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पुतिन किसी देश में नहीं छोड़ते अपनी सुसु-पॉटी, स्पेशल सूटकेस में भरकर सब रूस जाता है: रिपोर्ट्स

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति पुतिन जहाँ भी जाते हैं वहाँ उनके साथ बॉडीगार्डों की एक स्पेशल टीम होती है जिसका काम उनकी सुसु-पॉटी कलेक्ट करने का होता है। कथिततौर पर पुतिन के सुरक्षाकर्मियों की टीम इसे एक सूत्र केस में रखकर मॉस्को भेजती है।

मीडिया में दी जा रही जानकारी के मुताबिक, ये सीक्रेट सर्विस देने के लिए गार्ड्स पुतिन के साथ वॉशरूम जाते हैं और सुसु-पॉटी कलेक्ट करते हैं। कथिततौर पर ये सब इसलिए किया जाता है ताकि किसी को भी पुतिन की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी न होने पाए। बताया जाता है कि इस संबंध में खबर सबसे पहले 2017 में आई थी जब वो फ्रांस गए थे। इसके बाद 2019 में सऊदी अरब दौरे के दौरान भी यही प्रक्रिया देखी गई।

कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर इसे लेकर वायरल हुई थीं। एक वीडियो में देखा गया था कि जिस वॉशरूम का इस्तेमाल पुतिन करने गए उसमें उनके साथ 6 गार्ड गए। फिर पहले उसमें से 2 गार्ड निकले और फिर 1 गार्ड बाहर आया जिसके हाथ में स्पेशल सूटकेस था। इसके बाद पुतिन निकले और फिर दो गार्ड और भी बाहर आए।

रिपोर्ट्स में ये भी कहा जाता है कि रूसी एंबेसियों पर काम कर रहे लोगों को एफएसओ से कड़ी चेतावनी है कि वो इस मसले पर किसी से कोई बात साझा न करें। ये सब इसलिए होता है कि जब पुतिन कहीं से निकलें तो उनसे जुड़ी कोई चीज पीछे व छूटे और सब कुछ उनकी मातृभूमि पर उनके साथ जाए। इसके अलावा ये भी कहते हैं कि पुतिन एक पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं और इलाज चल रहा है। इसलिए वह जहाँ जाते हैं वह अपनी मेडिकल टीम को निजी टीम की तरह ले जाते हैं।

पुतिन से जुड़ी इन बातों पर एक बार अभिनेत्री जुलिया लुइस का भी बयान आया था। जुलिया ने द लेट शो विथ स्टिफन कोल्बर्ट में 2020 में बताया था कि जब वो ऑस्ट्रिया के एक म्यूजियम गई थीं, तो वहाँ उन्हें मिले गाइड ने बताया था कि उसी ने एक बार राष्ट्रपति पुतिन को भी टूर करवाया था और उसी दौरान उसे पता चला था कि कैसे जब पुतिन उस म्यूजियम में आए थे तो म्यूजियम प्रशासन को एक प्राइवेट टॉयलेट का सेटअप लगवाना पड़ा था।

सीमा सोलंकी को ब्लेड मारने वाले बादशाह बेग पर NSA, ‘मामा का बुलडोजर’ भी चला: भोपाल में छेड़छाड़ का विरोध करने पर हुआ था हमला

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के टीटी नगर इलाके में छेड़छाड़ का विरोध करने पर सीमा सोलंकी नामक महिला पर ब्लेड से हमला किया गया था। इस मामले के मुख्य आरोपित बादशाह बेग पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई होगी।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार (13 जून 2022) को इसकी जानकारी दी। साथ ही DGP के निर्देश पर दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया‌ है, जो जल्द चार्जशीट पेश करेगी।

CM शिवराज सिंह चौहान ने दी आर्थिक मदद

इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार (12 जून 2022) को पीड़िता से मिलने शिवाजी नगर स्थित उसके घर पहुँचे थे। यहाँ सीएम ने पीड़िता और उस परिवार की हिम्मत बढ़ाते हुए उस परिवार के साथ होने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने पीड़िता की बहादुरी के लिए 1 लाख रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा की और जरूरत पड़ने पर प्लास्टिक सर्जरी का खर्च वहन करने का भी आश्वासन दिया।

आरोपितों के घर पर चला बुलडोजर 

इस दौरान सीएम ने आरोपितों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात कही थी। उन्होंने अधिकारियों को तलब कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद रविवार शाम पुलिस और नगर निगम अमले की संयुक्त कार्रवाई में आरोपितों के अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई की गई।

छेड़खानी का विरोध करने पर हुआ था हमला

9 जून 2022 की रात सीमा सोलंकी अपने पति सुनील सोलंकी के साथ टीटी नगर के श्रीपैलेस होटल गई थीं। यहाँ सीमा बाइक के पास खड़ी थीं और उसके पति होटल के अंदर गए थे। बाइक के पास खड़ी सीमा को बदशाह बेग और दो नाबालिग आ गए और अश्लील हरकत करने लगे। सीमा ने उन्हें रोका तो वे नहीं माने। इस बीच सीमा ने बादशाह को थप्पड़ मार दिया। 

यह देखकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों को देखकर उस समय तो आरोपित चले गए, लेकिन बाद में जब सीमा अपने पति के साथ बाइक से घर जाने के लिए निकली तो आरोपित उसके पीछे आए और सीमा पर ब्लेड से हमला कर दिया। इससे उनका चेहरा, आँख और गाल कट गया था। घटना के बाद सीमा को उसके पति लहुलूहान हालत में अस्पताल लेकर गए थे। इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नाबालिग हैं।

मोहम्मद जुबैर ने डिलीट किया फेसबुक अकाउंट, हिंदू घृणा वाले पोस्ट हो रहे थे वायरल: भगवान राम, रामायण सब का कर चुका है अपमान

प्रोपेगेंडा वेबसाइट ऑल्ट न्यूज (AltNews) के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) ने अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट कर लिया है। हिंदू घृणा से सने उसके पोस्ट विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गए थे। इसके बाद उसने अपना फेसबुक प्रोफाइल (AltNewsZubair) 13 जून 2022 को डिएक्टिवेट कर लिया।

ये वही मोहम्मद जुबैर है जिसने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा के खिलाफ कथित ईशनिंदा को लेकर इस्लामवादियों को भड़काने का काम किया। लेकिन उसके जो पोस्ट वायरल हुए हैं उससे जाहिर होता है कि वह खुद हिंदू घृणा से सना है। हिंदू अराध्यों के अपमान का वह आदी रहा है।

हिंदूफोबिक पोस्ट वायरल होने के बाद जुबैर ने डिलीट/डिएक्टिवेट किया अकाउंट, साभार: फेसबुक

ट्विटर यूजर The Hawk Eye (@thehawkeye) ने हिंदू देवताओं और मान्यताओं का मजाक उड़ाते हुए मोहम्मद जुबैर के कुछ पोस्ट का कोलाज शेयर किया है। हॉक आई ने जुबैर के ट्वीट के स्क्रीनशॉट के साथ लिखा है, “दूसरों के भगवान, धर्म, संस्कृति और शास्त्रों का मजाक बनाना आसान है, क्योंकि इसका कोई अंजाम देखने को नहीं मिलता है। विडंबना यह है कि यह ट्वीट उसी शख्स ने किया, जिसने एक ऐसी घटना को अंजाम दिया जिसने पूरे देश को अशांत कर दिया और हिंसक तबाही अभी भी जारी है।”

द हॉक आई द्वारा शेयर किए गए एक ट्वीट में, जुबैर शिवलिंग का मज़ाक उड़ाते हुए और वेटिकन सिटी के टॉप व्यू से इसकी तुलना करते हुए दिखाई दे रहा है।

फोटो साभार: मोहम्मद जुबैर ट्विटर

इसी तरह फेसबुक पेज ‘अनऑफिशियल मोहम्मद जुबैर’ पर एक पोस्ट में भगवान राम पर कटाक्ष करने के लिए अरुण गोविल का मजाक उड़ाया गया है। इसमें उसने कहा है कि ISRO को अरुण गोविल से परामर्श करना चाहिए, क्योंकि वह रॉकेटरी/विमान के बारे में अधिक जानते हैं।

‘अनऑफिशियल मोहम्मद जुबैर’ की एक अन्य पोस्ट में पानी के नीचे के हवाई जहाज को कैप्शन के साथ दिखाया गया है। जिसमें लिखा गया है, “ब्रेकिंग: रावण द्वारा 5000 साल पहले इस्तेमाल किया गया अंडरवाटर पुष्पक विमान हिंद महासागर में पाया गया।”

हिंदू देवताओं का मजाक उड़ाने के अलावा, जुबैर ने हिंदू मान्यताओं का भी मजाक उड़ाया है और संस्कृत पर कटाक्ष किया है। इसे हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक माना जाता है और हिंदू देवताओं के बातचीत का माध्यम माना जाता है।

फोटो साभार: मोहम्मद जुबैर ट्विटर
फोटो साभार: मोहम्मद जुबैर ट्विटर

नूपुर शर्मा को मौत की धमकी

बता दें कि मोहम्मद जुबैर के उकसाने के बाद से भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा को मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा लगातार हत्या की धमकी दी जा रही है। उनकी हत्या करने वालों को ईनाम देने तक की घोषणा कर रखी गई है। जुबैर के भड़काने के बाद कट्टरपंथियों ने देश में कई जगहों पर दंगा और आगजनी किया।

सरकारी नौकरी पर मिशन मोड में मोदी सरकार: 1.5 साल में 10 लाख लोगों की बहाली होगी, सभी विभागों का रिव्यू कर PM ने दिए निर्देश

मोदी सरकार ने लोगों को रोजगार देने के क्रम में बड़ी घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय से ट्वीट करके बताया गया कि अगले डेढ़ साल यानी कि 18 महीनों में सरकार अलग-अलग विभाग में लोगों को 10 लाख नौकरियाँ देगी।

पीएमओ इंडिया ने आज (14 जून 2022) इस संबंध में ट्वीट करके जानकारी दी। ट्वीट में लिखा था, “प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने सभी विभागों और मंत्रालयों की समीक्षा की और निर्देश दिया है कि मिशन मोड में अगले डेढ़ वर्षों में दस लाख लोगों की भर्ती की जाए।”

बता दें कि बीते साल केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया था कि केंद्र सरकार के विभागों में 1 मार्च, 2020 तक 8.72 लाख पद खाली थे। अब ऐसे में साफ है कि फिलहाल यह रिक्त पद बढ़कर 10 लाख के करीब हो गया होगा, जिन पर भर्ती के लिए समीक्षा के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने आदेश दिया है। जितेंद्र सिंह ने बताया था कि केंद्र सरकार के समस्त विभागों में कुल 40 लाख 4 हजार पद हैं, जिनमें से 31 लाख 32 हजार के करीब कर्मचारी नियुक्त हैं। इस तरह 8.72 लाख पदों पर भर्ती की जरूरत है।

उल्लेखनीय है कि सरकार में नौकरी की भर्ती के लिए दो संगठन हैं। पहला- संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और दूसरा कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी)। यूपीएससी का गठन संविधान में निहित प्रावाधात के तहत किया गया था जो केंद्र सरकार के तहत उच्च सिविल सेवाओं और सिविल पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित करता है। किसी भी नौकरी की भर्ती की प्रक्रिया में आयोग से कंसल्टेशन अनिवार्य है। इसके अलावा पदोन्नति और ट्रांसफर वाले केसों में भी नियमों का पालन होता है। देश के कई राज्यों में पिछले दिनों कई युवा लंबे समय से सरकारी नौकरियों की माँग कर रहे थे। कई जगह इनके लिए प्रदर्शन भी हुए थे। ऐसे में मोदी सरकार का यह फैसला उनके लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है।

6 FIR, जेल, परीक्षा छूटी: 22 साल के छात्र ने जिस पोस्ट को लेकर इतना भोगा उसमें शरद पवार का नाम भी नहीं, हाई कोर्ट ने उद्धव सरकार को फटकारा

नासिक के 22 वर्षीय छात्र निखिल भामरे की रिहाई को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से जवाब तलब किया है। सोशल मीडिया में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार पर कथित तौर पर पोस्ट करने के कारण भामरे जेल में बंद है। इसी साल मई में इस पोस्ट को लेकर उसकी गिरफ्तारी हुई थी। अपनी रिहाई को लेकर उसने हाई कोर्ट में अपील कर रखी है।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से पूछा कि क्या वह हर उस ट्वीट पर संज्ञान लेंगे जो उन्हें आपत्तिजनक लगता है। छात्र की गिरफ्तारी करने के मामले में कोर्ट ने कहा कि एनसीपी प्रमुख खुद नहीं चाहेंगे कि एक छात्र जेल में रहे।

जस्टिस एसएस शिंदे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने छात्र निखिल भामरे द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान पब्लिक प्रॉजिक्यूटर को गृह विभाग से निर्देश लेकर बताने को कहा कि उन्हें फार्मेसी छात्र की रिहाई से कोई आपत्ति तो नहीं होगी। इस याचिका में निखिल ने खुद के ऊपर दर्ज केस को चुनौती दी थी। कोर्ट ने छात्र की याचिका पर गौर करते हुए पाया कि सोशल मीडिया के जिस पोस्ट पर उसकी गिरफ्तारी की गई उसमें हकीकत में कोई व्यक्ति विशेष का नाम ही नहीं है। इस गिरफ्तारी के कारण निखिल की परीक्षा भी छूट गई।

जस्टिस शिंदे ने यह सब देख महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई। शिंदे ने कहा, “सोशल मीडिया पोस्ट में किसी का नाम नहीं है… और आप (सरकार) किसी को एक महीने के लिए जेल में रखते हैं। यह सब कुछ करने का अधिकार कैसे हैं।”

जस्टिस ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा, “हर दिन सैंकड़ों-हजारों पोस्ट किए जाते हैं। क्या आप हर ट्वीट पर संज्ञान लेंगे?” कोर्ट ने कहा कि वह इस तरह की एफआईआर नहीं चाहते हैं। कुछ अन्य छात्रों को भी इस तरह हिरासत में रखा गया है। अदालत बोली कि इस प्रकार एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना शरद पवार की प्रतिष्ठा के लिए किसी सोशल मीडिया पोस्ट से अधिक हानिकारक है।

कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को समझाया, “यदि आप इस प्रकार की कार्रवाई करेंगे तो आप उस व्यक्ति के नाम को नुकसान पहुँचाएँगे जिसे देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार मिल चुका है। ये सब उस शख्सियत को भी नहीं पसंद आएगा। कोर्ट नहीं चाहता कि उस बड़े व्यक्तित्व के सम्मान में कमी आए।”

कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई की तारीख 16 जून रखी है। कोर्ट ने पब्लिक प्रॉजिक्यूटर को कहा है कि वो गृह विभाग से छात्र की रिहाई पर अनापत्ति का बयान लाएँ। कोर्ट ने यह भी समझाया कि अगर गृह विभाग इस छात्र की रिहाई के लिए तैयार हो जाता है तो राज्य की छवि बचेगी।

बता दें कि 22 साल के निखिल भामरे नामक छात्र की गिरफ्तारी 11 मई की शाम हुई थी। उनपे 6 एफआईआर हुईं। आरोप लगा था कि उन्होंने शरद पवार पर आपत्तिजनक बात कही। हालाँकि जब कोर्ट ने ट्वीट देखा तो उसमें किसी शख्स की बात नहीं थी। ट्वीट में लिखा था, “बारामती के गाँधी, बारामती में नाथू गोडसे को बनाने का समय आ गया है।” अब चूँकि बारामती शरद पवार का गृह नगर है, इसलिए इस ट्वीट को उनसे जोड़ लिया गया और आईपीसी की धारा 153, 153ए, 500, 501, 504, 505, 506 के तहत केस दर्ज होने के बाद नासिक की डिंडोरी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बुर्किना फासो में बड़ा आतंकी हमला, जिहादियों ने 100+ नागरिकों को उतारा मौत के घाट: इलाके में अलकायदा-ISIS रहा है सक्रिय

अफ्रीकी देश बुर्किना फासो में सप्ताहांत में जिहादी हमलों में कम से कम 100 नागरिकों के मारे जाने की खबर सामने आई है। एक स्थानीय नागरिक और एक सुरक्षा सूत्र ने सोमवार (13 जून 2022) को इसकी जानकारी दी। वहीं सरकार का कहना है कि बुर्किना फासो में हुए जिहादी हमलों में कम से कम 50 नागरिक मारे गए हैं।

हमलावरों ने शनिवार और रविवार की रात सेनो प्रांत के सेतेंगा कम्यून में हमला किया था, जो सीमावर्ती इलाकों में स्थित है। यहाँ अल कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादी लंबे समय से विद्रोह कर रहे हैं। हमलावरों ने इस भयानक हमले में नागरिकों को निशाना बनाया। एक स्थानीय सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि इस हमले में कम से कम 100 लोग मारे गए हैं।

नाम न बताने की शर्त पर एक अन्य स्थानीय सूत्र ने रायटर्स को बताया कि अस्थायी तौर पर मरने वाले नागरिकों की संख्या 165 थी। वहीं संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को एक बयान में हमले की निंदा की और अधिकारियों को लोगों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की सलाह दी। ऐसा कहा जा रहा है कि सरकार बाद में मरने वालों की सही संख्या जारी कर सकती है।

बता दें कि हथियारबंद लोगों ने पिछले हफ्ते इसी इलाके में 11 जवानों की हत्या कर दी थी। सिर्फ 2019 में ही माली, नाइजर और बुर्किना फासो में हुए जिहादी हमलों में 4000 लोगों की जान गई थी और कम से कम 6 लाख लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा था।

‘किसानों और सरकार में होगी भयंकर लड़ाई, मैं खुद उतरूँगा मैदान में’: राज्यपाल सत्यपाल मलिक का ऐलान – अडानी का गोदाम उखाड़ फेंको

अपने विवादित बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सत्यपाल मलिक ने कहा, “किसानों का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने सिर्फ धरना खत्म किया है। अगर समय रहते MSP पर कानून नहीं बनाया, तो देश में किसानों और सरकार के बीच भयंकर लड़ाई होगी। मैं खुद अपना इस्तीफा जेब में लेकर घूमता हूँ, किसानों के लिए 4 महीने बाद मैदान में उतर जाऊँगा।”

उन्होंने रविवार (12 जून 2022) को जयपुर में राष्ट्रीय जाट संसद को संबोधित करते हुए अंबानी-अडानी पर भी पर हमला बोला। मलिक ने किसानों को भड़काते हुए कहा, “अडानी ने किसानों की फसल सस्ते दाम पर खरीदने और महँगे दामों पर बेचने के लिए पानीपत में बड़ा गोदाम बनाया है। अडानी का ऐसा गोदाम उखाड़ फेंको। डरने की जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ जेल चलूँगा। अडानी और अंबानी मालदार कैसे हो गए हैं, जब तक इन लोगों पर हमला नहीं होगा, तब तक ये लोग रुकेंगे नहीं।”

राज्यपाल सतपाल मलिक ने आगे कहा, “जब किसान आंदोलन में हमारे लोग सड़कों पर मरने लगे, तब मैं अपना इस्तीफा जेब में लेकर प्रधानमंत्री जी से मिलने गया। मैंने उन्हें समझाया कि इन लोगों के साथ ज्यादती हो रही है। कुछ ले-देकर इन्हें हटा दीजिए। उन्होंने कहा कि वे चले जाएँगे। इस पर मैंने उनसे कहा ये किसान समझौता करने वाली कौम नहीं है। बाद में उन्हें समझ में आया। तब उन्होंने माफी माँगकर कानून वापस लिए।”

गौरतलब है कि इससे पहले मार्च में सत्यपाल मलिक ने किसानों को हिंसा के लिए भड़काते हुए केंद्र की मोदी सरकार को धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर किसानों की माँगें नहीं मानी गईं तो वो उन्हें मनवाने के लिए हिंसा का रास्ता अपना सकते हैं। उन्होंने कहा था, “दिल्ली को मेरी सलाह है कि उनके साथ न भिड़े, वे खतरनाक लोग हैं। किसानों का मुद्दा उठाने के कारण मुझे अपना राज्यपाल का पद खोने का कोई डर नहीं है। किसान जो चाहते हैं, उसे हासिल कर के रहेंगे।”

आरक्षण के लिए सड़क पर उतरे कुशवाहा, सैनी, माली और मौर्य समाज: राजस्थान में हाइवे जाम, लाठी लेकर पहुँचे हजारों लोग

राजस्थान (Rajasthan) के भरतपुर में 12 प्रतिशत आरक्षण (12 Percent Reservation) की माँग को लेकर कुशवाहा, सैनी, माली और मौर्य समाज के लोग सड़कों पर उतर गए हैं। ये आंदोलनकारी रविवार (12 जून 2022) से जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन राजस्थान फुले आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले किया जा रहा है। आंदोलनकारी जयपुर आगरा हाइवे पर अरौदा के पास जाम लगाकर बैठे हैं। ये लोग सरकार के प्रतिनिधि से बातचीत पर अड़े हैं। सोमवार (13 जून, 2022) को आंदोलनकारियों से बातचीत करने के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक नेशनल हाइवे पर पहुँचे थे, लेकिन आंदोलनकारियों ने उनसे कोई बात नहीं की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरक्षण की माँग को लेकर पहले महापंचायत की गई थी और आंदोलन में शामिल होने के लिए लोगों को पीले चावल तक बाँटे गए थे। महापंचायत को देखते हुए अधिकारियों के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पंचायत खत्म होने से पहले ही लाठियाँ लेकर हजारों लोग हाईवे पर पहुँच गए और जाम लगा दिया। कुशवाहा, सैनी, माली और मौर्य समाज की माँग है कि प्रदेश में उनकी जनसंख्या 15 प्रतिशत है, इसलिए उनको 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। माली समाज के लोग पहले ही सरकार की अल्टीमेटम दे चुके हैं।

आंदोलनकारी पुलिस और प्रशासन के अधिकारी से बात करने के लिए तैयार नहीं है। उनका कहना है कि वह सरकार के प्रतिनिधि से ही बात करेंगे। सुबह से महापंचायत में कोई भी राजस्थान सरकार का प्रतिनिधि नहीं पहुँचा। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में लाठियाँ लेकर नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर बैठ गए। हालाँकि, आंदोलनकारी एम्बुलेंस को निकलने दे रहे हैं।

सैनी समाज आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के संयोजक मुरारीलाल सैनी का कहना है कि वह पिछले 6 सालों से माली समाज को आरक्षण दिलाने की माँग को लेकर आंदोलन कर रहे है। उन्होंने कहा कि अब तक वह प्रदेश के 33 जिला कलेक्टर को ज्ञापन दे चुके हैं और 4500 से अधिक गाँवों में नुक्कड़ सभाएँ की गई, लेकिन हमारी माँग कोई भी नहीं सुन रहा है। इसलिए हमें हाइवे पर उतरना पड़ा।

बिजनेस वुमन के साथ ‘लव जिहाद’: ‘राहुल जैन’ बन कर वसीम खान ने की दोस्ती, 2 साल में कई बार बलात्कार, भाई नसीम ने भी की जबरदस्ती

राजस्थान की राजधानी जयपुर से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। बिजनेस वुमन को युवक ने अपने जाल में फँसा कर उसका कई बार बलात्कार भी किया। आरोपित का नाम वसीम खान है, जिसने ‘राहुल जैन’ छद्म नाम रख कर 34 वर्षीय महिला को अपने जाल में फाँसा। पीड़िता ऑनलाइन कपड़ों का व्यापार करती है। आरोपित ने उसे 2 वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रखा हुआ था। ये घटना जयपुर के वैशालीनगर थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने मेडिकल कराया है।

‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, SHO हीरालाल सैनी ने जानकारी दी कि खातीपुरा वैशाली नगर की रहने वाली महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वो अपने पति से तलाक के बाद दो बच्चों के साथ यहाँ पर रहती है। 2020 में फेसबुक से उसकी दोस्ती एक युवक के साथ हुई, बातचीत के दौरान दोनों ने एक-दूसरे को अपना फोन नंबर दिया। पति से तलाक के बारे में पता चलने के बाद युवक ने महिला से मिलने की इच्छा जताई।

मई 2020 में वसीम खान उससे मिलने के लिए जयपुर आया था। युवक ने उससे शादी का वादा कर के उसके साथ बलात्कार किया। आरोपित ने लालच दिया कि वो उसके साथ रह कर उसके बिजनेस में भी हाथ बँटाएगा व मदद करेगा। लिव-इन रिलेशनशिप में रह कर दोनों साथ-साथ बिजनेस भी करने लगे। आरोप है कि 2 साल साथ रहने के दौरान वसीम खान ने उसका कई बार बलात्कार किया। एक सप्ताह पहले आरोपित उसे अपने घर मेरठ भी ले गया था।

मेरठ में पीड़िता उसके साथ 2 दिनों तक रही। पुलिस ने जानकारी दी है कि घर में एक बार महिला को अकेला पाकर वसीम खान के छोटे भाई ने भी उसके बलात्कार की कोशिश की। चिल्लाने पर वो भाग गया। उसी दौरान महिला को कथित ‘राहुल जैन’ की असली सच्चाई भी पता चली। वसीम के भाई का नाम नसीम खान है, जिसने पीड़िता के साथ बदतमीजी की। 11 जून को सुबह 5 बजे भाग कर वो किसी तरह जयपुर पहुँची। अब आरोपित उसके बच्चों की हत्या की धमकी देते हुए वापस बुला रहे हैं।

गाय के गोबर के बिना फीका होगा कुवैत का खजूर, इस्लामी मुल्क ने भारत से खरीदा 192000 किलो गाय का गोबर: वैज्ञानिक रिसर्च के बाद फैसला

कृषि क्षेत्र में पशु उत्पादों के निर्यात मामले में भारत पहले से ही एक बड़ा हब रहा है, वही अब इसमें एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। कृषि क्षेत्र में भारत में पशु उत्पादों का सफल इस्तेमाल हजारों वर्षों से होता आ रहा है। इस्लामी मुल्क कुवैत के एक वैज्ञानिक रिसर्च में पता चला है कि फसलों के लिए गाय का गोबर काफी उपयोगी है, जिसके बाद भारत को इसके लिए आर्डर दे दिया गया है। पहली खेप में 192 मीट्रिक टन गाय का गोबर कुवैत भेजा जाएगा। गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से इसे कुवैत भेजा जाएगा।

बताया जा रहा है कि ये पहली बार है जब भारत को कुवैत से गाय के गोबर के लिए ऑर्डर मिला है। भारत इससे पहले पशु उत्पादों में मानस और पशुओं के खाल के अलावा दूध और दूध से बने अन्य प्रोडक्ट्स का निर्यात करता रहा है। अब गाय के गोबर की गुणवत्ता को विदेशी वैज्ञानिक रिसर्चों में पुष्टि मिलने के बाद भारत को और भी ऑर्डर्स मिल सकते हैं। सबसे बड़ी बात कि ये निर्यात सरकारी नहीं, बल्कि सहकारी स्तर पर हो रहा है। कुवैत ने पाया है कि गाय के गोबर के इस्तेमाल से खजूर के फसल का आकर और उत्पादन बढ़ता है।

गोभक्तों का भी इसमें बड़ा योगदान है। जयपुर के टोंक मोड़ पर स्थित पिंजरापोल गौशाला स्थित ‘सनराइज आर्गेनिक पार्क’ में कस्टम विभाग की देखरेख में कंटेनरों में गाय के गोबर की पैकिंग का काम चालू है। बुधवार (15 जून, 2022) को कनकपुरा रेलवे स्टेशन से पहली खेप रवाना की जाएगी। ‘भारतीय जैविक किसान उत्पादक संघ’ के अध्यक्ष डॉ अतुल गुप्ता के प्रयासों से ये सफलता मिली है। ‘सनराइज एग्रीलैंड एंड डेवलपमेंट रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड’ को ये ऑर्डर मिला है। लैमोर नामक कंपनी ने गोबर मँगाया है।

कंपनी के डायरेक्टर प्रशांत चतुर्वेदी का कहना है कि भारत में पहली बार शायद इस किस्म का कुछ हो रहा है। उन्होंने बताया कि 2020-21 में भारत का पशु उत्पाद निर्यात 27,155.56 करोड़ रुपए था और जैविक खाद की माँग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कई वैज्ञानिक रिसर्चों का हवाला देते हुए बताया कि गाय के गोबर के इस्तेमाल से हुई फसल से कई बीमारियाँ भी ठीक होती हैं। भारत के मवेशी रोज 30 लाख टन के आसपास गोबर देते हैं। चीन 1.5 करोड़ परिवारों को बिजली देने के लिए गोबर का इस्तेमाल करता है।