उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में हर मीडिया संस्थान के रिपोर्टर ग्राउंड पर जाकर आम जनता का मन टटोलकर बताने में लगे हैं कि कौन क्या चाहता है। इसी बीच आजतक की बुलेट रिपोर्टर चित्रा त्रिपाठी ने जौनपुर से एक बुजुर्ग की वीडियो शेयर की है। इस वीडियो में बुजुर्ग देश के पीएम के लिए बात करते-करते बार-बार भावुक हो रहे हैं। उनका कहना है कि आज तक देश में इतना ईमानदार प्रधानमंत्री कभी नहीं चुना गया।
चित्रा त्रिपाठी से बात करते हुए बुजुर्ग अपना नाम गोपाल सिंह बताते हैं और कहते हैं कि वो चरवाही का काम करते हैं। ये पूछे जाने पर कि पीएम मोदी कैसा काम करते हैं, बुजुर्ग ने कहा, “देश के पीएम, नेहरू के समय से, पहले ऐसे पीएम आए हैं जो इतने ईमानदार और योग्य हैं।” उनसे जब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो जिस संप्रदाय से होता है वो अपने धर्म के लिए करता ही है।
चित्रा त्रिपाठी पूछती हैं कि जब मोदी जीते थे तो क्या सच में गोपाल सिंह ने मिठाई बाँटी थी। इस पर वह कहते हैं, “हाँ, 500 रुपए का लड्डू मैंने बाँटा था, गोबर उठाने वाला व्यक्ति हूँ। इसलिए कि भावनात्मक लगाव है मेरा पीएम से। इसलिए कि वो इतने बड़े पद पर हैं और ईमानदार व योग्य हैं।”
गोबर उठाने का काम करते हैं. मोदी @narendramodi जी के फ़ैन हैं. जितनी बार उनका नाम लो इनकी आँखें भर आती हैं.
जब उनसे पूछा गया कि क्या मोदी ने उनके लिए अच्छा काम किया है। इस सवाल पर वे भावुक होकर पूछते हैं, “हमने देश के लिए क्या किया है। जब हम नहीं किए तो निजी स्वार्थ के लिए कुछ नहीं कह सकते।”
वो कहते हैं कि जो लगाव नरेंद्र मोदी से है वही लगाव अब मुख्यमंत्री योगी से हो गया है। उनको 400 सीट आएगी। वो भावी प्रधानमंत्री बनेंगे। गोपाल कहते हैं कि उन्हें आज तक फ्री में राशन नहीं मिला। लेकिन इसके लिए भी वो पीएम या सीएम को दोष नहीं देते हैं। वो कहते हैं माफिया हर जगह हैं।
उनके अनुसार पाँच यूनिट में से उन्हें राशन सिर्फ 2 यूनिट ही मिलता है। फ्री वाले राशन से तो उनका नाम ही गायब है। उन्होंने कई बार कहा मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारी ने उनका नाम दर्ज नहीं किया। नाम काट दिया। वह बताते हैं कि वो महीने में 5-6 हजार कमाते थे। हालाँकि अभी उनकी कमाई 2 हजार हो रखी है।
लोग इस वीडियो को देखने के बाद अचंभे में हैं और बुजुर्ग के विश्वास को देख उनकी तारीफ में जुटे हैं। कोई कह रहा है पीएम मोदी को उनसे बात करनी चाहिए तो कोई कह रहा है कि देश की जनता के इसी विश्वास ने पीएम मोदी को जिताया है।
मालेगाँव ब्लास्ट में एक गवाह के पलटने के बाद कॉन्ग्रेस घिरती नजर आ रही है। RSS नेता इंद्रेश कुमार ने भगवा को आतंकवाद से जोड़ने के लिए कॉन्ग्रेस से माफी माँगने को कहा है। गवाह ने बताया था कि 2008 के इस ब्लास्ट में उत्तर प्रदेश के मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ समेत RSS के 4 नेताओं का नाम लेने को उसे मजबूर किया गया था।
इंद्रेश कुमार ने तत्कालीन संयुक्त प्रगितशील गठबंधन (UPA) सरकार पर भगवा के खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने ‘भगवा’ के खिलाफ साजिश रची। इसे आतंकवाद से जोड़ा। धार्मिक नेताओं को बदनाम करने और लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एजेंसी का दुरुपयोग करने का प्रयास किया। लेकिन वे बुरी तरह विफल रहे।”
Congress-led UPA (during 2008 Malegaon blast) conspired against ‘bhagwa’ (saffron)…linked it with terrorism. They attempted to misuse (probe) agency officers to arrest people so as to defame religious leaders, but failed miserably: RSS leader Indresh Kumar (28.12) https://t.co/iEkJLKpx67pic.twitter.com/VuZD1mxnaC
उन्होंने कहा है कि इतनी बड़ी साजिश करने के लिए यूपीए को योगी आदित्यनाथ से माफी माँगनी चाहिए। कुमार ने कहा कि भगवा आतंकवाद कॉन्ग्रेस की गंदी राजनीति का हिस्सा था। कॉन्ग्रेस ने हिंदू आतंकवाद की थ्योरी को सत्य सिद्ध करने की साजिश रची, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाई।
गौरतलब है कि साल 2008 में महाराष्ट्र के मालेगाँव बम विस्फोट मामले में एक गवाह ने एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) पर प्रताड़ित करने और इस मामले में कुछ लोगों को फँसाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया था। गवाह ने मंगलवार (28 दिसंबर 2021) को विशेष NIA अदालत को बताया कि मामले की जाँच कर रही ATS ने उसे बहुत प्रताड़ित किया था।
गवाह ने कोर्ट को बताया कि ATS ने उसे भाजपा के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के अलावा RSS के इंद्रेश कुमार, देवधर, काकाजी और स्वामी असीमानंद का नाम लेने के लिए मजबूर किया था। हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब ATS की समक्ष बयान देने वाले गवाह अपने बयान से मुकरे हैं। इस नए गवाह को मिलाकर अब तक करीब 15 गवाहों ने अपने बयान बदले हैं।
उल्लेखनीय है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगाँव में हुए बम ब्लास्ट के मामले में महाराष्ट्र ATS ने बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित, समीर कुलकर्णी, अजय राहिलकर, रमेश उपाध्याय, सुधाकर द्विवेदी एवं सुधाकर चतुर्वेदी को आरोपी बनाया था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की बागडोर जल्द नई पीढ़ी के हाथ में हो सकती है। इसके संकेत खुद रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने मंगलवार (28 दिसंबर 2021) को दिए। उनका कहना है कि वह वरिष्ठ सहयोगियों के साथ मिलकर युवा पीढ़ी को बागडोर सौंपने की प्रक्रिया में तेजी लाना चाहते हैं। 64 साल के हो चुके मुकेश अंबानी ने अपने पिता धीरूभाई की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तराधिकार सौंपने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा, “बड़े सपनों और नामुमकिन नजर आने वाले लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सही लोगों को जोड़ना और सही नेतृत्व होना जरूरी है। रिलायंस अब एक महत्वपूर्ण नेतृत्व बदलाव को अंजाम देने की प्रक्रिया में हैं। यह बदलाव मेरी पीढ़ी के वरिष्ठों से नए लोगों की अगली पीढ़ी को होगा।” साथ ही उन्होंने आने वाले समय में रिलायंस के दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित एवं मजबूत कंपनियों में शामिल होने की बात कही। अंबानी ने अपने संबोधन में कहा, “सभी वरिष्ठों को अब रिलायंस में बेहद काबिल, प्रतिबद्ध एवं प्रतिभाशाली युवा नेतृत्व को विकसित करना चाहिए। हमें उनका मार्गदर्शन करना चाहिए, उन्हें सक्षम बनाना चाहिए और प्रोत्साहित करना चाहिए और जब वे हमसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दें तो हमें आराम से बैठकर तालियाँ बजानी चाहिए।”
मुकेश अंबानी के इस बयान के बाद कयास लगने शुरू हो गए हैं कि रिलायंस का नेतृत्व किसे मिलेगा? ईशा, आकाश और अनंत में से किसके हाथों में जिम्मेदारी होगी?
इससे पहले खबर आई थी कि मुकेश अंबानी संपत्ति और कारोबार को बच्चों के बीच कैसे बाँटा जाए, इसको लेकर दुनिया भर के तमाम फॉर्मूलों का अध्ययन कर रहे हैं। इसमें कहा गया था कि मुकेश अंबानी नहीं चाहते कि उनके पिता धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद जिस तरह से उनके और अनिल अंबानी में कारोबार के बँटवारे को लेकर विवाद हुआ था, उसी अनुभव से उनके बच्चे भी गुजरे।
इस दौरान कई मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि उन्हें वॉलमार्ट नामक कंपनी का संचालन करने वाली वॉल्टन परिवार का फॉर्मूला ज्यादा पसंद आया था। इसके साथ ही यह भी कहा गया था कि मुकेश अंबानी अपने परिवार की संपत्तियों को एक ट्रस्ट की तरह संस्था बना कर संचालन का दायित्व देने की योजना पर काम कर रहे हैं, जो रिलायंस ग्रुप का भी प्रबंधन करेगी। हालाँकि यह सब बातें सूत्रों के हवाले से कही गई थी। अब मुकेश अंबानी ने खुद रिलायंस इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में बदलाव की तरफ इशारा किया है।
साल 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी वादे पर वादे करने में लगी है। इसी क्रम में उन्होंने यूपी की जनता को एक अजीबोगरीब आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सपा सरकार आने के बाद कोई व्यक्ति सांड से टकरा कर मरा तो उसके परिजनों को उनकी सरकार 5 लाख रुपए का मुआवजा देगी।
अखिलेश यादव के इसी वादे को समाजवादी पार्टी ने ’22 में बाइसाइकिल’ अभियान के साथ पोस्टर में सजाया और ट्विटर पर शेयर किया। अब इस ट्वीट पर मजेदार प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं। कोई इसे ‘सपा का मास्टरस्ट्रोक’ बता रहा है। तो कोई कह रहा है पढ़ाई-लिखाई सब नाम की है। लोगों की जिंदगी की आखिरी मकसद सांड के साथ लड़कर मरना ही है।
द स्किन डॉक्टर लिखते हैं, “अद्भुत। मेरी बचपन से ही प्रबल इच्छा थी कि सांड से लड़ूँ क्योंकि इसके अलावा जीवन में और करने को है भी क्या! किंतु डरता था कि कहीं कुछ मृत्यु हुई तो मेरे बाद परिवार का क्या होगा। इस घोषणा से अखिलेश भैया ने मेरी दुविधा दूर कर दी है। सपा सरकार आते ही मेरी सांड से भिड़ंत निश्चित है।”
अद्भुत। मेरी बचपन से ही प्रबल इच्छा थी कि सांड से लड़ूं क्योंकि इसके अलावा जीवन में और करने को है भी क्या! किंतु डरता था कि कहीं कुछ मृत्यु हुई तो मेरे बाद परिवार का क्या होगा। इस घोषणा से अखिलेश भैय्या ने मेरी दुविधा दूर कर दी है। सपा सरकार आते ही मेरी सांड से भिड़ंत निश्चित है।
कुछ लोग एक सांड की तस्वीर शेयर कर रहे हैं जिसमें वो अखिलेश यादव की पार्टी का पोस्टर दीवार से फाड़ रहा है। इस तस्वीर पर लोगों का कहना है कि सांड को भी अखिलेश यादव का फैसला पसंद नहीं आ रहा।
एक ट्विटर यूजर ने सपा पर तंज कसा और कहा, “इनकी सरकार में गाय ही नहीं बचेगी कसाइयों से तो सांड भी नहीं रहेगा। लेते रहना मुआवजा। क्या अखंड बुद्धिमान व्यक्ति हैं और इसे वोट देने वाला।”
क्योकि गाय ही नही बचेगी कसाईयो द्वारा इसकी सरकार में तो सांड भी नही रहेगा।। लेते रहना मुआवज़ा।। क्या अखण्ड बुद्धिमान व्यक्ति हैं और इसको वोट देने वाले।। https://t.co/A8oZDzr8ef
वहीं कुछ लोग इस ट्वीट को एडिट करके मीम बना रहे हैं। कोई ऐसे मुआवजे को ब्रेकअप से जोड़ रहा है तो कोई संजय सिंह से। एक ने तस्वीर एडिट करके मीम बनाया, “प्यार में धोखा खाए लोगों को 5 लाख रुपए देगी सपा सरकार।”
कुछ यूजर्स सपा द्वारा सांड का नाम लेने पर AAP नेता संजय सिंह की तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। एक ने कहा कि क्या ‘सांड से मतलब संजय सिंह से है।’ एक ने संजय सिंह की फोटो शेयर की और ब्रेकिंग बताकर लिखा, “समाजवादी पार्टी के सांड से लड़कर मौत होने पर मुआवजा वाली योजना पर भड़के संजय सिंह। कहा, IPC की धारा के तहत दर्ज कराएँगे मानहानि का मुकदमा।”
Breaking:– समाजवादी पार्टी के सांड से लड़कर मौत होने पर मुआवजा वाली योजना पर भड़के संजय सिंह। कहा, IPC की धारा केजरीवाल MC के तहत दर्ज करायेंगे मानहानि का मुकदमा। pic.twitter.com/n1PggUAHJM
बता दें कि कल उन्नाव में सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी ओर से बड़ी घोषणाएँ की थी। उन्होंने कहा था साइकिल से चलने वालों की एक्सीडेंट में मौत हुई या, सांड से लड़ कर दुर्घटना में मौत हुई तो उनकी सपा 5 लाख रुपए का मुआवजा देगी। अखिलेश यादव ने इस रैली में ये भी वादा किया कि सपा सरकार बनी तो गंगा पार करके कानपुर से उन्नाव तक मेट्रो बनेगी। इसके अलावा उन्होंने बीजेपी के ख़िलाफ़ जनता को भड़काया और कहा कि अगर बीजेपी दोबारा सत्ता में आ गई तो वह इस संविधान को भी खत्म कर देगी, संविधान बचेगा नहीं।
साल 2021 जाने को है। बात चाहे राजनीति गलियारों की हो या फिर मनोरंजन की दुनिया की… ऐसी तमाम चीजें घटित हुईं जिनके कारण यह साल याद रखा जाएगा। साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह सिंह राजपूत की मौत के बाद जो ड्रग्स का दलदल सामने आया था, इस साल बॉलीवुड उसमें और ज्यादा धँस गया। इस्लामी कट्टरपंथ की खबरों के बीच मौलाना के वे वीडियो भी वायरल हुए जिनमें हूरों की व्याख्या की गई थी। नीरज चोपड़ा का भाला तो खैर स्वर्णिम था ही। ऐसे में ऑपइंडिया भी उन खबरों को आपके साथ साझा कर रहा है जो इस वर्ष वायरल हुईं।
आइए ये खबरें संक्षिप्त में एक बार आपको दोबारा रिवाइंड कराते हैं।
मनोरंजन नगरी में किसी बड़े चेहरे की चर्चा हो या न हो, लेकिन करीना और सैफ अली खान के बेटे तैमूर की चर्चा हमेशा रहती है। हालाँकि, इस साल तैमूर का भगवान गणेश के आगे माथा टेकना कट्टरपंथियों को नाराज कर गया। 10 सितंबर को जब तैमूर ने अपने माता-पिता के साथ गणेश भगवान को नमन किया और करीना कपूर खान ने बाद में इसकी फोटो इंस्टा पर शेयर की, तो कट्टरपंथी बिदके दिखाई दिए। उन्होंने तैमूर की माँ करीना और पिता सैफ के लिए लाख लानतें भेजीं थीं।
साल 2021 में पाकिस्तान के साथ कुछ हास्यास्पद घटनाएँ भी हुईं। मसलन इस साल नवंबर के महीने में पाकिस्तान की क्रिकेट टीम और बांग्लादेश टीम के बीच टी-20 सीरीज हुई। इस सीरीज को जीता पाकिस्तान ने, मगर बांग्लादेश के क्रिकेट बोर्ड ने ट्रॉफी देने से मदद कर दिया। जब सवाल हुए तो बोर्ड के अध्यक्ष की अनुपस्थिति का हवाला देकर पाकिस्तान को तसल्ली दे दी गई।
वैसे तो साल 2021 में कई मजहबी ठेकेदारों ने समय-समय पर इस्लाम के फायदे गिनाने की कोशिश की मगर, जो सबसे विस्तृत और विवादित जानकारी इस वर्ष सुनने में आई वो मौलाना ईपी अबबूकर द्वारा दी गई थी। मलयाली में भाषण देते हुए इस मौलानाा ने बताया था कि आखिर मुस्लिम को जन्नत में क्या मिलता है। इस सूची में उसने बड़े-बड़े स्तन वाली महिलाओं को भी रखा हुआ था।
मौलाना ईपी अबूबकर कासमी ने समझाया कैसी होती है हूर (फाइल फोटो)
मौलवी ने कहा था, “अगर जन्नत में जाने वाले किसी मुस्लिम को बड़े-बड़े स्तनों वाली महिलाओं की ज़रूरत होगी, तो अल्लाह उन्हें उनकी पसंद के हूर देते हैं। जन्नत में अल्लाह ने शराब की एक नदी बना रखी है, जिसमें वहाँ रहने वालों को तैरने की पूरी अनुमति है। वहाँ पर शराब पीने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, क्योंकि अल्लाह ने ही शराब की नदी का निर्माण किया है।”
इस वर्ष अक्षय कुमार की एक फिल्म सूर्यवंशी रिलीज हुई थी जिसे देख वामपंथी भड़के दिखाई दिए। कारण था कि फिल्म में निर्देशक ने एक नेगेटिव कैरेक्टर में मुसलमान को दिखा दिया। जब यही वामपंथी मीडिया अपने सवालों को लेकर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के पास पहुँचा और उनका इंटरव्यू लिया तो फिल्म निर्देक ने द क्विंट की पत्रकार को जमकर सुनाया। शेट्टी ने पूछा कि आखिर जब उन्होंने फिल्म हिंदू खलनायकों को दिखाया तो उस पर आपत्ति क्यों नहीं जाहिर की गई। उन्होंने द क्विंट की पत्रकार अबीरा धर से पूछा था, “अगर मैं आपसे एक सवाल पूछूँ… जयकांत शिकरे (सिंघम में) एक हिंदू मराठी थे। फिर दूसरी फिल्म आई, जिसमें एक हिंदू बाबा थे। फिर सिम्बा में दुर्वा रानाडे फिर से महाराष्ट्रियन थे। इन तीनों में नेगेटिव किरदार में हिंदू थे, तो फिर यह कोई समस्या क्यों नहीं है?”
रोहित शेट्टी ने क्विंट की पत्रकार को दिया करारा जवाब
नीरज चोपड़ा द्वारा टोक्यो ओलंपिक्स में गोल्ड जीतने के बाद जो ख्याति उन्हें विश्व भर में मिली, उसे देख भारतीय अब भी अभिभूत हैं। हालाँकि, इस ख्याति के बीच उनके द्वारा किए गए कुछ पुराने ट्वीट ने देश के लिबरलों को कैसे तंग किया और कैसे कई जगह मोदी समर्थक होने के कारण उन पर बातें हुईं, इस पर ऑपइंडिया में प्रकाशित एक तंज को भी पाठकों से इस वर्ष भर-भर के प्यार मिला। ये आर्टिकल मुख्यत: ऐसे वामपंथियों पर था जिन्हें नीरज के मोदी समर्थक होने से समस्या थी और जो पुराने ट्वीट देख समझ नहीं पा रहे थे कि वो स्वर्ण विजेता नीरज चोपड़ा की आलोचना करें तो कैसे करें।
सिखों और हिंदुओं के इतिहास की बात करते हुए इस वर्ष ऑपइंडिया पर आपको कुछ लेख पढ़ने को मिले, जिन्हें पाठकों ने काफीं पसंद किया। इसी क्रम में एक लेख में आपको बताया गया था कि गुरु गोबिंद सिंह ने कभी औरंगजेब की प्रशंसा भी की थी और साथ ही साथ खुद को मूर्तिभंजक भी कहा था और हिंदू पहाड़ी राजाओं से युद्ध करके उन्हें खासा नुकसान भी पहुँचाया था। ये सारा इतिहास किताबों में मौजूद था जिसे लेख की शक्ल में ऑपइंडिया पर लाया गया और ऑपइंडिया के पाठकों ने इसे खूब पढ़ा।
गुरु गोविंद सिंह ने खुद को क्यों बताया था ‘मूर्तिभंजक’? (फोटो साभार: SikhNet)
2021 में एक ओटीटी शो जिसकी सोशल मीडिया पर खासी चर्चा हुई उसमें नेटफ्लिक्स सीरीज़ Decoupled भी है। दरअसल इस सीरीज की एक क्लिप कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई। इसमें आर माधवन, आर्य अय्यर की भूमिका में हैं। जो एक सफल उपन्यास लेखक हैं लेकिन एयरपोर्ट पर उनकी पीठ में दर्द होता है। वो स्ट्रेचिंग के लिए जगह तलाशते हैं और इसी दौरान एक प्रेयर रूम में चले जाते हैं। जब माधवन अपनी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज शुरू करते हैं, तो वहाँ नमाज पढ़ने वाला शख्स चिढ़ जाता है और आपत्ति जाहिर करता है। इसके बाद अय्यर स्ट्रेचिंग करते हुए गायत्री मंत्र पढ़ने लगता है जिसके बाद व्यक्ति कुछ नहीं बोल पाता।
‘Decoupled’ नाम की आर माधवन की नई वेब सीरीज ‘नेटफ्लिक्स’ पर हाल ही में रिलीज हुई है
इस वर्ष कुछ सकारात्मक खबरों ने भी पाठकों के मन में काफी जगह बनाए रखी। उदाहरण के लिए आपको शायद याद हो मुंबई के करीब वन्गनी रेलवे स्टेशन पर एक बच्चा पटरी पर गिर गया था, तब सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीजन में बतौर प्वाइंट्समैन कार्यरत मयूर शेलके ने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए ट्रेन के सामने से उसे बचाया था और जब इस बहादुरी के लिए पुरस्कृत किया गया तो उन्होंने उस रकम को भी उस बच्चे को आधा दे दिया जिसकी उन्होंने जान बचाई थी। इस खबर को सुन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उनकी खूब तारीफ की थी।
रेलवे के पॉइंट्समैन मयूर शेलके की बहादुरी के सब हुए कायल
वर्तमान में कई मीडियाकर्मी खुद को निष्पक्ष दिखाते दिखाते कुछ ऐसे सवाल कर देते हैं जिनके कारण उनका हर जगह मखौल उड़ता है। ये सवाल अगर किसी राजनैतिक हस्ती से हों, तो चर्चा होना लाजिमी है। इस वर्ष बंगाल चुनावों के समय भी कुछ यही हुआ है। एक पत्रकार हैं साक्षी जोशी, जिन्होंने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से सवाल पूछा था कि आखिर ममता बनर्जी एक से दूसरी जगह प्रचार करने जाती हैं और बिन रुके वो स्टेज पर बोलती हैं, तो आखिर वो शौचालय कब जाती हैं। दिलचस्प बात ये है कि ये ऑडियो चैट कोई पर्सनल नहीं की जा रही थी बल्कि इसमें साक्षी के अलावा आरफा खानम, रोहिणी सिंह, स्वाति चतुर्वेदी जैसे लुटियन पत्रकारों का पूरा समूह था जहाँ पत्रकार साक्षी जोशी, ममता बनर्जी के कंट्रोल करने की क्षमता पर आश्चर्य जता रही थीं।
मध्य प्रदेश की आदिवासी चित्रकार भूरी देवी को ‘भारत भवन’ के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने की खबर भी हमारे पाठकों को काफी पसंद आई। दरअसल, उनकी कहानी में दिलचस्प ये था कि जब भारत भवन का निर्माण शुरू हुआ था, तब वो 6 रुपए प्रतिदिन की दिहाड़ी पर बतौर मजदूर वहाँ काम करती थीं। उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि इसी ‘भारत भवन’ में वो मुख्य अतिथि बनेंगी। बता दें कि भूरी भाई को पद्मश्री से सम्मानित होने के बाद ये अवसर मिला था। वहीं पुरस्कार की बात करें तो उन्हें पिथोरा पेंटिंग के जरिए जनजातीय परंपराओं को जीवित रखने कि लिए ये सम्मान मिला था।
भूरीबाई को मोदी सरकार ने पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा है (फोटो साभार: पत्रिका)
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ की महारानी पद्मिनी से जुड़े आपत्तिजनक तथ्यों को दिखाने पर अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार विवादों में आ गई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए इसे हिंदुओं के स्वाभिमान पर चोट बताया है। उन्होंने कहा कि महारानी पद्मिनी राजस्थान की आन, बान और शान हैं और मरुधरा की महानता की तिलक हैं।
राज्य सरकार ने 5 करोड़ रुपए की लागत से 3D लाइट एंड साउंड शो (3D Light & Sound Show) को चितौड़गढ़ किले में लगवा था, जिसका वर्चुअल लोकार्पण केंद्रीय मंत्री अर्जुनलाल मेघवाल और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार (27 दिसंबर) को किया था। इसके बाद चित्तौड़गढ़ के सांसद चंद्रप्रकाश जोशी (सीपी जोशी) ने आपत्ति जताते हुए इसे रुकवा दिया। इसको लेकर क्षत्रिय समाज के लोगों की एक बैठक भी हुई है।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने ट्विटर पर कई थ्रेड में लिखा, “पूज्य रानी पद्मावती का जौहर हमारे माथे पर मरुधरा की महानता का तिलक है। हम उन पर देवतुल्य माता की भाँति आस्था रखते हैं। उनकी पवित्रता से खिलवाड़ हमारी मातृभूमि की अवज्ञा है। कॉन्ग्रेस नतीजे भुगतने को तैयार रहे।”
पूज्य रानी पद्मावती का जौहर हमारे माथे पर मरुधरा की महानता का तिलक है। हम उन पर देवतुल्य माता की भांति आस्था रखते हैं।
उनकी पवित्रता से खिलवाड़ हमारी मातृभूमि की अवज्ञा है। कांग्रेस नतीजा भुगतने को तैयार रहे। /8#Rajasthan
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने आगे लिखा, “चित्तौड़गढ़ में लाइट एंड साउंड शो में राजस्थान की आन, बान और शान पूज्य रानी पद्मावती जी से जुड़े गल्प को ऐतिहासिक कथा के रूप में दिखाया जाना जन-स्वाभिमान पर चोट है। यह जगविदित है कि पूज्य रानी पद्मावती जी राजस्थान की अस्मिता के लिए क्या मायने रखती हैं। तुष्टिकरण की नीयत से यह चित्रण जान-बूझकर किया गया। गल्प को सत्य बताने की मंशा से।”
अगले थ्रेड में केंद्रीय मंत्री ने लिखा, “पूज्य रानी पद्मावती जी के जरिए राजपूती मान पर प्रहार करना इसी षड्यंत्र का हिस्सा है। कॉन्ग्रेस हिंदुओं में हीनभावना भरना चाहती है क्योंकि उसे हिंदुओं की एकजुटता से खतरा महसूस होता है। कॉन्ग्रेस शासन आने के बाद राजस्थान में लगातार हिंदू समुदाय से दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है। हिंदू और हिंदुत्व में अंतर करते व्याख्यान गढ़े जा रहे हैं। उनमें फूट डालने की कोशिश की जा रही है।”
पूज्य रानी पद्मावती जी के जरिए राजपूती मान पर प्रहार करना इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।
कांग्रेस हिंदुओं में हीनभावना भरना चाहती है क्योंकि उसे हिंदुओं की एकजुटता से खतरा महसूस होता है। /5#Rajasthan
राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले को ऐसे ही रफा-दफा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाइट एंड साउंड शो के बहाने कॉन्ग्रेस अपनी चाल चल दी है। उसे अब मूल विषय से ध्यान हटाकर एक नया प्रोपेगेंडा खड़ा करना है। इस शो के आपत्तिजनक तथ्यों को लेकर राजपूत समाज ने भी विरोध जताया है।
मैं इस कांग्रेसी कृत्य की न केवल भर्त्सना करता हूं बल्कि राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी भी देता हूं कि यह प्रकरण उसकी योजना अनुसार आग लगाकर तमाशा देखने की तर्ज पर रफा-दफा नहीं होने दिए जाएगा। /7#Rajasthan
दरअसल, राजपूताने के इतिहास से जुड़ा चित्तौड़गढ़ दुर्ग में आने वाले पर्यटकों के लिए दुर्ग के कुंभा महल में इस लाइट का शो का आयोजन राजस्थान के पर्यटन विभाग की ओर से शुरू कि गया था। हालाँकि, 45 मिनट के इस शो के 16वें मिनट में आपत्ति जाहिर करते हुए स्थानीय सांसद सीपी जोशी ने इसे रुकवा दिया और विवादित हिस्से को हटाकर इसे चलाने की बात कही।
इस में महारानी पद्मिनी को अलाउद्दीन खिलजी द्वारा शीशे में देखने की बात का जिक्र किया गया है। इस तथ्य को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। इसी बात को लेकर पद्मावत फिल्म पर भी विवाद हो चुका है। बाद फिल्म के नाम को पद्मावती से बदलकर पद्मावत कर दिया गया था।
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू को बड़ा झटका लगा है। सिद्धू, जो 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए खुद को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार मान रहे थे उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है, क्योंकि पार्टी आलाकमान ने पंजाब में सीएम चेहरा घोषित नहीं करने का फैसला किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉन्ग्रेस आलाकमान ने पंजाब इकाई को अपनी रणनीति से अवगत कराते हुए कहा है कि विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा, ताकि पंजाब में सभी धर्मों और जाति के मतदाताओं के बीच अपनी पैठ स्थापित की जा सके। पार्टी आलाकमान ने यह भी कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को जाट नेता, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को दलित चेहरे और सुनील जाखड़ को हिंदू चेहरे के रूप में चुनावी मैदान में उतारा जाएगा।
नवजोत सिंह सिद्धू, जिन्होंने चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर आपत्ति व्यक्त की थी, वे पिछले कई दिनों से 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए खुद को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश कर रहे हैं। सिद्धू आमतौर पर अपने सार्वजनिक संबोधन की शुरुआत यह कहकर करते हैं, “मैंने यह किया और मैं यह करूँगा।” इसको लेकर कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि वह हम की जगह मैं का प्रयोग करते हैं। उनके भाषणों में टीम भावना नहीं दिखाई देती है।
उन्होंने कहा, “सिद्धू ने खुले तौर पर अश्वनी शेखादी को सुल्तानपुर लोधी और नवतेज चीमा को बटाला में पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। जब इस तरह से टिकटों का बँटवारा होगा, तो चुनाव समितियों की घोषणा करने का क्या मतलब है?”
इसी तरह सिद्धू ने कादियान से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में फतेह जंग बाजवा को भी नामित किया। लेकिन बाजवा मंगलवार (28 दिसंबर 2021) को नई दिल्ली में कॉन्ग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। कॉन्ग्रेस आलाकमान के करीबी सूत्रों के मुताबिक, पंजाब इकाई में अंदरूनी कलह के चलते मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करने का फैसला किया गया।
‘बचपन का प्यार’ फेम और सोशल मीडिया सेंसेशन बन चुके 14 वर्षीय सहदेव दिरदो एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हैं। वो आदिवासी समाज से आते हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार उनके इलाज में हर संभव मदद करेगी। उन्हें एक गाने ‘बचपन का प्यार मेरा भूल नहीं जाना रे’ से सोशल मीडिया पर पहचान मिली थी, जिसके बाद रैपर बादशाह ने भी उन्हें बुलाया था। इसके बाद कई टीवी शो में भी उन्हें सम्मानित किया गया।
In touch with Sahdev’s family and friends. He is unconscious, on his way to hospital. Im there for him. Need your prayers ?
सहदेव दिरदो के सिर में गंभीर जख्म हुए हैं। सुकमा के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। हालाँकि, अब उन्हें जगदलपुर के मेडिकल कॉलेज में रेफेर कर दिया गया है और वहीं उनका इलाज हो रहा है। वो अपने परिवार के सदस्यों के साथ सुकमा जा रहे थे। इस दौरान बाइक का नियंत्रण खो गया और वो क्रैश हो गई। सुकमा में फर्स्ट एड दिए जाने के बाद उन्हें जगदलपुर रेफेर किया गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्हें एम्बुलेंस में डाला जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने दफ्तर के माध्यम से बयान जारी किया, जिसमें लिखा है, “मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सहदेव दिरदो की दुर्घटना की खबर पर दुःख जताते हुए सुकमा जिले के कलेक्टर विनीत नंदनवार को त्वरित रूप से सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।” सीएम ने कलक्टर से फोन पर बात की। रैपर बादशाह ने बताया है कि वो परिवार से संपर्क में हैं उन्होंने बताया कि सहदेव दिरदो बेहोश हैं। उन्होंने कहा कि वो उनके लिए हमेशा खड़े हैं।
मुख्यमंत्री श्री @bhupeshbaghel ने सहदेव दिरदो की दुर्घटना की खबर पर दुःख जताते हुए कलेक्टर श्री विनीत नंदनवार @SukmaDist को त्वरित रूप से सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
सहदेव दिरदो क्रिकेटर बनने की तमन्ना रखते हैं और विराट कोहली उनके पसंदीदा खिलाड़ी हैं। एसपी सुनील शर्मा और कलेक्टर विनीत नंदनवार ने अस्पताल पहुँच कर उनका हालचाल जाना है। ये घटना मंगलवार (28 दिसंबर, 2021) शाम 5 बजे की है। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उन्हें सिर में चार टाँके लगे हैं। सड़क पर गिट्टी और रेत के कारण बाइक अनियंत्रित हुई। वो पेंदलनार के रहने वाले हैं। स्कूल में 26 जनवरी की तैयारी के दौरान उनका गाया गाना वायरल हुआ था।
बिहार के बाँका में लव जिहाद की घटना को अंजाम देते हुए सुलेमान खान ने गुड्डू बनकर एक नाबालिग लड़की को ना सिर्फ झाँसे लिया, बल्कि उसे घर भागने के लिए भी मजबूर कर दिया। उसके बाद सुलेमान खान ने नाबालिग से शादी कर ली। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना बिहार के बांका जिले के बेलहर थाना अंतर्गत आने वाले एक गाँव की है। यहाँ की रहने वाली नाबालिग हिंदू लड़की को झारखंड के रहने वाले सुलेमान खान नाम के मुस्लिम युवक ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर गुड्डू नाम से अकाउंट बनाया था। करीब छह महीना पहले सुलेमान ने नाबालिग को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। नाबालिग सुलेमान को गुड्डू समझकर फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों के बीच चैटिंग होने लगी।
चैटिंग के दौरान ही सुलेमान अपनी बातों के जरिए जाल बुनकर उसमें लड़की को फँसाने लगा। लड़की भी धीरे-धीरे उसमें फँसती चली गई। इसके बाद लव जिहाद की हर घटना की इसमें भी सुलेमान ने लड़की को बताया कि वह उससे बहुत प्यार करता है। लड़की भी उसकी बातों में आ गई।
अतंत: सुलेमान ने नाबालिग को घर से भागकर झारखंड के देवघर के पास जसीडीह आने के लिए कहा। 24 दिसंबर को लड़की घर से भागकर बताए स्थान पर पहुँच गई। इसके बाद दोनों जसीडीह धनबाद के कोयला नगर चले गए। कोयला नगर में दोनों ने साईं मंदिर के बाहर शादी रचा ली। शनिवार (25 दिसंबर) को सुलेमान लड़की को लेकर अपने दोस्त के महावीर नगर पहुँच गया। खुद वहाँ से गायब हो गया।
इधर लड़की के घर से गायब होने के बाद चिंतित परिजनों ने शनिवार (25 दिसंबर) को थाने में शिकायत दी। शिकायत में लड़की के पिता ने कहा कि उसकी पुत्री बेलहर बाजार जाने के लिए घर से निकली थी। बेलहर बाजार में ही एक कपड़े की दुकान में कपड़े खरीदी, लेकिन लौटकर घर वापस नहीं आई। पिता ने बताया कि वह अपने साथ मोबाइल फोन भी ले गई है।
प्राथमिकी के बाद सूचना के आधार पर पुलिस ने उसके मोबाइल टावर का लोकेशन के आधार पर कार्रवाई शुरू की। उसके बाद पुलिस ने लड़की को धनबाद के सरायठेला अंतर्गत आने वाले कुसुम विहार के ब्लेसिंग एंड होप पिपराबेड़ा से बरामद कर लिया। पूछताछ में नाबालिग ने पुलिस को बताया कि सुलेमान उसे बेलहर से अपने साथ ले गया था तथा धनबाद में ही एक मकान में उसे रखा था। वहीं, सुलेमान को भी पुलिस ने दबोच लिया है। वह धनबाद के कुसुम विहार के पीपराबेड़ा का रहने वाला है और उसके अब्बा का नाम मोहम्मद अलाउद्दीन है।
गुजरात के अहमदाबाद से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। अहमदाबाद शहर के नारनपुरा इलाके की रहने वाली 18 साल की लड़की इंस्टाग्राम के जरिए पालनपुर के एक मुस्लिम युवक के संपर्क में आई। कुछ समय बाद दोनों में नजदीकियाँ बढ़ गईं। इसका फायदा उठाकर रियाज रफीक मेमन लड़की के साथ बलात्कार किया, फिर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इसके बाद जैसे ही लड़की 18 साल की पूरी हुई रियाज ने उसके साथ निकाह कर मौलवी की मौजूदगी में उसका धर्म परिवर्तन करा दिया।
दिव्य भास्कर गुजराती में प्रकाशित खबर के मुताबिक, युवक ने अपने हाथ पर ब्लेड मारकर, लड़की को इमोशनली ब्लैकमेल कर उससे न्यूड तस्वीरें माँगी थी। इसके बाद वह उसे ब्लैकमेल करने लगा। उसने लड़की से इसके बदले 10 लाख रुपए और असली दस्तावेज मँगवाए। यह घटना हिमालया मॉल स्थित हिमालया इन होटल की है। बाद में वह उसे वहाँ से राजस्थान ले गया। वहाँ उसने लड़की के साथ जबरन कोर्ट मैरिज कर उसे इस्लाम कबूल कराया। वस्त्रपुर पुलिस ने मामले से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन को ट्रेस कर दोनों को ढूँढ निकाला है। साथ ही उन 2 दोस्तों की भी तालाश कर रही है, जिन्होंने इन्हें भगाने में मदद की थी।
पुलिस ने बताया कि नारनपुरा इलाके में 18 साल की बच्ची अपने माता-पिता के साथ रहती है और कॉमर्स कॉलेज में पढ़ रही है। वर्ष 2019 में छात्रा नाबालिग थी, उस वक्त वह इंस्टाग्राम के जरिए पालनपुर के रियाज रफीक मेमन के संपर्क में आई थी। उसने उसे हिमालय मॉल में मिलने के लिए बुलाया गया और उसके साथ बलात्कार किया। इतना ही नहीं उसने लड़की से न्यूड तस्वीरें भी माँगी। लड़की के फोटो नहीं भेजने पर रियाज ने उसे अपने हाथों पर ब्लेड मारकर इमोशनल ब्लैकमेल किया। इससे डर कर लड़की ने उसे न्यूड फोटो भेज दी। इसके बाद वह उसे ब्लैकमेल करने लगा।
बता दें कि रफीक पुरानी गाड़ियों के लेन-देन का काम करता है। उसने कबीर खान के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, फिर चैटिंग करने लगा और निकाह होने तक यह बात छुपा कर रही कि वह पहले से ही शादीशुदा है।