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‘हिम्मत बढ़ गई है, गर्दन रेतवाने के लिए तैयार रहो’: कृष्ण जन्मभूमि के याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह को जामा मस्जिद के इमाम ने दी धमकी, FIR

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में हिन्दू पक्ष की ओर से वकील और याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह को कथित तौर पर हत्या की धमकी दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। हत्या की धमकी देने का आरोप जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी आगरा के अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद कुरैशी पर लगा है।

कुरैशी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने धमकी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में कुरैशी के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 153 (उकसाने), 153A (शत्रुता को बढ़ावा देना), 506 (आपराधिक धमकी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मंटोला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

इस बीच महेंद्र प्रताप सिंह ने हत्या की धमकी मिलने के बाद पुलिस से सुरक्षा की माँग की है। एबीपी न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं शाही ईदगाह मामले में एक वकील और याचिकाकर्ता हूँ। मुझे कुछ लोगों से धमकियाँ मिली हैं। इसलिए मैंने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।”

उन्होंने कहा, “मैंने एएसआई को कानूनी नोटिस भेजकर आगरा के शाही जामा मस्जिद परिसर में बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबाई गई भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों को वापस किए जाने की माँग की है। जाहिद कुरैशी ने मुझे जान से मारने की धमकी दी है और इसलिए मुझे सुरक्षा कवर की आवश्यकता है।”

इस बीच आगरा जिले के एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने जाहिद कुरैशी के भड़काऊ बयान की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जाहिद कुरैशी ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद आगरा की जामा मस्जिद में भड़काऊ टिप्पणी की थी। उसके भाषण की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। हिन्दुस्तान टाइम्स से बात करते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम दूसरों को सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ बयान देने और उसे सोशल मीडिया पर डालने के खिलाफ भी चेतावनी देते हैं। क्योंकि अब इन लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।”

बता दें कि जाहिद कुरैशी का जो बयान वायरल हो रहा है। इसमें कुरैशी को कहते सुना जा सकता है, “चाहे ये हिन्दुस्तान की किसी भी एजेंसी को लेकर आ जाएँ। उस दिन हम सबको अपने गले रेतवाने हैं यहाँ पर। तब जाकर ये मस्जिद की खुदाई करें। ये हर जगह ऐसा करते आ रहे हैं और इनके हौसले बढ़ गए हैं।” कुरैशी ने महेंद्र प्रताप को अंजाम भुगतने की भी धमकी दी है।

वहीं वीडियो वायरल होने के बाद जाहिद कुरैशी ने अपने बचाव में कहा, “मंदिर या मस्जिद के इन मुद्दों में भाजपा शामिल नहीं हो रही है, बल्कि महेंद्र प्रताप सिंह जैसे लोग हैं जो आगरा में शाही जामा मस्जिद खोदने के बारे में इस तरह के बयान जारी कर रहे हैं। हम किसी सरकार या राष्ट्र के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि महेंद्र प्रताप सिंह जैसे व्यक्तियों के खिलाफ हैं।”

केजरीवाल ने कश्मीर में हिंदुओं की टारगेट किलिंग पर केंद्र को घेरा, मगर इस्लामिक आतंकियों पर साधी चुप्पी

कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार-पलायन के मुद्दे पर सदन में ठहाके लगाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने जन आक्रोश रैली निकाला है। AAP ने इसके माध्यम से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। 

सीएम केजरीवाल ने 1990 के दशक से लेकर अभी की परिस्थितियों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालाँकि, हैरत की बात यह है कि इस दौरान उन्होंने कट्टरपंथी इस्लाम के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने कश्मीर में हो रहे टारगेट किलिंग को लेकर अपने संबोधन में इस्लामी आतंकियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया। 

केजरीवाल ने 1990 में कश्मीरी हिंदुओं के साथ हुए बर्बरता के लिए भी भाजपा पर ही निशाना साधा, न कि कट्टरपंथी इस्लाम या इस्लामी आतंकियों पर। उनके मुँह से एक बार भी ये नहीं निकला कि 1990 में इस्लामी आतंकियों ने किस तरह से कश्मीरियों का नरसंहार किया, उनकी माँ-बहन के साथ गैंगरेप करके जिंदा मार डाला, किस तरह से मस्जिदों से भागने या फिर मरने के लिए तैयार रहने का फरमान जारी किया गया। केजरीवाल का भाषण पूरी तरह से भाजपा पर हमला करने पर केंद्रित रहा।

अगर यह कहा जाए कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों के पलायन और विवशता को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीति की रोटी सेंकने का काम किया तो शायद गलत नहीं होगा। केजरीवाल ने एक बार फिर से इस मुद्दे को राजनीति में घसीटने का काम किया।

इस दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज कश्मीर में 1990 का दौर फिर से लौट आया है। कश्मीर में फिर से कश्मीरी पंडितों को चुन-चुन कर मारा जा रहा है। भाजपा सरकार उनकी रक्षा करने में पूरी तरह फेल हो चुकी है। कश्मीर में जो हो रहा है, उसको लेकर हर भारतीय के मन में गुस्सा, चिंता और दुख है।

उन्होंने आगे कहा कि आज फिर कश्मीरी पंडित अपनी जन्मभूमि छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। जब कश्मीरी पंडित टारगेट किलिंग का विरोध करते हैं तो कश्मीर में वर्तमान भाजपा सरकार उन्हें विरोध करने की अनुमति नहीं देती है। अगर सरकार इस तरह व्यवहार करती है तो लोगों की पीड़ा दोगुनी हो जाती है।

केजरीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार के पास कोई योजना नहीं है। जब भी घाटी में कोई हत्या होती है तो खबर आती है कि गृह मंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इन बैठकों से कुछ नहीं होगा, अब हमें कार्रवाई की जरूरत है। कश्मीर कार्रवाई चाहता है। कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के करने में भाजपा सरकार विफल रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी कश्मीरी पंडितों के साथ खड़ी है। कश्मीर में जो हो रहा है उसे देखकर देश के लोग दुखी हैं।

उन्होंने कहा, “आज हम केंद्र सरकार के सामने 4 माँग रखते हैं। पहली- भाजपा की केंद्र सरकार देश के सामने कश्मीरी पंडितों, हिंदुओं और फौज की सुरक्षा का प्लान रखे। दूसरी- ये बॉन्ड रद्द किया जाए। तीसरी- कश्मीरी पंडितों की हर माँग पूरी की जाए और चौथी माँग है कि इनको सुरक्षा प्रदान की जाए।”

बता दें कि ये वही अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने कश्मीर नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स‘ (The Kashmir Files) को झूठी फिल्म बताते हुए राज्य में टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने विधानसभा में फिल्म को टैक्स फ्री करने की बजाय यूट्यूब पर डालने की सलाह भी दी थी। इस दौरान केजरीवाल और उनके विधायकों ने जमकर ठहाके लगाए।

इसके बाद नेटिजन्स ने याद दिलाया था कि कैसे उन्होंने स्वरा भास्कर की ‘नील बट्टे सन्नाटा’, आमिर खान की ‘पीके’, तापसी पन्नू की ‘सांड की आँख’, शाहिद कपूर-करीना कपूर खान की ‘उड़ता पंजाब’, रणबीर सिंह की ‘83’ के अलावा ‘हमने गाँधी को मार दिया’, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’, ‘गब्बर इज बैक’, ‘मॉम’ जैसी फिल्मों को टैक्स फ्री कर दिया था।

दिल्ली के डिप्टी CM सिसोदिया को असम के CM सरमा ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: कहा- भ्रष्टाचार नहीं, यह मानवता

5 जून को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर दस्तावेज जारी किए। एक ट्वीट में सीएम सरमा ने कहा, “कंपनी ने असम के एनएचएम को लिखा कि कोविड वॉरियर्स के लिए लगभग 1,500 पीपीई किट की आपूर्ति को सीएसआर योगदान के रूप में माना जाना चाहिए और इसलिए सरकार द्वारा एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।”

सीएम सरमा ने अपनी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की कंपनी जेसीबी इंडस्ट्रीज द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) असम को भेजे गए 26 मार्च 2020 के पत्र की स्कैन फोटो भी जोड़ा है। पत्र में जेसीबी इंडस्ट्रीज ने एनएचएम से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत 1485 पीपीई किट स्वीकार करने का अनुरोध किया था। पत्र में लिखा है, “हमने एमरेलिस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की कुल 1485 पीपीई किट वाली एक खेप पहुँचाई है।”

सीएम सरमा ने 4 जून को डिप्टी सीएम सिसोदिया पर बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। यह सब तब शुरू हुआ जब वामपंथी मीडिया पोर्टल ‘द वायर’ ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें आरोप लगाया गया कि सीएम सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की स्वामित्व वाली एक फर्म को पीपीई किट और कोविड-19 संबंधित अन्य सामानों का आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना आपूर्ति करने का आदेश दिया गया था।

रिंकी भुइयां सरमा ने द वायर की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का खंडन किया और कहा कि उन्होंने पीपीई किट की आपूर्ति के लिए एक पैसा भी नहीं लिया। उसने कहा कि उसने सीएसआर के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पीपीई किट दान की थी और उसके लिए कोई भुगतान नहीं लिया गया था।

वायर की रिपोर्ट का उपयोग करते हुए 4 जून 2022 को दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और हिमंत बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने उनकी पत्नी और करीबी सहयोगियों के स्वामित्व वाली कंपनियों को सरकारी खरीद के ठेके दिए। उन्होंने इसकी कॉपी भी पोस्ट की।

इन आरोपों का जवाब देते हुए, हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया, “ऐसे समय में जब पूरा देश 100 से अधिक वर्षों में सबसे खराब महामारी का सामना कर रहा था, असम के पास शायद ही कोई पीपीई किट था। मेरी पत्नी ने आगे आने का साहस किया और जान बचाने के लिए सरकार को लगभग 1500 मुफ्त में दान दिया। उसने एक पैसा भी नहीं लिया।”

अमेरिका में फिर गोलीबारी, फिलाडेल्फिया में 3 की मौत, 11 घायल: 12 दिन में दूसरी बार मौत का तांडव, टेक्सास में भी हुई थी ऐसी ही घटना

अमेरिका (Amrica) में गन कल्चर वहाँ जिंदगियों पर भारी पड़ रहा है। टेक्सास की घटना के जख्मों को संभवत: अभी अमेरिकी भुला भी न पाए होंगे कि फिलाडेल्फिया में भी इसी तरह की घटना हुई है। यहाँ शनिवार (4 जून 2022) की देर रात फिलाडेल्फिया में साउथ स्ट्रीट पर जमा भीड़ पर अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग (Philadelphia Mass Shooting) कर दी। इस हमले में कुल 14 लोगों को गोली मारे जाने की खबर है, जिसमें से 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 लोग बुरी तरह से घायल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। फिलाडेल्फिया पुलिस ने कहा कि घटना आधी रात से कुछ देर पहले करीब 11 बजे साउथ स्ट्रीट के 200 ब्लॉक पर हुई। इसको लेकर फिलाडेल्फिया के पुलिस निरीक्षक डी एफ पेस ने कहा कि एक अधिकारी ने घटनास्थल पर देखा कि कई बंदूकधारियों ने लोगों की भीड़ पर गोलियाँ चलाईं। हालाँकि, आरोपित वारदात को अंजाम देने के बाद वहाँ से फरार हो गया। पुलिस को घटनास्थल से दो बंदूकें मिली हैं।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि इस घटना में मारे गए लोगों में 2 पुरूष और एक महिला थी। महिला को कई गोलियाँ मारी गई थीं। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया न जा सका। पेस के मुताबिक, लोग सप्ताहांत की तरह ही साउथ स्ट्रीट पर घूमने के लिए इकट्ठे हुए थे।

टेक्सास में भी हुआ था ऐसा हमला

इससे पहले अमेरिका के टेक्सास राज्य में मंगलवार (24 मई, 2022) को एक स्कूल में 18 साल के युवक ने छात्रों और टीचरों को निशाना बनाते हुए अंधाधुन फायरिंग की थी। घटना में 18 छात्र समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 3 टीचर्स भी थे। कुल 13 बच्चे, स्कूल के स्टाफ मेंबर और पुलिसवाले भी फायरिंग में घायल हुए। जानकारी सामने आई थी कि युवक ने AK-47 स्कूल में चलाने से पहले इसका प्रयोग घर में किया था और पहले अपने दादी को गोली मार चुका था।

सरकारी स्कूल को बनाएँ शानदार, CM योगी ने किया था आह्वान: 5000+ अधिकारियों और नेताओं ने बढ़ाया हाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 माह पहले राजपत्रित अधिकारियों से सरकारी स्कूलों को गोद लेने की अपील की थी। इस अपील में स्कूलों के अंदर शिक्षा व्यवस्था के सुधार के साथ छात्रों की अन्य सुविधाओं में सहयोगी बनने की अपील की गई थी। इस अपील के महज 2 माह के अंदर शिक्षा विभाग को 4640 आवेदन मिले हैं जो स्कूलों में बदलाव में भागीदारी करना चाहते हैं। इन आवेदनों को करने वालों में विधायक, सांसद और कई अन्य जन प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 3 जिलों में स्कूलों को गोद लेने के सबसे अधिक आवेदन आए वो जौनपुर, बांदा और कानपुर नगर हैं। जौनपुर में 179, बांदा में 178 और कानपुर नगर में 176 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस लिस्ट में अमेठी, रायबरेली, शामली, गोरखपुर,फ़िरोज़ाबाद, महराजगंज, मुजफ्फरनगर और प्रतापगढ़ काफी पीछे रहे। इन जिलों में आवेदनों की संख्या दहाई अंकों तक भी नहीं पहुँच पाई।

दरअसल 31 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत उन्होंने तमाम जनप्रतिनिधियों से स्कूलों के विकास में भागीदारी की अपील की थी।

कुछ ही समय बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डी एस मिश्रा ने भी एक आदेश जारी करके कायाकल्प प्रोजेक्ट के तौर पर स्कूलों के विकास में हिस्सेदारी करने के लिए कहा था। यह सरकार की सबसे बड़ी अंतरविभागीय योजनाओं में से एक है।

स्कूलों के इस विकास की भागीदारी में छात्रों को साफ़ सुथरा शैक्षणिक वातावरण देने और उनकी पढ़ाई की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना शामिल था। इस भागीदारी में स्कूल के भवन निर्माण, उनको पंखे बिजली के सामान और डेस्क आदि देना, बच्चों के लिए खेल का सामान उपलब्ध करवाना, क्लासरूम को डिजिटल और स्मार्ट क्लास रूम बनाने के लिए ऑडियो-वीडियो उपकरण देना शामिल है।

भगवा गमछा, पगड़ी और झंडा, ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ जामा मस्जिद में पूजा करने निकले हिन्दू संगठन: कर्नाटक पुलिस ने रोका

वाराणसी में ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के अंदर से शिवलिंग मिलने के बाद देश के बाकी हिस्सों में मस्जिदों का सर्वे की माँग उठ रही है। इसी क्रम में कर्नाटक (Karnataka) के मांड्या जिले में विश्व हिन्दू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने श्रीरंगपटना स्थित जामा मस्जिद (Jama Masjid ) में पूजा करने के लिए रविवार (5 जून 2022) को एक बाइक रैली निकाली। भगवा गमछा, भगवा पगड़ी और भगवा झंडा लिए ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए विहिप के कार्यकर्ता आगे बढ़ रहे थे, लेकिन जामा मस्जिद पहुँचने से पहले ही पुलिस अधिकारियों ने हिन्दुओं की रैली को रोक दिया

रिपोर्ट के मुताबिक, हिन्दू संगठनों ने ‘श्रीरंगपटना चलो’ नाम से ये रैली निकाली। रैली में राम भजन के साथ ही हनुमान चालीसा का भी पाठ किया गया। इस रैली का आह्वान बजरंग दल ने किया था। लेकिन जब पुलिस अधिकारियों ने हिन्दुओं को रोका तो भीड़ के कारण बेंगलुरु-मैसूर और मैसूर-पांडवपुरा हाईवे जाम हो गया। हिन्दू संगठनों ने उन्हें मस्जिद की ओर जाने देने की माँग की। मांड्या जिले के एसपी पी यतीश ने धारा 144 का उल्लंघन करने वालों को गिरफ्तार करने की चेतावनी दी और ट्रैफिक बहाल करने के लिए सभी को किरांगुर शहर ले जाया गया।

दूसरी ओर हंगामे के बाद भी मुस्लिम मौलवियों ने मस्जिद परिसर में स्थित मदरसे में छात्रों के लिए कक्षाएँ संचालित कीं। इसके विरोध में हिन्दू कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार पर मस्जिद के अंदर मदरसे को चलने देने का आरोप लगाया।

क्या है पूरा मामला

कर्नाटक के श्रीरंगपटना में स्थित जामा मस्जिद को लेकर विश्व हिंदू परिषद का दावा है कि यहाँ पहले मंदिर था, जिसे टीपू सुल्तान ने गिराकर मस्जिद बनाई थी। हिंदू संगठनों ने भी ज्ञानवापी की तर्ज पर जामा मस्जिद के सर्वेक्षण की माँग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। विहिप और बजरंग दल ने 20 मई को मांड्या जिला कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपकर माँग की कि जामा मस्जिद में ज्ञानवापी की तर्ज पर सच्चाई का पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण किया जाए। अब विहिप ने जामा मस्जिद में घुसकर पूजा करने का ऐलान कर दिया है।

हिन्दू संगठनों के इस ऐलान के बाद 3 जून को पुलिस ने आनन फानन में पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी थी।

1 ओवर, 6 छक्के और 436 से अधिक का स्ट्राइक रेट: पुडुचेरी टी10 क्रिकेट लीग में इस खिलाड़ी ने हासिल की असाधारण उपलब्धि

क्रिकेट में एक ही ओवर में 6 छक्के लगाने की बात जब भी होती है तो सबसे पहला नाम युवराज सिंह का आता है। लेकिन अब इसी तरह की उपलब्धि कृष्णा पांडे (Krishna Pandey) नाम के खिलाड़ी ने हासिल की है। पुडुचेरी (Pondicherry) में चल रही टी10 लीग में रॉयल्स और पैट्रियोट के बीच खेले गए मैच के दौरान पांडे ने ये उपलब्धि हासिल की।

पुडुचेरी में मैच के दौरान टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए रॉयल्स की टीम ने 157 रन 3 विकेट के नुकसान पर बनाए। इस दौरान सलामी बल्लेबाज आर रघुपति ने 30 गेदों में 84 रनों की ताबड़तोड़ नाबाद पारी खेली। उनके अलावा टीम की तरफ से प्रियम आशीष और संतोष कुमारन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।

इसके बाद बैटिंग करने उतरी पैट्रियोट की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम पाँच ओवर में तीन विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी। इसके बाद आए कृष्णा पांडे ने पारी को संभाला। उन्होंने मात्र 19 गेंदों में 83 रनों की अविश्वसनीय पारी खेल कर सभी को सकते में डाल दिया। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 436.80 का रहा है। अपनी इस पारी में पांडे ने 12 छक्के और दो चौके भी जड़े। कुछ देर और टिकते तो शायद वो अपनी टीम को जीत दिला ले जाते, लेकिन रॉयल्स के गेंदबाज अरविंदराज ने उन्हें आउट कर पवेलियन से बाहर का रास्ता दिखाया। इस कारण पैट्रियोट्स 4 रन से मैच हार गया।

अपनी इस शानदार पारी में कृष्णा पांडे ने रॉयल्स के गेंदबाज नितेश ठाकुर की गेंदों पर 6 छक्के लगाए। रॉयल्स के हाथों मिली हार के बाद भी पैट्रियोट्स अभी भी अंक तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है। पैट्रियोट्स की टीम ने 12 मैचों में से 8 मैचों में जीत हासिल की है।

गौरतलब है कि भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाए थे। इसी तरह से वेस्टइंडीज के यूनिवर्सल बॉस का तमगा पा चुके क्रिस गेल ने पिछले साल श्रीलंका के खिलाफ छह गेदों पर छह छक्के लगाए थे। पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज शोएब मलिक ने 2017 एक चैरिटी टी10 मैच में ऐसा किया था।

हैदराबाद गैंगरेप: स्कूल के स्टाफ ने ही पब में पार्टी का किया जुगाड़, उस्मान अली खान था मेजबान – चौथा आरोपित गिरफ्तार, 5वाँ फरार

हैदराबाद में नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले में पुलिस ने चौथे आरोपित को भी पकड़ लिया है। चौथा आरोपित नाबालिग है। जबकि पाँचवाँ आरोपित अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी खोज में पुलिस लगी हुई है। 

पुलिस उपायुक्त जोएल डेविस ने बताया था कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता के बयान के आधार पर पाँच आरोपितों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि आरोपितों के बारे में पीड़िता को ज्यादा जानकारी नहीं थी। वह सिर्फ एक आरोपित का नाम बता पाई। इसके बाद सभी को पकड़ने के लिए फौरन पुलिस क विशेष टीमें बनाई गई। 

इससे पहले मामले में 18 साल के सदुद्दीन मलिक, 18 वर्षीय उमैर खान और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया था कि पाँच में से 3 आरोपित नाबालिग हैं। नाबालिग होने के कारण इनके नाम और पिता के नामों का खुलासा नहीं किया गया है।

पब में पार्टी के लिए स्कूल स्टाफ ने माँगी अनुमति

जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ रही है, नए खुलासे होते जा रहे हैं। रेप आरोपितों की गिरफ्तारी से ज्यादा बड़ा खुलासा इस मामले में यह है कि स्कूल ने ही लड़के-लड़कियों के लिए पब में पार्टी करने की परमिशन दिलवाई थी। आबकारी विभाग (एक्साइज विभाग) के अधिकारियों ने खुलासा किया कि स्कूल के ही एक स्टाफ ने एम्नेसिया पब के प्रबंधन से एक पार्टी की मेजबानी करने की अनुमति माँगी थी।

डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार जिला टास्क फोर्स के आबकारी निरीक्षक के करुणा ने बताया कि एम्नेशिया पब प्रबंधन ने जाँच के दौरान अधिकारियों को बताया कि स्कूल के एक कर्मचारी ने मेजबान उस्मान अली खान के साथ उनसे संपर्क किया था। यह संपर्क स्कूली लड़के-लड़कियों की पार्टी से संबंधित अनुमति के लिए था। अधिकारी ने बताया कि पब की चौथी मंजिल पर छात्र-छात्राओं के लिए अनुमति दी गई थी और अनुरोध किया गया था कि उन्हें केवल भोजन और मॉकटेल परोसा जाए।

हैदराबाद गैंगरेप और पॉलिटिकल कनेक्शन

इस गैंगरेप मामले में पॉलिटिकल कनेक्शन भी सामने आया है। इसमें बताया जा रहा है कि एक आरोपित विधायक का बेटा है। बाकी एक अन्य आरोपित भी हाई प्रोफाइल बताया जा रहा है। मामले में स्थानीय सांसद असदुद्दीन औवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और TRS नेता के बेटों का नाम सामने आया है। हालाँकि इस मामले में पुलिस AIMIM विधायक के बेटे के आरोपित होने से इनकार कर रही है।

वहीं तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता के कृष्णसागर राव ने का कहना है कि हैदराबाद पुलिस ने AIMIM विधायक के बेटे की संलिप्तता के कारण अभी तक आरोपित को बचा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस AIMIM और TRS के राजनीतिक दबाव में है। वहीं पुलिस का दावा है कि अभी तक के बयान के अनुसार, विधायक का बेटे का नाम नहीं आया है।

भाजपा प्रवक्ता राव ने कहा, “बीजेपी पाँच अपराधियों की गिरफ्तारी की माँग कर रही है। मैं सवाल कर रहा हूँ कि कार जब्त होने के बावजूद हैदराबाद की पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया। इस मामले में लड़की के माता-पिता ने 1 जून को ही शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा, सभी परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। क्या पुलिस सीएम KCR या AIMIM प्रमुख ओवैसी से अनुमति की प्रतीक्षा कर रही है?”

क्या है मामला?

17 साल की पीड़िता 28 मई को एक पार्टी के बाद अपने घर लौट रही थी। उसी वक्त हैदरबाद जुबली हिल्स इलाके में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है एक वीडियो में पीड़िता एक पब के बाहर संदिग्ध आरोपितों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। रिपोर्ट की मानें तो आरोपितों ने पहले पीड़िता से उसके घर छोड़ने की बात कही। बाद में एक पार्क की हुई कार के अंदर उसके साथ मारपीट की गई और फिर बारी-बारी से सभी ने उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान दूसरे आरोपित कार के बाहर पहरा दे रहे थे।

लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 323 और पॉक्सो एक्ट की धार 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया।

झारखंड के खूँटी में मुंडा समुदाय के 12 नाबालिग बच्चों को बना दिया ईसाई, NCPCR ने लिया संज्ञान: रोमन कैथोलिक चर्च पर कार्रवाई की माँग

झारखंड के खूँटी जिले में 12 आदिवासी बच्चों के ईसाई धर्मान्तरण की खबर है। इस घटना पर जिला प्रशासन ने जाँच करवा कर जरूरी कार्रवाई करने की घोषणा की है। वहीं केंद्रीय बाल संरक्षण आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है। घटना 22 मई 2022 की बताई जा रही है। जिन एक दर्जन बच्चों के धर्म परिवर्तन कर लेने का दावा किया जा रहा है वो मुंडा समुदाय से हैं। जिन नाबालिगों का धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप है उसमें लड़के और लड़कियाँ दोनों शामिल हैं।

TOI के मुताबिक घटना गाँव कमड़ा की है जो खूंटी के तपकारा थानाक्षेत्र में आता है। धर्मान्तरण का आरोप रोमन कैथोलिक चर्च पर है जो उसी गाँव में स्थित है। खूँटी के SDO सैय्यद रियाज़ अहमद ने TOI को बताया है कि ग्रामीणों के एक समूह ने 21 मई को शिकायत देते हुए ऐसे किसी घटना की आशंका जताई थी। हालाँकि उसके आगे उन्होंने कुछ बताने से खुद के अधिकार न होना कह कर मना कर दिया। वहीं जिला प्रशासन ने शनिवार (4 जून 2022) को इस घटना की जाँच शुरू कर दी है।

वहीं पांचजन्य के मुताबिक कमड़ा गाँव के रेड़ा मुंडा ने आरोप लगाया है कि झारखंड में धर्मान्तरण विरोधी कानून होने के बाद भी अवैध ढंग से धर्म परिवर्तन करवाए जा रहे हैं। रेड़ा मुंडा ने सरकार से धर्म परिवर्तन करने वालों को जनजाति के नाम पर मिल रही सहूलियतों से वंचित करने की माँग की है। रेडा मुंडा ने धर्म परिवर्तन करवाने वाले चर्च पर कानूनी कार्रवाई की माँग की है।

रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दिन पहले ‘सरना धर्म सोतो समिति’ ने एक मीटिंग करके हो रहे धर्मान्तरण पर नाराजगी जताई थी। इस दौरान धर्म परिवर्तन को संस्कृति तबाह करने की साजिश करार दिया गया था। धर्मान्तरण के खिलाफ नाराजगी जताते हुए गाँव के दुलार मुंडा ने ऐसी हरकतों को किसी भी हाल में सहन न किए जाने का बयान भी दिया था।

कानपुर हिंसा के दिन हयात जफर ने PFI को किया था कॉल, कट्टरपंथी संगठन से कनेक्शन वाला दस्तावेज भी बरामद

कानपुर हिंसा में इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की संलिप्तता के सबूत मिले हैं। इस हिंसा के मुख्य आरोपित हयात जफर हाशमी के घर से पुलिस ने ये दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने 5 अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है। इस तरफ इस मामले गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 29 हो गई है।

पुलिस कमिश्नर विजय मीणा का कहना है कि PFI से जुड़े कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जाँच की जा रही है। ये कागजात आरोपित हयात जफर हाशमी के घरों से बरामद किए गए हैं। पुलिस की अब तक की जाँच में इस घटना का मास्टरमाइंड हयात ही है। हयात ने 3 जून को PFI को कॉल भी किया था।

जाँच में ये बात सामने आई है कि हयात जफर की एक कॉल पर हजारों लोग इकट्ठा हुए और उसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में हिंसा भड़क गई। पुलिस के मुताबिक, बवाल के बाद मुख्य आरोपी कानपुर छोड़कर भाग गए थे। एक आरोपित जावेद एशियन वायर पोस्ट यूट्यूब चैनल चलाता है। इसने लखनऊ के हजरतगंज स्थित इसके ऑफिस में अपने साथियों के साथ छिपा हुआ था।

आरोपित जावेद के पास से 6 मोबाइल फोन और कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं। इसके साथ ही पुलिस आरोपितों के बैंक खातों की जाँच कर रही है, ताकि PFI के साथ किसी भी प्रकार के लेनदेन का पता लगाया जा सके।

कमिश्नर मीणा का कहना है कि इस घटना में शामिल हर किसी को गिरफ्तार किया जाएगा, भले ही वो कहीं और भाग जाए। उन्होंने कहा कि आरोपितों की संपत्ति जब्त की जाएगी और उन पर बुलडोजर चलाया जाएगा। बता दें कि इस मामले में पुलिस गुंडा ऐक्ट और रासुका के तहत कार्रवाई कर रही है।

क्या है PFI

21 मई 2022 को केरल के अलाप्पुझा में PFI ने एक रैली का आयोजन किया था, जिसमें एक छोटे बच्चे को हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए सुना गया था। उसका वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ था। वीडियो में लड़के को एक आदमी ने अपने कंधों पर उठाया हुआ है।

इस दौरान वह लड़का कहता है, “चावल तैयार रखो। यम (मृत्यु के देवता) आपके घर आएँगे। यदि आप सम्मानपूर्वक रहते हैं, तो आप हमारे स्थान पर रह सकते हैं। अगर नहीं, तो हम नहीं जानते कि क्या होगा।”

पीएफआई का हिंसा करने का काफी पुराना इतिहास है। नागरिकता संशोधन अधिनियम के मद्देनजर हिंदू विरोधी दिल्ली दंगों और देश भर में हिंसा की जाँच के दौरान, पीएफआई की भूमिका संदिग्ध रही है और पीएफआई के कई सदस्यों को दंगों में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

इसके अलावा, साल 2020 में कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने देश के विभिन्न हिस्सों में दंगों और हिंसा के लिए उकसाने के आरोपित किसानों के विरोध को अपना समर्थन दिया और प्रदर्शनकारियों को संविधान के संरक्षण के लिए संघर्ष करने के लिए कहा था।

पीएफआई और SIMI जैसे कट्टरपंथी इस्लामी संगठन विभिन्न राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की फंडिंग के लिए कुख्यात हैं। दिसंबर 2019 में CAA के विरोध प्रदर्शनों के दौरान गृह मंत्रालय के साथ शेयर की गई एक खुफिया रिपोर्ट ने कुछ ‘राजनीतिक दलों’ की तरफ इशारा किया था और SIMI जैसे कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इस तरह के आपत्तिजनक नारे को केरल में रहने वाले हिंदुओं और ईसाइयों को सीधे तौर पर धमकी के रूप में देखा गया। चरमपंथी संगठन PFI ने चेतावनी हिंदू-ईसाइयों को धमकाते हुए कहा था कि अगर वे रास्ते पर नहीं आते हैं तो उन्हें मौत की सजा दी जाएगी।

इसके अलावा, PFI के कई सदस्यों पर धनशोधन निरोधक अधिनियम (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर उनके ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। आयकर विभाग ने 15 जून 2021 को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का 80जी पंजीकरण रद्द कर दिया था। आयकर विभाग ने कहा कि इस्लामी संगठन समुदायों के बीच ‘सद्भावना’ और ‘भाईचारे’ को खत्म कर रहा है।

हयात जफर का कट्टरपंथी इतिहास

राशन कोटे का दुकान चलाने वाला हयात जफर हाशमी सांप्रदायिक नफरत फैलाने का उस्ताद माना जाता है। यह पहले भी कई मौकों पर शहर में नफरत के बीज बो चुका है। इतना ही नहीं, इस्लाम के नाम पर हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई को बढ़ाते हुए जफर हाशमी शहर में कई बार उपद्रव करा चुका है।

इतना ही नहीं, अपने मंसूबों के लिए इसने अपनी माँ और बहन तक इस्तेमाल कर लिया। हाशमी ने मकान खाली कराने को लेकर अपनी माँ और बहन को उकसाया और उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय भेजा था। यहाँ पर दोनों ने इसके कहने पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी। बाद में उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, हयात जफर हाशमी सोशल मीडिया पर खूब सक्रिय रहता है और लोगों को उकसाते रहता है। NRC और CAA के विरोध के नाम पर हुए बवाल के दौरान भी इसने सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसी तरह यह विरोध प्रदर्शनों का अगुआ रह चुका है।

पिछले साल 21 अक्टूबर को हयात जफर हाशमी ने मूलगंज से मेस्टन रोड, शिवाला बाजार, रामनारायण बाजार होते हुए फूलबाग तक जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला था। इस जुलूस को लेकर उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था। हालाँकि, यह सोशल मीडिया पर समाजसेवी होने का खूब दिखावा करता है।

यति नरसिंहानंद के बयान और जितेंद्र त्यागी बने वसीम रिजवी द्वारा कुरान की आयतों को लेकर कोर्ट में दी गई याचिका को लेकर भी जफर हाशमी ने खूब बवाल काटा था और जमकर लोगों से विरोध प्रदर्शन करवाए थे। हाशमी के जहरीले बोल वाले कॉन्ग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार इमरान प्रतापगढ़ी के साथ भी ताल्लुक हैं।

हयात ने कैसे रची साजि

दरअसल, 26 मई को एक न्यूज चैनल पर ज्ञानवापी मामले को लेकर डिबेट के दौरान मुस्लिम नेताओं के आपत्तिजनक बयान पर भाजपा नेता नुपुर शर्मा ने विरोध जताया था। उन्होंने कहा था कि अगर मुस्लिमों के पैगंबर मोहम्मद को लेकर वह भी कुछ कहेंगी तो बुरा लगेगा। नूपुर शर्मा के बयान पर कई मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई।

इसके बाद 27 मई को मौलाना मोहम्मद अली जौहर फैंस एसोसिएशन के अध्यक्ष हयात जफर हाशमी ने इसके विरोध में कानपुर बाजार बंद करने का ऐलान किया। नूपुर के बयान पर कानपुर में पोस्टर लगाए गए। वहीं, 28 मई को हयात ने जेल भरो आंदोलन का आह्वान किया।

मुस्लिम इलाकों के हजारों लोगों ने हयात को समर्थन देते हुए एक बैठक की। इसके बाद प्रशासन से बातचीत के बाद हयात ने 5 जून तक बंदी और जेल भरो आंदोलन टाल दिया, लेकिन बाजार में लगे 3 जून के बंदी के पोस्टर नहीं हटाए गए। 2 जून को बेकनगंज इलाके में फिर दुकानों को बंद करने की अपील की गई।

शुक्रवार को मस्जिदों की तकरीरों में मौलानाओं ने कहा कि वे पैगंबर मुहम्मद पर की गई किसी भी टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके बाद नमाज पढ़कर निकले लोगों ने जबरन दुकानें बंद करानी शुरू कर दीं। दूसरे पक्ष ने दुकानें बंद करने से मना किया तो उन पर पत्थरबाजी की जाने लगी। इस तरह यह मामले कानपुर के कई इलाकों में एक साथ हुआ।

जाहिर सी बात है कि बिना साजिश के कई इलाकों में इस तरह की घटना एक साथ नहीं हो सकती। एक तरफ हयात जफर ने प्रशासन से बंदी को टालने की बात कहकर खुद को पुलिस का सहयोगी साबित किया और दूसरी तरफ अपने कैडरों के माध्यम से घटना को अंजाम दिलवाया।