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सुपरस्टार रजनीकांत को सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान: उस बस ड्राइवर को किया याद, जिसने पहचानी थी उनकी अभिनय कला

भारत सरकार ने सुपरस्टार रजनीकांत को सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा है। उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के हाथों उन्हें ये सम्मान प्राप्त हुआ। सोमवार (25 अक्टूबर, 2021) को राष्ट्रीय पुरस्कारों के कार्यक्रम में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर की मौजूदगी में ये सम्मान मिला। दक्षिण भारत में ‘थलाइवा’ के रूप में जाने जाने वाले रजनीकांत के फैंस जापान और मलेशिया में भी हैं।

रजनीकांत को स्वर्ण कमल से सम्मानित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम के उद्घोषक ने कहा कि सुपरस्टार रजनीकांत का शानदार फ़िल्मी करियर 45 वर्षों का रहा है और इस दौरान उनके काम ने न सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि उन पर गहरा असर भी छोड़ा। उन्हें भारत के सबसे चहेते और लोकप्रिय कलाकरों में से एक बताते हुए कहा गया कि ये उनकी अभिनय कला को मिला सम्मान है।

सुपरस्टार रजनीकांत को भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान

कार्यक्रम में कहा गया कि सुपरस्टार रजनीकांत की संवाद अदायगी और स्क्रीन पर दिखने वाला अनोखापन लोगों को बेहद पसंद है और वो पीढ़ियों से सिनेप्रेमियों को प्रेरित करते आ रहे हैं। उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने उन्हें शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया, फिर उन्हें दादा साहब फाल्के अवॉर्ड का सर्टिफिकेट दिया गया। तमिल सिनेमा में एक अलग स्थान रखने वाले रजनीकांत ने 67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार को सम्बोधित भी किया।

इस दौरान उन्होंने कहा, “मैं इस सम्मान को पाकर अभिभूत हूँ और मैं भारत सरकार का धन्यवाद अदा करता हूँ। मैं इस अवॉर्ड को अपने गुरु दिवंगत के बालाचंदर सर को अर्पित करता हूँ। सत्यनारायण गायकवाड़, जिन्होंने मुझे बड़ा किया। मैं अपने साथी बस ड्राइवर राज बहादुर को भी धन्यवाद देता हूँ, जिन्होंने मेरी एक्टिंग टैलेंट को पहचाना। मेरे फैंस का भी धन्यवाद, उन फैंस के सिवा मैं कुछ भी नहीं हूँ।”

67वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में सुपरस्टार रजनीकांत का सम्बोधन

बता दें कि 71 वर्षीय रजनीकांत ‘अँधा कानून’, ‘हम’ और ‘चालबाज’ जैसी मल्टीस्टारर हिंदी फिल्मों का भी हिस्सा रहे हैं, जो सुपरहिट रहीं। उनकी अगली फिल्म ‘Annatthe’ दीवाली पर रिलीज होने वाली है। उन्होंने ‘रोबोट’ के रूप में 2010 में भारतीय सिनेमा की उस समय तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म दी। 2018-19 में उनकी फिल्मों ने 1000 करोड़ रुपए से भी अधिक का कारोबार किया।

‘जाके पाँव न फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई’: UP को 9 मेडिकल कॉलेज दे बोले PM मोदी- CM योगी ने गरीबों का दर्द समझा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (25 अक्टूबर 2021) उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर और वाराणसी दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने सिद्धार्थनगर के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सहित 2,329 करोड़ रुपये की लागत से बनी प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का भी शुभारंभ किया। सिद्धार्थनगर में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 9 मेडिकल कॉलेजों के उद्घाटन के साथ ही पूर्वांचल को नया उपहार मिला है।

पीएम मोदी ने कहा, “सात साल पहले जो दिल्ली में सरकार थी और चार साल पहले जो यहाँ यूपी में सरकार थी, वो पूर्वांचल में क्या करते थे? जो पहले सरकार में थे, वो वोट के लिए कहीं डिस्पेंसरी की, कहीं छोटे-मोटे अस्पताल की घोषणा करके बैठ जाते थे। सालों-साल तक या तो बिल्डिंग ही नहीं बनती थी, बिल्डिंग होती थी तो मशीनें नहीं होती थीं, दोनों हो गईं तो डॉक्टर और दूसरा स्टाफ नहीं होता था। ऊपर से गरीबों के हजारों करोड़ रुपए लूटने वाली भ्रष्टाचार की साइकिल चौबीसों घंटे अलग से चलती रहती थी।” उन्होंने कहा कि ‘जाके पाँव न फटी बिवाई, वो क्या जाने पीर पराई’। 

प्रधानमंत्री मोदी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि वे कम उम्र में ही सांसद बन गए थे और लगातार पूर्वांचल के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब योगी जी को जनता-जनार्दन ने सेवा का मौका दिया तो कैसे उन्होंने दिमागी बुखार को बढ़ने से रोक दिया, इस क्षेत्र के हजारों बच्चों का जीवन बचा लिया। सरकार जब संवेदनशील हो, गरीब का दर्द समझने के लिए मन में करुणा का भाव हो तो इसी तरह काम होता है।” 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि जिस पूर्वांचल की छवि पिछली सरकारों ने खराब कर दी थी, जिस पूर्वांचल को दिमागी बुखार से हुई दुखद मौतों की वजह से बदनाम कर दिया गया था, वही पूर्वांचल, वही उत्तर प्रदेश, पूर्वी भारत को सेहत का नया उजाला देने वाला है। यूपी के भाई-बहन भूल नहीं सकते कि कैसे योगी जी ने संसद में यूपी की बदहाल मेडिकल व्यवस्था की व्यथा सुनाई थी। योगी जी तब मुख्यमंत्री नहीं थे, सांसद थे।

5,200 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं का उद्घाटन

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी के लिए 5,200 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (PMASBY) पूरे भारत में स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने वाली देश की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक होगी।

पाकिस्तान की जीत पर भारत में पटाखे… सहवाग ने पूछा – फिर दीवाली पर क्या नुकसान, ये दोहरा रवैया क्यों?

T20 विश्व कप में भारत का पहला मुकाबला रविवार (24 अक्टूबर, 2021) को पाकिस्तान से हुआ। इस मैच में टीम इंडिया को 10 विकेट से एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। भारत के 5 गेंदबाज पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों को भी आउट नहीं कर सके। देश के कुछ हिस्सों में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाया गया। मुस्लिम बहुल इलाकों में पटाखे छोड़ने की खबरें आई। अब पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने इस पर निशाना साधा है।

टेस्ट मैचों में दो तिहरा शतक लगाने वाले ‘नजफगढ़ के नवाब’ ने ट्विटर पर लिखा, “दीवाली में पटाखों पर प्रतिबंध रहता है, लेकिन कल रात भारत के कई हिस्सों में पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के लिए पटाखे उड़ाए गए। अच्छा, वो लोग ज़रूर ‘क्रिकेट की जीत’ की ख़ुशी मना रहे होंगे। तो फिर दीवाली में पटाखे उड़ाने के क्या नुकसान हैं? ये दोहरा रवैया क्यों? सारा ज्ञान तब ही याद आता है।”

सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जो पाकिस्तान के सीमापुरी इलाके का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के लगातार पटाखे छोड़े जा रहे हैं। वीडियो में पटाखे छूटते हुए देखा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता शशांक शेखर झा ने इस वीडियो की तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि अगर आपकी सरकार ने दीवाली पर पटाखे छोड़ने के लिए हिन्दुओं को छुआ भी तो अब अदालत में मिलेंगे।

दूरदर्शन के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने इस वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कहा, “ये वीडियो राजधानी दिल्ली के सीमापुरी इलाके का बताया जा रहा है, जहाँ मुस्लिम बहुसंख्या है। पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाया जा रहा है। जो कभी कश्मीर में होता था, वो राजधानी दिल्ली में हो रहा है। दीवाली पर हिन्दू पटाखे नहीं फोड़ सकते, पर पाकिस्तान के लिए मुस्लिम फोड़ सकते हैं।” कई लोगों ने अंदेशा जताया कि ये वीडियो शादी का हो सकता है।

बता दें कि पाकिस्तान की जीत के बाद ही विश्व कप में भारत के हाथों उसकी लगातार 12 हार का सिलसिला टूट गया। भारत के विरुद्ध T20 मैचों में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की साझेदारी सर्वाधिक है। साथ ही पहली बार T20 में भारत 10 विकेट से हारा। बाबर आजम ने 52 गेंदों पर 68 रन बनाए तो मोहम्मद रिजवान ने 55 गेंदों पर 79 रनों की पारी खेली। दोनों ही बल्लेबाज नाबाद रहे।

J&K की जेलों में बंद आतंकी, उनके मददगार और पत्थरबाज दूसरे राज्यों में किए जा रहे शिफ्ट, आगरा सेंट्रल जेल 38 और लाए गए

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का नेटवर्क तोड़ने के लिए केंद्र शासित प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद आतंकी, पत्थरबाज, ओवर ग्राउंड वर्कर और आतंकियों के मददगारों को अब प्रदेश के बाहर की जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। शनिवार को (23 अक्टूबर 2021) 38 कैदियों को आगरा सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया। इससे पहले 18 कैदियों को आगरा भेजा गया था। यह कार्रवाई हाल की टारगेट किलिंग की घटनाओं के मद्देनजर की गई है।

आगरा सेंट्रल जेल के सीनियर सुप्रीटेंडेंट बीके सिंह ने बताया शनिवार को जम्मू के 11 और कश्मीर के 27 कैदियों को आगरा जेल पहुँचाया गया है। ये वे कैदी हैं जो अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार हुए थे।

बीके सिंह ने कहा कि आगरा जेल में सुरक्षा के मद्देनजर पीएस की एक कंपनी भी तैनात की गई है। जेल के अंदर भी सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। टारगेट किलिंग की घटनाओं के दौरान इस महीने 17 अक्टूबर को 15 कश्मीरी बंदी पहले आ चुके हैं। तीन कश्मीरी बंदी पहले से ही इन्हीं जेल में हैं, इनमें से दो पाक अधिकृत कश्मीर के हैं।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP और सिक्योरिटी एक्सपर्ट एसपी वैद का कहना है कि इस तरह के आतंकियों को जम्मू-कश्मीर से निकाल कर दूसरे राज्यों में भेजने से इनका आतंकी नेटवर्क कमजोर होगा, आतंकी घटनाएँ कम होगीं। ऐसा इसलिए क्योंकि दूसरे राज्यों में इनका सपोर्ट सिस्टम नहीं होगा, तो ये खुद-ब-खुद कमजोर पड़ जाएँगे।

उल्लेखनीय है कि कश्मीर घाटी की अलग-अलग सेंट्रल जेलों में बंद 26 आतंकियों का पहला ग्रुप शुक्रवार (22 अक्टूबर 2021) को उत्तर प्रदेश की आगरा सेंट्रल जेल के लिए रवाना किया गया था। ये आतंकी जेल में रहकर भी बाहर स्लीपर सेल के साथ लिंक जोड़े हुए थे। आने वाले दिनों में और भी आतंकियों को दूसरे राज्यों की जेल में शिफ्ट कराने की योजना है। आतंकियों को आगरा के अलावा दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की जेलों में शिफ्ट किया जा सकता है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “ये ओवरग्राउंड वर्कर्स आतंकवादियों को फोन कॉल और आगंतुकों के माध्यम से रसद और अन्य सहायता प्रदान करते रहे हैं। उन्हें घाटी से बाहर निकालना इस आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश है। बंदियों को सेंट्रल जेल, श्रीनगर जिला जेल, बारामूला, जिला जेल कुपवाड़ा, सेंट्रल जेल जम्मू कोठभलवाल और राजौरी और पुँछ की जिला जेलों से बाहर निकाला जा रहा है।”

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब जम्मू-कश्मीर की जेल में बंद कैदियों को दूसरे राज्यों की जेल में शिफ्ट किया जा रहा है। सितंबर 2019 में भी जम्मू कश्मीर से बंदियों को आगरा भेजा गया था। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहाँ सक्रिय अलगाववादी लोगों को तत्कालीन सरकार ने गिरफ्तार किया था। 80 से अधिक कैदियों को भेजा गया था। इन सभी बंदियों को लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर की जेल में बंद पाकिस्तान के सात आतंकियों को तिहाड़ जेल शिफ्ट करने की माँग की गई थी। केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन का कहना था कि ये आतंकी स्थानीय कैदियों की सोच में बदलाव करके उन्हें आतंक के रास्ते पर धकेलने में जुटे हैं। जिन आतंकियों को शिफ्ट करने की माँग की थी उसमें लश्कर-ए-तैयबा का वकास मंजूर उर्फ काजिर, मोहम्मद अब्दुल्ला उर्फ अबु तलहा और जफर इकबाल के अलावा पाकिस्तान में मुल्तान का रहने वाला लश्कर आतंकी जुबैर तलहा जरूर उर्फ तलहा और मोहम्मद अली हुसैन शामिल था।

लश्कर-ए-तैयबा आतंकी जाहिद फारूक को जम्मू जेल से दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी। फारूक को सुरक्षा बलों ने 19 मई 2016 को तब गिरफ्तार किया था, जब वह सीमा सुरक्षा बाड़ पार करने की कोशिश कर रहा था।

राज्य सरकार ने कहा कि इस बात का पक्का विश्वास है कि कैदी और अन्य व्यक्तियों को स्थानीय लोगों को समर्थन हासिल है। इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि उन्हें आतंक संबंधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सूचनाएँ, संसाधन और अन्य मदद भी मिलती हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अभी भी आतंकियों को दूसरे राज्यों की जेल में शिफ्ट कराए जाने के पीछे की यही वजह है।

झारखंड में 45 साल के पंकज की पीट-पीटकर हत्या, इश्तियाक मियाँ सहित 3 गिरफ्तार: मस्जिद के बगल में रहते थे, दिव्यांग हैं दोनों बेटे

झारखंड के जिला खूँटी में 45 वर्षीय पंकज चौधरी नाम की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना खूँटी जिले के तपकारा थानाक्षेत्र की है। शनिवार (23 अक्टूबर 2021) की रात इसे अंजाम दिया गया। पंकज को बेहद मामूली कहासुनी के चलते मारा गया।

बुरी तरह से घायल पंकज चौधरी को पहले तोपरा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालत गंभीर होने पर रांची के रिम्स अस्पताल रेफर किया गया। रविवार की सुबह रिम्स अस्पाल ने उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की वजह आंतरिक चोटें और अधिक खून बह जाना बताया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में नामजद तहरीर थाना तपकारा में दी गई है। तहरीर के आधार पर इश्तियाक मियाँ उर्फ़ ताजो, नाज़िर अंसारी और सुहैल आलम को गिरफ्तार कर लिया गया है। तहरीर पंकज की पत्नी की तरफ से दी गई है।

हमलवारों ने इस घटना को पुलिस थाने से मात्र 50 मीटर की दूरी पर अंजाम दिया था। पंकज चौधरी को मेलाटांड इलाके में घेर कर मारा गया। वह परिवार में कमाने वाला एकलौता सदस्य था। पंकज लकड़ी मिस्त्री का काम कर परिवार का पेट पालता था। वह अपने परिवार के साथ तपकारा मस्जिद के बगल रहता था। उसके दोनों बेटे सत्यम और सूरज दिव्यांग हैं। पंकज की एक बेटी भी है, जिसका नाम शिवानी है। वह कक्षा 9 में पढ़ती है।

मृतक पंकज का परिवार, स्रोत – जागरण

पंकज की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। भीड़ ने तपकरा थाने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना की सूचना पर भारतीय जनता पार्टी के तोरपा विधायक कोचे मुंडा भी पहुँचे। उनकी मौजूदगी में अधिकारियों ने पंकज के परिवार को 20 हजार रुपये की सहायता दी।

विधायक मुंडा ने पुलिस से निष्पक्ष जाँच करवाने की माँग की। पुलिस ने भी आरोपितों को कड़ी सज़ा दिलाने का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार के बच्चों को दिव्यांग पेंशन, पत्नी को विधवा पेंशन और आवास देने की माँग की। स्थिति को सामान्य करने के लिए पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया है।

इस घटनाक्रम पर ऑपइंडिया ने स्थानीय टपकारा थाना प्रभारी सत्यजीत से बात की। उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई भी साम्प्रदायिक विवाद जैसी बात नहीं हैं। उन्होंने ये भी कहा कि पंकज डायबिटीज का मरीज था जिसके चलते चोट के बाद उसका खून बहना नहीं बंद हो पाया। साथ ही उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने जल्द ही शांति कमेटी की बैठक प्रस्तावित की है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपितों पर धारा 341, 323, 325 , 307, 34 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पंकज की मृत्यु के बाद पुलिस ने न्यायालय में धारा 302 जोड़ने का आवेदन दिया है।

‘भक्तों आ गया स्वाद, करवा ली बेइज्जती’: कॉन्ग्रेस की नेशनल मीडिया कॉर्डिनेटर ने किया ट्वीट, हुईं ट्रोल

T20 वर्ल्ड कप में भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की जीत से कॉन्ग्रेस की नेशनल मीडिया कॉर्डिनेटर राधिका खेरा फूली नहीं समा रहीं। कल 152 के लक्ष्य को प्राप्त करते हुए पाकिस्तान ने 10 विकेट से जीत हासिल की, ऐसे में राधिका खेरा ने सोशल मीडिया पर न केवल अपनी खुशी दिखाई बल्कि भारत की हार को भक्तों की हार करार दे दिया।

Congress national media coordinator celebrates Pakistan's victory against India in T20 World Cup, insults 'Bhakts'

अपने पहले ट्वीट में कॉन्ग्रेस की नेशनल मीडिया कॉर्डिनेटर ने कहा, “क्यों भक्तों? आ गया स्वाद? करवा ली बेइज्जी।” अपने अगले ट्वीट में राधिका ने कहा, “बेवकूफ भक्त और मालवीया के दो रुपए ट्रोल, तुमको मेरी ट्वीट से मिर्ची लग रही है तो मैं क्या करूँ? मैं तो चली सोने तुम अपना खून जलाते रहो!!”

Congress national media coordinator celebrates Pakistan's victory against India in T20 World Cup, insults 'Bhakts'

अपने अगले ट्वीट में राधिका खेरा ने मिर्ची और आग के इमोजी ट्वीट किए।

Congress national media coordinator celebrates Pakistan's victory against India in T20 World Cup, insults 'Bhakts'

दिलचस्प बात यह है कि जब कॉन्ग्रेस पार्टी के ही सदस्य ने याद दिलाया कि जो टीम आज हारी है वो अकेली भक्तों की टीम नहीं है, भारत की टीम है और इस टीम ने कई बार खुशी मनाने का भी मौका दिया। इस पर वह बोलीं, “जो टाइम्स नाऊ में बैठता है वो मुझे ज्ञान दे रहा है। अगर हिंदी नहीं समझ आती तो अच्छी शब्दकोश खरीद लो। और हाँ, नाविका के शो में जाने वाले कॉन्ग्रेस विरोधी अपना ज्ञान अपने पास रखें। ऐसे ज्ञानी के ज्ञान की जरूरत नहीं है।”

राधिका की यदि सोशल मीडिया प्रोफाइल पर जाएँ तो पता चलता है कि वो साल 2020 में विधायकी का चुनाव लड़ चुकी हैं और कॉन्ग्रेस पार्टी की युवा शाखा की राष्ट्रीय सचिव और सोशल मीडिया प्रमुख रह चुकी हैं।

बता दें कि राधिका से पहले सोशल मीडिया पर कई अन्य लोगों ने भी भारतीय क्रिकेट टीम के हारने पर खूब ठहाके लगाए थे। इसका कारण यही था कि T20 विश्व कप में भारत ने अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों हार झेली। भारत और पाकिस्तान के बीच T20 विश्व कप के महामुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 152 रनों का लक्ष्य दिया था। भारत के विपरीत, पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी थी और पहले दो ओवरों में ही सलामी बल्लेबाज कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की जोड़ी ने 18 रन ठोक दिए थे। इसके बाद अंतिम परिणाम भी पाकिस्तान के खाते में ही रहे।

उल्लेखनीय है कि राधिका के ट्वीट को देख कई यूजर्स उन्हें भारत की जीत-हार के महत्व और उससे जुड़ी भावनाओं के बारे में बता रहे हैं। ऐसे में भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी उनको रिप्लाई दिया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की जीत पर कॉन्ग्रेस इतनी खुश क्यों है? भूल गए ये वही पार्टी है जो पाकिस्तान जाकर कहती हैं इन्हें हटाइए, हमें ले आइए। ये वही पार्टी है जो भारतीय सेना से सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत माँगती है और भारत तेरे टुकड़े होंगे और अफजल के नारे लगाने वालों को पार्टी में शामिल करती हैं।”

‘नाम बदलने तक जारी रहेगा प्रदर्शन’: भोपाल में आश्रम 3 की शूटिंग का बजरंग दल ने किया विरोध, प्रकाश झा पर स्याही फेंकी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में वेब सीरीज आश्रम 3 के सेट पर उस समय अफरातफरी मच गई जब बजरंग दल के कार्यकर्ता शूटिंग के बीच आ धमके। मौके पर मौजूद सीरीज के निर्देशक प्रकाश झा के साथ भी बदसलूकी की खबर है। उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी गई। यह घटना 24 अक्टूबर 2021 (रविवार) की है।

बजरंग दल के अनुसार ये फिल्म हिंदुत्व का अपमान है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि बजरंग दल ने सीरीज का नाम बदले जाने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। बजरंग दल के प्रांत संयोजक सुशील के अनुसार प्रकाश झा ने नाम बदलने का आश्वासन दिया है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वेब सीरीज में में बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। बॉबी देओल काशीपुर वाले बाबा निराला का किरदार निभा रहे हैं। बजरंग दल का कहना है कि आश्रम हिंदू समाज का एक महत्वपूर्ण अंग रहे हैं, जिसे इस सीरीज के जरिए बदनाम किया जा रहा। इसमें दिखाया गया है कि आश्रम में महिलाओं का यौन शोषण होता है। यदि कहीं कुछ गलत हुआ है तो उस आश्रम का नाम ले कर सीरीज बनाई जाए। पूरी व्यवस्था को बदनाम करने की छूट नहीं दी जा सकती।

रिपोर्ट के अनुसार वैनिटी वैन समेत 5 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। हमले में करीब 5 कर्मचारियों को चोट चोटें आई हैं। शूटिंग भोपाल के पुरानी जेल में हो रही थी। भोपाल के DIG इरशाद वली ने कहा है कि सूचना मिलने के बाद उपद्रवी तत्वों को परिसर से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से सेट पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

आर्यन खान के जिस दोस्त ने जूते में छिपाए थे चरस, उसको जेल में एंजायटी अटैक: अब्बा ने बताया अरबाज मर्चेंट का हाल

मुंबई के ड्रग केस में पकड़े गए आर्यन खान अब तक जेल में बंद हैं। उनकी बेल याचिका कई दफा खारिज हो गई है। 20 अक्टूबर को भी मुंबई की विशेष अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार किया था। कोर्ट ने कहा था कि आर्यन खान के दोस्त अरबाज मर्चेंट के जूते में चरस था और ऐसा लगता है कि आर्यन को इसके बारे में पता था।

कोर्ट में कहा गया कि, आर्यन और अरबाज दोनों दोस्त हैं। दोनों को एक साथ क्रूज टर्मिनल पर पकड़ा गया। इसके अलावा दोनों के बयान भी बताते हैं कि जो चरस बरामद हुई थी उसका सेवन वही लोग करने वाले थे। इन सभी बातों से साफ होता है कि आर्यन खान को अरबाज मर्चेंट द्वारा अपने जूते में छिपाए गए प्रतिबंधित पदार्थ के बारे में पता था। ऐसे में ये नहीं कहा जा सकता कि उनके पास चरस नहीं थी।

बता दें कि अरबाज और आर्यन को एक साथ पकड़ा गया था, लेकिन बाद में दोनों को आर्थर रोड जेल में अलग-अलग बैरक में कर दिया गया। ऐसे में अरबाज के अब्बू असलम मर्चेंट, जो पेशे से वकील हैं, उन्होंने भी मीडिया से अपने बेटे की हालत पर बात की और दावा किया कि अगर ऐसा रहा तो उनके बेटे का नर्वस ब्रेकडाउन हो जाएगा।

असलम ने कहा, “मैं अपने बेटे से सभी सुनवाई में मिल रहा हूँ, लेकिन मेरी पत्नी ने उसे करीब 20 दिनों से नहीं देखा है। ये बहुत ही इमोशनल करने वाला समय है और वह लगातार रो रही है। लेकिन दुविधा देखिए कि मुझे उसे रोकना पड़ता और कहना पड़ता है कि अरबाज के साथ जो हमें कीमती समय मिला है, उसे बर्बाद न करें। हम वहाँ बात करने आए थे। जैसे ही उसने हमें देखा, अरबाज ने कहा, ‘देखो मैं कहाँ पहुँच गया हूँ?’ उसने मुझे बताया कि वह जनरल बैरक में है और 6-7 कैदियों के साथ रखा गया है। मुझे नहीं पता कि वह कैसे कैदी हैं और बाद में ये भी बताया है कि उसे एंजायटी अटैक आ रहा है और वे बिल्कुल भी नहीं सो पा रहा है।”

अरबाज के अब्बू कहते हैं, “मेरा बेटा बिल्कुल अकेला है, शायद इसलिए उसे ये एंजायटी अटैक आ रहे हैं। उन लोगों ने दो दोस्तों को अलग कर दिया है। आर्यन को अलग बैरक में रखा गया है। वहीं, अरबाज को अलग बैरक में रखा गया है। उन्हें कैदियों की तरह खाना मिल रहा है। जब भी वह मुझे कोर्ट में मिलता है। सबसे पहले वह केस के बारे में ही पूछता है।”

असलम के अनुसार, मैंने उससे कहा कि हमने जमानत के लिए अप्लाई किया है और उसी दिन आर्यन के केस में सुनवाई है। फिर अरबाज ने मुझे कुछ ऐसा बताया जिससे मैं हैरान रह गया। वह और आर्यन अच्छे दोस्त हैं और वे अपनी बहुत सारी बातें शेयर करते हैं। आर्यन ने अरबाज के साथ बात की कि ये सब कब तक चलेगा। दोनों बच्चे उम्मीद कर रहे थे कि ये सब जल्दी सुलझ जाएगा। वे दोनों इस बात से हैरान हैं कि उनकी जमानत में कितना समय लग रहा है। मुझे लगता है कि कम से कम आर्यन को उम्मीद है कि उनके पिता शाहरुख खान हैं, जो बहुत मशहूर और प्रभावशाली शख्सियत हैं। लेकिन न तो अरबाज और न ही उनके पिता का उस तरह का प्रभाव है। हम साधारण लोग हैं जिनका कोई कनेक्शन नहीं है। मुझे लगता है कि अरबाज की किस्मत खराब थी कि वह गलत समय पर गलत जगह पर था। मुझे लगता है कि ये सिर्फ किस्मत थी। लेकिन मैं खुश हूँ कि कैसे वह अपने सबसे अच्छे दोस्त आर्यन के साथ है। वह एक वफादार दोस्त रहा है, मैं उसे यारों का यार कहता हूँ।”

असलम ने यह जानकारी भी दी कि उन्होंने अभी तक शाहरुख खान या उनके परिवार के किसी सदस्य से बात नहीं की है, लेकिन वह शाहरुख खान के हाव-भाव से प्रभावित हैं जो वो अपने बेटे से मिलने जेल आए। मर्चेंट कहते हैं, “आखिरकार वह एक माता-पिता हैं और इसकी बहुत जरूरत थी। ये एक सकारात्मक कदम था। उनके हाव-भाव ने लोगों के दिल को छू लिया है।” वह कहते हैं कि आर्थर रोड जेल के अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया हुआ था कि उनके बेटे का ख्याल रखा जाएगा। लेकिन उन्हें इस बात की चिंता है कि आखिर जेल में रहते हुए अरबाज हैं तो एक कैदी ही, उन्हें कैदियों की तरह ही खाना मिलता है, कोई कुछ नहीं कर सकता, इसी कारण उन्हें असहाय महसूस होता है।

‘जब भी जरूरी हो फोन कर लेना’: मिशन कश्मीर पर अमित शाह, आम लोगों से बतियाए-अपना फोन नंबर भी दिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू-कश्मीर दौरे का आज (25 अक्टूबर 2021) तीसरा दिन है। अमित शाह आज पहले पुलवामा के लेथपोरा में पुष्पांजलि समारोह में शामिल होंगे और जवानों के साथ समय बिताएँगे। वह शाह शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC) में सिविल सोसायटी के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात भी करेंगे और शाम 6 बजे से एक रैली को संबोधित करेंगे। इसके अलावा गृह मंत्री आज श्रीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

इससे पहले शाह ने रविवार को जम्मू से सटे मकवाल में बीएसएफ पोस्ट पर जाकर जवानों से बातचीत की और यहाँ के स्थानीय लोगों के साथ समय गुजारा।

इस दौरान उन्होंने मकवाल में एक स्थानीय नागरिक का फोन नंबर अपने मोबाइल में सेव किया। इतना ही नहीं गृहमंत्री ने उन्हें अपना नंबर भी दिया और कहा कि जब भी उन्हें जरूरी लगे वह फोन कर सकते हैं। अमित शाह ने इन लोगों के साथ चाय भी पी और लोगों से काफी देर तक खाट पर बैठकर बेहद सहज अंदाज में बातचीत करते रहे।

गृह मंत्री ने भारतीय सीमा की रखवाली करने वाले जवानों की वीरता को सराहा और कहा कि वे बेफिक्र होकर देश की रक्षा करें क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार उनके परिवारों का खयाल रखेगी।

मकवाल सीमा के एडीजी (पश्चिमी कमान) बीएसएफ, एनएस जामवाल ने बताया, “हमारे लिए गर्व की बात है कि गृह मंत्री अमित शाह ने इस बीएसएफ पोस्ट का दौरा किया और जवानों से बातचीत की। उन्होंने हमारी ब्रीफिंग सुनी। हमने उन्हें सीमा संबंधी सभी मुद्दों के बारे में बताया, उन्होंने बॉर्डर डोमिनेशन पर खुशी जाहिर किया।”

इसके अलावा गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी जम्मू-कश्मीर यात्रा के दूसरे दिन रविवार को जम्मू में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के नए कैंपस का उद्घाटन किया। 210 करोड़ रुपए की लागत से बने IIT जम्मू के नए कैंपस में छात्रों की उच्च शिक्षा के साथ-साथ अच्छे छात्रावास, जिम और इंडोर गेम्स जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मंदिरों की भूमि है। माँ वैष्णो की भूमि है। यहाँ की शांति में खलल डालने वालों को नहीं छोड़ेंगे।

वहीं जम्मू के भगवती नगर में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जम्मू कश्मीर से आतंकवाद का सफाया करने और नागरिकों की हत्याओं पर रोक लगाने का है। उन्होंने कहा कि किसी को इस केंद्रशासित प्रदेश में शांति और विकास को बाधित नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 12,000 करोड़ रुपए का निवेश आ चुका है और सरकार का उद्देश्य 2022 के अंत तक कुल 51,000 करोड़ रुपए का निवेश लाने का है। 

गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों की बदौलत स्थानीय युवकों को पाँच लाख नौकरियाँ मिलेंगी। बता दें कि पाँच अगस्त, 2019 को राज्य का विशेष दर्जा समाप्त करने तथा उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के केंद्र के फैसले के बाद शाह पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुँचे हैं। शाह की कोशिश स्थानीय लोगों से संवाद पर जोर देकर आम नागरिकों की हालिया हत्याओं के बाद उपजे भय को दूर करना है। 

पहली बार WC में पाकिस्तान से हारी टीम इंडिया, भारत के खिलाफ सबसे बड़ी T20 साझेदारी: Pak का ओपनिंग स्टैंड भी नहीं तोड़ पाए भारतीय गेंदबाज

T20 विश्व कप में भारत ने अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों हार झेली। पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय T20 मैच में सबसे बड़ी साझेदारी की। पाकिस्तान की इस जीत के नायक रहे बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान। बाबर आजम ने 52 गेंदों पर 68 रन बनाए तो मोहम्मद रिजवान ने 55 गेंदों पर 79 रनों की पारी खेली। दोनों ही बल्लेबाज नाबाद रहे। पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हरा दिया।

भारत और पाकिस्तान के बीच T20 विश्व कप के महामुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 152 रनों का लक्ष्य दिया था। भारत के विपरीत, पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी रही और पहले दो ओवरों में ही सलामी बल्लेबाज कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की जोड़ी ने 18 रन ठोक दिए। भुवनेश्वर के पहले ओवर में जहाँ 10 रन लगे तो मोहम्मद शमी के ओवर में 8 रन पड़े। इसके अगले दो ओवर अच्छे रहे।

पाकिस्तान की बल्लेबाजी और भारत की गेंदबाजी कैसी रही

कप्तान विराट कोहली तीसरे ओवर में जसप्रीत बुमराह को लेकर आए, जिन्होंने अपने ओवर में मात्र 4 रन दिए। चौथे ओवर में चौथे गेंदबाज मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को लाया गया, और उन्होंने भी मात्र 2 रन देकर दबाव बनाया। लेकिन, मोहम्मद शमी का अगला ओवर फिर से महँगा रहा और इस ओवर में 11 रन बना कर पाकिस्तान ने मात्र 5 ओवरों में ही 35 रन ठोक दिए। 6 ओवरों के पहले पॉवरप्ले में पाकिस्तान ने बिना विकेट गँवाए 43 रन बना दिए।

सातवें ओवर में पाँचवें गेंदबाज रविंद्र जडेजा को लाया गया और उन्होंने मात्र 3 रन देकर ओवर निकाल दिया, जिसमें उन्होंने बाबर आजम को लगातार 3 डॉट बॉल्स खिलाए। आठवें ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने अपना दूसरा ओवर फेंका और 6 रन दिए। इस तरह पाकिस्तान का स्कोर 8 ओवर में बिना कोई विकेट खोए 52 हो गया। इसके बाद रविंद्र जडेजा ने कंटीन्यू किया, लेकिन नौवें ओवर में बाबर आजम ने उन्हें छक्का जड़ दिया और इस ओवर में 10 रन लगे।

10वें ओवर में फिर वरुण चक्रवर्ती आए, जिनका स्वागत पाकिस्तानी कप्तान ने चौके के साथ किया। इस ओवर में 9 रन लगे। पहले 10 ओवर में भारतीय गेंदबाज एक भी विकेट चटकाने में नाकाम रहे और पाकिस्तान ने 71 रन स्कोरबोर्ड पर टाँग दिए। 13वें ओवर में वरुण चक्रवर्ती को बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान, दोनों ने एक-एक छक्का दिया। इस ओवर में बाबर आजम ने 40 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और पाकिस्तान ने 100 रन भी पूरे किए।

रविंद्र जडेजा ने 14वें ओवर में 11 रन देकर अपना स्पेल समाप्त किया। उन्होंने अपने 4 ओवरों में 28 रन दिए। अंतिम 5 ओवरों में पाकिस्तान को जीत के लिए मात्र 31 रन ही चाहिए थे। 10 विकेट हाथ में थे। मोहम्मद शमी 16वाँ ओवर लेकर आए, जिनका स्वागत रिजवान ने चौके के साथ किया। अंतिम 24 गेंदों पर पाकिस्तानी टीम को 24 रन चाहिए थे और भुवनेश्वर के ओवर में 7 रन लगे। इस तरह जीत के लिए 18 गेंदों पर 17 रन चाहिए थे।

18वें ओवर में मोहम्मद शमी का स्वागत रिजवान ने एक लंबे छक्के के साथ किया। अगली 2 गेंदों पर भी उन्हें लगातार दो चौके पड़े।

कैसी रही थी भारतीय बल्लेबाजों की पारी, पाकिस्तान की गेंदबाजी

भारत ने T20 विश्व कप के अपने पहले मैच में पाकिस्तान को 152 रनों का टारगेट दिया था। भारतीय टीम ने 7 विकेट खो 151 कर रन बनाए। लगातार विकेट गिरने के बावजूद भारतीय टीम एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचने में कामयाब रही।

भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में T20 विश्व कप का महा मुकाबला चल रहा है। भारत की इस मैच में शुरुआत अच्छी नहीं रही क्योंकि पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज शाहीन अफरीदी ने पहले ही ओवर में रोहित शर्मा को आउट कर दिया। रोहित शर्मा गोल्डन डक का शिकार हुए, अर्थात वो अपनी पहली ही बॉल पर आउट हो गए – बिना कोई रन बनाए। शाहीन अफरीदी जब अपना दूसरा ओवर लेकर आए तो केएल राहुल का विकेट चटका दिया।

केएल राहुल 8 गेंदों पर मात्र 3 रन बना कर चलते बने। दोनों सलामी बल्लेबाजों का विकेट मात्र 6 रनों पर गिर चुका था। तीसरे नंबर पर सूर्यकुमार यादव खेलने आए, जिन्होंने एक छक्का और एक चौका लगाया, लेकिन वो एक अन्य पाकिस्तान तेज़ गेंदबाज हसन अली का शिकार हुए। इस तरह भारत का स्कोर 5.4 ओवर में 31 रन था और 3 विकेट गिर चुके थे। पहला पॉवरप्ले भारत के लिए एकदम ही बुरा रहा।

लेकिन, इसके बाद मैच को संभाला कप्तान विराट कोहली और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने। विराट कोहली जहाँ एंकर की भूमिका में रहे, ऋषभ पंत ने एक हाथ से दो छक्के लगा कर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। उन्होंने 30 गेंदों में 39 रन एक की महत्वपूर्ण पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने 2 छक्के और 2 चौके लगाए। शादाब खान ने उन्हें अपनी फिरकी में फँसा लिया। इसके बाद लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बनाए रखने के लिए विराट कोहली के साथ बल्लेबाजी करने रविंद्र जडेजा आए।

आग उगलती गेंदबाजी करने वाले शाहीन अफरीदी ने अपने पहले दोनों विकेट अपने बलबूते लिए। रोहित को कहाँ उन्होंने एलबीडब्ल्यू आउट किया, वहीं राहुल को क्लीन बोल्ड किया। मैच की पहली 17 गेंदों पर भारतीय टीम ने कोई बाउंड्री नहीं सकी। कप्तान बाबर आजम ने शाहीन अफरीदी से लगातार 3 ओवर फिंकवा दिए। तेज़ गेंदबाज डेथ ओवर्स में विराट कोहली और रविंद्र जडेजा के सामने एक बेहद की किफायती ओवर फेंका।

17वें ओवर में उन्होंने मात्र 4 रन ही दिए। हालाँकि, इस दौरान विराट कोहली क्रिच पर जमे रहे और उन्होंने 45 गेंदों में अपना शानदार अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने जिम्मेदारी भरी पारी खेली। अर्धशतक पूरा करने के अगली ही गेंद पर उन्होंने एक चौका भी जड़ा। T20 विश्व कप में उन्होंने 10वाँ अर्धशतक जड़ कर क्रिश गेल को पीछे छोड़ा। रविंद्र जडेजा 13 गेंदों में 13 रनों की पारी खेल कर हसन अली का शिकार बने।

हालाँकि, विराट कोहली पचासा बनाने के बाद ज्यादा देर टिक नहीं सके और शाहीन अफरीदी की दूसरी स्पेल में उनका शिकार बने। विराट ने 49 गेंदों पर 57 रनों की पारी खेली। इस तरह शाहीन अफरीदी ने भारत के शीर्ष तीन बल्लेबाजों को चलता किया। उन्होंने अपनी 4 ओवर की बॉलिंग में 31 रन दिए। उन्होंने अंतिम ओवर में एक नो बॉल फेंकी, जिस पर ओवरथ्रो में 4 रन लगे और बल्लेबाज भी एक रन दौड़ गए। इस तरह 19वें ओवर में 17 रन आए।