प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (14 जून, 2022) को महाराष्ट्र के पुणे में जगद्गुरु श्रीसंत तुकाराम मंदिर का उद्घटान किया। इस दौरान महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री व NCP नेता अजीत पवार और नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस भी मौजूद रहे। देहु रोड स्थित शिला मंदिर में संत तुकाराम की प्रतिमा का उद्घटान करने वाले पीएम मोदी ने इस दौरान सिल्क की एक विशेष पगड़ी पहन रखी थी, जिसे गिरीश मुरुडकर और उनकी कलाकारों की टीम ने तैयार किया है।
इस पगड़ी पर 17वीं शताब्दी के संत तुकाराम के बोल भी लिखे हुए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि मनुष्य जन्म में सबसे दुर्लभ संतों का सत्संग है और उन संतों की कृपा अनुभूति हो गई, तो ईश्वर की अनुभूति अपने आप हो जाती है। पीएम ने बताया कि उन्हें आज देहू की इस पवित्र तीर्थ-भूमि पर आकर मुझे ऐसी ही अनुभूति हो रही है। उन्होंने जानकारी दी कि अभी कुछ महीने पहले ही उन्हें पालकी मार्ग में 2 राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन करने के लिए शिलान्यास का अवसर मिला था।
प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी मार्ग का निर्माण 5 चरणों में होगा और संत तुकाराम पालकी मार्ग का निर्माण 3 चरणों में पूरा किया जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि देहू का शिला मंदिर न केवल भक्ति की शक्ति का एक केंद्र है बल्कि भारत के सांस्कृतिक भविष्य को भी प्रशस्त करता है। उन्होंने इसे पवित्र स्थान बताते हुए इसके पुनर्निमाण करने के लिए मंदिर न्यास और सभी भक्तों का आभार व्यक्त भी किया।
पीएम मोदी ने कहा, “भारत शाश्वत है, क्योंकि भारत संतों की धरती है। हर युग में हमारे यहाँ देश और समाज को दिशा देने के लिए कोई न कोई महान आत्मा अवतरित होती रही है। आज देश संत कबीरदास की जयंती मना रहा है। संत तुकाराम जी की दया, करुणा और सेवा का वो बोध उनके ‘अभंगों’ के रूप आज भी हमारे पास है। इन अभंगों ने हमारी पीढ़ियों को प्रेरणा दी है। जो भंग नहीं होता, जो समय के साथ शाश्वत और प्रासंगिक रहता है, वही तो अभंग होता है
पीएम मोदी ने कहा कि संत तुकाराम जी कहते थे कि समाज में ऊँच-नीच का भेदभाव बहुत बड़ा पाप है। बकौल पीएम मोदी, उनका ये उपदेश जितना ज़रूरी भगवतभक्ति के लिए है, उतना ही महत्वपूर्ण राष्ट्रभक्ति और समाजभक्ति के लिए भी है। उन्होंने कहा कि आज देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र पर चल रहा है और सरकार की हर योजना का लाभ हर किसी को बिना भेदभाव के मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने इतिहास याद दिलाया कि छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे राष्ट्रनायक के जीवन में भी तुकाराम जी जैसे संतों ने बड़ी अहम भूमिका निभाई और आजादी की लड़ाई में वीर सावरकर को जब सज़ा हुई, तब जेल में वो हथकड़ियों को चिपली जैसा बजाते हुए तुकाराम जी के अभंग गाते थे। पीएम ने कहा कि हमारी राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए आज ये हमारा दायित्व है कि हम अपनी प्राचीन पहचान और परम्पराओं को चैतन्य रखें। इसलिए, आज जब आधुनिक टेक्नोलॉजी और इनफ्रास्ट्रक्चर भारत के विकास का पर्याय बन रहे हैं तो हम ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास और विरासत दोनों एक साथ आगे बढ़ें।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की मौजूदगी में सोमवार (13 जून 2022) को हवाई जहाज के अंदर प्रदर्शन शुरू करने वाले कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के ऊपर जहाँ राज्य पुलिस ने आईपीसी की धारा 307 के तहत केस दर्ज करने की बात कही है, वहीं अब मंगलवार (14 जून 2022) को खबर आई है कि कोझिकोड के पेरंबरा में कॉन्ग्रेस कार्यालय पर अज्ञात हमलावरों ने देसी बम फेंक कर हमला किया। इस हमले में कार्यालय की खिड़कियाँ और दरवाजे टूट गए। कथिततौर पर ऐसे हमले कोझिकोड के अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी देखे गए।
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉन्ग्रेस ने इस हमले के पीछे सीपीएम कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार बताया है। कहा जा रहा है कि ये हमला सोमवार को जो कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा नारेबाजी की गई, काले झंडे दिखाए गए, उसी के बदले में किए गए हैं। इन हमलों में पयन्नूर कॉन्ग्रेस कार्यालय में महात्मा गाँधी की मूर्ति से उसका सिर तोड़ कर दिया गया और बाद में केपीसीसी अध्यक्ष के सुधाकरण की बीवी पर भी हमला हुआ। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा सख्त कर दी है। वहीं केरल पुलिस ने टी सिद्दीकी नामक विधायक पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने कालेपत्ता में बिन पूर्व अनुमति के प्रदर्शन किया।
बता दें कि सोमवार (जून 13, 2022) शाम, दो कॉन्ग्रेस युवा नेता मत्तान्नूर मंडलम अध्यक्ष फरसीन मजीद और कन्नूर जिला सचिव आर के नवीनतकुमार वे हवाई जहाज में केरल सीएम के विरुद्ध प्रदर्शन किया था। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी थे। वालियाथुरा पुलिस ने इस संबंध में हत्या के प्रयास में केस को दर्ज किया था। इस घटना की वीडियो विधायक सबरीनाथ ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन के लिए एलडीएफ के संयोजक ईपी जयराजन ने कॉन्ग्रेस यूथ कार्यकर्ताओं को उकायाता। उन्होंने इस घटना की निंदा की और पिनराई विजयन पर हुआ आतंकी हमला बताया।
वहीं कॉन्ग्रेस ने अपना ट्वीट करके राज्य में सत्ताधारी पार्टी को लेकर कहा, “सीपीएम माफियाओं ने हर हद्द पार कर दी है। उन्होंने विपक्ष के नेता को डराने धमकाने के लिए गुंडों को घर भेजा। इससे पहले इन्होंने तिरुवनंतपुरम के कार्यालय और कल पूर्व मंत्री व रक्षा मंत्री श्री एके एंटनी को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की थी।”
CPM mafia rule crosses all limits. @cpimspeak sends goons to barge into leader of opposition @vdsatheesan's home to intimidate. A murderous CPM mob had attacked the @INCKerala office in Thiruvananthapuram and tried to harm former CM and defense minister Shri AK Antony yesterday. pic.twitter.com/452Od1CZhd
बता दें कि केरल में पिछले कई दिनों से जोरदार प्रदर्शन हो रहे हैं। उनमें से एक प्रदर्शन सोना तस्करी मामले से भी जुड़ा है। स्वप्ना सुरेश ने पिछले सप्ताह केरल के मुख्यमंत्री के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। इसी के बाद सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन तेज हो गए। अब पुलिस ने सीएम के किसी भी कार्यक्रम में काले चीज पर रोक लगा रखी है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Delhi Health Minister Satyendar Jain) की जमानत याचिका पर कोर्ट ने आज (14 जून 2022) फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह जमानत याचिका पिछले सप्ताह ही दायर की गई थी। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट अब 18 जून (शनिवार) को जैन की याचिका पर अपना फैसला सुनाएगी। तब तक ‘आप’ नेता को जेल में ही रहना होगा। वहीं, सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हैरान कर देने वाला दावा भी किया।
अदालत में ईडी ने कहा कि सवाल पूछे जाने के दौरान सत्येंद्र जैन ने कहा कि उनको कोरोना हुआ था, जिसकी वजह से अब उनकी याददाश्त चली गई है। ईडी ने बताया कि सत्येंद्र जैन से कुछ कागजात के बारे में सवाल किए गए थे। जैसे हवाला से पैसा पाने वाले ट्रस्ट से सत्येंद्र जैन का क्या कनेक्शन है, वे उसके मेंबर क्यों हैं?
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सत्येंद्र कुमार जैन को सोमवार (13 जून, 2022) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। प्रवर्तन निदेशालय ने जैन को 30 मई की रात को गिरफ्तार किया था। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering Case) का आरोप है।
उल्लेखनीय है कि 6 जून को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ‘आप’ नेता के घर सहित उनके 7 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इस दौरान ईडी ने 2.82 करोड़ रुपए की अघोषित नकदी व 1.80 किग्रा सोना बरामद किया था। इसके बाद ईडी ने 9 जून को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जैन को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। ईडी ने दावा किया था कि केजरीवाल के मंत्री सत्येंद्र जैन ने पत्नी और बेटियों के नाम पर 16 करोड़ की धोखाधड़ी की है।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि साल 2017 में आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत सत्येंद्र जैन के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसी शिकायत के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने AAP नेता के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था। जाँच एजेंसी ने ये आरोप लगाया था कि जैन चार कंपनियों से मिली फंडिंग के स्त्रोत के बारे में नहीं बता सके थे, जबकि वो उसमें शेयर होल्डर थे। इन कंपनियों ने कथित तौर पर 2010 से 2014 तक 16.39 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की थी।
बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा और दिल्ली बीजेपी के पूर्व नेता नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणियों पर चल रहे विवाद के बीच, लोग हिंदू देवताओं पर टिप्पणियों की तुलना में पैगंबर पर की गई टिप्पणी पर एकतरफा चल रही प्रतिक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। जहाँ हिंदू देवताओं और सनातन परंपराओं पर बहुत खराब टिप्पणियाँ की गई हैं, जिन पर न कोई FIR हुआ और न मृत्युदंड की कोई माँग की गई, जबकि हर शहर में ‘लिबरल्स’ द्वारा समर्थित भीड़ नूपुर शर्मा के सिर पर लगातार ईनाम घोषित कर सिर कलम करने की माँग कर रही थी।
हालाँकि, पिछले कुछ वर्षों में, कई मशहूर हस्तियों, पत्रकारों और राजनेताओं ने बिना किसी प्रतिरोध या प्रतिक्रिया के हिंदू देवी-देवताओं को गाली देना बंद कर दिया है। वास्तव में, उनमें से कई अपनी इस हरकत की वजह से अपने करियर में आगे बढ़े हैं। यहाँ ऐसी टिप्पणियों और सोशल मीडिया रिपोर्टों की एक छोटी सी सूची हम पेश कर रहे हैं। देखिए इन लोगों ने किस तरह से हिन्दू धर्म और देवी-देवताओं का अपमान किया है।
अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी
शुरुआत करते हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से, जिन्होंने हाल ही में कश्मीरी हिंदुओं के दुख का मजाक उड़ाया था और ‘द कश्मीर फाइल्स’ को एक फर्जी फिल्म कहा था, ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ उन्होंने हिंदू देवताओं, पवित्र प्रतीकों और परंपराओं का मजाक उड़ाया था।
इससे पहले कि राम मंदिर निर्माण की बात थोड़ी दूर की कौड़ी लग रही थी, तब केजरीवाल ने 2014 में कहा था कि उनकी नानी (दादी) इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगी। वह बार-बार राम मंदिर की जगह स्कूल, कॉलेज और अस्पताल बनाने की माँग कर रहे थे।
राम मंदिर पर हिंदुओं का मजाक उड़ाने के अलावा, 2019 में, सीएम केजरीवाल ने एक अपमानजनक तस्वीर साझा की, जहाँ एक व्यक्ति अपने हाथ में झाड़ू (उनकी पार्टी का प्रतीक) के साथ हिंदू पवित्र प्रतीक स्वास्तिक को पीटते हुए दूर भगाने की कोशिश कर रहा था।
एक अन्य ट्वीट में, केजरीवाल ने भारत सरकार के साथ दिल्ली की आप सरकार के टकराव से ध्यान हटाने के लिए भगवान हनुमान द्वारा जेएनयू को जलाने का चित्रण करते हुए एक कार्टून साझा किया
आप में केवल केजरीवाल ही नहीं हैं जो हिंदू विरोधी बयान देते हैं या हिंदुओं के खिलाफ माहौल बनाने में लिप्त हैं। आप नेता संजय सिंह ने भी राजनीति में प्रासंगिकता हासिल करने के प्रयास में जून 2021 में भाजपा और अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा धन की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए एक झूठा अभियान चलाया था। जो बाद में फेक साबित हुआ था।
अगस्त 2020 में, AAP के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने सिक्किम में कंचनजंगा की तस्वीरें साझा की थीं, जिन्हें हिंदुओं और बौद्धों, दोनों द्वारा पवित्र माना जाता है, उत्तराखंड में कामेट पीक और नंदा देवी पहाड़ियों, जहाँ नंदा देवी का एक पवित्र मंदिर है, जो एक अवतार है हिंदू देवी माँ दुर्गा की। इसने इन पवित्र चोटियों और दिल्ली के गाजीपुर में एक विशाल लैंडफिल के बीच समानता दिखाई। विवादित ट्वीट के साथ कैप्शन लिखा था, “भारत के सबसे ऊँचे पहाड़।”
ज्ञानवापी में मिले ‘शिवलिंग’ का अपमान
हाल ही में ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के वजूखाने में मिले ‘शिवलिंग’ का मजाक उड़ाने का एक सिलसिला शुरू हो गया। तब भी हिन्दुओं की तरफ से कोई तीखी प्रतिक्रिया या FIR की बात नहीं आई।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की एक तस्वीर साझा करते हुए कटाक्ष करते हुए लिखा था कि उम्मीद है कि यह खुदाई सूची में अगला नहीं होगा।
यहाँ तक कि सबा नकवी ने ज्ञानवापी परिसर के अंदर मिले शिवलिंग का उड़ाने के लिए भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की एक तस्वीर साझा की। हालाँकि इसे आलोचना के बाद अब डिलीट कर दिया है।
वहीं राजद नेता कुमार दिवाशंकर ने भी अपने ट्वीट में भाजपा का मजाक उड़ाते हुए शिवलिंग का अपमानजनक संदर्भ दिया।
पीस पार्टी के शादाब चौहान ने भी वाराणसी की एक अदालत द्वारा ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को सील करने के आदेश के बाद एक अपमानजनक ट्वीट किया, जब उसके वुजुखाना के अंदर एक शिवलिंग मिला। चौहान ने छोटे खंभों के साथ लगे एक किनारे की तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें दावा किया गया था कि अगर कोई शिवलिंग पर दावा करता है तो न्यायाधीश उस क्षेत्र को सील कर देंगे।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता दानिश कुरैशी ने भी ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के अंदर शिवलिंग मिलने पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर शिवलिंग पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वहीं इस टिप्पणी को लेकर गुजरात पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
केवल नेता ही अपमानजनक टिप्पणी करने वाले नहीं हैं। इकोनॉमिक टाइम्स ने भी भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र को शिवलिंग के रूप में चित्रित करके हिंदुओं का मजाक उड़ाते हुए एक मीम प्रकाशित किया था और बम भोलेनाथ कैप्शन दिया था। तस्वीर को प्रिंट संस्करण के MEME’S THE WORD कॉलम में शामिल किया गया था।
कॉलम में एक और कार्टून ताजमहल के तहखाने में बंद दरवाजों को खोलने की माँग का मजाक उड़ाता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में इतिहास के एसोसिएट प्रोफेसर रतन लाल ने भी ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में मिले शिवलिंग को लेकर सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था कि अगर वह शिवलिंग है, तो ऐसा लगता है कि शायद शिव जी का भी खतना हुआ था।
— RP Singh National Spokesperson BJP (@rpsinghkhalsa) May 17, 2022
प्रोफेसर रविकांत चंदन ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे पर एक बहस के दौरान टिप्पणी की थी कि पंडितों द्वारा परिसर में हो रही अवैध गतिविधियों को कथित रूप से देखने के बाद इसे औरंगजेब द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था। उन्होंने जिस किताब और कहानी का जिक्र किया, उसका किसी ऐतिहासिक दस्तावेज में कोई जिक्र नहीं है। यहाँ तक कि किताब के लेखक ने खुद किताब को गंभीरता से नहीं लेने का सुझाव दिया था।
स्वतंत्र पत्रकार रकीब हमीद नाइक, एक कुख्यात हिंदू-फोबिक तत्व, ने ज्ञानवापी में शिवलिंग को बदनाम करने के लिए व्हाइट हाउस की एक तस्वीर और उसके सामने का एक फव्वारा लगाया। तथाकथित ‘पत्रकार’ के अनुसार, सर्वेक्षण दल को शिवलिंग नहीं मिला, बल्कि एक फव्वारे का पता चला है, जिसका उपयोग हिंदू पक्ष द्वारा ज्ञानवापी के स्वामित्व के लिए किया जा रहा है।
आस्था का अपमान
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से जुड़े जेएन मेडिकल कॉलेज में फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ जितेंद्र कुमार अपनी कक्षा में यौन अपराधों के बारे में पढ़ा रहे थे। पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन में वे विषय की व्याख्या करते थे, डॉ कुमार ने हिंदू देवताओं के लिए अपमानजनक संदर्भ दिए। बलात्कार के एक संक्षिप्त इतिहास को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए, उन्होंने बलात्कार को हिंदू देवी-देवताओं से जोड़ा। हालाँकि, कुमार को जाँच लंबित रहने तक विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया गया था, लेकिन उनके खिलाफ की गई किसी भी सख्त कार्रवाई पर अभी कोई अपडेट नहीं है।
कथित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी द्वारा 2002 में गोधरा ट्रेन जलाने की घटना में मारे गए 59 कारसेवकों और माँ सीता के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी को कोई कैसे भूल सकता है। हिंदुओं के विरोध के बाद हालाँकि उसके कई शो उस समय रद्द कर दिए गए थे। फिर भी उसे अभी एक बड़े रियलिटी शो लॉक अप में मौका दिया गया था जिसे उन्होंने जीता भी।
विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक इलियास शरफुद्दीन ने भी शिवलिंग की तुलना पुरुष शरीर के अंग से की है और कहा है कि हिंदुओं को मूर्ति और पुरुष के निजी अंग की पूजा करने की आदत है। वह ज़ी न्यूज़ द्वारा आयोजित ‘ताल ठोक के’ बहस में भाग लेने वालों में से एक थे। वेदों, गीता और उपनिषदों का हवाला देते हुए, शराफुद्दीन ने पहले तर्क दिया कि हिंदू ग्रंथों में उल्लेख है कि ‘जो लोग मूर्तियों की पूजा करेंगे उन्हें नरक में भेजा जाएगा’। “हिंदुओं को मूर्ति, लिंग और मानव शरीर के गुप्तांगों की पूजा नहीं करनी चाहिए”, उसने ‘ज्ञानवापी सर्वेक्षण वीडियो में शिवलिंग की उपस्थिति का मजाक उड़ाते हुए कई भद्दी टिप्पणियाँ की। यहाँ तक कि अन्य प्रतिभागियों को न सुनकर, वह हँसा और कहा, ” प्राइवेट पार्ट की पूजा नहीं होनी चाहिए (निजी अंगों की पूजा नहीं करनी चाहिए)”।
बंगाली फिल्म अभिनेत्री सायोनी घोष ने अपने ट्विटर प्रोफाइल पर बेहद आपत्तिजनक कार्टून साझा किया था। जब उसे कार्रवाई की धमकी दी गई, तो उसने दावा किया कि उसका अकाउंट हैक कर लिया गया था। बाद में टीएमसी ने उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट भी दिया।
मशहूर हस्तियों, नेताओं और मीडिया घरानों के अलावा, ब्रांडों को भी हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने की आदत होती है और जब उन्हें इस पर फटकार लगती है, तो उन्हें अक्सर वामपंथी और लिबरलों का समर्थन मिलता है। हाल के दिनों में, हिंदुओं को लक्षित करते हुए कई आपत्तिजनक अभियान और ब्रांड शुरू किए गए थे। हालाँकि, ज्यादातर मामलों में विज्ञापनों को हिंदुओं के विरोध के बाद हटा दिया गया था, लेकिन ब्रांड हिंदू विरोधी विज्ञापनों के किसी भी गंभीर परिणाम के बिना आसानी से पीछा छुड़ा लिए।
2019 में, रेड लेबल ने हिंदुओं को घृणित कट्टरपंथियों के रूप में पेश करते हुए गणेश चतुर्थी पर एक विज्ञापन अभियान शुरू किया। विज्ञापन में एक व्यक्ति को घर ले जाने के लिए गणेश की मूर्ति की खरीदारी करते हुए दिखाया गया, जहाँ उसने एक बुजुर्ग मूर्ति निर्माता से बात की कि वह किस प्रकार की मूर्ति खरीदना चाहता है। मूर्ति निर्माता को हिंदू पौराणिक कथाओं का गहरा ज्ञान था, वह जिस पेशे में है, उसके लिए आश्चर्य की बात नहीं है। बातचीत के दौरान मूर्ति निर्माता एक स्कल टोपी निकालता है और उसे पहनता है, जो यह दर्शाता है कि वह मुस्लिम है। यह देखकर, संभावित खरीदार हिचकिचाता है और कहता है कि वह आगे वापस आएगा, जिसका स्पष्ट अर्थ है कि वह किसी मुसलमान से मूर्ति नहीं खरीदना चाहता था। मूर्ति निर्माता ने तब उसे चाय की पेशकश की और कुछ बातचीत की, जिसने हिंदू व्यक्ति का मन बदल दिया, और उसने तुरंत वह मूर्ति खरीद ली। खैर, हिंदुस्तान यूनिलीवर के एक ब्रांड रेड लेबल को ऐसे विज्ञापनों को जारी करने और बैकलैश के बाद उन्हें वापस लेने की आदत है।
ऐसे ही ज्वैलरी ब्रांड तनिष्क द्वारा 2020 में लव जिहाद का महिमामंडन करने वाला एक विज्ञापन जारी किया गया था। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने उस विज्ञापन के लिए ज्वैलरी ब्रांड तनिष्क के बहिष्कार का आह्वान किया, जिसमें एक मुस्लिम परिवार में विवाहित हिंदू महिला को दिखाया गया था। उसके गोद भराई की तैयारी हो रही थी। हालाँकि, विरोध के बाद उसे YouTube से हटा दिया गया था।
2021 में, लोकप्रिय एथनिक गारमेंट ब्रांड फैबइंडिया ने भी दिवाली पर ‘जश्न-ए-रिवाज़’ नाम का एक विज्ञापन लॉन्च किया। जिस पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने हिंदू त्योहार और भावनाओं के इस तरह से इस्लामीकरण पर आपत्ति जताई। बहुत से लोगों ने दिवाली को ‘जश्न-ए-रियाज़’ कहने का समर्थन नहीं किया। इसे भी विरोध के बाद हटा दिया गया। हालाँकि, बाद में फैबइंडिया ने दावा किया कि यह दिवाली अभियान भी नहीं था जो कि लोगों के विरोध से बचने के लिए एक तरह की बहानेबाजी थी।
राजस्थान में हनीट्रैप के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। भारतीय सेना के जवानों को अपने जाल में फँसाने के लिए पाकिस्तान ने सभी हदें पार कर दी हैं। खबर है कि पाकिस्तानी एजेंट को न्यूड चैट की ट्रेनिंग दी जा रही है। पाकिस्तान ने भारतीय सैनिकों को फँसाने के लिए हनीट्रैप के 7 मॉड्यूल तैयार कर रखे हैं। इसमें 25 से ज्यादा लड़कियाँ हैं, जिनमें कुछ कॉलेज गर्ल्स हैं तो कुछ सेक्स वर्कर्स। जिस तरह आर्मी में ट्रेनिंग दी जाती है, उसी तरह पाकिस्तान इन लड़कियों को हनीट्रैप के लिए ट्रेनिंग दे रहा है।
पिछले महीने जोधपुर में सेना के जवान को हनीट्रैप में फँसाने का मामला सामने आया था। जोधपुर में गनर के पद पर तैनात प्रदीप को पाकिस्तान एजेंट ने रिया बनकर अपने जाल में फँसाया था। पाकिस्तानी एजेंट की खूबसूरती, दीवारों पर भगवान की तस्वीरें और शादी के झांसे में फँसकर प्रदीप ने आर्मी के सीक्रेट्स तक उसे दे दिए थे, जवान प्रदीप सेना की बेहद अहम रेजिमेंट से जुड़ा हुआ था। आठ महीने पहले उसने पाकिस्तानी महिला एजेंट को पोखरण में हुए कुछ मिसाइल परीक्षणों के वीडियो के साथ ही मिसाइलों का पूरा ब्योरा तक भेज दिया था। इसके मोबाइल से महिला को भेजे गए डॉक्यूमेंट की जानकारी भी मिली है। फिलहाल प्रदीप जेल में बंद है।
‘दैनिक भास्कर’ के मुताबिक, हनीट्रैप आर्मी में केवल खूबसूरत लड़कियों को ही भर्ती किया जाता है। कराची, लाहौर, हैदराबाद जैसे शहरों में आईएसआई और पाक मिलिट्री इंटेलिजेंस के अफसर लोकल सेक्स वर्कर्स को ढूंढकर उन्हें हायर करते हैं। इन लड़कियों को ‘पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO)’ कहा जाता है। सबसे पहले पाकिस्तानी हनीट्रैप आर्मी की एजेंट ये लड़कियाँ सोशल मीडिया पर फर्जी ID बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती हैं।
रिक्वेस्ट एक्सेप्ट होने के बाद वह जवानों से प्यार भरी बातें करती हैं और दावा करती हैं कि वो हर सुख-दुःख में उनका साथ देंगी। दोस्ती होने के बाद वे टारगेट को शादी का झाँसा देती हैं। इसके बाद शुरू होती है सेक्स चैट। इससे जाल में फँसने वाले को लगता है कि लड़की सचमुच उससे प्यार करती है।
ये लडकियाँ भारतीय नंबर से वाॅट्सऐप आईडी बनाती हैं, धोखा देने के लिए घर की दीवारों पर भगवान की तस्वीरें लगाती हैं। ताकि उन्हें हिंदू समझा जाए। टारगेट काे फँसाने के लिए ये लड़कियाँ न्यूड कॉल भी करती हैं। इसके बाद टारगेट इनके कहने पर देश की सुरक्षा से जुड़े सीक्रेट डॉक्यूमेंट भी शेयर करने के लिए तैयार हो जाता है। टारगेट और लड़की के बीच हुई सारी चैटिंग व वीडियो कॉल को पीआईओ रिकॉर्ड कर लेता है। टारगेट सीक्रेट डॉक्यूमेंट देने से इनकार कर दे, तो न्यूड वीडियो के दम पर उसे ब्लैकमेल किया जाता है।
जाल में फँसाने से पहले पूरा होमवर्क करती हैं
ये पाकिस्तानी ISI महिला एजेंट जवानों को अपने जाल में फँसाने से पहले पूरा होमवर्क करती हैं। कैप्टन रैंक के अफसरों द्वारा इन्हें मारवाड़ी और पंजाबी में बातें करने और रहन-सहन की ट्रेनिंग दी जाती है। यही नहीं, इन युवतियों को रिया, पूजा, अवनी, अनिका, हरलीन, मुस्कान जैसे नाम देकर हिंदू पहचान दी जाती है ताकि आसानी से सेना का जवान इनके जाल में फँस सके। गनर प्रदीप कुमार को अपने जाल में फँसाने वाली मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की नर्स बनी रिया अब तक 10 लोगों को फँसा चुकी है।
गौरतलब है कि पिछले साल राजस्थान में हनीट्रैप के 17 मामले सामने आए थे। ISI की ये खूबसूरत लड़कियाँ सोशल मीडिया के जरिए भारतीय नागरिकों और सेना के जवानों को फँसाती हैं। खासकर जिन लोगों ने सेना की वर्दी में तस्वीरें डाल रखी होती हैं, ये सबसे पहले उन्हें अपना निशाना बनाती हैं। इसके बाद चैटिंग की प्रक्रिया शुरू की जाती है। उनके साथ घूमने-फिरने से लेकर शादी तक का झाँसा दिया जाता है। उनके अश्लील वीडियो बनाकर के ब्लैकमेल का तरीका भी आजमाया जाता है। कई मामलों में चीनी कंपनी के गैजेट्स या मोबाइल का प्रयोग कर रहे जवानों को ज्यादा निशाना बनाया गया है।
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की आज दूसरी पुण्यतिथि है। दो साल पहले आज ही के दिन सुशांत की मौत हुई थी। वह मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। इसके पीछे साजिश की आशंका जताई गई थी। सीबीआई मामले की जॉंच कर रही है। सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) ने दिवंगत अभिनेता के साथ अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। साथ ही लिखा, “मिस यू एवरीडे।”
अपनी पोस्ट को लेकर रिया यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। यूजर्स उन्हें ड्रामेबाज बता रहे हैं। वहीं गौरव नाम के एक यूजर ने लिखा, “बहन पैसे खत्म हो गए क्या?” एक अन्य यूजर ने रिया पोस्ट पर कमेंट किया, “इंसान की कदर उसके मरने के बाद ज्यादा होती है।”
फोटो साभार: रिया का इन्स्टाग्राम
एक और यूजर ने लिखा, “सब कुछ करके अब याद कर रही है।”
फोटो साभार: रिया का इन्स्टाग्राम
वहीं एक यूजर ने तो उन्हें सुशांत का हत्यारा तक बता दिया।
फोटो साभार: रिया का इन्स्टाग्राम
सुशांत अपनी बहनों के काफी करीब थे। इस खास मौके पर सुशांत की बहन श्वेता ने अपने भाई के लिए एक पोस्ट शेयर की है। सुशांत की बहन श्वेता इंस्टाग्राम पर लिखती हैं, “आपको दुनिया से गए दो साल हो गए हैं, लेकिन जिन मूल्यों और सिद्धांतों के लिए आप हमेशा खड़े रहते थे, आज आप उस वजह से अमर हो गए हैं।” श्वेता ने आगे लिखा, “दया, करुणा और सबके लिए प्यार आपके गुण थे। आप सभी के लिए बहुत कुछ करना चाहते थे। हम आपके सम्मान में आपको गुणों और आदर्शों का लगातार पालन करते रहेंगे। आपने दुनिया को बेहतर के लिए बदला है और आपके न रहने पर हम इसे लगातार जारी रखेंगे।”
इसके बाद श्वेता ने जलते हुए दीपक वाली इमोजी पोस्ट की और लिखा, “आइए हम सब आज दीप जलाएँ और किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए निःस्वार्थ भाव से काम करें।” इस पोस्ट के अंत में उन्होंने उर्दू-हिन्दी के शायर निदा फ़ाज़ली की दो पंक्तियाँ लिखी हैं, “घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूँ कर ले, किसी रोते हुए बच्चे को हँसाया जाए।”
बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत ने टीवी शो ‘पवित्र रिश्ता’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने करियर में ‘धोनी अनटोल्ड स्टोरी’, ‘काई पो चे’, ‘छिछोरे’ के अलावा कई हिट फिल्में दी थीं। 14 जून 2020 को सुशांत की मौत की खबर सुनने के बाद उनके परिवार, दोस्त और फैंस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बिहार में मुजफ्फरपुर की अदालत ने करण जौहर और एकता कपूर समेत 7 फ़िल्मी हस्तियों को नोटिस जारी किया था।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश मालवीय की अदालत ने आदेश जारी किया था कि ये सभी अक्टूबर 21, 2020 तक हाजिर हों, या फिर अपने वकीलों के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराएँ। इन दोनों के अलावा आदित्य चोपड़ा, संजय लीला भंसाली, साजिद नाडियावाला, एकता कपूर, भूषण कुमार और दिनेश विजया को भी नोटिस भेजा गया था। 7 अक्टूबर को अभिनेता सलमान खान ने अपने वकील के माध्यम से अदालत में उपस्थिति दर्ज कराई थी। लेकिन, बाकी सातों हस्तियॉं गैर-हाजिर थीं।
बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह के पैतृक आवास नदावां स्थित घर से एके 47 व हैंड ग्रेनेड बरामदगी के मामले में मंगलवार (14 जून 2022) को पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आ गया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) विधायक अनंत सिंह को दोषी करार दे दिया गया है।
अदालत अब 21 जून को अनंत सिंह के खिलाफ सजा का ऐलान करेगी। अनंत सिंह फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद हैं। अनंत सिंह के घर से 16 अगस्त, 2019 को छापेमारी कर एके 47 राइफल, हैंड ग्रेनेड, कारतूस आदि बरामद किए थे।
Bihar | MP/MLA court in Patna finds RJD MLA and strongman Anant Singh guilty in a case where police recovered an AK-47 gun & other weapons from his residence. Police seized these weapons from MLA’s residence in raids conducted in August 2019.
पुलिस के सर्च ऑपरेशन की अगुवाई करने वाली तत्कालीन एसपी लिपि सिंह का दावा था कि हथियार तस्करी की पुख्ता सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसकी जानकारी पटना की तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक और तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (अब अवकाश प्राप्त) गुप्तेश्वर पांडेय को भी दी गई थी। फुलप्रूफ तरीके से पुलिस ने सुबह-सुबह करीब चार बजे ही अनंत सिंह के घर छापेमारी कर दी थी।
छापेमारी के बाद बिहार पुलिस ने अनंत सिंह के पैतृक आवास के केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया था। इसकी सूचना मिलते ही बाहुबली विधायक अनंत सिंह फरार हो गए थे। हालाँकि, तीन से चार दिन बाद उन्होंने दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद बिहार पुलिस उन्हें बाढ ले आई थी। वह 2019 से ही पुलिस की गिरफ्त में हैं।
एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज त्रिलोकी नाथ दुबे की अदालत में सोमवार (13 जून, 2022) को कानूनी बिंदुओं पर सुनवाई पूरी होते ही फैसले के लिए 14 जून क तिथि सुनिश्चित कर दी थी। पुलिस ने बाढ़, मोकामा, पंडारक, एनटीपीसी, हाथीदह व बेलछी थानों की पुलिस ने नदावां गाँव में अनंत सिंह के घर से 16 अगस्त, 2019 को छापेमारी कर एके 47 राइफल, हैंड ग्रेनेड, कारतूस आदि बरामद किए थे। उक्त मामलों में अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों से गवाही करवाई।
बचाव पक्ष ने 34 गवाहों से गवाही करवाई। अनंत सिंह अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके नाम से सोशल मीडिया पर कई मीम्स वायरल होते रहे हैं। नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ को लेकर ‘$%ड़ा की सरकार है’ वाला बयान देकर उन्होंने सुर्खियाँ बटोरी थी।
पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी मामले में नुपूर शर्मा की हत्या की माँग अब भी कट्टरपंथी लगातार कर रहे हैं। उनके इस अभियान में पहले छोटे लड़के जोड़े गए और अब कौम की महिलाओं व लड़कियों ने भी नुपूर शर्मा का सिर तन से जुदा देखने की इच्छा जाहिर कर दी है। सोशल मीडिया पर ऐसी कई वीडियोज वायरल हो रही हैं जिसमें कश्मीर की औरतें व स्कूली छात्राएँ खुलेआम सड़कों पर निजाम-ए-मुस्तफा माँग रही हैं।
एक वीडियो कश्मीर के सोपोर क्षेत्र से आई है। इसमें बुर्काधारी महिला एक लय में गा रही है, “गुस्ताख-ए-नबी का सिर चाहिए।” इसके बाद पीछे खड़ी सारी महिलाएँ भी इसी शब्द को दोहराती हैं। आगे उन्हें कहते सुना जा सकता है, “गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सिर तन से जुदा-सिर तन से जुदा।” ये महिलाएँ धमकी देती हैं- “गुस्ताख-ए-नबी तेरी खैर नहीं, खैर नहीं, तेरी खैर नहीं।”
Distressing that women should be asking for such violence against another woman. This is a protest in Sopore pic.twitter.com/ZQ49iFgQCe
अगली वीडियो कश्मीर की कुछ स्कूली छात्राओं की है। इन लड़कियों को हिजाब बाँधे सड़कों पर खुलेआम ‘कश्मीर में चलेगा निजाम-ए-मुस्तफा। गुस्ताख-ए-रसूल की एक ही सजा सिर तन से जुदा, सिर तन से जुदा’ कहते सुना जा सकता है।
Even little girls. This purported protest against Nupur Sharma, is from Srinagar, asking for ‘Nizam e Mustafa’ and prescribing beheading as punishment. pic.twitter.com/kasRJsgzQu
एक वीडियो कुछ अन्य कश्मीरी छात्र लड़कों की है। इस वीडियो में छात्र नुपूर शर्मा का सिर काटने की माँग रहे हैं। वीडियो में सुना जा सकता है कि पहले एक छात्र पूछता है ‘बोलो-बोलो क्या चाहिए।’ इस पर पीछे चल रहे छात्र कहते हैं- ‘नुपूर शर्मा का सिर चाहिए।’ फिर ये छात्र नुपूर शर्मा मुर्दाबाद के नारे भी लगाते हैं।
सामने आई युवा लड़कों की वीडियो कथिततौर पर कश्मीर की सेंट्रल यूनिवर्सिटी की है। जहाँ कश्मीर के गांदरबेल के लॉ विभाग के छात्रों ने सड़कों पर हाथ में पोस्टर लेकर नुपूर शर्मा के खिलाफ नारेबाजी की। 13 जून को एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके राज्य के उपराज्यपाल से कार्रवाई की माँग की थी और दावा किया था कि ये वीडियो 13 जून की ही है।
गौरतलब है कि नुपूर शर्मा केस में कट्टरपंथियों लगातार देश के कोने-कोने से तस्वीरें आ रही हैं। कहीं पर हिंदुओं को धमकी दी जा रही है कि वो देश छोड़ दें तो कहीं पर निजाम-ए-मुस्तफा माँगा जा रहा है। हाल में मुंबई में भी बुर्का पहनी कई महिलाएँ और बच्चियाँ नूपुर शर्मा के विरोध में प्रदर्शन में शामिल की गई थीं। बुजुर्गों से लेकर युवा तक ने सड़कों पर उतर कर माहौल बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। वीडियोज में देखा गया था कि कैसे कुछ युवक खुलेआम नुपूर शर्मा की हत्या की बात बेखौफ होकर कर रहे थे। इन युवकों की उम्र ज्यादा नहीं थी लेकिन रील्स में ये कहते सुनाई पड़ते हैं, “जिसने नबी की शान में गुस्ताखी की है। कानून का काम है उसे फाँसी देना और अगर हम इंसाफ पर उतर आए तो हमें आतंकवादी मत कहना।”
रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में मानवता को शर्मशार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ पुलिस ने एक शख्स को गाय (Cow) के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध (Rape) बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपित युवक की पहचान शाहबुद्दीन के रूप में हुई है। आरोपित शाहबुद्दीन शिवकर गाँव का रहने वाला है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 7 जून की है। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब कुछ लोगों ने आरोपित को गाय के साथ आपत्तिजनक हालात में देख लिया। उसने इसका वीडियो बना लिया और पुलिस को भेज दिया।
इस घटना की दो वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में साफतौर पर दिख रहा है कि युवक गाय के साथ रेप (Rape) कर रहा है। घटना अयोध्या के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के सराय गाँव की है। शिकायत मिलने पर पुलिस आरोपित तक पहुँची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
सराय खरगी निवासी हरिओम सिंह ने पुलिस से इस वीडियो के आदर पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद शुक्रवार (10 जून, 2022) को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित युवक पर अपराध संख्या- 217 /22 और भारतीय दंड संहिता की धारा 377 यानी किसी पशु के साथ अननैचुरल सेक्स करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली बीकापुर के निरीक्षक सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपित युवक ने इस मामले में पुलिस को अपना बयान दे दिया है।
अपने बयान में आरोपित ने गाय के साथ रेप की बात को कबूल कर लिया है। इसके बाद पुलिस उसे गिरफ्तार करके मजिस्ट्रेट के सामने कोर्ट में पेश कर चुकी है। पुलिस ने बताया कि कि मामले की अभी जाँच चल रही है और घटना के पीछे की वजह जानने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि गाय से रेप के यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अप्रैल 2022 में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) से एक गाय (Cow) के साथ दुष्कर्म (Rape) करने का मामला सामने आया था। लखनऊ पुलिस ने गाय के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के आरोप में माजिद नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले मार्च 2022 में उत्तराखंड के चमोली जिले में आलम अंसारी नाम का व्यक्ति गाय के साथ रेप करते हुए पकड़ा गया था। लोगों ने उसको पुलिस के हवाले कर दिया। आलम अंसारी मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला था और जो चमोली में JCB मशीन चलाने का काम करता था।
अक्षय कुमार की फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ बड़ी तरह फ्लॉप हो गई है। फिल्म के साथ बड़े-बड़े नाम जुड़े हुए थे, ऐसे में ये विश्लेषकों के लिए भी माथापच्ची का विषय बना हुआ है। लगातार हिट पर हिट दे रहे अक्षय कुमार के अलावा सोशल मीडिया पर सक्रिय सोनू सूद और 2017 में ‘मिस वर्ल्ड’ का ख़िताब जीतने वाली मानुषी छिल्लर के अलावा वरिष्ठ अभिनेता संजय दत्त भी इस मूवी का हिस्सा थे। निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी को नब्बे के दशक में ‘चाणक्य’ के सफल निर्देशक और अभिनय के लिए जाना जाता है।
सबसे बड़ी बात तो ये कि इस फिल्म को इंडस्ट्री में अक्षय कुमार के 30 वर्ष पूरे होने के रूप में सेलिब्रेट किया गया था। ‘यशराज फिल्म्स (YRF)’ जैसे बड़े बैनर ने इसका निर्माण किया था। फिल्म का बजट 200 करोड़ रुपए से भी अधिक बताया जा रहा है, ऐसे में इसे बड़ा घाटा लगा है। फिल्म को रिलीज हुए 10 दिन से अधिक हो गए हैं और सिनेमाघरों ने इसे निकाल बाहर किया है। अब इसे OTT पर ‘अमेज़न प्राइम’ पर समय पूर्व ही रिलीज किया जाएगा। अक्षय कुमार की पिछली फिल्म ‘बच्चन पांडेय’ भी फ्लॉप साबित हुई थी।
10 दिनों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस की बात करें तो ‘सम्राट पृथ्वीराज’ ने 62.30 करोड़ रुपए नेट कमाए। रविवार (12 जून, 2022) को इसकी कमाई सवा 3 करोड़ रुपए रही, जो इतनी बड़ी बजट वाली फिल्म के लिए निराशाजनक है। इस हफ्ते ‘निकम्मा’ फिल्म रिलीज हो रही है, जो बड़ी फिल्म नहीं है। इसके बावजूद 2 हफ़्तों में ‘सम्राट पृथ्वीराज’ के बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस 65 करोड़ के आपस ही रहने की उम्मीद है। अब अक्षय कुमार की अगली फिल्म ‘रक्षा बंधन’ पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
ये 11 अगस्त, 2022 (गुरुवार) को रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े अवसर पर रिलीज हो रही है। सबसे बड़ी बात कि आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ भी उसी दिन रिलीज हो रही है और क्लैश होने की संभावना है। इसी तरह अक्षय कुमार की पिछली फिल्म ‘बच्चन पांडेय’ भी ‘द कश्मीर फाइल्स’ की आँधी में उड़ गई थी और ये 50 करोड़ रुपए की नेट कमाई को भी तरस गई थी। उससे पहले उनकी लगातार कई फ़िल्में हिट रही थीं।