Home Blog Page 2830

सोनम कपूर के घर से 1.41 करोड़ रुपए की चोरी, पिछले महीने ससुर के फर्म के साथ हुई थी 27 करोड़ रुपए की ठगी

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर और आनंद आहूजा (Sonam Kapoor Husband Anand Ahuja) के घर चोरी का मामला सामने आया है। दिल्ली स्थित उनके घर से चोर 1.41 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और कैश चुराकर ले गए। सोनम कपूर की दादी सास ने तुगलक रोड थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन किया है।

एबीपी न्यूज मराठी के मुताबिक, जाँच में सोनम और आनंद के स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस घर में काम करने वाले 25 घरेलू कर्मचारियों, 9 केयर टेकर के अलावा ड्राइवर, माली व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। केवल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ही नहीं, बल्कि एफएसएल टीम भी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। अभी तक आरोपितों का कोई सुराग नहीं लगा है।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सोनम कपूर की ससुराल 22 अमृता शेरगिल मार्ग पर है। सोनम के ससुर हरीश आहूजा और सास प्रिया आहूजा आनंद की दादी सरला आहूजा के साथ इस घर में रहते हैं। सरला आहूजा (86) ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें 11 फरवरी को उस वक्त चोरी का पता, जब उन्होंने अपने ज्वेलरी और कैश वाली अलमारी चेक की।

उन्होंने तुगलक रोड पुलिस थाने में 23 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके कमरे की अलमारी से 1.40 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और एक लाख रुपए कैश चोरी हो गए हैं। सरला अहूजा ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्होंने करीब दो साल पहले ज्वेलरी को चेक किया था, तब वह अलमारी में रखी हुई थी।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला (एफआईआर नंबर 41/22) दर्ज कर सोनम और आनंद के घर की जाँच शुरू कर दी है। इस मामले में संदिग्ध की पहचान करने के लिए पुलिस पिछले एक साल का सीसीटीवी फुटेज भी खँगाल रही है। पिछले महीने एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि सोनम के ससुर की फर्म से 27 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। उस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।

कहा जा रहा है कि मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने अब तक इसे दबाकर रखा था। बता दें कि सोनम और आनंद इस समय मुंबई में हैं। सोनम कपूर बहुत जल्द अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं।

वजन 500 टन, लंबाई 60 फीट… बिहार में यह पुल ‘सरकारी कर्मचारियों’ ने चुरा लिया… स्पेशल 26 स्टाइल में

बिहार के रोहतास जिले से चोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुल ही चोरी कर लिया। लोहा का पूरा पुल गायब! रोहतास जिले के नासरीगंज प्रखंड के आदर्श ग्राम अमियावर में आरा मुख्य नहर पर बने 60 फीट लंबे लोहे के पुल को चोर 4 अप्रैल को गैस कटर से काटकर, जेसीबी से उखाड़कर ले गए।

चोरों ने जिक पुल की चोरी की है, वो 12 गाँवों को जोड़ने के लिए आरा नहर पर बनाया गया था। हैरानी की बात यह कि प्रशासन व जल संसाधन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। 50 साल पुराने, 500 टन के स्टील ब्रिज (500 tonne steel bridge) की चोरी को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई है।

सासाराम से करीब 40 किलोमीटर दूर अमियावर गाँव में पुल की चोरी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 5 साल पहले एक समानांतर कॉन्क्रिट पुल के खुलने के बाद से चोर लोहे वाले पुल को काटने में जुट गए थे, लेकिन उन्होंने कभी भी नहीं सोचा था कि एक दिन चोर इसे पूरा ही गायब कर देंगे।

ग्रामीणों के अनुसार, पहले भी पुल से निकले लोहे को कुछ लोग कई बार पिकअप वैन पर लादकर ले गए थे। लेकिन सोमवार (4 अप्रैल 2022) को जेसीबी से जब पुल उखाड़ा जा रहा था, तो ग्रामीणों ने उनसे पूछा कि यह किसके आदेश पर हो रहा है? तब चोरों ने उन लोगों को बताया कि वह सिंचाई विभाग के कर्मी हैं और अपना काम कर रहे हैं।

500 टन का पुल
बिहार में चोर 500 टन का पुल रातों रात उखाड़कर ले गए (फोटो साभार: TOI)

पुलिस अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि पुल काटने के लिए और इसे उखाड़ कर ले जाने के लिए चोर बुलडोजर और गैस कटर लेकर आए थे। इस मामले में जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता राधेश्याम सिंह ने बताया कि वे अवकाश पर हैं। घटना की जानकारी होने पर जूनियर इंजीनियर (जेई) को तत्काल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

सहायक अभियंता ने बताया कि उस पुल का अब उपयोग नहीं होता था। स्थानीय मुखिया ने आवेदन देकर इसे हटाने का अनुरोध किया था, लेकिन किसी कानूनी प्रक्रिया के बिना यह पुल कैसे गायब हो गया, यह जाँच का विषय है। जल संसाधन विभाग के जूनियर इंजीनियर कमल शमीम ने कहा कि उन्होंने इस मामले में गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज की थी।

इस इलाके में पुल कांड से पहले पिछले साल खनन माफिया द्वारा रेत चुराने का मामला काफी सुर्खियों में रहा था। उस समय रेत की कीमत 200 करोड़ रुपए बताई गई थी।

यह कोई पहला मामला नहीं जब किसी देश में इस तरह से चोरों ने प्रशासन की नाक के नीचे से पुल गायब कर लिया हो। इससे पहले वर्ष 2012 में, चोरों ने चेक गणराज्य में ​दिनदहाड़े एक पुल चुरा लिया था। वहीं, इससे एक साल पहले, अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में चोरों ने एक पुल से 1 लाख डॉलर का स्टील चुराया था। 2004 में यूक्रेन में 36 फुट का एक पुल चुराया गया था।

‘जमीन का सौदा तय करने के बाद दोगुना पैसे माँगने लगी जया बच्चन’: पूर्व विधायक का बेटा पहुँचा कोर्ट, नोटिस जारी

मध्य प्रदेश के भोपाल (Bhopal, Madhya Pradesh) में भाजपा नेता के बेटे ने जया बच्चन (Jaya Bachchan) पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी जमीन बेचने के लिए एग्रीमेंट किया और कुछ एडवांस पैसे लिए, फिर वह अपने वादे से मुकर गईं। भाजपा के पूर्व विधायक जितेंद्र डागा के बेटे अनुज डागा का कहना है कि जय बच्चन ने जिस रेट पर जमीन का सौदा तय हुआ था, उससे वह दोगना पैसे माँग रही हैं। इस मामले में डागा ने अदालत में मामला दायर किया है और कोर्ट ने जया बच्चन को नोटिस जारी किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुज डागा का भोपाल के चूनाभट्टी में डागा मोटर्स नाम से कार का शोरूम है। यहाँ 13 फरवरी को जया बच्चन अपने परिवार के साथ कार खरीदने आई थीं। उस समय जया बच्चन अपने परिवार के साथ होटल जहांनुमा रिट्रीट में रुकी थीं। यह कार उन्हें अपनी माँ को गिफ्ट देनी थी। इसी बीच जया ने अनुज से भोपाल के पास सेवनिया गौड गाँव में 5 एकड़ जमीन बेचने की बात कही। यह सौदा 1.5 करोड़ रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से तय हुआ। इस मामले में उन्होंने राजेश ऋषिकेश यादव को अपना निजी सचिव बताते हुए आगे की बात उनसे करने को कहा।

अनुज डागा के वकील के मुताबिक, बाद में जया बच्चन ने इंटरनेट के माध्यम से इस सौदे के लिए बातचीत भी की। अनुज ने अनुमति लेकर जया बच्चन के खाते में 1 करोड़ रुपए भी जमा कर दिए, लेकिन लगभग 6 दिन बाद जया बच्चन ने बिना बताए अनुज को पैसे लौटा दिए। उन्होंने बताया कि उनकी उसी जमीन को डेढ़ करोड़ प्रति एकड़ में ख़रीदने के लिए कई ग्राहक मौजूद हैं। इसलिए अब वह अपनी जमीन को 2 करोड़ प्रति एकड़ से कम में नहीं बेचेंगी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन बेचने का एग्रीमेंट भी 19 मार्च 2022 को हुआ था। इस एग्रीमेंट के मुताबिक सौदे का 20% हिस्सा जया बच्चन को एडवांस में भेज दिया गया, जबकि बाकी पैसे 3 माह के अंदर देने का करार हुआ था। अब जया बच्चन इस एग्रीमेंट को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। डागा ने जया बच्चन की वादाखिलाफी को लेकर एक अप्रैल 2022 को अदालत में केस दायर किया है। कोर्ट ने अगली तारीख 30 अप्रैल तय की है। इस बीच जया बच्चन को भी अपना पक्ष रखने अदालत आना पड़ेगा।

डॉक्टर ने हिंदू कर्मचारी को जबरन बनाया मुस्लिम, लालच दे मौलवी ने कराया धर्मांतरण: डॉक्टर के खिलाफ FIR, मौलवी सहित 2 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में लव जिहाद (Love Jehad) और धर्मांतरण (Religious Conversion) पर कानून बनने के बावजूद वहाँ ऐसी घटनाएँ रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। असामाजिक तत्व इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर देकर सरकार और कानून को सीधी चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।

दो अलग-अलग मामलों में राज्य के इटावा में एक डॉक्टर को अपने सहयोगी को धर्मांतरित करने के का आरोपित बनाया गया है। वहीं, रामपुर जिले में एक मौलवी ने एक हिंदू को धर्मांतरण के लिए लालच दिया है। इस मामले में पुलिस ने मौलवी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

डॉक्टर ने अपने कर्मचारी को धर्मांतरित किया

इटावा थाने में रामराज यादव नाम के एक शख्स ने शिकायत दी कि वह एक निजी क्लिनिक में काम करता था। इसी दौरान डॉ. फारूकी कमाल ने उसे मुस्लिम बनने के लिए मजबूर कर दिया। उसने दावा किया कि साल 2019 में धर्मांतरण के बाद उसका नाम करम हुसैन कर दिया गया और कुरान पढ़ने के लिए दिया गया।

इस मामले में यूपी पुलिस ने शुक्रवार (8 अप्रैल) को डॉक्टर और उसके दो साथी के खिलाफ उत्तर प्रदेश धर्मांतरण निषेध कानून के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया गया है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने कहा कि रामराज यादव ने डुमरियागंज निवासी एक व्यक्ति पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है।

एसपी ने कहा कि रामराज यादव को मोबाइल चोरी के आरोप में जेल में बंद किया गया था और उसे हाल ही में रिहा किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले के सभी पहलुओं को देखते हुए जाँच की जा रही है।

रामपुर में मौलवी गिरफ्तार

वहीं, रामपुर में एक मौलवी और उसके सहयोगी पर एक हिंदू व्यक्ति को धर्मांतरित कर मुस्लिम बनाने का आरोप लगा है। कोतवाली थाने में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि पीड़ित के परिजनों ने उसे नमाज पढ़ते और रोजा रखते हुए देखा तो उन्हें इस बात की जानकारी हुई। उसके बाद पीड़ित के पिता ने कोतवाली थाने में इसकी शिकायत दी।

इस मामले में ASP संसार सिंह ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के नालापार इलाके में रहने वाले लेख सिंह ने अपनी शिकायत में एक मौलवी सहित लोगों को आरोपित किया है। शिकायत में कहा गया है कि मुहल्ले में रहने वाले मौलवी गुलवेज और सिविल लाइंस में रहने वाले नदीम ने उनके बेटे को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना चाह रहे हैं। उनकी बातों में आकर उनका बेटा मुस्लिम बनना चाहता है। वह घर में नमाज पढ़ता है और रोजा रखता है।

यूपी में धर्मांतरण रैकेट

बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने पिछले साल आईएसआई द्वारा फंडिंग किए जा रहे एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में उत्तर प्रदेश एटीएस ने धर्मांतरण में शामिल उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहाँगीर को गिरफ्तार किया था। बाद में और भी कई गिरफ्तारियाँ की गई थीं।

जाँच के दौरान पुलिस ने बताया था इन सबके निशाने पर महिलाएँ और शारीरिक रूप से अक्षम बच्चे होते थे। दोनों को दिल्ली के जामिया नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान UP ATS ने रैकेट के लिए 150 करोड़ रुपये के विदेशी फंडिंग की बात भी कही थी। भारत में धर्मांतरण गतिविधियों के लिए ये पैसे बहरीन सहित अन्य खाड़ी देशों, ब्रिटेन, तुर्की से आते थे।

हिमाचल के AAP अध्यक्ष सहित 3 नेता भाजपा में हुए शामिल: कहा- अरविंद केजरीवाल स्थानीय नेताओं की तरफ देखते भी नहीं

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों (Himachal Pradesh Assembly Election) से पहले आम आदमी पार्टी (APP) के प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी दो अन्य नेताओं के साथ शुक्रवार (8 अप्रैल) को भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) पर स्थानीय नेताओं का अपमान करने का आरोप लगया।

AAP के महासचिव सतीश ठाकुर और ऊना जिला प्रमुख इकबाल सिंह के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से दिल्ली में भाजपा की सदस्यता लेने के बाद केसरी ने कहा कि केजरीवाल पार्टी नेताओं से मिलते तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में रैली के दौरान केजरीवाल ने स्थानीय नेताओं की तरफ देखा भी नहीं।

बकौल केसरी, “हिमाचल प्रदेश में हम पार्टी के लिए 8 वर्षों से पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम कर रहे थे, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने मंडी में रैली और रोड शो के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं की अनदेखी की। राज्य के AAP कार्यकर्ताओं ने इस अनदेखी को अपना अपमान माना और पार्टी छोड़ दी।”

मंडी में रोड शो के दौरान कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने को लेकर केसरी ने कहा कि जो दिन-रात पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उन लोगों की तरफ केजरीवाल ने देखा तक नहीं। रोड शो के दौरान केवल अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्य आकर्षण थे।

भाजपा के साथ आए इन नेताओं ने हिमाचल प्रदेश से आने वाले भाजपा के कद्दावर नेता अनुराग सिंह ठाकुर (Anurag Singh Thakur) और जेपी नड्डा (JP Nadda) के साथ मिलकर काम करने और भाजपा को मजबूत करने का आश्वासन दिया है।

रमजान, जुमे की नमाज, जामिया मस्जिद से देश विरोधी नारे… पुलिस ने धर दबोचा बशारत नबी भट को, पाकिस्तान का भी है कनेक्शन

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर की एक मस्जिद से जुमे की नमाज़ के बाद देश विरोधी और आज़ादी के नारे लगाए गए। इस मामले में श्रीनगर पुलिस ने FIR के बाद नारेबाजी करने वालों को लेकर छापेमारी की। बशारत नबी भट नाम का मुख्य आरोपित गिरफ्तार किया गया है और उसका पाकिस्तान कनेक्शन भी खोज लिया गया है। श्रीनगर पुलिस ने कहा:

“विभिन्न स्थानों पर छापे मारे गए और नारेबाजी के लिए भड़काने वाले मुख्य आरोपित बशारत नबी भट को गिरफ्तार कर लिया गया है। कई और संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस मामले में अगर उनकी भूमिका सामने आएगी तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

मस्जिद से देश विरोधी नारे के मामले में पुलिस ने पाकिस्तानी एंगल के बारे में भी बताया। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपित बशारत नबी भट को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और उनके आकाओं से जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज को बाधित करने के निर्देश मिले थे।

इस नारेबाजी में युवाओं के साथ बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। वीडियो शुक्रवार (8 अप्रैल) का बताया जा रहा है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक मस्जिद में नारेबाजी करने वालों के खिलाफ पुलिस ने धारा 447 और 124-A के तहत FIR दर्ज कर ली है। यह केस नौहट्टा थाने में दर्ज हुआ है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वायरल वीडियो नौहट्टा इलाके की जामिया मस्जिद का है। यह इलाका पुराना श्रीनगर भी कहा जाता है। जिस नमाज के बाद इस नारेबाजी का आरोप है, वो रमजान महीने की पहली जुमे की नमाज थी। नारेबाजी मस्जिद के मुख्य हॉल में होना बताया जा रहा है।

आपको बता दें कि इस मस्जिद में काफी समय तक प्रशासन ने नमाज की अनुमति रोक रखी थी। लगभग 30 हफ्ते बाद 4 मार्च 2022 को यहाँ फिर से नमाज की अनुमति दे दी गई थी। अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रशासन ने किन हालातों में यहाँ नमाज के लिए मना किया होगा!

वायरल क्लिप में ‘हम क्या चाहते… आजादी’ और ‘नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर, जैसे नारे लगते सुनाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि नारे लगाने वाले लोग रमज़ान के महीने में मीरवाइज उमर फारूक की रिहाई की भी माँग कर रहे थे। मीरवाइज धारा 370 हटने के बाद 5 अगस्त 2019 से अब तक नजरबंद है। इसी के चलते नमाज से पहले यहाँ इमाम हाई सैयद अहमद नक्शबंदी ने उपदेश दिया था।

‘भारत खुद्दार देश, उसे आदेश देने की हिम्मत किसी देश में नहीं’: इमरान ने की तारीफ, मरियम ने कहा- पाकिस्तान छोड़ हिंदुस्तान जाओ

पाकिस्तान (Pakistan) में जारी राजनीतिक संकट के बीच वहाँ की सुप्रीम कोर्ट द्वारा संसद की बहाली और अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के दिए गए निर्णय के बाद शुक्रवार (8 अप्रैल) को प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) ने देश को संबोधित किया। इसमें उन्होंने मुल्क के अवाम से सड़कों पर उतरने का आह्वान करते हुए भारत की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज कोई भी सुपर पावर को आँख नहीं दिखा सकता। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने कहा कि इमरान को भारत चले जाना चाहिए।

इमरान खान ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ और मान-सम्मान के लिए पाकिस्तान की जनता को सड़कों पर उतरने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि हिंदुस्तान खुद्दार देश है। उसके खिलाफ साजिश करने की किसी में जुर्रत नहीं है। हिंदुस्तान की विदेश नीति स्वतंत्र है और दुनिया की कोई भी ताकत हिंदुस्तान से नहीं कह सकती है कि उसकी विदेश नीति कैसी होनी चाहिए।

पाकिस्तान की विदेश नीति में दूसरे मुल्कों की दखल का इशारा करते हुए इमरान ने कहा कि रूस (Russia)के खिलाफ प्रतिबंध लगे, लेकिन हिंदुस्तान उससे तेल आयात कर रहा है। उन्होंने कहा, “यूरोपीय यूनियन के अंबेसडर ने प्रोटोकॉल के खिलाफ बयान दिया कि पाकिस्तान को रूस के खिलाफ बयान देना चाहिए। हिंदुस्तान से ऐसा कहने की उनमें हिम्मत है?”

कश्मीर का राग अलापते हुए इमरान ने कहा कि हिंदुस्तान समेत किसी भी देश से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विचारधारा और कश्मीर के कारण भारत से पाकिस्तान के रिश्ते बिगड़े हुए हैं।

इमरान खान ने अपनी सरकार के खिलाफ साजिश रचने के लिए अमेरिका को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि जब वे रूस गए थे तो उन्हें धमकी दी गई थी, लेकिन वह किसी के हाथों की कठपुतली नहीं बन सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अमेरिका के एक प्रतिनिधि ने कहा था कि जब तक इमरान खान प्रधानमंत्री पद नहीं छोड़ते, तब तक पाकिस्तान को माफ नहीं किया जा सकता।

इमरान के बयान पर भड़का विपक्ष

देश के नाम संबोधन के बाद विपक्षी दल इमरान खान पर और भड़क गए हैं। पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (PML-N) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने कहा कि इमरान खान को भारत इतना ही पसंद है तो उन्हें पाकिस्तान छोड़ देना चाहिए और वहीं चले जाना चाहिए।

मरियम ने कहा कि भारत में विभिन्न प्रधानमंत्रियों के खिलाफ 27 अविश्वास प्रस्ताव पेश किए गए हैं, लेकिन किसी ने भी संविधान का हनन नहीं किया। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल एक वोट से गिर गई, लेकिन उन्होंने देश और संविधान को बंधक नहीं बनाया।

वहीं, पार्टी के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान सत्ता से चिपके रहने वाले व्यक्ति हैं और सत्ता से चिपके रहने वाला व्यक्ति स्वाभिमानी नहीं, स्वार्थी होता है। उन्होंने कहा कि इमरान खान पाकिस्तानियों को ‘मवेशी’ ना समझें।

‘आजादी, अल्लाह-हू-अकबर’…: जुमे की नमाज के बाद श्रीनगर की जामिया मस्जिद में लगे देश विरोधी नारे, जवानों पर बरसाए पत्थर

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के श्रीनगर स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी मस्जिद जामिया में शुक्रवार (8 अप्रैल 2022) की नमाज के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने ‘आजादी’ और ‘भारत विरोधी नारे‘ लगाए। जुमे की नमाज के लिए आई भीड़ को आजादी वाले नारे और जाकिर मूसा का समर्थन करते हुए सुना गया। जाकिर मूसा (Zakir Musa) आतंकी संगठन अंसार गजवात-उल-हिंद का चीफ था, जिसे मई 2019 में एक मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना ने ढेर कर दिया था।

इंडिया टुडे ग्रुप के पत्रकार अशरफ वानी ने जामिया मस्जिद से एक वीडियो क्लिप शेयर की है, जिसमें इस्लामिक कट्टरपंथियों को भारत से अलग होने के नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।

वानी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में मुस्लिमों को आजादी के नारों के साथ-साथ ‘नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर’ के नारे लगाते सुना जा सकता है। यही नहीं, आजादी के नारों के अलावा मस्जिद के बाहर पथराव भी किया गया, जहाँ सुरक्षा की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था।

हालाँकि, जिस तरह से शुक्रवार को सुरक्षाबलों पर पथराव किया गया, वह अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से दुर्लभ घटना है। बहरहाल जैसे ही उपद्रवियों ने पथराव शुरू किया तो उसके तुरंत बाद एक्शन में आए लॉ एन्फोर्समेंट अधिकारियों ने भीड़ को खदेड़ दिया।

इससे पहले पिछले महीने सीआरपीएफ के डीजी कुलदीप सिंह ने इस बात को माना था कि जब से जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया है, तब से घाटी में पथराव की घटनाओं में कमी आई है। 16 मार्च 2022 को सीआरपीएफ के 83वें स्थापना दिवस समारोह से पहले की गई डीजी परेड के मौके पर उन्होंने कहा था, “अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद पथराव की घटनाएँ लगभग शून्य हो गई हैं।”

अनुच्छेद 370

गौरतलब है कि देश की सुरक्षा को देखते हुए 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने एक झटके में जम्मू और कश्मीर को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत दी गई अलग पहचान को खत्म कर दिया था। इसी के साथ राज्य को दशकों से चली आ रही नेहरूवादी भूल से मुक्त कर दिया गया।

अनुच्छेद 370 को खत्म करने के साथ ही केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर राज्य को विभाजित करके दो नए केंद्र शासित प्रदेश भी बनाए, जिनमें से एक जम्मू और कश्मीर (विधानमंडल के साथ) और लद्दाख (बिना विधानमंडल के) अस्तित्व में आया।

बग्गा के खिलाफ कार्रवाई पर HC ने पंजाब पुलिस को लताड़ा, SC के दिशा-निर्देशों की दिलाई याद, अब भाजपा नेता जिंदल पर भी FIR

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की आलोचना करने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस को लताड़ लगाई है। हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए और कार्रवाई से पहले आरोपित को नोटिस दिया जाना चाहिए। शुक्रवार (8 अप्रैल 2022) को एक तरफ हाईकोर्ट पंजाब पुलिस को फटकार लगा रहा था, दूसरी तरफ पंजाब पुलिस भाजपा के और नेता नवीन जिंदल के खिलाफ मामला दर्ज कर रही थी।

पंजाब पुलिस की कार्रवाई को लेकर भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने हाईकोर्ट में याचिका दी थी और उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पंजाब के मोहाली में एफआईआर दर्ज की गई है। इस याचिका पर कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की और पंजाब पुलिस को चेतावनी दी।

कोर्ट ने कहा कि पंजाब पुलिस को सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन्स को ध्यान में रखना चाहिए और कार्रवाई से पहले आरोपित को नोटिस दिया जाना चाहिए। इस मामले में पंजाब पुलिस ने सबूत पेश करने के लिए कोर्ट से समय माँगा है। अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।

क्या है मामला?

दिल्ली बीजेपी नेता और पार्टी के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा के दिल्ली स्थित घर पर शनिवार (2 अप्रैल 2022) को पंजाब पुलिस पहुँची थी। हालाँकि, बग्गा लखनऊ में होने के कारण उन्हें वहाँ नहीं मिले। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस बिना किसी जानकारी के उनके घर पहुँची।

इसको लेकर बग्गा ने दिल्ली पुलिस को पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “पंजाब पुलिस कार नंबर PB65AK1594 स्थानीय पुलिस को बताए बिना मुझे गिरफ्तार करने मेरे घर पहुँच गई। अब वे मेरे दोस्तों के पते ट्रैक कर रहे हैं और उनके घर जा रहे हैं। अभी तक मेरे खिलाफ एफआईआर, थाने, मेरे खिलाफ धाराओं की कोई सूचना नहीं है।” इसके साथ ही बग्गा ने अपने ट्वीट में दिल्ली पुलिस के साथ ही पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी को भी टैग किया है।

दरअसल, कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर केजरीवाल के संवेदनहीन बयान के बाद बग्गा ने केजरीवाल के सामने ही आम आदमी पार्टी के मुख्यालय पर कश्मीर फाइल्स का एक पोस्टर लगा दिया था। इसके अलावा उनके खिलाफ पटियाला पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालाँकि, जिले के एसपी ने इससे साफ इनकार किया था।

भाजपा नेता नवीन जिंदल के खिलाफ FIR

वहीं, दिल्ली भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवीन जिंदल के खिलाफ पंजाब की मोहाली पुलिस ने IPC की धारा 465, 469, 471, 500, 504, 505बी  व 66 IT Act के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जिंदल पर अरविंद केजरीवाल के वीडियो के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।

वहीं, जिंदल ने ट्वीट कर कहा कि अरविंद केजरीवाल के पास और कोई काम नहीं बचा है। उन्होंने सीएम केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि फर्जी मुकदमें करो, 1000 करो। वे इससे डरने वाले नहीं हैं। वे पोल खोलते रहेंगे। 

‘इतनी गोलियाँ चलाएँगे… एक महीने तक कर्फ्यू लगाना पड़ेगा’: दंगा भड़काने की धमकी के मामले में यूपी पुलिस ने आदिल और शाकिब को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित लोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ युवक दंगा भड़काने की धमकियाँ दे रहे थे। वायरल वीडियो पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने शुक्रवार (8 अप्रैल 2022) को आदिल और शाकिब को दिल्ली की सीमा से लगे लोनी इलाके में दंगा भड़काने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

ये दोनों आरोपित टोली मोहल्ला थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। गाजियाबाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड, 1860 की धारा 505 के तहत मामला दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि 7 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोगों के एक ग्रुप को यह कहते हुए सुना गया कि वे लोनी और आसपास के इलाकों में गोलियाँ चलाकर दहशत फैला देंगे। गाली बकते हुए आरोपित कहते हैं कि उन्हें किसी ‘सम्मानित’ व्यक्ति का समर्थन है जो गिरफ्तारी के मामले में उन्हें बचा सके। गालियाँ देते हुए आरोपितों ने कहा, “हमारा बादशाह हमारे साथ है। हम इतनी गोलियाँ चलाएंगे कि सरकार को इलाके में एक महीने से ज्यादा समय तक कर्फ्यू लगाना पड़ेगा।”

वीडियो में कथित तौर पर आदिल और शाकिब के पीछे कई बच्चों को आरोपितों के सपोर्ट में आवाज बुलंद करते देखा जा सकता है। बहरहाल, दोनों को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है, जहाँ उन्होंने इस वीडियो को शूट कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने की बात को कबूल कर लिया है। इस मसले को लेकर गाजियाबाद पुलिस ने ट्वीट किया, “टोली मोहल्ला थाना लोनी के निवासी आदिल और शाकिब को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।”

उत्तर प्रदेश पुलिस इस तरह के दंगे फैलाने या फिर परेशान करने वाले वायरल वीडियो को लेकर अलर्ट है और इसके खिलाफ एक्शन ले रही है। हाल ही सूबे की पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है और सीतापुर में एक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया, जिसने सार्वजनिक रूप से महिलाओं को बलात्कार की धमकी दी थी। इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखकर आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था।

इस मामले को लेकर सीतापुर पुलिस ने ट्वीट किया, “सीतापुर जिले के वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए सीतापुर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया गया है। उक्त आरोप में साक्ष्य के आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।”