हो सकेगा इस्तेमाल

भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने अपने मतदान क्षेत्र से दूर रहने वाले लोगों को मतदान के लिए रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (RVM) नाम से एक रिमोट वोटिंग सिस्टम तैयार किया है। इसकी मदद से किसी दूसरे शहर और राज्य में रहने वाला वोटर अपने विधानसभा या लोकसभा चुनावों में वोट डाल सकेगा। इसके लिए उसे अपने घर नहीं आना पड़ेगा।

चुनाव आयोग ने इसके बारे में गुरुवार (29 दिसंबर 2022) को जानकारी दी। आयोग ने यह भी बताया कि 16 जनवरी 2023 को सभी राजनीतिक दलों को RVM का लाइव डेमोन्स्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इसके बाद सभी राजनीतिक दलों से इसको लेकर सुझाव माँगे जाएँगे। इसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ेगा।

बता दें कि अगले साल 2023 में जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम, तेलंगाना और राजस्थान शामिल हैं। इसके अलावा, साल 2024 में लोकसभा के भी चुनाव होंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि देश के युवा और शहरी मतदाताओं में वोट डालने को लेकर प्रतिबद्धता कम देखी जाती है। इसलिए मतदान में इनकी भागीदारी को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके कारण पढ़ाई-लिखाई और नौकरी के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले लोग वोट डाल सकेंगे। एक अनुमान के मुताबिक, देश में 45 करोड़ लोग दूसरे राज्यों में रह रहे हैं। इसका सेंट्रलाज्ड डेटा मौजूद नहीं है।

चुनाव आयोग ने कहा कि वह गृह क्षेत्र से दूर मतदान सुविधा प्रदान करने वाले बहु-निर्वाचन क्षेत्र रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को प्रायोगिक तौर पर शुरू करने के लिए तैयार है। IIT मद्रास की मदद से बनाई गई ईवीएम का यह संशोधित रूप एक एकल रिमोट पोलिंग बूथ से 72 विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों पर मतदान करा सकता है। 

बता दें कि 1977 में चुनाव आयोग ने हैदराबाद स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। संस्थान ने भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड, बेंगलुरु के साथ मिलकर साल 1979 में इसका प्रोटोटाइप विकसित किया। उसके बाद चुनाव आयोग ने 1980 में इसे राजनैतिक दलों के सामने पेश किया।

इसका पहला प्रयोग 1982 में केरल के चुनावों में किया गया था। 1998 में मध्य प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में सीमित संख्या में किया गया था। 2001 के बाद सभी विधानसभा चुनावों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। 2004 में हुए लोकसभा चुनावों में 543 संसदीय क्षेत्रों में मतदान के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था।

EVM के बाद से मतदान करने और वोटों की गिनती की प्रक्रिया आसान हुई है। हालिया दिनों में चुनावों के प्रति युवाओं और शहरी लोगों के घटते रुझान की वजह से लंबे समय से रिमोट इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की आवश्कता महसूस की जा रही थी। अगर इसे लागू कर दिया जाता है तो यह मतदान प्रक्रिया में अहम सुधार होगा।

चीन की महिला ‘जासूस’ की तलाश, 2 साल से गया में थी अब हो गई है ‘गायब’: टारगेट पर दलाई लामा, मंदिरों की सुरक्षा बढ़ी

बिहार की बोधगया पुलिस एक चीनी महिला की खोज कर रही है। इस महिला पर आरोप है कि यह दलाई लामा की जासूसी कर रही थी। पुलिस ने इस महिला को पकड़ने के लिए उसका स्केच बनवाकर अलर्ट जारी किया है। महिला का नाम Song Xiaolan है। वह लंबे समय से भारत की अलग-अलग जगह में रह रही थी लेकिन कुछ दिन पहले यह अचानक गायब हो गई।

चीनी महिला की तलाश

जानकारी के मुताबिक, बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा काल चक्र पूजा के सिलसिले में इन दिनों बिहार के बोधगया में ठहरे हुए हैं। इसी बीच बोधगया में रह रही यह चीनी महिला की जानकारी पुलिस को मिली। छानबीन में पुलिस ने इसे गायब पाया। इसके गायब होने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस को शक है कि महिला जासूसी करने के लिए ही भारत में थी। सुरक्षा एजेंसियों ने महिला की तलाश के लिए स्केच जारी किया है।

चीनी महिला का नाम सॉन्ग शियाओलॉन सामने आया है। मिली जानकारी बताती है कि यह महिला 2 सालों से बोधगया समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रही थी, पर कुछ समय पहले यह अचानक गायब हुई और इसका अब तक कोई पता नहीं चल सका है। बताया यह भी जा रहा है कि चीनी महिला के रहने को लेकर फॉरेन सेक्शन में भी कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ चौकन्नी हो गई हैं और महिला की तलाश की जा रही है। इसके लिए महिला का स्केच भी जारी कर दिया गया है।

चीनी महिला को लेकर गया की एसएसपी हरप्रीत कौर ने कहा है कि ऐसे इनपुट मिले कि चीनी महिला गया में रह रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने चीनी महिला का एक स्केच भी जारी किया है। हम चीनी महिला को लोकेट करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि महिला के चीनी जासूस होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता।

आपको बता दें कि कालचक्र पूजा के सिलसिले में धर्मगुरु दलाई लामा इन दिनों बिहार के बोधगया में हैं। कालचक्र पूजा को बौद्ध श्रद्धालुओं का महाकुंभ कहा जाता है। इसमें बौद्ध भिक्षु आध्यात्मिक अभ्यास करते हैं। दलाई लामा एक महीने तक कालचक्र पूजा के सिलसिले में यहाँ ठहरने वाले हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह चीनी महिला चीन के ईशारे पर दलाई लामा की जासूसी करने की कोशिश कर रही थी। खुफिया इनपुट मिलने के बाद तिब्बत मंदिर से लेकर महाबोधि मंदिर तक सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

‘आत्मरक्षा के लिए हिंदू घरों में सब्जी काटने वाले चाकू को तेज कराकर रखें’: भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा के बयान पर कॉन्ग्रेस ने कर्नाटक में दर्ज कराई FIR

मध्य प्रदेश के भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (BJP MP Sadhvi Pragya Singh Thakur) द्वारा अपनी सुरक्षा के लिए घर में चाकू रखने की बात कहने के कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ कर्नाटक के शिवमोगा जिले के कोटे में मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को हिंदू जागरण वेदिके नाम के संगठन के दक्षिणी क्षेत्र के वार्षिक सम्मेलन को आमंत्रित किया गया था। 25 दिसंबर को हिंदू कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद ने कहा कि हिंदुओं को उनकी गरिमा पर हमला करने वालों के खिलाफ जवाब देने का अधिकार है।

सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कर्नाटक के बजरंग दल कार्यकर्ता हर्ष की नृशंस हत्या को याद करते हुए कहा कि हर्ष और कई अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं की चाकुओं से गोदकर हत्या की गई है। उन्होंने भीड़ से आग्रह किया था कि जो लोग उन पर हमला करने की हिम्मत करते हैं, उन्हें मुँहतोड़ जवाब देने के लिए घर में सब्जी काटने वाला तेज चाकू रखें।

उन्होंने कहा था, “अपनी लड़कियों को सुरक्षित रखो। अपनी लड़कियों को संस्कारित करो। अपने घर में हथियार रखो। कुछ नहीं तो सब्जी काटने वाला चाकू ही तेज रखो। मैं स्पष्ट बोल रही हूँ कि हमारे घरों में भी सब्जी काटने का हथियार तेज होना चाहिए।”

हर्षा की घटना को याद करते हुए साध्वी ठाकुर ने कहा, “उन्होंने चाकू से हमारे हर्षा को गोदा था। उन्होंने हमारे हिंदू वीरों भाजपा, बजरंग दल और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को चाकुओं से गोदा है। तो हम भी सब्जी काटने वाले चाकुओं को जरा तेज कर लें। पता नहीं कब कैसा मौका आए। जब हमारी सब्जी अच्छे से कटेगी तो हमारे दुश्मनों के सिर और मुँह भी अच्छे से कटेंगे।”

उन्होंने आगे कहा था, “आत्मरक्षा का तो सबको अधिकार है। अगर हमारे देश में, हमारे घर में कोई घुस आता है… आक्रमण करता है तो आक्रमण का उत्तर देना भी हमारा कर्तव्य है। अगर हमारी मान-मर्यादा पर कोई आक्रमण करता है तो उसका जवाब देना भी हमारा अधिकार है।”

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान को लेकर शिवमोगा जिला कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एचएस सुंदरेश ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A, 153B, 268, 295A, 298, 504 और 508 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। .

यहाँ बताना आवश्यक है कि जिस हर्षा की बात सांसद साध्वी कर रही थीं, उनकी हत्या 22 फरवरी 2022 को शिवमोगा में निर्मम तरीके से कर दी गई थी। 26 वर्षीय हिंदू कार्यकर्ता हर्षा पेशे से दर्जी थे और बजरंग दल के सदस्य थे। हर्षा ने कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब विवाद के दौरान प्रदर्शनों में भगवा शॉल ओढ़कर एक समान ड्रेस कोड की माँग थी।

सिर तन से जुदा, स्तन काटे, मांस नोचा… पाकिस्तान में 40 साल की हिंदू महिला की निर्मम हत्या, खेत में मिले शरीर के टुकड़े

पाकिस्तान के सिंध के शिंझोरो में बुधवार (28 दिसंबर 2022) को एक हिंदू महिला की निर्मम ढंग से हत्या कर दी गई। हत्यारों ने उनका सिर कलम किया और छाती को भी टुकड़ों में काट डाला। हिंदू महिला के साथ हुई इस भयावहता के बारे में पाकिस्तान की पहली हिंदू सीनेटर कृष्णा कुमारी ने बताया है। मृतिका की पहचान 40 साल की विधवा दया भील के तौर पर हुई है।

अपने ट्वीट में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की कृष्णा कुमारी ने लिखा, “40 साल की विधवा दया भील की निर्मम ढंग से हत्या कर दी गई। उनका शव बहुत बुरी स्थिति में बरामद हुआ। उनका सिर उनके धड़ से अलग था और सिर का सारा माँस नोचा जा चुका था। हम उनके शिंझोरो गाँव और शाहपुरचाखर गए।”

पार्टी की जियाला अमर लाल भील ने बताया कि शव के टुकड़े एक खेत से बुधवार को मिले। पुलिस ने मृतक महिला से जुड़ी जानकारी जुटा ली है। पोस्टमार्टम भी हो चुका है और आगे की जाँच की जा रही है।

पत्रकार गुलाम अब्बास शाह लिखते हैं, “विधवा महिला की इतनी निर्मम हत्या, सिंध के सिंझोरो में 40 साल की दया भील का शव बिन सिर के बरामद हुआ है। उनके शरीर से उसके मांस तक को नोच दिया गया। सिंध सरकार को जल्द आरोपितों को गिरफ्तार करना चाहिए। हम लोग इस निर्मम हत्या की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर नहीं शेयर कर सकते हैं।”

बता दें कि पाकिस्तान के सिंध में हुई दया भील की निर्मम हत्या के बाद जहाँ स्थानीय लोग सड़कों पर विरोध कर रहे हैं, वहीं ट्विटर पर उनके लिए इंसाफ की माँग उठ रही है। पाकिस्तान के कई नेताओं ने इस घटना को अपने ट्विटर पर शेयर किया है और कुछ ने इलाके का मुआएना भी किया है। स्थानीय पुलिस ने इस संबंध में बताया है कि महिला के शव से उसका सिर और ब्रेस्ट अलग थे और शरीर से उसकी खाल को छीला जा चुका था।