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CM योगी ने कासगंज के शूकर क्षेत्र सोरों को घोषित किया तीर्थ क्षेत्र, भगवान विष्णु के तीसरे अवतार वराह की इस निर्वाण स्थली का पुराणों में भी है जिक्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार (28 अक्टूबर 2021) को शूकर क्षेत्र सोरों के निवासियों को दीपावली का तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने ब्रज क्षेत्र के सूकर क्षेत्र सोरों को तीर्थस्थल घोषित कर दिया है। यह जनपद कासगंज में स्थित हैं। इसे तीर्थस्थल घोषित करने की माँग काफी दिनों से चल रही थी। प्रदेश सरकार ने बयान जारी कर कहा कि इस निर्णय से तीर्थ की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जा सकेगा और विकास के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को रोजगार के नए साधन भी उपलब्ध होंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर इस संबंध में जानकारी दी।

तीर्थ स्थल के रूप में इस प्राचीन एवं पवित्र तीर्थ को संरक्षण मिलने से उसके अन्तर्गत आने वाले अनेकों छोटे-छोटे तीर्थों के जीर्णोद्धार में सुगमता होगी। साथ ही चक्रतीर्थ, योगतीर्थ, सूर्यतीर्थ, सोमतीर्थ एवं साकोटकतीर्थ आदि को भी लाभ होगा। यही नहीं, सोरों सूकर क्षेत्र के तीर्थ स्थल घोषित होने से विकास के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को रोजगार के नए साधन भी उपलब्ध होंगे। लंबे समय से संत-महात्माओं और विभिन्न संगठनों की ओर से सूकर क्षेत्र सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने की माँग की जा रही थी, जिसे योगी सरकार ने पूरा कर दिया।

भगवान वराह की स्वर्गारोहण स्थली है सूकर क्षेत्र सोरों 

ब्रजक्षेत्र स्थित सूकर क्षेत्र, सोरों, जनपद कासगंज भारत का आदितीर्थ है। विभिन्न पुराणों में इसका महत्व बताया गया है। माना जाता है कि सूकर क्षेत्र सोरों भगवान विष्णु के तीसरे अवतार श्री वराह भगवान की निर्वाण स्थली है। सोरों सूकर क्षेत्र के अन्तर्गत जो कुंड (हरिपदी गंगा) है, यह वही स्थान है, जहाँ भगवान श्री वराह ने स्वर्गारोहण किया था। तभी से इस कुंड में मृत्यु के पश्चात अस्थियों का विसर्जन किया जाता है। सूकर क्षेत्र सोरों को मोक्ष प्रदान करने वाला तीर्थ माना जाता है।

तीर्थ स्थल का दर्जा मिलने पर लाभ 

  • तीर्थ की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण।
  • तीर्थ के महत्वपूर्ण प्राचीन धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार।
  • तीर्थयात्रियों-पर्यटकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विकास।
  • हर की पौड़ी के घाट आदि का विकास।

SRK के बेटे आर्यन खान की जमानत पर स्वरा भास्कर से लेकर सोनू सूद ने मनाया जश्न, लोगों ने कहा- ‘बेल मिली है बरी नहीं हुआ’

ड्रग केस में आर्यन खान को जमानत मिलने के बाद बॉलीवुड में खुशी का माहौल है। तमाम सेलेब्रिटीज ट्वीट कर करके अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। सोनू सूद से लेकर स्वरा भास्कर तक ने आर्यन को बेल मिलते ही ट्वीट किया। बता दें कि इस केस में आर्यन के साथ दो अन्य आरोपित अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को भी राहत मिली है।

सोनू सूद ने लिखा, “समय जब न्याय करता है, तब गवाहों की जरूरत नहीं होती।”

स्वरा भास्कर ने तालियों वाला इमोजी बनाया और लिखा, “फाइनली!”

राम गोपाल वर्मा ने कहा, “अगर सिर्फ आर्यन को जमानत पाने के लिए मुकुल रहतोगी की दलील काफी थी, तो क्या इसका मतलब यह है कि उनके पहले के वकील इतने अक्षम थे कि उन्हें बेवजह जेल में इतने दिन बिताने पड़े?”

आर माधवन में लिखते हैं, “भगवान का शुक्र है। एक पिता के तौर पर मैं बहुत ज्यादा राहत महसूस कर रहा हूँ। भगवान करे अब सब ठीक और सकारात्मक हो।”

गायक मिका सिंह ने कहा, “आर्यन खान और अन्य आरोपितों को जमानत मिलने पर बधाई। मैं बहुत खुश हूँ कि आखिरकार बच्चा वापस आ गया। शाहरुख खान भगवान के घर में देर है अंधेर नहीं। आपने भाईचारे में बहुत योगदान दिया है।”

मलाइका अरोड़ा खान ने अपने स्टेटस पर भगवान का शुक्रिया अदा किया।

शनाया कपूर ने आर्यन की जमानत पर उनके साथ अपनी बचपन की तस्वीर लगाई और कैप्शन में दो दिल दिखाते हुए खुशी जताई।

बता दें कि आर्यन खान को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट में उन्हें बेल मिलने से पहले उनकी याचिका मजिस्ट्रेट कोर्ट और विशेष एनडीपीएस कोर्ट में खारिज की गई थी। आज जब उनकी जमानत पर मोहर लगी तो पूरा बॉलीवुड सोशल मीडिया पर खुशी दिखाने लगा। ऐसे में कुछ यूजर्स ने उन्हें याद दिलाया कि आर्यन सिर्फ जमानत पर बाहर आए हैं उन्हें बरी नहीं किया गया है। वहीं कुछ यूजर्स बॉलीवुड वालों की खुशी देख उन्हें सलाह दे रहे हैं कि इस तरह ड्रग्स को समाज में सामान्य न किया जाएगा।

RAS परीक्षा के दौरान पुरुष गार्ड ने काटी महिला उम्मीदवार के कपड़े की बाजू, राजस्थान का मामला: महिला आयोग ने लिया संज्ञान

राष्ट्रीय महिला आयोग ने राजस्थान के बीकानेर में एक परीक्षा केंद्र के बाहर पुरूष गार्ड द्वारा महिला परीक्षार्थी के टॉप की अस्तानी काटे जाने की घटना की निंदा करते हुए राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की माँग की है। बीकानेर में एक परीक्षा केंद्र से एक तस्वीर का हवाला देते हुए, एनसीडब्ल्यू ने राजस्थान सरकार से महिलाओं के सम्मान के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा और पूछा कि महिला उम्मीदवारों की जाँच के लिए महिला सुरक्षा गार्ड क्यों नहीं तैनात किए गए थे।

आयोग ने एक बयान में कहा कि खबरों के जरिए उनके संज्ञान में यह बात आई है कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में एक परीक्षा केंद्र के बाहर महिला परीक्षार्थी के टॉप की बाजू एक पुरूष गार्ड ने काटी। NCW ने कहा महिला आयोग इस कथित घटना से चिंतित है। यह किसी भी महिला के लिए अपमानजनक है। आयोग इसकी कड़ी निंदा करता है। आयोग ने इस मामने का स्वत: संज्ञान लिया है। 

महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। आयोग ने यह भी स्पष्टीकरण माँगा है कि परीक्षा केंद्र पर महिला उम्मीदवारों की तलाशी के लिए किसी महिला गार्ड की नियुक्ति क्यों नहीं की गई।

इससे पहले दिन में, NCW चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने एक अखबार क्लिप के साथ एक ट्वीट पोस्ट किया था, जिसमें बीकानेर की तस्वीर प्रकाशित की गई थी, जिसमें एक सुरक्षा गार्ड को एक महिला उम्मीदवार की पोशाक की बाजू काटते हुए दिखाया गया था। उन्होंने लिखा, “नकल पर लगाम लगाने के नाम पर वे लड़कियों के कपड़े कैसे काट सकते हैं? यह अत्याचार है। अशोक गहलोत आपको इस तानाशाही को रोकना होगा।”

भले ही एनसीडब्ल्यू केवल एक घटना की बात कर रहा हो, लेकिन आरएएस प्रारंभिक परीक्षा के दौरान बुधवार को राज्य भर में ऐसी कई घटनाएँ हुईं। कथित तौर पर, उम्मीदवारों को बताया गया था कि परीक्षा के दौरान पूरी बाजू के कपड़े पहन कर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसा नकल रोकने के लिए किया गया था और कई परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा गार्डों द्वारा महिला उम्मीदवारों द्वारा पहने गए कपड़े की पूरी बाजू काट दी गई।

एक महिला पुलिसकर्मी ने आरएएस 2021 परीक्षा से पहले महिला के टॉप की बाजू काट दी

हालाँकि, इस तरह की अन्य घटनाओं की तस्वीरें बताती हैं कि महिलाओं के कपड़े की बाजू ज्यादातर अन्य जगहों पर महिला सुरक्षा गार्डों द्वारा काटी गई थी। राजस्थान सरकार हाल के दिनों में परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है। इस बाबत सरकार ने मोबाइल इंटरनेट सेवाओं, सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को बंद कर दिया था, ताकि उउम्मीदवार इसका दुरुपयोग न कर सकें।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आरएएस प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन बुधवार (27 अक्टूबर, 2021) को आयोजित किया गया था। कोरोना महामारी को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी सभी कोविड-19 दिशानिर्देशों के तहत परीक्षा का आयोजन किया गया था।

हमने पटाखों पर पूरी तरह बैन नहीं लगाया, यह समस्या अस्थायी, पराली है मुख्य मुद्दा: सुप्रीम कोर्ट

दीवाली नजदीक है, ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार (28 अक्टूबर 2021) को प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि पटाखों का मुद्दा एक अस्थायी मुद्दा है और मुख्य मामला पराली जलाने से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह और एएस बोपन्ना की पीठ ने इस बात को भी माना के इस मामले पर सुनवाई के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला। पीठ ने कहा है कि वो इस मुद्दे पर दीवाली के बाद सुनवाई करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 10 फरवरी 2017 के आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले एक आवेदन पर सुनवाई करने के दौरान यह बात कही। कोर्ट ने सुरक्षा को ध्यान रखते हुए कुछ हानिकारक रसायनों का उपयोग कर पटाखा बनाने पर प्रतिबंध लगाया था। अदालत ने दो टूक लहजे में कहा, “हम एक संदेश देना चाहते हैं कि हम यहाँ लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए हैं। हमने पटाखों पर शत-प्रतिशत प्रतिबंध नहीं लगाया है। हर कोई जानता है कि दिल्ली के लोग क्या झेल रहे हैं।”

जैसा कि शीर्ष अदालत ने पाया कि पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की स्तिथि गंभीर हो जाती है।

पंजाब में पराली जलाने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ हुई

इस बीच दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार प्रदूषण मैनेजमेंट के बहाने हिंदू त्योहार पर अपनी कार्रवाई जारी रखी है। ऑपइंडिया ने रिपोर्ट किया था कि पंजाब में किसानों द्वारा पराली जलाने की वार्षिक परंपरा शुरू होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ हो गई थी। SAFAR (सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च) के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी 14% तक बढ़ गई है।

केजरीवाल सरकार ने दिवाली के दौरान पटाखों पर लगाया प्रतिबंध

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने दीवाली त्योहार के मौके पर प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर पटाखों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। सरकार द्वारा 1 जनवरी 2022 तक सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने त्योहारी सीजन में पटाखों की बिक्री और वितरण पर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, पटाखा बेचने वालों ने दिल्ली सरकार पर अपना गुस्सा निकाला है।

एक व्यापारी ने कहा, “अगर भारत में दिवाली नहीं मनाई जाएगी तो क्या हम उम्मीद करें कि यह पाकिस्तान में मनाई जाएगी? क्या हम कोई त्योहार मना रहे हैं या किसी की मौत का शोक मना रहे हैं? हमें भारत में रहने वाले दिवाली पर पटाखे बेचने की अनुमति देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से भीख माँगनी होगी।” केजरीवाल सरकार के फैसले से नाराज विक्रेताओं ने आप सरकार से यह भी सवाल किया कि राजधानी में प्रदूषण फैलाने के लिए सिर्फ एक दिन का त्योहार कैसे जिम्मेदार है?

महाराष्ट्र पुलिस को समीर वानखेड़े को गिरफ्तार करने से पहले देना होगा 72 घंटे का नोटिस, बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI-NIA जाँच की माँग ठुकराई

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के ड्रग्स केस की जाँच कर रहे एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े एक के बाद एक आरोपों में फँसते जा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस की संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए अंतरिम राहत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में गिरफ्तारी में याचिका दायर की थी। अदालत ने गुरुवार को इस पर सुनवाई की।

दरअसल, समीर वानखेड़े पर कार्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले में जबरन वसूली सहित कई आरोप लगाए गए हैं। वानखेड़े की याचिका पर सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र सरकार के वकील ने स्पष्ट किया कि वानखेड़े के खिलाफ चार अलग-अलग शिकायतें मिली हैं, लेकिन अभी तक कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। इसलिए आवेदन प्री मेच्योर है। इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि अगर कोई मामला दर्ज होता है तो वे गिरफ्तारी से 72 घंटे पहले अधिकारी को नोटिस देंगे।

इस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकारी वकील आश्वासन दें कि मुंबई पुलिस गिरफ्तारी से पहले 3 वर्किंग-डे का नोटिस वानखेड़े को सौंपेगी। इस पर सरकारी वकील ने कहा कि यदि प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत वानखेड़े के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज किया जाता है तो 72 घंटे पहले नोटिस दिया जाएगा। इस मामले की सुनवाई जस्टिस नितिन जामदार और जस्टिस एसवी कोतवाल की बेंच ने की।

गौरतलब है कि शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े कथित ड्रग मामले की जाँच कर रहे समीर वानखेड़े ने याचिका में महाराष्ट्र सरकार द्वारा की जा रही जाँच को सीबीआई या एनआईए को ट्रांसफर करने की माँग की। हालाँकि, कोर्ट ने इस माँग को खारिज कर दिया है।

याचिका में वानखेड़े ने माँग की है, “अदालत को निर्देश देना चाहिए कि भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में याचिकाकर्ता के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य द्वारा दायर या दायर की जाने वाली सभी अथवा किसी भी प्राथमिकी की CBI या NIA द्वारा जाँच की जाए। क्योंकि ये दुर्भावना अथवा गुप्त उद्येश्यों के तहत की जा रही है।”

गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ड्रग्स केस में स्वतंत्र गवाहों प्रभाकर सैल, वकील सुधा द्विवेदी, कनिष्क जैन और नितिन देशमुख द्वारा दायर चार शिकायतों के आधार पर जाँच कर रही है। प्रभाकर सेल ने आरोप लगाया है कि उसने मामले में एक अन्य गवाह किरण गोसावी और सैम डिसूजा को 25 करोड़ रुपए के भुगतान के बारे में बात करते हुए सुना, जिसमें एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को मामले में आर्यन खान को छोड़ने के लिए 8 करोड़ रुपए देने की बात कही गई थी। एनसीबी पहले ही आरोपों की विजिलेंस जाँच के आदेश दे चुकी है।

इस बीच, मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक एनसीबी के जोनल निदेशक पर व्यक्तिगत हमला कर रहे हैं। उन्होंने उनकी बहन, पूर्व पत्नी को मामले में घसीटते हुए उनकी अनुसूचित जाति की स्थिति पर भी सवाल उठाया।

दिल्ली में पाठक परिवार की पूजा बंद कराने घर में घुस गया दानिश: शंख और घंटी का विरोध, दी जान से मारने की धमकी

देश की राजधानी दिल्ली के कालिंदी कुंज में एक हिन्दू परिवार को अपने ही घर में पूजा करने पर धमकियाँ मिल रही हैं। पूजा में बजने वाले शंख और घंटी की आवाज पर समुदाय विशेष के पड़ोसियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। इस मामले में पीड़ित ने कई दिन बीत जाने पर पुलिस पर FIR न दर्ज करने का आरोप लगाया है। यह घटना 19 अक्टूबर 2021 (मंगलवार) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना मदनपुर खादर एक्सटेंशन की है। यहाँ पर रोशन पाठक अपनी पत्नी शांति और 2 बच्चों के साथ 24 साल से रहते हैं। अपने घर का भरण पोषण करने के लिए रोशन पाठक रिक्शा चलाते हैं। रोशन पाठक की बेटी के अनुसार मंगलवार 19 अक्टूबर को उनके घर में पूजा हो रही थी। उसी समय उनका पड़ोसी दानिश उनके घर में घुस गया। वो पूजा बंद करने की धमकी देने लगा।

दानिश ने दोबारा शंख और घंटी न बजाने की चेतावनी दी। उसने बताया कि पूजा की आवाज से उसकी नींद में खलल पड़ता है। इसी के साथ उसने आस-पास के कई मुस्लिम परिवारों को भी जमा कर लिया। उन सब ने मिल कर पाठक परिवार को दोबारा घंटी और शंख न बजाने के लिए धमकाया।

अपनी शिकायत में पीड़ित परिवार ने दानिश द्वारा पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इसी के साथ दोबारा ऐसा करने पर भगवान की मूर्ति को उठा कर बाहर फेंक देने की धमकी दी गई। पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में घर में लूट-पाट की भी आशंका जताई है।

आख़िरकार रोशन पाठक ने इस घटना की पुलिस में शिकायत की। उनके अनुसार पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया। जब इस मामले की जानकारी हिन्दू संगठनों को हुई तो उन्होंने इस पर कड़ा ऐतराज जताया। विश्व हिंदूू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की दिल्ली पुलिस से माँग की है। विनोद बंसल ने लिखा, “दिल थामकर पढ़ना- ये खबर पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश की नहीं अपितु में पनप रहे जिहादिस्तान की है.. घर में भी पूजा नहीं कर सकते हिन्दू?”

विनोद बंसल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में राजधानी में जिहादी मानसिकता के लोगों की हिंदू संस्कृति पर कुठाराघात की घटनाएँ बढ़ी हैं। पुलिस को कार्रवाई कर ऐसी मानसिकता के लोगों को सख्त संदेश देना चाहिए। इस मामले में पीड़ित परिवार का कहना है कि वे पिछले 24 सालों से यहाँ रह रहे हैं।

पहले उन्हें कोई समस्या नहीं होती थी, लेकिन जैसे-जैसे दूसरे समुदाय के लोगों की तादाद बढ़ती गई उन्हें पूजा के लिए टोका जाने लगा। पिछले तीन साल से उनके परिवार को कई बार पूजा बंद करने और शंख-घंटी न बजाने के लिए धमकाया जा चुका है।

आज समीर वानखेड़े, कल रविंद्र पाटिल: अभी आर्यन-तब सलमान, क्या हाथ डालने की कीमत वसूलता है बॉलीवुड

बॉम्बे हाई कोर्ट ने तीन दिन की सुनवाई के बाद आखिरकार गुरुवार (28 अक्टूबर 2021) को आर्यन खान को जमानत दे दी। अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन की क्रूज ड्रग्स केस में 3 अक्टूबर को गिरफ्तारी हुई थी। यह अजीब संयोग है कि जिस दिन आर्यन को राहत मिली, उसी दिन क्रूज पर छापेमारी की कार्रवाई करने वाले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के ज्वाइंट डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने भी अंतरिम राहत के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

असल में इस मामले के सामने आने के बाद से ही वानखेड़े पर एक के बाद एक आरोप लग रहे। उनके परिवार को पूरे मामले में घसीटा जा रहा। उनके ‘धर्म’ को लेकर विवाद खड़े किए जा रहे। वैसे बॉलीवुड से जुड़े किसी मामले में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा। थोड़ा सा दिमाग पर जोर डालेंगे तो कॉन्स्टेबल रविंद्र पाटिल याद आ जाएँगे। हिट एंड रन केस में अभिनेता सलमान खान के खिलाफ गवाही के बाद अचानक से पाटिल के जीवन में उथल-पुथल मच गई थी। बाद में वे गुमनामी में मर गए।

रविंद्र पाटिल कभी सलमान खान के बॉडीगार्ड थे। लेकिन हिट एंड रन केस में एक्टर के विरुद्ध गवाही देने के बाद उनकी नौकरी चली गई। अंत में उनकी 2007 में टीबी से मौत हो गई थी। वे पहले शख्स थे जिन्होंने सलमान के ख़िलाफ़ चल रहे हिट एंड रन केस में कोर्ट में गवाही दी थी और आखिर तक उसी बयान पर टिके रहे थे।

रविंद्र पाटिल ने 1997 में मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल के तौर पर नौकरी करना शुरू की। बाद में वह एलिट कमांडो स्क्वॉड के लिए चुने गए। उन्हें सलमान खान की सुरक्षा में लगाया गया। इस दौरान 2002 में हिट एंड रन का मामला सामने आया। पाटिल ने बयान दिया कि एक्सीडेंट के दौरान सलमान गाड़ी चला रहे थे और उन्होंने उस समय शराब पी रखी थी। उनका कहा था कि उन्होंने सलमान को समझाया था कि वे गाड़ी धीरे चलाएँ, लेकिन उन्होंने उनकी नहीं सुनी।

सलमान के ख़िलाफ़ अक्टूबर 2002 में बयान देने के बाद पाटिल के साथ बहुत कुछ घटीं। कभी उनपर बयान बदलने का दबाव डाला गया तो कभी वे अचानक से गायब हो गए। उन्हें लालच और धमकी दोनों मिली। वानखेड़े की तरह रवीन्द्र के परिजनों को भी परेशान किया गया। लेकिन हर परेशानी के बाद भी उन्होंने कभी अपना बयान नहीं बदला।

हिट एंड रन के केस के सबसे प्रमुख गवाह होने के बावजूद 2006 में उनकी गिरफ्तारी हुई और उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। मात्र एक साल बाद उनकी स्थिति ऐसी हो गई कि उन्हें सेवरी के पास सड़कों पर पाया गया। उनके दोस्तों के लिए उन्हें पहचान पाना बेहद मुश्किल था। उनका शरीर कंकाल जैसा हो गया था और वजन मुश्किल से 30 किलो रह गया था। दोस्तों से जो थोड़ी बहुत बात हो पा रही थी वो भी बहुत मुश्किल से। डॉक्टर ने भी उनकी हालात देखने के बाद यही अंदाजा लगाया कि वे कोई भिखारी हैं जो पैसे जमा करके किसी तरह अस्पताल आए हैं।

अस्पताल में भर्ती होने के कुछ दिन बाद रवीन्द्र की मौत हो गई। वो जब खत्म हुए तो 30 वर्ष भी उनकी आयु नहीं थी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि रवीन्द्र 2 साल पहले टीबी से पीड़ित थे और उनके परिजनों ने उन्हें छोड़ दिया था। हालत ऐसी हो गई थी कि उन्हें सड़कों पर भीख माँगनी पड़ी थी। मरने से पहले उन्होंने अपने दोस्त को बताया था, “मैं मरते दम तक अपने बयान पर अड़ा रहा। लेकिन मेरा विभाग मेरे साथ नहीं खड़ा रहा। मैं मेरी जॉब वापस चाहता हूँ। मैं जीना चाहता हूँ। मैं एक बार पुलिस कमिशनर से मिलना चाहता हूँ।”

हिट एंड रन केस

यहाँ बता दें कि हिट एंड रन केस में सलमान खान को हाई कोर्ट द्वारा बरी किया जा चुका है। यह घटना 28 सितंबर 2002 को हुई थी। सलमान खान की लैंड क्रूजर अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी में घुस गई थी। फुटपाथ पर सोए नरुल्ला शरीफ नामक शख्स की मौत हुई थी, जबकि अब्दुल शेख, मुस्लिम शेख मुन्नू खान, मुहम्‍मद कलीम घायल हो गए थे।

‘यूनाइटेड नेशन ऑफ इस्लाम’ में 8 साल के बच्चों का भी शारीरिक शोषण, 16 घंटे कराते थे मजदूरी: अमेरिकी अदालत ने दोषी पाया

अमेरिका के कंसास जिले की अदालत ने यूनाइटेड नेशन ऑफ इस्लाम ‘पंथ’ के आठ सदस्यों को 8 साल से भी कम उम्र के नाबालिगों से जबरन काम कराने और उनका शोषण करने के मामले में आरोपित करार दिया है। मंगलवार 26 अक्टूबर को संघीय अभियोजकों ने कंसास स्थित इस्लामिक संगठन से जुड़े इन आठ सदस्यों पर देश भर के व्यवसायों को बिना वेतन के चाइल्ड लेबर मुहैया कराने की साजिश रचने और वर्षों तक उनका शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया।

16 घंटे तक कराते थे जबरन काम

25 अक्टूबर को आठ सदस्यों को हिरासत में लेने के बाद 20 पन्नों के अभियोग को सार्वजनिक किया गया। इसके मुताबिक, यूनाइटेड नेशन ऑफ इस्लाम के लोगों ने बच्चों को उनके माता-पिता से अलग किया और उन्हें बेहद बुरे हालात में छिपा कर रखा। इन बच्चों को बिना मजदूरी दिए 16 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इन बच्चों को इलाज से भी वंचित रखा गया। कुछ बच्चों को इस्लामिक संगठन द्वारा संचालित व्यवसायों में काम करने के लिए मजबूर किया गया और बाकियों को न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, ओहियो, मैरीलैंड, जॉर्जिया और उत्तरी कैरोलिना जैसे दूसरे राज्यों में काम के लिए भेजा गया।

जिनके खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, उनमें काबा मजीद, यूनुस रसूल, जेम्स स्टेटन, रैंडोल्फ रॉडनी हैडली, डाना पीच, एटेनिया किनार्ड और जैकलीन ग्रीनवेल शामिल हैं। सभी को 25 अक्टूबर 2021 को विभिन्न शहरों से गिरफ्तार किया गया था। बच्चों के खाने-पीने, कपड़े पहनने, पढ़ने तक पर संगठन के नेताओं का दखल था।

कंसास सिटी में UNOI का मुख्यालय (साभार: फॉक्स न्यूज)

अवैतनिक श्रम ‘अल्लाह के प्रति कर्तव्य’

नाबालिगों को यह बताया गया था कि बिना वेतन के काम करना ‘अल्लाह के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा’ करना है। बच्चों को उनकी उम्र के बारे में झूठ बोलने के लिए कहा गया था। इसके अलावा, बच्चों को दिन में दो बार खाना मिलता था। वहीं, युवा लड़कियों को अपना वजन मेनटेन करने के लिए निर्देश दिए गए थे।

संगठन के सदस्य थकान से बेहोश होने वाले बच्चों के इलाज में देरी, अस्थमा से पीड़ितों को इनहेलर न देने जैसे अमानवीय कृत्य करते थे। आठों आरोपितों पर वर्ष 2000 और 2012 के बीच हुए कथित दुर्व्यवहार के मामले में साजिश और जबरन श्रम का आरोप लगा है। इसी पीरियड में प्रताड़ित किए गए 10 बच्चों के नाम को भी मुकदमे में सूचीबद्ध किया गया है।

UNOI के संस्थापक ने खुद को बताया अल्लाह

इस्लामिक संगठन की स्थापना रॉयल जेनकिंस नाम के ट्रक ड्राइवर ने करीब 40 साल पहले की थी। वह खुद को अल्लाह बताता था। जेनकिंस ने दावा किया था कि 1978 में फरिश्तों ने उसका अपहरण कर लिया था और उसे एक अंतरिक्ष यान से आकाशगंगा में लेकर गए। उस दौरान उसे बताया गया कि धरती पर कैसे शासन करना है। उसने 2012 तक इस संगठन को चलाया। फिलहाल जेनकिंस कहाँ है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। वहीँ, कुछ लोग उसके मरने की बात भी कह रहे हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट से आर्यन खान, मुनमुन और अरबाज को मिली बेल, जानिए कब तक आएँगे जेल से बाहर

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में फँसे बालीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन को गुरुवार (28 अक्टूबर 2021) को बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। 3 दिन चले जिरह के बाद जस्टिस नितिन साम्ब्रे ने आर्यन खान, मुनमुन धमेचा और अरबाज मर्चेंट की जमानत अर्जी स्वीकार की। कोर्ट से डिटेल्ड ऑर्डर कल मिलेगा तब तक तीनों को आर्थर जेल में रहना होगा। कल शाम या परसों तक रिहाई होने की उम्मीद है।

जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए आर्यन खान के वकील मुकुल रोहतगी और सतीश मानेशिंदे बाम्बे हाईकोर्ट में मौजूद रहे। आर्यन खान के वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी कल (शुक्रवार) या परसों (शनिवार) तक आर्यन खान जेल से बाहर आ जाएँगे। वहीं ASG अनिल सिंह ने बेल के विरोध में आज तगड़ी दलीलें दीं।

इससे पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने आर्यन को जमानत का विरोध करते हुए कोर्ट से कहा था कि वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ASG अनिल सिंह ने आज कोर्ट में कहा, “आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट नियमित रूप से ड्रग्स लेते हैं। यह भी सामने आया है कि बल्क क्वॉन्टिटी में हार्ड ड्रग्स खरीदी गईं। वह ड्रग पेडलर्स के संपर्क में भी है। अचित ड्रग पेडलर है। उसे क्रूज से गिरफ्तार नहीं किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा, “आर्यन और अरबाज बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने साथ में ट्रैवल किया और एक ही रूम में रुकने वाले थे। अगर दो लोग साथ थे। उनमें से एक को पता है कि दूसरे के पास ड्रग्स है और वह लेता है तो पहला पर्सन ‘कॉन्शियस पजेशन’ में है।” उन्होंने जज के सामने आर्यन के चैट्स भी रखे।

बता दें कि शाहरुख खान और उनके फैंस को 25 दिन बाद राहतभरी खबर मिली है। आर्यन खान 7 अक्टूबर से आर्थर रोड जेल में बंद हैं। आर्यन खान और अन्य को क्रूज से ड्रग्स पकड़े जाने के सिलसिले में 2 अक्टूबर को एनसीबी ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में कुल 20 लोगों को एनसीबी ने गिरफ्तार किया था।

17 साल की लड़की ने YouTube वीडियो देख खुद से काटी गर्भनाल, बच्चे को दिया जन्म, माँ-बाप से छिपाकर रखी थी प्रेग्नेंसी: केरल की घटना

केरल के मलप्पुरम जिले में एक 17 वर्षीय लड़की ने YouTube वीडियो देखकर अपने ही बेडरूम में बिना किसी की मदद के एक बच्चे को जन्म दिया। पड़ोस के 21 साल के लड़के से संबंध के दौरान वह गर्भवती हुई। दिलचस्प यह है कि उसने प्रेग्नेंसी अपने माता-पिता से छिपा कर रखी थी। घटना जिले के कोट्टक्कल थाना क्षेत्र के एक इलाके की है।

कथित तौर पर बच्चे को जन्म देने के बाद अगले तीन दिन तक किशोरी अपने कमरे में बंद रही। जब उसकी माँ ने बच्चे की रोने की आवाज सुनी तो उन्हें इसके बारे में पता चला। इसके बाद लड़की को संक्रमण के कारण उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ वह अब ठीक हो रही है। माँ और नवजात सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

केरल पुलिस ने खुलासा किया कि लड़की को बच्चे के जन्म की पूरी प्रक्रिया के दौरान कोई बाहरी सहायता नहीं मिली और उसने अपने प्रेमी द्वारा ऐसा करने का निर्देश दिए जाने के बाद, YouTube वीडियो देख कर उसने गर्भनाल (umbilical cord) को खुद ही काट दिया।

अस्पताल में भर्ती होने के बाद, अस्पताल के अधिकारियों ने मलप्पुरम जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने 21 वर्षीय युवक को उसके मोहल्ले से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि व्यक्ति को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम और आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।

रिपोर्टों से पता चलता है कि लड़की ने 20 अक्टूबर को बच्चे को जन्म दिया। लड़की की माँ दृष्टिहीन है और पिता नाइट गार्ड के तौर पर काम करते हैं। लिहाजा उसके लिए अपनी गर्भावस्था को छिपाना आसान था। 22 अक्टूबर को बच्चे के रोने की आवाज सुनकर माता-पिता को इसके बारे में पता चला।

पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की 21 साल के लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। लड़की के माता-पिता अब अपनी बेटी की शादी आरोपित से कराने पर विचार कर रहे हैं। चूँकि लड़की की उम्र अभी भी 18 वर्ष से कम है, इसलिए वे शादी की कानूनी उम्र तक पहुँचने के लिए एक साल तक इंतजार करना चाहते हैं।