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‘उसने पहली असफल शादी की बात छिपाई’: सुष्मिता सेन के भाई ने अपनी पत्नी को बताया ‘ड्रामा क्वीन’, मारपीट और गाली बकने का लगा था आरोप

अभिनेत्री चारु असोपा (Charu Asopa) और राजीव सेन (Rajeev Sen) के तलाक की चर्चाएँ जोरों पर हैं। पत्नी चारु असोपा के मीडिया में गंभीर आरोप लगाने के बाद सुष्मिता सेन के भाई ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि चारु ने मीडिया जो भी बताया है, वह पूरी तरह झूठ है।

राजीव ने कहा, “इसीलिए मैं उसे ड्रामा क्वीन कहता हूँ। सबसे पहली बात… अगर उसे तलाक ही चाहिए तो वो मुझे और मेरी फैमिली को डायरेक्ट फोन कर सकती है। इस चीज के लिए मीडिया को कॉल करने की क्या जरूरत है?”

राजीव सेन ने आगे कहा, “वो स्टेबल इंसान नहीं है। उसने मुझसे अपनी पहली असफल शादी के बारे में छिपाया। तलाक लेकर अपने जीवन में आगे बढ़ने के बजाए वह मीडिया में मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगा रही है कि मैं महीनों तक उसे छोड़कर गायब हो जाता था, उसे गालियाँ देता हूँ, उसके साथ मैंने मार-पीट की है। सच तो यह है कि मैंने कभी भी मीडिया से कुछ नहीं कहा। केवल उसके आरोपों का जवाब देते हुए खुद को डिफेंड किया है। मैं अपनी बेटी की सेफ्टी को लेकर परेशान हूँ, क्योंकि वो उसके पास है। अपनी बेटी को प्रोटेक्टशन देने के लिए मैं एक्शन लूँगा। मैं भी चारु और उसके परिवार के बारे में बहुत कुछ कह सकता हूँ, लेकिन उनका अभी भी सम्मान करता हूँ।”

बता दें कि सुष्मिता सेन के भाई-भाभी ने जून 2019 में शादी की थी। कुछ दिनों बाद ही इनके बीच मनमुटाव की खबरें सामने आने लगी थीं। जिसके बाद इन्होंने अलग होने का फैसला किया था, लेकिन अपनी बेटी के लिए दोनों ने अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया था।

इस बार चारु ने राजीव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “राजीव हर झगड़े के बाद हफ्तों या महीनों के लिए गायब हो जाता था और मुझसे संपर्क के सभी साधनों से ब्‍लॉक कर देता था, ताकि मैं उस तक न पहुँच सकूँ और न ही उसके ठिकाने को जान सकूँ। लॉकडाउन से कुछ दिन पहले वह मुझे तीन महीने के लिए छोड़ कर चला गया था। उस दौरान मैं अकेला थी।

‘तुम्हें जहन्नुम में भेज दूँगा’: असलम उर्फ़ ‘चक्कू’ ने VHP नेता के सीने पर तमंचा रख कर दिया फायर, संगठन का सवाल – पुलिस रोकेगी या हिन्दू खुद रोकें?

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के नेता विकास मिश्रा पर जानलेवा हमले की खबर है। हमलावर का नाम असलम उर्फ़ चक्कू है। हमने में VHP नेता बाल-बाल बचे हैं। उन्होंने अपने साथियों सहित आरोपित को दौड़ा कर पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया है। असलम को जेल भेज दिया गया है। घटना सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) की है।

यह घटना खोड़ा थानाक्षेत्र के दीपक विहार इलाके की है। मामले की शिकायत खुद विहिप कार्यकर्ता विकास मिश्रा ने पुलिस में दी है। शिकायत के मुताबिक, घटना की रात दीपावली होने के कारण लगभग 11:45 पर विकास मिश्रा अपने दोस्तों से मिलने निकले थे। तभी घटनास्थल पर असलम उर्फ़ चक्कू नाम का एक बदमाश आया और उनकी छाती पर कट्टा (तमंचा) तान दिया। विकास ने शिकायत में आगे लिखा कि इस दौरान असलम ने कहा, “तुम्हे बजरंग दल का नेता बना कर जहन्नुम में भेज दूँगा।”

अपनी शिकायत में विकास ने आगे लिखा है कि इतना कह कर असलम ने तमंचे से फायर कर दिया। शिकायत के मुताबिक, गोली असलम के तमंचे में फँस गई और इस दौरान विकास के दोस्त असलम से अवैध हथियार छीनने का प्रयास करने लगे। आगे बताया गया है कि आरोपित खुद को छुड़ा कर भागने लगा जिसका पीछा विकास के साथियों ने किया। इसी दौरान पुलिस को भी सूचना दे दी गई। शिकायत के मुताबिक असलम को बाद में राजीव विहार में पकड़ लिया गया, जहाँ उसके पास से तमंचा और जिन्दा कारतूस बरामद हुआ।

शिकायतकर्ता के मुताबिक ,बाद में असलम को पुलिस के हवाले कर दिया गया। अपनी शिकायत में विकास ने यह भी बताया है कि आरोपित असलम एक पेशेवर अपराधी है। शिकायत के मुताबिक, असलम पर कई केस विभिन्न थानों में चल रहे हैं। विकास ने यह भी लिखा है कि खुद उन्होंने कई बार खोड़ा थाने में असलम की शिकायत की है। विहिप नेता ने असलम पर कठोर कार्रवाई की माँग भी की है।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री विजय शंकर तिवारी ने इस घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने लिखा, “ऐसे हमले पुलिस रोकेगी या स्वयं हिन्दू समाज को ही रोकना पड़ेगा।

ऑपइंडिया से बता करते हुए विकास मिश्रा ने बताया कि असलम की करतूतों की जानकारी वो पुलिस को दिया करते थे। उन्होंने कहा कि संभवतः उन पर हमले की यही वजह होगी। विहिप नेता विकास की शिकायत पर पुलिस ने असलम को IPC की धारा 307, 506 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है।

केरल के वामपंथी मंत्री ने उत्तर प्रदेश पर दिया आपत्तिजनक बयान: राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने माँगा इस्तीफा, CM विजयन का इनकार

केरल में ‘अज्ञानियों का शासन’ बताने वाले राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (CM Pinarayi Vijayan) को चिट्ठी लिखकर राज्य के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल (KN Balgopal) को हटाने के लिए कहा है। हालाँकि, मुख्यमंत्री विजयन ने इससे इनकार कर दिया।

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सीएम विजयन को लिखी चिट्ठी में कहा, “केएन बालगोपाल जानबूझकर शपथ का उल्लंघन करके भारत की एकता और अखंडता को कमजोर कर रहे हैं।” राज्यपाल ने कहा कि मंत्रिमंडल में बालगोपाल के रहने से वे खुश नहीं हैं। इसलिए उनके खिलाफ संविधान के तहत कार्रवाई की जाए। इस माँग को सीएम विजयन ने खारिज कर दिया।

सीएम विजयन को लिखे अपने पत्र में केरल के राज्यपाल ने कहा कि वित्तमंत्री बालगोपाल ने 19 अक्टूबर को एक विश्वविद्यालय परिसर में भाषण दिया। इसमें बालगोपाल ने क्षेत्रीयता और प्रांतीयता की आग को भड़काने और भारत की एकता को कमजोर करने का प्रयास किया था। इसलिए उन्हें यह बताने के लिए मजबूर होना पड़ा कि वित्त मंत्री का बयान शर्मनाक है।

दरअसल, राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पिनराई विजयन की सरकार पर सवाल उठाया था। इस बात से राज्यपाल और सराकर के बीच खींचतान चल रही थी। इसी बीच विश्वविद्यालय में भाषण के दौरान बालगोपाल ने कह दिया कि यूपी के आए गवर्नर को केरल के एजुकेशन सिस्टम की क्या समझ है।

इसके बाद 24 अक्टूबर को राज्यपाल ने विजयन सरकार द्वारा नियुक्त 9 कुलपतियों से इस्तीफा माँग लिया था, लेकिन कुलपतियों ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। इस पर राज्यपाल ने उन लोगों को नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद सभी कुलपति कोर्ट चले गए, जहाँ कोर्ट ने कहा कि तय प्रक्रिया के तहत ही कुलपतियों को हटाया जा सकता है।

एक कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा था, “सभी शराब पीने के खिलाफ अभियान चलाते हैं। यहाँ (केरल में) शराब पीने को बढ़ावा दिया जा रहा है। कितने शर्म की बात है। हमने तय किया है कि हमारे (केरल के) विकास के लिए लॉटरी और शराब ही काफी है। शत-प्रतिशत साक्षरता वाले राज्य के लिए यह कितनी शर्मनाक स्थिति है।”

वित्त मंत्री केएन बालागोपाल पर निशाना साधते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा था, “वित्त मंत्री, जिसके राजस्व का मुख्य स्रोत अल्कोहल और लॉटरी है, वह पूछ रहा है कि यूपी के आए गवर्नर को केरल के एजुकेशन सिस्टम की क्या समझ है।”

लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल खान ने कहा था, “केरल सरकार के कानून मंत्री कहते हैं कि वे मेरी कार्रवाई की समीक्षा करेंगे। मैं राज्यपाल के रूप में उनके कार्यों की समीक्षा करने के लिए यहां हूँ। वे मेरे द्वारा नियुक्त किए गए हैं। वे संविधान के प्रावधानों से परिचित नहीं हैं, क्योंकि मेधावी लोग बाहर चले गए हैं और ये अज्ञानी राज्य पर शासन कर रहे हैं।”

‘अब से हमारी बेटी ‘रूह दी’ कहलाएगी’: जेल से निकले गुरमीत राम रहीम ने बदला हनीप्रीत का नाम, डेरा की गद्दी को लेकर भी साफ़ कर दिया अपना फैसला

‘डेरा सच्‍चा सौदा’ प्रमुख गुरमीत राम रहीम 40 दिन के पैरोल पर बाहर आया है और अपना समय बागपत के बरनावा आश्रम में बीता रहा है। सुनार‍िया जेल से पैरोल से बाहर आने के बाद से ही वह चर्चा में है। डेरा प्रमुख ने अपनी मुँहबोली ‘बेटी’ व राजदार हनीप्रीत का नाम बदलकर ‘रूहानी दीदी’ रख द‍िया है। हनीप्रीत भी विवादों में रह चुकी है और जेल भी जा चुकी है।

र‍िपोर्ट के मुताबिक, राम रहीम ने डेरा सच्चा सौदा में किसी भी तरह के नेतृत्व परिवर्तन को पूरी तरह से नकार दिया है और कहा है कि फिलहाल वो ही डेरा का प्रमुख बना रहेगा। राम रहीम ने गुरु और गद्दी बदलने की चर्चाओं पर कहा, “डेरे के गुरु हम थे, हम हैं और हम ही रहेंगे।” लोगों का मानना है कि इसके बाद अब हनीप्रीत और डेरे को लेकर जो भी चर्चाएँ चल रही थीं, बंद हो जाएँगी।

हनीप्रीत को लेकर उसने कहा, “हमारी बेटी का नाम हनीप्रीत है। हर कोई उन्हें ‘दीदी’ कहता है, इसलिए इससे भ्रम होता है। इसलिए हमने अब उनका नाम ‘रूहानी दीदी’ रखा है और इसका उच्चारण आसान करने के लिए ‘रूह दी’ के रूप में मॉडर्नाइज किया है।”

राम रहीम ने बरनावा डेरे में दीपावली भी मनाई और लोगों से प्रदूषण का ध्यान रखकर दीपावली मनाने की अपील की। हरियाणा में आगामी निकाय चुनाव को देखते हुए कई नेता गुरमीत राम रहीम के सत्संग में पहुँचकर आशीर्वाद ले रहे हैं। राम रहीम ने जेल से निकलते ही सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो अपलोड कर अपने समर्थकों को मैसेज दिया। राम रहीम के भक्त भी डेरा प्रमुख के आश्रम में काफी संख्या में पहुँच रहे हैं । प्रशासन और आश्रम के लोग किसी भी अनजान व्यक्ति को प्रवेश नहीं दे रहे हैं।

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम दो महिला भक्तों के रेप के आरोप में 20 साल जेल की सजा काट रहा है। साल 2019 में राम रहीम और तीन अन्य को पत्रकार राम चंदर छत्रपति की 2002 की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था। पिछले साल उसे चार अन्य लोगों के साथ डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या की साजिश रचने के लिए दोषी ठहराया गया था। रंजीत सिंह की 2002 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

‘थैंक गॉड’ से दोगुनी ‘राम सेतु’ की कमाई: बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन कुछ यूँ रहा अक्षय और अजय की फिल्मों का हाल, देखें कलेक्शंस

जहाँ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अब तक तमिलनाडु की ‘PS 1’ और कर्नाटक की ‘कांतारा’ धमाल मचा रही थी, वहीं अब बुधवार (25 अक्टूबर, 2022) को अक्षय कुमार की ‘राम सेतु’ और अजय देवगन की ‘थैंक गॉड’ के रूप में दो हिंदी फिल्मों की एंट्री हुई। जहाँ ‘Ram Setu’ ने पहले दिन भारत में 15.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया, वहीं ‘Thank God’ के मामले में ये आँकड़ा इसका लगभग आधा, 8.10 करोड़ रुपए रहा।

ये भी बताया जा रहा है कि ‘राम सेतु’ इस साल की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाली फिल्म बन गई है और इससे ऊपर 37 करोड़ रुपए के नेट कलेक्शंस के साथ रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की ‘ब्रह्मास्त्र’ ही है। इसके बाद क्रमशः ‘भूल भूलैया’ (14.11 करोड़ रुपए), ‘बच्चन पांडेय’ (13.25 करोड़ रुपए), ‘लाल सिंह चड्ढा’ (11.70 करोड़ रुपए), ‘सम्राट पृथ्वीराज’ (10.70 करोड़ रुपए), ‘विक्रम वेदा’ (10.58 करोड़ रुपए), ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ (10.50 करोड़ रुपए), ‘शमशेरा’ (10.25 करोड़ रुपए) और ‘जुग जुग जियो’ (9.28 करोड़ रुपए) का स्थान आता है।

अक्षय कुमार की पिछली कुछ फ़िल्में औसत ओपनिंग लेने के बावजूद फ्लॉप हो गईं, क्योंकि उन्हें अच्छी समीक्षा नहीं मिली और उनका बजट भी ज्यादा था। ऐसे में, उन्हें ‘राम सेतु’ से खासी उम्मीदें हैं। इस साल उनकी ‘रक्षा बंधन’ भी आई थी, जो नहीं चली। चूँकि अभी छुट्टियाँ चल रही हैं, इसीलिए लंबे वीकेंड में अक्षय कुमार और अजय देवगन, दोनों ही अच्छे कलेक्शंस की उम्मीद कर रहे हैं। ‘राम सेतु’ में जैकलीन फर्नांडिस और नुसरत भरुचा भी हैं।

जहाँ तक ‘थैंक गॉड‘ की बात है, इसमें अजय देवगन के किरदार का नाम ‘चित्रगुप्त’ होने से इसे पहले ही विवादों का सामना करना पड़ा है। हालाँकि, बाद में इसे बदल कर ‘CG’ कर दिया गया। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और रकुल प्रीत सिंह भी मुख्य किरदारों में हैं। हाल ही में इस फिल्म की स्क्रीनिंग में इन तीनों ही हस्तियों को देखा गया था। मुंबई में मंगलवार को हुई स्क्रीनिंग में सिद्धार्थ मल्होत्रा की वर्तमान गर्लफ्रेंड कियारा अडवाणी भी पहुँची थीं।

‘मैं उनके भाषण देखता हूँ, वैश्विक तनाव के बीच कर रहे बेहतरीन काम’: S जयशंकर के मुरीद हुए UAE के मंत्री, कहा – उनसे काफी प्रभावित हूँ

संयुक्त अरब अमीरात के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल इकॉनमी राज्य मंत्री उमर सुल्तान अल ओलमा (Omar Sultan Al Olama) ने बुधवार (26 अक्टूबर, 2022) को विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वह भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक स्तर पर बेहतरीन कार्य करने वाले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से काफी प्रभावित हैं।

उमर सुल्तान अल ओलमा ने दिल्ली स्थित एक थिंक टैंक सम्मेलन में वर्चअल भाग लिया। इस सम्मेलन में भारत के केंद्रीय मंत्रियों और कई सांसदों ने भी हिस्सा लिया। सुल्तान ने कहा, “मैं आपके विदेश मंत्री एस जयशंकर से बहुत प्रभावित हूँ। मैं उनके कुछ भाषण देखता हूँ। संयुक्त अरब अमीरात और भारत दोनों के लिए एक बात बहुत स्पष्ट है कि हमें पक्ष चुनने की आवश्यकता नहीं है।”

उमर सुल्तान अल ओलमा ने कहा, “अगर यूएई भारत के साथ काम करता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह अमेरिका के साथ काम नहीं कर सकता। हम तीनों एक साथ काम कर सकते हैं। I2U2 (भारत-इजराइल-यूएई-यूएसए) समूह एक महान उदाहरण है।” राज्य मंत्री ने आगे व्यापार और निवेश के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अब व्यापार के माध्यम से दुनिया पर दबदबा बनाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश दुनिया भर में अपने पैर पसारने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।

संयुक्त अरब अमीरात के मंत्री ओलामा ने CyFY2022 कार्यक्रम में कहा, “भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच गहरा रिश्ता है। सहयोग के लिए कई संभावित क्षेत्र हैं, खासकर दोनों देशों में स्टार्टअप को लेकर सहयोग।”

बता दें कि ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और समाज पर चर्चा के लिए आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन आज से शुरू हुआ। अगले तीन दिनों में CyFy 2022 सम्मेलन में 37 देशों के 150 वक्ताओं और प्रश्नोत्तर सत्रों सहित 28 से अधिक पैनल चर्चाएँ आयोजित की जाएँगी।

3 बच्चों की माँ को भगा ले गया जियाउद्दीन, ‘राजेश’ बन कर रह रहा था हिन्दू महिला के साथ: फैक्ट्री में हुई थी जान-पहचान, आधार कार्ड से खुला राज़

उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने उत्तराखंड से 3 बच्चों की माँ को भगा कर लाने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया है। आरोपित का नाम जियाउद्दीन है, जो मूल रूप से UP के बिजनौर का रहने वाला है। पुलिस को यह सूचना वि’श्व हिन्दू परिषद’ (VHP) के कार्यकर्ताओं ने दी है। महिला को नारी निकेतन भेज कर उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। मामला मंगलवार (25 अक्टूबर 2022) का है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बरहन थानाक्षेत्र के गाँव बाधनू की है। बताया जा रहा है कि यहाँ पर पिछले 4-5 दिनों से एक संदिग्ध एक महिला को ले कर एक मकान में रह रहा था। गाँव वालों को जब वो संदिग्ध दिखे तब उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद कार्यकर्ताओं को इसकी सूचना दी। विहिप कार्यकर्ताओं ने मकान में पहुँच कर मामले की जानकारी ली। पहले तो आरोपित ने उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में आधार कार्ड से सारा भेद खुल गया।

मिली जानकारी के मुताबिक, महिला शादीशुदा है और 3 बच्चों की माँ है। वह मूल रूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की रहने वाली है। मामले को संदिग्ध देख कर VHP कार्यकर्ताओं ने बरहन थाने को सूचना दी। नजदीकी पुलिस चौकी आंवलखेड़ा ने दोनों को कस्टडी में ले कर पूछताछ की। पीड़िता के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। वहीं पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है।

ऑपइंडिया ने आरोपित को पकड़ने वाले हिन्दू कार्यकर्ता लवकुश से बात की। उन्होंने हमें बताया कि लड़का और लड़की एक हिन्दू के ही घर रुके थे। उन्होंने बताया कि आधार कार्ड के मुताबिक लड़की जियाउद्दीन से लगभग 8 साल बड़ी है। लवकुश ने हमें बताया कि पहले जियाउद्दीन ने खुद को राजेश बताया, लेकिन बाद में वो आधार कार्ड से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने खुद के अलीगढ़ से होने और ताजमहल देखने के लिए आगरा आने की बात कही थी। लवकुश के अनुसार, लड़की ने करवा चौथ की मेहँदी आदि लगा रखी है, जिससे पता चल रहा है कि वो अपने घर से हाल ही में भागी होगी।

लवकुश ने हमें आगे बताया कि उन्हें लड़की को भगाने की साजिश में लड़के जियाउद्दीन के घर वालों के भी शामिल होने का शक है। लवकुश के अनुसार, अभी तक लड़की के परिजन पुलिस के पास नहीं पहुँच पाए हैं लेकिन जियाउद्दीन को पकड़ने के कुछ ही देर बाद उसके घर वाले थाने पर हाजिर थे। लवकुश ने हमें बताया कि लड़का और लड़की ने पूछताछ में हम लोगों को बताया कि वो दोनों एक साथ एक फैक्ट्री में काम करते थे और वहीं उनका परिचय हुआ था।

‘बिना सबूत पति को व्यभिचारी और शराबी कहना क्रूरता की श्रेणी में’: बॉम्बे HC ने ख़ारिज की महिला की याचिका, कहा – आरोप लगा कर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया

बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने तलाक से जुड़े एक मामले में फैमिली कोर्ट (Family Court) का फैसला बरकरार रखते हुए अहम टिप्पणी की। हाई कोर्ट ने कहा कि पति को बिना सबूत व्याभिचारी और शराबी कहना क्रूरता के समान है। जस्टिस नितिन जामदार और शर्मिला देशमुख की बेंच ने यह आदेश 50 साल की महिला की अपील को खारिज करते हुए 12 अक्टूबर को सुनाया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे की फैमिली कोर्ट ने नवंबर 2005 में सेवानिवृत्त सेना अधिकारी और महिला को तलाक की अनुमति दी थी। इसको लेकर महिला ने फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट में सुनवाई लंबित रहने के दौरान उसके पति का निधन हो गया था। इसके बाद अदालत ने उसके कानूनी उत्तराधिकारी को मामले में प्रतिवादी के तौर पर शामिल करने का निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ता महिला ने दावा किया था कि उसका पति एक व्याभिचारी (Womaniser) और शराबी है और वह किसी न किसी बहाने उसकी बहन से मिलने जाता था। महिला का कहना था कि इन बुराइयों के कारण वह अपने वैवाहिक अधिकारों से वंचित रही। इस पर पीठ ने कहा कि महिला ने अपने बयान के अलावा आरोपों को साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया है। यहाँ तक ​​कि महिला की अपनी बहन ने भी सेवानिवृत्त मेजर के व्याभिचारी (Womaniser) और शराबी होने के बारे में कुछ नहीं कहा।

पीठ ने कहा कि पत्नी ने पति के चरित्र के खिलाफ बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाए, जिससे समाज में उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा है और याचिकाकर्ता का आचरण आईपीसी की धारा 13(1)(i-a) के तहत क्रूरता है।

पत्नी की ओर से हाई कोर्ट में पेश हुए वकील विकास बी शिवरकर ने दावा किया कि फैमिली कोर्ट ने इस आधार पर तलाक देने में गलती की कि याचिकाकर्ता के आरोप क्रूरता के समान हैं। वहीं प्रतिवादी की ओर से पेश हुए वकील ओंकार कुलकर्णी ने तलाक देने के फैमिली कोर्ट के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। वकील ने अदालत में कहा कि याचिकाकर्ता ने अपने पति पर झूठे और उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने वाले आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उसके बच्चों और पोते-पोतियों से अलग कर दिया।

‘भारत की करेंसी पर हो अल्लाह की भी तस्वीर’: केजरीवाल से बौखलाई कॉन्ग्रेस ने की माँग, दिल्ली के CM ने कहा था- नोटों पर चाहिए लक्ष्मी-गणेश

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Delhi CM & AAP Chief Arvind Kejriwal) ने करेंसी नोटों पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीर छापने की अपील कर राजनीतिक बवंडर खड़ा कर दिया है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने सीएम केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि अल्लाह, अल्लाह, जीसस, गुरु नानक, बुद्ध और महावीर को भी शामिल किया जाना चाहिए।

कॉन्ग्रेस नेता सलमान अनीस सोज (Salman Anees Soz) ने अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “प्रिय अरविंद केजरीवाल, यदि लक्ष्मी और गणेश समृद्धि ला सकते हैं तो हमें और अधिक समृद्धि सुनिश्चित करनी चाहिए और अल्लाह, जीसस, गुरु नानक, बुद्ध और महावीर को भी शामिल करना चाहिए।”

वहीं, कॉन्ग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल को भाजपा की ‘टीम बी’ बताया। दीक्षित ने कहा कि अगर केजरीवाल पाकिस्तान जाएँ तो वे खुद को पाकिस्तानी भी कह सकते हैं। उन्होंने कहा, “वह बीजेपी और आरएसएस की बी टीम हैं। उनकी कोई समझ नहीं है। यह उनकी वोट की राजनीति है। यदि वह पाकिस्तान जाएँ तो वह कह सकते हैं कि मैं पाकिस्तानी हूँ, इसलिए मुझे वोट दें।”

बता दें कि दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (26 अक्टूबर 2022) को पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से नोटों पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की फोटो को छापने की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत में हर कोई अमीर हो और कभी-कभी, कोई कितनी भी कोशिश कर ले, कुछ कमी रह ही जाती है। उन्होंने कहा, “प्रयास तभी फलदायी होते हैं, जब हमारे पास देवी-देवताओं का आशीर्वाद होता है।”

मीडिया को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “कल से एक दिन पहले दिवाली थी। हम सभी ने भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी से प्रार्थना की। हमने स्वास्थ्य, धन और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। हम जानते हैं कि कैसे व्यवसायी अपने कमरों में भगवान गणेश और लक्ष्मीजी के चित्र रखते हैं और अपना काम शुरू करने से पहले उनसे प्रार्थना करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “आज मैं केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से भारतीय मुद्रा पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीर शामिल करने की अपील करना चाहता हूँ। गाँधी जी की फोटो जैसी है, वैसी रह सकती है। अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए हमें और अधिक प्रयास करने की जरूरत है, लेकिन हमें अपने देवी-देवताओं के आशीर्वाद की भी जरूरत है।”

सीएम केजरीवाल के इस बयान के बाद ट्विटर पर मुस्लिम यूजर उन्हें ट्रोल करने लगे। किसी ने उन्हें RSS का छोटा रिचार्ज कहा तो किसी ने उन्हें धर्मनिरपेक्षता की पाठ पढ़ाई। वहीं, एक यूजर ने कहा कि अगर यही बात AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने नोट पर ला इल्लाह इलइल्लाह लिखने या अजमेर दरगाह की तस्वीर छापने के लिए कहा होता तो क्या होता।

‘माँ सीता एक दृढ़ और प्रतिबद्ध स्त्री, किसी प्रलोभन के आगे नहीं झुकीं’: न्यूयॉर्क के मेयर ने कहा – भगवान राम के रास्ते पर चलने से ही मिटेगी घृणा

अमेरिका में इस बार दिवाली का उत्सव काफी धूम-धाम से मनाया गया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडन ने व्हाइट हाउस में अब तक के सबसे बड़े दिवाली समारोह की मेजबानी की। वहीं न्यूयॉर्क शहर में भी लोगों ने दिवाली मनाई। न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स ने दिवाली के मौके पर लोगों से भगवान राम, सीता के दिखाए मार्ग पर चलने और और ‘प्रकाश की किरण’ बनने के लिए कहा। उन्होंने माँ सीता की सराहना करते हुए कहा की वह एक मजबूत महिला थीं, किसी भी प्रलोभन के आगे नहीं झुकी। वह दृढ़ और प्रतिबद्ध थी।

दिवाली की सीख को अपनाने की सलाह देते हुए उन्होंने मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को कहा, “अँधेरा बहुत है। हम केवल उन जगहों को खोजने की इच्छा में उलझे हुए हैं जिनसे हम असहमत हैं ।”

एडम्स ने भारतीय-अमेरिकी, दक्षिण एशियाई और अन्य समुदायों के प्रमुख सदस्यों की एक बड़ी सभा को दीवाली की शुभकामनाएँ दीं। उनके आधिकारिक आवास पर दिवाली समारोह का आयोजन किया था। उन्होंने कहा, “आओ राम की तरह जीवन जीएँ, सीता की तरह जीवन जीएँ। आइए दिवाली की सीख को अपनाएँ। यह छुट्टी जिस चीज़ का प्रतिनिधित्व करती है, उसको जीते हैं, तब हमें पता चलेगा कि हमने अपनी जिम्मेदारी और दायित्व को पूरा किया है।”

उन्होंने कहा, “दीपावली हम सबके लिए साथ बैठने, संवाद करने और सिखों के खिलाफ घृणित अपराधों को ख़त्म करने का पर्व है। अंधेरा बहुत है और हमें प्रकाश की किरण बनने की जरूरत है, जो देश को दिखाए कि हमें अंधेरे को दूर करने की जरूरत है।”

इस कार्यक्र में भारत के महावाणिज्य दूत रणधीर जायसवाल और न्यूयॉर्क असेंबली की सदस्य जेनिफर राजकुमार भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा, “अगर हम केवल एक दिन के लिए अंधेरे को दूर करने का जश्न मनाते हैं, तो हम दिवाली के सिद्धांतों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। हमें हर दिन उस परिमाण और उस ऊँचाई पर रहना चाहिए।” वहीं एडम्स ने कहा, “मेरे सिख भाइयों और बहनों लोगों के धर्म और आस्था की परवाह किए बिना अपने गुरुद्वारों में हजारों लोगों को खाना खिलाते हैं, जिसमें कोविड ​​​​-19 महामारी भी शामिल है।”

इससे एक सप्ताह पहले न्यूयॉर्क शहर के पब्लिक स्कूलों में रोशनी के त्योहार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। न्यूयॉर्क में प्रांत कार्यालय के लिए निर्वाचित होने वाली भारतीय मूल की जेनिफर राजकुमार ने राज्य की राजधानी में कानून पेश किया जो स्कूल कैलेंडर में दिवाली के लिए जगह बनाता है। राजकुमार ने कहा, ”हिंदू-अमेरिकियों के रूप में, यह हमारे लिए यह देखने का समय है कि हम कौन हैं। हमारी संस्कृति ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर को प्रेरित किया, जिन्होंने कहा था कि भारत के महात्मा गाँधी सामाजिक परिवर्तन के लिए उनके आंदोलन के ‘गाइडिंग लाइट’ थे।

महिलाओं का सम्मान करने के महत्व पर जोर देते हुए, एडम्स ने कहा, “जब भी हम दिवाली के बारे में सोचते हैं, हमें राम का ख्याल आता है और हम बुराई के खिलाफ लड़ाई के बारे में सोचते हैं। लेकिन जब आप उस महत्वपूर्ण कहानी को देखते हैं, तो सीता को मत भूलना, उस कथा से सीता को बाहर मत करना। सीता एक मजबूत महिला थीं, जो किसी भी प्रलोभन के आगे नहीं झुकी, वह दृढ़ और प्रतिबद्ध थी।”