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पोस्ट ऑफिस अधिकारी ने ‘माजा कोल्डड्रिंक’ न देने पर ATM कार्ड देने से किया इनकार, वीडियो वायरल होने पर संचार मंत्री ने किया सस्पेंड

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा में रिश्वत में ‘माजा कोल्डड्रिंक’ माँगने वाले पोस्ट ऑफिस अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद केंद्रीय रेल एवं संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार (5 मई 2022) को रीवा में स्थित पोस्ट ऑफिस में एटीएम कार्ड लेने गए युवक से रिश्वत माँगने के आरोप में अधिकारी रामकरण आदिवासी (Post Office officer Ramkaran Adivasi) को सस्पेंड कर दिया। रीवा के अधिकारी पर आरोप है कि उसने एटीएम कार्ड देने के लिए ग्राहक से माजा कोल्डड्रिंक, पानी और गुटखे का पैकेट माँगा था। केंद्रीय मंत्री ने इस घटना की निंदा करते हुए और अगले आदेश तक अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 2 मई की है। उस दिन मध्य प्रदेश के रीवा के डभौरा इलाके में रहने वाले भोलेनाथ पांडे नाम का एक ग्राहक अपना स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम कार्ड लेने पोस्ट ऑफिस पहुँचा। पोस्ट ऑफिसर ने उससे कहा कि जब तक तुम मुझे माजा कोल्डड्रिंक की बोतल, पानी की बोतल और गुटखे का पैकट नहीं लाकर देते, मैं तुम्हें एटीएम कॉर्ड नहीं दूँगा।

अधिकारी के धौंस दिखाने के बाद पांडे तपती धूप में माजा कोल्डड्रिंक की बोतल लेने के लिए निकल गया। लेकिन उसे माजा नहीं मिली, तो उसने फ्रूटी की एक बोतल खरीद ली। जब पांडे फ्रूटी और ठंडे पानी की बोतल लेकर दफ्तर पहुँचा, तो आदिवासी ने माजा नहीं मिलने पर उसे जमकर गालियाँ दीं। उसने पांडे को सरकारी नौकरी का धौंस दिखाते हुए कहा, “खोजने पर तो भगवान भी मिल जाते हैं, तुम्हें माजा की बोतल नहीं मिली? मुझे माजा ही चाहिए। मैं कोई और कोल्डड्रिंक नहीं लूँगा।”

एटीएम लेने आए युवक को परेशान कर बिना एटीएम दिए डाक अधिकारी ने उसे वापस लौटा दिया। वह तपती धूप और गर्मी से परेशान होकर 25 किलोमीटर दूर खाली हाथ अपने गाँव लौट गया। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर न्याय की गुहार लगाई। वायरल वीडियो में पांडे अधिकारी से माजा की जगह फ्रूटी की बोतल लेने और एटीएम कार्ड देने के लिए कहते हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन रामकरण आदिवासी ने उसे इनकार कर दिया। उन्होंने अधिकारी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। बाद में घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रेल और संचार मंत्री ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश के रीवा में एक सरकारी अधिकारी पर रिश्वत माँगने का आरोप लगा हो। इससे पहले फरवरी महीने में लोकायुक्त पुलिस ने रीवा स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में स्टेनो धीरेंद्र सिंह तोमर को 12 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

J&K में परिसीमन का काम पूरा: कश्मीर संभाग में विधानसभा की 1 और जम्मू में बढ़ीं 6 सीटें, ST के लिए 9 और SC के लिए 7 सीटें रिजर्व, चुनाव जल्द

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन का काम पूरा हो गया है और उसकी अंतिम रिपोर्ट पर तीन सदस्यीय परिसीमन आयोग ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। परिसीमन के बाद जम्मू में 43 और कश्मीर में 47 सीटों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए 9 सीटें रखी गई हैं। माना जा रहा है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश के साथ ही जम्मू-कश्मीर में भी अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं।

परिसीमन आयोग ने अपना कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले यानी गुरुवार (5 मई 2022) को केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा सीटों के से परिसीमन रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इसके बाद राजपत्रित अधिसूचना के माध्यम से आदेश जारी कर दिया है। अब प्रदेश में नए सिरे अब मतदाताओं की सूची को तैयार किया जाएगा।

परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू संभाग में 6 और कश्मीर संभाग में एक सीट बढ़ाई गई हैं। इस हिसाब से जम्मू संभाग में विधानसभा की 43 सीट और कश्मीर संभाग में 47 सीट हो गई हैं। विधानसभा की सीटें 90 होंगी, जबकि लोकसभा की 5 सीट रहेगी। वहीं, दोनों संभाग में लोकसभा की ढाई-ढाई सीट होगी, यानी एक लोकसभा सीट का आधा हिस्सा जम्मू में होगा और आधा कश्मीर संभाग में। हर लोकसभा सीट में विधानसभा की 18 सीटें होंगी। प्रदेश में पहली बार ST के लिए 9 सीटें रिजर्व रखी गई हैं। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 7 सीट रिजर्व रहेगी।

परिसीमन से पहले विधानसभा में सीटों की संख्या 87 सीटें थीं। इनमें से जम्मू में 37, कश्मीर में 46 सीटें और 4 सीटें लद्दाख में थीं। इस तरह लद्दाख के अलग होने के बाद जम्मू-कश्मीर के हिस्से में सिर्फ 83 सीटें रह गई हैं। ऐसे में 7 सीटें बढ़ने के बाद राज्य में विधानसभा की कुल 90 सीटें हो गई हैं।

परिसीमन के लिए सरकार ने मार्च 2020 में पैनल बनाया था। इसकी हेड सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई थीं। इसके अलावा पैनल में चीफ इलेक्शन कमिश्नर सुशील चंद्रा और डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर चंदर भूषण कुमार शामिल थे। 

बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर में साल 1995 में परिसीमन हुआ था। उस समय राज्य में 12 जिले और 58 तहसीलें थीं। वर्तमान में 20 जिले और 270 तहसीलें हैं। सीटों का परिसीमन का मुख्य आधार जनसंख्या होता है। इसके साथ ही क्षेत्रफल और भौगोलिक स्थिति का भी ध्यान रखा जाता है।

पिता करते हैं सिलेंडर डिलीवरी, खुद लगाया झाड़ू-पोछा : जानिए कौन हैं अलीगढ़ से निकलकर IPL स्टार बना ये खिलाड़ी

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ने कई जिंदगियों को छुआ और बदला है। आईपीएल के मंच से कई खिलाड़ियों की जिंदगी बदल चुकी है। भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपना जलवा बिखेरने वाले प्लेयरों के लिए आईपीएल सबसे पहला बड़ा मंच होता है जहाँ वो अपना हुनर दिखा सकते हैं। वहीं आईपीएल का 15वाँ सीजन कई युवा खिलाड़ियों के लिए काफी शानदार साबित होता दिख रहा है। कई युवा खिलाड़ियों ने अपने टैलेंट से क्रिकेट विशेषज्ञों को काफी प्रभावित किया है। सोमवार (2 मई 2022) को कोलकाता नाइट राइडर्स  की राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जीत से अधिक चर्चा उस खिलाड़ी की हो रही है जिसके नाम से बहुत सारे क्रिकेट प्रेमी वाकिफ भी नहीं थे। 

जी हाँ! आप सही सोच रहे है। यहाँ बात रिंकू सिंह की हो रही है जिनकी बदौलत कोलकाता की टीम ने अपने पिछले मैच में शानदार जीत हासिल की। सोमवार को खेले गए मुकाबले में कोलकाता ने राजस्थान रॉयल्स (RR) को सात विकेट से मात दी। इस जीत के बाद दो बार की चैम्पियन कोलकाता प्वाइंट्स टेबल में पंजाब किंग्स (PBKS) को पीछे छोड़ते हुए सातवें नंबर पर आ गई है।

कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत के हीरो रिंकू सिंह ‘मैन ऑफ द मैच’ रहे, जिन्होंने 23 गेंद पर 42 रनों की नाबाद पारी खेली। इस दौरान रिंकू ने 6 चौके और 1 छक्का लगाया। बैटिंग के साथ ही रिंकू ने फील्डिंग करते हुए दो शानदार कैच भी लपके। रिंकू ने अपनी मैच की विजयी पारी के दौरान नीतीश राणा के साथ चौथे विकेट के लिए 38 गेंद में नाबाद 66 रनों की साझेदारी की। राणा ने भी 37 गेंद में नाबाद 48 रन बनाए, जिसमें 2 छक्के और 3 चौके शामिल रहे। इस तरह रिंकू सिंह ने 5 हार के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत दिला दी। केकेआर को उस जीत की सख्त जरूरत थी ताकि वो प्लेऑफ की रेस में बनी रहे। 

मैच के बाद केकेआर ने रिंकू सिंह का एक वीडियो भी शेयर किया है। इसमें रिंकू टीम मेट नीतीश राणा को कह रहे हैं, “मुझे सुबह से ही ऐसी फीलिंग आ रही थी कि मैं आज के मैच में रन बनाने जा रहा हूँ। साथ ही मैं मैन ऑफ द मैच भी रहूँगा। इसलिए मैंने मैच से पहले खुद ही अपने हाथों पर लिख लिया था कि आज 50 रन बनाऊँगा।”

रिंकू सिंह कहते हैं, “मैं अलीगढ़ से आईपीएल खेलने वाला पहला व्यक्ति हूँ, हालाँकि कई ने रणजी ट्रॉफी खेली है। आईपीएल में दबाव है जो फर्स्ट क्लास क्रिकेट में नहीं है। पाँच साल हो गए हैं। मुझे नियमित रूप से मौके नहीं मिल रहे हैं। अब योगदान करना अच्छा लगता है।”

महज़ 24 साल में रिंकू सिंह की कामयाबी बताती है कि जब दिल मे जोश और कुछ कर जाने का जुनून हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। रिंकू ने 2014 मे टी20 से क्रिकेट में डेब्यू किया था। हालाँकि, उनका यहाँ तक का सफर आसान नहीं था। यूपी के अलीगढ़ में 12 अक्टूबर 1997 को जन्मे रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है। उनके पिता गैस सिलिंडर डिलीवर करने का काम करते थे।

घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण उन्होंने क्रिकेट छोड़कर नौकरी भी करने का फैसला किया था। 9वीं कक्षा में फेल होने वाले रिंकू सिंह को ज्यादा पढ़ा लिखा न होने की वजह से ढंग की नौकरी नहीं मिल रही थी। फिर एक बार उनके भाई उनको एक ऐसी जगह लेकर गए, जहाँ पर झाड़ू लगाने का काम था। वह इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहते हैं, “वह मुझे एक ऐसी जगह पर ले गए जहाँ उन्होंने मुझे साफ, सफाई, झाड़ू, पोछा करने के लिए कहा गया। मैं घर वापस आया और अपनी माँ से कहा, ‘मैं वहाँ वापस नहीं जाऊँगा। मुझे क्रिकेट में अपनी किस्मत आजमाने दो।”

रिंकू सिंह ने उस वक्त जान लिया था कि उनकी लाइफ अगर कोई बदल सकता है तो वो केवल और केवल क्रिकेट ही है। उन्होंने क्रिकेट पर पूरा फोकस करने का मन बनाया और दिल्ली में खेले गए टूर्नामेंट में उन्हें ‘मैन ऑफ द सीरीज’ के तौर पर मोटरसाइकल मिली तो उन्होंने इसे अपने पापा को सिलेंडर डिलीवरी के लिए दे दी थी। उस समय उनके पिता को उन पर गर्व महसूस हुआ था।

इस बारे में बात करते हुए वह कहते हैं, “मेरे पिता वाकई में नहीं चाहते थे कि मैं क्रिकेट खेलूँ। वह हमेशा इस बात पर जोर देते थे कि मुझे पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। यह टूर्नामेंट अलीगढ़ में था और मैच के दौरान दिल्ली पब्लिक स्कूल के सुप्रीमो स्वप्निल जैन मौजूद थे। हमने उनकी टीम को हराया और मैंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। मैं 68 रन पर नाबाद था। मेरी बल्लेबाजी देखकर उन्होंने मुझे अपने स्कूल में दाखिला दिला दिया। मैंने कुछ साल डीपीएस के लिए खेला। 2012 में, उन्होंने एक विश्व कप का आयोजन किया था जहाँ पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमें खेलने आई थीं। मैंने 354 रन बनाए और 8 विकेट लिए, जिसकी वजह से मुझे ‘मैन ऑफ द सीरीज’ का अवॉर्ड और बाइक दी गई। मेरे माता-पिता ग्राउंड पर आए हुए थे। जब भी मैं क्रिकेट खेलना चाहता था तो मेरे पिता अक्सर मुझे पीटते थे लेकिन इस मैच के बाद उन्होंने मुझे फिर कभी नहीं छुआ।”

IPL से रिंकू सिंह का नाता पहली बार 2017 में जुड़ा था, जब पंजाब किंग्स की टीम ने उन्हें बेस प्राइस पर 10 लाख रुपए में खरीदा था। अगले ही साल यानी साल 2018 के ऑक्शन में रिंकू पंजाब से कोलकाता के हो गए। इस बार बेस प्राइस 20 लाख थी पर कोलकाता ने 80 लाख रुपए में उन्हें खरीदा था। उस समय यह रिंकू सिंह के लिए सपने जैसा था।

वह कहते हैं, “सोचा था 20 लाख रुपए मिलेंगे, लेकिन मुझे 80 लाख रुपए में खरीदा गया। सबसे पहले मन में यह ख्याल आया कि मैं अपने बड़े भाई की शादी में योगदान दे सकता हूँ और अपनी बहन की शादी के लिए भी कुछ बचा सकता हूँ। और एक अच्छे से घर में शिफ्ट हो जाऊँगा।” उन्होंने कहा, “मेरा घरेलू सीजन अच्छा गया था और मैं उम्मीद कर रहा था कि कोई मुझे खरीदेगा, लेकिन मैंने ये कभी नहीं सोचा था कि मुुझे इतनी बड़ी रकम दी जाएगी। मेरे खानदान में इतना पैसा किसी ने भी नहीं देखा है।” खैर, पैसे तो मिल गए लेकिन रिंकू सिंह को खेलने के उतने मौके नहीं मिले। IPL 2022 से पहले तक उन्होंने सिर्फ 10 ही मुकाबले KKR फ्रेंचाइजी के लिए खेले।

IPL 2022 के मेगा ऑक्शन में रिंकू सिंह का नाम एक बार फिर से उछला और इस बार भी उन्हें KKR ने 55 लाख रुपए में खरीदा। पिछले ऑक्शन के मुकाबले दाम कम जरूर मिले, पर अच्छी चीज ये हुई कि इस बार रिंकू सिंह को खेलने का अवसर मिल रहा है। IPL 2022 में रिंकू सिंह KKR के लिए अब तक 3 मैच खेल चुुके हैं, जिसमें 50 की औसत और करीब 150 की स्ट्राइक रेट से वो 100 रन बना चुके हैं। इन 3 मुकाबलों में वो एक में राजस्थान के खिलाफ जीत के नायक बनकर उभरे।  

रिंकू सिंह ने घरेलू क्रिकेट में काफी रन बनाए हैं, जिसका फायदा उन्हें IPL में खेलने के मिले मौके के तौर पर हुआ। उनका कहना है कि IPL दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है। इसका दबाव घरेलू क्रिकेट से कहीं बढ़कर है। पर ये बात जानने के बाद भी उन्होंने इस दबाव पर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में बेहतरीन ढ़ंग से जीत हासिल की।

KKR के कप्तान श्रेयस अय्यर भी रिंकू सिंह के दवाब झेलने वाली अदा पर मोहित हैं। मैच के बाद उन्होंने कहा कि जिस तरह से रिंकू मैदान पर शांत थे, दबाव झेल रहे थे। ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई नया खिलाड़ी नहीं, बल्कि तजुर्बेकार खिलाड़ी खेल रहा हो। वहीं सुरेश रैना भी उनकी तारीफ में कसीदे पढ़ चुके हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “रिंकू सिंह- घरेलू क्रिकेट की सारी मेहनत अब रंग ला रही है। केकेआर के लिए खेली गई बेहद कीमती पारी। अच्छा किया मेरे भाई। ऐसे ही अच्छा करते रहो और उत्तर प्रदेश का नाम ऊँचा करते रहो।”

IPL करियर के बीते 5 सालों के दौरान वो चोट की मार से लेकर BCCI के नियम उल्लंघन को लेकर सस्पेंशन तक झेल चुके हैं। मगर उन्होंने अपना जज्बा बरकरार रखा और आज हर किसी की जुबाँ पर रिंकू सिंह का नाम है। यहाँ तक कि सुनील गावस्कर ने भी उनकी तारीफ की है।

‘स्किनी जींस वाली महिला अश्लील, बुरी मानसिकता वाली’: उत्तर कोरिया में टाइट ट्राउजर भी बैन, किम की ‘मोरल पुलिस’ रख रही है नजर

उत्तर कोरिया की अजीबोगरीब प्रतिबंधों को लेकर दुनिया भर में आलोचना होती है। लेकिन इससे उसके तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong) पर कोई प्रभाव पड़ता नहीं दिख रहा है। रिपोर्टों के अनुसार अब टाइट ट्राउजर पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पश्चिमी फैशन के प्रभाव को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इतना ही नहीं स्किनी ​जींस पहनने वाली महिलाओं पर सोशलिस्ट पैट्रियोटिक यूथ लीग नजर भी रख रहा है। यह संगठन तानाशाह के लिए मोरल पुलिस की तरह काम करती है।

द सन की रिपोर्ट के अनुसार उत्‍तर कोरिया के इस यूथ संगठन ने कथित रूप से 20 से 30 साल के बीच की उन लड़कियों की तस्‍वीर खींचनी और वीडियो बनानी शुरू कर दी है, जो टाइट जींस पहनती हैं। ऐसी कुछ लड़कियों को हिरासत में लेकर यूथ लीग के स्‍थानीय ऑफिस में ले जाया गया। वहाँ इन लड़कियों को एक पत्र लिखने के लिए बाध्‍य किया गया। जिसमें वादा किया गया था कि वे अब टाइट जींस नहीं पहनेंगी। एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें टाइट जींस पहनने वाली महिला को अश्लील और बुरी मानसिकता वाला बताया गया है। इसके अलावा विदेशी पॉप संस्कृति को अपने देश के लिए खतरा बताते हुए हेयर कट पर भी आप​त्ति जताई गई है।

बता दें कि नॉर्थ कोरिया में पहले से ही जींस पहनने पर रोक लगी हुई है। अब स्किनी जींस को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसी तरह लेदर जैकेट के भी इस्तेमाल पर रोक है। हालाँकि किम को खुद कई मौकों पर लेदर जैकेट पहने देखा गया है। लेकिन वह देश की जनता के पारंपरिक कपड़े पहनने पर जोर देते हैं। इस युवा तानाशाह का मानना है की पश्चिमी फैशन देश के युवाओं को भटका सकता है। यहाँ तक कि बालों को रंगने और पश्चिमी ब्रांड की शर्ट पहनने पर भी प्रतिबंध है। अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरियाई शैली के पोशाक और बाल ने देश में समाजवादी जीवन शैली स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन नियमों को तोड़ने वालों को प्रशासन ‘पूँजीवादी अपराधी’ मानता है।

मुस्लिम युवती से शादी करने वाले दलित की हैदराबाद में निर्मम हत्या: Video वायरल, पत्नी का भाई और जीजा गिरफ्तार

तेलंगाना के हैदराबाद में 5 हमलावरों द्वारा नागाराजू नाम के दलित युवक की सरेराह हत्या किए जाने की खबर है। हत्या की वजह नागराजू का मुस्लिम लड़की सैयद अशरीन से शादी करना बताया जा रहा है। धारदार हथियार से यह हत्या सरूर नगर थानाक्षेत्र के तहसीलदार ऑफिस के सामने की गई है। वहीं मामले में पुलिस ने अशरीन के भाई और जीजा को गिरफ्तार किया है। बाक़ी आरोपितों की तलाश की जा रही है। घटना बुधवार (4 मई, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक नागराजू की उम्र 25 वर्ष थी। घटना के वायरल हो रहे वीडियो में हमलावर हाथों में हथियार लिए दिखाई दे रहा है। इस दौरान मृतक की पत्नी अपने पति की जान की भीख माँगती दिखाई दे रही है। नागराजू सड़क पर घायल अवस्था में बाईक के साथ गिरा दिखाई दे रहा है। कुछ समय बाद हमलावर वहाँ से भाग जाते हैं।

VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल के मुताबिक 25 साल के दलित युवक को मोबिन और मसूद इसलिए मार डालते हैं क्योंकि वो 23 साल की अशरीन से प्रेम करता था और उससे उसने शादी की। विनोद बंसल ने मीम-भीम एकता की पैरवी करने वालों से भी सवाल किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक मृतक नागराजू सिकंदराबाद के एक प्रसिद्ध कार शो रूम पर सेल्समैन था। उसने 23 वर्षीया अशरीन से इसी साल 31 जनवरी को शादी की थी। शादी के बाद अशरीन का नाम पल्लवी पड़ा था। मृतक के परिवार वालों का कहना है कि दोनों कॉलेज के समय से एक दूसरे से प्यार करते थे। इस शादी से दोनों परिवार खुश नहीं थे। इसी के चलते अशरीन और नागराजू को पुराने हैदराबाद के आर्य समाज मंदिर में 2 महीने पहले शादी करनी पड़ी थी।

घटना की रात पति-पत्नी बाइक से सरूरनगर की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वो तहसीलदार के ऑफिस के पास पहुँचे वैसे ही एक अज्ञात व्यक्ति ने उनका रास्ता रोककर नागाराजू पर लोहे की रॉड से वार किया। इसके बाद धारदार हथियार से नागाराजू पर वार किए गए जिसमें उसकी मौत हो गई। अपने पति को बचाने की कोशिश में पल्लवी (अशरीन) भी घायल हो गई। इस घटना की किसी ने वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। नागाराजू के परिवार वालों ने हत्या का आरोप अशरीन के परिजनों पर लगाया है।

इस मामले की जाँच कर रही सरूरनगर पुलिस ने भी इसे ऑनर किलिंग का मामला बताया है। तेलंगाना से भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने आरोपितों को तत्काल गिरफ्तार करने और कड़ी सजा देने की माँग की है। राजा सिंह ने कहा, “यह हमला अशरीन के परिवार वालों ने ही करवाया है या इसके पीछे किसी मज़हबी संस्था का हाथ है? क्या किसी संगठन ने हमलावरों को आर्थिक मदद की भी पेशकश की है? इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जाँच की जानी चाहिए।”

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे दिल्ली के अंकित सक्सेना जैसी घटना बताया। अंकित सक्सेना को भी मुस्लिम लड़की से प्यार और शादी करने के बाद दिल्ली में कत्ल कर दिया गया था। शहजाद ने सवाल किया, “क्या कभी मुस्लिम लड़के को हिन्दू लड़की से शादी के बाद परिवार द्वारा कत्ल किया गया है? अब इस मामले में क्या होना चाहिए? कॉन्ग्रेस, आप पार्टी, TMC, समाजवादी पार्टी इस्लामोफोबिया के नाम पर संयुक्त राष्ट्र तक पहुँच गए। लेकिन हैदराबाद में हुई हिन्दू की हत्या सेक्युलर अपराध है? अब तक धर्मनिरपेक्ष ख़ामोशी?”

प्रशासन के मना करने के बावजूद जबरन रैली निकालने के मामले में MLA जिग्नेश मेवाणी दोषी करार: 3 महीने की कैद और 1 हजार रुपए का लगा जुर्माना

गुजरात में बिना इजाजत के रैली करने के मामले में मेहसाणा (Mehsana, Gujarat) की अदालत ने वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवाणी (Jignesh mevani) सहित 9 लोगों को तीन महीने की जेल की सजा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने हर दोषी पर 1,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने सभी को जुलाई 2017 में मेहसाणा से रैली करने के लिए अवैध रूप से इकट्ठा होने को लेकर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया था और इसी मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया। वहीं, कॉन्ग्रेस नेता कन्हैया कुमार पर इसी मामले में अलग से केस चल रहा है।

इस मामले में अदालत ने जिग्नेश मेवाणी के अलावा राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) की नेता सुबोध परमार और रेशमा पटेल भी शामिल हैं। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेए परमार (JA Parmar) की अदालत ने कहा, “रैली करना अपराध नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के रैली करना अपराध है। लेकिन, अवज्ञा को कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।”

बता दें कि 12 जुलाई 2017 को ऊना मामले की पहली बरसी मनाने को लेकर मेवाणी और उनके सहयोगियों ने मेहसाणा से पड़ोसी बनासकांठा जिले के धनेरा तक ‘आजादी कूच’ रैली का नेतृत्व किया था। इस रैली के लिए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। इस मामले में मेहसाणा पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 143 के तहत गैर-कानूनी सभा का मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

इस रैली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान कॉन्ग्रेस नेता कन्हैया कुमार भी शामिल थे। वह भी इस मामले के आरोपियों में से एक हैं। हालाँकि, उन पर मामले की अलग से सुनवाई हो रही है, क्योंकि अदालत द्वारा आरोप तय करने के दौरान वह मौजूद नहीं थे। वहीं, इस मामले में एक आरोपित की मौत हो गई है। इसलिए अदालत ने मेवाणी सहित 10 आरोपितों के खिलाफ सुनवाई शुरू की थी।

असम पुलिस ने किया था गिरफ्तार

हाल ही में मेवाणी को असम पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ विवादित ट्वीट पर गुजरात से गिरफ्तार किया था। हालाँकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद पुलिस ने मेवाणी को एक महिला पुलिसकर्मी के साथ बदतमीजी करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था।

जिग्नेश मेवाणी फिलहाल जमानत पर हैं, लेकिन उनकी जमानत के खिलाफ असम सरकार ने गुवाहाटी हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इस मामले में 27 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।

दिल्ली का स्कूल, क्लास में घुस दो बच्चियों के कपड़े उतारे, फिर नंगा हो करने लगा पेशाब: गौर से दे​खिए इस चेहरे को, कहीं आप ने देखा तो नहीं

दिल्ली के एक स्कूल में एक अनजान शख्स घुस आया। रिपोर्टों के अनुसार उसने सरेआम दो बच्चियों के कपड़े उतार दिए। फिर खुद नंगा होकर छात्राओं से भरी क्लास में पेशाब करने लगा। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में संदिग्ध का स्केच जारी किया है। साथ ही बताया है कि इसकी तलाश में लगातार प्रयास जारी हैं। जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर लेने की उम्मीद जताई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना पूर्वी दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले भजनपुरा स्थित एक स्कूल की है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, पीड़ित बच्चियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध की एक तस्वीर जारी की गई है। पुलिस की एक टीम स्कूल के पास काम कर रही है। इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपित की तलाश की जा रही है।

पूर्वी दिल्ली के महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल का कहना है कि इस मामले में हुई चूक की जाँच के आदेश दिए गए हैं। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का दावा है कि जब बच्चियों ने इस घटना की जानकारी स्कूल के प्राचार्य और शिक्षक को दी तो उन्हें चुप रहने और सब कुछ भूल जाने को कहा।

गौरतलब है कि इस मामले में 30 अप्रैल को आयोग ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम को एक नोटिस भी जारी किया था। इसमें कहा गया था कि स्कूल एसेंबली के बाद जब बच्चे शिक्षक का इंतजार कर रहे थे एक अनजान व्यक्ति कक्षा में घुस आया। उसने कथित तौर पर एक लड़की के कपड़े उतारे और उसे अश्लील शब्द कहे। बाद में उसने दूसरी लड़की के साथ भी वैसा ही किया। इसके बाद क्लास का दरवाजा अंदर से बंद कर उसने वहीं पर पेशाब कर दिया। पीड़ित दोनों बच्चियों की उम्र आठ साल बताई जा रही है।

हमले से पहले रेकी, पुलिस को उलझाया, बैरिकेड लगा रास्ता रोका: जोधपुर में दंगाइयों ने की थी तगड़ी प्लानिंग, तेजाब-सरिया-तलवार सब पहले से थे जमा

करौली (Karoli) के बाद राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur, Rajasthan) अक्षय तृतीया (3 मई) के मौके पर हुई हिंसा एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। सामान्य रूप से घरों में नहीं मिलने वाली तेजाब की बोतलें भी अक्षय तृतीया के दिन दंगा करने वालों के हाथों में दिखी थीं। इस दौरान सैकड़ों मुस्लिमों की उन्मादी भीड़ ने लोगों के घरों पर तेजाब की बोतलों से हमले किए थे।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जोधपुर के जिन पाँच इलाकों में दंगाइयों ने उत्पात मचाया था, जब वहाँ लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया तो पता चला कि ये सब पहले से योजनाबद्ध था। सोनारो का बास मोहल्ले में एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी से ये पता चलता है कि पहले दंगाइयों ने मोहल्ले में आकर वहाँ के हालात की रेकी की थी। उसके बाद दंगाइयों की भीड़ ने तलवार, सरिया, लाठी और तेजाब की बोतलें लेकर वहाँ आए और हमला किया। इस दौरान लोगों के घरों पर पथराव और तेजाब फेंका।

सोनारो का बास के रहने वाले स्थानीय नागरिक सूरज प्रकाश कहते हैं कि दंगाई पहले से ही सोनारो का बास में इकट्ठे थे। इन सभी ने पहले से ही तेजाब की बोतलें इकट्ठा कर रखी थी। उन्मादी भीड़ ने मजहबी नारेबाजी करते हुए निहत्थे लोगों पर हमले कर दिए। ईदगाह मस्जिद के पास लगे सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि दंगाइयों ने पहले बचने के लिए पुलिस बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोका और फिर गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इसके बाद वे गलियों में लापता हो गए।

पुलिस ने निपटने को पहले से थी प्लानिंग

दंगाइयों ने पुलिस को उलझाए रखने की बहुत ही सुनियोजित तरीका अपना रखा था। जालौरी गेट पर दंगाई हंगामा करने लगे। इस दौरान पुलिस के करीब 200 जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उनसे भीड़ गए। पुलिस इन्हीं लोगों में उलझ गई और दंगाइयों शहर के भीतरी इलाकों में जाकर आतंक मचाने लगे। कबूतरों चौक, सोनारो का ईदगाह मस्जिद समेत अन्य स्थानों पर जमकर हिंसा की गई।

इसी तरह से घंटाघर पाल हाउस के पास के रहने वाले लोकेश दंगा वाले दिन अपने भाई के साथ पिता के लिए दवा लाने के लिए जालौरी गेट गए थे, लेकिन उनके भाई की पीठ में छुरा घोंप दिया गया। इसमें वो घायल हो गए उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस ने इंटेलीजेंस इनपुट को दरकिनार किया

जोधपुर पुलिस ने इस बात को स्वीकार किया है कि अगर खुफिया रिपोर्टों का समय पर आकलन ठीक से किया जाता तो हिंसा को शुरुआती चरण में ही दबाया जा सकता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके इंटेलीजेंस इनपुट्स जारी किए गए थे कि अक्षय तृतीया के हिंदू त्योहार पर हिंसा हो सकती है। हालाँकि, इस मामले में जोधपुर पुलिस ने कोई भी ठोस कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई। इसी कारण से इतना बड़ा दंगा हुआ।

गौरतलब है कि 2 मई को देर रात मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानी बिस्सा जी की प्रतिमा पर इस्लामी झंडे लगा रहे थे। इसी को लेकर ये विवाद हुआ।

बब्बर खालसा से जुड़े 4 आतंकियों को हरियाणा पुलिस ने किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद: पाकिस्तान से हथियार सप्लाई के मिले सबूत

हरियाणा की करनाल पुलिस ने 4 संदिग्ध खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन आतंकियों के पास से 1 पिस्टल 31 कारतूस, 3 IED और कैश बरामद किया गया है। विस्फोटक को कंटेनर में भर के रखा गया था। ये संदिग्ध आतंकी इनोवा वाहन में सवार थे। गिरफ्तारी 5 मई, 2022 (गुरुवार) को सुबह 4 बजे की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार बब्बर खालसा से जुड़े आतंकियों के नाम गुरप्रीत,अमनदीप, भूपेंदर और परमिंदर हैं। करनाल के पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने बताया, “हमें इस मूवमेंट की सूचना मिली थी। हिरासत में लिए गए 4 संदिग्धों में 3 फ़िरोज़पुर और 1 लुधियाना का रहने वाला है। इन्हे बस्तारा टोल प्लाजा से पकड़ा गया है। इनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। आरोपितों के पास से 1 लाख 30 हजार रुपए कैश भी बरामद किया गया है।”

SP ने आगे बताया, “पकड़े गए आरोपित पाकिस्तान निवासी हरविंदर सिंह के सम्पर्क में थे। वही इन सभी को तेलंगाना के आदिलाबाद में हथियार पहुँचाने का आदेश दिया गया था। ये हथियार पाकिस्तान से भारत में ड्रोन के माध्यम से फ़िरोज़पुर जिले में भेजे गए थे। इन्हें आरोपित गुरप्रीत ने भारत सीमा में प्राप्त किया था। इससे पहले भी ये आरोपित महाराष्ट्र के नांदेड़ में विस्फोटक पहुँचा चुके हैं। इस केस में FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जाँच की जा रही है।”

SP ने आगे बताया, “चारों आरोपितों के खिलाफ थाना मधुबन में धारा 4/5 विस्फोटक अधिनियम, आर्म्स एक्ट की धारा 25 और UAPA एक्ट में केस दर्ज किया गया है। ये सभी पाकिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा से जुड़े हुए हैं। वही इन सभी को हथियारों के साथ नशे की चीजें उपलब्ध करवाता है। वह इन सभी को एक एप के जरिए लोकेशन शेयर करता है। हथियार ड्रोन के जरिए आरोपित गुरप्रीत के दोस्त आकाशदीप के खेतों में भेजे गए थे।”

पुलिस के मुताबिक, “पकड़ा गया आरोपित गुरप्रीत पहले भी एक केस में जेल गया था। उसी दौरान इसकी जेल में मुलाकात राजवीर नाम के व्यक्ति से हुई। राजवीर पहले से ही हरविंदर सिंह रिंदा का साथी रहा है। इन आरोपितों का सम्पर्क उसी ने हरविंदर सिंह से करवाया। ये सभी लगभग 9 माह से पाकिस्तान में मौजूद हरविंदर के सम्पर्क में थे। पकड़ी गई गाड़ी दिल्ली के रजिस्ट्रेशन पर है जिसकी जाँच की जा रही है।”

जिस महिला से पल्ला झाड़ने में जुटी कॉन्ग्रेस, वह चीनी राजदूत ही: राहुल गाँधी के करीबी रेवंत रेड्डी ने की पुष्टि, पार्टी वीडियो में आई थी नजर

तेलंगाना कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और सांसद रेवंत रेड्डी (Telangana Congress president Revanth Reddy) ने काठमांडू नाइट क्लब में राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के साथ देखी गई महिला को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों को सही ठहराते हुए स्वीकार किया है कि क्लब में राहुल गाँधी के साथ देखी गई महिला कोई और नहीं, बल्कि चीन की राजदूत होउ यांकी (Hou Yanqi) ही हैं। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि राहुल गाँधी ने नेपाल की राजधानी काठमांडू के एक नाइट क्लब में चीनी राजदूत (Chinese Ambassador) से मुलाकात की थी।

हाल ही में काठमांडू के नाइट क्लब में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और केरल के वायनाड से सांसद नेता राहुल गाँधी की एक महिला के साथ वीडियो वायरल हुई थी। इसको लेकर एक पत्रकार ने भाजपा नेताओं द्वारा किए जा रहे दावों के संबंध में रेड्डी से सवाल पूछा। इसके जवाब में रेवंत रेड्डी ने कहा कि भाजपा नेताओं में सामाजिक और पारिवारिक मूल्य की समझ नहीं है।

उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि राहुल गाँधी अरुंधति रॉय की फैन और जामिया उपद्रवियों की समर्थक सीएनएन की पूर्व पत्रकार दोस्त सुमनीमा उदास की शादी में शामिल होने के लिए नेपाल गए थे। अपनी यात्रा के दौरान राहुल एक डिनर पार्टी में भी शामिल हुए, जहाँ उन्हें एक महिला के साथ देखा गया। इस महिला की पुष्टि करते हुए कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि वह कोई और नहीं, बल्कि चीन की राजदूत थीं।

रेवंत रेड्डी ने कथित चीनी राजदूत के साथ राहुल गाँधी की मुलाकात का बचाव करते हुए कहा, “राहुल गाँधी का चीनी राजदूत से मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब वायरल हुआ। यह सब चोरी-छिपे या फिर बंद दरवाजों के पीछे नहीं हुआ। काठमांडू कोई प्रतिबंधित क्षेत्र या दुश्मन देश नहीं है। नेपाल में प्रवेश करने के लिए आपको पासपोर्ट या वीजा की भी आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में अपनी दोस्त की शादी में शामिल होने गए राहुल गाँधी को लेकर बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है।”

रेवंत रेड्डी को राहुल गाँधी का सबसे करीबी सहयोगी माना जाता है। ऐसे में तेलंगाना नेता द्वारा यह स्वीकार करना कि राहुल के साथ वीडियो में नजर आने वाली महिला चीनी राजदूत है, कॉन्ग्रेस पार्टी की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। क्योंकि, पार्टी ने दावा किया था कि वह नेपाल अपनी दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए गए थे। यह कोई राजनीतिक दौरा नहीं था।

गौरतलब है कि इंडिया टुडे ने राहुल गाँधी के बचाव में हाल ही में एक फैक्ट चेक किया था। उसकी रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में दिख रही महिला को लेकर किया जा रहा दावा निराधार है। उसका कहना है कि वीडियो में राहुल गाँधी जिस महिला से बात कर रहे हैं, वह चीन की राजदूत नहीं है। वह नेपाल की एक महिला है, जो दुल्हन की दोस्त है। काठमांडू के जिस लॉर्ड ऑफ ड्रिंक्स पब में कॉन्ग्रेस नेता पार्टी के लिए गए थे, उसके सीईओ राबिन श्रेष्ठ के हवाले से इंडिया टुडे ने बताया है कि उनके साथ दिख रही ​महिला चीनी राजदूत नहीं है। उन्होंने कहा, “वह दुल्हन की फ्रेंड है, जिसे शादी में आमंत्रित किया गया था।”

बता दें कि कॉन्गेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के मंगलवार (3 मई 2022) को नेपाल के एक नाइट क्लब में पार्टी करते दो वीडियो वायरल हुए थे। वायरल वीडियो में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एक महिला के साथ नजर आ रहे हैं। इसको लेकर नेटिजन्स का दावा है कि यह महिला नेपाल में चीन की राजदूत होउ यांकी (Hou Yanqi) हैं।  एक वीडियो में राहुल गाँधी शराब की बोतलों के आगे फोन देख रहे हैं। दूसरी वीडियो में वो एक महिला के साथ खड़े हैं और उनसे कानाफूसी भी कर रहे हैं। आपको बता दें कि राहुल गाँधी पर उनकी पार्टी को बीच मझधार में छोड़ हर-हमेशा विदेश चले जाना का आरोप लगता रहा है।