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‘मुशर्रफ से हमेशा मिलने आते थे कैप्टेन अमरिंदर’: सिद्धू के लिए Pak से आया समर्थन, मंत्री फवाद हुसैन ने ‘गुरु’ का किया बचाव

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर पाकिस्तानी सेना और इमरान खान से संबंध होने का आरोप लगाने के बाद पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी उनके बचाव में सामने आए हैं। बता दें कि अमरिंदर सिंह ने (सितंबर 18, 2021) को इस्तीफा देने के दौरान यह आरोप लगाया था।

फवाद चौधरी ने दावा किया कि अमरिंदर सिंह के भी परवेज मुशर्रफ के साथ संबंध थे, जब वह राष्ट्रपति थे और वह नियमित रूप से पाकिस्तान जाते थे। फवाद चौधरी ने अमरिंदर सिंह से ‘दिल रखने’ और सिद्धू के खिलाफ आपत्ति नहीं जताने के लिए कहा, जो उनके इस्तीफे के बाद सीएम पद पर नजर गड़ाए हुए हैं।

Source: Twitter

शनिवार को अपने इस्तीफे के बाद, सिंह ने दावा किया था कि नवजोत सिंह सिद्धू राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू इमरान खान के दोस्त हैं और पाकिस्तानी जनरल कमर बाजवा के साथ उनके संबंध हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सिद्धू को इमरान खान के शपथ ग्रहण में शामिल नहीं होने के लिए कहा था, लेकिन सिद्धू शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि अगर कॉन्ग्रेस सिद्धू को अध्यक्ष बनाए तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं, लेकिन अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो वो इसका विरोध करेंगे क्योंकि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा। उन्होंने कहा कि उनके पाकिस्तानी पीएम इमरान और जनरल बाजवा के साथ घनिष्ठ संबंध हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अच्छा नहीं होगा।

सिद्धू की पाकिस्तान यात्राओं के संबंध में सिंह ने सिद्धू से कहा, “यहाँ मेरे सैनिक मारे जा रहे हैं और आप जा रहे हो और पाकिस्तानी प्रमुख जनरल बाजवा को गले लगा रहे हो। फिर आप इमरान खान के पास जा रहे हैं जहाँ हमारे देश के खिलाफ नीतियाँ बनाई जाती हैं। क्या आप जानते हैं कि पंजाब में रोजाना कितने ड्रोन आ रहे हैं? पंजाब में कितना हथियार आया है? कितने आरडीएक्स विस्फोटक, कितने हथगोले, कितने पिस्तौल, 50,000 से अधिक गोला-बारूद, यह सब राज्य में आ रहा है, यह किस लिए आता है?”

शनिवार को की गई टिप्पणियों के बाद फवाद चौधरी सिद्धू के सहयोगी के रूप में सामने आए हैं। पाकिस्तानी मंत्री ने पहले स्वीकार किया था कि पुलवामा आतंकी हमले के पीछे उनका देश था। उन्होंने पाकिस्तान की राष्ट्रीय सभा में कहा था, “हमने हिंदुस्तान को घुस के मारा। पुलवामा में हमारी सफलता, इमरान खान के नेतृत्व में लोगों की सफलता है। आप और हम सभी उस सफलता का हिस्सा हैं।”

अब ‘कन्यादान’ को बदनाम करने में जुटा बॉलीवुड, आलिया भट्ट के वीडियो पर लोगों ने पूछा – हलाला और तीन तलाक पर चुप्पी क्यों?

कपड़े का ब्रांड मान्यवर हाल ही में जारी किए गए अपने एक विज्ञापन में हिंदू परंपराओं औऱ रीति-रिवाजों को ‘रुढ़िवादी सोच’ वाला दिखाकर विवादों में घिर गया है। विज्ञापन में आलिया भट्ट हैं इसमें विवाह के दौरान होने वाले ‘कन्यादान’ को एक दमनकारी परंपरा के तौर पर दिखाया गया है और उसकी जगह ‘कन्यामान’ को एक विकल्प के तौर पर सुझाया गया है।

मान्यवर ने दावा किया कि इससे परंपराओं के बारे में प्रतिशील तरीकों को सोचने को बढ़ावा दे रहा है। जाहिर है, ‘कन्यामान’ शादी की रस्मों को एक नया मोड़ देता है, जिसके अंतर्गत दुल्हनों को ‘देने’ के बजाय उनका सम्मान करने के विचारों को बढ़ावा दिया गया है।

कन्यादान के हिंदू अनुष्ठान के खिलाफ मान्यवर के अभियान की सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना की जा रही है। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि बार-बार केवल हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं को निशाना बनाया जाता है, जबकि दूसरे धर्मों के वास्तविक दमनकारी रीति-रिवाजों को ब्रांडों से मुफ्त पास मिलता है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने बार-बार सेलेक्टिव तरीके से हिंदू धर्म को निशाना बनाए जाने की कड़ी आलोचना की, क्योंकि हिंदू धर्म के अलावा कंपनियाँ दूसरों को ऐसे ही जाने देती हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बात को लेकर खेद जताया कि निकाह-हलाला और ट्रिपल तालक जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ पर्याप्त जागरूकता नहीं फैलाई जाती है, लेकिन ब्रांडों ने हिंदू परंपराओं के खिलाफ धर्मयुद्ध शुरू किया है।

दूसरे यूजर्स ने कंपनी के मूर्खतापूर्ण विज्ञापन पर भी नाराजगी जताई। क्योंकि असलियत में हिंदू महिलाओं ने जीवन के हर क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। यही बॉलीवुड बेटियों को ‘पराया धन’ बताते हुए फ़िल्में बनाता है और फिर इसे हिन्दू धर्म से जोड़ कर ‘समाज सुधारक’ की भूमिका में आ जाता है।

सोशल मीडिया यूजर्स ने आलिया के बहाने भट्ट परिवार के उस इतिहास पर भी प्रकाश डाला, जब आलिया के पिता महेश भट्ट ने पूजा भट्ट को लेकर कहा था कि अगर वह उनकी बेटी नहीं होती तो वह उनसे शादी कर लेते।

हालाँकि, ये कोई पहली बार नहीं है, जब किसी ब्रांड ने अपने मार्केटिंग के जरिए हिंदू रीति-रिवाजों पर कुठाराघात करने की कोशिश की हो। हाल के दिनों में कई ब्रांड विशेष रूप से तनिष्क को उसकी सक्रियता के लिए गंभीर प्रतिक्रिया मिली है।

खास बात यह है कि कंपनी ने इस विज्ञापन के लिए काम पर रखा तो किसे, एक बॉलीवुड अभिनेत्री को। जबकि बॉलीवुड खुद शोषण और महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन के लिए कुख्यात है। उल्लेखनीय है कि ब्रांड हिंदू धर्म और परंपराओं को ही बार-बार इसलिए निशाना बनाते हैं, क्योंकि वो स्पष्ट रूप से अन्य धर्मों की समस्याग्रस्त प्रथाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने से डरते हैं।

लेकिन मान्यवर के खिलाफ सोशल मीडिया पर लोगों ने जैसी प्रतिक्रियाएँ दी हैं, उससे स्पष्ट है कि हिंदू समुदाय धर्म पर बाहरी हमलों से नाखुश है। अगर आप विज्ञापन को ध्यान से देखेंगे तो पाएँगे कि पूरे विज्ञापन को विचित्र तरीके से बनाया गया। जबकि ब्रांड को भी यह पता है कि वो जिस तरह का सुझाव दे रहे हैं वह पूरी तरह से निंदनीय है और इसका कोई मतलब नहीं है।

वे पूरी तरह से जानते हैं कि कोई भी कपड़ों के ब्रांड की सिफारिश के आधार पर प्राचीन रीति-रिवाजों को नहीं बदलेगा और फिर भी, उन्हें वास्तव में परवाह नहीं है क्योंकि यह केवल एक मार्केटिंग नौटंकी के बारे में है और कुछ नहीं। अन्य धर्मों के रीति-रिवाजों पर उनकी चुप्पी जो वास्तव में महिलाओं को नुकसान पहुँचाती है, उनके प्रोपेगंडा के बारे में बहुत कुछ बताती है।

चरणजीत सिंह चन्नी होंगे पंजाब के अगले मुख्यमंत्री, कॉन्ग्रेस ने की घोषणा: ‘रामदासिया सिख’ समुदाय से रखते हैं ताल्लुक

पंजाब कॉन्ग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने जानकारी दी है कि चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य में कॉन्ग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया है। इसी के साथ ये साफ़ हो गया है कि वो पंजाब के अगले मुख्यमंत्री होंगे। कॉन्ग्रेस पार्टी ने इस बार भी एक सिख चेहरे को आगे किया है।। कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले वो पंजाब सरकार में तकनीकी शिक्षा व इंडस्ट्री ट्रेनिंग मामलों के मंत्री थे।

अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर मुहर लगने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब नए नाम की घोषणा हुई है। हरीश रावत ने बताया कि एकमत से चरणजीत सिंह चन्नी को कॉन्ग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। वो फिलहाल रूपनगर के चमकुर साहिब विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। 2015-16 में वो पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। वो ‘रामदासिया सिख’ समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

‘5 स्टार होटल में मुख़्तार अंसारी के परिजनों से मिले थे सुखजिंदर सिंह रंधावा, हुई थी गुप्त बैठक’: पंजाब के नए CM पर लगे थे आरोप

सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। कॉन्ग्रेस आलाकमान ने ये फैसला लिया। इससे पहले वो कैप्टेन अमरिंदर सिंह की सरकार में जेल मंत्री थे, जिनके इस्तीफे के बाद उन्हें ये पद प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मार्च 2021 में आरोप लगाया था कि सुखजिंदर सिंह रंधावा 12-13 मार्च, 2021 को अपने लखनऊ दौरे के दौरान मुख़्तार अंसारी के परिवार वालों से मिले थे।

बता दें कि मुख़्तार अंसारी उत्तर प्रदेश का बड़ा गुंडा है और वो कई महीनों तक पंजाब की जेल में बंद रहा था। पंजाब सरकार पर उसे बचाने के भी आरोप लगे थे, क्योंकि यूपी पुलिस द्वारा बार-बार प्रयास किए जाने के बाद भी उसे उत्तर प्रदेश स्थानांतरित नहीं करने दिया जा रहा था। सिंह ने आरोप लगाया था कि लखनऊ में मुख़्तार अंसारी के परिजनों ने सुखजिंदर सिंह रंधावा को रिसीव किया था और उनके बीच गुप्त बैठक भी हुई थी।

मुख़्तार अंसारी तब रोपड़ जेल में बंद था। आरोप था कि उसके परिजनों और सुखजिंदर सिंह रंधावा के बीच उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित एक फाइव स्टार होटल में मुलाकात हुई थी। यूपी सरकार ने आरोप लगाए थे कि मऊ के विधायक को पंजाब सरकार बचा रही है और इसीलिए उसकी कस्टडी यूपी पुलिस को नहीं दी जा रही। हालाँकि, रंधावा ने इन आरोपों को नकार दिया था और कहा था कि उन्होंने अपने अधिकारियों और यूपी पुलिस के एक एसपी के साथ लंच किया था।

उन्होंने पूछा था कि अगर उत्तर प्रदेश की सरकार को लगता है कि उन्होंने अपराधियों से मुलाकात की है तो उन गैंगस्टर्स को पकड़ने से उन्हें कौन मना कर रहा है? उन्होंने दावा किया था कि उनके कमरे के बाहर भी सुरक्षाकर्मी थे। उन्होंने कहा था कि तस्वीरों में उनके साथ उपस्थित जिन लोगों को मुख़्तार अंसारी का रिश्तेदार बताया जा रहा है, वो बैंक और कोऑपरेटिव सोसाइटी के पदाधिकारी हैं।

12 मार्च, 2021 को सुखजिंदर सिंह रंधावा एक इंडिगो एयरलाइन फ्लाइट से चंडीगढ़ से लखनऊ पहुँचे थे। उन्हें गोमती नगर स्थित ताजमहल होटल में ठहराया गया था। उसी दिन वो BSNL के एक कार्यक्रम का भी हिस्सा बने थे। अगले दिन दोपहर को वो चंडीगढ़ लौट गए थे। उनके इन कार्यक्रमों की सूची को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक (DGP) से साझा किया गया था। मुख़्तार अंसारी की कस्टडी के लिए यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा था।

बता दें कि उस समय ये भी दावा किया जा रहा था कि पंजाब के तत्कालीन जेल मंत्री को एयरपोर्ट पर जो टीम रिसीव करने गई थी वह मुख्तार अंसारी की थी। इस टीम ने एयरपोर्ट पर सुखजिंदर सिंह का स्वागत किया। जो गाड़ियाँ उन्हें लेकर आई थीं, उन्हें भी मुख़्तार अंसारी से संबंधित बताया जा रहा था। आरोप था कि सुखजिंदर की गाड़ी चला रहे व्यक्ति नाम का नाम अबास था, जो मुख़्तार अंसारी गैंग का सदस्य था।

भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में मुख़्तार अंसारी का नाम सामने आया था। पंजाब में कैप्टेन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार पर आरोप लगा था कि वो मुख़्तार अंसारी को बचा रही है और वो नहीं चाहती है कि उसे यूपी लाया जाए। यूपी में मुख़्तार को एनकाउंटर का डर सता रहा था। हालाँकि, अदालत के हस्तक्षेप के बाद उसे यूपी लाया गया और वहाँ की जेल में बंद किया गया।

सिद्धू ने भेजा सवाल, राजदीप ने कैप्टन अमरिंदर से पूछा: पाकिस्तानी कनेक्शन पर घेरने वाली ‘पत्रकारिता’ का वायरल वीडियो

दिग्गज कॉन्ग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद ही उनको लेकर इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने फेक न्यूज फैलानी शुरू दी। राजदीप ने अमरिंदर सिंह के पाकिस्तान से व्यक्तिगत संबंधों और नवजोत सिंह सिद्धू की पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा के साथ निकटता के बीच एक झूठी लकीर खींचने की कोशिश की।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ साक्षात्कार के दौरान राजदीप ने इस बात को स्वीकार किया कि सिद्धू ने उन्हें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री से उनके पाकिस्तानी संबंधों के बारे में पूछने के लिए कहा। इस पर कैप्टन ने सिद्धू पर निशाना साधते हुए कहा:

“मैं निश्चित रूप से पाकिस्तान के साथ उनके (सिद्धू) के इस तरह के संबंधों का समर्थन नहीं करूँगा। वहाँ उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं और जिस तरह से वह उनसे डील करते हैं, वह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। मेरे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे पहले है।”

इंटरव्यू के दौरान अचानक से राजदीप अपने फोन को स्क्रॉल करते नजर आए। शो के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ से वकालत कर रहे राजदीप ने कैप्टन (बातचीत में लगभग 18 मिनट पर) को बीच में रोक दिया। पत्रकार ने पूछा, “आप कड़े शब्द कह रहे हैं। सिद्धू पलटवार करेंगे और कहेंगे कि आप इनमें से किसी भी मुद्दे पर नैतिक मॉरल हाई ग्राउंड नहीं ले सकते। मैं ये कह रहा हूँ कि अब ये सब तेजी से पर्सनल होता जा रहा है। क्या इससे आम आदमी पार्टी और अकालियों को फायदा होगा?”

बातचीत के दौरान राजदीप ने यह भी बताया कि उनको कैप्टन अमरिंदर सिंह के पाकिस्तान में व्यक्तिगत संबंधों के बारे में सिद्धू ने बताया था। इस बात को रखते हुए राजदीप ने पूर्व सीएम से पूछा, “सिद्धू ने मुझे यह बताने की कोशिश की है कि कैप्टन के पाकिस्तान में निजी संबंध थे। मुझे इस बारे में वो आपसे पूछने के लिए कहे हैं?”

राजदीप के सवालों का जवाब देते हुए अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत के विभाजन के दौरान पटियाला का आधा हिस्सा पाकिस्तान में चला गया और उनका व्यक्तिगत संबंध पंजाब के आम लोगों के साथ है। ‘इसका नेतृत्व से क्या लेना-देना है?’ इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री या सेना के जनरल के साथ किसी भी मित्रता को नकार दिया।

सिद्धू के बाजवा और इमरान खान से संबंध

इंटरव्यू के दौरान अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को पाकिस्तानी सेना और उसके नेताओं के प्रति उनके उमड़ते प्यार के लिए कड़ी फटकार लगाई। सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा का जिक्र करते हुए कैप्टन ने कहा कि उन्होंने सिद्धू से कहा था, “यहाँ मेरे सैनिक मारे जा रहे हैं और आप पाकिस्तानी प्रमुख जनरल बाजवा को गले लगाने जा रहे हैं। फिर आप इमरान खान के पास जाते हैं, जहाँ हमारे देश के खिलाफ रणनीतियाँ तैयार की जाती हैं। क्या आप जानते हैं कि पंजाब में रोजाना कितने ड्रोन आ रहे हैं? पंजाब में कितना हथियार आया है? कितने आरडीएक्स विस्फोटक, कितने हैंडग्रेनेड, कितनी पिस्टल, 50,000 से अधिक गोला-बारूद यह सब राज्य में आ रहा है, यह किस लिए आता है?”

कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक पाकिस्तानी पत्रकार से संबंध

बहुत ही कम लोगों को पता होगा, लेकिन ऐसी खबरें आती रही हैं कि कैप्टन अमरिंदर की एक पाकिस्तानी दोस्त हैं, जो उनके चंडीगढ़ स्थित घर पर नियमित तौर पर रहती हैं। वो अरोसा आलम हैं, जिनके साथ अमरिंदर सिंह के करीबी संबंध हैं। वह 2017 में कैप्टन के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। वह फरवरी 2020 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की जीवनी ‘द पीपल्स महाराजा’ के लॉन्च पर भी मौजूद थीं।

दोनों के बीच अफेयर को लेकर अक्सर सार्वजनिक जगहों पर चर्चाएँ कम ही होती हैं। इसके अलावा वो भी सार्वजनिक तौर पर बातचीत करने से बचते हैं। आलम पूर्व पाकिस्तानी रक्षा पत्रकार हैं और उन्हें पाकिस्तानी हलकों में सैन्य प्रतिष्ठान के साथ घनिष्ठ संबंध रखने के लिए जाना जाता था।

अरोसा आलम जनरल रानी के नाम से प्रसिद्ध अकलीन अख्तर की बेटी हैं। अकलीन अख्तर ऐसी प्रभावशाली व्यक्तित्व थीं, जिन्हें पाकिस्तानी मीडिया ने पाक नेता याह्या खान की “म्यूज और मालकिन” के तौर पर दिखाया जाता है। फरवरी 2018 में जब अरोसा चंडीगढ़ में थीं तो उन्होंने कहा था, “मेरा रिश्ता पाकिस्तान में भी एक संवेदनशील मुद्दा है, मैं एक मुस्लिम महिला हूँ और आप जानते हैं कि लोग कैसे सोचते हैं।”

सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर बन गई थी सहमति, पर आखिरी पलों में बाजी मार गए चन्नी

चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे। रविवार (19 सितंबर 2021) को उनके नाम के ऐलान से पहले सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर सहमति बनने की खबर आई थी। मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि उन्होंने राज्यपाल से मिलने के लिए समय माँगा है। साथ ही बताया गया था कि सोमवार से श्राद्ध पक्ष शुरू होने वाला है इसलिए वे रविवार को ही शपथ ले सकते हैं।

सुखजिंदर सिंह रंधावा माझा इलाके के बड़े नेता हैं। उनके साथ अरुणा चौधरी और भारत भीषण आशु को उप-मुख्यमंत्री के रूप में नामित किए जाने की भी खबर आई थी।

सुखजिंदर रंधावा के पिता अपने समय के सबसे वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेताओं में से थे और उन्होंने 1969, 1972 और 1980 में डेरा बाबा नानक विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि वो पंजाब के अगले मुख्यमंत्री नियुक्त किए जा सकते हैं। अब तक मुख्यमंत्री पद की रेस में सुनील जाखड़ और नवजोत सिंह सिद्धू का नाम चल रहा था। लेकिन, सोनिया गाँधी की पसंद सुखजिंदर सिंह रंधावा ही हैं।

उन्होंने कैप्टेन अमरिंदर सिंह पर भी तंज कसा और कहा कि कोई भी नेता तभी तक मुख्यमंत्री के पद पर बना रह सकता है, जब तक उसकी पार्टी और राज्य की जनता उसके साथ खड़ी होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम और घोषणा के समय को लेकर कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी को अधिकृत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आलाकमान ने उससे पहले विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से बात की है।

(नोट: इस खबर को चन्नी के नाम के औपचारिक ऐलान के बाद जरूरी बदलावों के साथ संपादित किया गया है। शुरुआत में मीडिया रिपोर्टों में रंधावा का नाम फाइनल बताया गया था।)

‘कभी नहीं की पद की इच्छा’: कैप्टेन के मंत्री हो सकते हैं पंजाब के अगले मुख्यमंत्री, ऐलान जल्द, पिता 2 बार रहे थे प्रदेश अध्यक्ष

कैप्टेन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद पंजाब के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर कॉन्ग्रेस में सहमति बनती दिख रही है। 62 वर्षीय सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। 2002 और 2012 में भी उन्होंने इसी क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। धारोवाली गाँव में जन्मे सुखजिंदर सिंह रंधावा के पिता संतोख सिंह दो बार पंजाब में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे थे।

उनके पिता अपने समय के सबसे वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेताओं में से थे और उन्होंने 1969, 1972 और 1980 में डेरा बाबा नानक विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि वो पंजाब के अगले मुख्यमंत्री नियुक्त किए जा सकते हैं। अब तक मुख्यमंत्री पद की रेस में सुनील जाखड़ और नवजोत सिंह सिद्धू का नाम चल रहा था। लेकिन, सोनिया गाँधी की पसंद सुखजिंदर सिंह रंधावा ही हैं।

अब देखना ये है कि उनके नाम का ऐलान आधिकारिक रूप से कब किया जाता है। वो कैप्टेन अमरिंदर सिंह की सरकार में जेल एवं कोऑपरेशन मंत्री भी रहे हैं। उनसे जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वो या उनके परिवार ने कभी भी किसी पद की इच्छा नहीं की है। जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या हम पंजाब के अगले मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं, तो सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रतिक्रिया दी – “आप एक कॉन्ग्रेसी से बात कर रहे हैं।”

हालाँकि, इस दौरान उन्होंने कैप्टेन अमरिंदर सिंह पर भी तंज कसा और कहा कि कोई भी नेता तभी तक मुख्यमंत्री के पद पर बना रह सकता है, जब तक उसकी पार्टी और राज्य की जनता उसके साथ खड़ी होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम और घोषणा के समय को लेकर कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी को अधिकृत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आलाकमान ने उससे पहले विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से बात की है।

जब पूछा गया कि कब तक नाम की घोषणा हो सकती है, इस पर उन्होंने कहा कि गाँव के सरपंच के नाम पर निर्णय लेने में भी कभी-कभी 20 दिन लग जाते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले कुछ महीनों में भाजपा ने 5 मुख्यमंत्री बदल दिए हैं और कॉन्ग्रेस में भी ऐसे बदलाव होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने साढ़े 9 वर्ष मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला, उन्हें जितना सम्मान दिया गया उतना किसी को नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि पंजाब में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले कॉन्ग्रेसी कैप्टेन अमरिंदर सिंह ही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक है और हमने कई वादे किए थे, जिन्हें लेकर कॉन्ग्रेस आलाकमान चिंतित था और इसीलिए बदलाव किए गए। उन्होंने पंजाब कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पर कैप्टेन की टिप्पणी को भी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि आज भी वो कैप्टेन को पिता की तरह मानते हैं।

याद दिला दें कि इस्तीफा देने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधते हुए कैप्टेन ने कहा था कि वह तो पाकिस्तान के बाजवा का साथी है और इमरान खान के साथ है और मैं उसे कभी स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा था, “अपने देश की खातिर, मैं पंजाब के सीएम के लिए उनके (नवजोत सिंह सिद्धू) नाम का विरोध करूँगा। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान उनके दोस्त हैं। सिद्धू के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ संबंध हैं।”

₹65 करोड़ की फर्जी बिलिंग, ₹175 करोड़ का लेनदेन, 11 लॉकर जब्त: टैक्स चोरी मामले में ऐसे फँस रहे सोनू सूद

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद का नाम 20 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी में सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। उनका नाम सामने आने के बाद इस मामले में और भी कई तरह-तरह के खुलासे हो रहे हैं। आयकर विभाग द्वारा सोनू निगम के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई और इसमें विभाग को बड़ी सफलता भी मिली है।

बताया जा रहा है कि कई कंपनियाँ तो छापेमारी में ऐसी निकलकर आई हैं, जिन्होंने अपने चपरासियों को बोगस कंपनियों का डायरेक्टर बना रखा था। इस बड़ी धाँधली ने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। कानपुर में फर्जी इनवॉइस जारी करने वाली कंपनी रिच ग्रुप और रिच उद्योग के मालिकों द्वारा यह कारनामा किया गया है। बता दें कि बीते कुछ दिनों से आयकर विभाग की संयुक्त टीमों के छापों के बाद अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है।

एक के बाद एक बड़े ख़ुलासे होने के चलते आयकर विभाग और सतर्क एवं चौकन्ना हो गया है। साथ ही विभाग ने जाँच का दायरा बढ़ा दिया है। अब और भी कई ठिकानों पर छापेमारी होनी है। वहीं दूसरी ओर बताया जा रहा है कि सोनू सूद द्वारा लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में निवेश के लिए भी रिच समूह की मदद से फर्जी बिल जारी किए गए हैं। ऐसे में आयकर विभाग अब जाँच में कोई ढील नहीं चाहता है और आगे भी कई ठिकानों पर छापेमारी जारी रहेगी।

जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में सोनू सूद ने संयुक्त उद्यम अचल संपत्ति परियोजना में निवेश कर रखा है। हैरानी की बात यह है कि 48 वर्षीय अभिनेता द्वारा निवेश टैक्स चोरी और बिलिंग में गड़बड़ी करके किया गया है। इस समूह का नाम भी फर्जी बिलिंग में शामिल है। आयकर विभाग को जाँच में 65 करोड़ की फर्जी बिलिंग के साक्ष्य मिले हैं।

नकदी के बदले फर्जी बिलिंग की गई। अभिनेता की ओर से स्थापित चैरिटी फाउंडेशन ने एक अप्रैल 2021 तक 18.94 करोड़ रुपए का दान जुटाया है। इसमे से 1.9 करोड़ खर्च किए हैं, जबकि 17 करोड़ बिना इस्तेमाल के खाते में हैं। चैरिटी फाउंडेशन ने विदेशी योगदान अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करते हुए क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म पर विदेशी दानदाताओं से 2.1 करोड़ भी जुटाए हैं।

कई जगह छापेमारी, करोड़ों का फ़र्जीवाड़ा

विभाग को जयपुर स्थित कंपनी में 175 करोड़ के लेनदेन की जानकारी मिली। इसमें 1.8 करोड़ रुपए नकद मिले। IT विभाग ने 11 लॉकर जब्त कर लिए हैं और फिलहाल आयकर विभाग इस काम में आगे बढ़ रहा है। जाँच जारी है और उम्मीद है कि आगे भी कई बड़े ख़ुलासे हो सकते हैं।

28 परिसर की जाँच, सीबीडीटी से मिली जानकारी

विभाग द्वारा मुंबई में सोनू सूद और इन्फ्रास्ट्रक्चर कारोबार में लगे लखनऊ के समूह के मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली और गुरुग्राम स्थित 28 परिसरों की जाँच की गई है। यह जानकारी सीबीडीटी की प्रवक्ता सौरभी अहलूवालिया ने दी है।

‘इन Motherfu©₹s के साथ क्यों घूम रही हो?’: मुस्लिम महिला को बाइक पर बिठाने पर भीड़ ने हिन्दू युवक को पीटा, वीडियो वायरल

तेलंगाना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेंगलुरू का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक मुस्लिम भीड़ ने बाइक पर सवार एक हिंदू युवक को रोका और धमकाया क्योंकि वो एक मुस्लिम महिला के साथ घूम रहा था।

हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब का है, क्योंकि इसमें तारीख नहीं है, लेकिन हेट पैट्रोल स्क्वॉड (Hate Patrol Squad) नाम के अकाउंट से ट्विटर पर शेयर किए गए वीडियो में भीड़ में शामिल लोग हिंदू पुरुष को धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं और मुस्लिम महिला के साथ फिर से सवारी नहीं करने के लिए कहा। इसके साथ ही मुस्लिम महिला को अपने परिवार का फोन नंबर देने के लिए मजबूर किया गया।

जब हिंदू व्यक्ति ने अपनी पहचान बताई, तो मुस्लिम व्यक्ति ने उसे बार-बार थप्पड़ मारा फिर उसने उस महिला का नाम पूछा, और जब उसने अपना नाम बताया, तो उस आदमी ने कहा, “क्या तुम्हें हिंदू पुरुष के साथ सवारी करने में शर्म नहीं आती है? क्या तुम नहीं जानते कि इन दिनों कैसी स्थिति है? मैं आप सभी से निवेदन करता हूँ कि आप इन motherf**ers के साथ बाहर न जाएँ, लेकिन तुम अभी भी उसके साथ ऐसे ही बाइक पर बैठ कर घूम रही हो। हमें तुम्हारी चिंता नहीं है। मैं बुर्के को लेकर चिंतित हूँ। बुर्के में एक महिला को इस तरह से सवार देखकर लोग क्या कहेंगे?”

महिला ने अपना बचाव करने की कोशिश की, लेकिन पुरुष ने फिर कहा, “इतना क्या जरूरी था कि तुम्हें इसके साथ सवारी करनी पड़ी? मुझे अपने परिवार का नंबर दो।” महिला ने फोन किया और अपने घर पर किसी को बताया कि उसे एक हिंदू पुरुष के साथ सवारी करने के लिए रोका गया है। पता चला कि महिला शादीशुदा है और फिर लोगों ने उसके शौहर का नंबर माँगा। मुस्लिम युवकों ने बाइक सवार हिंदू युवक को फिर से मारा और महिला को बाइक से उतरने को कहा।

महिला ने उससे पूछा कि उसे क्या समस्या है, लेकिन वह उसके शौहर का नंबर माँगता रहा। इसके बाद महिला ने उस चिल्लाने वाले व्यक्ति को फोन करने के लिए एक नंबर दिया। उस व्यक्ति ने नंबर पर कॉल किया और अपनी बीवी को किसी अन्य पुरुष के साथ सवारी करने देने के लिए उसके शौहर को जलील करना शुरू कर दिया। 

उसने कहा, “आप जैसी नपुंसक लोगों के कारण पूरे कौम का मजाक बन रहा है। क्या आपको अपने किए कर्मों पर शर्म नहीं आती?” उस व्यक्ति ने उसके शौहर से पता पूछा, लेकिन ऐसा लगता है कि उसने पता बताने से इनकार कर दिया। फिर उसने उसकी बीवी को एक हिंदू के साथ सवारी करने देने के लिए उस पर फिर से चिल्लाया और कहा, “क्या आप उनके इरादे नहीं जानते? मेरे साथ बहस मत करो।” फिर उसने महिला को ऑटो में यात्रा करने के लिए मजबूर किया और कहा, “कोई भी तुम्हारे बारे में बात नहीं कर रहा है। हम बुर्के को लेकर चिंतित हैं।

2 आरोपित गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बताया कि मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म की महिला के साथ यात्रा कर रहे बाइक सवार पर मारपीट के मामले में बेंगलुरु सिटी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। उन्होंने ट्वीट किया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार इस तरह की घटनाओं से सख्ती से निपटती है।

तेलंगाना में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी

गौरतलब है कि तेलंगाना के निजामाबाद जिले में मुस्लिम भीड़ ने सिर्फ इसीलिए एक हिंदू युवक की पिटाई कर दी, क्योंकि वो एक मुस्लिम महिला के साथ घूम रहा था। वो जोर-जबरदस्ती से ऐसा नहीं कर रहा था बल्कि हिंदू युवक व मुस्लिम महिला स्वेच्छा से एक-दूसरे के साथ घूम रहे थे। युवक बाइक चला रहा था और महिला उसके पीछे बैठी थी। उक्त हिंदू युवक का मुस्लिम गुंडों ने अपहरण भी कर लिया और उसकी पिटाई की।

₹3 लाख करोड़ का निवेश, एक भी दंगा नहीं, 42 लाख को घर: CM योगी ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड, सैफई के फ़िल्मी डांस पर कसा तंज

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। सीएम योगी ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की साढ़े चार साल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि हमने 42 लाख लोगों को आवास उपलब्ध कराया है।

उन्होंने कहा, “प्रदेश के हर व्यक्ति तक सरकार की योजना का लाभ देने के साथ हमने हर गरीब, किसान, बेरोजगार, युवा, महिला व बेटियों के स्वाभिमान की रक्षा की। हमने उनको एहसास कराया कि सरकार सदैव उनके साथ हैं।” इस दौरान उन्होंने पिछली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, इससे पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग बाढ़ में डूबे रहते थे, बच्चे व नागरिक इंसेफेलाइटिस और डेंगू की चपेट में आकर तड़पते थे। उस समय, जिम्मेदार लोग सैफई में फिल्मी हस्तियों के डांस का आनंद लेने में व्यस्त रहते थे।”  

सीएम योगी ने कहा कि पहली बार पुलिस एवं फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट लखनऊ में स्थापित किया जा रहा है। हमारी सरकार ने सुरक्षा और सुशासन का जो मॉडल दिया है, आज उसे पूरा देश व दुनिया देख रही है। इसके अलावा आज प्रदेश के चार महानगरों में मेट्रो का निर्माण कार्य जारी है, कानपुर व आगरा में नवम्बर तक मेट्रो का संचालन भी शुरू हो जाएगा।

‘एक्सप्रेसवे प्रदेश को विकास की नई ऊँचाईयों पर ले जाएँगे’

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”आज प्रदेश को एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बलिया एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश को विकास की नई ऊँचाईयों पर ले जाएँगे।” उन्होंने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर कहा, ”2016-2017 में प्रदेश, देश की 6वीं अर्थव्यवस्था हुआ करता था, आज प्रसन्नता है कि प्रदेश, देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”पिछले 4.5 वर्षों में प्रदेश ने जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं, उसने प्रदेश के लिए परसेप्शन बदला है। 4.5 वर्ष का यह कार्यकाल सुरक्षा और सुशासन का रहा है। हमारी सरकार ने चेहरा देखकर नौकरी नहीं दी, योग्यता के आधार पर चयन किया गया। पिछली सरकारों में पूरा खानदान भर्ती में वसूली के लिए निकल पड़ता था।”

4.5 वर्षों में एक भी दंगा नहीं हुआ: योगी

उन्होंने कहा कि देश और दुनिया का हर उद्योगपति आज उत्तर प्रदेश में निवेश करने को तैयार है। बीते 4.5 वर्षों में 3 लाख करोड़ से अधिक का निवेश उत्तर प्रदेश में हुआ है। इन 4.5 वर्षों में एक भी दंगा प्रदेश के अंदर नहीं हुआ है, जबकि उससे पहले हर तीसरे व चौथे दिन एक दंगा होता था। आज माफियाओं से कब्जे वाली जमीन छुड़वाई जा रही है, अपराधी सलाखों के पीछे जा रहे हैं। साथ ही पिछले 4.5 सालों में कोई भी आरोप नहीं लगा सकता है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में कोई लेनदेन हुआ हो।

‘आज हर गरीब के पास राशन कार्ड’

इस दौरान सीएम ने कहा कि बहन और बेटियों की सुरक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। पिछली सरकारों में गरीबों के पास उनके अपने राशन कार्ड नहीं थे, लेकिन आज हर गरीब के पास राशन कार्ड है और वह देश के अंदर कहीं भी राशन ले सकता है। 1.41 करोड़ घरों को प्रदेश के अंदर नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए गए। 1.67 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिए गए।

‘दशकों से लंबित आस्था के केंद्रों को सम्मान’

उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन हो या बरसाना में रंगोत्सव का आयोजन हो हमारी सरकार ने अपनी परंपरा से देश और दुनिया को परिचित कराया। हमारी सरकार में दशकों से लंबित आस्था के केंद्रों को सम्मान दिया जा रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा टेस्ट, सबसे ज्यादा टीकाकरण,कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण हुआ यह नया उत्तर प्रदेश है।

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में रविवार (19 सितंबर) को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के साथ मीडिया के समक्ष अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया।