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AAP के कार्यक्रम में नहीं पहुँचे विधायक, एक और बगावत के आसार: इससे पहले किसानों की बैठक छोड़ निकलना पड़ा था केजरीवाल को

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी भी मैदान में उतर आई है, लेकिन पार्टी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। इससे पार्टी के विधायकों में खासा नाराजगी देखी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में तो यहाँ तक कयास लगाए जा रहे हैं कि पंजाब में आम आदमी पार्टी में एक और बगावत होने के आसार हैं।

दरसअल, मीडिया में ये कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं, क्योंकि शनिवार (13 नवंबर 2021) को आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई ने चरणजीत सिंह चन्नी का विरोध करने के लिए एक कार्यक्रम रखा था, जिसमें ‘आप’ पार्टी के ही कई विधायक नहीं पहुँचे।

यहाँ तक की पार्टी के विधायकों के समर्थक तक इस कार्यक्रम में नहीं आए। ऐसे में यह माना जा रहा है कि अगर पार्टी ने जल्द ही मुख्यमंत्री को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले तो कुछ और विधायक केजरीवाल का साथ छोड़ सकते हैं। इससे पहले भगवंत सिंह मान को अब तक मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित न करने से नाराज पार्टी विधायक रूपिंदर कौर रूबी के पार्टी छोड़ चुके हैं।

बता दें कि बीते दिनों पंजाब में किसानों के साथ मिलने गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बैठक बीच में ही छोड़ कर निकलना पड़ा था। अनुच्छेद-370 निरस्त किए जाने के समर्थन पर किसानों ने उन्हें घेरा था। हुआ यूँ कि किसान नेताओं ने अरविंद केजरीवाल से पूछा कि उन्होंने अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के मोदी सरकार के फैसले का समर्थन क्यों किया था? दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इसे ‘राजनीतिक सवाल’ करार देते हुए कहा था कि इन सवालों पर वो बाहर जवाब देंगे।

50000 लोग, जन्मदिन का जश्न मनाते गरीब देश के नेता नेहरू: देखें 1954 का वीडियो, उनके जीवनकाल में ही घोषित हुआ ‘बाल दिवस’

जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन को ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाता रहा है। कॉन्ग्रेस की सरकार के दौरान ही ये परंपरा शुरू की गई। आज भी कॉन्ग्रेस पार्टी अपने पूर्व मुखिया का जन्मदिन धूमधाम से मनाती है। लेकिन, जब जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री थे, तब भी उनके जन्मदिन का जश्न बड़ा भव्य होता था। ‘British Pathe’ पर उपलब्ध 1954 के एक वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन का जश्न मनाया जा रहा है और उसमें वो खुद भी शामिल हैं।

इस वीडियो में बताया गया है कि नई दिल्ली स्टेडियम में 50,000 लोगों की मौजूदगी में ‘चाचा नेहरू’ के नारे के बीच उनका जन्मदिन का जश्न मनाया गया। इस दौरान बीच में खुली गाड़ी से घूमते जवाहरलाल नेहरू ने लोगों के ऊपर अपनी फूल की मालाएँ फेंकी। इसके बाद 2000 युवाओं ने परेड किया और जवाहरलाल नेहरू ने उसे ‘जन्मदिन की सलामी’ ली। इस दौरान नेहरू को लोगों से मिलते हुए भी देखा जा सकता है। वीडियो में स्टेडियम खचाखच भरा नजर आ रहा है।

कई लोगों का सोचना है कि जवाहरलाल नेहरू का महिमामंडन और उन्हें मिलने वाला अटेंशन उनके निधन के बाद शुरू हुआ, लेकिन इस वीडियो को देख कर स्पष्ट है कि उनके जीवन काल से ही इस तरह की चीजें होती रही हैं। मीडिया द्वारा ये प्रचारित किया जाता है कि 1964 में पंडित नेहरू के निधन के बाद ही उनकी जयंती को ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाने का चलन कॉन्ग्रेस सरकार ने शुरू किया। लेकिन, असली कहानी संयुक्त राष्ट्र में सोशल वेलफारे फेलो रहे वीएम कुलकर्णी से शुरू होती है।

वो यूके में अपराध का शिकार हुए बच्चों के पुनर्वास पर कार्य कर रहे थे। उन्होंने देखा कि भारत में पीड़ित बच्चों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। इंग्लैंड में क्वीन एलिजाबेथ II के जन्मदिवस के दिन ऐसे पीड़ितों बच्चों के लिए फंड्स इकट्ठा करने का अभियान चलाया जाता रहा है। इसीलिए, उन्होंने तब पीएम रहे नेहरू के जन्मदिन को भी इस मौके के लिए इस्तेमाल करना उचित समझा। यूएन में प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। कहा जाता है कि नेहरू पहले थोड़े ‘झिझके’, लेकिन फिर उन्होंने इसकी अनुमति दे दी

‘राष्ट्रीय बाल कल्याण परिषद’ (ICCW) ने 1951 में जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस के मौके पर एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया और तब से इसे ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाने लगा। ICCW को भले स्वतंत्र संस्था बताया जाता रहा हो, लेकिन नेहरू कैबिनेट में अहम मंत्री रहीं राजकुमारी अमृता कौर 1952-58 तक इसकी पहली अध्यक्ष थीं। AIIMS की स्थापना में उनका बड़ा रोल था। 1957 में ‘बाल दिवस’ का स्टाम्प भी मिलता है, जब नेहरू जीवित थे।

1961 का भी ‘बाल दिवस’ का स्टाम्प मिलता है। नेहरू तब भी पीएम थे और उनकी बेटी इंदिरा गाँधी तब ICCW की अध्यक्ष हुआ करती थीं। 1954 में बच्चों को ‘नेहरू चाचा की जय’ के नारे लगाने के लिए भी कहा गया था। वीएम कुलकर्णी को आज कोई याद नहीं करता और ये मौका नेहरू के महिमामंडन और उनके वंशजों द्वारा उनके गुणगान का एक अवसर बन गया। आज भी मीडिया यही प्रचारित करती है कि नेहरू के निधन के बाद उनकी याद में ‘बाल दिवस’ मनाया जाने लगा।

1954 के उस वीडियो से पता चलता है कि आज़ादी के बाद इस गरीब देश में इसके नेता का खुद के प्रमोशन और अपने चेहरे के महिमामंडन पर ज्यादा जोर था। तभी देश तब तरक्की नहीं कर पाया। चीन से हार में फजीहत हुई सो अलग। कश्मीर का एक बड़ा हिस्सा अवैध कब्जे में चला गया। तिब्बत पर चीन का एकाधिकार हो गया। भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं बन सका। पिता के बाद बेटी, फिर नाती और फिर नाती की पत्नी के हाथों में देश की सत्ता झूलती रही।

मुनव्वर फारुकी का गोवा में शो रद्द… हिन्दू संगठनों ने किया था कड़ा विरोध… कॉमेडी की आड़ में हिंदू देवताओं का मज़ाक उड़ाने के लिए है बदनाम

हिन्दू जनजागृति समिति के कड़े विरोध के बाद विवादित कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी का गोवा में प्रस्तावित शो रद्द कर दिया गया है। यह शो अगले सप्ताह 15 नवम्बर 2021 (सोमवार) पणजी में होना था। कार्यक्रम के आयोजकों ने इस शो के रद्द होने की पुष्टि कर दी है। यह आयोजन LVF कॉमेडी द्वारा किया जा रहा था। इस संस्थान के संस्थापक वॉरेन वेगास ने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शो रद्द करने का फैसला शनिवार (13 नवम्बर 2021) को पणजी पुलिस स्टेशन में अधिकारियों की बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक में शो के चलते क़ानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों की समीक्षा की गई। गौरतलब है कि हिन्दू जनजागृति समिति ने उत्तरी गोवा के जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मुनव्वर फारुकी के शो को रद्द करने की माँग की थी। हिन्दू जनजागृति के अनुसार, मुनव्वर पर हिन्दू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप हैं। ऐसे में उसके गोवा में कार्यक्रम से सामाजिक सौहार्द्र पर बुरा असर पड़ेगा।

हिन्दू जनजागृति द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है, “मुनव्वर पहले भी हिन्दू देवताओं का मज़ाक उड़ाता रहा है। मध्य प्रदेश में वह हिन्दू धर्म का अपमान करने के चलते 37 दिन जेल की सजा काट चुका है। ऐसे में गोवा में उसके कार्यक्रम से सामाजिक कटुता पैदा होगी। यदि प्रमोद मुतालिक का गोवा में आना प्रतिबंधित हो सकता है तो मुनव्वर फारुकी को गोवा में शो की अनुमति क्यों?”

गौरतलब है कि कर्नाटक के श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक को गोवा प्रशासन ने 2014 में बैन कर दिया था। मुतालिक ने कहा था कि गोवा में वह संगठन की शाखा खोलेंगे और गोवा में पब संस्कृति को बंद कराने के लिए काम करेंगे, क्योंकि यह पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा देता है।

इसी महीने हिन्दू जनजागृति समिति ने शो के आयोजकों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी। शिकायत पत्र में जिस मॉल में शो आयोजित होना था उसके बारे में भी बताया गया था। हिन्दू जनजागृति की तरफ से मनोज सोलंकी ने बयान जारी किया है। मुनव्वर के कैंसिल हुए इस शो का नाम ‘डोंगरी टू नोवेयर’ (Dongri to Nowhere) था। सोमवार को यह शो शाम 7.30 पर होना था। इस शो के लिए टिकटों की बिक्री भी ऑनलाइन शुरू हो गई थी।

‘फिटनेस सेंटर की फ्रेंचाइजी के लिए ₹1.51 करोड़ लिए, माँगने पर देने लगे धमकी’: शिल्पा शेट्टी और पति राज कुंद्रा के खिलाफ एक और FIR

बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और उनके ​पति राज कुंद्रा की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। अब मुंबई के एक बिजनेसमैन ने इस कपल के खिलाफ 1.51 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कारोबारी नितिन बरई की शिकायत पर शनिवार (13 नवंबर) को बांद्रा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जुलाई 2014 में ‘एसएफएल फिटनेस’ कंपनी के निदेशक काशिफ खान ने शेट्टी, कुंद्रा और अन्य लोगों के साथ मिलकर उन्हें लाभ कमाने के लिए कंपनी में 1.51 करोड़ रुपए का निवेश करने को कहा था।

बांद्रा पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120-बी (आपराधिक साजिश), 506 (आपराधिक धमकी) और 34 (समान मंशा) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। गौरतलब है कि ‘एसएफएल फिटनेस’ को शिल्पा शेट्टी ने अपने पति राज कुंद्रा से साथ मिलकर शुरू किया था।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे भरोसा दिलाया गया था कि ‘एसएफएल फिटनेस‘ कंपनी उसे ‘फ्रेंचाइजी’ देगी और पुणे के हडपसर और कोरेगाँव में एक जिम और स्पा खोलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस​ मामले को लेकर पुलिस अधिकारी ने कहा कि बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे वापस माँगे तो उसे कथित तौर पर धमकी दी गई। इस मामले की जाँच शुरू कर दी है।

बता दें कि पोर्नोग्राफी केस में गिरफ्तार 45 वर्षीय राज कुंद्रा को दो महीने जेल में बिताने के बाद सितंबर 2021 में जमानत पर रिहा किया गया था। रिपोर्टों में मुंबई पुलिस के हवाले से बताया गया था कि कुंद्रा के पास 119 पोर्न फिल्मों का कलेक्शन था। शर्लिन चोपड़ा ने भी राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी के खिलाफ धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न के लिए शिकायत दर्ज करवाई थी।

एक्ट्रेस ने अपने स्टेटमेंट में कहा था, “मैंने राज कुंद्रा के खिलाफ यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के लिए FIR दर्ज करवाने के लिए शिकायत दर्ज की है।” उन्होंने ट्विटर पर 14 अक्टूबर 2021 को एक वीडियो शेयर किया था, साथ ही कैप्शन लिखा, “आज मैं अपनी कानूनी टीम के साथ जुहू पुलिस स्टेशन गई थी राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने।”

हिन्दू धर्म, भगवा, गाय, भारत देश… वैश्विक मंच पर सबका एक साथ अपमान करने वाले कार्टून को केरल में मिला पुरस्कार

केरल की ‘ललित कला एकेडमी’ ने एक ऐसे कार्टून को पुरस्कृत किया है, जिसमें न सिर्फ हिन्दू धर्म, बल्कि देश के साथ-साथ गायों का भी मजाक उड़ाया गया है। इस कार्टून में दिखाया गया है कि ‘कोविड-19 वैश्विक सम्मेलन’ चल रहा है और इसमें इंग्लैंड, चीन और अमेरिका के प्रतिनिध बैठे हुए हैं। उसके बीच में ‘भारत के प्रतिनिधि’ के रूप में एक गाय को दिखाया गया है। साथ ही गाय को भगवा वस्त्र भी पहनाए गए हैं। दिखाया गया है कि अन्य देश वाले भारत की तरफ अचरज से देख रहे हैं।

‘कोविड19 इन इंडिया’ नाम के ये करतूत वैश्विक मंच पर भारत और हिन्दुओं की छवि को खराब करने की कोशिश करता है। केरल के पोन्नुरुन्नि के रहने वाले अनूप राधाकृष्णन नाम के कलाकार ने इस कार्टून को बनाया है। जबकि सच्चाई ये है कि कोरोना आपदा के दौरान केरल का प्रदर्शन सबसे ख़राब रहा और वहाँ अब भी कोरोना के रोज कई मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन, वहाँ भारत का मजाक उड़ाने वाले कार्टूनों को पुरस्कार दिया जा रहा है, सम्मानित किया जा रहा है।

केरल की प्रदेश भाजपा ने भी इस फैसले का विरोध किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि उच्च पदों पर बैठे कुछ लोग जानबूझ कर देश व धर्म को बदनाम कर रहे हैं। ‘2019-20’ की कार्टून प्रतियोगिता में ये पुरस्कार दिया गया है। भारत ने कोरोना पर सटीक रणनीति बना कर महामारी को काबू में किया, इसकी प्रशंसा की जगह इसकी बुराई की गई है। ये सब तब हो रहा है, जब भारत में 112 करोड़ कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है।

के सुरेंद्रन ने कहा, “सत्ता में बैठे लोगों को इस तरह के अन्याय पर रोक लगानी चाहिए, अन्यथा लोगों को ये कार्य अपने हाथ में लेना पड़ेगा। जो इस देश से प्यार करते हैं, वो इसका विरोध करने से पहले तनिक भी नहीं सोचेंगे।” एकेडमी के अध्यक्ष नेमोन पुष्पराज ने सफाई दी है कि पुरस्कार के लिए इन कार्टून्स को प्रतिष्ठित कार्टूनिस्टों की जूरी चुनती है। उन्होंने कहा कि तीन कार्टून्स को पुरस्कार के लिए इसी जूरी ने चुना, इसमें एकेडमी का कोई रोल नहीं। वलापद में रहने वाले दीनराज को ‘एयर इंडिया’ में डिसइनवेस्टमेंट पर बने कार्टून ‘राजा और महाराजा’ के लिए सम्मानित किया गया।

बता दें कि साढ़े 3 करोड़ की जनसंख्या वाले केरल में कोरोना के अब तक 50 लाख से भी अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इस मामले में ये महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर है। साथ ही राज्य में इस संक्रमण के कारण लगभग 36 हजार लोगों को जान गँवानी पड़ी है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु ही इस मामले में केरल से आगे हैं। फ़िलहाल कोरोना के 69,258 मामले यहाँ अब भी सक्रिय हैं। देश के किसी अन्य राज्य में इसका एक चौथाई सक्रिय मरीज भी नहीं हैं।

Live शो में अमेरिकी गायिका ने फैन के मुँह पर किया पेशाब, वायरल होने पर माफी माँग कहा- ज्यादा उत्साहित हो गई थी

अमेरिकी शहर न्यूयार्क के एक बैंड ‘ब्रास अगेंस्ट’ को अपने एक कलाकार के कृत्य पर माफी माँगने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह माफी इस बैंड की प्रसिद्ध गायिका सोफिया उरिस्टा द्वारा एक फैन के चेहरे पर पेशाब करने के चलते माँगनी पड़ी। ऐसा “वेलकम टू रॉकविले” कार्यक्रम के दौरान हुआ था। यह कार्यक्रम फ्लोरिडा में आयोजित हुआ था। शो के दौरान एक प्रशंसक स्टेज पर ही अपने माथे पर एक कैन रख कर लेट गया था और उसके चेहरे पर गायिका सोफिया ने पेशाब कर दिया था। घटना 11 नवम्बर 2021 (गुरुवार) की है।

सोफिया ने कार्यक्रम के दौरान ही इसकी घोषणा कर दी थी। घोषणा में सोफिया ने कहा था, “उस आदमी को सिर पर कैन रख कर तैयार करो, क्योंकि अब हम उसे स्टेज पर लाने जा रहे हैं। मैं इस मा***द के मुँह में पेशाब करने जा रही हूँ।” सोफिया ने कहा, “मुझे पेशाब करना है, अभी मैं बाथरूम में नहीं जा सकती। इसलिए मैं यहीं करने जा रही हूँ।” इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो के वायरल होने के बाद बैंड ने इस पर माफ़ी माँगी है। अपने ट्विटर हैंडल से बैंड ने लिखा है, “मुख्य गायिका सोफिया उरिस्टा बहुत उत्साहित हो गई थीं। यह कुछ ऐसा था, जिसकी ना हम लोगों ने उम्मीद की थी और ना ही ऐसा आप लोग दोबारा हमारी शो में देखेंगे।” बैंड ने इस पूरी घटना को ‘बेहद अप्रत्याशित’ बताया है। अंत में बैंड ने सबसे साथ के लिए सबका धन्यवाद भी किया है।

इस पूरे मामले पर सोशल मीडिया में लोगों ने अपने-अपने पक्ष रखे। कई लोग शो में हुए यूरिन स्टंट से नाराज दिखे। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सोफिया से सहानुभूति रखते दिखाई दिए। एक यूजर ने कहा है, “वह व्यक्ति खुद चाहता था कि उसके साथ ऐसा हो। इस मामले में सोफिया को पूरी तरह से दोषी मानना ठीक नहीं होगा।”

कई यूजर ने इस घटना को मज़ाक में लिया।

‘एक सप्ताह तक गौशाला में करेंगे सेवा, गायों को देंगे हरा चारा’: जिस स्कूल में हुआ था रामायण का अश्लील मंचन, उसके स्टाफ करेंगे ‘प्रायश्चित’

हरियाणा के फतेहाबाद के डीएवी पब्लिक स्कूल और सेंट मेरी पब्लिक स्कूल पर बीते दिनों हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगा था। इनमें से एक स्कूल ने अब अपने कु​कृत्य के लिए माफी माँगी है। उत्तर प्रदेश बीजेपी के मीडिया पैनलिस्ट प्रशांत उमराव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें डीएवी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों से अपने स्टाफ के साथ माफी माँगती हुई दिखाई दे रही हैं।

प्रशांत उमराव ने लिखा, ”टोहाना के दूसरे डीएवी स्कूल का स्टाफ जो प्रभु श्रीराम का अपमान करने के बाद घमंड में था, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के भारी विरोध के बाद उनका भी घमंड टूट गया है। पूरे स्टाफ सहित प्रिंसिपल ने हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए माफी माँगी है।” उन्होंने आगे लिखा कि उन्हें 7 दिनों तक गौशाला में सेवा व गायों के लिए हरे चारे का प्रबंध भी करना होगा। ऐसे ही एकता बनी रहे।

बीते दिनों डीएवी स्कूल में भगवान राम और लक्ष्मण का आपत्तिजनक चित्रण किया गया था, जिसका वीडियो वायरल हो गया था। साथ ही अन्य दृश्य में अश्लीलता दिखाई गई थी। वीडियो में मंचन के दौरान बाकी स्कूल स्टाफ द्वारा किसी तरह की कोई आपत्ति भी नहीं जताई गई। वीडियो के दौरान दर्शकों के ठहाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं।

बता दें कि अपने शिकायती पत्र में बजरंग दल ने कहा था कि डीएवी स्कूल और सेंट मेरी स्कूल में रामलीला का मंचन किया गया और इस दौरान देवताओं का भद्दे तरीके से मज़ाक उड़ाया गया। बजरंग दल ने दोनों स्कूल के संचालकों, प्राचार्यों और सभी अध्यापक एवं अध्यापिकाओं के खिलाफ आपत्तिजनक मंचन के लिए कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।

त्रिपुरा में मस्जिद तो नहीं जली… लेकिन जल रहा महाराष्ट्र: कट्टरपंथी और दंगाई मुस्लिम भीड़ कर रही हिंसा, देखें वीडियो

महाराष्ट्र का अमरावती जिला 12 नवंबर (शुक्रवार) से जल रहा है। वहाँ पथराव और सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने हालात को सँभालने के लिए सीआरपीसी की धारा 144(1), (2), (3) के तहत शहर में चार दिन का कर्फ्यू लगा दिया है। आदेश के अनुसार, सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी वाले लोग ही घर से बाहर निकल सकते हैं। साथ ही एक जगह पर पाँच से ज्यादा लोग नहीं इकट्ठा हो सकते हैं।

त्रिपुरा में एक मस्जिद को जलाने की कथित घटना के विरोध में मुस्लिम संगठनों द्वारा शुक्रवार को आयोजित की गई रैलियों के दौरान इन घटनाओं का सिलसिला शुरू हुआ। अमरावती के अलावा नांदेड़, मालेगाँव, वाशिम और यावतमाल में रैलियाँ आयोजित की गई थीं। इन रैलियों के लिए पुलिस की इजाजत भी नहीं ली गई थी। इस बीच अब त्रिपुरा पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि जिस कथित घटना को लेकर महाराष्ट्र में हिंसा हो रही है वो घटना हुई ही नहीं है।

गृह मंत्रालय ने की शांति बनाए रखने की अपील

इस घटना का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोगों से त्रिपुरा की फर्जी रिपोर्ट से गुमराह नहीं होने और हर हाल में शांति बनाए रखने की अपील की है। इस घटना को लेकर शनिवार को जारी एक प्रेस रिलीज कहा गया, “ऐसी खबरें फैलाई जा रही हैं कि त्रिपुरा में गोमती जिले के काकराबन इलाके की एक मस्जिद में तोड़-फोड़ की गई है। ये खबरें फर्जी हैं और तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। काकराबन के दरगाबाजार इलाके की मस्जिद को कोई नुकसान नहीं हुआ है। गोमती जिले में शांति बनाए रखने के लिए त्रिपुरा पुलिस काम कर रही है।”

इसमें आगे कहा गया है, “त्रिपुरा में हाल के दिनों में किसी भी मस्जिद या अन्य ढाँचों पर हमले नहीं किए गए हैं। इन घटनाओं में किसी व्यक्ति को चोट लगने, किसी के साथ बलात्कार होने या किसी की मृत्यु होने की कोई खबर नहीं है, जैसा कि सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है। इसलिए लोगों को शांति बनाए रखते हुए झूठी खबरों से गुमराह नहीं होना चाहिए। जैसा कि महाराष्ट्र में हो रहा है। वहाँ से हिंसा की खबरें आ रही हैं और लोगों द्वारा आपत्तिजनक बयान दिए जा रहे हैं। यह बहुत ही चिंताजनक है।”

त्रिपुरा में पिछले महीने हुई घटना को लेकर शुक्रवार को महाराष्ट्र के अमरावती, नांदेड़, मालेगाँव, वाशिम और यवतमाल में कट्टरपंथी मुस्लिमों संगठनों ने रैली निकाली और हिंदुओं को टार्गेट कर पथराव किया। शुक्रवार को हुई उस वारदात के मामले में पुलिस ने दंगा भड़काने समेत विभिन्न आरोपों के तहत 20 केस दर्ज करते हुए 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और 4 लोगों को हिरासत में लिया है।

क्या हुआ अमरावती में?

शुक्रवार को 8,000 मुस्लिमों की भीड़ अमरावती के जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के लिए निकली थी। यह भीड़ त्रिपुरा में मुस्लिमों के खिलाफ कथित अत्याचारों के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रही थी। लौटने के दौरान भीड़ ने कॉटन मार्केट और चित्रा चौक के बीच कई जगहों पर हिंसा को अंजाम दिया।

इस दौरान एक विचलित करने वाला वीडियो भी सामने आया, जिसमें एक मुस्लिम बच्चा भी इस प्रोपेगेंडा में शामिल दिखा। ट्विटर यूजर MVAgovt ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि इस्लामी टोपी पहना एक छोटा बच्चा हाथ में एक पोस्टर लिए हुए था और दुकानदार से दुकान बंद करने के बारे में पूछ रहा था। पोस्टर में लिखा था, “क्या आप रसूलल्लाह की इज्जत के लिए अपनी दुकान और कारोबार 12 नवंबर को बंद रख सकते हैं?”

इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो भरे पड़े हैं, जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि कट्टरपंथी मुस्लिमों की भीड़ हिंदुओं को टार्गेट कर उनकी दुकानों में तोड़फोड़ और पथराव कर रही है। इसी तरह के एक वीडियो में एक हिंदू के मथुरा भोजनालय के बाहर मुस्लिमों की भीड़ ‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्ला रही है।

पहले पार्ट में भीड़ नारेबाजी करती नजर आ रही है। दूसरे भाग में एक किराना की दुकान दिख रही है, जिसका मालिक यह कह रहा है कि उसकी दुकान में 20 दंगाई जबरदस्ती घुस गए थे। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने उन्मादी भीड़ पर बच्चों को पीटने का आरोप लगाया। साझा किए गए एक अन्य वीडियो में दिख रहा है कि सैकड़ों मुस्लिमों की भीड़ बाजार में घूम-घूमकर हिंदुओं की दुकानों में तोड़फोड़ करते हुए उसे बंद करा रही है। वीडियो में बैकग्राउंड से आ रही आवाज में सुना जा सकता है कि जिस दुकान पर हमला हुआ, वह गुप्ता नाम के एक व्यक्ति की थी। खास बात यह है कि इस दौरान पुलिस नदारद रही।

कुछ तस्वीरें भी शेयर की जा रही हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि उन्मादी भीड़ गाड़ियों में तोड़फोड़ कर रही है। हिंदू भी घायल दिख रहे हैं।

एक अन्य यूजर ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें दिख रहा है कि कुछ लोग हाथों में तलवार लेकर घूम रहे हैं। यूजर ने लिखा, “महाराष्ट्र के अमरावती में मुस्लिम भीड़ हिंदुओं पर हमला करने के लिए जा रही है।”

इसी तरह के दृश्य कई अन्य वीडियो में भी दिख रहे हैं।

बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में उन्मादी मुस्लिमों की भीड़ द्वारा मचाए गए उत्पात की निंदा करते हुए कहा, “त्रिपुरा में जो घटना ही नहीं घटी, उसको लेकर जिस तरह से महाराष्ट्र में दंगे हो रहे हैं, ये बिल्कुल गलत है। त्रिपुरा में जिस मस्जिद को जलाए जाने की अफवाह उड़ाई गई, वहाँ की पुलिस ने उस मस्जिद की फोटो जारी की है।” उन्होंने राजनीतिक दलों से भी भड़काऊ भाषण से बचने की अपील की है।

‘अब सिर्फ हलाल काम करूँगा’: ‘मियाँ भाई’ वाले रैपर ने इस्लाम में संगीत को बताया हराम, म्यूजिक इंडस्ट्री को कहा अलविदा

‘मियाँ भाई’ फेम हैदराबादी रैपर रुहान अरशद ने संगीत की दुनिया को अलविदा कह दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अब एहसास हुआ है कि संगीत इस्लाम में हराम है। उन्होंने कहा कि वो पूरी तरह से म्यूजिक इंडस्ट्री को छोड़ रहे हैं। आगे अब वो कोई भी म्यूजिक वीडियो नहीं बनाएँगे और संगीत से जुड़ी किसी भी गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा, “आगे संगीत से सम्बंधित जो कुछ भी आएगा, इंशाअल्लाह मैं खुद को रोकूँगा कि ये चीज नहीं करनी चाहिए।”

हारून अरशद के बारे में बता दें कि उनके गाने ‘मियाँ भाई’ को यूट्यूब पर 52.50 करोड़ व्यूज मिल चुके हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर साढ़े 23 लाख के करीब सब्सक्राइबर्स हैं। उन्होंने गुरुवार (11 नवंबर, 2021) को अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से संगीत की दुनिया को अलविदा कहने की घोषणा की। उन्होंने पहले ही इंस्टाग्राम के माध्यम से बताया था कि वो एक बड़ी घोषणा करने वाले हैं। उन्होंने कहा, “अल्हम्दुलिल्लाह! मैं इस निर्णय से एकदम खुश हूँ।”

उन्होंने कहा, “मैं जानता था कि संगीत इस्लाम में हराम है, लेकिन ये मेरा पैशन था और अल्लाह का करम था, मुझे कामयाबी मिली और मैं यहाँ तक आया। अब मुझे अल्लाह ताला हलाल तरीके से कोई अलग मुकाम देगा। मुझे अल्लाह पर पूरा भरोसा है। मैंने घर वालों को भी बता दिया है। अल्लाह की तरफ से ये एक हिदायत भी हो सकती है। मुझे देख कर जो रैपर बन गए, उनसे गुजारिश है कि आपलोग भी इस चीज को छोड़ दीजिए। इस्लाम में जो हराम है, उस चीज को दूर रखते हुए मैं आपलोगों से संपर्क में रहूँगा।”

उन्होंने कहा कि संगीत छोड़ने की वजह वो अगले वीडियो में बताएँगे, लेकिन वो फ़िलहाल यूट्यूब नहीं छोड़ रहे हैं क्योंकि इसमें उन्होंने काफी मेहनत की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वो आगे भी उनका उसी तरह समर्थन करें, जैसा अब तक करते आए हैं। उन्होंने बताया कि वो यूट्यूब पर कुछ नया करेंगे। साथ ही उन्होंने प्रशंसकों से भी सलाह माँगी कि यूट्यूब पर ऐसा कौन सा ‘हलाल’ काम करें। उन्होंने अपने उस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने को भी कहा।

नक्सलियों ने एक ही परिवार के 4 लोगों को उतारा मौत के घाट: घर को बम से उड़ाया, पर्चे में लिखा – ‘सज़ा-ए-मौत के अलावा कोई विकल्प नहीं’

बिहार के गया जिले में शनिवार (13 नवंबर, 2021) को नक्सलियों ने एक गाँव के एक ही परिवार के चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया। नक्सलियों ने गया मुख्यालय से 70 किमी दूर डुमरिया प्रखंड के मौनवार गाँव में इस घटना को अंजाम दिया। मारे गए लोगों में एक ही घर के दो पुरुष और उनकी पत्नियाँ हैं। इसके बाद गाँव के लोगों में दहशत फैलाने के लिए उन्होंने उस घर को बम से उड़ा दिया और मोटरसाइकिल में भी आग लगा दी।

बताया जा रहा है कि नक्सलियों के निशाने पर गाँव के ही निवासी सरजू सिंह भोक्ता का घर था। नक्सलियों ने घर को घेरने के बाद वहाँ मौजूद सरजू भोक्ता के दो बेटों सत्येंद्र सिंह भोक्ता, महेन्दर सिंह भोक्ता और उनकी पत्नियों को घर से बाहर ही फाँसी लगाकर मौत के घाट उतार दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नक्सलियों ने गाँव में एक पर्चा भी छोड़ा है। इसमें लिखा है कि भोक्ता के परिवार के लोगों ने चार नक्सलियों को कुछ दिन पहले जहर खिलाकर मार दिया था। इंसानियत के हत्यारे, गद्दारों और विश्वासघातियों को सज़ा-ए-मौत देने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। नक्सलियों ने पर्चे में यह भी दावा किया है कि मारे गए नक्सलियों का एनकाउंटर नहीं हुआ था। उन्होंने मारे गए नक्सलियों अमरेश कुमार, सीता कुमार, शिवपूजन कुमार और उदय कुमार के नाम का भी पर्चे में जिक्र किया है।

साभार: हिंदुस्तान

बता दें कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया है और नक्सलियों के पर्चे को जब्त कर लिया गया। पुलिस घटना को अंजाम देने वाले नक्सलियों की तालाश में जुट गई है।