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फेसबुक पर देवी-देवताओं को गाली, TV पर मंदिर से रिपोर्टिंग: वाजिद अली को ‘न्यूज नेशन’ ने निकाला, कहा- हैक हुआ अकाउंट

गिरोह विशेष के पत्रकार अब खुल कर हिन्दू धर्म के खिलाफ आने लगे हैं। ताज़ा मामला है ‘न्यूज़ नेशन टीवी’ के पत्रकार वाजिद अली का, जिसके एक फेसबुक कमेंट के कारण हिन्दुओं में उबाल है। इसमें उसने न सिर्फ प्रजापति ब्रह्मा और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, बल्कि भगवान हनुमान, माँ काली और गणेश का भी अपमान किया है। पोल खुलने के बाद उसने अपने फेसबुक आईडी हैक किए जाने का दावा किया और शिकायत दर्ज कराई।

उक्त फेसबुक कमेंट में वाजिद अली ने लिखा, “अबे टोपे, तुझसे अच्छा तो मेरा टोपा है। तू अब बता नहीं रहा, सिर्फ अपनी कहे जा रहा है। राम शाकाहारी था या मांसाहारी? ब्रह्मा ने अपनी माँ को क्यों चो%$? और हाँ, तूने ये बात मानी कि 160 करोड़ लोग मानते हैं तो कुछ तो बात होगी मेरी किताब में। 200 करोड़ लोग भी मानेंगे। सुन झाँ$%, किताब में इन सबका कोई जिक्र नहीं है जो तूने पूछी। %$डी के बच्चे, पहले खुद पढ़ ले मेरी किताब।”

इसी कमेंट में वाजिद अली ने आगे लिखा, “हदीस और कुरान, दोनों अलग है %$ड़ू। हमारा तो सभी चीजों का लॉजिक है। तू बता गुफा की पैदाइश, हनुमान ने सूरज को कैसे निगला? इंसान पर हाथी का सूँड कैसे फिट हो सकता है? एक इंसान के 12 हाथ कैसे हो सकते हैं, जैसे काली के। ये तो सिर्फ शैतानों में होते हैं। सवाल तो बहुत है, बस एक बता दे कि राम शाकाहारी थे या मांसाहारी?” इस कमेंट में आप हिन्दू धर्म के प्रति वाजिद अली की घृणा को देख सकते हैं।

इसका स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद उसने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “पहले आईडी हैक कर के या दूसरी आईडी बना कर पैसे माँगे जाते थे, या फिर अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल किया जाता था। लेकिन, अब किसी समुदाय के प्रति घृणा वाले कमेंट्स कर के बदनाम करने की कोशिश होने लगी है। इससे बचना चाहिए। मैंने शिकायत दर्ज कराई है।” हाल ही में वाजिद अली ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने और महँगाई को लेकर ‘न्यूज़ नेशन टीवी’ की अपनी एक रिपोर्ट भी शेयर की थी।

वाजिद अली ने किया अपना फेसबुक अकाउंट हैक हो जाने का दावा

और तो और, ‘न्यूज़ नेशन टीवी’ ने वाजिद अली को चैत्र नवरात्र की कवरेज के लिए भी भेजा था। इस कमेंट के एक दिन पहले ही ‘न्यूज़ नेशन टीवी’ पर उसका वीडियो अपलोड हुआ था। उसने दिल्ली के झंडेवालान मंदिर से लाइव आकर दुर्गा पूजा की रिपोर्टिंग की थी। इसमें उसने बताया था कि नवरात्र के तीसरे दिन राक्षसों का वध करने के लिए माँ दुर्गा ने चंद्रघंटा का रूप लिया था और मंदिर में उनकी पूजा के साथ जयकारे लग रहे हैं और ‘माता की चौकी’ भी खूबसूरत तरीके से सजी हुई है।

इस रिपोर्ट में उसने बताया था कि कोरोना के कारण मंदिर बंद थे, लेकिन अब इसके खुलने के बाद हजारों की तादाद में श्रद्धालु आ रहे हैं और रविवार के दिन तो 1 लाख से भी अधिक श्रद्धालु आए। ऊपर संलग्न किए गए रिपोर्ट में आप उसकी रिपोर्टिंग को देख सकते हैं। वहीं ‘सुदर्शन न्यूज़’ के पत्रकार सागर कुमार ने बताया कि ‘न्यूज़ नेशन टीवी’ ने वाजिद अली पर कार्रवाई करते हुए उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उसे निकाल दिया गया है।

उन्होंने इसके लिए ‘न्यूज़ नेशन टीवी’ को धन्यवाद भी किया। ‘न्यूज़ नेशन टीवी’ के एंकर शुभम त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे जिहादियों की यहाँ कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने ऐसे लोगों को पत्रकारिता के नाम पर कालक और धब्बा करार दिया। ऑपइंडिया ने जब वाजिद अली से बात की तो उन्होंने बताया कि चैनल ने एक मेल कर के उन्हें निकाले जाने की सूचना दी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ये कमेंट्स नहीं किए हैं और उन्हें तो दोस्तों ने फोन कॉल कर के बताया कि आप क्या कर रहे हो?

उन्होंने कहा, “मैं हर धर्म का सम्मान करता हूँ। मंदिर भी जाता हूँ। दरगाह भी जाता हूँ। हर जगह से स्टोरी करता हूँ। मैंने जब चेक किया तो कहीं भी वो कमेंट्स नहीं मिले प्रोफाइल पर। मैंने साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। वाजिद नाम होने के कारण मुझे नुकसान उठाना पड़ रहा है, जाहिर है कोई यकीन नहीं करेगा मेरा। मैं हिन्दू भाइयों के बीच पला-बढ़ा हूँ। होली पर गुझिया और दीवाली पर मिठाइयाँ माँग कर खाई है। हम साथ रामलीला देखते थे। हमारे हिन्दू भाई भी ईद पर सेवइयाँ माँग कर खाते हैं।”

अमीषा पटेल को ‘प्रपोजल’ के बाद कॉन्ग्रेस से तलाक की तैयारी: अहमद पटेल के बेटे फैसल बोले- थक गया हूँ…

अहमद पटेल की कभी कॉन्ग्रेस में तूती बोलती थी। वे सोनिया गाँधी के राजनीतिक सलाहकार थे। अब इस दिवंगत नेता के बेटे फैसल पटेल कॉन्ग्रेस नेतृत्व से खुश नहीं हैं। उन्होंने 5 अप्रैल 2022 को ट्वीट कर पार्टी आलाकमान से अपनी नाराजगी जाहिर की। फैसल ​ने लिखा, “इंतजार करते-करते थक गया हूँ। शीर्ष नेतृत्व से कोई प्रोत्साहन नहीं मिला। अपने विकल्प खुले रखे हैं।”

अहमद पटेल, सोनिया गाँधी के समय कॉन्ग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में से एक थे और उनके सबसे करीबी विश्वासपात्रों में से एक थे। हालाँकि, ऐसा लगता है कि उनके बेटे पर पार्टी नेतृत्व को वैसा ही भरोसा नहीं है।

उल्लेखनीय है कि एक हफ्ते पहले पटेल ने औपचारिक रूप से राजनीति में सक्रिय होने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि वह इसको लेकर फिलहाल ‘आश्वस्त’ नहीं हैं। लेकिन ‘पर्दे के पीछे से’ वह पार्टी के लिए काम करते रहे हैं। उन्होंने 27 मार्च को ट्वीट किया था, “1 अप्रैल से मैं भरूच और नर्मदा जिलों की 7 विधानसभा सीटों का दौरा करूँगा। मेरी टीम राजनीतिक स्थिति की वर्तमान वास्तविकता का आकलन करेगी और हमारे मुख्य लक्ष्य को पूरा करने के लिए जरूरत पड़ने पर बड़े बदलाव भी किए जाएँगे।”

दिलचस्प बात यह है कि फैसल ने पिछले साल अप्रैल में दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की थी। इसके बाद उनके आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं। अब जब AAP विधानसभा चुनावों से पहले गुजरात में विस्तार करने की सोच रही है, तो उनके लिए यह विकल्प हो सकती है।

यह भी चर्चा है कि फैसल पटेल अभिनेत्री अमीषा पटेल के साथ रिलेशनशिप में हैं। जनवरी 2022 में अमीषा ने फैसल को बर्थडे विश किया था। ट्वीट का जवाब देते हुए, उन्होंने उन्हें धन्यवाद दिया और ट्विटर पर ‘आधिकारिक तौर पर’ प्रपोज भी किया। हालाँकि बाद में उन्होंने ट्वीट को डिलीट कर दिया। अमीषा और फैसल को कई मौकों पर एक साथ देखा गया है।

अरविंद केजरीवाल के गुजरात से लौटते ही AAP में मची भगदड़, BJP में शामिल हो गए 150+ बड़े नेता

गुजरात में आम आदमी पार्टी भगदड़ मची है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान के गुजरात दौरे के एक दिन बाद, पार्टी के लगभग 150 बड़े नेता और कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। अकेले आप ही नहीं इस दौरान कॉन्ग्रेस को भी झटका लगा है। कॉन्ग्रेस पार्टी के भी कई सदस्यों ने भाजपा की सदस्यता ले ली है।

इतनी बड़ी संख्या में आप नेताओं का पार्टी तब बदलना चौकाने वाला है वो भी तब जब अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने रोड शो किया, एक स्थानीय मंदिर, गाँधी आश्रम का दौरा किया और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें भी कीं।

बता दें वे रविवार (3 अप्रैल, 2022) शाम को गुजरात से निकले थे। जबकि आप नेताओं और कार्यकर्ताओं का भाजपा में पलायन सोमवार (4 अप्रैल, 2022) को गांधीनगर के कमलम में बीजेपी के कार्यालय में हुआ। वहीं मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि मार्च में ही आप के सैकड़ों नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात भाजपा के महासचिव प्रदीप सिंह वाघेला ने कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और पंजाब के सीएम घर नहीं पहुँचे या खाना भी नहीं खाया होगा और उनकी पार्टी के कई लोग भाजपा में शामिल हो गए। यह साफ दिखाता है कि वे गुजरात के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते। गुजरात के लिए उनके दौरे का कोई मतलब नहीं है। गुजरात के लोगों का आशीर्वाद भाजपा के पास है। पंजाब में आप सरकार के महज पाँच दिनों में ही किसानों पर लाठीचार्ज हो गया।”

वहीं आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस के नए नेताओं का बीजेपी में स्वागत करते हुए वाघेला ने कहा, “आज आपने आप और कॉन्ग्रेस छोड़ी। वे कहेंगे कि आप लोग किसी काम के नहीं थे। लेकिन, मैं यह कहना चाहूँगा कि गुजरात के विकास के लिए आप बहुत जरूरी हैं और भाजपा में आपका स्वागत है। गुजरात में लंबे समय से भाजपा की सरकार है, क्योंकि लोगों को हमपर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है।”

पंजाब से महाराष्ट्र क्यों कूरियर हो रहे धारदार हथियार: अब तलवार-खंजर-छुरी से भरे बक्से पकड़े गए, कभी औरंगाबाद का इरफान ऑनलाइन खरीद रहा था 49 तलवार

महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड (Pimpri Chinchwad) में धारदार हथियारों का जखीरा मिला है। पुलिस ने सोमवार (4 अप्रैल 2022) को दिघी स्थित एक निजी कूरियर कंपनी के गोदाम से इनकी बरामदगी की। हथियार लकड़ी के दो बक्सों में रखे हुए थे। 92 तलवार, 2 खंजर और 9 छुरी बरामद की गई।

तलवार, छुरी और खंजर से भरे ये बक्से कथित तौर पर अमृतसर निवासी उमेश सूद ने औरंगाबाद के रहने वाले अनिल होण को भेजे गए थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला 1 अप्रैल को उस वक्त प्रकाश में आया जब कूरियर कंपनी के कर्मचारियों ने इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के जरिए पार्सल को स्कैन किया। कर्मचारियों ने बिना देर किए इस मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि तलवारें कूरियर के जरिए पार्सल की जा रही है। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची और 92 तलवारें, 2 खंजर और 9 छुरी बरामद की। जब्त किए गए सभी हथियारों की कीमत 3.7 लाख रुपए बताई जा रही है।

पिंपरी चिंचवड पुलिस कमिश्नर कृष्णा प्रकाश ने मंगलवार (5 अप्रैल 2022) को बताया, “दिघी इलाके से तलवारें जब्त की गई हैं। यह खेप महाराष्ट्र के औरंगाबाद भेजी जानी थी। 30 मार्च को इसी तरह की एक और घटना सामने आई थी, जिसके बाद दिघी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिलीप शिंदे ने कूरियर कंपनी के प्रबंधक को आने वाले सभी पार्सल को एक्स-रे मशीन से स्कैन करने के लिए कहा था। जब गोदाम में सभी पार्सल की जाँच की गई तो लकड़ी के दो बक्सों में तलवारें मिलीं।”

बताया जा रहा है कि औरंगाबाद पुलिस ने 30 मार्च को एक जानी-मानी कूरियर कंपनी के गोदाम से 37 तलवारें और एक खंजर बरामद किया था। तलवारों से भरी पेटी पंजाब निवासी मनिंदर द्वारा अहमदनगर के आकाश पाटिल के पास भेजी गई थी। पुलिस ने उन पर आईपीसी की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (Senior Police Inspector) दिलीप शिंदे और उनकी टीम इस मामले का पता लगाने में जुट गई है कि हथियारों का इतना बड़ा जखीरा कहाँ और किसके लिए इस्तेमाल किया जाना था। इससे पहले जुलाई 2021 में औरंगाबाद में इरफान खान नाम के एक शख्स को ऑनलाइन पोर्टल से 49 तलवारें खरीदते हुए पकड़ा गया था।

कुवैत ने ‘थलापति’ विजय की फिल्म ‘Beast’ पर लगाया बैन, इस्लामी आतंकवाद दिखाए जाने से भड़का खाड़ी मुल्क

कुवैत ने अभिनेता विजय की फिल्म ‘Beast’ की रिलीज पर प्रतिबंध लगा दिया है। तमिलनाडु में विजय को ‘थलापति’ के नाम से जाना जाता है। बताया जा रहा है कि फिल्म में इस्लामी आतंकवाद दिखाए जाने के कारण खाड़ी देश ने ये निर्णय लिया है। कुवैत में दक्षिण भारत के कई लोग रहते हैं और उन्हें बुधवार (13 अप्रैल, 2022) को रिलीज हो रही इस फिल्म का इंतजार था। कुवैत की सरकार ने इसे अपने मुल्क के हितों के खिलाफ बताया है।

इससे पहले दिलकीर सलमान की ‘कुरूप’ और विष्णु विशाल की फिल्म ‘FIR’ पर भी कुवैत ने बैन लगा दिया था। अब कुवैत में विजय के फैंस को पड़ोसी मुल्कों में जाकर ये फिल्म देखनी होगी। इस ‘होस्टेज थ्रिलर’ में पाकिस्तान एंगल और आतंकवाद को दिखाया गया है। जिन फिल्मों में अरब के मुल्कों को आतंकियों का ठिकाना दिखाया जाता है, उन्हें भी वहाँ बैन कर दिया जाता है। ‘Beast’ को ‘Sun Pictures’ रिलीज कर रहा है।

जहाँ तक फिल्म के ट्रेलर का सवाल है, खबर लिखे जाने तक इसके तमिल ट्रेलर को लगभग 4 करोड़ लोग देख चुके थे और 30 लाख लोगों ने इसे लाइक भी किया है। इसमें दिखाया जाएगा कि आतंकवादी चेन्नई के एक बड़े मॉल को हाईजैक कर लेते हैं और ‘सैनिक’ विजय मॉल के अंदर ही होते हैं। फिर वो किस तरह आतंकवादियों से वहाँ बंदी बनाए गए लोगों को छुड़ाते हैं, यही फिल्म की कहानी है। इसमें भरपूर एक्शन का डोज देखने को मिलेगा। फिल्म हिंदी में भी आ रही है।

जहाँ तक, ‘Beast’ की बात है, इसका मुकाबला यश की कन्नड़ फिल्म ‘KGF Chapter 2’ से होने वाला है। ‘Beast’ के निर्देशक नेल्शन दिलीप कुमार हैं, जो सुपरस्टार रजनीकांत की अगली फिल्म (169वीं) में भी निर्देशक का जिम्मा संभाल रहे हैं। उस फिल्म की तरह इसमें भी अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत है। फिल्म में पूजा हेगड़े और सेल्वा राघवन मुख्य भूमिकाओं में हैं। कॉमेडियन योगी बाबू भी इसमें दिखेंगे। इसका बजट 150 करोड़ रुपए है।

भरुच सामूहिक धर्मांतरण केस: गुजरात HC ने किया मौलवी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, सता रहा है गिरफ्तारी का डर

गुजरात हाईकोर्ट ने भरूच के काकरिया गाँव में 100 आदिवासियों के धर्म परिवर्तन के मामले में सूरत के मौलवी की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार (4 अप्रैल, 2022) को खारिज कर दी। जिसे गिरफ्तारी का डर सता रहा है।

पुलिस ने अब्दुल वरियावा और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जिन्होंने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आमोद पुलिस ने प्रवीण वसावा की शिकायत पर गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल की धारा 4 और आईपीसी की धारा 120 (बी), 153 (बी) (सी), और 506 (2) के तहत मामला दर्ज किया था।

बता दें कि 15 नवंबर को भरूच जिले के आमोद तालुका के काकरिया गाँव के अब्दुल अजीज पटेल, युसूफ जीवन पटेल, अयूब बरकत पटेल और इब्राहिम पुनाभाई पटेल समेत अन्य लोगों ने 35 आदिवासी परिवारों के 100 लोगों को बहला-फुसलाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया।

मामले के विवरण के अनुसार, आरोपितों ने गाँव के हिंदू आदिवासियों को पैसे का लालच दिया और कुछ मामलों में उनके लिए घर बनाकर उन्हें इस्लाम में परिवर्तित कर दिया।

आरोपितों ने 2006 से गाँव में 35 आदिवासी हिंदू परिवारों के 100 से अधिक लोगों का धर्म परिवर्तन किया था और उन्हें हिंदू धर्म में वापस आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। परिवर्तित हिंदू आदिवासियों को इस्लाम कबूल करवाने के बाद उन्हें समुदाय के दूसरों लोगों को भी इस्लाम में परिवर्तित करने का कार्य सौंपा गया था।

क्या है भरुच धर्मान्तरण केस

गौरतलब है कि नवंबर 2021 में ही ऑपइंडिया ने बताया था कि भरुच जिले की आमोद तहसील के अंतर्गत आने वाले कांकरिया गाँव के रहने वाले प्रवीण वसावा की शिकायत कर फेफड़ावाला हाजी अब्दुल्ला, सलाहुद्दीन शेख समेत कई और लोगों के खिलाफ वसावा समुदाय के लोगों के सामूहिक धर्मान्तरण कराने का आरोप लगाया था। प्रवीण के मुताबिक, अनुसूचित जनजाति से आने वाले लोगों को नौकरी, घर, शादी के लिए भावी दुल्हन और पैसे की लालच देकर सैकड़ों लोगों का इस्लामिक धर्मान्तरण कराया गया था। इसके साथ ही प्रवीण ने इस बात का भी खुलासा किया था कि किस तरह से धर्मान्तरण के रैकेट को चलाने के लिए विदेशी फंडिंग होती थी।

गुड़ की मंडी में इमली वाली मस्जिद, फिर भी सड़क पर मुस्लिमों ने पढ़ी नमाज: हिंदुवादी समूहों ने जताई आपत्ति, बताया- दुकानें भी करनी पड़ती है बंद

उत्तर प्रदेश के आगरा में इमली वाली मस्जिद के बाहर रविवार (3 अप्रैल 2022) को सड़क पर नमाज पढ़ने पर हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। संगठन की माँग थी कि नमाज सड़क पर नहीं, बल्कि मस्जिद के अंदर पढ़ी जाए। बता दें कि यह मस्जिद आगरा की गुड़ की मंडी में स्थित है।  

हिंदू महासभा के जिला प्रमुख रौनक ठाकुर ने इस मामले में ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय नमाज के समय दुकानों को चलने नहीं देता है। उन्होंने दावा किया कि वे सड़क ब्लॉक कर देते हैं, जिसकी वजह से एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहन अक्सर फँस जाते हैं। उन्होंने कहा, “दुकानदारों को अपनी दुकानें जल्दी बंद करनी पड़ती और अपने वाहनों को सड़क से दूर ले जाना पड़ता है। अगर किसी का वाहन समय पर नहीं हटाया जाता है तो वे पुलिस को फोन कर दुकानदार का चालान करवा देते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि जब पुलिस अधिकारी पहुँचे तो उन्होंने उनसे विरोध-प्रदर्शन रोकने का आग्रह किया और मुस्लिम समुदाय से यातायात की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सड़क का एक हिस्सा खोलने के लिए कहा। उन्होंने कहा, “हम उन्हें नमाज पढ़ने देने के लिए सहमत हैं, लेकिन शर्त यह होगी कि सड़क का एक हिस्सा खुला रहे। हमारे कार्यकर्ता शाम को स्थिति की जाँच करेंगे और यदि वे उन शर्तों का पालन नहीं करते हैं, तो हम फिर से विरोध शुरू करेंगे। हम उन्हें सार्वजनिक स्थान पर कब्जा करने, दुकानदारों और यात्रियों को असुविधा पैदा करने की अनुमति नहीं दे सकते।” हिंदू महासभा के प्रवक्ता संजय जाट ने सवाल किया कि जब सड़क पर नमाज पढ़ी जा सकती है तो उन्हें हनुमान चालीसा का पाठ करने की अनुमति क्यों नहीं दी गई।

अब सब कुछ शांतिपूर्ण है: SP सिटी

ऑपइंडिया से बात करते हुए, SP सिटी विकास कुमार ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और मामले को सुलझा लिया गया है। इंडिया टुडे ने एसएसपी सुधीर कुमार सिंह के हवाले से कहा कि पुलिस किसी को भी जिले की शांति भंग करने की इजाजत नहीं देगी। उन्होंने कहा, “पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि हिंदू और मुस्लिम दोनों त्योहार शांतिपूर्वक मनाए जाएँ।”

पिछले 40 सालों से पढ़ी जा रही है नमाज: मुस्लिम समुदाय

मुस्लिम समुदाय ने दावा किया कि वे पिछले 40 वर्षों से मस्जिद के बाहर नमाज अदा कर रहे हैं और उन्हें इसके लिए स्थानीय अधिकारियों से अनुमति मिली हुई है। विशेष रूप से, इमली वाली मस्जिद में उन्होंने तराबियान, यानी शाम की नमाज के दौरान केवल पांच दिनों में कुरान की सभी आयतों को पढ़ा। मुस्लिम समुदाय ने कहा कि इसी कारण से हर दिन लगभग 10,000 मुस्लिम शाम की नमाज के दौरान नमाज अदा करने के लिए यहाँ आते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पहले यहाँ नमाज अदा करने पर कोई विवाद नहीं था। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि सेंट जॉन्स चर्च और एसएन मेडिकल कॉलेज अपने परिसर में नमाज और पार्किंग के लिए जगह प्रदान करके उनका समर्थन करते हैं। भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष सामी अघई ने इंडिया टुडे को बताया कि आगरा के मस्जिद हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “यह वह जगह है जहाँ पिछले 45 वर्षों से सैयद इरफान सलीम के नेतृत्व में स्थानीय मुस्लिमों ने ऐतिहासिक राम बारात का स्वागत किया है और फूलों की वर्षा की है।”

सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने को लेकर हुआ विवाद

कई बार नमाज के लिए सड़कों और सार्वजनिक जगहों को ब्लॉक किए जाने पर हिंदू समुदाय ने आपत्ति जताई है। गुरुग्राम में यह मुद्दा महीनों तक सुर्खियों में रहा जब हिंदू समूहों ने मुस्लिमों द्वारा सार्वजनिक स्थानों और पार्कों में नमाज अदा करने पर आपत्ति जताई। दिसंबर 2021 में रिपोर्ट सामने आई थी कि हिंदू समूहों ने उन खुले जगहों पर ‘जय श्री राम’ का जाप किया, जहाँ मुस्लिम शुक्रवार को नमाज अदा किया करते थे। उन्होंने माँग की थी कि नमाज मस्जिदों के अंदर पढ़ी जानी चाहिए न कि सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्क आदि में, क्योंकि इससे अशांति और यातायात की समस्या होती है।

हाथ में हथियार और पैर पकड़ने को करते मजबूर: पुणे में ऐसे खौफ बना रहा था सलमान भाई गैंग, मारपीट का Video वायरल

महाराष्ट्र के पुणे के धनकावड़ी से दिनदहाड़े गुंडागर्दी की वीडियो आई है। वीडियो में सलमान भाई गैंग के नाम पर कुछ लड़के लोगों से मारपीट करके इलाके में अपना खौफ दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। शर्मनाक बात ये है कि इनका ये खेल कई महीनों से बालाजी नगर में चल रहा था मगर पुलिस इनके विरुद्ध एफआईआर करने में विफल दिखी। लड़ाई-झगड़ा ज्यादा बढ़ने पर अब पुलिस ने इस पर संज्ञान लिया है। इनकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है।

सामने आई वीडियो में सलमान भाई गैंग के लड़कों को हाथ में धारदार हथियार लेकर आगे बढ़ते देखा जा सकता है। आगे यह लोग आम लोगों को अपना पैर छूने पर मजबूर करते हैं और फिर ऐसी ही वीडियो बनाकर अपलोड कर देते हैं।

पुणे मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, खुलेआम लोगों को डराने वाले इन युवकों पर अभी तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पाई थी। इसके पीछे कारण यही था कि सामान्य जन इनके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। बताया जा रहा है कि लड़कों ने बड़े और धारदार हथियार के साथ वीडियो भी बनवाकर शेयर इसलिए की ताकि उनकी गैंग मशहूर हो।

शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में खुलेआम गुंडागर्दी की घटना सामने आई तो इस मामले पर संज्ञान लिया गया। खबर के अनुसार, सलमान भाई गैंग ने अपने ही एक पूर्व साथी से बेरहमी से मारपीट की थी, उसके कपड़े फाड़े थे और गैंग के मुख्य सदस्य सलमान के पाँव छूने पर मजबूर किया था। सलमान को वीडियो में देखा सकता है।

घटना की वीडियो धीरे-धीरे हर जगह पहुँची और फिर पुलिस ने अपना एक्शन लिया। मामले में पड़ताल शुरू हुई तो जाँच में पुलिस को वो सीसीटीवी वीडियो मिली जिसमें वो लोग सरेआम खतरनाक हथियारों के साथ घूम रहे हैं। अगली वीडियो में उन्हें सब्जी विक्रेता को पीटते देखा गया, वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि उस सब्जी वाले ने उन्हें फ्री में सब्जी नहीं दी।

इलाके के डीसीपी सागर पटेल ने इस गैंग को लेकर बताया कि इन लोगों ने छोटे से मसले पर एक लड़के को घर से निकालकर बुरी तरह पीटा। अब उन्होंने इस संबंध में दो एफआईआर दर्ज कर ली हैं। एक तो इस वीडियो को लेकर है जो सोशल मीडिया पर सामने आई है और दूसरी लड़के से मारपीट का मामले में है। केस को आईपीसी की धारा 307, 323, 143, 147, 149 और आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

जाकिर नाइक का ‘शागिर्द’, दूसरी निकाह की तैयारी, जिहादी दस्तावेज: ‘सनकी’ नहीं शातिर है गोरखनाथ मंदिर का हमलावर अहमद मुर्तजा अब्बासी

गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर पर अहमद मुर्तजा अब्बासी नाम के एक शख्स ने धारदार हथियार से हमला बोल दिया, जिसमें 2 पुलिसकर्मी घायल भी हो गए। सोमवार (4 मार्च, 2022) को इस घटना को अंजाम देने वाले मुर्तजा अब्बासी को IIT मुंबई से केमिकल इंजीनियर बताया जा रहा है। वो 10 मिनट तक जवानों से लड़ता रहा और 4 जवानों पर उसने हमले किए। गमछे में छिपा कर वो हथियार लाया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस धाम के महंत हैं।

उसे अब तक भले ही सिरफिरा और सनकी बता कर उसका बचाव किया जा रहा हो, लेकिन पुलिस जाँच में निकला है कि वो शातिर है। वो आतंकी हमले के लिए तैयार था, जिसका सबूत उसके लैपटॉप और मोबाइल में मिले वीडियोज हैं। इन्हें दिखा कर ही उसका ब्रेनवॉश हुआ था। वो जाकिर नाइक से प्रभावित था और उसके लोन वुल्फ अटैक के हमले के वीडियोज देखा करता था। उसके मुंबई और नेपाल कनेक्शंस की जाँच की जा रही है।

महराजगंज जिले से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गुजरात, मुंबई और कोयम्बटूर के ATS से संपर्क साधा गया है। फ़िलहाल मुर्तजा पुलिस कस्टडी रिमांड पर है और उससे पूछताछ जारी है। 11 अप्रैल तक वो पुलिस कस्टडी में रहेगा। गोरखपुर शहर के ही सिविल लाइंस में रहने वाले इंजीनियर मुनीर अहमद का बेटा मुर्तजा अब्बासी का परिवार पहले मुंबई में रहता था, लेकिन अक्टूबर 2020 से गोरखपुर सिविल लाइंस में आकर बस गया।

वो अक्सर यूट्यूब पर जिहाद से जुड़े वीडियोज देखा करता था और झड़ी वेबसाइट्स सर्च करता था। कई कट्टर इस्लामी नेताओं को वो फॉलो ही करता था। 2015 में केमिकल इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उसने 2 बड़ी कंपनियों में नौकरी भी की है। परिवार का कहना है कि 2017 से ही उसकी मानसिक हालत का इलाज कराया जा रहा है। उसकी बीवी उसे छोड़ कर जा चुकी है। एक अन्य युवती से बातचीत चल रही थी, जो बीच में ही ख़त्म हो गई।

पिछले कुछ समय से उसने अपने दोस्तों से मिलना-जुलना भी बंद कर दिया था। पुलिस को शक है कि उसकी मानसिक हालत खराब होने की बात उसे बचाने के लिए की जा रही है। उसके गैजेट्स से आतंकी संगठन ISIS और सीरिया से जुड़े कुछ साहित्य मिले हैं। अधिकारी कह चुके हैं कि ये किसी गंभीर साजिश का हिस्सा हो सकता है। वो अंदर जाकर श्रद्धालुओं को क्षति पहुँचा सकता था। ATS की टीम मुंबई जाकर और जानकारी जुटाएगी।

इस हमले में घायल हुए जवानों पीएसी कांस्टेबल गोपाल गौड़ और अनिल पासवान के साथ ही पुलिस कांस्टेबल अनुराग राजपूत को पाँच लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। अहमद मुर्तजा अब्बासी के पेन ड्राइव से भी भड़काऊ वीडियोज मिले हैं। उसके मोबाइल में अधिकतर नंबर्स मुंबई के हैं, जिनकी जाँच की जा रही है। किसके कहने पर उसने ये सब किया, इसका खुलासा जल्द होगा। उसकी दोस्ती ज्यादा लोगों से नहीं थी और कुछ खास लोगों से ही वो बातचीत करता था।

वो पहले से ही ATS की रडार पर था। पिछले शनिवार को कुछ लोग उसके घर उससे मिलने भी आए थे, जिनकी बाइक पर लखनऊ का नंबर प्लेट था। एक घंटे की मुलाकात के आड़ वो घर से लापता हो गया था। वो वहाँ से नेपाल गया था, फिर महराजगंज आकर उसने धारदार हथियार खरीदा। वो मुंबई, जामनगर, कोयंबटूर, नेपाल और लुंबनी गया था। उसके बाद से मिले साहित्य उर्दू में हैं। दिल्ली से मुंबई का एक एयर टिकट भी मिला है।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसकी रिमांड मंजूर करते हुए पुलिस से उसे प्रताड़ित न करने को कहा। मानवाधिकार आयोगों के दिशानिर्देशों के पालन करने और उसके अधिवक्ता को भी कुछ दूरी पर मौजूद रखने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न सिर्फ घटनास्थल का मुआयना किया, बल्कि घायल जवानों से भी अस्पताल में मुलाकात की। ATS ने इस हमले का पूरा नक्शा तैयार किया है। सीएम योगी ने मंदिर की सुरक्षा को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की।

उन्होंने कहा कि ये देश-दुनिया में करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, ऐसे में यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना की जाँच हो और किसी भी श्रद्धालु को खतरा भी न हो। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि सजगता से ऐसी घटनाएँ रोकी जा सकती हैं। मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर जाकर उन्होंने घायल जवानों से मुलाकात की। महराजगंज से जिन दो लोगों को उठाया गया है, उन्होंने ही अहमद मुर्तजा अब्बासी को बाइक से गोरखनाथ मंदिर तक छोड़ा था।

आधा दर्जन लोग गोरखपुर पुलिस की भी हिरासत में हैं। इन सभी से पूछताछ चल रही है। नेपाल सीमा पर उसके बाँकी खरीदने की बात सामने आ रही है। उसके अब्बा का दावा है कि 2 अप्रैल, 2022 को ही ATS की टीम उनके यहाँ पहुँची थी। पार्क रोड स्थित उसके आवास से उसके अब्बू-अम्मी, दो चाचा और ड्राइवर से पूछताछ की गई। फिर उनको घर भेज दिया गया। जाँच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पता चलता जा रहा है कि वो सनकी नहीं, बल्कि शातिर है।

10 मार्च को ही उसने नया महँगा लैपटॉप भी खरीदा था। उसके अब्बा का कहना है कि पुराना लैपटॉप खराब होने पर उन्होंने ही उसे नए लैपटॉप के लिए एक लाख रुपए की रकम दी थी। अप्रैल 2018 में गाजीपुर की लड़की से हुआ निकाह टूटने के बाद वो दूसरे निकाह की तैयारी में भी था। जौनपुर के किसी परिवार से इस बाबत बात चल रही थी। उसके अब्बा मुनीर अहमद अब्बासी ने 1985 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से LLB कर गोरखोर सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस की थी।

मन न लगने पर वो गोरखपुर के ही सेंट्रल बैंक में एडवाइजर बने। फिर बड़ौदा में स्थित एक बैंक में काम किया। फिर नवीं मुंबई में एक फ़्लैट लेकर वो रहने लगे। अहमद मुर्तजा अब्बासी के पास से मिले साहित्य के अनुवाद के लिए उर्दू के जानकारों को बुलाया गया है। एप्पल कंपनी के मैकबुक का इस्तेमाल कर वो जिहाद सीख रहा था। उसके अब्बा का कहना है कि 36 लाख रुपए के बकाए का नोटिस लेकर पुलिस उनके घर आई थी, फिर वो कैसे हापर हो गया और मंदिर के पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया – इसका उन्हें पता नहीं।

जिस इलाके में भगवा रैली पर हुआ हमला, वहाँ मस्जिद-घरों की छत पर मिले ईंट-पत्थर: करौली हिंसा पर रिपोर्ट से खुलासा, देखिए Video

राजस्थान के करौली में हिंदू नव वर्ष के मौके पर निकलने वाली भगवा यात्रा पर जो पत्थरबाजी की गई उसे लेकर नई जानकारी सामने आई है। मालूम चला है कि जिस मुस्लिम बहुल इलाके में हिंदुओं पर पत्थर बरसाए गए वहाँ के मस्जिद पर, घरों पर पहले से भारी-भारी ईंट-पत्थर इकट्ठा किए गए थे। फिलहाल इस पूरी घटना के संबंध में 46 लोग पकड़े गए हैं। हालात देखते हुए 7 अप्रैल तक कर्फ्यू भी लगा दिया गया है।

रिपब्लिक भारत ने हिंसा के संबंध में खुलासा करते हुए उस मस्जिद उस जिम और उन घरों की छतों को दिखाया जहाँ से पत्थरबाजी को अंजाम दिया गया। विजुअल्स में साफ दिख रहा है कि कितनी भारी मात्रा में ईंट पत्थर इकट्ठा किए गए थे। भारी-भारी पट्टियाँ एक जगह इकट्ठा थीं जिन्हें बाद में भगवा रैली निकालने वाले हिंदुओं पर दो-दो लोगों ने मिल कर फेंका। पत्रकार अनुमान लगाते हैं कि ये पट्टी कम से 10 किलो की तो होंगी ही। रिपोर्ट में मस्जिद की छत भी जूम करके दिखाई गई है। इसके अलावा आस-पास घरों की जो छत हैं वहाँ भी पत्थर दिखाई पड़ रहे हैं।

रिपब्लिक भारत के पत्रकार ने बताया कि जिस जिम से पत्थरबाजी हुई उसे चलाने का काम कॉन्ग्रेस पार्षद मतलूब अहमद करते हैं। उनका नाम इस पूरी हिंसा की एफआईआर में भी हैं। लेकिन वह घटना के बाद से पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

करौली में कर्फ्यू बढ़ाया गया

जिले के बिगड़े हालात देखते हुए जिला अधिकारी राजेंद्र सिंह शेखावत ने करौली में 7 अप्रैल तक कर्फ्यू लगा दिया है। पहले ये कर्फ्यू केवल 4 अप्रैल की मध्यरात्रि तक था, पर कल इसे बढ़ा दिया गया। मोबाइल इंटनेट सेवाएँ अब भी सुरक्षा लिहाज से बंद रखी गई हैं।

करौली हिंसा

गौरतलब है कि करौली में हिंदू नव वर्ष के जुलूस पर 2 अप्रैल 2022 (शनिवार) को हिंसा हुई थी। इसके बाद दुकानों में आगजनी की गई। इस पूरे घटनाक्रम में पुष्पेंद्र नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ। उनके शरीर पर चाकू से हमले के निशान हैं। उपद्रवियों को काबू करते हुए पुलिस के 4 जवान भी घायल हुए थे। कुल 43 लोगों के घायल होने की खबर मीडिया में आई थी। इसके बाद मामले में जाँच शुरू हुई और पीएफआई का एक पत्र सामने आया जिसने इस हिंसा के सुनियोजित होने की ओर इशारा किया। बाद में कॉन्ग्रेसी नेता मतबूल की भूमिका भी पूरी हिंसा में पाई गई। मीडिया  ने जब इस बाबत प्रदेश मुख्यमंत्री से सवाल किया तो उन्होंने इसका सारा ठीकरा पीएम मोदी पर फोड़ा और कहा कि वो सामने आएँ, जिम्मेदारी लें और घटना की निंदा करें।