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‘₹1 लाख करोड़ का हुआ गुजरात का डेयरी बाजार’: PM मोदी ने साबर डेयरी को दी 1000 करोड़ की सौगात, कहा – 2 साल में 3 करोड़ किसानों को मिला क्रेडिट कार्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साबर डेयरी प्लांट में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसका सीधा फायदा कई किसानों को होगा। गुजरात दौरे के पहले दिन पीएम मोदी ने साबरकांठा के गढ़ोडा चौकी स्थित इस साबर डेयरी का दौरा किया। हिम्मतनगर के पास साबरकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (साबर डेयरी) के 305 करोड़ रुपए के मिल्क पाउडर संयंत्र का उद्घाटन भी हुआ। 1.20 लाख टन वाली इस डेयरी को 1000 करोड़ रुपए के परियोजनाओं की सौगात मिली।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि आज साबर डेयरी का विस्तार हुआ है और सैकड़ों करोड़ रुपए के नए प्रोजेक्ट यहाँ लग रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आधुनिक टेक्नॉलॉजी से लैस मिल्क पाउडर प्लांट और ए-सेप्टिक पैकिंग सेक्शन में एक और लाइन जुड़ने से साबर डेयरी की क्षमता और अधिक बढ़ जाएगी। साथ ही याद दिलाया कि दो दशक पहले यहां क्या स्थितियाँ थीं, ये आप भी जानते हैं और उन्होंने भी भलीभाँति देखा है।

बकौल पीएम मोदी, आजकल हम गुजरात के कई हिस्सों में अतिवर्षा की चुनौती से जूझ रहे हैं, लेकिन बारिश आना ही गुजराती के लिए इतना बड़ा सुख और संतोष होता है, इसका अंदाजा बाहर के लोगों को नहीं है। उन्होंने उदाहरण गिनाया कि जैसे जैसे सिंचाई की सुविधाओं का गुजरात में विस्तार हुआ, वैसे वैसे कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में हमनें बहुत विकास किया और डेयरी ने उसे बहुत बड़ी ताकत दी। अर्थव्यवस्था को डेयरी ने स्थिरता भी दी, सुरक्षा भी दी और प्रगति के नए अवसर भी दिए।

पीएम मोदी ने कहा, “गुजरात में बीते 2 दशक में जो व्यवस्थाएँ तैयार हुईं, आज उसके बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। आज गुजरात का डेयरी मार्किट 1 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच चुका है। गुजरात में सहकारिता की एक समृद्ध परंपरा रही है, और संस्कार भी है। तभी तो सहकार है और सहकार है, तभी तो समृद्धि है। दूध से जुड़े सहकारी आंदोलन को जो सफलता मिली है, इसका विस्तार अब हम खेती से जुड़े बाकी क्षेत्रों में भी कर रहे हैं। देश में आज 10 हजार किसान उत्पादक संघ – FPOs के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।”

पीएम मोदी ने बताया कि इन FPOs के माध्यम से छोटे किसान फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी, एक्सपोर्ट से जुड़ी वैल्यू और सप्लाई चेन से सीधे जुड़ पाएंगे। इसका बहुत अधिक लाभ गुजरात के किसानों को भी होने वाला है। उन्होंने कहा कि किसान की आय बढ़ाने के लिए जो प्रयास बीते 8 वर्षों में केंद्र सरकार ने किए हैं, उसकी वजह से गुजरात समेत देश के अलग अलग हिस्सों में किसानों की आय में बढ़ोतरी देखी जा रही है। किसानों की आय में बागवानी, पशुपालन, मछलीपालन की वजह से भी काफी वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटी जमीन वाले किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है, यानी फसलों के अलावा आय के वैकल्पिक माध्यमों पर काम करने की रणनीति आज काम आ रही है। खादी और ग्रामोद्योग भी इसका एक उत्तम उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि खादी ग्रामोद्योग का टर्नओवर पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए से ऊपर गया है। उन्होंने बीते 8 वर्षों में इसी क्षेत्र से डेढ़ करोड़ से ज्यादा रोजगार गाँव में बनने के पीछे का श्रेय इसे ही दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक देश में 40 करोड़ लीटर से भी कम इथेनॉल की ब्लेंडिंग होती थी, लेकिन आज ये करीब 400 करोड़ लीटर तक पहुँच रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि हमारी सरकार ने बीते 2 वर्षों में विशेष अभियान चलाकर 3 करोड़ से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी दिए हैं। बकौल पीएम मोदी, खेती की लागत कम करने पर भी हम लगातार काम कर रहे हैं। नीम कोटिड यूरिया, खाद के बंद पड़े कारखानों को फिर से शुरू करने का काम किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जी के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया है। हमारी सरकार देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की याद में विशेष संग्रहालय भी बनवा रही है। आजादी के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर एक और बड़ा संयोग हुआ है। पहली बार जनजातीय समाज से आने वाली देश की बेटी भारत के सबसे बड़े संवैधानिक पद पर पहुँची हैं। देश ने श्रीमती द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया है। ये 130 करोड़ से अधिक भारतवासियों के लिए बहुत गौरव का क्षण है।

बिहार में कई जगहों पर NIA की छापेमारी, कई लोगों को हिरासत में लेने की खबर: पटना के फुलवारी शरीफ केस में PFI के खिलाफ ऐक्शन

पटना के फुलवारी शरीफ टेरर मॉड्यूल मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की टीम गुरुवार (28 जुलाई 2022) सुबह से ही बिहार में कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। एनआईए द्वारा UAPA के तहत मामला दर्ज करने और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पाँच संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लगभग एक सप्ताह बाद पूर्वी चंपारण, दरभंगा (Dharbhanga), मोतिहारी (Motihari) और नालंदा (Nalanda) में छापा मारा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन जगहों पर छापेमारी की जा रही हैं, ये सभी लोग सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) से जुड़े हैं। इस दौरान कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लेने की खबर है।

बताया जा रहा है कि एनआईए (NIA) की टीम मोतिहारी के चकिया के कुआंवा गाँव में PFI का जोनल सेक्रेटरी रियाज मारूफ उर्फ बबलू के घर पर पहुँची, जहाँ उससे जुड़े लोगों के आतंकी कनेक्‍शन तलाश की जा रही है। आरोप है कि रियाज PFI का मास्टर ट्रेनर है। हालाँकि, रियाज अभी फरार है। उसके घर से क्या-क्या बरामद हुआ है, एनआईए ने अभी तक इसका खुलासा नहीं किया है।

वहीं, दरभंगा में भी PFI के सदस्यों के घर छापेमारी जारी है। यह छापेमारी लहेरियासराय थाना क्षेत्र के उर्दू बाजार में नूरुद्दीन जंगी और सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में मोहम्मद मुस्तकिम और मोहम्मद सनाउल्लाह के घर पर की गई। नूरुद्दीन जंगी के घर 3 घंटे तक छापेमारी चली।

नूरुद्दीन लखनऊ से पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। उससे मिले सुराग के बाद अब NIA की टीम पाकिस्‍तान से जुड़े आतंकी कनेक्‍शन की जाँच में जुटी है। 18 जुलाई 2022 को बिहार पुलिस का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ जवान नुरुद्दीन जंगी के साथ सत्तू पीते नजर आ रहे थे।

जंगी एक वकील है और कट्टरपंथी इस्लामी संगठन PFI का सक्रिय सदस्य है। जंगी को पेशी के लिए पटना कोर्ट लाया गया था। इस दौरान उसे पुलिसकर्मियों के साथ आराम से बात करते और सत्तू पीते देखा गया था। बता दें कि फुलवारी शरीफ (Phulwari Connection) थाने में 26 लोगों के खिलाफ राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

क्या है मामला

बिहार की पटना पुलिस ने 13 जुलाई 2022 को फुलवारी शरीफ से आतंकी गतिविधियों में शामिल मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज को गिरफ्तार किया था। दोनों मार्शल आर्ट्स सिखाने के नाम पर युवकों का ब्रेन वॉश कर रहे थे और उन्हें हथियार चलाना सिखा रहे थे।

फुलवारी शरीफ के एएसपी मनीष कुमार सिन्हा ने इस संबंध में बताया था कि भारत विरोधी गतिविधि में संलिप्त लोग 2 माह से इनसे अलग-अलग जगहों से मिलने आते थे और अपनी टिकट व होटल की बुकिंग किसी और नाम से करते थे।

पुलिस को इनके पास से 8 पन्नों का दस्तावेज मिला था। इसमें साल 2047 तक भारत को इस्लामी देश बनाने की साजिश दर्ज थी। इस दस्तावेज में लिखा था कि यदि 10 फीसदी मुस्लिम आबादी PFI के साथ आ जाए तो कायर हिंदुओं को घुटने पर ला दिया जाएगा और उनसे इस्लाम कबूल करवाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के पटना यात्रा को लेकर सतर्कता की वजह से इस देश विरोधी इस गतिविधि का खुलासा हुआ था।

मुस्लिम संगठन कर्नाटक में खोलेंगे 13 नए कॉलेज, हिजाब विवाद के बाद लिया फैसला: सरकार के पास भेजा आवेदन

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहने का मामला फिर उठने लगा है। चुनाव से पहले मुस्लिम संगठनों ने हिजाब विवाद को एक नया रंग देने की कोशिश की है। कर्नाटक के दक्षिणी जिलों के मुस्लिम संगठनों ने 13 नए प्राइवेट PG कॉलेज खोलने की योजना बनाई है। ये मामला तब सामने आया जब 13 नए निजी कॉलेज खोलने के लिए मुस्लिम संगठनों ने आवेदन दिया। जहाँ छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 5 साल में मुस्लिम संगठनों ने एक भी आवेदन नहीं किया था। वहीं एक साथ इतने प्राइवेट कॉलेज खोलने के लिए इतनी बड़ी संख्या में आवेदन हैरानी की बात है। तो वहीं इसे कर्नाटक में अगले साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर हिजाब विवाद को राजनीति रंग देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बता दें कि कर्नाटक में राज्य की पिछली कॉन्ग्रेस सरकार ने सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में ड्रेस कोड को अनिवार्य कर दिया था। हालाँकि, इसमें निजी शैक्षणिक संस्थानों को छूट दी गई थी। वहीं अब राज्य में सभी सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक चिह्नों पर भी प्रतिबंध लग गया है, लेकिन निजी शैक्षणिक संस्थान अपने हिसाब से हिजाब पहनने में छूट दे सकते हैं। इसीलिए कहा जा रहा है कि मुस्लिम संगठन अब हिजाब की व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने लिए नए कॉलेज खोलना चाहते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में नए PG कॉलेज खोलेने के मुस्लिम संगठनों के आवेदनों की जाँच की जा रही है, अभी एक आवेदन मंजूर हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नए कॉलेज खोलने के आवेदन सभी मापदंडों को पूरा करते हैं तो उन्हें मंजूरी दी जा सकती है।

गौरतलब है कि इससे पहले 1 जनवरी 2022 को कर्नाटक के उडुप्पी में हिजाब विवाद शुरू हुआ था जो धीरे-धीरे पूरे देश में विवाद का कारण बना था, जिसके बाद यह मामला कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुँचा था। फिलहाल, अभी कोर्ट के आदेशानुसार, कर्नाटक में राज्य के सभी शासकीय शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर पाबंदी है। इस वजह से मुस्लिम समुदाय की सैकड़ों लड़कियों ने परीक्षा तक छोड़ दी थी।

बता दें कि कर्नाटक के सभी सरकारी एजुकेशनल संस्थाओं में छात्राओं के हिजाब पहनने पर रोक है। करीब तीन महीने से अधिक समय तक चले हिजाब विवाद पर 15 मार्च को कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने साफ कहा था कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है और स्कूल-कॉलेज में हिजाब पहनने की इजाजत देने से मना कर दिया था।

हालाँकि, कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। लेकिन, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया था। वहीं CJI एन वी रमन्ना ने मामले को स्वीकार करते हुए कहा था कि जल्द ही इस मामले में सुनवाई होगी। फ़िलहाल इस मामले में सुनवाई की तारीख तय नहीं की गई है।

भजन गाने से नाराज़ अनीश, शोएब और एजाज ने गन्ने के खेत में ले जाकर किया अप्राकृतिक रेप, पीटा भी: आजमगढ़ में FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश (UP) के आजमगढ़ जिले में एक हिन्दू व्यक्ति ने अनीश, शोएब और एजाज पर अपने साथ अप्राकृतिक रेप करने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, तीनों आरोपित पीड़ित के भजन गाने से नाराज थे। घटना 20 जुलाई 2022 की बताई जा रही है। पुलिस पर ठीक से कार्रवाई न करने का आरोप लगा कर ग्रामीणों ने 27 जुलाई 2022 (बुधवार) को सड़क को जाम किया और विरोध प्रदर्शन किया है। पीड़ित युवक जन्म से मानसिक विक्षिप्त है।

पुलिस में दी गई शिकायत के मुताबिक घटना अतरौलिया थानाक्षेत्र की है। मामले में खुद पीड़ित ही शिकायतकर्ता है। पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में उन्होंने लिखा, “घटना के दिन सुबह साढ़े सात बजे मैं अपनी बेटी को स्कूल छोड़ कर भजन गाता हुआ लौट रहा था। रास्ते में मुझे रमज़ान का बेटा अनीश, पप्पू का बेटा शोएब और पीर मोहम्मद का बेटा एजाज मिले। इन्होने मुझे रोका और भजन गाने पर सवाल किया।”

शिकयत कॉपी और आरोपित

शिकायत में पीड़ित ने आगे लिखा, “कुछ देर बाद ये तीनों आरोपित मुझे गन्ने के खेत में ले गए। वहाँ तीनों ने मुझे बुरी तरह से मारा-पीटा और मेरे साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब मैंने इसका विरोध किया तब आरोपितों ने मेरे मुँह को गमछे से बंद कर दिया और एक केबल से बुरी तरह से मेरी पिटाई की। कुछ लोगों द्वारा मौके पर पहुँच कर मुझे छुड़ाया गया और तब मैं घर आ पाया।”

FIR कॉपी

पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए तीनों आरोपितों पर IPC की धारा 323, 342, 377 और 511 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है।

आजमगढ़ पुलिस

पीड़ित के परिजनों के मुताबिक, “4-5 मुस्लिमों द्वारा मार कर कुकर्म किया गया है। उनके दबाव के चलते थाने पर सुनवाई नहीं हुई हमारी। थाने वालों ने जो चाहा लिख दिया जबकि हम सब उन्हें सच बताते रहे। हम DM से मिल कर उन्हें सच बताने आए हैं। हम आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना चाहते है।”

पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली से असंतोष जताते हुए आजमगढ़ के SP को एक एप्लिकेशन भी भिजवाया है। इस प्रार्थना पत्र में आरोपितों द्वारा पीड़ित के साथ दुष्कर्म के प्रयास के बजाए दुष्कर्म किए जाने का जिक्र किया गया है। साथ ही केस के जाँच अधिकारी द्वारा पीड़ित का मेडिकल परीक्षण न करवाया जाना बताया है।

शिकायती पत्र

घटना के विरोध में 27 जुलाई 2022 को स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क को जाम किया और धरना भी दिया। अधिकारियों ने इस मामले में निष्पक्ष जाँच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।

चलती ट्रेन में शराब की पार्टी, लड़कियों ने की बिकनी डांस: वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने याद दिलाई मंकीपॉक्स बीमारी

चलती ट्रेन में शराब की पार्टी और बिकनी गर्ल के साथ डांस……. है ना अटपटा, लेकिन अमेरिका में ऐसा हुआ है। सोशल मीडिया पर बिकनी गर्ल्स के साथ पार्टी करते हुए लोगों का वीडियो सामने आया है।

इस वीडियो का कुछ हिस्सा @_mikefromqueens नाम के ट्वीटर यूजर ने शेयर किया है। इसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो पर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है।

घटना न्यूयॉर्क सिटी मेट्रो के एल ट्रेन के अंदर की है। इसमें बिकनी में महिलाओं को घुमते, शराब पीते और कैरिज-फ्लोर स्लिप एन ‘स्लाइड में करते देखा गया। इतना ही नहीं, महिलाओं ने पूल डाँस किया और शराब की बोतलों को एक पैसेंजर से दूसरे पैसेंजर को दिया।

कुछ लोगों ने इस पार्टी को बेहद गंदा कहा तो कुछ लोगों ने कहा कि इन लोगों ने कानून को तोड़कर जुर्म किया है। हालाँकि, यह अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ट्रेन में पार्टी क्यों की गई। वीडियो में एक जगह शख्स डांस करती लड़कियों के बीच ‘viral exposure’ का पोस्टर पकड़े दिखता है।

न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के आँकड़े बताते हैं कि साल 2021 की तुलना में इस साल सफर के दौरान हुए अपराधों में 55 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले साल जुलाई तक 800 अपराध हुए थे, जबकि इसी 17 जुलाई 2022 तक कुल 1,244 अपराध दर्ज हुए हैं।

ट्विटर पर एक यूजर ने मंकीपॉक्स वायरस के खतरे का जिक्र करते हुए कहा कि इस पार्टी से एक नया ‘मंकीपॉक्स पनपने वाला है’। बता दें कि मंकीपॉक्स के 830 मामलों के साथ न्यूयॉर्क अमेरिका में सबसे ऊपर है। इसके बाद कैलिफोर्निया में 356 मामले दर्ज किए गए हैं।

असम में मदरसे से चल रहा था आतंकी गिरोह, जिहादी मुफ़्ती मुस्तफा गिरफ्तार: 8 मौलवी हिरासत में, पुलिस ने बताया – ‘हदीस’ पढ़ा कर युवाओं को भड़का रहे

असम पुलिस ने आतंक के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राज्य की पुलिस ने मोरीगाँव में सक्रिय एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। ताजा जानकारी के मुताबिक यहाँ के एक मदरसे में जिहादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।

यह आतंकी मॉड्यूल एक मदरसे से संचालित हो रहा था और कथित तौर पर राज्य में बड़े हमले की योजना बना रहा था। असम पुलिस को इसके बारे में खुफिया एजेंसी से जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध जिहादी को गिरफ्तार किया। इसकी पहचान मुफ्ती मुस्तफा के रूप में हुई है। 

मोरीगाँव पुलिस ने बुधवार (27 जुलाई 2022) रात मोइराबारी में मदरसा और अन्य आवासों पर तलाशी अभियान चलाने के बाद उसे गिरफ्तार किया। मदरसे को भी पुलिस ने सील कर दिया है।

मुफ्ती मुस्तफा को ही आतंकी मॉड्यूल का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वह मोइराबारी में 2018 से जामी-उल-हुदा मदरसा चलाता है। पुलिस ने मुफ्ती मुस्तफा के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अन्य सामग्री के साथ कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए। इसके साथ ही पुलिस ने पूछताछ के मदरसे के 8 मौलवियों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि उसे बांग्लादेश से अंसरुल्ला फंडिंग कर रहा था। इसके अलावा भी मदरसे को कई अन्य देशों से फंडिंग हो रही थी।

वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि मुस्तफा को किस वजह से गिरफ्तार किया गया है, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय लोगों में से एक ने कहा, “मोरीगाँव पुलिस, सेना और अन्य अधिकारियों ने कल रात मुस्तफा के आवास और मदरसा में कम से कम दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। मुस्तफा को पुलिस ने पकड़ लिया। हमें नहीं पता कि उसे क्यों गिरफ्तार किया गया।”

फिलहाल पुलिस घटना के संबंध में आगे की जाँच कर रही है। इस बीच, इस मामले पर बोलते हुए, असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंत ने कहा, “आतंकवादी संगठन धीरे-धीरे असम को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वे बांग्लादेश के रास्ते राज्य में प्रवेश कर रहे हैं। वे राज्य के मुस्लिम युवाओं को ‘हदीस’ की शिक्षा देकर भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री हिमंता विस्व सरमा ने मदरसा शब्द ही खत्म करने की वकालत करते हुए कहा कि मदरसे में बच्चों को दाखिला दिलवाना ही मानवाधिकार का उल्लंघन है। सीएम सरमा ने मदरसों को मानवता का दुश्मन बताते हुए कहा था कि ये मदरसा शब्द ही विलुप्त हो जाना चाहिए। जब तक मदरसा दिमाग में घूमेगा तब तक बच्चा कभी डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बन पाएगा। यदि ये बातें बच्चों को सिखाई जाएँ तो बच्चे खुद ही मदरसे में न जाएँ। मदरसे में बच्चों का दाखिला ही मानवाधिकार के उललंघन के लिए करवाया जाता है। 

इससे पहले एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि लगभग सात सौ मदरसे बंद हो चुके हैं, बाकी मदरसों को नर्सिंग स्कूल और मेडिकल-इंजीनियरिंग कॉलेजों में बदलने का इरादा है। वो चाहते हैं कि मेरे मुसलमान भाई मदरसों में ना जाए और उसकी जगह लोग डॉक्टर-इंजीनियर बनें, समाज को रोशन करें।

आधी रात में निकलती है किन्नरों की शवयात्रा? लाश को जूते से पीटा जाता है? किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर से जानिए सच, किन्नरों को इसीलिए कहते हैं ‘मंगलामुखी’

किन्नरों की मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार कैसे होता है, इस बारे में आम लोगों के बीच कई प्रकार की शंकाएँ हैं। कुछ लोगों का कहना है कि किन्नरों की अर्थी या जनाज़ा आधी रात में निकलता है जिस से कोई देख न पाए। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि किन्नरों की मौत के बाद उनको शव को जूतों से पीटा जाता है, जिस से वो दुबारा उस रूप में जन्म न लें। इसी के साथ किन्नर बनने की प्रक्रिया पर भी तमाम संशय बना रहता है जिसमें उनके गुप्तांग को बिना सुन्न किए काटने जैसी चर्चाएँ अक्सर सुनाई देती हैं।

इस बारे में कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी शव को जूतों से पीटने जैसी बातें प्रकाशित की जा चुकी हैं। ऑपइंडिया ने तह तक जा कर पड़ताल करने और असल सच निकालने का निर्णय लिया। 24 जुलाई, 2022 (रविवार) को हमने हरिद्वार में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भवानी माँ से इस बाबत जानकारी जुटाई। भवानी माँ ने किन्नरों की शव यात्रा आधी रात में निकलने व उनके शव को जूते से पीटने जैसी चर्चाओं को निराधार और अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि किन्नरों का अंतिम संस्कार भी सामान्य लोगों की तरह ही होता है।

अलग-अलग धर्म को मानने वालों की अलग-अलग विधान

भवानी माँ ने हमें बताया, “जैसे स्त्री व पुरुष अलग-अलग धर्म को मानते हैं वैसे ही किन्नर में भी हिन्दू और मुस्लिम होते हैं। वो जीवित रहते हुए अपने-अपने पारमपरिक विधि विधान पूजा-पाठ करते हैं और मौत के बाद भी उन्हें उनका उनके धर्म के मुताबिक अंतिम संस्कार होता है। यदि किन्नर हिन्दू है तो उसको जलाया जाता है और यदि मुस्लिम है तो बाकायदा नमाज़ आदि पढ़ कर उसको दफनाया जाता है।”

झूठी है जूते से पीटने वाली बात

भवानी माँ ने आगे बताया, “मेरी उम्र लगभग 50 साल है। 13 साल की उम्र से मैं किन्नरों के बीच में रहती हूँ। अनगिनत किन्नर मेरे आगे सामान्य रूप से जलाए या दफनाए गए। मैंने अब तक एक भी मामला ऐसा नहीं देखा। हम अपने गुरु या सीनियरों का हद से ज्यादा सम्मान करते हैं। वही बुजुर्ग हो कर जब मरेंगे तो क्या हम उनको जूते मारेंगे? ऐसी बातें न जाने किसने फैलाई है। ये सच है कि जीते जी हमारी दुनिया स्त्री और पुरुष के जीवन से अलग होती है पर मौत के बाद सभी का अंतिम संस्कार एक जैसे ही होता है। इसमें शव को धोना और बाद में कुछ लोगों को खाना खिलाना भी शामिल है।”

महामंडलेश्वर भवानी माँ

आधी रात में शव यात्रा वाली बात भी कोरी अफवाह

महामंडलेश्वर भवानी माँ आगे कहा, “पिछले कुछ समय में दिल्ली और NCR क्षेत्र में कई किन्नरों की या स्वाभाविक मौत हुई या कुछ की हत्या हुई जो बेहद चर्चित भी रहीं। उनके शव यात्राएँ दिन में बाकायदा आम लोगों की तरह ही निकाली गईं। मुझे समझ में नहीं आता कि कोई अफवाह उड़ाने वाला अर्थी पर ले जाए जा रहे शव के अंदर कैसे झाँक कर देख लेता है कि वो किन्नर का है या नहीं। यदि आप दिन में सड़क से गुजर रहे हों और कोई शव यात्रा या जनाज़ा सामान्य रूप से जा रहा हो तो वो किसी किन्नर का भी हो सकता है।”

बिना सुन्न किए प्राइवेट पार्ट काटने की भी बातें अफवाह

कुछ चर्चाओं किन्नर का बिना सुन्न किए प्राइवेट पार्ट काटने की बातों को भी भवानी माँ ने झूठ बताया। उन्होंने कहा, “जिसे भी ये करवाना होता है वो बाकायदा ऑपरेशन करवा लेता है। लोग ऐसे कही सुनी बातों पर विश्वास न करें।”

हमेशा मंगल (भलाई) की कामना इसलिए मंगलामुखी की उपाधि

भवानी माँ ने आगे बताया, “किन्नरों को मंगलामुखी इसलिए कहा जाता है क्योंकि वो हमेशा लोगों के मंगल (भलाई) की कामना करते हैं। हमारा आशीर्वाद भी लोगों पर सार्थक असर करता है। किन्नर कभी भी किसी की भी दुःख की घड़ी में पैसे माँगने नहीं जाते।” भवानी माँ के साथ उस समय उनके लगभग दर्जन किन्नर शिष्य मौजूद थे। उन सभी ने भवानी माँ द्वारा कही गई हर बात से सहमति जताई।

‘पार्था चटर्जी को सारे पदों से हटाओ, पार्टी से निकालो’: TMC में पड़ी फूट, अर्पिता मुखर्जी ने कहा – मेरे घर से मिला सारा पैसा मंत्री का

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी ने गुरुवार (28 जुलाई, 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बताया कि उनके दूसरे फ्लैट से बरामद करोड़ों रुपए चटर्जी के हैं। जाँच एजेंसी ने अर्पिता मुखर्जी के पहले फ्लैट से 21 करोड़ रुपए बरामद करने के कुछ दिनों बाद उसके दूसरे अपार्टमेंट से 28.90 करोड़ रुपए कैश और 5 किलो से अधिक सोना बरामद किया है। यह छापेमारी गुरुवार (28 जुलाई, 2022) सुबह 4 बजे तक चली, जिसमें अधिकारियों को पैसे गिनने में 10 घंटे का समय लगा।

वहीं, पार्टी की किरकिरी होने के बाद टीएमसी महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने पार्थ चटर्जी को मंत्रालय और पार्टी के सभी पदों से हटाने की माँग की।

टीएमसी के प्रवक्ता घोष ने ट्विटर पर कहा कि अगर उनकी माँग गलत है, तो पार्टी उन्हें सभी पदों से बर्खास्त कर सकती है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “पार्थ चटर्जी को तुरंत मंत्रालय और पार्टी के सभी पदों से हटाया जाना चाहिए। उन्हें निष्कासित किया जाना चाहिए। अगर मेरे इस बयान को गलत माना जाता है, तो पार्टी को मुझे सभी पदों से हटाने का पूरा अधिकार है।” इससे पहले घोष ने बुधवार (27 जुलाई, 2022) को कहा था कि चटर्जी की करीबी के घर से कैश मिलना पार्टी के लिए अपमान और हम सभी के लिए शर्म की बात है।

मालूम हो कि अर्पिता मुखर्जी के दूसरे फ्लैट के टॉयलेट में यह रकम छुपाकर रखी गई थी। इस रकम को गिनने के लिए ईडी के अधिकारियों को नोट गिनने की 4 मशीनें मँगवानी पड़ी। समाचार एजेंसी ANI ने बताया है कि अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया स्थित आवास से लगभग 29 करोड़ रुपए की नकदी मिली। इसे 10 ट्रंक में भरकर एजेंसी साथ ले गई। अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट्स से अब तक करीब 50 करोड़ रुपए नकद बरामद हो चुके हैं। इससे पहले 23 जुलाई को अर्पिता के एक अन्य घर से ED ने 21 करोड़ रुपए कैश बरामद किए गए थे।

बता दें कि पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जाँच शुरू की है। ममता बनर्जी सरकार में मौजूदा उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब घोटाला हुआ था।

केरल सरकार की लॉटरी, विजेता बन गया गया मोहम्मद बावा: अब मिलेंगे ₹1 करोड़ रुपए

केरल (Kerala) में कर्ज में डूबकर अपना घर बेचने के लिए मजबूर एक व्यक्ति की किस्मत उस वक्त चमक उठी जब उसे एक करोड़ रुपए की लॉटरी लग गई। अपने घर को औने-पौने दामों में बेचने जा रहे 50 वर्षीय मोहम्मद बावा की मन माँगी मुराद पूरी हो गई। टैक्स कटौती के बाद उन्हें 63 लाख रुपए मिलेंगे।

केरल के उत्तरी जिले के मंजेश्वर के रहने वाले बावा पर लगभग 50 लाख रुपए का खर्च था। मोहम्मद बावा ने यह कर्ज अपनी दो बेटियों की शादी करने और व्यापार में हुए घाटे से उबरने के लिए रिश्तेदारों और बैंकों से ले रखा था।

रिश्तेदारों और बैंकों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मोहम्मद बावा ने अपना घर बेचकर कर्ज चुकाने की सोची। इसके लिए उन्होंने ग्राहक से बात भी कर ली, लेकिन घर बेचने के दो घंटे पहले ही उन्हें एक करोड़ रुपए की लॉटरी लगने की सूचना मिली। इसके बाद उन्होंने अपना घर बेचने का फैसला टाल दिया।  

मोहम्मद बावा ने इस उम्मीद में लॉटरी का एक टिकट खरीदा था, एक दिन उनकी किस्मत बदल जाएगी और हुआ भी ऐसा ही। बावा ने रविवार (24 जुलाई 2022) को केरल की पी. विजयन सरकार की लॉटरी के टिकट लिए थे। लॉटरी का परिणाम रविवार दोपहर 3:30 बजे घोषित हुआ और इसमें वह विजेता साबित निकले।

लॉटरी जितने वाले 5 बच्चों के पिता बावा के अनुसार, उन्होंने रविवार की शाम 5 बजे ही उनके घर के खरीददार एडवांस रुपए देने आने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही उनकी किस्मत खुल गई। उन्होंने कहा कि वह लॉटरी टिकट के नियमित खरीददार नहीं थे, लेकिन कर्ज की वजह से उन्होंने इसे लिया था।

आगे उन्होंने कहा, “मैं उस लॉटरी एजेंट को व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ, इसलिए जब वह मेरे घर से गुजरता था, तो वह मुझे कुछ टिकट देता था। यह विशेष टिकट मैंने बेहद तनाव में खरीदा था क्योंकि मुझे नहीं पता था कि मुझे क्या करना है।”

जिसे लोग समझ रहे थे ED की छापेमारी, वो निकली चोरी: पार्था चटर्जी के घर से बड़े-बड़े बैग भर कर फरार हुए चोर, बंगाल का ‘स्पेशल 26’

पश्चिम बंगाल के मंत्री और शिक्षक भर्ती घोटाले में मुख्य आरोपित पार्थ चटर्जी के घर प्रवर्तन निदेशालय की लगातार चल रही छापेमारी के बीच एक अनोखी घटना सामने आई है। बता दें कि पार्थ चटर्जी के दक्षिण 24 परगना स्थित आवास पर चोरी का मामला सामने आया है। घटना बुधवार रात (27 जुलाई) की है।

बताया जा रहा है कि पार्थ चटर्जी के 24 परगना वाले घर में चोरी की नियत से कुछ चोर घुस गए और बड़े बड़े बैग्स में चोरी किया हुआ सामान ले कर निकल गए। हालाँकि पड़ोस के लोगो ने इसे ईडी की छापेमारी समझ नजरअंदाज कर दिया।

आस पास के लोगो के मुताबित बुधवार देर रात कुछ लोग पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी के घर ताला तोड़ कर घुस गए। ये लोग करीब 1 घंटे तक चोरी की वारदात को अंजाम देते रहे। लोग इसे ईडी का छापा मान रहे थे। जबकि चोर बड़े आराम से बड़े बड़े बैग्स में चोरी किया हुआ सामान लेकर वहाँ से आराम से निकल गए।

गौरतलब है कि पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकाने से ईडी अब तक करीब 50 करोड़ रुपए बरामद कर चुकी है। इतना ही नहीं बुधवार को हुई छापेमारी में ईडी ने 5 किलो सोना भी बरामद किया है। बुधवार (27 जुलाई 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्पिता मुखर्जी के दूसरे फ्लैट पर छापा मारा था। यहाँ से ईडी को करीब 28.90 करोड़ रुपए कैश और 5 किलो सोना मिला।

इससे पहले 23 जुलाई को अर्पिता के एक अन्य घर से ED ने 21 करोड़ रुपए कैश बरामद किए थे। अर्पिता मुखर्जी का कहना है कि पार्थ चटर्जी उनके घर को ‘मिनी बैंक’ की तरह इस्तेमाल करते थे। अर्पिता ने बताया कि पार्थ चटर्जी उनके घर में ही पैसा रखा करते थे। 

बता दें कि पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जाँच शुरू की है। ममता बनर्जी सरकार में मौजूदा उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब घोटाला हुआ था। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी।