Home Blog Page 2824

एक साथ चला दी 26 ट्रॉली, 3 पहाड़ से टकराईं-2 नीचे गिरी… 2000 फीट की ऊँचाई पर चल रहा जिंदगी बचाने का ऑपरेशन

झारखंड के देवघर में त्रिकुट पहाड़ के रोपवे पर लोगों को बचाने का अभियान अभी भी जारी है। सेना, वायुसेना और NDRF ने मोर्चा संभाल रखा है। सोमवार (11 अप्रैल 2022) दोपहर 12 बजे दो MI-17 हेलिकॉप्टर की मदद से दोबारा रेस्क्यू शुरू किया गया। सेना के बयान के मुताबिक, सोमवार को आठ लोगों को निकाला गया। रविवार शाम हादसे (Jharkhand Trikoot Accident) के बाद तीन ट्रॉली पहाड़ से टकरा गई थी, जबकि दो नीचे गिर गई थी।

बताया जा रहा है कि अभी भी 40 लोग फँसे हुए हैं। आईटीबीपी के पीआरओ विवेक पांडे ने बताया, “12 ट्रॉलियों से 8 लोगों को बचा लिया गया है। करीब 40 लोग जो अभी भी फँसे हुए हैं, वे सभी सुरक्षित हैं। आज शाम तक हम रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लेंगे। फँसे हुए श्रद्धालुओं को ड्रोन के माध्यम से खाना और पानी दिया जा रहा है, लेकिन कुछ ट्रॉलियों तक हमारे लिए पहुँच पाना मुश्किल हो रहा है।”

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “मैं कल से स्थिति का जायजा ले रहा हूँ। हमने NDRF, IAF, विशेषज्ञों, कमांडो से मदद माँगी है। सोमवार सुबह से बचाव कार्य जारी है।” देवघर डीसी के मुताबिक, इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई है, वहीं एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। मामूली रूप से घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, भारतीय वायु सेना के अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है। झारखंड के देवघर जिले में दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में लगे हुए हैं। ट्रॉलियों में फँसे लोगों को निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि रविवार (10 अप्रैल 2022) को रामनवमी होने के कारण बड़ी संख्या में लोग त्रिकुट पहाड़ पहुँचे थे। पहाड़ पर बने मंदिर की तरफ एक साथ 26 ट्रॉलियाँ रवाना की गई थीं, जिससे रोपवे की तारों पर अचानक लोड बढ़ा और रोलर टूट गया। तीन ट्रॉलियाँ पहाड़ से टकरा गईं, वहीं दो नीचे गिर गईं। इनमें सवार 12 लोग जख्मी हो गए और दो लोगों की मौत हो गई। बाकी ट्रॉलियाँ आपस में टकराकर रुक गईं। फँसी हुई ट्रॉलियों में छोटे बच्चे और महिलाएँ भी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, लोगों को निकालने के लिए जैसे ही सेना ने हेलीकॉप्टर का सहारा लिया, वैसे ही पंखे की तेज हवा से ट्रॉलियाँ हिलने लगीं, इससे लोगों की जान पर बन आई। जिला कलेक्टर मंजूनाथ भैजंत्री ने बताया कि फिलहाल रोपवे बंद है। ट्रॉली के डिस्पेलस होने से दुर्घटना घटी है।

हादसे पर झारखंड के पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन ने कहा है कि रोपवे का संचालन कर रही दामोदर वैली कार्पोरेशन को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। रोलर कैसे टूटा, उसका मेंटेनेंस किस तरह हो रहा था, इन सब बिंदुओं की जाँच कराई जाएगी और इस तरह का हादसा फिर ना इसके लिए एक वैकल्पिक सड़क बनाई जाएगी।

हर साल हजारों लोग जाते हैं मंदिर

त्रिकुट पहाड़ पर त्रिकुटाचल महादेव मंदिर और ऋषि दयानंद का आश्रम है। हर साल हजारों लोग यहाँ मंदिर में दर्शन करने आते हैं। उनके आने जाने के लिए यहाँ एक रोपवे बनाया गया है। यह झारखंड का एकमात्र और बिहार झारखंड का सबसे ऊँचा रोपवे है। इस पर पहुँचने के लिए एक-एक ट्रॉली में 4-4 लोगों को बैठाकर ऊपर भेजा जाता है।

‘मैं हूँ जेहादी’: याकूब ने मुजफ्फरनगर के दुर्गा मंदिर में घुसकर की तोड़फोड़, हाल ही में पाकिस्तान से लौटा है

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक दुर्गा मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ किए जाने की खबर है। आरोपित याकूब को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। याकूब से मिली जानकारी के आधार पर फारुख नाम के एक अन्य आरोपित को भी गिरफ्तार किए जाने की बात कही जा रही है। हालॉंकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद से इलाके में काफी नाराजगी है। घटना सोमवार (11 अप्रैल 2022) की है।

जिस मंदिर में याकूब ने तोड़फोड़ की, वह तितावी थानाक्षेत्र के बघरा में स्थित है। मंदिर में अलग-अलग देवी देवताओं की मूर्तियाँ हैं। याकूब ने दुर्गा माँ की मूर्ति को निशाना बनाया। एक स्थानीय पोर्टल के मुताबिक घटना सुबह लगभग 8ः30 की है। मंदिर में घुसे याकूब ने दुर्गा माँ की मूर्ति को खंडित करने का प्रयास किया। जब मंदिर में मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की तब वह उनसे भी भिड़ गया और अभद्रता करने लगा। उसने पुजारी के साथ भी अभद्रता की।

शोर सुन कर आसपास के लोग जमा हो गए और उन्होंने याकूब की धुनाई कर पुलिस बुला ली। याकूब को भीड़ से निकाल कर पुलिस थाने ले गई। इस घटना से नाराज लोगों ने सड़क पर जाम लगाया। इस दौरान आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा देने की माँग की जा रही थी। जिले के बड़े अधिकारियों के पहुँचने और अन्य काफी प्रयासों के बाद पुलिस लोगों को सड़क से हटाने में सफल हो पाई।

बजरंग दल के स्थानीय पदाधिकारी अंकुर राणा ने ऑपइंडिया को बताया, “आज सुबह ही याकूब मंदिर में आया और वह तोड़फोड़ करने लगा। जब उसको पकड़ा गया तो पहले वो पागल बनने की कोशिश करने लगा। लेकिन बाद में जोर-जोर से चिल्ला कर बोला ‘मैं हूँ जेहादी’। याकूब ने पूछताछ में अपने साथी फारुख का भी नाम बताया है जो गिरफ्तार कर लिया गया है। याकूब कई देशों की मज़हबी यात्राएँ कर चुका है। हमने प्रशासन को एक ज्ञापन देकर आरोपितों पर NSA लगाने की माँग की है।”

पंजाब केसरी के स्थानीय पत्रकार विशाल प्रजापति का दावा है कि आरोपित याकूब कुछ समय पहले पाकिस्तान से लौट कर आया है। यह दावा उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से किया है, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी टैग किया है।

फ़िलहाल इस घटना को लेकर पुलिस की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऑपइंडिया ने इस संबंध में तितावी थाना प्रभारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन, उन्होंने किसी मीटिंग में व्यस्त होने का हवाला दे बाद में बात करने को कहा। जानकारी मिलते ही हम इस खबर को अपडेट करेंगे।

5 निकाह, एक बीवी के लिए तो हनी ब्रिज भी बनवाया: हर पिच पर इमरान खान से बीस हैं शहबाज शरीफ

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष इमरान खान (Imran Khan) की सत्ता से विदाई के बाद शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) का नाम चर्चा में है। पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए सोमवार (11 अप्रैल 2022) को नेशनल असेंबली की बैठक बुलाई गई है। पीटीआई के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी ने भी रविवार (10 अप्रैल 2022) को इसके लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था। लेकिन शरीफ का पीएम बनना तय माना जा रहा है।

कौन हैं शहबाज शरीफ?

शहबाज शरीफ पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के अध्यक्ष और पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं। वह 2018 से नेशनल असेंबली के सदस्य हैं और विपक्ष के नेता भी। शाहबाज वर्ष 2018 के चुनावों में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह पंजाब प्रांत के सबसे लंबे तक मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।

पाँच निकाह को लेकर भी चर्चा में रहे हैं शहबाज शरीफ

शहबाज शरीफ के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने 5 निकाह किए हैं। इनमें से कुछ को गुप्त रखा है। उनकी पहली बीवी का नाम बेगम नुसरत है। शरीफ ने अपनी कजिन बेगम नुसरत से 1973 में पहला निकाह किया। दोनों के 5 बच्चे हैं। नुसरत का 1993 में निधन हो गया था। इसके बाद शहबाज शरीफ ने दूसरा निकाह किया। दूसरी बीवी का नाम नरगिस खोसा बताया जाता है।

इसके अलावा यह भी बताया जाता है कि शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब में आलिया हनी से गुपचुप तरीके से निकाह किया था। काफी दिनों तक यह मामला दुनिया के सामने नहीं आया, लेकिन जब यह मामला सामने आया तो उन्होंने आलिया को तलाक दे दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी का घुड़सवार पुल जिसे हनी ब्रिज भी कहा जाता है, शरीफ ने आलिया हनी के घर पहुँचने के दौरान ट्रैफिक से बचने के लिए बनवाया था। तलाक के 6 महीने बाद आलिया हनी की मौत हो गई थी। आलिया से उनकी एक बेटी भी है, जिसका नाम खदीजा शरीफ है। शहबाज शरीफ ने इसके बाद 2003 में दुबई में तहमीना दुर्रानी से एक निजी समारोह में निकाह किया था। तहमीना दुर्रानी पहले से शादीशुदा थीं। उन्होंने शहबाज से पहले पूर्व सीएम और पंजाब के गवर्नर गुलाम मुस्तफा खार से निकाह किया था।

2012 में एक बार फिर शहबाज शरीफ अपने पाँचवे निकाह को लेकर चर्चा में आए। बताया गया था कि शहबाज ने पहले एक महिला को अपने शौहर को तलाक देने के लिए राजी किया, फिर उसके बाद उस महिला से निकाह किया, जो पंजाब में पुलिस अधिकारी थी। शहबाज की पाँचवी बीवी का नाम कलसूम हया बताया जाता है। शहबाज के परिवार ने इस निकाह को कभी भी नहीं स्वीकारा।

इमरान खान ने किए तीन निकाह

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद 43 साल की उम्र में इमरान खान ने 16 मई 1995 को ब्रिटिश समाजिक कार्यकर्ता जमीमा गोल्डस्मिथ से निकाह किया था। पहली पत्नी से इमरान के दो बच्चे हैं, 22 जून 2004 को दोनों का तलाक हो गया था। तलाक होने के 11 साल बाद इमरान की जिंदगी में दूसरी बीवी रेहम खान आईं। इमरान ने रेहम से 6 जनवरी 2015 को इस्लामाबाद में निकाह किया था, लेकिन यह निकाह भी ज्यादा वक्त नहीं चल सका। मात्र 9 महीने में ही दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद पाकिस्तान में आम चुनाव से कुछ महीने पहले 65 साल के इमरान खान ने अपनी अध्यात्मिक गुरु बुशरा बीबी से निकाह किया। यह उनका तीसरा निकाह था।

बुशरा के बारे में कहा जाता है कि शौहर की सरकार बचाने के लिए उन्होंने जादू-टोना भी किया था। बीते दिनों शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि इमरान खान के घर बनिगाला में जादू-टोना के लिए कई टन मुर्गे जलाए जा रहे हैं। शरीफ ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि लोग खाने के लिए मर रहे हैं, बच्चे दूध के लिए तरस रहे हैं, लेकिन बनिगला में जादू टोने के लिए मुर्गे जलाए जा रहे हैं।

‘हवन में डालेंगे हड्डी, तुम्हें फेल करवा देंगे’ : JNU में रामनवमी पूजा से भड़के वामपंथी-कट्टरपंथी, SFI अध्यक्ष की पत्थरबाजी करते वीडियो वायरल

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कल (10 मार्च 2022) एक बार फिर से लेफ्ट गुट और ABVP का आमना-सामना हुआ। मौका राम नवमी का था। वामपंथियों ने आरोप लगाया कि एबीवीपी ने उन्हें नॉन-वेज खाने से रोका और छात्रों ने इसका विरोध किया तो उनसे मारपीट की गई। वहीं लेफ्ट के दावे से उलट एबीवीपी सदस्यों ने कहा कि राम नवमी की पूजा होता देख लेफ्ट ने उनपर पहले हमला किया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए एबीवीपी की राष्ट्रीय महासचिव निधि त्रिपाठी ने बताया कि कल छात्रों ने कावेरी हॉस्टल में राम नवमी की पूजा का आयोजन किया था। हॉस्टल के मेस के अंदर इसी समय इफ्तार पार्टी चल रही थी और बाहर पूजा का आयोजन किया हुआ था। अच्छे से सारी चीज हो रही थीं। लेकिन ये सब वामपंथियों को रास नहीं आया। वो बाहर इकट्ठा हुए और जब छात्र पूजा करके बाहर निकलने लगे तो उन पर हमला कर दिया।

निधि के अनुसार, वामपंथियों का गुट उसी समय से राम नवमी पूजा का विरोध कर रहा था जबसे इस पूजा के पोस्टर छापे गए थे। हालाँकि, तमाम विरोध के बावजूद कल पूजा हुई जिसे देख वामपंथी बाहर इकट्ठा होना शुरू हो गए। निधि बताती हैं कि जब छात्र पूजा करके वापस मेस से होते हुए लौटे तो उन पर हमला किया गया। इस हमले में दिव्या नाम की छात्रा के हाथ में काँच की बोतल से मारा गया जिससे उसे चोटें आईं। रवि राज नाम का छात्र है वो भी पूजा से वापस आ रहा था तो उसके हाथ पर भी किसी धारदार हथियार से मारा गया जिसके कारण उसे 8 टांके आए हैं। महासचिव बताती हैं कि वामपंथियों ने एक दिव्यांग विद्यार्थी को भी मारा और उनके कपड़े भी फाड़े।

नॉन-वेज का विरोध करना होता तो हर हॉस्टल में करते: ABVP महासचिव

निधि ने बताया कि एबीवीपी की ओर से इस मामले में एफआईआर कर दी गई है। उन्होंने लेफ्ट द्वारा उठाए गए नॉन-वेज के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे लोग कह रहे हैं कि एबीवीपी ने नॉनवेज खाने से रोका जबकि सच ये है कि जेएनयू के कई हॉस्टल हैं जहाँ हर शुक्रवार वेज-नॉनवेज दोनों तरह की बिरयानी बनती हैं। उसके अलावा बुधवार और रविवार को नॉन वेज बनता ही बनता है। कल भी सारे हॉस्टल में नॉन वेज बना है। अगर एबीवीपी नवरात्रि में नॉनवेज का विरोध कर रही थी तो बाकी हॉस्टलों में भी किया जाता। कई हॉस्टल ऐसे हैं जहाँ एबीवीपी के प्रेसीडेंट हैं। अगर नवरात्रि में नॉन वेज का ही विरोध करना एजेंडा होता तो फिर बाकी हॉस्टल में ये क्यों बनने दिया जाता।

रामजन्मोत्सव का किया गया विरोध

निधि, वामपंथियों के दावों को खारिज करते हुए कहती हैं कि लेफ्ट वाले राम नवमी की पूजा में बाधा डालना चाहते थे। इस साल से पहले तक विजयदशमी के दौरान आने वाला नवरात्रि छात्रों द्वारा मनाया जाता था। मगर पहली बार था कि चैत्र में रामजन्मोत्सव के मौके पर पूजा आयोजित की गई हो। वामपंथी राम जन्मोत्सव की पूजा देख भड़के।

हवन में हड्डियाँ डालने की दी जा रही थी धमकी: ABVP JNU अध्यक्ष

वहीं जेएनयू में संगठन के अध्यक्ष रोहित कुमार ने इस संबंध में बताया, “वामपंथियों को पूजा से समस्या थी। वह नहीं चाहते थे कि ये आयोजन हो। इसे रद्द कराने के लिए कई प्रयास किए। हमें कहा गया कि हवन में हड्डी फेकेंगे और पूजा नहीं करने देंगें। इसके अलावा उन्होंने वार्डन को भी फर्जी पत्र लिखकर कहा कि वो हमें पूजा न करनें दे। हालाँकि, बाद में इस पत्र को डीन द्वारा खारिज कर दिया गया। रोहित के अनुसार, पूजा इन्हीं सबकी हरकतों के कारण 2 घंटे लेट हुई। वहाँ इस्कॉन सदस्य आए थे और कई अन्य भी। मगर, ये लोग चिल्लाते रहे कि राम नवमी की पूजा नहीं हो सकती क्योंकि ये सेकुलर जगह है। हमने पूछा सेकुलर है तो इफ्तार क्यों हो रहा है। छात्रों का पैसा इस पर नहीं खर्च होना चाहिए।” रोहित ने उस वीडियो का खंडन किया जिसे लेफ्ट ये कहकर शेयर कर रहा है कि एबीवीपी ने उन्हें मीट खाने से रोका। विडियो तब की है जब उत्सव में बाधा डालने के लिए एबीवीपी सदस्यों ने उनका विरोध किया था।

वामपंथियों के लिए नॉन-वेज न मिल पाना है मुद्दा, ABVP पर मढ़ा हिंसा का आरोप

बता दें कि राम नवमी के अवसर पर जेएनयू में भड़की हिंसा के बाद दोनों ही पक्षों की ओर से वीडियो साझा करके एक दूसरे पर इल्जाम लगाए जा रहे हैं। लेफ्ट पक्ष का कहना है कि एबीवीपी वालों ने मेस में नॉन वेज बनने से रोका और विक्रेता के साथ भी बदसलूकी हुई। जैसे ही उनके समूह को इसकी सूचना मिली, उन्होंने इस संबंध में शिकायत भी दी। जेएनयूएसयू, एसएफआई, डीएसएफ और आइसा की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एबीवीपी के छात्रों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 323, 341, 509, 506 और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

SFI नेता कर रहे थे पूजा में शामिल होने वालों पर पत्थरबाजी: दावा

इस बीच एबीवीपी ने भी अपनी ओर शिकायत दे दी है। उन्होंने कुछ वीडियोज को साझा किया है जिन्हें लेकर उनका दावा है कि उसमें एसएफआई अध्यक्ष खुद पूजा करके वापस आने वाले छात्रों पर पत्थर बरसा रहे हैं। इसी तरह AISA कार्यकर्ता भी पीली शर्ट में लड़ते-झगड़ते देखे जा सकते हैं।

‘लड़की हो या दिव्यांग… वामपंथियों ने सबको मारा’

घायल छात्रों में दिव्या है- जिनका कहना है कि वो कावेरी हॉस्टल की पूजा में शामिल होने गई थीं। मगर जब वापस आने लगीं तब वामपंथियों ने उन पर काँच से अटैक किया। हाथ में इतनी तेजी लगी कि समझ भी नहीं आया कि ये सब क्यों किया जा रहा है। वह कहती हैं कि हिंसा के दौरान लेफ्ट वालों ने लड़कियों को गंदी-गंदी गालियाँ दी। एक दिव्यांग छात्र की वीडियो सामने आई है। इसमें वे बता रहे हैं कि उन्होंने वामपंथियों के आगे हाथ जोड़े मगर उनकी किसी ने नहीं सुनी। उन्हें बहुत मारा गया।

रवि राज ने बताया कि वो कल 8 बजे अपने दोस्त के पास हॉस्टल गए थे। जब डाइनिंग हॉल से गुजरे तो कुछ लोग नारेबाजी कर रहे थे कि हॉस्टल में रामनवमी पूजा कैसे हो सकती है। उन्होंने उन लोगों की पहचान करने को भी कहा जो पूजा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने रवि को देखा और उनके सीधे पर चाकू से हमला किया। साथ ही धमकी दी कि वो अपने प्रोफेसर से रवि को फेस करके यूनिवर्सिटी से निकालने को कहेंगे।

इस पूरी हिंसा के विरोध में एबीवीपी ने कल एक मार्च किया था। एबीवीपी ने कहा कि लेफ्ट के नक्सली कार्यकर्ताओं द्वारा चारों तरफ से हमले सहने एवं कई कार्यकर्ताओं के लहूलुहान होने के बाद भी उनका हौसला नहीं टूटेगा।

खरगोन में पहले से जमा कर रखे थे पत्थर और पेट्रोल बम, बोले MP के गृह मंत्री- जिन घरों से पत्थर आए हैं, उन घरों को पत्थर का ढेर बनाएँगे

रामनवमी के मौके पर निकली शोभायात्रा को देश में कई जगहों पर निशाना बनाया गया। गुजरात, झारखंड से लेकर पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश तक से हिंसा की घटनाएँ सामने आई। मध्य प्रदेश के खरगोन में रविवार (10 अप्रैल 2022) को रामनवमी जुलूस पर पथराव किया गया। 30 से ज्यादा दुकानों और मकानों में आग लगा दी गई और मंदिरों में भी तोड़फोड़ की गई।

बताया गया कि मुस्लिम भीड़ को रामनवमी जुलूस में बज रहे डीजे से आपत्ति थी। हालाँकि दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना अचानक नहीं घटी। यह पूर्व नियोजित हमला था। उपद्रवियों ने पहले से ही छतों पर पत्थर और पेट्रोल बम जमा कर रखे थे। एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया। शाम में हुए हमले के बाद शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया। इसके बाद रात के लगभग 12 बजे एक बार फिर से हिंसा भड़की और कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया। कई घरों में लूटपाट की गई। इसके बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

जानकारी के मुताबिक हिंसा में 10 पुलिसकर्मी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। टीआई बनवारी मंडलोई, SP सिद्धार्थ चौधरी के अलावा 6 और पुलिसकर्मी के भी घायल होने की खबर है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 77 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मामले पर ट्वीट करते हुए कहा, “खरगोन के गुनहगारों से सख्ती से निबटा जाएगा। वहाँ जिन घरों से पत्थर आए हैं, उन घरों को पत्थर का ढेर बनाएँगे। मध्य प्रदेश में कानून का राज है और सांप्रदायिक सौहार्द को किसी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वहाँ पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल मौजूद हैं। फिलहाल शांति है। दंगाइयों को लगातार चिन्हित किया जा रहा है। 77 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कर्फ्यू अभी भी लगा हुआ है।”

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “रामनवमी पूरे प्रदेश में अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाई गई। लेकिन खरगोन में दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। दंगाई छोड़े नहीं जाएँगे। कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मध्यप्रदेश की धरती पर दंगाइयों के लिए कोई स्थान नहीं है। कार्रवाई का मतलब केवल जेल भेजना नहीं है। जिन्होंने पत्थर चलाए है, संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया है उनको दंडित तो किया ही जाएगा, साथ ही नुकसान का आकलन कर उसकी वसूली भी उनसे की जाएगी। हम किसी भी दंगाई को छोड़ेंगे नहीं।”

गौरतलब है कि खरगोन में हर साल रामनवमी के मौके पर तालाब क्षेत्र से शोभा यात्रा निकाले जाने की परंपरा रही है। इस साल भी बड़ी तैयारी के साथ दोपहर 3 बजे ये शुरू हुआ। मुख्य झाँकी को दांगी मोहल्ले में ही खड़ा कर रामनवमी की शोभा यात्रा रोकनी पड़ी। फायर फाइटर का कांच तोड़ दिया गया। बिजली ट्रांसफर्मरों को आग के हवाले किया गया। बताया जा रहा है कि 7 साल पहले खरगोन में हुए दंगे में भी इसी तरह से भारी संख्या में घरों की छतों पर पत्थर मिले थे।

फिर ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर बिदके शरद पवार, कहा- यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता में बैठे लोगों ने इस फिल्म का प्रचार किया

बॉलीवुड फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का झूठा प्रोपेगेंडा करार देने के बाद अब राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने रविवार (10 अप्रैल 2022) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पर बात करते हुए कहा, “एक शख्स ने फिल्म (द कश्मीर फाइल्स) बनाई। इस फिल्म में हिंदुओं पर हमला होते दिखाया गया है। यह फिल्म दिखाता है कि बहुसंख्यक हमेशा अल्पसंख्यक पर हमला करते हैं और जब वह बहुसंख्यक मुस्लिम होता है तो हिंदू समुदाय असुरक्षित हो जाता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता में बैठे लोगों ने इस फिल्म का प्रचार किया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आधार पर समाज में दरार पैदा करने की कोशिश की जा रही है। पवार ने कहा, “हिंदुओं और मुस्लिमों, दलितों और गैर-दलितों के बीच कुछ हलकों में दरार पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। हमें इसकी जाँच करनी चाहिए।” उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश करार देते हुए देश में पैदा हो रही सांप्रदायिक स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। पवार ने कहा, “भाजपा कश्मीरी पंडितों पर हमलों की जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती। हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच दरार पैदा की जा रही है जो एक बहुत ही चिंताजनक बात है। इसलिए, जो लोग समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा करने में विश्वास करते हैं, उन्हें एक साथ आना चाहिए। NCP लोगों को जाति और धर्म के आधार पर बाँटने की कोशिश करने वालों के खिलाफ संघर्ष करने को तैयार है।”

गौरतलब है कि इससे पहले शरद पवार ने दिल्ली प्रदेश NCP के अल्पसंख्यक विभाग के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि भाजपा फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ के जरिए घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर झूठा प्रचार कर देश में जहरीला माहौल बनाने का काम कर रही है। पवार ने कहा था कि ऐसी फिल्मों के प्रदर्शन की मँजूरी नहीं दी जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने इसे टैक्स फ्री कर दिया। जिन लोगों के पास देश को एक रखने की जिम्मेदारी है, वही लोगों को ऐसी फिल्म देखने को कह रहे हैं ताकि लोगों में गुस्सा भड़के। 

बता दें कि यह वही शरद पवार हैं, जिन्होंने 1993 में मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों पर पर्दा डालने का काम किया था। उन्होंने इस्लामी आतंकियों को बचाने के लिए बम को ‘साउथ इंडियन आतंकियों’ वाला भी बताया था। उस समय वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। उन्होंने मुंबई में हुए 12 ब्लास्ट के बाद 13वें ब्लास्ट की कहानी गढ़ी थी। कहा था कि एक धमाका मस्जिद बंदर में भी हुआ है, जबकि असली धमाके ​हिंदू बहुल इलाकों को निशाना बनाकर किए गए थे। 

जिस ‘जन्नत की हूरों’ के लिए मुर्तजा अब्बासी ने गोरखनाथ मंदिर पर किया हमला, वे होती कैसी हैं… मौलवी ने बताए थे बड़े-बड़े स्तन, शौच भी नहीं करती

गोरखनाथ मंदिर पर हमला (Gorakhnath Temple Attack) करने वाले अहमद मुर्तजा अब्बासी ने पूछताछ के दौरान आतंकवाद-निरोधक दस्ते (ATS) को कई सवालों के ऐसे जवाब दिए, जिससे यह साफ लग रहा है कि वह मानसिक रूप से बीमार नहीं, बल्कि शातिर और कट्टरपंथी है। ATS ने जब मुर्तजा से शादी और तलाक के बारे में सवाल किया तो उसने कहा- “अल्लाह के घर में यानी कि जन्नत में बहुत सारी हूरें मिलेंगीं। वहाँ बीवी का क्या काम? अल्लाह के घर जाना है तो सबको छोड़ना होगा।”

कहा जाता है कि जन्नत में 72 हूरें मिलती हैं। कई मौलवी भी यह दवा कर चुके हैं। जन्नत में हूरें कैसी होती हैं इसकी भी मौलवी व्याख्या करते रहते हैं। केरल में मौलाना ईपी अबूबकर कासमी ने जन्नत में मिलने वाले फायदों को बताते हुए दावा किया था कि वहाँ ‘बड़े-बड़े स्तन वाली महिलाएँ’ मिलती हैं। वह पेशाब या शौच भी नहीं करती हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया था कि जन्नत में शराब की नदियाँ बहती हैं, जिसे खुद अल्लाह ने ही बनाया है।

इसी तरह केरल के एक और मौलाना वायरल वीडियो में ‘मैली-कुचैली बीवियों’ के चक्कर में अल्लाह को भूल जाने और ‘सड़ी-गली लड़कियों’ के पीछे इश्क में पागल हो जाने की बातें कही थी। मौलाना ने हूर की खूबसूरती को बयाँ करते हुए कहा था कि उनकी आँखें खूबसूरत और गुलाबी होंगी। उसने कहा था कि मुस्लिम मर्द न सिर्फ हूर को चूम सकते हैं, बल्कि उनके साथ सो भी सकते हैं और एक-एक मर्द को 100-100 मर्दों की ताकत अल्लाह देंगे।

वहीं कुख्यात ‘ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन’ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने एक इंटरव्यू के दौरान दावा किया कि मर्दों को 72 हूरें मिलना अय्याशी करना नहीं है। वहाँ कोई नापाक नहीं होता। हालाँकि जब उनसे महिलाओं को लेकर सवाल किया गया कि महिलाएँ भी इस्लाम के सारे नियम-कानून का पालन करती हैं, तो उन्हें वहाँ पर वही शौहर मिलता है, जबकि मर्दों को 72 हूरें, ऐसा क्यों? इसका जवाब मौलाना के पास नहीं था। उसने इससे कतराते हुए जवाब दिया कि जन्नत में मुस्लिमों के लिए चीजें रखने वाले अल्लाह से ये सवाल किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि ज्यादातर नौजवानों को आतंकी बनाने के लिए जन्नत और 72 हूरों के सपने दिखाए जाते हैं। यह इस्लामिक कट्टरपंथियों का ब्रेनवॉश करने का बहुत पुराना तरीका है। मुर्तजा अब्बासी ने 3 अप्रैल 2022 को गोरखनाथ मंदिर पर हमला किया था। वह गमछे में धारदार हथियार छिपाकर लाया था। रोके जाने पर उसने पीएसी जवानों को घायल कर दिया था। वह अल्लाहु अकबर के नारे लगा रहा था।

अनुराग कश्यप ने बिना शादी किए मंदाना करीमी को कर दिया प्रेगनेंट? नेटिजन्स पूछ रहे सवाल, LockUpp में किया था खुलासा

आल्ट बालाजी (ALTBalaji) पर प्रसारित होने वाला लॉक अप शो इन दिनों हर जगह चर्चा में है। पिछले दिनों मुनव्वर फारूकी से जुड़ा राज इसी शो में खुला और अब ईरानी एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने शो में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। मंदाना ने इस शो में अपनी प्रेगनेंसी पर बात की। सीक्रेट रिवील करते हुए वह बोलीं किं उनका अफेयर एक नामी निर्देशक के साथ था जो वैसे तो महिला अधिकारों पर बात करता है लेकिन जब वह प्रेगनेंट हुईं तो वो उनका साथ छोड़ गया।

अब मंदाना करीमी के खुलासे वाला क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। वीडियो में शो की होस्ट कंगना रनौत प्रतिभागियों से उनका सीक्रेट पूछती हैं जिसके बाद मंदाना ने बताया, “जिस समय मैं अपनी स्थिति से और अपने पति से अलग होने के बीच संघर्ष कर रही थी। उस वक्त मेरा एक सीक्रेट रिलेशनशिप था। मैं एक नामी निर्देशक के साथ संबंध में थी जो महिला अधिकारों पर बात करता था। उनके लिए लड़ता था। और कइयों का आइडल था। उसने प्रेगनेंसी प्लॉन की और फिर जब मैं प्रेगनेंट हुई तो वो पीछे हट गया। इन सबने मेरा बहुत कुछ बर्बाद किया।”

संबंधित ट्वीट के स्क्रीनशॉट

बता दें कि मंदाना करीमी द्वारा अपना राज खोले जाने के बाद सोशल मीडिया पर कयास लगने शुरू हो गए हैं। भले ही मंदाना ने अपनी तरफ से किसी निर्देशक का नाम नहीं लिया है। पर लोग अनुराग कश्यप और उनके बीच देखी गई नजदीकियों के मद्देनजर अपने अनुमान लगा रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि जिस डायरेक्टर के बारे में मंदाना बात कर रही हैं वह और कोई नहीं बल्कि अनुराग कश्यप हैं।

लोग बॉलीवुड निर्देशक के विज्ञापन पर उन्हें लिख रहे हैं, “भाई अनुराग कश्यप, उम्मीद है कि ये तुम नहीं हो जिसके बारे में मंदाना करीमी बात कर रही है। अगर तुम हो तो उम्मीद करता हूँ कि तुम्हें भी ऐसे हालात झेलने पड़ें जैसे मंदाना ने किए।”

बता दें कि साल 2020 में जब अभिनेत्री पायल घोष ने अनुराग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उस समय करीमी ने भी अपना समर्थन अनुराग को दिया था। उन्होंने बताया था कि कैसे अनुराग ने खोई उम्मीद को बचाया और उनकी जिंदगी में उजाला लेकर आए। करीमी ने अपने पोस्ट में अनुराग को गार्जियन एंजेल बताते हुए उनका बचाव किया था।

झारखंड में रामनवमी शोभा यात्रा पर हमले: लोहरदगा और बोकारो में पथराव, वाहन फूँके-मेले में लगाई आग, राजधानी एक्सप्रेस भी बनी निशाना

झारखंड में रामनवमी के मौके पर 2 अलग-अलग स्थानों पर आगजनी, पत्थरबाजी और हिंसा की खबर है। इन घटनाओं में कई वाहनों को आग लगा दी गई है और ट्रेन पर भी पथराव हुआ। एक स्थान पर पुलिस द्वारा शोभा यात्रा रोकने की भी खबर है। घटनाएँ रविवार (10 अप्रैल 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोहरदगा के सदर थाना क्षेत्र के हिरही गाँव में शोभा यात्रा पर पत्थर फेंके जाने की खबर के बाद आस-पास के गाँवों में तनाव फैल गया। दंगाइयों ने वाहनों में आग लगानी शुरू कर दी। इसी हिंसा की चपेट में सदर इलाके के भोक्ता बगीचे में चल रहा रामनवमी मेला भी आ गया। मेले में कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। वहाँ खड़ी बाइकों, साईकिल और ठेलों में भी आग लगा दी गई।

यह आग पूरे मेला क्षेत्र में फैल गई। इसी दौरान राँची से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर भी पथराव किया गया। इस आगजनी के विरोध में मेले वाली जगह के पास स्थित 2 अलग-अलग घरों में भी आग लगा दी गई। इस पूरी घटना में 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हिरही, कुजरा, भोक्ता बगीचा आदि गाँवों में अभी तनाव है। जानकारी मिली है कि हिंसाग्रस्त क्षेत्र में इंटरनेट पर पाबन्दी लगा दी गई है। लोहरदगा प्रशासन ने इस घटना के बाद धारा 144 लगा दी है।

धारा 144

भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने इस हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने घायल लोगों से अस्पताल जाकर मुलाकात की।

बोकारो में पथराव के बाद शोभायात्रा रोकी गई

दूसरी घटना झारखंड के बोकारो की है। यहाँ के बेरमो क्षेत्र में रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव की खबर है। पथराव फुसरो के राजाबेड़ा स्थित गंजू मोहल्ले में होना बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। प्रशासन ने बाइक से निकली शोभा यात्रा को रोक दिया। इससे नाराज हिन्दू संगठन के लोग बाइक उसी जगह छोड़कर चले गए।

भगवान शिव और देवी पार्वती की मूर्ति पर रखी चप्पल: पंजाब में सिख युवक ने की बेअदबी, पुलिस पर भी आरोप

पंजाब के गुरदासपुर में हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्ति के साथ बेअदबी का मामला सामने आया है। एक सिख युवक पर भगवान शिव और देवी पार्वती की मूर्ति पर चप्पल रखने का आरोप है। इस मामले में स्थानीय हिंदू संगठनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना शनिवार (9 अप्रैल 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना दोरंगला क्षेत्र की है। यहाँ दुर्गाष्टमी के अवसर पर मार्केट कमेटी ने लंगर लगाया था। इस दौरान आरोपित सिख युवक ने शिव और पार्वती की मूर्ति पर चप्पल रख दी। इस घटना से वहाँ मौजूद लोगों में आक्रोश फ़ैल गया। उन्होंने आरोपित की धुनाई कर पुलिस बुलाई। आरोप है कि काफी देर तक पुलिस नहीं पहुँची। इस दौरान लोगों ने आरोपित को बाँध कर रखा। मार्केट कमेटी का यह भी आरोप है कि पुलिस पर दंगे करवाने के प्रयास किए।

बताया जाता है कि 1 घंटे बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लिया। पुलिस उसे थाने ले जाना चाह रही थी, लेकिन आक्रोशित लोग मौके पर ही केस दर्ज करने की माँग कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इस बीच दूसरे समुदाय के कुछ लोग भी आरोपित के समर्थन में आ गए। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर भारी फ़ोर्स के साथ पहुँचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर हालात पर नियंत्रण पाया।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक हिन्दू संगठनों ने पुलिस पर हालात को खराब करने के आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने स्थानीय SHO और उनकी टीम पर घटनास्थल पर 1 घंटे बाद पहुँचने और दूसरे समुदाय के लोगों को भेजने और माहौल को तनावपूर्ण करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्थानीय थानेदार को सस्पेंड करने की भी माँग की है। वहीं पुलिस ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि घटना का तुरंत संज्ञान लेते हुए आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कर जरूरी एक्शन लिया गया।