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मोहम्मद नसीम ने भारत को दी माँ-बहन की गाली, हवालात में बंद होते ही बोला- हिंदुस्तान का नमक खाता हूँ, मुझे माफ कर दो

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में हिंदुस्तान को गाली देते एक व्यक्ति वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में मोहम्मद नसीम नाम का एक शख्स गाली देने के बाद वीडियो बनाने वाले को चैलेंज दे रहा है कि ‘जाओ कर दो वायरल’। वीडियो वायरल होने के बाद आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की माँग तेज होने लगी। विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल ने इस मामले की तहरीर मछली शहर थाना दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपित की तलाश शुरू कर दी।

वीडियो में आरोपी नसीम भारत को अपशब्द और गंदी गालियाँ दे रहा है। इतना ही नहीं, जो शख्स वीडियो बना रहा था उसे भी वह धमकी देता है। वीडियो बनाने वाले शख्स को धमकी भरे अंदाज में नसीम कहता है कि कर दो वीडियो वायरल।

मामले पर बवाल बढता देख जौनपुर पुलिस ने आरोपित नसीम को खोज निकाला। नसीम के पिता का नाम रमजान है और वह मछलीशहर थाना क्षेत्र के सादीगंज उत्तरी उत्‍तरी कस्‍बे के रजई गाँव का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपित को हवालात में खड़े हो कर एक फोटो भी ट्वीट किया है। इसी के साथ एक वीडियो में नसीम अपने कृत्य की माफी माँगता दिखाई दे रहा है। वीडियो में नसीम कह रहा है, “हिंदुस्तान में रहता हूँ, हिंदुस्तान का नमक खाता हूँ, इसलिए पूरे देशवासियों से निवेदन है कि हमें माफ कर दें। आइंदा ऐसी गलती नहीं होगी। हिंदुस्तान जिंदाबाद”।

एक अन्य वीडियो में आरोपित नसीम जमीन पर बैठ कर माफी माँगता दिखाई दे रहा है। वो पूरे देश से खुद को माफ कर देने की अपील कर रहा है। उसने बताया कि उसने नशे की हालत में उस वीडियो को बनाया था। इसलिए उसे माफ कर दिया जाए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कई पदाधिकारियों ने इस वीडियो पर आक्रोश जताया है। उन्होंने इसकी शिकायत स्थानीय मछलीशहर थाने में बुधवार (27 अक्टूबर 2021) को की। अपनी शिकायत में उन्होंने नसीम को साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा बताया है। इसी के साथ हिन्दू संगठनों ने नसीम के वीडियो से अपनी धार्मिक भावनाएँ आहत होने की भी बात कही है। इस मामले में जब ऑपइंडिया ने मछलीशहर के DSP से बात की तो उन्होंने बताया कि आरोपित नसीम पर IPC की धारा 295A और 153B के तहत कार्रवाई की गई है।

तहरीक-ए-लब्‍बैक और इमरान पुलिस के बीच झड़प में 4 की मौत, 253 घायल: इस्‍लामाबाद घेरने निकले 10000 पाकिस्तानी

पाकिस्‍तान में प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्‍बैक (TLP) और इमरान खान सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। पाकिस्‍तान के कई शहरों में टीएलपी के हिंसक प्रदर्शनों से हालात बेहद खराब हो गए हैं। पंजाब प्रांत के मुख्‍यमंत्री उस्‍मान बुजदर के मुताबिक टीएलपी के फायरिंग में कम से कम 4 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है और 253 अन्‍य लोग घायल हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुछ मीडिया रिपोर्ट में 263 के घायल होने की खबर है। तनावपूर्ण हालात के बीच पंजाब प्रांत में अगले 60 दिनों के लिए पाकिस्‍तानी सेना को तैनात कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक बरेलवी समुदाय से ताल्‍लुक रखने वाला यह कट्टरपंथी संगठन इस्‍लामाबाद को घेरने के लिए निकला है। बताया जा रहा है कि गोलीबारी की यह घटना पंजाब प्रांत के गुजरांवाला जिले में बुधवार (अक्टूबर 27, 2021) को हुई। टीएलपी समर्थकों ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा है। 

बताया जा रहा है कि घायलों में 70 पुलिसकर्मी हैं जिसमें से 8 लोगों की हालत गंभीर है। पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत के एक पुलिस के प्रवक्‍ता ने बताया कि टीएलपी के सदस्‍य पुलिसकर्मियों पर हमले के लिए मशीनगन, एके-47 राइफल और पिस्‍तौल का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि इसी वजह से पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है।

क्यों हो रही है हिंसा?

दरअसल, कट्टरपंथी संगठन टीएलपी दो माँगों को लेकर सड़क पर उतरा हुआ है। पहली माँग टीएलपी के चीफ साद रिजवी को रिहा करने की है तो दूसरी माँग फ्रांस के राजदूत को इस्लामाबाद से वापस फ्रांस भेजने की है। इमरान सरकार पहली माँग मानने के लिए तैयार हो गई, लेकिन दूसरी माँग मानने से इनकार कर दिया। प्रतिबंधित टीएलपी के 10,000 से अधिक समर्थक पिछले तीन दिनों से जीटी रोड पर मुरीदके और गुजरांवाला के बीच डेरा डाले हुए थे। 

पाकिस्तान सरकार के इनकार के बाद बुधवार को उन्होंने इस्लामाबाद की ओर मार्च करना शुरू किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच लाहौर से करीब 50 किलोमीटर दूर सधोके क्षेत्र में झड़पें शुरू हो गईं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जब टीएलपी कार्यकर्ता साधोक पहुँचे तो पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक रोका। यह इलाका युद्ध का मैदान बन गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े। इड़पों में पुलिसकर्मियों समेत दर्जनों टीएलपी कार्यकर्ता घायल हो गए।”

फ्रांस में पैगबंर मोहम्मद का कार्टून प्रकाशित होने के बाद टीएलपी के समर्थकों ने अप्रैल में विरोध प्रदर्शन करते हुए फ्रांसीसी राजदूत को निष्कासित करने और फ्रांस के सामानों के आयातों पर पाबंदी लगाने की माँग की थी, जिसको बाद पार्टी के संस्थापक खादिम रिजवी के बेटे साद रिजवी को हिरासत में लिया था।

जिस लखबीर को मारकर टाँग दिया, उसके परिवार ने माँगी- नौकरी, CBI जाँच, ₹50 लाख मुआवजा: अमित शाह के OSD से मिले

सिंघु बॉर्डर पर 15 अक्टूबर को मारे गए दलित युवक लखबीर सिंह के परिवार ने आज (28 अक्टूबर 2021) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के ओएसडी से मुलाकात की। परिजनों ने उन्हें ज्ञापन देते हुए मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये और सरकार नौकरी की माँग की। इसके साथ ही परिवार ने मामले की जाँच CBI से कराने की भी माँग की।

बता दें कि बुधवार (27 अक्टूबर 2021) को सिंघु बॉर्डर पर मृतक लखबीर सिंह के समर्थन में प्रदर्शन हुआ था। लखबीर सिंह के परिवार को मुआवजे और सरकारी नौकरी की माँग को लेकर हिंद मजदूर किसान समिति के कार्यकर्ता बॉर्डर के पास पहुँच रहे थे, लेकिन पुलिस ने रोक दिया था। बताया जाता है कि उनका प्‍लान सिंघु बॉर्डर पर धरना और हवन करने का था।

सिंघु बॉर्डर के पास नरेला में भारी संख्या में पुलिस तैनात थी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने इन्हें नरेला इंडस्ट्रियल इलाके में ही रोक लिया। हिंद मजदूर किसान समिति के कार्यकर्ता जब आगे बढ़ने लगे, तब पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस के साथ झड़प शुरू हो गई और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया

गौरतलब है कि सिंघु बॉर्डर पर 15 अक्‍टूबर को निहंगों ने लखबीर सिंह की बेरहमी से हत्‍या कर दी थी। लखबीर की हत्‍या की जिम्मेदारी निहंग समूह निर्वेर खालसा-उड़ना दल ने ली थी। इसका कारण पवित्र ग्रंथ की बेअदबी बताया था। हरियाणा में सोनीपत जिले के कुंडली में किसानों के प्रदर्शन स्थल के पास लखबीर का शव बैरिकेड से बँधा मिला था। एक हाथ कटा हुआ खून से लथपथ था। हत्या के मामले में चार निहंगों को गिरफ्तार किया गया है। किसानों का प्रदर्शन स्थल सिंघु में दिल्ली-हरियाणा सीमा के नजदीक है। केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 10 महीनों से यह ‘किसानों’ के आंदोलन का केंद्र बना हुआ है।

‘वर्ल्ड कप में ये ड्रामे होते हैं, दिखावे की जरूरत नहीं’: क्विंटन डिकॉक ने डिटेल में बताया क्यों नहीं टेका घुटना

T20 विश्व कप के दौरान ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ के समर्थन में घुटने के बल बैठने से इनकार करने वाले दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेटर क्विंटन डिकॉक ने अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि वो रेसिस्ट नहीं हैं और उनको मालूम है कि सबकी इज्जत होनी चाहिए। बयान में उन्होंने बताया कि वो किसी का अपमान नहीं करना चाहते थे। लेकिन इस तरह की बातें मैच से पहले होनी चाहिए थी ताकि उस समय फोकस सिर्फ मैच जिताने पर हो। उनके घर में उनके कई रिश्तेदार ब्लैक हैं।

डिकॉक का बयान

डी कॉक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर कहा कि वह एक ऐसे परिवार से आते हैं जहाँ हर रंग के लोग हैं। उनकी सौतेली माँ का रंग ब्लैक ही है। भाई-बहन भी ब्लैक हैं। उनके लिए इसकी महत्ता पैदा होने के बाद से ही है। न कि इसलिए क्योंकि ये कोई अंतरराष्ट्रीय अभियान है।

उन्होंने कहा कि हर किसी के अधिकार महत्तवपूर्ण होते हैं और उनकी परिवरिश यही सब समझाकर की गई है। ऐसे में जब उनसे मैच से पहले ये सब करने को कहा गया तो उन्हें लगा कि उनसे उनका अधिकार लिया जा रहा है। वह कहते हैं कि उन्होंने वही किया जो उनके मन ने करने को कहा। किसी को हाव-भाव के जरिए दिखाने की जरूरत नहीं है कि वो उनके साथ हैं।

डिकॉक का बयान

उनके मुताबिक, “जब आपको ये सब करने को कहा जाता है वो भी बिन किसी चर्चा के। तो ये बेवजह की बातें लगती हैं। अगर मैं रेसिस्ट होता तो मैं आसानी से घुटने टिका लेता, जो कि गलत है और इससे समाज का निर्माण नहीं होता।” वह बताते हैं, “बतौर क्रिकेटर मुझे कई चीजें सुनने को मिलीं। लेकिन उन बातों ने कभी दुख नहीं पहुँचाया। लेकिन नस्लवादी सुनना वो भी गलतफहमी के कारण मुझे, मेरे परिवार, मेरी गर्भवती पत्नी को दुख पहुँचाता है। मैं नस्लवादी नहीं हूँ। मुझे लगता है जो मुझे जानते हैं वो इन बातों को जानते होंगे।”

डिकॉक का बयान

डिकॉक कहते हैं कि उन्हें बहुत धक्का लगा जब उन्हें ऐसे नीचे बैठने को कहा गया। उनके मुताबिक ये सारी बातें टूर्नामेंट से पहले होनी चाहिए ताकि बाद में मैच पर फोकस हो सिर्फ। वह कहते हैं कि जब भी सब वर्ल्ड कप में जाते हैं तो ऐसा कोई न कोई ड्रामा होता ही है। ये चीजें अच्छी बात नहीं है। अपने बयान में उन्होंने साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बवुमा की सराहना की और कहा कि उन्हें दोबारा अपने देश के लिए खेलने में खुशी होगी।

कर्नाटक के धारवाड़ में RSS का तीन दिवसीय बैठक: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार सहित कई मुद्दों पर होगी चर्चा, BJP नेता नहीं होंगे शामिल

कर्नाटक के धारवाड़ में गुरुवार (28 नवम्बर 2021) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक शुरु हो गई है। इस बैठक की शुरुआत सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद भारत माता के चित्र पर फूल चढ़ाए गए। बैठक में देश भर से आए लगभग 350 कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी दी है।

यह आयोजन धारवाड़ स्थित राष्ट्रोत्थान विद्या केंद्र में हो रहा है। इसमें संघ के सभी केंद्रीय अधिकारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों और प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट में इस अखिल भारतीय बैठक को पूर्ण उपस्थिति के साथ होना बताया जा रहा है। यह बैठक हर साल दीपावली से पहले आयोजित होती है। पिछले साल कोरोना के चलते इसका आयोजन नहीं हो सका था। तब यह बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई थी।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार इस बैठक की चर्चा का मुख्य बिंदु होगा। बांग्लादेशी हिंदुओं के घरों, दुकानों और धर्मस्थलों पर हो रहे इस्लामी चरमपंथी हमलों के विरुद्ध एक प्रस्ताव भी पारित किया जा सकता है। इसी के साथ स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ पर मनाए जा रहे अमृत महोत्सव को लेकर भी योजनाएँ बनाई जाएँगी। RSS के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख सुनील अम्बेकर ने इसकी जानकारी दी।

बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के शामिल होने की खबरों पर सुनील अम्बेकर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कोई भी नेता या मंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि ABVP के कार्यकर्ता इस बैठक में संगठन के विस्तार आदि के मुद्दों पर चर्चा के लिए हिस्सा लेंगे।

वर्ष 2025 में संघ का शताब्दी वर्ष है। ऐसे में संघ मात्र कार्यक्रम ही नहीं करना चाहता, बल्कि उसकी कोशिश उन स्थानों तक पहुँचने की है, जहाँ अभी तक संघ पहुँच नहीं पाया है। तीन दिन चलने वाली इस बैठक में सभी बड़े पदाधिकारी अगले 3 वर्ष की योजना बनाएँगे। इसमें देश के सभी गाँवों और पंचायतों तक पहुँचने का लक्ष्य होगा। इस बैठक में वर्तमान संघ की कार्य-स्थिति और कार्य-विस्तार की योजना पर भी चर्चा होगी। इस बैठक का समापन 30 अक्टूबर 2021 की शाम को होगा।

‘बीजेपी दशकों तक रहेगी मजबूत, PM मोदी की ताकत का अंदाजा नहीं लगा पा रहे राहुल गाँधी’: प्रशांत किशोर

2024 में होने वाले लोक सभा चुनाव से पहले ही चुनावी रणनीतिकार और इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के प्रमुख प्रशांत किशोर के एक बयान ने सियासी गलियों में बड़ा धमाका किया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का दबदबा बना रहेगा, बीजेपी आने वाले कई दशकों तक राजनीति में मजबूत ताकत बनी रहेगी। जिस तरह से 40 साल पहले तक कॉन्ग्रेस सत्ता का केंद्र रही, उसी तरह भाजपा भी सत्ता के केंद्र में बनी रहेगी। चाहे चुनाव हारे या जीते।

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने ये बात गोवा में तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक चुनाव कार्यक्रम के दौरान कहीं। गोवा संग्रहालय में प्रशांत किशोर ने कहा, “इस जाल में बिलकुल मत फँसिए कि लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाराज हैं और उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे। हो सकता है लोग मोदी को सत्ता से बाहर कर भी दें,  लेकिन भाजपा अभी कहीं नहीं जा रही है। आपको इससे अगले कई दशकों तक लड़ना होगा। जिस तरह से 40 साल पहले तक कॉन्ग्रेस सत्ता का केंद्र रही, उसी तरह भाजपा भी चाहे हारे या जीते, वह सत्ता के केंद्र में बनी रहेगी। एक बार जब कोई राष्ट्रीय स्तर पर 30 फीसदी वोट हासिल कर लेता है तो इतने जल्दी राजनीतिक तस्वीर से नहीं हटता।”

प्रशांत किशोर ने राहुल गाँधी की समझ पर कमेंट करते हुए कहा, “इस मामले में राहुल गाँधी के साथ दिक्कत है। शायद उन्हें लगता है कि बस कुछ समय में लोग उन्हें (नरेंद्र मोदी) को सत्ता से हटा देंगे लेकिन ऐसा नहीं होगा। जब तक आप मोदी की ताकत का अंदाजा नहीं लगा लेते, आप उन्हें हराने के लिए कभी भी काउंटर नहीं कर पाएँगे। ज्यादातर लोग उनकी ताकत को समझने में समय नहीं लगा रहे हैं। जब तक आप यह ना समझ जाएँ कि ऐसी कौन सी चीज है जो उन्हें लोकप्रिय बना रही है तब तक आप उनको काउंटर नहीं कर पाएँगे।”

किशोर ने यह भी कहा, “आप किसी भी कॉन्ग्रेस नेता या किसी भी क्षेत्रीय नेता से जाकर बात करें, वे कहेंगे, ‘बस कुछ समय की बात है। लोग इनसे नाराज हैं। सत्ता विरोधी लहर आएगी और लोग उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे’ लेकिन मुझे लगता है कि ऐसा नहीं होगा।”

प्रशांत किशोर ने आगे डिटेल में समझाते हुए कहा, “वोटर बेस देखें तो लड़ाई एक-तिहाई और दो-तिहाई के बीच की है। केवल एक तिहाई लोग भाजपा को वोट दे रहे हैं या भाजपा का समर्थन करना चाहते हैं। समस्या यह है कि दो-तिहाई हिस्सा इतना बिखरा हुआ है कि यह 10, 12 या 15 राजनीतिक दलों में विभाजित है और यह मुख्य रूप से कॉन्ग्रेस के पतन का कारण है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह इसलिए है क्योंकि कॉन्ग्रेस का समर्थन कम हो गया है। 65% जनाधार बिखर गया है। जिससे बहुत सारे लोग और छोटे-छोटे दल बन गए हैं।”

ममता बनर्जी के गोवा दौरे से पहले लगे ‘जय श्री राम’ के पोस्टर, BJP ने कहा- मौसम पर्यटकों के लिए उपयुक्त

तृणमल कॉन्ग्रेस (TMC) की नजर अब गोवा पर है। गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। इसी कड़ी में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी गुरुवार (28 अक्टूबर, 2021) से तीन दिवसीय गोवा दौरे पर रहेंगी। वह आज शाम 5:30 बजे गोवा पहुँचेंगी। उनके दौरे से पहले गोवा में कई जगहों पर ‘जय श्रीराम’ का पोस्टर देखा गया। हालाँकि, बीजेपी ने इस पोस्टर को लगाने के पीछे अपनी संलिप्तता से इनकार किया है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद ममता बनर्जी का दिल्ली के बाद गोवा दूसरा ऐसा राज्य है, जिसका वह दौरा कर रही हैं। यह उनका पहला गोवा दौरा भी है। गोवा दौरा के दौरान ममता बनर्जी की तीन दिनों का व्यस्त कार्यक्रम है। टी पार्टी, धार्मिक स्थलों की यात्रा, पदयात्रा लेकर स्थानीय मछुआरों, बुद्धिजीवियों और मीडिया से मुलाकात के कार्यक्रम हैं।

दूसरी तरफ भाजपा ने दावा किया था कि तृणमूल कॉन्ग्रेस की गोवा इकाई ने सोशल मीडिया पर कार्टून पोस्ट किया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत को ममता बनर्जी अपने पैरों तले कुचलने का प्रयास करती दिख रही हैं। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत के कार्यालय ने दावा किया कि ममता बनर्जी की पार्टी ने ट्वीट को तुरंत हटा दिया।

मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत के कार्यालय ने टीएमसी के ट्वीट के स्क्रीनशॉट को साझा किया। इसके बाद टीएमसी की ओर से प्रदेश में लगाए गए कई पोस्टर और होर्डिंग में तोड़-फोड़ की गई, जिनमें ममता बनर्जी की तस्वीर थी। टीएमसी ने इसके लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सदस्य और ममता बनर्जी की पार्टी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि देश की वर्तमान समय में एकमात्र महिला मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी का अपमान किया गया है। सभी जानते हैं कि यह गोवा की संस्कृति नहीं है।

ब्रायन ने कहा कि भाजपा स्थानीय कारोबार को नुकसान पहुँचा रही है, क्योंकि ठेकेदारों को इन तोड़फोड़ वाले पोस्टरों के लिए अपनी जेब से भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा उनकी पार्टी से लड़ना चाहती है तो उसे यह काम राजनीतिक रूप से करना चाहिए। तृणमूल कॉन्ग्रेस ने दावा किया कि तोड़-फोड़ की घटना बीजेपी की ‘असहिष्णुता’ को प्रदर्शित करती है।

भाजपा की बंगाल इकाई ने ममता की यात्रा को पर कटाक्ष करते हुए इसे राजनीतिक पर्यटन बताया। प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि गोवा का मौसम अब पर्यटकों के लिए उपयुक्त है और ममता बनर्जी वहाँ छुट्टियाँ मनाने जा रही हैं। वहीं, कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान ने कहा कि ममता की यात्रा का उद्देश्य गोवा में ‘सहयोगी भाजपा’ की मदद करना है।

मोहम्मद आमिर के लिए बैटिंग कर रही थी पाकिस्तानी पत्रकार सुमैरा खान, हरभजन ने कहा-उड़ता तीर अपनी तरफ मत मोड़ो

टी20 विश्व कप में भारत की हार के बाद से पाकिस्तानी बौराए हुए हैं। सोशल मीडिया पर उलूल-जुलूल पोस्ट कर रहे हैं। ऐसे ही एक पोस्ट पर हरभजन सिंह ने पाकिस्तानी गेंदबाज मोहम्मद आमिर को धो दिया था। उसके बाद मोहम्मद आमिर के समर्थन में कई पाकिस्तानी हरभजन को निशाना बनाने में जुट गए। इनमें से एक नाम पाकिस्तानी पत्रकार सुमैरा खान का भी है।

हरभजन ने आमिर को फिक्सर और अपने देश के लिए धब्बा बताते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था। इसे रिट्वीट करते हुए सुमैरा खान ने ट्विटर पर मजाक उड़ाने वाली इमोजी पोस्ट करते हुए लिखा ‘रोते हुए हरभजन सिंह। इस गंदी टिप्पणी के लिए पूरे सिख समुदाय को आप पर शर्म आएगी…।’

इसका जवाब देते हुए हरभजन ने लिखा, “उड़ता तीर अपनी तरफ मत मोड़ो… अपना काम करो और बकवास कम करो…। अपनी बकवास बंद करो। धर्म को बीच में लाकर गंदा खेल खेलना बंद करो…। तुम वहाँ खुश रहो। हम यहाँ बहुत खुश हैं। आगे कोई बात नहीं।” इसके बाद हरभजन ने हाथ जोड़ने वाली इमोजी पोस्ट की।

इससे इसी मुद्दे पर भज्जी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो भी अपलोड किया है। इसमें सुमैरा खान जैसी पत्रकारों के लिए कहा है, “जिस व्यक्ति (मोहम्मद आमिर) ने क्रिकेट को बेच दिया, अपने देश को बेच दिया कुछ पत्रकार उसका समर्थन कर रहे हैं। ये दिखाता है कि आप लोगों का क्या स्तर है। वहाँ पर किस तरह की पत्रकारिता होती है। मैं आप लोगों के मुँह नहीं लगना चाहता हूँ, केवल इतना कहना चाहूँगा कि हमारी जिंदगी से दूर हो जाओ।”

इसके अलावा हरभजन ने आमिर को भी उनकी सही जगह दिखाई। उन्होंने शोएब अख्तर के साथ ट्विटर पर अपनी बातचीत के बारे में बात करते हुए स्पष्ट किया कि उन दोनों का अपने-अपने देशों के लिए एक-दूसरे के खिलाफ खेलने और मीडिया में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का एक लंबा इतिहास रहा है। लेकिन बीच में कूदने वाला ये आमिर कौन है?

हरभजन सिंह ने कहा, “कुछ पैसों के लिए, आपने अपनी टीम और यहाँ तक ​​कि अपने देश को भी बेच दिया। तुम कौन होते हो मुझे कुछ बताने वाले? हम सभी ने देखा कि तुमने लॉर्ड्स में अपनी ही टीम को हराने के लिए जानबूझकर नो बॉल डाली। तुम देशद्रोही के अलावा और कुछ नहीं हो।” भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले आगामी मैच के लिए टीम को शुभकामनाएँ देते हुए हरभजन सिंह ने कहा, “भारत की टीम जिंदाबाद थी, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगी।”

क्या है मामला

दरअसल, हाल ही में टी20 विश्वकप के दौरान पाकिस्तान ने भारत को हरा दिया था। इसके बाद शोएब अख्तर ने हरभजन को लेकर सोशल मीडिया पर कमेंट किया। उन्होंने इसका जवाब दिया। दोनों की इस बातचीत के बीच में मोहम्मद आमिर ने हरभजन सिंह को लेकर कमेंट कर दिया। मोहम्मद आमिर ने शाहिद अफरीदी का वह मैच हरभजन को याद दिलाया, जिसमें उनकी बॉल पर अफरीदी ने 4 छक्के मारे थे। इसके बाद पलटवार करते हुए भारतीय स्पिनर ने भी आमिर को लॉर्ड्स की मैच फिक्सिंग वाली घटना याद दिला दी।

CM उद्धव को समीर वानखेड़े की पत्नी का पत्र: शिवाजी महाराज और बाला साहेब की दिलाई याद, कहा- रोज इज्जत उतारी जा रही

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग के मामले में गिरफ्तार करने वाले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारी समीर वानखेड़े चौतरफा हमले झेल रहे हैं। इसमें उनके व्यक्तिगत जीवन और परिवार के सदस्यों पर भी टिप्पणियाँ की जा रहा हैं। इसको लेकर समीर वानखेड़े की पत्नी क्रांति वानखेड़े ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है। वहीं, एनसीबी अधिकारी की बहन यास्मीन वानखेड़े ने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही यास्मीन ने आरोप लगाया कि नवाब मलिक उनकी व्यक्तिगत फोटो लीक करने की धमकी दे रहे हैं। इसको लेकर यास्मीन ने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखकर अपने अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की गुहार लगाई थी।

उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में क्रांति वानखेड़े ने कहा कि एक महिला की गरिमा के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है। अगर आज बाल ठाकरे जिंदा होते तो उन्हें यह स्वीकार नहीं होता। उन्होंने लिखा कि बचपन से मराठी मानुष के हक के लिए लड़ने वाली शिवसेना को देखते हुए वह एक मराठी लड़की के रूप में बड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि आप मुझे और मेरे परिवार के खिलाफ अन्याय नहीं होने देंगे।”

क्रांति ने लिखा, “हमें हर दिन लोगों के सामने अपमानित किया जा रहा है। मैं छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे का आदर्श लेकर बड़ी हुई हूँ। किसी पर अन्याय करो मत और खुद पर अन्याय सहो मत, यह इन दोनों ने सिखाया है। आज मैं अकेले अपने व्यक्तिगत जीवन पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ खड़ी हूँ और उनसे लड़ रही हूँ।” उन्होंने आगे कहा, “मैं एक कलाकार हूँ। मैं राजनीति नहीं समझती और मुझे उसमें पड़ना भी नहीं है। इससे हमारा कोई संबंध नहीं होते हुए भी रोज हमारी इज्जत उतारी जा रही है। सोशल मीडिया पर मौजूद लोग मजा ले रहे हैं।”

समीर वानखेड़े की पत्नी ने कहा, “आज वो (बाल ठाकरे) नहीं हैं, लेकिन आप हैं। हम आपमें उनकी परछाई देखते हैं। आप हमारा नेतृत्व कर रहे हैं और मुझे आप पर पूरा विश्वास है। आप कभी अन्याय नहीं होने देंगे। इसलिए एक मराठी होने के नाते आज आपकी तरफ अपेक्षा से देख रही हूँ। आप न्याय करें ऐसी विनती है। आपकी बहन क्रांति रेडकर।”

वहीं, समीर वानखेड़े की बहन यासमीन वानखेड़े ने महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग को भी पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा कि एक महिला के रूप में उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने महिला आयोग से अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने का अनुरोध किया है।

यास्मीन के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि उन्होंने पत्र में अधिकांश अपने भाई के बारे में लिखा है, लेकिन उन्होंने पुलिस की उदासीनता के साथ-साथ ऑनलाइन स्टॉक किये जाने के बारे में भी लिखा है। रेखा शर्मा ने कहा, “हम इस पर महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को लिखेंगे। अपने भाई के मामले में पुलिस से संपर्क कर सकती हैं।”

इससे पहले नवाब मलिक की ओर से समीर वानखेड़े के नाम को लेकर लगाए गए आरोपों पर यास्मीन ने कहा था, ‘एक नौकरशाह के जन्म प्रमाण पत्र की तलाश करने वाला वह (नवाब मलिक) कौन होता है? उसकी रिसर्च टीम ने दुबई से बॉम्बे तक इस तस्वीर को पोस्ट किया है।” यास्मीन ने कहा था कि इसकी वजह से उन्हें जान से मारने की धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। गौरतलब है कि मलिक ने एक बर्थ सर्टिफिकेट ट्वीट करते हुए समीर वानखेड़े का नाम ‘समीर दाऊद वानखेड़े’ बताया था और कहा था कि वानखेड़े एक मुस्लिम हैं और उन्होंने एक मुस्लिम महिला से निकाह किया है। मलिक ने एक निकाहनामा भी ट्विटर पर शेयर किया था।

मुनव्वर फारुकी का मुंबई शो भी रद्द, VHP ने हिन्दू धर्म और देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने पर ‘कॉमेडियन’ को चेताया था

कॉमेडी के नाम पर हिन्दू धर्म और देवी देवताओं का मजाक उड़ाने वाले मुनव्वर फारुकी का मुंबई में होने वाला कार्यक्रम भी रद्द हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की चेतावनी के बाद, भारी विरोध को देखते हुए मुनव्वर फारूकी ने अक्टूबर, 2021 में होने वाले अपने शो को रद्द कर दिया है। हाल ही में गुजरात में शो के आयोजकों के पीछे हटने से रद्द हुए प्रोग्राम से सबक लेते हुए फारुकी ने इस बार ‘दर्शकों की सुरक्षा’ का हवाला देते हुए शो रद्द होने की सूचना खुद ही अपने इंस्टा पोस्ट में दी।

फारूकी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “आगामी मुंबई शो 29, 30, 31 अक्टूबर 2021 रद्द कर दिए गए हैं। दर्शकों की सुरक्षा मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है। मैं नहीं चाहता कि मेरे दर्शक मेरे अनुभव से गुजरें।”

वहीं ताजा घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए, विहिप के प्रवक्ता शिरीष नायर ने स्टैंडअप कॉमेडियन को हिंदू धर्म और संतों के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी न करने की चेतावनी दी।

नायर ने अपने ट्वीट में लिखा, “विहिप/बजरंग दल सभी स्वघोषित स्टैंड अप कॉमेडियनों को सख्त चेतावनी देते हैं जो हमारे महान हिंदू धर्म, संतों या हमारे अतीत के गौरवशाली नायकों का उपहास, परिहास या मजाक उड़ाते हैं, हम उन्हें कानूनी तौर पर एक बड़ा सबक सिखाएँगे।”

स्टैंडअप कॉमेडियन पर नायर के बयान का जवाब देते हुए, विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी कहा, “हिंदू समाज सिर्फ मूकदर्शक बन कर नहीं रह सकता।”

बता दें कि फारूकी के लगातार हिन्दू-देवी देवताओं का मजाक बनाने के कारण उसका व्यापक स्तर पर विरोध कई हिन्दू संगठनों द्वारा शुरू किया गया था जिन्होंने #GoBackMunawar को ट्रेंड कराना शुरू कर दिया था। उस समय कई वीडियो शेयर कर लोगों ने देश को बताया कि कॉमेडियन के सभी शो ‘हिंदू विरोधी’ थे और उसके शो का कंटेंट हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री से भरा है।

वहीं उत्तर गुजरात बजरंग दल के ज्वालित मेहता ने भी चेतावनी दी कि कैसे वे गुजरात में फारूकी के किसी भी शो को नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा था, ‘मैं यह बात आयोजकों से कह रहा हूँ। उनके सारे शो रद्द कर दो। यदि आप नहीं करते हैं, तो- वित्तीय, शारीरिक और मानसिक तौर पर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।”

गौरतलब है कि इससे पहले सूरत में मुनव्वर फारूकी के ‘कॉमेडी’ शो के आयोजन से कार्यक्रम के आयोजक 2जोकर्स एंटरटेनमेंट के हटने के बाद उसका पूरा गुजरात दौरा ही रद्द कर दिया गया था। फारुकी के शो सूरत, अहमदाबाद और वडोदरा में क्रमशः 1, 2 और 3 अक्टूबर को होने वाले थे।

बता दें कि मार्च 2020 में YouTube पर अपलोड किए गए एक वीडियो में मुनव्वर फारूकी ने 2002 के गोधरा नरसंहार का मज़ाक उड़ाया, जहाँ अयोध्या से लौट रहे 58 हिंदुओं को मुस्लिम भीड़ ने जिंदा जला दिया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुई क्लिप में उसे कॉमेडी के नाम पर मजाक उड़ाते हुए देखा जा सकता है। उसपर अपने ‘कॉमेडी’ शो के नाम पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का भी आरोप है। जिसे मध्य प्रदेश के इंदौर में जनवरी 2021 में मुनरो कैफे में आयोजित किया गया था।