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‘हिंदुओं को भगाएँ मुस्लिम मुल्क, भारत और भारतीय उत्पादों का करें बहिष्कार’: अलकायदा के ‘वन उम्माह’ में टारगेट पर PM मोदी और नूपुर शर्मा

पत्रिका के अनुसार, "इन रीढ़़विहीन सरकारों ने अपमान और अपराध का जवाब केवल खोखली निंदा से दिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। दूसरी ओर इन देशों ने भारत की हिंदू नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देना जारी रखा हुआ है और उनके साथ व्यापक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध बनाए भी बनाए हुए हैं।"

आतंकी संगठन अलकायदा (Al Qaeda) ने भाजपा (BJP) की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) की पैगंबर मोहम्मद से संबंधित की गई टिप्पणी को लेकर एक बार फिर भारत पर निशाना साधा है। ‘वन उम्माह (One Ummah)’ नाम की पत्रिका के पाँचवें अंक में आतंकी संगठन ने सभी मुस्लिम देशों से भारत और भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की है। इसके साथ ही आतंकी संगठन ने अरब देशों में काम करने वाले सभी हिंदुओं को देश से बाहर निकालने की आह्वान किया है।

आतंकी संगठन की आधिकारिक मीडिया शाखा या मुखपत्र ‘अस-सहाब’ ने त्रैमासिक पत्रिका ‘वन उम्माह’ का पाँचवा संस्करण जारी किया है। पत्रिका के एक भाग में भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर निशाना साधा गया है। साथ ही पत्रिका ने नूपुर शर्मा के बयान के बहाने मुस्लिमों को भारत के खिलाफ एकजुट होने के लिए कहा गया है। लेख में पीएम मोदी की तस्वीर को अपमानजनक तरीके से पैर की मोहर के साथ छापा गया है।

अलकायदा के लेख में कहा गया है, “भारत की हिंदू सरकार मुस्लिम दुनिया की चुप्पी से उत्साहित थी और इस बार हद पार कर पैगंबर का अपमान कर दिया।” इसके साथ ही आतंकी संगठन ने कश्मीर घाटी में आतंकी हमलों को अंजाम देने में मुस्लिम देशों की मदद भी माँगी है।

आतंकवादी संगठन द्वारा प्रकाशित भारत सरकार पर निशाना साधते हुए लेख

पत्रिका में आगे कहा गया है, “हम अपनी नेक उम्माह को इस हिंदू सरकार के खिलाफ एकजुट होने और भारत में हमारे भाइयों और बहनों की मदद करने के लिए आमंत्रित करते हैं, ताकि अल्लाह के दुश्मन हमारे पैगंबर के खिलाफ इस तरह के अपमानजनक अपराध को दोहराने की हिम्मत न कर सकें।”

पत्रिका के अनुसार, “हम सभी मुस्लिमों, विशेष रूप से व्यापारियों को भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने, हिंदू कर्मचारियों को मुस्लिम देशों से बाहर निकालने का आह्वान करते हैं।” पत्रिका में हिंदुओं की तुलना यहूदियों से की गई है और देश में कथित तौर पर मुस्लिमों को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है।

बकौल ‘वन उम्माह‘, भारतीय शासक वर्ग में हमेशा इस्लाम के प्रति अनादर और घृणा व्यक्त करने की प्रवृत्ति रही है। भारतीय शासक का मुस्लिमों के जबरन विस्थापन, उन्हें सालाखों के पीछे धकेलने, जेलों में यातना देने और मुस्लिम समुदाय को बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित करने का आपराधिक रिकॉर्ड है। पत्रिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिस तरह से यहूदियों ने फिलीस्तीनियों के साथ आपराधिक व्यवहार किया है, उससे भारत अलग नहीं हैं।

इसमें यह भी कहा गया है कि ‘भारत की हिंदू सरकार मुस्लिम देशों की चुप्पी से प्रोत्साहित हुई और पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया’। पत्रिका में मुस्लिम राष्ट्रों को नूपुर शर्मा की कथित टिप्पणी की केवल निंदा करने और भारत के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए भी फटकार लगाई गई है।

पत्रिका के अनुसार, “इन रीढ़़विहीन सरकारों ने अपमान और अपराध का जवाब केवल खोखली निंदा से दिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। दूसरी ओर इन देशों ने भारत की हिंदू नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देना जारी रखा हुआ है और उनके साथ व्यापक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध बनाए भी बनाए हुए हैं।” पत्रिका ने इसके साथ 9/11 में जान गँवाने वाले आतंकवादियों की तस्वीर छापी है और मुस्लिमों से कहा है कि वे इन ‘नायकों’ को कभी न भूलें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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