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कार से सटा ठेला तो महिला प्रोफेसर ने गरीब ठेले वाले के पपीते जमीन पर फेंके, गिड़गिड़ाता रहा फेरीवाला: वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश के भोपाल से हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जहाँ एक यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने महज इसलिए एक गरीब ठेले वाले के सारे फल को जमीन पर फेंक दिया। क्योंकि ठेले वाले का ठेला सड़क पर खड़ी प्रोफेसर की कार से टच हो गया था। अब प्रोफेसर की इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना भोपाल के अयोध्या नगर इलाके की है। यहाँ सुबह-सुबह एक ठेले वाला फल बेच रहा था। इसी दौरान उसका ठेला रोड पर खड़ी एक महिला प्रोफेसर की कार से छू गया। ये देख कर प्रोफेसर का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुँचा। गुस्से में तमतमाती महिला अपने घर से निकलकर सड़क पर आ गई और उसने ठेले वाले ठेले से फल को उठा-उठाकर बाहर फेंकने लगी।

वहाँ से लौट रहे लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी नहीं सुनी। वो लगातार फल को ठेले से लेकर फेंकती रही। वायरल हो रहे वीडियो में महिला की ये हरकत कैद हो गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि ठेले वाला व्यक्ति एक किनारे खड़ा होकर महिला को समझाने की कोशिश कर रहा होता है। फल वाला महिला से गिड़गिड़ाते हुए कहता है कि मैडम ऐसा मत करो, नुकसान का पैसा ले लो। वीडियो में जब लोग उससे कहते हैं कि ये आपने अच्छा नहीं किया तो कहती है कि इसने मेरा नुकसान किया है। जब महिला लोगों के सवालों का जवाब नहीं दे पाती तो चुपचाप अपने घर के अंदर चली जाती है।

वीडियो में कुछ लोग महिला के इस व्यवहार पर उसे कोसते हुए कहा कि आपने एक गरीब के साथ बहुत गलत व्यवहार किया है। भगवान करे आप के बच्चों के साथ भी ऐसा ही हो।

इस मामले में पर कवि कुमार विश्वास ने भी महिला के व्यवहार पर तंज कसते हुए कहा, “ईगो चला रही है या ऑल्टो।”

‘सायना नेहवाल’ की जगह होती ‘साइमा’ तो टूट पड़ते लिबरल: सोशल साइट्स से लेकर किताब तक… हर जगह हिंदू महिलाओं को गाली

महिला सम्मान के नाम पर आज सोशल मीडिया पर औरतों को दो धड़े में बाँट दिया गया है। एक वो जिनके साथ घटित किसी भी घटना पर लिबरल समाज वोकल हो जाता है और दूसरा वो जिनके साथ हुई अभद्रता को सिर्फ इसलिए किनारे करने का प्रयास होता है क्योंकि उनकी विचारधारा या धर्म एक नहीं होता। उदाहरण से समझें तो पिछले दिनों महिला सम्मान को आहत करने वाले दो मामले सोशल मीडिया पर आए। पहला बुल्ली बाई ऐप से जुड़ा और दूसरा ओलंपिक मेडलिस्ट सायना नेहवाल से जुड़ा। दोनों घटनाओं में ओछेपन की सीमा को लांघा गया। मगर, जब प्रतिक्रिया देने की बात आई तो कई जगह नेहवाल के केस में चुप्पी साध ली गई। ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि उनका झुकाव बीजेपी की ओर है। 

अब इसी विषय पर भाजपा महिला मंत्री स्मृति ईरानी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बयान दिया है। उन्होंने जहाँ बुल्ली बाई को लेकर खुलकर कहा कि धर्म से परे, महिलाओं को सोशल मीडिया पर गरिमा से वंचित रखा गया है और वो आभारी हैं ऐसी पुलिस की जो इस मामले में जाँच कर रही है। वहीं सायना नेहवाल पर बात रखते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल ऐप के जरिए ऑब्जेक्टिफाई नहीं किया जाता है बल्कि राजनैतिक पद के कारण भी उन्हें नीचा दिखाया जाता है।

ईरानी द्वारा महिलाओं के लिए की गई ये टिप्पणी बताती है कि जिस बीजेपी से जुड़े होने पर नेहवाल पर घटिया टिप्पणी की गई उनके लिए जितना नेहवाल का अपमान बड़ा विवाद है और उतना ही बुल्ली बाई ऐप के तहत शिकार बनाई गई सामान्य महिलाओं का भी। लेकिन दूसरी ओर ऐसा नहीं है। बुल्ली बाई मामला जब खुला तो सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हुई। पुलिस ने कार्रवाई में तेजी दिखाई और कुछ ही दिन में आरोपित हमारे सामने थे जबकि सायना नेहवाल पर की गई टिप्पणी को तीन-चार दिन बाद तूल मिला। ये हाल तब हुआ जब सायना भी खेल जगत की मशहूर हस्ती हैं और सिद्धार्थ भी फिल्म जगत का चेहरा हैं।

खैर! ये सब पहली बार नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे तमाम मामले में हैं जब हिंदू महिलाओं को निशाना बनाते हुए सामग्री रची या गढ़ी जाती रही। लेकिन, न उन पर कोई वोकल हुआ और न ही किसी ने कार्रवाई की माँग की। बात चाहे ऐप की हो, पेज की हो, टेलीग्राम चैनल की हो या फिर फिल्म-फिक्शन या नोवल की…हर माध्यम में हिंदू महिलाएँ निशाने पर रहीं।

जैसे अंशुल सक्सेना नामक ट्विटर यूजर ने हाल में हिंदू महिलाओं से संबंधी कुछ चैनल व पेज उजागर किए थे जिनमें हिंदू औरतों की फोटो साझा करके उन्हें बदनाम करने का कार्य हो रहा था लेकिन कार्रवाई न किसी प्लेटफॉर्म पर हो रही थी न ही कोई आगे आकर इस संबंध में शिकायत कर रहा था।

विवाद उठने पर पता चला कि टेलीग्राम पर Hindu Ran%&an नाम से बकायदा एक चैनल चल रहा था और फेसबुक पर हिंदू औरतों को मुस्लिम मर्दों की दीवानी भी कहा जा रहा था। इन सभी मामलों में हमारे लिए सबसे घटिया बात ये है कि ऐसे पेजों से चैनलों से सैंकड़ों लोग जुड़े थे जो न तो इसकी रिपोर्ट कर रहे थे और न ही इसके विरोध में आवाज उठा रहे थे। मुस्लिम मर्द औरत का प्यासा नाम से एक फेसबुक पेज पर 872 लोग जुड़े थे। एक हन्नी जान नाम का यूजर इसमें पूछ रहा था कोई हिंदू औरत ऑनलाइन है क्या?

अब ऐसा नहीं है कि कोई सामान्य व्यक्ति जो गलत मंशा न रखता हो वो इन पेजों से होकर नहीं गुजरता या फिर आपको या हमें ऐसे कंटेंट सोशल मीडिया पर देखने को नहीं मिलते। लेकिन ये हिंदुओं का लापरवाह रवैया ही होता है कि ग्रुप्स दिखने के बाद भी उनकी रिपोर्ट नहीं होती और जब बुल्ली बाई ऐप जैसी ऐप बनती हैं तब जाकर ध्यान आता है कि इस प्रकार प्रताड़ित तो हिंदू महिलाएँ भी की जाती हैं और फलाने जगह आपने हमने तस्वीरें देखीं।

पिछले दिनों, एक विस्तृत रिपोर्ट के जरिए ऑपइंडिया पर आपको तमाम ऐसे अकॉउंट के बारे में बताया गया था जिसमें खुलेतौर पर हिंदू महिलाओं का अपमान हो रहा था, जिसमें उनकी अश्लील तस्वीरें शेयर की जा रही थीं, उन्हें लेकर अभद्रता की हर सीमा लांघी जा रही थी। एक वेबसाइट का भी पता चला था जिसके लेख में लिखा गया था “हिन्दू महिलाओं की इच्छाओं को संतुष्ट करने के लिए मुस्लिम मर्द बेहतर होते हैं, ऐसा एक महिला हिन्दू एक्टिविस्ट का कहना है। उनका कहना है कि मुस्लिम मर्द ज्यादा आनंद देते हैं। मुस्लिम मर्दों के फौलादी ___ के लिए हिन्दू लड़कियाँ पागलों की तरह प्यार करती हैं।”

अब सोचिए ये कंटेंट किसी मजहब विशेष के लोगों तक सीमित नहीं है। ये सब पब्लिक डोमेन में है। बावजूद इसके हम इंतजार करते हैं इनपर अंशुल सक्सेना जैसा कोई आकर आवाज उठाए या जब सायना नेहवाल के लिए गलत टिप्पणी हो तो फिर लीक देखकर उसका विरोध किया जाए।

बता दें कि ये मामले हाल-फिलहाल के नहीं है कि सोशल प्लेटफॉर्म पर हिंदू महिलाएँ निशाने पर ली जा रही हों। साल 2020 में भी अमेजन के किंडल एडिशन पर तमाम अश्लील सामग्री का खुलासा हुआ था। इसमें हिंदू महिलाओं और मुस्लिम पुरूषों का जिक्र किया गया था। लगभग 20 किताबें ऐसी मिली थीं जिनमें हिंदू महिलाओं के चरित्र पर सवाल खड़ा किया गया था और मुस्लिम पुरूषो को एक स्टड की भाँति दर्शाया गया था।

किताब के नाम-  “Indian Hindu wife’s affair with her Muslim lover, Indian wife cheating: sex with neighbour, Four tales of high-class married Hindu women being taken by low-class Muslim males” से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसके अंदर कंटेंट क्या परोसा गया होगा। इन रेप साहित्यों में हिंदू औरत के लिए रं%$ और कु^या जैसे शब्द थे और ये भी दावा था कि हिंदू महिला बलात्कार का आनंद लेती हैं। स्वाति गोयल शर्मा द्वारा लिखित इस रिपोर्ट के बाद महिला आयोग ने इस रेप साहित्य पर संज्ञान लिया था। कार्रवाई भी हुई थी। कई किताबों को अमेजन ने हटा दिया था जबकि कथिततौर पर कई किताबें अब भी किंडल जैसे माध्यम पर मौजूद हैं।

उक्त मामले वो हैं जिनपर हमारी नजर गई या जो किसी विवाद के कारण चर्चा में है। लेकिन इनके अलावा भी ऐसे कई केस हैं जब सायना नेहवाल या हिंदू औरतें ही नहीं बल्कि हिंदुओं के देवी-देवताओं को लेकर गाली-गलौच हुआ। हीर खान जैसी महिलाओं ने माँ सीता को लेकर भद्दी-भद्दी गालियाँ दी। हालाँकि जब उसके विरोध में आवाज उठाने की बात आई, तो पूरा लिबरल गिरोह चुप होकर शांत बैठ गया। आज भी यही कारनामा धड़ल्ले से हो रहा है। मसलन बुल्ली बाई पर जितना जितना बोला गया उसे देख साफ है कि अगर सायना की जगह कोई साइमा होती तो लिबरल उसके लिए भी आवाज उठाते। हर किताब, हर पेज और हर चैनल का विरोध होता। न कोई चुप रहता न किसी के अकॉउंट पर सन्नाटा छाता।

छत्तीसगढ़ महिला कॉन्ग्रेस की जिलाध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी की महिला पार्षद से की गाली-गलौज, राजनीतिक द्वेष का आरोप: वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायगढ़ नगर निगम में सोमवार (10 जनवरी 2022) को महिला कॉन्ग्रेस (Congress) की जिलाध्यक्ष बरखा सिंह (Barkha Singh) ने अभद्रता करते हुए सभापति के चैंबर में बैठी कॉन्ग्रेस की महिला पार्षद संजना शर्मा के साथ हाथापाई की। इस दौरान सभापति जयंत ठेठवार ने बीच-बचाव करते हुए अन्य पार्षदों के ​साथ मिलकर उन्हें बाहर लेकर गए। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता महिला पार्षद के साथ जमकर गाली-गलौच और हाथापाई करती हुई नजर आ रही हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नगर निगम का दस्ता महिला पार्षद संजना शर्मा के वार्ड में अतिक्रमण हटाने के लिए पहुँचा था। पार्षद ने इसका विरोध किया और कहा कि निगम को पहले नोटिस देना चाहिए था। उन्होंने कहा था कि अगर निगम तोड़ने का काम कर रहा है तो सभी पर कार्रवाई करे। उन्होंने नगर निगम पहुँचकर सभापति को इस मामले से अवगत कराया। उसी बीच बरखा सिंह गुस्से में सभापति के चैंबर में पहुँची और पार्षद संजना शर्मा से गाली-गलौज शुरू करना शुरू कर दिया। यही नहीं, उन्होंने पार्षद के साथ हाथापाई भी की।

इस पर बरखा सिंह का कहना है कि पार्षद संजना शर्मा ने उनके नाम की शिकायत की थी, लेकिन जहाँ निगम की टीम तोड़फोड़ के लिए गई थी वहाँ उनका कोई घर नहीं बन रहा, फिर भी संजना शर्मा ने उनका घर तोड़ने के लिए शिकायत की थी। दोनों के बीच विरोध को लेकर बरखा सिंह ने कहा, “मैं पार्षद की दावेदारी थी, लेकिन पार्षद का टिकट उनको मिला और संगठन ने मुझे जिलाध्यक्ष बनाया। शायद इसीलिए उनके मन कुछ मनमुटाव है। मेरे मन में नहीं है, लेकिन उनके मन में है।”

वहीं, पार्षद संजना शर्मा का कहना है कि जहाँ अतिक्रमण तोड़ा जा रहा था उसके आगे बरखा सिंह का मकान भी बन रहा है, लेकिन उसको लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा था। इसके बावजूद वह चैंबर में घुसकर गाली-गलौज करने लगीं। निगम के सभापति ठेठवार ने बताया कि निगम की टीम पार्षद संजना शर्मा के वार्ड में गई थी और उन्होंने एकरूपता के कार्य करने के लिए कहा था।

दरअसल, बरखा सिंह को महिला कॉन्ग्रेस का जिला अध्यक्ष बनाए जाने के कई लोगों ने इसका विरोध किया था, जिनमें संजना शर्मा भी शामिल थीं। उस दौरान कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी कर बरखा सिंह को संगठन में जिम्मेदारी देने का आरोप लगा था।

इस घटना के बाद से सभापति सहित कई पार्षद कॉन्ग्रेस जिलाध्यक्ष के विरोध में आ गए हैं। कॉन्ग्रेस के 22 पार्षदों ने सभापति से कहा है कि अगर बरखा के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे सभी अपना इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद देर शाम सभी पार्षदों ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष अनिल शुक्ला को लिखित शिकायत कर महिला जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई करने और उन्हें बर्खास्त करने की माँग की।

चीनी कंपनी नहीं, अब TATA बना IPL का स्पॉन्सर: 2 नई टीमें, नीलामी की तारीख भी आई

इंडियन प्रीमियर लीग 2022 (IPL) में इस बार एक खास बदलाव देखने को मिल सकता है। इस बार के IPL में टाइटल को स्पॉन्सर ‘टाटा ग्रुप’ करने वाला है। टाइटल स्पॉन्सर से अब चीनी कंपनी ‘वीवो’ ने अपना नाम वापस ले लिया है। मंगलवार (11 जनवरी 2022) को IPL के चोयरमैन ब्रिजेश पटेल ने गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग के दौरान इसकी पुष्टि की।

रिपोर्ट के मुताबिक, पटेल ने कहा है कि IPL के अगले सीजन को ‘टाटा IPL’ (TATA IPL) कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि वीवो ने अपने राइट्स के ट्रांसफर का अनुरोध किया था, जिसे गवर्निंग काउंसिल ने पारित कर दिया है।

बता दें कि साल 2018 में पाँच साल यानी 2022 तक के लिए वीवो ने 2,190 करोड़ रुपए में IPL के टाइटल को स्पॉन्सर किया था, लेकिन भारत-चीन के बीच विवाद के बाद 2020 में ड्रीम-11 से वह बाहर हो गया था। बाद में उसने 2021 में फिर से अपनी वापसी की। हालाँकि, वीवो की स्पॉन्सरशिप अभी भी दो साल तक के लिए बची है। वीवो ने इन दो सालों IPL टाइटल स्पॉन्सरशिप का अधिकार टाटा को हस्तांतरित कर दिया है। इस तरह यह टाटा आईपीएल के नाम से जाना जाएगा।

वीवो की वास्तविक डील 2020 में ही समाप्त हो गई थी, लेकिन एक साल छोड़ने के कारण वीवो को 2023 तक का विस्तार मिला था। हालाँकि, टाटा और IPL के बीच कितने में ये डील पक्की हुई है, ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। गौरतलब है कि IPL साल 2008 में शुरू हुआ था। तब से यह काफी बड़ा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, IPL के राइट्स को लेकर बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने एक बार उम्मीद जताई थी कि इस बार आईपीएल के मीडिया राइट्स 40 हजार करोड़ तक जा सकते हैं।

बता दें कि इस बार के आईपीएल में दो नई टीमें भी शामिल हो रही हैं। लखनऊ टीम और अहमदाबाद टीम को क्लीयरेंस मिली है। मैच के लिए टीमों की नीलामी 12 और 13 फरवरी को बेंगलुरु में होगी।

राजस्थान में नाबालिग गैंगरेप पीड़िता ने ज़हर खा कर की आत्महत्या, वायरल हो गए थे अश्लील वीडियो: हाफिज व एक अन्य पर आरोप

राजस्थान के भरतपुर जिले के कैथवाड़ा थाना इलाके में दिल का दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ लंबे समय से गैंगरेप (Gangrape) की शिकार हो रही एक नाबालिग बच्ची ने समाज में बदनामी के डर से जहर खाकर खुदकुशी (Suicide) कर ली। मृतका के परिजनों ने इस संबंध में दो आरोपितों के खिलाफ कैथवाड़ा थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। कैथवाड़ा थाना पुलिस पीड़िता के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर करवा रही है। पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है।

कैथवाड़ा थाना पुलिस के अनुसार पीड़िता के साथ लंबे समय से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। कैथवाड़ा थाना इलाके में करीब 10 दिन पहले नाबालिग खेत में काम कर रही थी। इस दौरान खोरा गाँव के 2 युवक हाफिज और मनीष आए और उसके साथ गैंगरेप किया। युवकों ने उसके अश्लील फोटो-वीडियो भी बना लिए थे। इसके अलावा उसके साथ कुछ सामान्य फोटो भी लिए और फरार हो गए। बाद में आरोपितों ने उनको सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।

बदनामी के डर से डिप्रेशन में आ गई थी पीड़िता

गैंगरेप और सोशल मीडिया में उसके फोटो तथा वीडियो वायरल होने से पीड़िता डिप्रेशन में आ गई और उसने सोमवार (10 जनवरी, 2022) को दोपहर में घर पर जहर खा लिया। इसका पता चलने पर पीड़िता के परिजन उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल लेकर आए। वहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। देर शाम को कैथवाड़ा थाना पुलिस को मामले की सूचना दी गई।

आज सुबह करवाया गया पोस्टमार्टम

इसकी सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुँची पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उसके बाद पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर शाम को ही मामला दर्ज कर लिया। लेकिन रात हो जाने के चलते पीड़िता के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका था। मंगलवार (11 जनवरी 2022) को सुबह शव का पोस्टमार्टम करने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया। बोर्ड पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटा रहा।

अभी तक नहीं हो पाई है आरोपितों की गिरफ्तारी

पुलिस का कहना है कि आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। घटना के बाद पीड़िता के गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

‘कई बार महिलाओं पर की गलत टिप्पणी’: सिद्धार्थ के खिलाफ NCW ने तमिलनाडु DGP को दिया निर्देश, सायना नेहवाल को बनाया था निशाना

अभिनेता सिद्धार्थ सूर्यनारायण (Siddharth Suryanarayan) द्वारा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल (Saina Nehwal) पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में ‘राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)’ गंभीर नजर आ रहा है। आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि सिद्धार्थ ने अक्सर महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में कार्रवाई के लिए NCW तमिलनाडु के DGP (पुलिस महानिरीक्षक) से संपर्क में है। ‘टाइम्स नाउ’ की महिला एंकर के खिलाफ अभिनेता के ट्वीट को भी NCW ने आपत्तिजनक, अनैतिक और महिलाओं की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने वाला बताया है।

इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए NCW ने तमिलनाडु पुलिस को कार्रवाई करने और आगे उनके द्वारा इस तरह की हरकत न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है। साथ ही निर्देश दिया है कि इस मामले में क्या कार्रवाई की गई, इस सम्बन्ध में आयोग को जल्द सूचित किया जाए। वहीं जावेद हबीब द्वारा महिलाओं के बाल बनाते समय पानी के इस्तेमाल की जगह सिर पर थूकने वाले वीडियोज को लेकर रेखा शर्मा ने कहा कि उन्होंने लिखित में माफ़ी माँगी है, लेकिन आयोग संतुष्ट नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में भी पुलिस को आगे जाँच करने के लिए कहा गया है। उधर साइना नेहवाल पर की गई टिप्पणी को लेकर फोटोग्राफरों ने भी अभिनेता सिद्धार्थ सूर्यनारायण का बहिष्कार कर दिया है। फोटोग्राफर मानव मंगलानी ने कहा कि वो अभिनेता के फोटोज क्लिक नहीं करेंगे। सायना नेहवाल ने उनके स्टैंड के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया। साइना नेहवाल ने पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा चूक पर चिंता जाहिर की थी, जिस पर सिद्धार्थ सूर्यनारायण ने आपत्तिजनक टिप्पणी की।

केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि भारत खेल के क्षेत्र में सायना नेहवाल के योगदान और उपलब्धियों के लिए गर्व महसूस करता है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक मेडलिस्ट होने के अलावा सायना एक देशभक्त भी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व पर भद्दी टिप्पणी करना उस व्यक्ति निम्न स्थिति को दर्शाता है। भाजपा नेता और तमिल अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने भी इस ट्वीट को कचरे जैसा बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के प्रति घृणा में इस तरह की चीजें नहीं की जानी चाहिए।

उधर सायना नेहवाल के पिता हरवीर सिंह नेहवाल ने एक्टर पर निशाना साधते हुए सीधा सवाल किया कि जिस समय सायना देश के लिए बैडमिंटन कोर्ट में मेडल जीत रही थीं, उस समय एक्टर की ओर से देश के लिए क्या योगदान दिया जा रहा था। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत बुरा लगा जब उसने मेरी बेटी के लिए ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया। उसने (सिद्धार्थ ने) देश के लिए क्या किया है। मेरी बेटी ने मेडल जीते। भारत का नाम रौशन किया। मैंने हमेशा विश्वास किया कि भारत एक महान समाज है और सायना के पास पत्रकारों का व खेल हस्तियों का समर्थन है क्योंकि ये लोग जानते हैं कि एक खिलाड़ी किस संघर्ष से गुजरता है।”

शाहरुख खान के बंगले मन्नत उड़ाने और आतंकी हमले की धमकी देने वाला गिरफ्तार, MP पुलिस ने कहा- ‘उसका ऐसा इंटेशन नहीं रहा होगा’

बॉलीवुड (Bollywood) एक्टर शाहरुख खान (Shahrukh khan) के मुंबई स्थित बंगले ‘मन्नत (Mannat)’ को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में जितेश ठाकुर नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) के कंट्रोल रूम में फोन कर मन्नत समेत मुंबई की कई जगहों पर आतंकी हमले और ब्लास्ट करने की धमकी दी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार (8 जनवरी 2022) को जबलपुर के संजीवनी नगर थाना क्षेत्र के गंगा नगर इलाके से आरोपित जितेश ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। उसने 6 जनवरी 2022 को महाराष्ट्र पुलिस के कंट्रोल रूम को फोनकर एक्टर के घर मन्नत समेत कई जगहों पर आतंकी हमले और ब्लास्ट की बात कही थी। कॉल मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया। उन्होंने फोन करने वाले की कॉल को ट्रेस किया तो वो जबलपुर का निकला।

इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने जबलपुर पुलिस से कॉन्टैक्ट कर मामले में मदद माँगी, जिसके बाद आरोपित को उसके ही घर से दबोच लिया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार किया गया शख्स कई बार इस तरह की धमकियाँ दे चुका है। इस घटना को लेकर जबलपुर के CSP आलोक शर्मा का कहना है कि आरोपित युवक इससे पहले भी शराब के नशे में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और डायल-100 पर फोन कर कई बार गलत खबरें देकर परेशान कर चुका है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किया गया शख्स आदतन अपराधी है। उसने नशे में इस तरह की हरकत की होगी। उसका वैवाहिक जीवन ठीक नहीं चल रहा है और उसका जीवन उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। इससे परेशान हो कर वह नशे में ऐसा कर बैठा। ऐसा करने का उसका कोई उद्देश्य नहीं रहा होगा।

हालाँकि, उसके खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 182, 505 और 506 के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। अब उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

जिस देश में घुसकर भारत ने किया था स्ट्राइक, उसे नया अड्डा बना रहा चीन? म्यांमार में ड्राई डॉक, चीनी पनडुब्बी के क्या हैं मायने

2016 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुस आतंकी ठिकानों को टारगेट किया था। फिर 2019 में एयर स्ट्राइक की गई। लेकिन मोदी सरकार के जमाने में सेना ने जो पहली सर्जिकल स्ट्राइक की थी, वह म्यांमार में हुई थी। जून 2015 में म्यांमार की सीमा में घुसकर भारतीय सेना ने ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इसी म्यांमार में फरवरी 2021 में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को सेना द्वारा अपदस्थ किए जाने के बाद से चीजें तेजी से बदलती दिख रही हैं।

सैन्य शासन वाले म्यांमार को हाल ही में चीन से मिंग क्लास की एक किलर पनडुब्बी मिली है। 20 दिसंबर 2021 को मलक्का स्ट्रेट से होते हुए चीनी पनडुब्बी पहुँची। यह बात भी सामने आई है कि म्यांमार नौसेना की की शिपयॉर्ड में एक विशाल ड्राई डॉक का भी निर्माण चल रहा है। इसके पीछे भी चीन बताया जा रहा।

उल्लेखनीय है कि म्यांमार में सियासी संकट के पीछे भी चीन की साजिश मानी जाती है। इसको लेकर वहाँ काफी उग्र प्रदर्शन भी हुए हैं। चीन की ‘वन बेल्ट वन रोड’ (OBOR) परियोजना से भी चीन जुड़ा हुआ है। लेकिन जब तक लोकतांत्रिक सरकार रही यह परियोजना लटकी रही। लेकिन इस सरकार के तख्तापलट के बाद बीजिंग की घुसपैठ लगातार बढ़ रही है। चीन की मंशा को इससे भी समझा जा सकता है कि जब 3 फरवरी 2021 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया तो चीन ने अपने वीटो पॉवर का इस्तेमाल किया।

रणनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो भारत से म्यांमार काफी करीब है। चीन यहाँ पर कई सारी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। वर्ष 2018 में चीन ने म्यांमार के साथ क्याउक्प्यू शहर में गहरे जल के बंदरगाह बनाने को लेकर समझौता किया था।

क्या है ड्राई डॉक

खबर ये भी है कि म्यांमार में चीन ड्राई डॉक बना रहा है। यंगून नदी के थिलावा शिपयार्ड के उत्तर में स्थित एक ग्रीन फील्ड में यह बन रहा है। 40,000 की क्षमता वाला यह ड्राई डॉक भारत से काफी नजदीक होगा। ड्राई डॉक एक प्रकार का संकरा बंदरगाह होता है, जिसका इस्तेमाल पनडुब्बी या युद्धपोतों की मरम्मत के लिए किया जाता है। ड्राई डॉक पानी में डूबा रहता है, लेकिन जैसे ही कोई पनडुब्बी या युद्धपोत आता तो दूसरी तरफ से इसके पानी को बाहर कर दिया जाता है ताकि उसकी मरम्मत की जा सके।

समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने वाले रक्षा विशेषज्ञ एचआई सटन के मुताबिक, म्यांमार में चीन अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है, जो कि भारत के लिए खतरा बन सकता है। जिस शिपयार्ड को चीन बना रहा है कल को इस पर वो अपनी सेना भी तैनात कर सकता है। म्यांमार में इतने बड़े शिपयार्ड का निर्माण के पीछे दो तर्क दिए जा रहे। पहला यह कि म्यांमार किसी बड़े युद्धपोत का निर्माण कर रहा हो और दूसरा तर्क इसे चीन से जोड़ता है। इससे चीन की पहुँच भारत तक आसान हो जाएगी। दरअसल, भारत की एकमात्र ट्राई सर्विस थिएटर कमांड इसी क्षेत्र में है और चीन यहाँ से इस पर नजर रख सकता है।

दरअसल, चीन की कोशिश है कि जिस तरह से उसने पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह का विकास करने के नाम पर पहले पाकिस्तान को जमकर कर्ज बाँटा और फिर जब पाकिस्तान उसके कर्ज को लौटाने में विफल रहा तो उस पर कब्जा करके बैठ गया। यहाँ पर उसने पीएलए को तैनात कर रखा है। ठीक उसी तरह से वो म्यांमार में भी कर सकता है।

इसी तरह से चीन ने भारत के पड़ोसी श्रीलंका में भी किया था। श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह के विकास पर चीन ने अरबों डॉलर खर्च किए। चीन ने श्रीलंका को अपने कर्ज के जंजाल में कुछ इस तरह से फँसाया कि अब वो उससे उबर ही नहीं पा रहा है। श्रीलंका को चीन ने 5 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज दिया है। अपने देश की आर्थिक हालत सुधारने के लिए वह चीन से और एक अरब डॉलर का कर्ज ले चुका है। स्थिति यही रही तो अगले कुछ महीनों में श्रीलंका दिवालिया हो जाएगा। ठीक उसी प्लान के तहत चीन अब म्यांमार में निवेश करता दिख रहा।

इसके जरिए चीन न केवल भारत के पूर्वी तट बल्कि अंडमान सागर के काफी नजदीक पहुँच जाएगा। चीनी पीएलए द्वारा भारत की जासूसी की कई मामले सामने आ चुके हैं। कई बार चीन की परमाणु पनडुब्बियों को भारत की समुद्री सीमा के भीतर देखा गया है। पिछले साल 21 जनवरी 2021 को भी चीन के एक जासूसी जहाज को इंडोनेशिया की नौसेना ने पकड़ा था। इसके अलावा पानी के भीतर चलने वाला उसका एक ड्रोन भी पकड़ा गया था। इससे ये स्पष्ट होता है कि चीन इस क्षेत्र में लगातार जासूसी कर रहा है।

इसी रणनीति के तहत चीन ने अफ्रीकी देश ज़िबूती में अपना निवेश किया है और उसके एक बंदरगाह को अपना मिलिट्री बेस बनाया है। जनवरी 2016 में चीन ने 10 साल की लीज पर ज़िबूती में लॉजिस्टिक्‍स सपोर्ट बेस लिया। 2017 के मध्‍य तक चीन ने उसको पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी के लिए एक सपोर्ट बेस में बदल दिया।

किस तरह चीनी चुनौती का जबाव दे रहा भारत

हालाँकि, भारत भी चुप नहीं बैठा है और लगातार अपनी रणनीतिक उपस्थिति को बढ़ा रहा है। ईरान का चाबहार बंदरगाह भारत की इसी रणनीति का एक हिस्सा है। इसके अलावा दक्षिण हिंद महासागर में भी भारत का मालदीव के साथ अच्छा रिश्ता है। वहीं भारत ने भी म्यांमार को पनडुब्बी दिया है।

इसके अलावा दक्षिण से चीन को रणनीतिक जबाव देने के लिए हंबनटोटा के जबाव में श्रीलंका और भारत के बीच कोलंबो बंदरगाह के विकास को लेकर समझौता हुआ है। कोलंबो श्रीलंका का सबसे बड़ा बंदरगाह है, जहाँ से 90 फीसदी समुद्री माल की आवाजाही होती है। 35 साल से लटके पड़े त्रिंकोमाली ऑयल टैंकर फार्म के पुनर्विकास के लिए भी भारत और श्रीलंका के बीच समझौता हुआ है, जिसे चीन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके अलावा क्वाड (भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान) के जरिए भी चीन को घेरा जा रहा है।

सीतामढ़ी में मौलवी तबरेज ने मदरसे की नाबालिग छात्रा से किया बलात्कार, 5 महीने की गर्भवती, वहीं पटना में रेप केस में मौलाना शाहबाज फरार

बिहार के मिथिला क्षेत्र के सीतामढ़ी जिले से शनिवार (8 जनवरी, 2022) को मदरसा की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। TV9 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक मौलवी तबरेज़ ने अपने मदरसे में पढ़ने के लिए आई नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया और उसे गर्भवती कर दिया। उसने इस हरकत को रिकॉर्ड भी कर लिया और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मौलवी ने कथित तौर पर वीडियो का इस्तेमाल कई मौकों पर उसके साथ बलात्कार करने के लिए किया जब तक कि वह गर्भवती नहीं हो गई।

इसके साथ ही उसने धमकी दी कि अगर नाबालिग ने अपने परिवार में किसी को अपने गलत काम के बारे में बताया तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। मगर जब नाबालिग को पता चला कि वह गर्भवती है, तो उसने अपने परिवार के सदस्यों को इस घटना के बारे में बताया। इसके बाद बच्ची के परिजन मौलवी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने जिले के महिला पुलिस स्टेशन पहुँचे। बच्ची फिलहाल 5 माह की गर्भवती बताई जा रही है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

पटना में मदरसा के मौलवी ने की 10 साल की बच्ची से रेप की कोशिश, पकड़े जाने के बाद फरार

हाल ही में बिहार के पटना में भी इसी तरह की घटना सामने आई है। पटना के मनेर थाने की सीमा के अंतर्गत आने वाले मदरसे में पढ़ने वाली नाबालिग लड़की के साथ शाहबाज रजा नाम के मौलवी ने रेप का प्रयास किया। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब पुलिस पीड़िता के माता-पिता की शिकायत के आधार पर उसे गिरफ्तार करने आई तो मौलाना शाहबाज रजा मदरसा छोड़कर फरार हो गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, मौलवी ने 10 साल की बच्ची के साथ बदतमीजी करनी शुरू कर दी। लड़की की लगातार शिकायत के बावजूद मौलवी उसे गलत तरीके से छूता रहता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान बच्ची ने अपने परिवार के सदस्य को इसकी सूचना दी। जिसके बाद उन्होंने मौलवी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। लड़की की माँ ने इस बाबत दानापुर एएसपी सैयद इमरान मसूद से मुलाकात की और उन्हें सभी विवरण दिए। फिर उन्होंने मनेर थाना प्रभारी को इस मामले में बिना देरी के FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।

पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

मनेर थाने के प्रभारी अधिकारी राजीव रंजन ने आरोपित मौलाना के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दिए हैं। अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि बच्ची के बयान के आधार पर मदरसे के मौलाना इमाम शाहबाज रजा के खिलाफ पॉस्को एक्ट के तहत मनेर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार छापेमारी कर मौलवी को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस बीच, इलाके में मौलवियों के खिलाफ काफी रोष और आक्रोश है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपित मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र के अन्य मौलाना इस तरह की हरकत करने की न सोचे।

‘मुस्लिम हूँ, कोई मेरे अधिकारों को नहीं रोक सकता’: UCC की माँग पर भड़कीं गौहर खान, इस्लाम न अपनाने पर कुशाल से तोड़ दिया था रिश्ता

अभिनेत्री एवं मॉडल गौहर खान (Gauahar Khan) ने ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC)’ की माँग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि वो एक मुस्लिम हैं और उनके अधिकारों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता है। दरअसल, ये सब शुरू हुआ उद्यमी आशा जडेजा मोटवानी (Asha Jadeja Motwani) के ट्वीट से, जिन्होंने ध्यान दिलाया कि बाहरी दुनिया को ये नहीं पता है कि भारत (India) में अभी भी हिन्दुओं (Hindu) और मुस्लिम (Muslim) के लिए अलग-अलग परिवार सम्बंधित कानून (Different Family Laws) हैं। साथ ही बताया कि कैसे हिन्दुओं को सेक्युलर (Secular) कानून का पालन करना पड़ता है।

वहीं, उन्होंने बताया कि इसके उलट मुस्लिम 4 पत्नियाँ रखने के लिए स्वतंत्र हैं और वो अपनी पत्नियों और बच्चियों को शरिया कानून के नाम पर शिक्षा से वंचित करने का भी अधिकार रखते हैं। साथ ही आशा जडेजा मोटवानी ने माँग की कि भारत के हर एक नागरिक के लिए समान कानून, अर्थात UCC को लागू किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने इस ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कार्यालय को भी टैग किया। उन्होंने हिन्दुओं के लिए बराबर के अधिकार की माँग रखी।

बस यही बात गौहर खान को चुभ गई। उन्होंने इसका जवाब देते हुए लिख डाला, “हे लूजर! मैं एक मुस्लिम हूँ और कोई भी मुझे मेरे अधिकारों के इस्तेमाल से वंचित नहीं कर सकता है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। ये लोकतांत्रिक है, तानाशाही नहीं है – जैसा कि तुम चाहती हो। इसीलिए, तुम अमेरिका में सुविधा की ज़िंदगी जीती रहो और मेरे देश में घृणा फैलाना बंद करो।” गौहर खान से लोगों ने पूछा कि अपने समुदाय के लिए विशेष अधिकार कब से ‘सेक्युलरिज्म’ के अंतर्गत आ गया?

बता दें कि कभी ‘एक हजारों में मेरी बहना है (2011-13)’ और ‘बेहद (2016-17)’ फेम अभिनेता कुशल टंडन के साथ गौहर खान का रिलेशनशिप था, लेकिन खुद टंडन ने स्वीकार किया था कि गौहर खान से उनके धर्म को लेकर हमेशा उनसे झगड़ा होता था। गौहर खान चाहती थीं कि कुशल धर्मांतरित होकर मुस्लिम बन जाएँ। लेकिन, उनके इस्लाम न अपनाने के कारण ये रिश्ता टूट गया। ये दोनों 2013 में ‘बिग बॉस 7’ में करीब आए थे। लेकिन, गौहर खान की कट्टरवादी इस्लामी सोच के कारण इनका ब्रेकअप हो गया।

39 वर्षीय गौहर खान के बारे में बता दें कि उन्होंने बतौर मॉडल अपना करियर शुरू किया था और 2002 में ‘फेमिना मिस इंडिया’ में भागीदारी से चर्चा में आई थीं। उन्होंने 2009 में YRF की फिल्म ‘रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर’ से अपने करियर की शुरुआत की थी और हाल ही में ’14 फेरे (2021)’ में दिखी थीं। उन्होंने ‘इश्कजादे (2012)’ और ‘बेगम जान (2017)’ जैसी फिल्मों के साथ-साथ ‘तांडव’ वेब सीरीज में भी काम किया है। उन्होंने दिसंबर 2020 में संगीतकार इस्माइल दरबार के बेटे जैद से निकाह किया।