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‘सशस्त्र बलों की योजना में राष्ट्रपति से परामर्श नहीं करती सरकार’: TMC नेता साकेत गोखले की RTI खारिज, फिर भी फैला रहे झूठ

तृणमूल कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले (Saket Gokhale) ने अग्निपथ योजना को लेकर दाखिल की गई आरटीआई के खारिज होने के बाद अपने भ्रामक दावों से जनता को गुमराह करने की कोशिश की। साकेत गोखले ने सोमवार (25 जुलाई 2022) को सिलसिलेवार कई ट्वीट कर अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के बारे में सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाई। टीएमसी नेता ने दावा किया कि केंद्र सरकार सशस्त्र बलों से संबंधित मामलों में राष्ट्रपति से परामर्श नहीं करती है।

उन्होंने अपने ट्वीट में राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा भेजे गए एक आरटीआई और उसके जवाब को साझा करते हुए दावा किया, “सशस्त्र बलों से संबंधित मामलों में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रपति से परामर्श नहीं किया जाता है। यह भारत के राष्ट्रपति का अपमान है।”

टीएमसी के प्रवक्ता साकेत गोखले का ट्वीट

साकेत गोखले के भ्रामक दावे

गोखले ने 21 जून को भारत के राष्ट्रपति कार्यालय में अवर सचिव (RTI) को एक RTI भेजकर अग्निपथ योजना की जानकारी माँगी थी। उन्होंने कार्यालय से पूछा था कि क्या सेना में भर्ती के लिए हाल ही में शुरू की गई अग्निपथ योजना के लिए भारत सरकार या मंत्रिपरिषद द्वारा राष्ट्रपति से परामर्श किया गया था। उन्होंने आगे इस मामले पर भारत के राष्ट्रपति और राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा भारत सरकार से प्राप्त और भेजी गई सभी फाइलों की प्रतियाँ माँगी।

टीएमसी के साकेत गोखले ने आरटीआई दाखिल की। फोटो साभार: साकेत गोखले/ट्विटर

गोखले ने दावा किया कि मोदी सरकार ने आरटीआई का जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसी जानकारी सार्वजानिक करने से भारत की संप्रभुता और अखंडता प्रभावित होगी। गोखले के अनुसार, यह तर्क बेहद अजीब था। उन्होंने आगे दावा किया कि मोदी सरकार सशस्त्र बलों से संबंधित मामलों पर भारत के राष्ट्रपति से परामर्श नहीं करती है और जानकारी छिपाती है।

साकेत गोखले ने दावा किया कि केंद्र सरकार सशस्त्र बलों के मामलों में राष्ट्रपति से परामर्श नहीं करती है। फोटो साभार: ट्विटर

भारत सरकार ने सूचना को सार्वजनिक करने से किया इनकार

उनके ट्वीट को देखकर ऐसा लगता है कि राष्ट्रपति कार्यालय ने उनके आरटीआई आवेदन को सैन्य मामलों के विभाग को भेज दिया था, जिसने इसे खारिज कर दिया था। आवेदन को आरटीआई अधिनियम की धारा 8 (1) (ए) के तहत खारिज कर दिया गया था, जिसमें कहा गया है, “इस सूचना को सार्वजनिक किए जाने से भारत की संप्रभुता और अखंडता, देश की सुरक्षा, दूसरे देशों के साथ सम्बंधों, रणनीति, वैज्ञानिक और आर्थिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।”

आरटीआई को खारिज करते हुए सैन्य मामलों के विभाग द्वारा भेजा गया जवाब। फोटो साभार: साकेत गोखले/ट्विटर

बता दें कि साकेत गोखले आरटीआई दाखिल कर सशस्त्र बलों में भर्ती के संबंध में गोपनीय दस्तावेज माँग रहे थे। यह स्पष्ट है कि रक्षा विभाग द्वारा ऐसी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है, क्योंकि यह गलत हाथों में जा सकती है। दिलचस्प बात यह है कि जवाब में कहीं भी सैन्य मामलों के विभाग ने यह नहीं कहा कि नई भर्ती योजना के बारे में भारत के राष्ट्रपति से सलाह नहीं ली गई थी, लेकिन जानकारी साझा नहीं कर के गोखले बिना सोचे समझे इस नतीजे पर पहुँचे कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति से परामर्श नहीं किया था।

‘नए युग के कर्ण किसी भी अन्य नागरिक की तरह गरिमा से जी सकते हैं’: ID में माँ का नाम भी चलेगा, केरल हाई कोर्ट का आदेश

केरल हाई कोर्ट (Kerala High Court) ने एक अहम फैसला सुनाया है। कहा है कि दस्तावेजों में पिता का नाम होना जरूरी नहीं है। कोई व्यक्ति चाहे तो वह केवल अपनी माँ का नाम भी लिख सकता है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने एक व्यक्ति को जन्म प्रमाण-पत्र, पहचान प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेजों में केवल अपनी माँ का नाम शामिल करने की अनुमति दे दी है।

न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन ने कहा कि किसी अविवाहित माँ का बच्चा भी इस देश का नागरिक है। कोई भी संविधान के तहत दिए गए उसके किसी भी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं कर सकता। कोर्ट ने 19 जुलाई को जारी आदेश में कहा है, “अविवाहित माताओं के बच्चे और बलात्कार पीड़िता के बच्चे भी इस देश में निजता, स्वतंत्रता और गरिमा के मौलिक अधिकारों के साथ रह सकते हैं। कोई भी उनके जीवन में दखल नहीं दे सकता। अगर ऐसा होता है तो इस देश का संवैधानिक न्यायालय उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा करेगा।”

सुनवाई के दौरान जस्टिस कुन्हीकृष्णन ने महाभारत के कर्ण का जिक्र करते हुए कहा, “हम एक ऐसा समाज चाहते हैं जिसमें कर्ण की तरह किसी को अपमानित नहीं होना पड़े। हमारा संविधान और संवैधानिक न्यायालय उन सभी की रक्षा करेंगे। नए युग के कर्ण किसी भी अन्य नागरिक की तरह गरिमा और गर्व के साथ जी सकते हैं।’’

याचिकाकर्ता की माँ अविवाहित थीं। याचिकाकर्ता के पिता का नाम उसके तीन दस्तावेजों में अलग-अलग था। अदालत ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार को कार्यालय में याचिकाकर्ता के संबंध में जन्म रजिस्टर से पिता के नाम को हटाने और केवल माता के नाम के साथ एकल अभिभावक के तौर पर प्रमाण-पत्र जारी करने का आदेश दिया है।

अविवाहित माताओं और बलात्कार पीड़िता के बच्चों की पीड़ा को स्वीकार करते हुए जस्टिस कुन्हीकृष्णन ने कहा, “देश को नागरिकों के सभी प्रकार के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। वरना उन्हें अकल्पनीय मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ेगा। एक अविवाहित माँ का बच्चा भी हमारे देश का नागरिक है। कोई भी उसके मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकता है। वह न केवल अविवाहित माँ का बेटा/बेटी है बल्कि इस महान देश भारत की संतान भी है।”

‘गुस्ताख़-ए-नबी की एक सज़ा, सर तन से जुदा’: पिता को आया मैसेज, फिर रेलवे ट्रैक पर मिला बेटे का शव, पहले बताया जा रहा था सुसाइड

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नजदीक मिडघाट सेक्‍शन में भोपाल-नर्मदापुरम रेलवे ट्रैक पर रविवार (24 जुलाई 2022) को B.Tech के छात्र का शव मिला। युवक की पहचान निशांक राठौर (20) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है घटनास्थल मिडघाट बरखेड़ा के पास उसकी स्कूटी और मोबाइल भी पुलिस को मिला है। अब छात्र की मौत का राज गहराता जा रहा है। 

दरअसल, छात्र के नाम से बनी इंस्टाग्राम ID से उसके पिता और दोस्तों के व्हट्सएप पर घटना वाली रात ही एक स्क्रीनशॉट आया था। इसमें छात्र की फोटो के साथ लिखा था- ‘गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा।’ इस पोस्ट ने मामले को और पेचीदा कर दिया। पहले तो पुलिस इसे आत्महत्या के रुप में देख रही थी लेकिन अब इस पोस्ट ने मौत के राज को उलझा दिया है। बताया जा रहा है कि यह मैसेज छात्र की मौत के कुछ समय बाद ही मृतक के दोस्तों और पिता को मिला।

उन्होंने तुरंत टीटी नगर थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। ठीक उसी समय रायसेन पुलिस को भी रेलवे ट्रैक पर डेडबॉडी मिलने की सूचना मिली। मीडिया रिपोर्टों में दो वायरल मैसेज को लेकर बात की जा रही है। जिसमें से एक में निशांक राठौर नाम के स्टेटस पर धार्मिक पोस्ट होने की बात बताई जा रही है। हालाँकि इसकी पुष्टि होनी बाकी है।

हालाँकि, टीटी नगर TI चैन सिंह रघुवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जाँच में मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। अब तक की जाँच में पता चला है कि छात्र शेयर बाजार में निवेश करता था। आशंका जताई जा रही है कि इसमें उसे घाटा लगा और उसने तनाव में आकर आत्महत्या कर ली। हालाँकि सारी स्थिति पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट और अन्य तथ्यों की जाँच के बाद ही साफ होगी। 

पुलिस ने जाँच की तो मृतक की पहचान सिवनी मालवा निवासी 20 वर्षीय निशांक राठौर के रुप में हुई। निशांक ओरियंटल कॉलेज में B.Tech 5th सेमेस्टर का स्टूडेंट था। वह दो साल तक इंद्रपुरी में हॉस्टल में रहा। हाल ही में हॉस्टल छोड़कर जवाहर चौक शास्त्री नगर में दोस्तों के साथ रह रहा था। निशांक ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल में खुद को नोएडा में सॉफ्टवेयर डेवलपर बताया है। छात्र दो बहनों में इकलौता भाई था। पुलिस पूछताछ में पता चला कि छात्र के मोबाइल, इंस्टाग्राम, फेसबुक ID की जानकारी उसके एक दोस्त प्रखर को ही थी। पुलिस प्रखर से पूछताछ कर रही है।

मृतक के चचेरे भाई शशांक ने पुलिस पूछताछ में बताया कि निशांक रविवार को दोपहर तीन बजे साकेत नगर परीक्षा केंद्र में एग्जाम देने आई बड़ी बहन से मिलने निकला था। उसी रात करीब 8 बजे पिता और दोस्तों को निशांक के मोबाइल से उसका फोटो लगा मैसेज आया। मैसेज देखकर वे तुरंत टीटी नगर थाने पहुँचे और उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। लेकिन इसी बीच रायसेन पुलिस उसका शव बरखेड़ा इलाके के रेलवे ट्रैक से बरामद कर चुकी थी। सीसीटीवी फुटेज की जाँच में पता चला कि निशांक अकेले ही स्कूटी से घटनास्थल तक गया है।

मुस्लिम बढ़ते गए, सरकारी स्कूलों में घुसता गया ‘मदरसा राज’: झारखंड के 5 जिलों में 70 स्कूल ऐसे जहाँ जुमे पर छुट्टी, प्रार्थना का स्टाइल बदला

झारखंड में बीते दिनों सरकारी स्कूलों को उर्दू स्कूलों में तब्दील किए जाने के कई मामलों ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए थे। सामने आया था कि प्रदेश में जहाँ मुस्लिम बहुल इलाके हैं वहाँ जनसंख्या के आधार पर स्कूलों के नियम तय हो रहे हैं। अगर किसी स्कूल के बाहर उर्दू लिख दिया गया तो मतलब उसे उर्दू स्कूल मान लिया गया और वहाँ मुस्लिमों के हिसाब से छुट्टी का दिन और प्रार्थना का ढंग बदल दिया गया। 

पिछली रिपोर्ट्स में कई ऐसे स्कूलों और जगहों के नाम और वहाँ किए गए मनमाने बदलाव का खुलासा हुआ था। हालाँकि अब पता चला है कि झारखंड के मात्र 5 जिलों में ही 70 स्कूल ऐसे मिले हैं जो सामान्य से उर्दू स्कूल बनाए गए। इनमें 43 तो अकेले जामताड़ा में हैं जबकि बाकी के गढ़वा, पलामू, गुमला और राँची में हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि खुलासा होने के बाद भी कोई सुधार नहीं देखने को मिला। हालात वही के वही हैं। छुट्टी भी शुक्रवार ही होती है और प्रार्थना भी वही कराई जाती है जो बहुसंख्यक आबादी चाहे।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, अपनी पड़ताल से उन्हें पता चला कि सरकार के पास अधिसूचित उर्दू स्कूलों की संख्या तक नहीं है और न ही सामान्य स्कूलों को उर्दू स्कूल बनने से रोकने के लिए कोई मैकेनिज्म है। यही वजह है कि जहाँ-जहाँ मुस्लिम आबादी बढ़ती गई वहाँ सामान्य स्कूल भी उर्दू स्कूल में परिवर्तित कर दिए गए और किसी ने सवाल तक नहीं खड़ा किया। अब हालात ये है कि सरकार सख्ती करना चाहती है। लेकिन लोग डटे हुए हैं कि अगर उन्होंने स्कूलों के आगे उर्दू लिख दिया तो वो अब नहीं हटेगा।

जामताड़ा का अलगचुआं स्कूल ऐसा ही एक स्कूल जिसे वहाँ की आबादी ने उर्दू स्कूल बनाया है। वहाँ के अलीमुद्दीन अंसारी ने कहा कि उनकी पंचायत में 90 फीसद मुस्लिम हैं और स्कूल में भी सिर्फ मुस्लिम बच्चे ही पढ़ते हैं इसलिए उन्हें व्यवस्था को बदले जाने से आपत्ति है। दुमका जिले के मध्य विद्यालय छालापाथर को भी उर्दू लिखकर उर्दू स्कूल बनाया गया। यहाँ के बच्चे हाथ बाँधकर प्रार्थना करते हैं और हेडमास्टर मो जहाँगीर सफाई देते हैं कि उनके स्कूल में लंबे समय से ऐसे ही प्रार्थना होती आई है।

कुछ स्कूलों के हेडमास्टर ने इस तरह सामान्य स्कूलों के उर्दू स्कूल में परिवर्तित किए जाने पर कहा कि संथाल सहित पूरे झारखंड में कई इलाके हैं जहाँ मुस्लिम आबादी जब-जब बढ़ी तो उन लोगों ने विद्यालय प्रबंधन समिति को विश्वास में लेकर स्कूल के आगे उर्दू जुड़वा दिया और फिर यू-डायस पर भी इसे बदलवा दिया गया। इसके बाद रविवार की जगह शुक्रवार की छुट्टी यहाँ नियम बन गई और प्रार्थना हाथ जोड़कर होने की बजाय हाथ बाँधकर की जाने लगी।

कैटरीना कैफ ‘वाइफ’, शादी की मॉर्फ्ड फोटो… विक्की कौशल और उनकी पत्नी को धमकी देने वाला गिरफ्तार: पीछे पड़ा था स्ट्रगलिंग एक्टर

बॉलीवुड अभिनेता विक्की कौशल (Vicky Kaushal) और उनकी अभिनेत्री पत्नी कैटरीना कैफ (Katrina Kaif) को ऑनलाइन धमकी देने वाले शख्स को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्टों में आरोपित की पहचान मनविंदर सिंह के तौर पर बताई गई है। कहा गया है कि मनविंदर स्ट्रगलिंग एक्टर है और कैटरीना के लिए एकतरफा प्यार में पागल है।

जान से मारने की धमकी मिलने के बाद विक्की कौशल ने मुंबई के संताक्रूज़ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपित की पकड़ लिया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 506(2), 354(D) और आईटी एक्ट के सेक्शन 67 के तहत मामला दर्ज किया था।

बॉलीवुड कपल को इंस्टाग्राम के जरिए धमकी दी गई थी। विक्की कौशल के अनुसार आरोपित उनकी पत्नी यानी कैटरीना कैफ को काफी समय से स्टॉक कर रहा था। उन्होंने समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। उन्हें धमकियाँ देने लगा।

लखनऊ के रहने वाले मनविंदर ने इंस्टाग्राम पर अपना नाम King Aditya Rajput??VVIP लिख रखा है। कैटरीना को अपनी वाइफ और गर्लफ्रेंड बताया है। कैटरीना के साथ मॉर्फ्ड फोटो लगा रखी है। कैटरीना की शादी की फोटो को एडिट करते हुए विक्की कौशल की जगह अपना चेहरा लगा रखा है। इतना ही नहीं कैप्शन में कैटरीना कैफ की आईडी को टैग कर एक्ट्रेस संग अपनी शादी की बात कही है।

आरोपित का इंस्टाग्राम अकाउंट

गौरतलब है कि विक्की कौशल और कैटरीना कैफ ने पिछले साल 9 दिसंबर को शादी की थी। हाल ही में यह जोड़ा करीबी दोस्तों के साथ मालदीव गया था। यहाँ 16 जुलाई को कैटरीना ने अपना 39वाँ जन्मदिन सेलिब्रेट किया था। दोनों सितारों की वहाँ से कई तस्वीरें भी सामने आई थी।

इससे पहले हाल ही में अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) और उनके अब्बा सलीम खान को एक पत्र के ज़रिए जान से मारने की धमकी मिली थी। इस मामले में सलमान खान की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई थी। बीते दिनों सलमान खुद मुंबई के पुलिस कमिश्नर से मिले थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने गन लाइसेंस के लिए आवेदन भी किया है।

इसी तरह पिछले साल बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को जान से मारने की धमकी मिली थी। उन्होंने उस समय किसानों के प्रदर्शन को लेकर कुछ पोस्ट किए थे। इसके उन्हें धमकी मिली थी जिसकी शिकायत उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस से की थी।

काँवड़ यात्रा में महंत की रेकी कर रहा था नाजिम, किसी को दे रहा था सारी सूचनाएँ: यूपी पुलिस ने दबोचा, पहले भी मिल चुकी है धमकी

उत्तर प्रदेश (UP) के मेरठ जिले में काँवड़ यात्रा के दौरान काँवड़ियों की भीड़ में से एक मुस्लिम युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित का नाम नाज़िम है, जो मेरठ का ही रहने वाला है। उस पर काँवड़ यात्रा में चल रहे महंत मछेन्द्रपुरी की रेकी करने और किसी और को उनकी जानकारी देने का आरोप है। काँवड़ियों ने नाज़िम को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है। घटना 24 जुलाई 2022 (रविवार) की है।

इस घटना की पुलिस में शिकायत महंत मछेन्द्र पुरी के शिष्य ब्रह्मानन्द पुरी ने दर्ज करवाई है। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा, “मैं अपने महंत जी के साथ हरिद्वार से काँवड़ ले कर अपने गाजियाबाद स्थित मंदिर शिव मंदिर बालाजी धाम जा रहा था। मैंने देखा कि एक अनजान व्यक्ति काफी देर से महंत मछेन्द्र पुरी जी का पीछा कर रहा था। जब मैंने उसको रोकने की कोशिश की तो वह भागने लगा। मेरे द्वारा जब उसे पकड़ कर नाम पूछा गया तो उसने अपना नाम नाज़िम बताया। वह महंत जी की सूचना किसी और को दे रहा था।”

शिकायत कॉपी

अपनी शिकायत में ब्रह्मानन्द पुरी ने आरोपित नाज़िम पर कड़ी कार्रवाई की भी माँग की। मेरठ की पल्ल्वपुरम थाना पुलिस ने शिकायत पर IPC की धारा 506 में नाज़िम को गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, आरोपों के मुताबिक नाज़िम सूचनाएँ किसे दे रहा था या उसका मकसद क्या था ये अभी तक सामने नहीं आ पाया है।

FIR कॉपी

मेरठ पुलिस के मुतबिक, केस दर्ज कर के जरूरी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के वायरल हो रहे एक वीडियो में आरोपित नाज़िम कई काँवड़ियों से घिरा हुआ दिखाई दे रहा है। भीड़ में नाज़िम को कुछ लोग मुल्ला बोल रहे हैं, जिसे वह स्वीकार भी कर रहा है। उस पर पीछा करने का आरोप भी लगाया जा रहा है। मौके पर पुलिस वालों से भी काँवड़ियों को जद्दोजहद करते देखा जा सकता है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए शिकायतकर्ता महंत ब्रह्मानन्द पुरी ने कहा, “हम सब महंत मछेन्द्र पुरी की सुरक्षा को ले कर लगातार चिंतित रहते हैं। इतनी भीड़ में भी हम नजर रखे हुए थे और आखिरकार नाज़िम पकड़ा गया। उसे पुलिस अपने साथ ले गई।”

’68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कश्मीर फाइल्स को कोई अवॉर्ड नहीं, भड़के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री’: ABP-आजतक चला रहे खबर, ये है सच

कई मीडिया संस्थान ये खबर चला रहे हैं कि 68वें राष्ट्रीय पुरस्कारों में ‘The Kashmir Files’ को कोई अवॉर्ड नहीं दिया गया, जिससे निर्देशक विवेक अग्निहोत्री नाराज हैं। बता दें कि हाल ही में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नेशनल अवॉर्ड्स की घोषणा की, जिसमें तमिल स्टार सूर्या को ‘सोरारई पोटरु’ के लिए और अजय देवगन को ‘तान्हाजी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। सूर्या की फिल्म को ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ का पुरस्कार भी मिला जबकि मनोरंजन की श्रेणी में ‘तान्हाजी’ को ये पुरस्कार मिला।

वहीं कुछ मीडिया संस्थानों ने दावा कर दिया कि 68वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘द कश्मीर फाइल्स’ को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया गया। ‘ABP News’ ने लिखा कि इस फिल्म को कोई भी अवॉर्ड नहीं मिला। वहीं ‘आज तक’ ने लिखा, “नहीं मिला अवॉर्ड तो भड़के विवेक अग्निहोत्री ने ये क्या कह दिया?” इस सनसनीखेज हेडिंग के साथ ‘आज तक’ ने एक वीडियो चलाया। असल में विवेक अग्निहोत्री ने इन अवॉर्ड्स पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसे इस तरह से पेश किया गया।

‘आज तक’ ने इसे ‘नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स 2022′ भी बता दिया। असल में विवेक अग्निहोत्री ने लिखा था, “फिल्म ”सोरारई पोटरु’ की टीम, अभिनेता सूर्या, अभिनेत्री अपर्णा बालमुरली और ‘तान्हाजी’ की टीम के साथ-साथ अजय देवगन और 2020 नेशनल अवॉर्ड्स के सभी विजेताओं को बहुत-बहुत बधाई! दक्षिण भारतीय सिनेमा और क्षेत्रीय सिनेमा के लिए ये एक बड़ा दिन है। हिंदी सिनेमा को अभी और मेहनत करने की ज़रूरत है।”

अगर आप इस ट्वीट पर गौर करेंगे तो आपको यहीं पर सारे जवाब मिल जाएँगे। इसमें साफ़-साफ़ लिखा है कि ये अवॉर्ड्स 2020 में आई फिल्मों को दिए गए हैं। ये साल 2020 के लिए था, जब कोरोना वायरस संक्रमण अपने चरम पर था। महामारी के कारण अवॉर्ड्स में देरी हुई। जबकि ‘The Kashmir Files’ मार्च 2022 में रिलीज हुई थी। अभी 2022 चल ही रहा है, ऐसे में भला कैसे इस साल की किसी फिल्म को अवॉर्ड मिल सकता है?

नियम ये है कि जिस वर्ष के लिए अवॉर्ड्स की घोषणा की जाती है, उस वर्ष ‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (Central Board of Film Certification)’, अर्थात सेंसर बोर्ड के समक्ष प्रमाण-पत्र के लिए आई फिल्मों पर ही विचार किया जाता है। साल बीतने के बाद ही अवॉर्ड्स की घोषणा जूरी के विचार-विमर्श के बाद होती है। जबकि 2020 में ‘द कश्मीर फाइल्स’ पूरी तरह बनी भी नहीं थी। ऐसे में मीडिया बस अफवाह ही फैला रहा है।

काँवड़ियों का रास्ता रोकने के लिए डाल दी बड़ी-बड़ी चारपाई, पीछे खड़ी हो गईं मुस्लिम महिलाएँ: मुरादाबाद के इब्राहिमपुर में हंगामा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रविवार (24 जुलाई, 2022) को काँवड़ यात्रा रोकने के लिए भारी संख्या में मुस्लिम महिलाओं ने चारपाई लगाकर काँवड़ियों का रास्ता बंद कर दिया। जिसको लेकर हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। जहाँ रास्ता रोकने को लेकर मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि काँवड़ यात्री तय रूट से नहीं जा रहे हैं। वहीं काँवड़िए पहले भी उधर से गुजरने की बात कह रहे थे जिससे दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हंगामा होता रहा। हालाँकि, इसकी भनक लगते ही प्रशासनिक अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुँचकर स्थिति सँभाला।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुरादाबाद के बिलारी में थाना सोनकपुर के इब्राहिमपुर गाँव में जल लेकर पहुँचे काँवड़ियों को मुस्लिम महिलाओं ने आगे बढ़ने से रोक दिया। रास्ता रोकने के लिए पहले मुस्लिम महिलाओं ने रास्ते में बड़ी-बड़ी चारपाई लगाई और फिर खुद उसके पीछे खड़ी हो गईं। ये सभी काँवड़िए भी उसी इब्राहिमपुर गाँव के बताए जा रहे हैं जो हरिद्वार से जल भरकर आ रहे थे। फिर भी जहाँ महिलाओं ने आरोप लगाया कि काँवड़िए तय रूट से नहीं जा रहे हैं। वहीं काँवड़ यात्री भी वापस लौटने को तैयार नहीं थे।

रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही इस काँवड़ियों की राह रोके जाने की खबर थाना प्रभारी हंबीर सिंह को मिली। वह दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। दो अलग-अलग समुदायों का मामला होने की वजह से हालात की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने घटना की उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जिसके बाद एसपी ग्रामीण विद्या सागर मिश्र, एडीएम, एसडीएम बिलारी राज बहादुर सिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ गणेश कुमार गुप्ता लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुँचे।

अधिकारियों के मुताबिक दोनों पक्ष एक दूसरे की बात सुनने को तैयार नहीं थे। जहाँ मुस्लिम महिलाएँ नया रिवाज शुरू करने का आरोप लगा रहीं थीं। उनका कहना था कि इस रस्ते से पहले कभी काँवड़ यात्रा न गुजरी थी। वहीं उसी गाँव के काँवड़िए वापस लौटने को तैयार नहीं थे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच करीब बीच दो घंटे तक पंचायत हुई। पंचायत में ग्राम प्रधान की ओर से एसडीएम को रास्ते के स्थाई समाधान निकालने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बाद ही कहीं काँवड़ यात्रा आगे बढ़ सकी।

हालाँकि, रुट का समाधान न होने पर मुस्लिम पक्ष द्वारा मुहर्रम और बारावफात की जुलुस भी निकालने की धमकी दी गई। बता दें कि काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को मनाया और मामले को शांत कराया। वहीं काँवड़ यात्रा रोके जाने से मुस्लिम बहुल गाँव में तनाव का माहौल है।

रमजान का महीना, सपने में खुद की जलती-धधकती कब्र… सना खान ने बाॅलीवुड छोड़ हिजाब पहनने की वजह बताई

बिग बॉस (Bigg Boss) फेम सना खान (Sana Khan) ने जब साल 2020 में बॉलीवुड छोड़ने की घोषणा की तो हर कोई चौंक गया। अब उन्होंने एक इंटरव्यू का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। इसमें इंडस्ट्री छोड़ने और मजहब की राह चुनने की वजह बताई है। बताया है कि आखिर नेम, फेम और पैसे को छोड़ हिजाब क्यों पहना।

सना खान ने कहा, “मेरे पास्ट में मेरे पास सब कुछ था नाम, फेम और पैसा। मैं सब कुछ कर सकती थी, जो मैं चाहती थी। लेकिन एक चीज जिसकी कमी थी वो थी- मेरे दिल की शांति।”

सना ने आगे कहा कि उनके पास सब कुछ था, लेकिन वह खुश नहीं थी। ये सब बहुत मुश्किल था उनके लिए, कुछ वक्त तो ऐसा भी था जब वह डिप्रेशन में चली गई थी। इसी दौरान उन्हें अल्लाह का मैसेज मिला, उन्होंने एक संकेत दिया। 

एक्ट्रेस ने बताया कि साल 2019 से उनके अंदर बदलाव शुरू हुआ। रमजान के दौरान वे अपने सपनों में कब्र देखा करती थीं। वो भी जलती, धधकती हुई कब्र और उस कब्र में खुद को देखती थीं। सना ने कहा कि उन्होंने कभी भी खाली कब्र नहीं देखा। हर बार उसमें खुद को देखा। तब उन्हें महसूस हुआ कि ये अल्लाह की तरफ से इशारा मिल रहा है। ऐसे में अगर वो खुद में बदलाव नहीं लाती हैं, तो उनका अंत भी ऐसे ही होने वाला है। इन सबके बाद उन्हें बेचैनी होने लगी थी।

सना खान ने ऐसे अपनाया हिजाब

सना ने कहा कि वो अपने दिमाग को शांत करने के लिए मोटिवेशनल इस्लामिक स्पीच सुनने लगीं। उन्होंने कहा, “मुझे अभी तक याद है जो बदलाव हुआ। मैं सभी मोटिवेशनल इस्लामिक स्पीच को सुनती थी और एक रात मैंने कुछ पढ़ा, जो कि बेहद ही खूबसूरत था।” इसके बाद सना ने हिजाब कभी नहीं छोड़ने की कसम खा ली। 

सना ने कहा कि मैसेज के जरिए उन्हें कहा गया था कि आप नहीं चाहते कि आपका आखिरी दिन हिजाब पहनने का पहला दिन हो। इस बात ने काफी प्रभावित किया। यह कहते हुए वह रोने लगी। उन्होंने आगे बात करते हुए कहा, “जब मैं अगले दिन उठी, तो मेरा बर्थडे था। घर में मेरे पास बहुत सारे स्कार्फ थे, जो मैंने पहले खरीदी थी। मैंने कैप को अलग रख दिया और स्कार्फ को पहन लिया और खुद से कहा कि मैं अब इसे कभी नहीं हटाऊँगी।”

गौरतलब है कि बिग बॉस के सीजन 6 का हिस्सा रही सना खान ने दो साल पहले 2020 में बॉलीवुड को छोड़ने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सूरत के मौलवी अनस से निकाह कर लिया। बिग बॉस सीजन 8 का हिस्सा रह चुके एजाज खान ने सना का परिचय मुफ्ती अनस से करवाया था। सना सलमान खान अभिनीत ‘जय हो’ में भी काम कर चुकी हैं। 

गूगल को-फाउंडर की बीवी से एलन मस्क के नाजायज रिश्तेः टेस्ला CEO ने ‘अफेयर’ को नकारा, कहा- लंबे समय से सेक्स नहीं किया

एलन मस्क की प्रोफेशल जिंदगी पर रिपोर्ट अक्सर मीडिया में छपती रहती हैं। लेकिन, उनकी निजी जिंदगी पर कम ही पढ़ने को मिलता है। हाल में द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मस्क की निजी जीवन पर अपना खुलासा करते हुए दावा किया था कि मस्क और गूगल के संस्थापक सर्गी ब्रिन की दोस्ती में दरार आ गई जिसकी वजह ब्रिन की बीवी निकोल शानहन हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कुछ समय पहले एलन को अपने ही खास दोस्त व गूगल के सह-संस्थापक सर्गी ब्रिन की बीवी से प्यार हो गया था। जिसका पता चलने पर सर्गी ने अपनी बीवी से तलाक लेने के लिए अर्जी दी थी और मस्क से अपनी दोस्ती समाप्त कर ली थी। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में ये भी बताया गया था कि ब्रिन और मस्क के बीच लड़ाई इतनी बड़ी हो गई है कि ब्रिन ने अपने वित्तीय सलाहकारों को मस्क की कंपनी में किए सभी व्यक्तिगत निवेश बेचने को कह दिया है।

अब इन्हीं रिपोर्टस का खंडन एलन मस्क ने अपने ट्वीट में किया है। एलन ने ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ये सब चीजें बिलकुल बकवास बातें हैं। सर्गी और मैं अब भी दोस्त हैं और पिछली रात भी एक पार्टी में ही थे। मैंने निकोल (सर्गी की पत्नी) को तीन सालों में सिर्फ दो बार देखा है। वो भी जब हम लोगों में घिरे हुए थे। हमारे बीच रोमांटिक रिश्ता बिलकुल नहीं है।”

एलन के इस ट्वीट के बाद कई लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने उन्हें कहा कि उसे ये जानकर खुशी हुई। यूजर ने उन्हें ये भी कहा कि एलन को कंट्रोल में रहना चाहिए उनकी इच्छाएँ बहुत बाहर आ रही हैं। इस पर एलन ने जवाब देते हुए कहा – “मैंने तो सदियों से (लंबे समय से) सेक्स नहीं किया।” एलन का ऐसा ट्वीट पढ़कर एक यूजर ने हैरानी से पूछा कि क्या ‘छुट्टियों में भी नहीं’ तो एलन ने उन्हें भी जवाब दिया ‘नहीं’।

इसी तरह एक यूजर ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित लेख को शर्मनाक बताया जिस पर एलन मस्क ने कहा, “WSJ मेरे और टेस्ला के ऊपर बहुत सारी फर्जी खबरें चलाता है। मुझपर इसकी गिनती भी हैं। सच बताऊँ तो ये उनके लिए बहुत शर्मनाक है। इन्होंने एक बार लेख लिखा था कि एफबीआई मुझे अरेस्ट करने वाली है। तो मैंने एफबीआई को कॉल किया था और हाल लिया था। तब उन्होंने कहा था कि WSJ में प्रकाशित आर्टिकल पूरा फर्जी है।”

एलन मस्क से जब यूजर्स ने पूछा कि WSJ की हरकतों के लिए क्या किया जा सकता है तो उन्होंने कहा, “शायद ऐसे लेखों के लिए उनसे बात होनी चाहिए। WSJ से उम्मीद की जाती है कि वो अपने पत्रकारिता का स्तर ऊँचा रखें, लेकिन ये स्तर गिर रहा है। WSJ को ऐसी स्टोरी करनी चाहिए जो उनके पाठकों को प्राभावित करे और मजबूत तथ्यों पर हो न कि तीसरे व्यक्ति से सुनी-सुनाई बातों पर आधारित हो।”

बता दें कि WSJ द्वारा एलन मस्क पर प्रकाशित की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि मस्क इस समय 240 बिलियन डॉलर (₹19160652000000) की अनुमानित संपत्ति के साथ इस समय दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं, जबकि ब्रिन 95 बिलियन डॉलर (₹7584424750000) के साथ दुनिया भर में 8वें स्थान पर हैं। दोनों के बीच सालों से गहरी दोस्ती रही जिसके चलते मस्क कई बार सिलिकॉन वैली स्थित ब्रिन के घर जाते थे। इतना ही नहीं ये भी कहा गया ब्रिन ने मस्क के मुश्किल दिनों में उनको 5 लाख डॉलर (39918025 रुपए) भी दिए थे। ये रकम 2008 में तब दी गई थी जब मस्क की कंपनी की हालत खस्ता थी और टेस्ला के उत्पादन में दिक्कत आ रही थी। ब्रिन की इसी मदद के बदले मस्क ने भी उन्हें 2015 में टेस्ला की पहली इलेक्ट्रिक स्पोर्ट गाड़ी दी थी।