दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में आज (10 सितंबर 2022) दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और लॉरेंस बिश्नोई व गोल्डी बराड़ गिरोह के कुछ सदस्यों के बीच गोली बारी हुई। यह घटना रोहिणी सेक्टर 36 की बताई जा रही है। इस मुठभेड़ के बाद दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस की गैंग से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस और गुंडों के बीच दोनों तरफ से फायरिंग हुई थी। जो पुलिस अधिकारी इस मुठभेड़ में शामिल थे, उनमें से एक ने बताया कि मुठभेड़ के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपितों के पास से पुलिस ने तीन पिस्टल और 10 से ज्यादा जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के समय आत्मसमर्पण करने की चेतावनी देने के बावजूद बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने बचने के लिए पुलिस टीम पर तीन से चार राउंड फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस के एक जवान को भी गोली लगने की खबर सामने आई है। हालाँकि गोली बुलेटप्रूफ जैकेट में अटकने से जवान की जान बाल-बाल बची।
बता दें कि इस अभियान के लिए पंजाब पुलिस की ओर से पहल की गई थी और फिर दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान के तहत तीन बदमाशों को धरा गया।
जानकारी यह भी मिली है कि इन तीनों बदमाशों में से एक पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल था, फिलहाल तीनों पंजाब पुलिस की हिरासत में है। तीनों बदमाशों में से एक की पहचान दीपक उर्फ मुंडी और उसके दो सहयोगियों कपिल पंडित और राजिंदर के रूप में हुई है। इनमें से दीपक सिंगर मूसेवाला मर्डर के बाद से ही फरार था।
इस कार्रवाई को लेकर पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि दीपक, कपिल पंडित और राजिंदर को आज एजीटीएफ टीम ने पश्चिम बंगाल-नेपाल सीमा पर एक खुफिया आधारित ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया। दीपक बोलेरो मॉड्यूल में शूटर था, जबकि कपिल पंडित और राजिंदर ने हथियार और ठिकाने समेत रसद सहायता प्रदान की थी।
गौरतलब है कि बीती 29 मई 2022 को पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद पंजाब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। हालाँकि, मूसेवाला के हत्या में शामिल आरोपितों में से पहला आरोपित पुलिस के हाथ 31 मई को लगा। अब दीपक के पकड़े जाने के साथ ही पुलिस ने हत्याकांड में दोषी छठे आरोपी को भी धर लिया है।
AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बयान दिया है। ओवैसी ने शनिवार (10 सितंबर 2022) को अहमदाबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव के बाद भारत को कमजोर प्रधानमंत्री और कई पार्टियों के मेल से बनी हुई ‘खिचड़ी’ सरकार आवश्यकता है। इसके अलावा, उन्होंने, ममता बनर्जी, नीतीश कुमार और आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा है।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “देश को कमजोर प्रधानमंत्री की जरूरत है। ताकतवर प्रधानमंत्री देख लिया है। कमजोर, कमजोर की मदद करेगा। ताकतवर, ताकतवर की मदद कर रहा है। मैं चाहता हूँ देश में खिचड़ी सरकार बने क्योंकि गुजरात, हैदराबाद और उत्तर प्रदेश की खिचड़ी मुख़्तलिफ़ (अलग-अलग) होती है।”
#WATCH देश को कमजोर प्रधानमंत्री की जरूरत है, ताकतवर प्रधानमंत्री देख लिया है। कमजोर..कमजोर की मदद करेगा ताकतवर..ताकतवर की मदद कर रहा है। मैं चाहता हूं देश में खिचड़ी सरकार बने क्योकिं गुजरात, हैदराबाद और उत्तर प्रदेश की खिचड़ी मुख़्तलिफ़ होती है: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी pic.twitter.com/g5a0k0ajDU
बता दें, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गत माह ही एनडीए से गठबंधन तोड़ते हुए राजद और कॉन्ग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन के साथ सरकार बनाते हुए एक बार फिर मुख्यमंत्री बन गए थे। ऐसे में ओवैसी ने उनपर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने नीतीश कुमार के लिए कहा, “भाजपा में रहते हुए नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे। गुजरात में हुए गोधरा कांड के दौरान वह भाजपा के साथ थे। साल 2015 में उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ दिया और फिर 2017 में वापस चले गए। इसके बाद फिर नरेंद्र मोदी को जीत दिलाने के लिए 2019 का चुनाव लड़ा। अब फिर उन्होंने भाजपा को छोड़ दिया है। ममता बनर्जी भी पहले एनडीए में थीं और आरएसएस की तारीफ करतीं थीं।”
इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी ने आम आदमी पार्टी के पर निशाना साधते हुए कहा, “जिसे आप सौगात कहते हैं, वह सभी की ओर से दी जा रही है। प्रधानमंत्री कॉरपोरेट टैक्स और उद्योगपतियों के ऋण माफ करते हैं। आप (AAP) भी बीजेपी से अलग नहीं है। दोनों एक ही बात कहते रहते हैं।”
गौरतलब है कि देश में अगले लोकसभा चुनाव 2024 में होने हैं। हालाँकि, इससे पहले ही तमाम राजनीतिक दलों के बीच आपसी तालमेल व खींचतान दिखाई दे रही है। एक ओर जहाँ नीतीश कुमार तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं राहुल गाँधी ‘भारत जोड़ो’ यात्रा करके खुद को चुनावों के लिए तैयार दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से लव जिहाद की घटना सामने आई है। वहाँ अपने ननिहाल में रह रही 15 वर्ष की एक किशोरी के साथ मुस्लिम युवक बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाता था। इसके बाद, जब पीड़िता गर्भवती हो गई तो आरोपित सरफराज और उसके परिजनों की ओर से धर्म-परिवर्तन कर निकाह करने का दवाब डाला जाने लगा। इस मामले में, पुलिस ने आरोपित सरफराज को गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरी घटना सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र के पड़री कला गाँव की है। जहाँ, 8वीं में पढ़ने वाली 15 वर्ष की पीड़िता अपने नाना के घर में रहती थी। पीड़ित किशोरी के मामा का दोस्त सरफराज घर आता-जाता रहता था। इस दौरान ही उसने बहला-फुसलाकर पीड़िता किशोरी के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़िता गर्भवती हो गई। हालाँकि, इसके बाद भी लव जिहाद के इस प्रकरण को आरोपित द्वारा मैनेज करने का प्रयास चलता रहा। लेकिन, परिवार के लोगों ने सभी प्रकार के दवाब को मानने से इंकार करते हुए इस मामले की शिकायत स्थानीय पन्नूगंज थाने में की। इसके बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 AB एवं पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए सरफराज को गिरफ्तार किया।
ऑपइंडिया के पास उपलब्ध शिकायत पत्र के अनुसार, पीड़िता के नाना ने पुलिस को बताया कि आरोपित सरफराज ने बहला-फुसलाकर उनकी नातिन के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जिससे उनकी नातिन गर्भवती हो गई। अब आरोपित सरफराज पीड़िता पर गर्भपात करने व धर्म परिवर्तन करने का दवाब बना रहा है। यही नहीं, जब पीड़िता के नाना ने आरोपित से इस बारे में बात करने की कोशिश की तो उसने जान से मारने की धमकी दी है।
पीड़ित किशोरी के नाना ने आरोप लगाया है कि इस मामले में, आरोपित सरफराज के अम्मी-अब्बू भी पूरा सहयोग कर रहे हैं व धर्मपरिवर्तन का दवाब बना रहे हैं।
इस मामले में हिन्दू संगठनों का कहना है कि नाबालिग हिन्दू लड़कियों के साथ इस तरह की घटनाएँ पन्नूगंज क्षेत्र में पहले भी हुई हैं। थाने के इंस्पेक्टर का रोल इस मामले में अतिसंवेदनशील था जो क्षमा योग्य नहीं है। पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए अन्यथा हिन्दू संगठन सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेगा। वहीं सीओ सदर राहुल पांडेय का कहना है कि आरोपित सरफराज को गिरफ्तार करते हुए उसके खिलाफ 376-AB आईपीसी और पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजधानी कोलकाता में केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज (10 सितंबर 2022) कुल 6 जगहों पर छापे मारे। इन छापों में ED की टीम को भारी-भरकम कैश भी प्राप्त हुआ। बताया जा रहा है कि ED को इस अभियान में 17 करोड़ रुपए से भी ज्यादा कैश मिला।
इस रेड में ईडी द्वारा कई नामी व्यापारियों के घर भी छापे मारे गए। इनमें एक का नाम आमिर खान है। कैश इतना बरामद हुआ कि एजेंसी को 8 गिनने के लिए मशीनें मँगवानी पड़ी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ED के अधिकारियों ने कोलकाता गार्डन रीच क्षेत्र में एक ट्रांसपोर्ट व्यापारी के घर पर रेड की। ED अधिकारियों को खाट के नीचे प्लास्टिक के थैले में 500 और 2000 रुपए के कई सारे बंडल बरामद हुए हैं। अब तक आँकड़ों की मानें तो कुल 17 करोड़ के नोटों की गड्डियाँ बरामद की जा चुकी हैं।
In search operations today, under the provisions of the Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002, at 6 premises in Kolkata in connection with an investigation relating to Mobile Gaming Application, Rs 7 Crores cash found so far, counting of the amount is still in progress. pic.twitter.com/VIkoLzE54K
आपको जानकारी देते चलें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ये रेड मोबाइल गेमिंग ऐप से धोखाधड़ी के मामले के संदर्भ में की थी। ईडी ने राज्य की राजधानी कोलकाता में कुल 6 जगहों पर छापेमारी में करोड़ों रुपयों का अवैध धन प्राप्त किया है। ईडी ने कोलकाता के न्यू टाउन, एकबेल्लोर, पार्क स्ट्रीट और गार्डन रीच जैसे इलाकों में शनिवार को इस सफल रेड को अंजाम दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार, जाँच एजेंसी को वाहिद रहमान नामक शख्स की तलाश है।
इस तरह दिया मिशन को अंजाम
मोबाइल गेमिंग ऐप से जुड़े धोखाधड़ी मामले में शनिवार (10 सितंबर 2022) की सुबह-सुबह ही ईडी ने इस अभियान की शुरुआत की थी। ED की पहली टीम राज्य की राजधानी कोलकाता के पार्क स्ट्रीट थाना क्षेत्र के 34 मैकलॉड स्ट्रीट में एक घर पर पहुँची, ये घर किसी वकील का था। वहीं दूसरी टीम ने गार्डन रीच के शाही अस्तबल लेन के व्यापारी निसार अली के घर पर भी रेड करने पहुँची। वहीं तीसरी टीम मयूरभंज इलाके में रेड के लिए पहुँची।
बताया जा रहा है कि दोनों ठिकानों से इतना ज्यादा कैश मिला की बड़े-बड़े ट्रकों में नोटों के बंडल रखे गए। ज्यादा नोट होने के कारण ईडी को इन्हें गिनने के लिए 8 मशीनें भी मँगवानी पड़ी। आरोप है कि व्यापारी निसार अली के छोटा बेटे आमिर खान ने गेमिंग एप्लीकेशन ई नगैट्स (E- Nuggets) बनाई थी, उसने इस एप्लीकेशन के जरिए शुरू में तो लोगों को कमीशन दिया और इसी के दम पर कई लोगों के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी भी की।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से पश्चिम बंगाल में केंद्रीय एजेंसियाँ लगातार रेड कर रही हैं। कभी शिक्षक घोटाला, तो कभी पशु तस्करी या कोयला तस्करी के मामले में राज्य में जाँच एजेंसियों की छापेमारी हो रही है।
हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल-भारत सीमा पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने सीमा से सटे इलाकों का दौरा किया। हमने जो कुछ देखा, वह सिलसिलेवार तरीके से आपको बता रहे हैं। इस कड़ी की आठवीं रिपोर्ट:
नेपाल सीमा से सटा भारत का एक जिला है श्रावस्ती। यह स्थान दुनिया भर के बौद्धों की आस्था का केंद्र है क्योंकि यहाँ भगवान बुद्ध से जुड़े तमाम ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें मौजूद हैं। यहीं पर डाकू अंगुलिमाल की गुफा भी मौजूद है, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसने भगवान बुद्ध के वचनों से प्रेरित हो कर हिंसा का रास्ता त्याग दिया था। जब हमने बौद्धों के आस्था केंद्र के क्षेत्र विशेष का दौरा किया तो पाया कि इन जगहों पर भी मज़ारें बन चुकी हैं।
यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
मज़ार है कायनात से मौजूद?
बॉर्डर जिला सिद्धार्थनगर से नेपाल बॉर्डर इलाकों को छूती एक हाईवे जाती है। यह बलरामपुर से श्रावस्ती के रास्ते से पीलीभीत तक जाती है। उसी हाइवे पर आगे बढ़ते हुए हम श्रावस्ती जिले के नए बने मॉर्डन पुलिस थाना पहुँचे। इसी थाने से ठीक सामने की सड़क अंगुलिमाल गुफा की तरफ जाती है।
अंगुलिमाल गुफा मार्ग पर जैसे ही हम आगे बढ़े, वैसे ही लगभग 400 मीटर अंदर चलने के बाद तमाम बौद्ध मठों और स्तूपों के बीच एक जगह कुछ ग्रामीणों की भीड़ दिखी। हम वहाँ रुके तो हमने वहाँ सड़क से सटी एक मजार देखी। वहाँ मौजूद बनवारी ने इसे इमाम-ए-हसन हुसैन की मजार बताया।
इमाम ए हसन हुसैन की मजार
इस मजार के आस-पास मुहर्रम में दफनाए गए ताजिया के अवशेष बिखरे थे। कुछ लोग उस जगह को कर्बला बता रहे थे। हमें एक ही जगह 2 मजारें दिखीं। हमने उस मज़ार के पास हिन्दू वेशभूषा में एक महिला व कुछ ही दूरी पर एक पुरुष को लेटे देखा। लोगों ने बताया कि महिला पास के ही गाँव से है और जिन्न से पीड़ित है। जमीन पर लेटने को यहाँ हाजिरी लगाना बताया गया।
मजार के पास मौजूद देशराज और रामभरोसे ने किसी खूँटी बाबा को उस मज़ार का केयर टेकर बताया। हमने जब मज़ार पर मौजूद लोगों से मजार का इतिहास पूछा तो उन्होंने उसे ‘कायनात से मौजूद’ बताया। हालाँकि मज़ार पर हरे रंग का पेंट नया दिख रहा था।
दरगाह के आगे ‘सुन्नी वक्फ’ का बोर्ड
इस मजार से थोड़ा और आगे चलते ही हमें मुख्य सड़क पर ही एक दरगाह का हरे रंग में बड़ा सा बोर्ड दिखा। बोर्ड पर सबसे ऊपर 786 और नीचे ‘सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ संख्या – 2 इंतजामिया कमेटी दरगाह’ लिखा हुआ था। इसके नीचे दरगाह का नाम ‘हजरत सैयद मीर शाह रहमतुल्लाह’ था। इसी बोर्ड के मुताबिक यह दरगाह श्रावस्ती जिले के गाँव महेट के अंतर्गत आती है।
दरगाह के खादिम जव्वाद अली
यह दरगाह अंगुलिमाल गुफा रोड की सड़क से लगभग 200 मीटर अंदर कच्ची सड़क से हो कर जाती है। इस रोड पर बाहर से घने पेड़ दिखाई देते हैं लेकिन अंदर जाने के बाद दिखा कि एक बड़े हिस्से में खाली मैदान जैसी शक्ल हो गई है।
यहाँ हमने पाया कि इस खाली पड़े बड़े हिस्से के बीचों-बीच एक दरगाह बनी हुई है। उस दरगाह की बॉउंड्री बांस के फ़ट्टों से की गई थी और बॉउंड्री के बाहर भी वाहन पार्किंग के नाम पर एक बड़े हिस्से की सफाई कर डाली गई है।
दरगाह परिसर में सरकारी डस्टबिन और नल
इस दरगाह परिसर में हमें स्वच्छ भारत की डस्टबिन दिखाई दी। ऐसे डस्टबिन शहरों और गाँवों के विभिन्न हिस्सों में जनप्रतिनिधियों या सरकारी अधिकारियों द्वारा लगवाई जाती हैं। इसी के साथ दरगाह के पास पड़े खाली हिस्सों में हमें कुछ लोग नए तम्बू गाड़ते दिखाई दिए। खाली मैदान में बचे पेड़ों के आस-पास सीमेंट के पक्के चबूतरे बना दिए गए थे और 2 से अधिक सरकारी नल लगे पाए गए।
सरकारी डस्टबिन और पीछे लग रहे नए तम्बू
‘महिलाओं का जाना मना’ का बोर्ड, महिलाएँ फिर भी मौजूद
मीरा शाह दरगाह के मुख्य केंद्र में तम्बू से ढक कर हरे रंग की जालियाँ लगा कर पक्की दीवाल से बॉउंड्री की गई है। ऊपर हरे रंग के इस्लामी झंडे लगे हैं। मुख्य केंद्र में महिलाओं के ना जाने का एक बड़ा सा बोर्ड लगा हुआ है लेकिन हमारी कवरेज के दौरान अंदर एक महिला बैठी मिली। वह महिला हिन्दू परिधान में दिख रही थी।
दरगाह के बाहर अगरबत्ती और इत्र आदि की दुकान थी और कुछ ही दूरी पर एक मुस्लिम व्यक्ति चाय बना रहा था। हमें दरगाह में चढ़ावे का रेट 35 रुपए बताया गया।
दरगाह के आगे लगा बोर्ड
इस दरगाह के खादिम जव्वाद अली और संरक्षक से हमने बातचीत करके कई सवालों के जवाब लिए, जिसे आप इस रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।
पुरातत्व संरक्षित स्थान पर मज़ारें और दरगाह कैसे?
इस जगह पर हमें थाईलैंड, कम्बोडिया, जापान आदि देशों के बौद्ध मतावलम्बी मिले। भारत के भी लगभग हर हिस्से के बौद्ध विभिन्न मंदिरों में मौजूद थे। उनमें से कुछ ने कैमरे पर न आने की शर्त पर बताया कि यह पूरी जगह भारत के पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है और यहाँ आए दिन विभिन्न देशों के राजनयिक भी आते हैं। ऐसे में ये मज़ारें कब और कैसे बन गईं, ये किसी को भी नहीं पता। इन मजारों से अधिकतम 2 किलोमीटर की दूरी पर सरकार नया एयरपोर्ट बनाने जा रही है।
रास्ते में पड़ने वाले बौद्ध धर्मस्थल
उर्स में होती है भारी भीड़
हमारी वापसी में श्रावस्ती के निर्माणाधीन एयरपोर्ट के पास खड़े एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोरोना काल में भी मज़ार के बाहर काफी भीड़ लगती थी। उस व्यक्ति ने तब के थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज का नाम लेते हुए कहा कि उन दोनों ने तब बेहद सख्ती दिखाते हुए भीड़ को वहाँ लगने से रोक दिया था। हालाँकि उस व्यक्ति का कहना है कि अब फिर से इस दरगाह पर उर्स के दिन भारी भीड़ लगती है, जिसमें देश के कई हिस्सों से लोग आते हैं।
छत्तीसगढ़ में ईसाई मिशनरियाँ लगातार मजबूर लोगों को धर्मांतरण के लिए उकसाती पाई जाती हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। एक हिंदू युवक को पैसे का लालच देकर कहा गया कि वह अपने हिंदू पिता का दाह संस्कार ईसाई रीति-रिवाज से संपन्न करे, जिसके बाद युवक ने ऐसा ही किया और पिता को मुखाग्नि देने की जगह उन्हें दफन करवा दिया।
यह घटना छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी थाना क्षेत्र अंतर्गत अटरिया वनग्राम गाँव की है। बताया जा रहा है, बुधराम बैगा की हाल ही में मृत्यु हुई थी, उनके दो बेटे हैं। इनमें से छोटे बेटे ग्रामसेवक ने अपने पिता को ईसाई मतानुसार दफन करवा दिया। रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम सेवक को ईसाई धर्म में परिवर्तित होने और ईसाई रीति-रिवाज के अनुसार अपने मृत पिता को दफनाने के लिए ‘बाहरी लोगों’ ने पैसे देकर तैयार किया।
हालाँकि, इस घटना की जानकारी जब मृतक के बड़े बेटे को हुई तो उसने अपने जनजाति समुदाय के लोगों और जनप्रतिनिधियों को पूरी घटना के बारे में बताया। इस घटना को जानने के बाद हर कोई परेशान था। पड़ताल के बाद पता चला कि कुछ लोगों ने युवक का धर्मांतरण कराकर पूरी घटना को अंजाम दिया।
जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों व मृतक के पुत्र ने स्थानीय लोरमी थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है, यह धर्म परिवर्तन का खेल एक संस्था के द्वारा चलाया जा रहा है। यह संस्था बीते कई सालों से चल रही है। अटरिया ग्राम के ग्रामीणों ने कहा कि लगभग 20 साल पहले सरगुजा से उरांव जाति के लोग यहाँ रहने आए थे। उनके द्वारा ही लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है। ग्रामीणों की माँग है कि जिन लोगों के द्वारा भोले-भाले जनजातियों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जाँच के बाद होगी कार्रवाई
इस मामले में पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि उनको धर्मांतरण की जानकारी मिलती रहती है। कुछ लोगों के द्वारा इस क्षेत्र में धर्म परिवर्तन कराने का काम किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
इस मामले में स्थानीय खुड़िया चौकी के प्रभारी का कहना है कि धर्म परिवर्तन करवा कर मृतक को दफनाने की शिकायत मृतक के पुत्र एवं ग्रामीणों के द्वारा लिखित में दी गई है। इस पूरे मामले की जाँच की जा रही है, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
छत्तीसगढ़ के एक जनजातीय बाहुल्य गांव में 1250 लोगों की ‘घर वापसी’
पूरे देश में चल रहे धर्मांतरण के ‘व्यापार’ में छत्तीसगढ़ का एक लंबा इतिहास रहा है। दरअसल, बीसवीं सदी की शुरुआत में ब्रिटिश शासन के दौरान ईसाई मिशनरियों ने जब अपनी नींव रखी थी तब धर्मांतरण की साजिश की शुरुआत की थी। यही साजिश आज भी जारी है। ईसाई मिशनरी राज्य के जनजातीय बाहुल्य इलाकों को निशाना बनाते हैं।
मार्च 2022 में, ऑपइंडिया ने बताया था कि छत्तीसगढ़ में 1250 लोगों ने सनातन धर्म में वापसी की है। इस ‘घर वापसी में’ आर्य समाज के प्रतिनिधियों ने महायज्ञ की व्यवस्था की थी। साथ ही भाजपा के प्रदेश सचिव प्रबल प्रताप सिंह जुदेव ने सनातन धर्म में लौटे लोगों के पैर गंगाजल से धोकर स्वागत किया था।
रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) और आलिया भट्ट (Aliya Bhatt) स्टारर फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ (Brahmastra) शुक्रवार (9 सितंबर 2022) को बड़े पर्दे पर रिलीज की गई। करण जौहर (Karan Johar) के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में से एक ‘ब्रह्मास्त्र’ बॉक्स ऑफिस पर धाराशायी हो गई है।
‘ब्रह्मास्त्र’ अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार और शाहरुख खान के कैमियो के बाद भी दर्शकों के दिल में जगह बनाने में कामयाब नहीं हुई है। इस फिल्म को कई समीक्षकों ने औसत बताया है। वहीं, अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने करण जौहर पर निशाना साधते हुए ब्रह्मास्त्र को ‘डिजास्टर’ करार दिया है।
ब्रह्मास्त्र रिलीज होने से पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे। हालाँकि, उन दावों से कहीं अलग इस फिल्म की शुरुआत देखकर ऐसा लगता है कि ‘ब्रह्मास्त्र’ अपनी लागत (करीब 410 करोड़ रुपए) भी नहीं निकाल पाएगी।
#Brahmastra Day 1 is heading towards 35 cr+ Nett. #RanbirKapoor creates History on Non Holiday once again. Note : All India, All Versions.
यदि ब्रह्मास्त्र की तुलना साउथ की सुपरहिट फिल्म केजीएफ- चैप्टर 2 से करें तो दोनों में बहुत बड़ा अंतर दिखाई देता है। एक ओर जहाँ केजीएफ-चैप्टर 2 करीब 100 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी। वहीं, ब्रह्मास्त्र 410 करोड़ रुपए की लागत में बनी है।
कमाई के मामले में भी केजीएफ-चैप्टर 2 कहीं आगे दिखाई देती है। केजीएफ ने अपनी रिलीज के पहले दिन यानी ओपनिंग डे पर भारत में 134.50 करोड़ रुपए और दुनिया भर में 164 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं, ब्रह्मास्त्र पहले दिन 35-36 करोड़ रुपए में ही सिमट गई है।
‘KGF2’ DAY 1: ₹ 134.50 CR… #KGF2 has smashed ALL RECORDS on Day 1… Grosses ₹ 134.50 cr Gross BOC [#India biz; ALL versions]… OFFICIAL POSTER ANNOUNCEMENT… pic.twitter.com/ZB0NVJMKBR
इस फिल्म को लेकर कंगना रनौत पहले से ही हमलावर रहीं हैं। फिल्म रिलीज होने के बाद कंगना ने एक बार फिर हमला बोला है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा “करण जौहर जैसे लोगों से उनके आचरण के लिए सवाल किए जाने चाहिए। वह अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट से ज्यादा हर किसी की सेक्स लाइफ में इंट्रेस्ट रखते हैं। वह खुद ही फिल्म के रिव्यू, स्टार्स और टिकट कलेक्शन को लेकर फेक नंबर्स खरीद लेता है। इस बार उसने हिंदू धर्म और साउथ की लहर के साथ चलने की कोशिश की है।”
कंगना ने आगे लिखा, “सभी अचानक से पुजारी बन गए हैं और साउथ फ़िल्म इंडस्ट्री के एक्टर्स, राइटर्स और डायरेक्टर से अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए विनती कर रहे हैं। वो सब कुछ करेगा लेकिन अच्छा राइटर, डायरेक्टर, एक्टर और अन्य लोगों को हायर नहीं करेगा। ब्रह्मास्त्र नामक इस आपदा को ठीक करने के लिए ये पहले उन लोगों को हायर क्यों नहीं किया, जिनसे भीग माँगने गए थे।”
कंगना यहीं नहीं रुकी, उन्होंने अपनी अगली इंस्टाग्राम स्टोरी पर ब्रह्मास्त्र के डायरेक्टर अयान मुखर्जी को टारगेट किया और लिखा, ”जो कोई कहता है कि अयान मुखर्जी जीनियस हैं, उसे तुरंत जेल में डाल देना चाहिए। इस फिल्म को बनाने में उन्हें 12 साल लगे, उन्होंने इस फिल्म के लिए 400 से ज्यादा दिनों तक शूट किया। 14 डीओपी को रिप्लेस किया और 85 एडी बदले और 600 करोड़ जलकर राख हो गए।”
बॉलीवुड की क्वीन के नाम से मशहूर कंगना ने यह भी लिखा, “बाहुबली की सफलता के बाद लास्ट टाइम पर फिल्म का नाम जलालुद्दीन रूमी से बदलकर शिवा कर धार्मिक भावनाओं का शोषण करने की भी कोशिश की गई। ऐसे अवसरवादी, रचनात्मकता से वंचित और सफलता के भूखे लालची लोगों को जीनियस कहा जाएगा तो यह मैन्युपुलेशन नहीं, बल्कि रात को दिन और दिन को रात कहने की सोची-समझी रणनीति है।”
बता दें कि ब्रह्मास्त्र को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बायकॉट ट्रेंड चलाए जा रहे हैं। इसके कारण फिल्म देखने वालों की संख्या बेहद कम है। इतना ही नहीं, इस फिल्म के टेलीग्राम समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर लीक हो जाने के कारण भी ब्रह्मास्त्र को दर्शकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
भारत में अक्सर ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद) के मामले आपने कई सुने होंगे, लेकिन आज एक खबर ग्रीस से भी सामने आई है। ग्रीस के लारिसा शहर की रहने वाली एक महिला का शव एक अपार्टमेंट के तहखाने में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। कथित तौर पर महिला को उसके पाकिस्तानी पार्टनर ने ही मौत के घाट उतारा और फिर खुद घटना स्थल से फरार हो गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मृतक महिला की उम्र 35 साल बताई जा रही है। बीते शुक्रवार (9 सितंबर 2022) को महिला का शव शहर के पापनास्तासियो स्ट्रीट पर एक अपार्टमेंट के तहखाने से बरामद किया गया। महिला की हत्या के बाद उसकी लाश को एक कंबल में लपेटकर यहाँ ठिकाने लगाया गया था।
बताया जा रहा है कि शव काफ़ी सड़ चुका था और इसकी दुर्गंध से ही यहाँ रहने वाले लोगों को इसके बारे में पता चला। इस अपार्टमेंट के पास के स्टोर मालिक ने 9 सितंबर को दुर्गंध के बाद जब तहखाने में देखा तो उन्हें महिला के शव के बारे में पता चला। उन्होंने तत्काल स्थानीय पुलिस को इसके बारे में सूचना दी।
इस मामले में शुरू में तो पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मौत पैथोलॉजिकल कारणों से हुई है। हालाँकि जब शव को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया, तो यह बात साफ हुई कि मृतक महिला के सिर में गंभीर चोट आई है।
पुलिस ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि मामले में मुख्य संदिग्ध उसका साथी है जो एक पाकिस्तानी नागरिक है। वह फरार हो गया है और उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।”
एक अन्य रिपोर्ट में भी यह दावा किया गया है कि पीड़ित महिला अपने साथी के साथ रह रही थी। उसने पहले भी घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी। हालाँकि अब उसका शव तहखाने में कंबल में लिपटा मिला है।
पुलिस को इस केस में शक है कि आरोपित शख्स घटना को अंजाम देकर अपने देश भाग गया होगा। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। घटना संबंधी अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास हो रहा है।
बता दें कि बीते दिनों ग्रीस के ही पेरिस्टरी के एथेंस से एक ऐसी ही घटना का खुलासा हुआ था, इस केस में निकोलेट्टा नाम की एक 17 वर्षीय लड़की को उसके पाकिस्तानी प्रेमी अहसान ने मार डाला था।
भारत की संस्कृति से जुड़ी और सबसे बड़े महाकाव्यों में से एक ‘महाभारत (Mahabharat)’ पर अब वेबसीरीज बनने जा रही है। यह ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी+हॉटस्टार (Disney+Hotstar) पर जल्द ही रिलीज होगी। मेकर्स इसे बहुत बड़े स्तर पर बनाने के इरादे में हैं।
अमेरिका में आयोजित डी23 एक्सपो में शुक्रवार (9 सितंबर 2022) को ‘महाभारत (Mahabharat)’ वेबसीरीज की घोषणा की गई। इसके अगले ही दिन डिज्नी+हॉटस्टार ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 6 ग्राफिक्स शेयर किए। ग्राफिक्स देख कर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ‘महाभारत’ वेबसीरीज का स्केल शानदार होगा, अद्भुत होगा।
इसका निर्माण मधु मंटेना, माइथोवर्स स्टूडियो और अल्लू एंटरटेनमेंट द्वारा किया जाएगा। यह वेबसीरीज महाकाव्य महाभारत पर आधारित होने वाली है तो इसके आकार को लेकर अभी तक कोई अनुमान मीडिया के सामने नहीं आया है। कितने सीजन में इसे सम्पूर्ण किया जाना है, इसको लेकर भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इतनी बड़ी वेबसीरीज के बारे में बताते हुए डिज्नी+हॉटस्टार के कटेंट हेड गौरव बनर्जी ने डी23 एक्सपो में कहा:
“एक अरब से ज्यादा लोग इस कहानी के बारे में किसी न किसी रूप में जानते हैं। मेरे देश में उनमें से अधिकांश ने इसे अपने दादा-दादी से सुना भी है, लेकिन अभी भी दुनिया के अरबों ओर लोग बचे हुए हैं। वे इस बात से अनजान हैं कि वे क्या खो रहे हैं। अगले साल इस अविश्वसनीय कहानी को पूरी दुनिया के सामने लाने में सक्षम होना, वास्तव में एक सौभाग्य की बात होगी।”
इस वेब सीरीज को लेकर गौरव बनर्जी ने अपने एक और बयान में कहा कि वो महाभारत सीरीज का निर्माण बड़े स्तर पर करने वाले हैं। वो इसके लिए बहुत ही उत्सुक हैं। उनके अनुसार मधु मंटेना महाभारत वेबसीरीज के निर्माता होंगे। गौरव बनर्जी ने बताया कि इसको लेकर राइटिंग सेशन बहुत अच्छे रहे।
‘महाभारत (Mahabharat)’ वेबसीरीज पर काम कई महीनों से डिज्नी+हॉटस्टार पर चल रहा है। कटेंट हेड गौरव बनर्जी के अनुसार जल्द ही इसके लिए किरदारों की कास्टिंग भी शुरू होने वाली है। उन्होंने बताया कि इसमें भरपूर एक्शन होगा ताकि कहानी के साथ न्याय किया जा सके। यह सीरीज हिंदी में बनेगी। इसे अन्य भारतीय भाषाओं में भी डब किया जाएगा। इसके अलावा विदेशी भाषाओं के लोगों के लिए भी यह सीरीज होगी।
महाभारत पर पहले बने धारावाहिक
गौरतलब है कि महाभारत पर टीवी सीरियल पहले भी बन चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा सफलता बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ ने हासिल की थी। वह दूरदर्शन पर टेलिकास्ट होती थी। इसके अलावा साल 2013 में स्टार प्लस पर आए महाभारत सीरियल ने भी लोगों के दिलों में छाप छोड़ दी थी। आज भी इन महाभारत में किरदार निभाने वाले कृष्ण और अर्जुन को लोग उनके वास्तविक नाम के बजाए, कृष्ण-अर्जुन के तौर पर ही पहचानते हैं।
देश की राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में 22 साल के अरमान नाम के युवक की हत्या कर दी गई। वारदात 9 सितंबर 2022 (शुक्रवार) की है। मृतक के परिजनों के मुताबिक हत्या की वजह अरमान का गणेश चतुर्थी में शामिल होना है जबकि पुलिस इसके पीछे पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई को कारण मान रही है। हत्यारोपित भी मुस्लिम समुदाय से हैं। अब तक हत्या में शामिल 3 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
हत्या में कैसे आया गणेश चतुर्थी का जिक्र?
कई मीडिया संस्थानों ने अरमान की हत्या में गणेश चतुर्थी का जिक्र किया। इस जिक्र की वजह मृतक अरमान के अब्बा और उसके भाई का बयान है। अरमान के अब्बा सलीम के मुताबिक हमलावरों ने उनके बेटे फरदीन के चेहरे पर अबीर-गुलाल लगा देखा तो नाराज हो गए और उससे पूछने लगे, “तुम काहे के मुसलमान हो?”
सलीम के मुताबिक, “इसके बाद उन लोगों में लड़ाई शुरू हो गई। अरमान ने अचानक इस हल्ले को सुना तो उसने बाहर जाकर देखा। वहाँ उसने पाया कि उसके भाई को ही चाकू मारा गया है। अरमान फौरन फरदीन को अस्पताल ले जाने लगा। लेकिन तभी पीछे से उन लोगों ने अरमान को खींचा और घर के अंदर ले जाकर उसको भी चाकू मार दिए जिसके बाद उसकी मौत हो गई।”
मृतक के पिता के अलावा भाई फरदीन ने भी लगभग वहीं बातें दोहराईं जो उनके अब्बा ने कही थी। फरदीन के मुताबिक, “मेरे ऊपर अबीर लगा देख कर मुझ से नमाज न पढ़ने की वजह पूछी गई और बाद में हमला बोल दिया गया।” आरोप है कि इसी हमले में बीच बचाव करने आए अरमान की चाकू लगने से मौत हो गई।
अलीगढ़ की रूबी का मामला आया तब लगा शायद लाइमलाइट स्टंट है लेकिन मंगोलपुरी मर्डर दिल दहलाने वाला है#Delhipic.twitter.com/FKo0mC3QI9
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस चाकूबाजी में घायलों के नाम मोईन और फरदीन हैं जबकि हमलावरों के नाम शाहरुख़, शेख समीर, विनीत, सैफ, करण बादशाह, अजय, साबिर और शाहबीर हैं। मृतक के अब्बा और भाई के बयानों के ही आधार पर विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल व अन्य हिन्दू संगठनों ने कथित गंगा-जमुनी तहजीब पर सवाल खड़े किए।
दिल्ली के मंगोलपुरी में गणेश पूजा में सामिल होने पर अरमान की जिहादियों ने चाकुओं से गोद कर हत्या.. क्या यही है ‘हिंदू मुस्लिम भाईचारा’ ‘गंगा-जमुनी’??
एक अन्य वीडियो में मृतक अरमान का भाई फरदीन इस पूरे विवाद की जड़ बाइक टकराना बता रहा है। उसके मुताबिक, “मैं गाड़ी लेकर जा रहा था और हार्न मारा पर आरोपित देख कर हटे नहीं।” फरदीन के अनुसार उसकी बाइक विपक्षियों के हाथ में छू गई और उधर से लोगों को जमा किया जाने लगा। मृतक के भाई के अनुसार आरोपित पक्ष के लोग जमा हो कर लड़कियों को भी परेशान करते थे। इसके बाद फरदीन ने गणेश चतुर्थी में लगे रंग की बात दोहराई।
एक अन्य घायल मोईन ने बताया कि हमलावरों की संख्या 10 से 15 थी। मोईन ने भी विवाद की वजह बाइक टकराना बताया है। घायल मोईन मृतक अरमान का चचेरा भाई है।
इन सब बयानों के बीच हत्या की घटना की एक वीडियो सामने आई है। ये वीडियो उस घर के सामने वाले घर से बनाई गई है जहाँ चाकू घोंपा गया। वीडियो बनाने वाली भी हमला देख रो रही है। वहीं दूसरी महिला कह रही है, “तेरे घर का थोड़ी न है कोई”
मंगोलपुरी गणेश विसर्जन से लौटे युवक की चाकू से गोदकर हत्या, लोग तमाशबीन रहे, जो महिला वीडियो बना रही, वह भी वारदात देख रो रहे किसी फैमिली मेंबर को यह कहती सुनाई दे रही है कि *तेरे घर का थोड़ी ना है कोई* pic.twitter.com/5rMMQ48Qpu
दिल्ली पुलिस ने इस घटना में किसी भी प्रकार का साम्प्रदायिक एंगल होने से इंकार करते हुए इस पूरे विवाद को 2 परिवारों के बीच वर्चस्व की लड़ाई बताया है। ADCP आउटर ने कहा कि पीड़ित और आरोपित दोनों ही परिवारों में पहले से दुश्मनी थी। इसी के साथ 3 आरोपितों की गिरफ्तारी और अन्य विधिक कार्रवाई जारी होना भी बताया गया।
मंगोलपुरी इलाके में 1 व्यक्ति की हत्या की सूचना मिली थी। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुँचकर तत्काल कार्रवाई शुरू की। जांच में पता चला कि एक ही समुदाय के 2 परिवारों के बीच हुए विवाद में घटना को अंजाम दिया गया था। संबंधित एडिशनल डीसीपी ने पूरी जानकारी दी है।@PTI_News@PIB_India@ANIpic.twitter.com/kuBtB17Hhm