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सचिन तेंदुलकर के ‘सबसे बड़े फैन’ को बिहार पुलिस ने पीटा, गाली दी: उसी थाने में हुई घटना जिसका चीफ गेस्ट बन किया था उद्घाटन

क्रिकेट के भगवान का दर्जा पाने वाले पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के सबसे बड़े प्रशंसक कहे जाने वाले सुधीर कुमार (Sudhir Kumar) के साथ बिहार (Bihar) के मुजफ्फरपुर जिले के टाउन थाने में मारपीट की गई है। सुधीर कुमार इसे अपना दुर्भाग्य मानते हैं कि जिस टाउन थाने के भवन के उद्घाटन का फीता उन्होंने एक सेलिब्रिटी के तौर पर काटा था, वहीं पर उन्हें लातों से मारा गया और गालियाँ दी गईं।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना गुरुवार (20 जनवरी 2022) की है। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर पुलिस ने सुधीर कुमार के चचेरे भाई किशन कुमार को उनके घर से उठा लिया। उस दौरान वह घर से बाहर थे। जब वो वापस लौटे तो परिवार के लोगों ने उन्हें इसकी जानकारी दी। साथ ही ये भी बताया कि पुलिस वाले उनका कसूर क्या है ये बता नहीं रहे हैं। इसके बाद सुधीर तुरंत थाने गए और वहाँ पूछताछ की।

सुधीर ने देखा कि उनके भाई को हवालात में डाल दिया गया है। उन्होंने इस मामले में अपने भाई से बात की तो उन्होंने बताया कि शायद उसके दोस्त ने एक जमीन खरीदी थी, जिसमें गवाह के तौर पर उसका नाम डाल दिया था। अब उसी को लेकर कुछ लफड़ा है। इसी कारण एक पक्ष ने केस दर्ज कराया है। किशन कुमार का कहना था कि उसे इसके बारे में उन्हें कुछ जानकारी नहीं है, लेकिन पुलिस ने उसे जबरन उठा लिया।

थाने के मुंशी ने मारी लात

आरोप है कि जिस वक्त सुधीर अपने भाई से बातचीत कर रहे थे तो उसी दौरान वहाँ पहुँचे थाने के मुंशी ने उनके साथ बदतमीजी की। मुंशी ने न सिर्फ गाली-गलौज किया, बल्कि दो लात मारकर थाने से भगा भी दिया। पुलिस के इस रवैये से निराश सुधीर वहाँ से चुपचाप लौट आए और वो सीधे डीएसपी रामनरेश पासवान के पास अपनी फरियाद लेकर गए। डीएसपी ने उन्हें उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

अपने साथ हुए बर्ताव को लेकर सुधीर कहते हैं कि ये उनका दुर्भाग्य ही है कि कभी जिस थाने का उद्घाटन एक सेलिब्रिटी के तौर पर उन्होंने किया था, आज वहीं पर उनसे मारपीट हुई। उन्होंने कहा कि जब उनके साथ पुलिस इस तरह का व्यवहार कर रही है तो वो आम लोगों के साथ कैसे पेश आती होगी ये समझने वाली बात है।

PM ने सोमनाथ मंदिर सर्किट हाउस का किया उद्घाटन, कहा- मंदिर का तबाह किया जाना और फिर जीर्णोद्धार होना, दोनों हमारे लिए बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime MinisterNarendra Modi) ने शुक्रवार (21 जनवरी 2022) को वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए सोमनाथ में नए सर्किट हाउस का उद्घाटन किया। सोमनाथ मंदिर के पास बनाए गए सर्टिक हाउस के निर्माण में 30 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है। इसका निर्माण इस तरह से किया गया है कि प्रत्येक कमरे से समुद्र का दृश्य दिखाई देता है।

उद्धाटन के बाद अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “भगवान सोमनाथ की आराधना में हमारे शास्त्रों में कहा गया है- भक्तिप्रदानाय कृतावतारं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये। यानी, भगवान सोमनाथ की कृपा अवतीर्ण होती है, कृपा के भंडार खुल जाते हैं। जिन परिस्थितियों में सोमनाथ मंदिर को तबाह किया गया और फिर जिन परिस्थितियों में सरदार पटेल जी के प्रयासों से मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ, वो दोनों ही हमारे लिए एक बड़ा संदेश है।”

उन्होंने कहा, “अलग-अलग राज्यों, देश और दुनिया के अलग-अलग कोनों से सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने हर साल करीब करीब 1 करोड़ श्रद्धालु आते हैं। ये श्रद्धालु जब यहाँ से वापस जाते हैं तो अपने साथ कई नए अनुभव, कई नए विचार और एक नई सोच लेकर जाते हैं।” पीएम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट ने कोरोना काल में जिस तरह यात्रियों की देखभाल की, समाज की जिम्मेदारी उठाई, इसमें ‘जीव ही शिव’ विचार के दर्शन होते हैं।

संबोधन के दौरान वाराणसी की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रामायण सर्किट के जरिए श्रद्धालु भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों का दर्शन कर सकते हैं। इसके लिए रेलवे द्वारा एक विशेष ट्रेन भी शुरु की गई है। इसके अलावा, कल (22 जनवरी 2022) से एक स्पेशल ट्रेन दिव्य काशी यात्रा के लिए दिल्ली से शुरु होने जा रही।

उन्होंने कहा कि आज के समय में पर्यटन बढ़ाने के लिए चार बातें आवश्यक हैं। पहला स्वच्छता- पहले हमारे पर्यटन स्थल, पवित्र तीर्थस्थल भी अस्वच्छ रहते थे। आज स्वच्छ भारत अभियान ने ये तस्वीर बदली है।

पर्यटन बढ़ाने के लिए दूसरा अहम तत्व है सुविधा, लेकिन इसका दायरा केवल पर्यटन स्थल तक ही सीमित नहीं होना चाहिए। पर्यटन बढ़ाने का तीसरा महत्वपूर्ण पहलू है समय। आजकल 20-20 का दौर है। लोग कम-से-कम समय में ज्यादा-से-ज्यादा स्थान कवर करना चाहते हैं। पर्यटन बढ़ाने के लिए चौथी और बहुत महत्वपूर्ण बात है- हमारी सोच। सोच का innovative और आधुनिक होना जरूरी है। इसमें हमें अपनी प्राचीन विरासत पर कितना गर्व है, ये बहुत मायने रखता है।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए वोकल फॉर लोकल में पर्यटन भी आता है। विदेश घूमने जाने का प्लान करने से पहले परिवार में ये तय करो कि पहले हिंदुस्तान के 15-20 मशहूर स्थलों में आप घूमेंगे। देश को समृद्ध बनाना है तो इस रास्ते पर चलना ही होगा। आज आजादी के अमृत महोत्सव में हम एक ऐसे भारत के लिए संकल्प ले रहे हैं, जो जितना आधुनिक होगा उतना ही अपनी परंपराओं से जुड़ा होगा। हमारे तीर्थस्थान, हमारे पर्यटन स्थल इस नए भारत में रंग भरने का काम करेंगे।”

इस सर्किट हाउस को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यहाँ वीआईपी व डीलक्स कमरे भी उपलब्ध हैं। वहीं कॉफ्रेंस व ऑडिटोरियम हॉल भी हैं। पीएमओ कार्यालय की ओर से बताया गया कि सोमनाथ मंदिर के आसपास कोई सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में यह सर्किट हाउस सभी आवश्यकताओं को पूरा करेगा।

‘आतंक आप फैलाते हैं दोष मुस्लिमों पर डालते हैं, मुँह तोड़ दूँगा’: कॉन्ग्रेस को समर्थन देने वाले मौलाना तौकीर ने हिंदुओं के बाद एंकर को धमकाया

हाल ही में कॉन्ग्रेस को खुला समर्थन देने का ऐलान करने वाले और लगातार हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने वाले मौलाना तौकीर रजा खान ने न्यूज एंकर अमन चोपड़ा पर भड़कते हुए कहा कि बदतमीजी करोगे तो मुँह तोड़ दिया जाएगा। मौलाना ने यह धमकी न्यूज 18 इंडिया के कार्यक्रम में दी। दरअसल डिबेट के दौरान एंकर अमन ने मौलाना से कुछ ऐसे सवाल पूछ दिए, जिसका जवाब उनके पास नहीं था और वह तिलमिला उठे।

इंटरव्यू में अमन चोपड़ा ने मौलाना तौकीर से कॉन्ग्रेस को दिए गए समर्थन के बारे में पूछा। इस पर मौलाना पहले कहते हैं कि अगर कोई महिला (प्रियंका गाँधी वाड्रा) बाहर निकल कर कह रही है कि वह एक महिला है और वह लड़ सकती है (लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ) तो उसे उसके ‘भाइयों’ का साथ मिलना चाहिए।

दिलचस्प बात यह है कि मौलाना की बहू निदा खान (Nida khan) ने हाल ही में उनका (तौकीर) समर्थन लेने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी की खिंचाई की थी और महिलाओं के मुद्दों पर पार्टी के रुख पर सवाल उठाया था। उनकी बहू ने कहा था कि मौलाना उनके अधिकारों के लिए नहीं लड़ सकते हैं। इसलिए मौलाना तौकीर के साथ गठबंधन करना कॉन्ग्रेस की महिलाओं के मुद्दों के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल खड़ा करता है।

अमन चोपड़ा ने जब मौलाना से पूछा कि उन्हें हिंदुओं के खिलाफ लड़ने के लिए कॉन्ग्रेस के समर्थन की आवश्यकता क्यों है? इस पर तौकीर रजा खान ने अमन चोपड़ा को जवाब देते हुए कहा कि वह केवल धर्म संसद में शामिल लोगों के बारे में बात कर रहे थे और कहा कि अगर हिंदू 20 लाख मुस्लिमों की हत्या करने के लिए सामने आए तो निश्चित रूप से मुस्लिमों को नियंत्रित करना संभव नहीं होगा। इस पर अमन चोपड़ा ने उनसे पूछा कि हिंदुओं ने किसकी हत्या की और वह कमलेश तिवारी जैसे लोगों के बारे में बात क्यों नहीं करते, जिनकी मजहबी घृणा के कारण बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

इसके बाद तौकीर रजा खान ने शेख़ी बघारते हुए कहा कि अमन चोपड़ा भी जानते हैं कि मुस्लिमों को ‘दोष’ देने के लिए कमलेश तिवारी को ‘असल में’ किसने मारा। उन्होंने आगे कहा, “बम विस्फोट आप लोगों द्वारा किए जाते हैं और दोष मुस्लिम समुदाय पर लगाया जाता है।” मौलाना तौकीर ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए अमन चोपड़ा को दोषी ठहराया और मुस्लिम समुदाय को सभी आतंकवादी गतिविधियों से मुक्त कर दिया। उनके कहने का साफ मतलब था कि हिंदू आतंकवाद फैलाता है और मुस्लिम समुदाय को दोष देता है। अमन चोपड़ा लगातार पूछते रहे कि उनका क्या मतलब है कि बम विस्फोट करने वाले हिंदू हैं? इसका कोई जवाब न देते हुए मौलाना कहते रहे, “आप लोग बम विस्फोट करते हैं।” 

इसके बाद मौलाना ने भड़कते हुए अमन चोपड़ा को मुँह तोड़ने की धमकी दी। उन्होंने कहा, “तमीज से बात करो नहीं तो मुँह तोड़ देंगे।” बता दें कि हाल ही में तौकीर रजा ने बाटला हाउस एनकाउंटर को लेकर कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला और इस एनकाउंटर में मारे गए आतंकवादी को ‘शहीद’ बता दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रियंका गाँधी और राहुल गाँधी को सच्चा सेक्युलर बताया।

गौरतलब है कि जनवरी में भड़काऊ भाषण देते हुए तौकीर रजा ने कहा था कि जिस दिन मुस्लिम कानून हाथ में ले लेंगे, उस दिन हिंदुओं को पूरे देश में कहीं पनाह नहीं मिलेगा। रजा ने बरेली में 20 लाख मुस्लिमों को संबोधित करते हुए कहा था, “अगर ये गुस्सा फुट पड़ा, जिस दिन मेरा नौजवान मेरे कंट्रोल से बाहर आ गया उस दिन….. । लोग मुझे कहते हैं कि तुम तो बुजदिल हो गए हो तो मैं कहता हूँ कि पहले मैं मरूँगा, उसके बाद तुम्हारा नंबर आएगा। मैं अपने हिंदू भाइयों से खासतौर पर कहता हूँ कि मुझे उस वक्त से डर लगता है, जिस दिन मेरा ये नौजवान कानून अपने हाथ में ले लेगा उस दिन हिंदुस्तान में तुम्हें रहने की कहीं जगह नहीं मिलेगी।”

हीरालाल की माँ के लिए इरफान बेटे जैसा था… पहले उनकी बेटी से रेप किया, फिर उनके बेटे को मार डाला: दिल्ली में एक दलित की हत्या पर चुप्पी क्यों

हीरालाल गुजराती की उम्र 38 साल थी। तीन बच्चों के पिता थे। चिड़ियों को बेचने का कारोबार कर परिवार को पालते थे। 17 जनवरी 2022 को दिल्ली के सुल्तानपुरी में उनकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप इरफान सिद्दीकी और उसके भाई शानू पर है। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

दलित हीरालाल का परिवार सुल्तानपुरी के बी ब्लॉक में रहता है। बगल की गली में ही रहने वाला इरफान उनके लिए पराया नहीं था। उनकी माँ को वह बेटे जैसा ही लगता था। लेकिन पहले उसने हीरालाल की बहन से रेप किया। इस मामले में जेल से बाहर आते ही हीरालाल की हत्या कर दी।

इस घटना के शिकायतकर्ता मृतक के हीरालाल के भतीजे अर्जुन हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है, “घटना 17 जनवरी शाम लगभग 7.30 बजे की है। हीरालाल पर हमला सुल्तानपुरी के बी 4 कॉलोनी के डाडिया पार्क में हुआ। हीरालाल और नरसिंह पार्क में गए तो वहाँ इरफान और उसका भाई सानू पहले से मौजूद थे। इरफान के हाथ में चाकू और सानू के हाथ में पिस्तौल थी। इरफान ने कहा कि तुमने मुझे रेप केस में जेल भिजवाया था। शानू ने दोनों को मार डालने के लिए उकसाया। इरफान ने चाकुओं से हीरालाल पर हमला कर दिया। शानू ने हीरालाल और उन्हें बचाने गए नरसिंह पर गोली चला दी। हीरालाल को ईंट से भी मारा गया।” हमले के बाद दोनों पीड़ितों को संजय गाँधी अस्पताल ले जाया गया जहाँ हीरालाल को मृत घोषित कर दिया गया। 42 वर्षीय नरसिंह को भी गोली लगी है और उनका इलाज चल रहा है।

FIR Copy

मृतक हीरालाल की पत्नी ने ऑपइंडिया को बताया, “इरफ़ान और उसके छोटे भाई शानू ने उनको (हीरालाल) को मार दिया। दोनों ने गोली और चाकू से मार कर वहीं के वहीं उन्हें मार डाला। उसका आतंक गलियों में इतना है कि किसी ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की। वो हर किसी को गाली और धमकी देता रहता है। उसने धमकी दी थी कि जेल से छूट कर आने पर वो ईंट से ईंट बजा देगा। वो तारीख पर आता था तो धमकाता था कि मुझे निकलने दो तो देखो क्या हाल करता हूँ सबका।” उन्होंने बताया, “इरफान मेरी ननद के रेप के केस में जेल में बंद था। पहले उसका मेरे घर पर आना-जाना था। मेरी सास ने उसे बेटे की तरह माना था। तब हमने सोचा भी नहीं था कि वो हमारे साथ ऐसा करेगा। वो मेरी ननद को बुलाता था। वो समझ नहीं पाई। बाद में मेरी ननद ने अपनी माँ को बताया तो उसने कुछ भी करने से इनकार किया।”

मृतक हीरालाल की पत्नी

रेप केस में इरफान को किसने बाहर निकलवाया?

मृतक की पत्नी ने आगे बताया, “मेरी ननद के साथ जबरदस्ती की और किसी से बोलने से मना किया। इरफान ने कहा कि किसी को बताओगी तो तुम्हारे भाई हीरा को मार देंगे। तुम्हारे परिवार को पता नहीं चलना चाहिए कि मैं तुम्हारे साथ क्या कर रहा हूँ। मेरी ननद चुपचाप सब सहती रही।” वे कहती हैं, “रेप की यह घटना लगभग 5 महीने पहले की है। इसी केस में 3 दिन हुए थे इरफान को जेल से छूटे हुए। हमने सोचा भी नहीं था कि छूटने के बाद ये मार देगा। धमकियाँ तो लगातार दी जा रही थी पर हमने सीरियस नहीं लिया। उसने पहले से ही सारी सेटिंग कर ली थी। उसे पता था कि मेरा कुछ भी नहीं होगा। हमें पता नहीं है कि उसकी जमानत किस ने ली। किस ने उसे रेप केस में छुड़वाया। उसे किसी बड़े आदमी का सपोर्ट मिला है तभी वो बाहर आया। आखिर ये कैसे छूट गया?”

हीरालाल की विधवा के सवाल?

हीरालाल की पत्नी बताया, “मेरे पति काफी डरे हुए थे। वे दिल्ली छोड़ कर राजस्थान जाने की बात कहते थे। वे अपने बच्चों की चिंता में हमेशा रहते थे। वो दिल्ली छोड़ने से पहले पैसों के इंतजाम में लगे थे। हत्या करने से पहले उसने मेरे पति को गालियाँ दी। मेरे पति चुप रहे। मुसलामानों की इतनी हिम्मत कैसे हो गई? किसी ने बोला होता तो इतनी हिम्मत न होती। इरफान को फाँसी होनी चाहिए। उसने मेरे छोटे-छोटे बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर दी। अब इन्हें कौन खिलाएगा? अपनी बहन के साथ खड़े होना कौन सा गुनाह है? इसी को गुनाह मान कर इरफान ने मेरे पति को मार डाला।”

एक महिला जिसकी माँग इरफान और उसके भाई ने सूनी कर दी, वे बच्चे जिनके सिर से पिता का साया उठ गया, उनके सवालों, उनकी चीखों का जवाब कौन देगा?

PM मोदी संसार के सबसे लोकप्रिय नेता, 71% की पसंद: 13 नेताओं की लिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति छठे नंबर पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए हैं। अमेरिकी डेटा इंटेलिजेंस फर्म ‘द मॉर्निंग कंसल्ट’ के सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने अप्रूवल रेटिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत दुनिया के 13 राष्ट्र प्रमुखों को पीछे छोड़ दिया है। मॉर्निंग कंसल्ट’ वर्ल्ड के टॉप लीडर्स की अप्रूवल रेटिंग ट्रैक करता है।

71% है पीएम मोदी की अप्रूवल रेटिंग

सर्वे में पीएम मोदी की अप्रूवल रेटिंग 71% है। 13 से 19 जनवरी के बीच कराए गए इस सर्वे में भारतीय प्रधानमंत्री दुनिया के कई राष्ट्राध्यक्षों से काफी आगे हैं। पीएम मोदी ने मैक्सिकन राष्ट्रपति आंद्रे मैनुएल लोपेज ओब्राडोर, इटली के प्रधानमंत्री मारियो द्राघी, जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत कई बड़े नेताओं को लोकप्रियता के ग्राफ में पीछे छोड़ दिया है। इस बार के सर्वे में अमेरिकी राष्ट्रपति छठे नंबर पर और ब्रिटिश प्रधानमंत्री 13वें पॉजिशन पर हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के बाद दूसरे नंबर पर मैक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर (66%) हैं। इसके बाद इटली के प्रधानमंत्री मारियो द्रघि का नंबर है। इसके बाद इस लिस्ट में जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा (48%), जर्मनी के चासंलर ओलाफ स्कोल्ज़ो (44%), अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (43%), कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (43%), ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (41%), स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ (40%), दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन (38%), ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (37%), फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन (34%) और ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन (26 प्रतिशत) का नंबर आता है।

इस तरह करती है सर्वे

मॉर्निंग कंसल्ट पॉलिटिकल इंटेलिजेंस वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में नेताओं की रेटिंग पर नज़र रख रही है। रेटिंग पेज को सभी 13 देशों के नवीनतम डेटा के साथ साप्ताहिक रूप से अपडेट किया जाता है। इसके तहत दुनिया भर में बदलती राजनीतिक गतिशीलता में रियल टाइम की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। मॉर्निंग कंसल्ट हर देश के वयस्कों के बीच सर्वे कर ये रैकिंग तैयार करती है। मॉर्निंग कंसल्ट ने बताया है कि रेटिंग प्रत्येक देश के वयस्क नागरिकों के सात दिन के औसत सर्वे पर आधारित होती है। सर्वे में शामिल लोगों की संख्या हर देश के मुताबिक अलग-अलग होती है। इससे पहले भी पीएम मोदी ने नवंबर 2021 में विश्व के सबसे लोकप्रिय नेताओं की सूची में शीर्ष स्थान पाया था।

अभी भी ICU में लता मंगेशकर, डॉक्टर ने कहा- प्रार्थना करें प्रशंसक: जानिए जब दिग्गज गायिका को दिया गया जहर, 3 महीने तक बेड पर पड़ी रहीं

दिग्गज गायिका लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की सेहत को लेकर हर कोई चिंतित है। कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें 8 जनवरी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर प्रतीत समदानी ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी साझा की है। बताया है कि लता मंगेशकर अभी भी आईसीयू में हैं। उन्होंने कहा कि लता जी के प्रशंसक उनके लिए प्रार्थना करें, ताकि वो जल्द से जल्द ठीक होकर वापस घर लौट जाएँ। बता दें कि 92 साल की लता मंगेशकर को कोरोना के साथ निमोनिया भी हुआ है। उनकी उम्र को देखते हुए डॉक्टर ज्यादा अलर्ट हैं। यही कारण है कि उन्हें आईसीयू में रखा गया है। 

लेकिन क्या आप जानते हैं कि 33 साल की उम्र में स्वर कोकिला को जान से मारने की कोशिश की गई थी। उन्हें जहर दिया गया था। ये उनकी जिंदगी का सबसे भयानक दौर था। उन्होंने एक इंटरव्यू में इस बारे में बताया था। लता मंगेशकर ने एक इंटरव्यू में कहा था, “हम मंगेशकर्स इस बारे में बात नहीं करते, क्योंकि यह हमारी जिंदगी का सबसे भयानक दौर था। साल 1963 में मुझे इतनी कमजोरी महसूस होने लगी कि मैं तीन महीने तक बेड से भी बहुत मुश्किल से उठ पाती थी। हालात यह हो गए कि मैं अपने पैरों से चल फिर भी नहीं सकती थी।”

इसके बाद लता मंगेशकर का लंबा इलाज चला था। उनसे पूछा गया कि क्या डॉक्टर्स ने उन्हें कह दिया था कि वह कभी नहीं गा पाएँगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा था, “यह सही नहीं है, यह मेरे धीमे जहर (Slow Poison) के इर्द-गिर्द बुनी गई एक काल्पनिक कहानी है। डॉक्टर ने मुझे नहीं कहा था कि मैं कभी नहीं गा पाऊँगी। मुझे ठीक करने वाले हमारे पारिवारिक डॉक्टर आरपी कपूर ने तो मुझसे यह तक कहा था कि वह ठीक करके रहेंगे। लेकिन मैं साफ कर देना चाहती हूँ कि पिछले कुछ सालों में यह गलतफहमी हुई है। मैंने अपनी आवाज नहीं खोई थी।”

लंबे इलाज के बाद वह ठीक हो गई थीं। उन्होंने कहा था, “इस बात की पुष्टि हो चुकी थी कि मुझे धीमा जहर दिया गया था। डॉ. कपूर का इलाज और मेरा दृढ़ संकल्प मुझे वापस ले आया। तीन महीने तक बेड पर रहने के बाद मैं फिर से रिकॉर्ड करने लायक हो गई थी।”

ठीक होने के बाद लताजी का पहला गाना ‘कहीं दीप जले कहीं दिल’ हेमंत कुमार ने कंपोज किया था। इस गाने ने फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। मालूम हो कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर को भारत रत्न, पद्म भूषण, पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार और कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों समेत कई सम्मान मिल चुके हैं।

केंद्रशासित दादरा नगर हवेली और दमन दीव में गौहत्या पर उम्रकैद की सजा, ₹5 लाख तक का जुर्माना; गुजरात में भी है यही व्यवस्था

गौहत्या (Cow slaughter) पर रोक लगाने के इरादे से केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत अब संयुक्त केंद्रशासित प्रदेश बन चुके दमन-दीव और दादरा एवं नगर हवेली में गौहत्या पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। गौहत्या करने वाले दोषियों को अब राज्य में 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा एक से पाँच लाख रुपए जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय (Central Goverment) ने कानूनों में संशोधन किया है। इसके तहत अब इसके दायरे में गाय, बछड़ा, बैल, साँड़ और बछिया को शामिल किया गया है। संशोधित कानून के मुताबिक, अब राज्य में गौहत्या के इरादे से इन मवेशियों का ट्रांसपोर्ट पर रोक होगी। इसके अलावा बीफ पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। दादरा नागर हवेली और दमन दीव केंद्रशासित प्रदेश में गौहत्या अब से गैर-जमानती अपराध होगा।

संशोधित कानून में क्या-क्या

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दादरा नगर हवेली और दमन-दीव (राज्य कानूनों के अनुकूलन) दूसरा आदेश 2022 के मुताबिक, मंगलवार को दोनों पूर्ववर्ती केंद्रशासित राज्यों में लागू बॉम्बे पशु संरक्षण अधिनियम 1954 में संशोधन किया गया, जो कि अब संयुक्त केंद्रशासित राज्य में प्रभावी होंगे। यह कानून निर्धारित धार्मिक दिनों या धार्मिक उद्देश्यों के लिए गाय, बछिया, बैल अथवा साँड़ को छोड़कर 15 साल से ऊपर के किसी अन्य जानवर के वध पर कानून लागू नहीं होगा।

गौरतलब है कि यही कानून गोवा और गुजरात में भी लागू है। गुजारत में गौहत्या पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। वहाँ यह अपराध गैर-जमानती है। इसी तरह से उत्तर प्रदेश में भी गौहत्या पर 10 साल की जेल और पाँच लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। उल्लेखनीय है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 के तहत गायों की हत्या को राज्यों को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया गया है।

‘सपा सरकार है और सीएम हमारी जेब मैं है, जो चाहेंगे वही होगा’: कॉन्ग्रेस को समर्थन का ऐलान करने वाले तौकीर रजा पर बहू ने लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विधानसभा चुनावों (Assembly Election) के मद्देनजर मुस्लिम धर्मगुरू इत्तेहाद मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान (Taukir Raza Khan) ने कॉन्ग्रेस (Congress) का समर्थन करने का ऐलान किया है। लेकिन उनके ही खानदान की बहू निदा खान (Nida khan) ने तौकीर रजा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिसने अपने ही खानदान की बहू का सम्मान नहीं किया वो कॉन्ग्रेस के ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ कैम्पेन का समर्थन करने का दिखावा कर रहे हैं। निदा खान ने दो टूक कहा कि महिलाओं को सम्मान तो मोदी सरकार में मिला है।

निदा खान ने बताया कि 2015 में उनका निकाह दरगाह आला हजरत में नबीर ए आला हजरत के नाम से मशहूर शीरान रजा खान से हुई थी, जो कि तौकीर रजा खान के भतीजे हैं। शादी के कुछ दिनों के बाद मेरे एम कॉम की परीक्षा शुरू हुई तो मैं परीक्षा देने के लिए गई, लेकिन मेरे शौहर बीच परीक्षा से मुझे वापस ले आए। उन्होंने खुद ही कहा कि वो नहीं चाहते कि उनके घर की कोई भी महिला पढ़े। मैंने इसका विरोध किया तो मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। दहेज को लेकर काफी मारपीट की।

शीरान रजा खान के साथ निदा खान

उन्होंने आगे कहा, “शादी के पाँच महीने के बाद जब मैं अपने घर आ गई। जब ये दूसरा निकाह कर रहे थे तो मैंने कोर्ट में केस किया। तब उन्होंने मुझे कोर्ट में ही तलाक दे दिया और कहा कि ये मेरा हक है और मैं कभी भी दे सकता हूँ। उस दौरान उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार थी। मेरे शौहर ने मुझे धमकाते हुए कहा कि कुछ भी कर लो मुख्यमंत्री हमारी जेब में है। हम जो चाहेंगे वो करेंगे।”

तीन तलाक पीड़िता निदा कहती हैं कि उस घटना के बाद जब भी वो थाने में एफआईआर दर्ज कराने जाती थीं, तो यह कहकर रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया जाता था कि बहुत बड़े लोग हैं। जो भी इंसाफ मिला उस दौरान वो कोर्ट से मिला। लेकिन भाजपा की सरकार में हमने थाने में अपनी शिकायत बताई और तुरंत केस दर्ज किया गया।

निदा कहती हैं कि बीजेपी की सरकार में जब इनके खिलाफ केस दर्ज होने शुरू हुए तो इन्होंने (शौहर) फतवे का इस्तेमाल किया, जो कि औरतों को दबाने के लिए होते थे। ऐसा ही एक फतवा मेरे खिलाफ जारी हुआ था, जिसमें कहा गया था कि मैं मर जाऊँ तो मेरे जनाजे में कोई न आए। तौकीर मियाँ सात साल बाद भी अपनी बहू के साथ इंसाफ नहीं कर पाए तो वो दूसरों के साथ क्या करेंगे।

बीजेपी ने तीन तलाक से लड़ने में दिया साथ

तौकीर रजा खान के खानदान की बहू निदा तीन तलाक को लेकर अपना डर बयाँ करते हुए कहती हैं, “जब भी मेरा पति बाहर जाता था तो मैं इस बात से डरी रहती थी कि मेरा पति घर लौटेगा तो मैं उसके निकाह में रहूँगी या नहीं। इसके खिलाफ लड़ाई में भाजपा सरकार ने साथ दिया, महिलाओं को सुरक्षा दी। तौकीर रजा महिलाओं को इस्तेमाल का सामान समझते आए हैं और आज भी वही कर रहे हैं। अगर आज हम जिंदा है तो वो केवल भाजपा की ही देन है।”

सड़े जानवरों का मांस खाना, उनके मल का सिगरेट पीना: 67 साल से नहीं नहाया है 87 वर्षीय ‘सबसे गंदा आदमी’, कोई बीमारी ना देख डॉक्टर हैरान

अगर आपको पता चले कि आपके पास बैठा कोई व्यक्ति सप्ताह भर से नहाया नहीं है तो आप नाक-भौं सिकोड़ने लगेंगे, लेकिन जब आपको पता चले कि कोई शख्स पिछले 67 सालों से नहाया नहीं है तो आप कहेंगे। इतना ही नहीं, साथ में यह भी पता चले कि वह व्यक्ति मरे हुए जानवरों का मांस खाता है और गंदे नाले का पानी पीता है तो आप कहेंगे जरूर वह कोई मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति होगा। लेकिन, ऐसा नहीं है। वह बुजुर्ग पूरी तरह स्वस्थ है और उसे किसी तरह की बीमारी भी नहीं है। डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की है।

फोटो क्रेडिट: गेटी इमेज via आजतक

ईरान के करमनशाह प्रांत के देजगाह गाँव के रहने वाले 87 वर्षीय अमौ जाजी पिछले 67 सालों से नहाए नहीं हैं। लोग उन्हें दुनिया का सबसे गंदा आदमी (Dirtiest Man Amou Jaji) कहा जाता है। उनकी दाढ़ी बढ़ी हुई और शरीर देखने में काला लगता है। उन्हें देखकर लगता है कि जैसे अभी-अभी कोयले के खादान से निकले हों।

ईरान के रेगिस्तानी इलाके में अकेले रहने वाले जाजी को पानी से डर लगता है और उन्हें लगता है कि वह नहाएँगे तो बीमार पड़ जाएँगे। इसलिए दशकों से नहाए बिना ही रह रहे हैं। जाजी को घर का खाना भी पसंद नहीं है। मांस के शौकीन जाजी मरे हुए जानवरों के सड़े मांस को खाते हैं और गंदे नाले का पानी पीते हैं। उन्हें धूल-मिट्टी में पड़े रहना पसंद है। इतना ही नहीं जब सिगरेट पीने का मन करता है तो जानवरों के मल को वह अपने साथ रखे जंग लगी पाइप में डालकर पीते हैं।

जाजी (फोटो क्रेडिट: द मिरर)

जाजी का कहना है कि साफ-सफाई से उन्हें नफरत है। गंदगी के कारण वह स्वस्थ और लंबी जिंदगी जी रहे हैं। वह जमीन से नीचे झोपड़ी बनाकर रहते हैं। उनका कहना है कि आमतौर लोग उनकी इज्जत करते हैं, लेकिन कभी-कभी कोई व्यक्ति उन्हें पागल समझ लेता और उन पर पत्थर फेंकता है।

तेहरान टाइम्स के अनुसार, जाजी युवावस्था में अपने घर से भागकर इस इलाके में रहने लगे थे। इसका कारण उनसे जुड़ी कुछ असफलताएँ बताई जाती हैं। तब से वह अकेलापन की जिंदगी गुजार रहे हैं। हालाँकि उन्हें अभी भी अपने जीवन में किसी के आने का इंतजार है। हालाँकि, आसपास के गाँव वाले उनसे मिलने आते रहते हैं।

फोटो क्रेडिट: गेटी इमेज via आजतक

डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य का परीक्षण करने के लिए उनकी कई तरह की जाँच की और उनकी अवस्था को देखकर वैज्ञानिक भी आश्चर्यचकित हैं। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसी जीवन-शैली होने के बावजदू उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं है और उन्हें उनके शरीर में कोई गंभीर बैक्ट्रिया है। जाँच करने वाले प्रोफेसर डॉ घोलमरेज़ा मोलवी ने पाया कि ऐसी लाइफस्टाइल के कारण उनमें अत्यधिक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली (very Strong Immune System) विकसित हो गई है, जिसके कारण वह स्वस्थ रहे हैं।

जाजी सिर्फ सबसे अलग लाइफस्टाइल ही नहीं जीते, बल्कि समसामयिकी घटनाओं (Current Affair) से भी पूरी तरह अपडेट रहते हैं। वह मिलने आने वाले लोगों से रुस और फ्रांस की क्रांति पर लोगों से चर्चा करते हैं।

यति नरसिंहानंद की जमानत याचिका फिर खारिज, मुस्लिम महिलाओं पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी को हरिद्वार कोर्ट ने बताया- गंभीर मामला

उत्तराखंड की जेल में बंद उत्तर प्रदेश के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद (Yati Narsinghanand) की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। मुस्लिम महिलाओं पर तथाकथित अभद्र टिप्पणी के मामले में हरिद्वार की सीजीएम कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया।

नरसिंहानंद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295A और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया है। नरसिंहानंद पर आरोप है कि उनके दो वीडियो ट्विटर और यूट्यूब पर पोस्ट किए गए थे, उनमें मुस्लिम महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।

अपनी जमानत याचिका में नरसिंहानंद ने तर्क दिया कि वह गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें झूठे मामले में फँसाया गया है। इसलिए उन्हें जमानत दी जाए। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए यह भी कहा कि FIR में उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है और ना ही यह बताया गया है कि उन्होंने किसी समुदाय के खिलाफ क्या बयान दिया था और किनकी भावनाओं को ठेस पहुँचा है।

उनके तर्कों पर गौर करते हुए सीजेेएम मुकेश आर्य ने कहा कि आरोपित के खिलाफ गंभीर प्रकृति के अपराध हैं। उन्होंने आगे कहा, सीआरपीसी की धारा 41A के तहत नोटिस जारी करने के बावजूद याचिकाकर्ता (नरसिंहानंद) ने सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को भड़काकर सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने का प्रयास करता रहा।”

कथित तौर पर नरसिंहानंद को ने कहा था कि मुसलमानों ने सब कुछ कब्जा कर लिया है। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए हैं, आरएसएस पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा था कि इस्लाम की सेवा के लिए उनकी (मुस्लिमों की) महिलाएँ अपने पुरुष की मिस्ट्रेस के रूप में काम करती हैं और वही महिलाएँ) उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं।

इस मामले एफआईआर दर्ज कराने के बाद नरसिंहानंद को 16 जनवरी 2022 को गिरफ्तार कर लिया गया था।