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2014, 2017 और 2019 के बाद अब यूपी में लगेगा जीत का ‘चौका’: ‘महाराजा सुहेलदेव की धरती’ पर बोले PM मोदी – दूर हुआ डर का माहौल

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंगलवार (22 फरवरी 2022) को बहराइच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि इस बार यूपी में जीत का चौका लगने वाला है। एक बार 2014, दूसरी बार 2017, तीसरी बार 2019 औऱ अब 2022 में जीत का चौका लगेगा। पीएम ने कहा कि प्रदेश के लोगों ने घोर परिवारवादियों को बाहर करने का तय कर लिया है।

बहराइच को महाराजा सुहेलदेव की भूमि करार देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया भर में बहुत अधिक उथल-पुथल मची हुई है, ऐसे में देश को ताकतवर बनने की जरूरत है और ये केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए आवश्यक है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, सुहेलदेव की धरती के मतदाताओं का एक-एक वोट देश को मजबूती देगा।

योगी सरकार की तारीफ की

सीएम योगी आदित्यनाथ के कामकाज की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री ने डबल इंजन की सरकार को बहुत जरूरी बताया और कहा कि घोर परिवारवादियों के कारोबार को हमने करीब से देखा है। इन लोगों ने जनता के हितों को खत्म कर दिया था। 2017 से पहले बहराइच, गोंडा, बस्ती औऱ बलरामपुर के लोगों के साथ काफी भेदभाव किया जाता रहा है। लेकिन, बीते पाँच साल में योगी सरकार लगातार गरीबों के जीवन में खुशहाली लाने की कोशिश कर रही है। प्रदेश में डर का माहौल दूर हुआ है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इन योजनाओं से हर गरीब को 2-2 लाख रुपए का बीमा सुरक्षा कवर दिया गया है। प्रदेश के साढ़े चार करोड़ से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। बीते वर्षों में लगभग 1000 करोड़ रुपए की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है।

विपक्ष द्वारा नौकरियों को लेकर किए जा रहे दावों पर प्रधानमंत्री ने पलटवार किया और कहा, “आजकल ये लोग नौकरी को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन मैं आपको बता दूँ कि योगी जी ने करीब पाँच लाख युवाओं को नौकरी दी है, जबकि इससे पहले 10 साल तक राज करने वाली सरकारों ने केवल 2 लाख नौकरी ही दी थी।”

गौरतलब है कि बुधवार (23 फरवरी 2022) को चौथे चरण के तहत 59 सीटों के लिए वोटिंग होगी। अब तक तीन चरणों में 172 सीटों पर मतदान हो चुके हैं।

जहरीली शराब से 13 मौतों को मुद्दा बना रही थी सपा, पार्टी नेता के ही घर से गिरफ्तार हुआ आरोपित: NSA लगा कर होगी कुर्की की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ (Azamgarh) जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपित रंगेश यादव (Rangesh Yadav) को गिरफ्तार किया है। वह पूर्व सांसद और समाजवादी पार्टी के नेता रमाकांत यादव (SP Leader Ramakant Yadav) का रिश्तेदार है और खास बात यह है कि पुलिस ने आरोपित को रमाकांत यादव के घर से ही गिरफ्तार किया है। रंगेश यादव के ठेके से अपमिश्रित शराब बरामद हुई थी। रंगेश सरकारी ठेके के आड़ में जहरीली शराब का कारोबार करता था। पुलिस ने इस मामले में अब तक अलग-अलग स्थानों से 7 अभियुक्तों को नामजद किया है।

वहीं रमाकांत यादव पर जहरीली शराब कांड के मुख्य आरपित रंगेश यादव को अपने घर में पनाह देने का आरोप लगा है। जबकि इस मामले में रमाकांत ने सफाई देते हुए कहा है कि चुनाव का समय चल रहा है, इसलिए उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। बता दें कि रमाकांत यादव फूलपुर पवई विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हैं। पुलिस ने कहा कि इस मामले में रमाकांत यादव की संलिप्तता की भी जाँच की जा रही है। एसपी ने बताया कि जो भी लोग इस कारोबार में शामिल हैं और सपोर्ट करते हैं, उनकी जाँच कराई जा रही है। घटना में जो भी लोग शामिल होंगे उनके खिलाफ एनएसए और कुर्की के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना के बाद हुई छापेमारी में ठेके से नकली दारू भी बरामद की गई है। पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग आर्य ने बताया कि माहुल शराब ठेका पर आबकारी व पुलिस टीम ने छापेमारी की। इस दौरान चार पेटी अपमिश्रित शराब की कई पेटी देशी शराब बरामद हुई। रंगेश यादव के नाम पर ठेका था, उसे हिरासत में ले लिया गया है। परिवार मे कौन कौन लोग हैं। पूर्व में साथ में रहे हैं, पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। रंगेश के खिलाफ एक मुकदमा सड़क जाम के संबंध में भी दर्ज है। इसमे पूर्व सांसद व सपा नेता रमाकांत यादव सहित पाँच लोग शामिल हैं।

समाजवादी पार्टी ने किया था ट्वीट

आजमगढ़ में ऐसी घटना को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा था, “भाजपा सरकार की विदाई की बेला में भी जारी है सत्ता संरक्षित अवैध शराब का जानलेवा कारोबार! आजमगढ़ में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मृत्यु अत्यंत दु:खद! सरकार, पुलिस और शराब माफिया के सिंडिकेट की ये देन है। दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई।”

शुरू हो गया बड़ा युद्ध! यूक्रेन के लुहांस्क-डोनेट्स्क में घुसी रूसी सेना, निवेशकों के ₹9100000000000 डूबे

यूक्रेन के पूर्वी इलाकों की तरफ रूसी सेना को बढ़ने का आदेश जारी होने का एशियाई बाजारों पर गहरा असर देखने को मिला और मंगलवार (22 फरवरी 2022) को इनमें तेज गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई सूचकांक शुरुआती कारोबार के दौरान 2.2 प्रतिशत गिर गया जबकि हांगकांग के सूचकांक हांगसेंग में 3.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जंग की आशंका में आई गिरावट पिछले 5 दिनों में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन 9.1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा कम हो गई है। निवेशकों के पैसे डूब गए हैं। 16 फरवरी के बाद से बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है। 16 फरवरी आखिरी दिन था जब भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे।

ताजा जानकारी के मुताबिक, रूस की सेना यूक्रेन के दो प्रांतों लुहांस्क-डोनेट्स्क (डोनबॉस इलाके) में घुस गई है। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सोमवार (22 फरवरी, 2022) को यूक्रेन के इन दोनों राज्यों को स्वतंत्र देश घोषित किया था। इसके बाद रूसी सेना के टैंक इन इलाकों की तरफ बढ़ गए। विद्रोहियों ने यूक्रेन के मिलिट्री ट्रक को उड़ा दिया है। वहीं, जर्मनी ने रूसी गैस पाइपलाइन को ध्वस्त कर दिया है। पुतिन ने कहा कि लुहांस्क-डोनेट्स्क और अलगाववादियों के कब्जे वाले इलाके में शांति बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है।

इसी बीच ब्रिटेन ने यूक्रेन में रूस की घुसपैठ की पुष्टि की है। ब्रिटिश स्वास्थ्य सचिव साजिद जाविद ने कहा- यूक्रेन में रूसी आक्रमण शुरू हो गया है। उधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है, “हम रूस के इस कदम से डरते नहीं हैं। हमने किसी से न तो कुछ लिया है और न ही किसी को कुछ देंगे।” जेलेंस्की ने कहा कि रूस की घोषणाओं और खतरों के बावजूद यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ वैसे ही बनी रहेंगीं, जैसे पहले थीं। यूक्रेन के दो प्रांतों को स्वतंत्र घोषित करने वाले ​​पुतिन के कदम के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई।

लुहांस्क-डोनेट्स्क को आजाद घोषित करने के पुतिन के फैसले की दुनिया में निंदा की जा रही है। NATO चीफ ने इसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन बताया है। वहीं, अमेरिका और कई यूरोपीय देशों ने चेतावनी दी है कि उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएँगे। UNSC में यूक्रेन के डिप्लोमैट सर्गेई किस्लिट्स्या ने कहा- हम इस मसले के राजनीतिक और डिप्लोमैटिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हम उकसावे के आगे नहीं झुकेंगे।

रूस बोला- पश्चिमी देशों ने हमें मजबूर किया

यूक्रेन तनाव पर UNSC की मीटिंग में रूस का कहना है, “हमारी तरफ से इस मसले के डिप्लोमैटिक हल के रास्ते खुले हैं। हालाँकि हमारा डोनबास इलाके में खूनी संघर्ष का कोई इरादा नहीं है, लेकिन इस मामले में अमेरिका की लीडरशिप में पश्चिमी देशों के नेगेटिव रोल ने हमें मजबूर कर दिया है।”

अमेरिका ने लुहांस्क और डोनेट्स्क क्षेत्र पर लगाया बैन

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिकी नागरिकों को लुहांस्क और डोनेट्स्क क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट से रोकने वाले आदेश पर साइन कर दिया है। अमेरिका के अलावा EU और ब्रिटेन ने भी रूस पर पाबंदियाँ लगाने की बात कही है। इसके अलावा बाइडेन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बात की। अमेरिका ने यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता बरकरार रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है।

एअर इंडिया की स्पेशल फ्लाइट यूक्रेन रवाना

इधर भारत ने अपने नागरिकों को यूक्रेन से बाहर निकालने की कवायद तेज कर दी है। एअर इंडिया की स्पेशल फ्लाइट मंगलवार सुबह यूक्रेन के लिए रवाना हुई। यह फ्लाइट आज रात तक दिल्ली लौट आएगी। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा- “20,000 से ज्यादा भारतीय छात्र और नागरिक यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों और बॉर्डर क्षेत्रों में रहते और पढ़ते हैं। भारतीयों की सलामती हमारी प्राथमिकता है।”

‘हिन्दू छात्र कमंडल और लाठी लेकर स्कूल जाने की माँग करें तो?’: कर्नाटक हाईकोर्ट में नई याचिका, बुर्का मामले पर 8वें दिन सुनवाई

कर्नाटक हिजाब विवाद पर हाई कोर्ट में लगातार सुनवाई हो रही है और हर दिन मामला अनसुलझा रह जाता है। आज (मंगलवार 22 फरवरी 2022) को भी हाई कोर्ट में 8वें दिन की सुनवाई हुई। इस मसले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में एडवोकेट जनरल ने कहा कि कॉलेजों के कैम्पस के अंदर हिजाब पहनने पर मनाही नहीं है। मनाही तो केवल क्लासरूम में पहनने पर है।

एजी ने कोर्ट में कहा कि हमारे पास शैक्षणिक संस्थानों के तौर पर एक कानून है। वर्गीकरण और पंजीकरण नियम 11 के तहत विशेष टोपी पहनने पर बैन लगाया गया है। इसके साथ ही एजी ने ये भी कहा कि अगर कोई ये कहे कि किसी धर्म विशेष की सभी महिलाएँ एक ही तरह के कपड़े पहनेंगी तो क्या ये सब उस व्यक्ति के आत्मसम्मान को ठेस नहीं पहुँचाएगा।

हाई कोर्ट में एजी ने बताया कि धर्म के आधार पर किसी से भी कोई भेदभाव नहीं हो रहा है। इसके अलावा अल्पसंख्यक संस्थान के यूनिफॉर्म कोड में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है। इसका फैसला लेने का अधिकार उन संस्थानों को है।

हिजाब विवाद की सुनवाई सीजे ऋतुराज अवस्थी, जस्टिज जेएम खाजी, जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित की बेंच के सामने एडवोकेट जनरल प्रभुलिंग नवदगी ने अपनी तमाम दलीलें रखीं।

हिजाब को काउंटर करने वाली य़ाचिका भी हाई कोर्ट में दायर

हिजाब को लेकर मुस्लिम पक्ष द्वारा कर्नाटक हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई चल ही रही थी, लेकिन इसी बीच अब इस याचिका को काउंटर करती हुई याचिका दायर की गई है। ये याचिका एक्टिस्ट संजीव नेवार, पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा और वैज्ञानिक वाशी शर्मा ने एडवोकेट शशांक शेखर झा, अभिमन्यु देवैया, कुंदन चौहान और राजन श्री कृष्णन के जरिए दायर की है।

इसमें बताया गया है कि इस्लाम के पाँच स्तंभ शाहदा, सलात, ज़कात, साम और हज हैं, लेकिन इसमें हिजाब शामिल नहीं है। ऐसे में इस्लाम में हिजाब कोई अनिवार्य अभ्यास नहीं है। इतना ही नहीं अपनी याचिका में हिजाब को इस्लाम का अनिवार्य अंग बताने वाले कुरान को स्त्रोत को भी चुनौती दी है। अपने तर्क को पुख्ता करने के लिए 15 से अधिक छंदों का हवाला देते ये भी बताया गया है कि इस्लाम में किस तरह से बहुदेववादियों, मूर्ति पूजा करने वालों के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है।

याचिका में हिंदू धर्म ग्रंथों का जिक्र करते हुए बताया गया है कि छात्र अपने विद्यालयों में कमंडल और लंबी लाठी भी ले जाते थे। याचिका में कहा गया है, “क्या होगा अगर हिंदू छात्र आवश्यक धार्मिक प्रथाओं के नाम पर शैक्षणिक संस्थानों में इन्हें ले जाने के लिए परमिट की माँग करना शुरू कर दें।”

कासिफ, आसिफ, नदीम, रियाज, अफान और मुजाहिद… वो 6 नाम जिन्होंने हर्षा को उतारा मौत के घाट

कर्नाटक के शिवमोगा में बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की हत्या मामले में आरोपितों की पहचान पुलिस द्वारा उजागर कर दी गई है। रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने 6 लोगों को अब तक इस केस में पकड़ा है। इनकी पहचान रियाज, नदीम, मुजाहिद, कासिफ, आसिफ, अफान (रिहान) के तौर पर की गई है।

शिवमोगा पुलिस ने बताया कि आरोपित कार में आए और घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने बताया कि इन लोगों ने हर्षा का पीछा किया, फिर उसे मारा। कुछ चश्मदीद भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक पीड़ित के ऊपर साल 2016-17 में मजहबी भावनाएँ आहत करने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। हर्षा की हत्या करने में रियाज, मुजाहिद, कासिफ, आसिफ का हाथ था जबकि इसकी साजिश रचने में नदीम और अफान शामिल थे।

पुलिस ने बताया कि इस पूरे हत्याकांड में कासिफ मुख्य आरोपित है। पुलिस सभी गिरफ्तार हुए आरोपितों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। क्षेत्र में स्थिति नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने नजर बनाई हुई है। धारा 144 पर फैसला भविष्य में हालातों को देखते हुए लिया जाएगा। फिलहाल के लिए कर्फ्यू शुक्रवार सुबह तक लगाया गया है। पुलिस की कोशिश है कि हिंसा किसी भी हाल में न भड़के और जो हुआ उसका असर अन्य जगहों पर न देखने को मिले।

DCP की नौकरी छोड़ सबसे कम उम्र के BJP प्रदेश अध्यक्ष बने अन्नामलाई, जनता करती है पसंद: भाजपा के चुनावी प्रदर्शन में भी सुधार

तमिलनाडु में लोकल बॉडी इलेक्शन के लिए 19 फरवरी 2022 को हुए मतदान की गणना चल रही है। इस बीच राज्य भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई (K Annamalai) चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया है कि सरकार की जन विरोधी नीतियों से जनता का भरोसा टूट गया है। इस बार के चुनाव में भाजपा कई सीटें जीतेगी। लेकिन किया आप जानते हैं के अन्नामलाई कौन हैं?

9 जुलाई 2021, को तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए के अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वो अपने सामाजिक कार्यों के लिए हमेशा चर्चा में रहे थे। जून 2015 में वो कर्नाटक के उडुपी जिले के एसपी थे। यहाँ के कोडापुर इलाके में एक 17 साल की नाबालिग का रेप कर हत्या कर दी गई। मृतका की माँ ने के अन्नामलाई से पूछा कि क्या आप मेरी बेटी को वापस ला सकते हैं? लेकिन उस घटना के बाद उन्होंने बिन्दु तालुक में 10वीं की परीक्षा में टॉप करने वाली लड़कियों के लिए पीड़िता के नाम पर स्कॉलरशिप की शुरुआत की थी, जिसके तहत हर महीने 10 हजार रुपए आज भी दिए जा रहे हैं।

इसके अलावा उडुपी पुलिस ने 2015 में एक सुरक्षा ऐप लॉन्च किया था, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति डायरेक्ट एसपी से अपनी शिकायत कर सकता था। साथ ही अपनी शिकायत के प्रोग्रेस के बारे में जान सकता है। इस ऐप को लॉन्च करने वाले भी अन्नामलाई ही थे। उनके इस कार्य की लोगों ने जमकर सराहना की थी। उनकी ईमानदारी के लोग प्रशंसक थे। इसीलिए 2016 और 2018 में उनके ट्रांसफर का विरोध भी किया गया।

कौन हैं के अन्नामलाई

के अन्नामलाई राज्य के कोंगू क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करूर जिले के रहने वाले हैं। वो ओबीसी वर्ग के तहत गौंडर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और एक किसान के परिवार से आते हैं। 37 वर्षीय अन्नामलाई कोयंबटूर स्थित कॉलेज से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और इसके बाद उन्होने उन्होंने लखनऊ भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) से एमबीए की डिग्री भी पूरी की। बाद में वो सिविल सर्विस में गए। 2020 में भाजपा में शामिल होने से पहले अन्नामलाई बेंगुलुरू दक्षिण के डीसीपी थे। वो भाजपा के किसी भी प्रदेश के अब तक के सबसे कम उम्र के प्रदेश अध्यक्ष हैं।

द न्यूज मिनट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अन्नामलाई को राज्य में बीजेपी का सबसे कम उम्र का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर भाजपा ने बड़े बदलाव का संकेत दिया था। राज्य में बीजेपी 10 से 15 साल तक की योजना तैयार कर काम कर रही है। माना ये जाता है कि उन्हें एडापड्डी पलानीस्वामी को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है।

तमिलनाडु निकाय चुनाव में भाजपा का भगवा लहराया

के अन्नामलाई के नेतृत्व में भाजपा ने राज्य के लोकल बॉडी इलेक्शन में सभी को चौंकाया है। चेन्नई के तिरुपार के वार्ड नंबर 9, करूर जिले के वार्ड नंबर 3 नागरकोइल निगम के वार्ड नंबर 9 में भी भाजपा के उम्मीदवारों ने खबर लिखे जाने तक जीत हासिल कर ली थी। हालाँकि, डीएमके आगे चल रही है। राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव करीब एक दशक के बाद हो रहे हैं।

वेब सीरीज और फिल्म लिख रहे हैं SRK के बेटे आर्यन खान, बॉलीवुड में जल्द लेंगे एंट्री: बहन सुहाना कर रहीं अभिनेत्री बनने की तैयारी

ड्रग्स केस को लेकर जेल की हवा खा चुके बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान अपने बी-टाउन डेब्यू की तैयारी में हैं। लेकिन खबर है कि वह एक्टिंग नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे से काम करेंगे। Pinkvilla की रिपोर्ट के मुताबिक, आर्यन कई आइडियाज पर काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ पर फिल्म और वेब-सीरीज भी बन सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोर्स ने बताया कि सारे आइडियाज में से दो का काम आगे बढ़ चुका है। इनमें से एक ऐमेजॉन प्राइम के लिए वेब सीरीज है। एक फिल्म है जिसका प्रोडक्शन रेड चिलीज एंटरटेनमेंट करेगा। वेब सीरीज एक जबरदस्त फैन की कहानी है। इसमें थ्रिल भी होगा। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस साल में वेब सीरीज को इस साल ही हरी झंडी मिल सकती है।

सोर्स ने यह भी बताया कि आर्यन इन सब्जेक्ट्स पर बिलाल सिद्दीकी के साथ काम कर रहे हैं। वही उनके को-राइटर हैं। उल्लेखनीय है कि शाहरुख खान भी सालों से लेखन के प्रति अपनी दिलचस्पी दिखा चुके हैं। वहीं, अब उनका बेटा उनके नक्शे कदम पर चलने के लिए तैयार हैं।

अब भले ही आर्यन का एक्टिंग में इंट्रेस्ट नहीं है, लेकिन शाहरुख की बेटी सुहाना खान एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने के लिए बेताब हैं। वह फिल्मों में एंट्री की तैयारी कर रही हैं। वो कैमरे के सामने काम करना चाहती हैं और बताया जा रहा है कि वो नेटफ्लिक्स पर एक वेब सीरीज के साथ शुरुआत करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो इस वेंचर का डायरेक्शन फिल्ममेकर जोया अख्तर कर रही हैं और ये पॉप्युलर आर्चीज कॉमिक्स पर आधारित होगी।सुहाना को कुछ दिनों पहले जोया के ऑफिस में जाते हुए भी स्पॉट किया गया था। सुहाना ने न्यू यॉर्क में एक्टिंग क्लासेस ली हैं और साथ ही कई शॉर्ट फिल्मों और प्ले में काम किया है जिसके वीडियोज भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे।

बता दें कि 2 अक्टूबर, 2021 को आर्यन खान को क्रूज पर पार्टी के दौरान NCB ने पकड़ा था। इसके बाद उन्होंने जाँच एजेंसी के सामने स्वीकारा था कि वो गाँजे का सेवन करते हैं। 28 अक्टूबर को उन्हें जमानत मिली थी। इस दौरान तमाम सेलेब्रिटीज ट्वीट कर करके अपनी खुशी जाहिर की थी।

वहीं शाहरुख खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो वह अगली फिल्म की शूटिंग के लिए मुंबई लौट आए हैं। इसके बाद वह अपनी फिल्म ‘पठान’ की शूटिंग के लिए स्पेन जाएँगे। सिद्धार्थ आनंद के डायरेक्शन में बनी रही फिल्म ‘पठान’ में दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम भी नजर आएँगे।

‘मुझे ख़ुशी हो रही है’: कंगना रनौत की ‘Lock Upp’ में मुनव्वर फारूकी की एंट्री, एकता कपूर के ALTBalaji पर प्रसारण

ऑल्ट बालाजी (Alt Balaji) पर 27 फरवरी 2022 से शुरू होने वाले एकता कपूर (Ekta Kapoor) के Lock Upp शो में दूसरे प्रतिभागी के नाम की घोषणा हो गई है। आज इंस्टाग्राम अकॉउंट पर ऑल्ट बालाजी ने शो के ट्रेलर को शेयर करते हुए बताया कि अगले प्रतिभागी का नाम स्टैंड अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी (Munawar Faruqui) है।

ये वही मुनव्वर फारूकी हैं, जो हिंदू विरोधी बातें कॉमेडी बताकर अपने फैन्स को परोसते थे। इससे पहले इस शो की पहली कंटेस्टेंट के तौर पर निशा रावल का नाम सामने आया था जो पिछले साल अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप मढ़ने के बाद चर्चा में आई थीं। मालूम हो कि इस शो की होस्ट कंगना रनौत (Kangana Ranaut) हैं।

हाल में ऑल्ट बालाजी पर रिलीज टीजर में देख सकते हैं कि पहले फारूकी को माइक के साथ स्टेज के लिए जाते हुए दिखाया जाता है, फिर सीधे वो लॉक अप में होते हैं। इसके बाद कंगना आती हैं और उन्हें हथकड़ी लगाती हैं। इस बीच पीछे से बैकग्राउंड से आवाज आती है- “मुनव्वर फारूकी आप हैं लॉक में। जेल में रहने के लिए आप खेलेंगे- अत्याचारी खेल।”

बता दें कि मुनव्वर फारूकी पर साल 2021 की शुरुआत से ही हिंदू विरोधी टिप्पणियों के चलते कार्रवाई की गई थी। उनके दर्जनों शो 2021 में कैंसिल हुए। हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के लिए उन्हें कई दिन जेल में भी काटना पड़ा। इस दौरान वामपंथी मीडिया उनके साथ खड़ा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लॉक अप में अपनी भूमिका पर मुनव्वर ने कहा, “लॉक अप अपनी तरह का एक अनूठा शो होने जा रहा है। यह मेरे लिए कठिन और चुनौतीपूर्ण सफल होगा। मुझे इस तरह के अनोखे रिएलिटी शो से जुड़कर खुशी हो रही है।”

27 फरवरी से शुरू होने वाले इस शो में जानकारी के अनुसार प्रतिभागियों को जेल (शो वाली) में 72 दिन रहना होगा। शो में कुल 16 विवादित चेहरे दिखाई देंगे। वहीं शो को होस्ट करेंगी कंगना रनौत जो खुद 2020 से सुर्खियों में थीं। ये शो ऑल्ट बालाजी और एम एक्स प्लेयर पर प्रसारित किया जाएगा।

‘बाद में आऊँगा’: भीमा-कोरेगाँव जाँच समिति के समक्ष पेश नहीं होंगे ‘पवार साहेब’, 2020 में भी समन के बावजूद नहीं गए थे

NCP सुप्रीमो शरद पवार भीमा-कोरेगाँव हिंसा की जाँच कर रही समिति के समक्ष पेश नहीं होंगे। उन्हें 23-24 फरवरी, 2022 को जाँच समिति ने पेश होने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने अब सन्देश भिजवाया है कि वो नहीं आ सकेंगे। महाराष्ट्र में अल्पसंख्यांक विकास मंत्रालय एवं औकाफ, कौशल विकास और उद्योजकता मंत्रालय संभाल रहे NCP के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने वीडियो के माध्यम से बयान जारी कर के कहा कि शरद पवार भविष्य में भीमा-कोरेगाँव जाँच समिति के समक्ष ज़रूर पेश होंगे।

बता दें कि महाराष्ट्र के पुणे स्थित ‘वॉर मेमोरियल’ के इर्दगिर्द जनवरी 2018 में हुई हिंसा के मामले में सबूत रिकॉर्ड कराने के लिए जाँच समिति ने शरद पवार से कहा था। उन्हें इस महीने की शुरुआत में ही 23-24 तारीख़ को पेश होने के लिए कह दिया गया था। इससे पहले 2020 में भी जाँच समिति ने उन्हें समन भेजा था, लेकिन तब करना वायरस संक्रमण से निपटने के लिए लगे लॉकडाउन को कारण बताते हुए वो पेश नहीं हुए थे। नवाब मलिक ने कहा कि इन्क्वायरी कमीशन ने ‘पवार साहेब’ को पेश होने के लिए कहा था।

उन्होंने इन्क्वायरी कमीशन को लिखित में भेजा है कि वो इस बार उसके समक्ष पेश नहीं हो पाएँगे। साथ ही उन्होंने जाँच समिति के समक्ष अपनी बात बाद में रखने की बात कही है। NCP की मुंबई यूनिट के अध्यक्ष और मुंबई के ही अनुशक्ति नगर से विधायक नवाब मलिक ने दावा किया कि शरद पवार भविष्य में ज़रूर जाँच समिति के सामने पेश होंगे। सन् 1818 में हुए भीमा-कोरेगाँव युद्ध की 100वीं बरसी पर हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 10 पुलिसकर्मी सहित कई लोग घायल हुए थे।

इस मामले में कई अर्बन नक्सली जेल में बंद हैं। दिसंबर 2017 में ‘एल्गार परिषद कॉन्क्लेव’ के दौरान इन अर्बन नक्सलियों द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषणों के कारण हिंसा भड़की थी। 8 अक्टूबर, 2018 को एनसीपी सुप्रीमो ने इस मामले में कोर्ट में एक एफिडेविट पेश किया था। फरवरी 2020 में ‘विवेक विचार मंच’ नामक संगठन ने मीडिया में शरद पवार द्वारा इस मामले के सम्बन्ध में दिए गए बयानों को लेकर उन्हें समन किए जाने के लिए एप्लिकेशन दायर किया था।

मामला ये है कि शरद पवार ने 2018 में दावा किया था कि दक्षिणपंथी कार्यकर्ता मिलिंद एकबोटे और मनोहर भिड़े ने भीमा-कोरेगाँव में हिंसा भड़काई थी। हालाँकि, 2020 में उन्होंने अदालत में दिए गए एफिडेविट में अपने बयान से पलटते हुए दावा किया था कि वो किसी व्यक्ति या संगठन का नाम लेने की स्थिति में नहीं हैं। 2018 में रिटायर्ड चीफ जस्टिस जयनारायण पटेल और पूर्व मुख्य सचिव सुमित मलिक के नेतृत्व में जाँच समिति का गठन किया था। अब शरद पवार का कहना है कि वो विस्तृत सूचनाओं के साथ अतिरिक्त एफिडेविट दायर करेंगे।

‘काठियावाड़ी समुदाय को बदनाम कर रही है’: आलिया भट्ट की फिल्म के खिलाफ बॉम्बे HC में याचिका, कमाठीपुरा के लोग भी नाराज़

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘गंगूबाई कठियावाड़ी’ रिलीज होने से पहले ही मुश्किलों में घिर गई है। उसे बॉम्बे हाई कोर्ट में कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ेगा। दरअसल कॉन्ग्रेस विधायक अमीन पटेल और कमाठीपुरा के कुछ निवासियों ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई और बॉम्बे हाई कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएँ दायर की।

मुंबई के मुंबादेवी से कॉन्ग्रेस विधायक अमीन पटेल ने मंगलवार (22 फरवरी 2022) को फिल्म की रिलीज के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की। पटेल की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता की एकल सदस्यीय पीठ आज सुनवाई कर सकती है।

विधायक ने फिल्म के ट्रेलर के संबंध में आपत्तियों के संबंध में गुरुवार (17 फरवरी, 2022) को महाराष्ट्र में सांस्कृतिक मामलों के मंत्री अमित विलासराव देशमुख से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने उनको एक ज्ञापन भी सौंपा था। इसमें अमीन पटेल ने तर्क दिया था कि फिल्म कमाठीपुरा इलाके और मुंबई में रहने वाले काठियावाड़ी समुदाय की छवि को धूमिल करती है। PIL में फिल्म के टाइटल से ‘काठियावाड़ी’ के हिस्से को हटाने की भी माँग की गई है।

इसी तरह की एक याचिका कमाठीपुरा के कुछ निवासियों ने भी बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की, जिसमें फिल्म में इस्तेमाल किए गए ‘कमाठीपुरा’ नाम के इस्तेमाल में बदलाव की माँग की गई। जस्टिस जीएस पटेल की अगुवाई वाली पीठ बुधवार (23 फरवरी) को याचिका पर सुनवाई करेगी।

गौरतलब है कि इससे पहले गंगूबाई के परिवारवालों ने फिल्म को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कोर्ट की ओर रुख किया था। उनके वकील का कहना था कि ट्रेलर देख परिवार हैरान है। परिजनों का कहना है कि गंगूबाई को इस फिल्म में सोशल वर्कर से ज्यादा प्रॉस्टिट्यूट दिखाया गया है। गंगूबाई के गोद लिए हुए बेटे बाबू रावजी शाह ने कहा, “मेरी माँ को वेश्या बना दिया गया है। अब लोग बिना वजह मेरी माँ के बारे में बातें कर रहे हैं।”

संजय लीला भंसाली के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 25 फरवरी 2022 को रिलीज होनी है। आलिया भट्ट (Alia Bhatt) की फिल्म में मुख्य भूमिका है। शांतनु माहेश्वरी गंगूबाई के पति और अजय देवगन करीम लाला की भूमिका में हैं। यह फिल्म असल जिंदगी की कहानी पर आधारित बताई जाती है। यह फिल्म हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ पर आधारित है।