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दिल्ली की ‘फ्री पानी’ में भी गुनाह नहीं धो पाया आफताब, श्रद्धा को बताता था पत्नी: जला दिया था चेहरा, पुलिस रिमांड 5 दिन बढ़ी

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार (17 नवंबर 2022) को आफताब अमीन पूनावाला को साकेत की कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसकी ​पुलिस रिमांड 5 दिन के लिए बढ़ा दी है। अदालत परिसर में मौत की सजा की माँग करते हुए वकीलों ने प्रदर्शन भी किया।

इससे पहले न्यूज एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया था कि आफताब ने महरौली के जिस फ्लैट में श्रद्धा वाकर की हत्या की थी, उसका 300 रुपए का पानी का बिल बकाया है। यह चौंकाता है, क्योंकि दिल्ली में 20 हजार लीटर पानी फ्री है। सूत्रों के अनुसार हत्या के बाद आफताब ने खून के धब्बों को साफ करने के लिए बहुत सारे पानी का इस्तेमाल किया होगा। इसकी वजह से पानी का बिल ज्यादा आया और 300 रुपए बकाया रह गए। पड़ोसियों ने यह भी बताया है कि आफताब नियमित रूप से बिल्डिंग की पानी की टंकी चेक करने भी जाता था।

सूत्रों के अनुसार पुलिस पूछताछ में आफताब ने श्रद्धा का चेहरा जलाने की बात भी कबूली है। उसने कहा है कि पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े करने के बाद उसने चेहरा चलाया था। इससे पहले खबर आई थी कि उसने सबसे आखिर में सिर को ठिकाने लगाया था। वह फ्रिज में रखे श्रद्धा के सिर को रोज निहारता था। उसका मेकअप करता था। उसे जोर-जोर से थप्पड़ मारता था। कभी-कभी उससे बातें भी करता था। यह बात भी सामने आई थी कि उसने सिर के टुकड़े नहीं किए थे।

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली आने से पहले श्रद्धा और आफताब मुंबई के वसई के वाइट हिल्स सोसाइटी के एक फ्लैट में रहते थे। यहाँ दोनों करीब छह महीने रहे। इस दौरान उन्होंने लोगों को अपना रिश्ता पति-पत्नी का बताया था। हालाँकि महरौली में उन्होंने जो फ्लैट किराए पर लिया था, उसके मालिक को पता था कि दोनों शादीशुदा नहीं हैं। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार श्रद्धा की हत्या के बाद आफताब ने अपना फोन ओएलएक्स पर बेच दिया था।

गौरतलब है कि श्रद्धा से आफताब की पहचान बंबल एप के जरिए ही हुई थी। बाद में दोनों लिव इन में रहने लगे। जब श्रद्धा शादी का दबाव बनाने लगी तो आफताब मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हो गया। श्रद्धा को भी यहीं बुला लिया। फिर 18 मई 2022 को गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने उसके शव के 35 टुकड़े किए थे। कई दिनों तक वह शव के टुकड़े दिल्ली के महरौली के जंगलों में फेंकता रहा था। 15 नवंबर को शवों के अवशेष की बरामदगी के लिए पुलिस आफताब के लेकर जंगल में गई थी। 10 बॉडी पार्ट्स मिलने की बात कही जा रही है। हालाँकि ये श्रद्धा के ही हैं, इसकी पुष्टि फोरेंसिक और डीएनए जाँच के बाद ही हो पाएगी।

शिशु गृह में जिन बच्चों को बनाया मुस्लिम, शिव मंदिर में उनकी हुई घर वापसी: पिता को सौंपे गए, कोविड लॉकडाउन में बिछड़ गए थे

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना काल के दौरान अपने माँ-बाप से बिछड़े तीन हिन्दू बच्चों का धर्म परिवर्तन (Religious Conversion) कराकर मुस्लिम (Muslim) बनाने का मामला सामने आया था। तीनों बच्चे रायसेन के शिशु गृह में रह रहे थे।

इस शिकायत पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो (Priyank Kanoongo) ने शिशु गृह का निरीक्षण किया था और कार्रवाई की बात कही थी। अब सुखद खबर यह है कि तीनों बच्चे सकुशल दमोह अपने घर पहुँच गए हैं। खुद प्रियंक कानूनगो ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।

तीनों बच्‍चे बुधवार (16 नवंबर 2022) की रात दमोह पहुँचे। यहाँ मौजूद बजरंग दल (Bajrang Dal) के कार्यकर्ताओं ने शिव मंदिर में पूरे हिंदू रीति रिवाज से इन बच्चों की घर वापसी कराई। मालूम हो कि साल 2020 में कोरोना महामारी के समय में लॉकडाउन के दौरान भोपाल के मंडीदीप में गार्ड की नौकरी करने वाले पिता से तीनों बच्चे बिछड़ गए थे।

हिन्दू बच्चों के नाम बदलकर शाहरुख, सुहाना और रुखसाना रखें

यहाँ पर बच्‍चों के नाम बदलकर शाहरुख, सुहाना और रुखसाना रख दिए गए थे। इतना ही नहीं, इनके आधार कार्ड भी इसी नाम से बनवा दिए गए थे। बच्चे जब इस शिशु गृह में गए थे तो इनके हिंदू नाम थे। शिशु गृह में पहुँचते ही वहाँ के संचालक हसीन परवेज ने इन बच्चों के नाम बदल दिए।

परवेज की इस करतूत का संज्ञान शनिवार (12 नवंबर 2022) को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) ने लिया था और जिला प्रशासन को शिशु गृह संचालक के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना गौहरगंज इलाके की है। तीनों बच्चे नाबालिग हैं, जिनकी उम्र 4, 6 और 8 साल है। दमोह के ये बच्चे हिन्दू धर्म के OBC वर्ग से हैं। तीनों साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में मंडीदीप क्षेत्र में अपने माता-पिता से बिछड़ गए थे।

उस समय भोपाल बाल कल्याण समिति नाम की संस्था ने इन बच्चों को रायसेन बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया था। बाद में रायसेन बाल कल्याण समिति ने इन्हें गौहरगंज के शिशु गृह में भेज दिया था। इस वजह से ये भाई-बहन 3 साल से हसीन परवेज द्वारा चलाए जा रहे बाल शिशु गृह में रह रहे थे।

हसीन परवेज के करतूतों की पोल तब खुली, जब राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो खुद इस शिशु गृह की जाँच के लिए गए थे। उन्हें किसी के द्वारा मौखिक रूप से परवेज की हरकत की शिकायत मिली थी।

महमूद खान ने रौनक चौरसिया बन हिंदू युवती को फँसाया, जबरन धर्मांतरण-निकाह का विरोध करने पर बाल काटे: यौन शोषण, Video बनाया

उत्तर प्रदेश के बहराइच (Bahraich, Uttar Pradesh) से लव जिहाद (Love Jihad) और धर्म परिवर्तन का एक चौंकाने वाला मामले सामने आया है। महमूद खान ने खुद को रौनक चौरसिया बताकर एक हिंदू युवती को प्रेम जाल में फँसा लिया। खान यहीं नहीं रूका। उसने युवती का लगातार दो साल तक यौन शोषण किया और उसका अश्लील वीडियो बना लिया।

बहराइच के रिसिया गुदनी बसाई में रहने वाले महमूद खान की सच्चाई पता चलने पर युवती ने विरोध किया। उसके बाद महमूद लड़की को वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा और जबरन धर्मांतरण कराकर निकाह कर लिया। निकाह के बाद भी महमूद का युवती पर जुल्म कम नहीं हुआ। वह आए दिन उसके साथ मारपीट करता था।

जब पीड़िता आरोपित महमूद की प्रताड़ना नहीं झेल सकी तो उसने आलमबाग थाने में जाकर शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर महमूद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपित महमूद खान मानक नगर में बीते कई साल से रह रहा है और प्राइवेट नौकरी करता है।

युवती के अनुसार, आरोपित महमूद खान ने खुद को हिंदू बताकर प्रेम जाल में फँसा था। उसने अपना नाम रौनक चौरसिया बताया था और फिर शारीरिक संबंध बनाए। युवती के अनुसार, महमूद ने उसके बाल काट दिए थे और मारपीट कर घर से निकाल दिया था। इसके साथ ही बेख़ौफ़ महमूद ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।

आलमबाग के प्रभारी निरीक्षक शिवशंकर महादेवन ने बताया, “पीड़ित युवती का पहले भी कई बार महमूद से झगड़ा हो चुका है। पंचायत भी हुई है। दोनों ने शादी की थी और दो साल से साथ रह रहे थे। युवती की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कार्रवाई के लिए पूछताछ की जा रही है।”

खुद को ‘जिंदा’ साबित करते-करते कोर्ट की दहलीज पर ही मर गए बुजुर्ग खेलई, कागजों में ‘मृत’ बता संपत्ति कर दी थी भाई के परिवार के नाम

बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी (Bollywood Actor Pankaj Tripathi) को हम सभी ने ‘कागज’ फिल्म में खुद को जिंदा साबित करने की जद्दोजहद करते हुए देखा है। साथ ही इस फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि कैसे अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्ट कर्मचारियों के कारण अभिनेता को मृत दिखाकर उनकी जमीन किसी और ने हड़प ली थी। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर से सामने आया है।

यहाँ करीब छह वर्ष पूर्व कागजों में खेलई नाम के शख्स को मार दिया गया था। वह भी पकंज त्रिपाठी की तरह इतने सालों से खुद को जिंदा साबित करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे थे। वह अपने जिंदा होने की गवाही देने के लिए बुधवार (16 नवंबर 2022) को तहसील पहुँचे थे, लेकिन अपनी बात रखने से पहले ही वह न्यायालय के बाहर दुनिया को छोड़कर चले गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, आज से 6 वर्ष पहले यानी 2016 में धनघटा तहसील क्षेत्र के कोड़रा गाँव में रहने वाले खेलई के बड़े भाई 90 वर्षीय फेरई की मृत्यु हो गई थी। तहसील के कर्मचारियों ने कागज में फेरई की जगह उनके छोटे भाई खेलई को मार डाला था।

इसके बाद खेलई की सारी संपत्ति फेरई की पत्नी सोमारी देवी और उनके तीन बेटों छोटे लाल, चालू राम और हरकनाथ के नाम कर दी गई। जैसे ही खेलई को इसकी जानकारी हुई, वह हैरान रह गए। इसके बाद वह खुद को जिंदा साबित करने में जुट गए। वह एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के पास प्रार्थना पत्र देकर खुद के जिंदा होने का सबूत दे रहे थे।

इसी बीच गाँव में चकबंदी की प्रक्रिया शुरू हो गई। उसके बाद उन्होंने चकबंदी न्यायालय में अर्जी दाखिल की। वहाँ भी उनकी संपत्ति उनके नाम नहीं हो पाई। वह 15 नवंबर 2022 को भी चकबंदी न्यायालय गए, लेकिन उनका बयान दर्ज नहीं हो पाया था।

इसी क्रम में 16 नवंबर 2022 को चकबंदी न्यायालय में खेलई को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था। इस दौरान खेलई के साथ उनके बेटे हीरालाल भी पहुँचे, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण अकारण कष्ट झेल रहे खेलई की अचानक तबीयत बिगड़ गई और चकबंदी न्यायालय के पास उनकी मृत्यु हो गई।

संतकबीर नगर, धनघटा के उप-जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि जीवित होने के बाद भी खेलई का मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे बना और कैसे दूसरे के नाम से वसीयत ट्रांसफर हुई, इन सभी बिंदुओं की जाँच कराई जाएगी। इसमें जो भी शामिल होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।

आफताब की 20 गर्लफ्रेंड, सबसे होगी पूछताछ: कई को लेकर उस घर में भी गया जहाँ श्रद्धा को काटा, सभी को अलग-अलग सिम से फँसाया

28 साल के आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) के केवल श्रद्धा वाकर (Shraddha Walker ) से ही संबंध नहीं थे। रिपोर्टों के अनुसार उसकी करीब 20 गर्लफ्रेंड रही है। ये सब डेटिंग एप के जरिए उसके संपर्क में आईं थी। यह भी पता चला है कि आफताब हर बार नए सिम से डेटिंग एप पर नया अकाउंट बनाता था।

रिपोर्ट के अनुसार गर्लफ्रेंड रहीं ज्यादातर लड़कियों को आफताब अपने घर ला चुका है। इनमें से कई को वह महरौली के उस फ्लैट पर भी ले गया, जहाँ श्रद्धा की हत्या कर उसके शव के 35 टुकड़े किए थे। ये लड़कियाँ दिल्ली और महाराष्ट्र की हैं। अब पुलिस इन सबसे भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने एप कंपनी से आफताब की सभी महिला दोस्तों के बारे में जानकारी माँगी है। रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पूछताछ के लिए जल्द ही आफताब की 20 से अधिक महिला मित्रों को समन भेजा जाएगा।

एक अन्य रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि हर बार नए सिम से डेटिंग एप पर अकाउंट बनाता था। लड़कियों से दोस्ती होने के बाद उन्हें अपने कमरे पर बुलाता था। श्रद्धा की हत्या के बाद भी कई बार लड़की को रूम पर लेकर आया था। इससे पता चलता है कि श्रद्धा की हत्या करने के बाद भी आफताब नॉर्मल जिंदगी जी रहा था। वह लड़कियों से मिल रहा था।

इससे पहले यह बात सामने आई थी कि श्रद्धा की हत्या के बाद आफताब एक लड़की को लेकर महरौली के फ्लैट पर आया था। साइकोलॉजिस्ट बताई जा रही यह लड़की बंबल एप के जरिए उसके संपर्क में आई थी। फ्लैट में जब वह इस लड़की के साथ इश्कबाजी कर रहा था, उस समय फ्रिज में श्रद्धा के शव के टुकड़े भी रखे हुए थे। हालाँकि लड़की को इसकी भनक नहीं लगी थी।

गौरतलब है कि श्रद्धा से भी आफताब की पहचान बंबल एप के जरिए ही हुई थी। बाद में दोनों लिव इन में रहने लगे। जब श्रद्धा शादी का दबाव बनाने लगी तो आफताब मुंबई से दिल्ली शिफ्ट हो गया। श्रद्धा को भी यहीं बुला लिया। फिर 18 मई 2022 को गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने उसके शव के 35 टुकड़े किए थे। कई दिनों तक वह शव के टुकड़े दिल्ली के महरौली के जंगलों में फेंकता रहा था। 15 नवंबर को शवों के अवशेष की बरामदगी के लिए पुलिस आफताब के लेकर जंगल में गई थी। 10 बॉडी पार्ट्स मिलने की बात कही जा रही है। हालाँकि ये श्रद्धा के ही हैं, इसकी पुष्टि फोरेंसिक और डीएनए जाँच के बाद ही हो पाएगी।

बिहार में स्कूल को ही बना दिया बार, दारूबाजों को क्लास में डाल बाहर से ताला लगा देती थी हेडमास्टरनी साजदा खातून: शौहर मुख्तार ने छिपाई शराब

शराबबंदी वाले बिहार में स्कूल शराबियों के अड्डे के रूप में उभर रहे हैं। इसी क्रम में दरभंगा के मनीगाछी प्रखंड के मकरंदा गाँव स्थित प्राथमिक स्कूल से दो शराबी पकड़े गए हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल में शराब पीने का काम प्रधानाध्यापिका साजदा खातून और उसके शौहर मोहम्मद मुख्तार के संरक्षण में चल रहा था।

इस मामले का खुलासा वरीय उपसमाहर्ता पुष्पिता झा द्वारा विद्यालय का औचक निरीक्षण करने के बाद हुआ। बुधवार (16 नवंबर 2022) को झा स्कूल का निरीक्षण करने पहुँची थीं। जब उन्होंने स्कूल की पहली मंजिल पर बंद पड़े एक कमरे का ताला खुलवाया तो भौंचक रह गईं। कमरे में बैठकर 2 लोग शराब पी रहे थे। कमरे से शराब की बोतलें, सिगरेट, माचिस वगैरह बरामद हुए।

इस दौरान मौके का फायदा उठाकर दोनों शराबी भाग निकले। इनकी पहचान गाँव के ही प्रकाश सदाय और मिथिलेश सदाय के तौर पर हुई है। इस दौरान मुख्तार पर शराब की बोतलें छिपा देने का भी आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार खातून क्लास रूम में शराबियों को भेजकर बाहर से ताला लगा देती थी। इसकी चाबी वह अपने पास ही रखती थी। शराबियों की सहूलियत के लिए कमरे में एक बिछावन भी लगा था।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित संबंधित रिपोर्ट

वरीय उपसमाहर्ता ने निरीक्षण के बाद बीडीओ और बीईओ को प्रधानाध्यापिका को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस स्कूल में पदस्थापित अन्य शिक्षकों का भी ब्यौरा माँगा है। दरभंगा के डीएम राजीव रौशन ने भी इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएँ बर्दाश्त नहीं की जाएँगी।

वैसे यह पहला मामला नहीं है जब बिहार के स्कूल में शराब पीने की घटना हुई है। हाल ही में आरा से एक वीडियो सामने आया था जिसमें सरकारी स्कूल के भीतर बैठकर कुछ लोग आराम से दारू पार्टी करते नजर आए थे। सितंबर में वैशाली के एक सरकारी स्कूल से 150 कार्टून शराब बरामद हुआ था। इस स्कूल के एक कमरे का इस्तेमाल गोदाम के तौर पर शराब के अवैध धंधे में लगे लोग कर रहे थे।

गौरतलब है कि बिहार में एक तरफ स्कूल शराब के अड्डे बने हुए हैं। शिक्षकों की संलिप्तता सामने आ रही है। दूसरी तरफ इस साल की शुरुआत में राज्य सरकार ने शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी थी कि वे स्कूल परिसर या उसके आसपास शराब से जुड़ी कोई भी गतिविधि होने पर उसकी सूचना पुलिस को दें।

मुंबई पुलिस को घूमा रहा था आफताब, बार में दारू पीने के बाद नहीं रहा कंट्रोल: उगल दिए श्रद्धा की हत्या के सारे राज

श्रद्धा वाकर की बेरहमी से हत्या (Shraddha Waker Murder) कर 35 टुकड़ों में काटकर फेंकने वाला आफताब शुरुआत से ही इस मुगालते में था कि वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा। वह हत्या के बाद से ही पूछताछ के दौरान खुद को आत्‍मविश्‍वास से लबरेज द‍िखाता रहा। वह यह दिखाने की कोशिश करता रहा, जैसे उसने कुछ किया ही नहीं है।

मुंबई की वसई पुलिस (Mumbai Police) ने इस सिलसिले में आफताब से काफी पूछताछ की थी। पुलिस को उस पर पहले से ही शक था। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आफताब ने वसई के एक बार में शराब पीने के बाद श्रद्धा की हत्या से जुड़े सारे राज उगल दिए थे।

श्रद्धा के प‍िता विकास ने अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी आधार पर वसई पुलिस ने 6 अक्टूबर 2022 के बाद उसे पूछताछ के ल‍िए बुलाया था। मुख्य आरोप‍ित आफताब अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा के साथ संबंधों के बारे में बताने में जरा भी नहीं ह‍िचक‍िचाया था। 

आफताब ने पुलिस को बताया था कि दोनों के बीच बहस के बाद श्रद्धा उसके दिल्ली वाले घर से चली गई थी। आफताब ने बडे ही बेशर्मी से यह भी स्वीकार किया था कि उसने मामले को सुलझाने या श्रद्धा का पता नहीं लगाकर गलती की। 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अक्टूबर में पूछताछ के बाद जब उसे घर जाने दिया गया तो वह पूरे आत्मविश्वास में था। उस दौरान वह संभवतः यह सोच रहा था क‍ि उसने पुल‍िस के साथ सहयोग करके शानदार तरीके से डबल गेम खेल गया है।

जब उसे नवंबर माह में फ‍िर से पूछताछ के लिए बुलाया गया तो उसने पहले के बयान से अगल बयान द‍िया। पुलिस को इस पर शक हुआ और आफताब पर चौकसी बढ़ा दी गई। पुलिस ने उसे ऐसा महसूस कराया कि पूछताछ के दौरान कुछ भी पता नहीं चला है।

सूत्रों ने कहा क‍ि आफताब इसके बाद वसई में एक बार गया और वहाँ दारू के नशे में उसने श्रद्धा की हत्या से जुड़े सारे राज उगल द‍िए। नशे की हालत में उसने यह भी बताया कि उसने किस तरह से श्रद्धा की हत्या की। इतना ही नहीं, आफताब ने अमेरिकी ड्रामा सीरीज ‘डेक्सटर’ से प्रभावित होने की भी बात कही। साथ ही बताया कि बॉडी को टुकड़ों में काटने के लिए इंटरनेट की मदद ली थी।

आफताब से 3 नवंबर को वसई पुलिस ने आखिरी बार पूछताछ की थी और इसके एक दिन बाद वह मुंबई से दिल्ली चला गया। चौकन्नी मुंबई पुलिस ने इस बारे में दिल्ली पुलिस को सूचित कर दिया। उसके बाद 10 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने उसके घर पर धावा बोल दिया और पूछताछ के लिए अपने साथ ले आई। इसके बाद इस वीभत्स हत्याकांड की जानकारी पूरे देश के सामने आई।

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि श्रद्धा से रिलेशनशिप में रहने के बाद भी आफताब न सिर्फ बंबल, बल्कि कई डेटिंग एप्स पर एक्टिव था। दिल्ली पुलिस को शक है कि श्रद्धा वाकर की हत्या के वक्त भी आफताब दूसरी लड़कियों के संपर्क में आया था।

आरोपित आफताब पूनावाला इसी एप के जरिए एक और लड़की के संपर्क में था। बताया जा रहा है कि इस लड़की को भी आफताब अपने घर बुलाने ही वाला था कि उसकी पहली गर्लफ्रेंड श्रद्धा की हत्या का खुलासा हो गया।

सपना के साथ लिव इन, कविता को प्यार का झाँसा: अबू बकर ने हिंदू युवती को तीन टुकड़ों में काटकर फेंका, बांग्लादेश की घटना

बांग्लादेश (Bangladesh) से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। खुलना शहर के गोबरचका इलाके में अबू बकर (Abu Bakkar) ने हिंदू महिला (Hindu Women Murder in Bangladesh) को पहले अपने प्यार के जाल में फँसाया, फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शरीर के तीन टुकड़े कर दिए।

पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 7 नवंबर 2022 की है। मृतका की पहचान कविता रानी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपित अबू बकर ने महिला के शव के 3 टुकड़े करने के बाद उसे पॉलीथीन में लपेटकर नाली में फेंक दिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश की रैपिड ऐक्शन बटालियन (आरएबी) ने 7 नवंबर 2022 की सुबह हत्यारे अबू बकर को गिरफ्तार कर लिया। आरएबी-6 के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल मोस्ताक अहमद ने इस हत्याकांड के बारे में मीडियाकर्मियों को जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार अबू बकर और उसकी तथाकथित पत्नी सपना 3 साल से गोबरचका चौराहा नंबर 1 में राजू नाम के व्यक्ति के घर में शौहर-बीवी की तरह रह रहे थे। सपना कानूनी तौर पर अबू की बीवी नहीं है। वह शहर के प्रिंस अस्पताल में नर्स का काम करती है। अबू ने एक रिश्ते में होने के बावजूद कविता को अपने झूठे प्रेम के जाल में फँसाया।

बताया जा रहा है कि हत्याकांड से थोड़े दिन पहले ही कविता और अबू बकर की मुलाकात हुई थी। आरोपित की महिला से मुलाकात घटना से सिर्फ पाँच दिन पहले हुई थी। वह कविता को अपने किराए के मकान में लेकर आया था। उस वक्त उसकी कथित बीवी सपना काम पर गई हुई थी।

इस बीच दोनों के बीच काफी कहासुनी हुई। कविता के जोर-जोर से बोलने पर अबू बकर ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को ठिकाने लगाने के लिए वह किचन से धारदार चाकू लेकर आया और कविता का सिर धड़ से अलग कर दिया। इसके दोनों हाथों को भी काटकर अलग कर दिया। अबू बकर ने उसके कटे हुए सिर और हाथ को पॉलीथिन में लपेट लिया। उसने लाश के बाकी हिस्सों को एक बॉक्स में रख दिया।

आरएबी के अधिकारी ने यह भी खुलाया किया कि उसी रात (5 नवंबर 2022) अबू बकर अपनी तथाकथित बीवी सपना के साथ रूपसा नदी पार की और ढाका के लिए रवाना हो गया। पुलिस के साथ-साथ आरएबी इंटेलिजेंस ने 6 नवंबर 2022 की रात आरोपित अबू बकर के ठिकाने का पता लगाया। उसके बाद गाजीपुर जिले के बसन थाना क्षेत्र के चौरास्ता इलाके से उसे और सपना को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने गिरफ्तार आरोपित को सोनाडांगा थाने की पुलिस को सौंप दिया है।

बता दें कि इससे पहले 6 नवंबर 2022 को सुबह करीब 11 बजे पुलिस ने कविता रानी के शव के अन्य हिस्से नंबर 1 गोबरचका क्रॉस रोड, खुलना शहर स्थित किराए के मकान से बरामद किए थे। आरोपित के जुर्म कबूल करने के बाद आरएबी ने शहर के गोबरचका इलाके की एक संकरी जगह से पॉलीथीन में बंद कविता के कटे हुए हाथ बरामद किए थे।

‘हम हैं छिंदवाड़ा वाले’: कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ ने काटा मंदिर शेप वाला केक-हनुमान जी भी बने थे, CM शिवराज ने बताया- बगुला भगत

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ (Kamal Nath) की कुछ तस्वीरें और एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस वीडियो में कमलनाथ अपने जन्मदिन से पूर्व बुधवार (16 नवंबर 2022) को शिकारपुर में भगवान हनुमान के चित्र और मंदिर के आकार का बना केक काटते हुए दिखाई दे रहे हैं।

वहीं जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, उसके मुताबिक केक चार हिस्सों में बना है। नीचे पहली लेयर पर लिखा है- हम हैं छिंदवाड़ा वाले, इससे ऊपर दूसरी पर- जीवेत शरद: शतम्, तीसरी पर माननीय कमलनाथ जी और चौथी लेयर पर जन नायक लिखा हुआ है। चौथी लेयर पर हनुमान जी का फोटो है। केक पर मंदिर की तरह शिखर है। झंडा लगा हुआ है।

हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने को लेकर सोशल मीडिया पर भी कॉन्ग्रेस और उनके नेताओं की काफी आलोचना हो रही है। लोग कह रहे हैं कि कॉन्ग्रेस का हर नेता प्रतिदिन अपने काम और व्यवहार से हिन्दू विरोधी मानसिकता दर्शाता है। ये सिर्फ केक नहीं, ये एक संदेश है इनके कोर वोटरों को, अगर कॉन्ग्रेस की सरकार बनी तो इसी तरह मन्दिर तोड़े दिए जाएँगे। वहीं, इस मामले में बीजेपी (BJP) भी लगातार उन पर हमलावर है।

इसको लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने उन पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “कॉन्ग्रेसियों का भगवान की भक्ति से कोई लेना-देना ही नहीं है, यह बगुला भगत हैं। इनकी पार्टी कभी श्रीराम मंदिर का विरोध करती थी। आप केक पर हनुमान जी बना रहे हैं और फिर केक काट भी रहे हैं। यह सनातन परंपरा और हिंदू धर्म का अपमान है, जिसको यह समाज स्वीकार नहीं करेगा।”

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसको लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा, “सनातनी होने का दावा करने वाले चुनावी हिंदू कमलनाथ जी ने भगवान हनुमान जी की फोटो लगे मंदिर की प्रतिकृति वाले बर्थडे केक को काटकर हिंदू धर्म की आस्था पर कुठाराघात किया है। कमलनाथ जी का यह कृत्य मंदिरों को ध्वस्त करने वाले मोहम्मद गौरी और महमूद गजनवी की याद दिलाता है।”

इससे पहले बीजेपी जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने भी कमलनाथ पर ‘हिंदू आस्था से खिलवाड़’ करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भले ही हनुमान जी का मंदिर बनवाया है, लेकिन मंदिर में उनकी आस्था नहीं है। उनका पूरा परिवार और वे हिंदू धर्म की आस्था से खिलवाड़ करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने यह भी कहा, “मुझे पता नहीं, लेकिन लोग कह रहे हैं कि अंडे वाला केक है। यदि अंडे वाले केक में हनुमानजी को बिठाया है तो इसका फल उन्हें भुगतना पड़ेगा। हम इसका विरोध कर रहे हैं।”

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गाँधी ने ‘राष्ट्रगीत’ बजाने के लिए कहा, बजने लगा नेपाल का राष्ट्रगान: बाद में ‘जन-गण-मन’ खत्म होने पर भी बजता रहा म्यूजिक

कॉन्ग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के माध्यम से देश की जनता को समय-समय पर मनोरंजन का अवसर मिल जाता है। ऐसी ही एक घटना राहुल गाँधी के ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान महाराष्ट्र के वाशिम में सजे मंच से देखने को मिली। दरअसल, यहाँ भारतीय राष्ट्रगान की जगह नेपाली राष्ट्रगान बज उठा। कुछ देर तक यह बजता रहा। इस बीच मंच पर उपस्थित राहुल गाँधी और दूसरे नेता से ‘राष्ट्रगीत’ का रट लगाते रहे।

क्या है पूरा मामला ?

राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा महाराष्ट्र के वाशिम में पहुँची। वहाँ राहुल गाँधी और कुछ कॉन्ग्रेसी नेता एक मंच पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। राहुल गाँधी ने भाषण के बाद बगल में खड़े नेताओं से ‘राष्ट्रगीत’ बजाने के लिए कहा, लेकिन नेपाल का राष्ट्रगान बजने लगा। यह कुछ देर तक बजता रहा और राहुल गाँधी सावधान की मुद्रा में खड़े रहे। फिर उन्हें एहसास हुआ कि यह जन-गण-मन नहीं है तो उन्होंने फौरन नेताओं से ‘राष्ट्रगीत’ बजाने के लिए कहा।

हालाँकि, राहुल के कहने के बावजूद भी कुछ नेता उनकी बातों को नहीं समझ पा रहे थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि कई बार कहे जाने के बाद राष्ट्रगान बजाया गया। जो राष्ट्रगान बजाया गया वह भी तय शब्दों से अधिक बजा “जय हे, जय हे… जय जय जय जय हे…” के बाद राष्ट्रगान समाप्त हो जाता है, लेकिन यहाँ इसके बाद भी कई सेकेंड तक गाना बजता रहा। इसे वीडियो के 24-27 मिनट के बीच सुना जा सकता है।

बता दें कि जन-गण-मन राष्ट्रगान है और वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है। इसे रविंद्रनाथ टैगोर ने लिखा है। वहीं, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्या ने लिखा है। राहुल गाँधी ‘जन-गण-मन’ को मंच से ‘राष्ट्रगीत’ के रूप में संबोधित करते रहे।

भाजपा नेताओं और नेटिजन्स के निशाने राहुल गाँधी

इस गलती के लिए भाजपा नेताओं को और नेटिजन्स को मौका मिल गया। भाजपा नेताओं ने इसके लिए राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। महाराष्ट्र के भाजपा नेता नितेश राणे ने इस घटना का एक वीडियो भी साझा किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “राहुल का कॉमेडी सर्कस।”

तमिलनाडु के भाजपा नेता अमर प्रसाद रेड्डी ने भी वही वीडियो शेयर कर लिखा कि राहुल गाँधी, यह क्या है?

भाजपा नेताओं के अलावा सोशल मीडिया यूजर्स ने भी राहुल गाँधी का मजाक उड़ाया। एक यूजर ने लिखा कि क्या यह नेपाल का राष्ट्रगान है? एक अन्य यूजर ने लिखा कि राहुल को 5 सेकंड से ज्यादा समय यह समझने में लगा कि यह गलत गाना बजा है। @ShefVaidya नाम के यूजर ने लिखा, “जिस राहुल गाँधी को भारत के राष्ट्रगीत के ओपनिंग बार्स तक पता नहीं है वो क्या ख़ाक भारत जोडेगा?”

रामेश्वर सनातनी नाम के यूजर ने लिखा कि इन लोगों पर गलत राष्ट्रगान गाने और इसके अपमान के लिए केस दर्ज होना चाहिए।