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‘फ्लॉप चरसी, ड्रग्स की गहराइयाँ…’: दीपिका पादुकोण-अनन्या पांडे स्टारर ‘गहराइयाँ’ का सोशल मीडिया में बॉयकॉट, नेटिजन्स ने उड़ाया मजाक

दीपिका पादुकोण और अनन्या पांडे की हाल में रिलीज हुई ‘गहराइयाँ’ फिल्म को हर जगह से आलोचना झेलनी पड़ रही है। हाल में कंगना रनौत ने इस फिल्म पर और इसके कंटेंट पर निशाना साधा था और अब सोशल मीडिया पर नेटिजन्स इसके फ्लॉप होने पर खुशियाँ मना रहे हैं। 

वहीं, इस बीच सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद ट्विटर पर ट्रेंड हुआ हैशटैग ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ फिर से ट्रेंड में है। इस हैशटैग में सुशांत के लिए दोबारा से न्याय माँगने की गुहार तेज हो गई है। एनसीबी जाँच में पूछताछ के लिए बुलाई गईं दीपिका को सोशल मीडिया पर ‘चरसी फ्लॉप्ड’ बताया जा रहा है।

एक यूजर ने बताया कि उन्होंने दीपिका पादुकोण की फिल्म की तुलना ओमिक्रॉन वैरिएंट से की थी। मगर, इसके बाद रणवीर सिंह ने उन्हें ब्लॉक कर दिया।

इसी तरह अनन्या की तस्वीरें शेयर करके याद कराया जा रहा है कि अगर समीर वानखेड़े को उनकी जाँच पूरी करने दी जाती तो अनन्या पांडे आर्यन खान ड्रग केस में गिरफ्तार होने वाली थीं। यूजर्स का कहना है कि ये फिल्म गहराइयाँ नहीं ‘ड्रग्स की गहराइयाँ’ हैं।

हर्ष मेहता लिखते हैं, “ये समय है जब सुशांत सिंह राजपूत आर्मी की ताकत दिखाई जा सकती है। अभी और भी मूवीज के बुरे दिन आने वाले हैं।”

कुछ लोग इस फिल्म पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर इसका रिव्यू दे रहे हैं और लोगों को सलाह दी जा रही है कि इस फिल्म को कोई गलती से भी न देखे। कुछ यूजर ने अपने ट्वीट में दीपिका द्वारा जेनएयू पहुँचने वाली घटना का जिक्र किया और कहा, “एक ड्रग लेने वाला जो देश तोड़ने वालों के साथ खड़ा होता है उसे हर स्तर पर बॉयकॉट किया जाना चाहिए।”

दोषी करार होते ही लालू यादव ने खुद को बताया ‘बीमार’, अस्पताल भेजने की लगाई गुहार

चारा घोटाला में डोरंडा कोषागार से 139.5 करोड़ के अवैध निकासी के मामले में राँची में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार (15 फरवरी 2022) को राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराया। दोषी करार दिए जाते ही उन्होंने अदालत में आवेदन दायर कर खुद को बीमार बताया और अस्पताल भेजने की गुजारिश की। लालू यादव की सजा पर फैसला 21 फरवरी को होगा। चारा घोटाले से संबंधित 5 मामलों में से चार में लालू यादव दोषी सिद्ध हो चुके हैं।

इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव मुख्य आरोपित थे। कोर्ट का फैसला आते ही बाहर मौजूद राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई। फैसला सुनाए जाते समय लालू यादव की बेटी और सांसद मी‍सा भारती उनके साथ मौजूद रहीं। 

डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी की पूरी कहानी दिलचस्प है। यह तो सभी को पता है कि इस घोटाले में लाखों टन भूसा, पुआल, पीली मकई, बादाम खली, नमक आदि स्कूटर, बाइक और मोपेड पर ढोए गए थे, लेकिन दिलचस्प यह है कि हरियाणा से बढ़िया नस्ल के साँड़, बछिया और हाईब्रिड भैंस भी स्कूटर से ही झारखंड लाए गए थे, ताकि यहाँ अच्छी नस्ल की गाय और भैंसों तैयार किए जा सकें। यह कांड वर्ष 1990 से 1992 के बीच का है।

चारा घोटाले के रिकॉर्ड के अनुसार, 235250 रुपए में 50 साँड़ और 14,04,825 रुपए में 163 साँड़ और 65 बछिया खरीदे गए। इनकी आपूर्ति दिल्ली की कंपनी हिंदुस्तान लाइव स्टाक एजेंसी ने किया था। इसी तरह से बछिया और हाईब्रिड भैंसों की कीमत 84 लाख 93 हजार 900 रुपए थी। भेड़ और बकरा 27 लाख 48 हजार रुपए के खरीदे गए थे।

इस मामले में 575 गवाहों का बयान दर्ज कराने में CBI को 15 साल लग गए। 99 आरोपियों में 53 आरोपित आपूर्तिकर्ता हैं, जबकि 33 आरोपित पशुपालन विभाग के तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारी हैं। वहीं, 6 आरोपित तत्कालीन कोषागार पदाधिकारी हैं, जबकि मामले के 6 आरोपित ऐसे हैं, जिन्हें CBI आज तक नहीं खोज सकी है।

सीबीआइ की जाँच में यह पाया गया कि पशुपालन विभाग के बजट बनाने में खर्चों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और फर्जी बिल के आधार पर निकासी की गई थी। इस मामले में तीन माह में आठ करोड़ रुपए से ज्यादा की निकासी कर ली गई, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया था, क्योंकि सभी लोगों को मिलीभगत से यह घोटाला चल रहा था।

140 CCTV खँगाले, फिर पकड़ा बुर्के वाला चोर: ज्वेलर्स के ऑफिस से उड़ाए थे 8 किलो चाँदी, ₹5 लाख कैश

मुंबई के दादर में आभूषण चोरी करने के आरोप में एक 34 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उसकी पहचान बलवंत सुदामा गुप्ता के तौर पर हुई है। आरोपित ने ज्वेलर्स के ऑफिस से आभूषण चोरी करने के दौरान बुर्का पहन रखा था। आरोपित ने 8 किलोग्राम चाँदी के आभूषण और 5.35 लाख रुपए नकद चोरी किया था।

दादर पुलिस ने लोअर परेल क्षेत्र से पनवेल तक लगभग 130 से 140 सीसीटीवी कैमरे खँगालने के बाद आरोपित को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि गुप्ता अपनी पत्नी और ससुराल वालों के साथ पनवेल में रहता है। उसने पिछले साल नवंबर में भी इसी तरह से 5 लाख रुपए की चोरी की थी और वह इस मामले में वॉन्टेड था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुप्ता पेशे से इलेक्ट्रीशियन है और लॉकडाउन के दौरान उसकी नौकरी चली गई थी। उसे अपने पिता के इलाज के लिए पैसे की जरूरत थी। वह कैंसर के मरीज हैं।  

पुलिस के मुताबिक, गुप्ता करीब एक महीने पहले दादर के प्रभादेवी स्थित नमन मिडटाउन बिल्डिंग में काम के सिलसिले में आया था। इमारत से जाते समय उसने 14वीं मंजिल पर एक ज्वेलर्स का ऑफिस देखा। तभी उसके दिमाग में चोरी का आइडिया आया। इसके बाद उसने इस जगह की रेकी करना शुरू दिया।

जानकारी के मुताबिक आरोपित ने चोरी की इस वारदात को 29-30 जनवरी के दरम्यान अंजाम दिया। इस दौरान शनिवार और रविवार होने की वजह से छुट्टी थी। 31 जनवरी को जब कर्मचारी ऑफिस पहुँचे तो उन्हें चोरी के बारे में पता चला। इसके बाद FIR दर्ज करवाई गई।

पुलिस ने बताया कि आरोपित गुप्ता बुर्का पहनकर शौचालय से दुकान में दाखिल हुआ था। इस दौरान उसकी नजर सीसीटीवी पर पड़ी। उसकी हरकतें कैद न हो जाए, इसलिए उसने उसके लेंस को दीवार की तरफ घुमा दिया। हालाँकि ऑफिस में लगे दूसरे सीसीटीवी पर उसकी नजर नहीं पड़ी और उसकी हरकतें उसमें कैद हो गईं। इसमें उसे बोरी लेकर जाते हुए देखा गया। यहीं से पुलिस को पहला सुराग मिला। पुलिस ने बताया कि बुर्के में होने की वजह से आरोपित का चेहरा नहीं दिख रहा था, लेकिन फिर उन्होंने उसके जूते पर ध्यान दिया, जो ट्रेकिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आरोपित को ट्रैक करने के लिए पुलिस को 140 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को स्कैन करना पड़ा। संदिग्ध ट्रेन, ऑटो और टैक्सी से पनवेल से दादर तक आया था।

चोरी के दौरान वह दो जोड़ी कपड़े और एक बुर्का बदलने के लिए वह साथ ले गया था, लेकिन ट्रेकिंग शूज़ ने उसका राज खोल दिया। 29 जनवरी को जेवर और नकदी चोरी करने के बाद गुप्ता को महसूस हुआ कि वह ऑफिस के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों के वीडियो स्टोरेज डिवाइस (DVR) को हटाना भूल गया है। इसके बाद वह अगले दिन फिर से ऑफिस गया और डीवीआर अपने साथ ले आया।

डीसीपी (जोन 5) प्रणय अशोक ने कहा, “गिरफ्तार किए जाने के बाद उसने अपराध कबूल करने से इनकार कर दिया। लेकिन जब उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाया गया तो वह टूट गया।” उन्होंने आगे कहा, “हमें यह भी संदेह है कि घाटकोपर में इस तरह की चोरी में उसकी सक्रिय भागीदारी है।” अधिकारी ने कहा कि चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया गया है। गुप्ता को 18 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

औरों को नसीहत, खुद मियाँ फजीहत: कनाडा के PM ‘लिबरल ट्रूडो’ ने लगाई इमरजेंसी, प्रदर्शनकारियों पर ‘आतंकी’ एक्ट के तहत लेंगे एक्शन

कनाडा में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को अनिवार्य बनाने के बाद शुरू हुए ट्रक चालकों के प्रदर्शन ने वहाँ प्रशासन को इतना डरा दिया कि वहाँ के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने देश में सोमवार (फरवरी 14, 2022) शाम से इमरजेसीं लागू कर दी। अब आपातकाल लागू होने के बाद कनाडा सरकार के पास शक्तियाँ हैं कि जो भी कोई ट्रक वाला रास्ता ब्लॉक करेगा  उसके विरुद्ध वे न ही केवल जुर्माना लगाएँगे बल्कि उन्हें जेल भी भेज देंगे। 

भारत में किसान आंदोलन के समय उसे अपना समर्थन देने वाले और भारत को लोकतंत्र का ज्ञान देने वाले ट्रूडो ने अपने देश में चल रहे प्रदर्शन को ‘शांतिपूर्ण’ न करार देते हुए प्रदर्शनकारियों को आतंकी दिखाया। उनका कहना है कि इस तरह सड़कों को घेरना, लोगों को प्रताड़ित करना, कानून तोड़ना, शांति पूर्ण प्रदर्शन नहीं है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है, साथ ही लोग अपनी जरूरत के सामान भी नहीं खरीद पा रहे, उनकी सुरक्षा में भारी खतरा है। 

उन्होंने बताया कि आपातकाल उन्होंने केंद्रीय और राज्य सरकारों से बात करके लागू किया है। इससे पुलिस को अतिरिक्त शक्तियाँ मिलेंगी कि व ताकि वो अवैध गतिविधियाँ जैसे प्रदर्शन और रोड ब्लॉक करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई कर सकेंगे। इसी प्रकार वित्तीय संस्थानों को अधिकार होंगे कि वो प्रदर्शनकारियों को आर्थिक समर्थन देना बंद कर दे और बिन कोर्ट के ऑर्डर के उसे फ्रीज कर सकें।

समर्थन देने वालों के अकॉउंट होंगे फ्रीज

ट्रूडो सरकार ने प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए फैसला लिया है कि वो क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म्स और क्रिप्टो करेंसी को भी टेररिस्ट फाइनेंसिंग एक्ट में रखने जा रहे हैं। देश के उप प्रधानमंत्री क्रिस्टियाँ फ्रीलैंड ने इस प्रदर्शन को अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया।

उन्होंने जानकारी दी कि सरकार क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म और पेमेंट सर्विस के लिए एंटी मनी लॉन्ड्रिंग और टेररिस्ट फाइनेंसिंग रूल्स लेकर आई है। इसमें हर प्रकार की ट्रांजैक्शन, डिजिटल एसेट आएँगे। उप प्रधानमंत्री ने बताया कि ये फैसला ऐसी अवैध चीजों (रोड ब्लॉक करते हुए प्रदर्शन) को फाइनेंस करने से रोकने के लिए किया गया है। नोटिस भेजे जा रहे हैं। अगर किसी का ट्रक इस प्रदर्शन में शामिल हुआ तो कॉरपोरेट अकॉउंट फ्रीज किया जाएगा।

बता दें कि सोशल मीडिया पर कनाडा सरकार के इस कदम की खुल कर आलोचना हो रही है। लोग प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की लिबरल छवि को लेकर उनपर तंज कस रहे हैं और इस फैसले को फासीवादी बता रहे हैं। एक विदेशी पत्रकार ग्लेन बेक ने पूछा है कि क्या कनाडा में और अमेरिका में डेमोक्रेट्स ने अपना दिमाग खराब हो गया है? 2 साल से एलीट लोगों ने छोटे आदमी के बारे में कोई बात नहीं की है। अब इन्हें याद आ रहा है लोकल बिजनेस के बारे में, ट्रकर्स को आतंकी कह रहे हैं। ट्रंप 2020 एडवाइजरी बोर्ड में रहीं नैन ने कनाडा के इस रवैये को फासीवादी बताया है।

बुर्का पहनकर माँ-बेटी कर रही थीं फर्जी मतदान, आजम खान के रामपुर में पकड़ी गईं: BJP ने चुनाव आयोग से की शिकायत

उत्तर प्रदेश में सोमवार (14 फरवरी 2022) को दूसरे चरण के मतदान के दौरान बुर्का पहन कर फर्जी वोटिंग करने का मामला सामने आया। भाजपा की प्रदेश ईकाई ने इस संबंध में चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मतदान अधिकारियों पर वोट डालने की अनुमति देने से पहले बुर्का पहनी महिलाओं की पहचान की पुष्टि करने में विफल रहने का आरोप लगाया है।

भाजपा ने मतदान केंद्रों पर बुर्का पहने महिलाओं द्वारा फर्जी मतदान की सुविधा देने का आरोप लगाया है और अनुरोध किया है कि बुर्का पहनी महिलाओं की पहचान महिला पुलिस कॉन्स्टेबलों द्वारा की जाए। पार्टी ने यह भी अनुरोध किया कि मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए सभी मतदान केंद्रों पर महिला कॉन्स्टेबलों को तैनात किया जाए। इसके साथ ही यूपी बीजेपी के महासचिव जेपीएस राठौर ने पत्र में चुनाव आयोग से तब तक चुनाव रोकने का आग्रह किया गया है, जब तक कि पर्दे में मतदान करने जा रही महिलाओं की पहचान सत्यापित करने की व्यवस्था नहीं हो जाती।

जानकारी के मुताबिक दो बुर्का पहनी महिलाओं को आजम खान के क्षेत्र रामपुर से फर्जी वोट डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बताया गया कि फर्जी वोट डालने के आरोप में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें से चार महिलाएँ हैं। रजा डिग्री कॉलेज में पकड़ी गई दो महिला माँ-बेटी हैं और दोनों ने बुर्का पहना हुआ था। उन्होंने पहले ही फर्जी वोट डाल दिया था और अन्य महिलाओं के नाम पर भी वोट डालने की कोशिश कर रही थीं।

उल्लेखनीय है कि इस चरण में जिन क्षेत्रों में मतदान हुआ, उनमें बरेलवी और देवबंद संप्रदायों के मजहबी नेताओं से प्रभावित मुस्लिम आबादी काफी अधिक है। जेल में बंद सपा नेता मोहम्मद आजम खान अपने गढ़ रामपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। बता दें कि आजम खान फरवरी 2020 से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में जेल में बंद है। इस बार उनका सामना रामपुर के उत्तराधिकारी के नवाब हैदर अली खान से है, जो भाजपा के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। हैदर अली खान पूर्व सांसद नूर बानो के पोते हैं।

यूपी में विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान होना है। पहले चरण का मतदान 10 फरवरी और दूसरे चरण का मतदान 14 फरवरी को हुआ था। अन्य चार चुनावी राज्यों के साथ विधानसभा चुनाव के नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएँगे।

रूस ने तीन ओर से घेरा, 1.30 लाख सैनिक: यूक्रेन के राष्ट्रपति ने लिखा- 16 फरवरी को होगा हमला, 20 हजार भारतीय भी फँसे-18 हजार छात्र

रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते विवाद ने यूक्रेन में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि रूस ने यूक्रेन की सीमा पर अपने 1 लाख से ज्यादा सैनिक तैनात किए हुए हैं और वो कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकते हैं। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का फेसबुक पोस्ट भी सामने आया है। इस फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि उन्हें बताया गया है कि 16 फरवरी यूक्रेन पर हमले का दिन होगा। लेकिन यूक्रेन इस दिन एकता दिवस मनाएगा। इससे जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।

इस संबंध में व्हाइट हाउस का बयान भी आया है। उन्होंने बताया है कि वो इस पूरे मुद्दे पर भारत सहित सहयोगियों के साथ काम कर रहे हैं। हालाँकि यूक्रेन राष्ट्रपति के पोस्ट के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग के कार्यालय पेंटागन ने बयान जारी कर कहा है, “अमेरिका अब भी नहीं मानता कि पुतिन ने विध्वंस का निर्णय लिया है। लेकिन ये भी संभव है कि वो बिना किसी चेतावनी के आगे बढ़ें।”

यूक्रेन और रूस के बीच क्या विवाद है?

यूक्रेन और रूस के बीच का पूरा विवाद नाटो में शामिल होने को लेकर है। यूक्रेन की सालों से कोशिशें हैं कि वो नाटो का हिस्सा बने जबकि ऐसा नहीं चाहता। उसकी दिक्कत है नाटो जो कि एक सैन्य समूह है उसमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे 30 देश शामिल हैं और रूस के कई पड़ोसी देश इसका हि्सा हैं। रूस का पक्ष है कि अगर यूक्रेन भी नाटो का हिस्सा बनातो वो चारो ओर से अपने दुश्मनों से घिर जाएगा और अमेरिका जैसे देश उस पर हावी होंगे। इसके अलावा यदि भविष्य में रूस ने यूक्रेन पर कोई हमला किया तो भी उसके नाटो से जुड़ने पर 30 देश रूस के दुश्मन बन जाएँगे और यूक्रेन की सैन्य सहायता में आगे रहेंगे।

रूस-यूक्रेन विवाद पर अभी के हालात?

अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यूक्रेन सीमा पर रूस के 1 लाख 30 हजार सैनिक तैनात हैं। इनमें 1.12 लाख जवान सेना के हैं और 18 हजार नौसेना व वायुसेना के हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार यूक्रेन को रूस ने तीन ओर से घेरा हुआ है। इनमें एक जगह तो पूर्वी यूक्रेन हैं, दूसरी बेलारूस और तीसरी क्रीमिया है। यूक्रेन की मदद करने के लिए अमेरिका लगातार आगे आ रहा है। उसके अलावा ब्रिटेन समेत यूरोपीय देश भी यूक्रेन के साथ कड़े मालूम पड़ते हैं। हाल में यूक्रेन के रक्षा मंत्री ओलेस्की रेजनीकोव द्वारा जानकारी दी गई थी कि उन्हें अभी तक 1500 टन की सैन्य सामाग्री की मदद मिल गई है। 

कई देशों के नागरिकों ने खाली किया यूक्रेन

यूक्रेन और रूस के बीच उपजे विवाद ने कई अन्य देशों की चिंता को बढ़ा दिया है। पिछले दिनों खबर आई ती कि अमेरिका और यूरोपीय देशों ने यूक्रेन से अपने नागरिकों को निकलने की सलाह दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन तो पहले ही  अपने नागरिकों को यूक्रेन से निकलने की सलाह दे चुके हैं, उनके अलावा यूक्रेन जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा, नॉर्वे और डेनमार्क जैसे देशों ने भी अपने नागरिकों को वहाँ से निकलने को कहा था।

भारत के 20 हजार लोग यूक्रेन में फँसे

भारत की बात करें तो यूक्रेन में भारत के हजारों छात्र इंजीनियरिंग, मेडिसीन की पढ़ाई कर रहे हैं। ये लोग राजस्थान, आँध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और पंजाब के हैं। इन्हें सुरक्षित यूक्रेन से निकालने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। एक रिपोर्ट बताती है कि यूक्रेन में 20 हजार भारतीय फँसे हुए हैं, जिनमें 18 हजार छात्र हैं जो यूक्रेन में पढ़ रहे हैं। इनमें कोटा से 40 हैं और पूरे राजस्थान से ये संख्या 1000 के आसपास की है।

भारत देगा किसका साथ?

इस पूरे विवाद में भारत के लिए दोनों ही देश महत्व है। जहाँ भारत अब भी अपने 55 फीसद हथियार रूस से खरीदने का काम करता है। वहीं यूक्रेन के लिए भारत एशिया का वो पहला देश है जिसने फरवरी 1993 में अपना दूतावास खोला था। इसके बाद से भारत और यूक्रेन के बीच व्यापारिक, राणनीतिक, और राजनयिक संबंध मजबूत हुए हैं जिसका मतलब है कि भारत इन दोनों ही देशों के खिलाफ़ कोई कदम उठाने का जोखिम नहीं ले सकता। यही वजह है कि हाल में जब अमेरिका सहित 10 देश संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन पर प्रस्ताव लाए तो भारत ने किसी के पक्ष में मतदान नहीं किया।

निधि त्रिपाठी सहित ABVP कार्यकर्ताओं को उठा कर ले गई तमिलनाडु पुलिस, लावाण्या आत्महत्या मामले में न्याय की माँग कर रहे थे

तमिलनाडु में ईसाई धर्मांतरण का विरोध करने पर लावण्या नाम की छात्रा को स्कूल मिशनरियों द्वारा प्रताड़ित किया गया, जिससे उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP)’ इस मामले में लगातार मुखर है और तमिलनाडु में इसके पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। ABVP ने आरोप लगाया कि लावण्या आत्महत्या मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे उसका कार्यकर्ताओं को तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए ABVP कर्यकर्ताओं में संगठन की राष्ट्रीय जनरल सेक्रेटरी निधि त्रिपाठी भी शामिल हैं। ये सभी तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। ABVP ने कहा कि राज्य की सत्ताधारी ‘द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK)’ ने ये कार्रवाई की है। संगठन ने कहा, “हम DMK के नेतृत्व वाली सरकार की इस कार्रवाई की निंदा करते हैं। आप पुलिस का उपयोग कर के हमारी आवाज़ों को नहीं दबा सकते। जब तक लावण्या को न्याय नहीं मिल जाता, हम ये लड़ाई लड़ते रहेंगे।”

निधि त्रिपाठी सहित अन्य ABVP कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु सरकार का पुतला दहन कर के अपना विरोध जताया। इस गिरफ़्तारी को ‘गैर-कानूनी’ बताते हुए नई दिल्ली के चाणक्यपुरी के कौटिल्य मार्ग स्थित ‘तमिलनाडु हाउस’ के सामने मंगलवार (15 जनवरी, 2022) को विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। संगठन ने इसे DMK सरकार का ‘संवेदनहीन और तानाशाही’ रवैया बताते हुए कहा कि वो इसकी कड़ी निंदा करता है। ये लोग मुख्यमंत्री स्टालिन के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

उधर सुप्रीम कोर्ट ने लावण्या आत्महत्या मामले में मद्रास हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से मना कर दिया है। तमिलनाडु सरकार ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें लावण्या आत्महत्या मामले की जाँच CBI से करवाने का आदेश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से इस मामले को ‘प्रतिष्ठा का विषय’ न बनाने के लिए भी कहा। अदालत ने कहा, “इस केस में बहुत कुछ हुआ है।” यह आदेश सोमवार (14 फरवरी, 2022) को दिया गया।

‘फूड पार्क में उगाएँ आलू के चिप्स और टोमैटो केचप’: राहुल गाँधी फिर हुए ट्रोल, लोगों ने सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस नेता का बनाया मजाक

सोमवार, 14 फरवरी, 2022 को, पंजाब के होशियारपुर में एक चुनावी रैली में, कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने कहा कि अगर उनकी पार्टी राज्य में फिर से चुनी जाती है, तो किसान अपनी उपज सीधे अपने खेतों से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार खेतों के पास फूड पार्क स्थापित करेगी, जो खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का संचालन करेगा।

हालाँकि, भाषण के दौरान, राहुल गाँधी ने कहा कि किसान फूड पार्कों में आलू के चिप्स और टमाटर केचप की खेती कर सकेंगे। राहुल गाँधी को एएनआई द्वारा साझा किए गए 1.19 मिनट के वीडियो में लगभग 0.30 सेकंड में यह कहते हुए सुना जा सकता है, “होशियारपुर कृषि और कृषि उपकरणों का केंद्र है। हमारी सरकार होशियारपुर में फूड पार्क और मशीन टूल्स का क्लस्टर बनाने का काम करेगी। फूड पार्क में किसान जो भी ‘उगाते’ हैं, चाहे वह आलू के चिप्स हों या टोमैटो केचप, वह यहीं बनेगा। आप अपने खेत में फसल की खेती करते हैं, और वहाँ से इसे सीधे खाद्य प्रसंस्करण इकाई में ले जाते हैं।”

विकास सारस्वत ने राहुल गाँधी पर तंज करते ट्ववीट किया, “इनके पिताजी का एक मशहूर किस्सा है। आगरा आ रहे थे। रास्ते में खेतों के पास रुक गए। मिर्च उगी हुई थी। हाथ में हरी मिर्च लेकर किसानों से पूछा “हरी मिर्च ज्यादा की बिकती है या लाल?” किसानों ने कहा “लाल”। इनके तीक्ष्ण बुद्धि पापाजी तपाक से बोले “तो आप लोग लाल मिर्च क्यों नहीं उगाते?”

हालाँकि, सोशल मीडिया पर नेटिज़न्स ने इसका इस्तेमाल उनका मज़ाक उड़ाने के लिए किया। लोगों ने कॉन्ग्रेस नेता का इस बात के मजाक उड़ाया, “राहुल गाँधी ने वादा किया है कि किसान फ़ूड पार्कों में आलू के चिप्स और टमाटर केचप जैसे तैयार उत्पाद उगा सकेंगे।” हालाँकि, इस बार राहुल गाँधी ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के मामलों पर ध्यान नहीं दिया।

क्योंकि, अगले वाक्य में ही राहुल गाँधी कहते हैं कि किसान अपने खेतों से फसल को सीधे फूड पार्कों में ला सकेंगे, जहाँ उसे संसाधित किया जाएगा और अंतिम खाद्य उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। “आप अपने खेत में फसल उगाएँगे, वहाँ से आप इसे सीधे खाद्य प्रसंस्करण इकाई में ले जाएँगे। आलू, टमाटर, मिर्च, किसान जो कुछ भी उगाते हैं, वे सीधे खाद्य प्रसंस्करण इकाई में ले जा सकते हैं, और उन्हें सीधे भुगतान मिल जाएगा।”

सामान्य तौर पर, यह एक ऐसा वादा है जो मोदी सरकार ने पहले ही किया था। यह ऐसा कुछ नहीं है जो राहुल गाँधी ने पहली बार कहा, जैसा कि कुछ नेटिज़न्स द्वारा आरोप लगाया गया है, और उनके ‘फूड पार्क में चिप्स और केचप उगाना’ एक छोटा सा स्लिप ऑफ़ टंग है।

लेकिन समस्या यह है कि राहुल गाँधी का किसानों से वादा है कि वे अपनी उपज फूड पार्कों को बेच सकेंगे, क्योंकि कॉन्ग्रेस पार्टी एक साल से अधिक समय से उसी कृषि कानूनों का विरोध कर रही थी, जो बिल्कुल वैसा ही सुनिश्चित करते थे। अब निरस्त किए गए कृषि कानूनों में किसानों को बिचौलियों को दरकिनार करने और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों सहित अंतिम उपयोगकर्ताओं को सीधे बेचने की अनुमति देने वाले प्रावधान थे। लेकिन इसी प्रावधान का किसान संघों और कॉन्ग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध किया था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को सीधे किसानों से खरीदने की अनुमति देने से वे बाजार पर नियंत्रण कर सकेंगे और किसानों का शोषण करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पीएम मोदी ने अपने ‘उद्योगपति मित्रों’ को लाभ पहुँचाने के लिए कृषि कानून लाए थे जो खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय में हैं। उन्होंने कृषि उपज के व्यापार में बिचौलियों के कई लाभों को सूचीबद्ध किया था और ऐसे किसी भी प्रावधान का विरोध किया था जो किसानों को मंडियों सहित ऐसे बिचौलियों को बायपास करने की अनुमति देता था। पंजाब में कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा सहायता प्राप्त किसान संघों के आक्रामक विरोध के कारण, केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों को वापस ले लिया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही निलंबित कर दिया था।

और अब कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ठीक वही वादा कर रहे हैं, जिसका वे और उनकी पार्टी डेढ़ साल से विरोध कर रहे थे। अब उनका कहना है कि किसान मंडी या बिचौलिए के पास जाने से बच सकते हैं और सीधे खाद्य प्रसंस्करण इकाई को बेच सकते हैं। यह कॉन्ग्रेस सांसद की दोहरी नीति है।

न्यूड वीडियो कॉल कर साध्वी प्रज्ञा को फँसाने की साजिश, राजस्थान से धरे गए रवीन और वरिस: कम पढ़े-लिखे, पर साइबर क्राइम में एक्सपर्ट

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सांसद भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश करने वाले दो आरोपितों को राजस्थान के भरतपुर से गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों युवकों ने भाजपा सांसद को ‘सेक्सटॉरशन’ के जाल में फँसा कर वसूली की साजिश रची थी। मध्य प्रदेश पुलिस ने भरतपुर के सिकरी में छापेमारी कर के इन्हें दबोचने में सफलता पाई। दोनों सगे भाई हैं। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लाया गया है। राजस्थान में हाल के दिनों में अपराध के कई मामले देखने को मिले हैं।

भरतपुर के IG प्रसन्न कुमार खमेसरा के अनुसार, ये मामला साइबर क्राइम का था और दोनों को गिरफ्तार कर के एमपी पुलिस को सौंप दिया गया है। भोपाल के टीटी नगर में एक सप्ताह से भी पहले इस मामले में FIR दर्ज कराई गई है। 23 वर्षीय रवीं और 21 वर्षीय वरिस सालों से ठगी के धंधे में लिप्त हैं। दोनों ने भले ही पढ़ाई ठीक से न की हो, लेकिन साइबर क्राइम के मामलों को अंजाम देते रहे हैं। उन्हें ठगी करते समय इसका अंदाज़ा नहीं था कि किसके साथ वो इस तरह की हरकत कर रहे हैं।

ये दोनों गाँव में खेती-बाड़ी भी करते हैं। ये घटना 6 फरवरी, 2022 की है जब साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के मोबाइल फोन पर एक वीडियो कॉल आया। उससे पहले उन्हें व्हाट्सएप्प पर मैसेज आया था, “हैली, मुझे आपसे बात करनी है।” इस पर सांसद ने समझा कि ये उनके क्षेत्र की कोई लड़की है और किसी समस्या पर बात करना चाहती है। उन्होंने उसे ‘बेटा’ कह कर सम्बोधित किया और अपना पूरा परिचय लिख कर भेजने को कहा। लेकिन, उधर से वीडियो कॉल आ गया और लड़की अपने कपड़े उतारने लगी।

सांसद ने जल्दी-जल्दी में वीडियो कॉल काट कर उस नंबर को ब्लॉक किया। इसके बाद उन्हें दूसरे नंबर से एक फोटो भेजी गई। उस तस्वीर में उस वीडियो कॉल का स्क्रीनशॉट था। धमकी दी गई कि इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। रात के ढाई बजे तक उन्हें फोन कॉल आते रहे, लेकिन उन्होंने इसे रिसीव नहीं किया। 7 फरवरी को मामला दर्ज कराए जाने के बाद उन नंबरों को भोपाल पुलिस ने ट्रेस किया। मूवमेंट की जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई।

सोमवार (14 फरवरी, 2022) को भोपाल सब इंस्पेक्टर देवेंद्र साहू अपनी टीम के साथ सिकरी थाने पहुँचे और उनके लोकेशन ट्रेस कर के ‘चंदा का बास बनेगी’ गाँव से उन्हें धर-दबोचा गया। दोपहर के तीन बजे रवीन और वरिस को दबोचा गया। साध्वी प्रज्ञा हाल ही में कोरोना पॉजिटिव हो गई थीं और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 5 फरवरी से अपने आवास पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रही थीं। इसी दौरान इन युवकों ने उन्हें फँसाने की साजिश रची। अब दोनों पर कार्रवाई की जा रही है।

लाहौर से सोनम कपूर ने किया पति को प्यार का इजहार: पुलवामा की तीसरी बरसी पर पाकिस्तान का लोकेशन देख भड़के लोग, लगाई लताड़

14 फरवरी को पूरा देश वैलेंटाइन डे (Valentine Day) मना रहा है। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर ने ट्विटर पर अपने पति आनंद आहूजा को वैलेंटाइन डे की बधाई देते हुए एक पोस्ट लिखा। हालाँकि, वह अपने इस पोस्ट को लेकर नेटिजन्स के निशाने पर तब आ गई, जब ट्वीट के लोकेशन में पाकिस्तान का लाहौर दिखा।

इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स को यह पूछते हुए देखा गया कि वह उस दिन पाकिस्तान से कुछ कैसे पोस्ट कर सकती हैं, जिस दिन पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादियों द्वारा भारतीय सशस्त्र बलों पर सबसे घातक हमलों में से एक किया गया था। सोशल मीडिया यूजर्स का मतलब जम्मू कश्मीर के पुलवामा हमले से था।

सोनम कपूर ने ट्वीट किया, “हैप्पी वैलेंटाइन डे। प्यार से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं।” यह ट्वीट 14 फरवरी को सुबह 04:37 बजे पाकिस्तान के लाहौर से किया गया था।

सोनम कपूर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

लोगों ने उनके पोस्ट में लाहौर के संदर्भ की ओर इशारा करना शुरू कर दिया और ट्वीट फैलते ही उनकी आलोचना करने लगे।

विनीत कुमार चौरसिया (@kumarvineet074) नाम के एक ट्विटर यूजर ने उनके ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “सोनम कपूर लाहौर से ट्वीट क्यों कर रही हैं?” हालाँकि विवाद बढ़ने के बाद सोनम कपूर ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है।

@Right_Wing_Guyy नाम के हैंडल वाले एक अन्य यूजर ने लिखा, “पुलवामा हमले की तीसरी बरसी पर पाकिस्तान के लाहौर से ट्वीट। कुछ तो शर्म करो सोनम कपूर।”

वहीं अनन्या मिश्रा (@Vintage__Vibes-) ने लिखा, “क्या बिना हिजाब के लाहौर जाया जा सकता है?”

गौरतलब है कि उनके पति आनंद आहूजा ने हाल ही में पाकिस्तान के फैशन कोऑपरेशन में हिस्सा लिया था। बता दें कि आनंद आहूजा का एक फेमस क्लोदिंग ब्रांड Bhaane है। उन्होंने अपने इस क्लोदिंग ब्रांड का फोटोशूट पाकिस्तान में किया था। आनंद आहूजा के क्लोदिंग ब्रांड Bhaane के सोशल मीडिया हैंडल पर नए कलेक्शन के फोटोशूट की कई सारी तस्वीरें शेयर की गई। फोटोज में पाकिस्तान की मॉडल्स लाहौर की गलियों में आनंद आहूजा के ब्रांड के कपड़े पहने हुए नजर आ रही हैं।

ऑपइंडिया ने हाल ही में रिपोर्ट किया था कि उनके पति आनंद आहूजा पर शिपिंग शुल्क का भुगतान करने से बचने के लिए फर्जी चालान बनाने का आरोप लगाया गया था। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग फर्म MyUS ने करों और सीमा शुल्क का भुगतान करने से बचने के लिए इनवॉइस में हेराफेरी करने के लिए उन्हें बेनकाब किया। शिपिंग कंपनी ने कहा कि फर्जी चालान में माल के लिए चुकाए गई कीमत से 90 प्रतिशत तक कम है।

ऑपइंडिया ने हाल ही में रिपोर्ट किया था कि उनके पति आनंद आहूजा पर हाल ही में शिपिंग शुल्क का भुगतान करने से बचने के लिए धोखाधड़ी वाले चालान बनाने का आरोप लगाया गया था। MyUS, एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग फर्म ने करों और सीमा शुल्क का भुगतान करने से बचने के लिए इनवॉइस में हेराफेरी करने के लिए उसे बेनकाब किया। शिपिंग कंपनी ने कहा कि संलग्न बिलों में उत्पादों के लिए उसके द्वारा भुगतान किए गए मूल्य से 90% कम मूल्य शामिल है।

सोनम कपूर से जुड़े विवाद

सोनम कपूर का विवादों से पुराना नाता है। हाल ही में सोनम कपूर ने हिजाब की तुलना सिखों की पगड़ी से की थी, जिसके बाद बवाल हो गया है। सोनम कपूर ने हिज़ाब और पगड़ी की तुलना करते हुए इंस्टाग्राम पर पगड़ी पहने एक सिख और हिजाब पहनी हुई एक महिला की तस्वीर शेयर की। इस पर विवाद बढ़ने और इसकी आलोचनाओं होने के बाद उन्होंने यह स्टोरी डिलीट कर दी। बता दें कि 2013 में, सोनम कपूर ने फिल्मों में आइटम नंबर सीमित करने की अवधारणा पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि महिलाओं को बुर्के के अंदर नहीं रखा जाना चाहिए।

उन्होंने NCERT के विवादित ट्रेनिंग मैनुएल के समर्थन में भी आवाज उठाई थी। उन्होंने #yesweexist हैशटैग के साथ मैनुएल बनाने वालों में से एक विक्रमादित्य सहाय के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे ऑनलाइन अभियान पर अपनी नाराजगी जताई थी। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि लंदन में एक बुरा दिन अभी भी किसी और जगह के अच्छे दिन से बेहतर है। उन्होंने यह बात भारत को मिस करने को लेकर किए गए पोस्ट में कही थी।