Home Blog Page 2649

नूपुर शर्मा के पुतले को फाँसी पर लटकाया, निंदा करने पर वेंकटेश प्रसाद को कट्टरपंथियों ने बनाया निशाना: स्वरा भास्कर भी बिफरीं

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के पैगंबर मुहम्मद पर कथित बयान के विरोध में कर्नाटक के बेलगावी में कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने एक मस्जिद के सामने उनके पुतले को फाँसी पर लटका दिया था। रविवार (12 जून, 2022) को पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ( Venkatesh Prasad) ने इस मुद्दे पर एक ट्वीट कर नूपुर शर्मा के पुतले को फाँसी दिए जाने की निंदा की। फिर क्या था, इस्लामी विचारधारा वाले लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।

इस मुद्दे पर प्रसाद ने एक ट्वीट के जरिए नूपुर शर्मा के पुतले को फाँसी पर लटकाए जाने को बेहद डरावना करार दिया। उन्होंने कहा कि यकीन ही नहीं हो रहा है कि ये 21वीं सदी का भारत है। पूर्व क्रिकेटर ने लोगों से राजनीति को एक तरफ कर अपने विवेक से काम लेने की सलाह दी। प्रसाद ने कहा कि ये बहुत ज्यादा हो गया है। ये केवल एक पुतला नहीं था, बल्कि कइयों को ये धमकी थी। हालाँकि, उनकी विवेक वाली अपील के बाद कुछ कथित लिबरल और इस्लामवादियों ने उन्हें ही घेरना शुरू कर दिया।

इसी क्रम में कई इस्लामवादियों ने अयोध्या में विवादित ढाँचे के विध्वंस की तस्वीरों को शेयर किया, जिसके बाद हिंसक दंगे भड़क गए थे। इस घटना के 10 साल बाद 2002 में एक इस्लामिक भीड़ ने अयोध्या से आने वाले तीर्थयात्रियों से भरी ट्रेन में आग लगा दी थी।

ये बड़ी ही हैरानी वाली बात है कि कुछ लोग इन तस्वीरों का इस्तेमाल नूपुर शर्मा को दी जा रही हत्या की धमकियों को जस्टिफाई करने में कर रहे हैं। ये अपनी इस्लामिक किताब का हवाला देते हैं।

कई कट्टरपंथी मानसिकता वाले इस्लामवादियों ने तो नूपुर शर्मा के पुतले को फाँसी दिए जाने को सही ठहराने के लिए राँची पुलिस द्वारा दंगाइयों पर की गई कार्रवाई की तस्वीरों को शेयर कर रहे हैं।

यहीं नहीं, कई लोगों ने तो नूपुर शर्मा के पुतले को फाँसी पर लटकाए जाने को जस्टिफाई करने के लिए कुतर्क दिया कि क्रिकेट फैंस और राजनीतिक कार्यकर्ता तो अक्सर पुतले जलाते हैं। हालाँकि, पुतले को फाँसी देकर कट्टरपंथियों ने ये संदेश दिया है कि अगर उनकी ‘धार्मिक भावनाओं को आहत’ किया गया तो ऐसा करने वालों के साथ इसी तरह का सुलूक होगा।

वामपंथी और इस्लामवादी बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर भी नूपुर शर्मा के पुतले के साथ किए गए सुलूक को सही ठहराने में लग गईं। अभी तक उन्होंने इस्लामिक दंगाइयों के कृत्य की निंदा नहीं की है। एक्ट्रेस ने कहा कि इसी तरह का डर बीफ लिंचिंग और लव जिहाद में कथित रूप से जिंदा जलाने वालों के लिए भी होना चाहिए।

गौरतलब है कि जिस तरह से नूपुर शर्मा के पुतले को लटकाया गया है, ठीक उसी तरह से अफगानिस्तान में कब्जा करने के तालिबान ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के शवों को क्रेन से लटका दिया था।

‘ये 1992 का भारत नहीं है… हम मस्जिद का नल भी नहीं देंगे’ : SDPI नेताओं ने हिंदुओं को दी देश छोड़ने की धमकी, कॉन्ग्रेस-सपा को कहा- ‘हरामखोर’

नुपूर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर किए गए सवाल के बाद कट्टरपंथी जगह-जगह आतंक मचाने पर जुटे हुए हैं। यूपी से लेकर बंगाल तक में जुमा नमाज के बाद भीषण हिंसा देखी गई। अब इसी क्रम में कुछ वीडियोज इंटरनेट पर सामने आई हैं और ऐसे दावे हुए हैं कि ये हिंसा पूर्व नियोजित थी जिसके पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की पॉलिटिकल ईकाई SDPI का हाथ था।

ट्विटर यूजर विजय पटेल ने इस संबंध में लगातार कई ट्वीट शेयर किए। उन्होंने दावा किया है कि SDPI द्वारा जारी प्रदर्शन का पोस्टर हर रैली में देखा गया। इन रैलियों में SDPI के लोग खुलेआम सड़कों पर सिर तन से जुदा के नारे लगाते सुनाए पड़े।

वीडियो में भारतीय सरकार को ललकारते हुए SDPI नेता कहता है- “तुमने बहुत बड़ी भूल कर दी है पैगंबर मोहम्मद की गुस्ताखी करके। ये मुसलमान जीता, उठता, सांस लेता ही अपने नबी के लिए है। अगर तुमने हमारे नबी की शान में गुस्ताखी की, तो मैं ये कहना चाहता हूँ… गुस्ताख-ए-रसूल की एक ही सजा, सिर तन से जुदा सिर तन से जुदा।” वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे सैंकड़ों की भीड़ भी इस प्रदर्शन का हिस्सा है और जोर जोर से सिर तन से जुदा के नारे लगाती है।

आगे SDPI का ये व्यक्ति भीड़ को भड़काते हुए कहता है कि ये 1992 का भारत नहीं है। वीडियो में उसे कहते सुना जा सकता है, “हमारी एक मस्जिद थी वो चली गई लेकिन अभी हमारे दिलों से नहीं गई है। आप भूल जाओ मस्जिद क्या, फव्वारा क्या… अब मस्जिद के लाइट, नल के लिए अपनी जानों को कुर्बान कर देंगे। तुमने क्या समझा है कि ये 1992 का भारत है। ये अब का भारत है… जब तक हमें इंसाफ नहीं मिलेगा तब तक हम अपनी आवाज को इसी तरह उठाएँगे। अगर रहना हो तो इज्जत से इस मुल्क में रहो। हम हर एक की कदर करना जानते हैं। अगर तुम नहीं जानते तो तुम्हारे बाप जहाँ से आए थे वहाँ चले जाओ।”

इसके बाद अगली वीडियो में एक और कट्टरपंथी नेता रैली के बीच खड़ा होता है और कहता है, “हमने अमन का भाईचारे का पैगाम दिया। अब मैं कहना चाहता हूँ यहाँ की हुकूमत को, यहाँ की इंटेलीजेंस को, यहाँ की पुलिस को… अगर नुपूर शर्मा को सजा नहीं दे सकते, अगर नवीन जिंदल को आप सजा नहीं दे सकते, इस मुल्क के कानून के तहत आप सजा नहीं दे सकते या आपको किसी का हुकूम आना जरूरी है, अगर आपमें इतना दम नहीं कि आप नुपूर शर्मा और नवीन जिंदल को फाँसी पर लटका सको, तो उन लोगों को हमारे हवाले कर दो। ” इसके बाद मजहबी नेता भरी रैली में हिंदुओं के प्रति घृणा व्यक्त करता है और कहता है कि जब तक SDPI का एक भी कार्यकर्ता जिंदा है तब तक देश को हिंदू राष्ट्र ब्राह्मण राष्ट्र बनाने का सपना कभी पूरा नहीं होगा।

अगली वीडियो में अन्य जगह एक अन्य SDPI नेता कहता सुनाई पड़ता है, “आरएसएस के गंदे कीड़ों, तुम हमारे नबी का नाम ले रहे हो, मैं आपको बताता हूँ, आज हमको ये महसूस हो गया कि ये आरएसएस और बीजेपी के गंदे कीड़े, ये बुजदिल और बेफकूफ हैं ये लोग। हमने इस मुल्क के अंदर SDPI को बनाया है। इस पार्टी को बनाने से लेकर अब तक हम चैंलेज कर रहे हैं कि इस पार्टी का वजूद तुमसे टकराने के लिए हुआ है।”

अगली वीडियो में चलती भीड़ से गुस्ताख ए रसूल की एक ही सजा-सिर तन से जुदा,सिर तन से जुदा के नारे लगवाए जा रहे हैं। रैली में शामिल लोगों के हाथ में नुपूर शर्मा के पोस्टर हैं और मुँह पर नरेंद्र मोदी हाय-हाय का नारा।

बता दें कि ऐसी तमाम वीडियोज कट्टरपंथियों की सोशल मीडिया पर शेयर हो रही हैं। कट्टरपंथी नुपूर शर्मा को या तो फाँसी देने की माँग कर रहे हैं या फिर माँग कर रहे हैं नुपूर शर्मा को उनके हवाले कर दिया जाए। भाजपा के साथ इन कट्टरपंथियों को अब कॉन्ग्रेस और सपा से भी नाराजगी है। इन पार्टियों को उन्होंने ‘हरामखोर’ कहा है। बंगाल मुख्यमंत्री को तो कहा गया कि वो जो आज मुख्यमंत्री बनी बैठी हैं वो इन्हीं मुसलमानों की देन हैं।

जावेद पंप और उसकी बेटी आफरीन फातिमा के घर चला योगी सरकार का बुलडोजर, प्रयागराज हिंसा इसी का षड्यंत्र: देखें वीडियो

बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद पर कथित टिप्पणी के विरोध में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज में इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा की गई हिंसा के बाद यूपी पुलिस एक्शन में है। इसी क्रम में इस हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद उर्फ पंप की घर पर योगी सरकार ने बुलडोजर चला दिया है। उसके घर को प्रशासन ने ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

हालात को देखते हुए जावेद के घर के आसपास भारी संख्या में पुलिस फोर्स को डिप्लॉय किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित जावेद के घर को अवैध करार देते हुए प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने पहले उसके आवास पर एक नोटिस लगाया था, जिसमें उसे आज सुबह 11 बजे तक घर खाली करने के लिए कहा था।

बताया जा रहा है कि जावेद अहमद उर्फ पंप प्रयागराज में हिंसा के दौरान बच्चों को आगे करके पुलिस पर पत्थरबाजी करवाई थी। उसे शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इसकी पुष्टि प्रयागराज के एसएसपी अजय कुमार ने की थी। मामले में जावेद अहमद की बेटी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। SSP अजय कुमार ने बताया, “जावेद की बेटी भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल है। वह दिल्ली में छात्रा है। जरूरत पड़ी तो हम दिल्ली पुलिस से संपर्क कर अपनी टीमें भेजेंगे।” रिपोर्ट के अनुसार जावेद अहमद की बेटी नाम सारा अहमद है। वह जेएनयू में पढ़ती है।

यहीं नहीं इस घटना में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से जुड़े लोगों के भी शामिल होने की बातें सामने आ रही है। इस पर SSP का कहना था कि फिलहाल ऐसे किसी कनेक्शन की पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि प्रयागराज में इस्लामिक कट्टरपंथियों की हिंसा के मामले में कड़ा एक्शन लिया है। एसएसपी अजय कुमार के मुताबिक, आरोपितों के ऊपर 29 अहम धाराओं के तहत केस दर्ज कर गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत कार्रवाई होगी। 70 नामजद और 5000 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

संदिग्ध हालत में मिला टॉप फैशन डिजाइनर का शव, बेडरूम से कार्बन मोनो ऑक्साइड सिलिंडर बरामद: माधुरी-रवीना के लिए भी किया था काम

टॉलीवुड (Tollywood) की टॉप और बॉलीवुड (Bollywood) में भी लोकप्रिय फैशन डिजाइनर प्रत्यूषा गरिमेला (Prathyusha Garimella) का शव उनके अपार्टमेंट से बरामद हुआ है। माना जा रहा है कि उन्होंने डिप्रेशन में आकर आत्महत्या की है। पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत मानते हुए मामला दर्ज कर लिया है।

प्रत्यूषा तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad, Telangana) के बंजारा हिल्स थाना क्षेत्र के अंतर्गत फिल्म नगर स्थित एक मकान में रहती थी। इसी फ्लैट में उनका शव बरामद हुआ है। पुलिस को 35 साल की प्रत्यूषा गरिमेला के बेडरूम से कार्बन मोनो ऑक्साइड (Carbon Mono Oxide) का सिलेंडर बरामद हुआ है। इसी आधार पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है।

कहा जा रहा है कि प्रत्यूषा ने कार्बन मोनोऑक्साइड को सूंघकर मौत को गले लगाया है। इसका कारण डिप्रेशन (अवसाद) बताया जा रहा है। प्रत्यूषा के बेडरूम से एक नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लिखा है- “मैं डिप्रेशन में हूँ और बहुत अकेला महसूस कर रही हूँ।” नोट में उन्होंने इसको जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

इस घटना की सबसे पहला जानकारी सिक्योरिटी गार्ड को मिली। शनिवार (11 जून 2022) को दोपहर सिक्योरिटी चेक के दौरान उसने प्रत्यूषा के दरवाजे को खुलवाने की कोशिश की तो उसे काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद सशंकित गार्ड ने पुलिस को सूचना दी।

गार्ड की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची और घर का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। वहाँ बाथरूम में प्रत्यूषा का शव पड़ा हुआ मिला। इसके बाद पुलिस ने इसकी सूचना प्रत्यूषा के के घरवालों और दोस्तों को दी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए उस्मानिया अस्पताल भेज दिया है।

पिछले साल प्रत्यूषा ने फेमिना को बताया था कि फैशन डिजाइनिंग में अपना करियर शुरू करने से पहले मास्टर की पढ़ाई के लिए यूके गई थीं। इसके बाद उन्होंने अपने पिता की एलईडी (LED) बनाने वाली कंपनी ज्वॉइन किया। हालाँकि, बहुत जल्दी ही इससे उनका मन भर गया। उन्होंने बताया था कि उन्हें पता चल गया था कि वह नौकरी के लिए नहीं बनी हैं और उसकी रुचि कहीं और है।

प्रत्यूषा ने फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई अमेरिका से की थी और अपने करियर की शुरुआत हैदराबाद में की। साल 2013 में उन्होंने अपने नाम से एक लेबल भी शुरू किया था। प्रत्यूषा ने टॉलीवुड के अलावा बॉलीवुड की माधुरी दीक्षित, रवीना टंडन, काजोल, परिणति चोपड़ा, हुमा कुरैशी, श्रिया सरन, काजल अग्रवाल, जूही चावला, गौहर खान, नेहा धूपिया, भूमि पेडनेकर जैसे कई सेलिब्रेटी के लिए काम किया था।

कैसे होती से कार्बन मोनो ऑक्साइड से मौत

कार्बन मोनो ऑक्साइड शरीर को ऑक्सीजन पहुँचाने वाले रेड ब्लड सेल्स पर असर डालते हुए हीमोग्लोबिन मॉलिक्यूल को ब्लॉक देती है। इससे शरीर को ऑक्सीजन नहीं मिलता और पूरा प्रभावित होने लगता है। इसके बाद मितली होने लगती है। फिर चक्कर व बेहोशी छाने लगती है और फिर मौत हो जाती है।

जब कोई जीव, खासकर मनुष्य, साँस लेता है तो उसके शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह होता है। यह ऑक्सीजन रक्त में जाता है और उसमें मौजूद हीमोग्लोबिन में घुल जाता है और फेफड़ों के माध्यम से शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुँचता है।

वहीं, हीमोग्लोबिन जब कार्बन मोनो ऑक्साइड के संपर्क में आता है तो वह घुलता नहीं है। इससे हीमोग्लोबिन मॉलिक्यूल ब्लॉक हो जाते हैं। फिर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण शरीर के सेल्स मरने लगते हैं और मौत हो जाती है।

3 रस्सी की ब्रा और पैंटी पहन हजारों को दिखाया स्तन, पुलिस के सामने हिलाया पिछवाड़ा: बच्चों के साथ ‘मर्द’ की अश्लील हरकत

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो अमेरिका का बताया जा रहा है। ये वायरल वीडियो उस प्रदर्शन का है, जिसे LGBTQ के अधिकारों के लिए यूरोपीय संघ की तरफ से आयोजित किया गया था। इसमें परेड में बच्चे भी शामिल थे। 

वायरल हो रहे इस क्लिप में मर्द जैसे दिखने वाले एक प्रदर्शनकारी शख्स को बच्चों के सामने अश्लील हरकत करते हुए देखा जा सकता है। शख्स ने ब्रा और पैंटी पहन रखा है। यह ब्रा महज 3 रस्सियों का है। इसमें से उसका स्तन साफ तौर पर दिख रहा है, क्योंकि उसे ढका ही नहीं गया है। हजारों की भीड़ में वह स्तन दिखाते हुए आता है। पहले वह प्रदर्शनकारियों की भीड़ के सामने अपना पिछवाड़ा हिलाता है और फिर आगे बढ़ता है। इस दौरान काफी तेज म्यूजिक बज रहा होता है, जिस पर वह इठलाता हुआ आगे बढ़ता है।

इसके बाद वह पुलिस की तरफ बढ़ता है। पुलिस उसे अपनी ओर बढ़ता देख पीछे हटने लगता है। इसके बाद शख्स पुलिस की तरफ देखकर अपना पिछवाड़ा हिलाने लगता है, जिससे पुलिस अधिकारी भी असहज हो जाते हैं। वह पहले नजर नीचे करते हैं और फिर दूसरी तरफ मुड़ जाते हैं। हालाँकि वह प्रदर्शनकारी शख्स को रोकने की कोशिश करते नहीं दिखाई देते हैं।

इस मार्च के दौरान वहाँ काफी बच्चे थे। इस शख्स के पीछे बच्चों का एक पूरा समूह था जो प्राइड के झंडे लहरा रहा था। इस कार्यक्रम में संभवतः सैकड़ों बच्चे भाग ले रहे थे और इसका हिस्सा थे। इस मार्च का वीडियो वायरल होने के बाद तमाम लोग आपत्ति जता रहे हैं।

बार-बार बलात्कार के बाद लिक्विड अटैक: राजस्थान के कॉन्ग्रेसी मंत्री के बेटे से 8 घंटे पूछताछ, अब केस वापसी के लिए हमला-धमकी

राजस्थान की गहलोत सरकार में मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित पर रेप का आरोप लगा है। आरोप लगाने वाली लड़की ने अब खुद पर जानलेवा हमले की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता के मुताबिक दिल्ली में उस पर कोई लिक्विड फेंका गया है।

लिक्विड फेंकने वाले हमलावरों की संख्या दो बताई जा रही है। इन पर केस वापसी के लिए धमकाने का भी आरोप लगा है। दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। घटना शनिवार (11 जून 2022) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 23 वर्षीया पीड़िता एक न्यूज़ चैनल में एंकर के तौर पर काम कर चुकी हैं। उन्होंने मंत्री महेश जोशी और उनके बेटे रोहित से अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की माँग की थी। पुलिस को पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया:

“2 हमलावरों ने मुझ पर कोई तरल पदार्थ फेंका। वह मेरे चेहरे और हाथों पर लगा। उन्होंने मुझे धमकाते हुए कहा कि तू नहीं मानेगी क्या? केस वापस ले ले।”

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता पर हमला ओखला इलाके में रात में लगभग 9:30 पर हुआ। पीड़िता के मुताबिक फेंके गए लिक्विड से उसके चेहरे पर जलन हो रही है। साथ ही आरोप है कि हमलावरों ने पीड़िता से इस घटना को बस एक ‘ट्रेलर’ भर बताया।

इस रिपोर्ट को शेयर करते हुए भाजपा नेता अमित मालवीय ने लिखा, “अशोक गहलोत सरकार के मंत्री महेश जोशी के बेटे पर जिस लड़की ने दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था, उस पर कल रात दिल्ली में हमला हुआ। चेहरे पर केमिकल फेंका गया। केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। मंत्री का बेटा फ़रार है और लड़की AIIMS के ट्रॉमा सेंटर में। कहाँ हैं राहुल और प्रियंका?

गौरतलब है कि जयपुर की रहने वाली पीड़िता ने महेश जोशी के बेटे रोहित पर खुद को नशीला पदार्थ खिला कर कई बार रेप का आरोप लगाया है। इस शिकायत पर दिल्ली पुलिस में रोहित के खिलाफ रेप और ब्लैकमेलिंग का केस भी दर्ज हुआ है। जाँच के दौरान दिल्ली पुलिस ने आरोपित रोहित से 8 घंटे लम्बी पूछताछ भी की है।

नूपुर शर्मा का सिर कलम करने की धमकी देने वाला इस्लामी प्रचारक आदिल गफूर गिरफ्तार, कहा था – गोमूत्र पीने वाले हिन्दुओं की हैसियत क्या?

जम्मू के डोडा जिले के भद्रवाह में नूपुर शर्मा का सिर कलम करने की धमकी देने वाले इस्लामी प्रचारक आदिल गफूर गनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह एलान गनी ने एक मस्जिद से किया था। इस बयान के बाद इलाके में तनाव फ़ैल गया था। गिरफ्तारी रविवार (12 जून, 2022) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भद्रवाह में कर्फ्यू लगा दिया गया है। एक हिन्दू युवक पर भी मुस्लिमों के पैगंबर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगा है। इसी के चलते दोनों पक्षों में तनाव है। खुद पर FIR दर्ज होने के बाद आदिल गफूर गनी ने अपने बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया था।

गफूर ने माफ़ी माँगते हुए कहा था, “हमारे नबी का मामला था और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा था। हम कानून में विश्वास रखते हैं। मेरा भाषण आधा-अधूरा दिखाया गया है। हालाँकि हमें बोलना नहीं था लेकिन मैं जज्बाती हो गया था। मैंने किसी खास समुदाय को टारगेट नहीं किया लेकिन अगर किसी की भावनाएँ आहत हुई हों तो मैं उनसे माफ़ी माँगता हूँ।”

आदिल गफूर का भड़काऊ भाषण सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। इस दौरान एक भीड़ ‘सिर तन से जुदा’ के नारे लगा रही थी। इस दौरान हिन्दुओं को गौ मूत्र पीने वाला कहा गया था।

इसी वीडियो में आदिल ने कहा था, “गाय का पेशाब पीने वालों का, गोबर के अंदर नहाने वालों की हैसियत ही क्या है दुनिया में ? इनको जो रिज़्क़ मिलता है हमारी दहशत से मिलता है। इनको जो हवा मिलती है हमारी बरकत से मिलती है। इनको जो दरिया से पानी मिलता है, हमारी बरकत से मिलता है। वरना इनका वजूद क्या है ? भाइयों, वक्त हमें सर कलम करना भी सिखाती है। इसलिए बातों को जेहन में बिठा दो कि हम खामोश तब तक हैं, जब तक कि हमारा बर्दाश्त कायम है। बर्दाश्त के बाहर निकल गए तो फिर नूपुर शर्मा क्या, वो आशीष कोहली कुत्ता क्या, वो नूपुर शर्मा ‘गंदी’ क्या, उनके सर कहीं और धड़ कहीं और मिलेंगे।”

इस वीडियो के वायरल होने के बाद भद्रवाह में हालत काबू करने के लिए सेना उतारनी पड़ी थी। घटना की जाँच के लिए SIT गठित की गई थी और कई इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई थी।

JNU वाली आफरीन का अब्बू प्रयागराज हिंसा का मास्टरमाइंड: बीवी-बेटी सहित हिरासत में, घर पर अब चलेगा बुलडोजर

भाजपा की पूर्व नेता नूपुर शर्मा के बयान को लेकर प्रयागराज में फैलाई गई हिंसा के मास्टरमाइंड में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की छात्रा रही और शाहीन बाग घटना के मास्टरमाइंड शारजील इमाम (Sharjeel Imam) की सहयोगी जेएनयू (JNU) छात्रा आफरीन फातिमा (Afreen Fatima) के अब्बू भी शामिल हैं। प्रयागराज हिंसा का वह मुख्य आरोपित है।

प्रयाग पुलिस ने आफरीन फातिमा सहित उसके अब्बू जावेद मोहम्मद उर्फ पम्प (Javed Mohammad Alias Pump), उसकी बीवी और छोटी बेटी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। आरोपी के मोबाइल में हिंसा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुबूत मिले हैं। इसके बाद आरोपित के घर को गिरा रही है। जावेद वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया का प्रदेश महासचिव है और CAA-NRC के विरोध प्रदर्शनों के दौरान शाहीन बाग में शामिल रहा था।

वहीं, जावेद के मकान को तोड़ने की नोटिस जारी करते हुए प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने कहा, आपका मकान उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 के प्रावधानों के विरुद्ध अनधिकृत रूप से निर्मित किया गया है। इस संबंध में 10 मई 2022 को आपको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और 24 मई को सुनवाई के दौरान ना ही आप और ना ही आपका अधिवक्ता उपस्थित हुआ और ना ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।”

नोटिस में आगे कहा गया है, “इसको ध्यान में रखते हुए 25 मई 2022 को भवन ध्वस्तीकरण के लिए आदेश पारित किया गया। इस संबंध में नोटिस लगा दी गई है। आप भवन को ध्वस्त कर 9 जून 2022 तक सूचित करें, अन्यथा 12 जून 2022 को प्रात: 11 बजे भवन को खाली करें, ताकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सके।”

इस घटना के बाद AMU के पूर्व छात्रों की एक संस्था AMU को-ऑर्डिनेशन कमिटी और कट्टरपंथी समर्थक आफरीन फातिमा और उसके अब्बू के पक्ष में खुलकर खड़े हो गए हैं। इसको लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने एक पत्र जारी किया है। जारी पत्र में कहा गया है कि यूपी पुलिस जानबूझकर फातिमा के परिवार को परेशान कर रही है। बता दें कि AMU प्रशासन इसे यूनिवर्सिटी से किसी तरह जुड़े होने की बात पहले ही खारिज कर चुका है।

पत्र में कहा गया है, “AMU के वीमेन कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन की पूर्व अध्यक्ष आफरीन फातिमा और उनके परिवार को यूपी पुलिस ने टारगेट करते हुए आधी रात को हिरासत में ले लिया। हमें पता चला है कि उनके अब्बू, अम्मी और छोटी बहन को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और अन्य लोगों को घर खाली करने के लिए बाध्य किया गया है।”

AMU ने इसे मानवाधिकार का हनन बताते आगे लिखा, आफरीन फातिमा एक सक्रिय छात्र नेता हैं, जो मुस्लिमों के मुद्दे को उठाती रही हैं। हमारा मानना है कि हिंदू राष्ट्रवादी सरकार के विरोधी रूख के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। हम AMU के लोग आफरीन और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।”

अशरफ हुसैन नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “छात्र नेता आफरीन फ़ातिमा के घर पर प्रयागराज प्रशासन बुलडोजर चलाने जा रहा है, 11 बजे तक घर खाली करने का वक़्त दिया गया है, आफरीन के माता पिता और बहन घंटों पहले डिटेन किये जा चुके हैं, सोचिए एक अकेली लड़की इस वक़्त किस मानसिक तनाव से गुज़र रही होगी…”

कौन है आफरीन फातिमा

आफरीन फातिमा AMU वीमेन कॉलेज स्टूडेंट यूनियन की पूर्व अध्यक्ष और JNU की छात्रसंघ की काउंसलर है। वह शाहीन बाग साजिश के मास्टरमाइंड शरजील इमामल की करीबी है। आफरीन फातिमा ने आतंकवादी अफजल गुरु (Afzal Guru) को ‘निर्दोष’ बताते हुए एक ट्वीट किया था। अफजल 2001 के संसद हमले के दोषी का और उसे फाँसी की सजा दी गई थी।

कश्मीर और नक्सलियों में जिहाद के समर्थन के लिए बदनाम वामपंथी प्रचारक पत्रकार अरुंधति रॉय द्वारा लिखे गए 15 जनवरी 2020 के कारवां पत्रिका में प्रकाशित एक लेख को साझा करते हुए आफरीन फातिमा ने ट्विटर पर अफजल गुरु के फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की था। उसने ट्विटर पर लिखा था, “फिर से आना, बार-बार। फैसला को बार-बार पढ़ें। कभी नहीं भूलेंगे।”

आफरीन फातिमा JNU की वही छात्र नेता है, जिसने सरकार के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ जहर उगला था। उसने राम मंदिर और आतंकवादी अफजल गुरु की फाँसी जैसे महत्वपूर्ण फैसलों पर संदेह जताकर देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था की अखंडता को चुनौती दी थी। फातिमा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।

25 जनवरी 2020 को यूजर @knewschannel द्वारा ट्विटर पर पोस्ट किए गए 45 सेकेंड के एक वीडियो में फातिमा ने भीड़ को भड़काने की कोशिश की थी। CAA और NRC का विरोध करते हुए उसने कहा था कि उसने महसूस किया है कि न तो सरकार और न ही सुप्रीम कोर्ट उनके (मुस्लिमों के) भरोसा के लायक है। फातिमा ने कहा कि था आतंकवादी अफजल गुरु ‘निर्दोष’ था और संसद पर हमले में उसका हाथ नहीं था।

JNUSU की काउंसलर फातिमा ने शरजील इमाम के पक्ष में मुखरता बोला था। यह वही शरजील है, जिसने उत्तर-पूर्व भारत को देश के बाकी हिस्सों से काटने का आह्वान किया था। छात्र संघ ने शरजील की गिरफ्तारी की निंदा की थी और इसे ‘इस्लामोफोबिया’ का मामला करार दिया था। फातिमा ने दावा किया कि बीजेपी मुस्लिमों को ‘अपराधी’ बनाना चाहती है।

‘जो शिव और राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं’: नेपाल के कई शहरों में नूपुर शर्मा के समर्थन में विशाल रैली, लोगों ने पूछा – भारत के हिन्दू कहाँ?

भाजपा नेता नूपुर शर्मा और हिंदू धर्म के समर्थन में पड़ोसी देश नेपाल में बड़ी रैली आयोजित की गई। नेपाल में रह रहे हजारों हिंदुओं ने नूपुर शर्मा के समर्थन में सड़कों पर रैली निकाली। यह रैली राजधानी काठमांडू के अलावा बीरगंज, पीरगंज और अन्य शहरों में भी निकाली गई। 

इस दौरान ‘जय हिंदू’, ‘जय हिंदुत्व’ और ‘जय श्री राम’ जैसे नारे लगाए गए। रैली में “जो हिंदू शिव और राम का नही वो किसी काम का नही” जैसे पोस्टर भी दिखाई दिए। बीरगंज में रैली के दौरान एक हिंदू संत को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि हिंदू आस्था के खिलवाड़ होने पर वह भी चुप्पी साध कर नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि पहले भी हिंदू धर्म को गाली दया गया। हाल ही में पाकिस्तान में शिव मंदिर को तोड़ दिया गया। फिर भारत की घटना को लेकर मुस्लिमों ने गुंडागर्दी किया। अब वह शांतिपूर्ण जुलूस निकालकर अपनी धर्म की रक्षा कर रहे हैं। इसमें भी कुछ जिहादी अडंगा डाल रहे हैं। हिंदू समर्थकों ने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के भी नारे लगाए।

रैली का वीडियो सामने आने के बाद नेटिजन्स भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “यह है हमारा पड़ोसी देश नेपाल है तो छोटे भाई की तरह पर फर्ज निभाता है। बड़े भाई की तरह देखिए हमारे भारत में नूपुर शर्मा जी के पक्ष में किसी ने रैली नहीं निकाली पर नेपाल के हमारे भाइयों ने नूपुर शर्मा जी के पक्ष में रैलियाँ निकालने शुरू कर दी। जय श्री राम नेपाल के सभी भाई बहनों को प्रणाम।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “नूपुर शर्मा के समर्थन में नेपाल के काठमांडू में ज़बरदस्त प्रदर्शन। नेपाल के हिन्दू जाग गए लेकिन भारत का हिन्दू सोया हुआ है।”

शिवचरण सुदर्शन यादव लिखते हैं, “पड़ोसी देश नेपाल में हिन्दू भाइयों ने नूपुर शर्मा के समर्थन में रैली निकाली। भले हमारे बीच बार्डर है पर हम सभी भाई भाई हैं।”

एक यूजर ने लिखा, “नेपाल के बीरगंज शहर में हिंदू समाज ने ‘सत्यवादी’ नुपूर शर्मा के समर्थन में विशाल जुलूस निकाला। अफसोस कि अपने देश के ही हिंदू इस धर्म और अधर्म की लडाई में कहीं सडकों पर नहीं दिखे।”

गौरतलब है कि भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद के कथित अपमान के नाम पर भारत में जगह-जगह किए जा रहे दंगे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस को सतर्क रहने को कहा है। मंत्रालय ने कहा कि हिंसा के दौरान उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।

बता दें कि शुक्रवार (10 जून 2022) को विरोध प्रदर्शन के नाम पर देश के कई शहरों में दंगे किए गए। इस दौरान दंगाइयों ने पुलिस पर हमला किया। इस दौरान तोड़फोड़, आगजनी और पथराव की कई गंभीर एवं चिंताजनक घटनाएँ सामने आईं।

रोटी के बाद अब पॉपकॉर्न में थूक: नयाज पाशा को पुलिस ने धरा, फ्राई करने वाले तेल में थूक रहा था, रोकने पर उलझा – वीडियो वायरल

कर्नाटक के बंगलौर में लोगों के खाने के सामान पर थूक रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम नयाज़ पाशा है। आरोप है कि नयाज पाशा पॉपकॉर्न की दुकान लगाता है। एक व्यक्ति ने उस पर पॉपकॉर्न बनाने वाले तेल में थूकने का आरोप लगाया है। घटना शनिवार (11 जून 2022) की है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

TV9 के वायरल हो रहे वीडियो में आरोपित नयाज को कुछ पुलिसकर्मी पकड़ कर ले जा रहे हैं। इसी के साथ पुलिस की मौजूदगी में कुछ लोग पीछे से चिल्ला कर नाराजगी जता रहे हैं। नयाज पुलिस की गाड़ी में बैठते हुए भी अपनी गलती नहीं स्वीकार करता दिखाई दे रहा। मौके पर पहुँची पुलिस ने एक बोतल में वो तेल भी अपने कब्ज़े में लिया, जिसमें नयाज द्वारा थूक कर पॉपकॉर्न बनाने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित नयाज की उम्र 21 साल है। वह बंगलौर के सोमेश्वर नगर का निवासी है। उसकी पॉपकॉर्न की दुकान लाल बाग़ में है। शनिवार की सुबह लगभग 9:30 पर उसकी दुकान के पास घूम रहे एक व्यक्ति ने नयाज को पॉपकॉर्न बनाने वाले तेल में थूकते देखा। इस दौरान वो पॉपकॉर्न को फ्राई कर रहा था। इस दौरान दोनों में विवाद होने लगा। मामले की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुँची थी।

आरोपित नयाज पाशा की दुकान को बंद करा दिया गया है। घटना की शिकायत करने वाले व्यक्ति ने पुलिस शिकायत से मना कर दिया। आखिरकार पुलिस ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए नयाज पर IPC की धारा 269 के तहत केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई सिद्दपुरा पुलिस स्टेशन में हुई है।