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क्या भगवा खोल में हिंदुओं की हत्या पर हो रहा है काम: रिपोर्ट में दावा- BJP ज्वाइन करना चाहता था कन्हैया लाल का हत्यारा

राजस्थान के उदयपुर (Udaipur, Rajasthan) में कन्हैया लाल साहू (Kanhaiya Lal Sahu) की निर्मम हत्या के आरोपित रियाज अख्तारी (Riyaz Akhtari) और गौस मोहम्मद (Ghaus Mohammad) से पूछताछ में नई-नई जानकारियाँ सामने आ रही है। रियाज ने राष्ट्रवादी राजनीतिक संगठन भाजपा (BJP) में शामिल होने की कोशिश की थी। तो क्या वह भगवा की आड़ में हिंदुओं को निपटाने की साजिश पर काम कर रहा था?

अगर हम इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा की गईं कुछ हत्याओं या हत्या के प्रयासों पर गौर करें तो इसके संकेत साफ तौर पर मिलते हैं। कमलेश तिवारी की हत्या हो या यति नरसिंहानंद को मारने का प्रयास, उदयपुर के आरोपितों के भाजपा ज्वॉइन करने की रणनीति उनके इरादों की ओर साफ इशारा करती हैं।

रियाज अख्तारी और गौस मोहम्मद तीन साल पहले भाजपा में शामिल होने की पुरजोर कोशिश की थी। राजस्थान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य इरशाद चैनवाला के माध्यम से रियाज अख्तारी ने भाजपा में घुसपैठ करने की कोशिश की थी। साल 2019 में सऊदी अरब में हज करके आने के बाद वह इरशाद से मिला था।

इतना ही नहीं, रियाज उदयपुर में भाजपा के विभिन्न कार्यक्रमों में भी शामिल होता था। वह पार्टी के काम करने की अपनी इच्छा के बारे में अक्सर कहता था। हालाँकि, रियाज अपने दोस्तों के साथ भाजपा की बुराई करता था और उसकी विचारधारा का कटु आलोचक था।

रियाज किसी मोहम्मद ताहिर के माध्यम से भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल होता था। यह मोहम्मद ताहिर कौन है, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। बताया जाता है कि ताहिर सबीना में किराए के मकान में रहता था, लेकिन उदयपुर कांड सामने आने के बाद वह मकान छोड़कर लापता हो गया है। ताहिर को भाजपा का कार्यकर्ता बताया जाता है।

भगवा वेश में हिंदू कार्यकर्ताओं की हत्या करने के पहले प्रयास सामने आ चुके हैं। अक्टूबर 2019 में कमलेश तिवारी की हत्या के लिए हत्यारे हिंदू पहचान के साथ उनसे मिले थे। हत्यारों ने भगवा कपड़े पहन रखे थे। इस मामले में हत्या करने वाले लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र के खालसा होटल में ठहरे थे। बाद में पुलिस ने होटल से खून लगा भगवा कुर्ता बरामद भी किया था।

उस समय यह बात सामने आई थी कि हत्यारे भगवा कुर्ता पहन कमलेश तिवारी से मिलने गए थे। उनकी हत्या कर होटल लौटे और फिर कपड़ा बदल फरार हो गए थे। कमलेश तिवारी के हत्यारे भी उनका सिर कलम करने के बाद वीडियो बनाना चाहते थे।

इसी तरह मई 2021 में दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति पीठ के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की साजिश का पर्दाफाश करते हुए जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को पकड़ा था। उसके पास से भगवा कपड़ा भी बरामद हुआ था। उस समय यह बात सामने आई थी कि वह साधु के वेश में मंदिर में घुसकर महंत यति नरसिंहानंद की हत्या करना चाहता था।

NIA का मानना है कि हत्या की पिछली कुछ घटनाएँ काफी मिलती-जुलती हैं। इन हत्याओं का पैटर्न एक जैसा ही हैं। गुजरात के अहमदाबाद में 25 जनवरी 2022 किशन भरवाड की हत्या हो या 22 जून 2022 को अमरावती में हुई केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या हो या फिर 28 जून को उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या, ये सभी घटनाएँ काफी मिलती-जुलती हैं।

ये सभी हत्याएँ ईशनिंदा के नाम पर की गई थीं। विदेशी लिंक के साथ-साथ कुख्यात पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की भूमिका भी जाँच के दायरे में है। NIA के सूत्रों के हवाले से कहा गया है, “ये एक ही तरह की घटनाएँ हैं। हम लिंक ढूँढ रहे हैं और पैटर्न का अध्ययन कर रहे हैं। सभी मामलों में आरोपितों को आसानी से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने अपने गुनाहों को छिपाने की कोशिश नहीं की।”

कन्हैया लाल मामले की जाँच कर रही NIA ने इसके पीछे आतंकी संगठन की भूमिका से इनकार करते हुए कहा था कि एक बड़ा गिरोह इसके पीछे काम कर रहा है। रियाज का यह चरमपंथी गिरोह राजस्थान सहित देश के कई जिलों में फैले होने के संकेत मिल रहे हैं।

रियाज भाजपा की नीतियों का विरोधी होने के बावजूद वह पार्टी में शामिल होना चाहता है। इससे पता चलता है कि रियाज के इरादों से लगता है कि वह भाजपा में शामिल होकर भगवा खोल में छुपना चाहता था और अपने इरादों को अंजाम देना चाहता था, ताकि उस पर किसी तरह की शंका ना हो।

वह जाकिर नाईक का कट्टर समर्थक है और उसकी तकरीरों वाला वीडियो सुनता था। कन्हैया लाल की हत्या के लिए दोनों ने खुद ही हथियार बनाए थे। ये चाहते तो हथियार खरीद भी सकते थे, लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके पीछे पुलिस से बचने की कोशिश तो कतई नहीं कही जा सकती, क्योंकि इन्होंने घटना को अंजाम देने के बाद इसका वीडियो भी बनाया था। तो इसके पीछे इस्लाम के प्रति अपनी वफादारी साबित करने की कोशिश रही होगी। 5,000 रुपए देकर अपनी बाइक के लिए 2611 (मुंबई आतंकी हमले का दिन) नंबर लेना भी इसी तरफ इशारा करता है।

रियाज साल 2014 में ही पाकिस्तान की यात्रा कर चुका था और लगभग 30 कट्टरपंथियों के साथ 45 दिन की ट्रेनिंग ले चुका था। वह पाकिस्तान के कट्टरपंथी संगठन दावत-ए-इस्लामी और वहाँ के चरमपंथी बरेलवी राजनीतिक संगठन तहरीक-ए-लब्बैक के लगातार संपर्क में था। रियाज का निकाह भी दावत-ए-इस्लामी ने कराया था। बाद में वह मोहम्मद गौस का ब्रेनवॉश कर उसे अपने साथ मिला लिया।

इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा में शामिल होने से पहले ही वह कट्टरपंथी बन चुका था। वह भाजपा का इस्तेमाल संभवत: टारगेटेड नेताओं तक पहुँचने के लिए कर रहा होगा, ताकि एक कार्यकर्ता के रूप में उन तक पहुँच आसान हो जाए।

कन्हैया लाल की हत्या के बाद जिस तरह से दोनों ने वीडियो बनाकर खुलेआम धमकी दी, उससे स्पष्ट है कि ये इस कदर कट्टरपंथी बन चुके हैं कि इन्हें कानून या मौत का डर बिल्कुल नहीं है। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर धमकी देना इस ओर भी संकेत देता है कि उनके प्रति इन दोनों में मन में गहराई तक घृणा बैठी हुई है।

संभवत: वे पीएम मोदी या सीएम योगी आदित्यनाथ जैसे अन्य बड़े नेताओं तक पहुँचकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देना चाहते थे, क्योंकि यह बात भी सामने आ रही है कि इन्हें एक ‘बड़ी काम’ सौंपा गया था। इसे इस्लामिक जेहाद की सार्वजनिक घोषणा के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि वे हिंदुओं को काफिर बताया था।

सुधीर चौधरी अब नहीं दिखेंगे Zee News में, दिया इस्तीफा… शुरू करेंगे अपना बिजनेस: 2 दिनों से मनाने की कोशिश नाकाम

Zee News के एडिटर-इन-चीफ और CEO सुधीर चौधरी ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है। खबर है कि उन्होंने अपना खुद का वेंचर शुरू करने के लिए ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन में क्लस्टर 1 के सीईओ के पद से इस्तीफा दिया है।

भारतीय टीवी पत्रकारिता के दिग्गज सुधीर चौधरी, जी में एक दशक तक काम करने के बाद कंपनी को छोड़ रहे हैं। हालाँकि, कंपनी में यह उनका दूसरा कार्यकाल था। वह शुरुआत में जी न्यूज में शामिल हुए थे, लेकिन फिर 2003 में वह सहारा समय से जुड़ गए। इसके बाद वह कुछ समय के लिए इंडिया टीवी से भी जुड़े थे। हालाँकि 2012 में वह फिर से लौटकर जी न्यूज में शामिल हो गए। जी न्यूज में वह डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस (DNA) को होस्ट कर रहे थे। यह शो हिंदी समाचार चैनलों पर सबसे अधिक रेटिंग वाले शो में से एक था।

ज़ी मीडिया ने एक बयान में कहा, “यह औपचारिक रूप से सूचित किया जाता है कि सुधीर चौधरी, सीईओ क्लस्टर 1 ने ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड में अपनी सेवाओं से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। चूँकि सुधीर अपना वेंचर शुरू करना चाहते हैं, इसलिए ज़ी मीडिया ने भारी मन से उनके इस्तीफे को स्वीकार किया है।”

सुधीर चौधरी के इस्तीफे के बाद अब जी मीडिया समूह के मालिक सुभाष चंद्रा का भी एक पत्र सामने आया है। जिसमें उन्होंने कहा, “मैं सुधीर को दो दिनों से मनाने की कोशिश कर रहा हूँ। लेकिन वह अपनी फैन फॉलोइंग का इस्तेमाल कर अपना खुद का एक वेंचर शुरू करना चाहते हैं। मैं उनकी उन्नति के रास्ते में नहीं आना चाहता था, इसलिए मैंने इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।” इसके साथ ही उन्होंने 8 जुलाई को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सुधीर चौधरी के लिए फेयरवेल डिनर का आयोजन करने के लिए भी कहा है।

सुधीर चौधरी ने सुभाष चंद्रा को लिखे अपने इस्तीफे में कहा कि वह काफी समय से अपना खुद का बिजनेस शुरू करने पर विचार कर रहे थे। पिछले कुछ दिनों से सुधीर चौधरी के इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थीं, क्योंकि वो पिछले तीन दिनों से अपने शो डीएनए को होस्ट नहीं कर रहे थे। शो को ज़ी हिंदुस्तान के एंकर रोहित रंजन होस्ट कर रहे थे। 

2 काटने गए कन्हैयालाल का गला, 3 दुकान के बाहर तलवार लेकर… ‘सलमान भाई’ का था आदेश – कुछ भड़कीला करना होगा: मीडिया रिपोर्ट

राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को हुई कन्हैयालाल की निर्मम हत्या केस में जाँच के दौरान नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि टेलर कन्हैयालाल की 2 आरोपितों द्वारा हत्या किए जाने के दौरान 3 अन्य दुकान के आस-पास मौजूद थे। ये सभी रियाज और गौस के पकड़े जाने के बाद हमला करने को तैयार थे। पुलिस ने इनमें से 2 अन्य आरोपितों आसिफ और मोहसिन को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे आरोपित की तलाश की जा रही है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार आसिफ की उम्र 24 और मोहसिन की उम्र 25 साल है। हमले के लिए ये दोनों अलग-अलग बाइकों पर हमलावर रियाज और मोहम्मद गौस को लेकर घटनास्थल पर गए थे। दुकान से लगगभग 70 मीटर पहले ये दोनों बाइकों पर ही एक गली में रुक गए थे जबकि रियाज और गौस दुकान के अंदर घटना को अंजाम देने चले गए। इन दोनों की तैयारी थी कि अगर किसी हालत में पासा उल्टा पड़ता है या हमलावर पकड़े अथवा कमजोर पड़ते हैं तो ये दोनों भी खंजर और तलवारों से दुकान पर हमला करते।

कन्हैयालाल की हत्या के बाद दोनों हत्यारोपित भाग कर मोहसिन और आसिफ के पास वापस आए। ये दोनों रियाज और गौस को बाइक पर बिठा कर वहाँ से निकल गए। बाद में दोनों हमलावरों के पकड़े जाने पर उन्होंने मोहसिन और आसिफ के बारे में जानकारी दी।

रियाज और गौस की सूचना पर घटनास्थल से कुछ ही दूर पुलिस को एक लावारिस एक्टिवा भी मिली, जिसका रजिस्ट्रेशन मोहम्मद गौस के नाम पर है। एक्टिवा का नंबर RJ 27 BS 1226 है। इस आधार पर पुलिस यह अनुमान लगा रही है कि हमले के दौरान कोई पाँचवाँ आरोपित भी घटनास्थल के आस-पास मौजूद था। पुलिस उस पाँचवें संदिग्ध की भी तलाश कर रही है।

वहीं एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक हमले के दोनों आरोपित रियाज और गौस को पाकिस्तान से निर्देश मिल रहे थे। इन निर्देशों को देने वाले किसी सलमान भाई ने हमलावरों से कुछ अलग करने और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन से कोई फर्क न पड़ने की बात कही थी।

ताजा घटनाक्रम में अशोक गहलोत सरकार ने उदयपुर के एडिशनल SP अशोक कुमार मीणा को सस्पेंड कर दिया है। मीणा के निलंबन की वजह नहीं बताई गई है। इससे पहले स्थानीय SHO और इलाके के ASI को सस्पेंड करके IG और SP को हटाया जा चुका है।

ट्रेन जलाओ, गाड़ी फूँको या स्कूल जाते बच्चों पर पथराव करो… उपद्रवियों से नहीं वसूला जाएगा जुर्माना: पटना हाईकोर्ट का फैसला

केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) की महत्वाकांक्षी अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के विरोध में बिहार (Bihar) में हुई हिंसा और अरबों रुपए के नुकसान की वसूली उपद्रवियों से नहीं की जाएगी। पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें सरकारी संपत्ति की हुई नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करने की माँग की गई थी।

याचिका में यह भी माँग की गई थी कि छात्रों को हिंसा और तोड़फोड़ के लिए भड़काने और अराजकता फैलाने के लिए मदद करने वाले लोगों की भी जाँच कराई जाए। इसके साथ ही हिंसक आंदोलन को रोकने में असमर्थ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की माँग की गई है।

पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने शुक्रवार (1 जुलाई 2022) को याचिका पर सुनवाई की। राज्य के महाधिवक्ता ललित किशोर का तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। किशोर ने तर्क दिया कि सरकार ने अराजक तत्वों पर कार्रवाई की और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किए थे।

याचिका में कहा गया था कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण प्रदेश मे कई सौ करोड़ रुपए की सरकारी संपत्ति को नष्ट कर दिया गया। इसलिए नुकसान हुई संपत्ति का आंकलन कर उसकी भरपाई आंदोलनकारियों से की जाए।

इसके साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उन पर जुर्माना लगाई जाए। इसके साथ ही आंदोलन में भाग लेने वाली राजनीतिक पार्टियों पर भी जुर्माना लगाने की माँग की गई है। 

याचिका में कहा गया है कि इस हिंसक आंदोलन के कारण न सिर्फ रेलवे और अन्य सरकारी संपत्तियों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। याचिकाकर्ता का दावा है कि अकेले दानापुर रेलमंडल को 260 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

हालाँकि, याचिका का विरोध करते हुए राज्य के महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि इस आंदोलन से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद थी। उन्होंने कहा कि सरकार को बदनाम करने के लिए गलत नीयत से जनहित याचिका दायर की गई है।

सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित अग्निपथ योजना के विरोध में देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए और ट्रेनों में लूटपाट एवं आग लगाई गई थी। यहाँ तक कि स्कूल जाते बच्चों के वाहनों तक पर पथराव किया गया था। राजद और वामदलों ने प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दिया था।

बिहार में सबसे अधिक हिंसा

हिंसा और विरोध प्रदर्शन से सबसे अधिक प्रभावित बिहार रहा था। यहाँ 11 से अधिक ट्रेनें जला दी गई थीं। जिलों में भी सरकारी सम्पत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया था। आरा स्टेशन पर भी तोड़फोड़ हुई। मधुबनी में सड़क मार्ग अवरुद्ध करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माँ की गालियाँ देते हुए मिलने पर काट देने की धमकी दी गई। दरभंगा में स्कूली छात्रों से भरी एक बस पर पथराव किया गया।

कॉन्ग्रेस समर्थक ज्योत्स्ना ने नूपुर शर्मा को कहा ‘वेश्या’, मौत की कामना की: नियमों के उल्लंघन को लेकर ट्विटर ने ट्वीट हटाया

कॉन्ग्रेस समर्थक (Congress Supporter) और स्वयंभू ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ ज्योत्सना धनखड़ गुलिया ने ट्विटर पर भाजपा (BJP) की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को ‘वेश्या’ कह दिया और बेहद कठोर भाषा में उनकी मौत की कामना की।

जब से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने नूपुर शर्मा को उदयपुर के बर्बर हत्याकांड के लिए दोषी ठहराया और पूरे देश में आग लगाने के लिए उनकी ‘हल्की जुबान’ का आरोप लगाया है, तब से उनके खिलाफ नफरत का एक नया दौर शुरू हो गया है। पहले से ही मौत और बलात्कार की धमकियों का सामना कर रही नूपुर शर्मा फिर से निशाने पर आ गई हैं।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद दिल्ली के कॉन्ग्रेस नेता मुकेश शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के अनुसार नूपुर शर्मा को पूरे देश से माफी माँगनी चाहिए। उस पोस्ट पर की गईं टिप्पणियाँ नूपुर के खिलाफ नफरत से भरी थीं। उन्होंने नूपुर शर्मा के लिए ‘वेश्या’ शब्द का इस्तेमाल किया और उनकी मौत की कामना की।

इन घृणित टिप्पणियों में ‘एक्टिविस्ट’ और कॉन्ग्रेस समर्थक ज्योत्सना धनखड़ गुलिया की भी एक टिप्पणी थी। ज्योत्सना ने अपने ट्विटर अकाउंट पर रणदीप सुरजेवाला जैसे कॉन्ग्रेस नेताओं के साथ और नेशनल हेराल्ड घोटाला मामले में राहुल गाँधी से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में अपनी भागीदारी तस्वीरें साझा की हैं।

ट्वीट का स्क्रीनशॉट (साभार:@befittingfacts)

जब कुछ यूजर्स ने इस टिप्पणी को बेहद घटिया पाया और पुलिस से इस पर ध्यान देने को कहा तो ज्योत्सना की ओर से अधिक भद्दी टिप्पणियाँ की गईं।

इस ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ के ट्विटर प्रोफाइल के माध्यम से कोई भी कॉन्ग्रेस से उनके जुड़ाव को देख सकता है। इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे और रणदीप सुरजेवाला जैसे वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें हैं।

हालाँकि, उन्हें अपनी टिप्पणी में कुछ भी गलत नहीं लग रहा है और वे इसे नहीं हटाया, लेकिन ट्विटर ने इसे अपने प्लेटफॉर्म के लिए उपयुक्त नहीं पाया और नियमों के उल्लंघन करने के कारण उनके ट्वीट को हटा दिया।

मोहित जायसवाल अपहरण-मारपीट मामले में सीबीआई ने अतीक अहमद के गुर्गे हमजा अंसारी को किया गिरफ्तार: बाहुबली का बेटा उमर अब भी फरार

देवरिया जेल कांड में व्यापारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर उनके साथ मारपीट करने के मामले में वॉन्टेड बाहुबली और पूर्व सांसद अतीक अहमद के गुर्गे हमजा अंसारी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को उसे प्रयागराज में करेली थाना क्षेत्र के गौस नगर इलाके में कब्रिस्तान के पास से पकड़ा गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमजा को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई की टीम ने उसे करेली थाने में पेश किया और वहाँ से वो उसे लखनऊ लेकर चली गई। इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने पहले ही हमजा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। यहीं नहीं सीबीआई को अब अतीक के बड़े बेटे उमर की तलाश है, जो कि फिलहाल फरार चल रहा है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल और अतीक अहमद दोनों बिजनेस पार्टनर थे। लेकिन अतीक की नजर पूरी संपत्तियों पर थी। हालाँकि, वो उस दौरान देवरिया की जेल में बंद था, लेकिन अपने गुर्गों को आदेश देकर उसने 26 दिसंबर 2018 को उसे लखनऊ से किडनैप कर लिया। इसके बाद हमजा, अतीक का बेटा उमर और उसके अन्य साथी मोहित को देवरिया जेल ले गए। वहाँ बेरहमी से मोहित को पीटने के बाद अतीक ने उसकी सारी संपत्तियों को अपने गुर्गों के नाम लिखवा दिया।

बाद में मोहित ने 28 दिसंबर 2018 को हमजा, अतीक और उसके बेटे उमर समेत अन्य के खिलाफ लखनऊ के कृष्णा नगर थाने में केस दर्ज कराया। इसमें अपहरण और मारपीट का आरोप लगाया गया था। मामले में कोर्ट में सुनवाई के बाद इस मामले को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद से ही हमजा अंसारी और उमर दोनों ही फरार हो गए। हालाँकि, 4 साल बाद अब हमजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि, उमर 2018 से ही फरार चल रहा है। जाँच एजेंसी को उम्मीद है कि हमजा भी जल्द ही पकड़ा जाएगा।

रात को जागरण के लिए निकले, सुबह मिली टूटी कार, चप्पल और कपड़े: राजस्थान के जालौर से महंत पारस भारती को अज्ञात लोगों ने किया अगवा

राजस्थान (Rajasthan) के जालौर से दुधेश्वर महादेव मठ के महंत पारस भारती (Hindu Mahant Paras Bharti Kidnaped) का अपहरण किए जाने की घटना सामने आई है। महंत अपनी कार से जागरण के एक कार्यक्रम में जाने के लिए निकले थे। लेकिन रास्ते में वो कार से गायब हो गए। गुरुवार को उनकी कार में बदमाशों ने तोड़फोड़ भी की। वहीं महंत की कार के अंदर से उनके चप्पल और तौलिया मिली है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जालौर जिले में वालेरा गाँव में दूधेश्वर महादेव का एक बड़ा धाम है और पारस भारती इसके महंत हैं। बताया जाता है कि महंत भारती गुरुवार की देर रात को जब कार्यक्रम में जाने के लिए निकले तो रास्ते में बदमाशों ने हथियारों के बल पर उनकी गाड़ी को रुकवाया और उसमें तोड़फोड़ कर उनका अपहरण कर लिया।

इस घटना को लेकर जिले के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल के मुताबिक, महंत रात 9 बजे अपनी कार से बाहर निकले थे। वो अकेले ही थे। शुक्रवार को तड़के उनकी कार वालेरा गाँव के पास काँखी रोड पर लावारिस हालत में मिली। गाड़ी का काँच बुरी तरह तोड़ दिया गया था और घटना स्थल पर ही महंत भारती के चप्पल और कपड़े बिखरे मिले थे। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले गाड़ी को देखा, जिसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

महंत के अपहरण पर आक्रोश

घटना के बाद से लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। महंत के अपहरण की घटना के बाद बड़ी संख्या में साधु-संतों ने सायला थाने में प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द महंत पारस भारती को बचाने की माँग की। इस बीच सायला थाने पहुँचे जिले के कलेक्टर निशांत जैन और एसपी ने संत को सुरक्षित बचाने का आश्वासन दिया है। इस बीच संत की खोज के लिए 6 थानों की पुलिस फोर्स को लगा दिया गया है। कई जगह बदमाशों की तलाश की जा रही है। खुद एसपी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

पाकिस्तान में अब Samsung के QR कोड को लेकर ईशनिंदा का आरोप, कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन तहरीक-ए-लब्बैक ने शहर भर में जलाए कंपनी के बैनर

पाकिस्तान के कराची में मोबाइल कंपनी सैमसंग (Samsung) द्वारा ईशनिंदा की अफवाह के बाद मुस्लिमों के चरमपंथी फिरका बरेलवी से जुड़ा संगठन तहरीक-ए-लब्बैक (TLP) के दर्जनों इस्लामवादियों ने मोबाइल बाजार में तबाही मचा दी। प्रदर्शनकारियों ने शहर के मोबाइल बाजार में सैमसंग के होर्डिंग को फाड़ दिया और तोड़फोड़ की।

विरोध प्रदर्शन केवल मोबाइल बाजार तक ही सीमित नहीं था, क्योंकि शहर भर में कई स्थानों पर कंपनी की होर्डिंग को कट्टरपंथियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। अफवाहों में कहा गया कि सैमसंग ने अपने उपकरणों पर एक क्यूआर कोड पेश किया था, जो ईशनिंदा है। इसके बाद इस्लामवादी कराची की सड़कों पर उतर आए।

हालाँकि, बाद में एक नई अफवाह फैलने लगी कि ‘ईशनिंदा’ सैमसंग मोबाइल के एक कर्मचारी द्वारा की गई थी, जिसने अपने वाईफाई नेटवर्क को ‘ईशनिंदा’ नाम दिया था।

हालाँकि किसी को भी ये पता नहीं था कि वास्तव में ‘ईशनिंदा’ क्या की गई। इसके बावजूद टीएलपी चरमपंथियों ने कराची की सड़कों पर सैमसंग मोबाइल के खिलाफ अपना गुस्सा निकालने से नहीं रोका।

QR कोड से ईशनिंदा पाकिस्तान में कोई नई बात नहीं

पिछले साल 31 दिसंबर को एक पाकिस्तानी शख्स ने अमेरिका की दिग्गज कंपनी पेप्सी को उसकी 7UP बोतलों पर पैगंबर मुहम्मद के नाम के साथ एक QR कोड छापने को लेकर धमकी दी थी।

उस व्यक्ति ने पेप्सी कंपनी के ट्रक ड्राइवर को धमकी दी कि अगर कंपनी ने 7UP कोल्ड ड्रिंक की बोतल से QR कोड नहीं हटाया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पूछताछ करने पर खुद को मुल्ला बताने वाले उस व्यक्ति ने जोर देकर कहा कि QR कोड वास्तव में पैगंबर मुहम्मद का नाम है और अगर कंपनी लोगो को नहीं हटाती है तो वह ट्रक को जला देगा।

पाकिस्तान में ईशनिंदा

पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित ईशनिंदा को लेकर पाकिस्तान को व्यापक सांप्रदायिक हिंसा और दंगों का सामना करना पड़ा है। पैगंबर मुहम्मद के लिए विपरीत संदर्भ देना, जिसे ‘ईशनिंदा’ कहा जाता है, अक्सर इस्लामवादियों द्वारा ‘गैर-मुस्लिमों’ के खिलाफ हिंसा और सांप्रदायिक दंगे करने के लिए एक वजह के रूप में उपयोग किया जाता है।

पैगंबर मुहम्मद की निन्दा और अपमान के नाम पर गैर-मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा और बर्बरता की असंख्य रिपोर्टें हैं। पाकिस्तान में ईशनिंदा के नाम पर किसी को काट देना या जिंदा जला देना आम घटना सी है। इसमें वहाँ की न्यायपालिका भी चाह कर कुछ नहीं कर पाती है।

मोहम्मद जुबैर की रिमांड के खिलाफ HC में हुई सुनवाई, दिल्ली पुलिस से दो सप्ताह में माँगा जवाब, धार्मिक भावना को आहत करने का मामला

दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने शुक्रवार (1 जुलाई 2022) को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) की एक याचिका पर दिल्ली पुलिस से उसका रुख पूछा है। जिसमें उसने 2018 में एक हिंदू देवता के खिलाफ पोस्ट किए गए एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट से संबंधित एक मामले में उनकी पुलिस रिमांड की वैधता को चुनौती दी थी।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संजीव नरूला ने याचिका पर नोटिस जारी की। कोर्ट ने जाँच एजेंसी को उस याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। जिसमें निचली अदालत के 28 जून के आदेश को चुनौती दी गई थी। वहीं कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई को लिस्टेड किया है।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि रिमांड आदेश 2 जुलाई को समाप्त हो जाएगा। इसमें आगे कहा गया, “पुलिस रिमांड आदेश चार दिनों के लिए है। मुझे दूसरे पक्ष को सुनना होगा। मैं नोटिस जारी करूँगा।”

गौरतलब है कि जुबैर को 27 जून को दिल्ली पुलिस ने अपने एक ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था और उसी दिन निचली अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। एक दिन की हिरासत में पूछताछ की समाप्ति पर पेश किए जाने के बाद मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट स्निग्धा सरवरिया ने ज़ुबैर की हिरासत चार दिनों के लिए बढ़ा दी थी।

निचली अदालत के आदेश के मुताबिक, जुबैर को चार दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने पर दो जुलाई को उसके समक्ष पेश किया जाएगा।

उस पर IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-153 (ऐसे कृत्य जिससे दंगे और उपद्रव होने की आशंका हो) और धारा-295 (किसी समाज द्वारा पवित्र मानी जाने वाली वस्तु का अपमान करना) लगाई गई थी।

गौरतलब है कि मोहम्मद जुबैर फैक्ट चेक के नाम पर फेक न्यूज फैलाने वाले ऑल्ट न्यूज का को फाउंडर है।

किसी को ईद तक तो किसी को 17 जुलाई तक मारने की धमकी, पटाखों का जश्न तो कहीं सिर तन से जुदा के स्टेटस: कन्हैयालाल के कत्ल के बाद कई कट्टरपंथी मुस्लिम गिरफ्तार

राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को चरमपंथियों द्वारा की गई टेलर कन्हैयालाल की हत्या को जायज ठहरा रहे कई लोगों पर संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई हुई है। कुछ इस बहशीपन को बढ़ावा दे रहे थे, कुछ ने आतिशबाजी करके खुशियाँ भी मनाई। अभी तक ऐसे कई मामलों में पुलिस ने लोगों की शिकायत पर एक्शन लिया। यहाँ ऐसे ही कुछ मामलों के बारे में हम आपको बता रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के बरेली से पुलिस ने कन्हैयालाल की बर्बर हत्या को जायज ठहराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम मोहसिन कुरैशी है। मोहसिन ने अपने फेसबुक पर कन्हैयालाल के कत्ल को न सिर्फ सही ठहराया था बल्कि ऐसी और हत्याएँ किए जाने की वकालत की थी। बरेली पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट लिखने वाले मोहम्मद ताज को भी गिरफ्तार किया गया है।

बरेली पुलिस प्रेसनोट

ईद से पहले नूपुर समर्थक का सिर कलम करने की धमकी

बरेली के ही एक अन्य घटनाक्रम में पुलिस ने थाना बारादरी पर नाज़िम अलवी नाम के व्यक्ति पर FIR दर्ज की है। इस जानकारी का ट्वीट बरेली पुलिस ने 30 जून 2022 को किया है। FIR के मुताबिक नाज़िम ने नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले एक व्यक्ति अमन राठौर का सिर ईद से पहले कलम करने की धमकी दी है। इस धमकी के विरोध में हिन्दू संगठनों ने SSP बरेली को ज्ञापन भी दिया है।

2 व्यक्तियों का हाल उदयपुर के कन्हैयालाल जैसा करने की धमकी

वहीं UP के सहारनपुर में 2 अलग-अलग व्यक्तियों का हाल उदयपुर के कन्हैयालाल जैसा करने की धमकी दी गई है। ये धमकी इन्हें चिट्ठी के माध्यम से दी गई है। इसमें से एक व्यक्ति बजरंग दल का कार्यकर्ता रजत शर्मा है। सहारनपुर के SSP आकाश तोमर ने इस धमकी का संज्ञान लेते हुए धमकाए गए लोगों को पुलिस का गनर उपलब्ध करवाया है। इसी के साथ इस मामले में केस दर्ज करके धमकी देने वाले की तलाश शुरू कर दी गई है।

कन्हैयालाल के कत्ल का जश्न मनाते बाप बेटे गिरफ्तार

मेरठ पुलिस ने कन्हैयालाल के क़त्ल पर अतिशबाज़ी करते बाप-बेटे मंज़ूर और शहजाद को गिरफ्तार किया है। आतिशबाजी उसी दिन की गई थी जिस दिन उदयपुर में कन्हैया की हत्या हुई थी। मामला मेरठ के गाँव मैनापुट्ठी का है। हालाँकि, ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। आरोपितों के घर से पुलिस ने जले और साबुत पटाखे भी बरामद किए हैं।

साभार- मेरठ पुलिस

सिर तन से जुदा का स्टेटस लगाने वाला वली गिरफ्तार

बुलंदशहर पुलिस ने अपने नाम में राजपूत लगाने वाले वली को सिर तन से जुदा का स्टेटस व्हाट्सएप पर लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में खुद पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक मोहम्मद उमर के बेटे वली राजपूत ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था कि गुस्ताख़ ए नबी की एक ही सजा, सर तन से जुदा सर तन से जुदा, आपकी शान में गुस्ताखी करें उसका सिर अलग करे। इससे लोगों में आक्रोश फ़ैल गया था। इस मामले में पुलिस ने वली को गिरफ्तार करते हुए उसके मोबाईल को जब्त कर लिया है।

FIR