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भगवान अयप्पा स्वामी पर ‘नास्तिक’ नरेश ने की अपमानजनक टिप्पणी, 3 थानों में केस दर्ज: भीड़ ने पीटा, Video

तेलंगाना (Telangana) के कोडंगल में भगवान अयप्पा स्वामी (Ayyappa Swamy) पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर लोगों के आक्रोश के बाद पुलिस ने दलित नेता और ‘भारत नास्तिक समाजम्’ के अध्यक्ष बैरी नरेश की गिरफ्तारी की खबर आ रही है। नरेश पर लोगों की भावनाओं को चोट पहुँचाने के आरोप में तीन पुलिस थानों में मामला दर्ज किया गया है।

आज शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) को पूरे प्रदेश में अयप्पा स्वामी के भक्तों ने विरोध प्रदर्शन किया और बैरी नरेश के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। बैरी नरेश ने दो दिन पहले कोडंगल निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा में बोलते हुए भगवान अयप्पा स्वामी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।

विकास नाम के एक ट्विटर यूजर ने दावा कि भगवान अयप्पा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले ‘भारत नास्तिक समाजम्’ के अध्यक्ष बैरी नरेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने इसके लिए हिंदू एकता की भी सराहना की। हालाँकि, गिरफ्तारी की अभी विश्वसनीय स्रोत से पुष्टि नहीं हो पाई है। हालाँकि, वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस बैरी को खींच रही है।

बैरी नरेश द्वारा की अपमानजनक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके भगवान अयप्पा स्वामी के भक्तों में आक्रोश भड़क उठा। अयप्पा स्वामी के भक्तों की भावनाओं को आहत करने और हिंदू भगवान के खिलाफ अश्लील टिप्पणी करने के लिए बैरी नरेश के खिलाफ भक्तों ने तीन पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराई। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने बैरी के खिलाफ निवारक नजरबंदी अधिनियम (PDA) को लागू करने की माँग की थी। 

इनमें से एक शिकायत कराटे कल्याणी नाम की एक महिला ने दर्ज कराई है। इस शिकायत में कहा गया है कि प्रचार के लिए हिंदू देवताओं को नीचा दिखाने का चलन हो गया है। हिंदू भावनाओं को आहत करने के लिए नरेश के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। शिकायत में कहा गया है कि ये बयान हिंदू भावनाओं को ‘गंभीर रूप से आहत’ करने के उद्देश्य से दिए गए थे। शिकायत के बाद नरेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A और 153A के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इस बयान के बाद लोगों ने हैदराबाद में विरोध मार्च निकाला और इसी दौरान बैरी नरेश को अयप्पा स्वामी के भक्तों ने पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। हालाँकि, नरेश को पुलिस ने बचा लिया। घटना का वीडियो स्थानीय मीडिया ने शेयर किया था। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष बंदी संजय ने सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (पूर्व में TRS) की आलोचना की और मामले में कार्रवाई की माँग की थी।

₹602 करोड़ की डील और NDTV में सबसे ज्यादा हुई अडानी ग्रुप की हिस्सेदारी: प्रणय रॉय और राधिका ने बेचे 27.26% शेयर

NDTV के संस्थापक प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने गत सप्ताह बयान जारी कर कहा था कि वह कंपनी के अधिकांश शेयर अडानी को बेच रहे हैं। इस बयान के बाद अब, शुक्रवार (30 दिसबंर 2022) को अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने कहा है कि उन्होंने NDTV के शेयर से जुड़ा लेन-देन पूरा कर लिया है। 

BSE और NSE के अंतर्गत पूरी हुई इस डील या फाइलिंग को लेकर अडानी ग्रुप ने कहा है कि उन्होंने प्रणय रॉय और राधिका रॉय से एनडीटीवी के 27.26 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसके बाद, अब वह NDTV ग्रुप के सबसे बड़े हिस्सेदार बन गए हैं।

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने बयान में कहा है, “अडानी एंटरप्राइजेज की एक अप्रत्यक्ष सहायक कंपनी और एनडीटीवी के प्रमोटर/प्रमोटर समूह के सदस्य आरआरपीआर ने प्रणय रॉय और राधिका रॉय से एनडीटीवी में 27.26% इक्विटी हिस्सेदारी हासिल की है।”

स्टॉक एक्सचेंजों के साथ की गई फाइलिंग के अनुसार, RRPR के पास अब एनडीटीवी में 56.45% हिस्सेदारी होगी। दरअसल, RRPR के पास पहले से ही एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 

अडानी ग्रुप ने यह भी बताया है कि विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड, (अडानी ग्रुप की की अप्रत्यक्ष सहायक कंपनी है) के पास NDTV में 8.27% प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसलिए, अडानी ग्रुप के पास अब NDTV में 64.72% हिस्सेदारी है।

अडानी एंटरप्राइजेज के एक बयान में कहा गया है कि कंपनी ने ₹342.65 प्रति शेयर की कीमत पर NDTV के संस्थापकों (प्रणय और राधिका रॉय) से 27.26% हिस्सेदारी हासिल की। इसका मतलब यह है कि कंपनी ने शेयरों के लिए उन्हें ₹600 करोड़ से अधिक का भुगतान किया। NDTV द्वारा गत सप्ताह की गई फाइलिंग के अनुसार, प्रणय रॉय ने 86,65,209 इक्विटी शेयर और राधिका रॉय ने 89,12,467 शेयर अडानी समूह को ट्रांसफर किए। यानी, दोनों प्रमोटर्स ने कुल 1,75,77,676 इक्विटी शेयर ट्रांसफर किए हैं।

NDTV के बयान के अनुसार, अडानी ग्रुप को ट्रांसफर किए गए शेयरों की संख्या

₹342.65 प्रति शेयर की कीमत के हिसाब से, 1,75,77,676 इक्विटी शेयरों की कुल कीमत ₹602,29,90,681 होती है। अडानी ग्रुप ने राधिका और प्रणय रॉय को जो पैसा दिया है, वह कीमत के लगभग बराबर है। अडानी ग्रुप के बयान में यह भी कहा गया है कि उन्होंने लेन-देन के लिए प्रणय रॉय और राधिका रॉय को नकद भुगतान किया है।

अडानी ग्रुप के बयान के अनुसार, प्रति शेयर भुगतान की गई कीमत

यह ध्यान रखना दिलचस्प है कि अडानी ग्रुप ने प्रणय और राधिका रॉय को ओपन ऑफर में भुगतान की गई कीमत से अधिक प्रीमियम का भुगतान किया है। अडानी ग्रुप ने ओपन ऑफर में NDTV के लगभग 53.27 लाख शेयर हासिल करने के लिए ₹294 प्रति शेयर का भुगतान किया था। इसका अर्थ है कि प्रणय और राधिका रॉय को लगभग 17% अधिक भुगतान किया गया। 

वहीं, इस मामले में कानून कहता है कि ओपन ऑफर में भुगतान की गई कीमत सभी शेयरधारकों के लिए समान होनी चाहिए। हालाँकि, अडानी और NDTV के संस्थापकों के बीच हुई इस डील को उस नियम से छूट मिलेगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह डील ओपन ऑफर न होकर एक मालिक से दूसरे मालिक को शेयरों का हस्तांतरण या एक पारस्परिक लेनदेन था। साथ ही, NDTV के शेयर RRPR द्वारा अधिग्रहित किए गए हैं, जो कंपनी के मौजूदा मालिक भी हैं। इसके अलावा, अधिग्रहण की घोषणा ओपन ऑफर समाप्त होने के बाद की गई थी।

अडानी ग्रुप द्वारा NDTV का अधिग्रहण इस साल अगस्त में अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एएमजी मीडिया नेटवर्क्स द्वारा रिलायंस समूह की कंपनी विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल) के अधिग्रहण के साथ शुरू हुआ था। विश्वप्रधान ने RRPR में 99.9% हिस्सेदारी में परिवर्तित करने के अधिकार के साथ, ब्याज मुक्त ऋण के बदले RRPR के वारंट रखे थे।

RRPR प्रणय और राधिका रॉय की होल्डिंग वाली कंपनी थी। इस कंपनी के माध्यम से NDTV में उनकी हिस्सेदारी 29.18 प्रतिशत थी। विश्वप्रधान को हासिल करने के बाद, अडानी समूह ने RRPR को प्राप्त वारंट को आगे बढ़ाते हुए एनडीटीवी में 29.18% की हिस्सेदारी हासिल की थी। इसके बाद, अडानी ग्रुप ने स्टॉक एक्सचेंज के नियमों के अनुसार एक ओपन ऑफर जारी किया। इस ऑफर के जरिए, विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड ने 20 दिसंबर 2022 को NDTV की 8.27% हिस्सेदारी हासिल की।

बता दें कि प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने गत शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को एक बयान जारी कर कहा था कि उन्होंने NDTV के अधिकांश शेयर बेचने का फैसला किया है। इस बयान में उन्होंने 5% शेयर बचाने की बात कही थी। यानी, प्रणय और राधिका रॉय संयुक्त रूप से अब भी 5% के हिस्सेदार बने हुए हैं।

उन्होंने बयान में यह भी कहा था, “हालिया ओपन ऑफर के बाद AMG मीडिया नेटवर्क, अब NDTV की सबसे बड़ी एकल शेयरहोल्डर है। नतीजतन, आपसी समझौते से हमने NDTV में अपने अधिकतर शेयरों को AMG मीडिया नेटवर्क को बेचने का फैसला किया है। ओपन ऑफर लॉन्च होने के बाद से, गौतम अडानी के साथ हमारी चर्चा रचनात्मक रही है। हमारी तरफ से दिए गए सभी सुझावों को उन्होंने सकारात्मक रूप से और खुलेपन के साथ स्वीकार किया है।”

154 संक्रमितों में से बचे सिर्फ 4… इतना घातक है ‘दिमाग खाने वाला अमीबा’ : सिरदर्द, बुखार, उल्टी के बाद होती है मौत, दुनिया भर में कुल 381 मामले

दक्षिण कोरिया में ‘ब्रेन ईटिंग अमीबा’ से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। यह बीमारी कितनी खतरनाक है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका में इससे संक्रमित 154 लोगों में से केवल 4 लोग ही जिंदा बच पाए हैं। इस बीमारी का वैज्ञानिक नाम ‘नेगलेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri)’ है। इसे प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) भी कहा जाता है।

दक्षिण कोरिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी (केडीसीए) ने बताया कि थाईलैंड में चार माह रहने के बाद 10 दिसंबर 2022 को वापस लौटे एक 50 वर्षीय व्यक्ति की इस बीमारी से 21 दिसंबर 2022 को मौत हो गई। व्यक्ति में सिरदर्द, बुखार, उल्टी, बोलने में कठिनाई और गर्दन में अकड़न के लक्षण दिखाई दे रहे थे और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका

व्यक्ति की मौत के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृत्यु के सटीक कारण का पता लगाने के लिए टेस्ट किए, जिसके बाद उसके ‘नेगलेरिया फाउलेरी’ से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। कोरिया में नेगलेरिया फाउलेरी संक्रमण का यह पहला आधिकारिक मामला है।

क्या है ‘ब्रेन ईटिंग अमीबा

इस बीमारी का पहला मामला अमेरिका में पहली बार 1937 में सामने आया था। ‘नेगलेरिया फाउलेरी’ एक अमीबा होता है जो इंसान की दिमाग में घुसकर टिश्यु को खत्म कर देता है। इसलिए इसे ब्रेन ईटिंग अमीबा भी कहते हैं। यह अमीबा ज्यादातर गर्म मीठे पानी की झीलों, नदियों, नहरों या तालाबों में पाया जाता है। अमीबा नाक के जरिए इंसानी दिमाग में प्रवेश करता है।

क्या है लक्षण

ब्रेन ईटिंग अमीबा के लक्षण की अगर बात करे तो इसके शुरुआती लक्षण में तेज सिरदर्द और उल्टी आना शामिल है। बाद के लक्षणों में गर्दन में तेज दर्द, कन्फ्यूजन होना और कोमा में जाना शामिल है। हालाँकि अच्छी बात यह है कि यह लोगों से लोगों में नहीं फैलता है यानि कोई भी संक्रमित व्यक्ति दूसरे किसी स्वस्थ्य व्यक्ति को संक्रमित नहीं कर सकता है।

दुनिया में इस संक्रमण के कुल 381 मामले सामने आए हैं, जिसमें अमेरिका, भारत और थाईलैंड भी शामिल थे। वर्ष 1962 से 2021 तक अमेरिका में इस संक्रमण से प्रभावित हुए 154 लोगों में केवल चार लोग ही जीवित बच पाए थे।

झूठ बोलकर ICU में घुसा ईसाई उपदेशक, मरीज के सामने किया धार्मिक पाठ: विधानसभा पहुँचा मामला, धर्मांतरण और अवैध चर्च बनाने का आरोप

महाराष्ट्र के अटपडी में ईसाई उपदेशक संजय गेले और उनकी पत्नी अश्विनी ने ICU में भर्ती एक मरीज पर कथित रूप से ‘चमत्कार’ का उपयोग कर उसका उपचार करने की कोशिश की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा फैल गया है। इसको लेकर भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने 30 दिसंबर 2022 को विधानसभा में संजय गेले की संपत्ति की जाँच की माँग की।

वराद अस्पताल की इस घटना के सामने आने के बाद भाजपा विधायक गोपीचंद पाडलकर ने विधानसभा में इस मामले को उठाया। उन्होंने इसे अवैध धर्मांतरण का मामला बताते हुए संजय गेले की संपत्ति की जाँच की माँग की। पाडलकर ने सदन को यह भी बताया कि अटपडी में एक चर्च का अवैध निर्माण हुआ है और अवैध धर्मांतरण की गतिविधियाँ चल रही हैं।

गोपीचंद पाडलकर ने कहा, ‘अटपडी में संजय गेले और उनकी पत्नी अश्विनी दोनों ही लोगों की अज्ञानता और भोलेपन का फायदा उठा रहे हैं। बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अटपडी में एक अवैध चर्च बनाया है। ईसाई प्रचारकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और अवैध चर्चों के निर्माण को हटाया जाए।”

भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि गेले परिवार के पास आलीशान होटल, जेसीबी एवं पोकलैंड मशीनें के साथ-साथ कई शहरों-कस्बों में जमीन है। उन्होंने कहा कि इस संपत्ति के स्रोत की जाँच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसको लेकर लोगों में गुस्सा और अगर कार्रवाई नहीं की गई तो कानून व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती है।

भाजपा विधायक गोपीचंद पाडलकर द्वारा उठाए गए सवाल पर महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने जवाब दिया। फडणवीस ने गेले परिवार के जरिए कराए जा रहे चर्च और धर्मांतरण गतिविधियों की जाँच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस संबंध में पहले ही जादू-टोना करने का मामला दर्ज किया जा चुका है।

यह घटना एक लड़की के इलाज से जुड़ी है। महाराष्ट्र के सांगली जिले के अटपडी शहर के वराद अस्पताल की ICU में एक 18 वर्षीय लड़की सोनाली शिवदास जिरे इलाज के लिए भर्ती थी। इसी बीच संजय और अश्विनी गेले वहाँ जाकर ‘चमत्कार’ के जरिए लड़की को ठीक करने का दिखावा करने लगे। दोनों ने लड़की के सिर पर हाथ रखा और प्रार्थना की थी।

संपतराव नामदेव धनवाड़े ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में धनवाड़े ने कहा है कि संजय गेले और उनकी पत्नी अश्विनी गेले ने झूठा बताया कि वे ICU में भर्ती रोगी के रिश्तेदार हैं। कपल बिना इजाजत के ICU में भी घुस आए थे। सोनाली के माथे पर उन्होंने अपनी अंगुलियाँ फेरीं और एक टैब पर धार्मिक पाठ पढ़कर अंगुली द्वारा सर्जरी करने का नाटक किया।

मामला दर्ज होने के बाद अटपदी पुलिस ने बुधवार (28 दिसंबर 2022) को सांगली में ईसाई उपदेशक संजय गेले को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पत्नी अश्विनी अभी फरार है। आरोपी संजय गेले को अटपडी अदालत में पेश किया गया और उसे इस महीने की 31 तारीख तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

तालुका में इस प्रकार के धर्मांतरण कराने और अंधविश्वास फैलाने का मामला पहली बार प्रकाश में आया है। विभिन्न समुदायों और हिंदू संगठनों ने दंपति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की माँग की थी। लोगों ने मार्च निकालकर इस घटना विरोध किया। इसके साथ ही 25 दिसंबर को अटपडी कस्बे को बंद रखा गया।

लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने संजय गेले को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बावजूद हिंदू समाज ने 30 दिसंबर (शुक्रवार) को एक विशाल रैली निकाली। इस रैली में भाजपा विधायक राम सातपुते भी शामिल हुए। लोगों ने संजय गेले की संपत्ति की माँग की। इस मार्च में महिलाएँ भी बड़ी संख्या में शामिल हुई थीं।

2022 का अंतिम शुक्रवार, दे गया 2 शोक समाचार-1 दुर्घटना: हीराबेन और पेले का निधन, ऋषभ पंत बाल-बाल बचे

साल 2023 दस्तक देने वाला है। अधिकतर लोग वीकेंड पर नए साल का जश्न मनाने के मूड थे। लेकिन साल के अंतिम शुक्रवार को हुई दो मौत और एक हादसे ने सबको गमगीन कर दिया। इसने हर भारतीय की आँखों में आँसू ला दिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ हीराबेन मोदी और ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर पेले के निधन से हर कोई दुखी था। इसी बीच हमें भारत के स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत की भयानक कार दुर्घटना के बारे में पता चला, जिसमें वह बाल-बाल बचे।

आज के दिन सोशल मीडिया पर जहाँ लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की माँ हीराबेन, पेले को विनम्र श्रद्धाजंलि दी। वहीं, ऋषभ पंत के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते दिखे। ब्राजील के महान फुटबॉलर और तीन बार के विश्व कप विजेता पेले का 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें दुनिया भर में फुटबॉल का पहला सुपरस्टार माना जाता है।

पेले के निधन की खबर सुनकर फैंस टूट गए

फुटबॉलर के फैन्स और शुभचिंतक उनके निधन की खबर सुनने के बाद टूट गए। उन्होंने उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। यही कारण है कि आज सुबह से ट्विटर की ट्रेंडिंग लिस्ट में #RIPKing ट्रेंड कर रहा है।

पेले का असली नाम एडसन एरेंटस डो नेसिमेंटो था। प्रशंसक उन्हें डिको, पेले और द ब्लैक पर्ल के नाम से भी पुकारते थे। पेले की बेटी कैली नैसिमेंटो ​​​​​ने इंस्टाग्राम पर उनके निधन की जानकारी दी। पिता के निधन के बाद बेटी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। कैली ने लिखा, “हम जो कुछ भी हैं आपकी बदौलत हैं। हम आपको बहुत प्यार करते हैं। रेस्ट इन पीस।” पेले पेट के कैंसर, किडनी और हृदय की समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें 29 नवंबर, 2022 को साओ पाउलो के अल्बर्ट आइंस्टीन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पीएम मोदी की माँ का निधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ हीराबा मोदी का 100 साल की उम्र में शुक्रवार (30 अक्टूबर 2022) तड़के करीब साढ़े तीन बजे निधन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर माँ के निधन की जानकारी देते हुए लिखा, “शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम… माँ में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है।”

इसके बाद अमित शाह, स्मृति ईरानी, आनंद महिंद्रा, अक्षय कुमार और कई मशहूर हस्तियों सोशल मीडिया पर ट्वीट कर पीएम मोदी की माँ के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की।

ऋषभ पंत को कार दुर्घटना में आई गंभीर चोटें

भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) सुबह कार दुर्घटना में बाल-बाल बचे। डिवाइडर से टकराने के बाद उनकी कार जलकर राख हो गई। 25 वर्षीय क्रिकेटर अब खतरे से बाहर हैं, लेकिन उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। उनके साथ यह हादसा उस वक्त हुआ, जब वे न्यू इयर पर अपने घरवालों को सरप्राइज देने के लिए दिल्ली से अपने घर रुड़की जा रहे थे। ऋषभ पंत की कार दुर्घटना की खबर सुनते ही क्रिकेटर के फैंस चिंतित हो गए। वे उनके जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करने लगे।

क्रिकेट जगत के लोगों ने भी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। इसके बाद ट्विटर पर ‘गेट वेल सून चैंप’ ट्रेंड करने लगा।

मुस्लिम शासक ‘दोस्त’ फिर भी इस्लामी भीड़ ने मार डाले 4000 यहूदी, क्रॉस पर लटकाया: 956 साल पहले ग्रेनाडा में हुआ था एक नरसंहार

दुनियाभर के देश इस्लामिक हिंसा का शिकार रहे हैं। स्पेन का ग्रेनाडा भी इस्लामवादियों की हिंसा का गवाह रहा है। ग्रेनाडा में यहूदियों और इस्लामवादियों के बीच लंबे समय तक संघर्ष हुआ। लेकिन, 30 दिसंबर 1066 को, मुस्लिमों ने यहूदियों को टारगेट करते हुए भीषण नरसंहार किया।

स्पेन में मुस्लिम शासन और यहूदियों का नरसंहार

सिएरा नेवादा पहाड़ों की तलहटी में 4 नदियों के संगम पर स्थित ग्रेनाडा शहर, एक हजार से अधिक वर्षों तक प्रमुख शहरी बस्ती और स्पेन के अंडालूसी क्षेत्र की राजधानी रहा है। 711 ईस्वी की शुरुआत में मुस्लिम उमय्यद ने इबेरियन प्रायद्वीप पर जीत हासिल करते हुए यहाँ कब्जा कर लिया था। इबेरियन में यहूदियों की एक छोटी सी बस्ती प्राचीन काल से रह रही है।

11वीं शताब्दी में, ग्रेनाडा शहर मुस्लिमों के दो समूहों, उत्तरी अफ्रीकी अरब और बर्बर समुदाय के बीच राजनीतिक संघर्ष का केंद्र रहा। उत्तरी अफ्रीकी मुस्लिमों का बर्बर समूह जिसे जिरिड्स भी कहा जाता था, वह कॉर्डोबा के खलीफा का समर्थक था। यह समूह इस क्षेत्र में बस गया, इन लोगों को एल्विरा प्रांत का नियंत्रण दे दिया गया। 

1009 ईस्वी में खलीफा के पतन के बाद, जिरिड नेता ने अपने लिए एक स्वतंत्र राज्य की स्थापना की, जिसे ‘ग्रेनेडा का तैफा’ कहा गया। मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों की मिश्रित आबादी वाला यह शहर धीरे-धीरे इस क्षेत्र की मुख्य शहरी बस्ती बन गया।

इसके बाद, 1020 ईस्वी में, सैमुअल हा-नागिद को मुस्लिम राजा हब्बस इब्न मकसन के मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया। सैमुअल हा-नागिद एक पढ़ा-लिखा यहूदी नेता था। जो खलीफा के पतन के बाद वह कॉर्डोबा से भाग गया था। सैमुअल हा-नागिद (अरबी में इस्माइल इब्न नघरेला) को न केवल टैक्स वसूलने बल्कि अगले शासक बद्दिस के शासन में सेना पर नियंत्रण सहित कई जिम्मेदारी सौंपी गईं।

जब सैमुअल सत्ता में था, तो ग्रेनाडा में यहूदियों को पूरी तरह से धार्मिक स्वतंत्रता थी। यहाँ तक कि यहूदियों को दूसरे दर्जे के नागरिकों (मुस्लिम शासन के अंतर्गत रहने वाले गैर-मुस्लिम) के रूप में भी नहीं देखा गया। सैमुअल के पास ऐसी शक्ति थी कि मुस्लिम शासक को केवल एक व्यक्ति के रूप में देखा जाता था।

1056 ईस्वी में सैमुअल हा नागिद की मृत्यु हो गई। इसके बाद, उनका बेटा जोसेफ हा-नागिद (अरबी में जोसेफ इब्न नघरेला) वहाँ का वजीर बन गया। जोसेफ हा-नागिद मुस्लिम शासक बद्दीस का बेहद करीबी माना जाता था।

विश्वासघात के आरोप में इस्लामवादियों की भीड़ ने जोसेफ को पीट-पीट कर मार डाला

मुस्लिम शासक बद्दिस पर जोसेफ का प्रभाव बढ़ता जा रहा था। इस दौरान, ग्रेनाडा में बर्बर मुसलमानों के बीच जोसेफ के खिलाफ नाराजगी शुरू हो गई। मुस्लिमों ने जोसेफ को अभिमानी और सभी धर्मों के प्रति अनादर करने वाला बताया। जोसेफ पर ग्रेनेडा के विरोधियों और अलमीरा के पड़ोसी ताइफा के मुस्लिम शासक को पत्र भेजने का आरोप लगाया गया। 

अरबी रिकॉर्ड के अनुसार, जोसेफ ने खुद को शासक बनाने के लिए दुश्मनों के साथ सौदा किया था। इसके बदले उसने दुश्मनों के लिए शहर के द्वार खोलने की बात कही थी। हालाँकि, वह योजना में सफल नहीं हुआ। अलमीरा के ताइफा के शासक ने ऐन वक्त पर सौदे को नामंजूर कर दिया। इसक बाद, यह खबर लीक हो गई कि जोसेफ ने इस्लामिक शासक बद्दिस को मारने और दुश्मनों का समर्थन करने की योजना बनाई थी।

30 दिसंबर, 1066 को शहर के बहुसंख्यक बर्बर मुसलमानों की एक गुस्साई भीड़ ने शाही महल पर धावा बोलते हुए जोसेफ को पकड़ लिया और मार डाला। इसके बाद, उसके शरीर को एक क्रॉस से लटका दिया गया। हालाँकि, इस्लामवादी यहीं नहीं रुके, उन्होंने शहर के सभी यहूदी परिवारों को घेर लिया। यहूदियों के रिकॉर्ड बताते हैं कि उस एक दिन में 4000 से अधिक यहूदियों को मुसलमानों द्वारा क्रूरता से मार डाला गया था।

इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि ग्रेनेडा में मुसलमानों द्वारा जोसेफ और यहूदियों के खिलाफ जहर उगला गया था। इस्लामवादी लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहे थे कि ग्रेनाडा में यहूदियों को जो सम्मान मिल रहा है वह उसके लायक नहीं हैं। इतिहासकार बर्नार्ड लुईस द्वारा तैयार किए दस्तावेज और अबू इशाक द्वारा लिखित एक कविता में दर्शाया गया है कि यहूदी मुसलमानों से ‘हीन’ हैं और उन्हें मार दिया जाना चाहिए।

यह कविता है, “उन्हें (यहूदियों को) मारना मजहब का उल्लंघन मत समझो, उन्हें जीने देना मजहब का उल्लंघन होगा। उन्होंने हमारे साथ किए वादे को तोड़ा है फिर तुम ऐसे लोगों के विरुद्ध कैसे दोषी ठहराए जा सकते हो? जब हम अस्पष्ट हैं और वे प्रमुख हैं तो उनका कोई समझौता कैसे हो सकता है? अब हम उनके सत्य में विनम्र हैं, जैसे हम गलत थे और वे सही थे “

यूरोप में पहली बार हुआ यहूदियों का नरसंहार…

1066 ईस्वी में ग्रेनाडा में हुए नरसंहार को यहूदियों के खिलाफ यूरोप में हुई पहली हिंसा के रूप में बताया जाता है। यहूदी रिकॉर्ड के अनुसार, जोसेफ की पत्नी अपने बेटे के साथ शहर से भाग गई थी। इसके बाद, उसे दूसरे शहर में शरण मिल गई थी। हालाँकि, उसके बेटे की कम उम्र में ही मौत हो गई।

इस नरसंहार के बाद बचे हुए यहूदी अपनी संपत्ति बेचकर ग्रेनाडा और आसपास के क्षेत्रों को छोड़कर भाग गए। हालाँकि, बाद में कुछ लोग ग्रेनाडा लौट आए लेकिन उन्हें कभी भी वह सामाजिक दर्जा नहीं मिला, जो उन्हें सैमुअल हा-नागिद के दौर में मिला था।

ग्रेनाडा में 1492 तक इस्लामिवादी शासन करते रहे। हालाँकि इसके बाद, स्पेन के ईसाई शासक फर्डिनेंड और इसाबेला की सेना ने कई महीनों तक ग्रेनाडा की घेराबंदी कर रखी थी। इस घेराबंदी के बाद, ग्रेनाडा के मुस्लिम शासक ने हार मान ली और आत्मसमर्पण कर दिया। 

इस्लामिक शासन की समाप्ति के बाद 2 जनवरी 1492 को स्पेन के कुछ हिस्सों में कैथोलिक रिकोनक्विस्टा के रूप में मनाया गया। ईसाई आज भी कैथोलिक रिकोनक्विस्टा एक खुशी के रूप में मनाते हैं। वहीं, मुस्लिम इसे शोक के रूप में मनाते हैं। 1492 की शुरुआत में ग्रेनाडा में जो हुआ वह शहर के इतिहास में हिंसा की एक नई कहानी थी। इस कहानी में, हिंसा करने वाले ईसाई शासक इसाबेला के वफादार कैथोलिक कट्टरपंथियों ने मुस्लिमों को धर्म परिवर्तन कर ईसाई बनने फरमान जारी कर दिया। जिन मुस्लिमों ने ईसाई बनने से इनकार दिया उन्हें मार दिया गया। हालाँकि, कुछ लोग यहाँ से भागने में कामयाब रहे।

सिर पर कट, कलाई-पैर में चोट… ऋषभ पंत के जख्म BCCI ने बताए, बेस्ट ट्रीटमेंट का दिलाया भरोसा: मैदान पर वापसी में लगेगा समय

ऋषभ पंत को सर, कलाई, टखने, पैर के अँगूठे में चोटें आई हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है। साथ ही उन्हें बेस्ट ट्रीटमेंट दिलाने का भरोसा दिया है। विकेटकीपिंग के दौरान घुटने, टखने और कलाई में काफी मूवमेंट होता है। ऐसे में माना जा रहा है कि क्रिकेट के मैदान में वापसी करने में पंत को समय लग सकता है।

पंत शुक्रवार की सुबह रूड़की जाते समय भीषण सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए थे। डिवाइडर से टकराने के बाद उनके कार में आग लग गई थी। वे खुद कार चला रहे ​थे।

बीसीसीआई के मुताबिक ऋषभ पंत के माथे पर दो कट हैं। उनके दाहिने घुटने का लिगामेंट फट गया है। इसके अलावा उनकी दाहिनी कलाई, टखने, पैर के अँगूठे पर भी चोट आई है। बीसीसीआई की तरफ से बताया गया कि पंत की हालत स्थिर है और उन्हें देहरादून मैक्स अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। आगे के उपचार के लिए एमआरआई स्कैन किया जाएगा।

बयान में आगे कहा गया कि बीसीसीआई पंत के परिवार और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के साथ लगातार संपर्क में है। उनका बढ़िया से बढ़िया इलाज कराया जाएगा। हादसे से उबरने में पूरी तरह से सहायता की जाएगी।

बोर्ड के सचिव जय शाह ने ट्वीट कर कहा है, “मेरी प्रार्थनाएँ ऋषभ पंत के साथ हैं। आशा है कि वे जल्द ही ठीक हो जाएँगे। मैंने उनके परिवार और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों से बात की है। उनकी हालत स्थिर है और कुछ जरूरी जाँच होने हैं। हम उन्हें हर संभव सहायता मुहैया कराएँगे।”

देहरादून के मैक्स अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष याग्निक ने जानकारी दी है कि पंत को कोई गंभीर चोट नहीं लगी है। उन्होंने भी सिर, कमर, घुटने और पैर में चोट की बात कही है। उन्होंने कहा है कि हड्डी रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक सर्जन, फिजिशियन समेत तमाम डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में लगी है। जाँच के बाद अस्पताल की तरफ से उनके स्वास्थ्य को लेकर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

इसके पहले पंत का इलाज करने वाले डॉक्टर सुशील नागर ने जानकारी दी है कि उनकी पीठ पर जो जख्म है वह जलने का नहीं है। आग लगते ही पंत ने कार की खिड़की तोड़ दी थी और बाहर कूद गए थे। पीठ के बल सड़क पर गिरने से उनकी चमड़ी छिल गई थी।

फोटो साभार- आजतक

आपको बता दें कि पंत कार से दिल्ली से अपने घर रुड़की जा रहे थे। इस दौरान नारसन बॉर्डर पर हम्मदपुर झाल के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर जलकर राख हो गई।

कराटे के नाम पर PFI के कैंपों में गला काटने और बॉडी पार्ट अलग करने की ट्रेनिंग, मुस्लिमों को भर्ती कर किया जा रहा था ब्रेनवॉश: NIA ने दायर की चार्जशीट

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इस दौरान नए खुलासे भी हो रहे हैं। NIA ने शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) को हैदराबाद की एक अदालत के समक्ष दाखिल अपने आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 11 लोग आतंकी ट्रेनिंग कैम्प चलाते थे।

NIA की चार्जशीट के मुताबिक, अब्दुल कादिर तेलंगाना के निजामाबाद में कराटे सिखाने के नाम पर कैंप चला रहा था। कादिर सहित ये 11 आरोपित प्रतिबंधित संगठन में मुस्लिमों की भर्ती करते था। उन्हें देश विरोधी बातें सिखाते थे। PFI इन कराटे कैम्पों की आड़ में बड़ी फंडिंग कर रहा था और इसके लिए वह विदेशों से पैसे ले रहा था। इस मामले में UAPA के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

कैम्प में मुस्लिम युवाओं को कराटे के बहाने लोगों पर हमला करने की ट्रेनिंग दिया जा रहा था। कैम्प में उन्हें किसी व्यक्ति के गले, पेट और सिर पर चाकू, दरांती और लोहे से वार करने के बारे में सिखाया जाता था। गला काटने और बॉडी पार्ट को काटने की ट्रेनिंग दी जाती थी। उन्हें यह भी बताया जाता था कि आतंकी वारदातों को कैसे अंजाम दिया जाता है।

पीएफआई मार्शल आर्ट्स ट्रेनर और हिट स्क्वाड के सदस्य मोहम्मद मुबारक को NIA ने हिरासत में लिया है। वह केरल उच्च न्यायालय में एक अटॉर्नी के रूप में काम करता था। पकड़ा गया वकील मोहम्मद मुबारक विभिन्न राज्यों में हिट स्क्वॉयड तैयार कर रहा था। फिलहाल उससे आगे की पूछताछ चल रही है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार (29 दिसंबर 2022) तड़के केरल में प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 56 ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी PFI के उन सदस्यों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई जो देश के खिलाफ साज़िश रच रहे थे। इनमें वे ओवर ग्राउंड वर्कर भी शामिल हैं, जो आधिकारिक तौर पर पीएफआई के सदस्य नहीं हैं, लेकिन उसके लिए काम करते हैं।

सितंबर 2022 में बैन किए जाने के बाद से केरल में पीएफआई के खिलाफ एनआईए की यह 5वीं रेड है। NIA सूत्रों की मानें तो केरल में ही PFI के सबसे ज्यादा सक्रिय सदस्य हैं और बैन किए जाने के बाद भी अपनी गतिविधियाँ जारी रखे हुए हैं। NIA सहित अन्य एजेंसियाँ उन पर नजर बनाए हुए है।

बता दें कि NIA ने इससे पहले 20 दिसंबर 2022 को केरल के कोच्चि में एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष बताया था कि PFI के कुछ नेताओं के ISIS और अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों से संबंध हैं । एनआईए ने कहा था कि पीएफआई के कई सरगना इस्लामिक स्टेट और अलकायदा के आतंकवादियों के संपर्क में थे और एजेंसी के पास इसका सबूत है। एनआईए की जाँच के अनुसार, प्रतिबंधित इस्लामी संगठन एक गुप्त शाखा भी चलाता था।

‘बुर्के में दिखता HOT सिर’, आतंकी यासीन मलिक की बीवी की अधनंगी पेंटिंग्स और ‘मुस्लिम महारानी’ का ब्रा: 2022 की टॉप-10 खबरें

आप हैं तो हम हैं! आप पाठकों को नमन रहेगा! 2022 में भी आप सबने वही प्यार दिया, वही भरोसा बनाए रखा, जो 2019 की शुरुआत से हमें मिलता रहा है। ऑपइंडिया ने जो भी समसामयिक रिपोर्ट की, उसे आप सबने पढ़ा-पढ़ाया। इनमें कुछ रिपोर्ट ऐसी रहीं, जिसने रिकॉर्ड बनाए।

हिंदू-घृणा से लेकर बॉलीवुड, खेल-खिलाड़ी, इंटरनेशनल, फैक्ट-चेक, कोर्ट के फैसले से लेकर विकसित होते भारत से संबंधित पॉजिटिव स्टोरी जैसी रिपोर्ट इसमें शामिल है। साल 2022 खत्म होने को है। आइए एक नजर डालते हैं उन रिकॉर्ड-तोड़ रिपोर्टों पर:

The Kashmir Files में सिर्फ 35% दिखाया

‘द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files)’ में आतंकियों का कमांडर फारूक मलिक डार उर्फ बिट्टा कराटे का दमदार किरदार चिन्मय मंडेलकर ने निभाया है।

जब चिन्मय मंडेलकर ने पहली बार स्क्रिप्ट पढ़ी तो चौंक कर विवेक अग्निहोत्री से पूछा, “क्या यह सब सच है? क्या वास्तव में ऐसा हुआ है?” इस पर उन्होंने कहा, “स्क्रिप्ट में जो कुछ भी लिखा गया है, वह वास्तव में जो हुआ है, लेकिन यह सिर्फ 35 प्रतिशत है, क्योंकि वास्तव में जो हुआ है, वह कहीं अधिक क्रूर है।”

आर्यन खान ने एयरपोर्ट पर ही कर दिया पेशाब – फैक्ट चेक

“ये है अमीर बाप का वो चरसी बेटा, जिसके जेल में बस कुछ दिन रहने पर मीडिया ने ऐसी हाय-तौबा मचाई थी जैसे देश में आपातकाल आ गया हो। अब देखिए कैसे ये ड्रग्स लेकर देश को बदनाम कर रहा है।”

इस दावे के साथ एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें आर्यन खान जैसा दिखने वाला शख्स था। फैक्ट चेक में यह पाया गया कि वीडियो 9 साल पुराना है और इसमें शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान नहीं, बल्कि कनाडा के अभिनेता ब्रोंसन पेलेटियर हैं।

‘बुर्के में तुम्हारा सिर कितना HOT दिख रहा है’

कॉन्ग्रेस नेता जमीर अहमद ने कहा कि हिजाब का अर्थ इस्लाम में पर्दा है, जो महिला की सुंदरता को ढकता है। उनके अनुसार यदि महिलाएँ बुर्का न पहनें तो उनका रेप हो सकता है।

बुर्का विवाद पर ट्विंकल खन्ना ने कटाक्ष करते हुए लिखा, “कुछ धार्मिक नेता इस बारे में बात कर रहे थे कि कैसे हिजाब पुरुषों को लुभाने से रोकता है। यह सुनकर मुझे बहुत हँसी आई। महिला का सिर कामोत्तेजक अंग कैसे? क्या कभी किसी पति-प्रेमी ने कहा है कि वाह तुम्हारा सिर आज कितना हॉट दिख रहा है?”

पाकिस्तानियों को दम भर मारा, स्टेडियम के बाहर जीत लिया ‘मैच’

मैदान पर क्रिकेट मैच चल रहा था। पाकिस्तानी लेकिन जेंटलमैन गेम की भाषा क्या जानें? पाकिस्तान के आसिफ ने अफगानिस्तान के फरीद पर हाथ उठा दिया, बल्ला भी दिखाया।

मैच खत्म होने के बाद दोनों देशों के फैंस स्टेडियम में भिड़ गए। अफगानिस्तानी फैंस ने पाकिस्तानी प्रशंसकों को बेरहमी से पीटा। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने मजे लेते हुए लिखा, “मैच के बाद अफगानिस्तान जीता।”

‘मेरी माँ को वेश्या बना दिया, छिपकर रहना पड़ रहा’

संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनीं आलिया भट्ट की फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ कोर्ट तक गई। गंगूबाई को इस फिल्म में सोशल वर्कर से ज्यादा प्रॉस्टिट्यूट दिखाया गया।

गंगूबाई के परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने 1949 में 4 बच्चों को गोद लिया था। सेक्स वर्कर्स के उद्धार के लिए काम किया था। लेकिन फिल्म के लोगों ने वेश्या बना दिया। इस फिल्म में पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू से जुड़ा सीन भी चर्चा में रहा।

रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन की ट्रेन आमने-सामने

दो ट्रेनें पूरी गति से एक-दूसरे की ओर। एक में सवार रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और दूसरे में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष… लेकिन टक्कर नहीं हुई। 380 मीटर पहले ही कवच ने ट्रेन को रोक दिया।

कवच एक एंटी कोलिजन डिवाइस नेटवर्क है, जो रेडियो कम्युनिकेशन, माइक्रोप्रोसेसर, ग्लोबर पोजिशनिंग सिस्टम तकनीक पर आधारित है। इसके तहत जब दो ट्रेनों आमने-सामने होगी तो ये तकनीक उन्हें एक दूसरे का आकलन करने में और टकराव के जोखिम को कम करने में ऑटोमेटिक ब्रेकिंग एक्शन शुरू कर देगी। इससे ट्रेनें टकराने से बच सकेंगीं।

‘मुस्लिम महारानी’ के ब्रा पर पाकिस्तान में हंगामा

तुर्की के टीवी धारावाहिक दिरिलिस एर्तुगरुल में हलीमा सुल्तान का किरदार निभाने वाली तुर्की अभिनेत्री इसरा बिल्जिक से पाकिस्तानी नाराज। क्यों?

क्योंकि यह अभिनेत्री इस्लामी धारावाहिक में मुस्लिम महारानी के किरदार में नजर आई थीं और अब उन्होंने ब्रा पहनकर विक्टोरिया सीक्रेट का विज्ञापन किया है। एक यूजर ने कहा, “हलीमा सुल्तान भाभी ये क्या कर रही हो, अगर दिरिलिस एर्तुगरुल भाई ने इस तरह ब्रा में देखा तो तुम्हें झापड़ पड़ेगा। कृपया ऐसे न दिखाएँ।”

शादी को 8 साल… फिर भी सेक्स नहीं: मामला हाईकोर्ट में

उड़िया अभिनेत्री बर्षा प्रियदर्शिनी और उनके पति BJD सांसद अनुभव मोहंती का तलाक वाला मामला।

तलाक की याचिका में अनुभव ने कहा है कि उनकी पत्नी सेक्स के दौरान दर्द से डरने की बात करते हुए पिछले 8 साल से शारीरिक संबंध बनाने से मना कर रही हैं। अनुभव मोहंती के मुताबिक उनकी पत्नी ने सिर्फ सेक्स ही नहीं बल्कि हर प्रकार के शारीरिक स्पर्श से उन्हें मना किया है।

सलमान की हीरोइन का ‘वन नाइट स्टैंड’, गर्भवती और अबॉर्शन

अभिनेता सलमान खान की फिल्म ‘रेडी’ से बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस कुब्रा सैत (Kubbra Sait) ने अपनी किताब ‘ओपन बुक’ में अपने गर्भपात को लेकर चौंकाने वाली स्टोरी शेयर की है।

कुब्रा ने अपनी किताब के एक चैप्टर ‘आई वाज़ नॉट रेडी टू बी ए मदर’ में बताया कि कैसे वह ड्रिंक करने के बाद एक दोस्त के साथ रात बिताई थी। इस वन नाइट स्टैंड के बाद वह गर्भवती हो गई थीं और फिर गर्भपात करवाया था।

आतंकी यासीन मलिक की पाकिस्तानी बीवी और उसकी अधनंगी पेंटिंग्स

आतंकी यासीन मलिक की बीवी पाकिस्तानी है। नाम है मुशाल हुसैन मलिक। इस औरत की 2 खासियत है – (i) अधनंगी औरतों की पेंटिंग बनाती हैं (ii) भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाती है – कभी बुरहान को क्रांतिकारी बता तो कभी भारतीय सेना को लेकर फर्जी खबर शेयर कर।

मुशाल की माँ पाकिस्तान मुस्लिम लीग की पूर्व महासचिव रह चुकी हैं जबकि भाई यूएस में प्रोफेसर और नेवल ऑफिसर है।

पहले तिरुपति का तिरुमाला, अब विजयवाड़ा का कनक दुर्गा मंदिर: CJI चंद्रचूड़ ने की पूजा, CM जगन मोहन ने भेंट की भगवान बालाजी की तस्वीर

देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) ने गुरुवार (29 दिसंबर 2022) को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित कनक दुर्गा देवी मंदिर (Kanaka Durga Devi Temple) में पूजा-अर्चना की। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

वीडियो में CJI कनक दुर्गा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उप-मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री कोट्टू सत्यनारायण, बंदोबस्ती आयुक्त हरि जवाहर लाल और मंदिर के कार्यकारी अधिकारी डी भ्रामराम्बा ने उनका स्वागत किया। मंदिर में देवी के दर्शन और पूजा करने के बाद पुजारियों ने उन्हें आशीर्वाद दिया और प्रसाद भेंट किया।

इससे पहले बुधवार (29 दिसंबर 2022) को CJI जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और उनकी पत्नी कल्पना दास तिरुपति के तिरुमाला मंदिर गए थे। वहाँ दोनों ने भगवान बालाजी और श्री भू वराह स्वामी की पूजा-अर्चना की थी। इसके अलावा, उन्होंने वेंकटरास्वामी का भी दर्शन किया था।

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष वाईवी सुब्बारेड्डी और टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सिंघल ने उनका स्वागत किया था। वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने होटल में सीजेआई चंद्रचूड़ से मुलाकात की थी। उन्होंने जस्टिस चंद्रचूड़ को भगवान बालाजी की मूर्ति भी भेंट की।

कनक दुर्गा मंदिर

कनक दुर्गा मंदिर विजयवाड़ा में कृष्णा नदी के किनारे इंद्रकीलाद्री पहाड़ की चोटी पर स्थित प्राचीन मंदिर है। यह प्रतिमा स्वयंभू बताई जाती है। श्रद्धालु यहाँ विशेष प्रकार की पूजा का आयोजन करते हैं। कहा जाता है कि भगवान शिव की कठोर तपस्या करने के बाद अर्जुन को यहीं पर शक्तिशाली अस्त्र पाशुपत की प्राप्ति हुई थी।

यह भी कहा जाता है कि इसके बाद अर्जुन ने देवी के सम्मान में मंदिर का निर्माण करवाया था। इसके अलावा यहाँ आदि शंकराचार्य ने भी भ्रमण किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रद्धालुओं द्वारा यहाँ सालाना 40 करोड़ रुपए से भी अधिक का चढ़ावा चढ़ाया जाता है।