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पीरगंज में 66 हिन्दुओं के घरों को क्षतिग्रस्त किया और 20 को आग के हवाले, खेत-खलिहान भी ख़ाक: बांग्लादेश के मंत्री ने झाड़ा पल्ला

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमले का सिलसिला रुक नहीं रहा है। अब जानकारी सामने आ रही है कि 66 हिन्दू परिवारों के घरों को ध्वस्त कर दिया गया और 20 हिन्दू परिवारों के घरों में आग लगा दी गई है। सोमवार (18 अक्टूबर, 2021) को बांग्लादेश की सरकार ने खुद ये बताया है। 100 से अधिक मुस्लिमों की एक भीड़ ने रविवार की रात रंगपुर जिले के पीरगंज के एक गाँव में हिन्दुओं के घरों में आगजनी की।

जिले के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद कमरूजम्माँ के हवाले से जानकारी दी गई है कि एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से अफवाह फैल गई कि गाँव के एक युवा हिंदू व्यक्ति ने इस्लाम मजहब का अपमान किया है, जिसके बाद वहाँ एकतरफा दंगे शुरू हो गए। इसके बाद पुलिस को इसकी सूचना मिली और वो वहाँ के लिए रवाना हुई। पुलिस ने बताया की रात 10 बजे ये घटना हुई। आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग को बुलाना पड़ा।

इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर अब तक नहीं आई है, लेकिन 66 घरों को क्षतिग्रस्त किए जाने और 20 घरों को जलाए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने 52 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि वो अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिल कर आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए सघन अभियान चला रही है। पुलिस जब उक्त हिन्दू युवक के घर के बाहर तैनात की गई तो दूसरे घरों में आग लगाना शुरू कर दिया गया।

पीरगंज माझीपारा इलाके में 29 घरों, दो रसोईघरों, दो खलिहानों और सूखी घास के 20 ढेर में आग लगाई गई थी। पुलिस का कहना है कि ‘अनियंत्रित भीड़’ ने ये करतूत की है। रात को वहाँ पहुँचे अग्निशमन विभाग को आग बुझाते-बुझाते सुबह के 4 बज गए। रात के 9 बजे ही अग्निशमन विभाग वहाँ पहुँच चुका था। अब प्रशासन कह रहा है कि आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश की 14.9 करोड़ की जनसंख्या में लगभग 8.5 प्रतिशत हिंदू हैं। कोमिला जिला समेत बांग्‍लादेश के कई और जिलों में हिंदू समुदाय के लोगों की बड़ी आबादी है। इस्कान ने प्रधानमंत्री शेख हसीना से इन घंटनाओं पर अंकुश लगाने, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। इसी बीच फिर से CAA और NRC की माँग भी जोर पकड़ रही है।

अब बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज़्ज़मान ने कहा है कि दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले पूर्व नियोजित थे। उनका कहना है कि पहले से ही इन हमलों की साजिश रच ली गई थी, ताकि मुल्क की सांप्रदायिक शांति को भंग किया जा सके। बांग्लादेश के गृह मंत्री ने कहा कि कॉमिला, रामु और नसीरनगर में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश हुई है। उन्होंने दावा किया कि शनिवार (16 अक्टूबर, 2021) की रात के बाद से कोई हमला नहीं हुआ। हालाँकि, सच्चाई कुछ और है।

बंगाल के रास्ते यूपी में घुसकर लूट-पाट करते थे बांग्लादेशी डकैत: लखनऊ पुलिस ने ₹50,000 के ईनामी सरगना हमजा को किया ढेर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बांग्लादेशी डकैतों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई है। इसमें पुलिस ने 50,000 रुपए के ईनामी बदमाश को मार गिराया। मारा गया बदमाश गैंग का सरगना हमजा है। इस दौरान तीन सिपाही भी घायल हुए हैं। घायलों में दो क्राइम ब्रांच और एक गोमतीनगर थाने में तैनात है।

पुलिस को मौके से एक कट्टा, पिस्टल और बैग भी मिला है। हालाँकि, इस बीच 5 डकैत गोलीबारी करते हुए बच निकले। रिपोर्ट के मुताबिक, ये गैंग पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश से उत्तर प्रदेश आया था। यहाँ पर वो लूट की वारदात को अंजाम देते थे। अक्सर ये लोग ट्रेन की पटरियों के किनारे बसे घरों को निशाना बनाते थे। इस गिरोह ने पिछले सप्ताह भी ऐसी ही एक लूट की वारदात को अंजाम दिया था। उस दौरान भी पुलिस ने तीन को गिरफ्तार कर लिया था।

साभार- यूपी पुलिस

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में विपुल खंड रेलवे ट्रैक के पास की है। लखनऊ के जेसीपी क्राइम नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक, रविवार की देर रात 6 डकैतों को वहाँ पर घूमते हुए नोटिस किया गया था। जानकारी मिलने के बाद जब पुलिस की टीम वहाँ पहुँची तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद जवानों ने भी काउंटर फायरिंग की। काफी देर तक दोनों तरफ से हुई फायरिंग में एक डकैत को ढेर कर दिया गया। इस बीच मुठभेड़ के दौरान डीसीपी ईस्ट टीम के हेड कॉन्स्टेबल नरेंद्र बहादुर, कॉन्स्टेबल और मुकेश चौधरी घायल हो गए। मृतक की जब तलाशी ली गई तो पता चला कि वो बांग्लादेश का रहने वाला हमजा है।

साभार- यूपी पुलिस

पुलिस अधिकारी नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए मुल्जिमों से पूछताछ करने से ये पता चला है कि हमजा ही इनके गैंग का सरगना था। वह बांग्लादेश का था। उसके पास से बांग्लादेशी मुद्रा भी मिली है। जब हमजा को गोली लगी तो बाकी डकैत वहाँ से फरार हो गए।

‘बांग्लादेश में हिन्दुओं का सिर कलम करने को उकसाया’: फुरफुरा शरीफ के मौलवी सिद्दीकी ने गला काटने को बताया ‘हक’, वीडियो वायरल

पश्चिम बंगाल के विवादित फुरफुरा शरीफ के मौलवी और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के संस्थापक पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। कट्टरपंथी मौलवी ने बांग्लादेश में दुर्गा पूजा पंडाल में कथित तौर पर कुरान रखने वालों के सिर कलम करने की बात कहा है।

भड़काऊ भाषण देने वाला पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की वीडियो वायरल है। इसमें बांग्ला भाषा में अब्बास को बोलते हुए देखा जा सकता है। सिद्दीकी वीडियो में कहता है कि जो लोग बांग्लादेश में एक दुर्गा पूजा पंडाल में एक देवता के चरणों के पास कुरान की एक प्रति रखते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो उनका ‘सिर काट दिया जाना चाहिए।’ रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्दीकी ने भड़काऊ भाषण शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में 24 परगना में एक भाषण के दौरान दिया।

अब्बास सिद्दीकी ने युवकों के दुर्गा पूजा में शामिल होने को गलत बताया। विवादित इस्लामिक उपदेशक ने कहा, “मुझे याद है कि कुछ साल पहले दुर्गा पूजा पंडाल की थीम काबा भी बनाया गया था। अगर काबा को इतना पसंद किया जाता है तो आप इस्लाम क्यों नहीं अपना लेते।”

सिद्दीकी ने ये भी कहा कि जो लोग ये सोचते हैं कि उन्हें कुरान का अपमान करने का हक है तो मैं अब्बास सिद्दीकी ये कहता हूँ कि मुझे उनका सिर काटने का हक है।

फिलहाल, अब्बास सिद्दीकी का विवादित वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो उसने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर बांग्लादेश में दुर्गा पूजा पंडाल में कथित रूप से कुरान की एक प्रति रखने के मामले में जाँच की माँग कर डाली।

भाजपा नेता तरुण ज्योति तिवारी ने कोलकाता पुलिस में सिद्दीकी की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि अब्बास सिद्दीकी ने गला काटने की धमकी दी है और हनुमानजी का भी अपमान किया है। वे अब वाममोर्चा का सांप्रदायिक चेहरा बन गए हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में बांग्लादेश के कॉमिला जिले ननुआ दिघी में दुर्गा पूजा के पंडाल में मुस्लिम भीड़ द्वारा जमकर तोड़फोड़ मचाई गई। कहा जा रहा है कि कुरान की जिस तस्वीर को लेकर ये हिंसा हुई, वो एडिटेड है और फोटो को एडिट करके जानबूझ कर वायरल किया गया था।

इससे पहले ये कोरोना महामारी से लोगों के मरने की भी दुआ कर चुका है। वायरल हुए एक वीडियो में अब्बास सिद्दीकी को यह कहते सुना गया था कि अल्लाह हमारी दुआ कबूल करे। अल्लाह हमारे भारतवर्ष में एक ऐसा भयानक वायरस दे कि भारत में दस-बीस या पचास करोड़ लोग मर जाएँ। क्या कुछ गलत बोल रहा मैं? बिलकुल आनंद आ गया इस बात में।” इसके बाद वहाँ मौजूद भीड़ मौलवी की कही बात पर खूब शोर के साथ अपनी सहमती दर्ज कराती है।

जालंधर में सड़क पार कर रही दो लड़कियों पर दौड़ाई कार, एक की तत्काल मौत: ड्राइवर निकला पंजाब पुलिस का अधिकारी

पंजाब के जालंधर में सोमवार (18 अक्टूबर 2021) को रोड रेज की घटना हुई, जहाँ पुलिस अधिकारी की गाड़ी ने दो युवतियों को बेरहमी से कुचल दिया। इस सड़क हादसे में एक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरी गंभीर रूप से घायल हुई है। उसे इलाज के लिए एक लोकल अस्पताल में भर्ती किया गया है। साथ ही गाड़ी चला रहे पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

घटना जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर धनोवली के पास हुई। उस दौरान दोनों सड़क पार कर रहीं थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार पुलिस की गाड़ी ने दोनों को कुचल दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक युवती की पहचान जालंधर के धनोवली निवासी नवजोत कौर के रूप में हुई है। वह एक कार शोरूम में काम करती थी और सोमवार की सुबह वह अपने दोस्त के साथ हाईवे पार कर रही थी। तभी ये हादसा हुआ। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने हाईवे को जाम कर दिया। जिससे इलाके में भारी ट्रैफिक जाम हो गया है। लोगों का एक समूह हाईवे पर धरने पर बैठ गया है। इस बीच पुलिस प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने के लिए उन्हें शांत करने का प्रयास कर रही है। आरोपित ब्रेजा कार चला रहा था।

घटना स्थल पर पहुँचे एसीपी बलविंदर इकबाल सिंह काहलो ने दुर्घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि उन्हें सीसीटीवी फुटेज मिल गया है जिसमें इस दुर्घटना के बारे में पता चलता है। उन्होंनें ये भी कहा कि जाँच चल रही है और आरोपित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल जालंधर पुलिस ने सड़क हादसे के मामले में आरोपित कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित की पहचान इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी अमृतपाल सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब सशस्त्र पुलिस की 75 बटालियन में तैनात है, जो हरीके पाट्टन में पोस्टेड है। वो होशियारपुर का रहने वाला है।

‘हिन्दुओं ने खुद ही जलाए अपने घर’: कट्टरपंथी इस्लामी हिंसा पर बांग्लादेशी मीडिया ने की पर्दा डालने की कोशिश

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ कट्टरपंथी इस्लामी हिंसा की लगातार आ रही खबरों के बीच इस पर पर्दा डालने की कोशिश भी शुरू हो गई है। बांग्लादेशी मीडिया संस्थान बाँसेरकेल्ला (Basherkella) ने 18 अक्टूबर 2021 (सोमवार) को एक जलते हुए हिंदू मंदिर का वीडियो साझा किया और हिंदुओं पर अपने घर खुद जलाने का आरोप लगाया।

बाँसेरकेल्ला ने ट्वीट कर कहा है कि स्थानीय लोगों के अनुसार रंगपुर के पीरगंज उपजिले में कुछ हिंदुओं ने बांग्लादेश की छवि धूमिल करने के लिए खुद ही अपने घरों में आग लगा दी। उसने इस ट्वीट में सीजे वारेलमेन (CJ Werleman) को खास तौर पर टैग किया है, जो भारत का धुर विरोधी है। वारेलमेन भारत और हिंदू विरोधी खबरों को हवा देने के लिए कुख्यात रहा है।

रंगपुर हिंसा

बांग्लादेश में इस्लामी चरमपंथियों के हमले वहाँ के अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय के खिलाफ लगातार पाँचवे दिन भी जारी हैं। ताजा हमलों में उन्होंने रविवार (17 अक्टूबर 2021) को बांग्लादेश के रंगपुर डिवीजन अंतर्गत पीरगंज उपजिले में एक गाँव में आगजनी की। इसी हमले में उन्होंने 20 हिन्दुओं के घर जला दिए।

रिपोर्ट के अनुसार, माजीपारा के जेलेपोली में मुस्लिम भीड़ ने एक व्यक्ति पर फेसबुक पोस्ट के माध्यम अपने धर्म के अपमान का आरोप लगाय था। इसके बाद इस्लामी चरमपंथियों की उन्मादी भीड़ ने पीरगंज उपजिले के मझीपारा, बोटोला और हातीबंधा नामक 3 गाँवों को निशाना बनाया।

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमले

पिछले पाँच दिनों से बांग्लादेश में हिन्दुओं के मंदिरों और घरों पर इस्लामी कट्टरपंथियों के लगातार हमले हो रहे हैं। इन हमलों की शुरुआत 12 अक्टूबर 2021 (मंगलवार) को हुई थी। तब पूजा से पहले कई दुर्गा प्रतिमाओं को तोड़ डाला गया था। 14 अक्टूबर 2021 (गुरुवार) को कई अन्य पूजा पंडालों में तोड़फोड़ हुई।

रविवार (17 अक्टूबर 2021) को बांग्लादेश के चटगांव स्थित फिरंगीबाजार में इस्लामी कट्टरपंथियों ने श्री शमशानेश्वर शिव मंदिर की दुर्गा प्रतिमा को भी तोड़ डाला। इन हमलों के कई वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हुए। इन वीडियो में देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ते हुए, पंडालों और मंदिरों को ध्वस्त करते हुए और प्रतिमाओं को तालाब में फेंके जाने की घटनाएँ साफ़ दिखाई दीं।

16 अक्टूबर 2021 (शनिवार) को इस्कॉन मंदिर पर 400-500 की मुस्लिम भीड़ ने हमला किया। हिन्दुओं के मंदिरों और घरों पर 17 और 18 अक्टूबर को भी हमले जारी रहे। इन हमलों में कई लोगों के घायल होने और कुछ के मारे जाने की भी सूचना है।

‘सरदार पटेल की जिन्ना से थी साँठ-गाँठ’: सोनिया-राहुल की बैठक में कश्मीरी नेता का बयान, BJP ने बताया ‘लौह पुरुष’ का अपमान

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के सांसद रहे तारिक हमीद कारा पर कॉन्ग्रेस पार्टी की बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि ‘सेन्ट्रल वर्किंग कमिटी (CWC)’ की बैठक में उन्होंने ये टिप्पणी की, जिसकी अध्यक्षता सोनिया गाँधी खुद कर रही रहीं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने मोहम्मद अली जिन्ना के साथ साँठ-गाँठ कर, जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग रखने का पूरा प्रयास किया था। 

तारिक हमीद कारा जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की करेंसी को मान्यता देने के भी समर्थक रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ही जम्मू कश्मीर को भारत के साथ जोड़ा है। बैठक में जब उन्होंने ऐसा बया दिया, तब सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी भी वहाँ मौजदू थे। तारिक हमीद कारा ने कहा कि अगर सरदार पटेल का बस चलता तो जम्मू कश्मीर आज भारत नहीं, पाकिस्तान में होता।

तारिक हमीद कारा अब भी अपने बयान पर अड़े हुए हैं और उन्होंने कहा है कि उनका बयान तथ्यों पर आधारित है। भाजपा ने कॉन्ग्रेस पर इस मामले में हमला बोला है और कॉन्ग्रेस बचाव की मुद्रा में है। तारिक हमीद कारा पहले से ही जम्मू कश्मीर के ‘अलग शासन’ की माँग करते रहे हैं और सत्ता में रहते भी उन पर वहाँ के मुस्लिमों पर मेहरबानी के आरोप हैं। उन्होंने मुफ़्ती मोहम्मद सईद के साथ मिल कर PDP का गठन किया था।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मामले में कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “आज अखबारों में छपा है कि 2 दिन पहले हुई CWC की बैठक में कश्मीर को लेकर कुछ सवाल उठे थे। बैठक में कश्मीर को लेकर भ्रम का माहौल बनाया गया। ये भी कहा गया कि जवाहर लाल नेहरू ने जम्मू कश्मीर को हिंदुस्तान में इंटीग्रेट किया। ये भी कहा गया कि इस पूरे प्रयोजन में सरदार पटेल जिन्ना से मिले हुए थे और जिन्ना के साथ मिलकर कश्मीर को हिंदुस्तान से अलग रखने की कोशिश पटेल कर रहे थे।”

संबित पात्रा ने कहा कि आज ये बात स्पष्ट हो गई है कि अपने परिवार की विरासत को ऊपर रखने के लिए नेहरू-गाँधी ‘राजवंश’ को ऊपर रखने के लिए, चाहे सुभाष चंद्र बोस हो, वीर सावरकर हो, सरदार पटेल हो किसी को भी अपमानित करना हो, किसी के नाम पर भ्रम फैलाना हो कॉन्ग्रेस पार्टी सब कर सकती है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस एक परिवार की पार्टी है और चाटुकारिता को पराकाष्ठा बनाए रखना ही उसका ध्येय है।

तारिक हमीद कारा के बारे में बता दें कि 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उन्हें पहले जम्मू कश्मीर विधान परिषद का सदस्य बनाया और उसके बाद बटमालू विधानसभा क्षेत्र के विधायक गुलाम मोहियुद्दीन शाह के निधन पर हुए उपचुनाव में वो विधायक बने। इसके बाद उन्हें जम्मू कश्मीर राज्य में उन्होने वित्त, आवास एवं शहरी विकास विभाग और वन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्लाह को हराया था।

रंजीत सिंह मर्डर केस में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सहित 5 को आजीवन कारावास, ₹31 लाख का जुर्माना भी

रंजीत सिंह मर्डर केस मामले में पंचकूला में CBI की स्पेशल कोर्ट ने आरोपित राम रहीम समेत 5 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम पर 31 लाख का जुर्माना लगाया है जबकि अन्य आरोपितों पर 50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रबंधक रंजीत सिंह हत्याकांड में पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम समेत 5 दोषियों को आजीवन करावास की सजा सुनाई है।

बता दें कि साध्वियों से रेप और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के मर्डर केस में राम रहीम पहले से ही जेल में सजा काट रहा है। राम रहीम को दुष्कर्म के मामले में 20 साल की कैद हुई है। वहीं पत्रकार की हत्या के मामले में भी वह उम्रकैद की सजा काट रहा है। रंजीत सिंह हत्याकांड मामले में बीते 8 अक्टूबर को गुरमीत राम रहीम सिंह और कृष्ण कुमार को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) के तहत दोषी करार दिया गया। वहीं, अवतार, जसवीर और सबदिल को कोर्ट ने आईपीसी की धारा-302 (हत्या), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है।

सजा के ऐलान से पहले हरियाणा के पंचकूला जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए धारा-144 लागू कर दी गई। अगस्त 2017 की हिंसा को देखते हुए राम रहीम से जुड़े किसी भी मामले में सुनवाई या फिर सजा के ऐलान से पहले सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया जाता है। साल 2017 में बलात्कार के एक मामले में राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद 36 लोग मारे गए थे। पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट से डेरा प्रमुख के लिए मौत की सजा की माँग की थी। वहीं, खुद राम रहीम ने रोहतक जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दया की गुहार लगाई थी। राम रहीम जेल में दो अनुयायियों के साथ बलात्कार करने के लिए 20 सालों की सजा काट रहा है। राम रहीम ने कोर्ट के सामने दया की गुहार लगाते हुए ब्लड प्रेशर, आँख और गुर्दे संबंधी अपनी बीमारियों का भी हवाला दिया था। 

सीबीआई ने डेरा प्रमुख की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि पीड़ित ने उसे भगवान की तरह माना और आरोपित ने उसके खिलाफ अपराध किया। एजेंसी ने यह भी कहा कि उसका आपराधिक इतिहास रहा है। ऐसे में एजेंसी ने राम रहीम के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत अधिकतम सजा की माँग की थी।

जुलाई 2002 में हुई थी रंजीत की हत्या

रंजीत सिंह की साल 2002 में 10 जुलाई को हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने की और पूरा मामला सीबीआई की स्पेशल अदालत में ही चला। घटना के 19 साल बीत जाने के बाद इस महीने की शुरुआत में राम रहीम समेत पाँच लोगों को दोषी ठहराया गया था। मामले की पूरी बहस 12 अगस्त को पूरी कर ली गई थी।

सीबीआई ने तीन दिसंबर, 2003 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। राम रहीम को एक पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वह रोहतक की सुनारिया जेल में सजा सुनाए जाने के बाद से ही बंद है।

‘मैं सिखाऊँगा दीवाली अच्छे से कैसे मनाएँ’: विराट कोहली के ‘ज्ञान’ पर लोगों ने कहा – हम सिखा सकते हैं आप कप्तानी कैसे करें?

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि वो अगले कुछ दिनों में वीडियो के जरिए लोगों को ‘अर्थपूर्ण’ दीवाली मनाने के टिप्स देंगे। उन्होंने कहा कि अपने करीबी लोगों और परिजनों के साथ दीवाली कैसे मनाई जाए, इस सम्बन्ध वो कुछ व्यक्तिगत टिप्स देंगे। उन्होंने कहा कि वो अपने ‘Pinterest’ प्रोफ़ाइल के जरिए ये टिप्स शेयर करेंगे। इस वीडियो में उन्हें कसरत करते हुए और अलग-अलग परिधानों में भी दिखाया गया है।

हालाँकि, सोशल मीडिया पर कई लोगों को विराट कोहली का ऐसा कहना पसंद नहीं आया और उन्होंने कहा कि फिर से हिन्दुओं को सलाह दी जाएगी कि वो पटाखे न चलाएँ। लोगों ने कहा कि ये हिन्दू त्योहार है और इसे हिन्दू रीति-रिवाज से ही मनाया जाना चाहिए, न कि कसी सेलब्स के टिप्स से। लोगों ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि दीवाली के दौरान हिन्दू विधि-विधान से पूजा-पाठ करना चाहिए, क्योंकि ये एक हिन्दू त्योहार है।

‘कह के पहनो’ नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “विराट, क्या आप अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा से एक किताब लिखवा कर प्रकाशित करवा सकते हैं, जिसमें हिन्दुओं के लिए दिशानिर्देश हो कि वो दीवाली, होली, दशहरा, जन्माष्टमी, शिवरात्रि, दुर्गा पूजा और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहार कैसे मनाएँ। मेरा मतलब है कि कौन-कौन सी चीजें महत्वपूर्ण हैं और किस-किस गैर-ज़रूरी चीज को हमें नज़रअंदाज़ करना है।”

फर्रागो अब्दुल्ला ने कहा, “ये क्या है? बकरीद पर कोई ज्ञान नहीं। क्रिसमस पर कोई ज्ञान नहीं। 2000 Cc इंजन की कार का प्रयोग करने पर कोई ज्ञान नहीं? नया साल पर पटाखे चलाने पर कोई ज्ञान क्यों नहीं?”

अरुण पुदुर नामक के ट्विटर यूजर ने लिखा, “ये सब करने के लिए विराट कोहली को ‘Pinterest’ रुपए दे रहा है। अगर आपको लगता है कि विराट कोहली जैसे सेलेब्स या कोई अमेरिकी ब्रांड सचमुच दीवाली की चिंता करता है तो आप गलत हैं। पैसा ही इनका मालिक है। मंदिर जाइए। कुछ सीखना है तो अपने दादा-दादी या नाना-नानी से पूछिए। इन लोगों की बातों में बार-बार मत आइए।”

वहीं कुछ लोगों ने विभिन्न कार्यक्रमों और मैचों में BCCI द्वारा की जाने वाली आतिशबाजी की तस्वीरें शेयर करते हुए पूछा कि इस पर आप गया क्यों नहीं देते?

एक व्यक्ति ने पूछा कि ‘मीनिंगफुल दीवाली’ के बारे में बात करने वाले विराट कोहली ‘मीनिंगफुल ईद’ कैसे मनाएँ, इस बारे में कुछ क्यों नहीं बताते?

‘मैथुन’ नाम के ट्विटर हैंडल ने पूछा कि अगर विराट कोहली हमें सीखा सकते हैं कि दीवाली ठीक से कैसे मनाएँ, लेकिन उन्हें नहीं सीखा सकते कि क्रिकेट कैसे खेलें।

‘द स्किन डॉक्टर’ नामक ट्विटर हैंडल ने लिखा कि भारत में प्रति व्यक्ति 1.8 टन प्रति वर्ष का CO2 उत्सर्जन होता है, लेकिन विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का प्राइवेट जेट 3 घंटे की ट्रिप में ही इतना कार्बनडाइऑक्साइड एमिट कर देता है। यही लोग बता रहे हैं कि अच्छी दीवाली कैसे मनाएँ। उन्होंने लिखा, “हमें उन्हें बताना चाहिए कि क्रिकेट कैसे खेलें और कप्तानी कैसे करें। आप सब उन्हें ‘अर्थपूर्ण’ सलाह दें।”

याद दिला दें कि विराट कोहली ने हाल ही में घोषणा की है कि वो इस T20 विश्व कप के बाद टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ देंगे। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली के व्यवहार से कई सीनियर खिलाड़ी नाराज थे। विराट कोहली काफी लंबे समय से फॉर्म से बाहर चल रहे हैं। 32 वर्षीय खिलाड़ी ने टेस्ट, वनडे और टी20 में 53 पारियाँ खेली, लेकिन एक में भी शतक नहीं जड़ पाए।

‘शिया मुस्लिम खतरनाक…जहाँ भी होंगे, ढूँढकर मार देंगे’: आतंकी संगठन IS ने अफगानिस्तान में दी धमकी

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के साथ ही इस्लामिक स्टेट (IS) ने शिया मुस्लिमों पर हमले करने शुरू कर दिए हैं। आतंकी संगठन शिया मुस्लिमों को खुलेआम धमका रहा है कि वो जहाँ भी रहेंगे उन्हें ढूँढ-ढूँढ कर मारा जाएगा। कंधार और कुंदुज प्रांत की मस्जिदों में इससे पहले शिया मुस्लिमों को निशाना बनाया जा चुका है।

खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक स्टेट के साप्ताहिक अल-नबा में प्रकाशित हुई धमकी में शिया मुस्लिमों को उनके घरों और केंद्रों में निशाना बनाने को कहा गया है। अफगानिस्तान के शिया मुस्लिमों को इस्लामिक स्टेट खुरासान ने खतरनाक बताया है। जिहादी संगठन ने कहा है कि बगदाद से लेकर खुरासान तक हर जगह शिया मुस्लिमों को मारेंगे।

दरअसल, अफगानिस्तान में तालिबान का शासन शुरू होने के बाद से आईएस खुरासान, मुल्क में शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।

गौरतलब है इसी महीने 15 अक्टूबर को दक्षिणी अफगानिस्तान में एक गुरुद्वारे को निशाना बनाया गया था। इसके साथ शुक्रवार को ही नमाज में शामिल होने वाले नमाजियों से भरी एक शिया मस्जिद पर आत्मघाती हमलावरों द्वारा हमला किया गया था। इस हमले में कम से कम 47 लोग मारे गए थे, वहीं 70 अन्य घायल हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी आईएस-के ने ली थी। इसके बाद ही जिहादी संगठन ने शिया मुस्लिमों को लेकर ये चेतावनी जारी की थी।

इसी तरह 8 अक्टूबर को भी आतंकियों ने अफगानिस्तान के कुंदुज में एक शिया मस्जिद में विस्फोट किया था। उस हमले में 100 से अधिक लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। उत्तरी अफगानिस्तान के एक शहर में सैयद अबाद मस्जिद के पास घातक विस्फोट हुआ था। शुक्रवार की नमाज के लिए स्थानीय निवासी मस्जिद में शामिल हुए थे।

बांग्लादेश में इस्कॉन और अन्य हिंदू मंदिरों पर मुस्लिमों के हमलों की दक्षिण अफ्रीका हिंदू महासभा ने की निंदा, विरोध में दूतावासों पर भजन-कीर्तन

देश की राष्ट्रीय हिंदू संस्था, दक्षिण अफ्रीकी हिंदू महासभा ने एक बयान जारी कर बांग्लादेश के नोआखली जिले, चटगाँव डिवीजन में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) मंदिर पर हमले की कड़ी निंदा की है। शुक्रवार (15 अक्टूबर 2021) को कट्टरपंथी मुस्लिमों की एक उन्मादी भीड़ ने बांग्लादेश के मंदिर पर हमला किया, जिसमें इस्कान के एक भगत की मौत हो गई। इस्कॉन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर यह बयान शेयर किया है।

देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा के बीच, बांग्लादेश में इस्कॉन और अन्य हिंदू मंदिरों पर अकारण हिंसा और हमलों को अंजाम देने वाले अपराधियों की निंदा करते हुए, संगठन ने कहा कि हमले से भक्तों को काफी क्षति हुई है और भयावहता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दक्षिण अफ्रीकी हिंदू महासभा ने कहा कि धार्मिक असहिष्णुता और घृणा अपराध ऐसे जहर हैं जो सामाजिक सद्भाव का दम घोंट रहे हैं और विभाजित समाज में गहरे छेद कर रहे हैं।

संगठन ने बांग्लादेश सरकार से पीड़ितों की सुरक्षा और भलाई के साथ-साथ उनके धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का आश्वासन देने को कहा है। दक्षिण अफ्रीकी हिंदू महासभा का पूरा बयान नीचे पढ़ा जा सकता है:

दक्षिण अफ्रीका की संन्यास आध्यात्मिक परिषद हिंदू मठों की एक राष्ट्रीय संस्था है जो न केवल हिंदू धर्म की शांतिपूर्ण और सार्वभौमिक शिक्षाओं को कायम रखती है, बल्कि महत्वपूर्ण रूप से बहुधर्म समुदायों के बीच शांति और सहिष्णुता को बढ़ावा देती है। साथ ही यह विभिन्न समुदायों के बीच सामाजिक सामंजस्य और सद्भाव की दिशा में अथक प्रयास करती है और आपसी सहयोग, समझ और सम्मान को प्रोत्साहित करती है।

हम पवित्र नवरात्रि प्रार्थनाओं के दौरान बांग्लादेश के विभिन्न क्षेत्रों में नोआखली में इस्कॉन मंदिर और अन्य हिंदू तीर्थस्थलों पर अकारण हिंसा और हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप शर्मनाक क्षति के अलावा, बेवजह जान गँवानी पड़ी और भक्तों में भय व्याप्त है।

धार्मिक असहिष्णुता और हेट क्राइम एक ऐसा जहर है जो सामाजिक सद्भाव को खत्म कर रहा है और विभाजित दुनिया में गहरी खाई खोद रहा है। नेताओं के रूप में, हमें अधिक शांतिपूर्ण और एकजुट सभ्यता की दिशा में काम करने के लिए एक दृढ़ रुख अपनाने और प्रतिबद्ध होने की आवश्यकता है। हमें मानव अधिकारों, मानवीय गरिमा, धार्मिक स्वतंत्रता और विविधता का सम्मान करना चाहिए और सम्मान, सहिष्णुता और आपसी समझ विकसित करनी चाहिए।

इसलिए, हम उन सभी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं जो हमलों से प्रभावित हुए थे और बांग्लादेश सरकार से इन अपराधों के अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई करने और उचित न्याय लागू करने का आह्वान करते हैं। हम बांग्लादेश सरकार से पीड़ितों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के साथ-साथ पूजा की स्वतंत्रता के उनके अधिकार की रक्षा करने का अनुरोध करते हैं।

इस्लामी भीड़ ने बांग्लादेश में इस्कॉन मंदिर पर किया हमला

शुक्रवार (15 अक्टूबर 2021) को कट्टरपंथी इस्लामियों की एक उन्मादी भीड़ ने बांग्लादेश के चटगाँव डिवीजन के नोआखली जिले में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) मंदिर पर हमला किया। यह नृशंस हमला कट्टरपंथी इस्लामियों द्वारा ईशनिंदा के बहाने दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ करने के कुछ दिनों बाद हुआ है।

एक ट्वीट में, इस्कॉन के आधिकारिक हैंडल ने लिखा, “बांग्लादेश के नोआखली में आज इस्कॉन मंदिर और भक्तों पर भीड़ द्वारा हिंसक हमला किया गया। मंदिर को काफी नुकसान पहुँचा और एक भक्त की हालत गंभीर बनी हुई है। हम बांग्लादेश सरकार से सभी हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाने का आह्वान करते हैं।”

हमले के एक दिन बाद, कोलकाता में इस्कॉन के प्रवक्ता राधारमण दास ने बांग्लादेश में इस्कॉन मंदिर पर हमले की निंदा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हिंसा के सिलसिले को तोड़ने के लिए बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मिलने का अनुरोध किया।

राधारमण दास ने कहा, “बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों में हिंसा का सिलसिला थमा नहीं है। इस्कॉन मंदिर के अंदर शुक्रवार को मौत का तांडव हुआ। इस्कॉन दुनिया भर में बांग्लादेश उच्चायोगों के बाहर विरोध प्रदर्शन जारी रखेगा जब तक कि दोषियों को दंडित नहीं किया जाता।”

खबरों के मुताबिक, इस्कॉन कोलकाता, बांग्लादेश में हुए कायरतापूर्ण हमले का विरोध कोलकाता में बांग्लादेश उप उच्चायोग के बाहर ‘भजन’ गाकर कर रहा है। वह अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और भक्तों की सुरक्षा की माँग कर रहे हैं।