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KK के सिर और चेहरे पर मिले चोट के निशान, ‘अप्राकृतिक मौत’ का केस दर्ज: होटल से अस्पताल के बीच क्या हुआ, जानिए हर डिटेल

31 मई 2022 की रात गायक कृष्णकुमार कुन्नथ उर्फ केके (singer KK) की मौत की खबर आई। इसकी वजह हार्ट अटैक (Singer KK Heart Attack) बताई गई। लेकिन अब जो मीडिया रिपोर्टें सामने आ रही हैं, उसमें बताया गया है कि गायक (Singer Krishna Kumar Kunnath) के सिर और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। कोलकाता पुलिस ने इस मामले में ‘अप्राकृतिक मौत’ (KK Unnatural Death) का केस दर्ज किया है। कोलकाता के SSKM हॉस्पिटल में ही उनका पोस्टमॉर्टम होना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके निधन पर दुख जताया है। पीएम ने ट्वीट कर कहा है, “केके के निधन से दुखी हूँ, उनके गानों से हर उम्र के लोग जुड़े हुए हैं। वो अपने गानों के जरिए हमारे दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे। ईश्वर उनके परिवार को शक्ति दे।”

सिर और चेहरे पर चोट के निशान मिलने के बाद कोलकाता पुलिस ने न्यू मॉर्केट थाने में अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज किया है। पुलिस होटल के स्टाफ से पूछताछ करने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि केके 2 दिन से कोलकाता में थे, इससे पहले वह पुणे में परफॉर्म कर रहे थे। केके ने कोलकाता में दो कॉलेज फेस्ट में परफॉर्म किया था। एक स्टूडेंट ने बताया कि केके शो-स्टॉपर थे। शुरुआती जानकारी में केके की मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। हालाँकि डॉक्टर्स अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सिंगर केके एकदम फिट और फाइन थे और वह स्मोकिंग और ड्रिकिंग से भी दूर रहते थे। मीडिया में उनके अचानक निधन को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

खबरों के मुताबिक, गायक केके के परिजन कोलकाता पहुँच चुके हैं। अब से थोड़ी ही देर में एसएसकेएम अस्पताल में केके का पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद ही उनकी मौत की वजह को लेकर स्थिति साफ होगी। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार (31 मई 2022) को कोलकाता में एक लाइव कॉन्सर्ट के बाद सिंगर का निधन हो गया। एक कॉलेज की तरफ से नजरुल मंच में एक समारोह का आयोजन किया गया था, वहाँ परफॉर्मेंस देने के बाद जब वह होटल पहुँचे तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें CMRI (कोलकाता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट) अस्पताल ले जाया गया। यहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 53 वर्षीय सिंगर के निधन की खबर मिलते ही उनके फैंस में शोक की लहर दौड़ गई।

सोशल मीडिया पर सिंगर केके के अंतिम परफॉर्मेंस की कई झलकियाँ शेयर की जा रही हैं। कॉन्सर्ट के दौरान केके ने, “हम रहे या ना रहें कल, कल याद आएँगे ये पल, आशाएँ खिले दिल की, उम्मीदें हँसे दिल की, तू जो मिला तो हो गया सब हासिल… जैसे गाने गाए थे।”

केके ने बॉलीवुड फिल्म ‘काइट्स’ में जिंदगी दो पल की, ‘ओम शांति ओम’ फिल्म में आँखों में तेरी, फिल्म ‘बचना ऐ हसीनों’ में खुदा जाने, फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में तड़प तड़प और ‘तू ही मेरी शब है’ जैसे तमाम गाने गाए थे। इसके अलावा उन्होंने हिंदी समेत तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बंगाली भाषाओं में कई गाने भी रिकॉर्ड किए थे।

मालूम हो कि 23 अगस्त 1968 को दिल्ली में जन्मे मशहूर प्लेबैक सिंगर कृष्णकुमार कुन्नथ को ने फिल्मों में ब्रेक मिलने से पहले करीब 3500 जींगल्स गाए थे। केके ने फिल्म ‘माचिस’ के गाने ‘छोड़ आए हम वो दुनिया’ गाने से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के गाने ‘तड़प तड़प’ से उन्हें इंडस्ट्री में बड़ा ब्रेक मिला था। साल 2000 में केके को ‘तड़प-तड़प’ गाने के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर के लिए गिल्ड फिल्म अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। वर्ष 2008 में भी ‘ओम शांति ओम’ फिल्म के गाने ‘आँखों में तेरी’ और 2009 में ‘बचना ए हसीनो’ फिल्म के गाने ‘खुदा जाने’ के लिए उन्हें बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला था।

मुंबई के बाद अब हैदराबाद में नुपूर शर्मा के खिलाफ केस दर्ज: BJP नेता की हत्या पर ₹1 करोड़ का इनाम रखने वाले AIMIM (इंकलाब) नेता पर पहली FIR

मुंबई के मुंब्रा पुलिस थाने के बाद अब हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार (31 मई 2022) को भाजपा की नुपूर शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। ये FIR भी पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी को लेकर है। उनके अलावा एक केस एआईएमआईएम के नेता पर भी हुई है जिसने उनकी हत्या पर 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था।

साइबर क्राइम पुलिस ने नुपूर के विरुद्ध FIR आईपीसी की धारा 153 (ए), 504, 505(2) और 506 के तहत सब इंस्पेक्टर पी रविंदर द्वारा दर्ज करवाई गई है। शिकायत में कहा गया कि नुपूर शर्मा की टिप्पणी से मु्स्लिम समुदाय आहत है। इसके अलावा शिकायत में आरोप है कि नुपूर की टिप्पणी दो समुदायों में नफरत फैलाने के इरादे से दी गई। शिकायत में नुपूर के विरुद्ध व न्यूज चैनल के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की माँग है।

नुपूर शर्मा की हत्या के लिए AIMIM (इंकलाब) के नेता पर केस दर्ज

नुपूर के अलावा हैदराबाद पुलिस द्वारा एआईएमआईएम (इंकलाब) के पार्टी अध्यक्ष अब्बासी के विरुद्ध भी केस दर्ज किया है। अब्बासी पर नुपूर शर्मा को धमकाने का आरोप है। ये केस हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस थाने के पुलिस कॉन्सटेबल की शिकायत पर दर्ज हुई है। अब्बासी ने नुपूर शर्मा की हत्या करने वाले को 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। वायरल वीडियो वो कहता सुना गया था,

“जैसा कि आप जानते हैं, पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने की सजा इस्लाम में मौत है। जो कोई भी ईशनिंदा करता है, हम उसे मारने के लिए ₹1 करोड़ का इनाम घोषित करते हैं। हमने पहले वसीम रिजवी के लिए भी इसी तरह की घोषणा की थी…मैं नूपुर शर्मा की हत्या के लिए 1 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा करता हूँ। नूपुर शर्मा, मैं तुम्हें ये बताना चाहता हूँ कि तुम्हारी सीता माता की उम्र क्या थी, जब उन्होंने भगवान राम से शादी की थी? 6 साल की थी। राजा दशरथ की कितनी पत्नियाँ थीं? 100 से ज्यादा। अगर हम तुम्हारे धर्म को उजागर करना शुरू कर दें, तो तुम सड़क पर आ जाओगे। तुम कुछ और नहीं बल्कि एक सफेदपोश वेश्या हो।”

नुपूर शर्मा के विरुद्ध मुंबई में दर्ज दो केस

इससे पहले नुपूर शर्मा के खिलाफ मुंबई के मुंब्रा पुलिस थाने में एक मदरसा टीचर मोहम्मद गुफरान ने दूसरी एफआईआर करवाई थी और पहली एफआईआर कई तरह की हिंसा में शामिल रजा अकादमी द्वारा कराई गई थी। मुंब्रा पुलिस ने जानकारी साझा करते हुए कहा था, “भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा के खिलाफ ठाणे के मुंब्रा पुलिस स्टेशन में एक और मामला दर्ज किया गया है। कथित तौर पर शत्रुता को बढ़ावा देने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।”

क्या है नुपूर शर्मा से जुड़ा विवाद

ज्ञानवापी शिवलिंग मामले में 26 मई 2022 की शाम को टाइम्स नाउ पर एक बहस के बाद AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने नुपूर शर्मा पर पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने का आरोप लगाते हुए एक ऑनलाइन कैंपने चलाया था। इसके बाद कट्टरपंथी नुपूर को और उनके परिवार को जान से मारने और रेप की धमकियाँ देने लगे, जबकि हकीकत में डिबेट शो के दौरान नुपूर ने ज्ञानवापी के शिवलिंग पर बन रहे मजाक को आधार बनाकर पूछा था कि क्या जैसे उनके भगवान का मजाक उड़ रहा है वो भी दूसरे मजहब पर इस तरह बात रख सकती हैं?

मदरसों को न बनने दिया जाए सामान्य स्कूल: मो इमामुद्दीन ने असम सरकार के फैसले के खिलाफ SC का दरवाजा खटखटाया, HC के निर्णय को दी चुनौती

असम में मदरसों को स्कूलों में बदलने वाले फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। शीर्ष अदालत में गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें उन्होंने असम सरकार के फैसले को बरकरार रखा था। इस साल फरवरी में हाई कोर्ट ने असम रिपीलिंग एक्ट 2020 को बरकरार रखते हुए कहा था कि असम के सभी गवर्नमेंट-फंडेड मदरसे स्कूलों में बदले जाएँ। मोहम्मद इमादुद्दीन बरभुइया व अन्य लोगों ने अपनी याचिका में हाई कोर्ट के इसी आदेश पर रोक लगाने की माँग की है। याचिका में कहा गया है कि निरसन अधिनियम और उसके बाद के सरकारी आदेशों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 28 और 30 के तहत याचिकाकर्ताओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस याचिका में कहा गया है कि 2020 का निरसन अधिनियम मदरसा शिक्षा की वैधानिक मान्यता और संपत्ति को छीन रहा है। राज्यपाल का 12 फरवरी 2021 को जारी आदेश 1954 में बनाए गए असम राज्य मदरसा बोर्ड को भंग कर देता है। यह मदरसों को धार्मिक शिक्षा प्रदान करने से रोकने के लिए विधायी और कार्यकारी शक्तियों की मनमानी है।

गौरतलब है कि असम के गुवाहाटी हाई कोर्ट (Gauhati High Court Assam) ने 4 फरवरी को अपने फैसले में कहा था कि सरकार से फंड प्राप्त करने वाले शिक्षण संस्थान मजहबी शिक्षा नहीं दे सकते। हाई कोर्ट ने राज्य के वित्तपोषित सभी मदरसों को सामान्य स्कूलों में बदलने के असम सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए, मदरसों के लिए जमीन देने वाले 13 मुत्तवली (दानदाता) की याचिका को खारिज कर दिया था।

असम रिपीलिंग एक्ट-2020

राज्य सरकार ने विधानसभा में असम रिपीलिंग एक्ट-2020 पास करते हुए इस कानून के आधार पर सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों को विद्यालयों में बदलने का निर्णय लिया था। इस एक्ट के तहत मदरसा शिक्षा (प्रांतीयकरण) अधिनियम- 1995 और असम मदरसा शिक्षा (कर्मचारियों की सेवाओं का प्रांतीयकरण और मदरसा शैक्षिक संस्थानों का पुनर्गठन) अधिनियम- 2018 को खत्म कर दिया गया था।

बाघों वाले जंगल से होकर, 1 घंटे घड़ियालों के बीच तैरी बांग्लादेशी महिला: भारत में घुस प्रेमी से रचाई शादी, 3 दिन बाद गिरफ्तार

22 साल की बांग्लादेशी महिला सीमा की परवाह किए बिना केवल तैर कर भारत आई है। पूछताछ में उसने कहा है कि वो भारत अपने प्रेमी से शादी करने आई है। उसने बताया कि इस सफर में उसने सुंदरबन के घने जंगलों को पार किया और एक घंटा लगातार नदी में तैरकर अपने प्रेमी से मिलने भारत पहुँची।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, महिला की पहचान कृष्णा मंडल के तौर पर हुई है। वह बताती है कि उसे भारत में रहने वाले अभिक मंडल नाम के लड़के से प्यार था। उसकी मुलाकात अभिक से फेसबुक पर हुई और दोनों को प्यार हो गया। कृष्णा के पास पासपोर्ट नहीं था इसलिए वह अवैध रूप से सीमा में घुसी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कृष्णा पहले सुंदरबन में घुसी जो बंगाल टाइगर्स के लिए जाना जाता है। इसके बाद वह करीब एक घंटे ऐसी नदी में तैरी जिसमें खतरनाक घड़ियाल होते है और इस तरह वह अपने प्रेमी के पास भारत आई।

बताया जा रहा है कि इसके बाद कृष्णा और अभिक ने कोलकाता के कालीघाट मंदिर में शादी की। लेकिन सोमवार को पुलिस ने अवैध ढंग से देश में घुसने के लिए उसे गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों का कहना है कि अब कृष्णा को बांग्लादेश हाई कमीशन को हैंडओवर किया जाएगा।

बता दें कि इससे पहले बांग्लादेश युवक नदी तैरकर सीमा में घुसा था और पूछताछ में उसने जवाब दिया था कि भारत में चॉकलेट लेने आया है। हालाँकि इमाम हुसैन नाम के उस युवक की सच्चाई पता लगाने के लिए उसे स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया था। इसके बाद वह कोर्ट में पेश हुआ और पूछताछ के लिए उसे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में उत्तराखंड से पहली गिरफ्तारी: दिनदहाड़े चलाई गई ताबड़तोड़ गोलियों का Video आया सामने

पंजाबी गायक और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला केपार्थिव शरीर का जहाँ आज अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं मूसेवाला हत्याकांड में पंजाब पुलिस ने उत्तराखंड से हिरासत में लिए गए मनप्रीत सिंह नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। आज शाम को उसे अदालत में पेश किया गया जहाँ से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मनप्रीत सिंह ड्रग डीलर बताया जा रहा है। पंजाब पुलिस के हवाले से कहा जा रहा है कि मनप्रीत सिंह ने कातिलों को गाड़ी मुहैया करवाई थी। वहीं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई को पाँच दिन की हिरासत में लिया है। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। स्पेशल सेल पंजाबी मूसेवाला की हत्या के सिलसिले में उससे भी पूछताछ करेगी। काला जठेड़ी और कला राणा से भी पूछताछ होने की बात सामने आई है।

इस मामले में पंजाब पुलिस, उत्तराखंड पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मदद से देहरादून के 5 लोगों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में कामयाब रही। उनमें से एक पर पुलिस को संदेह था, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताया जा रहा था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

बता दें कि कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बरार द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह पुलिस के रडार पर आ गया। जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी बरार ने दावा किया था कि उसने विक्की मिड्दुखेरा की मौत का बदला लेने के लिए गायक मूसेवाला की हत्या की।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद सामने आया वीडियो

इस केस से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है। ये वीडियो घटना के समय की है जब सिद्धू की गाड़ी मोड़ से मुड़ी। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे गाड़ी के मुड़ते ही ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज आने लगती है और सड़क पर खड़े लोग गिरते-पड़ते भागने लगते हैं।

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड

गौरतलब है कि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की रविवार (29 मई, 2022) को पंजाब के मानसा जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं मूसेवाला का आज उनके पैतृक गाँव मूसा में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला कनाडा में पढ़ने के लिए गए थे, जिसके बाद जब वो पंजाब लौटे तो सिंगर बनकर लौटे थे। इसके साथ ही कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला कई विवादों से भी जुड़े रहे थे। पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापस लिए जाने के एक दिन बाद ही उनकी हत्या कर दी गई।

‘कॉन्ग्रेस खुद सुधरती नहीं, मेरा ट्रैक रिकॉर्ड भी खराब करवा दिया’ : प्रशांत किशोर ने निकाली भड़ास, सबसे पुरानी पार्टी को बताया- डूबती नाव

बिहार से जन सुराज यात्रा की शुरुआत कर चुके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला है। जन सुराज यात्रा के तहत सोमवार (30 मई 2022) को वैशाली में पूर्व केंद्रीय मंत्री और समाजवादी नेता स्व. रघुवंश प्रसाद सिंह के पैतृक आवास पहुँचे प्रशांत किशोर ने कॉन्ग्रेस से नाराजगी जाहिर की।

किशोर ने कॉन्ग्रेस के लिए कहा, “मैं अब कभी कॉन्ग्रेस (Congress) के साथ काम नहीं करेंगे। यह एक ऐसी पार्टी है, जो खुद तो सुधरती नहीं है, मेरा भी ट्रैक रिकॉर्ड खराब कर दिया है।” प्रशांत ने आगे कहा, “2011 से 2021 तक मैं 11 चुनाव से जुड़ा रहा, जिसमें 2017 के एक ही चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जो यूपी में कॉन्ग्रेस के साथ था। इसके बाद मैंने तय कर लिया था कि अब मैं कॉन्ग्रेस के साथ काम नहीं करूँगा।”

प्रशांत किशोर ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए देश की सबसे पुरानी पार्टी को एक डूबती हुई नाव बताया। उन्होंने क​हा, “मेरा कॉन्ग्रेस के प्रति बहुत सम्मान है, लेकिन मौजूदा हालत पार्टी के लिए सही नहीं हैं… मेरी केवल एक ही चुनाव में हार हुई, जिससे मैंने सबक ले लिया कि अब मुझे कॉन्ग्रेस के साथ काम नहीं करना है।”

उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में कॉन्ग्रेस के साथ चर्चा असफल होने के बाद प्रशांत किशोर ने अपनी नई सियासी पारी के संकेत दिए थे। उन्होंने 2 मई को ट्वीट के जरिए अपने एक दशक के अनुभव का जिक्र किया और बिहार से नई ‘शुरुआत’ करने की बात कही थी। वहीं अप्रैल में कॉन्ग्रेस में शामिल होने को लेकर चली लंबी बैठकों के बाद किशोर ने जानकारी दी थी कि उन्होंने पार्टी की पेशकश को ठुकरा दिया है।

गौरतलब है कि बीते दिनों प्रशांत किशोर ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ द्वार आयोजित ‘E. Adda’ में कहा था कि भाजपा चुनावी रूप से काफी मजबूत पार्टी हो गई है और भारत में एक बार आप 30% वोट सुरक्षित कर लेते हैं तो आप कई दशकों तक टिकते हैं।

ज्ञानवापी का सीलबंद सबूत वापस लेने से वाराणसी कोर्ट का इनकार, वकील विष्णु जैन ने कहा- हमारा केस बहुत मजबूत, लीक एक साजिश

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के मामले में लीक हुए वायरल वीडियो को लेकर अब नए सिरे से विवाद का दौर शुरू हो चुका है। कल से ही कुछ टीवी चैनलों पर ज्ञानवापी सर्वे के दौरान रिकार्ड किए गए वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। जिससे ज्ञानवापी मामले में अब दोनों पक्षों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं के साथ केस को कमजोर किए जाने की इसे साजिश भी बताया जा रहा है। वहीं, आज अदालत ने हिन्दू पक्ष द्वारा लौटाए जा रहे सील बंद लिफाफों को वापस लेने से इनकार कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ही कोर्ट ने मामले की चारों वादी महिलाओं रेखा पाठक, सीता साहू, लक्ष्मी देवी और मंजू व्यास को वीडियो और फोटो का बंद लिफाफा सौंपा था। वहीं ज्ञानवापी सर्वे की वीडियो रिपोर्ट लीक होने के बाद मामले की चारों वादी महिलाओं ने सीलबंद लिफाफे को कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की लेकिन जिला अदालत ने इसे वापस लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि 4 जुलाई को वीडियो लीक होने के मामले की भी सुनवाई की जाएगी।

वहीं इस पूरे मामले में वादी पक्ष के वकील विष्‍णु जैन ने कहा, “जहाँ तक ​​लीक हुए वीडियो का सवाल है, हमें शाम करीब 6.30 बजे कोर्ट के जरिए सीलबंद लिफाफे में प्रमाणित कॉपी मिली। हमने शाम सात बजे एक पीसी रखी और कहा कि यह अभी भी एक सीलबंद लिफाफे में है और हम इसे अदालत में वापस कर रहे हैं। हमारा मामला बहुत मजबूत है, हम अदालत के सामने साबित करेंगे कि मस्जिद को मंदिर तोड़कर बनाया गया था। हम अगली सुनवाई के लिए गुण-दोष तैयार कर रहे हैं। हमारे प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष द्वारा उठाए गए हर बिंदु के लिए हम तैयार हैं। जहाँ तक ​​दीन मोहम्मद के फैसले का सवाल है, मेरा मानना ​​है कि यह हम पर लागू नहीं होता, क्योंकि हिंदू इसके पक्षकार नहीं थे।”

गौरतलब है कि कल सोमवार (30 मई, 2022) को कोर्ट से शपथपत्र के साथ वादी महिलाओं को सील बंद लिफाफा मिलने के कुछ ही देर बाद ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के अंदर का वीडियो लीक हो गया था। वीडियो में तहखाने दीवारों पर त्रिशूल जैसी आकृति दिख रही है। इसके अलावा वजूखाने के पानी में शिवलिंग जैसी आकृति का ऊपरी भाग दिख रहा है।

इसे ही जहाँ हिंदू पक्ष शिवलिंग बता रहा है, वहीं मुस्लिम पक्ष अपने दावों पर अड़ा है कि यह फव्वारा है। फ़िलहाल, यह शिवलिंग है या फव्वारा, इसका फैसला कोर्ट को करना था, लेकिन उससे पहले सर्वे की वीडियो रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई। जो देखते ही देखते थोड़ी देर में वायरल हो गई।

बता दें कि आज ज्ञानवापी प्रकरण में अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने न्यूज चैनल पर सर्वे का वीडियो वायरल होने की जाँच कराने की अदालत से अपील की है। इस बाबत जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश ने पक्षकारों की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर चार जुलाई को सुनवाई करने का मौखिक आदेश दिया है। वहीं मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा पक्षकार बनाने की अपील पर जिला जज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जारी आदेश के तहत ही सुनवाई की जाएगी।

लेस्बियन कपल आदिला नसरीन और फातिमा नूरा को केरल हाईकोर्ट ने दी साथ रहने की मंजूरी: हम-बिस्तर होने से परिवार ने रोका था

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार (31 मई 2022) को लेस्बियन कपल आदिला नसरीन (22) और फातिमा नूरा (23) को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों को साथ रहने की अनुमति दे दी। इस संबंध में आदिला नसरीन द्वारा हैबियस कॉपर्स याचिका दायर की गई थी। आदिला ने अपनी प्रेमिका को जबरन अलग किए जाने पर ये याचिका कोर्ट में डाली थी

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और सी जयचंद्रन की बेंच ने लेस्बियन जोड़े से सीधे बात करते हुए उनसे पूछा कि क्या वे एक साथ रहना चाहते हैं। दोनों ने ‘हाँ’ में जवाब दिया जिसके बाद कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें साथ रहने की अनुमति दी।

मीडिया से बातचीत के दौरान आदिला ने फातिमा के साथ अपने संबंधों पर खुल कर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे साथ रहने की इच्छा के कारण उनका बहिष्कार किया जा रहा था। आदिला ने बताया कि वो लेस्बियन कपल हैं और स्कूल के दिनों से साथ हैं। आदिला कहती हैं कि शुरुआत में उन लोगों के अम्मी-अब्बा को इन संबंधों का पता चला था। लेकिन बावजूद इसके उन्होंने अपना रिश्ता जारी रखा। डिग्री मिलने और नौकरी पाने के बाद दोनों ने जब घर छोड़ा तो चीजें उलटी होने लगीं और घरवालों द्वारा उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया।

उल्लेखनीय है कि आदिला और फातिमा से जुड़ा ये मामला कुछ दिन पहले सोशल मीडिया के जरिए सामने आया था। आदिला नसरीन (Adhila Nassrin) ने वीडियो में अपनी लेस्बियन पार्टनर फातिमा नूरा (Fathima Noora) को उसके घर वालों द्वारा जबरन बंधक बनाने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। इस अपील में लोगों से अपनी मदद और पुलिस से भी सहयोग की माँग की गई थी।

आदिला का दावा था कि फातिमा नूरा की माँ एक दिन अपने परिजनों के साथ उसके घर आई और वहाँ दोनों की पिटाई की गई और नूरा का अपहरण कर लिया गया। इसकी शिकायत बिनानीपुरम थाने में की गई। जब पुलिस आदिला के घर पहुँची तो वहाँ आदिला अकेली थी। पुलिस उसे लेकर थाने आ गई। बाद में उसकी ही माँग पर उसे एक अस्थाई घर में शिफ्ट कर दिया गया। आदिला ने पुलिस से अपनी और फातिमा की सुरक्षा भी माँगी थी।

सत्येंद्र जैन, सोमनाथ भारती, अमानतुल्लाह खान सहित केजरीवाल के खास ‘9 रत्न’, जिन पर चल रहे भ्रष्टाचार से दंगों तक के मामले

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किए गए दिल्ली की केजरीवाल सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को 9 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। ईडी ने सोमवार (29 मई, 2022) को करीब छह घंटे तक चली पूछताछ के बाद जैन को गिरफ्तार कर लिया था।

रिपोर्ट के अनुसार, विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए सत्येंद्र जैन से हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

बता दें कि ईडी की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) के 2017 के एक मामले पर आधारित है, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि ‘आप’ नेता और उनकी पत्नी पूनम जैन ने फरवरी 2015 और मई 2017 के बीच ₹1.47 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की थी। यह उनकी आय के ज्ञात स्रोतों के दोगुने से भी अधिक थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में जाँच में पाया गया था कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोकसेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला के जरिए कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे।

हालाँकि, यह एकलौता मामला नहीं है जब केजरीवाल के आम आदमी पार्टी के किसी नेता पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हों या जेल भेजा गया हो। सत्येंद्र जैन, अमानतुल्लाह खान, ताहिर हुसैन, सोमनाथ भारती से लेकर ऐसे 9 नेताओं का जिक्र हम यहाँ कर रहे हैं जो विभिन्न मामलों में या तो आरोपित हैं या जेल की हवा खा चुके हैं।

पंजाब के स्वास्थ मंत्री विजय सिंघला

हाल ही में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था। उनके ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे जिसे देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बर्खास्त करते हुए, पुलिस को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश भी दिया था। वहीं बर्खास्तगी के बाद एंटी करप्शन ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया था।

बता दें कि सीएम भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने की कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद की थी। मामले में कहा जाता है कि स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंघला पर ठेके में कमीशन लेने का आरोप था। आरोप के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री अधिकारियों से ठेके पर एक पर्सेंट कमीशन की माँग कर रहे थे। बता दें कि इस मामले में मान ने दावा किया कि सिंगला ने गलत काम करने की बात स्वीकार कर ली है।

पंजाब में AAP के विधायक जसवंत सिंह

पंजाब में आप के विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा भी हाल ही में बैंक कर्ज घोटाले में फँसे हैं। विधायक बनने के बाद एक रुपए वेतन लेने का दावा करने वाले जसवंत सिंह के मालेरकोटला स्थित पैतृक घर सहित तीन स्थानों पर केंद्रीय जाँच एजेंसी (सीबीआई) ने 40 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में छापे मारे थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई ने छापों के दौरान 94 खाली चेक जब्त की थी। इन पर अलग अलग लोगों के दस्तखत थे और आधार कार्ड भी संलग्न थे। सीबीआई प्रवक्ता आरसी जोशी ने बताया था कि अधिकारियों ने 16.57 लाख रुपए की नकदी जब्त की थी। इसके आवा 88 विदेशी मुद्रा के नोट, कुछ संपत्तियों के कागज, कई बैंक खाते और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। बता दें कि सीबीआई ने आप विधायक जसवंत सिंह के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया की लुधियाना शाखा की शिकायत पर मलेरकोटला के गौंसपुरा स्थित तारा कॉरपोरेशन लिमिटेड व अन्य पर मामला दर्ज कर जाँच की शुरुआत की है।

पटियाला ग्रामीण से आप विधायक बलबीर सिंह

वहीं पंजाब की पटियाला ग्रामीण विधानसभा सीट से आप के विधायक डॉक्टर बलबीर सिंह को आपराधिक मामले में हाल ही में तीन साल की सजा सुनाई गई है। बलबीर सिंह के अलावा इसी मामले में उनकी पत्नी, बेटे और एक अन्य को भी तीन साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा कोर्ट ने सभी दोषियों पर पाँच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर बलबीर सिंह के खिलाफ 13 जून 2011 को अपनी पत्नी की बहन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। रुपिंदर कौर और उनके पति मेवा सिंह ने बलबीर सिंह पर मारपीट के आरोप लगाए थे। इस मामले में मेवा सिंह का आरोप था कि बलबीर ने उन पर तब हमला किया जब वो चमकौर साहिब में अपने खेतों में फसल की बुआई कर रहे थे।

वहीं अब अब तीन साल की सजा होने के बाद डॉक्टर बलबीर सिंह पर पंजाब में विधायकी खोने का खतरा भी मंडरा रहा है। नियम के मुताबिक किसी भी जन प्रतिनिधि को आपराधिक मामलों में दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ता है। ऐसे में अगर बलबीर सिंह को सदस्यता गँवानी पड़ती है तो यह भगवंत मान की सरकार के लिए भी झटका होगा।

अमानतुल्लाह खान

दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान को भी हाल ही में सरकारी काम में दखल और लोगों को भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। लेकिन गिरफ्तार करने के एक दिन बाद ही शुक्रवार (13 मई 2022) को दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें बैड केरेक्टर और आदतन अपराधी घोषित कर दिया है।

बता दें कि जमीनों पर कब्जे और मारपीट के 18 केसों में आरोपित आप विधायक के खिलाफ 28 मार्च को ही जामिया नगर थाने के एसएचओ बंच-A का बैड कैरेक्टर घोषित करने को लेकर प्रस्ताव डीसीपी को भेजा था।

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इसे स्वीकार भी कर लिया है। इसी के साथ अब से अमानतुल्लाह खान हिस्ट्रीशीटर अपराधी हो गए हैं। इससे पहले उन्हें गुरुवार को ही सरकारी काम में रुकावट डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई से पहले अमानतुल्लाह खान के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया था। इसमें लिखा गया था कि भाजपा के बुलडोजरतंत्र का विरोध कर रही जनता के खिलाफ दिल्ली पुलिस का एक्शन असंवैधानिक है।

AAP की निगम पार्षद गीता रावत

फरवरी, 2022 के महीने में यह मामला आया था। जब मकान की छत बनाने देने के बदले ₹20000 की रिश्वत ले रही पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी की निगम पार्षद गीता रावत को केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने उसके एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया था। सीबीआई के मुताबिक पूर्वी दिल्ली की वार्ड संख्या दस ई की निगम पार्षद गीता रावत का सहयोगी बिलाल उसके ऑफिस के पास ही मूँगफली बेचने का काम करता था।

सीबीआई के मुताबिक शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को शिकायत की थी कि उसे अपने मकान के ऊपर छत बनवानी थी। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि इस छत को डालने देने के बदले निगम पार्षद गीता रावत ने 20000 रुपए की रिश्वत माँगी थी। आरोप यह भी था कि शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत की रकम न दिए जाने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी।

AAP की पूर्व पार्षद निशा सिंह

इसी साल अप्रैल के महीने में गुरुग्राम में आम आदमी पार्टी की एक पूर्व महिला पार्षद निशा सिंह को अदालत ने 7 साल कैद की सजा सुनाई थी। निशा पर 2015 में भीड़ को भड़काने का आरोप है, जिसने पुलिस और अतिक्रमण हटाने गई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की टीम पर हमला कर दिया था। इस मामले में निशा सिंह समेत 17 लोगों को सजा सुनाई गई थी।

गुरुग्राम की एक अदालत ने ‘आप’ की एक पूर्व महिला पार्षद सहित 17 लोगों को 2015 में अतिक्रमण हटाने गई एक टीम पर हमला और पथराव करने के लिए अदालत ने सात से 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। इस मामले में कुल 19 लोग आरोपित थे।

गौरतलब है कि 15 मई 2015 की घटना में, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की टीम पर सेक्टर-47 झिमर बस्ती में हमला करने के अलावा पुलिस टीमों पर पेट्रोल बम और रसोई गैस सिलेंडर भी फेंके गए थे, जिसमें ड्यूटी पर मौजूद एक मजिस्ट्रेट और 15 पुलिस कर्मी घायल हो गए थे।

सोमनाथ भारती

केजरीवाल सरकार के पूर्व मंत्री नेता सोमनाथ भारती की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ जनवरी 2021 में अमेठी में दर्ज मामले की रिपोर्ट पुलिस ने कोर्ट को भेंजी है, जिसमें पूर्व मंत्री के खिलाफ मानहानि और ठेस पहुँचाने की धारा लगाई गई है। जिसके बाद केस में सुलतानपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने वारंट जारी किया है। वहीं अब इस केस की अगली सुनवाई 14 जून को होगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2021 में पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती द्वारा दिया गया बयान अब उनके लिए मुश्किल खड़ा कर सकता है। जिसमें पूर्व मंत्री ने कहा था कि हम यूपी के स्कूलों और अस्पतालों को देख रहे हैं। अस्पताल में जो बच्चे पैदा हो रहे हैं वो कुत्ते के बच्चे हैं। जिसके बाद जगदीशपुर थाना में हरपालपुर के शोभनाथ साहू ने केस दर्ज कराया था।

वहीं पुलिस ने इस केस में धारा 505 /153ए के तहत एफआईआर दर्ज की थी। ये बयान देने के दूसरे दिन ही जब पूर्व मंत्री रायबरेली गए तब उन्हें रायबरेली के गेस्ट हाउस में ही बैठक से निकलने के बाद अमेठी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था।

बता दें कि यह एकलौता मामला नहीं है। 2013 में आम आदमी पार्टी से दिल्ली के मालवीय नगर सीट से विधायक चुने गए सोमनाथ भारती पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। जहाँ चुनाव जीतने के बाद सोमनाथ को कानून, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली थी। वहीं, 2014 में विभिन्न विवादों के चलते भारती को इस्तीफा देना पड़ा था। उसी दौरान उनकी पत्नी ने भी सोमनाथ भारती पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इसके अलावा एम्स में कर्मचारियों से मारपीट का भी आरोप लगा था। ये मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है।

ताहिर हुसैन

दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में निचली अदालत ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और पाँच अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और दंगा भड़काने की धाराओं समेत अन्य धाराओं में आरोप तय कर दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दंगे के दो मामलों में मुख्य आरोपित एवं आप के पार्षद रहे ताहिर हुसैन समेत 13 आरोपितों पर दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक शत्रुता और अफवाह फैलाने के आरोप को लेकर दायर पूरक आरोपपत्र पर कड़कड़डूमा कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है।

वहीं ताहिर हुसैन समेत अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय करते हुए कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा था कि शुरूआती तौर पर ऐसा लगता है कि ताहिर हुसैन ना सिर्फ दंगा भड़काने की साजिश रचने में शामिल थे बल्कि उसके साथ ही दंगा करवाने में भी उनकी अहम भूमिका रही थी। ताहिर हुसैन ने दूसरे समुदाय के लोगों पर हमला करने के लिए पूरी साजिश रची थी और इसके लिए ताहिर हुसैन के घर पर पत्थरों समेत अन्य हथियारों का इंतजाम किया गया था।

‘भिंडरावाला रखता था हथियार… अकाल तख्त के जत्थेदार भी रखें’ : ब्लू स्टार की बरसी से पहले ‘दल खालसा’ की भड़काऊ बयानबाजी

पंजाब के अमृतसर स्थित ‘श्री अकाल तख्त’ के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा सिखों से आधुनिक हथियार रखने की अपील किए जाने के बाद दल खालसा का भी इस मुद्दे पर विवादित बयान आया है। ये बयान कट्टरपंथी संगठन दल खालसा द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया गया जिसमें वह 6 जून को स्वतंत्रता मार्च और श्री अकाल तख्त साहिब पर घल्लूघारा दिवस की बरसी मनाने की माँग कर रहे थे। इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को खुद हथियार रखने की सलाह दी और कहा कि वह ऐसा करके उदाहरण सेट करें।

अकाल तख्त के ‘जत्थेदार’ हथियार लेकर सेट करें उदाहरण: दल खालसा

कट्टरपंथी संगठन दल खालसा के प्रवक्ता कवर पाल सिंह बिट्टू ने कहा कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने हर सिख को लाइसेंसी हथियार ऱखने की सलाह दी थी। 6 जून को घल्लूघारा दिवस के मौके पर उन्हें भी श्री अकाल तख्त साहिब पर  हथियार के साथ पहुँचना चाहिए। बिट्टू ने कहा कि श्री हरमिंदर साहिब में हथियार लेकर जाने पर कोई मनाही नहीं हैं। सिर्फ गुरुघर की ओर हथियार नहीं जा सकता।

अपनी बात रखते हुए बिट्टू ने खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाला का उदाहरण दिया। बिट्टू ने कहा, “भिंडरावाले खुद भी हथियार को अपने पास रखते थे और श्री अकाल तख्त साहिब पर वह अपने साथ हथियार ही लेकर जाते थे।” दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार दल खालसा के प्रवक्ता ने कहा 6 जून को स्वर्ण मंदिर में खालिस्तान के लगने वाले नारे और लहराई जाने वाली तलवारें सिर्फ लोगों के जज्बात होते हैं। वहाँ वही जाता है जिसे अमृतसर से प्रेम हो।

घल्लूघारा दिवस

बता दें कि हर साल 6 जून को ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर घल्लूघारा दिवस पंजाब में मनाया जाता है। इस बार इस दिवस के मद्देनजर पंजाब पुलिस ने कई जगहों पर सुरक्षा को बढ़ा दिया है। लगातार भड़काऊ बयानबाजी और धार्मिक स्थलों को उड़ाने की धमकियों के बीच पुलिस पूरी तरह अलर्ट हैं। लेकिन इसी बीच दल खालसा का ये विवादित बयान सामने आया है। 

अकाल तख्त के जत्थेदार ने हथियार रखने के लिए की थी अपील

इससे पहले पंजाब के अमृतसर स्थित ‘श्री अकाल तख़्त’ का जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिखों से आधुनिक हथियार रखने की अपील की थी, जिसे सुन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनके बयान पर आपत्ति जताई है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा था कि हर सिख आधुनिक हथियार का लाइसेंस रखने की कोशिश करे। उन्होंने मीरी-पीरी के संस्थापक गुरु हरगोबिंद साहिब के गुरुता गद्दी दिवस पर संगत के नाम जारी संदेश में इस तरह की अपील करके दावा किया था कि गुरु हरगोविंद ने चार युद्ध लड़े और चारों में ही उन्होंने जीत दर्ज की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब सिख बाणी पढ़ कर बलवान बनें और हर सिख शस्त्रधारी भी बने।