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गाँव में सड़क-पानी माँगने पर कर्नाटक के कॉन्ग्रेस विधायक ने युवक को जड़ा थप्पड़, जेल भेजवाने की दी धमकी: कहा- गुस्से में हाथ उठ गया

जन प्रतिनिधि जनता का सेवक होता है। उसकी जिम्मेदारी होती है कि वह लोगों की समस्याओं को दूर करे, लेकिन कर्नाटक में इसका उल्टा हुआ। कर्नाटक (Karnataka) के पावागड़ा से कॉन्ग्रेस विधायक वेंकटरमणप्पा (Pavagada Congress MLA Venkataramanappa) से अपनी गाँव के लिए बुनियादी सुविधाओं की माँग करना एक युवक को महँगा पड़ गया। सड़क, पानी और बिजली की माँग करने पर विधायक ने युवक को तहसील कार्यालय के सामने सरेआम थप्पड़ जड़ दिया। इतना ही ही नहीं, विधायक ने युवक को जेल में बंद कराने की धमकी भी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना बुधवार (20 अप्रैल 2022) की है। तुमकुर जिले के नागेनहल्ली गाँव का रहने वाला युवक नरसिम्हा मूर्ति तहसील कार्यालय में खराब सड़क और पानी की समस्या की शिकायत लेकर पहुँचा था। उसने अपने गाँव में बुनियादी सुविधाएँ देने का अनुरोध किया। तहसील कार्यालय से बाहर निकलने के बाद वह स्थानीय विधायक वेंकटरमणप्पा से मिला और उनसे भी अपने गाँव की सड़कें बनवाने और पानी की व्यवस्था करवाने का अनुरोध किया। कॉन्ग्रेस विधायक को यह माँग नागवार गुजरी और उन्होंने युवक को थप्पड़ जड़ दिया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक विधायक से बात कर रहा होता है। इसी दौरान विधायक ने उसे एक थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ मारने के बाद कॉन्ग्रेस के विधायक ने उसे जेल में बंद कराने की धमकी दी। घटना के बाद विधायक की जमकर आलोचना हो रही है।

कॉन्ग्रेस विधायक की इस हरकत पर कर्नाटक बीजेपी ने तंज कसा है। भाजपा का कहना है कि कॉन्ग्रेस लोगों की समस्याओं का इसी तरह से समाधान करती है।

विधायक बोले- गुस्सा आ गया था

बहरहाल, वीडियो वायरल होने के बाद चौतरफा आलोचना के बीच कॉन्ग्रेस विधायक वेंकटरमणप्पा ने सफाई देते हुए युवक पर ही अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा दिया। विधायक का कहना है कि इसी कारण से उन्हें गुस्सा आ गया और हाथ उठ गया। जब उनसे सड़कों के हालात को लेकर पूछा गया तो उन्होंने सवाल किया कि क्या सभी सड़के ठीक हैं? क्या सभी को रातों-रात ठीक कर पाना संभव है? उन्होंने ये भी कहा कि करीब 4 करोड़ रुपए का अनुदान स्वीकृत हुआ है और अगले सप्ताह से सड़कों की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी।

खतरे में झारखंड के CM हेमंत सोरेन की कुर्सी, चुनाव आयोग ने ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ पर माँगा जवाब: खुद को ही खदान आवंटित करने का आरोप

खनन पट्टा मामले में झारखंड (Jharkhand) के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। राँची हाईकोर्ट के बाद अब भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इस मामले में नाराजगी दिखाई है। इस मामले में चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को पत्र लिखा है। आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि दस्तावेजों के ‘प्रमाणीकरण’ कर मुख्य सचिव बताएँ कि सोरेन ने राँची के अंगारा ब्लॉक में खनन पट्टा लेने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया।

आयोग से पत्र मिलने के बाद राज्य के अधिकारी इन आरोपों के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। इसके बाद वे आयोग को पत्र का सौंपे देंगे। बता दें कि सोरेन के पास खनन विभाग भी है और उन पर आरोप है कि उन्होंने पत्थर खनन का का खुद को अलॉट किया है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रघुवर दास (Raghuvar Das) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने फरवरी में राज्यपाल से मुलाकात कर सीएम को हटाने की माँग करते हुए इससे संबंधित दस्तावेज सौंपे थे।

राज्यपाल ने इन दस्तावेजों को चुनाव आयोग को भेजकर उसकी राय माँगी थी। इस आयोग ने इन दस्तावेजों को मुख्य सचिव को भेज दिया और कहा कि वे बताएँ सीएम पर आरोप से संबंधित ये दस्तावेज सही हैं या नहीं। अधिकारियों से जवाब मिलने के बाद चुनाव आयोग द्वारा यह फैसला करेगा कि मुख्यमंत्री द्वारा लिया गया लीज ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ के दायरे में आता है या नहीं। इसी आधार पर वह राज्यपाल को अपनी राय देगा। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 9A में ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ के दायरे में आने वाले सदन के सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का प्रावधान है।

रघुवर दास ने सौंपे गए दस्तावेजों के आधार पर अपनी शिकायत में कहा था कि हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने नाम पर पत्थर खदान लीज पर ले लिया। राँची जिले के अनगड़ा प्रखंड में 0.88 एकड़ क्षेत्रफल पर यह खनन पट्टा पाँच वर्षों के लिए ले लिया है।

हाईकोर्ट ने की थी टिप्पणी

शिवशंकर शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने खनन पट्टा अपने नाम करने को लेकर सोरेन के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उस याचिका पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए कहा था कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।

याचिका में कहा गया था कि सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री और वन एवं पर्यावरण विभाग के विभागीय मंत्री हैं। उनके पास खनन विभाग भी है। ऐसे में उन्होंने खुद ही पर्यावरण क्लीयरेंस के आवेदन दिया और क्लीयरेंस लेकर खुद ही खनन पट्टा हासिल कर लिया। ऐसा करना पद का दुरुपयोग और जनप्रतिनिधि कानून का उल्लंघन है

क्या है मामला?

मुख्यमंत्री सोरेन पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने नाम पर पत्थर खदान का पट्टा लिया। यह खदान राँची जिले के अनगड़ा मौजा, थाना नं-26, खाता नं- 187, प्लॉट नं- 482 में स्थित है। भाजपा ने आरोप लगाया था कि इस पट्टे की स्वीकृति के लिए सोरेन 2008 से ही प्रयास कर रहे थे।

मुख्यमंत्री बनने के बाद पत्रांक संख्या 615/M, दिनांक 16-06-2021 के जरिए पट्टा की स्वीकृति का आशय का पत्र (LOI) विभाग द्वारा जारी कर दिया है। यह विभाग मुख्यमंत्री के पास ही है। स्टेट लेबल इंवायरमेंट इंपेक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (SEIAA) ने 14-18 सितम्बर 2021 को अपनी 90वीं बैठक में पर्यावरण स्वीकृति की अनुशंसा भी कर दी।

पहला सिख अफसर ‘गायब’, सिख नेता के परिवार पर हमला, करतारपुर कॉरिडोर से भारत की ‘जासूसी’: पाकिस्तान में ये क्या हो रहा

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करना सामान्य है। लेकिन, सिखों के साथ हालिया कुछ घटनाओं से पता चलता है कि सिखों को न केवल प्रताड़ित किया जा रहा, बल्कि चारे की तरह भारत के खिलाफ इस्तेमाल भी किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अफसर गुलाब सिंह शाहीन कहाँ हैं, इसकी खबर किसी को नहीं है। वहीं, ननकाना साहिब में सिख नेता और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के पूर्व अध्यक्ष मस्तान सिंह के परिवार पर जानलेवा हमला हुआ है। दूसरी तरफ करतार कॉरिडोर के रास्ते आने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों को अपने ट्रैप में फँसाकर पाकिस्तान उनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ करने की कोशिशों में भी लगा है।

मस्तान सिंह के परिवार पर हमला क्यों?

मस्तान सिंह के परिवार पर घातक हमला हमला 19 अप्रैल 2022 की रात किया गया था। हमले में उनके बेटे दिलावर सिंह और पाले सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दिलावर सिंह ने बताया कि शहर के कोट संत राम में उनकी और उनके मामा की 5.5 एकड़ जमीन है। वह इन्हें बेचना नहीं चाहते हैं। लेकिन स्थानीय लोग और प्रशासन पिछले दस साल से उन पर जमीन बेचने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वे पुलिस या बंदोबस्ती बोर्ड में इसकी शिकायत कराते हैं, तो हर बार मामले को खारिज कर दिया जाता है।

दिलावर सिंह ने उस अस्पताल से एक वीडियो शूट किया है जिसमें मस्तान सिंह और पाले सिंह का इलाज चल रहा है। इस वीडियो में उन्होंने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया है। 2004 से 2006 तक पीएसजीपीसी के अध्यक्ष रहे मस्तान सिंह ने ननकाना साहिब से फोन पर TOI को बताया कि जमीन पर भू माफियाओं के एक समूह ने जबरन कब्जा कर लिया। भू माफिया की मदद करने के लिए इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) को जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि ETPB एक वैधानिक बोर्ड है जो विभाजन के बाद भारत चले गए हिंदुओं और सिखों की धार्मिक संपत्तियों और तीर्थस्थलों का प्रबंधन करता है।

कहाँ हैं गुलाब सिंह शाहीन?

बताया जा रहा है कि गुलाब सिंह शाहीन को अगवा कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने किसी अज्ञात जगह पर रखा है। साल 2018 में उन्हें पत्नी और तीन बच्चों समेत जबरन घर से निकाला गया था। ट्रैफिक वॉर्डन के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी से पहले वे 116 दिन नौकरी से भी गायब रहे थे। उन्होंने भी ETPB पर गंभीर आरोप लगाए थे।

करतारपुर कॉरिडोर का गलत इस्तेमाल

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल तीर्थयात्रा पर आने वाले भारतीयों से संपर्क बढ़ाने के लिए कर रही है। News18 ने सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत इस बारे में सबूत जुटा रहा है और जल्द ही इस मामले को पाकिस्तान के सामने उठाया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि भारत ने कॉरिडोर में होने वाली बिजनेस मीटिंग पर भी आपत्ति जताई है। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के कारण 20 महीने तक बंद रहने के बाद पिछले साल नवंबर में कॉरिडोर को फिर से खोला गया था।

‘मुझे नहीं लड़ना चुनाव, लौटा दो मेरे ₹1.15 करोड़’: सत्येंद्र जैन के घर के बाहर धरने पर बैठा AAP नेता मदान, 1 महीने पहले ‘कश्मीर फाइल्स’ का माँग रहा था हिसाब

दिल्ली की केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन पर आम आदमी पार्टी (AAP) से ही जुड़े दीपक मदान उर्फ दीपू ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव का टिकट दिलाने के नाम पर जैन ने उनसे 1 करोड़ 15 लाख रुपए ऐंठ लिए। उनका आरोप है कि जैन उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं और टिकट के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की डिमांड कर रहे हैं।

मदान अपने फेसबुक अकाउंट से बुधवार 20 अप्रैल 2022 को 6 घंटे से अधिक समय तक लाइव रहे। इसी दौरान उन्होंने ये आरोप लगाए। यह लाइव उन्होंने जैन के आवास के बाहर धरना देते हुए किया।

दीपक मदान का कहना है कि वे सत्येंद्र जैन को वर्ष 2020 से जानते हैं। जैन ने इस बार के एमसीडी चुनाव में उनको टिकट दिलवाने का वादा किया था। मदान के मुताबिक, “पिछले दिनों जब एमसीडी के चुनाव टल गए तो सत्येन्द्र जैन की पोल खुली। जैन ने मुझसे कहा था कि मार्केट में टिकट का रेट 2 करोड़ रुपए है, लेकिन तुम्हें मैं केवल 1.5 करोड़ रुपए में एमसीडी की टिकट दिला दूँगा। मैंने उनको 1.15 करोड़ रुपए दिए थे। लेकिन चुनाव टल गए तो बाकी के 35 लाख रुपए मैने नहीं दिए। इसको लेकर जैन ने मेरे साथ बड़ी बदतमीजी की।”

दीपक मदान के लाइव वीडियो के शुरुआती तीन मिनट में आप ये बातें सुन सकते हैं

मदान ने आगे कहा, “अब उन्हें चुनाव नहीं लड़ना है। वे मेरे 1.15 करोड़ रुपए वापस कर दें। मेरे पास अब पैसे नहीं हैं। मैंने इन्हें जो पैसे दिए हैं उसके लिए मुझे अपने सारे गोल्ड को गिरवी रखना पड़ा।” आप कार्यकर्ता का कहना था कि वे बुधवार को तीसरी बार सत्येंद्र जैन के आवास के बाहर आए थे। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करवाने के लिए उनके पीए को भी मैसेज किया था। मदान ने आरोप लगाया कि जैन करोड़ों का भष्टाचार करते हैं औऱ उनके पास करोड़ों रुपए हैं, लेकिन मेरा पैसा वापस करने में उन्हें क्या दिक्कत है।

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी दीपक मदान के लाइव वीडियो और एक पुराने पोस्ट को फेसबुक पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा है कि AAP नेता दीपक मदान 21 मार्च को विवेक अग्निहोत्री से कश्मीर फाइल्स के पैसों का हिसाब माँग रहा था। अब 20 अप्रैल को एमसीडी टिकट खरीदने के लिए सत्येन्द्र जैन को दिए 1 करोड़ 15 लाख रुपए माँग रहा है।

दिल्ली में BJP नेता की हत्या: बाइक सवार बदमाशों ने घर के बाहर मारी गोलियाँ, हमलावरों की तलाश में सीसीटीवी खँगाल रही पुलिस

पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में अज्ञात बदमाशों ने बुधवार (20 अप्रैल 2022) को 42 वर्षीय बीजेपी (BJP) नेता जीतू चौधरी की गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी। यह वारदात रात करीब 8:15 बजे घटी। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के वक्त चौधरी अपने घर के पास ही थे। बाइक सवार हमलावर आए और उन्हें 4 गोलियाँ मारी। पहली गोली सीधे भाजपा नेता के सिर में लगी, जबकि बाकी की तीन गोलियाँ उनके पेट में मारी गई।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया मयूर विहार फेज-3 स्थित घर के बाहर बाइक पर आए कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मारी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए।

घटना के बाद मयूर विहार फेज-3 में लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो गई थी। गश्त कर रही पुलिस टीम भीड़ को देख मौके पर पहुँची। पुलिस के मुताबिक जीतू चौधरी को तुरंत इलाज के लिए नोएडा मेट्रो अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिल्ली (ईस्ट) की पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया है कि मृतक मयूर विहार भाजपा इकाई के कार्यकर्ता थे और कंस्ट्रक्शन का बिजनेस करते थे। डीसीपी ने इस बात की पुष्टि की है कि अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

बीजेपी नेता मनोज कुमार ने बताया, “जिस तरह से हत्या की गई, यह दुखद है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता भी अस्पताल गए थे।” बहरहाल हमलावरों की तलाश में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खँगाल रही है।

‘मुझे माफ करें’: अक्षय कुमार ने ‘विमल यूनिवर्स’ से की तौबा, कहा- विज्ञापन से कमाई अच्छे काम के लिए दान कर दूँगा

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने विमल इलायची के ब्रांड एम्बेस्डर की भूमिका से खुद को अलग कर लिया है। अब वह इसके लिए विज्ञापन नहीं करेंगे। फैंस से कड़ी आलोचनाओं का सामना करने के बाद उन्होंने माफी भी माँगी है। अक्षय कुमार हाल ही में फिल्म अभिनेता अजय देवगन और शाहरुख खान के साथ विमल इलायची से जुड़े उत्पादों के विज्ञापन में नजर आए थे। इसके बाद उनके फैंस ने नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी आलोचना की थी। विमल इलायची एक ऐसा ब्रांड है जो तंबाकू उत्पाद भी बेचता है।

अक्षय कुमार ने फैंस से माफी माँगते हुए कहा है, “मैं अपने सभी प्रशंसकों और शुभचिंतकों से माफी माँगना चाहता हूँ। पिछले कुछ दिनों में आपकी प्रतिक्रिया ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। हालाँकि मैंने तंबाकू का समर्थन नहीं किया है और न ही आगे करूँगा। मैं विमल इलायची के साथ अपने एसोसिएशन को लेकर आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूँ। इसलिए पूरी विनम्रता के साथ मैं अपने कदम वापस लेता हूँ। साथ ही मैंने फैसला किया है कि विज्ञापन के लिए ली गई फीस को किसी अच्छे काम के लिए दान कर दूँगा। ब्रांड चाहे तो इस एड को प्रसारित करना जारी रख सकता है जब तक कि उसके कॉन्ट्रैक्ट की लीगल अवधि पूरी नहीं होती। लेकिन मैं वादा करता हूँ भविष्य में पूरी समझदारी के साथ विकल्पों का चयन करूँगा। इसके बदले में मैं हमेशा आपका प्यार और शुभकामनाएँ चाहूँगा।”

गौरतलब है कि विमल इलायची के एक हालिया विज्ञापन में शाहरुख खान और अजय देवगन ‘विमल यूनिवर्स’ में अक्षय कुमार का स्वागत करते नजर आए थे। इसमें अभिनेता सभी विमल ब्रांड को सलामी देते हुए इलायची का सेवन करते दिखते हैं। अक्षय कुमार ने 13 अप्रैल को विमल के साथ करार किया था। कंपनी ने इससे जुड़ा ट्रेलर भी लॉन्च किया था। इसके सामने आते ही अक्षय कुमार नेटिजन्स के निशाने पर आ गए थे।

सोशल मीडिया यूजर्स ने तंबाकू का समर्थन करने को लेकर अक्षय कुमार की आलोचना की थी। कई यूजर्स ने उनके उस पुराने वीडियो क्लिप्स को वायरल करना शुरू कर दिया, जिसमें वह इन चीजों की समर्थन करने वालों की आलोचना करते हैं। फैंस ने अक्षय कुमार के उन पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर विरोध जताया, जिसमें वो शराब, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के प्रति अपनी अरुचि के बारे में बता रहे थे। सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए माफी माँगी की है। उन्होंने अपने इस माफीनामे को ट्विटर पर भी शेयर किया है।

गुजरात के MLA जिग्नेश मेवाणी को असम पुलिस ने किया गिरफ्तार, कॉन्ग्रेस समर्थक नेता पर आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर कार्रवाई

गुजरात के विवादित विधायक जिग्नेश मेवाणी (Jignesh Mevani) को असम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मेवाणी वडगाम से एमएलए हैं और कॉन्ग्रेस समर्थक हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उनके आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर की गई है। उनके खिलाफ सेक्शन 120बी (आपराधिक साजिश), 153(ए) (दो समुदायों के बीच विद्वेष को बढ़ावा देना), 295(ए), 504 और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मेवाणी को बुधवार (20 अप्रैल 2022) रात करीब 11:30 बजे असम पुलिस ने पालनपुर सर्किट हाउस से गिरफ्तार किया। यहाँ से उन्हें अहमदाबाद ले जाया गया। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर असम पुलिस गुवाहाटी ले जा सकती है। मेवाणी के समर्थकों का आरोप है कि पुलिस की ओर से उन्हें अब तक एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिग्नेश मेवाणी के समर्थकों का कहना है कि असम में मेवाणी के खिलाफ एक केस दर्ज किया गया है, जिसको लेकर ये कार्रवाई की गई है। अपनी गिरफ्तारी को लेकर मेवाणी का कहना है कि किसी ट्वीट को लेकर उन पर ये कार्रवाई की गई है। मेवाणी ने कहा, “मैं किसी झूठी शिकायत से नहीं डरता। मैं अपनी लड़ाई जारी रखूँगा।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार मेवानी ने एक ट्वीट में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाथूराम गोडसे की विचारधारा में मानते हैं इसलिए वे देश में शांति की अपील नहीं करेंगे। इसको लेकर उनके खिलाफ असम शिकायत दर्ज कराई गई थी।

मेवाणी की गिरफ्तारी के बाद गुजरात कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश ठाकोर के नेतृत्व में पार्टी के कई नेता अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुँच गए। वहाँ कॉन्ग्रेसियों ने असम पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ठाकोर ने कहा कि आरएसएस पर ट्वीट करने को लेकर मेवाणी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। उन्होंने सरकार पर विधायक को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेवाणी के लिए हमारी लीगल टीम लड़ेगी। उल्लेखनीय है कि जिग्नेश मेवाणी कॉन्ग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने केवल पार्टी को समर्थन देने की बात कही थी।

गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर PM मोदी लाल किले से देश को करेंगे संबोधित: यहीं से औरंगजेब ने गुरु के मौत का जारी किया था फरमान

सिखों के गुरु तेग बहादुर (Guru Teg Bahadur) का 400वाँ प्रकाश पर्व इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। इस पर्व पर 21 अप्रैल 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) लाल किले (Lal Kila) की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री सिख समुदाय को लेकर खास संदेश दे सकते हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है कि पीएम लाल किले से किसी धार्मिक महोत्सव को संबोधित करेंगे।

हालाँकि, स्वतंत्रता दिवस से अलग वो इससे पहले 21 अक्टूबर को लाल किले से देश को संबोधित कर चुके हैं। उस वक्त मौका था आजाद हिंद फौज की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होना का। माना जा रहा है कि इस मौके पर पीएम मोदी स्मारक सिक्के और डाक टिकट जारी कर सकते हैं। लाल किले से पीएम मोदी के इस कार्यक्रम को लेकर संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने बताया कि गुरु तेग बहादुर सिखों के 9वें गुरु थे और मुगलों ने उन्हें लाल किले पर ही हत्या का ऐलान किया था। इतना ही नहीं, उन्होंने कश्मीरी हिंदुओं और पंडितों को जबरन मुस्लिम बनाने का विरोध किया था।

कौन थे गुरु तेग बहादुर

गौरतलब है कि गुरु तेग बहादुर सिखों के 9वें गुरु थे। उनका जन्म अमृतसर में हुआ था। वो गुरु हरगोविंद जी के पाँचवें पुत्र थे। सिखों के 8वें गुरु हरकिशन जी की मृत्यु के बाद उन्हें नौवाँ गुरु बनाया गया था। उन्होंने 14 साल की उम्र में ही अपने पिता के साथ मुगलों के साथ हुए युद्ध में अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय दे दिया था।

औरंगजेब ने उनका धर्मान्तरण कराने की थी कोशिश

मुगल आक्रान्ता औरंगजेब ने 1675 ईस्वी में गुरु तेग बहादुर को इस्लाम स्वीकार करने के लिए कहा था। लेकिन, उन्होंने जवाब दिया कि शीश कटा सकते हैं, केश नहीं। इसके बाद औरंगजेब ने उनका सिर कटवा दिया था। दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज उन्हीं को समर्पित है, जिसे गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के नाम से जाना जाता है।

PM Narendra Modi will address the nation from Red Fort on April 21 on Guru teg Bahadur 400 Prakash parva

NCP नेता अमोल मिटकरी ने खुलेआम हिंदू रीति-रिवाजों का उड़ाया मजाक, ठहाका लगाते रहे मंच पर बैठे मंत्री जयंत पाटिल और धनंजय मुंडे

महाराष्ट्र (Maharashtra) में हिंदुओं (Hindus) का लगातार मजाक उड़ाया जा रहा है। राज्य में शरद पवार (Sharad Pawar) की पार्टी एनसीपी के एमएलसी अमोल मिटकरी (NCP MLC Amol Mitkari) ने 19 अप्रैल 2022 को पश्चिम महाराष्ट्र के सांगली जिले के इस्लामपुर में एनसीपी परिवार संवाद यात्रा के दौरान रैली में शादियों में किए जाने वाले कन्यादान और हिंदू रीति-रिवाजों का मखौल उड़ाया। यहीं नहीं, उन्होंने झूठे मंत्र और उनके झूठे अर्थ भी बताकर ब्राह्मणों को अपमानित किया।

दरअसल, लाउडस्पीकर से अजान विवाद के बीच मनसे चीफ राज ठाकरे (MNS Chief Raj Thackeray) ने राज्य सरकार को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर सरकार मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है तो उनकी पार्टी अजान की तुलना में दोगुनी आवाज में मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा बजाएगी।

राज ठाकरे को जबाव देने के लिए अमोल मिटकरी ने सबसे पहले हनुमान चालीसा का पाठ किया और कहा, “राज ठाकरे को हमें हमारे धर्म का प्रचार करने की आवश्यकता नहीं है। लाउडस्पीकर लगाने से पहले उन्हें पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि क्या वह हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। मुझे पूरी हनुमान चालीसा याद है और मैं इसका पाठ कर सकता हूँ।”

मिटकरी ने हनुमान चालीसा के कुछ छंदों को पढ़ा भी। इस पर उनकी प्रशंसा करते हुए एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जयंत पाटिल (Jayant Patil) ने उन्हें मारुति स्तोत्रम का पाठ करने के लिए कहा। इस पर मिटकरी ने मारुति स्त्रोतम की जगह रामरक्षा स्तोत्रम का एक श्लोक पठा, जिसमें भगवान हनुमान का वर्णन किया गया है। जब इसके लिए उनकी तारीफ हुई तो उन्होंने संक्षिप्त रामायण के श्लोक का पाठ किया। इसमें केवल चार पंक्तियों में भगवान राम की पूरा कथा का वर्णन किया गया है। इसके अंत में मिटकरी ने पुजारी की नकल करते हुए कहा, “अपनी आँखों में जल डाल दो।”

इतना सुनते ही मंच पर बैठे जयंत पाटिल और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ठहाके मार के हँसने लगे। हिंदू परंपराओं के प्रति अपनी नफरत को जाहिर करते हुए मिटकरी ने कहा, “यह ऐसे किया जाता है। कौन जाने हमारा बहुजन समाज इससे कब उबरेगा?” वो यहीं नहीं रुके। हिंदुओं के प्रति अपनी भड़ास निकालते हुए एनसीपी नेता ने आगे कहा, “आचमन करो। जल छोड़ दो।”

मिटकरी ने धनंजय मुंडे को संबोधित करते हुए कहा, “मुंडे साहब, एक बार मैं एक जगह गया था। कन्यादान की रस्म अदा की जा रही थी। लड़की के पिता ने मुझे कुछ देर बैठने को कहा। उन्होंने कहा कि कुछ देर बैठिए कन्यादान चल रहा है। मैंने उनसे पूछा सर, मैंने अन्नदान (भोजन दान), नेत्रदान, रक्तदान आदि के बारे में सुना है। क्या बेटी दान की वस्तु है? उन्होंने कहा कि हाँ बस ऐसे ही है। हमें इस तरह सिखाया गया है। जैसे ही उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा, मैं वहीं एक कुर्सी पर बैठ गया।”

एनसीपी नेता ने कहा, “दूल्हा पीएचडी था और दुल्हन एमए थी।” पुजारी की नकल उतारते हुए अमोल मिटकरी ने कहा, “धूपं दीपं नैवेद्यं नमस्कारम। जल को आँखों से लगाओ।” लगातार मंत्रों का जाप करते हुए मिटकरी ने कहा, “अपना हाथ मेरे हाथ में दो। अपनी पत्नी का हाथ मेरे हाथ में दो। इसके बाद पुजारी कहता है मैं जो कहूँ वो कहो, मैं अपनी पत्नी को आपको समर्पित करता हूँ। मैं उस दूल्हे के कानों में बुदबुदाया। तुम एक बेवकूफ हो! वह पुजारी आपकी पत्नी को ले जाने के लिए कह रहा है।”

हिंदू परंपराओं का मजाक बनाते हुए अमोल मिटकरी ने कहा, “ये लोग आज हनुमान चालीसा के बारे में हमें बता रहे हैं। मेरे भाषण के बाद कई और नेता बोलेंगे। साहेब, अब मैं उद्यापन करूँगा। बस मुझे उचित दक्षिणा मिलनी चाहिए। जैसे ही दक्षिणा मिलेगी मैं गायब हो जाऊँगा।” मिटकरी का कहना था कि पुजारी को केवल दक्षिणा चाहिए, बस।

कन्यादान पर फैलाया झूठ

सनातन परंपरा में कन्यादान का बड़ा महत्व है। कन्यादान संस्कृत शब्द है, जो कन्या+आदान से मिलकर बना है। इसमें कन्या का अर्थ लड़की है तो आदान का अर्थ प्राप्त करना होता है। अर्थात शादी समारोहों में विवाह के दौरान दूल्हा अपने परिवार में लड़की को प्राप्त करने के लिए सहमत होता है। हालाँकि, मिटकरी ने इसे किसी प्रकार का दान समझकर महिलाओं का विरोध किया।

इतना ही नहीं, एनसीपी के एमएलसी ने हाथ में हाथ लेने की बात पर झूठ फैलाया। विवाह की रस्मों के संकल्प की शुरुआत करते हुए दुल्हन, उसके माता-पिता और दूल्हा हाथों को मिलाते हैं। अमोल मिटकरी ने झूठ फैलाया कि पुजारी जोड़े का हाथ अपने हाथ में लेता है और दूल्हे को अपनी पत्नी को पुजारी को सौंपने के लिए कहता है।

ननकाना साहिब में पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मस्तान सिंह के परिवार पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर

पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के पूर्व अध्यक्ष और सिख नेता मस्तान सिंह और उनके परिवार पर ननकाना साहिब में घातक हमला हुआ है। जिसमें उनके दो बेटों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है। यह हमला 19 अप्रैल, 2022 की रात की बताई जा रही है।

मामले में पत्रकार आदित्य राज कौल ने ट्वीट किया करते हुए लिखा है, “पाकिस्तानी अल्पसंख्यक सिख नेता सरदार मस्तान सिंह के परिवार पर स्थानीय मुस्लिमों ने ननकाना साहिब, पाकिस्तान में बेरहमी से हमला किया। दोनों बेटों दिलावर सिंह और पल्ला सिंह को इस्लामी कट्टरपंथियों ने बेरहमी से पीटा। पाकिस्तान का दौरा करने वाला कौन इसकी निंदा करता है?”

वहीं पाकिस्तान के पत्रकार, ज़फर बसीर ने ट्वीट किया, “पीएसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष एस मस्तान सिंह के परिवार पर कल रात पाकिस्तान के ननकाना साहिब में स्थानीय मुसलमानों ने हमला किया है। उनके बेटों दिलावर सिंह और पल्ला सिंह को बेरहमी से पीटा गया है। ननकाना साहिब पुलिस द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई है, वह ननकाना साहिब के सरकारी अस्पताल में जीवन-मौत की लड़ाई से गुजर रहे हैं।”

मीडिया रिपोर्ट में मस्तान सिंह के बेटे दिलावर सिंह के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान में नारे लगाए जा रहे हैं। आजादी आजादी आजादी यहाँ सिखों के लिए कोई आजादी नहीं, कोई सुरक्षा नहीं, अल्पसंख्यकों को कोई सुरक्षा नहीं जिसके लिए पाकिस्तान में हर दिन सिख-हिंदू परिवारों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं।