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‘BJP का मॉडल, घृणा फैलाने वाला कीड़ा, नाजी गंदगी’: सहवाग के ‘पटाखे’ से फटे कॉन्ग्रेसी और लिबरल

T20 विश्व कप में भारत को अपने पहले ही मैच में पाकिस्तान के हाथों 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारत के कई हिस्सों में पाकिस्तान की जीत के जश्न में पटाखे छोड़े गए। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने जब इसकी आलोचना की तो कॉन्ग्रेस सहित पूरा लिबरल गिरोह उन पर पिल पड़ा। बता दें कि कई मुस्लिम बहुल इलाकों में भारतीय टीम की हार का जश्न मनाए जाने की बात कही जा रही है।

पंजाब यूथ कॉन्ग्रेस ने लिखा, “भारत के रंगों से लेकर सांप्रदायिक रंगों तक। वीरू पाजी, ये क्या दोहरा रवैया है कि जब सीमा पर किसानों के बेटे बलिदान हो रहे हैं और उनके पिता सिंघु सीमा पर ‘किसान आंदोलन’ में बैठे हैं – इस पर आपका ध्यान नहीं जाता, लेकिन पटाखे उड़ाने जैसी बकवास चीजों पर आप बोलते हैं। आप कभी एक रोल मॉडल हुआ करते हैं, भाजपा के मॉडल नहीं।” इस ट्वीट से कॉन्ग्रेस पार्टी की खुन्नस साफ़ दिखती है।

‘पंजाब यूथ कॉन्ग्रेस’ ने वीरेंद्र सहवाग पर साधा निशाना

‘इंडिया टाइम्स’ की कॉरेस्पोंडेंट श्वेता सेंगर ने तो वीरेंद्र सहवाग के लिए ‘कीड़ा’ और ‘घृणा फैलाने वालों में टॉप-रेटेड’ जैसी शब्दावली का प्रयोग किया। उन्होंने दावा किया कि ‘करवा चौथ’ के मौके पर भी पटाखे छोड़े जाते हैं, वो भी प्रतिबंध के बावजूद। उन्होंने पूछा कि क्या आप दिल्ली की जहरीली हवा को भूल गए?

श्वेता सेंगर ने भी दिखाई अपनी ‘पत्रकारिता’

घृणा फैलाने वालों में हमेशा अव्वल रहे अशोक स्वेन ने तो यहाँ तक कह दिया कि अगर वीरेंद्र सहवाग जैसे लोग क्रिकेट के एम्बेसडर हैं तो फिर क्रिकेट देखना ही छोड़ना पड़ेगा और दूसरे खेलों का रुख करना होगा।

अशोक स्वेन को क्रिकेट से ही अब हो गई नफरत

कॉन्ग्रेस समर्थक सुमंत रहमान ने लिखा, “वीरेंद्र सहवाग के ट्वीट का पहला भाग कुत्ते की सीटी के जैसा है, एक ऐसे व्यक्ति द्वारा जो कभी इतना महान क्रिकेटर हुआ करता था। उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी संख्या में लोग आखिर कैसे इतना नीचे गिर रहे हैं?”

कॉन्ग्रेस समर्थक सुमंत रहमान का ट्वीट

एक अन्य यूजर ने तो वीरेंद्र सहवाग को संघी तक करार दिया। उसने लिखा, “संघियों को कंसन्ट्रेशन कैम्पस की बड़ी आवश्यकता है। ऐसा कहने में कोई बुराई नहीं है। 5000 रुपए में पटाखे खरीदों और फिर उनमें आग लगा कर पैसे बर्बाद करो। उसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय पर आरोप लगाने के रास्ते निकालो। “

एक मुस्लिम एक्टिविस्ट ने तो वीरेंद्र सहवाग के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। सैफ पटेल नाम के यूजर ने लिखा, “बांग्लादेश के पूर्व कप्तान मशरफे मुर्तजा ने वहाँ हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा की निंदा कर के सांप्रदायिक भाईचारा की बात की। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग फेक न्यूज़ के जरिए मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा के लिए उकसा रहे। वीरेंद्र सहवाग कितना गंदा, नाजी मैल है।”

एक अन्य यूजर ने वीरेंद्र सहवाग को ‘पूरी तरह से गंदगी का एक टुकड़ा’ तक कह डाला।

वहीं AAP समर्थक ब्लॉगर रिफत जावेद ने भी वीरेंद्र सहवाग पर हमला बोला। उन्होंने लिखा, “ये एक खतरनाक ट्रेंड है। कुछ घटिया लोग अज्ञात जगहों से पटाखे उड़ाने के अपुष्ट वीडियो शेयर करेंगे और उन्हें भारत-पाकिस्तान मैच से जोड़ देंगे। फिर वीरेंद्र सहवाग जैसे घटिया लोग एक समुदाय के खिलाफ घृणा फैलाने के लिए उसका इस्तेमाल करेंगे। पूरी तरह से शर्मनाक!”

बता दें कि टेस्ट मैचों में दो तिहरा शतक लगाने वाले ‘नजफगढ़ के नवाब’ ने ट्विटर पर लिखा, “दीवाली में पटाखों पर प्रतिबंध रहता है, लेकिन कल रात भारत के कई हिस्सों में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के लिए पटाखे उड़ाए गए। अच्छा, वो लोग ज़रूर ‘क्रिकेट की जीत’ की ख़ुशी मना रहे होंगे। तो फिर दीवाली में पटाखे उड़ाने के क्या नुकसान हैं? ये दोहरा रवैया क्यों? सारा ज्ञान तब ही याद आता है।”

पूर्वी दिल्ली के सांसद और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भी भारत में रह कर पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाते हुए पटाखे फोड़ने वालों पर निशाना साधा है। गौतम गंभीर ने ट्विटर पर लिखा, “पाकिस्तान की जीत पर जो लोग पटाखे छोड़ रहे हैं, वो भारतीय नहीं हो सकते। ये शर्मनाक है। हम अपने खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं।” बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में भी भारत की हार का जश्न मनाया गया।

दिल से खौफ निकाल दीजिए… बिना बुलेटप्रूफ आपके बीच हूँ: श्रीनगर में बोले अम‍ित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कश्मीर दौरे का आज (25 अक्टूबर 2021) तीसरा और अंतिम दिन है। उन्होंने आज श्रीनगर में कई विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। अमित शाह ने इस दौरान कार्यक्रम में आए लोगों को संबोधित करते हुए कश्मीर घाटी के सियासी दलों पर भी हमला बोला। कश्मीर घाटी के लोगों को संबोधित करने से पहले अमित शाह ने मंच पर लगे बुलेट प्रूफ शीशे को हटवाया। अम‍ित शाह ने जोर देते हुए कहा क‍ि द‍िल से खौफ न‍िकाल दीज‍िए। कश्मीर की विकास यात्रा में कोई खलल नहीं पहुँचा सकता।

अमित शाह ने कहा, “मुझे बहुत ताने सुनाए गए। बहुुत कोसा गया। बहुुत कड़े-कड़े शब्दों में मेरी निंदा की गई। मैं आज आपके साथ मन खोल कर बात करना चाहता हूँ, इसलिए ना कोई बुलेट प्रूफ है और ना ही कोई सिक्योरिटी है। मैं आपके सामने ऐसे ही खड़ा हूँ। आज ही मैंने अखबार में देखा कि फारुक साहब ने मुझे सलाह दी है कि भारत सरकार पाकिस्तान से बातचीत करे। खैर, बड़े अनुभवी व्यक्ति हैं, मुख्यमंत्री रहे हैं सूबे के। उनकी सलाह है, मगर मैं फारुक साहब से और विशेष कर आप लोगों से कहना चाहता हूँ कि अगर बात करनी है तो मैं घाटी के अपने भाई-बहनों के साथ करूँगा। घाटी के युवाओं से बात करूँगा। मैं क्यों न बात करूँ आपसे? हम चाहते हैं कि हम आपके साथ बात करें। इसीलिए जब मैं युवाओं से बात कर रहा था, मैंने कहा था कि मैं घाटी के युवाओं के साथ दोस्ती करना चाहता हूँ। मैंने घाटी के युवाओं के सामने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। घाटी, जम्मू और नए बने लद्दाख का विकास पाक़ीज़ा मकसद से उठाया गया है कदम है और 2024 तक इसका खूबसूरत अंजाम आपको देखने को मिलेगा।”

उन्होंने कहा कि बहुत लोगों ने सवाल उठाए कि धारा 370 हटने के बाद घाटी के लोगों की ज़मीन छीन ली जाएगी। ये लोग विकास को बाँधकर रखना चाहते हैं, अपनी सत्ता को बचाकर रखना चाहते हैं, 70 साल से जो भ्रष्टाचार किया है उसको चालू रखना चाहते हैं। गृह मंत्री ने कहा कि ये लोग कहते थे कि दहशतगर्दों के ख़िलाफ़ आवाज़ नहीं उठाई। इन लोगों ने घाटी का पर्यटन समाप्त कर दिया था। 

अमित शाह ने कहा, “बहुत आशा जगी है कि जम्मू-कश्मीर में हमेशा के लिए शांति हो सकती है। मैं कश्मीर के युवा से भी अपील करता हूँ कि जिन्होंने आपके हाथ में हथियार और पत्थर थमाए थे, उन्होंने क्या भला किया? ये लोग पाकिस्तान की बात करते हैं, पाक के कब्जे वाला कश्मीर पास ही है उनसे पूछिए कि गाँव में बिजली आई है, अस्पताल हैं क्या, मेडिकल कॉलेज हैं क्या, पीने का पानी आता है क्या, बहनों के लिए शौचालय बना है क्या, तुलना तो कर दीजिए, कुछ नहीं हुआ है।” इससे पहले अमित शाह ने सोमवार को जम्मू कश्मीर के गंदेरबल जिले में खीर भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना की।

‘मेरे पिता हिंदू, माँ मुस्लिम’: दुखी समीर वानखेड़े ने चिट्ठी लिख बताया धर्म, नवाब मलिक के टारगेट पर है NCB अफसर का परिवार

ड्रग्स मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ़्तारी और उनके जेल जाने के बाद से ही महाराष्ट्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री व NCP नेता नवाब मलिक NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं। नवाब मलिक ने ये तक भविष्यवाणी कर दी है कि समीर वानखेड़े की नौकरी एक साल के भीतर चली जाएगी। साथ ही उन्हें जेल भेजने की धमकी भी दी है।

अब समीर वानखेड़े ने ‘दैनिक भास्कर’ को दिए गए इंटरव्यू में उन्हें जवाब देते हुए कहा है कि उन्हें वर्दी भारत के राष्ट्रपति से मिली है और अगर इसे उतरवाना किसी के बस की बात है तो वो उन्हें बधाई देते हैं। उन्होंने ड्रग्स को सबसे ज्यादा फायदा देने वाला अवैध व्यापार बताते हुए कहा कि इसे हवाई मार्ग, जहाज, रेलवे और सड़क मार्ग से देश में लाया जा रहा है और NCB इसे रोकने की पूरी कोशिश कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही है।

दुबई और मालदीव्स जाकर फिरौती लेने के आरोपों पर समीर वानखेड़े ने कहा कि वो कभी दुबई गए ही नहीं। बकौल NCB जोनल डायरेक्टर, वो वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर परिवार के साथ मालदीव गए ज़रूर थे, लेकिन खुद के पैसों से। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में उनके विदेश जाने की बात जो कही जा रही है, ये सही नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले सोचते हैं कि अधिकारी है तो भ्रष्ट ही होगा।

अदालत में मामले होने के कारण उन्होंने आर्यन खान ड्रग्स केस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया और कहा कि जाँच आगे कहाँ तक जाएगी, इस सम्बन्ध में कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने खुद को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि उन्हें देश के लिए काम करने के लिए ही वेतन मिलता है। खुद को ‘सामान्य नौकर’ बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी के कह देने से राष्ट्रपति की दी वर्दी नहीं जा सकती है।

नवाब मलिक को उन्होंने वरिष्ठ और बड़ा नेता बताते हुए पूछा कि क्या ड्रग्स के विरुद्ध सफाई अभियान चलाने के कारण उनकी वर्दी उतारी जाएगी? उन्होंने कहा कि वो अपना काम कर रहे हैं और जो टास्क मिला है, उसे पूरा कर रहे हैं। उन्होंने अपने और अपने परिवार पर व्यक्तिगत आक्षेपों का विरोध करते हुए कहा कि खुन्नस निकालने के लिए ऐसा किया जा रहा है और अपने करियर में वो ऐसा पहली बार देख रहे हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि महाराष्ट्र को बदनाम करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। शिवसेना सुप्रीमो के इस बयान पर वानखेड़े ने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद संवैधानिक होता है, इसीलिए वो टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि वो शिवसेना संस्थापक बालासाहब ठाकरे का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वो किसी के इशारे पर नहीं, बल्कि कानून व संविधान के हिसाब से काम कर रहे।

बॉलीवुड को टारगेट किए जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा, “हमारी कार्रवाई की सूची देखने पर आपको मिलेगा कि तो 2 या 3 कार्रवाई ही बॉलीवुड से जुड़े लोगों पर हुई है। इसके बाद अगर आप ये कहेंगे सिर्फ बॉलीवुड को निशाना बनाया जा रहा है तो यह गलत है। बॉलीवुड के विरुद्ध कार्रवाई के बाद मुझ पर आरोप लगने लगे, लेकिन उससे पहले किसी ने मुझसे नाइजीरियन पैडलर, ड्रग माफिया, दाऊद के भाई के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में कभी नहीं पूछा।”

बता दें कि नवाब मलिक ने ट्विटर पर एक डॉक्यूमेंट शेयर करते हुए लिखा था, “यहाँ से शुरू हुआ समीर दाऊद वानखेड़े का फर्जीवाड़ा।” समीर वानखेड़े ने इस तरह उनके डाक्यूमेंट्स को सोशल मीडिया पर शेयर करने को मानहानिजनक और प्राइवेसी में हस्तक्षेप करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता एक हिन्दू थे और माँ मुस्लिम, ऐसे में वो एक बहुधार्मिक सेक्युलर परिवार से हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री के लगातार हमले से वो और उनका परिवार दबाव महसूस कर रहा है।

उधर NCB ने समीर वानखेड़े के खिलाफ जाँच का आदेश दिया है। 25 करोड़ रुपए के घूस के एक आरोप को लेकर ये जाँच होगी। NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल ज्ञानेश्वर सिंह इस जाँच की निगरानी करेंगे। समीर वानखेड़े अपने पद पर बने रहेंगे या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका जवाब देना जल्दबाजी होगी, अभी जाँच होने दीजिए। मंगलवार (26 अक्टूबर, 2021) को समीर वानखेड़े एक समीक्षा बैठक में शामिल होने दिल्ली NCB मुख्यालय पहुँच रहे हैं।

Pak की जीत का जश्न मनाने वाले कश्मीरियों को यूपी-बिहार के छात्रों ने पीटा, मैच देखकर लगा रहे थे- आजादी के नारे

24 अक्टूबर को टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के मैच के बाद पंजाब के संगरूर में छात्रों के बीच हुई झड़प का मामला सामने आया है। वहाँ भाई गुरदास इंस्टिट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नॉलजी में कथिततौर पर यूपी बिहार के छात्रों ने कुछ कश्मीरी छात्रों को जमकर पीटा। सबका कहना था कि ये कश्मीरी छात्र पाकिस्तान की जीत की खुशी मना रहे थे और आजादी के नारे लगा रहे थे।

सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो में दिख रहा है कि कैसे कमरों में तोड़फोड़ हुई है। कश्मीरी दावा करते हैं कि ये बिहार, उत्तर प्रदेश के लोगों ने किया है। उनका पूछना है कि वो पढ़ने आए हैं, उनके साथ ऐसा बर्ताव क्यों? क्या वो भारतीय नहीं है। अजीब बात ये है कि जहाँ कश्मीरी छात्र इस मामले को सोशल मीडिया पर डालते हुए ऐसे सवाल कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने भी बताया कि पाकिस्तान की जीत के बाद कश्मीरी उनके समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में संगरूर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया, “कॉलेज में लगभग 90 कश्मीरी छात्र और यूपी और बिहार के लगभग 30 छात्र हैं। छात्रावास के 2 विंग में कश्मीरी छात्र रहते हैं। जब मैच चल रहा था और पाकिस्तान रन बना रहा था तो वह सभी खुशी के नाचने लगे और आजादी के नारे लगाए गए।”

पुलिस अधिकारी ने बताया, “मैच खत्म होने के बाद यूपी और बिहार के छात्र कश्मीरी छात्रों के कमरों के अंदर गए और उनसे हाथापाई की। बाद में कश्मीरी छात्रों की भी यूपी और बिहार के छात्रों से हाथापाई हुई जिसे पुलिस और कॉलेज अधिकारियों ने शांत करवाया।”

जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता नासिर खुहमी ने कहा, “मैंने भाई गुरदास इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज में कई लोगों से बात की है। उन्होंने मुझे बताया कि बिहार के छात्रों ने उन्हें मारा, कमरों में तोड़फोड़ की, हॉल को क्षतिग्रस्त किया और यहाँ तक ​​कि गाली दी और कुछ अन्य लोगों को भी पीटा।” खुहमी ने यह माँग की कि पंजाब पुलिस कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

वहीं इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, संगरूर एसएसपी स्वप्न शर्मा ने बताया कि आपसी झड़प के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस के सामने माफी माँगी और मामले को सुलझा लिया गया। संगरूर डीएसपी जीतेंद्र सिंह ने भी जानकारी दी कि कल कॉलेज के बच्चों में भारत-पाकिस्तान के मैच पर झड़प हुई थी। लेकिन अब मामला सुलझ गया है। भारत-पाक समर्थकों के बीच लड़ाई हुई थी। 10-12 लड़के कश्मीर से थे। बाकी अन्य थे।

पानीपत में गाय का सिर काटकर ले भागे हत्यारे, लोगों में रोष, अपराधियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज खँगालेगी पुलिस

हरियाणा के पानीपत से गौहत्या की घटना सामने आई है। यहाँ एक गाय का सिर कटा शव मिलने से लोगों में काफी रोष है। गौहत्या की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में गौशाला के सेवादार व गौभक्त घटनास्थल पर पहुँचे। इसके बाद सेक्टर-29 थाना पुलिस भी मौके पर पहुँची।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, गौशाला प्रधान हरपाल सिंह ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत सेक्टर-29 थाने में केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि लोगों ने काफी देर तक गाय का सिर ढूँढने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिला। गाय के शव को पोस्टमार्टम के लिए पशु अस्पताल भेज दिया गया है।

सेक्टर-29 थाना पुलिस ने बताया कि मौके से गाय के शव के अलावा कुछ भी बरामद नहीं हुआ है। आरोपितों को पकड़ने के लिए आसपास की फैक्ट्रियों में लगे CCTV कैमरों की जाँच की जाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, गौशाला प्रधान हरपाल सिंह ने बताया कि सोमवार (25 अक्टूबर, 2021) की सुबह गाँव नांगलखेड़ी निवासी विनोद वर्मा ने सूचना दी कि सेक्टर-19 के पार्ट-2 स्थित चौराहे पर एक गौवंश का सिर कटा शव पड़ा है। शव के साथ काफी खून बिखरा हुआ था। उन्होंने बताया किसी तेजधार हथियार से गौवंश का सिर काटा गया है।

गाय की नाक में रस्सी डाली-पैर बाँधा, सिर पर हथौड़े के वार से कर दी हत्या

गौरतलब है कि हाल ही में पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित एक अवैध बूचड़खाने में जिंदा गायों की नाक के अंदर रस्सी डालकर और पैरों को बाँधकर सिर पर हथौड़े से वार करके उनकी हत्या करने वाले 11 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि जब उन्होंने दबिश दी उस समय आरोपितों ने तीन गायों के सिर पर हथौड़े से वार करके उन्हें मार दिया था। एक गाय अधमरी हालत में बेसुध जमीन पर पड़ी थी, जबकि चार को उन्होंने बचा लिया। पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद गायों को पशु अस्पताल पहुँचाया था।

जबलपुर में ईद-मिलाद की हिंसा से पहले मौलाना के घर हुई सीक्रेट मीटिंग, मदरसे के बच्चों को भी दिया गया था टास्क: रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के जबलपुर में 19 अक्टूबर 2021 को ईद-मिलाद-उन-नबी पर निकली जुलूस हिंसक हो गई थी। जुलूस में शामिल लोगों ने तय रूट तोड़ने की कोशिश की थी। पुलिस पर पथराव किया गया था। जलते पटाखे फेंके गए थे। शहर के कई हिस्सों में हिंसा फैल गई थी। गोहलपुरी, हनुमानताल क्षेत्रों में हिंसा हुई थी। इस सिलसिले में अब तक 37 गिरफ्तारियाँ हुई है। गिरफ्तार आरोपितों में 4 नाबालिग भी हैं।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार हिंसा अचानक नहीं हुई थी। बताया गया है कि पुलिस के हाथ कुछ फुटेज लगे हैं जिनसे साफ है कि इसकी प्लानिंग की गई थी। इसकी लंबे समय से तैयारी चल रही थी। हिंसा से 2 दिन पहले जबलपुर के आनंदनगर में हुई एक गुप्त मीटिंग भी चर्चा में है।

बताया जा रहा है कि इस हिंसा के सूत्रधार CAA-NRC विरोध के समय में हुए बवाल के साजिशकर्ताओं में से थे। पुलिस को मिली फुटेज से शहर में हिंसा भड़काते चेहरों की हुई पहचान से ये बात निकल कर सामने आ रही है। गोहलपुर पुलिस ने इस संबंध में अन्य प्रमाण भी जुटाए हैं। अकेले गोहलपुर पुलिस ने अब तक 18 दंगाइयों को गिरफ्तार किया है।

घटना से 6 दिन पहले 13 अक्टूबर को एक मीटिंग पुलिस कंट्रोल रूम में हुई थी। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग हर हाल में जुलूस निकालने पर अमादा थे। उन्होंने कहा था कि वो लाठी गोली खाने से भी पीछे नहीं हटने वाले। इस बैठक में जबलपुर के ADM के साथ ASP भी मौजूद थे जिन्होंने शासन की गाइडलाइन का हवाला दिया था। अधिकारियों की अपील उन पर कोई असर नहीं पड़ा था। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने किसी भी तरह का बवाल होने पर प्रशासन को जवाबदेह बताया था।

प्रशासन ने उग्रता से बात कर रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों को समझाने के लिए मुफ़्ती-ए-आज़म हजरत मोहम्मद अहमद सिद्दीकी का सहयोग माँगा था। इसके बाद मुफ़्ती ने आवाम के लोगों से शांतिपूर्ण त्योहार मनाने की अपील की थी। उन्होंने प्रशासन की गाइडलाइन को मानने के साथ पटाखे आदि न फोड़ने के लिए भी कहा था। उन्होंने त्योहार अपने घरों और मोहल्लों में मनाने की गुजारिश की थी।

इसके बाद 17 अक्टूबर को आनंदपुर में एक गुप्त मीटिंग हुई। इस मीटिंग को एक मौलाना के घर पर किया गया था। इसमें जबलपुर के तीन पूर्व पार्षद के साथ एक कबाड़ी का बेटा कई अन्य लोगों के साथ मुख्य रूप से शामिल था। मीटिंग में 50 हजार पटाखों के लिए पैसे भी जुटाए गए। पटाखों फोड़ने की जिम्मेदारी जबलपुर के सुब्बाशाह मैदान के पास स्थित एक मदरसे के 4 लड़कों को सौंपी गई। 18 अक्टूबर को इन सभी को आनंद नगर पानी टंकी के पास बुला कर पटाखे दिए गए। उन्हें सुबह से लेकर देर रात तक पटाखे फोड़ने थे। जुलूस में सबसे आगे वही थे जो CAA-NRC दंगों में हिंसक भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे।

साजिश भी बड़ी सफाई से रची गई। एक दिन पहले मछली मार्किट में बैरियर लगाने की माँग उनके द्वारा ही की गई जो अगले दिन हिंसा में शामिल थे। उन्होंने पुलिस को खुद बताया कि उस क्षेत्र में बवाल हो सकता है। उनका मकसद ऐसा कर पुलिस की नजर में न आना था।

एडिशनल एसपी रोहित काशवानी के अनुसार आरोपितों पर साजिश रचने की धारा बढ़ाई जाएगी। CCTV फुटेज में कई लोग भीड़ को उकसाते दिख रहे हैं। घटना से जुड़े तमाम फुटेज की जाँच की जा रही है। गोहलपुर थाना में 24 नामजदों के साथ लगभग 60 अज्ञात के विरुद्ध बलवा, हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा पहुँचाने, धारा 144 को तोड़ने, विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

मुफ़्ती-ए-आज़म बनने की लड़ाई

बताया जाता है कि जबलपुर में मुस्लिमों के मुखिया बनने की होड़ में 3 गुट सक्रिय हैं। पहले गुट के मुखिया मुफ़्ती-ए-आज़म के बेटे मुसाहिद मियाँ हैं। दूसरे समूह का नेतृत्व रईस वली कर रहे हैं। इन्हें नईम अख्तर का खास माना जाता है और ये नईम अख्तर को मुफ़्ती-ए-आज़म बनाना चाहते हैं। तीसरा गुट शहर क़ाज़ी मौलाना इम्तियाज और उनके बेटे भूरे पहलवान का है। शमीम कबाड़ी का नाम इसमें से एक समूह को गुपचुप पैसे देने के लिए सामने आ रहा है।

तीसरे समूह भूरे पहलवान में ज्यादा से ज्यादा मुस्लिमों को अपनी तरफ जोड़ने की कोशिश हो रही है। कुल मिला कर यह मुफ़्ती-ए-आज़म बनने की नूराकुश्ती है। इसी नूराकुश्ती के चलते शहर में हिंसक गतिविधियाँ हो रही हैं। हालाँकि एक समूह के मुखिया मौलाना इम्तियाज़ ने ऐसी किसी भी होड़ से खुद को अलग बताया है।

मेरठ में हलाला के नाम पर मौलाना ने तीन तलाक पीड़िता का कराया गैंगरेप: उम्मेद और रिसायत गिरफ्तार, सरफराज फरार

उत्तर प्रदेश के मेरठ से हलाला के नाम पर तीन तलाक पीड़िता के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता के मुताबिक, टीपीनगर स्थित एक होटल में हलाला के नाम पर एक मौलाना ने उसका गैंगरेप कराया। महिला ने बताया, “वह अपने शौहर से दोबारा निकाह करना चाहती थी। इसके लिए मौलाना ने उसे हलाला करने के लिए कहा। इसके बाद उसने दो लोगों को बागपत से बुलाकर हलाला के नाम पर उसका गैंगरेप कराया।”

मेरठ के एसपी सिटी विनीत भटनागर के अनुसार, महिला की शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपितों उम्मेद, रियासत और मौलाना सरफराज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मौलाना सरफराज फरार है। पुलिस ने उम्मेद व रियासत को जेल भेज दिया है और मौलाना की तलाश में जुट गई है।

बताया जा रहा है कि लिसाड़ी गेट निवासी महिला का 6 महीने पहले तलाक हो गया था। अब शौहर और बीवी में फिर से एक साथ रहने की सहमति बनी है। लिसाड़ी गेट की शाहजहाँ कॉलोनी में रहने वाले मौलाना सरफराज से जब उन्होंने इसके लिए पूछा तो उसने बताया कि महिला को पहले हलाला कराना होगा। इसके बाद ही वह अपने पहले शौहर से दोबारा निकाह कर सकती है।

इसके लिए मौलाना सरफराज ने बागपत के दोघट के गाँव मिलाना में रहने वाले अपने परिचित हाफिज उम्मेद और रियासत को 24 अक्टूबर को मेरठ बुलाया। रात करीब नौ बजे नूरनगर पुलिया के पास महिला को दोनों आरोपितों के साथ भेज दिया। महिला को बताया गया कि हाफिज निकाह करा देंगे और हलाला होने के बाद सुबह घर वापस आ जाना होगा। इसके बाद आरोपित उसे लेकर NH-58 पर स्थित एक होटल में लेकर पहुँच गए। यहाँ उन्होंने महिला के साथ गैंगरेप किया। पीड़िता ने होटल से ही अपने मौसेरे भाई को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद उसके भाई ने पुलिस को रात में ही गैंगरेप की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों आरोपितों को धर दबोचा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौलाना इससे पहले भी हलाला के नाम पर कई महिलाओं का गैंगरेप करा चुका है। मौलाना मूल रूप से मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना का रहने वाला है। लिसाड़ी गेट में वह काफी समय से रह रहा है और टोने-टोटके समेत झाड़-फूँक करता है। प्रारंभिक जाँच में पुलिस को कुछ साक्ष्य मिले हैं।

बता दें कि मौलाना सरफराज और हाफिज उम्मैद एक-दूसरे को काफी समय से जानते हैं। दोनों पहले एक साथ दोघट के मिलाना गाँव में इस्लामिया मदरसे में पढ़ाया करते थे। बाद में सरफराज मेरठ आ गया। पुलिस आसपास के क्षेत्र में दोनों की जानकारी जुटा रही है।

‘पाकिस्तान की जीत के जश्न में पटाखे फोड़ने वाले भारतीय नहीं हो सकते’: सहवाग के बाद अब गौतम गंभीर ने साधा निशाना

पूर्वी दिल्ली के सांसद और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज ने भारत में रह कर पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाते हुए पटाखे फोड़ने वालों पर निशाना साधा है। गौतम गंभीर ने ट्विटर पर लिखा, “पाकिस्तान की जीत पर जो लोग पटाखे छोड़ रहे हैं, वो भारतीय नहीं हो सकते। ये शर्मनाक है। हम अपने खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं।” बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में भी भारत की हार का जश्न मनाया गया।

बता दें कि गौतम गंभीर फ़िलहाल अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रिय हैं और शकरपुर में उन्होंने चौथी ‘एक आशा जन रसोई’ खोली है, जहाँ गरीबों को मात्र 1 रुपए में भर पेट भोजन मिलेगा। भुखमरी के खिलाफ लड़ाई में लगे भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने कई मोहल्लों से कूड़े के ढेर भी हटवाए हैं। उन्होंने हाल ही में कहा कि उनका सपना है कि वो दिल्ली से भुखमरी को मिटा दें, ताकि किसी गरीब को भूखा न सोना पड़े।

याद दिलाते चलें कि T20 विश्व कप में भारत का पहला मुकाबला रविवार (24 अक्टूबर, 2021) को पाकिस्तान से हुआ। इस मैच में टीम इंडिया को 10 विकेट से एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। भारत के 5 गेंदबाज पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों को भी आउट नहीं कर सके। देश के कुछ हिस्सों में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाया गया। मुस्लिम बहुल इलाकों में पटाखे छोड़ने की खबरें आई। पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी इस पर निशाना साधा है।

टेस्ट मैचों में दो तिहरा शतक लगाने वाले ‘नजफगढ़ के नवाब’ ने ट्विटर पर लिखा, “दीवाली में पटाखों पर प्रतिबंध रहता है, लेकिन कल रात भारत के कई हिस्सों में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के लिए पटाखे उड़ाए गए। अच्छा, वो लोग ज़रूर ‘क्रिकेट की जीत’ की ख़ुशी मना रहे होंगे। तो फिर दीवाली में पटाखे उड़ाने के क्या नुकसान हैं? ये दोहरा रवैया क्यों? सारा ज्ञान तब ही याद आता है।”

सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जो पाकिस्तान के सीमापुरी इलाके का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के लगातार पटाखे छोड़े जा रहे हैं। वीडियो में पटाखे छूटते हुए देखा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शशांक शेखर झा ने इस वीडियो की तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि अगर आपकी सरकार ने दीवाली पर पटाखे छोड़ने के लिए हिन्दुओं को छुआ भी तो अब अदालत में मिलेंगे।

दूरदर्शन के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने इस वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कहा, “ये वीडियो राजधानी दिल्ली के सीमापुरी इलाके का बताया जा रहा है, जहाँ मुस्लिम बहुसंख्या है। पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाया जा रहा है। जो कभी कश्मीर में होता था, वो राजधानी दिल्ली में हो रहा है। दीवाली पर हिन्दू पटाखे नहीं फोड़ सकते, पर पाकिस्तान के लिए मुस्लिम फोड़ सकते हैं।” कई लोगों ने अंदेशा जताया कि ये वीडियो शादी का हो सकता है।

बता दें कि पाकिस्तान की जीत के बाद ही विश्व कप में भारत के हाथों उसकी लगातार 12 हार का सिलसिला टूट गया। भारत के विरुद्ध T20 मैचों में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की साझेदारी सर्वाधिक है। साथ ही पहली बार T20 में भारत 10 विकेट से हारा। बाबर आजम ने 52 गेंदों पर 68 रन बनाए तो मोहम्मद रिजवान ने 55 गेंदों पर 79 रनों की पारी खेली। दोनों ही बल्लेबाज नाबाद रहे।

समीर वानखेड़े के खिलाफ NCB ने शुरू की विजिलेंस जाँच, कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा- मुझे टारगेट किया जा रहा

आर्यन खान ड्रग केस में गवाह प्रभाकर सैल के खुलासे के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गवाह द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप के बाद एनसीबी के जोनल अधिकार समीर वानखेड़े सोमवार (25 अक्टूबर 2021) को स्पेशल NDPS कोर्ट के सामने पेश हुए और एफिडेविट दाखिल किए।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक द्वारा उन पर लगाए गए आरोप के खिलाफ समीर वानखेड़े ने कोर्ट से कहा कि उन्हें धमकी दी जा रही है और उनकी बहन व स्वर्गवासी माता को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने ये भी कहा है कि वह हर तरह की जाँच के लिए तैयार हैं।

NDPS कोर्ट में एक एफिडेविट समीर वानखेड़े की तरफ से दाखिल किया गया है और दूसरा एनसीबी की तरफ से है। समीर वानखेड़े ने एफिडेविट में कहा है कि उन्हें धमकी दी जा रही है और जाँच को प्रभावित किया जा रहा है। जाँच एजेंसी NCB ने कोर्ट को बताया है कि मामले में गवाह अपने बयान से मुकर गया है और विटनेस होस्टाइल की स्थिति बनी हुई।

वानखेड़े के वकील ने सोमवार को अदालत को बताया कि उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ निजी आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरे परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं? मेरी सुपरवाइजरी पोजिशन की वजह से? क्या यह केवल मुझे भटकाने और मुझे अदालत में विफल करने के लिए है।”

वानखेड़े ने आग्रह किया कि किसी को भी गवाहों और जाँच को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं किसी भी तरह की जाँच या पूछताछ के लिए तैयार हूँ। मेरे पास 15 साल का रिकॉर्ड है।”

वहीं, बताया जा रहा है कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने जबरन वसूली के आरोपों की जाँच का फैसला लिया है। NCB के उप-महानिदेशक (DDG-NR) और विजिलेंस यूनिट के प्रमुख ज्ञानेश्वर सिंह इस मामले में एक ‘स्‍वतंत्र गवाह’ द्वारा लगाए गए ‘जबरन वसूली’ के आरोपों की जाँच करेंगे। एनसीबी के उप-महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा है, “मैं आरोपों (समीर वानखेड़े के खिलाफ) की जाँच की निगरानी कर रहा हूँ।” यह पूछे जाने पर कि क्या वानखेड़े इस पद पर बने रहेंगे, सिंह ने कहा, “अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। हमने अभी जाँच शुरू ही की है।”

इससे पहले समीर वानखेड़े ने पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें झूठे केस में फँसाने की साजिश रची जा रही है। एनसीबी अधिकारी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर से गलत उद्देश्य और आरोपों के आधार पर कोई भी कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया था।

बता दें कि आर्यन खान ड्रग्स मामले में बड़ा ट्विस्ट तब आया जब इस केस के प्राइम विटनेस केपी गोसावी के बॉडीगार्ड ने बड़ा खुलासा किया। बॉडीगार्ड प्रभाकर सैल ने अपने हलफनामे में बताया कि एनसीबी के दफ्तर में पंचनामा पेपर बताकर खाली कागज में जबरन हस्ताक्षर कराए गए थे। इतना ही नहीं केपी गोसावी व एक अन्य के साथ इस मामले में 25 करोड़ की रिश्वत की भी माँग की गई थी। बाद में यह सौदा 18 करोड़ में तय हुआ था, जिसमें आठ करोड़ रुपए समीर वानखेड़े को देने की बात हो रही थी। 

‘इस्लाम की फतह, मोदी की टीम को हराया, कुफ्र तोड़ा’: Pak की जीत के बाद मंत्री से कमेंटेटर तक की ये कैसी जुबान

T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की जीत के बाद से सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े बोल बोले जा रहे हैं। कोई इस्लाम जिंदाबाद के नारे बुलंद कर रहा है तो कोई इसे काफिरों की हार बता कर खुश हो रहा है और कुछ लोग तो ऐसे हैं जो इसे पीएम मोदी की हार करार दे रहे हैं। इस सूची में मंत्री से लेकर क्रिकेटर और यूट्यूबर-डायरेक्टर सब शामिल हैं।

गृहमंत्री शेख रशीद ने पाक टीम की जीत कहा- इस्लाम की फतह

24 अक्टूबर को पाकिस्तान की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए वहाँ के गृह मंत्री शेख रशीद ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि भारत के मुसलमानों के जज्बात भी पाकिस्तानी टीम के साथ थे। इस वीडियो में शेख रशीद ने टीम को मुबारकबाद देते हुए कहा,

“…मुझे अफसोस है कि यह पहला भारत-पाकिस्तान मैच है, जिसे मैं कौमी जिम्मेदारियों की वजह से ग्राउंड में नहीं खेल सका। लेकिन मैंने तमाम ट्रैफिक को कह दिया है कि कंटेनर हटा दिए जाएँ ताकि कौम जश्न मना सके। पाकिस्तान की टीम और कौम को यह जीत मुबारक। आज हमारा फाइनल था। हिंदुस्तान सहित दुनिया के तमाम मुसलमानों के जज्बात पाकिस्तानी टीम के साथ थे। इस्लाम को फतह मुबारक हो।”

मुबाशेर लुकमान ने उगला जहर

पाकिस्तानी डायरेक्टर व यूट्यूबर मुबाशेर लुकमान ने अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि वो हमेशा से उम्मीद करते थे कि पाकिस्तान भारत को वर्ल्ड कप मैचों में हराए। ऐसे में जिस तरह पाक ने भारत को 24 अक्टूबर को हराया उनका मानना है कि पाकिस्तान ने पूरा वर्ल्ड कप ही जीत लिया है। लुकमान कहते हैं कि उन्हें खुशी है कि पाकिस्तान ने मोदी की टीम को हार दी है जो हमेशा विज्ञापनों में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ प्रचार करते थे।

लुकमान ने बताया कि कैसे उन्होंने पाकिस्तान की जीत पर सट्टेबाजी की हुई थी। अपनी वीडियो में अपनी टीम की तारीफ करते हुए वह लगातार भारत के ख़िलाफड बोलते रहे और रिजवान द्वारा पिच पर नमाज पढ़े जाने को ऐतिहासिक बात कही। साथ ही बताया कि आकिब जावेद ने उन्हें बता दिया था कि इस बार पाकिस्तान जीत सकती है क्योंकि पिच ऐसी है कि गेंदबाजों को इसका फायदा होगा। इसके बाद लुकमान ने भारतीय मुसलमानों का जिक्र किया और कहा कि भारत में मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। ऐसे में अब उन्हें पता चला होगा कि जब उनके लिए मुल्क बना था और वो यहाँ नहीं आए तो अब उनको पता चलेगा कि मुसलमानों के अपने मुल्क की जीत की खुशी क्या होती है। लुकमान बातों ही बातों में इतना गिर गए कि उन्होंने शमी से बॉलिंग करवाने के फैसले को भी हिंदू-मुसलमान कर दिया और बताया कि ऐसा इसलिए हुआ ताकि जब भारत को भला-बुरा बोला जाए तो सारा ठीकरा एक मुसलमान यानी शमी पर फोड़ें।

‘लेकिन कुफ्र तो टूट गया…’: कमेंटेटर बाजिद खान का विवादित बयान

इसके बाद बाजिद खान, जो कि एक पाकिस्तानी कमेंटेटर और पूर्व क्रिकेटर हैं उन्होंने तो अपनी खुशी जाहिर करने के लिए ये तक कहा कि ये कुफ्र की हार है। बाजिद ने बाबर का इंटरव्यू लेते हुए कहा, “लेकिन कुफ्र तो टूट गया…।” इस पर आजम ने कहा, “सब अल्लाह का करम है।” अब सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से शेयर हो रही है। लोगों की शिकायत है की आखिर आईसीसी प्रेजेंटेटर ऐसी भाषा कैसे बोल सकता है। लोगों पूछ रहे हैं कि क्या आईसीसी बाजिद को सस्पेंड करेगा। कुछ लोग बता रहे हैं कि कुफ्र का मतलब गैर मुस्लिमों से है। इसका इस्तेमाल एक कहावत से निकला है जिसमें कहा जाता है, “लाए उस बुत को इल्तेजा करके। कुफ्र टूटा खुदा-खुदा करके।”