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‘UP की जेलों में बजेगा गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र’: योगी सरकार का प्रयास, शोध में मिल चुके हैं चमत्कारिक नतीजे

हिंदू शास्त्रों में महामृत्युजय मंत्र (Maha Mrityunjay Mantra) और गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) की महिमा वर्णित है और इसके प्रभाव को वैज्ञानिक भी स्वीकार करते हैं। ऐसे में कैदियों की मानसिक शांति और जीवन की दशा-दिशा को बदलने के लिए इन मंत्रों का जेलों में जाप कराने का निर्णय लिया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) की सरकार ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है।

प्रदेश के जेल एवं होमगार्ड राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि राज्य की जेलों में बंद कैदियों को उनके अपराधों के पश्चाताप एवं उनमें सकारात्मक बदलाव के लिए जेलों में ‘गायत्री मंत्र’ और ‘महामृत्युंजय मंत्र’ बजाए जाएँगे। जेल मंत्री ने कहा कि इस दौरान कैदियों को संतों के उपदेश भी सुनाए जाएँगे, ताकि उनमें सकारात्मक सोच पैदा हो और जेल से रिहा तक वे अच्छे व्यक्ति बन जाएँ।

मंत्री प्रजाति के द्वारा आदेश जारी करने के बाद राज्य के कई जेलों में अनुपालन शुरू हो गया है। वहीं, जेल के अधीक्षकों से ये भी कहा गया है कि समय-समय पर वे जेलों संतों का प्रवचन आदि कार्यक्रमों का आयोजन करें, ताकि कैदियों को भावना बदले और इससे वे लाभान्वित हो सकें।

वहीं, होमगार्ड विभाग ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कदम बताया है। विभाग ने जेलों तथा होमगार्ड विभाग में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस निर्णय के बाद विभाग में प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

गायत्री मंत्र का प्रभाव

बता दें कि देश सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज में अस्पताल AIIMS में गायत्री मंत्र को लेकर शोध हुआ है। इस शोध को AIIMS के डॉक्टरों एवं IIT के वैज्ञानिकों द्वारा संयुक्त रूप से किए गए इस शोध में पाया गया कि मंत्रोच्चारण से मस्तिष्क के अच्छे हार्मोन बढ़ जाते हैं। गायत्री मंत्र के उच्चारण से बौद्धिक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

शास्त्रों में कहा गया है कि गायत्री मंत्र की रचना महर्षि विश्वामित्र ने की है। यह मंत्र ऋग्वेद के तीसरे मंडल के 62वें सूक्त का 10वाँ श्लोक है। वेदों पर Research करने वाले भारत और दुनिया के विद्वानों ने गायत्री मंत्र को ऋग्वेद के सबसे शक्तिशाली तथा प्रभावशाली मंत्रों में से एक माना है। इसमें ईश्वर का ध्यान करते हुए ईश्वर से प्रकाश दिखाने और सच्चाई के मार्ग पर ले जाने की प्रार्थना की गई है।

महामृत्युंजय मंत्र पर शोध

राजधानी दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML) में महामृत्युंजय मंत्र के पड़ने वाले प्रभावों पर शोध हो रहा है। यह शोध अपने अंतिम चरण में है। शोध करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि न्यूरो की बीमारियों से ग्रस्त रोगियों पर किए गए अब तक के शोध में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं। शोध पूरा होने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय न्यूरो सर्जरी जर्नल भी में प्रकाशित किया जाएगा।

भगवान शिव को मृत्युंजय के रूप में समर्पित यह महान मंत्र ऋग्वेद का एक श्लोक है। शास्त्रों में भी कहा गया है कि महामृत्युंजय मंत्र चमत्कारी एवं शक्तिशाली मंत्र है। जीवन की अनेक समस्याओं को सुलझाने में यह सहायक है। इसे जीवन के हर क्षेत्र में आने वाली बाधा को दूर करने वाला मंत्र माना जाता है।

निकाह के 20 साल बाद मोहम्मद खालिद ने दिया ‘तीन तलाक’, गर्लफ्रेंड के साथ रहने लगा: रमजान में बीवी-बच्चों को घर से निकाला

रमजान का महीना चल रहा है, लेकिन इस दौरान भी तीन तलाक जैसी कुप्रथा से जुड़ी ख़बरें सामने आ रही हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर का है, जहाँ 42 साल की मुस्लिम महिला जाहिदा बी को मामूली विवाद के बाद उसके शौहर में तीन बार तलाक-तलाक-तलाक (Triple Talaq) कहकर उससे सारे संबंध खत्म कर दिए। उसे घर से बाहर निकाल दिया। ‘तीन तलाक’ को भारतीय संसद के माध्यम से कानून बना कर प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद इस तरह की घटना सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना इंदौर के सदर बाजार इलाके की है। बुधवार (6 अप्रैल, 2022) को सदर थाने में फरियाद लेकर आई मुस्लिम महिला ने अपने शौहर के खिलाफ ‘तीन तलाक’ देने का केस दर्ज कराया। हालाँकि, उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पीड़िता जाहिदा बी के मुताबिक, 20 साल पहले मोहम्मद खालिद नाम के शख्स से उसका निकाह हुआ था। उसके दो बेटे भी हैं। बड़ा 18 साल का तो छोटा 15 साल का है।

प्रेमिका के बारे में पूछा तो तलाक दिया

जाहिदा का आरोप है कि एक दिन उसे अपने शौहर के दूसरी औरत के साथ प्रेम प्रसंग के बारे में पता चला। इसकी जानकारी लगते ही जब उसने उससे इस बाबत पूछताछ की तो इसको लेकर दोनों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। इस बीच बुधवार को पीड़िता का शौहर मोहम्मद खालिद अपने घर आया और दरवाजे से ही उसे तीन बार तलाक बोल कर खुद अपनी प्रेमिका के पास चला गया। उसने जाहिदा को भी उसके बच्चों समेत घर से बाहर कर दिया।

जब जाहिदा ने इसकी जानकारी अपने मायके वालों को दी तो उन्होंने उसे समझाने की कोशिशें की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जाहिदा बजरिया की रहने वाली है। इसके बाद उसने पुलिस में शौहर के ही खिलाफ केस दर्ज करा दिया। इस मामले में पुलिस अधिकारी सुनील श्रीवास्तव ने कहा कि महिला के शौहर ने उससे कहा कि वो उसे पसंद नहीं है औऱ इसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

‘महाठग… मैं रोज खोलूँगा तुम्हारी पोल’ : केजरीवाल की वीडियो शेयर करने पर नवीन जिंदल के घर पहुँची पंजाब पुलिस, बीजेपी नेता बोले- मैं डरूँगा नहीं

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के ख़िलाफ़ पंजाब पुलिस की कार्रवाई तेज हो रही है। शुक्रवार को पता चला था कि पंजाब पुलिस ने बीजेपी प्रवक्ता नवीन जिंदल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। अब खबर है कि वो लोग प्राइवेट गाड़ी में आज नवीन जिंदल के घर भी आ गए।

इस संबंध में नवीन जिंदल ने खुद ट्वीट करके बताया। उन्होंने कहा, “केजरीवाल ने पंजाब पुलिस को प्राइवेट कार PB 02 DQ 1204 मेरे घर भेजा है मुझे गिरफ्तार करने। लेकिन मैं अरविंद केजरीवाल को आज फिर बताना चाहता हूँ कि मैं उससे डरने वाला नहीं हूँ। जनता को उसका सच बताकर ही रहूँगा।”

बता दें कि गुरुवार 7 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो शेयर करने के आरोप में पंजाब पुलिस ने देर रात भाजपा के दिल्ली प्रवक्ता नवीन कुमार जिंदल के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज की थी।  आईपीसी 1860 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। जानकारी के मुताबिक ये कार्रवाई भाजपा नेता द्वारा केजरीवाल की एडिटिड वीडियो शेयर करने पर हुई जिसे ट्विटर पर मैनिपुलेटिड मीडिया के टैग के साथ जोड़ा गया।

पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई से पहले कल नवीन कुमार जिंदल ने अपने ऊपर हुए केस को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था, “महाठग अरविंद केजरीवाल के पास ओर कोई काम नहीं बचा हैं, पंजाब क्या मिला पंजाब पुलिस को अपने बाप की बापौती समझ बैठा, फर्जी मुक़दमे करो 1000 करो। तुम्हारे मुकदमों से मैं डरने वाला नहीं हूँ रोज तुम्हारी ऐसे ही पोल खोलता हूँ ओर आगे भी डंके की चोट पर खोलता रहूँगा।”

बता दें कि नवीन जिंदल के खिलाफ एफआईआर करने से पहले पंजाब पुलिस तेजिंदल पाल सिंह बग्गा के दिल्ली आवास भी आ गई थी। ऐसे में जब जिंदल पर मुकदमा हुआ तो भाजपा नेता बग्गा ने भी अपनी आवाज उठाई। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस ने दिल्ली भाजपा प्रवक्ता पर एफआईआर की है। नवीन वही इंसान हैं जिन्होंने अरविंद केजरीवाल की 11 करोड़ की स्विमिंग पूल प्लॉन की पोल खोली थी।

अपने नकाबपोश गुंडों के साथ आगजनी करता रहा कॉन्ग्रेस का पार्षद मतलूब अहमद, खामोश देखती रही पुलिस: छतों पर जमा थे पत्थर

राजस्थान के करौली में हुई हिन्दू विरोधी इस्लामी हिंसा में राज्य की सत्ताधारी कॉन्ग्रेस के पार्षद मतलूब अहमद का नाम सामने आ चुका है। पुलिस तमाशबीन बनी रही और दंगाई आगजनी में मशगूल रहे। आगे-आगे कॉन्ग्रेस का पार्षद चल रहा था और उसके पीछे-पीछे उसके शागिर्द नकाब में लाठियाँ लेकर दुकानों में आग लगा रहे थे। बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस पार्षद के इशारों पर ही दंगे हुए। पुलिस के सामने गुंडे लाठी लेकर गुजरे, उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।

‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी खबर में बताया है कि करौली दंगों के एक सप्ताह से अधिक बीतने के बावजूद लोग घरों में कैद हैं। अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, फूटाकोट से गणेश गेट तक हिन्दू नव वर्ष का जुलूस गुजर रहा था। छतों पर पत्थरों के ढेर लगा कर दर्जनों युवकों को छिपा दिया गया था। बाइक रैली आते ही पत्थरबाजी शुरू हो गई। भगदड़ मचने पर वो सभी हथियार लेकर निकले और दंगे शुरू कर दिए। लाठी, सरिया और चाकू का इस्तेमाल किया गया।

‘दैनिक भास्कर’ ने वीडियोज खँगालने के बाद ये भी बताया है कि पार्षद मतलूब अहमद अपने शागिर्दों को बता रहा था कि आगे क्या-क्या करना है। बीच-बीच में वो फोन पर भी लगा हुआ था, लेकिन पुलिस खामोश खड़ी रही। पहले दो जीप और 30 से अधिक बाइकों को आग के हवाले किया गया। दंगाइयों के तोड़फोड़ करने के बाद मतलूब अहमद ने उनसे आगे चलने को कहा। पुलिस ने भी कहा कि अब तुमलोग आगे जाओ, यहाँ बहुत तोड़फोड़ हो गई।

कई लोगों को खून से लथपथ होकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। दंगा हो जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। कई घायल लोग पुलिस से मदद माँगते रहे। रैली के आसपास 40 के करीब पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कुछ नहीं किया और बाद में अपने वरिष्ठों से और फ़ोर्स भेजने की गुहार लगाई। पुलिस ने एक पक्ष के 20 और दूसरे पक्ष के 17 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की।

राज्य के डीजीपी एमएल लाठर ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में दंगा के मामले की जाँच के लिए गृह सचिव की अध्यक्षता में कमिटी गठित की गई है। उन्होंने लापरवाही के दोषी पुलिसकर्मियों को न बख्शे जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि 300-400 की भीड़ बताई गई थी और उस हिसाब से बलों की तैनाती उचित संख्या में की गई थी। इन सबके बावजूद राजस्थान की पुलिस उलटा हिन्दुओं को ही इन सब के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है।

भगवान राम की मूर्ति पर पथराव, कई वाहनों को आग के हवाले किया: कर्नाटक के कोलार में करौली जैसी हिंसा

कर्नाटक (Karnataka) के कोलार (Kolar) जिले के मुलबगल में रामनवमी (Ram Navami) की पूर्व संध्या पर निकल रही शोभा यात्रा पर उपद्रवियों द्वारा पथराव करने के बाद तनाव की स्थिति हो गई है। पुलिस के मुताबिक, इस घटना के बाद मुलबगल (Mulbagal) में CrPC (आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता) की धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और पाँच लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि रामनवमी की पूर्व संध्या पर आयोजित शोभा यात्रा शुक्रवार (8 अप्रैल 2022) दोपहर को शिवकेशव नगर से शुरू हुई। शोभायात्रा जैसे ही जहाँगीर मोहल्ले की ओर बढ़ने लगी, अचानक 7.40 बजे बिजली कट गई और शरारती तत्वों ने भगवान राम की मूर्ति पर पथराव करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल इलाके में कड़े पुलिस बंदोबस्त किए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बदमाशों ने इस दौरान दो कारों के शीशे भी तोड़ दिए और एक बाइक में आग लगा दी। इस घटना में कुछ युवक घायल भी हो गए हैं। कोलार के एसपी डी देवराज ने कहा कि शुक्रवार को शोभा यात्रा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन बिजली की सप्लाई बंद होने की वजह से बदमाश मौका का फायदा उठाने मे कामयाब रहे। इस मामले की जाँच की जा रही है।

बता दें कि हिंसाग्रस्त मुलबगल में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव से हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। उपद्रवियों ने इलाके में काफी देर तक उत्पात मचाया। फिलहाल, इलाके में प्रशासन की अनुमति के बिना किसी तरह के धार्मिक जुलूस निकालने की इजाजत नहीं है। पुलिस उपद्रवियों की तलाश कर रही है। बीते दिनों राजस्थान के करौली में भी हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर पर हिंदू समुदाय पर हिंसक हमला हुआ था।

करौली हिंसा

गौरतलब है कि राजस्थान के करौली में हिंदू नव वर्ष के जुलूस पर 2 अप्रैल को हिंसा हुई थी। दुकानों में आगजनी की गई। इसमें पुष्पेंद्र नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके शरीर पर चाकू से हमले के निशान थे। उपद्रवियों को काबू करते हुए पुलिस के 4 जवान भी घायल हुए थे। कुल 43 लोगों के घायल होने की खबर मीडिया में आई थी। इसके बाद मामले में जाँच शुरू हुई और पीएफआई का एक पत्र सामने आया, जिसने इस हिंसा के सुनियोजित होने की ओर इशारा किया था। बाद में कॉन्ग्रेसी नेता मतबूल अहमद की भूमिका भी हिंसा में पाई गई।

घर में घुस कर नौकरानी से बलात्कार, हत्या की धमकी: रिटायर्ड DSP आफताब आलम को यूपी पुलिस ने दबोचा, भेजा गया जेल

पुलिस का काम कानून व्यवस्था को बनाए रखना और आम जनमानस की रक्षा करना होता है। लेकिन, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की लखनऊ पुलिस ने एक सेवानिवृत डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी आफताब आलम को अपनी नौकरानी से रेप (Rape) के मामले में गिरफ्तार किया है। शुक्रवार (8 अप्रैल, 2022) को राजधानी की आशियाना पुलिस ने रतनखंड स्थित आफताब आलम के घर से उसे गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि, इस दौरान उसने पुलिस को भी धमकाने की कोशिश की।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना पिछले साल 12 अक्टूबर को पहली बार घटी। आशियाना थाने के इंस्पेक्टर दीपक पांडेय का कहना है कि पीड़िता लोगों के घरों में झाड़ू-पोछा करके अपना जीवन-यापन कर रही थी। इसी क्रम में वो रिटायर्ड डीएसपी आफताब आलम के घर में भी काम करती थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि लंबे वक्त से आफताब आलम की बुरी नजर उस पर थी।

वो 12 अक्टूबर 2021 का दिन था, जब आफताब आलम उसके घर आया। उस दौरान वो घर पर अकेली ही थी। मौका पाकर आरोपित ने उसके साथ रेप किया और किसी से भी इसकी शिकायत नहीं करने की धमकी भी दी। इसके साथ ही आरोपित ने ये भी कहा कि अगर उसने (पीड़िता) गलती से भी किसी से इसका जिक्र किया तो वो उसकी हत्या कर देगा। इस घटना के बाद पीड़िता काफी डर गई। साथ ही वो सतर्क भी हो गई।

दूसरी बार किया रेप

पहली बार रेप करने के बाद आफताब आलम की हिम्मत बढ़ गई। एक सप्ताह के बाद आरोपित एक बार फिर से पीड़िता के पहुँच गया। वहाँ उसने फिर से पीड़िता से रेप किया। हालाँकि, इस बार पीड़िता ने उसका वीडियो बना लिया। इस वीडियो को उसने अपने पति को दिखाया।

पहले तो उनकी हिम्मत नहीं हुई, लेकिन फिर किसी तरह हिम्मत करके थाने गए और आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, साथ ही उच्चाधिकारियों से भी मामले की शिकायत की। उच्चाधिकारियों की दखल के बाद केस दर्ज होते ही आफताब आलम फरार हो गया। वो फरार होते हुए भी पीड़िता पर समझौते के लिए दबाव बना रहा था। इस बीच उसे पुलिस ने शुक्रवार को उसके घर से दबोच लिया। हालाँकि, बीमारी का हवाला देते हुए उसने बचने की कोशिश जरूर की, लेकिन उसका मेडिकल कराने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

जम्मू के लक्ष्मी नारायण मंदिर पर हमला, देवी-देवताओं की कई मूर्तियाँ तोड़ कर फेंकी: पहले भी हो चुकी है चोरी और तोड़फोड़

जम्मू में एक हिन्दू मंदिर पर हमले की खबर है। इस हमले में मंदिर और मूर्तियों को नुकसान पहुँचाया गया है। घटना सिद्धड़ा क्षेत्र में आने वाले लक्ष्मी नारायण मंदिर की है जो शहर से सटा हुआ इलाका है। मूर्तियों को मंदिर परिसर के बाहर फेंक दिया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर के हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। घटना गुरुवार – शुक्रवार (8 अप्रैल, 2022) की है।

इस घटना के बाद सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी मंदिर परिसर के बाहर दिखाई दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले का शिकार हुआ लक्ष्मी नारायण मंदिर तवी नदी के किनारे रंगूड़ा इलाके में गोल्फ कोर्स के पीछे जंगल क्षेत्र में है। हमले में लगभग आधे दर्जन मूर्तियों को तोड़ा गया है, जिसमें गणेश और नरसिंह भगवान की प्रतिमाएँ शामिल हैं। मंदिर के स्टोर के दरवाजे को भी तोड़ने की कोशिश की गई है। इस घटना से श्रद्धालुओं में काफी नाराजगी है।

पहले भी मंदिर में हो चुकी हैं घटनाएँ

शुक्रवार की सुबह जब स्थानीय निवासी दर्शन के लिए आए तो उन्हें इस घटना की जानकारी हुई। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंदन कोहली के मुताबिक, आरोपित जल्द ही गिरफ्तार किए जाएँगे। लोगों के मुताबिक, लगभग 5 साल पहले भी इस मंदिर पर हमला किया गया था। तब मंदिर के प्रवेश द्वार पर लगी मूर्ति को नुकसान पहुँचाया गया था। इसके अलावा एक अन्य घटना में मंदिर परिसर में लगी एक घंटी और स्टोर से कुछ बर्तन चोरी कर लिए गए थे।

“लगभग 99 प्रतिशत मुस्लिमों का क्षेत्र है घटनास्थल” : स्थानीय हिन्दू कार्यकर्ता

ऑपइंडिया ने इस घटना के बारे में स्थानीय हिन्दू कार्यकर्ता राकेश बजरंगी से बात की। उन्होंने बताया, “हमने प्रशासन को जल्द से जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया। घटना के विरोध में जम्मू बस स्टैंड पर प्रदर्शन भी किया गया। जिस इलाके की घटना है वो लगभग 99 प्रतिशत मुस्लिम बाहुल्य है। इसमें से अधिकतर मुस्लिम बाहर से आ कर वहाँ बसे हुए हैं। जिस प्रकार से मंदिर में कई देवताओं की मूर्तियों के साथ हमारे एक कुलदेवता की मूर्ति को तोड़ा गया वो एकदम अलग है।

उस मूर्ति के कई टुकड़े कर दिए गए हैं। अब प्रशासन ने मंदिर की सुरक्षा में पुलिस बल को तैनात कर दिया है।” राकेश कुमार राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

‘काला जादू से ग्रसित है अहमद मुर्तजा अब्बासी’: बोला गोरखनाथ मंदिर के हमलावर को पढ़ाने वाला मौलवी, बना रहा था जिहादी एप

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Temple Attack) पर जबरन घुसने की कोशिश करने औऱ धारदार हथियार से दो पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले अहमद मुर्तजा अब्बासी (Ahmad Murtaza Abbasi) को लेकर नया खुलासा हुआ है। मौलाना इलियासी (Maulana Ilyasi) नाम के व्यक्ति ने दावा किया है कि मुर्तजा पर काला जादू किया गया था। मौलाना इलियासी उसी मदरसे में शिक्षक है, जहाँ मुर्तजा आता था।

एबीपी लाइव की एक रिपोर्ट के अनुसार, मौलाना ने नवी मुंबई के NRI पुलिस स्टेशन अपना बयान दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि 2016 में उसके अब्बू ने उनसे मिलकर बताया था कि उस पर किसी ने कोई काला जादू कर दिया है। मुर्तजा पूरी रात जागकर अजीब हरकतें करता था। इसके जरिए उसके पिछले कृत्यों को ढंकने की कोशिश की जा सकती है। क्योंकि इससे पहले उसके अब्बू ने उसे मेंटली अनफिट बताया था, जिसका डॉक्टरों ने खंडन कर दिया था।

मौलाना इलियासी के मुताबिक, मुर्तजा बेहद शांत और डरपोक किस्म का व्यक्ति है, उसके ज्यादा दोस्त नहीं थे। वह अधिकतर अकेले ही रहना पसंद करता था। मौलाना के मुताबिक, मुर्तजा ताज हाइट बिल्डिंग में 2014 से 2020 तक रहा था। उसी बिल्डिंग के बेसमेंट में मदरसा था, जहाँ मौलाना पढ़ाता था। वहीं पर मुर्तजा नमाज करने आता था औऱ फिर किसी से कुछ बोले बिना ही वहाँ से चला जाता था।

जिहादी ऐप बना रहा था मुर्तजा

जब से यूपी पुलिस ने मुर्तजा को गिरफ्तार किया है, तभी उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। इसी क्रम में उसने जाँच एजेंसियों को बताया है कि इस्लामिक आतंकी संगठनों के इशारे पर ‘जरीमा’ नाम का एक जिहादी ऐप बना रहा था। इसका अरबी में अर्थ उत्पीड़न से हैं। इससे पहले वो पीर2पीर ऐप से बातचीत करता था।

हनी ट्रैप का शिकार हुआ

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुर्तजा अब्बासी कट्टरपंथी विचारों में दिलचस्पी एक लड़की के कारण हुई। वो सीरिया में ISIS कैम्प की एक लड़की के संपर्क में था। उसने उसके अकाउंट में कई बार पैसे भी ट्रांसफर किए थे। वो ISIS में शामिल होने की योजना पर काम कर रहा था। उसने पुलिस को बताया कि लड़की ने उसे एक ईमेल और एक पिक्चर भेजा था। उसने उससे भारत में मिलने का वादा किया था। बाद में अब्बासी ने उसे 40,000 रुपए भी ट्रांसफर किए। वो नेपाल के रास्ते सीरिया जाने की फिराक में था।

अखिलेश यादव बताया था मानसिक रोगी

गोरखनाथ मंदिर पर हमले के मामले में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने मुर्तजा अब्बासी को मनोरोगी बताते हुए उसका बचाव किया था। उन्होंने बुधवार (6 अप्रैल, 2022) को कहा, “उसके पिता ने बताया था कि उसे एक मानसिक समस्या है, इस तरह के बाइपोलर मुद्दे से निपटने के लिए, मुझे लगता है कि हमें उस पर भी (जाँच के लिए) ध्यान देने की जरूरत है। बीजेपी एक ऐसी पार्टी है, जो चीजों को बढ़ाचढ़ा कर पेश करती है।”

इसी तरह का दावा उसके परिवार वालों ने भी किया था।, जबकि अब्बासी का इलाज करने वाले डॉक्टर ने इन दावों का खंडन किया कि वह मानसिक रूप से अस्थिर था। गोरखपुर जिला अस्पताल के अधीक्षक जेएसपी सिंह ने बताया कि आरोपी मेडिकल जाँच के दौरान बात कर रहा था।

गौरतलब है कि 31 मार्च 2022 को खुफिया एजेंसियों ने यूपी पुलिस को 16 संदिग्धों की सूची भेजी थी, जिसमें अहमद मुर्तजा का नाम था। वो एटीएस के निशाने पर था।

गोरखनाथ मंदिर पर हमला

गोरखनाथ मंदिर में मुर्तजा 3 अप्रैल 2022 हथियार लेकर घुसने की फिराक में था। उसने मंदिर के बाहर पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। हालाँकि, बाद में उसे पकड़ लिया।

गूगल प्ले स्टोर से हटाई गईं Al-Moazin और Qibla Compass जैसी मुस्लिम प्रेयर ऐप्स: जानें क्या है वजह

डिजिटल दुनिया में सबसे बड़ा नाम गूगल कंपनी का है। गूगल अपने यूजर्स को तमाम सुविधाएँ देती है और समय-समय पर अपने यूजर्स की सिक्योरिटी के लिए जरूरी व सख्त कदम भी उठाती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। यूजर्स को डिजिटली सुरक्षित करने की खातिर गूगल ने प्ले स्टोर से दर्जनों ऐप्स को बैन किया है। इनमें कुछ मुस्लिम प्रेयर ऐप भी हैं जिन्हें करोड़ों बार डाउनलोड किया गया था। कथिततौर पर ये ऐप्स अपने यूजर्स का पर्सनल डेटा कलेक्ट कर रही थीं, जिसकी शिकायत गूगल को कुछ महीनों पहले मिली थी।

सामने आई जानकारी के अनुसार, गूगल ने मशहूर बारकोड स्कैनर और क्लॉक ऐप तक को ब्लॉक किया है। इनके अलावा मुस्लिम प्रेयर ऐप हैं जिन्हें गूगल ने ब्लॉक किया। इनके नाम अल मोजिन और किबला कम्पास हैं। इन्हें गूगल प्ले स्टोर से 1 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका था। रिसर्चर्स ने इन ऐप्स को लेकर पाया कि ये यूजर्स के फोन नंबर, नेटवर्स इन्फॉर्मेशन और IMEI को चुराते थे। शोधकर्ताओं ने बताया कि इन कई ऐप्स में मैलवेयर था जिससे यूजर की पर्सनल जानकारी और दूसरे डेटा को हासिल किया जा सकता था।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि जब यूजर्स ऐसी ऐप्स को अपने फोन में इंस्टॉल करते तो डिवाइस में पड़े डेटा के साथ यूजर का डेटा भी ये ऐप कलेक्ट कर लेतीं। फिर वो फोन नंबर हो, ईमेल एड्रेस हो या कोई और निजी जानकारी। इन ऐप्लीकेशन्स में मैलवेयर को AppCensus के Serge Egelman और Joel reardon ने खोजा था।

रियरडन बताते हैं कि उन्होंने इस खामी को लेकर सबसे पहले गूगल से संपर्क किया और इसकी जानकारी कंपनी को अक्टूबर में दी गई। हालाँकि, शिकायत के बावजूद ऐप 25 अप्रैल तक प्ले स्टोर पर दिखाई दीं। मगर, इसके बाद गूगल ने इस पर अपनी जाँच शुरू की और इन ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया। गूगल ने कार्रवाई करते हुए कहा, गूगल प्ले  पर मौजूद सभी ऐप् को कंपनी की पॉलिसी और गाइडलाइन के अनुसार चलना होगा। अगर कोई ऐप कंपनी के मानकों का उल्लंघन करता है तो उस पर एक्शन लिया ही जाएगा।”

इटली में डिनर पार्टी के दौरान मॉडल केटी प्राइस ने बोरिस जॉनसन को अपने स्तन दिखाए, ब्रिटिश पत्रकार का खुलासा

ब्रिटिश मॉडल केटी प्राइस (Katie Price) अपने बोल्ड लुक और पर्सनल लाइफ को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं। अब ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन (Piers Morgan) ने केटी प्राइस और प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। द सन के स्तंभकार ने बताया, “इटली में डिनर पार्टी के दौरान 43 वर्षीय हॉलीवुड मॉडल केटी प्राइस ने बोरिस जॉनसन को अपने स्तन दिखाए, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने अपनी आँखें मूंद ली थीं।”

57 वर्षीय पियर्स ने लिखा, “अपने लुक और लाइफस्टाइल पर खासा ध्यान देने वाली प्राइस ने पिछले 20 वर्षों में काफी कुछ सहा है। मुझे अच्छे से याद है, कुछ साल पहले मेरे एक करीबी सूत्र ने बताया था कि इटली में एक डिनर पार्टी के दौरान केटी प्राइस ने हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को अपनी भयावह सर्जरी के बारे में बताते हुए उन्हें अचानक अपने स्तन (Surgically Enhanced Cleavage) दिखाए थे।”

टॉकटीवी होस्ट ने केटी और ‘ब्रिटेन्स गॉट टैलेंट’ के उनके पूर्व को-स्टार को लेकर भी एक किस्सा बताया। केटी प्राइस ने साइमन कॉवेल को सेक्स करने का प्रस्ताव दिया था। यह बात उन्होंने पियर्स मॉर्गन से भी साझा की थी। इसको लेकर पियर्स कहते हैं, “मुझे याद है कि आप साइमन कॉवेल की 50वीं जन्मदिन की पार्टी में काफी गुस्से में थीं, क्योंकि उन्होंने आपके द्वारा दिए गए सेक्स करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।”

इसको लेकर पियर्स ने केटी को काफी समझाया था, क्योंकि इससे वह बेहद परेशान थीं। उन्होंने कहा था कि आपको खुद को संभालना होगा। अपने बच्चों की खातिर खुद को मजबूत रखना होगा।

बता दें कि ब्रिटिश मॉडल केटी प्राइस ने पिछले साल अपनी पूरी बॉडी की सर्जरी करवाई थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें सर्जरी के दौरान काफी दर्द हुआ था। उन्हें लगा कि अब बस वो मरने वाली हैं। सिर्फ यही नहीं केटी ने यह भी कहा था कि सर्जरी के बाद वो किसी हॉरर फिल्म के डरावने भूत की तरह दिख रही थीं। केटी अपने मंगेतर कार्ल वुड्स के साथ सर्जरी करवाने के लिए तुर्की गई थीं।