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बग्गा के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने का हाई कोर्ट का आदेश: उठाने के लिए घर पहुँच गई थी पंजाब पुलिस, केजरीवाल पर ट्वीट को लेकर लिया था एक्शन

भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया है। यह FIR पंजाब पुलिस ने 11 मार्च 2022 को दर्ज की थी। बग्गा पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए आपत्तिजनक भाषा प्रयोग करने का आरोप लगाया गया था।

बग्गा की याचिका पर बुधवार (12 अक्टूबर 2022) को जस्टिस अनूप चिटकारा ने सुनवाई की। उन्होंने कहा कि बग्गा के ट्वीट में ऐसा कुछ नहीं था जो कोई आतंकी गतिविधि जैसा हो। ट्वीट में किसी की धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसा भी कुछ नहीं है।

अदालत ने FIR को निरस्त करने का आदेश दिया। याचिका में मोहाली के SAS नगर स्थित साइबर क्राइम थाने में IPC की धारा 153- A, 505, 505(2)और 506 के तहत दर्ज FIR को निरस्त करने की अपील की गई थी।

गिरफ्तार करने दिल्ली आ गई थी पंजाब पुलिस

‘द कश्मीर फाइल्स’ पर अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी के विरोध में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में शामिल बग्गा का एक बयान वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था कि केजरीवाल के माफ़ी माँगने तक भाजपा कार्यकर्ता उन्हें चैन से नहीं बैठने देंगे। 25 मार्च को बग्गा ने एक ट्वीट करते हुए लिखा था, “जब 10 लाख ह#मी मरते होंगे तो एक अरविंद केजरीवाल पैदा होता होगा।” बाद में उन्होंने कहा था कि 10 लाख को 10 करोड़ पढ़ा जाए।

इस बयान के आधार पर पटियाला में आप कार्यकर्ता राम कुमार झा ने FIR दर्ज करवाई थी। इस FIR के जवाब में बग्गा ने 27 मार्च 2022 को कहा था, “1 नहीं 100 FIR करना, लेकिन केजरीवाल अगर कश्मीरी हिंदुओ के नरसंहार को झूठा बताएगा तो मैं बोलूँगा। अगर केजरीवाल कश्मीरी हिंदुओ के नरसंहार पर ठहाके लगाएगा तो मैं बोलूँगा। चाहे उसके लिए मुझे जो अंजाम भुगतना पड़े, मैं तैयार हूँ। मैं केजरीवाल को छोड़ने नहीं वाला। नाक में नकेल डाल के रहूँगा उसके।”

बाद में इसी केस में SIT का गठन किया गया। मोहाली साइबर क्राइम थाने पर बग्गा के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें पकड़ने के लिए 6 मई 2022 को पंजाब पुलिस की टीम दिल्ली आई। बग्गा ने उस समय आरोप लगाया था कि लगभग 50 पुलिसकर्मी बिना वर्दी के एक दर्जन प्राइवेट वाहनों में थे। पुलिस वालों पर बग्गा और उनके पिता के साथ मारपीट और पगड़ी खींचने का आरोप लगा था। हालाँकि इस पुलिस टीम को हरियाणा पुलिस ने रास्ते में रोक लिया और बग्गा को वापस दिल्ली ले आया गया। इस दौरान पंजाब पुलिसकर्मियों पर दिल्ली में अवैध रूप से बग्गा की गिरफ्तारी का केस भी दर्ज हुआ था। 8 अप्रैल 2022 को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को बग्गा के खिलाफ प्रयोग किए गए तौर तरीकों पर लताड़ भी लगाई थी।

केरल में 2 औरतों का ‘सिर तन से जुदा’, मोहम्मद शफी ने वामपंथी दंपती के साथ मिल दिया अंजाम: मीडिया ने ‘बलि’ कहकर परोसा, BJP नेता बोले- आतंकी एंगल की हो जाँच

केरल में CPI (M) कार्यकर्ता और उसकी बीवी ने काले जादू के चक्कर में पड़कर दो महिलाओं की हत्या कर डाली। उन्हें फेसबुक पर मिले मोहम्मद शफी उर्फ रशीद नाम के शख्स ने कहा था कि अगर वह इंसान की कुर्बानी देंगे तो उनके घर में पैसा ही पैसा होगा।

इसी लालच के बाद वामपंथी कार्यकर्ता भगवंत सिंह और उसकी बीवी लैला ने दो औरतों को किडनैप किया। फिर उन्हें मार डाला। घटना के बारे में सुन सीएम पिनराई विजयन ने भी हैरानी जताई। वहीं केरल हाईकोर्ट ने भी कहा कि आखिर राज्य किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

शफी ने वामपंथी कार्यकर्ता और उसकी पत्नी से करवाया कत्ल

पुलिस ने इस केस का खुलासा मंगलवार (11 अक्टूबर 2022) को किया था। उन्होंने बताया कि दो महिलाओं के अपहरण और हत्या केस में कोच्चि पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा है। इनकी पहचान मोहम्मद शफी, भगवंत सिंह और उनकी पत्नी लैला के तौर पर हुई है।

पुलिस ने बताया कि मोहम्मद शफी ने महिलाओं की कुर्बानी देने के लिए उकसाया और फिर औरतों को पैसों का लालच देकर घर तक बुलाया। इसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया। इन औरतों की पहचान लॉटरी डीलर पद्मा और सेल्सवुमन रोजलिन के तौर पर हुई। 

दोनों की उम्र 50 पार थी। ये त्रिशूर जिले वड्डाक्केनचेरी की रहने वाली थीं। घटना के दौरान वह एर्नाकुलम के कलाड़ी में थीं। दंपती ने शफी के कहने पर इनकी हत्या के बाद इनके शरीर के 50 से ज्यादा टुकड़े किए और इन्हें दफना दिया गया।

कैसे हुआ खुलासा?

दोनों हत्याओं का खुलासा तब हुआ जब पद्मा के बेटे ने अपनी माँ के गायब होने की शिकायत दी। बेटे ने बताया कि उनकी माँ हमेशा उनको कॉल करती थीं लेकिन जब एक दिन उन्होंने ऐसा करना बंद कर दिया तो वो केरल में उन्हें खोजने आए। यहाँ वह नहीं थीं। पुलिस ने शिकायत पर जाँच शुरू की। पुलिस ने उनका मोबाइल ट्रेस किया और उस जगह पहुँची जहाँ शरीर के हिस्से दफन थे। उसी जगह पुलिस को रोजलिन के शव के भी टुकड़े मिले।

कथिततौर पर पहले पैसों की लालच में पहले रोजलिन को मारा गया, लेकिन जब घर की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी तो फिर शफी ने एक और कुर्बानी देने को कहा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, दंपती ने औरतों को पहले चारपाई से बाँधा था। फिर लैला ने शफी के बताए अनुसार उन औरतों का सिर तन से अलग किया और फिर पूरी बॉडी को धारदार हथियार से काट डाला। शरीर बाद में दफना दिया गया।

मीडिया ने कत्ल को लिखा ‘बलि’

अब ये तो साफ है कि इस घटना में शफी की सबसे मुख्य भूमिका थी। उसने दो अधेड़ उम्र की औरतों का कत्ल करवाया वो भी उनको लालच देकर। लेकिन मीडिया ने हिंदी मीडिया ने इसे ‘बलि’ का नाम देकर परोसा ताकि घटना को एक नया एंगल दिया जा सके। हालाँकि पुलिस के बयान ने ये साफ कर दिया कि हत्या की मंशा क्या थी। वामपंथी कार्यकर्ता और उसकी पत्नी ने लालच में घटना को अंजाम दिया।

मीडिया में कुर्बानी के नाम पर करवाए गए कत्ल को बताया गया ‘बलि’

आतंकी एंगल की हो जाँच

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने बताया कि ये पहली दफा नहीं है जब सीपीआईएम का सक्रिय कार्यकर्ता काला जादू करते पकड़ा गया। पुलिस को इस केस में कट्टरपंथी गतिविधियों की जाँच करनी चाहिए। केस में शपी का नाम है उसके संबंध इस्लामी आतंकी संगठनों से हैं।

हाईकोर्ट ने जताई चिंता

घटना को सुनने के बाद सीएम ने आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए जबकि हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि ये मूर्खता से भी परे है। हमें हैरानी की केरल कहाँ जा रहा हैं। आधुनिक होने की राह में हम भटक रहे हैं। लोग अजीब रास्तों पर जा रहे हैं। जस्टिस देवान रामचंद्रन ने कहा, “मैंने अपने 54 सालों में ऐसा कुछ नहीं सुना था।”

कॉन्ग्रेस जमाने के झमेले कैसे-कैसे: ‘बटर चिकन’ नहीं परोसने पर कर्मचारी को झेलनी पड़ी प्रताड़ना, अब हाई कोर्ट ने लगाया मरहम

हरियाणा के एक सरकारी कर्मचारी को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने जयचंद नाम के इस कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मामला 2010 का है। कॉन्ग्रेस जमाने में राज्यपाल रहीं मार्गरेट अल्वा के स्वागत समारोह में ‘बटर चिकन’ नहीं परोसे जाने पर इस कर्मचारी को प्रताड़ना झेलनी पड़ी थी।

कॉन्ग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा को विपक्ष ने इस साल उपराष्ट्रपति चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया था। बटर चिकन वाला मामला तब हुआ था, जब वे उत्तराखंड की राज्यपाल हुआ करती थीं। उस समय जगन्नाथ पहाड़िया हरियाणा के राज्यपाल थे। उन्होंने राजभवन में अल्वा के सम्मान में स्वागत समारोह रखा था। मेहमानों के भोजन के लिए दो मेन्यू तय किए गए थे। एक राज्यपाल सहित अन्य VIP लोगों के लिए था। दूसरा मेन्यू राजभवन के कर्मचारियों के लिए था।

जयचंद को इसी दौरान मेहमानों के एक समूह को बटर चिकन नहीं परोसने के लिए चार्जशीट किया गया था। हाई कोर्ट ने अब कहा है कि जयचंद पर लगे आरोप इतने भी गंभीर नहीं हैं कि उसे कड़ी सज़ा दी जाए। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मामले की सुनवाई जस्टिस अरुण मोगा ने की। जयचंद फिलहाल हरियाणा सरकार के आतिथ्य विभाग में तैनात हैं।

जयचंद को 2010 में अतिथियों को बटर चिकन न परोसने पर राज्य सरकार ने चार्जशीट किया था। उसका यह भी कहना है कि इसी वजह से एक अन्य स्टाफ को गंदी-गंदी गालियाँ भी दी गईं थी। हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ पिछले कुछ वर्षों से कोई भी गंभीर शिकायत नहीं दर्ज हुई है। उसका व्यवहार सामान्य रहा है। ऐसे में उसे गंभीर सज़ा दिए जाने का कोई औचित्य नहीं है।

याचिकाकर्ता के अनुसार 2010 में हुए इस समारोह के समय राज्यपाल पहाड़िया के बेटे ओम प्रकाश पहाड़िया ने बचा हुआ बटर चिकन अपने कमरे में मँगवा लिया था। अपने वकील अश्वनी कुमार के माध्यम से जयचंद ने बताया कि राजभवन के तत्कालीन ADC खुद को बटर चिकन न मिलने से काफी नाराज हुए थे। इसके बाद अधिकारियों ने उसे प्रताड़ित किया। अपने आदेश में हाई कोर्ट ने अधिकारियों को कर्मचारियों के साथ नरमी से पेश आने की नसीहत भी दी है।

मंदिर में चोरी करते पकड़ा गया ‘जुबैर’, खुद को बता रहा था ‘रोहित’: पोल खुली तो लगाए मजहबी नारे, बम से उड़ाने की धमकी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम युवक को मंदिर में चोरी करते हुए पकड़ा गया। उसकी पहचान जुबैर के तौर पर हुई है। लेकिन पकड़े जाने के बाद वह खुद को रोहित बता रहा था। पोल खुलने पर उसने मंदिर परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी। साथ ही मजहबी नारे लगाए। पुलिस ने जुबैर को गिरफ्तार कर लिया है। जुबैर ने हाथ में काले रंग का धागा भी बाँध रखा था। घटना मंगलवार (11 अक्टूबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना प्रेम नगर थाना क्षेत्र की है। यहाँ मौजूद बड़ा हनुमान मंदिर हिन्दुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। घटना के दिन मंदिर के पुजारी कुलदीप मिश्रा को दान पात्र के पास एक अजनबी व्यक्ति दिखा। उन्होंने पास जा कर देखा तो उन्हें दानपात्र का रूप थोड़ा विकृत लगा। उन्होंने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं की मदद से उस संदिग्ध को पकड़ा तो उसकी जेब में से 1692 रुपए बरामद हुए। पुजारी का आरोप है कि ये पैसे मंदिर के दानपात्र से चुराए गए थे।

पैसे बरामद होने के बाद आरोपित को पकड़ कर लोगों ने पूछताछ की तो उसने खुद को बरेली के ही किला थाना क्षेत्र के कटघर गाँव का रहने वाला रोहित बताया। आरोपित ने अपने पास ID प्रूफ होने से भी मना कर दिया। उसकी बढ़ी दाढ़ी से लोगों को शक हुआ तो उन्होंने संदिग्ध का मोबाइल नंबर पूछा। ट्रू कॉलर पर संदिग्ध का नाम जुबैर आया। आरोप है कि अपनी पोल खुल जाने के बाद आरोपित ने हिन्दू देवी-देवताओं को अपशब्द कहते हुए मजहबी नारे लगाए और मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भी दी।

इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जुबैर को हिरासत में लिया। मंदिर के पुजारी की तहरीर पर जुबैर के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। मंदिर के पुजारी ने पुलिस को CCTV फुटेज भी सौंपे हैं, जिसमें उनका दावा है कि जुबैर दानपात्र से चोरी करता दिख रहा है। जानकारी के मुताबिक जुबैर सिरौली थानाक्षेत्र के काजीटोला का निवासी है। पुलिस के मुताबिक आरोपित पर IPC की धारा 380, 506, 511 और 295- A के तहत कार्रवाई कर आगे की जाँच की जा रही है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में जुबैर अपना असली नाम छिपाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही खुद को बेरोजगार बताते हुए दिल्ली जाने के लिए रुपए चुराने की बात कह रहा है।

दिल्ली के मेडिकल कॉलेज में दारू पीकर श्रीकृष्ण से मिलने आए सुदामा, बज रहा था- अरे द्वारपालों… Video वायरल होने के बाद माँगी माफी

दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने मंच प्रस्तुति के दौरान श्रीकृष्ण से मिलने आए सुदामा को दारू के नशे में दिखाए जाने पर माफी माँगी है। इस कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद नेटिजन्स नाराजगी जताई थी।

यह वीडियो मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में 27 सितंबर 2022 को आयोजित कार्यक्रम का था। कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी प्रस्तुति के दौरान भगवान कृष्ण और सुदामा के मिलने का दृश्य दिखाया। इस दौरान सुदामा को शराब के नशे में दिखाया गया।

इस दृश्य को देख वहाँ मौजूद लोग ठहाके भी लगा रहे थे। इनमें कॉलेज के छात्र और डॉक्टर दोनों थे। इस प्रस्तुति के दौरान प्रसिद्ध गाना ‘अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो’ भी बज रहा था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विवाद पैदा हो गया है। विवाद बढ़ने पर एसोसिएशन ने छात्रों की हरकत पर माफी माँगी है।

वायरल वीडियो में स्टेज पर करीब आधा दर्जन लड़कियों को ‘अरे द्वारपालों’ पर नृत्य करते देखा जा सकता है। इसी बीच एक लड़का सुदामा बनकर आता है। वह नशे में होने की एक्टिंग करता है। लड़खड़ाते हुए दिख रहा है।

मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने 11 अक्टूबर 2022 को इसके लिए माफी माँगी। इसमें कहा गया है कि यह वीडियो 4 दिवसीय वार्षिकोत्सव का है। यह कार्यक्रम कॉमेडी के मकसद से पेश किया गया था। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने भी इसे अशोभनीय पाया है। प्रशासन ने इस वीडियो में अभिनय करने वाले छात्रों को आगे से किसी भी कार्यक्रम के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है।

माफीनामे के मुताबिक यह रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन और आजाद मेडिको एसोसिएशन का साझा कार्यक्रम था। यह पत्र रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अविरल माथुर सहित अन्य पदाधिकारियों की तरफ से जारी किया गया है।

श्रीकृष्ण से छुटकारा, PM मोदी नीच, मंदिर शोषण का अड्डा: गुजरात के AAP अध्यक्ष घोर हिंदूविरोधी, जानें केजरीवाल क्यों एक्शन नहीं ले पाते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘नीच‘ कहने वाले गुजरात में आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के हिंदू विरोधी होने के कई प्रमाण अब तक सामने आ चुके हैं। पहले उन्होंने एक वीडियो में कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण से छुटकारा दिलाने के लिए अरविंद केजरीवाल ‘अर्जुन’ बनकर आए हैं और अब उनकी एक पुरानी वीडियो वायरल हो रही है। इसमें वह मंदिरों को महिलाओं के शोषण का अड्डा बता रहे हैं।

इस पुरानी वीडियो में वो महिला आरक्षण एवं भारतीय समाज नामक किताब कैमरे पर दिखा रहे हैं, जिसके लेखक हरिमोहन धवन और अरुण कुमार हैं। किताब को मुश्किल से किसी प्लेटफॉर्म पर अच्छी रेटिंग मिली है। बावजूद इसके इटालिया इसे दिखाते हुए कहते हैं कि लड़कियों, महिलाओं और बेटियों को मंदिर या कथावाचनों में जाने से बचना चाहिए क्योंकि वहाँ केवल शोषण होता है।

अब इटालिया की ऐसी वीडियोज देख सवाल उठना जाहिर है कि आखिर उनके भीतर इतनी हिंदू घृणा आई कैसे? तो इसका जवाब देने के लिए एक ट्विटर यूजर विजय पटेल ने इटालिया पर और उनकी किस-किस से साँठ-गाँठ है, इस पर एक पूरा थ्रेड शेयर किया है। इसमें उन्होंने बता रखा है कि कैसे इटालिया के तार घोर वामपंथियों से पहले से जुड़े हैं जो न केवल गुजरात दंगों के नाम पर राजनीति करते हैं बल्कि भारत तोड़ो शीर्षक से कार्यक्रम भी कराते हैं।

2018 में ‘भारत तोड़ो’ कार्यक्रम का हिस्सा थे गोपाल इटालिया

विजय पटेल के थ्रेड में प्रमाणों के साथ बताया गया कि साल 2018 में हिंदू विरोधी शबनम अंसारी और उनकी विदेशी फंडों पर चलने वाली एनजीओ ने एक कार्यक्रम रखा था। कार्यक्रम का नाम था- भारत तोड़ो (Dismantling India)। इस आयोजन में जो शामिल हुए उसमें तमाम वामपंथियों के साथ अहमदाबाद के गोपाल इटालिया और ऑल्ट न्यूज की निर्झरी सिन्हा थीं।

इस कार्यक्रम पर जो रिपोर्ट तैयार हुई उसमें हर्ष मंदर, वामपंथी कविता कृष्णन जैसे तमाम लोगों के नाम लिस्ट में देखे जा सकते हैं। वहीं इस कार्यक्रम को आयोजित करने वाली शबनम हाशमी खुद अनहाद नामक ऐसी एनजीओ की संस्थापक हैं जिसे पूर्व में न जाने कितनी ईसाई NGO से पैसा आ चुका है। उनकी एनजीओ ने मेधा पाटेकर और तीस्ता सीतलवाड़ जैसे लोगों के साथ भी काम किया है।

फोर्ड फाउंडेशन से गोपाल इटालिया और AAP का कनेक्शन

देखा जा सकता है कि शबनम हमेशा मोदी सरकार विरोधी प्रदर्शनों में जमकर हिस्सा लेती रहीं। फिर वो चाहे सीएए के खिलाफ प्रोटेस्ट हों या फिर दिल्ली की सीमाओं को ब्लॉक करने वाले किसान प्रदर्शन।

इन्हीं सबमें शबनम का जिस शख्स ने बढ़-चढ़कर साथ दिया वो गुजरात में इस समय आप के अध्यक्ष गोपाल इटालिया हैं। 2018 में शबनम जब गुजरात दंगों को लेकर आयोजित कार्यक्रम के बारे में इंटरव्यू में अपना सारा प्लॉन बता रही थीं तो गोपाल उनके बगल में खड़े थे। इसके अलावा वहाँ गगन सेठी नामक शख्स भी था जो फोर्ड फाउंडेशन से जुड़ा है और खुद विदेशी फंड पर चलने वाली जनविकास एनजीओ का संस्थापक हैं।

अब ये कोई संयोग तो नहीं हो सकता है कि गोपाल इटालिया के संबंध पहले इन लोगों से होते हैं, फिर वह आप से जुड़ते हैं और आप को भी फोर्ड फाउंडेशन की ओर से फंड मिलने लगता है, उन्हें अवार्ड दिए जाने लगते हैं। वहीं इतनी हिंदू विरोधी बातें करने के बाद भी उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं होती।

विजय पटेल इन सब बिंदुओं पर गौर करवाकर बस यही सवाल पूछते हैं कि सोचिए अगर आम आदमी पार्टी सरकार में आएगी तो सरकार को कौन चलाएगा। क्या उसे आम आदमी पार्टी चलाएगी या उसमें शबनम हाशमी का हाथ भी होगा, जो भारत तोड़ने जैसे शीर्षक के साथ कार्यक्रम कराती हैं, मेधा पाटेकर होंगी, तीस्ता सीतलवाड़ होंगीं या हर्ष मंदर व अन्य वामपंथी होंगे जिन्होंने आजतक सिर्फ गुजरात के विकास परियोजना कार्यों में रोड़ा बनने का काम किया है।

‘भाजप ही भाजप, मोदी ही मोदी’: गुजराती वोटर का मजेदार Video वायरल, कैमरे पर साफ कहा- ‘केजरीवाल, कॉन्ग्रेस को वोट नहीं देंगे’

गुजरात में चुनावों से पहले सोशल मीडिया पर न्यूज 24 की एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो क्लिप में द्वारका में रहने वाले एक शख्स बता रहे हैं कि चाहे आसमान भी गिर जाए तो वह सिर्फ बीजेपी और मोदी को ही वोट देंगे।

इस वीडियो को ट्विटर यूजर विजय गजेरा ने शेयर किया है। वीडियो में हरिदास अहीर मुलायम सिंह यादव के रूप में अपनी पहचान बताने वाला गुजराती व्यक्ति गुजरात में मतदाताओं के मूड को खुलकर स्पष्ट बताते हुए नजर आ रहे हैं।

वह बता रहे हैं कि कैसे वह हमेशा टीवी देखते हैं और उनकी आँखें भी टीवी देखते-देखते लाल हो गई हैं। जब एंकर उनसे पूछता है कि ‘माहौल’ क्या है, तो वह तुरंत ही बीजेपी के पक्ष में बोलते हुए ‘कमल’ कहते हैं।

इसके बाद, जब टीवी एंकर ने आगे पूछा कि उन्होंने टीवी शो से क्या निष्कर्ष निकाला है, तो हरिदास अहीर मुलायम सिंह यादव कहते हैं, “आप पूछते रहते हैं कि ‘माहौल’ क्या है, हमारा ‘माहौल’ सरल है, ‘भाजप, नरेंद्र मोदी, मोदी’।”

वीडियो में यह देखा जा सकता है कि जब एंकर अन्य पार्टियों के बारे में पूछता है तो वह कहते हैं, “वे आते हैं और चले जाते हैं.. अरविंद आता है, पूछता है और चला जाता है। हम अरविंद को वोट नहीं देना चाहते।”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुलायम सिंह यादव की पार्टी को वोट देंगे, अगर वह गुजरात में चुनाव लड़ रही है, तो हरिदास कहते हैं, “नहीं, उन्हें वोट नहीं देना चाहते। बीजेपी के अलावा कोई नहीं। बीजेपी को ही वोट देंगे, किसी और को नहीं। जब उनसे पूछा गया कि ऐसा क्यों है, तो उन्होंने कहा, “भाजप ही भाजप, मोदी ही मोदी।”

इसके बाद वह कुछ सेकंड के लिए चुप हो जाते हैं जैसे कि इसके आगे कहने के लिए और कुछ और है ही नहीं। वहीं पत्रकार भी उनका मस्तमौला अंदाज देख खुश होते हैं। कॉन्ग्रेस के बारे में पूछे जाने पर हरिदास ने बड़े ही खुले शब्दों में कहा, ”नहीं, नहीं, मैं उन्हें वोट भी नहीं दूँगा, मेरा मूड नहीं है।”

फिर वह अपने कान में पहने हुए सोने की बाली जिसे ‘कोडिया’ कहते हैं के बारे में बात करते हैं और फिर दोहराते हैं, “भाजप ही भाजप, मोदी ही मोदी।”

गौरतलब है कि इस साल के अंत में गुजरात में चुनाव होने हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि अब से कुछ हफ्तों बाद गुजरात चुनाव के लिए अधिसूचना भी जारी हो सकती है। बता दें, गुजरात में साल 1998 से अब तक लगातार भाजपा की ही सरकार है। गुजरात में एक पूरी पीढ़ी अब केवल भाजपा शासित राज्य में पली-बढ़ी है। जहाँ एक ओर गुजरात में कॉन्ग्रेस लगातार संघर्ष कर रही है। वहीं, अन्य राजनीतिक दल भी सियासी जमीन बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

फेसबुक वाली META कंपनी ‘आतंकी संगठनों’ की लिस्ट में शामिल: रूस सरकार ने लिया फैसला

रूस की सरकार ने Meta कंपनी (फेसबुक की मूल कंपनी) को ‘आतंकवादियों और चरमपंथियों’ की लिस्ट में शामिल किया है। फेडरल सर्विस फॉर फाइनेंशियल मॉनिटरिंग के एक डेटाबेस के मुताबिक, रूस ने मंगलवार को अमेरिकी कंपनी मेटा (Meta) को आतंकवादियों और चरमपंथियों की सूची में डाला।

सरकार का यह निर्णय मॉस्को कोर्ट द्वारा मार्च में आए फैसला के बाद लिया गया, जिसमें कोर्ट ने माना था कि मेटा ने रूस में चरमपंथी गतिविधियों को अंजाम दिया। मार्च महीने में मॉस्को की अदालत में मेटा के दोषी पाए जाने के बाद जून में मेटा की अपील खारिज हुई थी। उस समय मेटा ने कहा था कि वह चरमपंथी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। हालाँकि रूसी अधिकारियों ने मेटा के ऊपर रूस के सैन्य अभियान के दौरान रूसोफोबिया का आरोप लगाया था।

उल्लेखनीय है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सएप जैसे सभी सोशल मीडिया मेटा कंपनी के हैं। इनमें फेसबुक और इंस्टाग्राम के तो विश्व भर में यूजर्स हैं। इसके बावजूद मेटा की गतिविधियाँ देखते हुए रूस ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन साथ में कहा था कि ये निर्देश व्हॉट्सएप पर लागू नहीं होता।

इसी प्रकार इंस्टाग्राम भी रूस में तब ब्लॉक हुआ था जब उसने यूक्रेन के यूजर्स को अनुमति दी थी कि वो रूस की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ उनके प्लैटफॉर्म पर आवाज उठा सकता है। इन सबके अलावा मार्च में रॉयटर्स को एक मेल भी प्राप्त हुआ था जिससे पता चला था कि मेटा ने अपने प्लेफॉर्म पर उन पोस्ट को चलाने की अनुमति दी जिनमें लोग राष्ट्रपति पुतिन को हत्या की धमकियाँ दे रहे थे।

अलौकिक, असाधारण, अविश्वसनीय: उज्जैन में PM मोदी ने किया महाकाल लोक का अनावरण, धागे से बने शिवलिंग के दर्शन पाकर प्रसन्न हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (11 अक्टूबर 2022) उज्जैन में श्री महाकाल लोक का अनावरण किया। इस दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उनके साथ रहे। सामने आई वीडियो से धागे से बने विशाल शिवलिंग के भव्य दर्शन किए जा सकते हैं। पीछे पंडित मंत्रों का पाठ कर रहे हैं।

बता दें कि पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में शामिल होने से पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की थी। शाम के समय चूँकि जलाभिषेक नहीं होता इसलिए पीएम सिर्फ पूजा करके और महाकाल का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़े। वीडियो में उन्हें विधि-विधान से पूजा-पाठ करते देखा जा सकता है।

पीएम मोदी ने कॉरिडोर का अनावरण करने के बाद “उज्जैन की ये ऊर्जा, ये उत्साह, अवंतिका की ये आभा, ये अद्भुतता, ये आनंद, महाकाल की ये महिमा, ये महात्म्य ‘महाकाल लोक’ में लौकिक कुछ भी नहीं है। शंकर के सानिध्य में साधारण कुछ भी नहीं है। सब कुछ अलौकिक है, असाधारण है, अविस्मरणीय है, अविश्वसनीय है।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि ज्योतिषीय गणनाओं में उज्जैन न केवल भारत का केंद्र रहा है। बल्कि यह भारत की आत्मा का भी केंद्र रहा है। उज्जैन, वो नगर है जो हमारी पवित्र सात पुरियों में से एक गिना जाता है। यह वो नगर है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने भी आकर शिक्षा ग्रहण की थी। उज्जैन ने महाराजा विक्रमादित्य का वो प्रताप देखा है, जिसने भारत के नए स्वर्णकाल की शुरुआत की थी।

उन्होंने यह भी कहा है कि उज्जैन के क्षण-क्षण में इतिहास सिमटा हुआ है, कण-कण में आध्यात्म समाया हुआ है और कोने-कोने में ईश्वरीय ऊर्जा संचारित हो रही है। उज्जैन ने हजारों वर्षों तक भारत की संपन्नता और समृद्धि का, ज्ञान और गरिमा का, सभ्यता और साहित्य का नेतृत्व किया है।

महाकाल कॉरिडोर के उद्घाटन के अवसर पर पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि किसी राष्ट्र का सांस्कृतिक वैभव इतना विशाल तभी होता है, जब उसकी सफलता का परचम विश्व पटल पर लहरा रहा होता है। सफलता के शिखर तक पहुँचने के लिए भी ये जरूरी है कि राष्ट्र अपने सांस्कृतिक उत्कर्ष को छुए, अपनी पहचान के साथ गौरव से सर उठाकर खड़ा हो।

उन्होंने आगे कहा “मैं मानता हूँ, हमारे ज्योतिलिंगों का ये विकास भारत की आध्यात्मिक ज्योति का विकास है। भारत के ज्ञान और दर्शन का विकास है। भारत का ये सांस्कृतिक दर्शन एक बार फिर शिखर पर पहुँचकर विश्व के मार्गदर्शन के लिए तैयार हो रहा है।

महाकाल लोक का अनावरण कर प्रसन्न हुए पीएम मोदी

गौरतलब है कि 856 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के पहले चरण का अनावरण के बाद पीएम मोदी के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। इस कार्यक्रम में करीब 200 संत और 60 हजार लोग मौजूद रहे। इसके बाद पीएम कमलकुंड, सप्तऋषि, मंडपम और नवग्रह का भी अवलोकन करेंगे।

बता दें कि महाकाल लोक के कॉरिडोर की लंबाई 900 मीटर से ज्यादा है। इस परियोजना में महाकाल पथ में बलुआ पत्थर से 108 स्तंभ बनाए गए हैं। ये भगवान शिव के तांडव स्वरूप को दर्शाते हैं। 2.5 हेक्टेयर में फैला प्लाजा क्षेत्र कमल के तालाब से घिरा हुआ है। इसमें फव्वारे के साथ शिव की मूर्ति भी स्थापित है।

इसके अलावा महाकाल पथ के किनारे भगवान शिव के जीवन को दर्शाने वाली कई मूर्तियाँ भी स्थापित की गई हैं। पथ के साथ भित्ति दीवार चित्र शिव पुराण की कहानियों पर आधारित हैं, जिनमें गणेश का जन्म, सती और दक्ष कहानियाँ आदि शामिल हैं। पूरे परिसर की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। यह निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्विलांस कैमरों की मदद से इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा की जाएगी।

महाकालेश्वर मंदिर कॉरिडोर के मुख्य गेट पर करीब 20 फीट का शिवलिंग धागे से बनाया गया है। इसी पर से पर्दा उठाकर पीएम मोदी ने कॉरिडोर का उद्घाटन किया। महाकालेश्वर मंदिर विकास परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के उज्जैन में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

हिंदू युवक से मौलवी ने जबरन कबूल करवाया इस्लाम, अजय कुमार के चेहरे पर दुख साफ दिखा: पिछले साल 60 हिंदुओं का धर्मांतरण करवाकर सिंध में मनाया गया था जश्न

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रविवार (9 अक्टूबर 2022) को एक मौलवी द्वारा हिंदू व्यक्ति का जबरन धर्मांतरण कराकर इस्लाम में परिवर्तित कराने का मामला सामने आया है।

धर्मांतरित किए गए व्यक्ति की पहचान अजय कुमार के रूप में हुई है। जमीयत उलमा-ए-सिंध के महासचिव मौलाना राशिद महमूद सूमरो ने सिंध के लरकाना शहर में जामिया इस्लामिया मस्जिद में अजय का जबरन धर्मांतरण कराया।

एएनआई ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि अजय का जब जबरन धर्मांतरण किया जा रहा तब वह दुःखी नजर आ रहा था।

वास्तव में, इस्लामिक देश पाकिस्तान हमेशा से ही अल्पसंख्यकों के लिए नर्क की तरह रहा है। वहाँ, हिंदू, सिख और ईसाइयों को लगातार प्रताड़ित किया जाता है। पाकिस्तान में, हिन्दुओं को न केवल धर्मांतरण बल्कि धार्मिक हिंसा और बलात्कार जैसे अनेकानेक तरीकों से प्रताड़ित किया जाता रहा है।

सिंध में हिंदुओं का सामूहिक धर्मांतरण

पिछले साल जुलाई में, ऑपइंडिया ने बताया था कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सामूहिक रूप से 60 हिन्दुओं का धर्मांतरण किया गया था। अब्दुल रऊफ निजामनी नामक व्यक्ति ने यह सामूहिक धर्मांतरण करवाया था। धर्मांतरण के बाद उसने एक फेसबुक पोस्ट में, खुशी मनाते हुए लिखा था “अल्हम्दुलिल्लाह आज मेरी निगरानी में 60 लोग मुसलमान हुई हैं इनके लिए दुआ करें। (आज, मेरी निगरानी में 60 लोगों ने इस्लाम स्वीकार किया है। कृपया उनके लिए दुआ करें)।”

अब्दुल रऊफ निजामनी के फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक, वह पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मतली में नगर समिति का अध्यक्ष है। उसके फेसबुक प्रोफाइल पर 4,275 फॉलोअर्स भी हैं।

अब्दुल रऊफ निजामनी द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में, मौलवी को 60 हिंदुओं को कलमा (निष्ठा की इस्लामी शपथ) पढ़ाकर उनका धर्मांतरण कराते हुए देखा जा सकता है।

इसके अलावा, एक अन्य वीडियो में इस मौलवी को यह कहते हुए भी देखा जा सकता है कि यह धर्मांतरित हुए लोगों की पहली नमाज थी। उसने वीडियो में कहा है “एक मुसलमान के जीवन का एकमात्र उद्देश्य अल्लाह को खुश करना है। तभी आपके जीवन का उद्देश्य पूरा होगा।”

गौरतलब है कि पाकिस्तान में हिन्दुओं को प्रताड़ित करने और धर्मांतरण की खबरें आती रहती हैं। 28 अगस्त 2022 को सिंध के ही शाहदादपुर इलाके में एक 8 साल की लड़की को खालिद और दिलशेख नाम के आरोपितों ने बाढ़ राहत वस्तुएँ दिलाने के नाम पर अपहरण किया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके अलावा जून 2022 में सिंध की ही रहने वाली करीना नाम की हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया गया था। बाद में करीना ने कोर्ट में खलील नाम के व्यक्ति से जबरन निकाह का बयान देते हुए अपने परिवार के साथ रहने की इच्छा जताई थी।