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24 साल की मॉडल को दिया फिल्म का ऑफर, सेट पर करवाया बौनों से रेप: बॉलीवुड पोर्न मामले में सलीम-अब्दुल सहित 4 गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने एक मॉडल को फिल्म का ऑफर देकर सेट पर गैंगरेप किए जाने के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक फिल्म प्रोडक्शन को-ऑर्डिनेटर और तीन बौने हैं। तकरीबन 1 साल पहले 24 साल की एक मॉडल ने गैंगरेप का आरोप लगाते हुए वेब सीरीज ‘गंदी बात’ फेम अभिनेत्री-मॉडल गहना वशिष्ठ के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। अब इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों प्रोडक्शन को-ऑर्डिनेटर नरेश पाल, सलीम सैयद, अब्दुल सैयद और अमन बर्नलवाल शामिल हैं।

इस फिल्म की प्रोड्यूसर और डायरेक्टर गहना वशिष्ठ थी। इसी मामले में वह जेल भी जा चुकी है। फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं। मॉडल ने पिछले साल जुलाई में खुद को गैंगरेप पीड़िता बताया था और आरोप लगाया था कि फिल्म में काम देने के बहाने उसके साथ यौन शोषण किया गया था। मॉडल ने शिकायत में कहा था कि गहना वशिष्‍ठ ने कहा था कि उसका किरदार एक रानी का है और राजा का किरदार एक गे लड़का आकाश निभाएगा। पीड़‍िता को भरोसा दिलाया गया था कि शूटिंग पूरी तरह कपड़ों में होगी। 

हालाँकि शूटिंग के दौरान तीन बौने लोगों ने उसका कपड़ा उतार दिया और कैमरा ऑन रहने के दौरान ही उसका यौन शोषण किया। महिला ने जब इस बारे में गहना को बताया तो उसने कहा था कि उन लोगों ने इस शूट के लिए 10 लाख रुपए खर्च किए हैं तो ये सब तो करना ही पड़ेगा। फिर आकाश नाम के लड़के ने भी उसके साथ फिजिकल रिलेशन बनाए। बाद में उस वीडियो को Nueflix पर अपलोड कर दिया गया, जिसके बाद महिला ने केस दर्ज कराया था। यह शूटिंग मड आइलैंड में हुई थी।

गौरतलब है कि फरवरी 2021 में गहना वशिष्ठ पर जबरन पोर्न, रेप और अश्लील फिल्में शूट करवाने का आरोप लगा था। इसके बाद गहना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वो 5 महीने तक भायखला जेल में ही थी। बाद में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पोर्न फिल्मों को लेकर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को भी गिरफ्तार किया था। उस दौरान गहना लगातार कुंद्रा के सपोर्ट नजर आई थीं। अभी राज कुंद्रा भी जमानत पर बाहर हैं।

‘पंजाब में AAP सरकार बनने पर खालिस्तान पाने में होगी आसानी’: SFJ के नाम पर लेटर वायरल, पन्नू ने बताया फेक

पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 17 फरवरी को को प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन SFJ (सिख फॉर जस्टिस) के नाम से सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हुआ। इसमें आम आदमी पार्टी (AAP) के पंजाब में मुख्यमंत्री चेहरे भगवंत मान को समर्थन देने की बात कही गई थी।

गुरपतवंत सिंह पन्नू के नाम से पंजाबी में जारी इस पत्र में लिखा था, “हम सिख फॉर जस्टिस के सभी सदस्य पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के भगवंत मान को अपने समर्थन की घोषणा करते हैं। यह चुनाव बेहद अहम हैं। अगर आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब में बनती है तो हमें हमारे खालिस्तान के लक्ष्य को पाने में आसानी होगी। हमने 2017 के चुनावों में भी आम आदमी पार्टी का समर्थन किया था। सिर्फ आम आदमी पार्टी है जो हमारे टारगेट को पूरा करवा सकती है। उन्हें वोट दे कर हमें मजबूत करें।”

SFJ के नाम पर वायरल पत्र, स्रोत: ट्विटर

पन्नू ने वीडियो जारी कर के लेटर को फर्जी बताया

लेटर वारयल होने के बाद पन्नू ने वीडियो जारी कर इसे फर्जी करार दिया है। पन्नू ने कहा, “यह लेटर फर्जी है और SFJ ने किसी भी राजनैतिक दल को अपना समर्थन नहीं दिया है। इसे आम आदमी पार्टी और भगवंत मान ने वायरल किया है। SFJ भारत के संविधान और राजनैतिक पार्टियों पर विश्वास नहीं करता है। हमारा लक्ष्य पंजाब को भारत से अलग करना है। इसके लिए जल्द ही जनमत संग्रह और वोटिंग भी करवाई जाएगी। आप पार्टी के झूठ से दूर रहो। मैं भगवंत मान और केजरीवाल को चेतावनी देता हूँ। चाहे इंदिरा हों, मोदी हों या केजरीवाल, जो भी दिल्ली से आता है उसका विरोध किया जाएगा। मैं हर किसी से चुनावों के बूथ पर खालिस्तानी झंडे लहराने की माँग करता हूँ।”

आप समर्थकों ने SFJ का किया था धन्यवाद

भले ही पन्नू ने लेटर को फर्जी बताया है, लेकिन इसके वायरल होने के बाद कई आप समर्थकों में उत्साह देखा गया था। सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी के कई समर्थकों ने SFJ को धन्यवाद कहा था।

आप समर्थक का फेसबुक पोस्ट

कुमार विश्वास ने भी केजरीवाल पर लगाए हैं खालिस्तान समर्थक होने के आरोप

यह पत्र ऐसे समय में वायरल हुआ है जब केजरीवाल के पूर्व सहयोगी रहे कुमार विश्वास ने अरविन्द केजरीवाल पर खालिस्तान का समर्थक होने के आरोप लगाए हैं। 16 फरवरी को केजरीवाल के दिमाग में गहरे बसे अलगाववाद की भावना पर बात करते हुए विश्वास ने कहा, “उसने मुझसे ऐसी भयानक बातें बोली हैं जो पंजाब में सभी को पता है। एक दिन जब मैंने उससे 2020 के जनमत संग्रह के बारे में बात की तो वो कहता है कि तू चिंता मत कर एक दिन मैं या तो स्वतंत्र सूबे का मुख्यमंत्री बनूँगा या फिर स्वतंत्र राष्ट्र (खालिस्तान) का पहला प्रधानमंत्री बनूँगा। जब मैंने बताया कि इस रेफरेंडम को आईएसआई से लेकर दुनियाभर के अलगाववादी तत्व फंडिंग कर रहे हैं, तो उन्होंने मुझे चिंता नहीं करने को कहा।”

इसके बाद आप नेता राघव चड्ढा ने चेतावनी देते हुए कहा था कि जो कुमार विश्वास के बयान को प्रकाशित या प्रसारित करेंगे AAP उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “कुमार विश्वास फर्जी और मनगढ़ंत वीडियो के जरिए अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने और उनका मजाक उड़ाने के लिए उक्त वीडियो प्रसारित/प्रकाशित कर रहे हैं।” राघव ने मीडिया को धमकाते हुए ट्वीट किया, “अगर कोई चैनल इसे प्रकाशित/प्रसारित करता है या उसे प्रसारित करने के लिए मंच प्रदान करता है तो हमें कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिसमें उसे उकसाने/सहायता करने के अपराध शामिल होंगे।” इसके जवाब में कुमार विश्वास ने कहा था, “ये सभी केजरीवाल के चिंटू हैं। ये सभी हमारे खून-पसीने से बनाई गई पार्टी में तब घुस गए जब सरकार बन गई। ये सब मलाई चाटने आ गए हैं। इन चिंटुओं से कहो कि अपने आका को बहस के लिए भेजें।”

कुमार विश्वास ही नहीं बल्कि गुल पनाग और योगेंद्र यादव भी आप पार्टी पर खालिस्तानी समूहों से समर्थन लेने का आरोप लगा चुके हैं। ये सभी लोग कभी अरविन्द केजरीवाल के समर्थक हुआ करते थे। 2017 में हुए विधानसभा के चुनावों के दौरान प्रतिबंधित सिख संगठन इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) के गुरदयाल सिंह ने केजरीवाल का समर्थन और आप का प्रचार किया था। 2018 में रिपब्लिक टीवी ने खुलासा किया था कि पंजाब चुनाव के दौरान आप को खालिस्तानियों से फंडिंग मिली थी।

आसिम का मकान, 2.2 किलो तबाही का सामान: रोबोट ने उठाया IED-200 घर खाली कराने पड़े, गाजीपुर से जुड़े हैं तार

14 जनवरी 2022: दिल्ली के गाजीपुर की फूल मंडी, इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किया गया जो 24 बम की खेप का हिस्सा था।

17 फरवरी 2022: दिल्ली की घनी आबादी वाले सीमापुरी का एक मकान, 2.2 किलो विस्फोटक बरामद। इस मकान में IED होने की भनक गाजीपुर मामले की जाँच के दौरान ही दिल्ली पुलिस को मिली।

देश की राजधानी में विस्फोटकों की दो बड़ी खेप की बरामदगी हैरान करने वाली है। दोनों के आपस में तार जुड़े दिखते हैं। गाजीपुर में मिले IED की तरह ही सीमापुर में भी एक ABCD स्विच और एक प्रोग्राम किया टाइमर लगा था। के हाथ होने की तरफ इशारा करता है। ये सब पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI और उसके शह पर पल रहे आतंकी संगठनों की बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक गाजीपुर मामले की जाँच करने के दौरान ही स्पेशल सेल को सीमापुरी वाले ठिकानें के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद सेल की टीम ने गुरुवार (17 फरवरी 2022) शाम घर पर छापा मारा और 2.2 किलो आईडी बरामद किया। लेकिन संदिग्ध मौके से फरार हो गए। 

मामले में स्पेशल सेल ने 3-4 संदिग्ध युवकों की पहचान की है। उनकी तस्वीरें भी हाथ लगी है। वे कहाँ के रहने वाले इसकी भी जानकारी मिल गई है। सेल को शक है कि संदिग्ध किसी आतंकी संगठन के स्लीपर सेल से हो सकते हैं। इन संदिग्धों ने उस घर को कुछ समय पहले ही किराए पर लिया था। मकान मालिक आसिम ठेकेदार बताया जा रहा है। 

रिपोर्ट के मुताबिक स्पेशल सेल को गुरुवार सुबह ओल्ड सीमापुरी में कुछ संदिग्ध लोगों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया था कि संदिग्धों का संबंध गाजीपुर में मिले आईईडी से हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने कई दर्जन संदिग्ध फोन कॉल इंटरसेप्ट किए और इस घर का पता लगाया। फिर डीसीपी प्रमोद कुशवाहा और एसीपी ललित मोहन नेगी और हृदय भूषण के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुँची। घर की दूसरी मंजिल का फ्लैट खाली था, लेकिन अंदर एक संदिग्ध बैग पड़ा हुआ था।

दोपहर करीब 2.15 बजे बम निरोधक दल और दमकल विभाग को बुलाया गया। जैसे ही पुलिस को शक हुआ कि कि बैग में विस्फोटक हो सकते हैं, उन्होंने बड़े पैमाने पर घरों को खाली कराने का काम शुरू किया। आसपास के करीब 200 घर खाली कराए गए। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुलाया गया। स्पेशल रोबोट की मदद से संदिग्ध बैग उठाया है। जाँच में बैग में विस्फोटक होने की पुष्टि के बाद उसे निष्क्रिय कर दिया गया।

बम मिलने के बाद दिल्ली में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी की गई है। खासतौर पर यमुनापार इलाके में विशेष सतर्कता देखी गई। सभी बॉर्डर पर पुलिस कर्मी आने-जाने वाले वाहनों की निगरानी करते दिखाई दिए। संदिग्ध वाहनों को रोक कर उनकी जाँच की गई। आनंद विहार रेलवे स्टेशन, शाहदरा रेलवे स्टेशन और आनंद विहार बस अड्डा परिसर में चेकिंग अभियान चलाया गया, यात्रियों के सामान की तलाशी ली गई। लोगों से अपील की गई कि वह किसी लावारिस वस्तु, बैग को हाथ न लगाएँ। ऐसी वस्तु दिखने पर पुलिस को सूचना दें।

14 जनवरी को फूलमंडी में मिला था आरडीएक्स

14 जनवरी को गाजीपुर फूलमंडी में स्कूटी से सामान लेने के लिए आया एक व्यक्ति अपनी स्कूटी और बैग रखकर चला गया। बाद में सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने जाँच की तो आरडीएक्स बरामद हुआ। इसके बाद एनएसजी की टीम ने उसे डिफ्यूज किया। जाँच में ये पता चला था कि यह आईडी 24 बम की खेप का हिस्सा था, जिसे सीमा पार से या तो जमीन के जरिए या समुद्री मार्ग से पाकिस्तान द्वारा स्थानीय आतंकवादियों को भेजा गया था।

जिस हजारीबाग में हुई रुपेश पांडेय की हत्या, वहाँ पत्थर मार हनुमान मूर्ति को तोड़ने वाला शफी अहमद गिरफ्तार

हजारीबाग का बरही थाना क्षेत्र पिछले कई दिनों से खबरों में है। इसी थाना क्षेत्र में रुपेश पांडेय की 6 फरवरी 2022 को हत्या कर दी गई थी। इसी इलाके में 12 फरवरी को एक मंदिर में पत्थर मारकर हनुमान मूर्ति तोड़ दी गई। इस मामले में अब पुलिस ने शफी अहमद नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक शफी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।

हजारीबाग पुलिस के SP मनोज रतन चौथे ने इस घटना का खुलासा करते हुए कहा, “12 फरवरी 2022 को बरही थाना क्षेत्र में तिलैया रोड पर एक मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया गया था। इस मामले में शफी अहमद को गिरफ्तार किया गया है। उसकी उम्र 20 वर्ष के आसपास है। उसने अपना जुर्म कबूला है। पूछताछ में उसने बताया है कि 12 तारीख को एक झंडे को कुछ लोगों द्वारा जलाने की कोशिश की गई थी। उसी घटना के आक्रोश में उसने इस घटना को अंजाम दिया। इसमें और लोगों की भी संलिप्तता सामने आ रही है। घटना करने में केवल वही शामिल था। लेकिन इसमें साजिश रचने और उकसाने में अन्य लोगों का भी रोल सामने आ रहा है। उस पर जाँच चल रही है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस अधीक्षक चौथे ने रुपेश पांडेय की हत्या पर भी बयान दिया है। उनके मुताबिक, “मृतक रुपेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार उसके सिर पर वार किया गया था। साथ ही उसकी गर्दन, पेट और तिल्ली पर भी चोट के निशान मिले हैं। यह हत्या मॉब लिंचिंग नहीं है। हत्या की वजह व्यक्तिगत दुश्मनी है।”

रुपेश की हत्या का संज्ञान राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी लिया है। आयोग ने नोटिस जारी कर के झारखंड सरकार से रुपेश की मौत से संबंधित घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा माँगा है। साथ ही NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग) के चेयरपर्सन प्रियंक क़ानूनगो ने 20 फ़रवरी को खुद झारखंड जाने की घोषणा की है। इस दौरान वो स्वयं पूरे मामले की पड़ताल करेंगे।

जो हमारे बच्चों को हिजाब पहनने से रोक रहे, उनके टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएँगे: कॉन्ग्रेस नेता मुकर्रम खान, धमकी वाला Video वायरल

कर्नाटक में बुर्के पर जारी विवाद के बीच कॉन्ग्रेस नेता मुकर्रम खान का एक वीडियो वायरल हुआ है। 17 फरवरी 2022 को सामने आए इस वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता कह रहे हैं, “जो भी हमारे बच्चों को हिजाब पहनने से रोक रहे हैं, उनके टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएँगे।” इस बयान को लेकर उन पर कलबुर्गी में एफआईआर दर्ज की गई है।

वीडियो में मुकर्रम खान को कहते सुना जा सकता है. “वो कौन से कपड़े पहन रहे हैं। वो भगवा कपड़े पहन कर हिजाब हटाने को बोल रहे हैं। हिजाब पर रोक लगा रहे हैं। जो भी हमारे बच्चों को हिजाब पहनने से रोक रहे हैं, उनके टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएँगे।” मुकर्रम खान कॉन्ग्रेस पार्टी के कलबुर्गी जिले के सेदम से पूर्व जिला पंचायत सदस्य हैं।

मुकर्रम के इस बयान के विरोध में हिन्दू संगठनों ने प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारी कलबुर्गी के सेदम पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हुए थे। उन्होंने मुकर्रम पर केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की माँग की। पुलिस में शिकायत विश्व हिन्दू परिषद के जिला सचिव शिवकुमार ने दी है। शिवकुमार ने कहा, “जिस व्यक्ति ने यह आपत्तिजनक बयान दिया है, वह फैलना नहीं चाहिए। ऐसा बयान हम भी दे सकते हैं। लेकिन हम समाज को अशांत नहीं करना चाहते हैं।”

इससे पहले कॉन्ग्रेस नेता जमीर अहमद का एक बयान वायरल हुआ था। इसमें उन्होंने कहा था कि हिजाब नहीं पहनने वाली महिलाओं के साथ रेप होता है। अहमद ने कहा था, “हिजाब का अर्थ इस्लाम में पर्दा होता है। जब लड़की/बच्ची बड़ी होती है तो उसे हिजाब में रखते हैं यानी उसकी जो खूबसूरती होती उसे न दिखाने के लिए, छिपाए रखने के लिए, उसे पहनाया जाता है।” उन्होंने कहा था, “आज आप देखिए हिंदुस्तान में रेप तेजी हो रहे हैं। ये सब इसलिए है क्योंकि औरतें पर्दे में नहीं रहतीं। ये आज से नहीं है और अनिवार्य भी नहीं है। लेकिन जो अपनी खूबसूरती छिपाना चाहते हैं, उसकी हिफाजत चाहते हैं वो लोग हिजाब पहनते हैं। ये आज से नहीं है बरसो से है।”

गौरतलब है कि हिजाब पर कर्नाटक हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अंतरिम आदेश आने तक अदालत ने शिक्षण संस्थानों में ड्रेस कोड का पालन करने और मजहबी ड्रेस नहीं पहनने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके स्कूल-कॉलेज खुलने पर कई छात्राओं को हिजाब में पहुँचते और इससे रोके जाने पर पढ़ाई का बहिष्कार करते देखा गया है।

कर्नाटक हिजाब विवाद का असर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी देखने को मिल रहा है। एक इंटरवियु में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “सबके अपने व्यक्तिगत जीवन हैं। हर कोई जो चाहे पहन सकता है। लेकिन संस्थाओं के अपने नियम और ड्रेसकोड होते हैं। ये अनुशासन का प्रतीक होते हैं। किसी संस्थान में उसके नियमों का पालन होना चाहिए।”

नोट: भले ही इस विरोध-प्रदर्शन को ‘हिजाब’ के नाम पर किया जा रहा हो, लेकिन मुस्लिम छात्राओं को बुर्का में शैक्षणिक संस्थानों में घुसते हुए और प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इससे साफ़ है कि ये सिर्फ गले और सिर को ढँकने वाले हिजाब नहीं, बल्कि पूरे शरीर में पहने जाने वाले बुर्का को लेकर है। हिजाब सिर ढँकने के लिए होता है, जबकि बुर्का सर से लेकर पाँव तक। कई इस्लामी मुल्कों में शरिया के हिसाब से बुर्का अनिवार्य है। कर्नाटक में चल रहे प्रदर्शन को मीडिया/एक्टिविस्ट्स भले इसे हिजाब से जोड़ें, लेकिन ये बुर्का के लिए हो रहा है।

दिल्ली के सीमापुरी में मिला 3 किलो IED, NSG ने किया बम को निष्क्रिय: मकान मालिक हिरासत में, जानें सब कुछ

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) के सीमापुरी इलाके में एक घर से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तीन किलो आईईडी विस्फोटक बरामद किया है। एक महीने के अंदर लगातार दूसरी बार ऐसा हुआ है कि जब यमुनापार इलाके में बम मिला है। बम मिलने के तुरंत बाद राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम को बुलाया गया। इसके बाद NSG उसे अपने साथ ले गई।

इस बीच बम बरामद किए जाने के साथ ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया गया है। पुरानी सीमापुरी स्थित जिस मकान में आईईडी मिला था उसके पीछे वाली गली में भी कुछ मकानों को खाली करा दिया गया है। हालात की गंभीरता के चलते दमकल विभाग की गाड़ियों को भी बुला लिया गया था। इसके साथ ही घटनास्थल के छानबीन करने के लिए फॉरेंसिक विभाग की भी टीम को बुलाया गया था।

इस बीच पुलिस ने घर के मालिक को हिरासत में ले लिया है। उसके घर में उसकी माँ, पत्नी और चार बच्चे हैं। आरोप है कि उसने किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराए बिना ही उसे किराए पर कमरा दे दिया था। दरअसल, घर के मालिक का सीमापुरी में दो घर है। एक में वो खुद अपने परिवार के साथ रहता है, जबकि दूसरे को किराए पर उठा रखा है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि वो घर में रहने वाले किसी को भी नहीं जानते थे। क्योंकि किराए पर रहने वाले अपने कमरे से कम ही बाहर निकलते थे।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल गाजीपुर आरडीएक्स के मामले की जाँच कर रही थी, उसी दौरान उसे सीमापुरी इलाके में एक मकान को लेकर जानकारी मिली। इसके बाद जब टीम उस घर में गई तो वो बंद था, लेकिन उसे वहाँ पर संदिग्ध हालत में एक बैग मिला, जिसमें से आईईडी बरामद किया गया।

14 जनवरी को फूलमंडी में मिला था आरडीएक्स

गौरतलब है कि 14 जनवरी को गाजीपुर फूलमंडी में स्कूटी से सामान लेने के लिए आया एक व्यक्ति अपनी स्कूटी और बैग रखकर चला गया। बाद में सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने जाँच की तो आरडीएक्स बरामद हुआ। इसके बाद एनएसजी की टीम ने उसे डीफ्यूज किया। बाद में पता चला कि यह बम पाकिस्तान की आईएसआई और उसकी जिहादी सेल इसमें शामिल है। जाँच में ये पता चला था कि यह आईडी 24 बम की खेप का हिस्सा था, जिसे सीमा पार से या तो जमीन के जरिए या समुद्री मार्ग से पाकिस्तान द्वारा स्थानीय आतंकवादियों को भेजा गया था।

‘भाजपा की फिर सरकार आ रही है, बुलडोजर का मरम्मत हो रहा है’: CM योगी ने कहा- सपा बैकडोर से माफियाओं को टिकट दे रही है

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) में 20 फरवरी को होने वाले तीसरे चरण मतदान से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने एक बार फिर प्रदेश के माफियाओं को बुलडोजर की याद दिलाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार आ रही है और बुलडोजर को मरम्मत के लिए भेज दिया गया है।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार (17 फरवरी) को सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपराधियों और माफियाओं को चुनावी मैदान में उतारा है।

सीएम योगी ने कहा कि कैराना, रामपुर और मऊ में उनके प्रत्याशी कौन हैं? सपा बैकडोर से माफियाओं को ही टिकट दे रही है और प्रदेश को दंगा, आतंक और भय की ओर ले जाना चाहती है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करने वाले अंदाज में कहा, “आप परेशान ना हों, प्रदेश में BJP की सरकार ही आ रही है। मैंने प्रदेश के सभी बुलडोजर को मरम्मत के लिए बोल दिया है।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ये वही उत्तर प्रदेश है, जहाँ बड़े-बड़े माफिया को सत्ता का संरक्षण मिल रहा था। लखनऊ में DGP आवास के पास एक माफिया ने अवैध रूप से 5 बड़ी हवेलियाँ बनवाई थीं। मुझे बताया गया कि ये हवेलियाँ एक माफिया की हैं। हमने बुलडोजर के इस्तेमाल से उन्हें ढहवा दिया।”

झाँसी में एक अन्य रैली में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले तमंचावादी तमंचों की अवैध फैक्ट्री चलाते थे। अब भाजपा सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर बनाया है। उन्होने कहा, “झाँसी में सेना के लिए तोप का निर्माण किया जाएगा और बुंदेला जब तोप पर बैठकर दुश्मन की सीमा में घुसेगा तो बुंदेलखंड का जवान कहेगा कि ‘मैं अपने दुश्मनों को छोड़ूँगा नहीं।” 

बुंदेलखंड में युवाओं की शादी की समस्या को लेकर सीएम ने कहा कि पानी की समस्या के कारण माता-बहनों को गगरी लेकर दूर जाना पड़ता था। इस कारण कोई यहाँ अपनी लड़की नहीं ब्याहना चाहता है। इस कारण बहुत से युवा कुँवारे रह जाते हैं, लेकिन अब किसी को कुँवारा नहीं रहना पड़ेगा। हर घर के लिए पानी की व्यवस्था कर दी गई है और यह जल आरओ के पानी को भी फेल कर देगा।

बता दें कि तीसरे चरण में 16 जिलों के 59 विधानसभा सीटों पर 20 फरवरी को मतदान होने हैं। इन जिलों में हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, कासगंज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, झाँसी, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा शामिल हैं। इस चरण में कुल 627 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला किया जाएगा।

पहले चरण में 11 जिलों की 58 सीटों और दूसरे चरण में 9 जिलों की 55 विधानसभा सीटों पर मतदान हो चुकी है। जनवरी 2022 को प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार, तीसरे चरण में कुल दो करोड़ 15 लाख 75 हजार 430 मतदाता हैं। इनमें एक करोड़ 16 लाख 12 हजार 10 पुरुष मतदाता, 99 लाख 62 हजार 324 महिला मतदाता और 1,096 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।

बुर्का-हिजाब पर प्रदर्शन, खतना पर चुप्पी: हर साल 40 लाख मुस्लिम लड़कियाँ होती हैं ‘खतने’ का शिकार, जानिए क्या है FGM

देशभर में बीते कुछ सप्ताह से कॉलेजों में हिजाब (Hijab) पहनने की इजाजत के लिए प्रदर्शन हो रहे हैं। इस मुद्दे को सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी लगातार इसे बढ़ावा दे रहे हैं। लेकिन, मुस्लिम महिलाओं की असली समस्या ‘खतना’ (FGM) पर कोई बात नहीं करता है। ये वो बर्बर इस्लामिक कुप्रथा है, जिससे मुस्लिम लड़की को गुजरना होता है। हर साल दुनियाभर में करीब 40 लाख से ज़्यादा मुस्लिम लड़कियों का ‘खतना’ किया जाता है।

पिछले कुछ सप्ताह में महिला फीमेल जेनाइट म्यूटिलेशन (FGM) सामान्य अर्थों में कहें तो ‘खतना’ की अपनी भयावह कहानी को बताने के लिए महिलाएँ आगे आई हैं। FGM प्रथा के नाम पर निर्दोष मुस्लिम महिलाओं के साथ किए जाने वाले अत्याचार के खिलाफ जागरुकता अभियान चलाने वाले GIRDLE संगठन ने सोमालिया के जौहर की रहने वाली मुस्लिम महिला हिबाक की कहानी साझा की है।

हिबाक ने बताया है कि जब वो बहुत की कम उम्र की थी तभी उसका खतना कर दिया गया था। इसमें इंफाइब्यूलेशन की प्रक्रिया बहुत ही दर्दनाक थी। इसके तहत महिलाओं के जननांगों के टिश्यूस को ब्लेड से काट दिया जाता है। इससे लड़कियों और महिलाओं के शरीर के प्राकृतिक कार्यों से छेड़छाड़ की जाती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रथा को महिलाओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जाता है। ये कुप्रथा अधिकतर इस्लामिक समाज और रुढ़िवादी ईसाई धर्म में भी की जाती है।

इंफाइब्यूलेशन ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें महिला के बाहरी जननांग को हटाने के बाद योनि को सिल दिया जाता है, जो बहुत ही कष्टकारी होता है। पूरे लेबिया मेजा को एक साथ सिलने के बाद, पेशाब और मासिक धर्म के लिए केवल एक छोटा सा छेद छोड़ा जाता है। ऐसे में टाँके को खोले बिना सेक्स नहीं किया जा सकता है। निकाह के बाद पहली रात में महिला का पति इसे खोलता है। फीमेल इनफिब्यूलेशन को टाइप III FGM कहा जाता है, जो कि पूर्वोत्तर अफ्रीकी देशों में प्रचलित है।

सोमालिया की हिबाक कहती हैं कि 8 साल की उम्र में ही उसका टाइप III FGM हुआ था। लंबे समय तक आपस में सटे रहने के कारण उसकी त्वचा जुड़ गई थी। हिबाक बताती हैं कि शादी के बाद उसके पति ने इसे खोलने की कोशिश की, लेकिन, उसकी योनि से खून बहने लगा औऱ वो सेक्स नहीं कर पाया।

हिबाक के मुताबिक, पाँच दिन की कोशिशों के बाद वो पति के साथ डॉक्टर के पास गई। डॉक्टर ने उन्हें सर्जरी की सलाह दी, जिससे वो सेक्स कर सके। लेकिन पति ने इससे इनकार करते हुए कहा, “उसे खोलने वाला मैं ही होऊँगा, कोई दूसरा नहीं। यह मेरे लिए शर्म की बात है कि मैं उसे खोलने वाला नहीं हूँ।” इसके साथ ही उसने हिबाक को उसकी बात नहीं मानने पर तलाक की भी धमकी दी। बाद में उसने जबरदस्ती उसे खोल दिया, जिससे वो महीनों दर्द के साए में रही। वो लगातार दो महीने तक अनियंत्रित तरीके से पेशाब करती रही।

हर साल लाखों महिलाएँ बनती हैं इसकी शिकार

डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया के 30 से अधिक देशों में आज 200 मिलियन ऐसी महिलाएँ हैं, जो FGM की कुप्रथा का शिकार हो चुकी हैं। दुनियाभर में हर साल करीब 4 मिलियन लड़कियाँ इसकी शिकार होती हैं।

FGM से होने वाली दिक्कतों के इलाज में 2018 के लिए 1.4 बिलियन डॉलर की लागत आँकी गई थी। इस प्रथा के चलते स्वास्थ्य लागत 2047 तक बढ़कर $2.3 बिलियन होने की उम्मीद है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2030 तक इस प्रथा को खत्म करने का लक्ष्य रखा है।

क्लिटोरिस को हराम की बोटी मानते हैं मुस्लिम

खतना इस्लाम और यहूदी समुदाय दोनों में होता है, जिसमें लड़की के क्लिटोरिस को काट दिया जाता है। इस्लाम में इसे ‘हराम की बोटी’ कहा जाता है। मुस्लिमों में चार तरह के खतने किए जाते हैं, जो कि अमानवीयता की नई ही दास्तां बयाँ करते हैं।

‘औकात है तो सामने आएँ केजरीवाल’: चड्ढा की धमकी पर बोले विश्वास- ‘हमारे खून-पसीने से बनी सरकार में मलाई चाटने आ गए कुछ ‘चिंटू’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) पर खालिस्तान समर्थक होने का आरोप लगाने वाले कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) के आरोप के बाद आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने मीडिया को धमकी दी थी। चड्ढा ने कहा था कि जो भी चैनल इन बयानों को दिखाएगा उनके खिलाफ पार्टी कानूनी कार्रवाई करेगी। इस धमकी के बाद कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर निशाना साधा कि उन्हें इस आरोप पर हाँ या ना कुछ तो कहना चाहिए।

एएनआई को दिए बयान में केजरीवाल ने कहा, “उस आत्म-मुग्ध इंसान (केजरीवाल) के कुछ चिंटू (चेले) बोल रहे हैं, जो हमारी खून-पसीने से बनी हुई सरकारों के बाद आएँ हैं मलाई चाटने। उन चिंटुओं से कहना कि अपने आका को भेजो। अगर है औकात तो सामान लेके आए और मैं भी सामान लेके आता हूँ।”

विश्वास ने कहा कि इस देश को पता चले कि अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा था, क्या सुना था, उनके मैसेज क्या हैं, उन्होंने बोला क्या है। उन्होंने कहा कि देश को पता चलना चाहिए। अगर इस विषय पर बहस के लिए किसी चौक-चौराहे या टीवी चैनल, जहाँ भी केजरीवाल बुलाएँगे, वे वहाँ आ जाएँगे।

उन्होंने कहा, “चैनल को धमकी देते हैं ये कि दिखाएँ नहीं। मैं चैनलों का गवाह हूँ। इन चैनल के दो बड़े-बड़े पत्रकारों ने इंटरव्यू लिए थे दिल्ली चुनाव से पहले। मैंने कहा कि तुमने ये क्यों नहीं पूछा सवाल कि राज्यसभा की सीटें कैसे बेचीं। तुमने क्यों नहीं पूछा किसान आंदोलन पर सवाल। मैंने कहा कि तुमने क्यों नहीं पूछी इन बातों को तो बोला कि नहीं मुझे मना किया गया था ऊपर से कि भाई ये मत पूछो।”

विज्ञापन के माध्यम से मीडिया को खरीदने का केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए विश्वास ने कहा, “जब आप इतने-इतने करोड़ों के पैकेज दोगे चैनल को तो मामला ढीली होती है। कल-परसों एक चैनल का मैं इंटरव्यू देख रहा था, वो नहीं पूछ रहे हैं कि भाई ये ऐसा आरोप है तो आपका क्या कहना है। हाँ-ना कुछ तो करे।”

बता दें कि विश्वास द्वारा केजरीवाल पर अलगाववादी खालिस्तान का समर्थन करने का आरोप लगाए जाने के बाद आप नेता राघव चड्ढा ने धमकी देेते हुए कहा था कि अगर कोई कुमार विश्वास के बयानों को छापता है या दिखाता है तो AAP उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी। इतना ही नहीं चड्ढा ने दावा किया है कि इस तरह के बयान अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को बदनाम करने के लिए दिए गए हैं।

कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा था,“उसने मुझसे ऐसी भयानक बातें बोली हैं जो पंजाब में सभी को पता है। एक दिन जब मैंने उससे 2020 के जनमत संग्रह के बारे में बात की तो वो कहता है कि तू चिंता मत कर एक दिन मैं या तो स्वतंत्र सूबे का मुख्यमंत्री बनूँगा या फिर स्वतंत्र राष्ट्र (खालिस्तान) का पहला प्रधानमंत्री बनूँगा। जब मैंने बताया कि इस रेफरेंडम को आईएसआई से लेकर दुनियाभर के अलगाववादी तत्व फंडिंग कर रहे हैं, तो उन्होंने मुझे चिंता नहीं करने को कहा।”

‘मौलानाओं को ₹15000 वेतन और आँगनवाड़ी वर्कर के लिए पैसा नहीं’: केजरीवाल के घर के बाहर 17 दिन से प्रदर्शन, AAP कार्यकर्ताओं पर छेड़छाड़ का आरोप

देश की राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) के आवास से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर आँगनवाड़ी वर्कर प्रदर्शन कर रही हैं। यह प्रदर्शन पिछले 17 दिनों से चल रहा है। आरोप है कि इन्हें गुलामों की काम कराया जाता है और तीन-तीन महीनों तक वेतन नहीं दिया जाता है। इन महिलाओं की माँग है कि उनकी सैलरी बढ़ाई जाए और पुराना बकाया भी क्लियर किया जाए। बता दें कि दिल्ली में इस समय लगभग 22 हजार आँगनवाड़ी महिलाएँ हैं।

आँगनवाड़ी वर्कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी नीतियों का चुनावी राज्यों पंजाब व गोवा में भी विरोध कर रही हैं। इनका कहना है कि एक तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं और दूसरी तरफ दिल्ली की महिलाएँ पिछले 17 दिनों से सड़क पर बैठकर अपना अधिकार माँग रही हैं, जिसकी आवाज मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के कानों तक नहीं पहुँच रही है।

महिलाओं का आरोप है दिल्ली के मुख्यमंत्री पंजाब जाकर आँगनवाड़ी महिलाओं को लेकर झूठ बोल रहे हैं। 2017 के बाद से अभी तक एक पैसा दिल्ली सरकार ने आँगनवाड़ी महिलाओं का अपने मन से नहीं बढ़ाया। इसके लिए भी उन्हें धरना देना पड़ा था, जिसके बाद इनके वेतन में वृद्धि की गई। फिलहाल आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 9,678 रुपए और सहायिकाओं को 4,839 रुपया मिलते हैं। 

इनका कहना है कि जब भी सरकार को काम कराना होता है तो आँगनवाड़ी वर्कर्स को आगे लाया जाता है और सैलरी बढ़ाने की माँग पर सरकार पीछे हट जाती है। अब जब तक उनका वेतन नहीं बढ़ाया जाएगा, यह प्रदर्शन यूँ ही चलता रहेगा। इनकी माँग है कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन बढ़ाकर 25,000 हजार रुपए और सहायिकाओं का वेतन 20 हजार रुपए किया जाए। उनका कहना है कि अभी के वेतन में उन्हें घर-परिवार चलाने में काफी परेशानी हो रही है।

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि कोरोना के दौरान वे घर-घर जाकर लोगों को राशन दे रही थीं, प्राइमरी एजुकेशन दे रही हैं, लेकिन फिर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि कोरोना काल में उनसे खूब काम करवाया गया। जिन घरों में मौतें हो रही थीं, वहाँ पर सर्वे के लिए भेजा गया, लेकिन उन्हें न तो मास्क दिया गया और न ही सेनेटाइजर उपलब्ध करवाया गया था। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों की भी भूमिका निभाई।

दिल्ली से भाजपा के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने इस पर दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “दिल्ली में मौलवियों को हर महीने ₹15,000 की तनख्वाह देने के लिए केजरीवाल के पास बजट भी है, मगर पूरे कोरोना काल में आँगनवाड़ी की माताएँ-बहनें जनता को बचाने हेतु कोरोना टीकाकरण में दिन-रात लगी रहीं, लेकिन इनकी सुनने के लिए केजरीवाल के पास ना वक्त है ना बजट है।”

मामले में भाजपा सांसद ही नहीं कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने भी सीएम केजरीवाल पर निशाना साधते हुए आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की माँगों का समर्थन किया। राहुल गाँधी ने अपने ट्वीट में लिखा, “दिल्ली सरकार जनता के दर्द को नहीं समझती। आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हक की लड़ाई एकदम सही है। कोविड में अपनी जान की परवाह ना करते हुए इन्होंने जनसेवा की, लेकिन दिल्ली के CM ना तो उन्हें पर्याप्त वेतन दे रहे हैं, ना समय, ना सम्मान। नाम के आम आदमी!”

इधर आँगनवाड़ी कर्मियों के धरना-प्रदर्शन के बीच कुछ कर्मियों ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस भी जारी कर दिया है। आरोप है कि आम आदमी पार्टी के कुछ लोगों ने इन महिलाओं के साथ दिल्ली स्थित जोहरीपुर में AAP दफ्तर के बाहर बदसलूकी की। 

मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना को पत्र लिख जाँच करने और दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करने के लिए कहा है। इसके अलावा आयोग ने इस घटना पर क्या कार्यवाही की गई, उसकी रिपोर्ट 7 दिन में भेजने के लिए कहा है।