Friday, April 3, 2026
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‘1 लाख आक्रांता घुस गए हैं’: PM मोदी से फोन पर गिड़गिड़ाए यूक्रेनी राष्ट्रपति, रूस ने कहा – भारत का रुख संतुलित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से बात की है। यूक्रेन की ताज़ा परिस्थिति और वहाँ चल रहे युद्ध को लेकर वहाँ के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को जानकारियाँ दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बातचीत के दौरान मौजूदा संघर्ष में जानमाल की क्षति को लेकर अपनी गहरी वेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने हिंसा को त्वरित रूप से ख़त्म किए जाने की बात करते हुए बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने की सलाह दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत शांति की दिशा में प्रयास के लिए अपना योगदान देने के लिए तैयार है और ऐसी इच्छा रखता है।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सलामती को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की। इनमें अधिकतर वो छात्र हैं, जो भारत से वहाँ पढ़ाई करने के लिए गए हैं। उन्होंने वहाँ फँसे भारतीयों को शीघ्रता से बाहर निकालने के लिए वहाँ के प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा की। उधर इस मामले में भारत के स्टैंड को लेकर रूस का भी बयान आया है। ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC)’ में शुक्रवार (25 फरवरी, 2022) को इस मामले पर वोटिंग हुई थी।

भारत ने इस वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था। रूस ने भारत के इस रुख को ‘स्वतंत्र और संतुलित’ करार देते हुए कहा है कि विशेष और विशेषाधिकृत रणनीतिक साझेदारी की भावना को बनाए रखने की दिशा में रूस भारत के साथ यूक्रेन संघर्ष को लेकर करीबी बातचीत की प्रक्रिया को जारी रखने का पक्षधर है। हालाँकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने यूएन में भारत के सहयोग का निवेदन किया। उन्होंने कहा कि 1 लाख से अधिक आक्रांता उनके देश में घुस गए हैं और कपटपूर्ण तरीके से आवासीय इमारतों पर गोलीबारी कर रहे हैं।

हाल ही में रूस ने UNSC के उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, जिसमें यूक्रेन में उसके सैन्य अभियान की निंदा की गई थी। इस प्रस्ताव में रूसी फौजों को यूक्रेन से तत्काल निकलने की माँग भी शामिल थी। यह प्रस्ताव अमेरिका द्वारा लाया गया था। इस प्रस्ताव के पक्ष में कुल 11 सदस्यों ने वोट दिया। भारत, चीन और संयुक्त अरब अमीरात हालाँकि अनुपस्थित रहे थे। अमेरिका के साथ अल्बानिया ने भी इस प्रस्ताव को साझे तौर पर पारित करवाने का प्रयास किया था।

‘बंगाल और तमिलनाडु बनेगा अगला कश्मीर… आंध्र-पंजाब तक फैलेगा जहर’ – गुपकार अलायंस की ने दी धमकी

जम्मू-कश्मीर परिसीमन पर आयोग की रिपोर्ट आ गई है। जम्मू-कश्मीर में परिसीमन आयोग की इस रिपोर्ट पर सियासी माहौल काफी गर्म है। इसी को लेकर पाँच दलों के समूह गुपकार अलायंस ने शनिवार (26 फरवरी 2022) को समूह के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के आवास पर बैठक की। गुपकार अलायंस ने परिसीमन को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि आयोग ने बीजेपी के पक्ष में काम किया है।

गुपकार की ओर से दावा किया गया कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू और कश्मीर में विकास, शांति, रोजगार और निवेश का भाजपा का दावा एक छलावा है। इस संगठन ने एक स्वर में इसे झूठ का पुलिंदा करार दिया। गुपकार गठबंधन ने भाजपा को रोजगार के मुद्दे पर चुनौती दी है। इस बैठक में भारत सरकार के नए कश्मीर के दावे को भी खारिज कर दिया गया।

गठबंधन के प्रवक्ता एमवाई तारिगामी ने केंद्र सरकार और देश के खिलाफ जमकर जहर उगला। तारिगामी ने यूएपीए, पीएसए और गिरफ्तारी को अपवाद के बजाय भाजपा का नियम करार दिया। उन्होंने कहा:

“5 अगस्त, 2019 को जो कुछ भी हुआ, वो जबरदस्ती थोपा गया फैसला था। यह बड़े पैमाने पर सुरक्षा बंद, फोन नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएँ जाम होने के कारण हुआ। लोगों की सहमति नहीं ली गई। 5 अगस्त 2019 के फैसलों की स्वीकृति के रूप में कश्मीरियों, जम्मू और लद्दाखियों की चुप्पी को गलत न समझें।”

तारिगामी का कहना था कि अनुच्छेद 370 भारत और जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच एक ब्रिज की तरह था। ये प्रदेश की पहचान का मामला है और इसे वापस लिए जाने से उस वक्त के संबंध भी प्रभावित हुए हैं, जब से इसका देश में विलय हुआ था। तारिगामी ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की घटना को संविधान पर हमला बताया। बोलते-बोलते उन्होंने बंगाल और तमिलनाडु के एक और कश्मीर बनने को लेकर भी चेतावनी दे डाली।

ये जहर बाकी राज्यों में भी पहुँच सकता है

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के कश्मीरियों के दर्द को महसूस करने के लिए बुद्धिजीवियों, प्रेस और लोगों से अपील करते हुए तारिगामी ने दावा किया कि ये मुद्दा अब एक जहर का रूप ले चुका है जो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पंजाब समेत दूसरे राज्यों तक पहुँच सकता है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल किया का अनुच्छेद 370 हटने के बाद उसने कितनों को नौकरी दी।

गुपकार अलायंस ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव को अवैध और असंवैधानिक करार देते हुए पूछा कि सिर्फ 7 सीटें ही क्यों बढ़ीं, सिर्फ 1 या 9 क्यों नहीं। वहीं फारूक अब्दुल्ला ने भी परिसीमन आयोग पर बीजेपी के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हर हाल में चुनाव लड़ेगी।

1 दिन की बेटी के अंतिम संस्कार से लौट कर लगाया शतक, विष्णु सोलंकी ने दिलाई अपनी टीम को बढ़त

नवजात बेटी के निधन के बाद भी मैदान में उतर कर रणजी ट्रॉफी में बड़ौदा टीम के क्रिकेटर विष्णु सोलंकी ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। अंतिम संस्कार से लौटने के बाद उन्होंने शतक भी लगाया। उनकी इसी पारी की बदौलत बड़ौदा ने चंडीगढ़ पर बढ़त बना ली है। विष्णु अभी हाल ही में पिता बने थे।

विष्णु सोलंकी इस रणजी सीजन में अपना पहला मैच खेल रहे हैं। वो अभी हाल ही में एक बेटी के पिता बने थे। इस मैच में विष्णु सोलंकी 12 चौकों के साथ 161 गेंदों पर 103 रन बना कर नाबाद हैं। चंडीगढ़ की पहली पारी 168 रन पर सिमट गई थी। दो दिन का खेल खत्म होने तक बड़ौदा ने चंडीगढ़ पर 230 रन की बढ़त बना ली है।

विष्णु की तारीफ में क्रिकेटर शेल्डन जैक्सन ने कहा, “क्या खिलाड़ी है। जिन्हें मैं जानता हूँ, उन सबमें सबसे कठिन खिलाड़ियों में से एक। विष्णु और उनके परिवार को एक बड़ा सैल्यूट। तुम्हें और भी शतक और सफलता की शुभकामनाएँ।”

11 फरवरी 2022 को विष्णु सोलंकी की बेटी का जन्म हुआ था। बेटी के जन्म के समय विष्णु कटक में अपनी टीम बड़ौदा के लिए रणजी खेलने गए हुए थे। जन्म के 24 घंटे के भीतर ही हालाँकि विष्णु और उनके परिवार के लिए खुशियाँ मातम में बदल गई, उनकी बेटी की मौत हो गई। जिस बेटी का वो मुँह भी न देख सके, उसके अंतिम संस्कार के लिए विष्णु सोलंकी कटक से अपने घर गए। लेकिन जब कर्म को ही पूजा मान कर लौटे तो टीम के लिए शतक बना एक तरह का इतिहास रच दिया।

सचिन-कोहली से मिलती जुलती घटना

सन 1999 के विश्वकप में सचिन तेंदुलकर ने अपने पिता की मृत्यु के बाद खेले गए मैच में शतक बनाया था। उस मैच में सचिन ने केन्या के खिलाफ 101 गेंदों में 140 रन बनाए थे। तब सचिन ने अपनी माँ द्वारा टीम के लिए खेलने का आदेश बताया था।

दिल्ली के लिए रणजी मैच खेलने के दौरान विराट कोहली के पिता की मृत्यु हो गई थी। फिर भी विराट ने मैच खेला था और अर्धशतक लगाया था। उनकी पारी से ही दिल्ली हार से बच पाई थी। इस पारी के बाद वो अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे।

‘बाप का पैसा डिग्री खरीद सकता है, तमीज नहीं’ – यूक्रेन से रेस्क्यू किए गए छात्रों ने उड़ाया स्थिति का मजाक, वीडियो देख नेटीजन्स भड़के

रूस-यूक्रेन विवाद के बीच भारत सरकार लगातार यूक्रेन से भारतीय छात्रों को सकुशल भारत लाने की कोशिशों में जुटी है। हाल में यूक्रेन से 219 भारतीयों को निकाला गया है। इस बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई है। वीडियो में कुछ छात्र हैं, जो न केवल यूक्रेन के हालातों का मजाक उड़ा रहे हैं बल्कि इन्हें देखकर लगता है कि सरकार ने जो इन्हें लाने के लिए जोर लगाया उसकी कद्र भी इन्हें नहीं है।

वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे मजाक उड़ाने के अंदाज में ये लोग बचा लो- बचा लो कह कर तेज-तेज हँस रहे हैं। वीडियो में लड़की बताती है कि वो पोलैंड जा रहे हैं। तभी पीछे से बचा लीजिए-बचा लीजिए-बचा लीजिए-बचा लीजिए कहते हुए सारे छात्र मजाक करके हँसने लगते हैं। एक कहता है- ‘हम टीएनएम के स्टूडेंट है सर।’ लड़की कहती है- ‘नो पैनिक प्लीज-नो पैनिक’ और फिर सब हँसते हैं।

अब इस वीडियो को जगह जगह शेयर किया जा रहा है। वीडियो को आनंद रंगनाथन ने शेयर करते हुए कहा, “इनके माँ-बाप इधर उधर दौड़ रहे हैं। इनकी सरकार इन्हें सुरक्षित उड़ानों के साथ निकाल रही है, इनके राजदूत इनके लिए वाहनों का इंतजाम कर रहे हैं और एक ये हैं। सबके प्रयासों का मजाक उड़ा रहे हैं। घिनौने।”

एक यूजर लिखता है, “बाप का पैसा डिग्री खरीद सकता है अयोग्य बच्चे के लिए। लेकिन तमीज नहीं खरीदी जा सकती।”

गौतम गोवितरिकर लिखते हैं, “ये देखना बेहद दुख हैं कि ऐसे छात्र इतनी बेवकूफी वाली हरकत करते हैं वो भी तब जब उनके देश ने सिर्फ उनके पासपोर्ट की वजह से उन्हें बचाया। कृपया ऐसे राष्ट्र जाएँ जो आपसे अपना ख्याल खुद रखने को कहे तब ऐसे मजाक करना।”

एक यूजर ने कहा कि ऐसे बच्चे रेस्क्यू के लायक हैं क्या? इन्हें अकेले छोड़ दो तब समझ आएगा यूक्रेन के लोग किस दर्द से गुजर रहे हैं। अगर आप सुरक्षित हैं तो इसका मतलब ये नहीं आप मजाक उड़ाएँगे।

अविनाश श्रीवास्तव लिखते हैं, “भारत यूक्रेन में फँसे स्टूडेंट्स को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। पहले स्टूडेंट्स ये रोना भी रो रहे थे कि इंडियन गवर्नमेंट कुछ नही कर रही। अब कुछ स्टूडेंट्स वापसी कन्फर्म हो जाने पर अब India के प्रयासों का मज़ाक उड़ा रहे है। ये कैसे संस्कार है? ये कैसा दोगलापन है?”

भारतीयों को यूक्रेन से निकालने में भारत के प्रयास

गौरतलब है कि यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के प्रयासों के बीच विदेशी मंत्री का बयान आया है। उन्होंने कहा, “यूक्रेन से निकाले गए 219 भारतीयों के साथ पहली उड़ान रोमानिया से मुंबई के लिए रवाना हुई। हमारी टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी कर रहा हूँ।”

इधर, रोमानिया में भारतीय राजदूत राहुल श्रीवास्तव ने भी विमान के अंदर का एक वीडियो जारी करते हुए कहा- “भारत सरकार यूक्रेन में फँसे हर व्यक्ति को भारत लाने के लिए दिन-रात लगी हुई है। हमारा यह मिशन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक अंतिम व्यक्ति को रेस्क्यू नहीं किया जाएगा। आप सभी अपनी जिंदगी में 26 फरवरी का ये दिन हमेशा के लिए याद कर लीजिए।”

तजिंदर बग्गा ने दिया देश को पहला झटका बिरयानी ब्रांड: 6 माह में दिल्ली में खुलेंगी ‘Kulhad Biryani’ की कई दुकान

भारतीय जनता पार्टी के नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने आज भारतीय बाजार में पहले झटका बिरयानी ब्रांड ‘कुल्हड़ बिरयानी’ की शरुआत की है। उनका कहना है कि वह इस ब्रांड को मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत तक लॉन्च करेंगे।

उन्होंने बताया कि दो दिन पहले इस नए वेंचर यानी कुल्हड़ बिरयानी की घोषणा हुई है और उनके पास अब तक फ्रेंचाइजी के लिए सैंकड़ों इंक्वायरी आ गई हैं। उनका लक्ष्य है कि वह आगामी 6 माह में इस ब्रांड की कई फ्रेंचाइजी ओपन करें। साल भर बाद कुल्हड़ बिरयानी को देश के कोने में लेकर जाया जाएगा।

उन्होंने बताया, “फ्रेंचाइजी से जुड़ी जानकारी kulhadbiryani.com पर मौजूद है और अधिक जानकारी के लिए [email protected] से ली जा सकती है। कई निवेशकों से बात की जा रही है जो इस ब्रांड में निवेश कर सके और अपनी दिलचस्पी इस ब्रांड में दिखा सकें। जल्द ही ये भारतीय बिरयानी जगत में झटका बिरयानी का नाम भी शामिल होगा।”

गौरतलब है कि भारत में बिरयानी को पसंद करने वाले बहुत लोग हैं। साल 2020-2021 के आँकड़ों के अनुसार, हर मिनट बिरयानी के 90 से 115 ऑर्डर आते थे। इस बीच जोमैटो और स्विगी ने बिरयानी की सबसे ज्यादा डिलीवरी की, जिसके बाद तजिंदर सिंह बग्गा ने भी कुल्हड़ बिरयानी के रूप में अपने नए वेंचर की शरुआत की।

सोशल मीडिया पर बता दें कि इस घोषणा के बाद तजिंदर पाल सिंह बग्गा को कुछ लोग बधाई दे रहे हैं तो कुछ कह रहे हैं कि बिरयानी की क्या जरूरत थी? कुछ और भी खोला जा सकता था। वहीं कुछ यूजर्स हैं तो ट्विटर पर फ्रेंचाइजी से जुड़ी जानकारी माँग रहे हैं। वहीं कुछ हैं तो भाजपा नेता को धन्यवाद दे रहे हैं कि उन्होंने झटका बिरयानी ब्रांड की शुरुआत की। 

CRPF जवान की पत्नी को कार मैकेनिक मुख्तार ने फाँसा, गला दबा कर दी हत्या: शव नाली में फेंका, कमरे से बियर केन और ग्लास बरामद

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में CRPF जवान की पत्नी की गला दबा कर हत्या कर दी गई है। हत्या के बाद महिला का शव नाले में डाल दिया गया। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपितों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। घटना का मुख्य आरोपित मुख़्तार है। घटना के पीछे का कारण अवैध संबंध बताया जा रहा है। मृतका का नाम गीता देवी है। घटना की पुलिस में शिकायत 20 फ़रवरी (रविवार) को की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतका के पति का नाम इंद्रपाल है। वह कानपुर के पनकी क्षेत्र में रतनपुर कॉलोनी में परिवार के साथ रहता था। परिवार में उसकी लगभग 34 वर्षीया पत्नी गीता देवी 2 बच्चों सुशांक व सिद्धार्थ के साथ रहती थी। CRPF जवान इंद्रपाल की रविवार (20 फरवरी) को UP के मैनपुरी में चुनावी ड्यूटी लगी थी। इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी के मोबाइल पर कई कॉल किए लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया। इंद्रपाल ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर जाँच की तो घर पर कोई नहीं मिला। घर के एक कमरे से बीयर के खाली केन, ग्लास के साथ कुछ अन्य सामान बरामद हुए।

अगले दिन 21 फरवरी को ड्यूटी से लौट कर इंद्रपाल ने पुलिस में अपनी बीवी की गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। जाँच के दौरान पुलिस को गीता देवी की अंतिम बात कार रिपेयर करने वाले मुख़्तार से होना पाया गया। पुलिस ने मुख़्तार को हिरासत में लिया तो उसने गीता की हत्या करने की बात कबूल ली। मुख्तार ने पुलिस को जो पूरी बात बताई वो कुछ इस प्रकार से थी, “उसका गीता से शादी से पहले ही संबंध था। वह भी गीता के मायके रूरा जमालपुर का रहने वाला है। जब भी जवान इंद्रपाल ड्यूटी पर जाता था तब अक्सर मुख़्तार उसके घर आता था।”

मुख़्तार ने आगे बताया, “इस बीच गीता की बात एक प्रॉपर्टी डीलर पुष्पेंद्र सिंह से भी होने लगी थी। वह गंगागंज के रहने वाले थे। मुख़्तार को गीता का किसी और से बात करना पसंद नहीं था। इसलिए वो घटना की शाम गीता को कार में बिठा कर ले गया। बाद में उसने गला दबा कर गीता की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कानपुर देहात के भाऊपुर मैथा के पास स्थित एक नाले में फेंक दिया।” यह शव पुलिस ने शुक्रवार (25 फरवरी) को बरामद कर लिया।

पुलिस को गीता की कॉल डिटेल में प्रॉपर्टी डीलर पुष्पेंद्र का भी नंबर मिला। उसकी बात मुख़्तार से कुछ देर पहले हुई थी। पुलिस ने पुष्पेंद्र को भी हिरासत लिया है। गीता के बेटों ने भी पुलिस से मुख़्तार और पुष्पेंद्र के बराबर घर आने की बात बताई। गीता के बेटों ने बताया कि उनकी माँ को साथ ले जाते समय मुख़्तार की कार में कुल 3 लोग सवार थे।

‘सेना की ड्रेस पहन युद्ध के लिए निकले यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की, रूस का कर रहे हैं मुकाबला’: वायरल तस्वीर का FACT CHECK

यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच यू्क्रेन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर यूक्रेनियन राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें जेलेंस्की आर्मी की यूनिफॉर्म में हैं। अब दावा किया जा रहा है कि जब देश पर बन आई तो वहाँ के राष्ट्रपति भी सेना की वर्दी पहनकर मैदान में लड़ने के लिए आ गए हैं। इसी को आधार बनाकर प्रोपेगंडा फैलाने वाले लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘कायर’ कह रहे हैं।

लोग कह रहे हैं कि एक तरफ जेलेंस्की देश की रक्षा के लिए युद्ध क्षेत्र में उतर गए हैं तो दूसरी ओर यह कहा जा रहा है कि एक अपने पीएम हैं जो कुछ किसानों के रास्ता रोकने पर अपनी कार से बाहर तक नहीं निकले।

इसी क्रम में @Rautparody61 नाम के सोशल मीडिया यूजर ने फेक न्यूज फैलाते हुए कहा, “ये हैं यूक्रेन के राष्ट्रपति और एक इधर है जो किसान से डर जाता है।”

इसी तरह से संभव गौतम नाम के एक अन्य य़ूजर ने भी इसी तरह का झूठ फैलाया। यूजर ने लिखा, “यूक्रेन के राष्ट्रपति ने दिल, फेफड़ा,किडनी सब जीत लिया। अपने देश पर मुसीबत आई तो सैनिको की वर्दी पहनकर खुद जंग के मैदान में उतरे और एक युगांडा के PM हैं, जिन्हें 4-5 किसानों ने काले झंडे दिखाए तो बुलेट प्रूफ कार से न निकले और वापस जाकर बोले कि बड़ी मुश्किलसे जानबचाकर भागा हूँ।”

डॉ मोनिका नाम की एक यूजर ने भी इसी तरह की फेक न्यूज वायरल करते हुए आर्मी की वर्दी में जेलेंस्की की इमेज शेयर करते हुए लिखा, “ये हैं यूक्रेन के राष्ट्रपति जो युद्ध मे सैनिक की वर्दी पहन कर खुद उतर गया और एक प्रधानमंत्री हमने ऐसा भी देखा जो किसान से डर जाता है।”

क्या है हकीकत

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की को आर्मी की वर्दी में जो इमेज वायरल की जा रही है वो इमेज पिछले साल 6 दिसंबर 2021 की है। उस दिन यूक्रेन का आर्म्ड फोर्सेज डे था। इसी के मद्देनजर जेलेंस्की डोनेट्स्क क्षेत्र में आर्मी की यूनिफॉर्म में अपनी सेनाओं से मिले थे।

साभार: बूम लाइव

फैक्ट चेकर करने वाली वेबसाइट न्यूजचेकर ने भी फैक्ट चेक दावा किया कि उक्त इमेज पुरानी हैं।

साभार: न्यूजचेकर

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने भी जेलेंस्की के रुस के खिलाफ हथियार उठाने की खबर को अफवाह करार दिया है।

साभार: रॉयटर्स

इस तरह के व्लोडिमिर जेलेंस्की द्वारा रूस के खिलाफ हथियार उठाने की खबर पूरी तरह से बेबुनियाद है।

शौहर ने सिगरेट से झुलसाया, देवर ने की अश्लील हरकत: बुलंदशहर में रिजवाना को मोबाइल पर अनस से मिला तीन तलाक, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से तीन तलाक का मामला प्रकाश में आया है। रिजवाना नाम की पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसका शौहर उसे सिगरेट से झुलसाता था और उससे मारपीट करता था। कुछ दिन पहले उसके शौहर ने जब उसे तीन तलाक दिया तो उसके ससुराल वालों ने भी उसे घर से निकाल दिया। अब इसी बाबत महिला ने शिकायत थाने में दी है।

नगर के मोहल्ला पट्टी हरनाम सिंह की रिजवाना ने बताया कि उसका निकाह सिंभावली थाना क्षेत्र के गाँव वैट के रहने वाले अनस से हुआ था। निकाह के समय उसके घर वालों ने औकात के अनुसार दहेज दिया। मगर ससुराल के लोगों को तसल्ली नहीं हुई। उन्होंने फिर से 10 लाख रुपए की नकदी और बड़ी कार की माँग करना शुरू कर दिया। माँग पूरी न होने पर उससे मारपीट होती और कई बार तो उसके शरीर व विभिन्न अंगों को सिगरेट से जलाया भी जाता था। कई बार उसका देवर भी उससे अश्लील हरकत करता था।

जब रिजवाना के साथ होती इन ज्यादतियों के बारे में घरवालों को पता चला तो उन्होंने ससुराल वालों को समझाया लेकिन फिर भी रिजवाना को प्रताड़ित करना किसी ने नहीं छोड़ा। बहुत तंग आकर वह एक दिन घर लौट गई। जिसके कुछ दिन बाद उसके शौहर ने उसे मोबाइल पर तलाक दे दिया और ससुराल वालों ने भी रिश्ता तोड़ लिया। पुलिस में इस मामले की शिकायत होने के बाद सीओ स्याना अलका सिंह ने बताया कि उन्होंने तहरीर के आधार पर आरोपित शौहर अनस, ससुर आस मोहम्मद, मोनिस, दानिश, आयशा, आसमा को एफआईआर में नामजद किया है। जल्द ही इन आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।

पहले बेरहमी से पीटा, फिर तीन तलाक

गौरतलब है कि एक ओर उत्तर प्रदेश में तीन तलाक से पहले महिला को सिगरेट से झुलसाने का मामला आया है। वहीं मध्यप्रदेश में भी मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम नांद्रा के आशिक से छह साल पहले निकाह करने वाली रेशमा को बेहरमी से पीटकर तीन तलाक देकर घर निकाले जाने का मामला आया है। रेशमा ने बताया कि आशिक किसी अन्य महिला से अवैध संबंधों के चलते उससे घर पर मारपीट करता था। अब तीन तलाक मिलने पर महिला ने अपने शौहर, सास, ससुर, जेठानी, ननद, मौसी सब पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पाकिस्तान का राजकोषीय घाटा ₹19514 करोड़ के पार, मुल्क के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा घाटा: तेल के दाम भी बढ़े

पाकिस्तान वर्तमान दौर में जबरदस्त राजकोषीय घाटे से गुजर रहा है। यह घाटा पिछले 13 वर्षों में सबसे ज्यादा है। जनवरी 2022 में यह घाटा लगभग 2.6 बिलियन डॉलर (19,514 करोड़ रुपए) दर्ज किया गया है। आयात शुल्कों में तेजी आने के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पाद मूल्यों में बढ़ोतरी दर्ज होने इस घाटे की सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है।

‘स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान’ ने 24 फरवरी, 2022 (गुरुवार) को आँकड़े जारी करते हुए बताया, “दिसंबर 2021 में यह घाटा 190 करोड़ डॉलर था। जनवरी 2022 में यह घाटा बढ़ कर 260 करोड़ डॉलर हो गया।” इस से पहले साल 2008 में यह घाटा निम्नतम स्तर पर था।

पाकिस्तान के Geo News के मुताबिक पाकिस्तान कुवैत निवेश कम्पनी के रिसर्च प्रमुख सैमुल्लाह तारिक ने घाटे को अप्रत्याशित बताया है। वहीं आरिफ हबीब लिमिटेड के रिसर्च हेड ताहिर अब्बास ने इसको पाकिस्तान के इतिहास में अब तब का सबसे बड़ा राजकोषीय घाटा बताया है।

इस घाटे के चलते पाकिस्तान में तेलों के दाम भी बढ़े हैं। इसको ले कर पाकिस्तान के ग्लोबल विलेज स्पेस TV के CEO ने भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने संदेह जाहिर किया है कि क्या पाकिस्तान साल 2002 के IMF (International Monetary Fund) प्रोग्राम में हिस्सा ले पाएगा ? हर मोर्चे पर असफल पाकिस्तान के लिए अब आर्थिक मोर्चे को संभालना बड़ी चुनौती होगी।

‘यूक्रेन के आसमान की रक्षा कर रहा है कीव का भूत, मार गिराए रूस के 6 फाइटर प्लेन’: ‘यूरोपीय इक्के’ का FACT CHECK

रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine War) के बीच जारी जंग में रूसी सैनिक एक-एक कर लगातार यूक्रेन के शहरों पर कब्जे करते जा रहे हैं। वो देश की राजधानी कीव में घुस चुके हैं। दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध का आज तीसरा दिन है। इस बीच सोशल मीडिया से लेकर कई न्यूज चैनलों में यूक्रेन के आसमान को रूस से बचाने की कोशिश करते एक रहस्यमय मिग-29 फाइटर प्लेन के देखे जाने का दावा किया जा रहा है। वहाँ के लोग इसे ‘कीव का भूत’ करार दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर नेटिजन्स यूक्रेनी पायलट की क्लिप को शेयर कर रहे हैं, जिसे कथित तौर पर ‘घोस्ट ऑफ़ कीव’ बताया जा रहा है, जिसने कथित तौर पर डॉग फाइट में रूस के 6 फाइटर प्लेन को मार गिराया। कई ट्विटर यूजर इस कथित भूत को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहला ‘यूरोपीय इक्का’ करार दे रहे हैं।

एरियल वार टेक्नोलॉजी में ऐसे पायलट को इक्का कहा जाता है, जिसने युद्ध के दौरान पाँच या अधिक विमानों को मार गिराया है।

ट्विटर यूजर Visegrad 24 ने मिग-29 फाइटर जेट का एक वीडियो शेयर किया, जिसने कथित रूसी प्लेन का पीछा किया था। यूजर ने कहा कि कई सारे रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि यूक्रेन के एक पायलट ने शुक्रवार को छह रूसी विमानों को मार गिराया था, जिससे वह 21वीं सदी का पहला लड़ाकू बन गया है। पायलट को अब ‘घोस्ट ऑफ कीव’ कहा जा रहा है।

एक अन्य वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि ‘घोस्ट ऑफ़ कीव’ ने अब तक रूसी वायु सेना के दो Su-35, एक Su-27, एक MiG-29 और दो Su-25s को ढेर कर दिया है।

यूक्रेन की आम जनता ही नहीं, बल्कि वहाँ के पूर्व राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने भी एक इमेज शेयर कर इस पायलट को ‘घोस्ट ऑफ कीव’ करार दिया। कथित भूत की जय-जयकार करने के लिए कई सारे असत्यापित वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं।

पोरोशेंको ने ट्वीट किया, “ये कोई और नहीं, बल्कि कीव का भूत है। वह दुश्मनों को आतंक और यूक्रेनियन को गर्व महसूस करा रहा है। रूसी पायलटों पर उसने 6 जीत दर्ज की है! ऐसे शक्तिशाली रक्षकों के साथ, यूक्रेन निश्चित रूप से जीतेगा!”

हालाँकि अभी तक उस संदिग्ध पायलट की पहचान नहीं हो सकी है। माना जा रहा है कि पोरोशेंकों ने लोगों के मनोबल को बढ़ाने के लिए यह बयान दिया है।

फ़ैक्ट-चेकर्स ‘घोस्ट ऑफ़ कीव’ के अस्तित्व को नकार रहे

इस बीच कुछ फ़ैक्ट-चेकर्स ने भी वायरल हो रहे वीडियो का विश्लेषण करने के बाद दावा किया है कि ‘घोस्ट ऑफ़ कीव’ का दावा करने वाले कुछ फुटेज पायरेटेड हैं।

इसी क्रम में एक यूक्रेनियन यूजर ने वीडियो शेय़र कर दावा किया कि ‘घोस्ट ऑफ कीव’ ने रूसी Su-35 फाइटर प्लेन को मार गिराया। यूजर ने दो फाइटर प्लेन के बीच डॉगफाइट वाला वीडियो शेयर किया।

लेकिन फैक्ट चेक वेबसाइट स्नोप्स ने इसको लेकर खुलासा किया कि उक्त वीडियो एक फ्री-टू-प्ले कॉम्बैट-सिमुलेशन वीडियो गेम है।

इसे सबसे पहले YouTube यूजर Comrade_Corb ने पोस्ट किया, जिससे ये स्पष्ट होता है कि ये असली नहीं है।

खुद यूट्यूबर कॉमरेड_कॉर्ब ने कहा है, “यह फुटेज डीसीएस से है, लेकिन फिर भी ‘द घोस्ट ऑफ कीव’ के सम्मान में बनाया गया है। अगर ये असली है तो भगवान उसे अमर करें और अगर यह गलत था तो मैं उसके जैसे और लोगों के लिए प्रार्थना करता हूँ।”

बहरहाल भले ही ‘कीव के भूत’ के अस्तित्व को लेकर कोई सबूत नहीं हों, लेकिन इससे यूक्रेनियों की रूस से लड़ने को लेकर उम्मीदें जरूर जिंदा हैं।