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उद्घाटन करने पहुँचीं कॉन्ग्रेस की महिला MLA, कैंची नहीं मिली तो पर्स से निकाला ब्लेड और काट दिया फीता

बिहार के हाजीपुर में कॉन्ग्रेस की विधायक प्रतिमा सिंह आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े एक कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुँचीं। लेकिन फीता काटने के लिए उन्हें कैंची ही नहीं मिली। कुछ देर तक इंतजार के बाद जब कैंची की व्यवस्था नहीं हो सकी तो उन्होंने अपनी पर्स से ब्लेड निकाला और फीता काट दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्हें बुधवार (20 अप्रैल 2022) को सुबह 10 बजे का समय दिया गया था। लेकिन वे 12 बजे पहुँचीं, फिर भी तैयारियाँ पूरी नहीं हो पाई थी। एक दिवसीय स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने वहाँ का जायजा लिया और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत की। इसके बाद प्रतिमा सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसका व्यापक प्रचार नहीं करने का आरोप लगाया।

कॉन्ग्रेस विधायक ने प्रशासनिक व्यवस्था को घटिया करार दिया और कहा कि यहाँ कुछ नहीं बदलने वाला। उन्होंने कहा, “हम तो पहले से ही कह रहे हैं कि ये अमृत महोत्सव और कुछ नहीं, बल्कि लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा है। इस सरकार का ऑपरेशन भी इसी ब्लेड से करना पड़ेगा।”

इस मामले में सहदेई के पीएचसी प्रभारी डॉ. सुनील केसरी ने अपनी गलती मानी। पीएचसी प्रभारी ने कहा कि मेले की जिम्मेदारी जिसे दी गई थी वो हेल्थ मैनेजर हैं। अब उनसे मामले में स्पष्टीकरण माँगा जाएगा।

कोरोना लॉकडाउन से समुद्र में ट्रैफिक जाम, शंघाई बंदरगाह पर जहाजों का लगा जमावड़ा: लोग भूख से आत्महत्या करने को मजबूर

कोविड (Covid-19) चीन (China) के लिए भस्मासुर साबित हो रहा है। कोविड के कारण वहाँ के हालात बद से बदतर हो रहे हैं। चीन में लॉकडाउन के कारण लोग भूख से तड़प रहे हैं और आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। वहीं, शंघाई के पूर्वी तट पर मालवाहक जहाजों और टैंकरों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। इससे सामानों का वितरण भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है। इस भीड़ के कारण समुद्र में ट्रैफिक जाम हो गया है।

शंघाई कोविड के बढ़ते प्रकोप के कारण लॉकडाउन का सामना कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, शंघाई में मार्च से लेकर अभी तक कोरोना के अब तक 3.5 लाख से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में लॉकडाउन के कारण इन जहाजों पर भी असर दिख रहा है। इस जहाजों से माल उतारने की इजाजत नहीं है।

दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक शंघाई के तट की सामने आए तस्वीरों में इन जहाजों के जमघट को देखा जा सकता है। ये तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में मरीन ट्रैफिक की लाइव पोजिशन लेने वाली वेबसाइट द्वारा ली गई हैं। तस्वीर में हरे रंग का दिख रहा बिंदु मालवाहक जहाज हैं, जबकि लाल बिंदु टैंकर हैं।

मालवाहक और टैंकरों की तस्वीरें (साभार: skynews)

कहा जा रहा है कि 470 से अधिक जहाज चीन में संसाधनों को पहुँचाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन जहाजों में अनाज से लेकर धातु अयस्क तक सामग्री हैं। कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों द्वारा पिछले महीने शहर में लगाए गए लॉकडाउन के बाद से जहाजों ने शंघाई बंदरगाह के बाहर लाइन लगाना शुरू कर दिया। इन जहाजों का शंघाई से Ningbo-Zhoushan तक जाम लगा है। ।

कोविड-19 में वृद्धि के कारण शंघाई बंदरगाह पर कर्मचारियों की कमी हो गई है। इससे हर काम में समय लग रहा है। आउटबाउंड जहाजों पर बुक किए गए सामान गोदामों में फँसे हुए हैं। लॉकडाउन के कारण शटल ट्रक काम नहीं कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 197 कंटेनर जहाज या तो लोड हो रहे हैं या निंगबो के साथ शंघाई के संयुक्त लंगर में लोड होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

समुद्र में लगी जाम को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि शंघाई में लॉकडाउन के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बेहद बुरी प्रभाव पड़ेगा। उनका कहना है कि इससे आपूर्ति में देरी होगी और लागत में वृद्धि होगी। वहीं, शंघाई के अधिकारियों का कहना है कि सुचारू संचालन के लिए सरकार काम कर रही है। परिवहन मंत्रालय के तहत आने वाले राजमार्ग ब्यूरो के निदेशक वू चुंगेंग ने कहा कि क्वारंटीन नियमों के कारण माल वितरण और रसद आपूर्ति बाधित हो सकती है।

नियमों के तहत कोविड पॉजिटिव आने वाले लोगों को एक निश्चित समयावधि के लिए केंद्रीकृत क्वारंटीन सेंटर में क्वारंटीन होना होगा, भले ही उनमें कोविड के लक्षण दिखे या नहीं। यह कहा जा रहा है कि जिस केंद्रीयकृत सेंटर में पॉजिटिव लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है, उसकी स्थिति बेहद खराब है। हाल ही में कोरोना के कारण 7 और मरीजों की मौत हो गई है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि वायरस नियंत्रण और रोकथाम के प्रयासों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए, जबकि आर्थिक और सामाजिक विकास नीति पर पड़ने वाले प्रभावों को चीन कम करने का प्रयास करेगा। हाल ही में शंघाई में स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आई थीं। कई शंघाई निवासी दवाओं और भोजन की कमी के बारे में शिकायत करने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले चुके हैं। शंघाई के लोग भोजन के लिए पूरी तरह सरकार पर निर्भर हैं और भूखों मर रहे हैं। वहाँ लोगों द्वारा आत्महत्या करने की खबरें भी सामने आ रही हैं।

‘मामू रोजे में ये सब क्यों कर रहे अम्मी’: जहाँगीरपुरी में अपनों को ही पत्थरबाजी करता देख घबराई मुस्लिम बच्ची, हथियार सप्लायर भी धरा गया

दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर शोभा यात्रा में पत्थरबाजी की अब कई नई वीडियोज सामने आई हैं। इन वीडियोज के जरिए ये पता चल रहा है कि हिंदुओं पर जो हमला 16 अप्रैल को हुआ, वो उनके लिए एकदम अचानक था, लेकिन दूसरी तरफ से पूरी तैयारी हो रखी थी।

टाइम्स नाऊ द्वारा शेयर की गई वीडियो में दिख रहा है कि कैसे रथ को ले जाने वाला हिंदू युवक चिल्ला कर कह रहा है- ‘चाचा ये सब गलत हो रहा।’ वहीं पीछे से मुस्लिमों की भीड़ अल्लाहु अकबर और नारे-ए-तकबीर का नारा लगाते हुए आगे बढ़ रही है।

अगली वीडियो है इस वीडियो में एक मुस्लिम बच्ची है जिसके मामा पत्थरबाजों में से एक है। वो मुस्लिमों का कट्टर रवैया देख अपनी अम्मी से पूछ रही है- “अम्मी ये लोग रोजे के समय ये सब क्यों कर रहे हैं।” इसके बाद एक लड़की अचानक चिल्लाती है- “ओह सारे मुसलमान आ गए। वो देखो बड़े मामा भी पत्थर फेंक रहे हैं।” इस वीडियो के बैंकग्राउंड में भी सिर्फ अल्लाहु अकबर और नार-ए-तकबीर सुनाई देता है।

बता दें कि 16 अप्रैल हिंसा मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपनी कार्रवाई करने में लगी है। उन्हें एक ऐसी वीडियो भी मिली है जिसमें कुछ लोग दोपहर दो बजे रॉड और अन्य हथियार लेकर एकजुट हो रहे थे। वीडियो के आसपास का बैकग्राउंड क्या है ये अभी स्पष्ट नहीं है, मगर यदि ये वीडियो उसी दिन से जुड़ी है तो ये शक और गहरा जाता है कि हमला सुनियोजित था।

पुलिस ने हथियार सप्लायर को किया गिरफ्तार

एक ओर जहाँ इस हिंसा के बाद सवाल उठ रहे हैं कि इतनी तादाद में हथियार एक साथ जमा कैसे हुए, वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने आज एक हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है। इस सप्लायर की पहचान राजन उर्फ राहुल के तौर पर हुई है। पुलिस ने इस शख्स के पास से 8 अवैध हथियार और बुलेट के सेट जब्त किए हैं।

आउटर नॉर्थ के डीसीपी ब्रिजेंद्र यादव ने ऑपइंडिया को बताया कि उन्होंने राहुल को जहाँगीरपुरी में एक मुठभेड़ के दौरान पकड़ा। 28 वर्षीय हथियार सप्लायर राहुल इस मुठभेड़ में घायल हो गया था। वह जहाँगीरपुरी का ही रहने वाला है और कई सालों से अवैध रूप से हथियार सप्लाई कर रहा था, उसके ऊपर 67से अधिक मामले दर्ज हैं। अब पुलिस इस राहुल का कनेक्शन अंसार और असलम से ढूँढ रही है। पुलिस ने राहुल के पत्थरबाजों से क्या लिंक थे इसकी पुष्टि नहीं की। राहुल के अस्पताल में ठीक होने के बाद जाँच की जाएगी। इससे पहले पुलिस ने गुलाम रसूल को गिरफ्तार किया था।

‘तुम यीशु का नाम क्यों नहीं लेते’: ​तमिलनाडु के स्कूल में छात्रा को विभूति लगाने पर किया प्रताड़ित, ईसाई धर्मांतरण की कोशिश का आरोप

तमिलनाडु के तिरुपुर से चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। कक्षा 6 में पढ़ने वाली 12 साल की एक छात्रा के अभिभावकों ने शहर के जयाबाई म्युनिसिपल गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में जबरन ईसाई धर्मान्तरण की शिकायत की है। सरकारी फंडिंग से चल रहे इस स्कूल ईसाई शिक्षक पर पट्टाई (विभूति) लगाने के कारण छात्रा के बुरा बर्ताव करने और हिंदू धर्म को अपमानित करने का आरोप है।

हिन्दुवादी संगठन हिंदू मुन्नानी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में पीड़ित बच्ची हिंदू होने के कारण ईसाई शिक्षकों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का खुलासा करती है। नाबालिग के मुताबिक ईसाई शिक्षक ने पूछा, “अपनी जान देकर हमें किसने बचाया?” लेकिन जब लड़की ने वो उत्तर दिया, जिसकी शिक्षक ने आशा नहीं की थी, तो उसने जोर देकर कहा, “यीशु ने हमारे लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। तुममें से कोई उनका नाम क्यों नहीं लेता?” इसी तरह एक दिन स्कूल में लेखन का अभ्यास कराया जा रहा था। इस दौरान पीड़िता ने मुरुगन, कृष्ण और अन्य हिंदू देवताओं के नाम तमिल में लिखे। इसके बाद स्कूल टीचर ने उसे इस तरह की बातें नहीं लिखने के लिए कहा।

पीड़िता ने आरोप लगाया गया है कि उसे तमिल पढ़ाने वाले शिक्षक ईसाई धर्म को मानते हैं और उससे ईसाई तरीके से हाथ जोड़कर प्रार्थना करने के लिए कहते हैं। एक दिन ईसाई शिक्षक ने पीड़िता के माथे पर लगे पट्टाई की तरफ इशारा करते हुए पूछा, “उसे लगाने में कितना टाइम लगता है? तुम्हारे माथे पर इसे कौन लगाता है?” पीड़िता का कहना है कि वो अपने गले में रूद्राक्ष की माला धारण करती है, जिसको लेकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उसे इसकी सजा दी गई। जब कक्षा में अपेक्षाकृत कम नंबर लाने पर शिक्षक ने कहा, “अरे तुम पट्टाई लगाई गधी, खड़ी हो जाओ।”

इस बीच लड़की के माता-पिता ने स्कूल में ईसाई शिक्षक द्वारा धर्मान्तरण और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। आरोपित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हुए पीड़िता के अभिभावकों ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ नहीं होनी चाहिए। इस मामले की जाँच कर रहे अधिकारी का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है। अगर आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।

हिंदू मुन्नानी ने उठाई आवाज

हिंदुओं के लिए काम करने वाले संगठन हिंदू मुन्नानी ने इस मामले को उठाया है। इसके सचिव सेंथिल कुमार ने कहा, “तमिलनाडु के सभी सरकारी स्कूलों में धर्मांतरण हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग क्या करता है? अगर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो लोगों का गुस्सा भड़क उठेगा।”

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह तमिलनाडु के ही कन्याकुमारी में एक लड़की ने ईसाई शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। लड़की ने ईसाई शिक्षक पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने और छात्रों को ईसाई प्रार्थना करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। इसी तरह से जनवरी में तंजावुर के थिरुकट्टुपाली स्थित सेक्रेड हार्ट हायर सेकेंडरी स्कूल की 12वीं की छात्रा लावण्या को कथित तौर पर उसके स्कूल के शिक्षकों ने ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रताड़ित किया था, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली थी।

गाँवों पर मुस्लिम बंदूकधारियों का हमला, 80 को मार डाला, 60 का अपहरण-115 घरों में लगाई आग: नाइजीरिया में ईसाई निशाने पर

नाइजीरिया के दक्षिणी पठारी राज्य में मुख्य रूप से ईसाई गाँवों पर मोटरसाइकिल सवार बंदूकधारियों ने हमला किया, जिसमें कम से कम 80 लोग मारे गए और 60 से अधिक के अपहरण की बात सामने आई है। घटना रविवार, 10 अप्रैल, 2022 की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नाइजीरिया के कुकावा, क्याराम, येलवा, दद्दा, ग्याम्बावू, डूंगुर, वांका, शुवाका, ग्वाम्मदाजी और दादिन कोवा जैसे ईसाई गाँवों में किए गए इन हमले में 115 से अधिक घर तबाह हो गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि नाइजीरिया में गनमेन स्टॉर्म ईसाई गाँवों के सैकड़ों ग्रामीण अपने जलते हुए मकानों को छोड़कर किसी तरह जान बचाकर भागे। कहा जा रहा है कि पड़ोसी बाउची राज्य में सुरक्षित पहुँचने के लिए एक माँ और उसके बच्चे पाँच घंटे तक रात भर दौड़ते रहे ताकि किसी तरह जान बच जाए।

वहीं इस हमले को लेकर मुस्लिम फुलानी आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि नाइजीरिया सरकार ने इन अत्याचारों से आँखें मूंद ली हैं।

रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा गया है, “यह गॉड का चमत्कार है कि वे नरसंहार से बच गए और किसी जंगली जानवर द्वारा मारे नहीं गए।”

मीडिया रिपोर्ट में ऐसा दावा किया जा रहा है कि फुलानी मुस्लिम, अपनी खानाबदोश जीवन शैली के कारण, चारागाह की तलाश में ईसाई कृषक समुदायों पर कब्जे की दृष्टि से हमला किया है।”

‘जहाँगीरपुरी में वृंदा करात, कोर्ट में कपिल सिब्बल, संरक्षण AAP का’: बोले दिल्ली BJP अध्यक्ष- दंगाइयों को बचाने के लिए इकट्ठा हुआ सेकुलर गैंग

हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) के दिन दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हुए दंगों (Jahangirpuri, Delhi Riots) में सामने आए दंगाइयों की भूमिका को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि इन दंगाइयों को दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) का संरक्षण मिला हुआ है।

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Adesh Gupta) ने कहा कि जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट में दंगाइयों के लिए पैरवी हो रही है और जहाँगीरपुर इलाके का दौरा किया जा रहा है, उससे जाहिर होता है कि दंगाइयों को बचाने के लिए ‘सेक्युलर गैंग’ एकजुट हो गया है।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “बृंदा कारत का जहाँगीरपुरी जाना, कपिल सिब्बल का कोर्ट में पेश होना और आम आदमी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं का दंगो में शामिल होना साफ दर्शाता है कि दंगाइयों को संरक्षण देने के लिए so called Secular Gang आज इकट्ठा हो गया है।”

गुप्ता ने कहा, “जहाँगीरपुरी में विधायक और पार्षद, दोनों आम आदमी पार्टी के हैं और दोनों का संरक्षण माफिया और दंगाइयों को प्राप्त है। वहाँ पर आम आदमी पार्टी के जो लोग कार्यकर्ता के रूप में काम करते थे, वही दंगाई हैं और वही पकड़े गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि उनका संरक्षण प्राप्त था।”

आदेश गुप्ता ने कहा कि अंसार आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता है। जहाँगीरपुरी के विधायक और वहाँ के आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ उसके संबंध हैं। वह वहाँ के एक माफिया के रूप में काम करता है। वहाँ जो भी अवैध धंधे करते हैं, वो जाँच में सामने आ जाएँगे। ये पुलिस की जाँच का विषय है।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जाहिर करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि जहाँगीरपुरी के अंदर हालात ठीक नहीं हैं। दंंगाइयों ने शांतिपूर्ण से चल रही यात्रा और निर्दोष लोगों पर पथराव किया। इस पथराव के बीच में दिल्ली पुलिस आई तो उसके ऊपर गोली चलाई। ऐसे दंगाइयों के ऊपर दिल्ली पुलिस ने बहुत त्वरित कार्रवाई की।

जहाँगीरपुरी में निगम द्वारा हटाए जा रहे अतिक्रमण को लेकर गुप्ता ने कहा, “मैंने निगम के कमिश्नर और मेयर को पत्र लिखा था। मैंने कहा कि उनकी अवैध कामों पर, अवैध संपत्तियों पर, अवैध अतिक्रमण पर और अवैध निर्माण पर कार्रवाई होनी चाहिए। मैं निगम को बधाई देता हूँ कि उन्होंने इस कार्रवाई को त्वरित किया है।”

उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाना निगम का रुटीन काम है। कई बार शिकायत मिलने पर करता है, कई बार रुटीन वे में करता है। आने वाले समय में दिल्ली से अतिक्रमण हटाना है, खासकर वैसे इलाके, जहाँ अवैध धंधे चलते हों, जहाँ नशाखोरी होती हो।

बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिमों के अतिक्रमण और अवैध निर्माणों को लेकर उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी-रोहिंग्या को केजरीवाल सरकार की सरपरस्ती है। सरकार उन्हें फ्री में बिजली-पानी और राशन दे रही है। इन इलाकों में कार्रवाई बेहद जरूरी है और निगम आगे इस पर कार्रवाई करेगा।

यौन शोषण के आरोपित रहे पी ससी बने केरल के सीएम पी विजयन के राजनीतिक सचिव, 11 साल पहले CPIM ने किया था पार्टी से बाहर

केरल (Kerala) की सियासत में नया मोड़ आया है, जहाँ CPM की स्टेट कमेटी के मेंबर पी ससी (P sasi) को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) का राजनीतिक सचिव चुना गया है। ये वही पी ससी हैं, जिन्हें 11 साल पहले वर्ष 2011 में यौन शोषण के आरोप में फँसने के बाद पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। वहीं सीएम के मौजूदा राजनीतिक सचिव पुथलथ दिनेशन अब सीपीएम के मुखपत्र देशभिमानी के संपादक होंगे। जबकि पूर्व वित्त मंत्री टी एम थॉमस इसाक को चिंता वीकली का मुख्य संपादक बनाया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसा दूसरी बार हो रहा है जब पी ससी को मुख्यमंत्री का राजनीतिक सचिव बनाया जा रहा है। इससे पहले 1996 से 2001 तक राज्य के सीएम रहे ईके नयनार के भी वो राजनीतिक सचिव रह चुके हैं। उस दौरान आइसक्रीम पार्लर मामले में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता पीके कुन्हालीकुट्टी को कथित रूप से बचाने के लिए उनकी पार्टी के ही लोग उनके विरोध में उतर आए थे।

पी ससी वर्ष 2010 में जब CPM के कन्नूर जिला सचिव थे तो उनपर अपनी ही पार्टी की नेता के यौन शोषण का आरोप लगा था। डीवाईएफआई की महिला नेत्री ने ससी पर उनके यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। पीड़िता की शिकायत के बाद ससी के खिलाफ पार्टी ने एक्शन लेते हुए उनके पद को जिला सचिव से घटाकर शाखा समिति कर दिया। बाद में वर्ष 2011 में केरल के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन ने ससी को पार्टी से बाहर कर दिया।

हालाँकि, यौन शोषण के आरोपों के बाद पार्टी से निकाले जाने पर भी वो पार्टी से जुड़े रहे और इसका फायदा उन्हें मिला। उस घटना के सात साल बाद मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने उन्हें क्लीन चिट दे दिया। इसी के साथ आधिकारिक तौर पर वो फिर से सीपीएम में लौट आए। वहीं जिस डीवाईएफआई नेता ने ससी पर यौन शोषण का आऱोप लगाया था, उसे पार्टी में किनारे कर दिया गया और आखिरकार उसे पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया।

कॉन्ग्रेस और CPIM ने पी ससी की नियुक्ति की आलोचना की

हालाँकि, घटनाओं पर नजर रखा जाए तो ससी की नियुक्ति से केरल में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। माकपा के नेताओं का कहना है कि ये फैसला बिना किसी विचार-विमर्श से लिया गया है। पार्टी के ही सीनियर लीडर पी जयराजन ने पी ससि के मामले में पार्टी को वो गलती करने से बचने की हिदायद दी है, जो वो पहले कर चुकी है।

वहीं केरल महिला कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने इस नियुक्ति की आलोचना करते हुए कहा, “ससी पर पार्टी के भीतर से यौन शोषण के आरोप का सामना करना पड़ा। उनकी नियुक्ति से पता चलता है कि कैसे सीपीआईएम महिलाओं को सशक्त बना रहा है।”

‘हमारे यहाँ होती तो सास कूट देती’ : शादी के बाद बिन सिंदूर, मंगलसूत्र आलिया भट्ट हुईं स्पॉट, लोगों ने की कटरीना की तारीफ

किसी भी बॉलीवुड एक्ट्रेस की शादी के बाद फैन्स उस एक्ट्रेस का ऑफ्टर मैरिज लुक देखने को बेताब रहते हैं। फिर वो चाहे दीपिका पादुकोण हों, अनुष्का शर्मा हों, कटरीना कैफ हों या आलिया भट्ट हों। फैन्स की नजरें उस पहनावे पर होती है जिसे नई दुल्हन बनने के बाद एक्ट्रेस पहनकर पहली बार कैमरे पर आती है। लोग उसकी माँग के सिंदूर से लेकर हाथ की मेहंदी तक को नोटिस करते हैं। 

आपको याद होगा कुछ दिन पहले विक्की कौशल से शादी करने के बाद कटरीना कैफ का लुक खासा चर्चा में आया था। लोगों ने भारतीय संस्कृति के मुताबिक उनके माँग में सिंदूर लगाने के ढंग और उनके चेहरे पर आए ग्लो को देख उनकी तारीफ की थी। अब ऐसा ही आलिया भट्ट के साथ भी हो रहा है। उनकी शादी के बाद वाले लुक की चर्चा हर जगह हो रही है। लोगों ने उनके बेबी पिंक सूट को देख ये तो कहा है कि वो कटरीना कैफ को कॉपी करने की कोशिश कर रही हैं। हालाँकि, कटरीना की तरह आलिया को उतनी तारीफ नहीं मिल रही।

आलिया से सवाल किए जा रहे हैं कि उनकी शादी को एक हफ्ता भी नहीं हुआ, फिर आखिर उन्होंने हाथ में चूड़ा, माँग में सिंदूर क्यों नहीं लगा रखा। कुछ लोग ये कहकर भी मजाक उड़ा रहे हैं कि अगर “हमारे यहाँ होती सास कूट देती।”

ऊपर स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं कि इंस्टाग्राम पर उनके इस सादे लुक की जहाँ तारीफ हो रही है। वहीं कुछ लोग इस बात पर गौर कर रहे हैं कि आलिया ने न सिंदूर लगाया है और न ही हाथ में चूड़ा या चूड़ी पहनी है। एक यूजर उनसे पूछता है- “मंगलसूत्र कहाँ है एड़ी”

शिवानी शर्मा आलिया के लुक पर कहती हैं कि आलिया पहले जैसी ही दिख रही है। वहीं गुरलीन कौर कहती हैं कि ये कटरीना कैफ को कॉपी कर रही है। गजल खान लिखती हैं। कहीं से ये दुल्हन नहीं लग रही। इससे बढ़िया तो कटरीना कैफ थी।

बता दें कि कटरीना और आलिया की शादी कुछ ही महीनों के अंतराल में हुई है। इसलिए दोनों एक्ट्रेस के लुक को एक साथ जज किया जा रहा है। इसके अलावा आलिया ने जो बेबी पिंक सूट पहनकर मीडिया में पोज दिया उसकी वजह से भी आलिया को लेकर लोग कह रहे हैं कि वो कटरीना को कॉपी कर रही है। लेकिन अच्छी केवल कटरीना लग रही थीं।

आलिया भट्ट Vs कटरीना कैफ

देख सकते हैं कि जिस तरह आलिया ने हल्का रंग पहनकर मीडिया के सामने आना चुना वैसे ही कटरीना कैफ भी हल्के रंग में मीडिया में आई थीं। मगर उनकी माँग में सिंदूर था, हाथ में गाढ़ी मेहंदी थी, चेहरे पर ग्लो था, चूड़े से भरा हाथ था। वहीं आलिया को देखें तो आलिया ने सूट के साथ सिर्फ बैग लिया है। उनके हाथ में गोल मेहंदी है जो हल्की दिख रही है। आलिया के चेहरे पर ग्लो तो है पर उनकी माँग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र नहीं है।

संसद में पूरा कुर्ता ऊपर और हाथ से खुजा रहे थे चौधरी जमील, ‘धोनी-कनेक्शन’ वाली हिरोइन ने कहा – सांड मत बनो

पाकिस्तानी संसद में पिछले दिनों बहुत हंगामा रहा। एक सरकार गिरी, नई बनी भी। पीएम से लेकर मंत्रियों तक के चेहरे बदले। कुछ नहीं बदली तो वहाँ के सांसदों की तस्वीर और हरकतें। हरकतें ऐसी कि वहाँ की हिरोइनों तक को कमेंट करना पड़ रहा है।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) यानी पीएमएल-एन (PML-N) के एक सांसद हैं। नाम है – चौधरी जमील। इन्हीं का एक वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में वो पेट खुजा रहे हैं। हम सब भी खुजाते हैं, लेकिन कैसे और कहाँ खुजाते हैं… इसकी नई परिभाषा चौधरी जमील ने पेश की है।

पाकिस्तान नेशनल असेंबली मतलब वहाँ की संसद। संसद के अंदर चौधरी जमील एक सोफेनुमा कुर्सी पर बैठे हुए। बैठे-बैठे वो कुर्ता उठा कर, मोटे-भद्दे तोंद को नंगा करके खुजाने का आनंद लेते हैं। यही वीडियो वायरल हुआ है।

सांसद चौधरी जमील को लोग ‘इंसान’ बनने की सलाह दे रहे हैं। पाकिस्तान की एक हिरोइन हैं मथिरा। इन्होंने भी सलाह दी है – सांड नहीं बनने की। अब यह सलाह भी वायरल हो गई है।

मथिरा ने इंस्टाग्राम पर लिखा है:

“मुझे माफ कीजिए, मैं किसी का मजाक नहीं उड़ा रही। खुजली करना नॉर्मल है लेकिन इसे सुपर प्रोफेशनल जगह पर मत कीजिए। आप इंसान हैं… जानवर नहीं। ये वीडियो तो सच में… अल्लाह माफ करे… मैं किसी का मजाक नहीं बना रही लेकिन पब्लिक प्लेस में इस तरह की हरकत करने वाला शख्स जानवर की तरह है।”

इसके अलावा मथिरा ने इंस्टाग्राम वीडियो पर ही कॉमेंट बॉक्स बना कर उसमें लिखा है – “खुजली करना नॉर्मल है लेकिन इसे हमें मत दिखाओ कि कैसे करना है… इंसान बनो, सांड नहीं!”

मथिरा का धोनी कनेक्शन

महेंद्र सिंह धोनी की बहुत बड़ी फैन हैं माथिरा। वो इसलिए क्योंकि पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने जब इनको एक ही होटल में ठहरने के बावजूद ऑटोग्राफ नहीं दिया था तो धोनी ने नाराज मथिरा को स्पेशल ऑटोग्राफ देकर खुश कर दिया था।

मथिरा धोनी की इतनी बड़ी फैन हैं कि एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि भारत चाहे तो पूरा पाकिस्तान ले ले… लेकिन धोनी को दे दो।

मेरठ के गो तस्कर भाई (अकबर+सलमान) असम में ढेर: बांग्लादेश तक फैला रखा था गोमांस का कारोबार, ISI से भी कनेक्शन

मेरठ के अंतरराष्ट्रीय गो तस्कर भाई अकबर बंजारा और सलमान असम में हुई मुठभेड़ में मार गिराए गए हैं। दोनों को 13 अप्रैल को मेरठ पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद असम पुलिस इन्हें अपने साथ ले गई थी। अब खबर है कि इन दोनों गो-तस्करों की सोमवार देर रात गोली लगने से मौत हो गई है।

बताया जा रहा है कि सोमवार (18 अप्रैल 2022) रात दोनों ने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश। इसी दौरान मुठभेड़ में इन्हें गोली लगी। कुछ रिपोर्टस बता रही है कि बंजारा गैंग ने इन्हें छुड़ाने के लिए पुलिस वाहन पर हमला किया था। जवाबी में कार्रवाई में दोनों भाई को गोली लगी।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक अकबर बंजारा पर असम पुलिस ने 2 लाख रुपए का इनाम रखा हुआ था। असम पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हमला देर रात 1.30 बजे हुआ। दोनों आरोपितों को पुलिस जोमदुआर क्षेत्र में संकोश नदी के पास लेकर जा रही थी ताकि स्मगलिंग करने वाले रास्तों की पहचान हो सके। लेकिन तभी पुलिस वाहन पर गोलीबारी हुई। पुलिसकर्मी फौरन जवाबी कार्रवाई के लिए अपनी गाड़ी से निकले। असम पुलिस ने आरोपितों को पकड़ने के लिए 10-12 मिनट तक गोलीबारी की। इसी दौरान दोनों गो-तस्कर गोलीबारी का शिकार हो गए।

पुलिस जब तक उन्हें लेकर अस्पताल पहुँची तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मौके से एक-47, 2 मैग्जीन और 28 कारतूस बरामद हुए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनसार, असम पुलिस जब इन दो गो तस्कर भाइयों को रिमांड पर लेकर कोर्ट जा रही थी, तभी इन्होंने भागने की कोशिश की और पुलिस कार्रवाई में इनकी गोली लगने से मौत हो गई।

मेरठ पुलिस और असम पुलिस का बयान

मेरठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले मंगलवार को मेरठ में गो-हत्या के आरोप में तीन आरोपित पकड़े गए थे। इनके नाम अकबर, सलमान और शमीम थे। तीनों फलवाड़ा गाँव के रहने वाले थे। एसपी केशव कुमार बताते हैं कि बंजारा और उसके भाई सलमान को असम पुलिस अपने साथ 13 अप्रैल को लेकर गई थी।

असम पुलिस की टीम ने बताया कि ये दोनों असम के कोकराझर में पशु तस्करी के कई आरोपों में वांटेड थे। इनका धंधा कई राज्यों में गोमांस सप्लाई का था। इसके अलावा असम पुलिस अधिकारियों ने यह खुलासा भी किया है कि पशु तस्करी के सिंडिकेट का कनेक्शन बांग्लादेश स्थित कट्टरपंथी-आतंकवादी संगठन से है। गो-तस्करी से मिलने वाले पैसे का प्रयोग हवाला के जरिए देश विरोधी गतिविधियों में किया जा रहा था। रिपोर्ट के अनुसार गोमांस का इनका अवैध कारोबार बांग्लादेश तक फैला था। साथ ही पाकिस्तान की कुख्यात एजेंसी आईएसआई से भी इनके लिंक सामने आए हैं।