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‘मिनी ट्रम्प हैं इमरान खान, ट्विटर हमेशा के लिए डिलीट करे उनका हैंडल’: बोलीं पूर्व बीवी रेहम खान, सिद्धू से भी कर चुकी हैं तुलना

पाकिस्तान में सियासी उथल-पुथल के बीच वहाँ के वजीरे-ए-आजम इमरान खान (Imran Khan ) की पूर्व बीवी रेहम खान (Reham Khan) सोशल मीडिया के जरिए उन पर लगातार तंज कस रही हैं। रेहम खान ने अपने नए ट्वीट में इमरान खान को मिनी ट्रम्प करार दिया और ट्विटर से उनके अकाउंट को हमेशा के लिए डिलीट करने की अपील की है। रेहम का यह ट्वीट उस वक्त आया है, जब पाकिस्तानी संसद के डिप्टी स्पीकर ने रविवार (3 अप्रैल, 2022) को इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि ये पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 5 का उल्लंघन है।

‘डोनाल्ड ट्रंप ने भी हिंसा का सहारा लिया’

बताया जा रहा है कि इमरान खान ने खुद को चारों ओर से घिरता देख देश के युवाओं से उनको हटाने के लिए हो रही कथित ‘विदेशी साजिश’ के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की थी। इस बात पर रेहम ने उन्हें ‘मिनी ट्रंप’ बता दिया, क्योंकि आरोप है कि अमेरिका में जनवरी 2021 में राष्ट्रपति का चुनाव हारने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने भी हिंसा का सहारा लेकर सत्ता बचाने की कोशिश की थी, जिसके चलते उनके समर्थकों ने अमेरिकी पार्लियामेंट पर धावा बोल दिया था।

‘इमरान खान कॉमेडी शो के लायक’

इससे पहले 1 अप्रैल, 2022 (शुक्रवार) को किए गए एक अन्य ट्वीट में रेहम ने इमरान खान को अब ‘इतिहास’ बता कर नए पाकिस्तान को बनाने की बात कही थी। उन्होंने एबीपी चैनल से बात करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री रहने के दौरान इमरान ने एक भी काम अच्छा नहीं किया है। रेहम खान ने कपिल शर्मा शो का नाम लेते हुए इमरान खान को उनके कॉमेडी शो के लायक बताया था।

अपने बयान में रेहम ने इमरान का मज़ाक उड़ाते हुए आगे कहा था, “जिस इमरान को मैं जानती हूँ उनके खिलाफ संसद में वोटिंग होना उनके घमंड को बर्दाश्त नहीं है। भारत अगर उन्हें कपिल शर्मा के शो में पाजी (सिद्धू) की सीट दे दे तो शायद उनके रोजगार का काम हो सकता है। मैं समझती हूँ कि इमरान और उनको समर्थन देने वाली नौकरशाही की टीम पर अब नियंत्रण जरूरी है। अब हमें इनसे जवाब लेने का मौक़ा मिलना चाहिए। अब इन्हें जवाबदेह होना पड़ेगा।”

बता दें कि 342 सदस्यों वाली संसद में इमरान खान को सत्ता से बाहर करने के लिए 172 वोटों की जरूरत थी। हालाँकि, विपक्ष को 177 वोट हासिल थे। फिर भी अनुच्छेद 5 का उल्लंघन बताते हुए उसे खारिज कर दिया। संसद के डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि यह प्रस्ताव 8 मार्च को पेश किया गया था, इसे कानून और संविधान के मुताबिक होना चाहिए। किसी भी विदेशी शक्ति को साजिश के जरिए चुनी हुई सरकार को गिराने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पाकिस्तान की संसद में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होते ही इमरान खान ने राष्ट्रपति से संसद को भंग करने की माँग की। उन्होंने इसके लिए पत्र लिखा और लोकतंत्र की दुहाई दी। अब पाकिस्तान की संसद को भंग कर दिया गया है।

‘साहब गोली मत मारो’: घर पर बुलडोजर पहुँचते ही गैंगरेप आरोपित इस्रायल ने अब्बू-अम्मी के साथ किया सरेंडर, हाथों में थी तख्ती

UP के गोंडा जिले में दलित लड़की से हुए गैंगरेप के तीसरे आरोपित इस्रायल ने अपने घर वालों के साथ पुलिस के आगे सरेंडर कर दिया है। गोंडा पुलिस के SP संतोष कुमार ने 3 मार्च, 2022 (रविवार) को इसकी जानकारी दी है। इस्रायल के घर पर कल पुलिस बुलडोजर ले कर पहुँची थी। पुलिस ने आरोपित इस्रायल पर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। गिरफ्तारी देते समय आरोपित के परिजनों के हाथ में तख्ती भी थी। उस तख्ती में लिखा था, “साहब आत्मसमर्पण का रहा हूँ। मुझे गोली मत मारो।”

इस सरेंडर की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक गोंडा ने बताया, “थाना कोतवाली नगर में आज दुष्कर्म की घटना में वांछित एक 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश ने सरेंडर किया है। आरोपित का नाम इस्रायल है। इसके अब्बा नाम नाम युसूफ है। इसके 25 हजार के इनामी 2 अन्य साथी भी इस घटना में पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।”

इस मामले से जुड़े पिछले घटनाक्रम की जानकारी देते हुए SP गोंडा IPS संतोष कुमार ने कहा, “4 दिन पहले जनसुनवाई में के महिला अपनी बेटी के साथ आई थी। उसने बताया कि उसकी दलित समाज की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई है। इसको गंभीरता से लेते हुए अन्य धाराओं के साथ SC / ST एक्ट में मुकदमा लिखवाया गया। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें गठित की गई थी। इस घटना का एक आरोपित राजा पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद पकड़ा गया था। कल देर रात्रि रिज़वान नाम का भी आरोपित गोली लगने के बाद गिरफ्तार हो चुका है।”

SP संतोष कुमार ने आगे बताया, “आज इसका तीसरा आरोपित इस्रायल ने आत्मसमर्पण कर दिया है। हमारी पुलिस टीम कल ही बुलडोजर ले कर बचे हुए आरोपितों के घर पहुँची थी। वहाँ पर इन आरोपितों के मददगारों और शरण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। उसके बाद आज इसने (इस्रायल) ने पूरे परिवार के साथ आत्मसमर्पण किया है। इस केस में एक अन्य बचे वांछित को भी पुलिस टीम लगातार तलाश रही है। इन चारों आरोपितों को सज़ा दिलाने के लिए हमारी टीम प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास इन आरोपितों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से कम समय में ज्यादा से ज्यादा सजा दिलाने का रहेगा।”

जिसने किया UP में पेपर लीक, वो धराया… 46 गिरफ्तार: DIOS सस्पेंड, पत्रकार भी थाने में – बलिया मामले में जानिए सब कुछ

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में UP बोर्ड की परीक्षा में हाई स्कूल के संस्कृत विषय का पेपर मंगलवार (29 मार्च) को लीक हो गया। इसी के अगले दिन 30 मार्च (बुधवार) को इंटरमीडिएट के अंग्रेजी विषय का भी पेपर लीक हो गया। जिले के DIOS (District Inspector of Schools, जिला विद्यालय निरीक्षक) को भी सस्पेंड किया जा चुका है। उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

यूपी पुलिस ने रविवार (3 अप्रैल 2022) को पेपर लीक कांड के सूत्रधार कहे जा रहे इंटर कॉलेज के एक प्रबंधक सहित 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार किड़िहरापुर स्थित महाराजी देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक निर्भय नारायण सिंह ही पेपर लीक कांड के सूत्रधार हैं। इस मामले से जुड़े 46 लोगों को अब तक सिर्फ बलिया जिले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

क्या चल रही है कार्रवाई

पेपर लीक के इस पूरे मामले में एक पत्रकार की गिरफ्तारी बता कर सोशल मीडिया पर कुछ लोग विरोध भी दर्ज करा रहे हैं। पुलिस ने जाँच पूरी होने तक सबूतों को सामने रखने से मना कर दिया है। इस मामले में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। UP की माध्‍यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी ने पेपर लीक कांड के बाद मीडिया को 31 मार्च (गुरुवार) को चल रही कार्रवाई की जानकारी दी है।

गुलाबो देवी ने बताया, “हमें जैसे ही बलिया में पेपर लीक की आशंका की सूचना मिली, वैसे ही हमने DIOS के खिलाफ कार्रवाई की। जो सीरीज लीक हुई थी, उसकी परीक्षा 24 जिलों में रोक दी गई। इस घटना से जुड़े सभी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।”

वहीं इस घटना पर जवाब देते हुए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ACS (Additional Chief Secretary, अपर मुख्य सचिव) आराधना शुक्ला ने बताया, “इस घटना में मुख्यमंत्री का आदेश है कि हर संलिप्त के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने इसमें STF को भी जाँच के आदेश दिए हैं। जिन जिलों में परीक्षा निरस्त हुई है, वहाँ जल्द ही फिर से परीक्षा की तारीख तय की जाएगी। इस घटना में बच्चों (छात्रों) की संलिप्तता की अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। टेम्पर प्रूफ प्रश्न पत्र को 3 स्तरीय सुरक्षा के बीच रखा गया था। यह काम बिना सक्रिय मिलीभगत के नहीं हो सकता था। हम CCTV के माध्यम से वहाँ पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं, जहाँ से ये लीक हुआ। बाकी 51 अन्य स्थानों पर परीक्षा सुचारू रूप से चल रही है।”

23 जिले में इंटरमीडिएट अंग्रेजी की परीक्षा रद्द

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित व सस्पेंड किए गए DIOS का नाम बृजेश मिश्रा है। प्रथम दृष्टया उनकी ही जवाबदेही तय की जा रही है। प्रमुख सचिव (गृह) अवनीश अवस्‍थी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बलिया से पूरे मामले की रिपोर्ट मँगाई है। इस मामले में शामिल आरोपितों पर NSA (National security act NSA, रासुका, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) भी लगाया जा सकता है।

इंटरमीडिएट का जो पर्चा लीक हुआ, वह अंग्रेजी की सीरीज 316 ED और 316 EI का था। लीक हुआ यह पर्चा बलिया, एटा, बागपत, बदायूं, सीतापुर, कानपुर देहात, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, गोंडा, आजमगढ़, आगरा, वाराणसी, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, शामली, रामपुर, उन्नाव, जालौन, महोबा अंबेडकरनगर और गोरखपुर जिलों में भेजा गया था। इस कारण से इन जगहों पर इस विषय की परीक्षा रद्द कर दी गई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार कुछ आरोपितों के नाम आनंद नारायण चौहान, मनीष चौहान, बृजेश चौहान, विकास राय, प्रशांत राय, आजाद पांडेय, शाहिद अंसारी, अनिल कुमार गोंड़, अरविद कुमार व अनूप यादव हैं। अन्य आरोपितों की तलाश में अभी भी छापेमारी चल रही है।

संस्कृत का पेपर लीक, उत्तर भी मिले

इस मामले में आज़मगढ़ के JD (Joint Director, संयुक्त निदेशक) योगेंद्र कुमार ने बताया, “संस्कृत के जिस पेपर के लीक होने की बात कही जा रही है, उसमें कुल 18 प्रश्न हैं। इसी प्रश्न पत्र का उत्तर सोशल मीडिया पर वायरल होने की खबर मिली थी। हमने संस्कृत के अध्यापकों से उत्तरों की जाँच करवाई तो कुछ उत्तर मिल भी रहे हैं। पेपर ऑउट हुआ है या कुछ और मामला है, ये अभी नहीं कहा जा सकता। मामले की जाँच चल रही है। जाँच के लिए DM ने तीन स्तरीय कमेटी बनाई है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपने पास उपलब्ध तथ्यों से जाँच कर बताएगा कि ये पेपर बलिया से ही लीक हुए या कहीं और से।”

पत्रकारों की गिरफ्तारी, पुलिस पर आरोप

बलिया पेपर लीक मामले में पुलिस पर पत्रकारों की गिरफ्तारी के आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर अमर उजाला का पत्रकार बता कर अजीत ओझा नाम के एक व्यक्ति का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में अजीत ओझा बता रहे:

“आज अमर उजाला में एक खबर छपी है कि इंटरमीडिएट का एक पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस खबर के छपने के बाद मुझे सुबह DIOS का फोन आया। मुझ से वायरल हो रहे प्रश्न पत्र का फोटो माँगा गया। मैंने प्रश्न पत्र के अमर उजाला में छपने और उसके कोड भी होने का जवाब दिया। पूछे गए प्रश्नों को वहाँ डार्क कर दिया गया है। आप वहाँ से मिलान कर लीजिए। मैंने प्रश्न पत्र को व्हाट्सएप पर भेजने के लिए कह कर उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इसके बाद भी DIOS और उनके स्टॉफ का फोन आता रहा।”

अजीत ओझा ने आगे बताया, “कुछ समय बाद मुझे DM साहब ने फोन कर के प्रश्न पत्र व्हाट्सएप पर माँगा। मैंने उन्हें प्रश्न पत्र व्हाट्सएप कर दिया। उसके बाद मैं अपने ऑफिस आ गया। मेरे ऑफिस पर 12.30 पर कोतवाल (इंस्पेक्टर) साहब गए। उन्होंने मेरे ऑफिस में तोड़फोड़ कर के मेरे साथ एक अपराधी जैसा व्यवहार किया। फिर मुझे जबरन गाड़ी में बिठा कर कोतवाली ले आए। मैंने उनसे वजह पूछी तो उन्होंने कुछ नहीं बताया। मेरे सहयोगियों के साथ हाथापाई की गई और मुझे कोतवाली लाया गया। मुझे यहाँ लगभग 3 घंटे से बिठाया गया है।”

अजीत ओझा के इन दावों पर बलिया पुलिस ने जवाब दिया है। पुलिस ने कहा, “उपरोक्त व्यक्ति जिला बलिया के हरिपुर जिगनी में उच्च माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक है व संवाददाता का भी कार्य करता है। प्राप्त तहरीर के आधार पर इन्हें गिरफ्तार किया गया है। आगे की जाँच की जा रही है।”

योगी सरकार पर हमलावर विपक्ष

पेपर लीक कांड सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका गाँधी ने लिखा, “एक और पेपर लीक। इस बार भी सरकार दिखावटी कदमों के अलावा कुछ और नहीं कर रही है। पेपर लीक की खबर लिखने वाले पत्रकार को जेल भेजा जा रहा है। लेकिन, पेपर लीक करने वाला तंत्र सरकार में पैठ जमाए बैठा है। उस पर न कोई बुलडोजर चलता है, न कोई बदलाव आता है।”

अखिलेश यादव ने भी इस मामले में योगी सरकार के खिलाफ ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, “UP भाजपा सरकार की दूसरी पारी में भी पेपर लीक करवाने का व्यवसाय बदस्तूर जारी है। युवा कह रहे हैं कि रोज़गार देने में नाकाम भाजपा सरकार जानबूझकर किसी परीक्षा को पूर्ण नहीं होने देना चाहती है। भाजपा सरकार अपने इन पेपर माफ़ियाओं पर दिखाने के लिए सही, काग़ज़ का ही बुलडोज़र चलवा दे।”

वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लिखा, “आ गई पेपर लीक सरकार। TET से लेकर बारहवीं तक पेपर लीक नौजवानों की ज़िंदगी का हिस्सा बन गया है। अब देखिए आदित्यनाथ जी की सरकार कौन सा नया बहाना बनाती है?”

पेपर लीक पर मायावती ने लिखा, “उत्तर प्रदेश में बार-बार पेपर लीक होने से ऐसा लगता है कि नकल माफिया सरकार की पकड़ व सख्ती से बाहर हैं। किन्तु इस प्रकार की गंभीर घटनाओं से प्रदेश की पूरे देश में होने वाली बदनामी आदि के लिए असली कसूरवार व जवाबदेह कौन? दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बीएसपी की माँग।”

“मेरा बेटा निर्दोष… किसी ने फोन कर कहा था कि पेपर लीक है, छाप दो”: अजीत ओझा की माँ

गिरफ्तारी के बाद अजीत ओझा की माँ मीडिया के सामने आईं। उन्होंने कहा, “सुबह 5 बजे किसी का फोन मेरे बेटे के पास आया था और उसने बताया कि पेपर लीक है, छाप दो। वो फोन करने वाला कौन है, ये मुझे नहीं पता। मेरे बेटे ने कौन सा गुनाह कर दिया। उसे फँसाया जा रहा है। मैं योगी जी से न्याय माँगूँगी। जेल से छूटने के बाद उसको अब पत्रकारिता नहीं करने दूँगी। वो घर पर रहेगा और गृहस्थी देखेगा।”

“सूत्रों का नाम नहीं बताया तो गिरफ्तार कर लिया”: पत्रकार दिग्विजय सिंह, अमर उजाला

पेपर लीक मामले में अमर उजाला के बलिया के नगरा क्षेत्र के पत्रकार दिग्विजय सिंह भी गिरफ्तार किए गए हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया, “बलिया के कई हिस्सों के परीक्षा केंद्र पर UP बोर्ड परीक्षा की कॉपियाँ धड़ल्ले से लिखी जा रही थी। मैंने हाईस्कूल के संस्कृत का हल पेपर अपने सूत्रों से लिया। ये पेपर मैंने अमर उजाला को भेज दिया, जो अख़बार में छपा। दूसरे दिन अमर उजाला को कहीं से अंग्रेजी का भी पेपर मिल गया और वो भी छपा। इसके बाद बलिया प्रशासन की पोल खुल गई। बुलडोजर चलवाने की बात करने वाला DM खुद नंगा हो गया। जिला विद्यालय निरीक्षक भी नंगा हो गया। इसी गुस्से में मुझ पर और अमर उजाला के अन्य पत्रकार अजीत कुमार ओझा पर केस दर्ज कर दिया गया। यह आपराधिक कृत्य है।”

पत्रकार दिग्विजय के मुताबिक, “आज भी नकल नहीं रुकी है। यहाँ कॉपियाँ बेचीं जा रहीं। ये नकल माफियाओं की बलिया प्रशासन को खुली चुनौती है लेकिन बलिया प्रशासन अपनी गलती नहीं मान रहा। वो अख़बार का मुँह बंद कर के चौथे स्तम्भ पर हमला बोलना चाहता है। वो हमें चुप करवाना चाहता है। मेरा 3 दिन से पुलिस द्वारा बहुत उत्पीड़न किया गया है। मुझसे सवाल किया जा रहा है कि मुझे पेपर कहाँ से मिला। अगर हमने उसे अख़बार में छाप दिया तो पता करो कि नकल माफिया कौन है। मैंने उन्हें पेपर अपने सूत्रों से मिलना बताया है।”

पत्रकार की गिरफ्तारी का सोशल मीडिया पर विरोध

सोशल मीडिया पर पत्रकार दिग्विजय सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ है। उस वीडियो में वो ‘बलिया प्रशासन और बलिया DM-SP मुर्दाबाद’ का नारा लगा रहे हैं।” वायरल वीडियो में पत्रकार दिग्विजय बलिया के DM को चोर, नकलखोर बताते हुए वहाँ के SP को गुंडा बता रहे हैं।

इसी वीडियो को शेयर करते हुए विनोद कापड़ी ने लिखा, “जेल जाने से पहले किसी पत्रकार की कभी इतनी रीढ़ और हिम्मत देखी है? ये “अमर उजाला” के बलिया पत्रकार दिग्विजय सिंह हैं, इनका गुनाह ये है कि इन्होंने पेपर लीक ख़बर का खुलासा अपने अख़बार में किया था। पुलिस इनके दो और साथी अजीत ओझा, मनोज गुप्ता को भी जेल भेज चुकी है। अमर उजाला के पत्रकार दिग्विजय सिंह ने बलिया ज़िला प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह है कि पत्रकारों का उत्पीड़न करने वाले बलिया पुलिस प्रशासन के खिलाफ निष्पक्ष जाँच करवाई जाए।”

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिग्विजय सिंह को ‘बहादुर पत्रकार’ बताते हुए शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाने की अनुमति माँगी है। इस पत्र में उन्होंने बलिया के DM और SP को बर्खास्त करने की भी माँग की है।

कॉन्ग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पत्रकार दिग्विजय सिंह को बहादुर बताते हुए दिग्विजय नाम को ही बहादुरी का प्रतीक बताया है। साथ ही उन्होंने बलिया के DM और SP पर नकल कराने का आरोप लगाते हुए योगी आदित्यनाथ से दोनों पर कार्रवाई की माँग की है।

“अभी तक पत्रकारों की कोई भूमिका निर्धारित नहीं”: SP बलिया

मीडिया से बात करते हुए बलिया के पुलिस अधीक्षक ने कहा, “अभी तक हमारी जाँच चल रही है। इस मामले में जो भी अपडेट आएगा, उसकी हम प्रेसनोट जारी करेंगे। जो भी पकड़े गए हैं, उनकी भूमिका उसी हिसाब से तय की गई है। इसमें पकड़ा गया एक व्यक्ति स्कूल में सहायक अध्यापक भी है। वह कक्ष निरीक्षक की भी ड्यूटी कर रहा था। उसके पास से प्रश्न पत्र प्राप्त हुआ है। इस मामले की अधिक जानकारी देने से जाँच प्रभावित हो सकती है। थाना सिकंदरपुर, नगरा और कोतवाली मिला कर 3 केस दर्ज किए गए हैं। इस केस में कुल 34 लोगों की अब तक गिरफ्तारी कर ली गई है।”

“सरकार किसी को बेवजह नहीं करेगी प्रताड़ित”: भाजपा विधायक

इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा की बलिया बाँसडीह से विधायक केतकी सिंह ने बयान दिया है। उन्होने बताया, “नकल माफियाओं को एक बड़ा और कड़ा संदेश दिया जा रहा है कि पूरे प्रदेश में ऐसी गलती दोबारा न हो। यह मामला बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें जो भी शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार किसी को बेवजह परेशान नहीं करेगी लेकिन जो दोषी होगा, उसको छोड़ा भी नहीं जाएगा।”

एक स्थानीय पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक पत्रकार दिग्विजय की गिरफ्तारी के विरोध में कई अन्य पत्रकारों ने सोमवार (4 अप्रैल) को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने का एलान किया है। बलिया पुलिस ने इस मामले में अभी तक विस्तृत खुलासे की कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की है।

‘यहाँ नहीं चलेगा योगी मॉडल’: बिहार में संगीन अपराधी की संपत्ति पर चला बुलडोजर तो भड़के JDU नेता उपेंद्र कुशवाहा

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अपराधियों के बीच आतंक बना बुलडोजर, ‘योगी मॉडल’ (Yogi Model) के रूप में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) होते हुए बिहार (Bihar) तक पहुँच गया है। हालाँकि, भाजपा और जदयू की गठबंधन वाली बिहार सरकार में बुलडोजर की कार्रवाई पर आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। छपरा में एक संगीन अपराधी के खिलाफ बुलडोजर के इस्तेमाल के बाद जदयू नेता उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि राज्य में योगी मॉडल नहीं चलेगा। वहीं, भाजपा नेता अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बिहार जैसे राज्य के योगी मॉडल सही है।

JDU संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष कुशवाहा ने कहा कि बिहार में योगी मॉडल नहीं, नीतीश मॉडल ही चलेगा। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए कई उपाय हैं। किसी एक अपराधी की वजह से पूरे घर पर बुलडोजर चला देना सही नहीं है। बिहार को बुलडोजर संस्कृति की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर बुलडोजर चलाना ही है तो ऐसे भवनों पर चलाना चाहिए, जो सरकारी जमीनों का अतिक्रमण करके बनाए गए हों। अगर कोई गलत तरीके से संपत्ति अर्जित करता है तो उस पर बुलडोजर चलाने के बजाए उसकी अवैध संपत्ति जब्त किया जाना चाहिए।

कुशवाहा ने कहा कि 2005 से पहले बिहार का हाल क्या था, यह बताने की जरूरत नहीं है। तब अपराधियों का मनोबल तोड़ने के नीतीश मॉडल की खूब चर्चा हुई थी और उसी का नतीजा है कि आज भी अपराधी खौफ खाते हैं। बिहार में नीतीश मॉडल ही अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण करने के लिए काफी है और किसी मॉडल की जरूरत नहीं है।

BJP नेता अमरेंद्र प्रताप सिंह का कुशवाहा पर लटवार

उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर भाजपा के तेजतर्रार नेता और बिहार सरकार में मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि अगर कोई अपराधी संगीन अपराध करता है और कानून की पकड़ से बाहर रहता है तो उसके घर पर बुलडोजर चलाना चाहिए, तभी उसके मन में खौफ पैदा होगा।

मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि छपरा में कानून की पकड़ से बाहर रहे संगीन अपराधी के घर पर बुलडोजर चलाना सही है। पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई का उन्होंने खुलकर समर्थन किया और बिहार में योगी मॉडल की वकालत की।

डिप्टी सीएम और भू-सुधार मंत्री ने बताई थी बुलडोजर की जरूरत

इसके पहले बिहार के भू-राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत राय ने कहा था कि एक अप्रैल बिहार में बुलडोजर चलने लगा है। उधर, छपरा में ज्वेलरी दुकानदार के साथ हुई लूट की घटना के बाद उप-मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद ने बिहार में बुलडोजर मॉडल के जरूरत बताई थी। उन्होंने कहा था कि बिहार में भी योगी जी वाले बुलडोजर मॉडल की जरूरत है।

क्या है मामला

बिहार के छपरा में बालू कारोबारी सोनू राय की वर्चस्व की लड़ाई में मार्च 2021 में हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को लेकर खूब बवाल हुआ था। सोनू राय के पिता सुदीश राय ने इस मामले में पाँच लोगों को आरोपित बनाया था, जिनमें से दो अभियुक्त कोर्ट में हाजिर हो गए थे।

वहीं, मामले के अन्य आरोपी विकास राय और जितेंद्र राय फरार थे। पुलिस ने उन्हें सरेंडर करने के लिए कई बार निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने सरेेंडर नहीं किया। उनकी फरारी को देखते हुए कोर्ट ने कुर्की का आदेश दिया था। इसके बाद बाद जिला प्रशासन ने कुर्की के साथ-साथ घर पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया।

बता देें कि इसी साल 28 मार्च को सोनू राय के बड़े भाई की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में सुदीश राय ने प्राथमिकी में कहा कि सोनू की हत्या का केस वापस लेने के लिए अपराधी उन पर दबाव बना रहे थे और केस वापस नहीं लेने पर हत्या की धमकी दे रहे थे। अंत में उनके दूसरे बेटे की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।

माइक से अजान के विरोध में मनसे ने लाउडस्पीकर पर बजाना शुरू किया हनुमान चालीसा, राज ठाकरे को लेकर ओवैसी का ‘फतवा’

मुंबई के घाटकोपर में ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे)’ के कार्यालय में रविवार (3 अप्रैल, 2022) को पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लाउडस्पीकर पर जोर-जोर से हनुमान चालीसा बजाना शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) ने घाटकोपर स्थित मनसे के कार्यालय का वीडियो शेयर किया है। वीडियो में पेड़ पर बाँधे गए दो लाउडस्पीकर दिखाई दे रहे हैं, जिनमें हनुमान चालीसा बज रहा है। इस दौरान कार्यालय के पास भारी संख्या में लोग इकट्ठे हो गए।

बताया जा रहा है कि ये सभी मनसे के समर्थक हैं। वहीं, कुछ लोग अपने हाथ में मनसे (MNS) का झंडा लिए हुए दिख रहे हैं। दरअसल, मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने शनिवार (2 अप्रैल, 2022) को महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी दी थी कि लाउडस्पीकर हटाओ वरना मस्जिद के सामने लाउडस्पीकर लगा दूँगा और हनुमान चालीसा बजाया जाएगा।

वहीं, गुड़ी पाड़वा मेले में राज ठाकरे द्वारा अजान पर निशाना साधने पर AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने औरंगाबाद में मनसे अध्यक्ष को लेकर ‘फतवा’ जारी किया है। एमआईएम के सांसद इम्तियाज जलील ने बताया कि असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर कोई बयान नहीं देने का आदेश दिया है। स्थानीय मीडिया के मुताबि​क, एमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने एक निजी समाचार चैनल को बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के किसी भी बयान का जवाब नहीं देने के लिए औरंगाबाद से ‘फतवा’ जारी किया है।

बता दें कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने गुड़ी पाड़वा (हिन्दु नववर्ष) के मौके पर शिवाजी पार्क में आयोजित एक रैली में कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर इतनी तेज आवाज में क्यों बजाए जाते हैं? अगर इसे नहीं रोका गया तो मस्जिदों के बाहर स्पीकर पर अधिक तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी देने के बाद यह भी कहा था, “मैं प्रार्थना या किसी विशेष धर्म के खिलाफ नहीं हूँ। हर धर्म को प्रार्थना करने का अधिकार है, लेकिन मुझे अपने धर्म पर गर्व है। इसलिए इस बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि आपकी किसी चीज से दूसरों को परेशानी न हो।” इसके साथ ही उन्होंने मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य स्थानों की बदलती जनसांख्यिकी (Demography) पर बात करते हुए आरोप लगाया था कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से बहुत सारे मुस्लिम इन जगहों पर आकर बस गए हैं और अगर पुलिस मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में मदरसों की ठीक से जाँच करेगी, तो उन्हें बहुत कुछ पता चलेगा।

झाड़-फूँक के नाम पर बीमार बच्ची से निर्ममता, अगरबत्ती से जला दिए शरीर के अंग: नाबालिग का शोषण करने वाला मौलाना वाहिद गिरफ्तार

झारखंड के चतरा जिले में एक 14 साल की लड़की के भीतर से शैतानी आत्मा निकालने के बहाने एक आलिम की काली करतूत सामने आई है। आरोप है कि आलिम ने लड़की के भीतर से प्रेत आत्मा बाहर करने की बात कहकर उसे तमाम तरह से प्रताड़ित किया, उसे अगरबत्ती से जलाया और चार दिन में उसकी हालात ऐसी कर दी कि वो अपना मानसिक संतुलन खो बैठी।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची होली खेलने के बाद बीमार पड़ गई थी। ऐसे में मौलाना मोहम्मद वाहिद ने बच्ची के परिवारजनों को कहा कि वो अपनी झाड़-फूँक से उसे ठीक कर देगा। वाहिद ने चार दिन लड़की को अपने घर पर रखा। वहाँ उसे सताया। उसका मानसिक-शारीरिक शोषण किया। जिसके चलते लड़की अपना मानसिक संतुलन खो बैठी।

पुलिस का कहना है कि वाहिद ने लड़की को पीटा, उसके चेहरे, होंठ, हाथ को जलती हुई अगरबत्ती से जलाया। जब लड़की की हालात घरवालों को सुधरने की जगह और बिगड़ती दिखी तो उसे चतरा में सदर अस्पताल ले गए। वहाँ उसे राँची के राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बाद में माता-पिता की शिकायत पर वाहिद को पुलिस ने पकड़ लिया है। चतरा के एसपी राकेश रंजन ने बताया कि घटना लावालौंग प्रखंड मुख्यालय में कोलकोले पंचायत के संभे ग्राम की है। घटना के संबंध में 35 साल के आरोपित मौलाना मोहम्मद वाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आलिम के कहने पर निकाली बच्ची की आँख

बता दें कि झाड़-फूँक के नाम पर लोगों को ठगने वाले आलिमों से जुड़ी तमाम खबरें आती ही रहती हैं। पिछले साल बिहार के मुंगेर में 5 अगस्त को 8 साल की बच्ची की निर्मम हत्या की घटना सामने आई थी। उस समय भी युवक ने पत्नी के गर्भस्थ शिशु को बचाने के लिए काला जादू करने वाले आलिम परवेज के कहने पर एक बच्ची की आँख के खून से ताबीज बनाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। 

मुस्लिम छात्रों के लिए UPSC कोचिंग, केंद्रीय मंत्री नकवी ने किया उद्घाटन: कहा – केंद्र की नौकरियों में अब 10% अल्पसंख्यक

भारत सरकार के केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मुस्लिमों की शिक्षा को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ‘बैक टू ब्रिलियंस’ पॉलिसी के कारण बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं के चयन सिविल सर्विस में हो रहा है और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी वे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले तक केंद्र सरकार की नौकरियों में अल्पसंख्यक समुदाय की भागीदारी केवल 5 प्रतिशत थी, लेकिन आज यह 10 फीसदी हो गई है। केंद्र की नीति ने जमीनी परिणाम दिए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने यह बात शनिवार (2 अप्रैल, 2022) को मुंबई के न्यू पनवेल स्थित कालसेकर परिसर आवासीय यूपीएससी कोचिंग सेंटर ‘अंजुमन ए इस्लाम’ के उद्घाटन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि शनिवार से प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना लागू होने जा रही है, जो कि जरूरतमंदों को रोजगार के लिए स्किल डेवलपमेंट कोर्स कराकर उनके सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर होगा।

नकवी ने दावा किया कि हुनर हाट, सीखो और कमाओ, नई मंजिल, उस्ताद, नई रौशनी और गरीब नवाज जैसे कार्यक्रमों के चलते बीत 8 सालों में केवल अल्पसंख्यक समुदाय के 21.5 लाख युवाओं को रोजगार के मौके मिले हैं। जबकि, 2014 से पहले ये केवल 20,000 लोगों को ही ऐसे मौके मिले थे। 2014 से पहले केवल 3 करोड़ अल्पसंख्यकों को छात्रवृति दी गई थी, लेकिन बीते 8 साल में 5.2 करोड़ लोगों को स्कॉलरशिप मिली है। पहले करीब 70 फीसदी मुस्लिम लड़कियाँ स्कूल छोड़ देती थीं, लेकिन अब ये आँकड़ा घटकर 30 प्रतिशत से भी कम हो गई है।

बरेली में यूनानी मेडिकल कॉलेज के लिए 200 करोड़

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने बरेली में एक यूनानी मेडिसिन कॉलेज खोलने के लिए 200 करोड़ रुपए दिए हैं। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के तीन परिसरों को बनाने के लिए भी 300 करोड़ की राशि जारी की गई है। मदरसों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। 18000 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का निर्माण पिछड़े क्षेत्रों में किया गया है। हज प्रक्रिया को भी डिजिटल किया जा रहा है।

‘अगले साल अपने घर में रहेंगे कश्मीर के विस्थापित’: संघ प्रमुख भागवत ने कहा- यहूदियों ने 1800 साल बाद दोबारा इजरायल बसाया था

कश्मीरी पंडितों (Kashmiri Pandits) का नवरेह पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। श्रीनगर के सारिका देवी मंदिर में 32 साल बाद उत्सव जैसा माहौल है। 1990 के दशक में विस्थापन के बाद से देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे पंडित कश्मीर पहुँचे और पूजा अर्चना की। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कश्मीरी पंडितों को शुभकामनाएँ दीं और उनके संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि वो समय जल्दी ही आने वाला है, जब कश्मीरी पंडित अपनी भूमि पर होंगे।

रविवार (3 अप्रैल 2022) को एक भागवत ने कहा, कश्मीरी पंडितों का पर्व नवरेह वर्ष का प्रारंभ होता है। साथ ही यह संकल्प का दिन भी होता है। परिस्थितियाँ आती-जाती रहती हैं, लेकिन अपने संकल्प को बनाए रखना और उसके लिए उद्यम करना आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि इस परिस्थिति पर विजय हासिल करने के लिए संकल्प लेना चाहिए।

कश्मीरी पंडितों के विस्थापन को लेकर उन्होंने कहा, “परिस्थितयाँ तो सब प्रकार की जीवन में आती हैं। परिस्थितियाँ आती हैं तो जाती भी हैं। परिस्थितियों में हमारी कसौटी होती है और उस कसौटी को पार करके हमारी सक्षमता में और वृद्धि होती है। इसलिए उस परिस्थिति में अपने उद्यम, अपने परिश्रम, अपने धैर्य और साहस का महत्व रहता है। उसी आधार पर हम उस परिस्थिति को पार भी करते हैं। हम आज ऐसी ही परिस्थिति में हैं। हम अपने ही देश में अपने घर से विस्थापित होने का दंश झेल रहे हैं और उससे पार पाएँगे।”

इजरायल से विस्थापित हुए यहूदियों के संघर्ष को याद करते हुए संघ प्रमुख ने कहा, “परिस्थिति के सामने हारना नहीं चाहिए। अपनी भूमि से सारी दुनिया भर में इजरायल के लोग भी परिस्थिति के चलते बिखर गए थे। उनका भी एक त्योहार होता है और उस दिन वो संकल्प करते थे कि अगले वर्ष यरुशलम चलेंगे। इस संकल्प को उन्होंने 1800 वर्ष तक जारी रखा। पहले 1700 वर्ष तो उन्होंने केवल संकल्प लिया और अगले 100 साल के उद्यम में फिर से उसी भूमि में एक स्वतंत्र इजरायल को स्थापित किया। अगले 30 वर्षों में सब बाधाओं का उन्होंने शाश्वत ईलाज किया और आज इजरायल को दुनिया के अग्रणी राष्ट्रों में बना दिया।”

कश्मीर फाइल्स फिल्म की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत कश्मीर के पीड़ितों के साथ है, इसका सबूत इस फिल्म के दौरान देखने को मिला। विस्थापन की विभीषिका का सत्य चित्र दुनिया के सामने लाया गया और इसने भारत के लोगों को झंझोड़ कर जगा दिया। भागवत ने कहा कि इस फिल्म ने स्पष्ट कर दिया है कि कितना सचेत रहने की जरूरत है। भागवत ने कहा कि कश्मीरी पंडित दुनिया भर में विस्थापित हुए हैं, लेकिन अभी उनके पास अपनी एक भूमि और है और वह है भारत की भूमि। पूरा भारत आज कश्मीरी पंडितों के साथ है। उस साथ के चलते परिस्थितियाँ बदल रही हैं।

विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के पुनर्वास को लेकर भागवत ने कहा कि भारत के लोगों की भावनाओं के देखकर लगता है कि विस्थापित कश्मीरी अगले वर्ष तक अपने घर और भूमि पर फिर से रहने लगेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें अब देरी नहीं है। यह निश्चित होगा और जल्दी होगा।

‘उनकी जुबान खुली तो हमारी बंदूकों से गोलियाँ निकलेंगी’: सपा विधायक शहजिल इस्लाम ने CM योगी को धमकाया, वीडियो आया सामने

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत और सीएम योगी आदित्यनाथ के दोबारा से राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से विपक्ष बौखलाया सा है वो उलूल-जलूल बातें कर रहा है। इसी क्रम में राज्य के भोजीपुरा विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक शहजिल इस्लाम ने सीएम योगी को लेकर विवादित बयान दिया है। इस्लाम ने कहा कि अगर उनकी जुबान खुली तो हमारी बंदूकों से गोलियाँ निकलेंगी।

सपा विधायक इस्लाम सम्मान समारोह में हिस्सा लेने के लिए आए थे। इस बीच उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए सीएम योगी के खिलाफ जमकर जहर उगला। इस्लाम ने इस बात की धौंस दिखाई कि अब राज्य विधानसभा में सपा एक मजबूत विपक्ष है। सपा नेता ने कहा कि पहले हमारे सदस्य कम थे तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुँह से गाली छोड़कर बाकी सारे क्रिया कर्म किए थे, लेकिन अब हम भी मजबूत हैं।

इस्लाम की इस बदजुबानी का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें को कहते हैं, “विपक्ष के तौर पर हम लोगों की अच्छी खासी संख्या है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव नेता प्रतिपक्ष हैं। ऐसे में आज अगर सदन का नेता होने के नाते योगी अपशब्द कहेंगे तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। हाथ के हाथ जबाव देंगे। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐलान कर दिया है कि हम सड़क और सदन के अंदर दोनों जगह लड़ाई लड़ेंगे। वो दिन बीत गए जब उनकी तानाशाही चलती थी, आज एक मजबूत विपक्ष है। हमारे हर दिल अजीज नेता अखिलेश यादव, जो कि बब्बर शेर हैं. वो हमारे साथ हैं। अब से अगर उनके मुँह से एक भी आवाज निकलेगी तो हमारी बंदूकों से धुआँ नहीं, गोली ही निकलेगी।”

इस्लाम का कहना था कि अगर इन लोगों ने मनमानी की तो हम बरेली में धरना देंगे और सड़कों को जाम करेंगे। किसी भी तरह की जोर या ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वीडियो वायरल होने पर दी सफाई

शहजिल इस्लाम का धमकी वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद अब सपा नेता सफाई देते फिर रहे हैं। अब वो कह रहे हैं, “मैं सदन, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष का सम्मान करता हूँ। मेरे अधूरे वीडियो दिखाकर गलत अर्थ निकाले गए। हाँ कुछ शब्द मेरे मुँह से धोखे से निकल गए।”

‘हम किसी के सामने No. 2 नहीं’: साउथ को ‘रीजनल सिनेमा’ बता फँसे जॉन अब्राहम, ‘अटैक’ को नहीं मिल रहे दर्शक, लोगों ने पूछा – ‘आ गया स्वाद?’

जॉन अब्राहम ने अपनी फिल्म ‘अटैक’ की रिलीज से पहले एसएस राजामौली की फिल्म ‘RRR’ को लेकर बयान दिया था, जो अब उन पर ही भारी पड़ रहा है। उनका कहना था कि ‘RRR’ के एक सप्ताह बाद रिलीज होने के बावजूद उनकी ‘Attack’ को सिनेमाघरों में अच्छी उपस्थिति मिलेगी। उन्होंने कहा था कि हमने जो किया है उसे लेकर भी उनके मन में सम्मान है और ‘हम लोग’ किसी के सामने भी ‘नंबर 2’ नहीं हैं। उन्होंने एसएस राजामौली का सम्मान करने की बात भी कही थी।

बता दें कि जॉन अब्राहम ने दक्षिण भारत में बनने वाली मेगा बजट की ‘पैन इंडिया’ फिल्मों को ‘क्षेत्रीय भाषा’ की फ़िल्में बता दिया था, जिससे साउथ सिनेमा के फैंस आहत हुए थे। जॉन अब्राहम ने कहा था कि वो कभी क्षेत्रीय सिनेमा नहीं करेंगे। अजय देवगन और आलिया भट्ट ‘RRR’ का हिस्सा हैं। रजनीकांत की ‘2.0’ में अक्षय कुमार मुख्य विलेन थे। रवि किशन और नील नितिन मुकेश अक्सर साउथ की फिल्मों में दिखते हैं। सलमान खान भी चिरंजीवी की ‘गॉडफादर’ की शूटिंग कर रहे हैं।

वहीं अब ‘अटैक’ के फ्लॉप होने के बाद लोग जॉन अब्राहम को ट्रोल कर रहे हैं। जहाँ ‘RRR’ ने सिर्फ हिंदी भाषा में 9 दिनों में 164 करोड़ रुपए की नेट कमाई कर ली है, वहीं जॉन अब्राहम की ‘अटैक’ 2 दिन में मात्र ७.32 करोड़ रुपए की नेट कमाई की है। फिल्म का बजट 55 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। वहीं ‘RRR’ ने शनिवार (2 मार्च, 2022) को दुनिया भर में 68.17 करोड़ रुपए की कमाई कर अपने ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को 819 करोड़ रुपए के पार पहुँचा दिया।

इस तरह अब ‘RRR’ ने रजनीकांत और अक्षय कुमार की शंकर निर्देशित फिल्म ‘2.0’ के 800 करोड़ रुपए की कमाई को पीछे छोड़ दिया है। इससे आगे अब ‘बाहुबली 2’, ‘दंगल’, ‘बजरंगी भाईजान’, सीक्रेट सुपरस्टार’ और ‘पीके’ ही हैं। आमिर खान की तीनों फिल्मों में से ‘दंगल’ और ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ की अधिकतर कमाई चीन से हुई थी। ‘RRR’ जल्द ही 1000 करोड़ रुपए की कमाई का आँकड़ा पार करेगी। फिल्म में जूनियर एनटीआर और राम चरण तेजा मुख्य भूमिकाओं में हैं।

जॉन अब्राहम को उनके बड़बोले बयानों के लिए लोगों ने ट्रोल भी किया। एक ने पूछा कि उनकी फ़िल्में क्यों फ्लॉप हो रही हैं तो दूसरे ने कहा कि बॉलीवुड अब भी नहीं सुधर रहा है। एक यूजर ने याद दिलाया कि ‘RRR’ की जितनी 6 दिन की कमाई है, उतने जॉन अब्राहम ने पिछले 10 वर्षों में भी नहीं कमाए हैं। एक ने कहा कि अगर जॉन अब्राहम चाहेंगे भी तो उन्हें साउथ से ऑफर नहीं मिलेगा। जॉन अब्राहम अन्य लोगों का निशाना भी बने हैं।