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राजस्थान में डेटोनेटर लगाकर रेलवे ट्रैक और पुल उड़ाने की कोशिश: ट्रैक और पुलिया में दरार, PM मोदी ने 13 दिन पहले किया था उद्घाटन

उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाइन (Udaipur-Ahmedabad Railway Line Blast) पर बने पुल को शनिवार (12 नवंबर 2022) की रात ब्लास्ट कर उड़ाने की आतंकी कोशिश की गई। इस कार्रवाई में रेलवे पटरियों में दरार पड़ गए हैं। मौके पर बारूद पाया गया है। इस पुल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने देश को समर्पित किया था। मामले की जाँच आतंकी एंगल से भी की जा रही है।

शनिवार की देर रात संदिग्धों ने रेलवे पुल और पटरियों को उड़ाने की कोशिश की। इसकी गूंज स्थानीय लोगों ने भी सुनी। इसके बाद कुछ लोग विस्फोट वाले स्थान की ओर पहुँचे। इस वक्त इस घटना को अंजाम दिया गया, उससे चार घंटे पहले ही ट्रेन गुजरी थी। बाद में अहमदाबाद से उदयपुर आ रही ट्रेन को डूंगरपुर में रोक दिया गया है।

जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने कहा कि डेटोनेटर से पुल को उड़ाने की साजिश की गई है। वहीं, घटनास्थल पर राजस्थान पुलिस की एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड (ATS) पहुँचकर आतंकी एंगल से जाँच कर रही है। उदयपुर के एसपी ने बताया कि इसे देखकर ऐसा लगता है कि इसे पूरी तरह प्लानिंग करके ब्लास्ट किया गया है। डेटोनेटर सुपर 90 श्रेणी का है।

घटना उदयपुर से करीब 35 किलोमीटर दूर सलूम्बर मार्ग पर केवड़े की नाल में ओढ़ा रेलवे पु​ल की है। ग्रामीणों को रात 10 बजे के आसपास धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके बाद कुछ युवा तुरंत पटरी पर पहुँचे तो वहाँ के हालात देखकर दंग रह गए।

रेलवे लाइन पर बारूद पड़ा हुआ था। लोहे की पटरियाँ कई जगह से टूटी हुई थीं। इतना ही नहीं, पु​ल पर लाइन से नट-बोल्ट खोल लिए गए थे। ट्रैक पर लोहे की पतली चादर भी उखड़ी हुई मिली। हालात की गंभीरता को देखते हुए लोगों ने प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद इस ट्रैक पर ट्रेनों को रोक दिया गया।

उदयपुर-अहमदाबाद ट्रेन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2022 को हरी झंडी दिखाकर की थी। इस ट्रैक के लिए 6 साल लंबा इंतजार करना पड़ा था। पहले यहाँ मीटर गेज (छोटी लाइन) थी, जिसे हटाकर ब्रॉड गेज में तब्दील किया गया है। इसके लिए 1700 करोड़ रुपए खर्च किए गए।

रिजवान-बाबर से छक्के लगवा, बारिश न हो… ऊपर वाले ने नहीं सुनी पाकिस्तानी लड़कियों की दुआएँ: फेल हुए ओपनर्स, बरसात भी आ गई

रविवार (13 नवंबर, 2022) को आईसीसी टी20 विश्व कप का फाइनल मैच पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा है। ये मैच ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। इस मैच में शुरुआती झटके लगने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम की हालत नाजुक दिख रही है। इस बीच, पाकिस्तानी लड़कियों का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लड़कियाँ पाकिस्तान क्रिकेट टीम की जीत की दुआएँ माँगती दिख रहीं हैं।

वायरल वीडियो में, लड़कियाँ स्कूल की यूनिफॉर्म में नजर आ रहीं हैं। लड़कियों ने हाथ में पाकिस्तान का झंडा भी पकड़ा हुआ है। वीडियो में एक लड़की पाकिस्तान की जीत की दुआ माँगते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन करने की बात कह रही है, जिस पर अन्य लड़कियाँ ‘आमीन’ कहती नजर आ रहीं हैं।

वीडियो में लड़की कहती है, “एलेक्स हेल्स और जॉस बटलर की एक न चले”, वहीं एक अन्य लड़की कहती है “मोहम्मद रिजवान से छक्के लगवा”। इसके बाद वहाँ बैठी बाकी लड़कियाँ एक बार फिर कहतीं हैं, “आमीन!” यही नहीं, वीडियो में पाकिस्तानी गेंदबाजों को इंग्लैंड के विकेट गिराने की हिम्मत देने और मैच में बारिश न हो – इसके लिए भी दुआएँ माँगती नजर आ रहीं हैं।

हालाँकि, इसके बाद भी पाकिस्तान की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। कप्तान बाबर आजम हों या फिर मोहम्मद रिजवान और हारिस, इंग्लैंड के गेंदबाजों के आगे किसी का भी बल्ला नहीं चल सका है। यही कारण है कि पाकिस्तान ने इंग्लैंड के सामने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर महज 137 रन बनाए हैं। यानी इंग्लैंड के सामने अब 138 रनों का लक्ष्य है।

बता दें, शुरुआती दो मैचों में हार के बाद पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुँचने की उम्मीदें खत्म हो चुकीं थीं। लेकिन, नीदरलैंड के हाथों दक्षिण अफ्रीका की हार के बाद पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुँचा था। जहाँ, वह न्यूजीलैंड को हराकर अब फाइनल में इंग्लैंड के सामने है। पाकिस्तान और इंग्लैंड एक-एक बार टी 20 विश्वकप जीत चुके हैं। पाकिस्तान साल 2009 में वहीं इंग्लैंड साल 2010 में टी 20 क्रिकेट का विश्व विजेता बना था। यानी रविवार (13 नवंबर 2022) को जो भी टीम फाइनल जीतेगी वह दूसरी बार टी20 विश्वकप विजेता बनेगी।

तलाक की खबरों के बीच शोएब और सानिया लेकर आ रहे रियलिटी टॉक शो: यूजर बोले- शो के लिए कर रहे थे पब्लिसिटी स्टंट

पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक (Shoaib Malik) और भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा (Sania Mirza) की तलाक की खबरें चल रही हैं। कहा जा रहा है कि दोनों के बीच तलाक होने जा रहा है, लेकिन दोनों की तरफ से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इसी बीच दोनों के एक टॉक शो का पोस्टर सामने आया है। टॉक शो का नाम ‘द मिर्जा मलिक शो’ है और दोनों इसे होस्ट करेंगे।

मीडिया में कहा जा रहा है कि दोनों अलग-अलग रहते हैं और दोनों तलाक की कार्रवाई जल्दी होने वाली है। तलाक के पीछे पाकिस्तानी मॉडल आयशा उमर बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि शोएब मलिक आजकल आयशा के साथ डेटिंग कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि शोएब मलिक ने सानिया मिर्जा को धोखा दिया है और सानिया को इसकी भनक लग गई।

हालाँकि, आधिकारिक रूप से शोएब या सानिया ने इसकी कभी पुष्टि नहीं की। इसी बीच सानिया मिर्जा की कुछ दिन पहले डाली गई इंस्टाग्राम स्टोरी ने इस अफवाह को हवा दिया। स्टोरी में सानिया ने लिखा था, ‘Where do broken hearts go. To find Allah! (टूटे हुए दिल कहाँ जाते हैं, अल्लाह को खोजने!)।

खुद को शोएब का करीबी दोस्त बताने वाले एक दोस्त ने दावा किया था कि वे तलाक की पुष्टि करते हैं, लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकते। इस कथित दोस्त का दावा था कि आधिकारिक रूप से दोनों का तलाक हो चुका है और बस कुछ औपचारिकताएँ बाकी हैं। दोनों अलग-अलग भी रह रहे हैं। यह दोस्त शोएब की मैनेजमेंट टीम का हिस्सा है।

सानिया मिर्जा द्वारा दुबई स्थित अपने घर को छोड़ने की भी खबर आई थी। बता दें कि शोएब मलिक और सानिया मिर्जा की शादी 12 अप्रैल 2010 को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में हुई थी। इसके बाद 15 अप्रैल 2020 को पाकिस्तान के लाहौर में रिसेप्शन का आयोजन किया गया था। दोनों का इजहान नाम का एक बेटा भी है, जिसका जन्म साल 2018 में हुआ था।

शनिवार (12 नवंबर 2022) की रात OTT प्लेटफॉर्म उर्दूफ्लिक्स ने इंस्टाग्राम पर घोषणा की कि सानिया और शोएब ‘द मिर्जा मलिक शो’ में एक साथ नजर आएँगे। जारी पोस्टर के साथ लिखा गया था, “मिर्जा मलिक शो बहुत जल्द केवल उर्दूफ्लिक्स पर।” पोस्टर में सानिया शोएब अपने कंधे पर अपना हाथ रखे नजर आ रही है। वहीं, पोस्टर में दिख रही खिड़की के बाहर बुर्ज खलीफा दिख रहा है।

अब जबकि ‘द मिर्जा मलिक शो’ का पोस्टर सामने आया तो सोशल मीडिया के यूजर तलाक की खबरों को पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि नए टॉक शो के प्रमोशन के लिए से दोनों ने अपने तलाक की अफवाह मीडिया में उड़ाई थी। यही कारण है कि दोनों ने इस पर किसी तरह सफाई भी नहीं दी। खैर जो भी हो, टॉक शो आने के बाद इसका जवाब मिलता नजर आएगा।

आयशा उमर के साथ शोएब की नजदीकी को साबित करने के लिए शोएब मलिक का इंटरव्यू भी वायरल हो रहा है। इसमें शोएब ने खुलासा किया था कि आयशा ने फोटोशूट के दौरान उनकी बहुत मदद की थी। बता दें कि साल 2021 में शोएब ने आयशा के साथ बोल्ड फोटोशूट करवाया था।

सामान को फर्श पर बिखेरा, मंदिर से चुरा ली माँ काली की मूर्ति, शेषनाग और आरती का घंटा: आगरा में रिजवान, शाहरुख़ और इमरान गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने मंदिर में चोरी के आरोप में 3 चोरों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम रिज़वान कुरैशी, शाहरुख़ और इमरान हैं। गिरफ्तार रिज़वान एक राजनीतिक पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा का सदस्य भी बताया जा रहा। पुलिस ने आरोपितों के पास से मंदिर में चोरी हुआ सामान भी बरामद कर लिया है। इसमें घंटे, आरती का दीपक और शेषनाग भी शामिल है। घटना बुधवार (9 नवम्बर 2022) की है। तीनों की गिरफ्तारी शुक्रवार (11 नवम्बर, 2022) को हुई है।

घटना लोहामंडी थानाक्षेत्र की है। मंदिर में चोरी की शिकायत स्थानीय निवासी हेमंत कुमार प्रजापति ने की है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया है कि 9 नवम्बर की सुबह पुल छिंगा मोदी स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर के मुख्य द्वार का ताला टूटा मिला था। हेमंत के अनुसार उस समय मंदिर के फर्श पर सामान बिखरा हुआ था। इस मौके पर पुजारी तरुण शर्मा मौजूद बताए जा रहे हैं। अंदर जा कर जब देखा गया तब मंदिर का काफी सामान चोरी हो चुका था।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, मंदिर के हालात देख कर पुलिस को सूचना दी गई थी। शिकायत के मुताबिक जब मंदिर के अंदर जा कर जाँचा गया तब दान पेटी में रखे गए पैसे, आरती करने वाले दीपक की घण्टी और घण्टे, पीलत धातु की शेषनाग की मूर्ति, दीपदान, आरती करने में प्रयोग होने वाली बिजली से चलने वाली ढोल, 2 बाल्टी, पंखा और काली माँ की मूर्ति गायब मिले। हेमंत कुमार ने अपनी शिकायत में पुलिस से मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। हेमंत की इस शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 380 के तहत अज्ञात चोरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली थी। बाद में घटना की जाँच करते हुए पुलिस ने रिज़वान, शाहरुख़ और इमरान को खोज निकाला। उनके पास से मंदिर में चोरी हुआ अधिकतर सामान भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपितों का चालान किया है। पुलिस के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपित सामान को बेचने की फिराक में थे।

चेंजिंग रूम में युवती का बना रहा था वीडियो, केरल में रेडियोलाजिस्ट गिरफ्तार: कई महिलाओं के साथ कर चुका है ऐसी हरकत

केरल के पठानमथिट्टा जिले में स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर के चेंजिंग रूम में युवती का वीडियो रिकॉर्ड करने के आरोप में एक रेडियोलॉजिस्ट को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान कडक्कल निवासी रंजीत के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपित ने अन्य महिलाओं के वीडियो भी रिकॉर्ड किए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (12 नवंबर, 2022) को एक युवती पठानमथिट्टा जिले के कुडूर में स्थित एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर में एमआरआई स्कैनिंग के लिए पहुँची थी। जहाँ, आरोपित ने उसे चेंजिंग रूम में कपड़े बदलने के लिए कहा। पीड़िता का आरोप है कि जब वह कपड़े बदल रही थी तब आरोपित रंजीत अपने मोबाइल से उसका वीडियो बना रहा था।

इसके बाद पीड़ित युवती ने उसका मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करते हुए उसके फोन को फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा था। जाँच रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस का कहना है कि आरोपित ने कई अन्य महिलाओं के वीडियो भी रिकॉर्ड किए थे। यही नहीं, पुलिस को पूछताछ और जाँच के दौरान कुछ सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं जिससे इस बात की पुष्टि हुई है कि आरोपित युवती का वीडियो बना रहा था।

बता दें कि बीते कुछ महीनों में चोरी-छिपे लड़कियों के वीडियो बनाने की कई घटनाएँ सामने आई हैं। सितंबर में पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में ऐसा ही मामला सामने आया था। जहाँ, छात्रा पर हॉस्टल के वॉशरूम में नहा रही लड़कियों के वीडियो बनाने का आरोप लगा था। यह भी कहा गया था कि आरोपित छात्रा वीडियो बनाकर अपने बॉयफ्रेंड को भेजती है। इस मामले में पुलिस ने आरोपित छात्रा समेत मामले में संलिप्त अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया था।

इसके अलावा, आईआईटी बॉम्बे में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। यहाँ, हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा ने हॉस्टल कैंटीन में काम करने वाले एक कर्मचारी पर वॉशरूम का वीडियो बनाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद, पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था।

वहीं, तमिलनाडु के मदुरै में एक प्राइवेट क्लीनिक चलाने वाले एक युवक और उसकी गर्लफ्रैंड को भी ऐसे ही एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। जहाँ, प्राइवेट कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली छात्रा लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड कर अपने बॉयफ्रेंड को भेजती थी। लड़की ने आरोप लगाया था कि उसका बॉयफ्रेंड उस पर लड़कियों के नहाने और कपड़े बदलने के वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए दवाब डालता था। इस मामले में पुलिस ने छात्रा और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया था।

कोरोना के दौरान शिशु गृह में 3 बच्चों को बना दिया मुस्लिम… नाम ‘नवजीवन’, हसीन परवेज है संचालक: बाल आयोग एक्शन में

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के एक शिशु गृह में 3 हिन्दू बच्चों को मुस्लिम बनाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चे भाई-बहन हैं जो कोरोना काल में अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। इस शिशु गृह को हसीन परवेज नाम के व्यक्ति द्वारा संचालित किया रहा है। आरोप है कि हसीन परवेज ने तीनों बच्चों के इस्लामी नाम ने पहचान पत्र भी बनवा डाले हैं जिसमें उसने खुद को बच्चों का अभिभावक दिखाया है। परवेज की इस करतूत का संज्ञान शनिवार (12 नवंबर, 2022) को राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने लिया है और जिला प्रशासन को शिशु गृह संचालक के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना गौहरगंज इलाके की है। मुस्लिम बनाए गए तीनों बच्चे नाबालिग हैं जिनकी उम्र 4, 6 और 8 साल है। इसमें 2 लड़कियाँ और 1 लड़का है। ये बच्चे मध्यप्रदेश के ही दामोह जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं जो हिन्दू धर्म के OBC वर्ग से हैं। तीनों साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में मंडीदीप क्षेत्र में अपने माता-पिता से बिछड़ गए थे। उस समय भोपाल बाल कल्याण समिति नाम की संस्था ने इन बच्चों को रायसेन बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया था।

बाद में रायसेन बाल कल्याण समिति ने इन्हें गौहरगंज के शिशु गृह में भेज दिया था। इस वजह से ये भाई-बहन 3 साल से हसीन परवेज द्वारा चलाए जा रहे गोदी बाल शिशुगृह में रह रहे थे।

हसीन परवेज गौहरगंज के गोदी शिशुगृह को ‘नवजीवन सामाजिक संस्था’ नाम से चलाता है। इस शिशुगृह को सरकार द्वारा अनुदान मिलता है। उसकी एक क्लीनिक भी है। आरोप है कि हसीन परवेज ने इन तीनों बच्चों के आधार कार्ड मुस्लिम नाम से बनवा डाले थे। इन आधार कार्डों में उसने खुद को बच्चों का गार्जियन दिखाया था। इसमें से एक बच्चे का नाम शाहरुख़ रखा गया था। हसीन परवेज के करतूतों की पोल तब खुली जब राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो खुद इस शिशु गृह की जाँच के लिए गए थे। बताया जा रहा है कि उन्हें किसी के द्वारा मौखिक रूप से परवेज की हरकत की शिकायत मिली थी।

निरीक्षण के बाद बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने स्थानीय प्रशासन से बच्चों के परिजनों को न खोजने की वजह पूछी। उन्होंने हिन्दू बच्चों के मुस्लिम नाम से आधार कार्ड की भी जाँच के आदेश दिए। कानूनगो के आदेश पर जिला प्रशासन ने आरोपित हसीन परवेज पर FIR दर्ज कर ली है और रिकार्ड को जब्त कर के जाँच शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि अपने बचाव में परवेज ने अधिकारियों को बताया है कि जो व्यक्ति बच्चों को उनके पास छोड़ने आया था, उसने तीनों बच्चों के मुस्लिम होने की जानकारी दी थी। फ़िलहाल बच्चों के असली परिजनों की तलाश की जा रही है।

कुत्ते को पॉटी कराओगे तो खुद उसे साफ करोगे, हमला किया तो लगेगा 10000 रुपए का जुर्माना: नोएडा में नियम लागू

उत्तर प्रदेश की नोएडा अथॉरिटी ने पालतू जानवरों के लिए नए और कड़े नियम लागू किए हैं। अब कुत्ते और बिल्ली जैसे पालतू जानवरों को पालने के लिए बाकायदा रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा। इसी के साथ सार्वजानिक स्थलों पर उन जानवरों द्वारा की जाने वाली गंदगी को मालिकों द्वारा जुर्माना भरने के साथ-साथ खुद ही साफ़ करना होगा। पालतू जानवरों द्वारा किसी और को काटने पर भी अर्थदंड लगाया गया है। ये आदेश नोएडा प्राधिकरण की CEO रितु माहेश्वरी ने शनिवार (12 नवम्बर 2022) को दिए हैं।

IAS रितु माहेश्वरी द्वारा ये नई गाइडलाइन नोएडा अथॉरिटी की 207वीं बोर्ड की बैठक में लिया गया। अथॉरिटी द्वारा इसे एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इण्डिया की गाइडलाइन का पालन बताया जा रहा है। इस नई नियमावली के मुताबिक नोएडा में रहने वाले पशु मालिकों को 31 मार्च 2023 तक अपने द्वारा पाले गए कुत्ते-बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। तय सीमा के अंदर रजिस्ट्रेशन न करने पर पशु मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

नोएडा अथॉरिटी द्वारा अब पालतू कुत्तों के स्ट्रेलाईजेशन व एण्टीरेबीज वैक्सीनेशन अनिर्वाय कर दिया गया है। 1 मार्च 2023 से इसका उल्लंघन करने वालों को 2000/- रुपए का जुर्माना हर महीने भरना होगा। इसी के साथ नोएडा अथॉरिटी गाँव वालों की सहमति से बीमार और पागल कुत्तों के लिए शेल्टर का निर्माण कर रही है। इसके मेंटिनेंस की जिम्मेदारी RWA की होगी।

नोएडा अथॉरिटी द्वारा ये साफ़ कर दिया गया है कि पालतू पशु द्वारा किसी भी सार्वजानिक स्थल पर गंदगी की जिम्मेदारी पशु मालिक की ही होगी। इसी आदेश में आगे कहा गया है कि पालतू कुत्ते या बिल्ली द्वारा किसी को काटने आदि जैसी कोई अप्रिय घटना किए जाने पर पशु मालिक पर 1 मार्च 2023 से 10000 रुपए का जुर्माना लगेगा। इसके अलावा घायल व्यक्ति के इलाज की पूरी जिम्मेदारी भी पशु मालिक की ही होगी।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से पालतू पशुओं द्वारा लोगों को काटने जैसी कई घटनाएँ सामने आईं थीं। माना जा रहा है कि उन्हीं शिकायतों के बाद नोएडा अथॉरिटी द्वारा ये कड़े कदम उठाए गए हैं।

EWS आरक्षण पर पलटी कॉन्ग्रेस: गरीब सवर्णों के रिजर्वेशन पर करने लगी राजनीति, SC के फैसले पर पहले खुद को दिया था क्रेडिट

कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10 प्रतिशत आरक्षण जारी रखने का फैसला दिया था। उस समय कॉन्ग्रेस (Congress) ने इस फैसले का स्वागत किया था। इसका क्रेडिट भी पार्टी को दिया था। वही कॉन्ग्रेस अब इस फैसले की समीक्षा करने के नाम पर इसके विरोध में उतर आई है।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने EWS पर पार्टी के नए रूख का स्वागत किया है। इसको लेकर उन्होंने ट्वीट किया, “मैं AICC के इस बयान का स्वागत करता हूँ कि पार्टी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा करेगी। SC, ST और OBC को नए आरक्षण से बाहर करने से लोगों में व्यापक चिंता पैदा हो गई है।”

इसको लेकर तर्क देते हुए चिदंबरम ने आगे कहा, “कारण यह है कि सिंहो आयोग के अनुसार, SC, ST और OBC गरीबी रेखा से नीचे की आबादी के 82 प्रतिशत हैं। गरीब एक वर्ग होता है। क्या कानून 82 प्रतिशत गरीबों को बाहर कर सकता है? यह एक ऐसा प्रश्न है, जिसकी निष्पक्ष जाँच की जानी चाहिए।”

दरअसल, दक्षिण के गैर-भाजपा शासित राज्यों ने इस फैसले का विरोध किया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) ने राजधानी में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें EWS आरक्षण से संबंधित 103वें संविधान संशोधन को अस्वीकार कर दिया गया था। इस बैठक में कॉन्ग्रेस भी शामिल हुई थी।

जिस सिंहो आयोग को आधार बनाकर चिदंबरम अब EWS कोटे के समर्थन की समीक्षा की बात कह रहे हैं, उसी को आधार बनाकर कॉन्ग्रेस के कम्युनिकेशन हेड जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने फैसले का क्रेडिट कॉन्ग्रेस को दे दिया था। EWS कोटे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा था कि आरक्षण देने की प्रक्रिया की शुरुआत मनमोहन सिंह की सरकार ने शुरू की थी।

जयराम ने आरक्षण लागू में देरी के लिए मोदी सरकार को दोष दिया था। उन्होंने कहा था, “मनमोहन सिंह सरकार ने सिंहो आयोग का गठन करके इस प्रक्रिया (EWS को आरक्षण देने) की शुरुआत की थी। इस आयोग ने जुलाई 2010 में अपनी रिपोर्ट दी थी। इसके बाद व्यापक विचार-विमर्श हुआ और 2014 तक विधेयक तैयार हो गया। मोदी सरकार को विधेयक को लागू करने में पाँच साल लग गए।”

जातीय आधार पर जनगणना का समर्थन करते हुए जयराम ने आगे कहाथा, “यहाँ यह भी उल्लेख है कि जब मैं खुद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री था, उस दौरान सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना 2012 तक पूरी हो गई थी। मोदी सरकार ने अभी तक जाति जनगणना को अपडेट करने पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है। कॉन्ग्रेस पार्टी इस जनगणना का समर्थन करती है और माँग करती है।”

यहाँ जयराम का यह बयान पार्टी के रूख के उलट था। कॉन्ग्रेस ने साल 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा-पत्र में कहा था कि एससी, एसटी और ओबीसी के मौजूदा आरक्षण को किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इसको प्रभावित किए बिना सभी समुदायों के लिए EWS आरक्षण दिया जाएगा।

हालाँकि, स्टालिन की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में EWS कोटे में सभी जाति को शामिल करने पर सहमति बनी और इसके आधार पर कॉन्ग्रेस अपने पहले वाले बयान से फिर पलट गई। उत्तर भारत से लगभग साफ हो चुकी कॉन्ग्रेस को दक्षिण भारत में बचे-खुचे मतदाताओं की चिंता सताने लगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर मोदी विरोधी बन रहे विरोध मंच से अपने आप को अलग रखना उचित नहीं समझा।

इसके बाद शनिवार (12 नवंबर 2022) को जयराम ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समर्थन पर पार्टी के रूख की समीक्षा करने की बात कही। बता दें कि EWS कोटे के लिए भाजपा सरकार द्वारा लाए गए संविधान संशोधन बिल का कॉन्ग्रेस ने भी समर्थन किया था। अब वही कॉन्ग्रेस फिर इसका विरोध करती नजर आ रही है।

पंजाब में हिन्दू नेता के हत्यारे पर बरसे फूल: पंजाब में कॉपी हो रहा Pak का ‘ईशनिंदा’ मॉडल, ‘बेअदबी’ के नाम पर हत्याएँ

पंजाब के अमृतसर में हिन्दू नेता सुधीर सूरी की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। अदालत में पेशी के दौरान हत्या के आरोपित संदीप सूरी पर फूल बरसाए गए हैं। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें ये भी देखा जा सकता है कि कैसे कुछ लोग हत्या आरोपित का समर्थन कर रहे हैं और तलवार भी लहरा रहे हैं। कई सिखों को उसके समर्थन में मार्च करते हुए देखा गया। सुधीर सूरी की हत्या के बाद कुछ खालिस्तानियों के भड़काऊ बयान भी जारी हुए थे।

ये ऐसा प्रतीत होता है, जैसा पाकिस्तान में होता आया है। पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोपितों का समर्थन किया जाता है और ‘ईशनिंदा’ के आरोप में भीड़ द्वारा हत्या तक कर दी जाती है। अब पंजाब में भी ऐसा ही हो रहा है। पाकिस्तान में हाल ही में एक श्रीलंकाई नागरिक की भीड़ ने हत्या कर दी थी और खुलेआम शव जला दिया था। वहाँ ईशनिंदा के नाम पर गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाया जाना आम बात है। अब खालिस्तानी पंजाब में यही सब कर रहे हैं।

याद कीजिए, खालिस्तानियों के प्रभाव वाले उस ‘किसान आंदोलन’ में भी कथित ‘बेअदबी’ के आरोप में हिंसा की घटनाएँ हुई थीं। दिल्ली की सीमाओं को एक साल तक घेरे रख कर रोज लाखों लोगों को परेशान करने वाले ये कथित ‘किसान’ कोरोना के नियमों का उल्लंघन करते रहे, ‘बेअदबी’ के आरोप में हत्याएँ करते रहे – किसी ने इन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई। 26 जनवरी, 2022 को लाल किले से लेकर पूरी दिल्ली में हिंसा का जो प्रदर्शन हुआ, वो भी हमने देखा।

जनवरी 2022 को पंजाब के लुधियाना के एक गुरुद्वारे में बेअदबी के आरोप में एक महिला पर निहंग सिख ने तलवार से हमला किया। तलवार महिला के पैरों में लगी, जिसके कारण वो बुरी तरह से घायल हो गई। सिंघू बॉर्डर किसान प्रदर्शन स्थल पर श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोप में 14 -15 अक्टूबर 2021 को पंजाब के ही रहने वाले लखबीर सिंह नाम के व्यक्ति की सिखों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। उसका दाहिना हाथ काट दिया गया था और उसके शव को निहंगों ने कुंडली सीमा पर एक बैरिकेड्स पर लटका दिया था।

इसी तरह से 1 और 2 जुलाई 2021 की मध्यरात्रि को पंजाब के गुरदासपुर (Gurudaspur) में एक गाँव में एक गुरुद्वारे में सेना के जवान दीपक कुमार की मॉब लिंचिंग कर दी गई थी। दीपक पर भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब की कथित बेअदबी का आरोप लगाया गया था। वारदात के बाद पुलिस ने इस मामले में दलजीत सिंह कश्मीर उर्फ ​​बॉबी समेत अन्य को मुख्य आरोपित बनाया था। वहीं दमदमी टकसाल जत्था राजपुरा, अभिनेता से कार्यकर्ता और गणतंत्र दिवस दंगों के आरोपित दीप सिंधु समेत कई और लोगों ने उसका समर्थन करते हुए मॉब लिंचिंग को सही ठहराया था।

मंदिर गए NDTV के पत्रकार नसीम अहमद, लगवाया माथे पर टीका और पहनी भगवा पट्टिका: मुस्लिम कट्टरपंथी मचा रहे बवाल, UP पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक मंदिर के धार्मिक आयोजन में जाने के बाद NDTV के पत्रकार को कट्टरपंथियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित पत्रकार का नाम नसीम अहमद है। बताया जा रहा है कि उनके तिलक लगे एक फोटो पर एक व्हाट्सग्रुप में काफी आपत्तिजनक बातें बोली गईं हैं। पुलिस ने टिप्पणी कर रहे आरोपितों पर FIR दर्ज कर ली है। इसमें 1 दर्जन अज्ञात लोगों के साथ इमरान, अरशद, हाजी कुरैशी, लाला कुरैशी नामजद हैं। मामला शनिवार (12 नवम्बर 2022) का है।

मिली जानकारी के मुताबिक घटना मंटोला थानाक्षेत्र की है। यहाँ पर हिन्दुओं का एक प्रसिद्ध और पौराणिक मनकामेश्वर मंदिर है। 12 नवंबर को इस जगह एक धार्मिक आयोजन के बाद भंडारे का कार्यक्रम था। NDTV के पत्रकार नसीम अहमद भी उसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। वहाँ उन्होंने मंदिर के नियमों के मुताबिक माथे पर टीका लगवाया। इसी के साथ गले में भगवा पट्टिका भी पहनी। नसीम ने मंदिर में पुजारी के साथ फोटो भी खिंचवाई।

साभार- नामित कुमार, जर्नलिस्ट

NDTV के पत्रकार नसीम का यही फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कुछ देर बाद यही फोटो उत्तर प्रदेश मुस्लिम एक्शन कमेटी नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया गया। इसे यूनीक शूज नाम के ग्रुप मेंबर ने शेयर किया था। इस शेयरिंग में पत्रकार नसीम के मंदिर के अंदर के लगभग आधे दर्जन फोटो थे। यूनीक शूज द्वारा इन तस्वीरों के नीचे लिखा गया, “नसीम भाई NDTV”।

आपको बता दें कि यूनिक शू आगरा में जूतों की एक प्रसिद्ध दुकान है। ऑपइंडिया को मिले स्क्रीनशॉट में इस व्हाट्सएप ग्रुप में एडवोकेट मोहम्मद नाम के मेंबर ने इन तस्वीरों के नीचे लिखा, “बहोत गलत (BHOT GALAT)। इस ग्रुप का एडमिन मुबस्सिर नाम का कोई व्यक्ति दिखाई दे रहा है।

साभार- नामित कुमार, जर्नलिस्ट

बाद में इस कमेंट के नीचे पप्पू अंकल नाम से किसी व्यक्ति द्वारा वॉइस मैसेज भेजा गया है, जिस पर किसी के द्वारा थम्ब मार्क भी लगाया गया है। अपने नाम के पीछे ‘भाई’ लिखने वाले एक अन्य व्हाट्सएप यूजर के स्क्रीनशॉट में लिखा गया है, “अपने चंद मार्फत के लिए दीन और इस्लाम को ताक पर रख दिया है। इनके यहाँ तो दीनदार लोग हैं। ज्यादातर 4-4 महीने का वक्त लगाए हुए हैं।” यूजर ने अपने इस कमेंट के साथ नसीम की मंदिर वाली फोटो भी शेयर की है।

साभार- नामित कुमार, जर्नलिस्ट

NDTV के पत्रकार की यही तस्वीरें न्यू इंडिया ग्रुप नाम के व्हाट्सएप समूह में भी शेयर हुई हैं। इसमें हिन्दू समाज के लोगों के साथ बैठे नसीम के चेहरे पर हरे रंग के तीर के साथ मार्क किया गया है। इस समूह में आरिफ भाई और अज़ीम भाई नाम से नंबर भी सेव हुआ है। जानकारी के मुताबिक नसीम के खिलाफ इन आपत्तिजनक बातों का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद पत्रकारों का एक समूह आगरा के ADG से मिला। ADG ने आरोपितों पर कार्रवाई का आदेश दिया।

ऑपइंडिया ने इस मामले में आगरा के छत्ता सर्किल की DSP सुकन्या शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि कल (12 नवम्बर) को इस मामले में FIR दर्ज हुई है और मामले की जाँच की जा रही है। सुकन्या शर्मा के मुताबिक अभी तक किसी की गिरफ्तरी नहीं की गई है। ऑपइंडिया से बात करते हुए SHO मंटोला ने बताया कि आरोपितों पर 153, 153 बी IPC के साथ IT एक्ट की धाराओं में केस दर्ज हुआ है और मामले की जाँच चल रही है।