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मिट्टी से पटाखे, 400 साल पुरानी पद्धति वडोदरा में पुनर्जीवित: ‘वोकल फॉर लोकल’ से इस दीवाली कुम्हारों की कमाई

‘ओल्ड इज गोल्ड’ यह हम सदियों से सुनते आ रहे है और यही सच है। हालाँकि बढ़ते तकनीकियों के साथ अब पुरानी चीजें और तरीकों पर धूल जमते जा रही है। पर आज भी कई लोग ऐसे है जो पारंपरिक पद्धति के जरिए ही अपना काम करते है और मार्केट में अपनी एक नई पहचान बनाते है। गुजरात के वडोदरा से एक ऐसी ही खबर सामने आई है। जहाँ मिट्टी से पटाखे बनाने वाली 400 साल पुरानी पद्धति को फिर से पुनर्जीवित किया है। 

दरअसल, वडोदरा में मिट्टी के पटाखे बनाने का 400 साल पुराना तरीका आज फिर से अपनाया जा रहा है और इसके जरिए एक छोटी सी पहल करके इस पारंपारिक पद्धति को अपनाते हुए मिटटी के ईको-फ्रेंडली पटाखे बनाए जा रहे हैं। 

चार सदियों पुरानी इस कला को पुनर्जीवित करने में प्रमुख परिवार फाउंडेशन नाम के एक एनजीओ ने मदद की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आदर्श वाक्य ने एनजीओ को इस सदियों पुरानी कला को फिर से जीवंत करने के लिए प्रेरित किया। यह न केवल इस कला रूप को नई पीढ़ी के सामने रखेगा, बल्कि कुछ जरूरतमंद लोगों को रोजगार भी प्रदान करेगा।

प्रमुख परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष निताल गाँधी ने कहा, “ये पटाखे 100 प्रतिशत स्वदेशी हैं। कोठी मिट्टी से बनाई जाती है। एक कुम्हार ने उन्हें मिट्टी का उपयोग करके बनाया है। चक्री कागज और बाँस से बना है। हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों को रोजगार प्रदान करना है। ये पर्यावरण के अनुकूल हैं। उपयोग के बाद घुल जाते हैं। साथ ही, ये बच्चों के लिए सुरक्षित हैं। कोई भी इन पटाखों का उपयोग कर सकता है। हमारी थीम ‘वोकल फॉर लोकल’ है।”

रमन प्रजापति नाम के शिल्पकार ने एनजीओ को एक बार फिर कोठी बनाने का श्रेय दिया और कहा कि वे इस हद तक सुरक्षित हैं कि कोई उन्हें अपने हाथों में रख कर फोड़ सकता है। यह पटाखे बनाने का 400 साल पुराना तरीका है। बड़े लोग कोठी बनाते थे।

उन्होंने कहा, “20 साल पहले मैं रुक गया। क्योंकि यह लाभदायक नहीं था, लेकिन फिर निताल भाई आए और मैंने उन्हें कुछ कोठियों के नमूने दिखाए। फिर मैंने 2 ट्रैक्टर मिट्टी की व्यवस्था की और इससे पटाखे बनाए। मुझे इस दीवाली के दौरान कमाई हुई। हम 1 से 5 लाख कोठी बना सकते हैं।”

‘यह उत्सव है या शोक’

उल्लेखनीय है कि हर साल दिवाली से ठीक पहले पटाखों पर लगने वाले लगातार प्रतिबंध ने पटाखों के निर्माताओं और विक्रेताओं को परेशानी में डाल दिया है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की आड़ में पटाखों पर हो रही कार्रवाई से परेशान पटाखा कारोबारियों ने प्रतिबंध लगाने को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा।

दिल्ली के सदर बाजार में पटाखा एसोसिएशन के महासचिव हरजीत सिंह छाबड़ा ने एक स्थानीय समाचार चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, “अगर भारत में दिवाली नहीं मनाई जाएगी तो क्या हम इसे पाकिस्तान में मनाए जाने की उम्मीद करते हैं?”

छाबड़ा ने आगे कहा कि उन्होंने अपने 20 साल के करियर में इस तरह के हालात और प्रतिबंध कभी नहीं देखे। उन्होंने दुखी होते हुए कहा, “हम कोई त्योहार मना रहे हैं या किसी की मौत का शोक मना रहे हैं? हमें भारत में रहते हुए दिवाली पर पटाखे बेचने की अनुमति देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से भीख माँगनी होगी।”

उस बिशप पर FIR, जिसने कहा था- नार्कोटिक जिहाद की शिकार बनाई जा रही लड़कियाँ: केरल कोर्ट का आदेश

केरल की एक अदालत ने सोमवार (2 नवंबर 2021) को पाला बिशप मार जोसेफ कल्लारंगट के खिलाफ नारकोटिक जिहाद वाले बयान को लेकर केस दर्ज करने का आदेश दिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पाला (कोट्टायम) में न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को कैथोलिक बिशप के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। इसमें धारा 153 (ए) (विभिन्न समूहों के बीच धर्म, जाति या भाषा के आधार पर नफरत फैलाने या विभाजन पैदा करने) के अलावा अन्य धाराएँ शामिल हैं। अदालत ने यह आदेश इमाम काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से दायर एक याचिका पर दिया है। इस संबंध में कुराविलांगड पुलिस थाने ने प्राथमिकी दर्ज की है।

वहीं, बिशप के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस बारे में हमें अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है और नोटिस मिलने के बाद चर्च कानूनी रूप से इससे निपटेगा। बिशप के खिलाफ केस दर्ज करने के वाले कोर्ट के आदेश का केरल छात्र संघ सहित कई मुस्लिम संगठनों ने स्वागत किया है।

दरअसल, सितंबर 2021 को कोट्टयम में चर्च के एक समारोह को संबोधित करते हुए जोसेफ कल्लारंगट ने कहा था केरल में ईसाई लड़कियाँ ‘लव और नारकोटिक्स जिहाद‘ का शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा था कि केरल में ‘लव जिहाद’ होने से इनकार करने का कोई भी प्रयास सच्चाई से मुँह मोड़ लेने जैसा है। बिशप ने कहा था कि मुस्लिम विचारों को जबरदस्ती लाने की योजना चल रही है। सभी कैथोलिकों को इसके बारे में पता होना चाहिए और सतर्क रहना चाहिए। इसको लेकर केरल के सीएम विजयन ने कहा था कि जिम्मेदार पदों पर कार्यरत व्यक्तियों को इस तरह के बयान देने में सावधानी बरतनी चाहिए। समाज में धर्म के आधार पर विभाजन पैदा करने वाले बयान नहीं दिए जाने चाहिए।

गौरतलब है कि ‘नारकोटिक्स जिहाद’ वाले बयान के कुछ दिनों बाद केरल के सायरो मालाबार कैथोलिक चर्च के बिशप जोसेफ कल्लारंगट ने केरल में बढ़ती कट्टरता और साम्प्रदायिकता पर भी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था, “छद्म धर्मनिरपेक्षता भारत को तबाह कर देगी। इसलिए असली धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करने की आवश्यकता है।”

राम प्रवेश के 300 बैंक अकाउंट, हर अकाउंट का किराया ₹5 हजार प्रतिमाह: जामताड़ा गैंग का जमा होता था पैसा

दिल्ली पुलिस ने साइबर फ्रॉड के बड़े नेक्सस का खुलासा करते हुए यूपी के हरदोई में रहने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है। 24 वर्षीय आरोपित का नाम राम प्रवेश है, उसकी जामताड़ा के साइबर अपराधियों से साँठ-गाँठ थी। इसके चलते उसने देश भर में अलग-अलग जगहों पर 300 बैंक खाते खोल रखे थे। वह उन खातों को जामताड़ा के साइबर बदमाशों को किराए पर देकर गैरकानूनी रूप से कमाई करता था।

रिपोर्ट के मुताबिक, उसे हर अकाउंट पर साइबर अपराधी 5,000 रुपए महीना देते थे। वहीं, जामताड़ा के अपराधी इन अकाउंट का इस्तेमाल साइबर ठगी के शिकार लोगों के पैसे लेने करने के लिए करते थे। यह मामला एक महिला द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद प्रकाश में आया था।

हाल ही में एक महिला के साथ 98,000 रुपए की ठगी हुई थी, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने अपनी शिकायत में बताया था, ”फोनपे ऐप पर उसका एक पेमेंट प्रोसेस नहीं हो रहा था। ऐसे में उसने Google पर इसका कस्टमर केयर का कॉन्टेक्ट नंबर खोजा, जिसके बाद उसने एक फोन नंबर पर कॉल किया। रिसीवर ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हुए और उसे ओटीपी बताकर अपनी पहचान वेरिफाई करने के लिए कहा। जैसे ही महिला ने ओटीपी डाला तो उसके खाते से पैसे कट गए।”

महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपित को पकड़ने की योजना बनाई। इंस्पेक्टर योगेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। पुलिस ने हरदोई से लेकर स्थानीय स्तर पर मिली सूचना के आधार उसके होमटाउन में छापेमारी की, लेकिन तब तक वह वहाँ से फरार हो चुका था। आखिरकार, कुछ समय बाद आरोपित को पकड़ लिया गया। उसके पास से 25,000 रुपए बरामद किए गए हैं। डीसीपी ने बताया कि आरोपित ने अन्य लोगों के नामों का भी खुलासा किया है, जो इस रैकेट में शामिल हैं।

‘शिर्क कर रही हो, भाँ$, झुक कर मोदी से टॉनिक लेती हो’: भूमि को रुबिका लियाकत ने किया प्रणाम, भड़के कट्टरपंथी

ABP न्यूज़ की एंकर रुबिया लियाकत पिछले कुछ दिनों से कैमरे से दूर थीं। स्वास्थ्य कारणों से वो अपना शो नहीं कर रही थीं। इससे बेचैन प्रशंसकों ने भी उनकी अनुपस्थिति को लेकर चिंता जाहिर की थी। हालाँकि, सोमवार (1 नवंबर, 2021) को रुबिका लियाकत ने न्यूज़ स्टूडियो में वापसी की। जहाँ उनके प्रशंसक उन्हें शुभकामनाएँ दे रहे थे और उससे पहले उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे, वहीं कट्टरपंथियों का एक वर्ग ऐसा भी था जो अपनी हदें पार कर रहा था।

रुबिका लियाकत जब ABP न्यूज़ के दफ्तर में वापस लौटीं तो टीम ने इस पल को कैमरे में कैद किया। टीम को धन्यवाद देते हुए रुबिया लियाकत ने इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टूडियो के स्टेज पर चढ़ने से पहले वो नीची झुक कर भूमि को प्रणाम करती हैं। दरवाजे पर भी उन्होंने जमीन को छू कर प्रणाम किया। उससे पहले वो हाथ जोड़ कर प्रणाम की मुद्रा में नमस्ते करते दिखीं। इसे उन्होंने एक ‘सुंदर अनुभव’ बताते हुए अपना शो शुरू किया।

लेकिन, इस दौरान कुछ लोगों ने उनके खिलाफ भद्दे कमेंट्स करने शुरू कर दिए। खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले अमन खान अलहिन्द ने लिखा, “दलाल रूह से बिका। भाई क्या त्रिपुरा भारत देश में नहीं है? क्या तुम्हारा न्यूज चैनल वहाँ के मुस्लिम लोगों पर हो रहे जुल्म को नहीं दिखा सकता? क्या तुम एक एंकर हो या दलाल? मै तुम भाँ$ मीडिया को दलाल ही मानता हूँ। किस जगह तुम लोग वहाँ के लोगों का दर्द दिखाए हो?” इसी तरह मोहम्मद रफीक ने पूछा कि इस्लाम की अच्छी जानकर होने के बावजूद वो शिर्क (मूर्तिपूजा या बहुदेववाद) क्यों कर रही हैं?

मुस्लिमों ने रुबिका लियाकत को दी ‘शिर्क’ न करने की सलाह

इस पर एक अन्य व्यक्ति नौशाद शाह ने जवाब दिया, “भाई धर्म के अच्छे जानकार नही पार्टी के दलाल अच्छे है।” कबीर युसूफ जई नाम के यूजर ने लिखा, “बहुत कमजोर ईमान है आपका तो। हर चीज चूम रही हो। ये चीजें ईमान की कमी है रुबिका जी।”

वहीं आजम खान नाम के यूजर ने लिखा, “इसके लिए पैसा ही सब कुछ है। इस्लाम से इसे कोई लेना-देना नहीं।”

‘खान साहब’ नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “मैडम रुबिका, आप नोटों के टुकड़ों की खातिर अपना जमीर बेच चुकी हो। अंधभक्तों के अलावा आपको कोई भी नहीं सुनता। कोई देखना भी नहीं चाहता। काश मेरा ये कमेंट आपकी नस्लें देखें और आप पर शर्म करें।”

अखलाद खान ने तंज कसते हुए पूछा, “कुर्सी के पैर नहीं छुए रुबिका?”

मोहम्मद युसूफ ने टिप्पणी की, “पहले ही माफ़ी माँग ली, क्योंकि झूठ फैलाने जा रही हैं।”

वहीं मारूफ अहमद सन्नी ने लिखा, “तुम्हारे चैनल में काम कर रहे सारे लोग बिकाऊ और बेशर्म है। तुम्हारे पिठपोछू करने वाले कोई और नहीं तुम्हारे चमचे ही हो सकते हैं। स्टूडियो से बाहर आकर पब्लिक से बात करो और महँगाई, भ्रष्टाचार, गरीबी, भूखमरी, बेरोजगारी पर सवाल करो सरकार से। फिर वहाँ मिलेगा तुम्हें जनता का सच्चा प्यार।”

वसीम खान नाम के यूजर ने लिखा, “इतना क्यों झुक रही हो? झुक कर लेने की आदत पड़ गई है। गलत मत समझो। मैं उस टॉनिक की बात कर रहा हूँ, जो मोदी जी लिया करते हैं।” वहीं मोहम्मद एहतेशाम ने लिखा, “ऑफिस आते वक्त इस तरह एंट्री का वीडियो कौन बनाता है मतलब इतनी आत्मुग्धता?”

रुबिका लियाकत पर कट्टरपंथियों ने किए भद्दे कमेंट्स

इरफ़ान अंसारी ने लिखा, “चाटुकारिता के लिए भी इतनी तैयारी करनी पड़ती है?” नौशाद शाह ने लिखा, “सच में एहसास आप ही महसूस कर सकती हो क्योंकि हमने कभी किसी की दलाल-गिरी नहीं की तो हम कैसे एहसास महसूस कर सकते है।” एक अन्य मुस्लिम यूजर ने लिखा, “सारे अमल शिर्कीया हैं तुम्हारे। क्या मुस्लिम सिर्फ तुम्हारा नाम ही है?”

रुबिका लियाकत पर इस्लाम विरोधी होने के भी लगाए दिए गए आरोप

बता दें कि रुबिका लियाकत एबीपी न्यूज़ पर ‘हुंकार’ नाम के कार्यक्रम को होस्ट करती हैं। इस साल मई में उनकी माँ का निधन हो गया था, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि माँ मुझ में हमेशा रहेंगी। ‘हुंकार’ के हालिया एपिसोड में उन्होंने आर्यन खान ड्रग्स मामले के बाद नवाब मलिक और देवेंद्र फडणवीस के बीच चल रही जुबानी जंग को कवर किया। कई प्रशंसकों को उन्होंने ट्विटर के जरिए उनकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वो कैमरे को काफी मिस कर रही थीं।

कौन है सलमान जो NCB वाले समीर वानखेड़े की फैमिली को कर रहा था ‘ट्रैप’, कहाँ है अभी: जानिए सबकुछ

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने एक बार फिर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के जोनल डायरेक्टर पर नए सिरे से आरोप लगाए हैं। ये आरोप आलीशान जिंदगी जीने से लेकर ड्रग्स केस के नाम पर उगाही करने तक से जुड़े हुए हैं। मलिक ने वानखेड़े की बहन यास्मीन के ड्रग पेडलर से संबंध होने का भी दावा किया है। इन आरोपों पर वानखेड़े ने भी सिलसिलेवार तरीके से जवाब दिया है।

समीर वानखेड़े ने खुद पर और अपने परिवार पर लगाए जा रहे तमाम आरोपों को खारिज किया। उन्होंने मंगलवार (2 नवंबर 2021) को राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) नेता नवाब मलिक के आरोपों का जवाब दिया। कहा कि उन्हें फँसाने की पूरी कोशिश की जा रही है। 

समीर वानखेड़े ने बताया, “सलमान नाम के एक पेडलर ने मेरी बहन से संपर्क किया था, लेकिन वह एनडीपीएस के मामले नहीं लेती है, इसलिए उसने उसे वापस भेज दिया। सलमान ने बिचौलिए के जरिए भी हमें फँसाने की कोशिश की थी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और वह जेल में है। उसके व्हाट्सएप चैट को शेयर करके हमारे ऊपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “बिचौलिया जिसने हमें फँसाने की कोशिश की थी, उसने इसी साल मुंबई पुलिस में एक झूठी शिकायत दर्ज करवाई थी। उस शिकायत की जाँच में कुछ भी सामने नहीं आया। इसके बाद सलमान जैसे ड्रग्स पेडलरों ने मेरे परिवार को फँसाने की कोशिश की। ऐसी कोशिशें अब भी चल रही हैं और इसके पीछे ड्रग्स माफिया का हाथ है।”

मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए समीर वानखेड़े की बहन यासमीन वानखेड़े पर ड्रग पेडलर के साथ संबंधों का आरोप लगाया था। उन्होंने यासमीन और ड्रग्स पेडलर के बीच के व्हाट्सएप चैट को भी सार्वजनिक किया था। बता दें कि यास्मीन वानखेड़े पेशे से वकील हैं।

मुंबई एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने महँगे कपड़े पहनने को लेकर नवाब मलिक के आरोपों का भी जवाब दिया है। समीर वानखेड़े ने कहा कि जहाँ तक उनके महँगे कपड़ों का सवाल है, यह सिर्फ एक अफवाह है। उन्हें कम जानकारी है और उन्हें इन बातों का पता लगाना चाहिए।

‘गौरी बुर्का पहनो नमाज पढ़ेंगे… आज के बाद घर से बाहर नहीं निकलने देंगे’: 56 के हुए शाहरुख खान का एक पुराना किस्सा, जगमग हुआ मन्नत

बॉलीवुड के किंग खान आज (2 नवंबर ) अपना 56वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। वह हर साल अपना बर्थडे काफी धूमधाम से सेलीब्रेट करते आए हैं, लेकिन इस बार आर्यन खान के ड्रग केस में पकड़े जाने के कारण ऐसा नहीं हो सका। अब कुछ तस्वीरें मीडिया में उनके बंगले की आई हैं जिसमें पूरा घर चमचमाता दिख रहा है।

सोशल मीडिया पर यूजर इस तस्वीर को देख तरह-तरह की बात कर रहे हैं। कुछ यूजर उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएँ दे रहे हैं और कुछ आर्यन ड्रग केस को जोड़ते हुए उनपर तंज कस रहे हैं। ये गौरतलब हो कि शाहरुख ने अपने पूरे करियर में काफी उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन जो दाग उन पर आर्यन खान का नाम ड्रग केस में जुड़ने से लगा, उसका असर उनकी छवि पर पड़ा।

सोशल मीडिया पर लेकर उन्हें तरह-तरह की बातें हुई। उनके कई पुराने इंटरव्यू भी चर्चा में आए। इन्हीं सबके बीच एक अन्य साक्षात्कार भी सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हुआ जिसमें शाहरुख ने फरीदा जलाल से बातचीत में बेहद मजाकिया अंदाज में बताया था कि कैसे शुरुआत में उनकी शादी जब गौरी से हुई तो लोगों को लगता था कि वो अपनी पत्नी यानी गौरी को बुर्का पहनाएँगे उनके जबरन नमाज पढ़वाएँगे।

अपने इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैसे उनकी और गौरी की शादी हुई। बाद में दोनों का एक पारंपरिक रिवाज से रिसेप्शन करवाया गया। शाहरुख ने फरीदा को कहा कि जब वो गए तो वहाँ सब लोग कानाफूसी कर रहे थे कि लड़का तो मुस्लिम है, अब क्या लड़की का नाम बदलेगा, या क्या वो बुर्का पहनेगी?

शाहरुख हँसते हुए कहते हैं कि वो उन सब लोगों की बातें सुन रहे थे और 1:15 बजे अचानक से खड़े होकर बोले- “चलो गौरी बुर्का पहनो और नमाज पढ़ते हैं।” शाहरुख कहते हैं कि ये सुनने के बाद उनका पूरा परिवार हैरान रह गया कि ये तो अभी से बदल गया। जिसे देख शाहरुख ने कहा, “देखिए ये तो बुर्के में रहेगी और आज के बाद इसे घर से बाहर नहीं निकलने देंगे। हम इसका नाम आइशा कर देंगे।”

शाहरुख ने हँसते हुए अपनी सारी बात रखी और कहा कि उन्होंने अपने रिसेप्शन में बहुत मजे किए थे और मानते हैं कि हर धर्म का आदर होना चाहिए लेकिन ये सारी चीज कभी प्रेम के बीच नहीं आनी चाहिए। अपने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनकी शादी बहुत अच्छी चल रही है। समय ऐसे बदल गया है कि गौरी का परिवार गौरी से ज्यादा उनको प्यार करता है।

असम-तेलंगाना में BJP की बल्ले-बल्ले: MP-बिहार में काँटे की टक्कर, जानिए उपचुनावों के परिणाम

देश के विभिन्न राज्यों में कई सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम अब आ रहे हैं। सबसे पहले बात आंध्र प्रदेश की। यहाँ कडपा जिले में स्थित बडवेल विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए थे, जिसे सत्ताधारी YSRCP ने बड़े अंतर से जीत लिया है। भाजपा दूसरे स्थान पर रही। दक्षिण के बाद चलते हैं उत्तर-पूर्व। असम में कुल 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे। भाजपा ने 3 और उसकी साथी UPPL ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की है। जोरहाट के थौरा विधानसभा सीट भाजपा के कब्जे में गई है, जिसे पार्टी के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

बिहार के दरभंगा में मुंगेर जिले के तारापुर और दरभंगा के कुशेश्वर स्थान विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था। खबर लिखे जाने तक तारापुर में राजद आगे है तो कुशेश्वर स्थान में जदयू जीतती हुई दिखाई दे रही है। हालाँकि, दोनों दलों के बीच वोटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। इसी तरह हरियाणा में सिरसा के ऐलनाबाद विधानसभा सीट पर INLD के अभय सिंह चौटाला आगे हैं और भाजपा पीछे है। हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस ने 1 सीट जीत ली है और 2 पर आगे हैं।

पहाड़ी राज्य में भाजपा को निराशा हाथ लगती दिख रही है, क्योंकि एक भी सीट उसके खाते में नहीं आती लग रही। कर्नाटक में अभी मतगणना के शुरुआती रुझान ही आए हैं और एक-एक सीट पर भाजपा और कॉन्ग्रेस आगे चल रही है। हालाँकि, यहाँ अंतिम परिणाम किसी भी करवट जा सकता है और इसमें समय लगेगा। मध्य प्रदेश में दो सीटों पर भाजपा और एक पर कॉन्ग्रेस आगे चल रही है। महाराष्ट्र के देगलुर सीट पर कॉन्ग्रेस जीतती हुई दिख रही है और भाजपा काफी वोटों से पीछे है।

उत्तर-पूर्व के एक अन्य राज्य मेघालय में भी 3 सीटों पर उपचुनाव हुए थे। इनमें दो पर NPP और एक पर UDP आगे चल रही है। NPP भाजपा की सहयोगी पार्टी है और राजग के उत्तर-पूर्व गठबंधन का हिस्सा है। मिजोरम में एक सीट पर उपचुनाव हुआ था, जहाँ MNF आगे चल रही है। ये भी भाजपा के नेतृत्व वाली राजग का ही हिस्सा है। नागालैंड में NDPP एक सीट पर आगे हैं। राज्य में फ़िलहाल इसी की सत्ता है। राजस्थान में कॉन्ग्रेस ने एक सीट जीत ली है और एक पर आगे चल रही है।

तेलंगाना में भाजपा के लिए खुशखबरी है। यहाँ सत्ताधारी TRS को झटका देते हुए भारतीय जनता पार्टी जीतती हुई दिख रही है। पश्चिम बंगाल में 4 की 4 सीटों पर ममता बनर्जी की सत्ताधारी पार्टी TMC ने कब्ज़ा जमा लिया है। यहाँ भाजपा किसी भी सीट पर TMC को टक्कर तक नहीं दे पाई है। लोकसभा उपचुनाव की बात करें तो मध्य प्रदेश का खंडवा में भाजपा और हिमाचल प्रदेश के मंडी में कॉन्ग्रेस आगे चल रही है। दोनों जगह काँटे की टक्कर है। दादरा एवं नगर हवेली सीट पर शिवसेना का कब्ज़ा होता दिख रहा है।

‘पेटीएम पान पराग ट्रॉफी जीतकर टी-20 हार का बदला लेगा’: भारत-न्यूजीलैंड सीरीज के लिए स्टार स्पोर्ट्स इंडिया के वीडियो का उड़ा मजाक

भारतीय क्रिकेट टीम और स्टार स्पोर्ट्स इंडिया को मंगलवार (2 नवंबर 2021) को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। दरअसल, स्टार स्पोर्ट्स ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच 17 नवंबर से शुरू होने वाली आगामी सीरीज का एक प्रचार वीडियो पोस्ट किया है। इसको लेकर नेटिजन्स ने खिलाड़ियों और स्टार स्पोर्ट्स का जमकर मजाक उड़ाया।

पोस्ट की टाइमिंग ने ट्विटर पर इंडियन क्रिकेट फैंस का पारा एक बार फिर से बढ़ा दिया, क्योंकि कुछ दिनों पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 मैच में भारत को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने आगामी भारत-न्यूजीलैंड सीरीज के लिए स्टार स्पोर्ट्स इंडिया के प्रचार अभियान को धता बताते हुए कहा, ”क्रिकेट तो धंधा है, देश की कोई इज्जत नहीं..”

भारतीय क्रिकेट टीम और स्टार स्पोर्ट्स इंडिया का मजाक उड़ाया

लाखों भारतीय क्रिकेट फैंस वर्तमान में जो महसूस कर रहे हैं, उसे एक ट्विटर यूजर ने बताने की कोशिश की है। उसने स्टार स्पोर्ट्स इंडिया का वीडियो ट्वीट करते हुए एक वीडियो क्लिप शेयर कर कहा, ”मजाक है।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ने इस बात को जोर शोर से उठाया कि कैसे वह टीमों के बदला लेने वाले प्रचार अभियानों से तंग आ गया है। उसने लिखा, ”अरे भाई बस कर थक गए हैं तेरा बदला देख देख कर।”

एक और यूजर ने ट्वीट कर बदला लेने वाले प्रचार वीडियो का मजाक उड़ाया। उसने लिखा, ”भारत पेटीएम पान पराग ट्रॉफी जीतकर टी-20 विश्व कप की हार का बदला लेगा।”

सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे भी यूजर्स थे, जिन्होंने टी-20 विश्व कप में न्यूजीलैंड से मैच हारने के बाद आगामी सीरीज में बदला लेने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम और स्टार स्पोर्ट्स इंडिया पर निशाना साधा।

गौरतलब है कि रविवार (31 अक्टूबर, 2021) को भारत को टी-20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक और और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। इससे एक हफ्ते पहले यानी 24 अक्टूबर को टीम इंडिया को पाकिस्तान ने 10 विकेट से हराया था।

NIA की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में SIA, आतंकवाद और राष्ट्रद्रोह से जुड़े मामलों की जाँच में आएगी तेजी

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर में राज्य जाँच एजेंसी (SIA) का गठन किया जा रहा है। केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने सोमवार (1 नवंबर 2021) को इस विशेष जाँच एजेंसी के निर्माण की मँजूरी दी है। एसआईए मुख्य रूप से आतंकवाद और इससे जुड़े अपराधों से संबंधित मामलों की जाँच करेगी। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करने के लिए नोडल एजेंसी होगी और आतंकवाद से संबंधित मामलों की त्वरित और प्रभावी जाँच करेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार के विशेष सचिव खालिद मजीद द्वारा जारी आदेश में इसकी जानकारी दी गई है।

एजेंसी को केंद्र शासित प्रदेश में काम करने वाली सीआईडी ​​और संबद्ध एजेंसियों से अलग स्थापित किया जाएगा। सीआईडी ​​विंग के प्रमुख के पदेन निदेशक के रूप में जम्मू-कश्मीर में एक एसआईए निदेशालय स्थापित किया जाएगा। निदेशालय में अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सरकार करेगी।

पुलिस थानों के सभी प्रभारी अधिकारियों को आतंकवाद से संबंधित मामलों के पंजीकरण पर तत्काल एसआईए को अनिवार्य रूप से सूचित करना होगा और ऐसे मामलों के बारे में भी जहाँ जाँच के दौरान कोई आतंकवाद संबंध सामने आता है। गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, सामूहिक विनाश के हथियार सहित आईपीसी के कृत्यों और प्रावधानों से संबंधित अपराधों को एजेंसी के दायरे में शामिल किया गया है।

एसआईए ही प्रदेश में आतंकी हिंसा और राष्ट्रद्रोह समेत सभी संबधित मामलों की जाँच में एनआईए व अन्य संबधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूरा समन्वय बनाते हुए उन्हें सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करने वाली नोडल एजेंसी की भूमिका भी निभाएगी। एसआईए किसी भी मामले का स्वत: संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज कर सकती है, लेकिन इसकी जानकारी डीजीपी को देनी होगी। 

जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीआईडी विंग का प्रमुख ही एसआईए के पदेन निदेशक हाेंगे। वह अपने कार्याधिकार क्षेत्र में उपलब्ध अपनी सभी शक्तियों और समय-समय पर सरकार द्वारा प्रदान किए गए अधिकारों के अनुरुप कार्य करने में समर्थ रहेंगे। संबधित अधिकारियों ने बताया कि एसआईए का गठन जम्मू-कश्मीर में आतंकी हिंसा और राष्ट्रद्रोह से संबंधित मामलों की त्वरित जाँच और दोषियों को यथाशीघ्र दंड सुनिश्चित करने के लिए ही किया गया है। 

एसआईए के गठन से जम्मू-कश्मीर पुलिस को कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने, सामान्य अपराधों की रोकथाम और आतंकरोधी अभियानों में खुद को पूरी तरह से केंद्रित रखने में मदद मिलेगी। एसआईए का नेतृत्व निदेशक करेंगे और उनके अधीन पर्याप्त संख्या में अधिकारी और कर्मचारी होंगे, जिन्हें समयानुसार व आवश्यतानुसार सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा। SIA में तैनात कर्मचारियों को मूल वेतन का 25 फीसदी विशेष प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा।

वामपंथी बाप ने बेटी से छीना नवजात, अनाथ बता संस्था को सौंपा: दर-दर भटक रही अनुपमा ने हाई कोर्ट से लगाई गुहार

पिछले एक साल से अपने बच्चे की तलाश में दर दर भटकीं 22 साल की अनुपमा ने अब केरल के हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका को दायर कर दिया है। उनका आरोप है कि उनके पिता, जो कि सीपीआईएम नेता हैं, उन्होंने उनसे उनका बच्चा छीना और किसी को गोद दे दिया। उनका कहना यह भी है कि उनके बच्चे को बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित रखा गया

अपनी याचिका में अनुपमा ने कहा कि उनके बेटे को उनसे उस समय दूर किया गया जब वो मात्र 4 दिन का था। उन्होंने बताया कि इस काम में उनके माता-पिता के साथ 4 अन्य लोग भी शामिल हैं। उनका कहना है कि माता पिता ने उनके बच्चे की पहचान छिपाने और उसे अनाथ बनाने की साजिश रची और बाद में उनके बच्चे को ‘अम्मा थोट्टिल’ को सौंप दिया जो कि बाल कल्याण समिति द्वारा संचालित संगठन है।

अनुपमा ने अपनी याचिका में अनुरोध किया है कि उनके बच्चे को उनके माता-पिता अदालत में लाकर पेश करें और उन्हें सौंपे। वह कहती हैं कि उनके बच्चे को कस्टडी में रखना पूरी तरह से अवैध है जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और उनकी इच्छाओं के विरुद्ध है।

बता दें कि अनुपमा और अजीत का बेटा 19 अक्टूबर को ही 1 साल का हुआ है। उसके जन्म के चंद दिन बाद ही अनुपमा के पिता व कम्युनिस्ट नेता जयचंद्रन ने उसे उसके माता-पिता से दूर कर दिया था। दरअसल कम्युनिस्ट पिता अनुपमा और अजीत के रिश्ते के खिलाफ था।

जयचंद्रन, सीपीआई (एम) के पेरूकाडा में स्थानीय कमेटी का सदस्य हैं और तिरुवनंतपुरम सेंटर ऑफ इंडिया ट्रेड यूनियन में जनरल सेक्रेट्री भी। शायद इसीलिए पार्टी नेताओं से लेकर अधिकारी और सीएम पिनराई विजयन तक ने इस मामले में अब तक हस्तक्षेप नहीं किया। उलटा अनुपमा को मानसिक तौर पर अस्थिर कहकर समझाया गया कि बच्चे को गोद दिया गया लेकिन अनुपमा की सहमति से… क्योंकि वो बच्चा पालने की हालत में नहीं थीं।

यहाँ बता दें कि अनुपमा ने जिस हैबियस कॉर्पस याचिका को दायर किया है उसे सामान्यत: ऐसे समझा जा सकता है कि ये एक रिट आदेश के रूप में जारी की जाती है। इसमें एक व्यक्ति को निर्देश दिया जाता है कि वो उस व्यक्ति को न्यायालय के सामने पेश करे और उस प्राधिकारी के न्यायालय को सूचित करे कि आखिर उसे क्यों अवैध तौर पर हिरासत में लिया गया था।

अब इसी हैबियस कार्पस याचिका के तहत अनुपमा ने कहा है कि उनके माता-पिता उनके बच्चे को वापस करें, जिसे उन्होंने अवैध रूप से कस्टडी में लिया था और अनाथ बताकर संस्था को दे दिया था। याचिका ने बाल कल्याण समिति पर भी आरोप लगाया है कि उन्होंने माँ के दावे के बाद बच्चे का डीएनए नहीं कराया और कानूनी अधिकारों का दुरुपयोग किया।