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जिस केमिस्ट की कन्हैया लाल जैसी हुई हत्या, उसकी जाँच NIA के पास: नूपुर शर्मा का पोस्ट किया था शेयर, शाहरुख, मुदस्सिर समेत 6 गिरफ्तार

उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या के पहले कथिततौर पर नुपूर शर्मा के समर्थन में आने की वजह से एक और हत्या को अंजाम दिया गया था। घटना अमरावती की थी। वहाँ उमेश कोल्हे नाम के केमिस्ट को देर रात जान से मार दिया गया था। अब उसी केमिस्ट की हत्या की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को दी गई है।

गृह मंत्रालय कार्यालय ने ट्वीट करके इस केस डेवलपमेंट पर जानकारी दी। HMO ने लिखा, “गृह मंत्रालय ने 21 जून को महाराष्ट्र के अमरावती में हुई उमेश कोल्हे की बर्बर हत्या की जाँच NIA को सौंप दी है। हत्या के पीछे की साजिश, विदेश तार, संगठनों की मिलीभगत सब पर जाँच की जाएगी।”

अमरावती केस की जाँच इससे पहले एटीएस के पास थी। वह पड़ताल में जुटे थे कि कहीं घटना के पीछे कोई आंतकी एंगल तो नहीं है। इसके अलावा ये भी पता लगाया जा रहा था कि उदयपुर की घटना और इस घटना में क्या समानता है। हालाँकि ये पूरा केस अब NIA को ट्रांस्फर हो गया और एजेंसी ने अपनी टीम भी अमरावती भेज दी है।

इस मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनके नाम मुदस्सिर अहमद शेख इब्राहिम (22), शाहरुख पठान (23), अब्दुल तौफीक तस्लीम (24), शोएब खान (29) और अतीफ रशीद (23) हैं। इनमें मुदस्सिर और शाहरुख को सीसीटीवी फुटेज में रेकी करते देखा गया था और इनकी गिरफ्तारी 23 जून को हुई थी। इसके बाद अब्दुल और शोएब 25 जून को पकड़े गए थे। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने इन लोगों को 5 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा था।

बता दें कि ये पूरी घटना 21 जून को रात 10:30 की है। कोल्हे अपने स्कूटर पर बैठ घर जा रहे थे। उनके साथ उनके बेटा-बहू भी थे। लेकिन वो दूसरी गाड़ी पर थे। जब ये लोग महिला कॉलेज गेट पहुँचे तो एक हमलावर ने आकर उनकी गर्दन पर धारधार हथियार से वार किया और गला रेतकर फरार हो गया। कोल्हे वहीं सड़क पर गिर पड़े और थोड़ी देर में पूरी सड़क खून से भर गई। उनका बेटा फौरन उन्हें अस्पताल लेकर पहुँचा पर तब तक वह दम तोड़ चुके थे।

पुलिस ने इस घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार आरोपितों के पास से बरामद किया है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज से घटना से पहले की गई रेकी आदि के सबूत जुटाए हैं। इस मामले में भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कोल्हे ने सोशल मीडिया ग्रुप में नुपूर शर्मा का पोस्ट साझा किया जिसके कारण उनकी हत्या को अंजाम दिया गया। कथिततौर पर उमेश ने नुपूर से जुड़ा एक पोस्ट ऐसे ग्रुप में डाला था जिसमें मुस्लिम भी थे। इसके बाद उन्हें फोन पर धमकियाँ आने लगीं और 21 जून को उनकी हत्या को अंजाम दिया गया।

‘उसे माफ मत करो, फाँसी दो’: नूपुर शर्मा पर सुप्रीम कोर्ट को मिला तालिबान का साथ, जारी की जूते से कुचलने वाली तस्वीर

नूपुर शर्मा मामले में अब भारत के सुप्रीम कोर्ट को तालिबान का साथ मिला है। तालिबान के प्रवक्ता ने सर्वोच्च न्यायलय के बयान का समर्थन किया है। बता दें कि कई राज्यों में FIR का सामना कर रहीं नूपुर शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर में कन्हैया लाल का सिर कलम किए जाने की घटना का जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि वो सीधा यहाँ आ गईं, जो उनके दम्भ को दिखाता है कि वो मजिस्ट्रेट को ‘छोटा’ समझती हैं। अब तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद का साथ सुप्रीम कोर्ट को मिला है।

असल में सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा को पूरे देश के सामने आकर माफ़ी माँगने की सलाह देते हुए कहा था कि उनके गैर-जिम्मेदाराना बयान के कारण देश में कई घटनाएँ हुईं। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस बयान का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है। जबीउल्लाह मुजाहिद अफगानिस्तान का सूचना एवं संस्कृति मंत्री भी है। अगस्त 2021 में मीडिया के सामने आने से पहले वो फोन और ईमेल वगैरह के जरिए ही बयान दिया करता था।

जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की। इसमें एक कट्टरपंथी जूते से नूपुर शर्मा की फोटो को कुचलते हुए दिख रहा है। तस्वीर पर लिखा है, “नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करो।” साथ ही उस पर जूते के निशान बने हुए हैं और हथकड़ी का चित्र भी है। जबीउल्लाह मुजाहिद ने लिखा कि नूपुर शर्मा को माफ़ी कतई नहीं मिलनी चाहिए, उन्हें फाँसी पर लटका दिया जाना चाहिए। उसने सुप्रीम कोर्ट के उस बयान का जिक्र किया कि नूपुर शर्मा की ढीली जबान ने पूरे देश में आग लगा दी।

याद हो कि जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था, “नूपुर शर्मा के बयान भड़काने वाले थे। देश में जो कुछ हो रहा है, उसके लिए केवल यह महिला ही जिम्मेदार है। इसके लिए उन्हें देश से माफी माँगनी चाहिए।” जबकि यह लगभग सभी को मालूम है कि उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल तेली का गला मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने काटा था और उसके बाद एक वीडियो बनाकर पूरी दुनिया के सामने इस जघन्य हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इससे पहले जस्टिस जमशेद बुर्जोर पारदीवाला भी आरक्षण पर ‘अनावश्यक टिप्पणी’ करके चर्चा में आए थे।

‘पापा-पापा’ बोलते भारतीय सीमा में घुस आया 3 साल का पाकिस्तानी बच्चा: BSF जवानों ने दुलारा, चॉकलेट देकर परिजनों को लौटाया

भारतीय सीमा में घुस आए करीब तीन साल के एक पाकिस्तानी बच्चे को भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने चॉकलेट खिलाकर दुलारा और फिर उसे पाकिस्तानी रेंजर्स के हवाले कर अपनी दरियादिली दिखाई। घटना पंजाब की है।

पंजाब के फिरोजपुर में पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शुक्रवार (1 जुलाई 2022) की शाम को तीन साल का एक बच्चा पापा-पापा कहते हुए भारतीय सीमा में घुस आया। वह अनजान लोगों को देखकर सहमा हुआ था। पापा के अलावा वह और कुछ बताने में असमर्थ था।

इसके बाद सीमा पर तैनात BSF बटालियन 182 के जवानों ने उसे गोद में लेकर चॉकलेट दिया और चुप कराया। इसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स की इसके बारी में जानकारी दी गई। कुछ ही समय पर बच्चे के परिजन आए और बच्चे को उनके हवाले कर दिया गया।

BSF के अधिकारियों ने बताया कि बच्चा जैसे ही भारतीय सीमा में प्रवेश किया तो अलर्ट मोड पर खड़े जवानों ने उसे आगे तक आने दिया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चा बहुत छोटा था और वह अपना नाम-पता कुछ नहीं पता रहा था।

सीमा पर दोनों देशों के गाँव सटे होने के कारण इस तरह की घटनाएँ कभी-कभी सामने आती रहती हैं। ऐसे में भारतीय जवान मानवता का परिचय देते हुए बच्चों को अक्सर मिठाइयाँ-खिलौने आदि देकर उन्हें उनके पाकिस्तानी परिजनों को सौंप देते हैं।

भारतीय नागरिकों की रिहाई की माँग

वहीं, भारत ने पाकिस्तान से उसकी हिरासत में रखे गए 536 भारतीय मछुआरों और तीन अन्य कैदियों को रिहा करने को कहा है। इन कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है और उनकी नागरिकता की पुष्टि हो गई है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत ने पाकिस्तान से उसके 105 मछुआरों और 20 अन्य कैदियों को तत्काल राजनयिक पहुँच उपलब्ध कराने के लिए कहा है। ये लोग पाकिस्तान की हिरासत में हैं और माना जाता है कि ये सब भारतीय नागरिक हैं।

‘आपका करियर रिकॉर्ड्स और आँकड़ों से परे’: PM मोदी का पत्र पाकर अभिभूत हुईं मिताली राज, कहा – आप लाखों लोगों के रोल मॉडल, मेरे भी

महिला क्रिकेट की पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज के संन्यास के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र लिख कर उनकी उपलब्धियों पर गर्व जताया है और आगे के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं। पीएम मोदी ने लिखा कि कुछ सप्ताह पहले आपने संन्यास का ऐलान किया, जिससे आपके कई फैंस हताश हो गए। उन्होंने लिखा कि सबसे पहले वो करोड़ों भारतीयों की तरह उन्हें एक अभूतपूर्व सफल करियर के लिए बधाई देना चाहते हैं।

उन्होंने लिखा कि मिताली राज ने अपने करियर के दौरान लगातार भारत को गर्व महसूस कराया। पीएम मोदी ने लिखा कि आपने न सिर्फ 2 दशक तक भारतीय क्रिकेट की सेवा की, बल्कि आप ज़रूरी प्रतिभा, दृढ़ता और परिवर्तन के हिसाब से स्वयं को ढालने की क्षमता की भी धनी हैं, जिससे वर्षों तक आप कमाल करती रहीं। पीएम मोदी ने लिखा कि इस जोश ने न सिर्फ आपकी मदद की, बल्कि कई नए खिलाड़ियों का भी उत्साहवर्धन किया।

पीएम मोदी ने मिताली राज को लिखा, “आपके करियर को देखना का एक दृष्टिकोण आँकड़े हो सकते हैं। अपने लंबे खेल करियर के दौरान आपने कई पुराने रिकॉर्ड्स तोड़े और कई नए रिकॉर्ड्स बनाए। ये उपलब्धियाँ, जिनमें अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाना भी शामिल हैं, आपके बारे में बताती हैं। लेकिन, आपकी सफलता आँकड़ों और रिकॉर्ड्स से परे है। आप एक ट्रेंड-सेटर हैं, एक खिलाड़ी जिसने कई बाधाएँ पार की और दूसरों के लिए प्रेरणा का एक असाधारण स्रोत है।”

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि सैकड़ों महिला एवं पुरुष क्रिकेटरों ने आपको एक प्रेरणा और रोल मॉडल के रूप में पाया है। साथ ही दुनिया भर में कई इलाकों और देशों के लाखों लोग आपके स्टाइलिश और सटीक स्ट्रोक्स का आनंद लिया है। उन्होंने लिखा कि आपने दुनिया भर में कई पीढ़ियों के क्रिकेट फैंस को जी यादें दी हैं, वो हमेशा सहेज कर रखी जाएँगी। पीएम मोदी ने मिताली राज की असाधारण नेतृत्व क्षमता की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि आपने अपनी कप्तानी के दौरान अनगिनत क्रिकेटरों का दिशानिर्देशन किया और उन्हें आगे बढ़ाया।

प्रधानमंत्री ने लिखा कि वो 2017 विश्व कप के फाइनल मैच को नहीं भूल सकते, जब हमारी टीम जीत के एकदम करीब पहुँच गई थी। उन्होंने याद किया कि कैसे उस वक्त भी मिताली राज की शांतचित्त और स्थिर आचरण की सभी ने प्रशंसा की। उन्होंने क्रिकेट में व्यस्त रहने के बावजूद समाजसेवा में सक्रिय रहने के लिए मिताली राज की तारीफ़ करते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान उनके द्वारा की गई सेवाओं को याद किया।

पीएम मोदी ने मिताली राज की ‘दूसरी पारी’ के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दी, जैसा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर संन्यास के ऐलान के समय कहा था। उन्होंने कहा कि ये आपकी आश्चर्यजनक मनोदृष्टि ही थी, जिसकी बदौलत आप इस खेल में इतने लंबे समय तक शीर्ष पर रहीं। उन्होंने कहा ये दिखाता है कि आप समाज को कुछ देने के लिए और अपनी उपलब्धियों को नए स्तर पर ले जाने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आप भले खेल नहीं रही होंगी, लेकिन भारतीय खेल में योगदान ज़रूर देंगी।

वहीं मिताली राज ने इस पत्र को साझा करते हुए लिखा कि ये विलक्षण सम्मान और गर्व का विषय है कि आप देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इतनी गर्मजोशी से प्रोत्साहन प्राप्त करते हैं। उन्होंने पीएम मोदी को लाखों लोगों के लिए और खुद के लिए भी एक रोल मॉडल करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके क्रिकेट में योगदान पर सोच-समझ कर लिखी गई इस स्वीकृति से वो अभिभूत हैं। साथ ही कहा कि वो इसे हमेशा सहेज कर रखेंगी पीएम मोदी की उम्मीदों के साथ-साथ खेल में योगदान के लिए उनसे जो अपेक्षाएँ हैं, उन पर खरी उतरेंगी।

‘मुझे भी गुवाहाटी वाला ऑफर मिला था, लेकिन…’: संजय राउत का दावा, इधर उद्धव गुट ने स्पीकर चुनाव में ठोकी दावेदारी

महाराष्ट्र में सरकार जाने के बाद महाविकास आघाड़ी ने विधानसभा अध्यक्ष बनने के लिए हाथ-पाँव मारना शुरू कर दिया है। शनिवार (2 जून, 2022) को शिवसेना विधायक राजन साल्वी ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। इसके लिए कल (3 जुलाई, 2022) को चुनाव होना है। वहीं संजय राउत ने दावा किया है कि उन्हें बागी विधायकों ने गुवाहाटी आने का निमंत्रण दिया था।

साल्वी के नामांकन के दौरान जयंत पाटिल, धनंजय मुंडे (एनसीपी), अशोक चव्हाण (कॉन्ग्रेस), सुनील प्रभु (शिवसेना) समेत कई लोग उपस्थित रहे।

इससे पहले शुक्रवार को पहली बार भाजपा के विधायक राहुल नार्वेकर ने इस पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। नार्वेकर मुंबई में कोलाबा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि साल्वी रत्नागिरी जिले के राजापुर क्षेत्र से विधायक हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र 3 और 4 जुलाई को आहूत किया गया है। रविवार को स्पीकर पद के चुनाव के साथ ही अगले दिन नवनियुक्त मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे फ्लोर टेस्ट का सामना करेंगे।

मुझे भी गुवाहाटी आने का मिला था ऑफर

महाराष्ट्र में जारी सियासत के बीच अब शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत ने खुलासा किया है कि बागी विधायकों ने उन्हें भी गुवाहाटी आने का ऑफर दिया था। लेकिन उन्होंने इसे रिजेक्ट कर दिया। राउत के मुताबिक, वो बालासाहब ठाकरे के अनुयायी हैं, इसलिए नहीं गए।

उन्होंने कहा, ”मेरी अंतरात्मा कहती है कि मैंने कुछ नहीं किया। मुझे जाँच एजेंसियों का सामना करना पड़ रहा है। मैं उसी भरोसे के साथ गया और दस घंटे बाद बाहर आया। लेकिन मैं नहीं गया। हम बालासाहेब ठाकरे, उद्धव ठाकरे और शिवसेना के साथ रहते थे। मैं कहता हूँ, अगर सच्चाई आपकी तरफ है, तो डरने की कोई जरूरत नहीं है। मैंने कल अधिकारियों से कहा था बैग भरा हुआ था। हम डरेंगे नहीं। आप जो चाहें सवाल पूछ सकते हैं। आप अपना काम करते हैं, मैं अपना काम करता हूँ।”

पात्रा चॉल घोटाले के मामले में राउत का कहना है कि वो एक नागरिक के साथ ही एक सांसद भी हैं। इसलिए वो एजेंसी के बुलावे पर गए थे।

26 साल, 400 तरीखें और फिर बरी: झूठे आरोप में कोर्ट के चक्कर में 70 साल के बुजुर्ग ने बिता दी जवानी, बेटियों को भी पढ़ा नहीं पाया

भारत की न्यायिक व्यवस्था इतनी सड़-गल चुकी है कि एक निर्दोष व्यक्ति को दोषमुक्त साबित करने के लिए कई दशक लग जाते हैं। इस दौरान की आर्थिक, सामाजिक और मानसिक पीड़ा को समझने के लिए भारत की व्यवस्था के पास कोई उपाय नहीं है।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले 70 साल के रामरतन को लगभग तीन दशक तक ऐसी ही पीड़ा से गुजरना पड़ा। न्यायालय ने अपनी कछुआ चाल कार्रवाई के बाद फैसला सुनाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। इस पर मंथन करने की कभी जरूरत महसूस नहीं की कि आखिर एक सामान्य नागरिक न्यायालय पाने में तीन दशक क्यों लगे।

बुजुर्ग रामरतन को मुजफ्फरनगर के कोतवाली थाना की पुलिस ने अवैध तमंचा रखने के झूठे आरोप में साल 1996 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रामरतन करीब 3 माह तक जेल में रहे और उसके बाद जमानत पर बाहर आने के बाद 26 वर्षों तक कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाते रहे।

पुलिस की झूठी कहानी का प्रमाण तब सामने आया जब, इतने वर्षों में भी उसने बरामद तमंचे को साक्ष्य के रूप में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाई। इतना ही नहीं, विवेचना अधिकारी कोर्ट में गवाही तक नहीं दिया। इसके बाद जिले की सीजेएम मनोज कुमार जाटव की अदालत ने 24 साल बाद फैसला सुनाते हुए सितंबर 2020 में रामरतन को सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी कर दिया।

इसके बाद राज्य सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ने जिला जज की अदालत में मुकदमे की सुनवाई फिर से शुरू कर ने की याचिका दी। इसके बाद वहाँ मामले की सुनवाई शुरू की गई। करीब दो साल तक चली सुनवाई में दोनों तरफ से दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-11 के जज शाकिर हसन ने इस अपील को खारिज कर दिया।

इस तरह पुलिस द्वारा लगाए गए झूठे आरोप के कारण 26 सालों में 400 तारीखों के बाद रामरतन 27 जून 2022 को फिर बरी हो गए। इस अवधि में उन्होंने तमाम तरह की परेशानियाँ झेलीं और अपने जीवन के महत्वपूर्ण 26 साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर में गँवा दिए।

दिहाड़ी मजदूर रामरतन का कहना है कि पुलिस ने कट्टा और कारतूस की बरामदगी दिखाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस तरह वे केस के जाल में फँस गए और उनकी आर्थिक स्थिति चरमरा गई। इस कारण उनकी दो बेटियाँ पढ़ नहीं पाईं और ना ही अपनी पितृ धर्म का उचित पालन करते हुए उनकी शादी ढंग के घर में पाए।

रामरतन का कहना है कि उनकी पूरी जवानी मुकदमा लड़ने में बीत गई। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र लिखकर फर्जी गिरफ्तारी करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता की भी माँग की है।

कन्हैया लाल की हत्या का बुर्का कनेक्शन, चश्मदीद ने खोले राज: बताया – धमकी देने दुकान पर आई थी कट्टरपंथी महिला, कहा था – ‘गला काटेंगे’

राजस्थान के उदयपुर में हुई कन्हैया लाल की हत्या मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में उनकी दुकान पर काम करने वाले राजकुमार शर्मा ने भी मीडिया के सामने आकर उस दिन की हकीकत और उससे पहले मिल रही धमकियों के बारे में बताया है। राजकुमार के बयान से इस मामले में एक बुर्का कनेक्शन भी निकल कर आया है।

कन्हैया लाल की दुकान में काम करने वाले राजकुमार ने इस्लामी कट्टरपंथियों के डर से अपना मुँह ढकते हुए आजतक को बताया कि घटना से पहले भी कन्हैया लाल को मौत की धमकियाँ दी जा रही थीं। उनके अनुसार कुछ दिन पहले एक बुर्का पहने एक महिला और एक आदमी दुकान पर आए थे। जिन्होंने कन्हैया लाल को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।

राजकुमार शर्मा ने बताया कि जिस समय हत्यारों ने दुकान में एंट्री की उस समय वो लोग काम में लगे थे। हत्यारों ने कहा कि उन्हें कुर्ता फिट कराना है। इसके बाद उन लोगों ने अपना नाप दिया और फिर बोले कि एक और कुर्ता है। इतना कहकर वो अपना बस्ता खंगालने लगे। थोड़ी देर में ही उन्होंने अंदर से हथियार को निकाला और लगातार वार करना शुरू कर दिया।

राजकुमार बताते हैं कि जब कन्हैया लाल की चीखने की आवाज आई तो वह लोग बाहर निकले और बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगे। लेकिन कोई मदद को आगे नहीं आया तो फिर राजकुमार ने खुद मोहम्मद रियाज को धक्का दिया। रियाज ने इसके बाद राजकुमार पर भी हमला किया पर वो खाली चला गया। वहीं ईश्वर को जो मारा उसकी वजह से उसके पीछे चोट आई।

राजकुमार ने इसी बातचीत में पूछा गया कि ये जो बातें कही जा रही हैं कि दुकान की रेकी हुई थी। एक बुर्काधारी औरत और एक व्यक्ति ने आकर धमकी दी थी। ये सब बातें सच हैं क्या? इस पर राजकुमार ने कहा कि ये बात बिलकुल सही है। कुछ दिन पहले एक औरत और एक आदमी आए थे जिन्होंने कहा था, “तुमने हमारे पैगंबर के बारे में बोला। हम तुम्हारा गला काट देंगे।”

कन्हैया लाल हत्याकांड

उल्लेखनीय है कि 28 जून को कन्हैया लाल की निर्मम हत्या को उदयपुर स्थित उनकी दर्जी की दुकान में अंजाम दिया गया था। दोनों कट्टरपंथी कुर्ता सिलवाने के बहाने 2611 नंबर प्लेट की बाइक से आए और कुछ ही देर में कन्हैया लाल का सिर कलम करके फरार हो गए। घटना के बाद उन्होंने वीडियो जारी की थी। साथ ही पीएम मोदी को धमकी दी थी।

शिवलिंग को कहा फव्वारा, हिन्दू देवताओं को बताया ‘बलात्कारी’: YouTuber शाजिया नजर का वीडियो वायरल, ‘अग्निपथ’ पर भी भड़काया था

सोशल मीडिया पर यूट्यूबर शाजिया नजर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो हिन्दू धर्म के देवी-देवताओं पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करती सुनाई दे रही है। वीडियो में पुलिस को टैग करते हुए शाज़िया नुजार पर कार्रवाई भी माँगी जा रही है। ‘पाञ्चजन्य’ के सीनियर सोशल मीडिया कॉर्डिनेटर शिवम दीक्षित नाम के हैंडल द्वारा इस वीडियो को 1 जुलाई, 2022 (शुक्रवार) को शेयर किया गया है।

शिवम ने लिखा, “”शाजिया नुजार” ने हिंदू देवताओं को अपशब्द कहे। इस विधर्मी महिला के यूट्यूब पर लगभग 1 लाख सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 11 हजार फॉलोअर्स हैं। UP पुलिस, इस महिला की वजह से मेरी भावनाएँ आहत हुई है। कृपया मेरे ट्वीट का संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करें।”

वीडियो में शज़िया ने कहा, “हिन्दू होना भी कोई आसान बात नहीं है भाई साहब। 330 मिलियन देवी और देवताओं की पूजा करनी पड़ती है। तालाब में नहाती महिलाओं के कपड़े चोरी करने वाले कृष्ण को भगवान मानना पड़ता है। इतना ही नहीं, बलात्कारियों को भी भगवान मानना पड़ता है। तब जा कर बना जाता है हिन्दू। तो बोलिए अल्लाह हु अकबर।” इस वीडियो के खत्म होने के बाद बैकग्राउंड में ‘नारा ए तकबीर अल्लाह हु अकबर और नारा ए रिसालत का म्यूजिक बजता है।”

शिवम के अलावा कुछ अन्य हैंडलों ने भी इस वीडियो को आपत्तिजनक बताते हुए शेयर किया है। तमाम हैंडलों ने शज़िया पर कार्रवाई की माँग की है।

शाजिया का विरोध

मोहम्मद जुबेर के समर्थन में दिल्ली पुलिस के लिए ‘चोर’ और ‘फट गई’ जैसे शब्द

29 जून 2022 को शाजिया ने कथित फैक्ट चेक करने की आड़ में हिन्दू देवी-देवताओं को अपमानित करने के आरोपित मोहम्मद जुबेर के समर्थन में वीडियो बनाय था। इस वीडियो में उन्होंने मोहम्मद जुबेर के समर्थन का एलान करते हुए नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल पर कई टिप्पणियाँ की थीं। इसी वीडियो में शाज़िया ने दिल्ली पुलिस के लिए ‘फट गई’ और ‘चोर’ जैसे शब्द प्रयोग किए थे।

ज्ञानवापी के शिवलिंग को बताया था नकली

26 मई 2022 को शाज़िया ने वीडियो बना कर ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग को नकली शिवलिंग कह था। शिवलिंग को शाज़िया ने फव्वारा बताया था। उन्होने उस वीडियो को सेव कर के शेयर करने की भी बात कही थी। इसी वीडियो में वो हिन्दुओं द्वारा गए गए ‘बाबा आ गए’ के भाव का भी मजाक उड़ाया।

भारत में दे चुकी हैं श्रीलंका जैसे हालत की चेतावनी

16 मई, 2022 को शाजिया ने अपने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर करते हुए श्रीलंका में बने हालातों जैसी स्थिति भारत में भी होने की धमकी दी थी। शाज़िया के मुताबिक, श्रीलंका में आर्थिक संकट वहाँ के लोगों द्वारा मुस्लिमों पर जुल्म करने के चलते आया है। उन्होंने आगे कहा कि अगर भारत में हालात न बदले तो श्रीलंका जैसे हालातों के लिए तैयार रहिए।

अग्निपथ पर भड़काया था युवाओं को

अग्निपथ पर भी शाज़िया ने युवाओं को भड़काने वाली वीडियो बनाई थी। इस दौरान उन्होंने इस योजना की तुलना दिहाड़ी के मजदूर जैसी बताया था।अग्निपथ योजना को शाज़िया ने बचत योजना कहा था।

जानिए अयोध्या क्यों पहुँच रहे CM एकनाथ शिंदे के समर्थक, पूजा-अर्चना और आतिशबाजी भी: लग रहे रामलला के जयकारे

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके समर्थक अब अयोध्या में रामलला (Ramlala) के दर्शन करने के लिए पहुँच गए हैं। दरअसल, शिंदे के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने प्रार्थना की थी कि अगर एकनाथ शिंदे राज्य के सीएम बन जाते हैं तो वे दोबारा से रामलला के दर्शन को आएँगे। अब शिंदे मुख्यमंत्री बन गए हैं तो वे अयोध्या पहुँच गए हैं।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अयोध्या में रामलला के जयकारे लगाते हुए शिंदे समर्थकों ने आतिशबाजियाँ की। एकनाथ के समर्थकों का कहना है कि जिस दिन इस बात का ऐलान हुआ कि वो सीएण बनेंगें तो उसी रात वो अयोध्या के लिए निकल पड़े थे। इसी तरह से शिंदे के एक समर्थक नितिन वाडेकर कहते हैं कि हिन्दू समाज ये चाहता था कि शिंदे मुख्यमंत्री बनें। अब जब रामलला ने अपने आशीर्वाद को फलीभूत कर दिया है तो वे यहाँ आकर खुशियाँ मना रहे हैं।

वहीं खाकी अखाड़े के महंत परशुराम दास का भी कहना है कि 8-10 दिन पहले ही उन्होंने शिंदे को लेकर कहा था कि वो सीएम बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में एक बार फिर से बाला साहब के प्रयासों को जीवित करने की कोशिशें की हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जब आदित्य ठाकरे अयोध्या आए थे तो उनके साथ एकनाथ शिंदे यहाँ आए थे।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सियासत के संकट का हालिया पटाक्षेप 30 जून, 2022 को उस वक्त हुआ जब बीजेपी ने विधायकों की कम संख्या के बावजूद शिंदे को मुख्यमंत्री बना दिया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शिंदे को लेकर पहले इस बात की उम्मीद की जा रही थी कि वो राज्य के उप मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं, लेकिन अचानक से ये फैसला हो गया। शिंदे के सीएम बनने को लेकर शरद पवार ने भी कहा था कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसा हो जाएगा।

जिस हथियार से किया कन्हैया लाल का सिर कलम, वो शोएब की फैक्ट्री में बना: हैवी मेटल को मशीनों से दिया खास शेप, 1 वार में ही करना चाहते थे ख़त्म

राजस्थान के उदयपुर में हिंदू दर्जी कन्हैया लाल के हत्यारों का मकसद आतंक फैलाना था। हत्यारों ने तय कर रखा था कि हत्या को इस तरह से अंजाम देना है, ताकि देखने वालों में दहशत कायम हो जाए। इसके लिए पत्थर काटने वाले मेटल से गर्दन काटने का हथियार बनाया और फिर हत्याकांड के बाद फैक्ट्री के पास चारे में खंजर को छिपाया था।

बता दें कि कन्हैया लाल की हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया गया है। घटना को अंजाम देने के लिए दो हथियारों का इस्तेमाल किया रया था। उदयपु ATS ने कन्हैया हत्याकांड के आरोपित रियाज और गौस से पूछताछ के बाद दोनों हथियार बरामद कर लिए। यह हथियार उदयपुर के सापेटिया इलाके की फैक्ट्री से बरामद किया गया। रियाज और गौस ने पूछताछ में बताया था कि वे कन्हैया लाल की हत्या करने के बाद उदयपुर के सापेटिया इलाके में गए थे।

यह जानकारी सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उदयपुर के सपेटिया इलाके में एक लोहे के कारखाने में छापेमारी की। बताया जा रहा है कि इसी कारखाने में कन्हैया लाल की हत्या के बाद आरोपितों ने वीडियो बनाया था।

जानकारी के मुताबिक, उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र मे सापेटिया स्थित एसके इंजीनियर्स के यहाँ एनआईए व एसआईटी टीम के अधिकारियों ने छापा मारा है। कन्हैया हत्याकांड के आरोपित रियाज और गौस ने यहीं बैठकर हत्या के बाद वाला वीडियो बनाया था। एसके इंजीनियर्स के मालिक का नाम शोएब बताया गया है। 

दैनिक भास्कर‘ की रिपोर्ट के मुताबिक शोएब, एक आरोपित रियाज का दोस्त है, वहीं दूसरा आरोपित गौस इसी फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम करता है। उसी ने हथियार तैयार करने में मदद की। रियाज भी फैक्ट्री में आता-जाता रहता था, इसलिए उसे इन औजारों के बनाने के बारे में अच्छी तरह से पता था। बताया जा रहा है कि शोएब 6 साल से ये फैक्ट्री चला रहा है। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और शोएब से मामले में पूछताछ की जाएगी।

हालाँकि, हैवी मेटल से हथियार बनाने का जो कारण सामने आया है, वह काफी भयावह है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों हत्यारे चाहते थे कि हथियार इतना खतरनाक हो कि एक वार में ही कन्हैया लाल की गर्दन अलग हो जाए। गौस मोहम्मद ने कटर रिंग से छुरे का रूप दिया और हथियार तैयार किया। बता दें कि इस फैक्ट्री में पत्थर काटने के लिए विभिन्न मशीनों के जरिए हैवी मेटल की रिंग बनाई जाती है। जब मशीन की मदद से उसे तेजी से घुमाया जाता है तो वह पत्थर काटती है। इसी हैवी मेटल से रियाज ने यहाँ मौजूद मशीनों के जरिए खंजरनुमा हथियार तैयार किया।