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सिंगापुर ने केजरीवाल को भेजा निमंत्रण 20 जुलाई को ही ले लिया था वापस, खुलासे के बाद केंद्र सरकार पर भड़की आम आदमी पार्टी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिंगापुर दौरे पर नहीं जा पाएँगे। सीएम केजरीवाल के सिंगापुर जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि वर्ल्ड सिटीज समिट में जाने के निमंत्रण को सिंगापुर ने 20 जुलाई को ही कैंसिल कर दिया था। जबकि केजरीवाल ने 21 जुलाई को विदेश मंत्रालय के सामने सिंगापुर जाने की अनुमति माँगी। 

इससे जुड़ा सिंगापुर के विदेश मंत्रालय का एक ई-मेल भी आया था। 15 जुलाई को भेजे गए ई-मेल में साफ लिखा था कि निमंत्रण स्वीकार करने की आखिरी तारीख 20 जुलाई तक ही है। जब दिल्ली के मुख्यमंत्री की तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो निमंत्रण को 20 जुलाई को ही कैंसिल कर दिया था। वहीं केजरीवाल ने सिंगापुर न जाने के पूरा ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ दिया है।

पूरे मामले पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार पहले से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तरह-तरह के आरोप लगा रही थी और अब एक बार फिर इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। दिल्ली सरकार का कहना है कि अनुमति से संबंधित फाइल उप राज्यपाल वीके सक्सेना को 7 जून को ही भेज दी गई थी। LG की ओर से डेढ़ महीने तक कोई जवाब नहीं आया और 20 जुलाई को जब डेडलाइन खत्म हो गई तो 21 जुलाई को यह कह कर फाइल वापस भेज दी कि ये शिखर सम्मेलन मेयर स्तर का है। इसमें मुख्यमंत्री के जाने का कोई औचित्य नहीं है। 

उप राज्यपाल द्वारा उनकी फाइल को खारिज करने के बाद, केजरीवाल ने कहा था कि वह उप राज्यपाल की सलाह से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह सिंगापुर जरुर जाएँगे। सीएम अपनी टीम को विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर ‘राजनीतिक मंजूरी’ के लिए आवेदन करने के लिए कहा था। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने सिंगापुर नहीं जाने देने पर निराशा जताई थी। उन्होंने कहा था कि एक मुख्यमंत्री को इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होने से रोकना ‘राष्ट्र के हितों के खिलाफ’ है।

वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि इससे साफ है कि केंद्र सरकार की मंशा मुख्यमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के अलावा अन्य क्षेत्रों में हुए विश्वस्तरीय कामकाज के बारे में बताने से रोकने की थी। केंद्र सरकार की मंशा बेशक पूरी हुई हो, लेकिन इससे देश को वैश्विक समुदाय के बीच जिस तरह से नीचा देखना पड़ा है, उसके ज़िम्मेदार भी वही हैं।

गौरतलब है कि एलजी की ओर से फाइल लौटाए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने विदेश मंत्रालय से मंजूरी की माँग की थी। अरविंद केजरीवाल को सिंगापुर शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण मिलने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ”सिंगापुर सरकार ने दिल्ली सरकार को दिए गए निमंत्रण पर अपडेट शेयर किया है। आप इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए दिल्ली सरकार से संपर्क कर सकते हैं।”

बता दें कि सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने जून में केजरीवाल को अगस्त के वर्ल्ड सिटीज समिट में आमंत्रित किया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री को 1 अगस्त को शामिल होने के लिए कहा गया था। यह सम्मेलन 31 जुलाई से 3 अगस्त तक होगा। 

ऑस्कर वाली हिरोइन बेच रही मोमबती, Vagina (योनि) जैसा देती है फील: कहा- यह महिला सशक्तिकरण का प्रतीक…

हॉलीवुड की एक हिरोइन हैं। नाम है- ग्वेनेथ पाल्ट्रो (Gwyneth Paltrow)। वे मोमबत्ती के एक ब्रांड को लेकर कुख्यात हैं। इस मोमबती की गंध योनि (Vagina) जैसा फील देती है। ऑस्कर विजेता इस अभिनेत्री की माने तो यह मोमबत्ती महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है।

‘आयरन मैन’ की अभिनेत्री पाल्ट्रो लाइफस्टाइल ब्रांड गूप (Goop) चलाती हैं। यह मोमबत्ती भी इसी ब्रांड का हिस्सा है। उन्होंने टुडे को दिए इंटरव्यू में अपने एक्टिंग करियर से गूप सीईओ बनने तक के सफर पर बात की है बताया। पीपल मैगजीन के अनुसार, गूप की शुरुआत 2008 में एक Newsletter के रूप में हुई थी।

ग्वेनेथ पाल्ट्रो ने टुडे के विली गीस्ट के साथ बातचीत में कहा, “मुझे हमेशा यह थोड़ा अजीब लगता है। मैं जब भी दुकान में जाती हूँ और लोगों को देखती हूँ कि वह किस चीज पर क्या रिएक्शन दे रहे हैं। वे सवाल पूछते हैं और कई चीजों को उठाते हैं। यह लोगों के लिए नई-नई चीजें खोजने वाला स्थान है और जब वे स्टोर में होते हैं तो हर कोई हमेशा मुस्कुराता रहता है। इसलिए, मुझे स्टोर में आना अच्छा लगता है।”

49 वर्षीय ग्वेनेथ पाल्ट्रो ने साक्षात्कार में अपनी ‘दिस स्मेल्स लाइक माई वैजाइना’ कैंडल पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “मोमबत्तियाँ उत्तेजित करने और महिला सशक्तिकरण के बारे में हैं। ये मोमबत्तियाँ वास्तव में उस उत्तेजना की तरह हैं, जैसे हर तरफ एक महिला मौजूद हो।” ‘दिस स्मेल्स लाइक माई वैजाइना’ लेबल वाली मोमबत्तियाँ जेरेनियम, साइट्रस बरगामोट और दमास्क गुलाब और एम्ब्रेटे बीज से बनाई गई हैं।

बता दें कि साल 1998 की ‘शेक्सपियर इन लव’ में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाली पाल्ट्रो 2019 की ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ के बाद से किसी फिल्म में नहीं दिखाई दी हैं। वह गूप से 2016 में बतौर सीईओ जुडीं और उसके बाद से एक्टिंग की दुनिया को छोड़ दिया।

असम में टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार, 2 मदरसे सील: आतंकी संगठन अल कायदा ने ‘गो टू असम’ का दिया नारा

असम पुलिस (Assam Police) ने आतंकी गठजोड़ का खुलासा करते हुए अल कायदा से जुड़े अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के 12 सदस्यों को अब तक गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियाँ मोरगाँव, गुवाहाटी, बारपेटा और गोलपारा जिलों से की गई हैं। वहीं, एक को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है।

एक दिन पहले असम पुलिस ने मोरीगाँव जिले के मोरियाबारी के एक मदरसा के टीचर मुफ्ती मुस्तफा को गिरफ्तार था। नेटवर्क से जुड़े बाकी फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों पर UAPA के तहत कार्रवाई की गई है।

बारपेटा से गिरफ्तार हुए आरोपितों के नाम 25 वर्षीय जुबेर खान, 27 वर्षीय रफीकुल इस्लाम, 20 वर्षीय दीवान हमीदुल इस्लाम, 42 वर्षीय मोइनुल हक, 37 वर्षीय कज़ीबुर हुसैन, 50 वर्षीय मुजीबुर रहमान, 34 साल के शाहजहाँ अली और शहनूर आलम हैं। जुबेर खान को छोड़ कर बाकी सभी स्थानीय बरपेटा थानाक्षेत्र के ही रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक इन आरोपितों पर UAPA एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अल-कायदा के वर्तमान मुखिया अल जवाहिरी ने ‘गो टू असम’ का एलान किया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियाँ और अधिक सतर्क हो गई हैं। मोरीगाँव में जमीउल हुडा मदरसा चलाने वाले मुफ़्ती मुस्तफा की गिरफ्तारी के बाद 39 साल के अफसरूद्दीन भुयान को भी मोरीगाँव में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक अन्य गिरफ्तारी अब्बास अली की हुई है। इन सभी पर एक फरार आतंकी महबूब उर रहमान को शरण देने का आरोप है।

मोरीगाँव की SP अपर्णा के मुताबिक, पकड़े गए आरोपितों से उनके बाकी नेटवर्क और फंडिंग आदि के स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक पुलिस द्वारा 2 मदरसों को सील किया जा चुका है। उसमें पढ़ने वाले बच्चों को सरकारी स्कूल में शिफ्ट किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए हैं।

रोटी के लिए दोस्त की हत्या: फिरोज खान ने रिक्शा चालक मुन्ना को घोंपी चाकू, करोल बाग़ की घटना, दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली के करोलबाग इलाके से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहाँ फ़िरोज़ खान ने अपने दोस्त मुन्ना की रोटी के लिए चाकू मार कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि मृतक मुन्ना ने अपने खाने में से आरोपित को रोटी देने से मना कर दिया था। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के मुन्ना के रूप में हुई, जो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट भरता था, वहीं आरोपित फिरोज कूड़ा बीनने का काम करता था। पुलिस ने आरोपित फ़िरोज़ को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 26 जुलाई 2022 (मंगलवार) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लखन नाम का व्यक्ति इस घटना का चश्मदीद है। उसने पुलिस को बताया, “घटना की रात लगभग 10 बजे मैं और मुन्ना विष्णु मंदिर मार्ग के ताँगा चौक के फुटपाथ पर एक साथ खाना खा रहे थे। तभी एक व्यक्ति शराब के नशे में वहाँ आया और उसने मुन्ना से रोटी-सब्जी माँगी। मुन्ना ने उसे खाने के लिए दे दिया। कुछ देर बाद उसने फिर से रोटी माँगी तो मुन्ना ने देने से मना कर दिया। इसी बात पर दोनों में कहासुनी हो गई।” मीडिया रिपोर्ट में फिरोज मुन्ना का दोस्त बताया जा रहा है।

चश्मदीद ने आगे बताया, “कुछ ही देर में कहासुनी बढ़ कर मारपीट में बदल गई। इस दौरान आरोपित ने अपने पास रखी चाकू मुन्ना के पेट में 2 से 3 बार घोंप दी और वहाँ से भाग गया। घायल अवस्था में मुन्ना को अस्पताल ले जाया गया जहाँ अधिक खून बह जाने के कारण उसने दम तोड़ दिया।” इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

DCP सेंट्रल श्वेता चौहान के मुताबिक, “घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने फ़ौरन पहुँच कर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपित को 6 घंटों के ही अंदर गिरफ्तार कर लिया गया। चश्मदीद ने उसकी पहचान की। फ़िरोज़ ने पुलिस के आगे अपना गुनाह कबूल किया है। पुलिस ने हत्या में प्रयोग किया चाकू भी बरामद कर लिया है।”

मृतक मुन्ना की उम्र 40 साल बताई जा रही है। वह मध्य प्रदेश का रहने वाला था। आरोपित फ़िरोज़ खान उर्फ़ मुन्नू 26 साल का है जो उत्तर प्रदेश के आगरा का निवासी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुन्ना की हत्या के बाद फ़िरोज़ करोल बाग़ में ही कहीं जा कर सो गया था। आरोपित को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने करोल बाग़ के पास की झुग्गियों और तमाम मजदूरों से पूछताछ की, गहन स्कैनिंग करवाई। इसके बाद फिरोज को ढूँढकर गिरफ्तार कर लिया गया।

मंगलुरु में फाजिल नाम के युवक की हत्या: इलाके में धारा 144 लागू, पुलिस ने लोगों से नमाज घर में पढ़ने के लिए कहा

कर्नाटक (Karnataka) के दक्षिण कन्नड़ जिले में फाजिल नाम के एक युवक पर तलवारों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया है। हत्या के बाद तनाव को देखते पुलिस ने इलाके धारा 144 लागू कर दी है। घटना 28 जुलाई 2022 की बताई जा रही है। अभी तक हमलावरों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के CCTV फुटेज में दिखा कि आरोपितों ने चेहरे पर नकाब पहन रखा था। हमलावर हुंडई कार से आए थे। फाजिल को मार कर आरोपित कार में बैठ कर भाग निकले। गंभीर हालत में फाजिल को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसने दम तोड़ दिया। प्रारम्भिक जानकारी के मुताबिक घटना की वजह आर्थिक लेन-देन हो सकता है।

घटना मंगलुरु सिटी के सूरतकल की है। हमलावरों से बचने के लिए फाजिल ने दौड़ भी लगाई, लेकिन वह बच नहीं पाया। पुलिस को घटना से जुड़े CCTV फुटेज मिले हैं, जिसके आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। इस हत्या के बाद आसपास के सूरतकल, पनमबुर, वाजपे और मुल्की इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। फाजिल के अंतिम संस्कार के समय जनाजे में भारी भीड़ उमड़ी।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर एनएस कुमार ने मुस्लिम उलेमाओं और मौलानाओं से घर के अंदर ही नमाज़ पढ़ने की अपील की है। मंगलुरु पुलिस ने क्षेत्र की शराब की दुकानों को भी 29 जुलाई तक बंद रखने का आदेश दिया है। शिक्षण संस्थानों में भी 29 तारीख तक पढ़ाई नहीं होगी।

गौरतलब है कि मंगलुरु क्षेत्र में मंगलवार (26 जुलाई 2022) को भाजपा युवा मोर्चा नेता प्रवीण नेट्टारू की भी हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप उन्हीं की दुकान पर काम कर चुके इब्राहिम नाम के व्यक्ति के बेटे पर लगा है। पुलिस ने इस हत्याकांड में अब तक 21 लोगों को हिरासत में लिया है। इनका संबंध PFI और SDPI से बताया जा रहा है।

जिस रमा देवी के पास गईं सोनिया गाँधी, उनसे कभी आजम खान को माँगनी पड़ी थी माफीः तब भी ‘महिला सम्मान’ के लिए लड़ी थीं स्मृति ईरानी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चैधरी की अशोभनीय टिप्पणी के बाद से सांसद रमा देवी का नाम भी चर्चा में है। दरअसल, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जब इस बयान पर काॅन्ग्रेस नेतृत्व को घेरा तो सोनिया गाँधी रमा देवी के पास पहुँच गईं थी। इस दौरान उन्होंने स्मृति ईरानी से कहा था– You don’t talk to me। यानी, आप मुझसे बात मत कीजिए। गुरुवार (28 जुलाई 2022) को यह सारा घटनाक्रम संसद में हुआ था।

सदन के भीतर जब अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी पर स्मृति ईरानी ने घेरा तो भाजपा सांसद रमा देवी (Rama Devi) के पास सोनिया गाँधी पहुँची और पूछा, “अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी के मामले में मेरा नाम क्यों घसीटा जा रहा है। इसमें मेरी गलती क्या है?” इसके जवाब में रमा देवी ने कहा, “आपकी गलती यह है कि आपने चौधरी को लोकसभा में कॉन्ग्रेस का नेता चुना।” उन्होंने कहा, “अधीर रंजन माफी माँग लेते तो बात खत्म हो जाती। सोनिया को तैश में आने की बजाय गलती माननी चाहिए और अपने नेता को काबू में करना चाहिए।”

कौन हैं रमा देवी

रमा देवी का जन्म बिहार में वैशाली जिले के लालगंज में 8 अगस्त 1948 को हुआ था। इनकी शिक्षा मुजफ्फरपुर से हुई और वहीं से इन्होंने कानून की डिग्री पूरी की। 74 वर्षीय रमा देवी ने सबसे पहले 1998 में बिहार के मोतिहारी सीट से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था और बीजेपी के राधा मोहन सिंह को हराते हुए पहली बार संसद पहुँची थीं। रमा को तब उनके पति और बिहार सरकार में मंत्री रहे बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के बाद राजनीतिक विरासत सँभालनी पड़ी थी। उनके पति दबंग और बाहुबली नेता माने जाते थे।

इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव 2000 में उन्होंने मोतिहारी से चुनाव लड़ा और बिहार विधानसभा में राजद विधायक के रूप में चुनी गईं। उन्होंने बीजेपी के प्रमोद कुमार को हराया। 2009 में राजद से टिकट नहीं मिलने पर वह बीजेपी में शामिल हो गईं। बीजेपी ने उन्हें शिवहर से टिकट दिया और वह चुनाव जीतने में कामयाब रहीं। 2014 और 2019 में भी उन्हें शिवहर से टिकट दिया गया और उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की। रमा देवी के राजनीतिक कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 2009 और 2014 में बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी लवली आंनद को राजनीतिक अखाड़े में मात दी थी।

आजम खान को जब माँगनी पड़ी माफी

2019 में रमा देवी से आज़म ख़ान को माफ़ी माँगनी पड़ी थी। 25 जुलाई 2019 को लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान सदन की अध्यक्षता कर रहीं रमा देवी पर सपा नेता आज़म ख़ान ने अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने रमा देवी से कहा था, “आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि मेरा मन करता है कि आपकी आँखों में आँखें डाले रहूॅं।” इस तरह की टिप्पणी से अध्यक्षता कर रहीं सांसद थोड़ी देर के लिए असहज हो गई थीं।

उस वक्त केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आज़म खान के बयान की आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक बताया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “आज़म खान द्वारा दिया गया शर्मनाक बयान उनके चरित्र का प्रतिबिंब है; उनका बचाव करके अखिलेश यादव ने भी प्रमाणित कर दिया कि उनकी सोच में भी कोई फ़र्क़ नहीं। जो सदन में महिला के साथ अशोभनीय व्यवहार कर सकता है वह साधारण महिला से किस प्रकार का व्यवहार करता होगा, यह सोचने वाली बात है।” इसके साथ ही एक और ट्वीट में स्मृति ने आज़म खान को सभी पुरुष सांसदों पर धब्बा बताया था। इसके बाद आज़म ख़ान ने अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी माँगते हुए कहा था कि सासंद रमा देवी मेरी बहन हैं।

पैसा, सोना, सेक्स टाॅय… अर्पिता मुखर्जी का दावा- उनके फ्लैट के जिस कमरे से मिला खजाना, उसमें उन्हें जाने भी नहीं देते थे पार्थ चटर्जी

पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी पर शिकंजा कसता जा रहा है। अर्पिता मुखर्जी ने दावा किया है कि उनके फ्लैट से प्रवर्तन निदेशालय (ED) को जो पैसा मिला है, वह चटर्जी का ही है। फ्लैट के जिस कमरे से ये पैसे मिले हैं, उधर कथित तौर पर अर्पिता को जाने की भी इजाजत नहीं थी।

पूछताछ में अर्पिता मुखर्जी ने बताया कि पार्थ चटर्जी के आदमी उनके यहाँ पैसे लाकर रखते थे। कभी-कभी चटर्जी खुद भी आते थे और कमरों में रखे पैसों की जाँच करते थे। अर्पिता का दावा है कि उन्हें उस कमरे में जाने की अनुमति नहीं थी, जहाँ पैसे रखे जाते थे। हालाँकि उन्हें यह पता था कि उनके घर में पैसे रखे गए हैं। लेकिन यह रकम कितनी है, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।

अर्पिता ने इससे पहले बताया था कि पार्थ चटर्जी उनके घर को ‘मिनी बैंक’ की तरह इस्तेमाल करते थे। उल्लेखनीय है कि अर्पिता मुखर्जी के घरों पर छापे से अब तक तकरीबन 50 करोड़ नकदी और 5 किलो सोना बरामद होने की बात सामने आई है। इसके साथ ही अर्पिता के बेलघरिया फ्लैट की तलाशी के दौरान अधिकारियों को दो सेक्स टॉय भी मिले थे।

गौरतलब है कि बुधवार (27 जुलाई 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्पिता मुखर्जी के दूसरे फ्लैट पर छापा मारा। यहाँ से ईडी को करीब 28.90 करोड़ रुपए कैश और 5 किलो सोना मिला। यह छापेमारी गुरुवार (28 जुलाई 2022) सुबह 4 बजे तक चली थी। अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट में यह रकम टॉयलेट में छुपाकर रखी गई थी। इस रकम को गिनने के लिए ईडी के अधिकारियों को नोट गिनने की 3 मशीनें मँगवानी पड़ी। समाचार एजेंसी ANI ने बताया था कि अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया स्थित आवास से लगभग 29 करोड़ रुपए की नकदी मिली थी। इसे 10 ट्रक में भरकर एजेंसी साथ ले गई। इससे पहले 23 जुलाई को अर्पिता के एक अन्य घर से ED ने 21 करोड़ रुपए कैश बरामद किए थे। 

पार्थ चटर्जी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मंत्री के पद से हटा दिया है। पार्थ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के महासचिव के साथ-साथ उपाध्यक्ष भी थे। इसके अलावा, उनके पास तीन और जिम्मेदारियाँ थीं। ममता के भतीजे और TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जाँच जारी रहने तक पार्थ को पार्टी से निलंबित किया गया है। अगर बेगुनाह साबित होते हैं तो वे पार्टी में फिर से आ सकते हैं।

बता दें कि पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जाँच शुरू की है। पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब घोटाला हुआ था। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी।

जिसे 2 दिन तक समुद्र में खोजती रही नौसेना-गोताखोर-मछुआरे, वह प्रेमी संग मिलीः बीच से गायब हुई ‘पत्नी’ की तलाश में हेलिकॉप्टर भी लगाए थे

एक महिला 25 जुलाई 2022 को आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh) के विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) में समुद्र तट से गायब हो गई। वह शादी की दूसरी सालगिरह मनाने के लिए यहाँ पति के साथ आई थी। पति को लगा कि वह समुद्र में डूब गई है। उसकी तलाश में नौसेना, मरीन पुलिस, गोताखोरों, मछुआर दो दिन तक समुद्र की खाक छानते रहे। सर्च ऑपरेशन पर करीब 1 करोड़ रुपए खर्च हुए। लेकिन महिला का पता नहीं चला। अब वह महिला अपने प्रेमी के साथ मिली है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 वर्षीय महिला को 27 जुलाई को सिटी पुलिस (City Police) ने बेंगलुरु (Bangalore) से बरामद किया। महिला का नाम साईं प्रिया है। वह विशाखापट्टनम की रहने वाली है। दो साल (2020) पहले उसने श्रीकाकुलम निवासी श्रीनिवास राव से शादी की थी। पति-पत्नी शादी की दूसरी सालगिरह पर 25 जुलाई को पहले सिंहचलम मंदिर गए, फिर समुद्र तट पर घूमने चले गए। रात को जब कपल बीच पर सैर कर रहा था, उसी वक्त पति को एक फोन आया। वह पत्नी को छोड़कर दूसरी तरफ बात करने चला गया, क्योंकि उसकी पत्नी सेल्फी ले रही थी। कुछ मिनटों के बाद वह लौटा तो पत्नी नहीं मिली। उसे लगा कि वह समुद्र में डूब गई। उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ जिसमें नेवी (Navy) के हेलिकॉप्टर को भी लगाया गया।

पुलिस ने बीच और आसपास के इलाकों में 2 दिन तक महिला की तलाश कीई। साथ ही मरीन पुलिस, गोताखोरों, मछुआरों ने भी उसकी खोजबीन की। बाद में पता चला कि महिला आरके बीच से अपने प्रेमी के साथ फरार होकर नेल्लूर चली गई है। थ्री टाउन पुलिस स्टेशन सर्कल इंस्पेक्टर के रामा राव (K Rama Rao) ने बताया कि इस पूरे मामले को प्रेम सम्बंध (Love Angle) से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि साईं प्रिया के मोहल्ले में रहने वाले रवि नाम के शख्स के साथ जाने की खबर है। इसलिए अब ये मामला प्रिया के बेंगलुरु से आने के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

कर्नाटक में मारे गए BJYM नेता से शफीक की पुरानी पहचान, प्रवीण की दुकान में काम करते थे उसके अब्बा: गिरफ्तारी के बाद ‘मुस्लिम’ पहचान का रोना

कर्नाटक में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के नेता प्रवीण प्रवीण नेट्टारू की हत्या के सिलसिले में गुरुवार (28 जुलाई 2022) को शफीक बेल्लारे और जाकिर सावानुरू को गिरफ्तार किया गया था। अब यह बात सामने आई है कि शफीक और प्रवीण की जान-पहचान थी। प्रवीण की दुकान में शफीक के इब्राहिम काम भी कर चुके हैं। इनका एक-दूसरे के घर भी आना-जाना था। हालाँकि इब्राहिम का कहना है कि मुस्लिम होने के चलते उसके बेटे को पुलिस इस मामले में फँसा रही है।

इंडिया टुडे को इब्राहिम ने बताया, “जब मैं प्रवीण की दुकान में काम करता था तब मेरा बेटा और प्रवीण अक्सर बातें किया करते थे। प्रवीण अक्सर मेरे घर भी आता-जाता था। मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे को क्यों गिरफ्तार किया गया है। हम मुस्लिम हैं इसलिए हमें निशाना बनाया जा रहा है। शफीक और जाकिर वैसे नहीं हैं, जैसा उन्हें बताने की कोशिश हो रही है।”

वहीं शफीक की बीवी ने कहा, “हाँ, वे PFI से जुड़े हैं। वे संगठन के लिए सोशल वर्कर के तौर पर काम करते थे। लेकिन प्रवीण की हत्या की उन्हें जानकारी नहीं थी।” एक रिपोर्ट के मुताबिक 29 वर्षीय जाकिर पुत्तुर के सवनूर में फास्ट फ़ूड की दुकान चलाता है। वहीं शफीक सुल्लिया क्षेत्र की एक सुपारी शॉप पर काम करता है। अदालत ने दोनों को 11 अगस्त तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि इस मामले में गुरुवार को पुलिस ने 21 और संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इनके लिंक PFI और SDPI से बताए जा रहे हैं।

प्रवीण के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 28 जुलाई 2022 को प्रवीण के परिजनों से मुलाक़ात की है। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए का चेक भी सौंपा। साथ ही उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे राष्ट्र विरोधी और सांप्रदायिक तत्वों से निपटने के लिए ‘योगी मॉडल’ को लागू किया जाएगा।

गौरतलब है कि दक्षिण कन्नड़ जिले की बेल्लारे में मंगलवार (26 जुलाई 2022) की रात करीब 9 बजे भाजपा नेता प्रवीण की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई थी। यह हमला तब हुआ जब वे बाइक से घर जा रहे थे।

कानपुर में इस बार नहीं निकलेगा मुहर्रम का पाइकी जुलूस: मुस्लिम आलिमों को हालात बिगड़ने का डर, दिया कानून व्यवस्था का हवाला

उत्तर प्रदेश के कानपुर में 3 जून को नूपुर शर्मा के कथित बयान के विरोध में जुमे की नमाज के बाद पथराव किया गया था। अब अचानक से शहर के मुस्लिम संगठनों ने इस साल मुहर्रम के दौरान पाइकी जुलूस नहीं निकालने का फैसला किया है, क्योंकि उन्हें जुलूस के दौरान हालात बिगड़ने का डर है। माना जा रहा है कि वे शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर ‘चिंतित’ हैं।

दरअसल, कोरोना महामारी के कारण बीते दो वर्षों को छोड़कर पिछले 225 सालों से लगातार ये जुलूस निर्बाध रूप से निकाले जाते रहे हैं। इस साल से इसके एक बार फिर से शुरू होने की संभावना थी, लेकिन अब एक बार फिर से इस पर रोक लग गई है। बता दें कि पाइकी जुलूस शहर में मुहर्रम के बड़े जुलूसों में से एक माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि पाइकी वे लोग हैं, जो कि काले ‘कुर्ता-पायजामा’ पहने हुए रहते हैं। इनकी पीठ और कंधों पर रस्सियों के साथ घंटियाँ बंधी होती हैं। ये मुहर्रम के जुलूस के साथ इमामबाड़ा, कर्बला और इमाम चौक पर जाते हैं, ‘हाँ हुसैन, या हुसैन’ का नारा लगाते हैं।

तंज़ीम निशान-ए-पाइक कासीद-ए-हुसैन के खलीफा शकील और तंज़ीम-अल-पाइक कासिद-ए-हुसैन के लोग अच्छे मुस्लिमों से चंदा लेकर हर साल जुलूस निकालते रहे हैं। इस बार के जुलूस को लेकर जुलूस के वर्तमान प्रभारी कफील कुरैशी ने कहा कि इस साल मुहर्रम के मौके पर पाइकी जुलूस नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने कहा, “शहर के माहौल को ध्यान में रखते हुए इस साल पाइकी जुलूस नहीं निकालने का फैसला किया गया है। हमने लोगों से इस मोहर्रम में अपने घरों में नमाज अदा करने और शहर में अमन बनाए रखने में मदद करने की अपील की है।”

खलीफा ने भी लिया ऐसा ही फैसला

कानपुर शहर के खलीफा शकील ने भी शहर की सख्त कानून व्यवस्था को देखते हुए इस साल पाइकी जुलूस नहीं निकालने की बात कही है। खलीफा ने कहा, “इस साल पाइकी का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। प्रशासन को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। यह निर्णय 3 जून की हिंसा के बाद शहर के माहौल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हमने लोगों से इस तरह के किसी भी काम में शामिल नहीं होने के लिए कहा है।”