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हैदराबाद गैंगरेप में AIMIM विधायक का बेटा शामिल, BJP नेता ने Video में दिखाए सारे सबूत: रिपोर्ट्स

हैदराबाद के जुबली हिल्स में नाबालिग से गैंगरेप केस में AIMIM विधायक के बेटे के बचने के रास्ते अब बंद होते जा रहे हैं। खबर है कि एक वीडियो के जरिए भाजपा नेता ने ये साबित किया है कि इस केस में शहर के विधायक के बेटे का हाथ है। इस बीच रविवार (5 जून 2022) को पुलिस ने इस केस में तीसरे नाबालिग आरोपित को गिरफ्तार किया है और कई टीमें अब भी आरोपित ओमेर खान की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

डेक्कन क्रॉनिकल ने अपनी रिपोर्ट में बेहद विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया कि भाजपा विधायक एम रघुनंनदन राव ने शनिवार (4 जून 2022) को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक के बेटे की वीडियो प्रशासन को दिखाई। इस वीडियो में विधायक के बेटे द्वारा नाबालिग को छूने और चूमने का कृत्य कर पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन करते हुए साफ देखा जा सकता है। रिपोर्ट में ये भी दावा है कि जाँच अधिकारियों ने शुरू में विधायक के बेटे के साथ चैट की थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने ये भी दावा किया था कि विधायक का बेटा इनोवा गाड़ी में नहीं था। हालाँकि 28 मई को वो मर्सीडीज बेंज में था इस बात में अब कोई संदेह नहीं रह गया है।

गौरतलब है कि नाबालिग रेप केस में भाजपा नेता रघुनंदन राव ने शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईएमआईएम विधायक के बेटे का नाम लेकर सवाल किया था कि आखिर पुलिस कोई एक्शन क्यों नहीं ले रही। वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि वह पीड़ित नाबालिग से भी पूछताछ करके और आरोपितों के नाम निकलवा रहे हैं। अगर पीड़िता और किसी के नाम बताती है तो मामले में एक्शन लिया जाएगा।

बता दें कि 17 साल की पीड़िता 28 मई को एक पार्टी के बाद अपने घर लौट रही थी। उसी वक्त हैदरबाद जुबली हिल्स इलाके में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है एक वीडियो में देख सकते हैं कि पीड़िता एक पब के बाहर संदिग्ध आरोपितों के साथ खड़ी दिखाई है। रिपोर्टस की मानें तो आरोपितों ने पहले पीड़िता से उसके घर छोड़ने की बात कही। बाद में एक पार्क की हुई कार के अंदर उसके साथ मारपीट की गई और फिर बारी-बारी से सभी ने उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान दूसरे आरोपित कार के बाहर पहरा दे रहे थे। घटना की जानकारी होने के बाद लड़की के पिता ने इस संबंध में शिकायत दी थी और पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 323 और पॉक्सो एक्ट की धार 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया था।

‘भारत सरकार से सार्वजनिक माफी की माँग’: ‘ईशनिंदा’ पर बीजेपी नेताओं की कथित टिप्पणी से बिफरा इस्लामिक देश कतर, भारतीय राजदूत को किया तलब

भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के कथित बयान की इस्लामिक देश कतर (Qatar) ने निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने विशेष तौर पर भारतीय राजदूत को पैगंबर मुहम्मद पर भाजपा नेता के द्वारा की गई टिप्पणियों की निंदा करने के लिए तलब किया था। रविवार (5 जून 2022) को जारी किए गए एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि एक नोट सौंपने के लिए आज कतर में भारतीय राजदूत डॉ दीपक मित्तल को बुलाया गया था। इसमें कतर द्वारा भाजपा नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों की निंदा की गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, कतर के विदेश राज्य मंत्री सोल्टन बिन साद अल-मुरैखी ने भारत के राजदूत को नोट सौंपा। इसमें कहा गया है कि कतर सरकार भाजपा द्वारा जारी बयान और खुद को विवादित टिप्पणियों से अलग करने व पैगंबर पर टिप्पणी करने वाले नेताओं को सस्पेंड किए जाने के फैसले का स्वागत करती है। हालाँकि, कतर इससे खुश नहीं है और वो चाहता है कि भारत सरकार इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी माँगे।

कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा, “कतर भारत सरकार से सार्वजनिक माफी और इन टिप्पणियों की तत्काल निंदा की उम्मीद कर रहा है। इस तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए कि इस तरह की इस्लामोफोबिक टिप्पणियों को बिना सजा के जारी रखने की अनुमति देना मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है और इससे आगे पूर्वाग्रह हो सकता है। ये हिंसा और नफरत के एक चक्र का निर्माण करेगा।”

यही नहीं इस्लामिक देश ने एक तरह से धमकी देते हुए कहा, “इन अपमानजनक टिप्पणियों से धार्मिक घृणा को बढ़ावा मिलेगा और दुनिया भर के दो अरब से अधिक मुस्लिम इससे नाराज होंगे। इससे भारत समेत दुनिया भर में सभ्यताओं के विकास में इस्लाम की महत्वपूर्ण भूमिका की स्पष्ट अज्ञानता का संकेत मिलता है।”

भारतीय दूतावास ने दिया जबाव

कतर के विदेश मंत्रालय के इन बयानों के बाद वहाँ पर भारतीय दूतावास ने जबाव दिया है। भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने कहा, “ट्वीट किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों को नहीं दर्शाते हैं। ये फ्रिंज एलीमेंट्स के विचार हैं।”

दूतावास ने कहा, “हमारी सभ्यता की विरासत और विविधता में एकता की मजबूत सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप भारत सरकार सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान देती है।” उन्होंने कहा, “अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ पहले ही कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है।”

भारतीय दूतावास ने आगे कहा कि निहित स्वार्थ जो भारत-कतर संबंध के खिलाफ हैं, उन अपमानजनक टिप्पणियों का उपयोग करके लोगों को उकसा रहे हैं।

गौरतलब है कि आज (रविवार, 5 जून 2022) बीजेपी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बाहर कर दिया। इसमें कहा गया है कि पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और यह उस विचारधारा के खिलाफ है, जो किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान या फिर नीचा दिखाती है।

‘डरे तो हिन्दू हैं जहाँगीरपुरी में’: ‘द वायर’ की ‘डर से पलायन करते मुस्लिम’- प्रोपेगेंडा रिपोर्ट की वहाँ के लोगों ने ही खोली पोल, कहा- पुलिस न होती तो हम जिन्दा न होते

वामपंथी पोर्टल द वायर द्वारा 2 जून 2022 को दिल्ली के जहाँगीरपुरी में कथित तौर पर ‘डरे हुए मुस्लिम’ की काल्पनिक स्टोरी के सच का पहला भाग वहाँ के आज के भौगोलिक हालातों पर केंद्रित था। सड़कों पर अवैध कब्ज़े के साथ वहाँ कबाड़ के ढेर और बिना टैक्स आदि की दुकानें अब पहले की तरह चलने लगी हैं। द वायर ने वहाँ के मुस्लिमों के साथ हिन्दू आबादी में भी एक बयान के आधार पर ‘अदृश्य डर’ का जिम्मेदार पुलिस को ठहराने का प्रयास किया था। हमने वहाँ के निवासियों से ही जानने का प्रयास किया कि क्या सच में कोई डर है और अगर है तो किससे?

3 जून 2022 को ऑपइंडिया की टीम उन परिवारों से मिली जिन्होंने हनुमान जयंती पर हुई हिंसा को अपनी आँखों से न सिर्फ देखा बल्कि झेला भी था। उनमें से कई लोग अभी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाए है। उनके चेहरे पर उन्मादी भीड़ के हमले की दहशत और मन में ‘फिर ऐसा न हो’ का डर साफ देखा जा सकता है। उन स्थानीय निवासियों को अब तक यही नहीं पता कि हिंसक भीड़ ने उनके घरों और वाहनों आदि में किस वजह से तोड़फोड़ की थी।

हिन्दू समाज पुलिस का सदा आभारी रहेगा

C ब्लॉक RWA के अध्यक्ष इंद्रमणि तिवारी ने बताया, “पुलिस अपराधियों और पत्थरबाजों को पकड़ रही है। यहाँ की हिन्दू जनता उनसे परेशान और प्रताड़ित थी। G ब्लॉक की गलियों में तमाम अवैध काम जो पकड़े जा रहे हैं उनके थे। अगर पुलिस घटना के दिन सक्रिय न होती तो शायद यहाँ लाशें बिछ जातीं। ये पुलिस की देन है कि एक भी व्यक्ति नहीं मरा वरना मरने वाले हिन्दू ही होते। घायल ASI मेंदलाल ने ही हिन्दुओं को घटना स्थल से हटवाया था। ऐसा न हुआ होता तो सैकड़ों की जान खतरे में पड़ जाती। हम सरकार से उनकी तरक्की की माँग करते हैं। यहाँ के पुलिस प्रशासन का हिन्दू समाज आभारी रहेगा।”

तबरेज ने पुलिस और पब्लिक दोनों को गुमराह किया

इंद्रमणि तिवारी ने आगे कहा, “जब हम लोग यहाँ के स्थानीय होकर दंगाई तबरेज को नहीं पहचान पाए तो DCP द्वारा उसे न जान पाना कोई बहुत बड़ी बात नहीं। अपराध और हंगामा करने वाले फिलहाल जेल में हैं इसलिए इलाके में अभी शांति है। जैसे ही वो बाहर आ जाएँगे वैसे ही पुरानी हरकतें फिर शुरू हो जाएँगी। डंडे उन्ही पर बरस रहे होंगे जो अपराध किए होंगे। इस पूरी हिंसा में अपराध एकतरफा था। इसमें हिन्दुओं को साजिश से टारगेट किया। तमाम वीडियो पिस्टल और बोतल चलाते हुए वायरल हो रहे हैं। हिन्दू समाज 30 साल से ये रैली निकाल रहा है। वो कभी हिंसा नहीं करता।”

ऑपइंडिया से बात करते C ब्लॉक RWA अध्यक्ष इंद्रमणि तिवारी

पुलिस पर अत्याचार का आरोप लगाने वाले हिन्दू दंगाइयों के पड़ोसी

इंद्रमणि के मुताबिक, “जिस महिला के बयान पर हिन्दुओं के पुलिस से डरे होने की स्टोरी बना दी गई वो असल में दंगाइयों की पड़ोसी है। उसके पहले भी ऐसे बयान सामने आ चुके हैं। वो वही भाषा बोलेगी जो दंगाई बोलते हैं। जबकि पुलिस के हटते ही चोरी और छिनैती शुरू हो गई। अभी कम से कम पुलिस को 2 महीने और रहना था। पुलिस के हटने से लोगों में कहीं न कहीं डर है।”

पलायन तो दूर, उन्होंने सड़कों को भी कब्ज़ा लिया

इंद्रमणि तिवारी ने आगे बताया, “मुस्लिमों के पलायन करने वाली खबर एकदम झूठी है। पलायन तो दूर, वो तो सड़क कब्ज़ा कर के बैठ गए हैं। मुझे तो लग रहा है कि वो और ज्यादा बढ़ गए हैं। अतिक्रमण के नाम पर सिर्फ कूड़ा हटाया गया। जहाँ से अपराध होते हैं वो झुग्गियाँ अभी भी वैसी की वैसी हैं। मुस्लिम भाग नहीं रहे बल्कि हमको धमका रहे हैं कि पुलिस को हटने दो फिर तुम्हे बताते हैं। दंगे में पकड़े गए आरोपितों के रिश्तेदारों पर इस धमकी की FIR भी दर्ज हुई है। हम शासन से माँग कर रहे हैं कि हमारे बच्चों के खेलने के लिए पार्क और हमें चलने के लिए सड़क खाली करवाया जाए।”

हमारी महिलाएँ डर से नहीं पहनती हैं सोने की चेन

RWA अध्यक्ष तिवारी के मुताबिक, “डर तो हम में है। हमारी महिलाएँ आभूषण पहन कर घर से नहीं निकलती हैं। उनके हाथों से मोबाईल भी छीन लिया जाता है। यहाँ डर सिर्फ हिन्दू समाज को दंगाइयों और अपराधियों से है।’

कुछ ही दूरी पर गली के अंदर हिंसा में तोड़ी गई एक कार अभी तक उसी हाल में मौजूद है।

क्षतिग्रस्त कार

पीड़ित C ब्लॉक वाले नहीं बल्कि G ब्लॉक वाले

ऑपइंडिया से बात करते हुए स्थानीय निवासी राकेश साहू ने बताया, “हिंसा प्रभावित स्थान जहाँगीरपुरी का C ब्लॉक नहीं बल्कि G ब्लॉक है। C ब्लॉक से आई भीड़ G ब्लॉक में हिन्दुओ के घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की। उन पीड़ित हिंदुओं की तकलीफ किसी को नहीं दिखाई दे रही है। C ब्लॉक में पलायन जैसी कोई बात नहीं है। वो यहाँ से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है।”

पुलिस पर लग रहे झूठे आरोप

राकेश ने आगे बताया, “पुलिस ने तो उस दिन बहुत बड़ी घटना होने से बचाई। उस पर बेवजह झूठा आरोप लगाया जा रहा। बहुत समय से पहुँची थी पुलिस उस दिन। यहाँ डर का माहौल पुलिस से नहीं बल्कि उस भीड़ में शामिल दंगाइयों से है जो हनुमान जयंती के दिन हमला कर दिए थे। जब तक पुलिस तैनात रही तब तक काफी कुछ सही रहा लेकिन पुलिस के हटते ही सड़कों पर कब्ज़े हो गए और पुरानी हरकतें शुरू हो गईं हैं।’

ऑपइंडिया से बात करते स्थानीय निवासी राकेश साहू

हिन्दू दंगाई नहीं बल्कि पीड़ित

द वायर में छपी पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई के आरोप पर राकेश साहू ने बताया, “हिन्दू दंगाई नहीं बल्कि पीड़ित है। उसको मारा-पीटा गया और उसको उसकी धार्मिक यात्रा से खदेड़ा गया। यात्रा निकालने वाले भी निहत्थे थे। जबकि उधर से हमलावरों के हाथों में हथियार थे।”

अतिक्रमण कर के तो मस्जिद भी बनी है

अतिक्रमण हटाने के नाम पर बनाए गए माहौल पर राकेश ने बताया, “अतिक्रमण कुछ भी नहीं हट पाया है। जहाँ आज C ब्लॉक मौजूद है उसके कई मकान और यहाँ तक कि मस्जिद भी ग्रीन पट्टी व सरकारी पार्कों की जमीन पर बनी है। B ब्लॉक तक पार्क का वजूद है लेकिन C ब्लॉक के तमाम मकान सरकारी पार्क की जमीन है। मस्जिद तोड़ने के नाम पर बेवजह हो हल्ला मचाया गया जबकि वो अनधिकृत जमीन पर बनी है। उसी मस्जिद के सहारे कई मुस्लिमों ने अनधिकृत घर भी बना डाले।अतिक्रमण हटाने से पहले ही रुकावट डाल दी गई।”

गलत काम करने है इसलिए पुलिस को टारगेट किया जा रहा

राकेश साहू ने बताया, “पुलिस की तैनाती और लगातार मूवमेंट से सड़क पर कब्ज़ा और चोरी-छिनैती जैसे अपराध बंद हो गए थे। इसलिए पुलिस को टारगेट किया जा रहा। इसी वजह से तिरंगा यात्रा में शामिल होने का ढोंग किया गया। तिरंगा यात्रा में पीड़ित हिन्दू शामिल भी नहीं थे। एकाध पंडित जी जैसे लोगों को शामिल करके दिखावा किया गया था। तिरंगा यात्रा से कोई भाईचारा नहीं स्थापित हुआ। ये सिर्फ अपने कारनामों पर पर्दा डालने का प्रयास था और उसी के बाद मास्टरमाइंड तबरेज पकड़ा गया।”

जिस स्थान पर राकेश से बात हो रही थी उसी के बगल गौतम स्टूडियो था। उनकी दुकान बंद थी लेकिन हिंसा में तोड़ी गई उनकी बाइक उसी हालत में अभी तक उसी जगह खड़ी दिखी।

क्षतिग्रस्त बाइक

दंगाई और अपराधी ही पुलिस को गलत बता रहे

G ब्लॉक के निवासी चोखेलाल ने भी इन्ही बातों को दोहराते हुए कहा, “पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया। किसी के पलायन जैसी कोई बात नहीं है यहाँ। गलत काम दंगाई ही करते हैं। जो अपराध और दंगे में शामिल है उन्हें जब पुलिस पकड़ रही है तब वो आरोप लगा रहे हैं। हिन्दू समाज में पुलिस का कोई डर नहीं। हिन्दू इस बात से डरा हुआ है कि अगर पुलिस हट गई तो हमारा क्या होगा। अभी परसों पुलिस हटा दी गई और कल ही हमारे इलाके में चोरी हो गई। चोरी एक हिन्दू परिवार में हुई है जो रेहड़ी लगा कर गुजरा करता है। उसका सिलेंडर तक चुरा ले गए। पुलिस हटते ही जैसे पहले सड़कें कब्ज़ा थीं वैसे ही फिर हो गईं।”

ऑपइंडिया से बात करते स्थानीय निवासी चोखेलाल

सन 1976 से बहुत बदल गया माहौल

चोखेलाल ने बताया, “मैं जहाँगीरपुरी में सन 1976 से हूँ। तब इतने घर नहीं थे। 1971 की भारत-पाक लड़ाई के बाद यहाँ बांग्लादेशी आ कर बसे थे। अब पार्कों और सड़कों तक पर कब्ज़ा हो गया है। मस्जिद की जगह पर पहले ग्रीन बेल्ट थी। कब्ज़ा करने वालों ने अपने 25 गज़ के मकान को 50 गज कर बना डाला।”

पुलिस न होती तो हम बच न पते

स्थानीय निवासी मुकेश ने ऑपइंडिया को बताया, “यहाँ से किसी की पलायन आदि की खबरें बकवास हैं। पुलिस पर आरोप भी फर्जी हैं। वो पुलिस ही है जिसने हमें बचा लिया। अगर पुलिस न होती तो हम बच नहीं पाते। यहाँ की पुलिस बहुत अच्छी है उस पर आरोप वही लगा रहे जो चोरी और अन्य अपराधों में शामिल हैं।”

ऑपइंडिया से बात करते स्थानीय निवासी मुकेश

अपराध एकतरफा है तो कार्रवाई दोतरफा कैसे हो

एक अन्य स्थानीय और हनुमान जयंती पर हुई हिंसा के चश्मदीद आकाश ने ऑपइंडिया को बताया, “जो एकतरफा कार्रवाई पर चिल्ला रहे हैं उन्होंने अपराध भी तो एकतरफा किए थे। मुझे हिंसा के आरोपित अंसार ने रोक कर कहा था कि मैं C ब्लॉक वाले रास्ते से नहीं जा सकता। हमलवारों ने पूरी तैयारी से हमला किया था। हमले के दिन पाकिस्तान जिंदाबाद तक बोला गया था। हिन्दू समाज फिर से दुकानें खोल रहा। हिन्दू समाज के लिए पुलिस डर नहीं बल्कि सुरक्षा का भाव है। यहाँ के अधिकतर अपराध बंगाली मुस्लिमों के हैं। पुलिस ने घटना के दिन भी हालत को संभाला था। पुलिस पर तानाशाही और अत्याचार के आरोप झूठे हैं।”

ऑपइंडिया से बात करते स्थानीय निवासी आकाश

जूस की दुकान पर बिकती थी शराब

आकाश ने बताया कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दिन जिस जूस की दुकान का सबसे ज्यादा प्रचार हुआ था वहाँ छिप कर शराब बेचीं जाती थी। जब दूकान तोड़ी गई थी तब उसमें शराब की बोलतें निकली थीं। बगल में बीयर शॉप थी लेकिन जूस के अलग टेस्ट के कारण वो जूस में शराब मिला कर पिलाया करता था। C ब्लॉक की मस्जिद के पास एक पार्क बचा है। वहाँ पर मुस्लिमों ने बड़ा सा छप्पर डाल कर नमाज़ पढ़नी शुरू की थी। अब वहाँ लाइट आदि भी लगा दी गई है। अब वो सरकारी पार्क उनके कब्ज़े में है। अतिक्रमण सिर्फ जिस दिन बुलडोजर चला उसी दिन हटा था। अब फिर वही हालत बन गए हैं। सड़क कूड़े के स्टोर बन चुके हैं।”

मार डालते वो मुझे अगर खुद को न बंद करता तो

धोबी घाट रोड पर पड़ने वाले स्टेट बैंक के ATM पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने बताया, “मैंने खुद को ATM में बंद कर लिया था। दंगाई बाहर से गेट पीट रहे थे कि निकाल इसे बहन के ** को। इसे मार डालना है। वो हथियारों से लैस थे। मेरी बाहर खड़ी बाइक तोड़ डाली गई। मैं अंदर से ही पुलिस को फोन करके बुलाया। बाद में मैंने उसे 4 हजार रुपए खर्च कर बाइक को बनवाया। अभी भी मैं मस्जिद वाली रोड पर जाता हूँ तो डर लगता है।”

ऑपइंडिया को घटना की जानकारी देता SBI ATM सुरक्षा गार्ड

पैरामिलिट्री ने संभाले थे हालत

धोबीघाट रोड पर गुप्ता जी नाम से प्रसिद्ध एक दुकानदार ने कहा, “अकेले पुलिस के क़ाबू में नहीं आने वाले थे दंगाई। वो तो पैरामिलिट्री ने आ कर हालत काबू किए। मस्जिद वाली रोड पर तमाम मकान सड़कों और सरकारी जमीनों पर कब्ज़ा कर के बने हुए हैं। पुलिस द्वारा हिन्दुओं को परेशान करने वाली बात एकदम गलत है। गड़बड़ और छीना-झपटी करने वालों को पुलिस से दिक्कत है।”

पुलिस हमारी रक्षक

एक अन्य स्थानीय निवासी के मुताबिक, “मेरी बाइक तोड़ दी गई थी। भीड़ मोहल्ले के अंदर आई थी। मेरी स्कूटी को तोड़ दिया गया था। पुलिस से हमें सुरक्षा का भाव आता है। पुलिस से हम लोगों को कोई दिक्कत नहीं है।”

वर्तमान हालात की जानकारी देते एक अन्य स्थानीय

पुलिस का हटना चिंताजनक

G और C ब्लॉक को मिलाने वाले चौराहे पर मौजूद शिवम ने बताया, “पुलिस पर जो भी टॉर्चर के आरोप लगाए जा रहे हैं वो एकदम गलत हैं। अब पुलिस हटाई जा रही है। उसका हटना चिंताजनक है। उस दिन पुलिस थी इसलिए बहुत कुछ बच गया। वर्ना न जाने क्या हो गया होता। उनके (मुस्लिमों) के डरने की बात तो दूर, उनके एक छोटे बच्चे को कोई डाँट भी दे तो एक मिनट में भीड़ इकट्ठा हो जाती है। हिंसा के बाद फ़िलहाल वो चुप हैं लेकिन कब तक चुप रहेंगे ये नहीं कहा जा सकता। ये लोग शाँति चाहते ही नहीं। उन्हें (मुस्लिमों) को किसका डर? डर तो हमें है उनका। जब लड़ाई हुई थी तब यहाँ के हिन्दुओं ने लड़ने के बजाए खुद को घरों में बंद कर लिया था। उधर से तो छोटे-छोटे बच्चे भी हमला करने आ जाते हैं। जबसे बवाल हुआ है तब से सख्ती चल रही है। इस कारण उनके तमाम गलत काम बंद चल रहे हैं।”

ऑपइंडिया से बात करते स्थानीय निवसी शिवम

कानपुर हिंसा मामले में पुलिस ने जारी की 36 दंगाइयों की लिस्ट, टॉप फाइव में सपा नेता का नाम: जानिए कौन है निजाम कुरैशी

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर में 3 जून 2022 को इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा की गई हिंसा और पत्थरबाजी के मामले में लगातार पुलिस एक्शन में है। इसी क्रम में शनिवार (4 जून 2022) को बड़ा एक्शन लेते हुए 36 दंगाइयों की लिस्ट जारी की। इन दंगाइयों में से एक सपा का नेता निकला। नाम है निजाम कुरैशी (Nizam Quraishi)। इस मामले में पुलिस ने अब तक 29 आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है।

वहीं निजाम कुरैशी को गिरफ्तार किए जाने के बाद कानपुर के सपा के जिलाध्यक्ष इमरान ने पार्टी की तरफ से सफाई पेश करते हुए कहा कि उसे 20 मई 2022 को ही एक्टिव नहीं होने के कारण पार्टी से बाहर कर दिया गया था। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में इसका मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी, जावेद अहमद खान, मोहम्मद राहिल और मोहम्मद सुफियान शामिल है। पुलिस की लिस्ट में निजाम कुरैशी का नाम टॉप फाइव में है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को हुई हिंसा के मामले में शनिवार को यूपी पुलिस ने 500 दंगाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

कौन है निजाम कुरैशी

कानपुर में हुई हिंसा के मामले में जौहर फैंस एसोसिएशन के अलावा ऑल इंडिया जमीअतुल कुरैशी एक्शन कमेटी का नाम भी सामने आया था। निजाम कुरैशी इसी संस्था का जिलाध्यक्ष है। इसके अलावा वो सपा का महानगर सचिव भी है। उसके सपा के ही तीन विधायकों के साथ घनिष्ठ संबंध है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस संस्था का नाम CAA और NRC के समय हुए दंगे में भी इस कमेटी का नाम सामने आया था। यह सब इसलिए हुए, क्योंकि समाजवदी पार्टी के विधायकों का हाथ निजाम कुरैशी पर था।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि 3 जून को जुमे की नमाज के बाद कानपुर देहात में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने जमकर पत्थरबाजी की थी। इसमें कई लोग घायल हुए थे। दरअसल, कट्टरपंथी मुस्लिम दिल्ली बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित बयान से नाराज थे। इसी लेकर उन्होंने शुक्रवार को बंद का आह्वान किया था। जब दूसरे पक्ष ने बंद से मना कर दिया तो मुस्लिम उपद्रवी पत्थरबाजी करने लगे। यह बवाल परेड, नई सड़क और यतीमखाना समेत कई इलाकों में फैल गया। उन्मादी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठियाँ भी भाँजनी पड़ी। उसी दिन पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कानपुर के दौरे पर थे।

कश्मीर में हिन्दुओं की टारगेट किलिंग का सरगना हिज्बुल कमांडर तालिब हुसैन बेंगलुरु से गिरफ्तार, घाटी में अब तक 47 टेरर मॉड्यूल तबाह

जम्मू-कश्मीर में हिन्दुओं की टारगेट किलिंग करवाने के मामले में मास्टरमाइंड आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर तालिब हुसैन को कर्नाटक के बेंगलुरू से गिरफ्तार कर लिया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और 17 राष्ट्रीय राइफल्स की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर बेंगलुरू में छुपे बैठे तालिब हुसैन को पकड़ लिया। राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि अब तक घाटी में 47 टेरर मॉड्यूल को ध्वस्त किया जा चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 3 जून को पकड़ा गया आतंकी तालिब हुसैन जम्मू के किश्तवाड़ जिले की नागसेनी तहसील के राशग्वारी का रहने वाला है। वो 2016 में हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। तालिब इकलौता आतंकी है जो कि सुरक्षाबलों की हिटलिस्ट में होने के बाद भी सबसे अधिक समय तक जिंदा बचा रहा। तालिब गुर्जर यहाँ की स्थानीय गुर्जर जनजाति से ताल्लुक रखता है, जो कि यहाँ के पहाड़ों से अच्छी तरह से वाकिफ हैं।

वो पाँच बच्चों का अब्बू है। किश्तवाड़ के मारवाह और दछन के ऊपरी इलाकों में उसे अक्सर ही हथियारों का साथ घूमते देखा जाता रहा है। उसे मुख्यधारा में लाने के लिए कई बार उसके परिवार के लोगों ने पुलिस से मदद माँगी। हालाँकि, कोई असर नहीं हुआ।

दैनिक भास्कर से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने तालिब की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी करार दिया और कहा कि इसके कारण राजौरी और पुंछ में आतंकी एक्टिव हो गए थे। उन्होंने कहा कि बीते पाँच महीनों में घाटी में 47 टेरर मॉड्यूल को न्यूट्रल कर दिया गया है। टार्गेट किलिंग में शामिल आतंकियों को आइडेंटिफाई कर लिया गया है और अब उनकी पकड़ की जानी है।

इस बीच पता चला है कि अनंतनाग जिले में आतंकियों के साथ मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी कमांडर निसार खांडे को ढेर कर दिया है। इस बात की पुष्टि जम्मू-कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने की है।

भाजपा से सस्पेंड होने के बाद नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल ने माँगी माफी: बोले- हमारा इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का नहीं था

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड किए जाने के बाद रविवार (5 जून 2022) को दिल्ली बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) और नवीन जिंदल (Naveen Jindal) ने माँफी माँग ली है। शर्मा ने कहा कि बीते कुछ दिनों से महादेव भगवान शिव को लेकर अपमानजनक कमेंट किए जा रहे थे और इस कारण से गुस्से में आकर उनके मुँह से कुछ गलत निकल गया, तो वो अपने शब्द वापिस लेती हैं।

शर्मा ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “मैं पिछले कई दिनों से टीवी डिबेट पर जा रही थी, जहाँ मेरे आराध्य शिव जी का लगातार अपमान किया जा रहा था। मेरे सामने यह कहा जा रहा था कि वो शिवलिंग नहीं फव्वारा है और दिल्ली के हर फुटपाथ पर ऐसे शिवलिंग पाए जाते हैं। जाओ जा के पूजा करके आओ। मेरे सामने बार-बार इस तरह से शिव जी के अपमान को मैं बर्दाश्त नहीं कर पाई और रोष में आकर मैंने कुछ कह दिया। अगर मेरे शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है तो मैं अपने शब्दों को वापिस लेती हूँ। मेरी मंशा किसी को भी कष्ट पहुँचाने की कभी नहीं रही।”

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पार्टी से निकाले जाने के बाद बीजेपी के पूर्व नेता नवीन जिंदल ने कहा है कि उनकी टिप्पणियों का इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का कभी नहीं था।

इसके साथ ही जिंदल ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से उनका पता सार्वजनिक नहीं करने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार हत्या की धमकियाँ मिल रही हैं। पूर्व बीजेपी नेता ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और उपराज्यपाल से संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि आज (रविवार, 5 जून 2022) बीजेपी ने एक प्रेस रिलीज जारी कर नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बाहर कर दिया। इसमें कहा गया है कि पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और यह उस विचारधारा के खिलाफ है, जो किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान या फिर नीचा दिखाती है। भाजपा ने शर्मा से कहा कि उन्होंने पार्टी के संविधान का उल्लंघन करने वाले विभिन्न मामलों पर पार्टी के विपरीत विचार व्यक्त किए हैं। हालाँकि पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जाता है कि शर्मा के खिलाफ कार्रवाई टाइम्स नाउ पर एक डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ उनके बयान के संदर्भ में की गई है।

निलंबन के बाद भाजपा की नुपुर शर्मा के घर के पते को NDTV, ANI सहित कई पत्रकारों ने किया सार्वजनिक, परिवार की सुरक्षा के लिए हटाने की अपील

भारतीय जनता पार्टी से निलंबन के बाद, नूपुर शर्मा ने ट्विटर पर एक बयान जारी किया है जहाँ उन्होंने मीडिया घरानों को अपना पता सार्वजनिक करने के लिए मना किया है। उन्होंने कहा, “मैं सभी मीडिया हाउसों और बाकी सभी से अनुरोध करती हूँ कि मेरा पता सार्वजनिक न करें। मेरे परिवार की सुरक्षा को खतरा है।”

समाचार एजेंसी एएनआई और मीडिया हाउस एनडीटीवी से जुड़े कई पत्रकारों ने निलंबन पत्र प्रकाशित किया था जिसमें उनका पता भी था। हालाँकि, बाद में एएनआई ने ट्वीट को डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक पता सार्वजनिक हो चुका था। फिलहाल, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि भाजपा का निलंबन पत्र बिना उनका पता छुपाए मीडिया घरानों तक कैसे पहुँचा।

एक जिम्मेदार पोर्टल के रूप में, हमने उन ट्वीट्स को नहीं जोड़ा है जो इस्लामवादियों से मिल रही धमकियों के बीच नूपुर शर्मा के पते को जाहिर करते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा ने नुपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद भाजपा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें कहा गया था कि पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी भी धार्मिक व्यक्तित्व के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की निंदा करती है।

शर्मा को इस्लामवादियों की ओर से जान से मारने की धमकियों सहित कई तरह की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद पर इस्लामिक ग्रंथों के अनुसार कुछ टिप्पणी की थी जिससे मुस्लिमों में नाराजगी है। उन्होंने अपने बयान में तर्क दिया कि चूँकि लोग बार-बार हिंदू धर्म का मजाक उड़ा रहे हैं, वे इस्लामी मान्यताओं का जिक्र करते हुए अन्य धर्मों का भी मजाक उड़ा सकते हैं।

बता दें कि नूपुर शर्मा के बयान ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक और कथित फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर ने संदर्भ से हटते हुए पब्लिक कर दिया, जिसके बाद नूपुर शर्मा को धमकियाँ मिलने लगीं। यहाँ तक कि टिप्पणी के बाद शर्मा के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गईं और फोन करके भी जान से मारने की धमकी दी गई।

14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया कानपुर में बवाल कराने वाला हयात जफर हाशमी सहित 4 आरोपित: PFI से कनेक्शन के मिले हैं सबूत

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर में 3 जून 2022 को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा (Kanpur Violence) के प्रमुख आरोपित हयात जफर हाशमी (Hayat Zafar Hashmi) को गिरफ्तार करने के बाद रविवार (5 मई 2022) को कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद जफर समेत चार आरोपितों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

वहीं, आज गिरफ्तार किए गए 5 आरोपितों को पुलिस सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को इस बात की उम्मीद है कि इन 14 दिनों के पूछताछ में हयात जफर और उसके साथी कई अहम खुलासे कर सकता हैं।

कौन है हयात जफर हाशमी

कानपुर हिंसा (Kanpur Violence) मामले की साजिश रचने वाले वाले जफर हयात हाशमी को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। हयात जफर हाशमी पर हिंसा फैलाने और लोगों को भड़काने का आरोप है। उसी ने फेसबुक के जरिए पोस्ट के जरिए लोगों को कानपुर में बाजार बंद करने और जेल भरो आंदोलन की अपील की थी।

जफर हयात हशामी मौलाना मुहम्मद जौहर अली फैन्स एसोसिएशन का संचालक है। इसके पहले उसका नाम CAA-NRC के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन में भी सामने आया था। इस मामले में कानपुर के कर्नलगंज थाने में जफर हयात हाशमी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।

राशन कोटे की दुकान चलाने वाला हयात जफर हाशमी सांप्रदायिक नफरत फैलाने का उस्ताद माना जाता है। इस्लाम के नाम पर हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई को बढ़ाते हुए जफर हाशमी शहर में कई बार उपद्रव करा चुका है। अपने नापाक मंसूबों अंजाम देने के लिए उसने अपनी अम्मी और बहन को भी उकसाया था। उसी के कहने पर उसकी अम्मी और बहन ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा आत्मदाह कर ली थी।

PFI का कनेक्शन भी आया सामने

कानपुर हिंसा में इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की संलिप्तता के सबूत मिले हैं। इस हिंसा के मुख्य आरोपित हयात जफर हाशमी के घर से पुलिस ने ये दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस कमिश्नर विजय मीणा का कहना है कि PFI से जुड़े कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जाँच की जा रही है। ये कागजात आरोपित हयात जफर हाशमी के घरों से बरामद किए गए हैं। पुलिस की अब तक की जाँच में इस घटना का मास्टरमाइंड हयात ही है। हयात ने 3 जून को PFI को कॉल भी किया था।

भाजपा ने प्रवक्ता नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को किया सस्पेंड: पार्टी ने कहा- ‘BJP किसी भी धार्मिक व्यक्तित्व के अपमान की कड़ी निंदा करती है’

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार (5 जून 2022) को एक प्रेस रिलीज जारी किया। इसमें कहा गया है कि पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और यह उस विचारधारा के खिलाफ है, जो किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान या फिर नीचा दिखाती है। कथित ‘ईशनिंदा’ को लेकर इस्लामवादियों द्वारा भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को दी गई धमकियों के बीच यह प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इस रिलीज के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है।

निलंबन पत्र में, भाजपा ने शर्मा से कहा कि उन्होंने पार्टी के संविधान का उल्लंघन करने वाले विभिन्न मामलों पर पार्टी के विपरीत विचार व्यक्त किए हैं। हालाँकि पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जाता है कि शर्मा के खिलाफ कार्रवाई टाइम्स नाउ पर एक डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ उनके बयान के संदर्भ में की गई है।

इससे पहले बीजेपी की तरफ से जारी प्रेस रिलीज पर राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने हस्ताक्षर किया था। इसमें पार्टी की तरफ से कहा गया था, “भारत के हजारों वर्षों के इतिहास के दौरान, हर धर्म फला-फूला और विकसित हुआ। भारतीय जनता पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है। भाजपा किसी भी धर्म के किसी भी धार्मिक व्यक्ति के अपमान की कड़ी निंदा करती है।”

बीजेपी की ओर से जारी प्रेस रिलीज (साभार: BJP.org)

उन्होंने आगे कहा, “भारतीय जनता पार्टी ऐसी किसी भी विचारधारा के खिलाफ है जो किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान करती है। भाजपा ऐसे लोगों या सिद्धांत को बढ़ावा नहीं देती है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद के किसी भी धर्म का पालन करने और हर धर्म का सम्मान करने का अधिकार देता है।”

भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ के बारे में बोलते हुए, उन्होंने कहा, “भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष का जश्न मना रहा है, हम भारत को एक महान देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहाँ सभी समान हैं और हर कोई सम्मान के साथ रहता है, जहाँ सभी भारत की एकता और अखंडता के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहाँ सभी उन्नति और प्रगति के फल का आनंद लेते हैं।”

नूपुर शर्मा के खिलाफ धमकी

गौरतलब है कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को मौत की धमकियाँ 27 मई 2022 से मिलनी शुरू हुईं। तब उन्होंने कहा था कि हिन्दू धर्म की आस्थाओं का मजाक उड़ाने पर लोग इस्लामी मान्यताओं का भी मजाक उड़ा सकते हैं। इस पूरे बहस की एक क्लिप निकाल कर ऑल्ट न्यूज़ के कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबेर ने वायरल कर दी। थोड़ी ही देर में नूपुर शर्मा को मौत और बलात्कार की धमकियाँ मिलनी शुरू हो गई थी। इस मामले में लोगों को नूपुर के खिलाफ भड़काने में मोहम्मद जुबेर का साथ राणा अयूब ने भी दिया। हालाँकि मोहम्मद जुबैर के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

नूपुर शर्मा के खिलाफ तीन FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR 29 मई को संदिग्ध इस्लामिक संगठन रजा अकादमी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। दूसरी FIR उनके खिलाफ मुंब्रा के एक मोहम्मद गुरफान की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। तीसरी FIR हैदराबाद में दर्ज की गई थी और इसे एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। शर्मा को न केवल भारत बल्कि पाकिस्तान से भी जान से मारने की धमकी मिली है। उनके खिलाफ ईनाम की भी घोषणा की गई है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान

बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने गुरुवार (2 जून 2022) को नागपुर में संघ के तृतीय वर्ष प्रशिक्षण समारोह के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञानवापी जैसे देवस्थल जिनसे हिंदुओं की श्रद्धा जुड़ी हुई है उनका समाधान आपसी सह​मति से होना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर अदालत का फैसला सबको मानना चाहिए। 

भागवत ने कहा, “अभी ये प्रकरण निकल रहे हैं। ज्ञानवापी का मुद्दा चल रहा है। अब ऐसे मुद्दे हैं, एक इतिहास तो है, उसको हम बदल नहीं सकते। वो इतिहास हमने नहीं बनाया। न आज के अपने आपको हिन्दू कहलाने वालों ने बनाया, न आज के मुसलमानों ने बनाया। उस समय घटा। इस्लाम बाहर से आया, आक्रामकों के हाथ आया। उस आक्रमण में भारत की स्वतंत्रता चाहने वालों का मनोबल गिराने के लिए देवस्थान तोड़े गए। हजारों हैं। हिन्दू समाज का विशेष ध्यान जिन पर है, विशेष श्रद्धा जिनके बारे में हैं। ऐसे कुछ हैं, उसके बारे में मामले उठते हैं। अब इसका विचार क्या करना, ये मुसलमानों के विरूद्ध नहीं सोचता हिन्दू। आज के मुसलमानों के उस समय पूर्वज भी हिन्दू थे। उन सब को स्वतंत्रता से चिरकाल तक वंचित रखने के लिए उनका मनो-धैर्य दबाने के लिए किया गया, इसलिए हिन्दू को लगता है कि इसका पुनरुद्धार होना चाहिए।”

‘मैं सचिन को मारना चाहता था, एक गेंद उनके सिर पर लगी तो मैं बोला कि हो गया काम’: पाकिस्तानी गेंदबाज का सनसनीखेज खुलासा

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को आउट करना हर गेंदबाज का सपना रहता था और अपने करियर में एक बार जरूर ऐसा करना चाहता था। लेकिन, पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। शोएब अख्तर ने बताया कि साल 2006 में वह सचिन को आउट नहीं, चोटिल करना चाहते थे।

2006 में भारत और पाकिस्‍तान के बीच कराची में तीसरा टेस्‍ट मैच खेला जा रहा था। अख्‍तर ने अब स्‍पोर्ट्सकीड़ा के साथ बातचीत में स्‍वीकार किया है कि उनका इरादा सचिन को आउट करना नहीं, बल्कि उन्हें चोटिल करना था। अख्‍तर ने कहा, “मैं पहली बार इसका खुलासा कर रहा हूँ। मैं वाकई सचिन को मारना चाह रहा था। मैं इस बात के लिए दृढ़़ संकल्प था कि मुझे किसी भी कीमत पर सचिन को चोट पहुँचानी है।”

उन्होंने कहा, “इंजमाम ने मुझसे कई बार कहा कि गेंद को स्टंप टू स्टंप रखो, लेकिन मैं तो सचिन को चोट पहुँचाने पर अमादा था। मैंने एक गेंद उनके हेलमेट पर मारी और मुझे लगा कि वे गए, मर गए। लेकिन, फिर जब मैंने वीडियो देखा तो पाया कि सचिन ने अपना सिर बचा लिया था।”

अख्‍तर ने आगे कहा कि जहाँ तेंदुलकर को चोटिल करने के उनके प्रयास जारी रहे, वहीं मोहम्‍मद आसिफ ने अन्‍य भारतीय बल्‍लेबाजों को तंग किया। शोएब ने कहा, “मैंने दोबारा सचिन तेंदुलकर को चोटिल करने की कोशिश की। दूसरी तरफ से भारतीय बल्‍लेबाज आसिफ की गेंदबाजी के शिकार बनते गए। मुझे दुर्लभ ही याद है कि उस दिन आसिफ से बेहतरीन किसी और ने गेंदबाजी की हो।”

यह वो टेस्‍ट मैच है, जिसमें इरफान पठान ने पहले ही ओवर में सलमान बट, यूनिस खान और मोहम्‍मद यूसुफ को आउट करके हैट्रिक पूरी की थी। भारत को इस टेस्‍ट में 341 रन की शिकस्‍त मिली थी, जिससे वह तीन मैचों की सीरीज में 0-1 से पिछड़ गया था।