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BJP ने गजेंद्र झा को पार्टी से किया निष्कासित, जीतन राम माँझी की जुबान काटने पर ₹11 लाख देने का किया था ऐलान

बीजेपी ने गजेंद्र झा (Gajendra Jha) को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम माँझी (Jitan ram manjhi) की जुबान काटने पर 11 लाख रुपए देने का ऐलान किया था। माँझी ब्राह्मणों और देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक बयान को लेकर विवादों में हैं। इसी को लेकर झा ने इस इनाम की घोषणा की थी। लेकिन उनकी अमर्यादित भाषा को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लेते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

बीजेपी ने झा से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण भी माँगा है। गजेंद्र झा के निलंबन का आदेश मधुबनी बीजेपी (BJP) के जिलाध्यक्ष शंकर झा ने जारी किया है। इसमें कहा गया है कि गजेंद्र झा की अमर्यादित बयानबाजी से पार्टी की छवि को नुकसान हुआ है। इसलिए तत्काल प्रभाव से उन्हें बाहर किया जाता है।

गजेंद्र झा पर हुई इस कार्रवाई का माँझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने स्वागत किया है। पार्टी प्रवक्ता दानिश रिजवान ने बीजेपी के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि अगर एनडीए में रहकर कोई भी कार्यकर्ता या नेता अपने वरिष्ठ नेता का इस तरह से अपमान करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

गजेंद्र झा का बयान

गजेंद्र झा बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य के साथ ही अंतरराष्ट्रीय हिंदू महासभा के महासचिव भी हैं। उन्होंने सोमवार (20 दिसंबर 2021) को कहा था, “मैं घोषणा करना चाहता हूँ अगर कोई ब्राह्मण जीतन राम माँझी की जीभ काटकर मेरे सामने लाता है तो मैं उसे 11 लाख रुपए का इनाम दूँगा। हालाँकि, जीतन राम माँझी की 11 पैसे की भी कीमत नहीं है।”

माँझी ने दी थी ब्राम्हणों को गाली

जीतन राम माँझी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने सत्यनारायण कथा को भला-बुरा कहते हुए ब्राह्मणों के लिए गालियों का प्रयोग किया था। उन्होंने कहा था कि हिंदू धर्म काफी खराब है। सत्यनारायण पूजा का नाम हमलोग नहीं जानते थे, लेकिन आजकल ‘%%ला’ हमारे टोले में हर जगह सत्यनारायण भगवान की पूजा होती है। माँझी ने आगे कहा था, “इतना भी शर्म-लाज नहीं लगता हमलोगों का कि पंडित ‘ह₹!मी’ आते हैं और कहते हैं कि हम खाना नहीं खाएँगे, हमें नकद दक्षिणा ही दे दीजिए।”

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद माँझी ने अपने बयान पर खेद भी जताया और कहा कि ‘ह₹!मी’ शब्द का इस्तेमाल उन्होंने अपने समुदाय के लिए किया था, न कि ब्राम्हणों के लिए। माँझी ने ये भी कहा कि अगर इससे किसी को आघात पहुँचा है तो वो इसके लिए माफी माँगते हैं।

हैदराबाद का नाम बदलकर ‘भाग्यनगर’ करने की माँग तेज, RSS ने जनवरी में बीजेपी के साथ बुलाई समन्वय बैठक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) का नाम बदलकर ‘भाग्यनगर’ (Bhagyanagar) करने की माँग तेज कर दी है। माना जा रहा है कि अगले साल 5 जनवरी से 7 जनवरी के बीच संघ और बीजेपी के बीच होने वाली समन्वय बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ बीजेपी के महासचिव बीएल संतोष समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल रहेंगे।

आरएसएस ने खुद इसकी जानकारी ट्विटर के जरिए दी है। खास बात यह रही है कि संघ ने अपने ट्वीट में हैदराबाद को भाग्यनगर के नाम से जिक्र किया है। संघ के ट्वीट में लिखा गया, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सम्बंधित समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्र में कार्यरत विविध संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की समन्वय बैठक अगले माह 5 से 7 जनवरी 2022 को भाग्यनगर (हैदराबाद), तेलंगाना में आयोजित हो रही है।”

हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर करने की माँग कोई नई नहीं है। इससे पहले भी समय-समय पर इसकी माँग उठती रही है। साल 2020 में हैदराबाद के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी हैदराबाद का नाम भाग्यनगर करने की माँग की थी। 29 नवंबर 2020 को हैदराबाद के मलकजगिरी क्षेत्र में भाषण देते हुए उन्होंने कहा था, “कुछ लोग मुझसे पूछ रहे थे कि क्या हैदराबाद का नाम बदल कर भाग्यनगर किया जा सकता है? मैंने कहा क्यों नहीं? मैंने उनसे कहा कि उत्तर प्रदेश में सत्ता हासिल करने के बाद जब हमने फैजाबाद का नाम अयोध्या किया और इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया तो भाग्यनगर के रूप में हैदराबाद का नाम क्यों नहीं बदला जा सकता है?”

इसके साथ ही सीएम योगी ने भाग्यनगर का मतलब भी समझाते कहा था कि इसका अर्थ विकास का प्रतीक होता है। यहीं नहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भी हैदराबाद शहर को भाग्यनगर करने की बात कही थी।

BJP कार्यालय पर धावा, दंगा और मारपीट: गुजरात में AAP के टॉप नेताओं को भेजा गया साबरमती जेल

गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं की जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्हें साबरमती जेल भेज दिया गया। यहाँ वे दो दिन न्यायिक हिरासत में रहे। जिसके बाद महिला आरोपितों को आज (22 दिसंबर 2021) दोपहर बाद सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा। 

बता दें कि AAP के 66 कार्यकर्ताओं को 19 धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया और गाँधीनगर की अदालत में पेश किया गया। इनमें से 9 आप कार्यकर्ताओं की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई और उन्हें साबरमती जेल भेज दिया गया।

AAP के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया, वरिष्ठ नेता इसुदान गढ़वी, राज्य महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष गौरी देसाई, युवा शाखा के नेता निखिल सवानी और दिल्ली के दो नेताओं प्रवीण राम और शिव कुमार को अहमदाबाद की साबरमती जेल भेजा गया। गढ़वी पर भाजपा महिला कार्यकर्ता ने उत्पीड़न और पूर्व संध्या पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि गाँधीनगर में भाजपा कार्यालय की घेराबंदी करने के बाद इसुदान गढ़वी, गोपाल इटालिया समेत कई लोगों ने नशे में उनके साथ गाली-गलौच और बदसलूकी की।

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हेड क्लर्क के कथित पेपर लीक के विरोध में सोमवार (21 दिसंबर 2021) को भाजपा कार्यालय पर हंगामा किया था। उन्होंने विरोध प्रदर्शन के लिए गाँधीनगर में भाजपा कार्यालय का घेराव किया था। वे भाजपा विरोधी नारे भी लगा रहे थे।

भाजपा कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में पहुँचे और दोनों गुट आपस में भिड़ गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। बीजेपी नेता श्रद्धा राजपूत ने आरोप लगाया था कि इसुदान गढ़वी ने शराब के नशे में बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें लाठियों से मारा। राजपूत ने आगे आरोप लगाया कि भीड़ तितर-बितर होने के बाद, गोपाल इटालिया और इसुदान गढ़वी दोनों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। श्रद्धा राजपूत ने इस बाबत शिकायत भी दर्ज कराई है।

‘अयोध्या में नॉर्थ कोरिया वाले किम जोंग उन ने भेजी आर्मी, कश्मीर में 200 सैनिक बने मुस्लिम’: जानिए पाकिस्तान की प्रोपेगेंडा फैक्ट्री में पकता क्या था

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कल (21 दिसंबर 2021) एक प्रेस रिलीज जारी करके जानकारी दी थी कि भारत सरकार ने भारत विरोधी प्रोपगेंडा फैलाने वाली 2 वेबसाइट और 20 यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। रिलीज के मुताबिक, इन साइट व चैनल पर मौजूद सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत थी और भारत के खिलाफ़ दुष्प्रचार कर रही थी, इसलिए सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के नियम 16 ​​के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करके ये कार्रवाई की।

अब हमें ये तो पता है कि ब्लॉक होने वाले पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल कंटेंट के नाम पर भारत विरोधी प्रोपगेंडा फैला रहे थे, लेकिन ये किन काल्पनिक विषयों को आधार बनाकर अपना काम कर रहे थे, ये जानना बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला है।

पीआईबी की प्रेस रिलीज के अनुसार:

द पंच लाइन जैसा चैनल जिसके सब्सक्राइबर 1, 16,000 हैं और कुल व्यू 2,01,31,840 हैं, उसने कश्मीर से लेकर राम मंदिर तक पर झूठ का प्रचार किया हुआ था। इस चैनल ने बताया था कि तैयब एर्दोगन ने राम मंदिर की जगह मस्जिद के पुननिर्माण का ऐलान कर दिया है और इससे योगी-मोदी को परेशानी होने वाली है।

इसके बाद कश्मीर मुजाहिद्दीनों (आतंकी) द्वारा भारतीय सेना पर अटैक और उन्हें मारे जाने की खबर, ‘भारत में लगे इमरान खान जिंदाबाद के नारे’ , ’200 भारतीय सैनिकों द्वारा श्रीनगर में कबूल किया गया इस्लाम’, ‘इस्लामी देशों में भारत का विरोध चरम पर’ जैसे टाइटल के साथ वीडियो डाली गई थी। एक वीडियो के टाइटल में दावा था कि नरेंद्र मोदी की सबसे बड़ी हार हुई है क्योंकि भारतीय सेना ने कश्मीरी लोगों पर गोली चलाने से मना कर दिया है।

इसी तरह 1,14,000 सब्सक्राइबर और 1,50,46,007 व्यू वाले इंटरनेशनल वेब न्यूज ने ‘खालिस्तान जनमत संग्रह यूके 2021’ और ‘भारत के इस क्षेत्र में पाला जा रहा आतंकवाद’…जैसे विषय पर अपनी सामग्री पोस्ट की। फिर खालसा टीवी ने भी सिखों को देश के ख़िलाफ़ भड़काने वाली सामग्री पोस्ट की।

4 लाख सब्सक्राइबर और 8 करोड़ व्यूज पाने वाले वाले द नेक्ड ट्रुथ ने तो ये फैलाया कि भारत सरकार ने मुजाहिद्दिनों (आतंकी) की माँगे मान ली हैं; 47 भारतीय जनरलों के समूह ने टैंक के साथ कश्मीर को आजाद कराने के लिए  घोषणा की है; पाँच देशों ने बाबरी मस्जिद पर निर्णय लिया है; भारतीय सेना कश्मीर में हार गई है।

इनके अतिरिक्ट भारत के ख़िलाफ़ प्रोपगेंडा फैलाने वालों में- न्यूज 24, 48 न्यूज, फिक्शनल, हिस्टॉरिकल फैक्ट्स, पंजाब वायरल, नया पाकिस्तान ग्लोबल, कवर स्टोरी, गो ग्लोबल, जुनैद हलीम ऑफिशियल, तैयब हनीफ, जैन अली ऑफिशियल, मोहसिन राजपूत, कनीज फातिमा, सदफ दुर्रानी, मियाँ इमरान अहमद, नज्म हसन जैसे चैनलों के नाम हैं।

इन चैनलों पर फैलाई गई कुछ निराधार खबरें जिनसे भारत के दुष्प्रचार का काम किया गया, इस प्रकार हैं:

  • तुर्की की आर्मी दिल्ली में घुस गई है।
  • एर्दोगन ने कश्मीर में 35 हजार के सैनिकों को भारत भेजा है। 
  • 300 भारतीय जासूसों को अफगान में तालिबानियों ने पकड़ लिया है।
  • जो बाइडन ने यूएस आर्मी को दिल्ली में घुसने को कहा है।
  • 7 अरब देशों ने भारत को तेल देने से मना कर दिया है।
  • नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अयोध्या में अपनी सेना को भेज दिया है।
  • 500 मुजाहिद्दीन भारत में घुस गए हैं।
  • भारत ने अपने फायदे के लिए अमेरिका की पीठ में चाकू घोंपा।
  • बिपिन रावत की मौत एक्सीडेंट नहीं थी, बीजेपी-आरएसएस ने भारतीय मुस्लिमों के लिए प्लान बनाया था।
  • 1000 असम मुस्लिम तालिबान के पास ट्रेनिंग लेने गए हैं।
  • 193 देशों ने अनुच्छेद 370 पर मोदी को धमकाया।

पीआईबी द्वारा जारी की गई रिलीज में कई वीडियो के स्क्रीनशॉट और उनपर फेक न्यूज का स्टैंप भी लगा है।

फेक न्यूज में कश्मीर में 500 मुजाहिद्दीनों के घुसने का दावा (साभार: पीआईबी)
पाकिस्तानी वार जेट के कश्मीर में घुसने का दावा करने वाली फेक न्यूज (साभार: PIB)
भारतीय सेना पर हमले की खबर (साभार: PIB)
‘असम मुस्लिम तालिबान से ट्रेनिंग लेने अफगान गए’
‘200 भारतीय सैनिकों ने स्वीकारा इस्लाम’
‘किम जोंग उन ने अयोध्या में भेजी सेना’

लालू प्रसाद यादव ने भतीजे की पत्नी से कर ली दूसरी शादी, दिल्ली में बढ़ी थी नजदीकियाँ: 4 दिन गायब रहने के बाद आया Video

झारखंड के गिरिडीह जिले से एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। लालू प्रसाद यादव ने अपने ही भतीजे की पत्नी से शादी कर ली है। रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली में दोनों एक-दूसरे के नजदीक आए। चार दिन गायब रहने के बाद इन्होंने वीडियो जारी कर अपनी शादी का खुलासा किया है। लालू की पहली पत्नी ने इसको लेकर पुलिस से शिकायत की है।

रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को दी शिकायत में संगीता देवी ने कहा है कि वह गावां थाना क्षेत्र के पंडरिया की रहने वाली है। 10 साल पहले उसकी शादी लालू प्रसाद यादव के साथ हुई थी। दोनों को दो बच्चे भी हैं। बड़ा बेटा चार साल और दूसरा 2 साल का है। बताया जाता है कि लालू प्रसाद यादव कमाने के लिए दिल्ली आया था। यहीं पर रिश्ते में उसका भतीजा राहुल यादव भी अपनी पत्नी के साथ रह रहा था। दिल्ली में नौकरी के दौरान लालू और राहुल की पत्नी करीब आ गए।

इसी महीने की 14 तारीख को दोनों ने दिल्ली में शादी कर ली। शादी से पहले तक लालू यादव भतीजे की पत्नी के साथ 4 दिन तक गायब रहा। मामले का खुलासा खुद लालू यादव ने अपनी दूसरी शादी का वीडियो वायरल कर किया। जैसे ही इस मामले की जानकारी गाँव में रह रही पहली पत्नी को हुई तो उसने थाने में शिकायत दर्ज करा न्याय की गुहार लगाई।

रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो सामने आने के बाद जब गाँव के लोगों ने लालू यादव से फोन पर बात की तो उसने दो टूक लहजे में कहा कि उसने रूपा देवी (भतीजे की पत्नी) से शादी कर ली है और अब वो पहली पत्नी संगीता के साथ नहीं रहेगा। हालाँकि लालू यादव की पहली पत्नी संगीता के समर्थन में पूरा गाँव लामबंद है। खास बात ये है कि दूसरी शादी करने से पहले शख्स ने पहली पत्नी को तलाक नहीं दिया है। महिला का आरोप है कि उसने हिंदू मैरिज लॉ का उल्लंघन किया है।

बच्चों के खिलौने से भी इस्लाम को खतरा: फुटबॉल वर्ल्ड कप के मेजबान कतर ने लगाया बैन, कहा- इनके रंग LGBT फ्लैग जैसे

कतर में अगले साल फुटबॉल विश्वकप का आयोजन किया जाना है। इस दौरान दुनियाभर से लोगों के इस रूढ़िवादी इस्लामी देश में पहुँचने की उम्मीद है। उससे पहले यहाँ बच्चों के कुछ खिलौनों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसकी वजह इनका रंग बताया गया है जो कथित तौर पर इस्लामी मूल्यों के खिलाफ है।

रिपोर्ट के अनुसार रंगे बिरंगे खिलौनों को दुकानों से जब्त किया गया है। देश के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें रंग-बिरंगे खिलौनों पर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन रेनबो कलर्स के कुछ खिलौने एलजीबीटी फ्लैग जैसे दिखते हैं। उन्होंने बताया कि जिन खिलौनों को बैन किया गया है, उनका रंग कुछ-कुछ LGBTQ फ्लैग जैसा है। बता दें कि कतर में समलैंगिकता गैरकानूनी है।

जानकारी के मुताबिक वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कतर के अलग-अलग क्षेत्रों की दुकानों में जाँच अभियान चलाने के आदेश दिए थे। इससे संबंधित जो ट्वीट किया गया है, उसमें कुछ खिलौनों जैसे रबर स्ट्रेस बॉल और दूसरी चीजों की तस्वीर भी लगाई गई है और ये रेनबो कलर्स के हैं। साथ ही मंत्रालय ने नागरिकों और निवासियों से अपील की है कि अगर उन्हें इस्लाम विरोधी किसी लोगो या डिजाइन का पता चलता है तो वे तुरंत इसकी जानकारी दें।

उल्लेखनीय है कि नवंबर में इंग्लिश फुटबॉल एसोसिएशन ने LGBTQ फैन्स को आश्वासन दिया था कि विश्व कप के लिए देश में उनका स्वागत किया जाएगा। एसोसिएशन ने कतर से टूर्नामेंट के लिए अपने LGBTQ विरोधी रुख को नरम करने के लिए कहा था कि टूर्नामेंट के दौरान एलजीबीटी फ्लैग की अनुमति होगी। 

खुले में नमाज: बोले हरियाणा के CM खट्टर- ताकत का प्रदर्शन कर दूसरों की भावनाओं को भड़काना ठीक नहीं

हरियाणा के गुरुग्राम में खुले में नमाज (Namaz in open space) का मामला राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी उठा। इस मामले को उठाने वाले नूँह से कॉन्ग्रेस विधायक (Congress MLA) आफताब अहमद के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि ताकत दिखाकर दूसरे समुदाय की भावनाओं को भड़काना उचित नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार (21 दिसंबर 2021) को शून्यकाल के दौरान कॉन्ग्रेस विधायक अहमद ने गुरुग्राम में मुस्लिमों द्वारा खुले में नमाज करने पर हिंदू संगठनों के विरोध का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “कुछ तत्व लगातार जुमे (शुक्रवार) की नमाज को बाधित कर रहे हैं। संविधान ने सभी को अपने धर्मों के पालन के इजाजत दी है। किसी को भी नमाज में बाधा डालने का अधिकार नहीं है। गुरुग्राम में हजारों करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। शहर विकास का प्रतीक है। अगर कोई अपनी मर्जी से प्रार्थना भी नहीं कर पाएगा तो क्या संदेश जाएगा।”

इसके जवाब में सीएम ने कहा, “सभी धर्मों के लोग मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्चों जैसी धार्मिक जगहों पर ही प्रार्थना करते हैं। इसके अलावा सभी बड़े त्योहारों के मौके पर खुले में प्रार्थना की अनुमति दी जाती है। लेकिन ताकत का प्रदर्शन करना जो दूसरे समुदाय की भावनाओं को भड़काता है, उचित नहीं है।” मुख्यमंत्री के मुताबिक, किसी को भी खुले इस तरह के आयोजन नहीं करने चाहिए। यह हम सब जिम्मेदारी है कि शांतिपूर्ण माहौल बना रहे।

खट्टर ने इस बात पर खुशी भी व्यक्त की कि लोग एक निश्चित स्थान पर जुमे की नमाज के लिए समहत हुए हैं और नए सिस्टम के लागू होने तक इस पर सहमति है। इसके साथ ही सीएम ने खुले में नमाज के मुद्दे को स्थानीय विवाद करार दिया और कहा कि इस मसले को हवा नहीं देनी चाहिए, अन्यथा इससे साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है।

इससे पहले 10 दिसंबर 2021 को सीएम ने सख्त हिदायत देते हुए कहा था कि खुले में नमाज की प्रथा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि खुले में नमाज किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए। खट्टर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, “हमने यहाँ पुलिस को भी कहा है और डिप्टी कमिश्नर को भी कहा है। इस विषय का समाधान निकालना है। कोई अपनी जगह पर नमाज़ पढ़े या पूजा-पाठ करे, इससे हमें कोई दिक्क्त नहीं है। धार्मिक स्थल इसीलिए बने होते हैं। खुले में ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। ये नमाज़ पढ़ने की जो प्रथा यहाँ खुले में शुरू की गई है, वो कतई सहन नहीं की जाएगी। सबके साथ बैठकर इसका समाधान निकाला जाएगा।” साथ ही सीएम ने खुले में नमाज के लिए जिन 37 स्थानों को निश्चित किया गया था, उसे भी रद्द कर दिया था।

कोर्ट की चल रही थी कार्यवाही, महिला के साथ ‘आपत्तिजनक हाल’ में दिखे वकील: Video वायरल होने के बाद मद्रास HC सख्त

अदालत की सुनवाई के दौरान अश्लील अवस्था में पाए जाने पर मद्रास हाईकोर्ट ने आरडी संथन कृष्णन नामक वकील के ख़िलाफ़ कोर्ट की अवमानना का मामला दर्ज किया है। संथन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रही कोर्ट की कार्यवाही में महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया था।

घटना न्यायमूर्ति जी के इलांथिरैया की अदालत में हुई, जिस पर जस्टिस पी एन प्रकाश और जस्टिस आर हेमलता ने स्वत: संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, “एक वीडियो क्लिप जिसमें ऑनलाइन कोर्ट की कार्यवाही के दौरान हमारे एक भाई दिखे। उसमें पुरुष एक महिला के साथ कामुकता में लिप्त पाया गया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।”

जस्टिस प्रकाश और हेमलता की पीठ ने कहा कि जब अदालत की कार्यवाही के बीच इस तरह की बेशर्मी को सार्वजनिक रूप से दिखाया जाता है, तो यह कोर्ट मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकता, इसलिए कोर्ट ने सोशल मीडिया में प्रसारित वीडियो पर संज्ञान लिया और कोर्ट की अवमानना के अलावा सीबी-सीआईडी इंक्वायरी के निर्देश भी दिए।

कोर्ट ने बताया कि वीडियो ने प्रथम दृष्टया सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य दंड कानूनों के तहत संज्ञेय अपराधों का खुलासा किया है, इसलिए वह मामले में सीबी-सीआईडी जाँच के आदेश देते हैं। केस की जाँच रिपोर्ट जमा करने के लिए 23 दिसंबर तक का समय दिया गया है। वहीं ग्रेटर चेन्नई के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वो अश्लील वीडियो के प्रसार को रोकें। रजिस्ट्रार से भी आपत्तिजनक वीडियो क्लिपिंग इंटरनेट से हटाने के लिए कदम उठाने को कहा गया है। इस बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी के बार काउंसिल ने उक्त वकील को सस्पेंड कर दिया है। 

बता दें कि इस घटना से पूर्व महिला वकील इंदिरा जय सिंह ने कुछ दिन पहले ही श्रीधर भट्ट नाम के व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। उनका आरोप था कि कर्नाटक हाईकोर्ट कार्यवाही के दौरान जब वह बहस कर रही थीं तो एक अर्ध नग्न व्यक्ति सुनवाई में शामिल हुआ और आपत्ति जताने के 20 मिनट बाद तक उस सुनवाई से जुड़ा रहा।

मालूम हो कि ऑनलाइन हियरिंग के दौरान ऐसे कई मामले आए हैं जब वकीलों को शर्मिंदा होना पड़ा। पिछले साल राजीव धवन राजस्थान हाईकोर्ट की ऑनलाइन हियरिंग में हुक्का पीते दिखे थे। इसी तरह हाल में जूही चावला ने जब कोर्ट की कार्यवाही का लिंक ऑनलाइन शेयर कर दिया था तो उनके फैन्स ने ऑनलाइन जुड़कर गाना गुनगुना दिया था।

वहीं जून 2021 में वर्चुअल कोर्ट की प्रोसीडिंग के दौरान वरिष्ठ वकील व कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता अभिषेक मनु सिंघवी कैमरे पर बिना पैंट के पकड़े गए थे। सिंघवी अलग-अलग स्क्रीन का इस्तेमाल करके कई कोर्ट प्रोसीडिंग्स अटेंड कर रहे थे। ऐसे में उनकी एक स्क्रीन जो कलकत्ता हाई कोर्ट से कनेक्ट हो रखी थी, अचानक जमीन पर गिर गई। सिंघवी जो पहले सभी लोगों को एकदम सुर्ख सफेद रंग की शर्ट में दिख रहे थे। इस स्क्रीन के गिरने के बाद पता चला कि उन्होंने ऊपर बस शर्ट पहनी हुई थी जबकि नीचे वह बिना पैंट के सिर्फ रेड शॉर्ट्स में थे

जावेद ने मुन्ना बन हिंदू लड़की से किया रेप, कानपुर कोर्ट ने सुनाई सजा: 10 साल की कैद, ₹30,000 जुर्माना

पहचान छिपाकर हिंदू लड़की को धोखा देने के मामले में उत्तर प्रदेश में कानपुर जिला अदालत (Kanpur district court) ने जावेद उर्फ मुन्ना को 10 साल की सजा सुनाई है। 30,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही कोर्ट ने क्षतपूर्ति के तौर पर पीड़िता को 20,000 रुपए देने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, डीजीसी क्राइम दिलीप कुमार ने कहा कि आरोपित ने अपनी असली पहचान छुपाकर हिंदू लड़की के साथ फरेब किया था। उसने उसे अपने जाल में फँसाकर उसके साथ रेप (Rape) भी किया था। आरोपित के खिलाफ सजा का फैसला अपर डिस्ट्रिक्ट जज पवन श्रीवास्तव ने सुनाया है।

डीजीसी ने बताया है कि यह घटना 15 मई 2017 की है। उस दौरान कानपुर के जूही थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग हिंदू लड़की से मुस्लिम युवक जावेद ने हिंदू मुन्ना बनकर मिला। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियाँ बढ़ीं और दोस्ती हुई। ये दोस्ती प्यार में बदली। फिर एक दिन आरोपित युवती को शादी का झाँसा देकर अपने साथ भगा ले गया। उसने उसके साथ रेप भी किया।

बेटी के घर से अचानक लापता होने के बाद परेशान परिजनों ने जूही थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले दिन ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। और किशोरी को बरामद कर उसे उसके परिवार को सौंप दिया। इस बीच युवती को पता चला कि वो जिस लड़के के साथ भागी थी वो हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम है और उसने उसे धोखा दिया है। इसके बाद आरोपित ने अपनी असली पहचान बताकर युवती का धर्मान्तरण भी कराने का दबाव बनाया था। बहरहाल इस मामले में पुलिस ने पीड़िता की माँ की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO) और रेप का केस दर्ज किया था।

गौरतलब है कि इसी तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए इसी साल 24 फरवरी 2021 को योगी सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2021’ लागू किया था।

नोट: शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया था कि लव जिहाद पर अंकुश लगाने से जुड़े नए कानून के तहत सजा सुनाई गई है। यह मामला इस कानून के अमल में आने से पहले का है। ताजा जानकारियों के अनुसार खबर अपडेट की गई है।

गोपालगंज में 8वीं की छात्रा को 13 सेकेंड में 8 बार चाकू घोंपा, CCTV में कैद हुई वारदात: एक ही समुदाय के पीड़िता-आरोपित

बिहार के गोपालगंज से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ छेड़खानी का विरोध करने पर एक सिरफिरे लड़के ने दिन दहाड़े एक छात्रा को चाकू घोंपकर घायल कर दिया। घायल छात्रा की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं, आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार के गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गाँव में रविवार (19 दिसंबर 2021) को एक लड़का गुलशन (बदला हुआ नाम), जिसे नामी बदमाश भी बताया जा रहा है, उसने छेड़खानी का विरोध करने पर एक छात्रा को 13 सेकेंड में 8 बार चाकू से वार कर छलनी कर दिया।

आरोपित ने आठवीं कक्षा की छात्रा पर उस वक्त हमला किया, जब वह स्कूल से अपने घर वापस जा रही थी। यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर बिहार पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा को गंभीर हालत में बिहार के गोपालगंज के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से उसे पटना मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जाँच में जुट गई है।

वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि पीड़िता दो अन्य लड़कियों के साथ स्कूल से घर की ओर जा रही है। वहीं, कुछ ही दूरी पर काले रंग की जैकेट में आरोपित अपने कुछ दोस्तों के साथ सड़क के एक कोने पर खड़ा होकर उसका इंतजार कर रहा है। जैसे ही पीड़िता उन लड़कियों से दूर होती है, तभी लड़का उसके पास पहुँचता है और चाकू से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर देता है।

इस दौरान बदमाश के साथ वहाँ पहले से खड़ा एक लड़का उसे पकड़ने की कोशिश करता है, लेकिन आरोपित पर तो मानो भूत सवार हो गया था, वह लड़की पर लगातार हमले करता जा रहा था। इस दौरान वहाँ से एक बाइक भी गुजरती है, लेकिन बाइक सवार लड़की को बचाने की कोशिश नहीं करता है। इधर सिरफिरा बदमाश छात्रा के ऊपर लगातार हमला करते रहता है, जिससे लड़की बुरी तरह जख्मी हो जाती है और सड़क पर गिर जाती है। इसके बाद लड़की की चिल्लाने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुँचकर उसे किसी तरह सिरफिरे से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया।

लड़की के परिजनों ने बताया कि पीड़िता प्रतापपुर गाँव स्थित मकतब स्कूल में पढ़ती है, जहाँ आरोपित रहता था। स्कूल से आते वक्त आरोपित हर रोज उसे रास्ते में रोक लेता था और परेशान करता था। इसकी शिकायत पीड़िता के परिजनों ने कई बार आरोपित के परिवार से भी की थी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

बता दें कि रविवार (19 दिसंबर 2021) को भी छात्रा जब पढ़ने के लिए प्रतापपुर जा रही थी, तब भी आरोपित ने उसके साथ छेड़खानी की। हालाँकि, विरोध करने पर पहले तो वह शांत रहा, लेकिन बाद में वह छात्रा के घर लौटने वाले रास्ते पर घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही छात्रा दो अन्य लड़कियों के साथ स्कूल से वापस लौट रही थी। उस वक्त उसने छात्रा पर हमला कर दिया।