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Xiaomi के ₹5551 करोड़ जब्त, ED की बड़ी कार्रवाई: रॉयलटी के नाम पर चीन को पहुँचा रहा था फायदा

भारत में चीनी स्मार्टफोन की बड़ी कंपनियों में से एक शाओमी इंडिया (Xiaomi) पर प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की है। खबर है कि ईडी ने चीनी कंपनी से जुड़े बैंक खातों में जमा किए गए ₹5 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए जब्त कर लिए हैं। ये कार्रवाई विदेशी प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के तहत अंजाम दी गई है।

खबरों के मुताबिक कंपनी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जाँच को इसी साल फरवरी में शुरू किया था। ये जाँच शाओमी टेक्नॉलजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किए गए अवैध लेन-देन पर शुरू हुई थी। इसके बाद इस माह की शुरुआत में पता चला था कि जाँच एजेंसी ने अपनी पड़ताल के लिए कंपनी के एक पूर्व भारतीय प्रमुख बुलाया ताकि यह निर्धारित हो सके कि क्या कंपनी की व्यावसायिक प्रथाएँ भारतीय विदेशी मुद्रा कानूनों के अनुरूप हैं या नहीं।

शाओमी ने ईडी द्वारा की गई इतनी बड़ी कार्रवाई को लेकर अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि कंपनी सभी भारतीय कानूनों का पालन करती है और सभी नियमों का पूरी तरह से मानती है। हम अधिकारियों के साथ इस जाँच में सहयोग कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके पास सभी आवश्यक जानकारी जाएँ।

उल्लेखनीय है कि शाओमी कंपनी की भारतीय स्मार्ट फोन बाजार में 24 फीसद हिस्सेदारी है। 2021 में इस कंपनी के फोन भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाले फोन में से एक थे। शुरुआत की बात करें तो साल 2014 में भारत में अपने आप को स्थापित किया था और साल 2015 से उसने पैसों की लेन-देन शुरू की थी। रिपोर्ट बताती हैं कि कंपनी ने इस दौरान तीन विदेशी आधारित संस्थाओं को 5551.27 करोड़ रुपए के बराबर विदेशी मुद्रा प्रेषित की है, जिसमें एक शाओमी की समूह ईकाई भी है। अन्य दो अमेरिकी संस्थाएँ हैं।

ईडी ने अपने बयान में बताया कि शाओमी इंडिया मोबाइल ने अपने फोन के निर्माण से लेकर उसके वितरण तक की जिम्मेदारी खुद संभाली और उन्होंने इन तीनों विदेशी कंपनियों से कभी कोई सेवा नहीं ली। लेकिन, सेवा न लेने के बावजूद इन कंपनियों को पैसे दिए जाते रहे। कंपनी ने रॉयल्टी के नाम पर विदेशी संस्थाओं को इतनी बड़ी रकम भेजी, जो सीधेतौर पर फेमा की धारा 4 का उल्लंघन है। ईडी ने आरोप लगाया कि विदेशों में पैसा भेजने के संबंध में बैंकों को भी गलत सूचना दी गई।

108 के जवाब में सामने आए 197 रिटायर्ड अधिकारी, लाभार्थियों का भी PM मोदी को समर्थन: कहा – महामारी में दिया राशन-टीका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को फिर से कई नौकरशाहों और पूर्व न्यायाधीशों ने एक पत्र लिखा है। 8 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, 97 सेवानिवृत्त नौकरशाहों और 92 सेवानिवृत्त सशस्त्र बलों के अधिकारियों, यानी कुल 197 हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा लिखे इस पत्र में एक स्वयंभू संवैधानिक आचरण समूह (सीसीजी) के उस पत्र की चर्चा की गई है, जिसमें ‘नफरत की राजनीति को समाप्त करने’ के लिए पीएम को चुप्पी तोड़ने और कोई कदम उठाने को कहा गया था। नए पत्र में पीएम से ऐसे लोगों को बेनकाब करने के लिए कहा गया है जो इस पर केवल राजनीति कर रहे हैं।

पूर्व न्यायाधीशों, लोक सेवकों और सशस्त्र बलों के अधिकारियों द्वारा पीएम मोदी को खुले पत्र में कहा गया है, “पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर सीसीजी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।” पीएम को लिखे पत्र में कहा गया है कि हम निहित स्वार्थों के लिए ऐसी घिनौनी राजनीति की निंदा करते हैं और सभी सही सोच वाले नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे इन लोगों को बेनकाब करें। पूर्व न्यायाधीशों और लोक सेवकों ने कहा कि हमारे महान राष्ट्र की एकता और अखंडता बनी रहे इसके लिए सबको साथ आना होगा।

मालूम हो कि पिछले दिनों देश के 108 पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वे ‘नफरत की राजनीति’ को समाप्त करने का आह्वान करें। उस पत्र में कहा गया था कि केवल बीजेपी शासित राज्यों में ही ऐसा हो रहा है, पीएम को इस पर कोई कदम उठाना चाहिए। जिसके बाद इस नई चिट्ठी से उसका विरोध किया गया है। हालाँकि इससे पहले केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों के एक समूह ने एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की थी।

साथ ही उन्होंने उन पूर्व नौकरशाहों की आलोचना की है, जिन्होंने हाल ही में कथित ‘नफरत की राजनीति पर पीएम मोदी की चुप्पी’ पर सवाल उठाते हुए एक चिट्ठी लिखी थी। लाभार्थियों के एक समूह ने शुक्रवार (29 अप्रैल 2022) को अपने पत्र में लिखा था, “उनकी (पूर्व नौकरशाहों की) “निष्क्रियता” ने उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर दिया था और उन्हें अब वे सुविधाएँ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के तहत मिली हैं।”

उन्होंने पूर्व नौकरशाहों को करारा जवाब देते हुए यह भी कहा था, ‘‘यह कल्पना से परे है कि आप समाज के एक अदृश्य खतरे पर चुप्पी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए पत्र लिख रहे हैं। जब आपकी गलत नीतियों के कारण हम गरीबी में जीने को मजबूर थे, तब तो आपने हमारे बारे में कभी नहीं सोचा।” प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए लाभार्थियों ने कहा कि जब हर जगह लोग कोरोना महामारी के दौरान परेशान थे। उस वक्त पीएम मोदी ने गरीबों और बेसहारा लोगों को मुफ्त में अनाज मुहैया कराया, जिससे लोग भूखे नहीं रहें। उन्होंने मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम का आयोजन किया, ताकि लोगों को कोरोना महामारी की चपेट में आने से बचाया जा सके।

इसके साथ ही लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि पत्र लिखने वाले नौकरशाहों की निष्क्रियता के कारण ही उन्हें भोजन, आवास, रसोई गैस और बैंक खातों जैसी बुनियादी सुविधाओ से वंचित रहना पड़ा, लेकिन मोदी सरकार के कार्यकाल में उन्हें ये सब सुविधाएँ आसानी से मिली हैं।

नोएडा में अवैध मजारों को हटाने को लेकर VHP की चेतावनी: कहा- कार्रवाई नहीं होने पर करेंगे राज्यव्यापी आंदोलन

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा (Noida, UP) में मजारों की बढ़ती संख्या को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने प्रशासन को चेतावनी दी है। विहिप ने कहा कि शहर में कुकुरमुत्तों की तरह जगह-जगह उग आए अवैध मजारों पर अगर प्रशासन तुरंत कार्रवाई नहीं करता है तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। विहिप ने इन मजारों को तुरंत हटाने की अपील की है।

इस संबंध में संगठन ने शनिवार (30 अप्रैल 2022) को गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी और नोएडा प्राधिकरण को ज्ञापन भी सौंपा। विहिप के प्रांत मंत्री डॉ. राजकमल गुप्ता ने कहा कि इन मजारों के कारण सुरक्षा की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर जल्दी कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

गुप्ता ने इशारों-इशारों में कहा कि ऐसे तत्वों को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है। यही कारण है कि इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि मजारों के संबंध में जब वे नोएडा प्राधिकरण और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर लौट रहे थे, उसी दौरान सेक्टर-39 के थाने के बाहर कुछ लोगों द्वारा विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि ये सभी लोग सादा वर्दी में थे। गुप्ता ने कहा कि इन लोगों को पुलिस ने बाद में अपना कर्मचारी बताया।

विहिप नेता ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को झूठे मामले में फँसाने का प्रयास भी किया है। उन्होंने कहा कि थाने के सामने कार्यकर्ताओं की छाती पर रिवॉल्वर तानकर जान से मारने की सरेआम धमकी देने वाले और झूठे मुकदमे में फँसाने वाले पुलिसकर्मी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे अविलंब गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

गुप्ता ने माँग की कि विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर दायर किए गए मुकदमे को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि उनकी माँगें नहीं मानी गई तो राज्यव्यापी आंदोलन की जाएगी।

15 साल से भारत में रह रहे थे रोहिंग्या फैय्याज और दिल मोहम्मद, पासपोर्ट-आधार सब फर्जी: यूपी पुलिस ने धरा, दुबई भी गए थे

UP के हापुड़ में पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रहे 2 रोहिंग्या नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपितों के नाम फैय्याज और दिल मोहम्मद हैं। पुलिस ने इनके पास से एक भारतीय पासपोर्ट, एक आधार कार्ड की फोटोकॉपी और 2 रिफ्यूजी कार्ड बरामद किए हैं। आरोपित फैय्याज लगभग 15 वर्षो से भारत में रह रहा था। वो भारत से दुबई की यात्रा भी कर चुका है। पुलिस ने यह जानकारी 29 अप्रैल, 2022 (शुक्रवार) को दी है।

SP हापुड़ IPS दीपक भूकर ने बताया, “दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी धौलाना थाना पुलिस ने की है। इनके द्वारा फर्जी आधार कार्ड बनवाने के बाद पासपोर्ट बनवाया गया। इसी पासपोर्ट पर फैय्याज ने इसी साल जनवरी में दुबई की यात्रा भी की थी। बरामद आधार कार्ड अलीगढ़ के पते पर बनवाया गया था जिसे बाद में हापुड़ के धौलाना के पते पर ट्रांसफर करवाया गया था। जाँच में दिलशाद नाम के एक व्यक्ति का नाम प्रकाश में आया है जिसने 80 हजार रुपए ले कर पासपोर्ट बनवाया था। कुछ अन्य नाम भी प्रकाश में आए हैं जिनके द्वारा फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवा कर विदेशों की यात्राएँ की गई हैं। इन सभी की गहन जाँच चल रही है। आगे जो भी जानकारी आती रहेगी उस अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”

हापुड़ पुलिस प्रेसनोट

हापुड़ पुलिस के मुताबिक फैय्याज हापुड़ के गाँव शेखपुर खिचरा में आसिफ के मकान में रह रहा था। वहीं दूसरा आरोपित दिल मोहम्मद उसी गाँव के आबिद प्रधान के घर पर रहता था। पुलिस की पूछताछ में फैय्याज ने बताया, “मैं अपने अम्मी-अब्बा के साथ लगभग करीब 15 साल पहले म्यांमार से भारत आया। हम अलीगढ़ में रुके और वहाँ मैंने अपना आधार कार्ड बनवा लिया। लगभग 7-8 साल पहले हम हापुड़ के गाँव शेखपुर खिचरा में आ कर किराए पर रहने लगे। मैंने यहाँ अपने आधार पर पता बदलवा लिया। साल 2021 में म्यंमार के ही मूल निवासी और मेरे साथी दिल मौहम्मद उर्फ फारुख ने मेरे आधार कार्ड व कुछ फर्जी कागजातों से मेरा भारतीय पासपोर्ट बनवा दिया। दिल मोहम्मद के पास भारतीय पासपोर्ट पहले से ही था।”

अवैध बांग्लादेशियों और आतंकियों का पनाहगाह बना UP का देवबंद: गिरफ्तार तलहा के आतंकी संगठन JMB से संबंध, जा चुका है पाकिस्तान

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (UP ATS) द्वारा देवबंद से गुरुवार (28 अप्रैल 2022) की रात गिरफ्तार किए गए अवैध बांग्‍लादेशी तलहा के पास से कई तरह की आपत्तिजनक चीजें मिली हैं। उसके पास से भारत और बांग्लादेश के पते पर बने पहचान पत्र सहित कई अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। तलहा ने फर्जी पते पर भारतीय आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिए थे। इस मामले में ATS उसके सहयोगियों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।

तलहा के बांग्लादेश के आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से संबंध सामने आ रहे हैं। यह बात भी सामने आई है कि वह पाकिस्तान जाकर ट्रेनिंग ले चुका है। वह भोपाल में पकड़े गए जेएमबी के चार सक्रिय सदस्यों के सीधे संपर्क में था। इन्हीं लोगों से पूछताछ के बाद ATS तलहा तक पहुँची थी।

तलहा ने ATS से पूछताछ में अपने अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी दी है। इनके नाम सलाउद्दीन सालिम और इफ्तिकार उल हक है। उसने बताया कि हक फर्जी आईडी बनाने में उस्ताद है। बांग्लादेश से जब वह देवबंद आया तो यहाँ तहसील के पास स्थित एक दुकान पर उसने फर्जी पहचान पत्र बनवाए थे। इसके साथ ही पास में स्थित एक टोपी की दुकान पर हवाला की रकम आती थी।

बता दें कि वो तलहा 2015 से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय बनकर रह रहा था और देवबंद में अरबी की पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार की देर रात यूपी ATS टीम ने देवबंद दारुल उलूम जाकर वहाँ के रूम नम्बर 61 से गिरफ्तारी की। उसका पूरा नाम तलहा तालुकदार बिन फारुख है। वह बांग्लादेश में कुम्मिला जिले के दाउद कंदी पुलिस थाना क्षेत्र स्थित बरगुआली के रहने वाला है। तलहा के कब्जे से एटीएस ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, दारुल उलूम देवबंद का पहचान पत्र, लाइफ टाइम मेंबरशिप कार्ड, बांग्लादेशी मुद्रा, बांग्लादेशी पासपोर्ट की फोटो कॉपी और 150 रुपए भारतीय करेंसी बरामद की है।

देवबंद का अवैध बांग्लादेशियों से पुराना नाता

सहारनपुर और देवबंद अवैध शरणार्थियों और आतंकियों का सुरक्षित पनाहगाह के रूप में उभर कर सामने आया है। इससे पहले यहाँ से 14 मार्च को ATS ने एक संदिग्ध बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया था। इससे पहले मार्च 2021 में नदीम कालोनी से बांग्लादेशी तनवीर और उसके पिता उमर मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया था। ये यहाँ पिछले 20 सालों से रह रहे थे। इसी तरह थाना मंडी क्षेत्र से भी दो बांग्लादेशी भाइयों को गिरफ्तार किया गया था। जिन्हें हाल ही में अदालत सजा सुनाई थी।

फरवरी 2019 में सहारनपुर से ही पाँच बांग्लादेशियों को देवबंद से पकड़ा गया था। साल 2016 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीमों ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बाहर से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी एजाज शेख को पकड़ा था। साल 2010 में पाकिस्तानी जासूस शाहिद उर्फ इकबाल भट्टी को पटियाला पुलिस ने हकीकतनगर से गिरफ्तार किया। इकबाल भट्ट देवराज सहगल के नाम से यहाँ रह रहा था।

अयोध्या में हुए बम विस्फोट में सहारनपुर के तीतरो निवासी डॉक्टर इरफान को पकड़ा गया था। साल 2001 में आतंकी गतिविधियों के चलते मुफ्ती इसरार को पकड़ा था। साल 1994 में तीन ब्रिटिश नागरिकों को बंधक बनाकर आतंकियों ने खाताखेड़ी रखा था। किफायतुल्लाह उर्फ जाफर अहमद उर्फ अताउर्रहमान उर्फ अल उल्लाह मोहल्ला कस्साबान सरसावा का रहने वाला था, जो बाद में जम्मू-कश्मीर जाकर आतंकी बन गया था।

छात्रों ने मुँड़वाए सिर, गंगाजल से कुलपति आवास का किया ‘शुद्धिकरण’: BHU में इफ्तार के खिलाफ विरोध जारी, नारा – इस्लामीकरण बंद करो

उत्तर प्रदेश की बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में तीन दिन पहले हुई इफ्तार पार्टी में कुलपति प्रोफेसर सुधीर जैन के शामिल होने पर छात्र लगातार हंगामा कर रहे हैं। पुतला फूँकने और हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद छात्रों ने अब सिर मुँड़वाने के साथ ही गंगा जल से कुलपति आवास का शुद्ध‍िकरण किया है। छात्रों की माँग है कि इफ्तार पार्टी के आयोजन पर विवि प्रशासन माफी माँगे और दीवारों पर ब्राह्मण विरोधी भड़काऊ नारे लिखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

एक छात्र ने इफ्तार और कश्मीर, ब्राह्मणों को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में कुलपति आवास के बाहर ही मुंडन कराकर रोष व्यक्त किया। इस दौरान छात्रों ने बीएचयू के इस्लामीकरण का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई। छात्रों ने ‘वीसी गो बैक’, ‘इस्‍लामीकरण बंद करो’ जैसे नारे लगाए। उन्‍होंने आपत्तिजनक स्लोगन लिखने वालों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की माँग की है। साथ ही यह भी आरोप लगाया है कि कुलपति विवि में नई परम्‍परा शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एक छात्र ने बताया, “परिसर में कई कमियाँ हैं, जिसे लेकर हम कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उस पर वीसी साहब का कोई ध्यान नहीं है।” उसने आगे कहा, “उन्हें इफ्तार पार्टी में जाने का समय है। हम विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि ये पार्टी यहाँ पहली बार हुई है, यहाँ सभी धर्म के लोग रहते हैं लेकिन सब में समरसता है। अगर वो छात्रों के कार्यक्रम में जाते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं। पर इस तरह आधिकारिक रूप आयोजन कर एक नई परंपरा को जन्म देना गलत बात है इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं।”

बता दें कि BHU के महिला महाविद्यालय में 27 अप्रैल को रोजा इफ्तार पार्टी को लेकर परिसर में विरोध शुरू हुआ था। इफ्तार की तस्वीरें सामने आने के बाद छात्रों ने कुलपति प्रो सुधीर जैन के खिलाफ नारेबाजी की और कुलपति आवास पर पहुँचकर पुतला दहन भी किया। बताया गया था कि रोजा इफ्तार के बाद जहाँ कुलपति ने छात्राओं संग सेल्फी ली। वहीं कार्यक्रम में VC और रेक्टर के अलावा डॉ. अफजल हुसैन, प्रो. नीलम अत्रि, कार्यवाहक प्रधानाचार्य प्रो. रीता सिंह, छात्र अधिष्ठाता प्रो. केके सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीसी कापड़ी, डॉ. दिव्या कुशवाहा भी मौजूद रहे।

ED ने जैकलीन की ₹7 करोड़ की संपत्ति को किया जब्त, लुकआउट नोटिस भी जारी: ठग सुकेश संग रिश्ता अभिनेत्री को पड़ रहा भारी

₹200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस पर एक बार फिर कार्रवाई की है। जाँच एजेंसी ने अभिनेत्री की 7 करोड़ 27 लाख रुपए की प्रॉपर्टी को जब्त किया है। ये रकम जैकलीन ने फिक्स डिपॉजिट के नाम पर अपने पास रखी हुई थी। इस कार्रवाई के अलावा जैकलीन के ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया, “प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जेल में बंद अपराधी सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडीस की 7.27 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। ये संपत्ति फिक्स डिपोजिट है।”

ED के शिकंजे पर जैकलीन

गौरतलब है कि सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े ठगी के मामले में ईडी ने जैकलीन से तीन बार पूछताछ की है। जाँच एजेंसी पर एक्स्ट्रेस के खिलाफ सुकेश से जुड़े होने के तमाम सबूत हैं। उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है। इससे पहले 5 दिसंबर 2021 को जैकलीन ने देश से बाहर जाने की कोशिश की थी। हालाँकि अधिकारियों द्वारा उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर रोक लिया गया।

जैकलीन को मिले तोहफे

बता दें कि सुकेश चंद्रशेखर की ठगी केस में जाँच करते हुए जैकलीन फर्नांडीस का नाम सामने आया था। दोनों के करीबी रिश्तों को बयां करती कई तस्वीरें भी मीडिया में लीक हुई थीं। इसके बाद ठग सुकेश चंद्रशेखर द्वारा एक्ट्रेस को दिए गए तोहफों की लिस्ट ने लोगों को चौंका दिया।

ED की चार्जशीट के मुताबिक, सुकेश ने जैकलीन को एक विदेशी घोड़ा, गुच्ची के तीन डिजाइनर बैग, शेनल और गुच्ची (Gucci) के कपड़े, लुई वीटॉन (Louis Vuitton) के शूज, दो डायमंड ईयररिंग, मल्टीस्टोन ईयररिंग और दो हरमेस ब्रेसलेट गिफ्ट किए थे, जिनकी कीमत करोड़ों रुपए में हैं।

सुकेश ने जैकलीन को एक मिनी कूपर कार भी गिफ्ट की थी, जो उन्होंने वापस कर दी थी। सुकेश ने जैकलीन के जीजा वारेन फर्नांडीस के अकाउंट में भी 15,00,000 रुपए ट्रांसफर किए थे, जो ऑस्ट्रेलिया में रहता है। जैकलीन ने बताया कि इसके अलावा सुकेश ने जैकलीन को 15 लाख रुपए कैश भी भेजे थे।

अमित शाह के नाम पर ठग ने की जैकलीन से दोस्ती

जैकलीन ने पूछताछ में ईडी को बताया था कि, ठग सुकेश चंद्रशेखर ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस से दोस्ती करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय नंबर को ‘स्पूफ’ करके फोन किया। उसने यह दावा किया था कि वह तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के ‘राजनीतिक परिवार’ से है।

‘हम हिंदुस्तान में हैं या पाकिस्तान में? जय श्री राम नहीं बोल सकते?’: जहाँगीरपुरी दंगा में पुलिस हिरासत से छूटे सुरेश सरकार, कहा – दिल्ली में कश्मीर वाले हालात

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में 16 अप्रैल, 2022 को हनुमान जयंती शोभायात्रा पर हमले के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में लिया। इस हिंसा का मास्टरमाइंड अंसार बताया जा रहा है। हिन्दुओं के पक्ष से जिन लोगों को हिरासत में लिया गया, उसमें परिवार के बाकी सदस्यों के साथ सुरेश सरकार भी शामिल थे। लगभग 30 घंटे चली पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। ऑपइंडिया ने सुरेश सरकार से 28 अप्रैल, 2022 को पूरे प्रकरण पर बात की।

जब ऑपइंडिया की टीम सुरेश सरकार से मिलने पहुँची तब दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का एक अधिकारी उनके द्वारा नीरज सरकार की जमानत में पेश किए गए कागजातों की जाँच G ब्लॉक चौराहे पर कर रहे थे। मौके पर शोभा यात्रा का टूटा रथ पड़ा था। हमले में तोड़ी गई हनुमान प्रतिमा को सरकार परिवार ने फिर से विधि विधान के साथ मंदिर में स्थापित कर दिया।

मंदिर में फिर स्थापित हुई हनुमान प्रतिमा और चल रही पूजा

परिवार के 2 सदस्यों की हो गई जमानत

क्राइम ब्रांच अधिकारी के लौटने के बाद सुरेश सरकार ने बताया, “अभी तक मेरे परिवार के 2 सदस्यों की जमानत मंजूर हो चुकी है। इसमें पहले सदस्य की उम्र 18 साल के आस-पास है। दूसरे नीरज सरकार हैं जिनको परीक्षा के लिए अंतरिम जमानत दी गई है। मैंने जमानत के तौर पर अपना ऑटो रिक्शा लगाया है। अभी भी मेरा भाई और उनके बेटे जेल में हैं।”

‘पुलिस ले जाती है तो आरती नहीं उतारती’

सुरेश ने बताया, “पुलिस जब पकड़ के ले जाती है तो आरती नहीं उतारती। मुझे 30 घंटे कस्टडी में रखा गया। पूछताछ हुई और कई स्थानों पर साइन लिए गए। SHO साहब ने कहा कि कहीं बाहर मत जाना। जब भी पुलिस द्वारा बुलाया जाए तो चले आना। मैं 17 से 19 अप्रैल तक हाजिरी भी लगा कर आया हूँ बीच में थाने पर।”

‘सोचता हूँ कि हिंदुस्तान में रह रहा हूँ या पाकिस्तान में?’

सुरेश के मुताबिक, “कभी-कभी हँसी आती है कि हम हिंदुस्तान में हैं या पाकिस्तान में। अगर हिंदुस्तान में हैं तो क्या ‘जय श्री राम’ नहीं बोल सकते? हम चाहते हैं कि हर हिन्दू जागे। न जाने अभी भी कई लोग सो क्यों रहे हैं? हम रैली भी निकालें और पत्थर भी खाएँ? हम पहले TV में कश्मीर की पत्थरबाजी देखते थे। अब तो हमने देश की राजधानी दिल्ली में ये सब देख लिया।”

‘नुकसान काफी हुआ, पर नहीं मिल रही मदद’

सुरेश के अनुसार, “जिस वाहन से मैं काम करता हूँ उस पर लाठी-डंडे से हमला किया गया। मेरे सिर और पैर में भी चोटें हैं। लेकिन, हमारी आर्थिक मदद के लिए अभी तक कोई नहीं आया। हालाँकि, हमें आटा-चावल की मदद चाहिए भी नहीं। देखो न ओवैसी जैसे कितने लोग उन (विपक्षी) के पीछे आ गए हैं। इसी से विपक्षियों को लगता है कि वो बहुत मजबूत हैं। हिंदुत्व के नाम पर कुछ वकील साथ लगे हैं। अभी जो वकील हमारे परिवार का केस देख रहे हैं उनको पैसे नहीं दिए हैं हमने। उनका नाम मुकेश है जो भाजपा से जुड़े हुए हैं।” सुरेश ने अपने फोन से वकील मुकेश से हमारी बात भी करवाई जिन्होंने नीरज सरकार की पेपर देने के लिए अंतरिम जमानत की पुष्टि की।

बहुत जल्दी भूल जाते हैं हिन्दू

सुरेश सरकार ने कहा, “हिन्दू की बहुत जल्दी भूलने की आदत है। मैं 2020 दंगो में पीड़ित हिन्दू परिवारों से मिला हूँ। उन्होंने कहा कि पहले लोग आए लेकिन अब कोई नहीं आ रहा है। जहाँ भीड़ और पैसे का जोर होता है वहाँ प्रशासन भी चुप रहता है और उनकी ही सुनवाई होती है। अगर हिन्दू भविष्य में पत्थर नहीं खाना चाहता और जेल नहीं जाना चाहता है तो अब उसको जागना होगा और एकजुट रहना होगा।”

इंटरव्यू के दौरान माइक पर जोर-जोर से बजने लगे इस्लामी गाने

जब सुरेश सरकार से हम बात कर रहे थे उसी दौरान उनके घर के कुछ ही दूर पर एक बड़े डंडे से बाँधे गए 2 माइकों से इस्लामी गाने जोर-जोर से बजाए जाने लगे। वहाँ मौजूद लोगों ने बताया कि उस तरफ मुस्लिम आबादी ज्यादा रहती है और ये शोरगुल यहाँ आम बात है। माइक की इन आवाजों को ऑपइंडिया ने रिकार्ड भी किया।

इंटरव्यू के बाद लग गए गौसेवा में

हमसे बातचीत के बाद सुरेश सरकार और उनके परिवार के बाकी सदस्य गौसेवा में लग गए। सुरेश सरकार ने कुछ देर के लिए मंदिर में भजन बजाया। भजन की आवाज मंदिर परिसर तक ही सीमित थी। साथ ही इसके लिए सिर्फ एक छोटे म्यूजिक सिस्टम का प्रयोग किया गया था।

भारत के नए सेना प्रमुख ने संभाला कार्यभार, चीन सीमा पर काम करने का लंबा अनुभव: जानिए कौन हैं इंजीनियर मनोज पांडे

भारतीय सेना के अनुभवी और पराक्रमी अधिकारी जनरल मनोज पांडे (Manoj Pande) ने रविवार (30 अप्रैल 2022) को सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की जगह ली है। जनरल मनोज पांडे 29वें सेना प्रमुख और कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स के पहले अधिकारी हैं, जिन्हें यह अवसर मिला है। आइए जानते हैं जनरल पांडे का सेना प्रमुख के पद तक पहुँचने का सफरनामा।

लेफ्टिंनेंट जनरल मनोज पांडे को चीनी सीमा पर काम करने का अच्छा खासा अनुभव है। वह इंडियन आर्मी की ईस्टर्न कमांड में कमांडर और ब्रिगेडियर के तौर पर भी काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह लद्दाख एरिया के माउंटेन डिवीजन में इंजीनियर ब्रिगेड के ब्रिगेडियर भी रह चुके हैं। उन्होंने उत्तर-पूर्व में कई ऑपरेशन को अंजाम दिया था। परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित मनोज पांडे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी इंडियन आर्मी के कमांडर रह चुके हैं।

कौन हैं भारत के नए आर्मी चीफ बनने वाले मनोज पांडे

महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले मनोज पांडे शुरुआती स्कूलिंग के बाद 1982 में एनडीए में सेलेक्ट हुए थे। ट्रेनिंग के बाद उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी ज्वाइन की और ऑफिसर के तौर पर कमीशन लिया। इसके बाद दिसंबर 1982 में सेना की इंजीनियरिंग कॉर्प्स बॉम्बे सैपर्स में उन्हें कमीशन मिला। वो ब्रिटेन के कैमबर्ले कॉलेज का भी हिस्सा रहे। वहाँ से लोटने के बाद नॉर्थईस्ट में उन्हें ब्रिगेडियर बनाया गया। मनोज पांडे इथियोपिया और इरीट्रिया में यूएन के मिशन चीफ भी रहे। 3 मई 1987 को पांडे ने सरकारी डेंटल कॉलेज की गोल्ड मेडलिस्ट अर्चना सल्पेकर के साथ सात फेरे लिए।

इसके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के साथ पल्लनवाला सेक्टर में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान एक इंजीनियर रेजिमेंट की कमान संभाली। 2001 में संसद पर हुए हमले के बाद सेना ने ऑपरेशन पराक्रम चलाया था। इसके तहत पाकिस्तान से आतंकियों को होने वाले हथियारों की सप्लाई के नेक्सस को ध्वस्त कर दिया गया था।

‘KGF 2’ ने पार किया ₹1000 करोड़ का आँकड़ा, उधर यश ने ठुकराई पान मसाला की भारी-भरकम डील: लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रख लिया फैसला

कन्नड़ सुपरस्टार यश (Yash) की फिल्म ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ (KGF Chapter 2) ने 16 दिनों के भीतर ही 1000 करोड़ का आँकड़ा पार कर लिया है। ट्रेंड एनालिस्ट रमेश बाला के अनुसार, डायरेक्टर प्रशांत नील की फिल्म ने वर्ल्डवाइड 1000 करोड़ रुपए की कमाई की है। दंगल, बाहुबली 2 और RRR के बाद इतने कम समय में 1000 करोड़ का कलेक्शन करने वाली ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ चौथी भारतीय फिल्म है।

फिल्म की सक्सेस को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि बॉक्स ऑफिस पर यश को दर्शकों का भरपूर ​प्यार मिल रहा है। इसी बीच खबर है कि KGF-2 सुपरस्टार यश ने पान मसाला और इलायची ब्रांड के लिए करोड़ों का एंडोर्समेंट ऑफर ठुकरा दिया है। यश के लिए एंडोर्समेंट डील्स संभालने वाली एजेंसी Exceed Entertainment ने इस खबर की पुष्टि की है। एक्सीड एंटरटेनमेंट के टैलेंट और न्यू वेंचर्स हेड अर्जुन बनर्जी ने एक प्रेस स्टेटमेंट में बताया, “पान मसाला और ऐसे प्रोडक्ट्स का लोगों की सेहत पर बहुत ज्यादा हानिकारक असर पड़ता है।”

उन्होंने कहा, “इन चीजों के इस्तेमाल से लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। यश ने यह फैसला बहुत सोच समझकर लिया है। उन्होंने अपने फॉलोअर्स, फैंस और अन्य चीजों को ध्यान में रखते हुए पान मसाला और इलायची ब्रांड के लिए करोड़ों रुपए के एंडोर्समेंट सौदे से इनकार किया है।”

इससे पहले अक्षय कुमार ने पान मसाला का एड करने के लिए फैंस से माफी माँगी थी। बीते दिनों अक्षय कुमार ने फैंस से माफी माँगते हुए कहा था, “मैं अपने सभी प्रशंसकों और शुभचिंतकों से माफी माँगना चाहता हूँ। पिछले कुछ दिनों में आपकी प्रतिक्रिया ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। हालाँकि मैंने तंबाकू का समर्थन नहीं किया है और न ही आगे करूँगा। मैं विमल इलायची के साथ अपने एसोसिएशन को लेकर आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूँ। इसलिए पूरी विनम्रता के साथ मैं अपने कदम वापस लेता हूँ। साथ ही मैंने फैसला किया है कि विज्ञापन के लिए ली गई फीस को किसी अच्छे काम के लिए दान कर दूँगा। ब्रांड चाहे तो इस एड को प्रसारित करना जारी रख सकता है जब तक कि उसके कॉन्ट्रैक्ट की लीगल अवधि पूरी नहीं होती। लेकिन मैं वादा करता हूँ भविष्य में पूरी समझदारी के साथ विकल्पों का चयन करूँगा। इसके बदले में मैं हमेशा आपका प्यार और शुभकामनाएँ चाहूँगा।”

गौरतलब है कि 14 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ अपने बाद रिलीज हो रही फिल्मों पर भारी पड़ रही है। यश के सामने शाहिद कपूर की साउथ फिल्म की रीमेक ‘जर्सी’ भी कोई खास कमाल नहीं कर पा रही है। इसी तरह तीसरे हफ्ते ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ का मुकाबला अजय देवगन, अमिताभ बच्चन व रकुल प्रीत स्टारर ‘रनवे 34’ और टाइगर श्रॉफ व तारा सुतारिया अभिनीत ‘हीरोपंती 2’ से है। ऐसे में यह देखना खास होगा कि दर्शक इस हफ्ते किसे ज्यादा प्यार देंगे, यश को या फिर बॉलीवुड कलाकारों को।