Home Blog Page 2296

आजम खान को 3 साल की सजा, गई MLA की कुर्सी: चुनाव में हेट स्‍पीच मामले में कोर्ट का आदेश, 2000 रुपए फाइन भी

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को रामपुर कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने इस मामले में उन्हें 3 साल की सजा भी सुनाई है। सजा से यह तय हो गया कि आजम खान अब विधायक नहीं बने रहेंगे।

आजम खान को जिन धाराओं के तहत दोषी करार द‍िया गया है, उसमें तीन साल तक की अधिकतम सजा का प्रावधान है। हेट स्पीच का यह मामला 2019 के चुनाव से जुड़ा है।

आजम खान ने रामपुर की मिलक विधानसभा में एक चुनावी भाषण के दौरान आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियँ की थीं। इसकी शिकायत भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने की थी। इसी मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 27 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाते हुए आजम खान को दोषी करार द‍िया।

आजम खान पर अन्‍य कई मामलों में भी श‍िकायतें दर्ज हैं। इससे पहले मंगलवार (20 सितंबर, 2022) को उनके जौहर यूनिवर्सिटी में हुई खुदाई के दौरान ओरिएंटल इंटर कॉलेज से चोरी हुई पुस्तकें बरामद हुई थी। इससे पहले सोमवार (19 सितंबर) को जब यूनिवर्सिटी में खुदाई की गई थी तब करोड़ों रुपए की ऑटोमैटिक स्वीपिंग मशीन बरामद की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खुदाई के दौरान यूनिवर्सिटी के लिफ्ट शॉफ्ट में दबाकर रखी गईं बेहद कीमती पुस्तकों का जखीरा बरामद हुआ है। ये सभी किताबें राजकीय ओरिएंटल कॉलेज के लाइब्रेरी से चोरी की गई थीं। इस कॉलेज की स्थापना साल 1774 में रामपुर के नवाब ने की थी। जिसे पहले आलिया मदरसा के नाम से जाना जाता था। चोरी के इस मामले में, साल 2019 में एफआईआर की गई थी।

बिकनी पहने मॉडल को लाइक करने वाले पोप फ्रांसिस ने कहा – ‘पोर्न से दूर रहें पादरी और नन… शैतान घुस जाता है’

ईसाइयों के सबसे बड़े गुरु पोप फ्रांसिस ने पादरियों और नन को पोर्न न देखने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा है कि यह लत दिल को कमजोर करती है। अपनी नसीहत के दौरान पोप ने यह भी माना कि कई नन ऑनलाइन पोर्न देखती हैं।

पोप फ्रांसिस के मुताबिक पोर्न देखने पर शैतान घुस जाता है। यह बातें पोप ने वेटिकन सिटी में सोमवार (24 अक्टूबर 2022) को एक सेमिनार के दौरान कहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 86 वर्षीय पोप ने ऑनलाइन पोर्नोग्राफी को एक खतरे के तौर पर बताया है।

पोप ने कहा कि यह दोष (पोर्न देखने की लत) पादरियों और नन में भी आ चुका है। पोप के मुताबिक डिजिटल दुनिया का पर्याप्त और उचित प्रयोग भले हो लेकिन उस पर बहुत अधिक समय नहीं बर्बाद करना चाहिए। इसी सेमिनार में पोप ने कहा कि अश्लील चीजें देखने वाले यीशु को हासिल नहीं कर पाएँगे।

पोर्न देखने वालों में शैतान घुसने की जानकारी देते हुए पोप ने कहा कि अगर आप इसे देख रहे हैं तो तुरंत इसे मोबाइल से हटा दें। उन्होंने पोर्नोग्राफी को चर्च की शिक्षा के विपरीत बताया।

पोप ने कहा कि चर्च के सिद्धातों के अनुसार पोर्न देखना शुद्धता के खिलाफ अपराध जैसा है, इसलिए इसके लालच में न आएँ। वेटिकन सिटी ने पोप के इन निर्देशों को बुधवार (26 अक्टूबर) को प्रकाशित किया है।

बिकनी पहने मॉडल को पोप ने खुद किया था लाइक

गौरतलब है कि नन और पादरियों को पोर्न से दूर रहने की नसीहत देने वाले पोप फ्रांसिस ने नवम्बर 2020 में बिकनी मॉडल नतालिया गैरीबोट्टो की सेक्सी तस्वीर को लाइक किया था। यह लाइक खुद पोप के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से किया गया था। तब यह खबर खूब चर्चा का विषय बनी थी।

जब बिकनी मॉडल नतालिया से पोप फ्रांसिस द्वारा उनकी तस्वीर को लाइक किए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुश होते हुए मजाकिया अंदाज में कहा था, “मैं अब कम से कम स्वर्ग तो जा ही रही हूँ।”

AAP विधायक सौरभ भारद्वाज फॉलो करते हैं पोर्न हैंडल: दिल्ली CM का भी आ चुका है मामला, ‘ठरकी केजरीवाल’ हुआ था ट्रेंड

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लगता है कि पोर्न के दीवाने हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बाद अब उनकी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज के ट्विटर हैंडल से इसका सबूत सामने आया है। भारद्वाज ट्विटर पर पोर्न हैंडल फॉलो करते मिले हैं। खबर लिखे जाने तक सौरभ भारद्वाज का ट्विटर हैंडल इस पोर्न हैंडल को फॉलो कर रहा था।

मिस्टर सिन्हा नाम के एक ट्विटर हैंडल ने सौरभ भारद्वाज के फॉलो लिस्ट का स्क्रीनशॉट और वीडियो शेयर किया है। इसमें दिख रहा है कि सौरभ भारद्वाज @edynwaifu नाम का एक ट्विटर हैंडल फॉलो कर रहे हैं, जिसकी प्रोफाइल में नंगी तस्वीरें और वीडियो हैं।

मिस्टर सिन्हा नाम के ट्विटर हैंडल ने भारद्वाज के फॉलो लिस्ट का स्क्रीनशॉट और वीडियो शेयर करते लिखा, “पेचकश बाबू सौरभ भारद्वाज पोर्न हैंडल को फॉलो करते हैं। यह कुछ वैसा ही जैसे ‘जो सीखा है केजरीवाल से ही सीखा है’।”

अंबुज मिश्रा नाम के यूजर ने तो पूरी वीडियो बना कर सबूत को और भी क्लियर कर दिया। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा है – “जैसे केजरीवाल जी, वैसे उनके नेता।”

बता दें कि एक सप्ताह पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर #TharkiKejriwal (ठरकी केजरीवाल) ट्रेंड हो रहा था। इसके साथ ही किसी सुंदर महिला के गंदे-गंदे फोटो-वीडियो के साथ अरविंद केजरीवाल का नाम जोड़ा जा रहा था।

ट्विटर पर @Esmee4Keeps नाम का एक अकाउंट है। प्रोफाइल फोटो किसी महिला की है – दिखने में सुंदर और छोटे वस्त्र पहने हुई। अरविंद केजरीवाल ने इस महिला को फॉलो किया, ऐसा ट्विटर पर मौजूद जनता का कहना है। सिर्फ कहना नहीं है, इन लोगों ने सबूत के तौर पर फोटो-वीडियो भी उपलब्ध कराए थे।

हालाँकि, इस खबर को लिखते वक्त ऑपइंडिया ने अरविंद केजरीवाल के ट्विटर हैंडल की पड़ताल की थी। उस समय अरविंद केजरीवाल के हैंडल ने @Esmee4Keeps को फॉलो नहीं किया हुआ था। इसका सीधा अर्थ यह था कि बाद में उन्होंने इस अकाउंट को अनफॉलो कर दिया था।

इसके ठीक बाद सोशल मीडिया पर एक संदिग्ध एडल्ट हैंडल से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से लगातार बात करने की कोशिश की जा रही थी। ट्विटर हैंडल @Esmee4Keeps ने अरविंद केजरीवाल के बारे में ट्वीट किया था, जिसके बाद उसे बड़ी संख्या में लोगों के रिएक्शंस मिले थे। अब उसने पूछा है कि क्या उसे एडल्ट प्लेटफॉर्म Onlyfans पर अरविंद केजरीवाल के बारे में बात करनी चाहिए? उसने अपने OF अकाउंट का लिंक भी शेयर किया था।

साथ ही उक्त महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी एक एडल्ट तस्वीर भी शेयर की थी और अरविंद केजरीवाल से द्विअर्थी सवाल पूछा था कि क्या उन्हें नाश्ता (Snacks) चाहिए? इस तस्वीर में वो एक छोटी सी पैंटी में किचन में दिख रही थी। बता दें कि लोगों ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया था कि AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल इस ट्विटर हैंडल को फॉलो करते हैं, जिसके बाद ‘ठरकी केजरीवाल’ भी ट्रेंड हुआ था। इस अकाउंट के फेक होने की भी खबरें हैं।

फ़िलहाल अरविंद केजरीवाल इस हैंडल को फॉलो नहीं कर रहे हैं। इससे पहले इस ट्विटर हैंडल से लिखा गया था, “अरविंद केजरीवाल, OnlyFans पर आपको देख कर अच्छा लगा। अब बाद में बात करते हैं।” इस ट्विटर हैंडल के 1.30 लाख फॉलोवर्स हैं। बता दें कि अक्टूबर 2016 में अरविंद केजरीवाल के एक साथी कपिल बजाज ने उन्हें लेकर बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने एक युवती के साथ केजरीवाल के अफेयर का दावा किया था।

उन्होंने बताया था कि जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने थे, तब उक्त युवती को एक संस्था का मुखिया बनाया गया था। बजाज ने अपने ब्लॉग में लिखा था कि अरविंद केजरीवाल खुद से 16 साल छोटी इस युवती को ‘आलू’ कह कर पुकारते थे। ‘PGURUS’ की रिपोर्ट के अनुसार, बजाज ने लिखा था कि उन्होंने तिरुवनंतपुरम के एक गेस्ट हाउस में बिस्तर पर केजरीवाल को उस युवती के साथ देखा था। हालाँकि, ये ब्लॉग अब उपलब्ध नहीं है।

इसी तरह सत्येंद्र जैन ने भी अरविंद केजरीवाल को एक ट्वीट में ‘आलू’ कह कर सम्बोधित किया था। उनके ‘अवैध सम्बन्ध’ के आरोपों के बाद ये शब्द उनके साथ जुड़ गया था। ये बात 2012 की है, जब सत्येंद्र जैन और अरविंद केजरीवाल करीबी नहीं हुआ करते थे। आज केजरीवाल अपने स्वास्थ्य मंत्री पर लगे हर आरोप का बचाव करते हैं। तब सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल को ‘भौंकते रहो, काटो मत’ लिखा था। बाद में सत्येंद्र जैन ने इन ट्वीट्स को डिलीट कर लिया था।

आए थे घूमने… करने लगे ईसाई धर्मान्तरण: असम पुलिस ने 3 विदेशियों को धर लिया, कोर्ट ने सुनाया वापस भेजने का आदेश

असम में डिब्रूगढ़ पुलिस ने वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में स्वीडन के 3 नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों में 2 महिलाएँ और 1 पुरुष हैं। इन सभी पर आरोप है कि ये लोग पर्यटन वीजा का बहाना लेकर अवैध धर्मान्तरण कार्यों में शामिल हो गए थे। गिरफ्तार आरोपितों के नाम हन्ना मिकाएला ब्लूम, मार्कस अर्ने हेनरिक ब्लूम और सुज़ाना एलिज़ाबेथ हाकानासन हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों आरोपित नाहरकटिया इलाके में पड़ने वाले चाय के बागान में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को ईसाई बनने के लिए लुभा रहे थे। यहाँ 25 से 27 अक्टूबर तक ‘शांति एवं उपचार प्रार्थना महोत्सव’ नाम से कार्यक्रम आयोजित था। इसी बीच पुलिस ने 26 अक्टूबर 2022 को इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

‘शांति एवं उपचार प्रार्थना महोत्सव’ कार्यक्रम को यूनाइटेड चर्च फेलोशिप और ब्लेस असम मिशन नेटवर्क द्वारा नकारकटिया के एक खेल के मैदान में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के चंगाई सभा में लोगों को चंगा होने के लिए बुलाया गया था।

आरोप है कि इस कार्यक्रम का असली मकसद धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देना था। स्थानीय निवासियों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया। उन्होंने तीनों विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के लिए थाने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ ने पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की और थाने के बाहर ही प्रार्थना शुरू कर दी थी। आखिरकार पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई की।

तीनों स्वीडिश नागरिकों पर हुई पुलिस कार्रवाई की पुष्टि नामरूप के DSP नबा कुमार बोरा ने की है। उन्होंने बताया कि पर्यटक वीजा के नियमनुसार धार्मिक व्याख्यान नहीं दिया जा सकता। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपित नाहरकटिया के धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए आए थे।

पुलिस ने इन हरकत को विदेशी अधिनियम की धारा 14 का उललंघन माना और केस दर्ज कर के तीनों को गिरफ्तार कर लिया। डिब्रूगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिटुल चेतिया ने भी कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर की गई है।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद तीनों स्वीडिश नागरिकों को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने भी तीनों को विदेशी अधिनियम का दोषी पाया। न्यायालय ने पुलिस को आदेश दिया कि वो तीनों आरोपितों को उनके देश वापस भेजने का इंतज़ाम करे। कोर्ट के इस आदेश पर पुलिस ने तीनों को पहले गुवाहाटी और बाद में उनके वापस देश भेजने की तैयारियों की जानकारी दी।

शाहरुख की फिल्में सिर्फ ट्विटर और मन्नत में ब्लॉकबस्टर, ‘पठान’ भी होगी फुस्स… खान को अब कोई देखना नहीं चाहता: KRK

अलग अंदाज में फिल्मों की समीक्षा करने के लिए प्रसिद्ध KRK उर्फ कमाल आर खान (Kamal R Khan) ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) पर निशाना साधा है और कहा है कि ‘पठान’ सहित उनकी आने वाली फिल्म डिजास्टर साबित होंगी।

अपने ट्वीट में श्रृंखला में KRK ने शाहरुख खान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही शाहरुख खान, जॉन अब्राहम और दीपिका पादुकोण अभिनीत फिल्म पठान बॉक्स ऑफिस पर सुपर फ्लॉप साबित होगी। बता दें कि यह फिल्म अगले साल जनवरी में रिलीज होने वाली है।

अपने ट्वीट में KRK ने लिखा, “शाहरुख हताश लग रहे हैं। पठान का एक टीजर पहले ही रिलीज हो चुका है। जल्द ही एक और रिलीज रिलीज होने वाला है। बाद में 2 ट्रेलर जारी किए जाएँगे। यानी जनता इस फिल्म से रिलीज से पहले ही तंग आ जाएगी और फिर वह पहले ही दिन धाराशाई हो जाएगी।”

कमाल खान ने कहा कि शाहरुख #Fan #JHMS #Zero की रिलीज से पहले ही जान गए थे कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। इसके बाद भी उन्होंने यह साबित करने के लिए फिल्म बनाई कि जनता गलत है और वे सही हैं। KRK ने आगे कहा कि शाहरुख अच्छी तरह जान गए हैं कि पठान अपने नाम की वजह से एक आपदा बनने जा रही है, फिर भी उन्होंने यह नाम रखा।

उन्होंने कहा कि थैंक गॉड और रामसेतु जैसी फिल्मों की हालत देखकर लगता है कि दर्शक अब 50+ उम्र के अभिनेताओं को नहीं देखना चाहती, खासकर ‘खान’ को। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान की हर फिल्म सिर्फ ट्विटर और उनके बंगले ‘मन्नत’ में ब्लॉकबस्टर है। उन्होंने कहा, “शाहरुख खान को पता होना चाहिए देखश की 130 करोड़ जनता ना ही ट्विटर इस्तेमाल करती है और ना ही मन्नत में जाती है।”

कमाल खान ने कहा कि शाहरुख खान ने पिछले 9 सालों में 7 फ्लॉप फिल्में दी हैं। इनमें दिलवाले, फैन, रईस, जब हैरी मेट सेजल, जीरो, डियर जिंदगी शामिल हैं। उनकी आगामी फिल्म पठान, दुंकी और जवान भी जल्दी ही रिलीज होने वाली है।

बता दें कि KRK फिल्मों, अभिनेताओं एवं अभिनेत्रियों की आलोचना ट्विटर पर करते रहते हैं। उनकी फिल्म का समीक्षा का अंदाज कुछ अलोचनात्मक और मजाकिया होता है। कई बार अभिनेताओं के फैन उनकी बातों पर चिढ़ जाते हैं। हालाँकि, KRK पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता।

सीनियर IAS के यहाँ ‘सेक्स के बदले जॉब’: अंडमान में सरकारी बंगले पर 20 लड़कियों के आने-जाने का इंतजाम, गवाहों ने सब बता डाला

अंडमान और निकोबार के पूर्व चीफ सेक्रेटरी जितेंद्र नारायण के खिलाफ एक युवती ने इसी माह यौन शोषण का आरोप लगाया। पीड़िता ने इसी मामले में वहाँ के लेबर कमिश्नर आरएल ऋषि को भी नामजद किया था। इस मामले की जाँच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 16 अक्टूबर 2022 को SIT का गठन किया था। अब SIT ने अपनी जाँच में ‘जॉब के बदले सेक्स’ की तरफ इशारा किया है।

इंडिया एक्सप्रेस के मुताबिक जाँच दल को जानकारी मिली है कि केस में आरोपित पूर्व प्रमुख सचिव जितेंद्र नारायण के घर पर लगभग 20 अलग-अलग लड़कियों को ले जाया गया था। कहा जा रहा है कि इसमें कुछ लड़कियों को नौकरी भी मिली थी। पूर्व चीफ सेक्रेटरी का यह आवास पोर्ट ब्लेयर में स्थित है।

रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में SIT द्वारा दर्ज गवाहों के बयान भी इसी तरफ इशारा करते हैं। इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि गवाहों के मुताबिक उन्हें लड़कियों को रिसीव करने और छोड़ने के आदेशों के साथ बीच में रेस्टोरेंट से खाना भी लाने के निर्देश प्रमुख सचिव के बंगले से मिले थे।

आरोपों की पुष्टि के लिए यह बताया जा रहा है कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में 2 अलग-अलग तारीखों का भी उल्लेख किया है। पीड़िता का दावा है कि उन 2 तारीख़ों को उसे चीफ सेक्रेटरी के आवास पर बुलाया गया था। हालाँकि रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि प्रमुख्य सचिव के घर में लगे CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग को डिलीट कर दिया गया है। कहा ये भी जा रहा है कि IAS अधिकारी के दिल्ली ट्रांसफर होने के दौरान आवास पर लगे DVR को भी हटा दिया गया है।

अंडमान और निकोबार के पूर्व चीफ सेक्रेटरी जितेंद्र नारायण यह दावा कर रहे हैं कि पीड़ित महिला द्वारा FIR में बताई गई तारीखों पर वो पोर्ट ब्लेयर के बजाए दिल्ली में थे। अपने दावों के समर्थन में पूर्व प्रमुख सचिव हवाई जहाज के टिकटों और दिल्ली में पहले से एपॉइंटमेंट होने की जानकारी दे रहे।

पूर्व प्रमुख सचिव जितेंद्र नारायण 14 नवम्बर तक अंतरिम जमानत पर हैं। उनके खिलाफ पोर्ट ब्लेयर से गैर जमानती वारंट भी जारी है। बताया जा रहा है कि पीड़िता प्रमुख सचिव की अंतरिम जमानत ख़ारिज करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।

जितेंद्र नारायण AGMUT कैडर के 1990 बैच के IAS ऑफिसर हैं। 21 वर्षीया पीड़िता द्वारा उन पर रेप के आरोपों के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले 28 अक्टूबर को उनकी SIT के आगे पेशी हो सकती है। हालाँकि IAS जितेंद्र नारायण ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है। महिला की शिकायत को उन्होंने अपने खिलाफ साजिश बताते हुए मामले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती भी दी है।

‘सिखों के हत्यारों के प्रति कॉन्ग्रेस और सोनिया गाँधी का प्यार’ – कॉन्ग्रेस में कुर्सियाँ बदलीं, राजनीति अब भी वही

कॉन्ग्रेस में कुर्सियों के बदलाव का समय चल रहा है। गाँधी परिवार से अलग मल्लिकार्जुन खड़गे अध्यक्ष बन गए हैं। कुछ नहीं बदल रहा तो वो है कॉन्ग्रेस की राजनीति। 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपित जगदीश टाइटलर (Jagdish Tytler) अभी भी कॉन्ग्रेस के प्रिय बने हुए हैं।

दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता तजिंदर बग्गा ने एक फोटो ट्वीट किया है। यह फोटो तब की है जब मल्लिकार्जुन खड़गे अध्यक्ष पद की शपथ ले रहे थे। उस वक्त जगदीश टाइटलर कॉन्ग्रेस मुख्यालय में मौजूद थे। भाजपा ने कॉन्ग्रेस पर 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपितों को अभी भी पार्टी का अहम हिस्सा बनाने पर घेरा।

तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्विटर पर जो फोटो शेयर किया है, उसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और मीरा कुमार की पीछे वाली सीट पर जगदीश टाइटलर (Jagdish Tytler) भी बैठे दिखाई दे रहे। बीजेपी नेता ने सिखों के हत्यारे को तवज्जो देने पर कॉन्ग्रेस पार्टी को जमकर लताड़ा। उन्होंने लिखा:

“कॉन्ग्रेस ने सिखों के हत्यारों जगदीश टाइटलर को मल्लिकार्जुन खड़गे के शपथ समारोह में बतौर गेस्ट आमंत्रित किया। सिखों के हत्यारों के प्रति कॉन्ग्रेस और सोनिया गाँधी का प्यार एक बार फिर साबित हुआ।”

भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी सिख विरोधी दंगों के आरोपितों को संरक्षण देने के लिए गाँधी परिवार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने लिखा, “गाँधी परिवार ने सिखों के हत्यारे टाइटलर को खड़गे जी के शपथ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करके एक फिर से ये साबित कर दिया कि वे टाइटलर, कमलनाथ जैसों को सुरक्षा व सम्मान देते रहेंगे। इन्हीं कातिलों की मदद से गाँधी परिवार ने 1984 सिख हत्याकांड को अंजाम दिया और आज तक इन लोगों को उसका इनाम दिया जा रहा है।”

कॉन्ग्रेस के पूर्व सांसदों में से एक जगदीश टाइटलर ने सीएनएन आईबीएन को बताया था कि उन्होंने इंदिरा गाँधी की मृत्यु के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के साथ दिल्ली का दौरा किया था। उनके अनुसार तब दिल्ली में चारों ओर शांति का माहौल था। सीएनएन न्यूज के मुताबिक, अकाली दल और बीजेपी ने टाइटलर की आलोचना करते हुए उनसे सवाल किया कि क्या राजीव गाँधी भी अशांति फैलाने में शामिल थे।

नानावती आयोग के मुताबिक, दंगा कराने वालों लोगों में कॉन्ग्रेस के पूर्व सांसद जगदीश टाइटलर भी शामिल थे। आरोपित जगदीश टाइटलर ने लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से भी इनकार कर दिया था। 1984 के सिख विरोधी दंगे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद भड़के थे। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस दंगे में 2800 से अधिक लोग मारे गए थे, जबकि देशभर में मरने वालों का आँकड़ा करीब 3500 था।

इस केस में कॉन्ग्रेस नेता सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर पर भारत में 1984 के सिख विरोधी दंगों को भड़काने में सीधी भूमिका का आरोप लगाया गया था। सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा मिली है। वहीं, अन्य आरोपित बलवान खोकर, भागमल और गिरधारी लाल को उम्रकैद की सजा मिली, जबकि महेंद्र यादव और किशन खोकर को 10 साल की सजा दी गई। इन दंगों को लेकर इंदिरा गाँधी के बेटे और बाद में देश के प्रधानमंत्री बने राजीव गाँधी ने कहा था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती ही है।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस पार्टी की हमेशा से सिख विरोधी दंगों के आरोपितों को संरक्षण देने की नीति रही है। हिंसक भीड़ का नेतृत्व करने के आरोपित कॉन्ग्रेस के एक अन्य नेता कमलनाथ को 2018 में मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था। इससे पहले, वह मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से नौ बार चुने गए और कई विभागों को संभाला। कमलनाथ पर 1 नवंबर 1984 को गुरुद्वारा रकाबगंज पर हिंसक भीड़ के हमले का नेतृत्व करने का आरोप है, जिसमें भीड़ ने दो सिखों, एक पिता और एक बेटे को जिंदा जलाकर मार डाला था।

यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान सीबीआई ने जगदीश टाइटलर को क्लीन चिट दे दी थी। हालाँकि, इस क्लोजर रिपोर्ट को एक सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया था और उनकी भूमिका की जाँच करने को कहा था। टाइटलर के साथ सभी संबंध तोड़ने की बात कहने के बावजूद कॉन्ग्रेस ने उन्हें कई मौकों पर सार्वजनिक मंच दिया। जनवरी 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के दिल्ली कॉन्ग्रेस प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के दौरान टाइटलर को आमंत्रित किए जाने पर पार्टी की काफी आलोचना की गई थी।

The Wire ने मेटा पर फर्जी स्टोरी से देश को किया बदनाम… अब पाठकों के सामने ‘संपादकीय नीति’ की नौटंकी और ‘माफीनामा’

Facebook की पैरेंट कंपनी Meta से संबंधित फर्जी कहानी गढ़ने के बाद वामपंथी प्रोपेगेंडा वेबसाइट The Wire ने एक ‘माफीनामा’ प्रकाशित किया है, जिसमें वह संपादकीय मूल्यों की समीक्षा करने की बात कही है। वायर ने माफीनामे को जिस अंदाज में लिखा है, उससे लगता है कि वह विशुद्ध नौटंकी है। इस वामपंथी पोर्टल ने पहले फर्जी कहानी गढ़कर पूरी दुनिया में देश को बदनाम किया और फिर माफी की बात कहकर गुमराह करने वाला नौटंकी कर रहा है।

बुधवार (26 अक्टूबर 2022) को छापे अपने माफीनामे में वायर ने अपने पाठकों से ‘और बेहतर’ स्टोरी उपलब्ध कराने का वादा किया है। वायर ने दावा किया कि उसने बाहरी विशेषज्ञों की मदद से उपयोग की जाने वाली तकनीकी स्रोत सामग्री की आंतरिक समीक्षा करने के बाद अपनी मेटा कहानियों को हटा लिया है। इसके साथ ही वह आंतरिक संपादकीय प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा भी कर रहा है।

वायर ने दावा किया कि यह प्रक्रिया अभी भी जारी है, लेकिन उसकी एक महत्वपूर्ण संपादकीय सीख यह रही कि जब उसके पास ‘जटिल तकनीकी साक्ष्य’ आएँ, चाहे वह उसकी टीम या किसी फ्रीलांसर द्वारा लाया जाए, तो तकनीकी स्किल वाली सभी प्रक्रियाओं को क्षेत्र के स्वतंत्र एवं प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा क्रॉस-चेक किया जाएगा।

द वायर ने अपनी मेटा स्टोरी में दावा किया था कि उसके पास इस क्षेत्र के स्वतंत्र और प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने डेटा की जाँच करने के बाद निष्कर्षों को मंजूरी दी। द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन इस बाइलाइन स्टोरी को विशेषज्ञों ने ‘सबूत’ देने से इनकार कर दिया था। जाहिर सी बात है कि वायर की टीम ने स्वतंत्र विशेषज्ञों के नकली बयान दर्ज किए थे। वायर ने अपनी ‘माफी’ में इनमें से किसी का भी जिक्र नहीं किया है।

वायर ने यह भी नहीं बताया कि मेटा स्टोरी पर काम करने वाले उसकी टीम के कुछ सदस्य टेक फॉग फिक्शन में भी शामिल थे। इस साल जनवरी की शुरुआत में डॉकिंग सेवाएं प्रदान वाले लंदन स्थित संगठन Logically.ai से जुड़े देवेश कुमार और आयुष्मान कौल ने टेक फॉग स्टोरी पर काम किया था। टेक फॉग की कहानियां भी अब वापस ले ली गई हैं, लेकिन टेक फॉग का इस ‘माफी’ में कोई जिक्र नहीं है।

टेक फॉग स्टोरी में उन अज्ञात विशेषज्ञों का भी हवाला दिया गया, जिन्होंने इन निष्कर्षों को ‘सत्यापित’ करने का दावा किया था। टेक फॉग को इतना प्रचारित किया गया कि यह समाचार चैनलों पर प्राइम टाइम बहस का हिस्सा बन गया। एनडीटीवी इंडिया के रवीश कुमार ने इसे नाटकीय रूप से पेश किया था। इस मुद्दे को संसद में भी उठाया गया था और जाँच की माँग की गई थी। टेक फॉग की कहानियाँ वापस ले ली गईं, लेकिन वायर ने इसके लिए माफी नहीं माँगी।

इन दोनों स्टोरी में ऐसा दिखाने का प्रयास किया गया था कि भाजपा उसकी IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय इतने शक्तिशाली हैं कि वे सभी ऑनलाइन बातचीत और नैरेटिव को नियंत्रित कर रहे थे। हालाँकि, बाद में पता चला कि मोदी विरोध के चलते गढ़े हुए ‘सबूतों’ के साथ इस स्टोरी में जोड़-तोड़ की गई थी।

वायर और उसके संस्थापक संपादक वरदराजन गलत जानकारियाँ देने में सबसे आगे रहे हैं। जनवरी 2021 में गणतंत्र दिवस के दंगों के तुरंत बाद जब सैकड़ों तथाकथित किसानों ने लाल किले पर हमला किया था, उस दौरान एक ‘प्रदर्शनकारी’ नवप्रीत सिंह जिस ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर रहा था, उसके पलट जाने से उसकी मौत हो गई।

वायर ने अपने लेख में कहा था कि नवप्रीत की मौत गोली लगने से हुई थी, न कि ट्रैक्टर के पलटने से। लेख में यहाँ तक झूठा दावा किया गया था कि पीड़ित के रिश्तेदारों ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से बात की, जिसने कहा कि गोली लगने के दौरान ‘उसके हाथ बंधे हुए थे’। सरकार और पुलिस ने इससे इनकार किया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट साझा की, लेकिन वायर ने इसे छापने की जहमत नहीं उठाई।

अपनी झूठी कहानियों के दम पर समाज में वैमनस्यता फैलाने और छवि खराब करने का वायर का पुराना रिकॉर्ड है। हालाँकि, वायर अपनी भूल सुधारने और माफी माँगने की कोशिश भी नहीं करता। मेटा मामले पर जब दुनिया भर में वायर की छिछालेदर हुई तो उसने माफी का दिखावा और अपने संपादकीय नीतियों की समीक्षा करने की नौटंकी कर रहा है।

जिन आतंकियों के लिए जेल को स्पा बना डाला, उनसे जुड़े कोयम्बटूर कार ब्लास्ट के तार: मुबीन के घर से मिले 75 किलो विस्फोटक, 5 जगहों पर होना था धमाका

तमिलनाडु के कोयम्बटूर में 1998 में हुए सीरियल ब्लास्ट में करीब 60 लोगों की मौत हो गई थी। इस ब्लास्ट से जुड़े आतंकियों के लिए जेल को स्पा में तब्दील करने के आरोप तत्कालीन डीएमके सरकार पर लगे थे। आरोपित अब्दुल नासिर महदानी को जेल में आयुर्वेदिक मालिश देने की बात सामने आई थी। अब इसी सीरियल ब्लास्ट से 23 अक्टूबर 2022 को कोयम्बटूर के कोट्टई ईश्वरम मंदिर के सामने हुए कार ब्लास्ट के तार भी जुड़ रहे हैं।

1998 सीरियल ब्लास्ट की तरह इस समय भी राज्य में कॉन्ग्रेस और उसके सहयोगी दल डीएमके की ही सरकार है। 23 अक्टूबर के ब्लास्ट में मारे गए आतंकी जमिजा मुबीन के घर से 75 किलो विस्फोटक बरामद हुए हैं। पुलिस ने अंदेशा जताते हुए कहा है कि बरामद सामग्रियों से ऐसा लगता है कि आरोपित और बम बनाने की तैयारी में थे। रिपोर्ट के अनुसार मुबीन ने 5 जगहों पर ब्लास्ट की साजिश रच रखी थी।

इस मामले में अब तक छह गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस आयुक्त बालकृष्णन ने कहा है,”मुबीन के घर से बरामद सामग्री कम तीव्रता वाले विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होते हैं। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोटक सामग्री की खरीद कैसे की गई थी।”

गिरफ्तार लोगों में मुबीन के रिश्ते का भाई अफसर खान भी है। उसके अलावा मोहम्मद थलका, मोहम्मद अजहरुद्दीन, मोहम्मद रियास, फिरोज इस्माइल और मोहम्मद अनस इस्माइल की गिरफ्तारी हुई है। इन पर यूएपीए लगाया गया है।

मुबीन से 2019 में आईएसआईएस से लिंक को लेकर पूछताछ की गई थी। यह अंदेशा भी जताया जा रहा है कि वह जहरान हाशिम नेटवर्क से जुड़ा था। जहरान हाशिम ईस्टर पर श्रीलंका में हुए सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार कोयम्बटूर में 1998 में हुए सीरियल ब्लास्ट से भी इसके लिंक मिल रहे हैं। कार ब्लास्ट के बाद पकड़े गए लोगों में मोहम्मद थलका भी शामिल है। वह नवाब खान का बेटा है, जो 1998 सीरियल ब्लास्ट में जेल में बंद है। सीरियल ब्लास्ट के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन अल-उमाह का मुखिया उसका चाचा सैयद अहमद बाशा ही है।

रिपोर्ट के अनुसार मुबीन उक्कडम में रहता था। यह इलाका हमेशा से संवेदनशील रहा है। खासकर 1998 के सीरियल ब्लास्ट के बाद से। यही कारण है कि विस्फोट के बाद जब मुबीन के घर के तलाशी ली जा रही थी, उसी समय अल-उमाह से जुड़े लोगों के घर पर भी दबिश दी गई। इनमें से एक घर नवाब खान का भी था। इसके बाद नवाब खान के बेटे थलका से पूछताछ की गई और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

23 अक्टूबर को हुए ब्लास्ट की पड़ताल में जिस तरह से चीजें सामने आ रही हैं, उससे लगता है कि 1998 के सिलसिलेवार धमाकों की तरह ही बड़ी साजिश रची गई थी। लेकिन किन्हीं कारणों से 24 साल बाद आतंकी उसी तरह की घटना को अंजाम देने में विफल रहे।

‘ऐसा ब्रिटेन बनाऊँगा जहाँ हमारे बच्चे दीया जला सके’: 10 डाउनिंग स्ट्रीट में दीवाली समारोह, ऋषि सुनक ने नवनिर्माण का संकल्प दुहराया

आर्थिक संकट में फँसे ब्रिटेन के ​नवनिर्माण को लेकर ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने अपनी प्रतिबद्धता दीपावली संदेश में भी दोहराई है। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट में आयोजित दीवाली समारोह की तस्वीर ट्वीट कर कहा है कि वे ऐसे ब्रिटेन का निर्माण करेंगे, जहाँ हर बच्चा दीया जला सके।

सुनक ब्रिटेन के पहले अश्वेत और भारतीय मूल के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को ट्वीट कर कहा है, “आज की रात 10 डाउनिंग स्ट्रीट के दीवाली कार्यक्रम में हिस्सा लेना बेहतरीन रहा। इस पद पर रहते हुए मैं एक ऐसे ब्रिटेन के निर्माण के लिए सब कुछ करूँगा, जहाँ पर हमारे बच्‍चे और पोते-पोतियाँ दिया जला सकें और अपने भविष्य को लेकर आशान्वित हों। आप सबको दीपावली की शुभकामनाएँ।’

​42 साल के सुनक अपनी हिंदू जड़ों और संस्कृति तथा आस्था को लेकर बेहद मुखर रहे हैं। उन्होंने बतौर सांसद गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। ब्रिटेन का वित्त मंत्री रहते हुए भी अपने आधिकारिक आवास में दीपावली मनाई थी। ऐसे में इस बार उनके लिए दीवाली बेहद खास थी। उन्होंने मंगलवार (25 अक्टूबर 2022) को किंग चार्ल्स III से मुलाकात कर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी सँभाली थी।

प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद ऋषि सुनक ने अपने पहले भाषण में देश में चल रहे आर्थिक संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “इस समय हमारा देश एक गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। यूक्रेन में युद्ध ने दुनिया भर के बाजारों को अस्थिर कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने इस देश के आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की कोशिश की। मैं उनकी प्रशंसा करता हूँ। लेकिन उनके कार्यकाल में कुछ गलतियाँ हुईं हैं। हालाँकि, ये गलतियाँ गलत इरादे से नहीं की गईं, लेकिन गलतियाँ तो गलतियाँ ही होती हैं।”

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने यह भी कहा था, “मैं इस सरकार के एजेंडे के केंद्र में आर्थिक स्थिरता और विश्वास को रखूँगा। इसका मतलब होगा कि सरकार कठिन फैसले लेने वाली है। अपनी पार्टी और अपने देश को एक साथ लाना ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही एक तरीका है जिसके जरिए हम सभी चुनौतियों का सामना करेंगे और अपने बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य तैयार करेंगे। मैं ईमानदारी के साथ दिन-रात काम करूँगा और ब्रिटेन के लोगों की सेवा करूँगा।”