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‘जहाँ तुम्हारे पति को भेजा है, वहीं तुम्हें भी पहुँचा देंगे’: कमलेश तिवारी की पत्नी को उर्दू में धमकी भरा पत्र, यूपी पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

राजस्थान के उदयपुर में हिंदू टेलर कन्हैया लाल की हत्या के बाद देश भर में दहशत का माहौल है। इस बीच अब कमलेश तिवारी की पत्नी किरण को भी जान से मारने की धमकी मिल रही है। किरण को घर में ही एक पत्र के जरिए जान से मारने की धमकी मिली। लखनऊ के खुर्शेदबाग में उनके घर के कमरे में एक पत्र मिला जिसमें उर्दू में लिखा था। अनुवाद करने पर पता चला कि इसमें जान से मारने की धमकी थी। इसके बाद किरण तिवारी की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। हालाँकि उन्हें पहले से ही सुरक्षा मिली थी जिसे अब बढ़ाया गया है। 

अब कमलेश तिवारी की पत्नी किरण तिवारी को धमकी मिल रही है। उनके कमरे में उन्हें एक उर्दू में लिखा पत्र मिला। इस पत्र को ट्रांसलेट करवाया गया तो इसमें लिखा मिला, “जहाँ तुम्हारे पति को भेजा गया है वहीं तुम्हें भी पहुँचा देंगे।” इसके बाद किरण तिवारी और उनके बच्चे दहशत में हैं। 24 घंटे मुस्तैदी के साथ उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है। पत्र पर कोई मुहर या कोई डाक टिकट नहीं है और न ही पत्र किसने भेजा यह लिखा है। 

वहीं पुलिस का कहना है कि किरण ने इस धमकी भरे पत्र की जानकारी किसी को नहीं दी। यहाँ तक की पुलिस को भी नहीं बताया गया था। किरण के कार्यालय के किसी वर्कर ने ये जानकारी किसी को बताई जो बाद में इंटरनेट पर वायरल हुई। इसी का संज्ञान पुलिस ने लिया और किरण से पूछा। किरण ने बताया कि उन्हें यह पत्र 22 जून को मिला था। पत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जितेंद्र त्यागी के साथ ही कुछ अन्य लोगों की फोटो है। इन तस्वीरों पर क्रॉस का निशान बना हुआ है और TARGET लिखा हुआ है। पत्र की बात सही होने पर किरण की सुरक्षा बढ़ाई गई। साथ ही पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वो पता लगा रहे हैं कि पत्र उनके घर के कमरे तक कैसे पहुँचा।

गौरतलब है कि खुर्शेदबाग में तीन साल पहले 18 अक्टूबर 2019 में किरण तिवारी के पति हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से उनकी पत्नी किरण तिवारी ने संगठन का पदभार सँभाला है।

जावेद, इबरार और महमूद ने दलित लड़की से किया गैंगरेप, बुरी तरह मारा-पीटा, इस्लामी धर्मांतरण का दबाव: यूपी पुलिस आरोपितों की तलाश में

UP के गोंडा जिले में एक दलित लड़की के अपहरण के साथ गैंगरेप और \धर्मांतरण के दबाव की खबर है। आरोपितों के नाम जावेद, बहादुर, महमूद और इबरार हैं। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें धमकियाँ भी दी गईं और जातिसूचक शब्द बोले गए। लड़की की गुमशुदगी की शिकायत 14 जून को दर्ज करवाई गई थी।

पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, “मेरे गाँव का जावेद मुंबई में नौकरी करता है। वह मेरी बेटी से अक्सर बातें करता था और उसको मुंबई ले जाने के लिए कहता था। इस पर मेरी बेटी इनकार कर देती थी। 14 जून 2022 को जावेद ने मेरी बेटी को कुछ सुंघा कर बेहोश कर दिया और इसी हालत में उसे मुंबई ले गया। मुंबई में उसने मेरी बेटी पर धर्म-परिवर्तन का दबाव बनाया। मेरी बेटी के इंकार के बाद वहाँ उसको बुरी रह से मारा-पीटा गया।”

शिकायत की कॉपी

शिकायत में पीड़ित ने आगे लिखा, “इसके बाद जावेद ने मुंबई में मेरी बेटी का महमूद व इबरार से रेप करवाने के बाद खुद भी उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में पकड़े जाने के डर सर 21 जून 2022 को जावेद ने मेरी बेटी को गोंडा ला कर यहाँ के करनैलगंज रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया। इस दौरान जावेद ने मेरी बेटी को जातिसूचक गाली देते हुए कहा कि माद#$*द अगर हमारा नाम कहीं आया तो ठीक नहीं होगा।” शिकायत के अंत में पुलिस से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई।

FIR कॉपी

गोंडा की परसपुर थाना पुलिस ने घटना की FIR 30 जून को दर्ज की है। इस FIR में जावेद, तफज्जुल के बेटे बहादुर, महमूद और इबरार को नामजद किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक SHO परसपुर इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर सिंह ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की है। आरोपितों पर IPC की धारा 366, 376- D, 323, 328, 504, 506 के साथ SC/ST एक्ट और धर्मांतरण विरोधी धाराएँ लगाई गई हैं। पुलिस द्वारा आरोपितों की तलाश की जा रही है।

पीड़िता के पिता ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया, “अभी मेरी बेटी का कोर्ट में बयान दर्ज हो रहा है। मेरी बेटी के साथ जावेद ने बहुत गलत किया है। उस से निकाह करने के लिए जावेद उसे धर्म बदलने को कहता था। हमें न्याय में जावेद को उम्रकैद चाहिए।”

केदारनाथ के गर्भगृह में जाकर अब दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु, धामी सरकार ने हटाया प्रतिबंध: दर्शनार्थियों की संख्या ने पिछला रिकॉर्ड तोड़ा

उत्तराखंड (Uttarakhand) की पुष्कर सिंह धामी सरकार (CM Pushkar Singh Dhami) श्री केदारनाथ धाम के गर्भगृह में तीर्थयात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध को समाप्त कर दिया है। अब श्रद्धालु गर्भगृह में जाकर बाबा केदारनाथ का दर्शन कर सकेंगे। वहीं, इस बार मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

इस साल मई-जून में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुँचने के कारण गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और श्रद्धालु सभामंडप से ही बाबा केदारनाथ के दर्शन करते थे। अब संख्या कम होने के बाद यह प्रतिबंध हटा दिया गया है। बता दें कि इस साल गुरुवार (30 जून 2022) की रात तक 9,01,081 श्रद्धालु श्री बदरीनाथ धाम तथा 8,31,600 श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम दर्शन हेतु पहुँचे।

इसके साथ ही मंदिर में दर्शन के समय में भी बदलाव किया गया है। श्री केदारनाथ मंदिर में शुक्रवार (1 जुलाई 2022) से सुबह चार बजे की जगह पाँच बजे से दर्शन शुरू हो गया। वहीं, तीन बजे से शाम 4:45 बजे तक भोग-पूजा व सफाई के लिए कपाट रहेगा, जबकि शाम को श्रृंगार पूजा के पश्चात रात्रि 9 बजे कपाट बंद किए जाएँगे।

मंदिरों का विकास एवं सौंदर्यीकरण

धामी सरकार मानस मन्दिर माला योजना के तहत कुमाऊँ के मन्दिरों का सौन्दर्यीकरण और विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही पर्वत माला श्रृंखला के अन्तर्गत हेमकुण्ड साहिब सहित राज्य के 35 स्थानों पर रोपवे की सुविधा की तैयारी पूरी होने वाली है। इससे यहाँ आने वाले दर्शक प्राकृतिक सौंदर्य का भी लाभ उठा सकेंगे।

सीएम धामी ने बताया कि इस बार काँवड़ यात्रा में 4 करोड़ से अधिक शिवभक्तों के पहुँचने की संभावना है। वहीं, चारधाम यात्रा एवं पर्यटन सीजन पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि यात्राओं को सरल, सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

भ्रष्टाचार पर सरकार सख्त

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami) राज्य में भ्रष्टाचार को लेकर सख्त हैं। राज्य में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए 1064 नम्बर जारी किया गया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार से सम्बन्धित शिकायत दर्ज करा सकता है। वहीं, उत्तराखंड केंद्र की नई शिक्षा नीति को मूल रूप में लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार पाठ्य-पुस्तकों में बदलाव कर रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त शासन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और राज्य में इसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, 1064 नंबर पर शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान गोपनीय रखी जायेगी। इस मामले में अब तक 8 से ज्यादा व्यक्तियों पर कार्यवाही हो चुकी है, जबकि कई शिकायतें सर्विलांस पर हैं।

इसके साथ ही उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और स्वच्छता मिशन को राज्य में गंभीरतापूर्वक प्रोत्साहित करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ऐसे सामाजिक मिशन पीढ़ी दर पीढ़ी में संस्कार पैदा करते हैं, जो किसी भी राष्ट्र के निर्माण के लिए जरूरी है। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए 10 साल का रोडमैप तैयार करने की बात भी कही।

नई शिक्षा नीति अपनाने वाला पहला राज्य बनेगा उत्तराखंड

उन्होंने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि सरकारी स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या को रोका जा सके। सीएम धामी ने कहा कि विद्यार्थियों की संख्या घटने के कारण पर गहन चिंतन की जरूरत है और इसे किसी भी हालत में इस समस्या को दूर किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित चिंतन शिविर की सराहना की।

केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति-2020 को मूल रूप में लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। सीएम धामी ने कहा इस शिक्षा नीति को क्रांतिकारी बताया और कहा कि यह शिक्षा नीति प्राचीन भारतीय सनातन ज्ञान और विचार की समृद्ध परंपरा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। इससे प्रत्येक व्यक्ति की रचनात्मक क्षमताओं में विकास होगा।

वहीं, चिंतन शिविर में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित शिक्षा, योग, वेद, पुराणों, स्थानीय बोलियों एवं संस्कृत आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में विद्या समीक्षा केन्द्र एक साल में बनकर तैयार हो जायेगा।

रॉकेट्री फिल्म में नम्बी नारायण का ‘राष्ट्रवाद’ देख अनुपमा चोपड़ा को हुई दिक्कत, समीक्षा में पूजा-पाठ पर उठाए सवाल: नेटीजन्स बोले- ‘नमाज पढ़ता तो…’

इसरो वैज्ञानिक नम्बी नारायण के जीवन को दिखाने वाली आर माधवन की फिल्म ‘रॉकेट्री’ की आज चारों ओर तारीफें हो रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग एक दूसरे को टैग कर करके बता रहे हैं कि नम्बी नारायण के जीवन की कहानी पर्दे पर आना कितना ज्यादा जरूरी था। लेकिन इन सब पॉजिटिव रिएक्शन के बीच फिल्म क्रिटिक अनुपमा चोपड़ा ने एक बार फिर से आलोचना के नाम पर फिल्म में नजर आए राष्ट्रवाद और वैज्ञानिक के हिंदू धर्म के प्रति लगाव को लेकर सवाल उठाए हैं।

फिल्म कंपैनियन में अपना ओपिनियन लिखते हुए अनुपमा चोपड़ा ने फिल्म से जुड़ी व नम्बी नारायण से जुड़ी तमाम बातों का जिक्र किया है और इसी बीच में उन्होंने ये भी लिखा है कि कैसे स्क्रीन पर कुछ ज्यादा ही नम्बी नारायण को राष्ट्रवादी दिखा दिया गया।

उन्होंने लिखा, “ये सराहनीय बात है कि फिल्म ने नारायणन की उपलब्धियों को सुर्खियों में ला दिया है। लेकिन फिल्म में लगातार उनकी राष्ट्रभक्ति दिखाई गई है और बार-बार उनके धर्म को प्रदर्शित किया गया है। सबसे पहले ही दृश्य में नारायण अपने घर में पूजा कर रहे हैं और किसी भी महत्वपूर्ण समय में वह प्रार्थना ही करते दिखते हैं। “

अनुपमा का एक फिल्म आलोचना के दौरान राष्ट्रवाद और पूजा-पाठ पर सवाल खड़ा करना दिखाता है कि उन्हें इस फिल्म में ऐसे दृश्यों से कितनी आपत्ति है जो दिखाए कि महान वैज्ञानिक का लगाव देश के प्रति और हिंदू धर्म के प्रति हो सकता है। अनुपमा की जानकारी के लिए उन्हें सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है कि नम्बी नारायण एक तमिल हिंदू कम्युनिटी फैमिली से आते थे। ऐसे में उनका पूजा-पाठ-प्रार्थना करना किसी के लिए अचंभा नहीं हो सकता। कोगिटो नाम का यूजर पूछता है कि क्या अगर यहाँ कोई मुस्लिम नमाज पढ़ता तो फिर अनुपमा को इससे परेशानी होती क्या? शायद नहीं। लेकिन उन्हें फिल्म में दिखाए गए हिंदुत्व से समस्या है।

उल्लेखनीय है अनुपमा चोपड़ा अपनी पहचान पत्रकार और फिल्म आलोचक के तौर पर बताती हैं। हालाँकि उनकी फिल्म समीक्षाओं में हिंदू घृणा साफ दिखती है। अभी जब पिछले दिनों आरआरआर फिल्म रिलीज हुई थी उस समय भी दुनिया भर ने उस फिल्म को सराहा था। लेकिन उनके फिल्म कंपैनियन ने इसका उलटा अपनी साइट पर प्रकाशित किया था और इसे हिंदूवादी फिल्म बताकर दिखाया था कि कैसे इसमें क्षत्रियों की बातें हैं। इतना ही नहीं फिल्म समीक्षा के दौरान इस पर भी सवाल उठाए गए थे कि एक गोंड जनजाति के व्यक्ति ने ऊँची जाति वाले से शिक्षा माँग ली।

आरआरआर से पहले फिल्म कंपैनियन के निशाने पर कश्मीर फाइल्स भी आई थी। 6 पैराग्राफ की समीक्षा रिपोर्ट में अनुपमा ने इस बात को नकार दिया था कि कभी हिंदुओं का नरसंहार हुआ। उन्होंने इस फिल्म में दिखाए नरसंहार को खारिज करते हुए इसे संशोधित ड्रामा करार दिया था।

दिलचस्प बात ये है कि अनुपमा चोपड़ा, फिल्म डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा की पत्नी हैं। उनके पति ने शिकारा जैसी फिल्में बनाई हैं जिसमें कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार का मजाक एक लव स्टोरी दिखाकर बनाया गया। इसके अलावा विधु विनोद ने पीके जैसी फिल्मों में भी अपना योगदान दिया है जिसमें हिंदू धर्म के प्रति घृणा और देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने वाले सीन हैं।

जुबैर की गिरफ्तारी पर पाकिस्तान और मुस्लिम देशों से सोशल मीडिया पर चली साजिश, AltNews वाली कंपनी को लाखों की फंडिंग भी विदेशी मुल्कों से

फैक्ट चेक के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने वाली वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के को फाउंडर मोहम्मद जुबैर को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। 4 दिन की पुलिस कस्टडी खत्म होने के शनिवार (2 जुलाई 2022) को दिल्ली पुलिस ने जुबैर को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपित की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत की माँग भी की। पुलिस का आरोप है कि जुबैर जाँच में सहयोग नहीं कर रहा है।

सोशल मीडिया विश्लेषण के दौरान पुलिस ने पाया कि मोहम्मद जुबैर की गिरफ़्तारी के बाद उसका समर्थन कर रहे अधिकतर ट्विटर हैंडल्स पाकिस्तान के हैं। UAE, बहरीन और कुवैत से भी बड़ी संख्या में उसके समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट्स किए गए। AltNews की पैरेंट कंपनी ‘Pravda Media’ को विदेश से 2,31,933 रुपए विदेश से मिले हैं। ‘Razorpay’ नामक पेमेंट गेटवे द्वारा दी गई प्रतिक्रिया के अनुसार, कई लेनदेन ऐसे थे जिनके आईपी एड्रेस बैंकॉक, मनामा, नॉर्थ हॉलैंड, विक्टोरिया, न्यूयॉर्क, सिंगापुर और रियाद के थे।

इनमें बलदियात अद दावा, शारजाह, स्टॉकहोम, आईची, न्यू जर्सी, ओंटारियो, कैलिफोर्निया, टेक्सास और दुबई व स्कॉटलैंड जैसे लोकेशंस भी शामिल हैं।

मामले की सुनवाई मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट स्निग्धा सरवरिया ने की। मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत है। क्योंकि आरोपित पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है। अतुल श्रीवास्तव ने अदालत को यह भी बताया कि पुलिस ने जुबैर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और 201 (सबूत नष्ट करना) और विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम की धारा 35 के नए केस दर्ज किए हैं।

इस बीच जुबैर ने कोर्ट में बेल एप्लीकेशन फाइल की है, जिसमें उसने कहा है कि उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किए जाने के बाद अब और जाँच की आवश्यकता नहीं है। मामले की सुनवाई के दौरान जुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर ने अदालत में कहा कि उसे इस बात की आशंका है कि उसके जिन इलेक्ट्रॉनिक सामानों को जब्त किया गया है उनसे छेड़छाड़ हो सकती है। ऐसे में उसकी इन आशंकाओं को रिकॉर्ड में रखा जाए।

लोक अभियोजक ने कोर्ट को बताया कि जब जुबैर के फोन की समीक्षा की गई, तो पाया गया कि वो रेडमी के फोन का इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा जब उसके फोन को जब्त किया गया तो उसने सिम निकालकर दूसरे मोबाइल डाल लिया। उसके कॉल रिकॉर्ड को खंगालने पर पता चला है कि उसे यूएई समेत कई देशों से फंडिंग की गई है।

जुबैर की वकील ग्रोवर ने आरोप लगाया कि यात्रा करते वक्त उसके फोन को सीज कर लिया गया। साथ ही पूछा कि क्या अपने फोन को फॉर्मेट करना अपराध है? जुबैर ने दावा किया कि उसके ट्वीट में बताया गया है कि वो एन्ड्रॉइड मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था। फिर मेरे लैपटॉप को क्यों जब्त किया गया?

इसके साथ ही उसने डाटा की समीक्षा के साथ ही उसकी सुरक्षा की भी माँग की है। जुबैर ने दावा किया कि उसने 2018 में जिस फोन से ट्वीट किया था, उसे इसी साल मार्च में किसी ने तोड़ दिया था। अब वो खो गया है।

गौरतलब है कि मोहम्मद जुबैर को 27 जून को हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने वाले एक ट्वीट को लेकर गिरफ्तार किया था।

बाइक से आए सोहैल, वसीम, पठान और यामीन ने पंकज को मारा चाकू, लगे 20 टाँके: राजस्थान के राजसमंद में 4 गिरफ्तार, बोले – जान से मारना चाहते थे

राजस्थान की राजसमंद पुलिस ने पंकज नामक युवक को चाकू मरने के आरोप में 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपितों के नाम यामीन, वसीम, वसीम पठान और सोहैल खान हैं। आरोप है कि इन चारों ने होटल में खाना खा रहे पंकज पर मामूली कहासुनी के बाद चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने इस गिरफ्तारी की जानकारी 1 जुलाई, 2022 (शुक्रवार) को दी है।

घटना थाना राजनगर क्षेत्र की है। पीड़ित पंकज ने घटना की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया, “मैं और मेरा दोस्त पिपरड़ा एक होटल पर दाल बाटी खाने गए थे। वहाँ हम खड़े थे तभी 2 लोग आए। वो मेरे दोस्त के साथ लड़ाई झगड़ा करने लगे तो हमने उनको रोका। मेरे झगड़ा करने से रोकने पर वो हमें गाली देने लगे। इसी के चलते हमारे बीच बहस हो गई। थोड़ी देर बाद वो दोनों चले गए।”

पीड़ित ने आगे बताया, “घटना के बाद हम भी दूसरे होटल चले गए। 10-15 मिनट बाद वो दोनों 2 और लोगों को ले कर आए। उन चारों में से 3 के पास चाकू था। उन्होंने मेरे ऊपर हमला कर दिया। इस दौरान मैं घायल हो गया। बाद में वो सभी फरार हो गए।” पीड़ित पंकज के सिर और हाथों में चोटें आई हैं। घायल को इलाज के लिए उदयपुर ले जाया गया। इलाज के दौरान पंकज को 20 से अधिक टाँके लगे हैं।

राजस्थान पुलिस के मुताबिक घटना 26 जून, 2022 रात लगभग 10:30 की है जिसकी शिकायत थाने पर अगले दिन 27 जून को दी गई। पीड़ित पंकज की उम्र 27 साल है। घटना के दौरान पीड़ित के साथ कैलाश नाम का एक अन्य दोस्त भी था। घटना की शुरुआत बाइक से आए 2 लड़कों द्वारा होटल मालिक से खाने के विवाद को ले कर शुरू हुई। इस दौरान पंकज और उसके साथियों ने झगड़ा कर रहे लोगों को अलग किया। बाद में हमलावर 4 की संख्या में आए और बीच बचाव करने वाले पंकज पर लात, घूसों और चाकू से हमला कर दिया। पंकज के सिर, पीठ, हाथ, कंधे और बाजू पर गंभीर चोटें आईं।”

पुलिस प्रेसनोट

पुलिस प्रेसनोट के मुताबिक, “घायल हुए पंकज के चिल्लाने पर आस-पास के लोग जमा हुए तब चारों हमलावर भाग निकले। बाद में पुलिस ने आरोपितों की तलाश में भीलवाड़ा और उदयपुर में दबिश दी। आखिरकार पुलिस को 25 वर्षीय यासीन, 20 वर्षीय वसीम, 20 वर्षीय वसीम पठान और 20 वर्षीय सोहैल को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। चारों आरोपित शातिर किस्म के बदमाश हैं। इन्होने पंकज पर चाकू से जानलेवा हमले का गुनाह कबूल किया।”

₹30000 का टेबल क्लॉथ: प्रियंका चोपड़ा का नया ब्रांड, लोग बोले – ₹13000 की एक कप-प्लेट खरीदेंगे तो दूध-चायपत्ती के लिए पैसा ही नहीं बचेगा

अभिनेत्री प्रियंका ने हाल ही में एक नया बिजनेस शुरू किया है। इसके बारे में उन्होंने सोशल मीडिया पर भी बताया था। उनकी कंपनी का नाम ‘सोना होम’ (Sona Home) है। प्रियंका अपनी इस कंपनी में होमवेयर ब्रांड सेल करती हैं, जो कि घर के तमाम कामों में इस्तेमाल की जाती है। इसके अलावा वह ‘सोना रेस्टोरेंट’ के नाम से न्यूयॉर्क में अपना रेस्टोरेंट भी चला रही हैं। वो अपने रेस्टोरेंट से जुड़ी कई सारी चीजें सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करती रहती हैं, लेकिन अब प्रियंका के ‘सोना होम’ प्रोडक्ट को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। 

प्रियंका के ‘सोना होम’ प्रोडक्ट को लेकर लोक उनका मजाक उड़ा रहे हैं। इसकी वजह है- जरूरत से ज्यादा कीमत। सोशल मीडिया पर कई सारे यूजर्स दावा कर रहे हैं कि प्रियंका इन सामानों को बहुत ही ज्यादा कीमत पर बेच रही हैं। इन प्रोडक्ट्स की सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा भी हो रही हैं, क्योंकि ये ऐसी नॉर्मल चीजें हैं, जिन्हें तकरीबन हर इंसान अपने घर में इस्तेमाल करता है। इसकी कीमत बहुत ही बाजिब होती है, लेकिन यहाँ की कीमत सुनकर आपका सिर चकरा जाएगा। यहाँ एक टेबल क्लॉथ की कीमत लगभग 30 हजार रुपए में मिल रहा है।

एक यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा, “बस इतना अमीर होना है कि सोना होम का 30 हजार वाला टेबल क्लॉथ खरीद सकूँ।”

एक अन्य यूजर ने डिनर वियर को लेकर प्रियंका चोपड़ा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्हें नया डिनर वियर चाहिए था, लेकिन $60 प्रति प्लेट देखकर उन्होंने कहा, “मिस चोपड़ा, तुम पागल हो।”

वहीं एक यूजर ने कप प्लेट की दाम को लेकर फटकार लगाई। यूजर ने लिखा, “इतना महँगा कप प्लेट खरीदेगा तो चाय पत्ती, दूध वगैरह के लिए पैसा नहीं बचेगा।”

एक यूजर ने इसे पैसे की डिंग मारने का जरिया बताया तो वहीं एक यूजर ने कहा कि मैडम इतना महँगा भी मत बेचिए।

रुपेश नाम के यूजर ने लिखा, “सफल हॉलीवुड स्टार बनने निकले, अब कप-प्लेट बेच रही है।” 

बता दें कि प्रियंका चोपड़ा का ‘सोना होम’ 22 जून 2022 को लॉन्च किया गया था। प्रियंका के इस बिजनेस में उनके पार्टनर के रूप में मनीष गोयल भी हैं। कंपनी का मानना है कि ये ब्रांड भारत के तमाम सभ्यता और संस्कृति को पूरी दुनिया में बढ़ावा देंगे। हालाँकि, इनकी कीमत इतनी अधिक है कि उन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसे लॉन्च करते हुए प्रियंका ने बताया था कि इस साइट पर सभी घरेलू साज-सज्जा के सामानों के साथ ही किचन के सभी प्रोडक्ट्स से लेकर होम डेकॉर तक मौजूद होगा।

इसकी बेवसाइट पर आप जाएँगे तो पाएँगे कि एक टेबल क्लॉथ की कीमत 30,612 रुपए है। एक छोटे से मोमबत्ती स्टैंड की कीमत 4, 576 रुपए है। चार डिनर सेट नैपकिन के एक सेट की कीमत 13, 284 रुपए है। एक डिनर प्लेट की कीमत 4,733 रुपए है। वहीं एक सर्विंग बाउल की कीमत 7732 रुपए और एक चाय के कप और प्लेट की कीमत 5365 रुपए है। इसके अलावा एक कॉफी मग की कीमत 4,471 रुपए है। ये सभी कीमत अनुमानित है।

अब सैमसंग का QR कोड भी ‘नबी की शान में ग़ुस्ताख़ी’, कंपनी के 27 कर्मचारी हिरासत में: भीड़ का हमला, गूँजे ‘सर तन से जुदा’ के नारे

पाकिस्तान के कराची में ईशनिंदा के आरोप में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सैमसंग मोबाइल कम्पनी के 27 स्टाफ को हिरासत में लिया है। आरोप है कि एक मॉल में लगे वाई-फाई डिवाइस से मुस्लिमों के पैगंबर की शान में गुस्ताखी हुई है। इन आरोपों के बाद भीड़ ने हिंसक रूप लेते हुए मॉल के साइनबोर्ड को तोड़ दिया और मोबाईल बाजार बंद करवा दिया। घटना शुक्रवार (1 जुलाई, 2022) की है।

मॉल के बाहर तोड़फोड़ और नारेबाजी करती भीड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भीड़ मॉल के बाहर बने निर्माण को उखाड़ रही है। इसी के साथ लाउस्पीकर पर भीड़ को भड़काया जा रहा है। कुछ के हाथों में डंडे दिखाई दे रहे हैं। बीच-बीच में ‘अल्लाह हु अकबर’ के साथ ‘गुस्ताख़ ए नबी की एक सज़ा, सर तन से जुदा, सर तन से जुदा’ के नारे लग रहे हैं। नारे लगाने वालों में नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना कराची के सद्दर क्षेत्र की है। हिंसक भीड़ ने आरोप लगाया गया है कि सैमसंग कम्पनी की WI-FI डिवाइस का एक QR कोड उनके नबी की शान में गुस्ताखी है। पुलिस ने कथित तौर पर ईशनिंदा करने वाली डिवाइस को बंद करवा के सील कर दिया है। SSP कराची असद रज़ा के मुताबिक, अब एक 27 लोगों को हिरासत में ले कर मामले की जाँच करवाई जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं सैमसंग पाकिस्तान ने एक पत्र जारी कर के कहा है कि कम्पनी ने किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं किया है। सैमसंग के मुताबिक वह हर धर्म का सम्मान करती है। सैमसंग भी इस मामले की आंतरिक जाँच करवा रही है।

समान नागरिक संहिता लागू करने की ओर बढ़ा उत्तराखंड, धामी सरकार के ड्राफ्ट में सुनी जाएगी आम लोगों की बात

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (UK CM Pushkar Singh Dhami) की नेतृत्व वाली भाजपा (BJP) सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की गति तेज कर दी है। इसके लिए गठित कमिटी राज्य में जगह-जगह जाकर लोगों का सुझाव लेगी और उसके कानून का ड्राफ्ट करेगी।

कमिटी ने बेवसाइट के जरिए भी लोगों के सुझाव को आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) राधा रतूड़ी को इस संबंधित आवश्यक व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस तरह, उत्तराखंड UCC लागू करने वाला गोवा के बाद दूसरा प्रदेश बन जाएगा।

कमिटी राज्य के सभी धर्मों, वर्गों और जातियों के प्रतिष्ठित लोगों से संपर्क और उनसे संवाद के आधार पर ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसके लिए सरकार ने सदस्य सचिव की नियुक्ति भी कर दी है। इससे समय-समय पर कमिटी की बैठकें आयोजित की जा सकेंगी और प्रोग्रेस एवं प्रोसेस पर चर्चा हो सकेगी।

समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए सीएम धामी ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रसाद देसाई की अध्यक्षता में 27 मई 2022 को एक कमिटी का गठन किया था। इस कमिटी में पाँच सदस्य हैं। यह कमिटी छह महीने में अपना रिपोर्ट सौंपेगी।

बता दें कि राज्य में विधानसभा चुनावों के मतदान से पूर्व फरवरी 2022 में सीएम धामी ने वादा किया था कि भाजपा के सत्ता में लौटने पर राज्य में ‘Uniform Civil Code’ लागू किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया था, “शपथग्रहण के ठीक बाद भाजपा की नई सरकार एक समिति का गठन करेगी, जो राज्य में ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ का ड्राफ्ट तैयार करेगी।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया था कि राज्य में आने वाले नए UCC के हिसाब से शादी, तलाक, जमीन-संपत्ति और वसीयत को लेकर समान कानून लागू होंगे। सभी वर्गों के लिए समा कानून होंगे। लोगों का मजहब जो भी हो, उनके लिए कानून समान ही रहेंगे। सीएम धामी ने कहा, “UCC उन लोगों के सपने को साकार करने की तरफ एक कदम होगा, जिन्होंने हमारे संविधान का निर्माण किया। साथ ही ये हमारे संविधान की भावना को और ठोस बनाएगा।”

सीएम धामी ने कहा था, “मैं जो भी घोषणा कर रहा हूँ, वो मेरी पार्टी का संकल्प है और भाजपा की नई सरकार बनते ही जल्द से जल्द उसे पूरा किया जाएगा। देवभूमि की संस्कृति और विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखना हमारा मुख्य कर्तव्य है। हम इसके लिए प्रतिबद्ध है। UCC के जल्द लागू होने से राज्य के सभी नागरिकों के समान अधिकार को मजबूती मिलेगी। ये सामाजिक सौहार्दता को मजबूती देगा, लैंगिक समानता को ठीक करेगा और और महिला सशक्तिकरण को भी मजबूत करेगा।”

राज्य में दूसरी बार लगातार जीत दर्ज कर भाजपा ने इतिहास रच दिया था। इस मौके पर सीएम धामी ने मार्च 2022 में कहा था, “सरकार बनाने के बाद हम एक उच्चस्तरीय समिति बनाएँगे। समिति एक ड्राफ्ट तैयार करेगी और हम इसे उत्तराखंड में लागू करेंगे, जैसा कि हमने राज्य के लोगों से वादा किया है।”

गोवा में पहले से है UCC, केंद्र कानून न भी लाए तो राज्य के लिए ऐसा करना संभव

बता दें कि अप्रैल 2021 में भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) एसए बोबडे ने गोवा के UCC की प्रशंसा की थी। ये भारत का अकेला ऐसा राज्य है, जहाँ का ये कानून है। हालाँकि, 2018 में ‘लॉ कमीशन’ का कहना था कि UCC न तो ज़रूरी है और न ही साध्य है। अभी तक केंद्र में UCC के लिए कोई ब्लूप्रिंट नहीं बना है। अमेरिका में हर राज्य के पास अलग संविधान और अपराध कानून होते हैं। CJI ने बुद्धिजीवियों को गोवा के UCC को गंभीरता से पढ़ने की सलाह दी थी।

2019 के एक जजमेंट में भी गोवा के UCC को सुप्रीम कोर्ट ने एक अच्छा उदाहरण बताया था। जमीन की वसीयत सम्बंधित एक फैसले में इस कानून की मदद ली गई थी। सन् 1867 में पुर्तगालियों के समय से ही वहाँ ये कानून चला आ रहा है। मुस्लिमों के लिए यहाँ कोई अलग शरिया कानून नहीं है। गोवा की UCC के 4 भाग हैं, जो सिविल कैपेसिटी, अधिकारों के अर्जन, संपत्ति के अधिकार, ब्रीच ऑफ राइट्स एंड रेमेडीज। इसीलिए, सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी प्रशंसा की थी।

सलमान खान की हीरोइन हो गई थी गर्भवती, ड्रिंक करने के बाद अंडमान में किया था ‘वन नाइट स्टैंड’… फिर कराया गर्भपात

अभिनेता सलमान खान की फिल्म ‘रेडी’ से बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस कुब्रा सैत (Kubbra Sait) अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। एक्ट्रेस कुब्रा सैत ने हाल ही में अपनी किताब ‘ओपन बुकः नॉट क्वाइट ए मेमॉयर (Open Book: Not Quite A Memoir)’ लॉन्च की है। इसमें उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

कुब्रा ने अपनी किताब ‘ओपन बुक’ में अपने गर्भपात को लेकर चौंकाने वाली स्टोरी शेयर की है। कुब्रा ने अपनी किताब के एक चैप्टर ‘आई वाज़ नॉट रेडी टू बी ए मदर’ में बताया कि कैसे वह ड्रिंक करने के बाद एक दोस्त के साथ रात बिताई थी। इस वन नाइट स्टैंड (Kubbra Sait one night stand) के बाद वह गर्भवती हो गई थी और फिर गर्भपात करवाया था।

यह साल 2013 की बात है, जब कुब्रा सैत (Kubbra Sait) अंडमान के ट्रिप पर थीं। उस वक्त उनकी उम्र 30 साल थी। कुब्रा ने अपनी किताब ओपन बुक में अपने बेंगलुरू में बीते शुरुआती दिनों, बॉडी शेमिंग और अपने साथ हुए यौन शोषण जैसे कई वाकयों के बारे में विस्तार से लिखा है।

कुब्रा सैत ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जब उनका प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आया, तो उन्होंने क्या सोचा और उसे किस तरह लिया। ‘टाइम्स नाउ’ के संग बातचीत में कुब्रा ने कहा:

“एक हफ्ते बाद मैंने गर्भपात (Kubbra Sait decided for abortion) करने का फैसला लिया। मैं इसके (बच्चे) लिए तैयार नहीं थी। यह वैसा नहीं था, जैसा मैंने अपने भविष्य के लिए सोचा था।”

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बॉलीवुड एक्ट्रेस कुब्रा सैत ने बताया कि उस वक्त वो इसके लिए तैयार नहीं थीं और उन्हें लगता है कि वो अब भी इसके लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं महिलाओं पर 23 साल की उम्र में शादी करने और 30 साल तक की उम्र में बच्चा पैदा करने के दबाव को नहीं समझ पाती हूँ। मुझे पता था कि मैं इसके लिए तैयार नहीं थी और मुझे अपने जीवन में लिए गए इस फैसले को लेकर कोई पछतावा नहीं है।”

गर्भपात कराने के बाद कुब्रा को क्या महसूस हुआ, इस बारे में उन्होंने कहा, “बेशक मैं एक भयावह इंसान की तरह महसूस कर रही थी, लेकिन मैं इसलिए बुरा महसूस नहीं कर रही थी कि मैंने ऐसा क्यों किया, बल्कि मुझे इस बात का डर था कि लोग इसे कैसे समझेंगे। कभी-कभी खुद की मदद करना मुश्किल हो सकता है। लेकिन आपको यह करना पड़ता है।”

एक्ट्रेस कुब्रा सैत ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत अभिनेता सलमान खान की फिल्म रेडी से की थी। इस फिल्म में उनका बेहद छोटा रोल था लेकिन इसके बाद एक्ट्रेस ने ‘जवानी जानेमन’, ‘सुल्तान’, ‘सिटी ऑफ लाइफ’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। ओटीटी सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ से उन्हें अलग पहचान मिली है।