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‘RSS की कब्र खुदेगी, जामिया की धरती पर’: दंगा आरोपित सफूरा जरगर के समर्थन में भड़काऊ नारेबाजी-प्रदर्शन, थीसिस समय पर सबमिट नहीं करने के कारण रद्द हुआ था एडमिशन

दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों की आरोपित और तथाकथित मुस्लिम एक्टिविस्ट सफूरा जरगर का एडमिशन रद्द किए जाने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान इन छात्रों ने भड़काऊ नारे भी लगाए। सफूरा जरगर फरवरी 2020 में राष्ट्रीय राजधानी में हुए दंगों की आरोपित हैं, जो फ़िलहाल जमानत पर बाहर चल रही हैं। गर्भवती होने के कारण मानवीय आधार पर अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी।

जामिया के छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान ‘RSS की कब्र खुदेगी, जामिया की धरती पर’ और ‘ABVP की कब्र खुदेगी, जामिया की धरती पर’ जैसे भड़काऊ नारे भी लगाए। सफूरा जरगर ने अपना थीसिस पूरा नहीं किया था और इसमें कोई प्रगति भी नजर नहीं आ रही थी, जिसके बाद जामिया ने उनका एडमिशन रद्द कर दिया। 5 सेमेस्टर होने के बावजूद उन्होंने अपनी M.Phil की थीसिस सबमिट नहीं की थी। अब छात्र पोस्टर-बैनर लेकर उनके समर्थन में नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के लिए उतरे हैं।

सफूरा जरगर ने सोशियोलॉजी विभाग में एडमिशन ले रखा था। जामिया ने कहा था कि उनके प्रोजेक्ट सुपरवाइजर को उनकी रिपोर्ट संतोषजनक नहीं लगी। साथ ही उन्होंने एक्सटेंशन के लिए भी अप्लाई नहीं किया था। कोरोना के कारण उन्हें एक अतिरिक्त छठा सेमेस्टर भी दिया गया था, जो 6 फरवरी, 2022 को ही ख़त्म हो चुका है। UAPA के तहत बुक की जा चुकीं सफूरा जरगर को CAA विरोधी दंगों के बाद अप्रैल 2020 में गिरफ्तार किया गया था।

सफूरा जरगर उस साजिश का हिस्सा थीं, जिसमें भारत सरकार को अस्थिर करने के लिए खून-खराबे किए गए थे। दिल्ली उच्च-न्यायालय ने उसी साल जून में उन्हें मानवीय आधार पर जमानत दे दी थी। केंद्र सरकार ने कहा था कि उनकी रिहाई से उसे कोई आपत्ति नहीं है, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उन्हें कहा गया था कि वो जाँच को प्रभावित नहीं करेंगी और बोना अदालत को सूचित किए दिल्ली क्षेत्र को नहीं छोड़ेंगी।

सफूरा जरगर खुद भी सोशल मीडिया के माध्यम से जामिया मिल्लिया इस्लामिया के इस फैसले को मुद्दा बना रही हैं। इससे पहले उन्होंने दावा किया था कि एक्सटेंशन के लिए उन्हें दौड़ाया जा रहा है। उन्होंने खुद के ‘शिक्षा के अधिकार’ छीने जाने का आरोप लगाते हुए प्रोफेसरों पर धोखेबाजी और बेईमानी का आरोप भी मढ़ा था। उन्होंने अपने समर्थन में 150 कथित एक्टिविस्ट्स से जामिया को पत्र भी लिखवाया है। अब कैंपस में उनके समर्थन में भड़काऊ नारेबाजी हो रही है।

बेटी का सेकेंड आना माँ से नहीं हुआ बर्दाश्त, क्लास के Topper छात्र को जहर देकर मारा: 13 साल के मासूम की हत्या मामले में विक्टोरिया गिरफ्तार

पुडुचेरी के कराईकल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 8वीं कक्षा में पढ़ रहे एक छात्र को केवल इस कारण जान से हाथ धोना पड़ गया, क्योंकि उसने क्लास में टॉप किया था। क्लास में दूसरे स्थान पर आने वाली छात्रा की माँ विक्टोरिया सहयारानी ने इसी बात की जलन के कारण मासूम की हत्या कर दी। अब पुलिस ने उस औरत को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक छात्र का नाम बाला मणिकंदन (13) था। वह नहरू नगर कराईकल के स्टर्लाइट इंग्लिश स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ाई करता था। स्कूल के वार्षिक उत्सव के दौरान उसकी एक सहपाठी की माँ ने उसे कोल्ड ड्रिंक में जहर देकर मारा।

ये है पूरा मामला

मृतक छात्र के पिता राजेंद्रन ने बताया कि उनका बेटा बाला शनिवार (2 सितंबर 2022) की सुबह स्कूल के वार्षिक उत्सव में भाग लेने गया था। दोपहर में जब घर लौटा तो उल्टी करने लगा। जब उससे खाने-पीने के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि स्कूल के गार्ड ने उसे कोल्ड ड्रिंक पीने को दी थी, जिसके बाद से उसे उल्टियाँ होने लगीं। बाला की हालत देखते हुए परिजनों ने उसे कराईकल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। मगर इलाज के दौरान उसकी जान चली गई।

बच्चे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसको कोल्ड ड्रिंक के जरिए जहर दिया गया था। जब परिवारवालों ने स्कूल के गार्ड देवदास से इसके बारे में पूछा तो उसने बताया कि बाला की रिश्तेदार होने का दावा करने वाली एक महिला ने उसे कोल्ड ड्रिंक देने के लिए कहा था। वही कोल्ड ड्रिंक उसने बाला को दी थी।

गार्ड के बयान के आधार पर जब स्कूल का सीसीटीवी कैमरा चेक किया गया तो उसमें विक्टोरिया सहयारानी को देखा गया। इसके बाद बाला के परिजनों ने पुलिस थाने में विक्टोरिया के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फौरन आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान विक्टोरिया ने अपना सारा जुर्म कबूला। उसने बताया कि उसकी बेटी भी बाला की ही क्लास में पढ़ती है। बाला के टॉप करने के कारण उसकी बेटी दूसरे स्थान पर आती थी। इसी कारण उसे बाला से जलन हो गई और उसने अपनी बेटी को टॉपर बनाने के लिए बाला को जहर दे दिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद महिला को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया और वहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

‘कभी किसी Khan के साथ काम करने का नहीं हुआ मन’: GoodBye आया तो अभिताभ बच्चन की मुरीद हुईं एकता कपूर, आमिर खान को हाल ही में बताया था लीजेंड

अमिताभ बच्चन, रश्मिका मंदाना और नीना गुप्ता-स्टारर फिल्म ‘गुडबाय’ (Goodbye) का ट्रेलर आज (6 सितंबर 2022) रिलीज हो गया है। मुंबई में ट्रेलर लॉन्च के मौके पर बिग बी के अलावा रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna), नीना गुप्ता और फिल्म की प्रोड्यूसर एकता कपूर नजर आए। यह पहली बार है जब एकता ने बिग बी के साथ किसी फिल्म में काम किया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एकता कपूर (Ekta Kapoor) ने बताया कि अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के साथ काम करना उनका बचपन का सपना था। उन्होंने कभी भी खान या किसी और के साथ काम करने का सपना नहीं देखा था, लेकिन वह हमेशा बिग बी के साथ काम करना चाहती थीं।

‘गुडबाय’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान एकता कपूर ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा,

“बचपन से ही मैं हमेशा एक ही व्यक्ति के साथ काम करने का सपना देखती थी और वो थे बिग बी। मैं अमित जी के घर बर्थडे पार्टी में जाती थी। श्वेता और अभिषेक बच्चन मेरे दोस्त हैं। अमिताभ सर ने एक बार मेरे पापा (जितेंद्र) से कहा था कि वह बस बैठी और पूरी शाम मुझे देखती रही। मुझे नहीं लगता कि मैं कभी किसी के साथ काम करना चाहती थी। खान या फिर किसी और के साथ नहीं बस मिस्टर अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का मेरा सपना था। आखिरकार, ये सच हो गया। इस तरह की फिल्म में काम करने का अनुभव अलग है।”

ट्रेलर को अपने इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए एकता ने लिखा, “फैमिली बॉन्डिंग तो सुना होगा,पर फैमिली ट्यूनिंग पहली बार देखोगे! फैमिली ड्रामा फिल्म में आपको कॉमेडी, ढेर सारा इमोशन और बहुत सारा प्यार देखने को मिलेगा।”

बता दें कि फैमिली ड्रामा फिल्म Goodbye में अमिताभ बच्चन ने रश्मिका मंदाना के पिता का किरदार निभाया है। रश्मिका इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू कर रही हैं। निर्देशक विकास बहल की फिल्म ‘गुडबाय’ 7 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। आज इसका ट्रेलर रिलीज हुआ है। इसी दौरान एकता ने अपने मन की बात बताई।

मालूम हो कि बीते अगस्त में जब बायकॉट से ‘लाल सिंह चड्ढा’ का बुरा हाल था तो इन्हीं एकता कपूर ने बॉलीवुड के ‘खान’ में से एक आमिर का समर्थन किया था। आमिर खान को लीजेंड बताते हुए कहा था कि उनका बायकॉट करना सही नहीं है।

अब झारखंड के खूँटी में 15 साल की लड़की से रेप, बोले पूर्व CM- इस लव जिहादी बाढ़ से समाप्त हो जाएगा आदिवासियों का अस्तित्व

झारखंड (Jharkhand) के खूँटी (Khunti) जिले से जनजातीय समाज (ST) की 15 साल की लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपित भी नाबालिग बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर बाल सुधार गृह भेज दिया है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने इस घटना के बाद कहा है कि जिस तरह लव जिहाद के मामले बढ़ रहे हैं, उससे झारखंड में आदिवासियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।

मामला खूँटी के जरियागढ़ क्षेत्र का है। एसपी अमन कुमार ने बताया है कि पीड़िता 4 महीने की गर्भवती है। उसका मेडिकल कराया गया है। मामले की जाँच जारी है। जानकारी के मुताबिक, आदिवासी लड़की दसवीं कक्षा में पढ़ती है। आरोपित ने छात्रा के साथ चार बार दुष्कर्म किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा गर्भवती हो गई। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सोमवार (5 सितंबर 2022) को आरोपित को गिरफ्तार कर रिमांड होम भेज दिया है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब वह 9वीं में पढ़ती थी, तब उसे एक लड़के का फोन आया था। नाम-पता पूछने पर उसने फोन काट दिया। कुछ दिनों बाद उस लड़के ने फिर फोन किया और अपना नाम और पता बताया। 9वीं की परीक्षा खत्म होने के बाद लड़का उससे मिलने स्कूल के पास आया और बाइक पर बैठाकर उसे सुनसान जगह पर स्थित एक घर में ले गया। वहाँ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। नाबालिग लड़की लगातार पेट में दर्द की शिकायत कर रही थी। इसके बाद परिजन उसे डॉक्टर के पास लेकर गए। डॉक्टर ने का चेकअप किया तो वह 4 माह की गर्भवती निकली। इसके बाद जब परिजनों ने पूछताछ की तो लड़की ने पूरी घटना के बारे में बताया।

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर कहा है, “15 साल की नाबालिग आदिवासी युवती के लव जिहाद का शिकार होने की घटना से मन विचलित है। पुलिस ने यौन शोषण कर बच्ची को गर्भवती करने के आरोपी को भी नाबालिग बता सुधार गृह भेज दिया है।” उन्होंने कहा है, “इस तरह लव जिहादी बाढ़ से तो झारखंड में आदिवासियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। लेकिन तुष्टिकरण के पैरों तले दबे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ऐसी लोमहर्षक घटनाएँ भी सामान्य बात दिखती है।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों दुमका में जनजातीय समाज की 14 साल की लड़की का शव पेड़ से टँगा मिला था। आरोप है कि अरमान अंसारी ने बलात्कार के बाद हत्या कर लड़की का शव पेड़ से लटका दिया ताकि सुसाइड लगे। इस घटना के बारे में सवाल पूछे जाने पर रविवार (4 सितंबर 2022) को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था, “घटनाएँ तो होती रहती हैं। घटनाएँ कहाँ नहीं होती हैं। घटना तो बोलकर आता नहीं है।”

लुलु मॉल के कोने में बैठ बुर्काधारी महिला ने पढ़ी नमाज, Video वायरल: UP पुलिस जाँच में जुटी, CCTV फुटेज से खुलेगी सच्चाई

लखनऊ के लुलु मॉल से कथिततौर पर एक बार फिर नमाज पढ़ने की घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला कोने में बैठ नमाज पढ़ रही है। लोग इसे शेयर करके दावा कर रहे हैं कि ये जगह लुलु मॉल की ही है।

हालाँकि, पुलिस का इस मामले में कहना है कि अभी उन्हें पक्का नहीं पता कि ये वीडियो कब और कहाँ का है। वह इस वीडियो के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। उनके मुताबिक, सोमवार (5 सितंबर 2022) को यह इंटरनेट पर वायरल होने के बाद उनके संज्ञान में आई। इसके बाद पुलिस टीम फौरन लुलु मॉल गई और सीसीटीवी कैमरे चेक होने शुरू हुए। मामले की जाँच अभी चल ही रही है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इंस्पेक्टर शैलेंद्र गिरी ने बताया कि वह लोग पता लगा रहे हैं कि ये वीडियो कितने दिन पहले का है। सारी जाँच-पड़ताल हो रही है।

लुलु मॉल में पढ़ी गई नमाज

उल्लेखनीय है कि इसी साल जुलाई महीने में लुलु मॉल का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इसमें 9 व्यक्तियों को नमाज पढ़ते हुए रिकॉर्ड किया गया था। उस वक्त सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकार के तत्वों से सख्ती से निपटने का आदेश भी दिया था।

वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने भी तब 9 में से 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं पुलिस कमिश्नर ने बताया था कि गिरफ्तार किए गए चारों अभियुक्तों के खिलाफ धारा 153 A (1) 341, 505 295 A के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

लखनऊ पुलिस कमिश्नर ध्रुवकांत ठाकुर ने इन आरोपितों की गिरफ़्तारी की जानकारी देते हुए कहा था कि चारों गिरफ्तार किए गए अभियुक्त साथ में ही लुलु मॉल के अंदर नमाज अदा की थी। CCTV के माध्यम से आरोपितों की शिनाख्त की गई थी। रेहान, लुकमान, नोमान लखनऊ के इंदिरानगर थाने के खुर्रमनगर के अबरार में रहते हैं। अतिफ खान लखीमपुर के मोहम्मदी का रहने वाला है। लुकमान और नोमान दोनों सगे भाई हैं, जो कि सीतापुर के लहरपुर थानाक्षेत्र के मंगोलपुर के रहने वाले हैं। ये बाइक से मॉल में नमाज पढ़ने के लिए पहुँचे थे।

सरकार नहीं, अब असम में चला जनता का बुलडोजर: लोगों ने ध्वस्त किया मदरसा, अलकायदा के आतंकी निकले 2 मौलवी फरार

हाल के दिनों में असम में आतंकी गतिविधयों का हब बने 3 मदरसे को ध्वस्त किया जा चुका है, साथ ही जिहादी गतिविधियों में लिप्त मौलानाओं समेत 3 दर्जन से भी अधिक लोगों की गिरफ़्तारी हुई है। लेकिन, अब असम के एक मदरसे पर सरकार का नहीं, बल्कि जनता का बुलडोजर चला है। ताज़ा घटना गोलपारा की है, जहाँ के एक मदरसे को स्थानीय लोगों ने ही ध्वस्त कर डाला। ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित गोलपारा, गुवाहाटी से 134 किलोमीटर पश्चिन की तरफ स्थित है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मदरसे से जिहादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। पाखिउरा चार क्षेत्र में स्थित दरोगार अलगा में ये मदरसा स्थित था। साथ ही मदरसे के बगल में स्थित एक घर को भी लोगों ने ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि उस घर को दो बांग्लादेशी आतंकी इस्तेमाल में ला रहे थे। इसीलिए, स्थानीय लोगों में आक्रोश था। जलालुद्दीन शेख नामक व्यक्ति इस मदरसे का संचालन कर रहा था, जो पहले से ही पुलिस की गिरफ्त में है।

उसने 2020 में अनिमुल इस्लाम, उस्मान, मेहदी हसन और जहाँगीर आलोम को बतौर शिक्षक इस मदरसे में नियुक्त किया था। इनमें से दो अलकायदा (AQIS) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के आतंकी निकले। दोनों फ़िलहाल फरार चल रहे हैं। 31 अगस्त, 2022 को बोंगाईगाँव प्रशासन ने मरकजूल मारीफ उ-करियाना मदरसे को ध्वस्त किया था। ये बच्चों के लिए असुरक्षित था और इसके पास दस्तावेज भी नहीं थे। यहाँ से आतंकी गतिविधि चल रही थी सो अलग।

असम में बदरुद्दीन अजमल के राजनीतिक दल AIUDF ने मदरसों पर कार्रवाई का विरोध किया है। पार्टी ने कहा है कि अल्पसंख्यकों के इलाकों में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर हमला किया जा रहा है। बदरुद्दीन अजमल ने दावा किया कि मदरसे सार्वजनिक संपत्ति होते हैं और उन्हें बिना कानूनी नोटिस दिए ध्वस्त नहीं किया जा सकता। इससे पहले जमीउल हुदा नाम के एक मदरसे को प्रशासन ने ध्वस्त किया था। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी कह चुके हैं कि जिन मदरसों से आतंकी गतिविधियाँ चलेंगी, उन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा।

‘सब तोड़ डालो अपने मोबाइल फोन’: गैंगरेप के बाद मोहम्मद सदाद्दिन ने साथियों को दिया था निर्देश, हैदराबाद में नाबालिग के साथ दरिंदगी की जाँच में आ रही मुश्किलें

तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) में नाबालिग से गैंगरेप केस की जाँच कर रही पुलिस के सामने कई मुश्किलें आ रही हैं। वे आरोपितों के मोबाइल फोन से डेटा नहीं जुटा पा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, हैदराबाद पुलिस ने गैंगरेप में शामिल सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके वो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं, जिनसे उन्होंने इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था।

इन सबके बावजूद पुलिस को जाँच के दौरान कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि आरोपितों ने गिरफ्तार होने से पहले अपने खिलाफ सभी सबूत मिटाने के लिए कथित तौर पर मोबाइल फोन को नष्ट कर दिया था।

8 जून 2022 को आरोपितों को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद पुलिस नष्ट किए गए फोन को बरामद करने में सफल रही, लेकिन तीन महीने की चल रही जाँच के बाद भी वे डेटा को फिर से प्राप्त करने में असमर्थ हैं। 6 आरोपितों में से एक मोहम्मद सदाद्दिन मलिक ने अन्य आरोपितों को गिरफ्तारी से पहले उनके मोबाइल फोन नष्ट करने को कहा था।

फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के टेक्निकल एक्सपर्ट ने मामले को विस्तार से बताते हुए कहा कि पुलिस ने फॉरेंसिक जाँच के लिए मोबाइल फोन नहीं भेजे, क्योंकि उन्हें पहले से ही पता था कि फोन से कोई डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता है। हालाँकि, पुलिस ने छोटे वीडियो क्लिप बरामद किए हैं, जिसमें घटना से जुड़ा कोई वीडियो नहीं है।

बता दें कि हैदराबाद में इस साल 28 मई को नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। पीड़िता पब से एक पार्टी के बाद अपने घर लौट रही थी। उसी वक्त हैदरबाद के जुबली हिल्स इलाके में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्टस की मानें तो आरोपितों ने पहले पीड़िता से उसके घर छोड़ने की बात कही। बाद में एक पार्क की हुई कार के अंदर उसके साथ मारपीट की गई और फिर बारी-बारी से सभी ने उसके साथ बलात्कार किया।

इस दौरान दूसरे आरोपित कार के बाहर पहरा दे रहे थे। घटना की जानकारी होने के बाद लड़की के पिता ने इस संबंध में शिकायत दी थी और पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 323 और पॉक्सो एक्ट की धार 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया था।

‘शिवलिंगम’ बन जाता है ‘महमूद गजनवी’, ‘वणक्कम’ हो जाता है ‘अस्सलामु अलैकुम’: धर्मांतरण मतलब राष्ट्रांतरण, प्रताप-शिवाजी नायक की जगह हो जाते हैं दुश्मन

गुजरात के डीसा में एक हिन्दू युवती को लव जिहाद में फँसा कर उसे मुस्लिम बना दिया। बाद में धाक-धमकी से माँ का भी इस्लामी धर्मांतरण करवा दिया और पिता से 25 लाख रुपए की माँग की गई। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, लड़की के चाचा ने बताया कि उनकी भतीजी को पड़ोस में रहने वाले एजाज ने प्रेमजाल में फँसाया और घर से भगाकर ले गया। बाद में उसका धर्म भी बदलवा दिया। जब लड़की की माँ बेटी को तलाशते हुए एजाज के यहाँ पहुँचीं तो उसे भी कैद कर लिया।

इसके बाद एजाज के परिवार वालों ने माँ-बेटी की रिहाई के बदले 25 लाख रुपए की माँग की। इससे परेशान होकर लड़की के पिता ने जहर खा लिया। उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। शनिवार (3 सितंबर, 2022) को इस घटना के विरोध में डीसा  के हिन्दू सड़कों पर आ गए और लव जिहाद के खिलाफ रैली में 15,000 से अधिक लोग शामिल हुए।

धर्मांतरण से इतनी आपत्ति क्यों है?

अमूमन लव-जिहाद के केस में सेक्युलर जमात के लोग प्रश्न करते हैं कि धर्म भले ही बदल जाएगा लेकिन वे लोग रहेंगे तो भारतीय ही। तो धर्मांतरण से इतनी आपत्ति क्यों है? तो इस लेख के माध्यम से हम उस आपत्ति को समझाएँगे। RSS के 5वें सरसंघचालक केएस सुदर्शन ने अपनी एक पुस्तिका ‘धर्मांतरण अथवा राष्ट्रांतरण’ में एक दृष्टांत दिया है कि ‘मीनाक्षीपुरम में एक नवधर्मांतरित बच्चे व उसके पिता से एक पत्रकार की भेंट हुई।

बच्चे ने अपनी तमिल शैली में अभिवादन करते हुए जब ‘वणक्कम’ कहा तो तुरंत ही उसके पिता ने उसकी पीठ पर एक धौल जमाते हुए उसे डाँटा, “नहीं, अब तुम हिन्दू नहीं हो। तमिल भी नहीं हो। अब तुम्हें ‘वणक्कम’ नहीं,’अस्सलामु अलैकुम’ कहना चाहिए।” उस पत्रकार ने जब बच्चे से का नाम पूछा तो भोले बच्चे ने अपनी पहले की आदत के अनुसार कहा, ‘शिवलिंगम’।  पुनः सिर पर एक चपत और आदेश – “नहीं, वह नाम भूल जाओ। अब तुम ‘महमूद ग़ज़नवी’ हो।”

‘शिवलिंगम’ और ‘महमूद ग़ज़नवी’। सिक्का ही बदल गया! और भी बदले हुए नाम थे वहाँ पर – अफजलखां, मुहम्मद अली जिन्ना आदि।’ कहने की बात है कि धर्मांतरण की एक घटना के साथ ही ‘वणक्कम’ पराया हो गया और ‘अस्सलामु अलैकुम’ अपना हो गया। सोमनाथ के शिवलिंग को तोड़ने वाले विदेशी आक्रमणकारी महमूद ग़ज़नवी से नाता जुड़वा दिया। ऐसे में सम्पूर्ण हिन्दू समाज में जाति, पंथ, भाषा व दलों की सीमाओं को लाँघ कर धर्मांतरण से आपत्ति होना स्वाभाविक नहीं क्या?

इस विषय में सुदर्शन आगे लिखते हैं कि जिस धार्मिक और आध्यात्मिक आधार पर मातृभूमि के प्रति भक्ति का भाव भारत में सँवारा गया है, वह समग्र आधार ही इस्लामी चिंतन के अनुसार ‘बुतपरस्ती’ होने के कारण ‘कुफ्र’ है और इसीलिए सर्वथा त्याज्य है। वहाँ मातृभूमि के प्रति निष्ठा उत्पन्न करने का कोई आधार नहीं ,क्योंकि इस्लामी मिल्लत की संकल्पना किसी देश की सीमा को स्वीकार नहीं करती और दुनिया के सब मुस्लिमों की एक बिरादरी मानती है। 

इसपर MR बेग कहते हैं, “चूँकि सिद्धान्ततः मुस्लिमों का कोई देश नहीं होना चाहिए, इसलिए इस कमी की पूर्ति उनमें अत्यधिक संघभाव के द्वारा होती है। यह विशेषता उन्हें गैर-इस्लामी देशों में वहाँ के जीवन से समरस नहीं होने देती और एक निष्ठावान मुसलमान को न विश्ववादी बनने देती है, न राष्ट्रवादी और न मानवतावादी।” निष्ठा के सम्बन्ध में सुदर्शन लिखते हैं, “भारत का बहुजन समाज मूर्तिपूजक होने से हिन्दुस्थान दारुल-हरब है, यह भाव सर्वसाधारण मुस्लिमों के मन में रहना कोई अस्वाभाविक बात नहीं है और इसलिए यह देश उसकी श्रद्धा का पात्र तब तक नहीं बन सकता जब तक यह दारुल-इस्लाम नहीं बन जाता।”

हामिद दलवाई ने पश्चिम बंगाल के मुस्लिमों की भावना का उल्लेख करते हुए एक लेख में कहा, कि “पश्चिम बंगाल का हर मुस्लिम शेख मुजीबुर्रहमान को मीर जाफर समझता है और उसे गोली से उड़ा देना चाहता है। राष्ट्रनिष्ठा और इस्लामनिष्ठा के एक द्वैत का, जिसे मुस्लिम एक गैर-इस्लामी देश में अनुभव करता है, अभी तक का इस्लामी-चिन्तन कोई समाधान नहीं खोज पाया है और इसीलिए आज इस्लाम में पंथांतरित होने का अर्थ है – उस देशनिष्ठा से दूर जाना जो किसी भी देश की राष्ट्रीयता का आधार है।”

निष्ठाओं का यही संघर्ष आखिर एक दिन शेख मुजीबुर्रहमान और उनके परिवार की निर्मम हत्या में परिणत हो गया। अम्बेडकर ने भी इसी चिंता से कि इस्लाम में दलित वर्गों का धर्मांतरण उन सभी का अराष्ट्रीयकरण कर देगा, उन्होंने इस्लाम में जाना योग्य नहीं समझा। ‘अखण्ड भारत और मुस्लिम समस्या’ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय लिखते हैं, “मुस्लिम बनते ही पहला विचार यदि कोई करेगा तो वह है पूरी दुनिया को मुस्लिम बनाऊँगा। मुस्लिम समझता है कि जो मुहम्मद को मानता है वह अपना और जो नहीं मानता वह काफिर है। इस प्रकार वह दूसरे धर्मों के प्रति असहिष्णु हो जाता है।”

इसी कारण से, कल तक जिस व्यक्ति की प्रेरणा के जो स्त्रोत वेद, रामायण, महाभारत, गीता थे, मुस्लिम बनने के बाद वह अब एक किताब के आगे कुछ भी मानने को तैयार नहीं होगा। कल तक वह राम और कृष्ण को अपना पूर्वज मानता था लेकिन अब सोहराब और रुस्तम को मानने लगेगा। कल तक गाय को पूजता था, अब उसी को खाने की परम लालसा रखेगा। कल तक उसके नायक प्रताप और शिवाजी थे, अब वे उसके दुश्मन बन जाएँगे।

कल तक वह भारत को माता की तरह पूजता था लेकिन अब यह देश उसकी श्रद्धा का पात्र नहीं रहेगा। एकाएक उसकी निष्ठा दारुल-इस्लामिक देशों के प्रति हो जाएगी जहाँ मुस्लिम बहुमत में होंगे। और कल तक जो भारत उसकी पुण्यभूमि थी, अब उसका स्थान मक्का-मदीना ले लेंगे। दीनदयाल उपाध्याय अपनी पुस्तिका में लिखते हैं, “जो मुस्लिम मोहम्मद का अनुयायी है, यदि वह अनुयायी मात्र ही हो तो कोई चिंता की बात नहीं, पर चिंता का विषय यह है कि मुस्लिम बनने के बाद उसकी प्रकृति ही बदल जाती है। वह राष्ट्र से अलग हो जाता है और राष्ट्र के लिए शत्रु हो जाता है।

‘प्रधान-पति महफूज खान करता है प्रताड़ित, जमीन पर किया कब्ज़ा’: कुशीनगर में दलितों ने लगाए ‘मकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर, कहा – पलायन को मजबूर

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र स्थित सपहा दहाऊर टोला में मुस्लिम ग्राम प्रधान के पति के कारण हिन्दुओं के पलायन की खबर है। गाँव के हिन्दुओं ने कहा कि वो पलायन के लिए मजबूर हैं। 20 घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर भी लग गए हैं। दलित बस्ती के लोगों का कहना है कि ग्राम प्रधान के शौहर व प्रतिनिधि महफूज खान उन्हें पानी टंकी के नाम पर प्रताड़ित कर रहा है। लोगों ने उसे दबंग छवि का व्यक्ति करार दिया है।

आरोप है कि वो दलितों को धमकी देता है। उसके ही उत्पीड़न से तंग आकर लोगों ने अपने मकान बेचने का फैसला किया है। इस बस्ती में अधिकतर लोग अनुसूचित जाति (SC) से ताल्लुक रखते हैं। पोस्टर चस्पाने की खबर के बाद सोमवार (5 सितंबर, 2022) की देर रात पुलिस भी मौके पर पहुँची। पुलिसकर्मियों ने इन पोस्टरों को फाड़ डाला, लेकिन लोग अब भी अड़े हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हरिजन आबादी की जमीन कब्ज़ा कर के उस पर पानी टंकी बना तो उन्हें गाँव छोड़ना पड़ेगा।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया-बुझाया। ये विवाद कप्तानगंज तहसील के सपहा दहाऊर टोले पर 284 नंबर की जमीन को लेकर है, जो दलित बस्ती के नाम पर है। इशरत जहाँ गाँव की प्रधान हैं, जिसके पति व प्रतिनिधि महफूज खान ने इसी जमीन पर कब्ज़ा कर के यहाँ पानी टंकी बनाने का प्रस्ताव पारित करवा दिया है। विरोध करने पर दलितों पर उसने मुकदमा भी दर्ज करवा दिया। महफूज खान पर ग्रामीणों को परेशान करने का भी आरोप है।

इसीलिए, लोगों ने गाँव से सामूहिक पलायन का फैसला लिया। ADM देवीदयाल वर्मा और ASP रितेश कुमार सिंह ने ग्रामीणों से वार्ता करने के बाद प्रशासन को निर्देश दिया कि पानी टंकी के लिए किसी और भूमि को चिह्नित किया जाए। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। पानी टंकी के लिए कहीं अन्य सरकारी जमीन की तलाश की जा रही है। सोशल मीडिया पर ‘मकान बिकाऊ है’ का पोस्टर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले पर संज्ञान लिया था।

2 दिन से गायब था 11 साल का समीर, मदरसे में रेत के नीचे दबा मिला: बदबू आने से लाश का पता चला, परिजन जता रहे हत्या की आशंका

हरियाणा के एक मदरसे से 11 साल के बच्चे की लाश मिली है। यह मदरसा नूँह जिले के शाह चोखा गाँव में है। बच्चा दो दिन से लापता था। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

जिस बच्चे की लाश मिली है, वह मदरसे में ही पढ़ाई करता था। शनिवार (3 सितंबर 2022) को वह मदरसे से ही लापता हुआ था। सोमवार को उसका शव मदरसे के नीचे रेत में दबा मिला। शव से बदबू आ रही थी। मृतक बच्चे की पहचान समीर के तौर पर बताई गई है। उसके पिता इस दुनिया में नहीं हैं।

समीर अपने माता-पिता का इकलौता लड़का था। उसकी 3 बहने हैं। समीर के चाचा इकबाल ने हत्या की आशंका जताते हुए FIR दर्ज करवाई है।

बताया जा रहा है कि मदरसे में समीर एक साल से उर्दू और अरबी की पढ़ाई कर रहा था। मदरसा संचालक मौलाना जाकिर हुसैन ने बताया कि शनिवार की शाम पाँच बजे की नमाज में मौजूद था। लेकिन जब शाम के करीब 7 बजे बच्चों की हाजिरी ली गई तो वह नहीं मिला। इसके सभी बच्चों ने उसे तलाशा। जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार वालों को इसकी सूचना दी गई।

समीर के चाचा ने बताया कि समीर के गायब होने की सूचना मदरसा संचालक ने फोन पर दी थी। उसके बाद हमने उसे हर जगह तलाशा। सोमवार को बदबू आने के बाद लोगों को उसके शव का पता चला। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहराई से जाँच की माँग की है।

वहीं न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य घटना में नूँह जिले के ही पिनगवां स्थित एक मदरसे का छात्र सोमवार से लापता है। उसकी उम्र 15 साल है। अब तक उसका भी कोई सुराग नहीं लगा है।