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‘डर से सपा कीड़े की तरह रेंगती थी, अब वह माफिया रेंग रहा’: बोले CM योगी, मुख्तार का बेटा बोला- अल्लाह के सिवा किसी से नहीं डर

उत्तर प्रदेश में जारी विधानसभा चुनावों (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक माफिया था, जो कुली जीप में असलहा लहराता और प्रदेश की तत्कालीन सपा सरकार उसके सामने कीड़े की तरह रेंगती थी। मुख्तार अंसारी का नाम लिए बिना सीएम योगी ने कहा कि आज वह माफिया कीड़े की तरह रेंग रहा है।

मऊ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने जेल में कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) पर परोक्ष हमला बोलते हुए समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि वह माफिया खुलेआम यादवों और राजभरों को पिटता था और प्रदेश की सपा सरकार वोट बैंक की राजनीति में मौन साध कर रहती थी।

पूर्वांचल में हुए एक दंगे को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा, ”यह वही मऊ है, जहाँ कुछ साल पहले रामलीला के दौरान दंगा हुआ था। उस दंगे में मरने वाले लोग यादव, खटीक, वर्मा, निर्दोष हिंदू थे। एक माफिया खुली जीप में असलहा लहराते हुए पूरे शहर में भय और दहशत का माहौल पैदा करता था। उस समय सपा की सरकार थी। वह कीड़े की तरह रेंगते हुए मौन थी, उस माफिया के सामने। मैंने विरोध के लिए गोरखपुर से प्रस्थान किया था। तब भी मैंने कहा था कि सपा की सरकार माफिया के सामने घुटने टेक चुकी है।”

माफियाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए सीएम योगी ने कहा, ”हमारी सरकार का बुलडोजर बोलता नहीं, बड़े-बड़े माफियाओं को रौंदता है। जो माफिया वर्षों पहले खुली जीप पर बैठकर असलहा लहरा रहा था। पर तमंचा लहराते हुए भय का माहौल पैदा करते हुए व्यापारिक प्रतिष्ठानों, यहाँ के यादवों, खटीकों, अनुसूचित जाति के लोगों, राजभरों को मार रहा था, उनके घरों को जला रहा था, आज वह कीड़े की तरह रेंग रहा है।” 

उन्होंने आगे कहा कि माफिया की अवैध कब्जे पर जब बुलडोजर चलता है तो मऊ ताली पीटता है। इस सरकार का भय है कि आज माफिया चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं और बैकडोर से परिवार की एंट्री करवा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग इस गलतफहमी के शिकार हैं कि चुनाव के दौरान लोगों को धमकाएँगे, वह बात बहुत पुरानी हो चुकी है। अब मऊ का कोई नागरिक धमकी के दबाव में नहीं आता है, बल्कि धमकीबाजों को सही सबक सिखाता है।”

बता दें कि माफिया, जेल में बंद मुख्तार अंसारी मऊ सदर विधानसभा सीट से 5 बार विधायक रहा है। इस वह खुद चुनाव लड़ने के बजाय अपने बड़े बेटे अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) को ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) से मैदान में उतारा है। अब्बास पर भी 5 मुकदमे दर्ज हैं। आजतक से बातचीत में अब्बास ने कहा कि मुख्तार एक ब्रांड हैं। अब्बास का कहना है कि वह अल्लाह के सिवाय किसी से नहीं डरता।

बता दें कि यूपी में पाँच चरणों के मतदान हो चुके हैं। अब दो चरण के मतदान बाकी हैं। छठे चरण में 10 जिलों के 57 सीटों पर गुरुवार (3 मार्च) को मतदान होगा। इन जिलों में अंबेडकरनगर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीर नगर, महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और बलिया शामिल हैं।

बिहार में महादलित बच्चियों को अगवा कर गैंगरेप: सरफराज और साथियों को पंचायत ने जुर्माना लगा छोड़ा, थाना प्रभारी रहमान अंसारी ने भी नहीं सुनी

महादलित टोले की दो नाबालिग लड़कियों को अगवा किया गया। उनसे गैंगरेप हुआ। मामले को रफा-दफा करने के लिए पंचायत भी बैठ गई। 63 हजार रुपए का जुर्माना लगा आरोपितों को बरी कर दिया गया। थानाध्यक्ष रहमान अंसारी पीड़ितों के दावे के विपरीत आवेदन मिलने से इनकार करता रहा। आखिरकार जब मामला मीडिया में आ गया और सामाजिक संगठनों के लोग पीड़ित परिवार के साथ खड़े हुए तो पुलिस ने मामला दर्ज किया। यह सब कुछ हुआ है बि​हार में। घटना सहरसा के बसनही थाना क्षेत्र के महुआ उत्तरबाड़ी पंचायत की है। आरोपितों के नाम हैं: मोहम्मद सरफराज, मोहम्मद हिराज, मोहम्मद शमशाद और राजा।

अगवा कर गैंगरेप

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार पीड़िताओं की उम्र 15 साल और आठ साल है। दोनों शुक्रवार शाम (25 फरवरी 2022) को घर से शौच के लिए निकलीं, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पूरी रात खोजा, लेकिन कोई खबर नहीं मिली। बसनही थाना को आवेदन देकर बच्चियों के अगवा होने की जानकारी दी। आवेदन में सरफराज, शमशाद और हिराज को नामजद किया गया था। रिपोर्ट की माने तो बसनही के थानाध्यक्ष रहमान अंसारी ऐसा कोई आवेदन मिलने से शुरुआत में इनकार करते रहे।

दोनों बच्चियाँ शनिवार दोपहर मधेपुरा जिला के खाड़ा गाँव में मिलीं। उन्हें घर वापस लाया गया। उन्होंने बताया कि अगवा कर पूरी रात गाँव के चार लड़कों ने उनके साथ दुष्कर्म किया और फिर सुबह खाड़ा में छोड़कर चले गए। इसके बाद मामले को दबाने का सिलसिला शुरू हो गया। ग्रामीणों की पंचायत बैठी जिसमें भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार मुखिया, सरपंच भी मौजूद थे। आरोपितों पर 63 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस पर किसी भी तरह की सक्रियता नहीं दिखाने का आरोप लग रहा है।

इस संबंध में ऑपइंडिया ने थाना प्रभारी अंसारी से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया। सहरसा जिला प्रशासन की वेबसाइट पर जो नंबर उपलब्ध है, वह यहाँ पूर्व में तैनात रहे पवन पासवान ने उठाया। उन्होंने बताया कि उनका तबादला हो चुका है। साइट पर नया नंबर अपडेट नहीं किया गया है। जब दूसरे नंबर पर हमने रहमान से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। उनका पक्ष जानने के बाद हम इस खबर को अपडेट करेंगे। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार सामजिक संगठनों के दबाव के बाद मंगलवार 1 मार्च 2022 को आखिरकार इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।

‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा’: केरल के ‘मीडिया वन’ चैनल पर जारी रहेगा प्रतिबंध, दिल्ली दंगों की एकतरफा कवरेज पर HC का फैसला

केरल हाई कोर्ट (Kerala High Court) की खंडपीठ ने मलयालम समाचार चैनल मीडिया वन टीवी (Media One) के प्रसारण अधिकारों को सस्पेंड करने के केंद्र सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। हाई कोर्ट ने चैनल पर लगाए गए प्रतिबंध के संबंध में एकल पीठ के आदेश को उचित ठहराया है। अदालत ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ चैनल के मालिकों, कर्मचारियों और केरल पत्रकार संघ की याचिका को खारिज कर दिया।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गंभीर ‘सुरक्षा मुद्दों’ का हवाला देते हुए केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 31 जनवरी को चैनल को ऑफ एयर कर दिया था। इससे पहले हाल ही में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मीडिया वन चैनल के प्रसारण लाइसेंस के नवीकरण करने से इनकार कर दिया।

मुख्‍य न्‍यायाधीश एस मणिकुमार और न्‍यायमूर्ति शाजी पी चाली की खंडपीठ ने कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से जमा की गई गोपनीय फाइलों का अध्ययन कर पाया गया कि मीडिया वन का नवीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। 8 फरवरी को एकल पीठ ने भी अपने आदेश में कहा था कि खुफिया रिपोर्टों को देखने के बाद चैनल की सुरक्षा मंजूरी को रद्द किया जाना उचित है।

उल्लेखनीय है कि मीडिया वन न्यूज का स्वामित्व माध्यमम ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड के पास है, जो जमात-ए-इस्लामी द्वारा समर्थित है। 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान, प्रसारण नियमों का उल्लंघन करने के लिए चैनल को 48 घंटे के लिए निलंबित कर दिया गया था। इस संबध में जारी आदेश में कहा गया था कि चैनल ने हिंसा को कवर करते समय दिल्ली हिंसा में पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग की थी। विशेष समुुदाय के पूजा स्थल पर हमले को रेखांकित किया और एक खास समुदाय का पक्ष लिया। उनकी रिपोर्टिंग सीएए के समर्थकों द्वारा की गई हिंसा पर आधारित थी। इन चैनलों ने आरएसएस और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे। चैनल ने हिंसा के लिए दिल्ली पुलिस और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराते हुए आलोचना की थी।

व्हाट्सऐप ग्रुप में शेयर की सूअर के चेहरे वाली PM मोदी की तस्वीर: एडमिन इमरान मालिक के खिलाफ केस रद्द करने से इलाहाबाद HC का इनकार

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने से इनकार कर दिया, जिसमें एक सुअर के चेहरे के साथ फोटोशॉप्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दर्शाते हुए एक तस्वीर साझा की गई थी। यह मामले पर अदालत में मोहम्मद इमरान मलिक बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के बीच सुनवाई हुई।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, PM मोदी की छवि को धूमिल करने वाले इस मामले में इमरान मलिक की केस रद्द करने वाली याचिका खारिज करते हुए न्यायमूर्ति मोहम्मद असलम ने कहा, “रिकॉर्ड देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि आवेदक एक ‘ग्रुप एडमिन’ था और वह ग्रुप का सदस्य भी है। उपरोक्त को देखते हुए, मुझे हस्तक्षेप करने का कोई ठोस कारण नहीं मिलता है। आवेदन के तहत धारा 482 सीआरपीसी तदनुसार खारिज की जाती है।”

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद HC इमरान मलिक द्वारा आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 482 के तहत दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनके खिलाफ की जा रही कार्यवाही को रद्द करने के लिए कहा गया था। उन पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 (कंप्यूटर से संबंधित अपराध) के तहत आरोप लगाए गए थे।

गौरतलब है कि आरोपित इमरान मलिक के वकील ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपने क्लाइंट का बचाव करते हुए दलील दी कि PM मोदी की वह तस्वीर उसके द्वारा नहीं बल्कि किसी और द्वारा भेजा गया था, और वह केवल ग्रुप ‘एडमिन’ थे। ऐसे में उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है, इसलिए कार्यवाही रद्द की जा सकती थी। इसी आधार पर हमने अपील की है।

वहीं, कोर्ट में इस याचिका का विरोध कर रहे अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि मैसेज भेजने वाले और ‘ग्रुप एडमिन’ की जिम्मेदारी सह-व्यापक है और यह नहीं कहा जा सकता है कि आईटी अधिनियम की धारा 66 के तहत आरोपित के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनाया गया था।

ड्रग्स केस में आर्यन खान के खिलाफ NCB को नहीं मिला कोई सबूत: मीडिया में किए जा रहे दावे में कितना दम

बॉलीवुड ऐक्टर शाहरुख खान (Bollywood Actor Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) से जुड़े कॉर्डेलिया क्रूज शिप ड्रग्स मामले (Dugs Case) में मीडिया ने एक बार फिर कहा है कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को आर्यन के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। वहीं, केस की जाँच करने वाले एनसीबी अधिकारी ने इन रिपोर्ट्स का खंडन किया है।

क्रूज शिप ड्रग में आर्यन खान के खिलाफ कोई सबूत नहीं होने की रिपोर्ट पर NCB के DDG (ऑपरेशंस) संजय सिंह ने कहा, “यह कहना जल्दबाजी होगी कि आर्यन खान के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जाँच अभी जारी है। कई बयान दर्ज किए गए हैं और अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँचा जा सका है।”

हालाँकि, NCB अधिकारी द्वारा स्पष्ट किए जाने के बावजूद कई मीडिया आर्यन खान को खुद ही क्लीन चिट दे रहे हैं। यह पहली बार नहीं है, जब मीडिया संस्थान शाहरुख खान के बेटे के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आर्यन खान जब NCB कोर्ट से बेल मिली थी, तब भी ऐसी खबरें प्रकाशित की गई थीं।

हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, “NCB की SIT जाँच में खुलासा, साजिश में आर्यन खान के शामिल होने के सबूत नहीं।”

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर का स्क्रीनश़ॉट

टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा है, “आर्यन खान ड्रग केस: एनसीबी की एसआईटी को अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से लिंक साबित करने के लिए ‘कोई सबूत नहीं’ मिला, छापेमारी में मिलीं कई अनियमितताएँ।”

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर का स्क्रीनशॉट

पिंकविल्ला ने यहाँ तक लिख दिया कि NCB ने ही कहा है कि आर्यन खान साजिश में शामिल नहीं हैं। उसने लिखा, “कोई सबूत नहीं आर्यन खान एक बड़े नशीले पदार्थों की साजिश का हिस्सा थे: एनसीबी की विशेष जाँच टीम।”

पिंकविल्ला की स्टोरी का स्क्रीनशॉट

इसी केस में हाल ही में गिरफ्तार ड्रग सप्लायर अब्दुल कादर शेख (Abdl Kadar Shaikh) की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। विशेष न्यायाधीश वीवी पाटिल ने कहा कि यह मानने का कोई उचित आधार नहीं है कि अब्दुल कथित अपराधों का दोषी नहीं है और जमानत पर रहते हुए ऐसे अपराध नहीं करेगा।

कोर्ट में अब्दुल ने तर्क दिया था कि वह ड्रग्स से जुड़ा हुआ नहीं है और NCB ने उस पर झूठे आरोप लगाए हैं। उसने दावा कि एनसीबी ने जो बरामदगी दिखाई है, वह झूठा है। उसने यह कहा कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसकी तलाशी किसी राजपत्रित नहीं ली थी।

इस पर NCB ने अदालत में तर्क दिया कि इस केस में हिरासत में लिए गए सभी लोग NDPS Act के उल्लंघन से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। जाँच में यह पाया गया है कि अभियुक्त अब्दुल ने अन्य आरोपितों में एक को उसने कुछ मात्रा में ड्रग्स दिए थे। एनसीबी ने यह भी कहा कि राजपत्रित अधिकारी द्वारा तलाशी लेने के संबंध में आरोपित को सूचित किया गया था, लेकिन खुद मना कर दिया था।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद, न्यायालय ने निर्धारित किया कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य नशीले पदार्थों की व्यावसायिक मात्रा की बिक्री में अभियुक्त की भागीदारी को स्थापित करने के लिए पर्याप्त थे।

बता दें कि मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में NCB की टीम ने आर्यन खान सहित 3 लोगों को 3 अक्टूबर 2021 को गिरफ्तार किया था। क्रूज पर ड्रग पार्टी करने के आरोप में 8 लोगों को हिरासत में लिया गया था। सभी आठ आरोपितों के पास से चरस, MDMA, MD और कोकेन समेत अन्य ड्रग बरामद किए गए थे। वहीं, इस मामले में 28 अक्टूबर 2021 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आर्यन को जमानत दे दी थी। आर्यन, अरबाज और मुनमुन पर ड्रग रखने, उसका सेवन करने, प्रतिबंधित मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री व साजिश के लिए उनके खिलाफ एनडीपीएस कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

महाशिवरात्रि पर ‘अली मौला’ पर नाचते सद्गुरु, ‘बाबा फरीद’ के बारे में बताता गायक: वीडियो देख लोगों ने पूछा – ‘पीर फकीर बनने की तैयारी?’

तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ‘ईशा योग सेंटर’ में ‘आदियोगी’ की प्रतिमा के पास पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी महाशिवरात्रि के अवसर पर रात भर भव्य कार्यक्रम चला। ‘सद्गुरु’ नाम से पुकारे जाने वाले जग्गी वासुदेव के इस कार्यक्रम में न सिर्फ हजारों लोगों ने हिस्सा लिया, बल्कि ऑनलाइन भी लाखों लोग इससे जुड़े रहे। इस अवसर पर कई बड़े गायकों ने भक्ति गानों पर परफॉर्मेंस दिया। लेकिन, एक वीडियो में ‘अली मौला’ पर नाचते सद्गुरु को देख कर लोग खुश नहीं हैं। सद्गुरु ने इस कार्यक्रम के जरिए ‘Save Soil (मिट्टी बचाओ)’ का सन्देश भी दिया।

सद्गुरु जग्गी वासुदेव के महाशिवरात्रि के कार्यक्रम में गायक को देखा जा सकता है कि वो ‘इक विरद है दम दम अली अली’ गाना गा रहा है और साथ ही ‘जय शम्भू’ का उद्घोष भी कर रहा है। इसके बाद वो गाता है, “सखी लाल कलंदर मस्त-मस्त, झूलेलाल कलंदर मस्त-मस्त”। हालाँकि, लोगों का कहना है कि हिन्दुओं के त्योहार में ‘दम मस्त कलंदर मस्त-मस्त’ का क्या काम? एक ट्विटर यूजर ने इसे ‘नॉनसेंस’ करार दिया। फिर लोग ये भी पूछ रहे हैं कि महाशिवरात्रि में ‘बाबा फरीद’ कहाँ से आ गए?

इस वीडियो में एक गायक गाना गाते-गाते बीच में समझता है कि कैसे ‘बाबा फरीद’ के शरीर को नोच-नोच के कौवे खा रहे थे। गायक बताता है, “बाबा फरीद कह रहे हैं कि सारा शरीर खा लो, लेकिन ये दोनों आँखें मत खाना। क्यों?” इसके बाद वो गाना के माध्यम से ही इसका जवाब देता है। ‘हीर आर’ नाम के ट्विटर यूजर ने इसे साझा करते हुए पूछा, “ये महाशिवरात्रि है या कॉन्सर्ट? एक अन्य वीडियो में लोग सद्गुरु को ‘अली मौला-अली मौला अली-अली’ पर खुल कर नाचते देख कर नाराज़ हैं।

वहीं ‘इंडिक टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर ‘मनीष (Shrimaan)’ ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “सदगुरु बाबा पीर फकीर बुल्लेशाह निज़ाम शाह बनने की तैयारी में।” वहीं कुछ लोगों ने कहा कि सद्गुरु जग्गी वासुदेव अब सेक्युलर होने की राह पर निकल गए हैं। आकाश जायसवाल नाम के ट्विटर यूजर ने दावा किया कि सद्गुरु अब ‘अर्बन नक्सल सेक्युलर गुरु’ बनते जा रहे हैं। वहीं एक अन्य यूजर ने याद दिलाया कि पिछले साल उन्होंने चप्पल पहन कर धार्मिक प्रक्रियाएँ की थीं।

‘PM ने कहा है जब तक बच्चे न आएँ, वहाँ डटे रहना’ : यूक्रेन में फँसे छात्रों को वापस लाने पहुँचे मोदी के मंत्री, संभाला मोर्चा

यूक्रेन में फँसे सभी भारतीयों को निकालने के लिए मोदी सरकार द्वारा तैयार की गई केंद्रीय मंत्रियों की टीम ने यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुँचकर मोर्चा संभाल लिया है। सोशल मीडिया पर सामने आ रही अपडेट्स से पता चलता है कि कैसे इस टीम को देख वहाँ फँसे छात्रों ने राहत की साँस ली। इसह टीम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरण रिजिजू और रिटायर्ड जनरल वीके सिंह हैं। इनमें से सिंधिया ऑपरेशन गंगा रोमानिया और मोल्दोवा में लीड करेंगे, किरण रिजिजू स्लोवाकिया में, रिटायर्ड जनरल पोलैंड में और हरदीप सिंह पुरी, हंगरी में पहुँचकर इस ऑपरेशन की कमान संभाल रहे हैं।

चिंता मत करो, सबको लेकर चलेंगे: ज्योतिरादित्य सिंधिया

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भारतीय छात्रों को भारत लाने रोमानिया पहुँचे हैं। वहाँ उन्होंने Bucharest एयरपोर्ट पर रुके छात्रों से बात की। उन्होंने एयरपोर्ट पर छात्रों के पास पहुँचकर एक लड़की से पूछा, “क्या मैंने आपको डिस्टर्ब कर दिया। आप सो रही थीं क्या।” इस वाकये की वीडियो भी सामने आई है जिसमें वह जमीन पर बैठे सभी छात्रों को न केवल उनकी सुरक्षित वापसी का आश्वान दे रहे हैं बल्कि उनसे उन्हीं की भाषा जैसे मराठी में बात करके अपनापन भी जता रहे हैं। सिंधिया की इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करके उनकी खूब तारीफें हो रही हैं। इस वीडियो में वह भारतीय छात्रों को कह रहे हैं, “चिंता मत करो। सबको लेकर चलेंगे। पीएम ने कहा है जब तक सारे बच्चे नहीं आते डटे रहना।” 

स्लोवाकिया पहुँचे किरण रिजिजू

मोदी टीम के अगले मंत्री किरण रिजिजू भारतीय छात्रों को लेने स्लोवाकिया पहुँचे हैं। उनके कार्यालय ने कुछ देर पहले बताया कि वो kosicr एयरपोर्ट पर उतरे हैं। अब उनका टीम यूक्रेन से भारतीयों को भारत लाएगी उनके ट्विटर पर साझा जानकारी के अनुसार भारतीयों को वापस लाने वाले ऑपरेशन गंगा में स्पाइसजेट भी जुड़ गया है। वहीं स्पाइसजेट की ओर से बताया गया कि कैसे किरण रिजिूजू ने उन्हें इस काम के लिए प्रोत्साहित किया और अब वह हर एक भारतीय की वापसी में हो रहे प्रयासों में साथ हैं।

कोई देश नहीं करता ये सब: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी

इसके बाद हंगरी में गए हरदीप सिंह पुरी भी छात्रों को हिम्मत देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वो बच्चों के बीच जाकर उनसे बात कर रहे हैं। उनकी सुरक्षित वापसी का उन्हें विश्वास दिला रहे हैं और धीरे-धीरे वहाँ फँसे सब लोगों को वापस भेजने का प्रयास कर रहे हैं। हरदीप सिंह पुरी ने बच्चों से बताया कि भारत के हर राज्य के बच्चों को देख पा रहे हैं। 

उन्होंने बच्चों को बताया कि वे 39 तक अपने जीवन के फॉरेन सर्विस को दे चुके हैं। भारत के अलावा विश्व में कोई भी देश अपने नागरिकों के लिए इतना नहीं करता। आज ये मतलब नहीं है कि कौन कहाँ है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि हर किसी को वापस लेकर आएँ। खुद विदेश मंत्री इस पर निगरानी बनाए हुए हैं। इसलिए पीएम ने अपने साथ साथियों को भारतीय छात्रों को वापस लाने भेजा है। इसलिए वे प्लेन से उतरते ही उनसे मिलने आए हैं।

एयरपोर्ट पर लगे भारत माता की जय के नारे

केंद्रीय मंत्रियों की तरह पोलैंड की जिम्मेदारी जनरल वीके सिंह को दी गई है। पिछले 24 घंटे में जो 6 फ्लाइट भारत के लिए वहाँ से रवाना हुई हैं। उनमें पहली फ्लाइट पोलैंड से ही थी। सामने आई तस्वीरों में वीके सिंह को भारतीय छात्रों से बात करते हुए देखा जा सकता है। इसके अलाव पहली फ्लाइट के निकलने पर छात्रों द्वारा जो भारत माता की जय के नारे एयरपोर्ट पर लग रहे हैं, उसकी वीडियो भी जनरल वीके सिंह ने अपने ट्वीट में साझा की है। जनरल वीके सिंह की देश के नागरिकों के प्रति ऐसा सेवा भाव देख लोग याद कर रहे हैं कि कैसे उन्होंने यमन से 4640 लोगों को भारत लाने का काम किया था, साउथ सुडान से 300 लोग लाए गए थे, और यूक्रेन से 20 हजार। ये सब जनरल वीके सिंह की अगुवाई में हुआ था।

‘भाई तू नौकरी ढूँढ ले…’: BharatPe ने अशनीर ग्रोवर को कंपनी के हर पद से निकाला, लोग बोले- भाई क्या कर रहा है तू

फिनटेक यूनिकॉर्न कंपनी (BharatPe) के को-फाउंडर औऱ एमडी रहे अशनीर ग्रोवर की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। कंपनी में आर्थिक गड़बड़ियों के मामले में ग्रोवर के इस्तीफा देने के बाद अब कंपनी ने उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें कंपनी में सभी पदों से हटा दिया गया है। कंपनी को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कहा है कि वो अशनीर ग्रोवर और उनके परिवार के खिलाफ लीगल एक्शन ले सकता है।

फिनटेक फर्म का आरोप है कि ग्रोवर और उनके परिवार ने कंपनी में बड़े पैमाने पर पैसे की गड़बड़ी की थी। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, “बोर्ड ग्रोवर परिवार के निंदनीय आचरण को भारतपे या उसके मेहनती कर्मचारियों और विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की अनुमति नहीं देगा। अपने कृत्यों के बाद ग्रोवर अब कंपनी के कर्मचारी, संस्थापक या निदेशक नहीं हैं।”

कंपनी ने आगे कहा कि उसका बोर्ड भारतपे के विकास और निरंतर सफलता का समर्थन करने पर अत्यधिक केंद्रित है और कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस को और मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है, जिसमें एक ऑडिट कमेटी, एक आंतरिक ऑडिटर की नियुक्ति और इंटर्नल कंट्रोल के अन्य कार्य शामिल हैं।

भारत पे का कहना है कि उसने इंटर्नल जाँच में अशनीर ग्रोवर को दोषी पाया है। इसके साथ ही कंपनी ने ग्रोवर के झूठ बोलने, निराधार आरोप लगाने और धमकी देने पर कड़ी आपत्ति जताई है।

बहरहाल, अशनीर ग्रोवर को सभी पदों से हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर उनका जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है।

इसी क्रम में ट्विटर यूजर गोल इंडिया ने अशनीर ग्रोवर का मजाक उड़ाते हुए शार्क टैंक इंडिया का उन्ही की क्लिप शेयर की। जिसमें ग्रोवर एक व्यक्ति को कहते दिख रहे हैं, “भाई क्या कर रहा है यार तू, मजाक है क्या! ये सब दोगलापन है।”

एक अन्य यूजर बिट्टू ने ग्रोवर को रियल लाइफ स्टार्टअप मेमे करार दिया।

वहीँ एक अन्य यूजर रवदीप सिंह चावला ने मेमे शेयर करते हुए कहा, “भाई, तू नौकरी ढूँढ ले। तुझसे न हो पाएगा।”

ग्रोवर पहले ही सभी पदों से दे चुके हैं इस्तीफा

गौरतलब है कि अशनीर ग्रोवर ने 1 मार्च 2022 को ही कंपनी में वित्तीय गड़बड़ी के मामले में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले उनकी पत्नी माधुरी जैन को कंपनी ने वित्तीय गड़बड़ी के मामले में बर्खास्त किया था।

खुद से पहले जूनियरों को यूक्रेन से बाहर निकालना चाहते थे नवीन, दोस्तों के लिए खाना लेने गए थे: पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहा परिवार

रूस-यूक्रेन के बीच चल रही जंग के बीच भारतीय छात्र नवीन कुमार की मौत हो गई। नवीन भूख से बेहाल अपने साथियों के लिए खाना लेने निकले थे, लेकिन लौटकर नहीं आ पाए। यह नवीन के जीवन का आखिरी निर्णय बन गया। उस पल को याद करते हुए नवीन के दोस्त और जूनियर दर्दनाक दास्तां बयाँ कर रहे हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक नवीन चाहते तो वो यूक्रेन से कब का निकल चुके होते, लेकिन उन्होंने वहाँ रुक कर अपने जूनियर सहयोगियों को पहले निकालने का विकल्प चुना। खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में चौथे वर्ष के छात्र अमित वैश्यर ने बताया, “एक समूह सोमवार को रवाना हुआ, लेकिन नवीन ने सुझाव दिया कि हम थोड़ा इंतजार कर लेते हैं, ताकि हम अपने जूनियर्स को भी साथ ले जा सकें, क्योंकि वे एक वर्ष से भी कम समय से यूक्रेन में थे। उसका विचार बुधवार (2 मार्च, 2022) की सुबह खार्किव छोड़ने का था। मगर मंगलवार (1 मार्च, 2022) जब वो हमारे लिए खाना लेने गया, तब उसकी मौत हो गई।”

‘एक यूक्रेनी ने बताया कि वो अब नहीं रहा’

अमित वैश्यर ने बताया, “जब भी कर्फ्यू हटता, हम सामान खरीदने जाते थे। मंगलवार को मैं सुबह 3.30 बजे सोने गया और देर से उठा। नवीन सुबह 6 बजे ही खाना लेने के लिए निकल गया। वो केवल हमारे बंकर से बाजार 50 मीटर की दूरी पर ही था। करीब 7.58 बजे उसने मैसेज भेजा कि उसके पास पैसे कम पड़ रहे हैं उसे कुछ पैसे ट्रांसफर करने को कहा। फिर जब उसके फोन पर 8.10 बजे हमने कॉल किया तो उसने पहले उठाया नहीं इसके बाद एक यूक्रेनी ने कॉल का जवाब दिया और कहा कि वह अब नहीं रहा।”

वहीं उनकी बैचमेट दिव्यांशी ने दैनिक भास्कर को बताया कि नवीन की मौत उस वक्त हुई जब उनके बैच के 16 भारतीय छात्र बंकर से निकलकर रेलवे स्टेशन जा रहे थे। इसी दौरान नवीन पास के शॉपिंग मॉल में सबके लिए ब्रेड आदि लेने गया था। तभी हुई गोलीबारी में नवीन की मौत ने सबको झकझोर दिया। 

द ट्रिब्यून के मुताबिक खारकीव में स्टूडेंट कॉर्डिनेटर पूजा प्रहराज ने बताया कि नवीन गवर्नर हाउस के पास रहता था और खाना लेने के लिए कतार में खड़ा था। अचानक एक हवाई हमला हुआ जिसने गवर्नर हाउस को उड़ा दिया और वह मारा गया। उनके अनुसार, हमले के तुरंत बाद एक यूक्रेनी महिला ने नवीन का फोन उठाया और कहा कि इस मोबाइल के मालिक को मुर्दाघर में ले जाया जा रहा है। 

इधर नवीन के अंकल उज्जनगौड़ा ने दावा किया कि नवीन की मौत तब हुई जब वह अपने बंकर से करेंसी एक्सचेंज और कुछ खाने के लिए निकला था। उज्जनगौड़ा ने कहा कि कर्नाटक के अन्य लोगों के साथ नवीन खारकीव में एक बंकर में फँस गया था। वह सुबह करेंसी का आदान-प्रदान करने और भोजन लेने के लिए निकला था, तभी वह गोलाबारी में मारा गया।

नवीन के पिता शेखरप्पा ज्ञानगौदर बेटे की मौत से बुरी तरह टूट चुके हैं। वो अब सरकार ये ये उम्मीद लगाए बैठे हैं कि किसी तरह वो नवीन के पार्थिव शरीर को देश ले आए। प्रधानमंत्री ने इसका आश्वासन भी दिया है। उन्होंने मंगलवार को भारतीय शिक्षा क्षेत्र में लागू आरक्षण नीतियों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यहाँ शिक्षा महँगी है। करोड़ों रुपए चुकाने पड़ते हैं। भारत में जातिवार सीटें आवंटित की जाती हैं। पीयूसी में 97 फीसदी अंक हासिल करने के बावजूद उनका बेटा राज्य में मेडिकल सीट हासिल नहीं कर सका।

योगी-मोदी, जय श्रीराम का नारा लगाने वाले युवक पर सलीम और अदीम ने किया जानलेवा हमला: बाराबंकी की घटना, भड़के ग्रामीण

बाराबंकी के दरियाबाद के गुलचप्पा कला गाँव में योगी-मोदी व जय श्रीराम के नारे लगाने पर पूर्व प्रधान अलीम के बेटों ने एक व्यक्ति को पीट-पीटकर मरणासन्न करने का मामला सामने आया है। सोमवार (28 फरवरी, 2022) देर शाम हुई इस घटना में आरोपितों के मुस्लिम होने के कारण गाँव में तनाव की स्थिति बन गई। वहीं, गंभीर हालत में घायल युवक गुड्डू रावत को सीएचसी में भर्ती कराया गया जहाँ से उसे बाद में ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुड्डू रावत का आरोप है कि सोमवार (28 फरवरी, 2022) की देर शाम जब वह गन्ना काटकर घर लौटा। तो गाँव में ही एक गुमटी पर पान मसाला लेने गया। जहाँ चल रही चुनावी बहसबाजी में गुड्डू रावत ने योगी-मोदी, जय श्रीराम के साथ विधायक का नाम लेते हुए जिंदाबाद के नारे लगा दिए। इससे गाँव के ही दो युवक सलीम व अदीम ने गुड्डू को बेरहमी से पीटकर मरणासन्न कर दिया। और उसे इसी दशा में छोड़कर भाग गए।

ऐसे में सूचना मिलने पर परिवार के लोग मौके पर पहुँचे। साथ ही मामला मुस्लिम समुदाय से जुड़े होने के कारण अलियाबाद चौकी प्रभारी अजय कुमार पाण्डेय भी मौके पर पहुँचे। जिन्होंने सीएचसी में भर्ती किए गए युवक की हालत गंभीर होने के चलते ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। बाद में गुड्डू की तहरीर पर पूर्व प्रधान अलीम उर्फ़ अल्लू के बेटों सलीम व अदीम पर मारपीट व एससी-एसटी का केस दर्ज किया गया है।

इस मामले में FIR दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले को शांत कराने की कोशिश की लेकिन आक्रोशित भीड़ मंगलवार सुबह ही अलियाबाद पुलिस चौकी पहुँचकर आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग को लेकर घेराव किया। वहीं इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ग्रामीणों के दबाव में मंगलवार की सुबह ही पुलिस ने सलीम व अदीम को पकड़कर अलियाबाद चौकी ले आई। वहीं पुलिस की कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाकर आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस चौकी घेरकर जमकर-नारेबाजी की। जहाँ मौजूद पूर्व प्रधान अलीम के भतीजे शादाब ने पुलिस के सामने ही कोटेदार हरिभजन को भी पीट दिया।

इस मामले में मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह बात भी सामने आई है कि गुड्डू रावत को धारधार हथियार से हमला किया गया। रिपोर्ट में गंभीर रूप से घायल गुड्डू की भाभी मंजू ने बताया कि नारा लगाने पर धारदार हथियार से मारा गया। जिससे वह बेहोश हो गया। वहीं अलियाबाद के चौकी प्रभारी अजय पांडेय ने बताया कि चुनाव को लेकर विवाद हुआ है।

वहीं इस मामले में कहा जा रहा है कि आरोपितों के मुस्लिम समुदाय से होने के कारण गाँव में आक्रोश फ़ैल गया था। कहा जा रहा है पुलिस पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाने के लिए घंटों चले हंगामे को शांत कराने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में पुलिस ने कोटेदार हरिभजन की तहरीर पर पूर्व प्रधान अलीम व उसके बेटे सलीम, अदीम व नदीम पर भी केस दर्ज कर लिया। उसके बाद आरोपितों को हिरासत में लेकर थाने लाई तब जाकर कहीं ग्रामीण शांत हुए।