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₹3 लाख करोड़ का निवेश, एक भी दंगा नहीं, 42 लाख को घर: CM योगी ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड, सैफई के फ़िल्मी डांस पर कसा तंज

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। सीएम योगी ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की साढ़े चार साल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि हमने 42 लाख लोगों को आवास उपलब्ध कराया है।

उन्होंने कहा, “प्रदेश के हर व्यक्ति तक सरकार की योजना का लाभ देने के साथ हमने हर गरीब, किसान, बेरोजगार, युवा, महिला व बेटियों के स्वाभिमान की रक्षा की। हमने उनको एहसास कराया कि सरकार सदैव उनके साथ हैं।” इस दौरान उन्होंने पिछली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, इससे पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग बाढ़ में डूबे रहते थे, बच्चे व नागरिक इंसेफेलाइटिस और डेंगू की चपेट में आकर तड़पते थे। उस समय, जिम्मेदार लोग सैफई में फिल्मी हस्तियों के डांस का आनंद लेने में व्यस्त रहते थे।”  

सीएम योगी ने कहा कि पहली बार पुलिस एवं फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट लखनऊ में स्थापित किया जा रहा है। हमारी सरकार ने सुरक्षा और सुशासन का जो मॉडल दिया है, आज उसे पूरा देश व दुनिया देख रही है। इसके अलावा आज प्रदेश के चार महानगरों में मेट्रो का निर्माण कार्य जारी है, कानपुर व आगरा में नवम्बर तक मेट्रो का संचालन भी शुरू हो जाएगा।

‘एक्सप्रेसवे प्रदेश को विकास की नई ऊँचाईयों पर ले जाएँगे’

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”आज प्रदेश को एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बलिया एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश को विकास की नई ऊँचाईयों पर ले जाएँगे।” उन्होंने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर कहा, ”2016-2017 में प्रदेश, देश की 6वीं अर्थव्यवस्था हुआ करता था, आज प्रसन्नता है कि प्रदेश, देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, ”पिछले 4.5 वर्षों में प्रदेश ने जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं, उसने प्रदेश के लिए परसेप्शन बदला है। 4.5 वर्ष का यह कार्यकाल सुरक्षा और सुशासन का रहा है। हमारी सरकार ने चेहरा देखकर नौकरी नहीं दी, योग्यता के आधार पर चयन किया गया। पिछली सरकारों में पूरा खानदान भर्ती में वसूली के लिए निकल पड़ता था।”

4.5 वर्षों में एक भी दंगा नहीं हुआ: योगी

उन्होंने कहा कि देश और दुनिया का हर उद्योगपति आज उत्तर प्रदेश में निवेश करने को तैयार है। बीते 4.5 वर्षों में 3 लाख करोड़ से अधिक का निवेश उत्तर प्रदेश में हुआ है। इन 4.5 वर्षों में एक भी दंगा प्रदेश के अंदर नहीं हुआ है, जबकि उससे पहले हर तीसरे व चौथे दिन एक दंगा होता था। आज माफियाओं से कब्जे वाली जमीन छुड़वाई जा रही है, अपराधी सलाखों के पीछे जा रहे हैं। साथ ही पिछले 4.5 सालों में कोई भी आरोप नहीं लगा सकता है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में कोई लेनदेन हुआ हो।

‘आज हर गरीब के पास राशन कार्ड’

इस दौरान सीएम ने कहा कि बहन और बेटियों की सुरक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। पिछली सरकारों में गरीबों के पास उनके अपने राशन कार्ड नहीं थे, लेकिन आज हर गरीब के पास राशन कार्ड है और वह देश के अंदर कहीं भी राशन ले सकता है। 1.41 करोड़ घरों को प्रदेश के अंदर नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए गए। 1.67 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिए गए।

‘दशकों से लंबित आस्था के केंद्रों को सम्मान’

उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन हो या बरसाना में रंगोत्सव का आयोजन हो हमारी सरकार ने अपनी परंपरा से देश और दुनिया को परिचित कराया। हमारी सरकार में दशकों से लंबित आस्था के केंद्रों को सम्मान दिया जा रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा टेस्ट, सबसे ज्यादा टीकाकरण,कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण हुआ यह नया उत्तर प्रदेश है।

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में रविवार (19 सितंबर) को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के साथ मीडिया के समक्ष अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया।

आमिर इकबाल खान को अमेरिकी एयरलाइंस ने निकाल बाहर किया, Pak मूल के ब्रिटिश बॉक्सर ने वीडियो बना कर जताई नाराज़गी

ब्रिटेन के पाकिस्तानी मूल के बॉक्सर आमिर इकबाल खान ने खुलासा किया है कि फेस मास्क को लेकर हुए विवाद के बाद शनिवार (18 सितंबर 2021) को अमेरिका की पुलिस ने उन्हें अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान से बाहर कर दिया। आमिर ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ न्यूयॉर्क से कोलोरॉडो एक ट्रेनिंग के लिए जा रहे थे। उसी दौरान यह घटना हुई।

इसको लेकर ट्विटर पर एक पोस्ट कर बॉक्सर ने अपनी नाराजगी जताई है। वीडियो में 34 साल के बॉक्सर ने कहा कि वह न्यूयॉर्क से कोलोराडो में एक प्रशिक्षण शिविर के लिए फ्लाइट लिए थे। लेकिन इसी दौरान किसी ने मास्क को लेकर उनकी शिकायत की औऱ उन्हें उनके सहयोगी समेत फ्लाइट से बाहर कर दिया गया। स्टार बॉक्सर ने आरोप लगाया, “मुझे बिना किसा वाजिब कारण के ही पुलिस ने विमान से उतार दिया। मुझे क्यों उतारा गया इसका सबूत देखना चाहता हूँ मैं।”

बॉक्सर ने कहा, “मुझे आज विमान से उतार दिया गया जब मैं कोलोराडो स्प्रिंग्स में प्रशिक्षण शिविर में जा रहा था।”

आमिर वीडियो में कहते हैं, “अमेरिकन एयरलाइंस के कर्मचारियों द्वारा एक शिकायत की गई थी। उन्होंने कहा कि मेरे सहयोगी का मास्क पर्याप्त रूप से ऊँचा नहीं था और इसीलिए उन्होंने प्लेन मुझे मेरे दोस्त के साथ बाहर कर दिया, जबकि हमने कोई गलती नहीं की थी।”

खिलाड़ी ने कहा, “मैं 1A पर बैठा था और वह 1B में बैठा था। मुझे यह सब बहुत ही घृणित और अपमानजनक महसूस हो रहा है। मुझे प्रशिक्षण शिविर के लिए कोलोराडो स्प्रिंग्स जाना था और अब मुझे न्यूयॉर्क में एक और दिन रुकना पड़ेगा। अब ट्रेनिंग कैंप में जाने के लिए दूसरी फ्लाइट को लेना पड़ेगा।” आमिर ने ये भी कहा कि हवाई जहाज पर ऐसे कैमरे होंगे, जिससे वे ये देख सकें कि क्या वास्तव में मेरे सहयोही ने कुछ बुरा किया था, जिसके कारण विमान से उतारना पड़ा। यह बहुत ही गलत था और मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा।

एयरलाइंस ने जारी किया बयान

बॉक्सर के साथ हुई इस घटना को लेकर अमेरिकन एयरलाइंस ने एक बयान जारी किया है। अपने स्पष्टीकरण में एयरलाइंस ने बताया कि खान और उनके दोस्त ने कई बार किए गए अनुरोधों के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया था, जिसके कारण उन्हें विमान से बाहर करने के अलावा और कोई विकल्प ही नहीं बचा था।

एक प्रवक्ता ने कहा, “टेकऑफ के बाद अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 700 नेवार्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (EWR) से डलास-फोर्ट वर्थ (DFW) की सेवा के साथ दो यात्रियों को प्लेन से बाहर करने के लिए गेट पर लौट आई। इन यात्रियों ने कथित तौर पर सामान रखने के लिए बार-बार चालक दल के सदस्य अनुरोधों का पालन करने से इनकार कर दिया था। उन्हें उनके मोबाइल फोन को फ्लाइट मोड और मास्क पहनने के लिए कहा गया था।”

हिन्दू मंदिरों पर हमले करने वाला रिजवान रफीक गिरफ्तार, जला दी थी प्रतिमाएँ: PM मोदी के दौरे को लेकर की थी हिंसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मार्च को बांग्लादेश की आजादी के मौके पर बांग्लादेश की यात्रा पर पहुँचे थे, जिसमें कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन हिफाजत-ए-इस्लाम (Hefazat-e-Islam) ने बांग्लादेश में जमकर बवाल किया था। इस दौरान हुई हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में हिफाजत-ए-इस्लाम के नेता रिजवान रफीक को गिरफ्तार किया गया है।

रिजवान रफीक को शुक्रवार (सितंबर 17, 2021) की रात ढाका के मुग्दा इलाके से गिरफ्तार किया गया। खुफिया शाखा के अतिरिक्त आयुक्त एकेएम हाफिज अख्तर ने इसकी जानकारी दी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे के विरोध में इस्लामी कट्टरपंथियों ने न केवल हिंसक प्रदर्शन किए थे, बल्कि मंदिरों को भी निशाना बनाया था। इसमें हिफाजत-ए-इस्लामी नामक संगठन की खास भूमिका थी। पाकिस्तानी इशारों पर काम करने वाला यह कट्टरपंथी संगठन बांग्लादेश में इस्लामी हुकूमत की वकालत करता है।

पीएम मोदी की दो दिवसीय बांग्लादेश की यात्रा के दौरान इस्लामिक संगठन द्वारा उनके विरोध में हिन्दू मंदिरों पर हमला किया गया। यात्रा समाप्त होने के बाद भी हमले जारी रहे। मगुरा जिले के मोहम्मदपुर में 400 वर्ष पुराने अष्टग्राम महा श्मशान और राधगोबिंद आश्रम में तोड़ फोड़ की गई और उनके कई हिस्सों को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना में रथ और भगवान की मूर्तियाँ भी जल कर रख हो गईं थी। इस हिन्दू विरोधी हिंसा के पीछे हिफाजत-ए-इस्लाम का हाथ था जो हिंदुओं के प्रति अपनी घृणा के लिए जाना जाता रहा है।

इस मामले में 18 अप्रैल 2021 को बांग्लादेश की ढाका पुलिस ने कट्टरपंथी समूह हिफाजत-ए इस्लाम के नेता ममुनुल हक को गिरफ्तार किया था। ममुनुल हक, हिफाजत-ए-इस्लाम का ज्वाइंट सेक्रेट्री है। इसी संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे पर देश में दंगे भड़काने और जगह-जगह हिंसा करने का काम किया था। पड़ताल में पता चला था कि घटना में कई हिफाजत-ए-इस्लाम के नेता शामिल थे। सबने मिल कर पुलिस पर सुनियोजित ढंग से हमले किए, जिसके कारण बाद में 300 से ज्यादा लोग हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार हुए।

उल्लेखनीय है कि साल 2010 में इस कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को बनाया गया था। इसे बनाने में बांग्लादेश के मदरसों के उलेमा और छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस संगठन पर आरोप लगते रहे हैं कि इनका संबंध जमात-ए-इस्लामी और तालिबान जैसे आतंकी संगठनों से हैं। हालाँकि, हिफाजत इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

माजिरुल हक रोज करता था लड़की का पीछा, Love-शादी से इनकार पर जी भर मारा… फिर 4 साल के भाई का अपहरण भी

महाराष्ट्र के नवी मुंबई में शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने से आहत शख्स ने महिला के नाबालिग भाई का कथित तौर पर अपहरण कर लिया। नवी मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार (18 सितंबर) को बताया कि आरोपित की पहचान माजिरुल मसुरुद्दीन हक के रूप में हुई है। उसे घटना को अंजाम देने के 5 घंटे के भीतर ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारी ने बताया कि 25 वर्षीय आरोपित माजिरुल मसुरुद्दीन हक और 23 वर्षीय महिला पेंडरागाँव में रहते हैं। माजिरुल हर रोज महिला का पीछा कर उसे प्रेम और शादी का प्रस्ताव देता था।

नवी मुंबई से जोन- I (वाशी) के पुलिस उपायुक्त सुरेश मेंगड़े ने कहा, ‘‘7 जुलाई 2021 को आरोपित तलोजा एमआईडीसी स्थित पीड़िता के ऑफिस गया था और शादी से इनकार करने पर उसको पीटा था। इसके बाद उसने महिला को सबक सिखाने के लिए शुक्रवार (17 सितंबर) को उसके 4 साल के भाई का अपहरण कर लिया।” उन्होंने आगे बताया, ”पुलिस में शिकायत दर्ज होने के 5 घंटे बाद हम भिवंडी से आरोपित को पकड़ने में कामयाब रहे।”

तलोजा पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर काशीनाथ चव्हाण ने कहा, “पुलिस की चार टीमों ने रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया और उसके मोबाइल टावर की लोकेशन पर नजर रखी। 5 घंटे बाद आरोपित माजिरुल मसुरुद्दीन हक को भिवंडी बस डिपो में पकड़ लिया गया और नाबालिग लड़के को परिवार वालों को सौंप दिया गया।”

अफगानी लड़का, फरीदाबाद कॉलेज में एडमिशन… R&AW+CIA की प्लानिंग… और मारे गए थे 600 आतंकी

हाल में ही इस्लामिक स्टेट खुरासान ने अपनी प्रोपेगेंडा मैगजीन VOICE OF HIND में ये दावा किया कि काबुल में 13 अमेरिकी मरीन कमांडों को सुसाइड बॉम्बिंग में मारने वाला हमलावर अब्दुर रहमान अल-लोगरी दिल्ली से सटे फरीदाबाद में पकड़ा जा चुका था। उसकी गिरफ्तारी साल 2016 में की गई थी।

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय खुफिया एजेंसी RAW ने दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के साथ मिलकर एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया था। साल 2016 में इस ऑपरेशन में अफगानिस्तान मूल के एक शख्स को फरीदाबाद से पकड़ा गया था। अफगानिस्तान का रहने वाला वो शख्स ISKP का ट्रेंड फ़िदायीन हमलवार था, जो भारत में मेट्रो की रेकी कर के हमला करने वाला था।

प्लान के तहत अफगान मूल के उस फिदायीन ने फ़रीदाबाद की अमिटी यूनिवर्सिटी में एडमिशन भी लिया था लेकिन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के नाम पर वो दिल्ली और आस-पास के इलाके में रेकी करता था।

इस आतंकी के बारे में जैसे ही भारतीय खुफिया एजेंसी RAW को इनपुट मिला तो स्पेशल सेल के अफ़सरों की मदद से उस अफगान मूल के फिदायीन को यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अफगानिस्तान में चल रहे ISIS के कई आतंकी ट्रेनिंग कैम्प का पता बताया था।

पूछताछ के बाद भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी RAW ने अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA से संपर्क किया, फिर अफगान मूल के फिदायीन को अफगनिस्तान डिपोर्ट किया गया। अफगनिस्तान पहुँचते ही उसे CIA और अफगानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया था।

अफगानिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने फिर उस आतंकी से पूछताछ किया था। इससे अफगनिस्तान में चल रहे ISKP के आतंकी ट्रेनिंग कैम्प की जानकारी मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर अमेरिका ने ड्रोन अटैक के जरिए अफगानिस्तान में चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैम्प पर हमला किया और 600 से ज्यादा आतंकी मार गिराए गए थे।

ISIS-K ने दावा किया कि जेल में सजा काटने के बाद आत्मघाती हमलावर अब्दुर रहमान अल-लोगरी को फिर से अफगानिस्तान भेज दिया गया था। जिसके बाद ये एक बार फिर इस्लामिक स्टेट खुरासान के आतंकियों से जा मिला और फिर 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट पर धमाके की तैयारी की गई, जिसके बाद अब्दुल ने भारी मात्रा में विस्फोटक अपने जिस्म पर बाँधा और लोगों की भीड़ के बीच खुद को उड़ा डाला। इस हमले में करीब 200 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक भी शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस-के ने ली थी।

चाँद अकबर शेख ने घर में घुस कर नाबालिग से किया बलात्कार, इंस्टाग्राम के माध्यम से गाँठी थी दोस्ती: महाराष्ट्र का मामला

महाराष्ट्र के पुणे में नाबालिग लड़की के साथ रेप की वारदात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित 22 वर्षीय चाँद अकबर शेख ने पहले लड़की से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती की और बाद में उसके साथ बलात्कार किया। इस मामले में शुक्रवार (17 सितंबर, 2021) को पुणे के देहू रोड पुलिस स्टेशन में चाँद अकबर शेख के खिलाफ 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

रिपोर्टों में बताया गया है कि आरोपित शेख के खिलाफ पीड़िता की माँ की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। दोनों की पहचान सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर हुई थी। धीरे-धीरे शेख ने पीड़िता के साथ सोशल मीडिया एप पर चैटिंग शुरू कर दी। उसके संपर्क में आने के एक महीने बाद वह पीड़िता से उसके घर पर मिला। उस दौरान नाबालिग अपने घर पर अकेली ही थी। इसके बाद मौके का फायदा उठाते हुए उसने कथित तौर लड़की के साथ बलात्कार किया। इस वारदात की जानकारी मिलते ही पीड़िता की माँ ने चाँद अकबर शेख के खिलाफ देहू रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने अपने बयान में कहा कि पीड़िता की माँ 14 सितंबर 2021 को अपनी 16 साल की बेटी से ज्यादती के मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए आई थीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपित 22 वर्षीय चाँद अकबर शेख के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 3, 4 और धारा 376 (बलात्कार) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उसे 21 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि वे इंस्टाग्राम पर मिले और चैट करना शुरू कर दिया। शेख पीड़िता के घर पहुँचा और उसके अकेली होने के कारण स्थिति का फायदा उठाया। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि जल्द ही इस मामले में चार्जशीट कर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। फिलहाल, आगे की जाँच की जा रही है।

‘हमारा एहसान याद रखे ECB, हमारा मुल्क सुरक्षा जगह’: न्यूजीलैंड ने रद्द किया Pak दौरा तो चकराया शाहिद अफरीदी का दिमाग

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने ‘इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB)’ से अपील की है कि वो अपना पाकिस्तान दौरा रद्द न करे। न्यूजीलैंड के वापस जाने से पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमी पहले से ही सदमे में हैं। शाहिद अफरीदी ने कहा कि अब समय आ गया है, जब ECB अपने कार्यों के जरिए ‘पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड (PCB)’ के प्रति सम्मान दिखाए, क्योंकि अब सिर्फ शब्दों से काम नहीं चलने वाला है।

शाहिद अफरीदी ने कहा, “न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम का निर्णय दिमाग चकरा देने वाला है, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान विदेशी टीमों के दौरों के लिए एक सुरक्षित जगह है। ECB को नहीं भूलना चाहिए कि जब पिछले साल कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के कारण स्थिति काफी विकट थी, तब हमने कैसे उनका समर्थन किया।” एक तरह से शाहिद अफरीदी ने इंग्लैंड से कहा है कि वो पाकिस्तान का एहसान चुकाए।

‘शाहिद अफरीदी फाउंडेशन’ की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर साइमा खान ने कहा कि शाहिद अफरीदी का बयान शत प्रतिशत सत्य है। उन्होंने कहा कि जब तक किसी को कुछ असुविधा होने के वास्तविक और तथ्यपरक सबूत न मिल जाएँ, तब तक आगे बढ़ कर सामने वाले के किए को चुकाना चाहिए। साइमा खान ने याद किया कि कैसे पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने कठिन बबल नियमों के बावजूद इंग्लैंड का दौरा किया था।

वहीं वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस गेल ने PCB का समर्थन करते हुए कहा कि मैं कल पाकिस्तान जा रहा हूँ, मेरे साथ कौन-कौन आ रहा है। वहीं पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज वसीम अकरम की बीवी शनीरा खान ने कहा कि वो दुनिया में सबसे ज्यादा सुरक्षित पाकिस्तान में ही महसूस करती हैं। श्रीलंका के मुख्य कोच मिकी आर्थर ने कहा कि पाकिस्तान में गजब के क्रिकेट प्रेमी लोग रहते हैं, जिन्होंने उनके 3 साल को खुशनुमा बनाया।

पाकिस्तानी खिलाड़ी मोहम्मद हफीज ने न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों की तस्वीरें शेयर की, जिनमें वो एयरपोर्ट पर जाते दिख रहे हैं। हफीज ने कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को धन्यवाद, जिनकी तगड़ी व्यवस्था के कारण न्यूजीलैंड की टीम सुरक्षित रूप से एयरपोर्ट पहुँच गई। उन्होंने कहा कि रूट समान है और सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं है, फिर आज उनके लिए कोई खतरा नहीं है? ‘डेली मेल’ के सीनियर रिपोर्टर रॉब करीली ने कहा कि वो 2010-14 के दौरान पाकिस्तान रहे हैं और खुद को इतना सुरक्षित उन्होंने दुनिया में कहीं नहीं महसूस किया।

वहीं वसीम अकरम ने कहा कि दुनिया को अभी इस बात की थाह ही नहीं है कि हमारे सुरक्षा बल कितने शक्तिशाली हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट हमारे लिए खेल से बढ़ कर है, और कोई इसे हमसे छीनना चाहेगा तो हम पूरा संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया को हमें एक मौका देना चाहिए, ताकि हम खुद को साबित कर सकें। शोएब अख्तर ने न्यूजीलैंड से मैच की तारीख़ याद दिलाते हुए कहा कि हमें भी समय आने पर पूरी मजबूती से जवाब देना है।

बता दें कि न्यूजीलैंड का दौरान रद्द होने के बाद इंग्लैंड भी अपने पाकिस्तान दौरे की समीक्षा कर रहा है। कुछ पाकिस्तानी तो कह रहे हैं कि फौरन पाकिस्तान को फैसला लेना चाहिए कि वो कभी न्यूजीलैंड के साथ कोई मैच नहीं खेलेंगे। पत्रकार फरवा मुनीर समेत कई लोग इसके पीछे भारत और BCCI को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पत्रकार फजल अब्बास कहते हैं, “न्यूजीलैंड क्रिकेट बीसीसीआई की कठपुतली है। क्रिकेट को उनका बहिष्कार करना चाहिए। न्यूजीलैंड शर्मनाक। शर्मनाक तुम्हारा बर्ताव। घरों में रहो। तुम मर्द नहीं हो।”

माँ दुर्गा की मूर्ति की ऊँचाई सिर्फ 4 फीट, ओडिशा सरकार के आदेश पर हाई कोर्ट की भी मुहर: 8 फीट की मूर्ति वाली याचिका खारिज

ओडिशा हाईकोर्ट ने दुर्गा पूजा में मूर्ति की ऊँचाई 4 फीट तक सीमित रखने के लिए 9 अगस्त 2021 को राज्य सरकार द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति के ऊपर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने पारंपरिक तौर पर 8 फीट की मूर्ति निर्माण कर पूजा करने के लिए दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका बालू बाजार पूजा कमिटी की ओर से दायर की गई थी।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस. मुरलीधर और जस्टिस बीपी राउतराय की खंडपीठ ने इस संबंध में सुनवाई कर गुरुवार (16 सितंबर) को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालाँकि, शुक्रवार को उन्होंने याचिका को खारिज कर दिया।

अदालत ने कहा, ”पिछले साल मूर्ति की ऊँचाई को सीमित रखने संबंधित विज्ञप्ति 10 सितंबर 2020 को प्रकाशित की गई थी। तब तक कई पूजा पंडाल माँ दुर्गा की मूर्ति की ऊँचाई निर्माण कर चुके थे। ऐसे में उसको विचार में लेते हुए कुल 9 पूजा पंडाल को 4 फीट से अधिक मूर्ति निर्माण करने के लिए इजाजत दी गई थी। लेकिन इस साल बहुत पहले से ही सरकार की ओर से विज्ञप्ति प्रकाशित हो चुकी है।”

दैनिक जागरण के मुताबिक, हाईकोर्ट ने कहा कि सितंबर 2020 में जिस तरह की स्थिति थी, इस साल वैसी नहीं है। लेकिन पूरे देश में और ओडिशा में कोरोना पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। एक पूजा कमिटी को ढील देने से उसी माँग को लेकर बाकी पूजा कमिटी आगे आएँगे, जिसके चलते कोरोना महामारी की चपेट में पूरा राज्य चला जाएगा। ऐसे में राज्य सरकार के लिए कोरोना पाबंदियों का कड़े तौर पर पालन करना मुश्किल हो सकता है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि 9 अगस्त 2021 की विज्ञप्ति में जारी शर्तों में बदलाव करने की जरूरत नहीं बताई।

सिब्बल की राह पर थरूर, कॉन्ग्रेसी आलाकमान पर साधा निशाना, कहा – ‘पार्टी को तुरंत नए नेतृत्व की जरूरत’

पंजाब में चल रहे सियासी संकट के बीच कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कॉन्ग्रेस पार्टी आलाकमान पर ही निशाना साध दिया है। थरूर ने शनिवार (सितंबर 18, 2021) को कॉन्ग्रेस पार्टी का नेतृत्व बदलने की माँग रखते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस का नेतृत्व तुरंत बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी को नए नेतृत्व की जरूरत है। 

शशि थरूर ने कहा कि सोनिया गाँधी के खिलाफ किसी ने एक शब्द भी नहीं कहा, लेकिन वह खुद से ही पद छोड़ना चाहती हैं। इसलिए एक नए नेतृत्व को जल्द से जल्द पद सँभाल लेना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि यदि राहुल गाँधी पदभार सँभालना चाहते हैं, तो यह जल्दी होना चाहिए।

वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता थरूर ने कहा कि यदि कॉन्ग्रेस सत्ता में वापसी चाहती है तो उसे जल्दी से बदलाव करते हुए चुनाव का सामना करने को तैयार हो जाना चाहिए। कॉन्ग्रेस की विभिन्न इकाइयाँ चाहती हैं कि राहुल गाँधी को फिर अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।

शशि थरूर ने ये तो कह दिया कि सोनिया गाँधी के खिलाफ किसी ने एक शब्द भी नहीं कहा, लेकिन ऐसा लगता है कि सोनिया केवल नाम की अध्यक्ष हैं और कॉन्ग्रेस को राहुल और प्रियंका अपनी घर की पार्टी की तरह चला रहे हैं। खबरें हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी का समर्थन था, जबकि राहुल और प्रियंका पूरी तरह से सिद्धू के पक्ष में हैं।

पंजाब कॉन्ग्रेस संकट को लेकर मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर के तेवर शुरू से ही तीखे रहे हैं, लिहाजा राहुल और प्रियंका गाँधी के फॉर्मेट में वह सेट नहीं बैठ रहे हैं। इसलिए वो शुरू से ही सिद्धू को पंजाब कॉन्ग्रेस की कमान सौंपने के पक्ष में रहे। अब कैप्टन के इस्तीफे से एक बार फिर सोनिया गाँधी की पार्टी में स्थिति के बारे में पता चल रहा है।

बता दें कि विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने कॉन्ग्रेस आलाकमान पर अपने अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके साथ जिस तरह का बर्ताव हो रहा था उससे वो अपमानित महसूस कर रहे थे, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

इस्तीफा देने के बाद कैप्टन जब मीडिया के सामने आए तो उनका दर्द छलक पड़ा। न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “बिना मुझसे पूछे विधायक दल की मीटिंग बुला ली गई, जिसके बाद सुबह सवा दस के करीब मैंने कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी को फोन किया था और मैंने उन्हें कहा कि मैं आपको अपना इस्तीफा भेज रहा हूँ।” यह पूछे जाने पर कि इस पर उनका क्या जवाब था कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “सोनिया जी ने कहा कि आई एम सॉरी अमरिंदर।”

कॉन्ग्रेस पर कपिल सिब्बल के सवाल

पिछले साल पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कॉन्ग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता ने तब कहा था कि पार्टी में आवाज़ उठाने के लिए कोई मंच ही नहीं है।

राजदीप सरदेसाई के साथ इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने कहा था कि कॉन्ग्रेस एक प्रभावशाली विकल्प कैसे बन सकती है, जब पार्टी में कोई पूर्णकालिक अध्यक्ष तक नहीं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि पार्टी में इसे लेकर कोई विचार-विमर्श ही नहीं हुआ है कि चुनाव में हार क्यों हो रही है। हालाँकि उन्होंने साफ़ किया था कि वो गाँधी परिवार के खिलाफ बगावत नहीं कर रहे हैं।

‘बाड़ ही खेत खाए, उस फसल को कौन बचाए’: ट्वीट पर बवाल, राजस्थान CM अशोक गहलोत के OSD ने दिया इस्तीफा

पंजाब में चल रहे सियासी उठापठक के बीच कॉन्ग्रेस के लिए राजस्थान से बुरी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने शनिवार (18 सितंबर) देर रात को अपना इस्तीफा दे दिया।

पंजाब में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच लोकेश शर्मा ने 18 सितंबर को ट्वीट किया, ”मजबूत को मजबूर, मामूली को मगरूर किया जाए। बाड़ ही खेत को खाए, उस फसल को कौन बचाए।” इस्तीफे की वजह लोकेश शर्मा द्वारा किया गया ट्वीट बताया जा रहा है। उनके ट्वीट को पंजाब के घटनाक्रम के साथ जोड़कर देखा जा रहा था।

शर्मा ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि उनके ट्वीट को राजनीतिक रंग देते हुए पंजाब के घटनाक्रम से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसलिए वे अपना इस्तीफा दे रहे हैं। गहलोत के सोशल मीडिया का कामकाज संभालने वाले लोकेश शर्मा ने लिखा:

”आज दिन में मेरे द्वारा किए गए ट्वीट को राजनीतिक रंग दिया गया और गलत अर्थ निकालकर पंजाब के घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है। मैं साल 2010 से ट्विटर पर सक्रिय हूँ और मैंने आज तक पार्टी लाइन से अलग कॉन्ग्रेस के किसी भी छोटे से लेकर बड़े नेता के संबंध में और प्रदेश की कॉन्ग्रेस सरकार को लेकर कभी कोई ऐसे शब्द नहीं लिखे हैं, जिन्हें गलत कहा जा सके।”

उन्होंने आगे लिखा, ”मैं लगभग रोजाना ही ट्वीट करता रहता हूँ। मेरे आज के ट्वीट से किसी भी रूप में पार्टी, सरकार और आलाकमान की भावनाओं को ठेस पहुँची हो तो मैं इसके लिए माफी माँगता हूँ। मैं अपना इस्तीफा भेज रहा हूँ, निर्णय आपको करना है।”

लोकेश शर्मा का ट्वीट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब, राजस्थान के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी कॉन्ग्रेस में गुटबाजी चल रही है। सियासी जानकारों का कहना है कि कॉन्ग्रेस आलाकमान दोनों राज्यों को लेकर जल्द ही फैसला ले सकता हैं।

बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार (18 सितंबर) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कॉन्ग्रेस आलाकमान से कहा कि वो अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे और राजभवन जाकर पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को अपना इस्तीफा सौंप दिया।