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‘हथकड़ी लगाओ और ले चलो’: सुबह में बोली थीं प्रियंका गाँधी, अब लगा रही हैं झाड़ू, लखीमपुर जा रहे दूसरे नेता भी UP पुलिस की हिरासत में

लखीमपुर खीरी में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ की गुंडई के बाद विपक्ष ने उत्तर प्रदेश को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा इस मामले पर राजनीतिक रोटियाँ सेंकने में जुट गए हैं। इसी बीच कॉन्ग्रेस महासचिव का एक वीडियो सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो सीतापुर जिले के PAC गेस्ट हाउस का है, जहाँ प्रियंका गाँधी वाड्रा झाड़ू लगाती हुई दिखाई दे रही हैं।

अखिलेश यादव और प्रियंका गाँधी को हिरासत में लिया

दरअसल, विपक्षी नेता प्रशासन के मना करने के बावजूद लखीमपुर जाकर किसानों से मिलना चाहते हैं। रोके जाने पर अखिलेश यादव लखनऊ में सड़क पर ही धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद उनको हिरासत में लिया गया। वहीं, इससे पहले कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा को हिरासत में लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। इसमें वह यूपी पुलिस की कार्रवाई को बाधित करती हुई दिखाई दीं।

धारा-144 लगने के बावजूद वह कुछ लोगों के साथ लखीमपुर खीरी जाने वाली थीं। इस दौरान वह सीतापुर जिले की पुलिस पर चिल्लाते हुए कह रही हैं, ”आप एक अरेस्ट का वारंट निकालो, मुझे हथकड़ी पहनाओ और ले चलो, मुझे बिल्कुल मंजूर है। बताओ मुझे किस आधार पर रोक रहे हो।” इसके बाद पुलिस ने सोमवार (4 अक्टूबर 2021) सुबह प्रियंका को हिरासत में लिया गया था। अब वह सीतापुर जिले के साफ सुधरे PAC Guest House में झाड़ू लगा रही हैं।

इसके अलावा, लखीमपुर घटना के जरिए खुद को लाइम लाइट लाने वाले अन्य नेताओं को भी यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि लखीमपुर खीरी जा रहे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के नेता शिवपाल सिंह यादव को लखनऊ पुलिस ने इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा पर हिरासत में लिया। वहीं, AAP नेता संजय सिंह को भी वहाँ जाने से रोका गया है।

लखीमपुर खीरी में धारा-144

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के भी लखीमपुर पहुँचने की खबरें सामने आई हैं। वहीं, ‘भारतीय किसान मोर्चा’ के प्रवक्ता राकेश टिकैत भी वहाँ पहुँचे हैं और कहा है कि कार्रवाई न होने तक मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। 8 लोगों की मौत के बाद से ‘किसान प्रदर्शनकारी’ धरने पर हैं। सोमवार (4 अक्टूबर, 2021) को सुबह साढ़े 4 बजे ही राकेश टिकैत वहाँ पहुँच गए थे और उन्होंने एक गुरुद्वारे में बैठक भी की। इस दौरान आगे की रणनीति बनाई गई। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष का नाम FIR में डालने की माँग की गई है। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लखीमपुर खीरी में धारा-144 लगा दी गई है।

आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

जानकारी के मुताबिक, आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्‍या, आपराधिक साजिश और बलवा सहित कई धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। बहराइच नागपाड़ा के जगजीत सिंह की शिकायत पर तिकुनिया थाने में मामला दर्ज किया गया है। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री गंभीर हैं और अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार अपना काम कर रही है और इस मामले को राजनीतिक तूल देने की जरूरत नहीं है।

‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला बोला

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार (3 अक्टूबर 2021) को ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला बोल दिया था। इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर दुःख प्रकट करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा है कि सरकार इसकी तह तक जाएगी और जाँच के बाद इसमें शामिल तत्वों को बेनकाब करेगी। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बता दें कि इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें किसान प्रदर्शनकारी’ लाठी-डंडे लेकर लोगों को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। तथाकथित ‘किसानों’ का कहना है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे ने जबरदस्ती ‘आंदोलनकारियों’ के ऊपर गाड़ी चढ़ा कर उन्हें कुचल दिया।

लखीमपुर खीरी हिंसा: सभी मृतकों के परिजनों को ₹45 लाख, 1-1 सदस्य को सरकारी नौकरी, पूरे क्षेत्र में नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में हुई हिंसा में मारे लोगों के लिए सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हिंसा में मारे गए प्रत्येक मृतक के परिजनों को 45-45 लाख रुपये और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं, घायलों को 10-10 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया है। वहीं, घटना की निष्पक्ष जाँच के लिए सरकार उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से मामले की न्यायिक जाँच कराएगी।

लखीमपुर घटना के बाद प्रदेश में राजनीतिक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। तमाम दलों के नेता अपनी-अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस मुद्दे को अपने हित में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। इसको देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने जिले में राजनीतिक दलों के नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि हिंसाग्रस्त लखीमपुर खीरी जिले में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है और किसी भी राजनीतिक दल के नेता को यहाँ आने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान संगठनों के सदस्यों को यहाँ आने पर कोई रोक नहीं है।


लखीमपुर खीरी में किसानों से मिलने निकली कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी को सीतापुर पुलिस ने हरगांव में सुबह 4 बजे हिरासत में ले लिया। पुलिस हिरासत में प्रियंका उपवास पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों के परिवारों व अन्य किसानों से वे नहीं मिलेंगी, तब तक अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। 

इधर, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखीमपुर जाने से रोक दिया, जिसके बाद वे अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद अखिलेश को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं, इस बीच गौतमपल्ली थाने के पास कुछ अराजक तत्वों ने एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया।

लखीमपुर के नाम पर सपा का पूरे UP में उत्पात: लखनऊ में फूँका पुलिस वाहन तो बहराइच में जलाया CM योगी का पुतला

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में कथित किसानों द्वारा की गई हिंसा के बाद इस मामले को तमाम राजनीतिक दलों द्वारा तूल दिया जाने लगा है। कॉन्ग्रेस पार्टी की प्रियंका गाँधी ने कल खुद को लखीमपुर जाने से रोकने वाले पुलिस बल से लंबी बहस की तो अब समाजवादी पार्टी ने लखीमपुर के नाम पर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक गतिविधियाँ शुरू कर दी है।

लखीमपुर में एहतियात के लिए धारा 144 लगाए जाने के बाद भी अखिलेश यादव व शिवपाल सिंह यादव घटनास्थल पर जाने की जिद पर अड़े हुए थे। एहतियातन उन्हें हिरासत में ले लिया गया जिसके बाद उनके तमाम समर्थक सड़कों पर उतर कर हिंसक गतिविधियाँ शुरू कर दिए।

एहतियातन हिरासत में लिए गए अखिलेश यादव

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार अखिलेश यादव के घर के बगल गौतमपल्ली क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की एक जीप को आग लगा दी है।

धूँ-धूँ जलती पुलिस जीप को पानी डाल कर बुझाने का प्रयास करते पुलिसकर्मी

इसी क्रम में UP के जिला कन्नौज में सड़क को समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने जाम कर दिया और अखिलेश के नाम पर जान है कुर्बान के नारे लगाए और हंगामा किया।

नीचे दिए गए ट्वीट में देखिए कि धारा 144 लागू होने के बाद भी कितने बड़े काफिले और लाव लश्कर के साथ लखीमपुर के लिए निकले थे शिवपाल सिंह यादव।

समाजवादी पार्टी का आधिकारिक हैंडल इस मामले में एक विजुअल के साथ ट्वीट कर रहा है कि जो भी समाजवादी जहाँ भी हों वहीं धरने पर बैठ जाएँ।

UP के बहराइच में अखिलेश यादव समर्थकों ने भगवा वस्त्रों में जलाया मुख्यमंत्री योगी का पुतला

वहीं उत्तर प्रदेश के ही जिला फतेहपुर में समाजवादी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर के प्रशासकीय कार्यों में बाधा पहुँचाई।

‘दादा छोड़ दो..’: जान की भीख माँगते रहे श्याम सुंदर निषाद, ‘किसानों’ ने उतार दिया मौत के घाट – रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने ड्राइवर हरिओम मिश्रा के अलावा भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुंदर निषाद की भी पीट-पीट कर हत्या कर दी। इस दौरान वो जान की भीख माँगते रहे। वो केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी के समर्थक व भाजपा कार्यकर्ता थे। उनकी अंतिम चीखें दिल दहला देने वाली है। इससे हमारे-आपके रोंगटे भले खड़े हो जाएँ, लेकिन ‘किसान आंदोलनकारियों’ को जा की भीख माँग रहे एक निर्दोष पर जरा भी तरस नहीं आया।

उनकी मॉब लिंचिंग कर दी गई। उनसे ‘किसान आंदोलनकारियों’ की भीड़ जबरन ये कबूल करने का दबाव बना रही थी कि वो ये बोलें कि मंत्री ने उन्हें किसानों को मारने के लिए भेजा है। भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुंदर निषाद बार-बार ‘दादा… दादा, छोड़ दो’ की गुहार लगा रहे थे, लेकिन गुंडों का दिल नहीं पसीजा। उनसे जबरन कबुलवाया जा रहा था कि वो किसानों पर गाड़ी चढ़ाने आए हैं। उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें मंत्री ने भेजा है, लेकिन इसके लिए नहीं।

जब मारपीट और डंडा दिखाने के बावजूद उन्होंने ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ के मनमाफिक बयान नहीं दिया तो भीड़ उन पर टूट पड़ी। वो जमीन पर हाथ जोड़ कर गुड़गिड़ाते रहे, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। भीड़ में से ‘किसान प्रदर्शनकारी’ उन्हें गाली देते हुए ‘मारो-मारो’ चिल्ला रहे थे वीडियो न बनाने को भी बोल रहे थे। नीचे वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे उनसे जबरन कहलवाने की कोशिश हो रही है कि वो ये बोलें कि मंत्री ने उन्हें गाड़ी एक्सीडेंट कराने के लिए भेजा है।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के ड्राइवर को ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने उतार दिया मौत के घाट

सोशल मीडिया पर लोगों ने आशंका जताई है कि भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुंदर निषाद से जबरन झूठ बुलवा कर ‘किसान प्रदर्शनकारी’ सोशल मीडिया में ये दुष्प्रचारित करते कि मंत्री ने उनकी हत्या की साजिश रची, लेकिन जब उन्होंने झूठ बोलने से मना कर दिया तो उन्हें मार डाला गया। राकेश टिकैत के ट्वीट्स पर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी कि ये ‘किसान’ मर नहीं रहे हैं, बल्कि मार रहे हैं। अजय मिश्रा खीरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं।

इसके अलावा एक पत्रकार की भी हत्या हुई है। ‘ABP News’ के संपादक पंकज झा ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी दी, “लखीमपुर में रिपोर्टिंग कर रहे हमारे एक साथी रमन की मौत हो गई है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।” रमन कश्यप निघासन क्षेत्र के रहने वाले थे और इस घटना की कवरेज के लिए पहुँचे थे। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम हाउस में उनकी मौत की पुष्टि की। लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए ‘किसान उपद्रवियों’ के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

नोट: शुरुआती रिपोर्टों में इस व्यक्ति की पहचान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के ड्राइवर हरिओम मिश्रा के तौर पर बताई गई थी। अब इनकी पहचान बीजेपी कार्यकर्ता श्याम सुंदर निषाद के रूप में हुई है। ताजा जानकारी के हिसाब से खबर अपडेट की गई है।

4 साल से ड्रग्स ले रहे हैं आर्यन खान, पकड़े गए तो माँगने लगे माफ़ी, अब पूछताछ में रो रहे: जानिए NCB के ऑपरेशन की डिटेल्स

शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन फ़िलहाल NCB की कस्टडी में हैं। उन्हें एक जहाज पर रेव पार्टी करने और ड्रग्स लेने व रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आज उनकी जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है। इसी बीच मुंबई NCB के मुखिया समीर वानखेड़े को दफ्तर से बाहर निकल कर कहीं जाते देखा गया है। वहीं बताया जा रहा है कि आर्यन खान ने पूछताछ में 4 साल से ड्रग्स लेने की बात कबूल की है।

‘आज तक’ की खबर के अनुसार, आर्यन खान सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूके और दुबई के अलावा कई अन्य देशों में भी जाकर ड्रग्स का सेवन कर चुके हैं। आर्यन खान के साथ गिरफ्तार हुए अरबाज मर्चेंट पिछले 15 वर्षों से उनके दोस्त हैं। NCB ने ड्रग्स पार्टी वाले जहाज पर सोमवार (4 अक्टूबर, 2021) को फिर से छापेमारी की और क्रू मेंबर्स से पूछताछ की। NCB ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी लैंडलाइन से आर्यन को उनके पिता शाहरुख़ खान से 2 मिनट बात भी कराई।

बताया जा रहा है कि NCB की पूछताछ में आर्यन खान लगातार रो रहे हैं। वो काफी इमोशनल हो गए, जिसके बाद उनके अब्बा से बात करवाई गई। सतीश मानशिंदे अदालत में उनकी तरफ से पैरवी कर रहे हैं, जो कई नामी बॉलीवुड सेलेब्स के वकील कर चुके हैं। गोवा के किसी पैडलर द्वारा आर्यन-अरबाज को ड्रग्स की सप्लाई की बात कही जा रही है। अरबाज की मोबाइल चैट के आधार पर श्रेयस नायर नाम के एक और व्यक्ति को दबोचा गया है।

‘हिंदुस्तान’ NCB से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया है कि आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट ने स्वीकार किया है कि उनके पास से मिला ड्रग्स उनके लिए ही था। NCB के अधिकारी जहाज पर पैसेंजर बन कर गए थे। चेकिंग के दौरान जब आर्यन खान घबरा गए, तब उन्हें शक हुआ। तलाशी लेने पर अरबाज के जूते में से चरस निकली। NCB ने आर्यन को जब साथ चलने के लिएबोला तब वो माफ़ी माँग रहे थे।

आर्यन के क्रू का टिकट 80,000 रुपए का था। इस छापेमारी में 25 अधिकारी शामिल थे, जिनमें से 6 पार्टी ड्रेस में यात्री बन कर जहाज पर चढ़े थे। NCB को पहले ही पता था कि इस पार्टी में सत्र किड्स हैं, लेकिन ये नहीं पता था कि वो कौन है। ये जहाज मुंबई से गोवा के बीच चलती है। एनसीबी ने 6 अधिकारियों के लिए ऑनलाइन टिकट भी खरीदे। CISF ने उसकी मदद की। समीर वानखेड़े इस पूरे ऑपरेशन को देख रहे थे।

पैगंबर मोहम्मद पर बनाया था कार्टून, सड़क हादसे में संदिग्ध मौत: पहले भी 2 बार मारने की हुई थी कोशिश, अल कायदा ने रखा था ईनाम

पैगंबर मोहम्मद का ‘विवादित’ कार्टून बनाने वाले स्वीडिश कार्टूनिस्ट लार्स विल्क्स की भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। पैगंबर मोहम्मद का विवादित कार्टून बनाने के बाद से स्वीडिश कलाकार को लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही थीं और वो पुलिस की सुरक्षा में रहते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार (अक्टूबर 3, 2021) को 75 वर्षीय लार्स विल्क्स की कार का भयानक एक्सीडेंट हुआ था।

रिपोर्ट के मुताबिक, 75 वर्षीय लार्स विल्क्स की की कार सामने से आ रही एक ट्रक से टकरा गई। हादसे के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। इस घटना में ट्रक का 45 वर्षीय ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

स्वीडिश समाचार आउटलेट एक्सप्रेसेन के मुताबिक, कार्टूनिस्ट लार्स विल्क्स की सुरक्षा में तैनात दोनों पुलिसकर्मियों की भी इस भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई है। हादसे की जाँच विशेष पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही है और पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लार्स विल्क्स जिस गाड़ी में जा रहे थे, वो हादसे का शिकार हुई थी या फिर जान-बूझकर हादसे को अंजाम दिया गया है।

स्वीडन के पुलिस प्रमुख ने कहा है, “यह काफी निराशा और दुखद खबर है। हमारे दो सहयोगी पुलिसकर्मियों की हादसे में मौत हो गई है। मैं उनके परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ।” वहीं, हादसे को लेकर पुलिस अधिकारी ने कहा, “अभी तक यही पता चल रहा है कि ये एक हादसा है, लेकिन अभी अंतिम फैसले पर नहीं पहुँचा जा सकता है।”

विशेष अभियोजक के कार्यालय के प्रमुख एंडर्स जैकबसन ने कहा, “मेरे पास अभी जो जानकारी है, उससे यह संकेत मिलता है कि यह एक दुर्घटना है, लेकिन जाँच बहुत शुरुआती चरण में है।” वहीं, पुलिस प्रवक्ता रिकार्ड लुंडक्विस्ट ने कहा कि फिलहाल वो इस मामले में कुछ नहीं कह सकते कि इसके पीछे कोई साजिश है या नहीं।

मिलती रहती थी धमकियाँ

लार्स विल्क्स उस वक्त सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का ‘विवादित’ कार्टून बनाया था। इसके खिलाफ दुनिया भर में प्रदर्शन हुए थे। उन्होंने 2007 में पैगंबर मुहम्मद का कार्टून बनाकर उन्हें ‘गलत तरीके से’ चित्रित किया था, जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियाँ मिलती थीं। उन्हें दो बार उन्हें मारने की कोशिश भी की गई थी।

2015 में एक बंदूकधारी उमर अल-हुसैन ने क्रुडटोंडेन कैफे के सामने गोलियाँ चलाई थीं, जहाँ लार्स विल्क्स कुछ लोगों को संबोधित कर रहे थे। हालाँकि इस हमले में उनकी जान बच गई थी। अल-कायदा ने विल्क्स के सिर पर इनाम रखा था। साल 2010 में दो लोगों ने दक्षिणी स्वीडन में उनके घर को जलाने की कोशिश की। वहीं, पिछले साल पेन्सिलवेनिया की एक महिला को उन्हें मारने की कोशिश की साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराया गया।

SRK के बेटे आर्यन खान को हो सकती है 1 साल तक की सजा! जानिए क्या हैं आरोप और क्या कहता है कानून

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन को मुंबई के पास समुद्र में एक क्रूज पर चल रही रेव पार्टी में शनिवार (अक्टूबर 2, 2021) देर रात चरस लेने के आरोप में NCB द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

क्या हैं आर्यन खान पर आरोप

शाहरुख़ के बेटे आर्यन को 12 घंटे तक चली लम्बी पूछताछ के बाद चरस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आर्यन खान पर अपने लेंस के डिब्बे में ड्रग्स छुपाकर रखने का आरोप है। फिल्मफेयर के अनुसार, NCB ने आर्यन खान की पुलिस हिरासत अवधि और अधिक न बढ़ाने का फैसला किया है।

हिंदुस्तान के मुताबिक, आर्यन के पास से 13 ग्राम कोकेन, 5 ग्राम MD, 21 ग्राम चरस और MDMA की 22 गोलियाँ पाई गईं जिसका मूल्य लगभग 1,33,000 रुपए आँका जा रहा। इस केस में गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध सेक्शन 8C, 20B, 27, 35 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस रेव पार्टी में एनसीबी के अधिकारी पैसेंजर बनकर पहुँचे थे।

आर्यन खान को कितनी सज़ा हो सकती है?

फिलहाल अब तक मिली जानकारी के अनुसार नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज ऐक्ट-1985 के नियमानुसार आर्यन खान को को छह महीने से एक साल के बीच में सजा मिल सकती है। आरोपी के पास मिली नारकोटिक्स की मात्रा सज़ा के का आकार तय करती है।

इस प्रकार के प्रकरणों में आरोपी के लिए काउंसलिंग के विकल्प खुले रहते हैं। आरोपित के पास छोटी मात्रा में चरस या हशीश मिलने पर 6 माह जेल और 10 हजार तक जुर्माने का प्रावधान है लेकिन यदि पकड़ा गया चरस या गाँजा किसी अन्य रूप में ढाल कर उपयोग में लाया जा रहा हो तो सज़ा 1 वर्ष हो जाती है। आर्यन खान का अपराध जमानती बताया जा रहा है जिसमें अदालत से ही जमानत का प्रावधान है।

यद्यपि मादक द्रव्यों की तस्करी करने के अपराध में NDPS एक्ट के अंतर्गत अधिकतम 20 वर्ष की जेल और 2 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। चरस के अलावा कोकीन, हेरोइन, गाँजा, हशीश, मार्फीन आदि प्रतिबंधित मादक द्रव्यों की श्रेणी में रखे गए हैं। इसी क्रम में साइकोट्रोपिक के तहत एलएसडी, एमएमडीए, अल्प्राजोलम यानी केमिकल को मिलाकर बनाए जाने वाले पदार्थ आते हैं।

क्या है नारकोटिक्स

नारकोटिक्स का अर्थ नशीले पदार्थ से है। इसका उपयोग चिकित्सीय कार्यों में किया जाता है। नींद के साथ शारीरिक व मानसिक पीड़ा के रोगियों के लिए इसके कुछ प्रकारों की एक निश्चित मात्रा डाक्टरों की सलाह व देखरेख में ली जाती है लेकिन इसको रखने, खरीदने और बेचने के लिए मापदंड शासन तय करता है। बिना शासकीय अनुमति के इसका किसी भी प्रकार से उपयोग गैरकानूनी व दंडनीय होता है।

कब बना इस पर क़ानून –

वर्ष 1985 में भारतीय संसद ने नशीले पदार्थों को अवैध रूप से बेचने, बनाने और सेवन को को कानूनी अपराध मानते हुए NDPS एक्ट पारित किया था, जिसे हिंदी में नारकोटिक्स ड्रग्स साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 कहा जाता है। इस एक्ट के लागू होने के बाद सरकार नारकोटिक्स संबंधित सभी गतिविधियों को नियंत्रित करने लगी। अब तक कुल 3 बार, वर्ष 1988, 2001 और 2014 में NDPS एक्ट में संशोधन भी हुए हैं।

इसी एक्ट की धारा 42 के तहत विवेचक को बिना वारंट किसी संदिग्ध की तलाशी लेने, मादक पदार्थ जब्त करने और गिरफ्तार करने का अधिकार रखता है। शाहरुख़ के बेटे आर्यन को गिरफ्तार करने वाली नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) इन अपराधों एक्शन लेने के लिए अधिकृत सर्वोच्च संस्था है जो 17 मार्च, 1986 में स्थापित की गई थी। इसका नियंत्रण केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय अधीन होता है।

बताया जा रहा कि गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी की एक टीम ने क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के नेतृत्व में शनिवार शाम को गोवा जाने वाले कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर छापेमारी कर के पार्टी में शामिल कुछ यात्रियों के पास से प्रतिबंधित ड्रग्स कब्ज़े में लिया है। आर्यन खान के अलावा उनके दोस्त और फिल्म एक्टर अरबाज मर्चेंट, मुनमुन धमेचा को भी गिरफ्तार किया गया।

कुछ समय पहले कॉमेडियन भारती सिंह के घर से कथित तौर पर गाँजा बरामद किया गया था बरामद मात्रा कानून के तहत कम मात्रा है। उस प्रकरण में एंटी ड्रग एजेंसी ने बताया था कि भारती और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया दोनों ने गाँजे का सेवन स्वीकार किया था।

सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो NCB ने बॉलीवुड में फैले नशे के कारोबार पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी थी और 2 अक्टूबर 2021 को हुई गिरफ्तरियाँ उसी सक्रियता का नतीजा मानी जा रही हैं।

5 साल में 200 लड़कियों को जिस्मफरोशी में धकेल चुका है मुनीरुल, 75 लड़कियों से की फर्जी शादी: SIT ने दबोचा

इंदौर SIT की गिरफ्त में आए बांग्लादेशी लड़कियों के तस्कर मुनीर उर्फ मुनीरुल ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वह 200 से ज्यादा बांग्लादेशी लड़कियों को भारत लाकर जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल चुका है। 5 साल से इस धंधे में है। उसे गुरुवार (अक्टूबर 30, 2021) को सूरत से पकड़ा गया है। वह हर महीने 55 से अधिक लड़कियों को लाता था।

इंदौर पुलिस ने 11 महीने पहले लसूड़िया और विजय नगर इलाकों में ऑपरेशन चलाकर 15 लड़कियों को पकड़ा था। मामले में सागर उर्फ सैंडो, आफरीन आमरीन व अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया था। मुनीर भाग निकला था। उसे गुरुवार को सूरत से पकड़कर इंदौर लाया गया है। इंदौर पुलिस ने 11 महीने पहले लसूड़िया और विजय नगर इलाकों में ऑपरेशन चलाकर 21 बांग्लादेशी लड़कियों को रेस्क्यू कर छुड़ाया था। जिसमे 11 बांग्लादेशी लड़कियाँ और बाकि अन्य लड़किया भी शामिल थी।

मुनीर पर 10 हजार रुपए का इनाम था। वह बांग्लादेश के जसोर का है। 75 लड़कियों से उसने फर्जी शादी की और फिर इंडिया में लाकर बेचा। उसके पीछे बड़ा नेटवर्क है। मुनीर से पता चला है कि सेक्स रैकेट से जुड़ा गिरोह लड़कियों की पहले कोलकाता, फिर मुंबई में ट्रेनिंग कराता है। इसके बाद डिमांड पर लड़कियों को देश के दूसरे शहरों में सप्लाई किया जाता है। लड़कियों को बांग्लादेश और भारत के पोरस बॉर्डर पर नाले के रास्ते लाया जाता है। बॉर्डर के पास के छोटे गाँव में एजेंट्स लड़कियों को मुर्शिदाबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लाकर ही भारत में एंट्री करवाते हैं। फिलहाल पुलिस मुनीर से पूछताछ कर रही है।

जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश के एजेंट गरीब परिवार की लड़कियों को काम दिलाने के बहाने बांग्लादेश से लड़कियों को चोरी-छिपे अवैध तरीके से बॉर्डर पार कराकर लाया जाता है। लड़कियों को मुंबई से रवाना करने के पहले उनके दस्तावेज रखवा लिए जाते थे। लड़कियाँ बांग्लादेश की ही हैं, इसकी पहचान एजेंट आँखों के जरिए करते थे।

हाल ही में एसआईटी टीम ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हनीट्रैप में नौकरशाहों और राजनेताओं को फँसाने वाली कुछ महिलाओं को गिरफ्तार किया था। साथ ही उनके पास से लैपटॉप और कई मोबाइल भी बरामद किया था। जिसमें उन्होंने हनीट्रैप में फँसाए गए पीड़ितों को समझौता करने की स्थिति में चित्रित करने वाले कई वीडियो क्लिप बरामद किया था। उसके बाद से एसआईटी टीम राज्य में जगह-जगह पर छापेमारी कर इसमें लिप्त आरोपियों कि धर-पकड़ कर रही है।

लखीमपुर खीरी हिंसा में पत्रकार रमन कश्यप की मौत, राकेश टिकैत का ‘अगला नंबर मीडिया का होगा’ वीडियो हुआ था वायरल

Note: पहले की सूचना के आधार पर मृत पत्रकार को ABP से संबंधित मान कर खबर लिखी गई थी। पत्रकार रमन कश्यप ABP से संबंधित नहीं हैं।

लखीमपुर खीरी हिंसा में पत्रकार रमन कश्यप की भी मौत हो गई है। आरोप है कि ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने उन्हें पीट-पीट कर मार डाला। इसके बाद से लोग ‘भारतीय किसा यूनियन (BKU)’ के प्रवक्ता राकेश टिकैत से गुस्से में हैं, जिन पर मीडिया को धमकी देने के आरोप (हालाँकि उन्होंने बात गोल-गोल की थी, डायरेक्ट धमकी जैसा नहीं कहा था) लगे थे।

‘ABP News’ के संपादक पंकज झा ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी दी, “लखीमपुर में रिपोर्टिंग कर रहे हमारे एक साथी रमन की मौत हो गई है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।” रमन कश्यप निघासन क्षेत्र के रहने वाले थे और इस घटना की कवरेज के लिए पहुँचे थे। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम हाउस में उनकी मौत की पुष्टि की। लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए ‘किसान उपद्रवियों’ के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

बता दें कि रायपुर में राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, “सरकार का अगला टारगेट मीडिया है, आपको बचना है तो साथ दे दो नहीं तो आप भी गए।” राकेश टिकैत के भाई नरेश टिकैत, ज़ी न्यूज़ द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में अपनी दोहरी नीतियों के कारण पकड़े गए थे। इस घटना को ही मीडिया से उनके गुस्से का कारण बताया जा रहा था। लोगों ने कहा था कि टिकैत इस बयान को मीडिया को धमका कर अपने पक्ष में करना चाहते हैं।

जहाँ तक लखीमपुर खीरी में ताज़ा घटनाक्रम की बात है, ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त करने की मॉंग की है। यूपी सरकार ने पंजाब सरकार को पत्र लिख कर किसी को फ़िलहाल लखीमपुर न आने देने को कहा है। अंबाला में भी किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ता सड़क पर लेट गए और अखिलेश यादव को रोके जाने का विरोध किया।

उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को एक कुश्ती कार्यक्रम के लिए वहाँ आना था, जिसके पहले ये घटनाएँ हुई हैं। गुस्साए किसानों ने 2 SUV गाड़ियों को फूँक दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव एयर बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा का आरोप है कि उन्हें घर में नजरबंद कर दया गया है। प्रियंका गाँधी ने पुलिस के साथ झड़प की। इटावा में उनके काफिले को रोका गया। सीतापुर में भी उन्हें रोका गया। वो लगातार पुलिस को चकमा देने में लगी रहीं।

शठे शाठ्यं समाचरेत: हरियाणा के CM मनोहर लाल खट्टर का वायरल वीडियो, हिंसा नहीं अनुशासन की बात

कृषि कानूनों के खिलाफ ‘किसानों’ का प्रदर्शन लंबे समय से जारी है। हाल के दिनों में इन ‘किसानों’ का प्रदर्शन उग्र भी हुआ है और अब दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब और यूपी में भी ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन जारी है। रविवार (अक्टूबर 3, 2021) को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला बोल दिया। इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई है।

इसी बीच किसानों के प्रदर्शन को लेकर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह चंडीगढ़ में किसानों को संबोधित कर रहे हैं। कार्यक्रम में संभवत: किसानों के जारी आंदोलन से पड़ने वाले प्रभाव के संदर्भ में खट्टर ने कहा कि दक्षिण हरियाणा में ज्यादा समस्या नहीं है और यह राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों तक सीमित है।

इस वीडियो में खट्टर कहते हैं, “कुछ नए किसानों के जो और संगठन उभर रहे हैं, उनको भी प्रोत्साहन देना पड़ेगा। उनको आगे बढ़ाना पड़ेगा और हर जिले में खास करके ये उत्तर और पश्चिम हरियाणा के, दक्षिण हरियाणा में ये समस्या ज्यादा नहीं है। लेकिन उत्तर-पश्चिम हरियाणा के हर जिले में अपने किसानों के 500, 700, 1000 लोग खड़े करो, उनको स्वयंसेवक बनाओ और फिर जगह-जगह ‘शठे शाठ्यं समाचरेत’। इसका क्या अर्थ है… इसका मतलब है जैसे को तैसा, उठा लो डंडे।”

सभा में बैठे किसी के कुछ पूछने पर CM खट्टर ने आगे कहा, “नहीं… हम वो देख लेंगे और दूसरी बात ये है कि जब उठाओगे डंडे तो जमानत की परवाह मत करो। जब एक महीने, तीन महीना या छह महीना वहाँ रह आओगे तो इतनी पढ़ाई इस मीटिंग में नहीं होगी, जितनी वहाँ सीख लोगे। अगर दो-चार महीने वहाँ रह आओगे तो बड़े नेता अपने आप बन जाओगे। चिंता मत करो दो-चार महीने वहाँ रहोगे तो बड़े नेता बन जाओगे। इतिहास में नाम लिखा जाएगा। इसमें एक ही बात ध्यान रखना है कि जोश के साथ अनुशासन बना कर रखना है। जो सूचना मिल गई है कि यहाँ तक करना है, इसके आगे नहीं करना, तो फिर नहीं करना है।”

उल्लेखनीय है कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे ‘किसानों’ ने हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन के नेताओं के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। वे उन स्थानों के पास इकट्ठा होते हैं, जहाँ भाजपा या जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेताओं के कार्यक्रम होते हैं और जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हैं।

गौरतलब है कि हरियाणा के झज्जर में शुक्रवार (अक्टूबर 1, 2021) को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का कार्यक्रम था। बड़ी संख्या में कथित किसान इसका विरोध करने पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। उनको रोकने के लिए पुलिस को पानी की बौछार करनी पड़ी।

पिछले दिनों भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने हरियाणा की खट्टर सरकार को चेतावनी दी थी। चढ़ूनी ने कहा था कि अगर 1 अक्टूबर से धान खरीद नहीं शुरू हुई तो भाजपा के एमएलए, एमपी के घर का इस तरह घेराव करेंगे कि उनके घर का कुत्ता भी बाहर नहीं निकल पाएगा।