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‘मेरे बाल मत काटो’: शीजान खान ने दिखाए जेल में नखरे, मिली घर के खाने की छूट, सुरक्षा साथ में; तुनिशा के वकील ने कहा- कितनी लापरवाही है…

टीवी ऐक्ट्रेस तुनिशा शर्मा (Tunisha Sharma) की मौत के मामले में उसके पूर्व प्रेमी शीजान खान (Sheezan Khan) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, जेल में उसे घर का खाना खाने की छूट और सुरक्षा दी गई है। इसके अलावा, 2 जनवरी तक हिरासत में उसके बाल भी नहीं काटे जाएँगे।

मौत के लिए उकसाने के आरोपित शीजान खान ने महाराष्ट्र के पालघर जिले की एक अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि हिरासत में रहने के दौरान उसके बाल नहीं काटे जाएँ। अब 2 जनवरी तक शीजान के बाल नहीं काटे जाएँगे और आगे का फैसला जेलर के कहने के बाद लिया जाएगा।

तुनिशा शर्मा के वकील तरुण शर्मा ने आरोप लगाया कि जिस तरह से शीजान खान अपने बालों को महत्व दे रहा है, उससे पता चलता है कि जब बात तुनिशा की आती है तो उसके अंदर कितनी लापरवाही होती है। उसे आज भी सिर्फ अपने बालों की चिंता है।

तुनिशा के वकील ने इंडिया टुडे को बताया कि अदालत ने शीज़ान को घर का बना खाना और दवाइयाँ देने की अनुमति दी है। इसके साथ ही वह जेल नियमावली के तहत अपने परिवार के सदस्यों और वकीलों से मुलाकात कर सकता है। अदालत ने शनिवार को कहा कि जेल नियमावली के अनुसार शीजान को सुरक्षा भी दी जाएगी।

सुरक्षा के सवाल ने तरुण शर्मा ने बताया कि शीजान ने ‘लव जिहाद’ किया है, जिसके कारण वह जेल में है। यह वही शख्स है जिसने दावा किया था कि श्रद्धा वालकर-आफताब पूनावाला मामले से वह डर गया था। वह किस बात से डर गया था, यह सिर्फ वही जानता है।

बता दें कि वसई कोर्ट ने शीजान की 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। इससे पहले कोर्ट ने 28 दिसंबर 2022 को शीजान को दो दिन यानी 30 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा था। जब इसकी मियाद खत्म हो गई तो शनिवार (31 दिसंबर 2022) को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया था।

पुलिस ने शीजान की कोर्ट में पेशी के दौरान बताया कि शीजान अपने गूगल अकाउंट का पासवर्ड नहीं बता रहा है। उसके गूगल अकाउंट में फोटो, डॉक्यूमेंट, अन्य मेल ID जैसी चीजें है, जिसकी जाँच की जानी है। पुलिस के अनुसार, शीजान कह रहा था कि उसे अपना पासवर्ड याद नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आत्महत्या से पहले तुनिशा शर्मा पूर्व प्रेमी शीजान से मिली थी। उस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी। दोनों के बीच बहस का एक CCTV फुटेज भी पुलिस को मिला है। यह फुटेज तुनिशा की मौत से कुछ देर पहले का बताया जा रहा है।

नए साल पर RSS मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, नागपुर में कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था: तलाशी अभियान भी चलाया गया

महाराष्ट्र के नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय (RSS Headquarters) को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिसके बाद से पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात शख्स ने फोन करके यह धमकी दी है। धमकी के बारे में जानकारी मिलते ही पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है और फोन करने वाले का पता लगाया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जोन 3 के डीसीपी गोरख भामरे ने जानकारी दी कि नागपुर पुलिस कंट्रोल रूम में दोपहर एक बजे के करीब कॉल आया था। फोन पर शख्स ने आरएसएस हेडक्वाटर उड़ाने की धमकी दी है। इसके बाद आनन-फानन में संघ मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संघ मुख्यालय की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। मुख्यालय के आसपास हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

धमकी मिलने के बाद एहतियातन बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉयड को बुलाया गया। पूरे परिसर की सघन जाँच की गई। जाँच में फिलहाल किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। फोन करने वाले व्यक्ति के लोकेशन को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। हालाँकि पूरे मामले को लेकर महाराष्ट्र पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

आपको बता दें आरएसएस मुख्यालय में पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। यहाँ CRPF की एक टुकड़ी पहले से ही सुरक्षा में तैनात रहती है। साथ ही बाहरी सर्किल पर नागपुर पुलिस का सुरक्षा घेरा होता है। आरएसएस मुख्यालय के पास वीडियोग्राफी या फिर किसी भी तरह के ड्रोन उड़ाने पर सख्त मनाही है। इसके बाद भी धमकी भरे कॉल के बाद आरएसएस मुख्यालय की सुरक्षा और ज्यादा बढ़ा दी गई है।

‘हिंदुस्तानी फिल्म इंडस्ट्री पर पठानों का राज है’: पाकिस्तानी बच्चे ने PM मोदी को धमकाया, वीडियो देख बोले लोग – हमने देखा कैसे जहाज पर लटक कर काबुल से भाग रहे थे

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Shahrukh Khan) की फिल्म ‘पठान’ विवादों में घिरी हुई है। सोशल मीडिया पर बॉयकॉट बॉलीवुड के साथ बॉयकॉट पठान (Boycott Pathan) ट्रेंड चलाया जा रहा है। इस बीच इस फिल्म को लेकर पाकिस्तानी ‘बच्चे’ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ‘बच्चा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिंदुओं को धमकी देता दिखाई दे रहा है।

यह वीडियो ट्विटर पर ‘उर्दूवुड एक्सपोस्ड’ नामक ट्विटर अकाउंट द्वारा ट्वीट किया गया है। बीते दो दिनों में ही वीडियो को 58 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है। इस वीडियो में पाकिस्तानी ‘बच्चा’ धमकी देते हुए कह रहा है, “ओ मोदी तुमको क्या पता, पठान किस बला का नाम है। ये तुम्हारे बरगर बच्चे क्या जानते हैं? हिंदुस्तान में नरेंद्र मोदी की वजह से शाहरुख खान की जिंदगी मुश्किल में पड़ गई है।”

वह आगे कह रहा है, “यह बात पूरी दुनिया जानती है कि हिंदुस्तानी फ़िल्म इंडस्ट्री पर पठानों का राज है। यही बात नरेंद्र मोदी और हिंदू सेना से हजम नहीं होती। शाहरुख खान की पठान फिल्म रिलीज के लिए तैयार पड़ी है। लेकिन बीजेपी हुकूमत उसको रिलीज नहीं होने दे रही। क्योंकि उस फिल्म में जाफरानी कलर के कपड़े इस्तेमाल हुए हैं। इसे हिंदू अपना अपमान समझ रहे हैं।”

वीडियो में यह भी कहा गया है, “हालाँकि, यह कलर बहुत फिल्मों में इस्तेमाल हो चुका है। लेकिन हिंदू सेना को शाहरुख खान के खिलाफ और कोई मौका नहीं मिलता। अब मोदी सरकार ये चाहती है कि शाहरुख खान यह फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दे। लेकिन शाहरुख खान डटकर खड़ा है। ओ मोदी तुमको क्या पता पठान किस बला का नाम है। ये तुम्हारे बरगर बच्चे क्या जानते हैं?”

इस वीडियो के वायरल होने के बाद लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जिग्नेश नामक ट्विटर यूजर ने एक फोटो ट्वीट की है। इस फोटो में #BoycottPathan के साथ लिखा है, “आने दो पठान को बिकवा देंगे मकान को…। संघर्ष निरंतर जारी है, अब पठान की बारी है।”

यशपाल नामक यूजर ने लिखा, “खबीस के बच्चे, सभी ने देखा किस तरह पठान 2 साल पहले काबुल में अमेरिकी जहाजों पर लटक कर भागते हुए गिर कर मर गए। 200 वर्ष पहले, शिव भक्त महाराजा रणजीत सिंह ने सारे पठान मर्दों को सलवार पहना दी थी और बेचारे आज तक पहन रहे हैं. शाहरुख को भी हिंदू संगठित हो कर घाघरा पहना ही देंगे।”

निरंजन साहो नामक ट्विटर यूजर ने ट्वीट करते हुए कहा, “हाहाहाहा… साला खाने को दाना नहीं है, धमकी दे रहा है।”

अरित्र दास गुप्ता ने लिखा, “एक तो इन म्लेच्छों के पास खाने को कुछ नहीं है। यह कुपोषण से पीड़ित लग रहा है। बिरयानी एक एक टुकड़े को दिखाकर ये सब बुलवा लिया होगा इससे इसके एकाधिक बापों ने।”

पंकज नामक यूजर ने कहा, “बेटा पहले अंडे से तो निकल”

कुछ अन्य यूजर्स ने मीम शेयर करते हुए प्रतिक्रिया दी है:::

जैसे 7 सुरों का संगीत, वैसे ही 7 स से बनी ऑपइंडिया: आप पाठकों के संबल से और धारदार होगा 2023

सनातन। समर्पण। संदेश। साहस। संबंध। साख। संकल्प।

देखने को ये केवल शब्द मात्र हैं। जीने के लिए लेकिन मूलमंत्र। ऑपइंडिया इन्हीं मूलमंत्रों पर चलता है। सनातन के लिए समर्पण ही हमारा आधार है। धारा के विपरीत चलने का साहस रख संदेश पहुँचाना ही हमारा धर्म। साख पर आँच न आए और पाठकों के साथ संबंध बनाए रखना ही हमारा कर्तव्य। जारी प्रयासों में कुछ नया और बेहतर जोड़ेंगे, यही हमारा संकल्प।

भारत अगर है तो उसका मूल सनातन है। इसलिए हिंदू, हिंदुत्व, मंदिर, भारतीय सभ्यता-संस्कृति, राष्ट्र, राष्ट्रीय गौरव, विकसित होता भारत, सामाजिक संरचना – इन विषयों पर हम लिखते रहे हैं, लिखते रहेंगे। सनातन पर मंडरा रहे खतरों मसलन धर्मांतरण, आतंक, राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़, इतिहास से छेड़छाड़, मीडिया के मकड़जाल आदि मुद्दों को हम उठाते रहे हैं, इन्हें बेनकाब करते रहेंगे। यही सनातन के प्रति हमारा समर्पण रहा है, रहेगा।

“रुके न तू, थके न तू… झुके न तू, थमे न तू… सदा चले, थके न तू”

किशोरावस्था में जब यह कविता पढ़ी थी, तो मतलब सिर्फ इतना समझ में आया था कि याद करना है। हरिवंश राय बच्चन की कविता समझ कर याद भी कर ली थी। जिस मकसद के लिए कविता लिखी गई होगी, कर्तव्य-पथ पर उसे ही साहस कहते हैं – यह अब समझ चुका हूँ। ऑपइंडिया की पूरी टीम इसी साहस के साथ आप पाठकों तक संदेश पहुँचाती है। राष्ट्र-विरोधी हरकतों या गतिविधियों, हिंदू धर्म को नीचा दिखाने वाले कार्यों की हम रिपोर्ट करते हैं और यह हमसे अपेक्षित भी है। अपनों में से ही जब कोई पथभ्रष्ट हो जाता है, दिग्भ्रमित हो जाता है – साहस हम तब भी दिखाते हैं, रिपोर्ट कर वापस उन्हें रास्ते पर लाते हैं। ध्येय एक है, संदेश उसी के लिए। और उस रास्ते पर कोई नाम बड़ा नहीं – इसलिए साहस है, इससे कोई समझौता नहीं।

रावण महाज्ञानी था। इतना कि स्वयं प्रभु राम ने भी उसके ज्ञान का मान रखा। हुआ क्या लेकिन? क्या समाज ने रावण को आदर्श माना? कितने बच्चों का ‘रावण’ नाम सुना है आपने? साख जब चली जाती है, तो ज्ञान-बुद्धि-बल-पराक्रम सब रखा रह जाता है। ऑपइंडिया इस शब्द की महिमा को जानता है। जानता यह भी है कि इंसान ही यहाँ काम करते हैं, गलतियाँ हो सकती हैं। साख पर आँच आ जाए, ऐसी गलती नहीं हो… इसके लिए सतत प्रयास संपादकीय टीम करती रहती है। पाठकों के साथ संबंध और उनका भरोसा इसी साख पर टिका है। जब तक यह है, हमारा अस्तित्व है।

क्या होता अगर पाठक हमारे साथ न होते? गला-काट प्रतिस्पर्द्धा, करोड़ों-अरबों रुपए की थैली लिए मीडिया मठाधीशों से टक्कर, बिग-टेक कंपनियों के वामपंथी झुकाव में क्या ऑपइंडिया टिक पाता? क्या हम अपने आदर्शों और मूलमंत्रों के सहारे बाजार में खड़े रह पाते? नहीं। एकदम नहीं। एक कदम भी नहीं चल पाते। और यही सच्चाई है। पाठक ही हमारी रीढ़ हैं। पाठकों के दम पर ही हम साल 2022 की लड़ाई लड़ पाए। आप पाठकों के समर्थन से ही साल 2023 में कुछ नए मापदंड भी छुएँगे, कुछ नए और कुछ अनछुए, कुछ भूले-बिसरे विषयों को आपके सामने लाएँगे – यही हमारा संकल्प है।

आप सबका आभार ?
आपसे है ऑपइंडिया

सादर
अजीत झा, सुधीर गहलोत, अनुपम कुमार सिंह, जयन्ती मिश्रा, राहुल पांडेय, सुनीता मिश्रा, आकाश शर्मा, राजन कुमार झा, राहुल आनंद के साथ चंदन कुमार

सान्ता के वेश में ईसाई धर्मांतरण की कोशिश, पकड़े जाने के बाद कहने लगे ‘जय श्री राम’: हिन्दू संगठनों ने नाकाम किया कार्निवल में धर्म-परिवर्तन का मंसूबा

गुजरात के अहमदाबाद में जारी काँकरिया कार्निवल में सान्ता क्लॉज बनकर घूम रहे कुछ लोग हिंदू संगठनों के हत्थे चढ़ गए। इन लोगों पर सान्ता क्लॉज बनकर कार्निवल में ईसाई धर्म का प्रचार करने और लोगों को बरगलाने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों ने सान्ता के वेश में घूम रहे लोगों को मजा चखाते हुए उनसे इस तरह की हरकत न करने की बात कही। इसके बाद सान्ता बने एक शख़्स ने ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगाए।

मामला शुक्रवार (30 दिसंबर, 2022) का बताया जा रहा है। शाम के समय दोनों शख्स सान्ता बनकर कार्निवल में पहुँचे थे। हिंदू संगठन के लोगों ने इनपर सान्ता बनकर धर्म परिवर्तन के लिए लोगों को उकसाने और लोगों के ब्रेन वॉश का आरोप लगाते हुए उन्हें घेर लिया। लोगों का कहना है कि ये लोग कई दिनों से कार्निवाल आ रहे थे और सान्ता के वेश में ईसाई धर्म प्रचार के लिए मिशनरी की किताबें बाँट रहे थे। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लग गई और वे मौके पर पहुँचे। जिसके बाद ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे लोगों और संगठन कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई।

सोशल मीडिया पर सान्ता क्लॉज बने लोगों को खदेड़ने और पीटने का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं को यह कहते सुना जा सकता है कि चर्च में जाकर अपने धर्म का प्रचार करो, यहाँ आप लोगों का माइंडवॉश कर रहे हैं। ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यहाँ ये लोग सान्ता क्लॉज की ड्रेस में ईसाई धर्म का प्रचार करने वाली किताबें बेच रहे थे।

‘विश्व हिंदू परिषद’ के प्रवक्ता हितेंद्रसिंह राजपूत ने ‘दैनिक भास्कर‘ को बताया कि ईसाई मिशनरियों द्वारा पिछले चार दिनों से कार्निवल में ईसाई धर्म प्रचार की किताबें बेची जा रही थीं। सान्ता की ड्रेस में कुछ लोग यहाँ ईसाई धर्म का प्रचार कर धर्मांतरण गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को इसकी जानकारी मिली थी। जाँच में यह बात सही साबित हुई जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कार्निवल में धर्मांतरण से जुड़ी यह कोशिश रोक दी।

लोगों की नाराजगी और मजा चाखाए जाने के बाद सान्ता बने एक व्यक्ति ने हिंदू संगठन के लोगों के साथ ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। आपको बता दें कि अहमदाबाद के काँकरिया लेकफ्रंट पर कोरोना महामारी के कारण कार्निवाल का आयोजन नहीं हो पा रहा था। तीन साल बाद इस कार्निवाल का आयोजन हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्निवल में 30 दिसंबर तक विभिन्न कार्यक्रमों को देखने के लिए बारह लाख से ज्यादा लोग आ चुके हैं। यह कार्निवाल कल यानी 1 जनवरी, 2023 को समाप्त हो जाएगा।

रूस में सैनिकों की मौत के बाद भी गर्भवती हो सकेंगी उनकी पत्नियाँ, यूक्रेन युद्ध में गए फौजियों का स्पर्म फ्रीज करने का फैसला

रूस और यूक्रेन के बीच बीते 10 महीने से युद्ध जारी है। हालाँकि, इसके बाद भी इस युद्ध के खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं, रूस ने यूक्रेन में 3 लाख सैनिकों की तैनाती करने का ऐलान किया है। इससे यूद्ध के और भी भीषण हो सकता है। ऐसे में, रूसी सरकार ने स्वास्थ्य नियमों में बदलाव करते हुए सैनिकों को क्लीनिक में स्पर्म फ्रीज कराने की सुविधा दी है। यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क है।

समाचार एजेंसी टास ने रूसी वकील संघ के अध्यक्ष इगोर ट्रूनोव के हवाले से कहा है कि सरकार ने स्पर्म फ्रीज करने के लिए क्रायोबैंक में बायोमैटेरियल के भंडारण और सैनिकों के बच्चे न होने की बीमारी के इलाज के लिए वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रूसी महिलाएँ अपने पतियों को यूक्रेन में लड़ाई के लिए भेजने के लिए इस शर्त पर तैयार हैं कि उनके स्पर्म को सुरक्षित रखा जाए। इससे सैनिक की मौत के बाद भी वह स्पर्म के जरिए प्रेग्नेंट हो सकेंगीं। यह भी कहा जा रहा है कि यूक्रेन पर लगातार हमलों के बीच रूसी सेना को लगातार नुकसान हुआ है। इसलिए अब, रूस ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध तेज करने के लिए 3 लाख सैनिकों की तैनाती का फैसला किया है।

गौरतलब है कि स्पर्म फ्रीजिंग की माँग को लेकर सबसे पहले मोस्कोवस्कीज कोम्सोमोलेट्स अखबार ने बीबीसी के रूसी संवाददाता स्टीव रोसेनबर्ग के हवाले से दावा किया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध को आगे बढ़ाने के लिए स्पर्म फ्रीजिंग कर हैं।

उल्लेखनीय है कि इसी साल नवंबर में अमेरिकी जनरल मार्क मिले ने कहा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से (फरवरी से नवंबर तक) लगभग 100000 (एक लाख) रूसी सैनिक या तो मारे गए हैं या फिर घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि यूक्रेनी सेना को भी लगभग ऐसा ही नुकसान हुआ है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस युद्ध में कम से कम 10 हजार रूसी सैनिक मारे गए हैं।

हुगली नदी के नीचे से गुजरेगी मेट्रो ट्रेन, बन कर तैयार है देश की पहली अंडरवाटर सुरंग: 11 km है लंबाई, कश्मीर में बन रहा दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे पुल

देश में सबसे पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता में मेट्रो ट्रेन की शुरुआत हुई थी। अब देश के कई बड़े शहरों में मेट्रो पहुँच चुकी है। कोलकाता ने एक कदम और आगे बढ़ा दिया है। अब हुगली नदी की बहती जलधारा के नीचे से मेट्रो ट्रेन गुजरेगी। इसके लिए हुगली नदी के नीचे अंडरवाटर सुरंग बनाई गई है। इस रास्ते से दिसंबर 2023 से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।

कोलकाता में हुगली नदी के नीचे भारत की पहली अंडरवाटर सुरंग बनकर तैयार है। कोलकाता में मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कोरिडोर के तहत नदी में बनी देश की यह पहली सुरंग है। इस कॉरिडोर में दिसंबर 2023 में ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। यह सुरंग नदी तल से 13 मीटर और जमीन से 33 मीटर नीचे है। भारत में बन रही यह सुरंग साल्ट लेक के आईटी हब सेक्टर 5 को हावड़ा मैदान के पूर्वी हिस्से से जोड़ेगी।

इस सुरंग को बनाने में लगभग 120 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसकी कुल लंबाई करीब 10.8 किलोमीटर है। इसमें 520 मीटर हिस्सा पानी के अंदर से गुजरेगा, जिसे पार करने में मेट्रो ट्रेन को 45 सेकंड का वक्त लगेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरंग का आंतरिक व्यास (Diameter) 5.55 मीटर और बाहरी व्यास 6.1 मीटर है। सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। इस कॉरिडोर पर एस्प्लेनेड और सियालदह के बीच 2.5 किलोमीटर की दूरी पर कार्य प्रगति पर है जिसके पूरा होने के बाद अगले साल दिसंबर तक ट्रेनों का संचालन शुरू होने की संभावना है। यह सुरंग ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर का अहम भाग है। सुरंग को लंदन-पेरिस कोरिडोर की तरह तैयार किया जा रहा है।

कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शैलेश कुमार ने मीडिया से कहा है कि इस रास्ते से ट्रेनों का संचालन शुरू होने से इलाके में ट्रैफिक की समस्या से निजात मिलेगा। इसके अलावा हावड़ा और सियालदह के बीच के सफर में 90 मिनट की जगह 50 मिनट का ही समय लगेगा।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डोडा में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे ब्रिज बनाया जा रहा है। अब कोलकाता में नदी के अंदर सुरंग बना कर मेट्रो चलाने की तैयारी हो रही है। भारत पूरी दुनिया में इंजीनियरिंग के नायाब उदाहरण पेश कर रहा है।

केले के तने से बाँध देते हैं गायों को, ठंडे पानी में बहा कर ले जाते हैं बांग्लादेश: झारखंड के कई इलाकों में हो रही ऐसी तस्करी, बूचड़खानों में ले जाकर काट डालते हैं

झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में लगने वाले पशु बाजारों की आड़ में गौ-तस्करी का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहाँ की कुछ बाजारों से न सिर्फ देश के कुछ हिस्सों के बूचडखाओं को गायों की सप्लाई होती है, बल्कि बांग्लादेश तक अवैध तौर पर तस्करी की जा रही है। विदेश में गोवंश की तस्करी के लिए नदी के रास्ते का प्रयोग किए जाने की सूचना है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इसे पाप बताते हुए झारखंड पुलिस पर दलाली का आरोप लगाया है।

‘प्रभात खबर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, तस्करी के लिए गोवंश संथाल परगना के 3 बड़े बाजारों से खरीदा जाता है। इन पशु बाजारों के नाम मोहनपुर, हिरणपुर और दुमका हैं। लगभग 25 करोड़ रुपए साप्ताहिक टर्नओवर वाली इस बाजार से बिके जानवर बिहार के किशनगंज और अररिया के उन बूचड़खानों द्वारा खरीदे जाते हैं, जिनके पास लाइसेंस हैं। इसके अतिरिक्त यहीं से गोवंश सहित कई पशु अवैध तौर पर गंगा नदी के रास्ते बांग्लादेश भेज दिए जाते हैं।

नदी के रास्ते पशुओं को भेजने का तरीका बेहद दर्दनाक होता है, जिसमें उन्हें ठंडे पानी में केले के तने से बाँध दिया जाता है। इस दौरान पशुओं का मुँह सिर्फ साँस लेने के लिए बाहर निकला रहता है।

नदी मार्ग के अलावा इन पशुओं की तस्करी असम की सीमा से करवाई जाती है। यहाँ से अवैध तौर पर पशुओं को बांग्लादेश भेजने का रेट 52,000 रुपए प्रति जोड़ा बताया गया है। तस्कर बॉर्डर से लगभग आधे किलोमीटर दूर अपने ठिकाने बनाए होते हैं। तस्करी के इस रैकेट पर भाजपा सांसद मेनका गाँधी ने चिंता जताते हुए बताया है कि इस पूरे मामले में पुलिस की मिलीभगत होती है।

इससे पहले झारखंड के ही उत्तर-पूर्वी हिस्से में आने वाले गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक अन्य वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में उन्होंने गोतस्करों द्वारा बांग्लादेश भेजी जा रहीं 10,000 गायों को मुक्त करवाने का दावा किया था। घटना बुधवार (28 दिसंबर, 2022) की है जिसमें मोईनुद्दीन और अली अंसारी नामक दो आरोपितों को पुलिस के हवाले किया गया था। हालाँकि पुलिस ने 200 गायों को तस्करों के चंगुल से आज़ाद कराए जाने की बात स्वीकारी थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से 100-150 गायें होने की बात कही गई थी।

ट्विटर पर हुई पॉपुलर अकॉउंट True Indology की वापसी: वामपंथियों के प्रोपेगेंडे की कई बार लगा चुका था वाट, सच दिखाने की वजह से निशाने पर था

टेस्ला (Tesla) और स्पेएक्स (SpaceX) के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) के अधिग्रहण से पहले माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) पर पक्षपात करने और कुछ हैंडल को प्रतिबंधित करने के आरोप लगते रहे हैं। कंपनी का स्वामित्व बदलने के साथ ही ऐसे हैंडलों पर से प्रतिबंध हटाने की कवायद शुरू हो गई है। ऐसे ही एक हैंडल TrueIndology है, जिसे फिर से रिस्टोर कर दिया गया है।

TrueIndology को बहाल करने की जानकारी प्रसिद्ध लेखक आनंद रंगनाथन ने दी है। इस हैंडल की वापसी का स्वागत करते हुए रंगनाथन ने लिखा, “आपका स्वागत है @TrueIndology, नए साल का सबसे अच्छा तोहफा, जिसकी उम्मीद की जा सकती थी। झोलाछाप वामपंथियों और इतिहासकारों के अंत का शुरू हो गया है।”

ट्विटर के प्रबंधन में बदलाव के साथ ही पक्षपातपूर्ण नीतियों की समीक्षा हो रही है। इसकी जानकारी ट्विटर ने दी है। ट्विटर सेफ्टी ने इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट किया, “हमने ऐसी कई नीतियों की पहचान की है, जिनमें Twitter के नियमों को तोड़ने के लिए स्थायी निलंबन एक अनुचित कार्रवाई की गई थी।”

Twitter Safety ने आगे कहा, “हमने हाल ही में उन अकाउंट को बहाल करना शुरू किया है, जिन्हें इन नीतियों के उल्लंघन के कारण निलंबित कर दिया गया था और अगले 30 दिनों में साप्ताहिक रूप से और खातों में विस्तार करने की योजना है।”

ट्रूइंडोलॉजी एक प्रसिद्ध ट्विटर हैंडल है, जो वामपंथी और इस्लामवादियों की प्रोपेगेंडा को एक्सपोज करता रहा है। चाहे फर्जी समाचार हो, फर्जी इतिहास हो, हिंदुओं पर गलत आक्षेप हो या मुगलों का महिमामंडन, TrueIndolgy इनका फंडाभोड़ करता रहा है। यही कारण है कि वामपंथी बड़े पैमाने पर इस हैंडल को रिपोर्ट करते रहे हैं और सत्यता की जाँच किए बिना ट्विटर के पूर्व प्रबंधन द्वारा इसे सस्पेंड किया जाता रहा है।

जनवरी 2019 में NDTV की एक खबर को ट्रूइंडोलॉजी ने झूठा साबित किया था। एनडीटीवी ने अपनी खबर में बताया था कि जम्मू-कश्मीर के एक हिंदू बहुल गाँव ने एक मुस्लिम को जीता कर सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल कायम की है। इस पर यह हैंडल ने बताया था कि मुस्लिम बहुसंख्यक जम्मू-कश्मीर में कभी कोई हिंदू मुख्यमंत्री नहीं रहा।

इसी तरह की अप्रैल 2019 में एक फेक न्यूज का खुलासा ट्रूइंडोलॉजी ने किया था, जब द वायर की पत्रकार आरफ़ा खानम शेरवानी ने दावा किया था कि गोरखनाथ मंदिर को बनाने के लिए मुस्लिम नवाब आसिफ़-उद्-दौला ने जमीन दान की थी। तब ट्रूइंडोलॉजी ने आरफ़ा खानम के ट्वीट का फैक्ट-चेक कर बताया था कि यह मंदिर कम-से-कम 800 साल पुराना है, जबकि नवाब आसिफ़-उद्-दौला केवल सवा दो सौ साल पहले आया था।

इसी तरह की फर्जी खबरें और फर्जी इतिहास को ट्रूइंडोलॉजी एक्सपोज करता रहा है। इसके कारण यह वामपंथियों, इस्लामवादियों और फर्जी इतिहासकारों के निशाने पर रहा है। इन लोगों की रिपोर्ट के बाद ट्विटर पक्षपात करते हुए कई बार इस हैंडल को सस्पेंड कर चुका है। हालाँकि, नए प्रबंधन द्वारा ऐसी नीतियों की समीक्षा का हर जगह स्वागत हो रहा है।

‘बॉलीवुड ने भगाया, तो साउथ आ गए’ : जूनियर NTR की फिल्म में आमिर खान के दिखने की चर्चा, लोग बोले- साइड रोल ही मिलेगा

आमिर खान ने ‘लाल सिंह चड्ढा’ के फ्लॉफ होने के बाद फिल्मों से ब्रेक का ऐलान किया था। हालाँकि, अब ऐसा लगता है कि बॉलीवुड फिल्मों के बड़े पैमाने पर बॉयकॉट होने के बाद अब वह साउथ इंडियन फिल्मों के सहारे हिट होने की कोशिश में लगे हुए हैं। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि साउथ इंडिया की सुपरहिट फिल्म KGF के डायरेक्टर प्रशांत नील अपनी अगली फिल्म NTR31 में जूनियर एनटीआर के साथ आमिर खान को साइन करने की प्लानिंग कर रहे हैं।

प्रशांत नील फिलहाल, प्रभास और श्रुति हासन स्टारर फिल्म ‘सालार’ के डायरेक्शन में बिजी हैं। इसलिए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि NTR31 की शूटिंग सालार की शूटिंग के बाद ही शुरू होगी। इस फिल्म को लेकर प्रशांत नील ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इसका आइडिया उनके दिमाग में 20 साल पहले आया था। हालाँकि, तब बजट न होने के कारण उन्होंने अपना इरादा बदल दिया था।

कहा जा रहा है कि NTR31 पैन इंडिया रिलीज होगी। लोगों ने इस फिल्म की खबरें सुनने के बाद प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि बॉलीवुड से रिजेक्ट होने के बाद ये एक्टर साख बचाने के लिए साउथ का रुख करते हैं। कुछ का कहना है कि अगर एनटीआर के साथ फिल्म में आए तो या तो वो नेगेटिव रोल में होंगे या फिर किसी साइड कैरेक्टर में।

जानकारी के अनुसार, इस फिल्म को लेकर आमिर खान की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कुछ रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया है कि इस फिल्म के लिए आमिर को निगेटिव रोल ऑफर किया गया है। इससे पहले, लाल सिंह चड्ढा को लेकर आमिर खान को बहुत अधिक उम्मीदें थीं। हालाँकि, बॉयकॉट बॉलीवुड के चलते फिल्म फ्लॉफ हो गई थी। इस फिल्म के फ्लॉफ होने के बाद आमिर खान ने फिल्मों से ब्रेक लेने का ऐलान किया था।

आमिर ने कहा था, ”मैं बीते 35 सालों से लगातार काम कर रहा हूँ। पूरी तरह सिर्फ अपने काम पर फोकस किए बैठा हुआ हूँ। मुझे लगता है कि जो लोग मेरे करीब हैं, उनके लिए सही नहीं है। अब वो वक्त आया है, जहाँ मुझे लगता है कि कुछ दिनों की छुट्टी लेकर मुझे उनके साथ रहना चाहिए और लाइफ को अलग तरह से एक्सपीरियंस करना चाहिए। मैं अगले एक या डेढ़ साल तक एक्टर के तौर पर नहीं करूँगा।” इसके अलावा, आमिर ने एक्टिंग से किनारा करते हुए प्रोडक्शन में जाने की बात भी कही थी।

चैंपियंस फिल्म के बारे में बात करते हुए आमिर ने कहा था, ”मैं ‘चैंपियंस’ पर बतौर प्रोड्यूसर काम करूँगा। मैं दूसरे एक्टर्स से बात करूँगा कि क्या वो ये फिल्म करने में इंट्रेस्टेड हैं, जो मैं करना चाहता था। मैं अपने जीवन के उस पड़ाव पर हूँ, जहाँ मैं सभी रिश्तों को एंजॉय करना चाहता हूँ।”

दरअसल, बीते कुछ समय से बॉलीवुड में हिट फिल्मों का अकाल पड़ा हुआ है। वहीं, KGF 2, पुष्पा, PS-I, कांतारा समेत साउथ इंडिया की ऐसी कई फिल्में हैं जिन्होंने बेहतरीन कमाई की है। ऐसे में, आमिर खान का साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की ओर झुकाव को लेकर सोशल मीडिया में कहा जा रहा है कि वह हिट होने के लिए साउथ का सहारा ले रहे हैं।