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जहाँगीरपुरी में बुलडोजर रुकवाने पहुँचीं वृंदा करात, सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने का दिया है निर्देश

सीपीएम की नेता वृंदा करात सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर जहाँगीरपुरी पहुँचीं हैं। उनका आरोप है कि शीर्ष अदालत ने सुबह के 10 बजकर 45 मिनट पर यथास्थिति बहाल रखने का आदेश दिया था। बावजूद इसके एनएमसीडी का कार्रवाई जारी है।

इससे पहले दिल्ली के जहाँगीरपुरी में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का काम शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई पर रोक लगा दी। शीर्ष अदालत ने यथास्थिति बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। यानी एनएमसीडी का जो एक्शन चल रहा था उसे अब रोक दिया गया है। जो अवैध निर्माण तोड़ दिए गए थे, उनके मलबे हटाए जा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। जमीयत ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाने की गुहार लगा रखी है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट राज्यों को यह आदेश दे कि अदालत की अनुमति के बिना किसी के घर या दुकानों को न गिराया जाए। याचिका में मुख्य रूप से केंद्र सरकार के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात का जिक्र है।

सुप्रीम कोर्ट की रोक से पहले जहाँगीरपुरी में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का काम बुधवार (20 अप्रैल 2022) को शुरू कर दिया गया था। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच एनडीएमसी बुलडोजर के जरिए अवैध कब्जों को हटा रही थी। दो दिनों तक यह अभियान चलना था। यह वही इलाका है जहाँ 16 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर निकाली गई हिंदुओं की शोभयात्रा पर हमला किया गया था।

इससे पहले जैसे ही जहाँगीरपुरी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने की बात सामने आई इलाके में हड़कंप मच गया था। लोग सुबह-सुबह अपना सामान समेटते नजर आए थे। अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने से पहले पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया था। एनडीएमसी ने नॉर्थ-वेस्ट डीसीपी को पत्र लिखकर इस कार्रवाई के दौरान इलाके में 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती की माँग की थी। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने कहा था कि एनडीएमसी को अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई गई है। हमारा फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। वहीं एनडीएमसी के मेयर राजा इकबाल सिंह ने कहा था कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई अन्य इलाकों में चलेगी। उनके मुताबिक प​हले भी इसके लिए सुरक्षा मुहैया कराने का आग्रह किया गया था। लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा नहीं हो पाया था। अब मेयर इकबाल सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की बात कही है।

गौरतलब है कि दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर जो हिंसा हुई उसके बाद से स्थानीय लगातार दावा कर रहे थे कि जिस इलाके में ये सब हुआ वहाँ बांग्लादेशी मुस्लिम गुंडई करते हैं। अधिकांश लोगों ने अपने बयान में बांग्लादेशी शब्द का प्रयोग किया और बताया कि कैसे यहाँ पर अपराधों को अंजाम दिया जाता रहा है। कुछ लोगों ने तो शिकायत ये भी की थी कि वो हिंदुस्तानी होकर हिंदुस्तान में अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। उनका और उनकी बहन-बेटियों का जीना मुश्किल कर दिया गया है।

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में काम पर लगा बुलडोजर, ध्वस्त किए जा रहे अवैध निर्माण: चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, देखिए Video

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का काम बुधवार (20 अप्रैल 2022) को शुरू कर दिया गया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच एनडीएमसी बुलडोजर के जरिए अवैध कब्जों को हटा रही है। दो दिनों तक यह अभियान चलेगा। यह वही इलाका है जहाँ 16 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर निकाली गई हिंदुओं की शोभयात्रा पर हमला किया गया था।

इससे पहले जैसे ही जहाँगीरपुरी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने की बात सामने आई इलाके में हड़कंप मच गया था। लोग सुबह-सुबह अपना सामान समेटते नजर आए थे। अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने से पहले पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया था। एनडीएमसी ने नॉर्थ-वेस्ट डीसीपी को पत्र लिखकर इस कार्रवाई के दौरान इलाके में 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती की माँग की थी। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने कहा था कि एनडीएमसी को अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई गई है। हमारा फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है। वहीं एनडीएमसी के मेयर राजा इकबाल सिंह ने कहा है कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई अन्य इलाकों में चलेगी। उनके मुताबिक प​हले भी इसके लिए सुरक्षा मुहैया कराने का आग्रह किया गया था। लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा नहीं हो पाया था।

NDMC सिविल लाइंस जोन के सहायक आयुक्त ने डीसीपी को लिखे पत्र में कहा था, “आपसे 20 अप्रैल और 21 अप्रैल को (सुबह 9.30 बजे से) अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला पुलिस/बाहरी बल सहित कम से कम 400 पुलिसकर्मियों को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाता है।” मेयर राजा इकबाल सिंह ने इस बाबत बताया था, “जहाँगीरपुरी की सरकारी जमीन से अतिक्रण और अवैध निर्माण को उत्तरी एमसीडी द्वारा आज 20 अप्रैल को हटाया जाएगा। इलाके में किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए और हाल की हिंसा के मद्देनजर हमने पुलिस बल तैनाती की माँग की है।”

गौरतलब है कि दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर जो हिंसा हुई उसके बाद से स्थानीय लगातार दावा कर रहे थे कि जिस इलाके में ये सब हुआ वहाँ बांग्लादेशी मुस्लिम गुंडई करते हैं। अधिकांश लोगों ने अपने बयान में बांग्लादेशी शब्द का प्रयोग किया और बताया कि कैसे यहाँ पर अपराधों को अंजाम दिया जाता रहा है। कुछ लोगों ने तो शिकायत ये भी की थी कि वो हिंदुस्तानी होकर हिंदुस्तान में अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। उनका और उनकी बहन-बेटियों का जीना मुश्किल कर दिया गया है।

‘सुबह-सुबह पंजाब पुलिस पधारी है’: कुमार विश्वास ने भगवंत मान को चेताया, कहा- केजरीवाल एक दिन तुम्हें और पंजाब को देगा धोखा

कवि कुमार विश्वास के घर पंजाब पुलिस के पहुँचने की खबर है। उन्होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। ट्वीट में कहा है, “सुबह-सुबह पंजाब पुलिस द्वार पर पधारी है। एक समय, मेरे द्वारा ही पार्टी में शामिल कराए गए भगवंत मान को आगाह कर रहा हूँ कि तुम, दिल्ली में बैठे जिस आदमी को, पंजाब के लोगों की दी हुई ताकत से खेलने दे रहे हो वो एक दिन तुम्हें व पंजाब को भी धोखा देगा। देश मेरी चेतावनी याद रखे।”

हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि किस कारण से पंजाब पुलिस उनके घर गई है। आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में रहे कुमार विश्वास ने पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री व AAP मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया था। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने केजरीवाल पर अलगावादियों के सम​र्थन का आरोप लगाया था। दावा किया था कि एक बार केजरीवाल ने उनसे कहा था कि या तो वे पंजाब के मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर स्वतंत्र देश (खालिस्तान) के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे।

आप छोड़ने से पहले कुमार विश्वास की केजरीवाल से काफी करीबी रही थी। वे पंजाब में भी पार्टी के लिए सक्रिय रहे थे। 16 फरवरी 2022 को एएनआई से बातचीत में कुमार विश्वास ने पंजाब विधानसभा चुनाव में केजरीवाल के प्रचार पर चर्चा करते हुए कहा था कि उन्हें समझने की जरूरत है कि पंजाब एक राज्य नहीं। पंजाब एक भावना है। पंजाबियत पूरी दुनिया में एक भावना है। उन्होंने कहा था, “ऐसे में एक ऐसा आदमी जिसे पिछले चुनाव में मैंने ये सुझाव दिया था कि अलगाववादी तत्वों का समर्थन न लें, जो कि पिछले चुनाव में अलगाववादियों से मिला हुआ था। लेकिन, उसने कहा था कि नहीं-नहीं हो जाएगा चिंता मत करो। जब मैंने उससे पूछा कि वो कैसे करेगा तो उसने इसका फॉर्मूला भी बताया था कि भगवंत मान और फुलका को लड़वा दूँगा। आज भी वो उसी रास्ते में हैं। नहीं भी होगा तो सरकार को कंट्रोल करने के लिए कोई न कोई कठपुतली बैठा लेगा।”

इस बयान के बाद कुमार विश्वास पर आप हमलावर हो गई थी। पार्टी ने मीडिया को भी धमकी दी थी। आप नेता राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने कहा था कि अगर कोई कुमार विश्वास के बयानों को छापता है या दिखाता है तो AAP उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी। चड्ढा ने दावा किया था कि इस तरह के बयान केजरीवाल को बदनाम करने की नीयत से दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा था, “कुमार विश्वास फर्जी और मनगढ़ंत वीडियो के जरिए अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने और उनका मजाक उड़ाने के लिए उक्त वीडियो प्रसारित/प्रकाशित कर रहे हैं। कुमार विश्वास ने जो भी बयान दिए हैं वो सभी दुर्भावनापूर्ण, निराधार, मनगढ़ंत और भड़काऊ हैं।” मीडिया को धमकाते हुए कहा था, “अगर कोई चैनल इसे प्रकाशित/प्रसारित करता है या उसे प्रसारित करने के लिए मंच प्रदान करता है तो हमें कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिसमें उसे उकसाने/सहायता करने के अपराध शामिल होंगे।”

गौरतलब है कि हालिया पंजाब विधानसभा चुनावों में आप ने जबर्दस्त जीत हासिल की है। भगवंत मान के नेतृत्व में पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही केजरीवाल पर इसको कंट्रोल करने के आरोप लग रहे हैं।

जहाँगीरपुरी में बुलडोजर चलने से पहले हड़कंप, समान समेटने में लगे कब्जाधारी: पुलिस का मार्च, भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव के दिन दंगाइयों द्वारा जो हिंसा भड़काई गई, उसके बाद अब दिल्ली के नगर निगम ने इलाके से अतिक्रमण हटाने का फैसला किया है। ये कार्रवाई 20-21 अप्रैल को इलाके में होने जा रही है। इससे पहले इलाके में सैंकड़ों सुरक्षाकर्मी तैनात हो गए हैं। वहीं अतिक्रमण करने वाले अपना सामान समेटने लगे हैं। जहाँ कचरा इकट्ठा होता था, वो इलाका भी साफ हो रहा है।

मालूम हो कि बीते दिनों जो हिंसा इलाके में हुई उसे देखते हुए एमसीडी ने नॉर्थ वेस्ट डीसीपी को पत्र लिखकर इलाके में 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती की माँग की थी, ताकि कार्रवाई के दौरान स्थिति संभाली जा सके।

NDMC सिविल लाइंस जोन के सहायक आयुक्त ने डीसीपी को लिखे पत्र में कहा, “आपसे 20 अप्रैल या 21 अप्रैल को (सुबह 9.30 बजे से) अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिला पुलिस/बाहरी बल सहित कम से कम 400 पुलिसकर्मियों को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाता है।”

उत्तरी दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने इस बाबत बताया, “जहाँगीरपुरी की सरकारी जमीन से अतिक्रण और अवैध निर्माण को उत्तरी एमसीडी द्वारा आज 20 अप्रैल को हटाया जाएगा। इलाके में किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए और हाल की हिंसा के मद्देनजर हमने पुलिस बल तैनाती की माँग की है।”

राजा इकबाल सिंह ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए जानकारी दी, “हमारे दिल्ली भाजपा प्रमुख आदेश गुप्ता ने नॉर्थ एमसीडी को पत्र लिखा था कि जहाँगीरपुरी में ‘शोभा यात्रा’ की घटना के असामाजिक तत्वों (आरोपितों) द्वारा जो सरकारी संपत्ति पर अवैध अतिक्रमण है, खाली किया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।”

बता दें कि जहाँगीरपुरी में अतिक्रण हटाए जाने की घोषणा होने के बाद अतिक्रमण वाले इलाके में साफ-सफाई का काम देखने को मिला। जहाँ कचरा इकट्ठा होता था वहाँ से लोग कचरा हटाते दिखे। वहीं दूसरी ओर ये अभियान शुरू होने से पहले कई सुरक्षाकर्मी जहाँगीरपुरी पहुँच चुके हैं। एक वीडियो सामने आई है जिसमें सुरक्षाकर्मी इलाके में आते दिख रहे हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर जो हिंसा हुई उसके बाद से स्थानीय लगातार दावा कर रहे थे कि जिस इलाके में ये सब हुआ वहाँ बांग्लादेशी मुस्लिम गुंडई करते हैं। अधिकांश लोगों ने अपने बयान में बांग्लादेशी शब्द का प्रयोग किया और बताया कि कैसे यहाँ पर अपराधों को अंजाम दिया जाता रहा है। कुछ लोगों ने तो शिकायत ये भी की थी कि वो हिंदुस्तानी होकर हिंदुस्तान में अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। उनका और उनकी बहन-बेटियों का जीना मुश्किल कर दिया गया है।

जुए का रैकेट, महिलाओं से छेड़छाड़, पुलिस पर हमला: पुराना अपराधी है जहाँगीरपुर का दंगाई अंसार, BMW कार, गहनों और शराब का शौक

हनुमान जयंती के मौके पर दिल्ली के जहाँगीरपुरी (Jahangirpuri Violence) में हुई बड़े पैमाने पर हिंसा को फैलाने के मुख्य आरोपित मोहम्मद अंसार का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसे इलाके के सबसे घटिया चरित्र वाले लोगों में शामिल किया गया है। उसके अपराध की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी, जब उसे आर्म्स एक्ट के तहत अवैध असलहा रखने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

35 वर्षीय अंसार को दिल्ली पुलिस हिंसा फैलाने के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में जब रविवार को पुलिस उसे कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी तो उसने फिल्म पुष्पा का ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ वाला इशारा कर कानून का माखौल उड़ाया। इसके बाद सोमवार को बीएमडब्ल्यू के साथ शराब की बोतलें और गहनों से सजी उसकी तस्वीरें सामने आईं। उसके आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता होने की भी खबरें सामने आईं। हालाँकि अभी तक दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

अंसार पर पुलिस के डोजियर में कहा गया है कि वह इलाके में अवैध शराब और जुआ रैकेट चलाता है और कई मौकों पर उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। 2009 में आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। 2013 में नशे की हालत में एक महिला के घर में घुसने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था। मामले में उसके खिलाफ महिला को चोट पहुँचाने धमकी देने और महिला की शील भंग करने का मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने टीओआई को बताया कि अंसार जुएँ के सर्किट के तौर पर कुख्यात था। एक पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया, “वह एक आयोजक होने के साथ-साथ एक प्रतिभागी भी है। उसके खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत 2011 और 2019 में गैंबलिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा उसके खिलाफ साल 2018 में पुलिस अधिकारी पर हमला करने के आरोप गिरफ्तार किया गया था। अंसार के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल) और 186 (किसी भी लोक सेवक को स्वेच्छा से बाधित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इतना ही नहीं जहाँगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपित अंसार के लंबे आपराधिक इतिहास को देखते हुए भी पुलिस ने उसे कई बार एहतियातन हिरासत में लिया गया था।

‘एक ही FIR में पीड़ितों-आरोपितों को बुक कर दिया, ओवैसी के दबाव में हिन्दुओं की गिरफ़्तारी’: हिन्दू पक्ष के वकील ने दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में शनिवार को शोभायात्रा के दौरान दो पक्षों में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। इसमें 9 लोग घायल हो गए थे। वहीं इस मामले में हिंदू पीड़ितों (दिल्ली पुलिस की FIR के अनुसार आरोपितों) को कानूनी सहायता देने वाले रोहिणी कोर्ट के अधिवक्ता अरविंद मिश्रा से ऑपइंडिया ने बात की।

अधिवक्ता अरविंद मिश्रा ने ऑपइंडिया को बताया, “मैं उसी क्षेत्र का निवासी हूँ, और जो लोग उनकी तरफ से हिन्दू आरोपित वह मेरी नजर में विक्टिम हैं, उनकी ओर से जो वकील उपस्थित हुए थे उसमें से एक मैं भी हूँ। उन्होंने आगे बताया कि हिन्दू आरोपितों में जिसमें चार बड़े है और एक नाबालिग। मैं उनका मामला देख रहा हूँ। जिन्हें रोहिणी कोर्ट में जज ऋचा शर्मा के सामने पेश किया गया था और उन्हें जुडिशल कस्टडी में भेज दिया गया है। जेल गए लोगों में सुजीत, सुखेन, नीरज, सूरज और नाबालिक अमन का नाम है। जबकि सुरेश सरकार को छोड़ दिया गया है।

वहीं दूसरे पक्ष से अंसार और सलीम चिकना के पुलिस कस्टडी और बाकी के जुडिशल कस्टडी की बात उन्होंने ऑपइंडिया को बताई।

जब हमने उनसे इस मामले में और विस्तार से जानना चाहा तो अधिवक्ता अरविन्द मिश्रा ने पुलिस के रवैए को गैरव्यवसायिक और बायस्ड कहा। उन्होंने आगे बताया, दिल्ली पुलिस की ओर से जो FIR की गई है। उसमें एक ही FIR में विक्टिम और आरोपित दोनों को बुक कर दिया गया है। हालाँकि यह क्रॉस FIR होती तो ज्यादा अच्छा होता। पुलिस ने क्रॉस FIR न करके दोनों पक्षों को एक ही FIR में बुक किया है। ऐसे में जिसने गोली चलाई, वो भी धारा 307 का आरोपित है और जिसके ऊपर गोली चली, वो भी 307 का आरोपित है। अब इसे कैसे प्रोफेशनल तरीका कहा जाए।

उन्होंने कहा कि जब इस तरह का सिस्टम है कि आरोपित और विक्टिम को एक ही FIR में, एक ही धारा में बुक किया गया है। जिस पर उन्होंने चिंता व्यक्त की। वहीं घटना के बारें में बताते हुए कहा, “जैसे ही शोभायात्रा मस्जिद के सामने पहुँची सैकड़ों की संख्या में महिलाओं-बच्चों पत्थरों आदि से हमला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बियर की बोतले फेंकी गईं। हिन्दुओं की यात्रा पर गोली चली है जो दिल्ली पुलिस के जवानों को भी लगी है। फिर भी हिन्दुओं को गिरफ्तार किया गया।

रोहिणी कोर्ट के अधिवक्ता अरविंद मिश्रा के अनुसार, “गोली चलाने वाला सोनू चिकना पकड़ा गया, अपराध में शामिल हथियार भी मिल गया, लेकिन हिंदुओं को भी धारा 307 का आरोपित बना दिया गया। जबकि दिल्ली पुलिस को अभी तक हिंदू आरोपितों के पास से अपराध में शामिल कोई भी हथियार नहीं मिला है।”

उनका कहना है कि पुलिस ओवैसी के दबाव में आकर हिन्दुओं की गिरफ्तारी की, क्योंकि ओवैसी ने कहा कि केवल मुस्लिमों की गिरफ्तारी हो रही है। ऐसे में पुलिस के ऊपर जहाँ से भी दबाव आया हो उसके बाद गिरफ्तारियाँ हो रही हैं। यह बैलेंस करने की कोशिश है।

वहीं शांति वार्ता पर अधिवक्ता अरविंद मिश्रा ने कहा कि सब घटना के बाद किया जा रहा है। हमलावर और पीड़ित एक ही FIR में बुक होने के कारण कोर्ट से अंततः फायदा आरोपितों (गोली चलाने वालों, दंगा करने वालों) को ही मिलेगा।

उन्होंने बताया कि जिन हिन्दुओं को पकड़ा गया है वो तो पत्थरों-बोतलों के हमलों के बीच रथ को खींचकर बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। जिसे हमलावर मुस्लिम अटैक करके अपवित्र कर देते।

जहाँगीरपुरी हिंसा में 14 गिरफ्तार

गौरतलब है कि जहाँगीरपुरी हिंसा में अब तक 14 लोग गिरफ्तार हुए हैं और इनकी पेशी रोहिणी कोर्ट में हुई है। कोर्ट ने अंसार और असलम को पुलिस हिरासत में भेजा है बाकी 12 न्यायिक हिरासत में रहेंगे। कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने अंसार और असलम को लेकर कहा कि ये लोग शोभा यात्रा के बारे में पहले से जानते थे और इसीलिए इन्होंने साजिश रची। पुलिस ने बताया कि उन्होंने सीसीटीवी देखकर इस केस के संबंधित आरोपितों को पकड़ा है।

अंसार, सलीम, इमाम, दिलशाद और अहीद: जहाँगीरपुरी के 5 दंगाइयों पर NSA के तहत होगी कार्रवाई, अमित शाह की स्थिति पर नजर

दिल्ली पुलिस ने जहाँगीरपुरी हिंसा के दंगाइयों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पाँच आरोपितों पर कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाँचों को सख्त आतंकवाद विरोधी कानून के तहत आरोपित किया गया है, जो सरकार को किसी व्यक्ति को बिना औपचारिक आरोपों के महीनों तक हिरासत में रखने का अधिकार देता है। इन पाँच आरोपितों में सोनू शेख, जिसने भीड़ पर गोलियाँ चलाई थीं। अंसार, जो हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता है। इसके अलावा सलीम, दिलशाद और अहीर शामिल हैं।

हनुमान जयंती पर दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में हुई हिंसा के बाद से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यहाँ पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने सोमवार को दिल्ली पुलिस के आयुक्त राकेश अस्थाना और स्पेशल सीपी को फोन करके जहाँगीरपुरी हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। अमित शाह के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस इस हिंसा में अब तक कुछ नाबालिगों सहित 27 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

गौरतलब है कि दिल्ली के जहाँगीरपुरी इलाके में 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर शोभा यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी। पुलिस के मुताबिक, कुछ उपद्रवियों ने यहाँ पथराव किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इसके बाद हुई हिंसा में आम नागरिकों समेत कई पुलिस कर्मी घायल हो गए थे। ऐसी खबरें हैं कि शोभा यात्रा में तलवारें और हथियार भी लहराए गए थे।

बता दें कि इस मामले में लगातार कार्रवाई करते हुए सोमवार (अप्रैल 18, 2022) को दिल्ली पुलिस ने गोली चलाने वाले युनूस सोनू को गिरफ्तार किया था और उसके बाद खबर आई थी कि एक शेख हामिद नाम का व्यक्ति भी पकड़ा गया है।

शाहरुख़ खान और तापसी पन्नू के साथ नई फिल्म बनाएँगे राजकुमार हिरानी, ‘Dunki’ होगा नाम: बोले SRK – सेट पर ही रहने लगूँगा

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Shahrukh Khan) ने अपनी आगामी फिल्म Dunki का ऐलान कर दिय़ा है। उनकी नई फिल्म राजकुमार हिरानी (Rajkumar Hirani) के निर्देशन में बनने जा रही है। फिल्म का ऐलान करते हुए एक्टर ने हिरानी को शांता क्लॉज बताया। साथ ही फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान भी किया। राजकुमार हिरानी के साथ ये उनकी पहली फिल्म होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म में शाहरुख खान के साथ ही तापसी पन्नू भी होंगी। अपनी नई फिल्म का ऐलान करते हुए एक्टर ने ट्विटर के जरिए कहा, “प्रिय राजकुमार हिरानी सर आप तो मेरे शांता क्लाज निकले। आप शुरू करो, मैं समय पर पहुँच जाऊँगा। असल में मैं तो सेट पर ही रहने लगूँगा। आखिरकार आपके साथ काम करने के लिए उत्साहित महसूस कर रहा हूँ। 22 दिसंबर 2023 को सिनेमाघरों में आप सभी के लिए #Dunki ला रहा हूँ।”

इसके साथ ही शाहरुख ने एक वीडियो का लिंक भी पेस्ट किया। वीडियो में वो राजकुमार हिरानी की फिल्मों के पोस्टर को देखकर कहते हैं कि क्या फिल्में हैं। संजू में रणबीर कपूर, पीके में आमिर खान, मुन्नाभाई के रूप में संजू बाबा। वाओ सर कमाल है सर। मेरे लिए भी कुछ ऐसा है क्या? शाहरुख खान की बात सुनकर हिरानी कहते हैं कि एक स्क्रिप्ट है मेरे पास। इस पर एक्टर ने पूछा कि क्या उसमें कॉमेडी, भावनात्मक जुड़ाव और रोमांस है। इस पर डायरेक्टर हाँ करते हैं। इसके बाद एक्टर ने कहा कि डंकी या डॉन्की जो भी बना रहे हैं ले लो।

गौरतलब है कि इस फिल्म को राजकुमार हिरानी, अभिजात जोशी और कनिका ढिल्लों ने लिखा है। वहीं इसका निर्देशन राजकुमार हिरानी और गौरी खान करेंगे। इस फिल्म को लेकर राजकुमार हिरानी का कहना है कि वो शाहरुख खान हमेशा से उनकी इच्छा सूची में रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी साथ मिलकर काम करने की कोशिशें की थी, लेकिन अब जाकर हमारी किस्मत में ‘Dunki’ थी।

जहाँगीरपुरी के दंगाई अंसार का केस लड़ेगा जमीयत, बताया ‘सामाजिक कार्यकर्ता’: कहा – धार्मिक जुलूस में शामिल थे अराजक तत्व

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने जहाँगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपित अंसार का केस लड़ने का एलान किया है। स्थानीय लोगों ने जमीयत प्रतिनिधिमंडल को 14 लोगों की सूची और उनके आधार कार्ड दिए हैं, जिनको गिरफ्तार किया गया है। वहीं, उनके रिश्तेदारों ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद से न्याय की गुहार लगाई है। इस सम्बंध में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कानूनी मामलों के जानकार एडवोकेट और मौलाना नियाज अहमद फारूकी ने कहा, “जमीयत उलेमा-ए-हिंद पूरी ताकत से उनका केस लड़ेगी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद पहले से ही 2020 के दिल्ली दंगों के केस लड़ रही है, जिनमें वह 503 मामलों में जमानत दिलाने में सफल रही है, जबकि 160 केस ट्रायल पर लड़ रही है।”

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हुई हिंसा पर टिप्पणी करते हुए इसे कानून-व्यवस्था की विफलता करार दिया। मौलाना मदनी ने इस घटना की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कहा, “जाँच एजेंसियों को ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए और मूल मामले की तह तक पहुँचने का प्रयास करना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “इसके साथ ही उन लोगों और समूहों की धरपकड़ की जरूरत है, जो भड़काऊ नारे लगाते रहे और गैरकानूनी तरीके से हथियारों का प्रदर्शन करते रहे। जहाँगीरपुरी में सुबह से ही यह सभी गतिविधियाँ चल रही थीं, फिर भी पुलिस प्रशासन की लापरवाही और धार्मिक जुलूस में शामिल अराजक तत्वों पर काबू पाने में नाकामी निंदनीय है।”

ज्ञात हो कि मौलाना मदनी के निर्देश पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद का पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट मोहम्मद नूरुल्लाह के नेतृत्व में जहाँगीरपुरी पहुँचा और प्रभावित मस्जिद के इमाम साहब और सी ब्लॉक में रहने वाले मुस्लिमों से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल में उनके साथ जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मुख्यालय से मौलाना अज़ीमुल्लाह सिद्दीकी कासमी, मौलाना ग़य्यूर अहमद कासमी, कारी सईद अहमद और हाई कोर्ट के एडवोकेट अब्दुल गफ्फार शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मस्जिद के इमाम मौलाना शाहिद उस्मानी, स्थानीय नागरिक खलील अहमद, शेख अब्दुल कादिर, मोहम्मद जहाँगीर, मौलाना रमजान से विस्तृत तरीके से दिनभर की घटनाओं की जानकारी ली।

इन मुस्लिमों ने दावा किया, “शाम छह बजे से पहले दो बार मस्जिद के सामने भीड़ आई। स्थानीय लोगों के कहने पर उनका रूट बदल दिया गया। जब शाम को छह बजे तीसरी बार धार्मिक जुलूस हुसैन चौक होते हुए यहाँ पहुँचा तो यह ज्यादा उग्र हो गया। इसमें शामिल असमाजिक तत्वों ने मुसलमानों के खिलाफ नारे लगाए। विशेषकर “देश में रहना होगा, जय श्रीराम कहना होगा। लोगों ने हाथ जोड़कर उनको यहाँ से जाने के लिए कहा तो और अड़ गए और तलवार निकाल लिया, जिसके बाद दोनों तरफ से पथराव हुआ। बाद में पुलिस आई और दोनों पक्षों की भीड़ के बीच खड़ी हो गई। स्थानीय लोगों से जब पूछा गया कि क्या भीड़ मस्जिद में झंडा लगाना चाह रही थी तो उन्होंने कहा कि कुछ लोग मस्जिद के गेट पर झंडा लगाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह असफल रहे।”

इस दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने उन मुस्लिम परिवारों से भी मुलाकात की, जिनको पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें अंसार अहमद की बीवी से भी मुलाकात हुई। उन्होंने बताया, “उनके शौहर निर्दोष हैं और हिंदू-मुसलमान सभी के लिए भलाई के काम और सामाजिक कार्य करते हैं। अंसार को जमीयत ने ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ बताया। दावा किया, “उस दिन भी वह लोगों को समझाने गए थे। वह बहुत डरी हुई थीं और कह रही थीं कि उनको डर है कि पुलिस कहीं उनके 17 वर्षीय बेटे सोहैल को भी परेशान न करे।”

बता दें कि अंसार ही वही शख्स है, जिसने हनुमान जयंती के दिन शोभा यात्रा ले जा रहे लोगों के साथ झगड़़ा शुरू किया था। इसके बाद पथराव और फायरिंग की घटनाएँ हुई थीं। अंसार का आपराधिक इतिहास रहा है। इसके अलावा, दिल्ली के शाहीन बाग में CAA-NRC विरोधी आंदोलनों के दौरान भी उसकी भूमिका सामने आई थी।

BSF जवानों से मिले ‘RRR’ वाले राम चरण, खिलाया हैदराबाद का खाना: पत्नी ने स्वर्ण मंदिर में आयोजित की लंगर सेवा

आरआरआर (RRR) की बंपर सफलता के बाद अभिनेता राम चरण (Ram Charan) के सितारे बुलंदी पर हैं। इन दिनों वह अपनी आगामी फिल्म आरसी15 (RC 15) की शूटिंग के सिलसिले में अमृतसर में हैं। इस दौरान उन्होंने यहाँ बीएसएफ कैंप जाकर जवानों से मुलाकात की। अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम पर बीएसएफ जवानों के साथ एक फोटो भी पोस्ट की है। उन्होंने इस ​मुलाकात को प्रेरणादायक दोपहर बताते हुए लिखा, “अमृतसर के खासा में स्थित बीएसएफ कैंपस में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों के बलिदान और समर्पण की कहानियाँ सुनी। प्रेरणादायक दोपहर।”

अमृतसर के खासा में आरआरआर स्टार को देखकर जवान भी बेहद खुश हुए। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, राम चरण ने जवानों के लिए अपना पर्सनल शेफ हैदराबाद से बुलवाया था। उसने बीएसएफ की मेस में जवानों के लिए स्पेशल खाना बनाया था। जवान राम चरण के साथ वक्त बिताकर काफी खुश हुए।

यही नहीं, राम की पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला ने स्वर्ण मंदिर में 5 लाख रुपए के लंगर का आयोजन भी किया। उपासना ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मिस्टर सी ने लंगर सेवा का आयोजन किया। मुझे सेवा में भाग लेकर उनका प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य और अवसर मिला, इससे वास्तव में मेरी आत्मा तृप्त हो गई। वह (राम चरण) RC15 की शूटिंग में व्यस्त हैं। राम चरण और मैं आपके प्यार से धन्य महसूस कर रहे हैं और इसे हम विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं।”

बता दें कि राम चरण इन दिनों भगवान अयप्पा स्वामी का 41 दिनों का महाव्रत कर रहे हैं। यह दक्ष‍िण भारत की एक परंपरा है, जिसे अयप्‍पा दीक्षा (Ram Charan Ayyappa Deeksha) कहते हैं। 41 दिनों तक वह काले रंग के कपड़े पहने और नंगे पैर ही रहेंगे।