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केरल के यूट्यूबर ने बर्थडे पार्टी में, फिर होटल में 8 साल के बच्चे की माँ से किया रेप: ‘वीमेन एम्पावरमेंट’ पर उसके वीडियो से हो गई थी फैन

केरल के मशहूर यूट्यूबर श्रीकांत वेट्टियार के खिलाफ एक महिला ने रेप का केस दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि यूट्यूबर ने शादी का झाँसा देकर उसके साथ बलात्कार किया। केरल के कोल्लम जिले की पीड़ित महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर कोच्चि सेंट्रल पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

शिकायत में आरोपित का कहना है कि कोच्चि के एक होटल और एक अपार्टमेंट में उसके साथ दो बार निर्ममता से रेप किया गया। शिकायत में पीड़िता का कहना है कि महिला सशक्तिकरण (women’s empowerment) और पॉलिटिकल करेक्टनेस (political correctness) जैसे मुद्दों पर सोशल मीडिया पर उसके स्टैंड के लिए वह Youtuber की फैन बन गई थी।

याचिकाकर्ता आठ साल के बच्चे की माँ है। जब वह कोच्चि में रह रही थी तो इसी दौरान उसकी श्रीकांत वेट्टियार के साथ घनिष्ठता बढ़ गई। शिकायत में पीड़िता का कहना है कि उसे फरवरी 2021 में श्रीकांत की जन्मदिन की पार्टी में आमंत्रित किया गया था। इसके बाद श्रीकांत ने एर्नाकुलम के फ्लैट में और फिर बाद में कोच्चि शहर के एक होटल के कमरे में उसका यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि श्रीकांत वेट्टियार ने अपने दोस्तों से उस पर शिकायत वापस लेने के लिए बार-बार दबाव बनाया था।

उल्लेखनीय है कि श्रीकांत वेट्टियार एक Youtuber हैं जो प्रसिद्ध फिल्मों के अपने स्पूफ वीडियो के लिए जाने जाते हैं। फेसबुक पेज ‘वीमेन अगेंस्ट सेक्सुअल हैरेसमेंट’ ने इससे पहले श्रीकांत वेट्टियार पर दो बार #Metoo का आरोप लगाया था। पुलिस ने इनमें से एक आरोप लगाने वाली एक युवती की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया।

मोहम्मद रहीश ने हिन्दू परिवार के 5 लोगों की कर दी हत्या, 2 बच्चों को भी नहीं छोड़ा: छुट्टी बिताने आया था, बीवी संगीता देवी ने बताया बेगुनाह

न्यजीलैंड (Newzeland) में रहने वाले फिजी के एक नागरिक का घिनौना चेहरा सामने आया है। 65 साल के मोहम्मद रहीश इसूफ को फिजी की अदालत (Court) ने एक हिंदू परिवार के पाँच लोगों की हत्या (Murder) के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने पाया कि फिजी में जन्मा न्यूजीलैंड का नागरिक रहीश छुट्टी बिताने के लिए फिजी आया था, जहाँ उसने दो बच्चों समेत पाँच लोगों की हत्या कर दी थी।

इस मामले की सुनवाई फिजी के लौटोका हाईकोर्ट के जस्टिस तुशारा राजसिंघे ने की। घटना 26 अगस्त 2019 की है। जस्टिस तुशारा राजसिंघे ने सुनवाई के दौरान पाया कि इसूफ ने ही 63 वर्षीय निर्मल कुमार, उनकी पत्नी उषा देवी (54), उनकी बेटी नीलेशनी काला और नीलेशनी की दो बेटी सना (11) और 8 साल की समारा की हत्या जहर देकर की थी। मृतकों के शव 26 अगस्त 2019 को एक पहाड़ पर मिले थे। उस दौरान नीलेशनी काला की भतीजी समायरा कुमार शव के पास एकमात्र जीवित पाई गई थीं। उस दौरान समायरा की उम्र केवल एक साल थी। पोस्टमार्टम में भी परिवार को जहर देने की पुष्टि हुई थी। बहरहाल अब इस केस में लौटोका कोर्ट शुक्रवार (21 जनवरी 2022) को सजा सुनाएगी।

मृतक परिवार और हत्यारा पड़ोसी थे

हत्या का आरोपित व्यक्ति मोहम्मद रहीश इसूफ अपनी पत्नी संगीता देवी सहित न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में रहता है औऱ वहाँ वह बस ड्राइवर का काम करता है। उसका जन्म फिजी के नादी शहर में हुआ था, जहाँ इसूफ और मृतक निर्मल एक दूसरे के पड़ोसी थे। वे नादी के लीगलेगा बस्ती में रहते थे। इसूफ जब न्यूजीलैंड रहता था, तब निर्मल ही उसके घर की देखभाल करता था।

वहीं, इस हत्या का दोषी साबित होने के बाद इसूफ की बीवी संगीता देवी ने अपने पति को बेगुनाह बताया और कहा कि उसके साथ बड़ा अन्याय हुआ है। उसने कहा, “मैं दिल से जानती हूँ वो बुरा आदमी नहीं है।” उसने ये भी कहा कि कोर्ट के फैसले के खिलाफ अगले सप्ताह उसका वकील अपील दायर करेगा।

मृतक परिवार को सबसे पहले देखने वाले स्थानीय किसान सेतरेकी नलगा ने कहा कि उन्होंने ने ही सबसे पहले बच्ची समायरा को देखा था। नलगा ने बताया, “मैंने कई बार आवाज दिया, जिसके बाद बच्ची ने मेरी ओर मुड़कर देखा। मैं यहाँ शुरू से रह रहा हूँ। ये सामान्य बात नहीं थी।” नलगा के मुताबिक, चट्टान के ऊपर शवों को एक पैटर्न में रखा गया था। वहीं पर नीलेशनी कला का शरीर बाकी बॉडीज से करीब 20 मीटर की दूरी पर पड़ा हुआ था। उनके हाथ में कोक की एक बोतल थी, लेकिन उसमें लेबल नहीं थे।

रिलायंस Jio ने केंद्र सरकार को दिए ₹30791 करोड़, समय से काफी पहले ही चुका दी स्पेक्ट्रम की सारी देनदारियाँ

रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (Reliance Jio Infocom Limited) ने दूरसंचार विभाग को 30,791 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम की संपूर्ण देनदारियों को समय से पहले ही चुका दिया है। वर्ष 2014, 2015, 2016 में जियो ने स्पेक्ट्रम हासिल किया था और साथ ही 2021 में भारती एयरटेल लिमिटेड (Bharti Airtel) से भी जियो ने स्पेक्ट्रम खरीदा था। कंपनी ने इन सभी देनदारियों का भुगतान कर दिया है। कंपनी ने नीलामियों और सौदों में 585.3 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम का अधिग्रहण किया था।

दूरसंचार विभाग ने भुगतान की शर्तों को बनाया लचीला

दूरसंचार कंपनियों के लिए दिसंबर 2021 में दूरसंचार विभाग ने एक पैकेज की घोषणा की थी। इसमें भुगतान की शर्तों को लचीला बनाया गया था, परंतु जियो ने वर्ष 2016 में प्राप्त स्पेक्ट्रम से संबंधित भुगतान की पहली किस्त अक्टूबर 2021 में चुका दी थी। वर्ष 2014 और 2015 में नीलामी में प्राप्त स्पेक्ट्रम की संपूर्ण डेफर्ड देनदारियों के साथ-साथ ट्रेडिंग के माध्यम से प्राप्त स्पेक्ट्रम की देनदारियों को जियो ने जनवरी 2022 में समय पूर्व भुगतान कर दिया है। ये देनदारियाँ वित्त वर्ष 2022-23 से 2034-2035 तक वार्षिक किश्तों में देय थीं और इसकी ब्याज दर 9.30% से 10% प्रति वर्ष के बीच थी। कंपनी का अनुमान है कि समय से पहले भुगतान करने से केवल ब्याज पर ही सालाना 1,200 करोड़ रुपए की बचत होगी।

अंतरराष्ट्रीय रोमिंग कार्ड की बिक्री के लिए NOC नियमों में संशोधन

दूरसंचार विभाग ने अंतरराष्ट्रीय रोमिंग कार्ड की बिक्री के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) संबंधी नियमों में संशोधन किया है। विभाग ने मंगलवार (18 जनवरी 2022) को जारी बयान में कहा कि यह कदम उपभोक्ता संरक्षण को बेहतर करने के लिए उठाया गया है। विभाग ने कहा कि इस कदम से विदेश जाने वाले भारतीयों को फायदा होगा। साथ ही इससे प्रक्रियाओं को अन्य लाइसेंस की तर्ज पर सुसंगत किया जा सकेगा।

संशोधित नीति के तहत एनओसी धारकों को ग्राहक सेवा, संपर्क ब्योरे, शुल्क प्लान और सेवाओं की पेशकश आदि के बारे में सूचना उपलब्ध कराने के लिए प्रावधान हैं। इसके अलावा बिलिंग और उपभोक्ता शिकायत निपटान को मजबूत करने के लिए भी इसमें प्रावधान किए गए हैं।

‘मेरे परिवार से मिलती है BJP की विचारधारा’: CM धामी से मिले दिवंगत CDS जनरल बिपिन रावत के भाई कर्नल विजय रावत

दिवंगत CDS जनरल बिपिन रावत के भाई कर्नल विजय रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की और भाजपा की प्रशंसा की। उनके साथ मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर डालते हुए सीएम थामी ने लिखा, “आज दिल्ली में देश के प्रथम CDS और उत्तराखंड के अभिमान स्वर्गीय श्री बिपिन रावत के भाई कर्नल विजय रावत से भेंट की। बिपिन रावत व उनके परिवार द्वारा की गई राष्ट्रसेवा को हमारा नमन है। मैं सदैव उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड बनाने हेतु कार्य करता रहूँगा।”

इस दौरान कर्नल (रिटायर्ड) विजय रावत ने कहा कि वो उत्तराखंड राज्य को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दृष्टिकोण को पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम धामी का विजन भी वही है, जो उनके दिवंगत भाई CDS जनरल बिपिन रावत के दिमाग में था। जब उनसे पूछा गया कि क्या आप भाजपा में शामिल होंगे, इस पर उन्होंने कहा कि वो उत्तराखंड की जनता की सेवा करना चाहेंगे। सीएम धामी ने अंगवस्त्र ओढ़ा कर कर्नल विजय रावत को सम्मानित किया।

कई मीडिया रिपोर्ट्स में चर्चा है कि कर्नल विजय रावत जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। ज्ञात हो कि 8 दिसंबर, 2021 को तमिलनाडु के सुलूर एयर बेस से से ऊटी के करीब वेलिंगटन में डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज जा रहा भारतीय वायुसेना का Mi-17V5 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें CDS रावत और उनकी पत्नी समेत 14 लोगों की मृत्यु हो गई थी। मौसम के चलते पायलट के ‘भटकने’ के कारण ऐसा हुआ था। हैलीकॉप्टर सीधा जमीन से जा टकराया था।

कर्नल विजय रावत ने कहा कि उनके परिवार की विचारधारा भाजपा से मिलती-जुलती है, इसीलिए मौके मिलने पर वो पार्टी के टिकट पर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार हैं। बता दें कि CDS जनरल बिपिन रावत का भी अपने गृह राज्य उत्तराखंड से खास लगाव था। सितंबर 2019 में वो पत्नी के साथ केदारनाथ और गंगोत्री धाम का दर्शन करने पहुँचे थे। उन्होंने उत्तरकाशी के डुंडा स्थित अपने ननिहाल थाती जाकर लोगों से मुलाकात की थी।

उस दौरान उन्होंने पलायन को पहाड़ की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा था कि वो यहाँ के लोगों के लिए कुछ करना चाहते हैं। उन्होंने बताया था कि इस क्षेत्र में उच्च-शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वो राज्य और केंद्र की सरकारों से बातचीत करते रहते हैं। उन्होंने पहाड़ों में इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज खोलने की वकालत करते हुए कहा था कि रिटायरमेंट के बाद वो यहाँ के गाँवों की सेवा करेंगे। हालाँकि, हैलीकॉप्टर क्रैश ने उन्हें देश से छीन लिया, जिससे लोग काफी शोक में डूब गए।

मुंबई के मालवाणी में ‘गे सेक्स रैकेट’ का खुलासा: क्लाइंट के साथ चार लोग करना चाहते थे सेक्स; इमरान, इरफान और अहमद गिरफ्तार

मुंबई के मालवाणी में पुलिस ने ‘गे सेक्स रैकेट’ का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान इरफान, इमरान और अहमद के तौर पर हुई है। ये तीनों ऑनलाइन ऐप ‘ग्राइंडर (Grindr)’ का इस्तेमाल करते हुए इस रैकेट को चला रहे थे। इन लोगों ने जिन्हें क्लाइंट सूची में शामिल किया था, उनमें कई हाई प्रोफाइल लोग शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने आरोपितों को पकड़ने के बाद बताया कि इनके नाम इरफान फुरकान खान (26), अहमद फारूक शेख (24) और इमरान शफीक शेख (24) हैं। दो अन्य आरोपित भी हैं लेकिन अभी वो फरार हैं। इन सब पर आरोप है कि ये सब ऑनलाइन ऐप के जरिए समलैंगिक पुरुषों से संपर्क करते थे और उनसे पैसा लेकर उन्हें सेक्स सुविधा मुहैया कराने का वादा करते थे।

मामले का खुलासा तब हुआ जब इन्होंने एक कंपनी के 23 वर्षीय अकॉउंटेंट को अपना निशाना बनाया। उससे घंटे के हिसाब से हजार रुपए माँगे गए। जब सबकुछ फाइनल हो गया। वह दिए गए पते पर पहुँचा तो उसके साथ चार लोगों ने यौन संबंध बनाने की इच्छा जाहिर की, जब युवक ने इसके लिए मना किया तो उसे जमकर मारा-पीटा गया,  उसका फोन, पर्स छीनकर धमकाते हुए उससे उसका एटीएम पिन तक ले लिया गया। 

आरोपितों ने युवक की आपत्तिजनक वीडियो बनाई और उसे इंटरनेट पर डालने की धमकी दी। साथ ही उसका सब छीनने के बाद भी उससे पैसे माँगे। बहुत मुश्किल से युवक उन लोगों के चंगुल से छूटकर बाहर आया। उसने बहाना बनाया कि वो पैसे लेने जा रहा है। लेकिन वहाँ से निकल कर वह घर पहुँचा और आपबीती बताई।

युवक के साथ उसके परिजनों को देखते ही आरोपित भाग गए। मगर, परिवार ने इस घटना की शिकायत थाने में दी और आरोपितों के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया। मालवाणी थाने में केस दर्ज होने के बाद पुलिस उपायुक्त विशाल ठाकुर ने इस मामले में जाँच के निर्देश दिए। सोमवार की सुबह तक सीनियर इंस्पेक्टर शेखर भालेराव और हसन मुलानी ने अपनी डिटेक्शन टीम के साथ इन तीनों को पकड़ा। पुलिस अधिकारियों ने कहा, “हमने सभी आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपितों को सोमवार को बोरीवली मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।”

60% मुस्लिमों की प्रताड़ना से तंग आकर पलायन को मजबूर हिन्दू: लगाया ‘मकान बिकाऊ’ का बोर्ड, आरोप – हिन्दुओं पर ही दर्ज हो रहे केस

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम (Ratlam) जिले का सुराना गाँव, जिसकी आबादी है करीब 2200। गाँव में बहुसंख्यक समुदाय मुस्लिम (Muslim) है, जो कि कुल जनसंख्या के 60% हैं। वहीं 40% हिंदू हैं। आजकल यह गाँव चर्चा का विषय बना हुआ है। यहाँ के रहने वाले हिंदू समुदाय को लोग मुस्लिमों की प्रताड़ना से तंग आकर अब गाँव से पलायन (Decampment) करने के लिए मजबूर हैं। इन्होंने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी व्यथा बताई और कहा कि वे तीन दिन में ये गाँव, अपनी जमीनें और घर समेत सबकुछ छोड़ने को तैयार हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस गाँव के हिंदू समुदाय का आरोप है कि बहुसंख्यक होने के कारण मुस्लिम समुदाय के लोग उन्हें प्रताड़ित करते हैं और धमकाते रहते हैं। ऐसे में अब उनके पास पलायन करने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा है। बुधवार (19 जनवरी 2022) को जिले के कलेक्टर ने भी गाँव का दौरा कर वहाँ के हालात जानने की कोशिश की। उधर प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने एसपी और कलेक्टर दोनों से रिपोर्ट माँग लिया है।

साभार: नई दुनिया

एसडीएम के कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए दशरथ, मुकेश जाट, भरतलाल जाट ने अपनी व्यथा बताई। इनका कहना था कि गाँव में कई पीढ़ियों से हिंदू-मुस्लिम साथ रहते थे। लेकिन बीते 2-3 सालों से मुस्लिमों का आतंक बढ़ गया है। ये लोग आए दिन हिंदुओं को टारगेट कर हमले कर रहे हैं। इसके अलावा हिंदुओं के ही खिलाफ झूठे केस भी दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं एसडीएम एमएल आर्य ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को गाँव से पलायन नहीं करना पड़ेगा, हम ऐसे हालात उत्पन्न नहीं होने देंगे। अधिकारी के मुताबिक, प्रशासनिक टीम गाँव में जाकर लोगों से बातचीत करेगी।

लोगों द्वारा कलेक्टर को लिखा गया ज्ञापन

घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखा

हालात ये हैं कि मुस्लिमों से परेशान गाँव के हिंदुओं ने अपने घरों के बाहर मकान बिकाऊ है लिख दिया है। उनका कहना है कि वे पलायन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब प्रशासन तक अपनी बात पहुँचाने के लिए उनके पास इसके अलावा कोई और रास्ता ही नहीं बचा है।

पुलिस पर ये हैं आरोप

गाँव वालों का आरोप है कि पुलिस उनकी मदद नहीं कर रही है। उल्टे उन्हीं के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। पीड़ित हिंदुओं ने आरोप लगाया है कि पिछले दिनों जब विवाद हुआ तो वे इसकी शिकायत लेकर एसपी के पास गए। लेकिन, एसपी गौरव तिवारी ने उन्हें ही घर तोड़ने और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की धमकी दे दी थी। उन्होंने कहा है कि गाँव में हालात सामान्य हैं।

पोर्न, अप्राकृतिक सेक्स, नौकरों-दोस्तों से गैंगरेप; डायरी में 100 महिलाओं के नंबर: हैवान बिल्डर के अय्याशी के अड्डे को शिवराज सरकार ने किया जमींदोज

इंदौर में टीचर पत्नी के साथ गैंगरेप करवाने वाले बिल्डर के फार्म हाउस मध्य प्रदेश प्रशासन ने बुल्डोजर चलवा दिया है। शिवराज सरकार ने अय्याशी के इस अड्‌डे को जमींदोज करवा दिया है। आरोपित बिल्डर राजेश अब सलाखों के पीछे है। वहीं पुलिस को आरोपित बिल्डर के यहाँ से एक ऐसी डायरी भी मिली है। जिसमें करीब 100 महिलाओं के मोबाइल फोन नंबर दर्ज हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार (17 जनवरी, 2022) को सुबह से प्रशासन ने आरोपित बिल्डर के फॉर्म हाउस को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि यह फॉर्म हाउस करीब तीन एकड़ में फैला था। इसका एक हिस्सा तोड़ा गया है। फॉर्म हाउस में कमरे, किचन और अय्याशी के सारे साधन थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपित बिल्डर राजेश के चाचा और रिश्तेदारों ने अधिकारियों से कहा कि इसमें हमारा हिस्सा भी है। वह छोड़ दिया जाए लेकिन अधिकारियों ने उनकी नहीं सुनी। हालाँकि मामला तब और पेचीदा हो गया जब इसी दौरान खुद को राजेश की पहली पत्नी बताने वाली महिला भी घटनास्थल पर पहुँची और कहा कि अभी उसका राजेश से तलाक नहीं हुआ है। जमीन पर उसका भी हक है।

पीड़िता को पुलिस कमिश्नर के पास ले गए वकील

रिपोर्ट के अनुसार, पूरे मामले की बात करें तो छत्तीसगढ़ के बेमेतरा की रहने वाली 32 वर्षीय टीचर ने इंदौर के जनहित याचिका लगाने वाले वकील विनय वी जोशी और शक्तिपाल तोमर के पास पहुँची थी। जहाँ पीड़िता ने तीन दिन में करीब 18 घंटे में पूरे मामले को वकीलों के सामने रख दिया। दोनों वकीलों ने भी बिना देर किए सीधे कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के पास पीड़िता को लेकर गए। उनके सामने पीड़िता ने अय्याश बिल्डर राजेश की घिनौनी हरकतें बताई। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस कमिश्नर ने महिला अधिकारी के जरिए राजेश विश्वकर्मा और उसके दोस्तों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए।

क्या है अब तक का पूरा मामला

पीड़िता छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की रहने वाली है। 32 वर्षीय महिला की पहचान इंदौर के नामी बिल्डर 45 वर्षीय राजेश विश्वकर्मा से मेट्रिमोनियल साइट जीवनसाथी के जरिए हुई थी। पीड़िता छत्तीसगढ़ के एक सरकारी स्कूल में टीचर है। वेबसाइट पर बातचीत के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। 24 अक्टूबर 2021 को आरोपित ने छत्तीसगढ़ के बेमतरा में जाकर महिला के साथ शादी की थी। बिल्डर ने शादी में अपने घरवालों को भी नहीं बुलाया था। इसको लेकर जब पीड़िता ने सवाल किया तो उसने कहा था कि घर के लोग शादी से नाराज हैं। कुछ दिन बाद सब ठीक हो जाएगा तो उनके पास चलेंगे।

बताया जा रहा है कि राजेश विश्वकर्मा शादी के बाद पत्नी को लेकर इंदौर के एबी रोड पर मांगलिया स्थित अपने फॉर्म हाउस में ले आया था। फॉर्म हाउस में कुछ दिन ठीक से रहने के बाद अय्याश पति उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट कर अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने लगा। महिला के मना करने पर वह उसके प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से जला देता। उसे इतना मारता की हाथ-पैरों से खून निकलने लगता। हद तो तब हो गई जब वह उसे निर्वस्त्र करके अपने नौकरों अंकेश बघेल, विपिन भदौरिया और दोस्त विवेक विश्वकर्मा के पास भेजता और सभी मिलकर महिला के साथ दुष्कर्म करते। विरोध करने पर राजेश उसकी गर्दन पर चाकू रखकर उसे जान से मारने की धमकी देता।

बता दें कि इंदौर के क्षिप्रा पुलिस को पीड़िता ने शनिवार, (15 जनवरी, 2022) को शिकायत दर्ज कराई थी जिसके आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म करने वाले चारो आरोपितों को रविवार (16 जनवरी, 2022) को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं पुलिस की पूछताछ में आरोपितों ने कई नए खुलासे किए हैं। मुख्य आरोपित पति राजेश विश्वकर्मा ने हैवानियत की नई हदें पार करते हुए पीड़िता से अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए और नौकर सहित उसके दोस्तों द्वारा भी ऐसा ही कृत्य को अंजाम दिया गया।

वहीं पीड़ित महिला द्वारा गम्भीर आरोप लगाए गए हैं कि उसे फार्म हॉउस पर पहले तो विदेशी अश्लील फिल्में दिखाई जाती थी फिर न्यूड डांस करवाया जाता था जिसका आरोपितों द्वारा वीडियो भी बनाए जाता था। उससे भी मन न भरने पर सभी द्वारा दरिंदगी की हदे पार करते हुए अप्राकृतिक तरीके से सम्बन्ध बनाने पर मजबूर किया जाता था।

जिसका विरोध करने पर पीड़िता के गुप्तांग को सिगरेट से दागा जाता था। पीड़िता को हथियारो के दम पर जान से मारने की धमकी देकर हैवानियत की हदें पार किया जाता था। वही क्षिप्रा पुलिस के अनुसार इस कृत्य को अंजाम देने वाले आरोपित राजेश विश्वकर्मा, अंकेश बघेल, विवेक विश्वकर्मा और विपिन भदोरिया के रूप में सामने आए हैं। जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है जिनसे पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने फार्म हाउस की जब सर्चिंग की तो वहाँ से सेक्स टॉय और चाइनीज हथियार भी मिले। पीड़िता ने पुलिस को वह मोबाइल भी दिया, जिसमें राजेश ने कई लड़कियों के VIDEO और MMS बनाए थे।

महिला ने यह भी बताया कि फॉर्म हाउस में पार्टी के लिए वह अक्सर बाहर से लड़कियाँ बुलाता था। वहाँ न्यूड पार्टी चलती थी। इस दौरान बिल्डर महिला को भी न्यूड होकर डांस करने के लिए कहता था। डांस खत्म होने के बाद वो और उसके दोस्त पीड़िता के साथ रेप करते थे। यही नहीं, महिला को गर्भ न ठहरे इसके लिए वह उसे गर्भ निरोधक गोलियाँ खिला देता था। पति ने कई बार नग्न और अर्धनग्न अवस्था में उसके फोटो लिए और वीडियो बनाए और कहा कि उसने यदि किसी से शिकायत की तो वह इन्हें वायरल कर देगा।

कौन है आरोपित बिल्डर राजेश विश्वकर्मा

राजेश विश्वकर्मा मूल रूप से नागदा (उज्जैन) का निवासी है। बताया जा रहा है कि उसकी हरकतें शुरू से ही गलत रही जिस कारण घरवाले भी उसे पसंद नहीं करते थे। 2018 में उसे पिता ने घर से निकाल दिया था। इसके बाद से वह इंदौर में रहने लगा था। वैसे करीब 20 सालों से उसका परिवार इंदौर के युवराज फॉर्म हाउस में रह रहा था। उसके पिता की नागदा में थ्रेशर बनाने की फैक्टरी है और बड़ा भाई भी पिता के साथ व्यापार संभालता है।

लोन न चुकाने पर नीलाम कर दी किसान की जमीन, रोते-बिलखते परिवार ने दी आत्महत्या की धमकी: राजस्थान में कॉन्ग्रेस का ‘कर्जमाफी मॉडल’

राजस्थान (Rajasthan) की अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार के किसानों की कर्ज माफी (Farmer loan waiver) से लेकर उनके विकास के लिए किए गए बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान के दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा में कर्ज नहीं चुका पाने के कारण एक किसान की जमीन को नीलाम (Land Auctioned) कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कर्ज में डूबे किसान की जमीन को पहले कुर्क किया गया और फिर मंगलवार (18 जनवरी 2022) को उसे नीलाम कर दिया गया।

किसान अपनी जमीन के नीलाम होने पर रोता-बिलखता रहा, लेकिन किसी को भी उस पर दया नहीं आई। किसान का कहना है कि उसका परिवार इसी जमीन पर निर्भर था। अब वे कहाँ जाएँ अपने परिवार को कैसे पालें? ऐसे में किसान के परिवार के सदस्य आत्महत्या करने तक की बात कह रहे हैं। जमीन नीलाम होने के बाद से किसान और उसका परिवार सदमे में है।

जानकारी के अनुसार, दौसा जिले की जामुन की ढाणी निवासी कजोड़ मीणा ने रामगढ़ पचवारा के राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से केसीसी का लोन लिया था। वर्ष 2017 के बाद किसान ने 7 लाख रुपए से अधिक का कर्ज नहीं चुका पाया। कुछ समय बाद कजोड़ मीणा की मौत हो गई। इसके बाद बैंक ने मृतक किसान के पुत्र राजू लाल और पप्पू लाल को कर्ज चुकाने के लिए कई बार नोटिस दिया, लेकिन किसान का परिवार आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण केसीसी लोन जमा नहीं करा पाया। उन्हें सरकार द्वारा किए गए ऋण माफी के वादे से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वो टूट गईं।

समाचार एजेंसी एएनआई से किसान के बेटे पप्पू लाल ने बताया, “हमारे पिता ने कर्ज लिया था और वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। हम कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं। हमने बैंक से भी अनुरोध किया कि वह हमें ​कर्ज चुकाने के लिए कुछ वक्त और दें, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया।”

वहीं, इस मामले को लेकर एसडीएम मिथलेश मीणा का कहना है कि किसान ने राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से कर्ज लिया था, लेकिन वह उसे चुकाने में असफल रहा। बैंक ने उन्हें सेटलमेंट के लिए भी बुलाया, लेकिन वह पेश नहीं हुए इसलिए कानून के तहत उनकी जमीन नीलाम कर दी गई है।

बता दें कि किसान कजोड़ मीणा की करीब 15 बीघा 2 बिस्वा जमीन को 46 लाख 51 हजार रुपए में नीलाम किया गया है। नीलामी की प्रक्रिया तहसील कार्यालय में पूरी की गई।

मदरसे में अरबाज ने कमरे में ले जाकर 10 साल के छात्र का किया अप्राकृतिक यौन शोषण, यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया

उत्तर प्रदेश के हरदोई (Hardoi) में मदरसे (Madrasa) में इस्लामिक शिक्षा हासिल कर रहे एक सीनियर छात्र ने जूनियर छात्र के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया है। आरोप है कि मदरसे में हाफिजा की डिग्री हासिल कर रहे सीनियर छात्र ने मदरसे में पढ़ने वाले 10 साल के एक छात्र के साथ कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया। 

इस वारदात के सामने आने के बाद पुलिस (Police) ने परिजनों की तहरीर पर आरोपित सीनियर छात्र अरबाज के खिलाफ कुकर्म का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपित छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है।

क्या है मामला?

इस्लामिक तालीम हासिल करने वाले मदरसे में शर्मसार कर देने वाला यह मामला हरदोई जिले के कोतवाली शाहाबाद इलाके का है। दरअसल, शाहाबाद स्थित मदरसा जामिया सैयद उल अबरार में कस्बे के बलाईकोट मोहल्ले का रहने वाला अरबाज हाफिजा का छात्र है। आरोप है कि अरबाज ने मदरसे में पढ़ने वाले 10 साल के बालक के साथ मदरसे में ही कुकर्म की वारदात को अंजाम दिया और अश्लील हरकत की। वह उसे मदरसे के अंदर एक कमरे में ले गया और यहाँ उसके साथ अप्राकृतिक यौन शोषण और अश्लील हरकतें की। इसके बाद पीड़ित बालक ने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पीड़ित बालक की माँ ने पूरे मामले की शिकायत क्षेत्र की पुलिस से की। इस कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में बिहार के सीतामढ़ी जिले में मौलवी तबरेज़ ने अपने मदरसे में पढ़ने के लिए आई नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया और उसे गर्भवती कर दिया। उसने इस हरकत को रिकॉर्ड भी कर लिया और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मौलवी ने कथित तौर पर वीडियो का इस्तेमाल कई मौकों पर उसके साथ बलात्कार करने के लिए किया जब तक कि वह गर्भवती नहीं हो गई। इसी तरह बिहार के पटना के मनेर थाने की सीमा के अंतर्गत आने वाले मदरसे में पढ़ने वाली नाबालिग लड़की के साथ शाहबाज रजा नाम के मौलवी ने रेप का प्रयास किया। 

‘अखिलेश हमारे महबूब… उनके खिलाफ साजिश रची तो सबसे निपट लेंगे’ : सपा प्रवक्ता फखरुल ने अपर्णा को ‘यादव’ बहू मानने से किया इनकार, नाम लिखा- अपर्णा बिष्ट

सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने की खबरों के बीच समाजवादी नेता नाराज हैं। भले ही अखिलेश यादव या मुलायम सिंह यादव की ओर से अभी इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। मगर पार्टी के प्रवक्ता ने अपर्णा यादव पर निशाना साधना शुरू कर रखा हुआ है। उन्होंने अपर्णा यादव को यादव परिवार की बहू मानने से मना किया है।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज में लेक्चरार फखरुल हसन चांद ने अपर्णा यादव को लेकर अपने सोशल मीडिया साइट पर डाला, “मैं जब से समाजवादी पार्टी में आया तब से एक बात ही जानता हूँ कि आदरणीय नेताजी के एक ही बेटा है और वो हैं हम सबके महबूब नेता आदरणीय अखिलेश यादव जी, और नेताजी कि एक ही बहू है जिनका नाम है आदरणीय डिंपल भाभी, बाकी नेताजी का कोई पुत्र नहीं जिसकी रगों में नेता जी का खून दौड़ता हो, जिसका डीएनए नेताजी के हों, जब कोई दूसरा बेटा हम नहीं मानते तो दूसरी कोई बहू भी नहीं हो सकती है।”

सपा प्रवक्ता ने अपने पोस्ट में लिखा, “हमारे महबूब नेता के ख़िलाफ़ साजिश करने वाले चाहे अंदर के हों या बाहर से हम समाजवादी लोग सबसे निपटना जानते हैं। अब जिसको दल में जाना हो जाए, लेकिन अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनने से साजिशें नहीं रोक पाएँगी।”

अपने अन्य पोस्ट में फखरुल ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें मुलायम सिंह यादव का असली बेटा और बहू बताया। अपने एक पोस्ट में फखरुल ने अपर्णा यादव को अपमानित करने के लिहाज से कहा, “समाजवादी पार्टी आज अपर्णा बिष्ट के जाते ही शुद्ध हो गई। समाजवादी पार्टी किसी को हारने के लिए टिकट नही देंगी , चाहे अंदर का हो या बाहर का।”

बता दें कि लंबे समय से पीएम मोदी और सीएम योगी की प्रशंसक रहीं अपर्णा यादव ने आज भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन किया है। भाजपा की सदस्यता लेने के साथ ही उन्होंने राष्ट्र धर्म को सबसे ऊपर बताया। जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या अखिलेश यादव उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए तो इस पर अपर्णा यादव वने कहा, “मैंने हमेशा राष्ट्र को धर्म माना है। यह मेरी नई पारी है। मैं पीएम मोदी और सीएम योगी से बहुत प्रभावित हूँ। उनकी नीतियाँ मुझे नैतिक रूप से पसंद आती हैं इसलिए मैंने बीजेपी ज्वाइन की।”